बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत मुद्दों के कारण कई बार बजट आवंटन में देरी होती है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग मार्च माह से पहले सुनिश्चित किया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि राज्य समय पर बजट खर्च नहीं कर पाते हैं तो इससे राज्यों को ही नुकसान होता है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राज्यों को पूर्व नियोजित रणनीति के साथ बजट का उपयोग करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ किसानों तक समय पर पहुँचे और केंद्र से अगली किश्त समय पर जारी की जा सके।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों के शीघ्र सत्यापन, फसल बीमा योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को कवर करने तथा दावों के समयबद्ध निपटान पर विशेष बल दिया। साथ ही बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, संतुलित उपयोग और केंद्र–राज्य समन्वय को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
इस बैठक में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री श्री दत्तात्रेय भरणे, राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किशोरी लाल मीणा, उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी तथा मिजोरम के कृषि मंत्री ने भाग लिया।
बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने राज्यों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों के हित में हर संभव सहयोग प्रदान करती रहेगी।
****************************
