नई दिल्ली, 31 मार्च (आरएनएस)। सरकार ने चिराग पासवान से उनके दिवंगत पिता रामविलास पासवान को आवंटित बंगले को खाली कर लिया गया है। इससे पहले उन्हें पिछले साल जारी किए गए निष्कासन आदेश को अमल में लाने के लिए सरकारी टीम यहां भेजी गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय की टीम के वहां पर पहुंची, जिसके तुरंत बाद लुटियंस दिल्ली में जनपथ स्थित बंगले से फर्नीचर और घरेलू सामान ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के आधिकारिक पते 12 जनपथ बंगले से सामान लदे दो ट्रक बाहर निकले, जबकि तीन और बंगले के सामने खड़े थे। अधिकारियों ने कहा कि बंगला केंद्रीय मंत्रियों के लिए रखा गया है और सरकारी आवास में रहने वालों को इसे खाली करने के लिए कहा गया है।
पार्टी बैठकों के लिए हो रहा था बंगले का इस्तेमाल
इस बंगले का उपयोग पार्टी की संगठनात्मक बैठकों और अन्य संबंधित कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नियमित रूप से किया जाता था। देश के प्रमुख दलित नेताओं में से एक राम विलास पासवान का अक्टूबर 2020 में 74 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह केंद्र की कई सरकारों में 1989 से मंत्री रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच मतभेदों के चलते लोजपा दो धड़ों विभाजित हो गई। दोनों लोजपा के नेतृत्व के लिए अड़े हुए हैं। अकेले चिराग पासवान ही अब लोजपा का हिस्सा हैं। इसके अलावा पिता के निधन के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में भी उन्हें करारा झटका लगा था। इस चुनाव में वह भाजपा से अलग होकर लड़े थे और एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाए थे।
नई दिल्ली,31 मार्च (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के वन्नियार समुदाय को दिए गए 10.5 फीसदी के आरक्षण को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी भी समुदाय को आरक्षण देने के लिए जाति ही एकमात्र आधार नहीं हो सकती है। वन्नियार समुदाय को तमिलनाडु में मोस्ट बैकवर्ड कम्युनिटी माना जाता है। जस्टिस एल. नागेश्वर राव और बीआर गवई की बेंच ने मद्रास हाई कोर्ट के 1 नवंबर को दिए गए फैसले को बरकरार रखते हुए यह आदेश दिया। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ तमिलनाडु सरकार और पीएमके ने याचिका दायर की थी।
जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा कि 2021 में तमिलनाडु सरकार की ओर से बनाया गया यह कानून संविधान की शक्तियों का बेजा इस्तेमाल है। उन्होंने कहा कि इस बात का कोई आधार नहीं बनता है कि वन्नियार समुदाय को अलग श्रेणी में रखा जाए। फरवरी 2021 में वन्नियार समुदाय को मोस्ट बैकवर्ड कम्युनिटी घोषित करते हुए तमिलनाडु विधानसभा में 10.5 फीसदी आरक्षण देने का कानून पारित किया गया था। यह कोटा एमबीसी के लिए तय 20 फीसदी आरक्षण में से ही दिया जाना था। इस फैसले के तुरंत बाद इसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। तब शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया था कि इस बारे में हाई कोर्ट फैसला देगा।
हाई कोर्ट ने आरक्षण को खारिज कर दिया था और फिर उसके आदेश को चुनौती दिए जाने पर शीर्ष अदालत ने भी उसके फैसले को सही करार दिया है। हाई कोर्ट ने बीते साल अपने फैसले में कहा था कि एआईएडीएमके सरकार की ओर से वन्नियार समुदाय को दिए गए 10.5 फीसदी आरक्षण का कोई आधार नहीं बनता है। अदालत ने कहा था कि यह आरक्षण देने के लिए ऐ्सा कोई डेटा नहीं है, जो यह साबित करता हो कि वन्नियार समुदाय अति पिछड़े वर्ग में हैं। इसके बाद तमिलनाडु सरकार और पीएमके ने हाई कोर्ट के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई थी।
नई दिल्ली,31 मार्च (आरएनएस)।राज्यसभा(संसद के उच्च सदन) से 72 सदस्य रिटायर आनंद शर्मा, स्वामी समेत 72 सांसद राज्यसभा से रिटायर, पीएम मोदी बोले- अनुभवियों के जाने की कमी हमेशा खलेगी. संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज 12वां दिन है। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद आज राज्यसभा की 13 सीटों पर चुनाव होगा। ये 13 सीटें छह राज्यों की हैं, जिनमें पंजाब (5 सीट), केरल (3 सीट), असम (दो सीट) और हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा की एक-एक सीट शामिल है। वोटिंग और इनकी गिनती आज ही संपन्न हो जाएगी। फिलहाल की बात करें तो 245 में से 97 राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है।
गौर हो कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा से 72 सदस्य रिटायर हो रहे हैं। आज राज्यसभा उनके कार्यों और योगदान को याद कर रही है। सभापति एम. वेंकैया नायडू ने भी कई सदस्यों का जिक्र करते हुए उनके कार्यों और उनकी उपस्थिति की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज इन सदस्यों को विदाई देंगे। आज सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं होगा जिससे विभिन्न दलों के नेता और सदस्य इस अवसर पर बोल सकें।
अप्रैल में सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों में सदन में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा, ए. के. एंटनी, भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी, एम. सी. मैरी कॉम और स्वप्न दासगुप्ता शामिल हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सुरेश प्रभु, एम. जे अकबर, जयराम रमेश, विवेक तन्खा, वी. विजयसाई रेड्डी का कार्यकाल जून में समाप्त होगा। जुलाई में सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों में पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, पी. चिदंबरम, अंबिका सोनी, कपिल सिब्बल, सतीश चंद्र मिश्रा, संजय राउत, प्रफुल्ल पटेल और के. जे. अल्फोंस शामिल हैं।
कुछ केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं को फिर से नामित किया जाएगा वहीं कांग्रेस के कुछ सदस्यों को पुन: नामित किए जाने पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इनमें से कई सदस्य जी-23 में शामिल हैं जो पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं।
रांची। 30.03.2022 – ऑटिज्म डे पर विशेष बच्चों के लिए होगी जागरूकता कार्यक्रम वर्ल्ड ऑटिज्म डे 2 अप्रैल को दुनिया भर में मनाई जाएगी ।इस मौके पर 1 दिन पूर्व एक अप्रैल को रांची प्रेस क्लब में ऑटिज्म डे कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम को द रांची प्रेस क्लब और डॉक्टर राजीव कुमार होम्योपैथ विशेषज्ञ व वाईबीएन यूनिवर्सिटी के रामजी यादव के संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन किया गया।
इस मौके पर डॉ राजीव ने कहा कि ऑटिज्म एक ऐसी बीमारी है जो मानसिक ,शारीरिक रूप से एक से डेढ़ साल के बच्चों में पाया जाता है । यह बीमारी तेजी के साथ झारखंड में भी बढ़ रहा है । इसके रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए इस तरह का कार्यक्रम आयोजन प्रेस क्लब के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा हैं, इसमें पत्रकारों और फिर मेरे यहां भी कई विशेष बच्चे हैं जिसका ईलाज चल रहा है,बहुत बच्चे स्वस्थ भी हुए हैं वैसे बच्चों को भी इस कैंप में बुलाया गया है।
राजीव ने कहा कि रांची के विभिन्न क्षेत्रों में ऑटिज्म पार्क की व्यवस्था की भी राज्य सरकार से मांग कर रहें हैं। वही वाईबीएन के रामजी यादव ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम होते रहना चाहिए और मेरा भी यूनिवर्सिटी में इस तरह के बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है । जहां कहीं भी मेरी जरूरत पड़ेगी हम वहां पर सहयोग करेंगे ।
द रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि ऑटिज्म एक ऐसी बीमारी है जिससे ना सिर्फ बच्चे बल्कि मां बाप भी परेशान रहते हैं । इस बीमारी से बच्चे के साथ-साथ परिवार को भी बचाना सामाजिक दायित्व है । हम सब मिलकर इस पर पहल करें। हमारे बीच ऐसे पत्रकार हैं जिनके बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैं , वे भी अपने बच्चे को लेकर आएं और डॉक्टर राजीव के भी संपर्क में जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं, वह भी इस कैंप में आएंगे। इस मौके पर डॉ राजीव ,वाईवीएन के रामजी यादव ,रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र व सदस्य परवेज कुरेशी उपस्थित थे।
नई दिल्ली,30 मार्च (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत मिली असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए पीडि़त महिला से विवाह करने पर रेप के आरोपी के खिलाफ धारा 376 के तहत चल रहा अभियोजन समाप्त कर दिया। जस्टिस विनीत शरण की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश आरोपी जतिन अग्रवाल की विशेष अनुमति याचिका पर कोर्ट ने कहा कि यह सत्यापित हो गया है कि महिला के साथ आरोपी ने 23 सितंबर 2020 को विवाह कर लिया है। वह खुशी से उसके साथ रह रही है।
कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उससे बात की और वकील से उसकी पहचान करवाई और विवाह प्रमाणपत्र भी देखा। अभियुक्त पीडि़त से ऑनलाइन वेब पोर्टल भारत मैट्रीमोनी पर मिला था और उसके बाद दोस्ती कर उसने उसे शादी का वादा किया। इसके बाद वह कई दिनों साथ रहे, लेकिन बाद में वह मुकर गया। इस पर महिला ने उसके के खिलाफ धारा 417, 420 और 376 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद दोनों में समझौता हो गया और आरोपी ने पीडि़त से विवाह कर लिया।
आरोपी ने रेप का अभियोजन रद्द करने के लिए धारा 482 के तहत तेलंगाना हाईकोर्ट में याचिका दायर की लेकिन हाईकोर्ट ने केस समाप्त करने से इनकार कर दिया। इस आदेश को उसने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
विवाह करने के बाद रेप के आरोप रद्द करने पर बहुत असमंजस की स्थिति है। कानून के अनुसार रेप का आरोप गंभीर, संज्ञेय और गैजमानती अपराधों की श्रेणी में आता है। अदालत में रेप सिद्ध होने पर कम से कम सात वर्ष की सजा का प्रावधान है। सीआरपीसी की धारा 320 के तहत ऐसे केसों में आरोप समाप्त नहीं किए जा सकते जो अपराध समाज के खिलाफ माने गए हैं और जिनमें सात साल या उससे ज्यादा के कारावास की सजा प्रावधान है। प्ली बारगेनिंग (समझौता/मुआवजा) में भी इन अपराधों को शामिल नहीं किया गया है।
हाईकोर्ट को भी यह अधिकार नहीं है कि वह ऐसे अपराधों में समझौता होने पर उन्हें समाप्त कर सके। यह असाधारण अधिकार सुप्रीम कोर्ट को ही है कि वह अनुच्छेद-142 के तहत पूर्ण न्याय करने के लिए कोई भी आदेश दे सकता है।
छतरपुर,29 मार्च (आरएनएस)। 2 करोड़ घरों पर महिलाओं को मालिकाना हक मिला है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज मध्यप्रदेश के सवा 5 लाख गरीबों को उनके सपनों का पक्का घर मिला है। कुछ ही दिनों में नव विक्रम संवत्सर 2079 प्रारंभ होने जा रहा है। नव वर्ष पर नवगृह प्रवेश मंगलकारी है। ये प्रधानमंत्री आवास सशक्त होते गरीब, नारी सशक्तिरकरण एवं ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था की मजबूती की पहचान बनेंगे। इनसे गाँवों में रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से देश में 2 करोड़ घरों पर महिलाओं को मालिकाना हक मिला है। पक्के आवास के साथ ही उन्हें शौचालय, बिजली, एलईडी बल्ब, गैस एवं नल कनेक्शन भी मिले हैं। यह आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करेगा। दुनिया की यूनिवर्सिटीज में यह केस स्टडी का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी आज मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना में निर्मित 5 लाख 21 हजार आवासों में हितग्राहियों के गृह-प्रवेशम कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छतरपुर जिले से कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में गरीबी दूर करने के नारे तो बहुत लगाये गये परंतु जो कार्य होना था, वह नहीं हुआ। अब सरकार के ईमानदार प्रयासों एवं गरीबों के सहयोग से गरीबी परास्त हो रही है। सबका साथ-सबका विकास हो रहा है। केन्द्र और राज्य मिलकर गरीबी दूर करने में जुटे हैं। प्रधानमंत्री आवास के माध्यम से महिलाएँ लखपति हो रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आवास गरीबी दूर करने की पहली सीढ़ी है। ये गाँवों एवं गरीब को विश्वास देने की सरकार की प्रतिबद्धता के प्रतीक है। जब गरीब पक्की छत के नीचे सोयेगा, तब वह निश्चिंत होकर अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं अन्य कार्यों पर ध्यान दे पाएगा। हमारी सरकार देश में ढ़ाई करोड़ गरीब परिवारों को पक्का आवास दे चुकी है, जिनमें 2 आवास करोड़ ग्रामीण क्षेत्र में घर हैं। मध्यप्रदेश में 30 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 24 लाख से अधिक पूर्ण हो गये हैं। प्रदेश में बैगा, सहरिया एवं भारिया जैसी पिछड़ी जनजातियों को भी पक्के घर मिल गये हैं, जिन्होंने पक्के आवास के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। इसके लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनकी सरकार बधाई के पात्र हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में महिलाओं की परेशानी दूर करते हुए 6 करोड़ से अधिक परिवारों को नल से जल पहुँचाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में आज 50 लाख परिवारों तक पाइप से पानी पहुँचाने के पड़ाव के बहुत निकट है। हम हर ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से पेयजल पहुँचाने के लिये प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन गरीबों को अभी पक्का घर नहीं मिला है, वे आशवस्त रहें, सभी को शीघ्र की पक्का घर मिलेगा। देश में इस वर्ष 80 लाख पक्के घर बनाये जाने के लिये राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के भी लाखों परिवारों को लाभ होना तय है। अब तक इस योजना में सवा 2 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च किये जा चुके हैं। सरकार गरीबों के सुख-दुख की साथी है, उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। कोरोना काल में भी विकास कार्य जारी रहे। सरकार गरीबों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। उन्हें मुफ्त वैक्सीन, मुफ्त राशन दिलवाया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को आगामी 6 माह के लिये बढ़ा दिया गया है। आज पूरी दुनिया लड़ाई के मैदान में उतरी हुई है, उसके कारण भी अनेक प्रकार की आर्थिक व्यवस्थाओं पर नया संकट पैदा होता जा रहा है। युद्ध ने आज अर्थ-व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव डाला है परंतु भारत के नागरिकों पर इसका असर न पड़े, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों को समर्पित है, दिन-रात उनके लिये काम करती है। हमारा उद्देश्य है कि सरकार की हर योजना शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक और उनके घर तक पहुँचे। हमारी नियत एवं नीति आखरी पंक्ति के व्यक्ति तक को लाभ देने की है। राशन योजना में 4 करोड़ ऐसे व्यक्तियों के नाम हटाये गये, जो फर्जी तरीके से जुड़ गये थे। गरीबों का हक छीन रहे थे। राशन की चोरी रोकने के लिये राशन दुकानों पर आधुनिक मशीन लगायी गयी हैं। फर्जी खेल बंद कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को केवल खेती तक ही सीमित नहीं रखेंगे। गाँवों के समग्र विकास की हमारी नीति है। गाँव एवं जमीन पर आर्थिक गतिविधियाँ सीमित नहीं रहेंगी। खेती में ड्रोन तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। हमारी सरकार स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्राम वासियों को उनकी संपत्तियों का स्वामित्व दे रही है। मध्यप्रदेश में 50 हजार से अधिक गाँवों का सर्वे किया गया है तथा 3 लाख व्यक्तियों को स्वामित्व अधिकार सौंपे जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनाज की सरकारी खरीद में मध्यप्रदेश में अद्भुत कार्य हुआ है। इस कार्य में अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 90 लाख छोटे किसानों को 13 हजार करोड़ से अधिक की राशि छोटे-छोटे खर्चों के लिये दी गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा यह कर्त्तव्य है कि हम आने वाली पीढ़ी को कुछ देकर जाएँ तथा उनके लिये प्रेरणा बनें। इसके लिये हम सब यह संकल्प लें कि अगले प्रतिपदा तक देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाये जायें। ये तालाब नये हों तथा बड़े हों। इनके निर्माण में मनरेगा योजना का लाभ लिया जा सकता है। यह पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को नव संवत्सर की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों के मसीहा हैं। गरीबों के जीवन में नया सवेरा लेकर आये प्रधानमंत्री मोदी ने आज प्रदेश के सवा पाँच लाख हितग्राहियों को गृह प्रवेश करवाया है। सभी गरीबों का अपना पक्का आवास हो, इसके लिये मध्यप्रदेश में अगले वर्ष के बजट में 10 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 तक कोई भी गरीब झोपड़ी में नहीं रहेगा, सबका पक्का मकान होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार हर गरीब को पक्का मकान दिलाएगी। आगामी 3 वर्षों तक प्रदेश में 10-10 लाख पक्के मकान बनाये जायेंगे। मकान के साथ ही शौचालय, रसोई गैस, बिजली कनेक्शन और पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 44 हजार करोड़ रूपये की केन-बेतवा लिंक परियोजना से मध्यप्रदेश को बहुत बड़ी सौगात दी है। यह योजना बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल देगी। इससे 20 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी तथा 41 लाख लोगों को पेयजल मिलेगा। उन्होंने इस परियोजना की स्वीकृति के लिये प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया तथा प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें परियोजना के शिलान्यास के लिये मध्यप्रदेश पधारने का निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति संसाधन सभी के लिये हैं। प्रदेश में हर गरीब को उसका हक दिलावाया जाएगा। हमारी सरकार सबसे पहले गरीबों की सरकार है। प्रदेश में हर गरीब को रोटी, मकान, दवाई, पढ़ाई एवं रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि सिंतबर माह तक बढ़ा दी है। अब गरीब परिवारों को प्रति व्यक्ति सितंबर माह तक 5 किलो राशन नि:शुल्क मिलेगा। साथ ही मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में एक रूपये किलो की दर पर 5 किलो प्रति व्यक्ति राशन दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सरकार गरीबों के लिये नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था कर रही है। उच्च शिक्षा में प्रोफेशनल कोर्सेस के लिये भी सरकार फीस दे रही है। गरीबों को आयुष्मान योजना से एक वर्ष में 5 लाख रूपये तक निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जा रही है। हर व्यक्ति को रोजगार भी सुनिश्चित किया जा रहा है। हर माह प्रत्येक जिले में रोजगार दिवस मनाया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में व्यक्तियों को रोजगार, स्व-रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन-समुदाय से अपील की कि वे प्रति वर्ष एक दिन अपने गाँव और शहर का गौरव दिवस मनायें। इस दिन सरकार एवं जनता मिलकर अपने क्षेत्र को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि महाराजा छत्रसाल की जयंती 2 जून को छतरपुर जिले का गौरव दिवस मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में आगामी गुड़ी-पड़वा तक 75 अमृत सरोवर बनाये जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस महत्वपूर्ण कार्य में सहभागी बने। साथ ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों का कोरोना वैक्सीनेशन करवाना भी सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रारंभ में पीएम आवास योजना में 5 लाख 21 हजार हितग्राहियों को वर्चुअली गृह प्रवेश कराया। मुख्यमंत्री चौहान ने 56 करोड़ 60 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें 33 करोड़ 26 लाख के लोकार्पण तथा 23 करोड़ 34 लाख के भूमि-पूजन शामिल हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री चौहान ने कन्या-पूजन के साथ किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रदेश में प्रगति पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज्य मंत्री गिरीराज सिंह, केन्द्रीय स्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेन्द्र खटीक, केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल और केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), विमुक्त घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति कल्याण विभाग (स्वतंत्र प्रभार) ,पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल सहित जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश के मंत्रि-परिषद के अन्य सदस्य अपने-अपने प्रभार के जिलों से वर्चुअली जुड़े।
रांची,29.03.2022 – लाह उत्पादन व वनोपज को बाजार और इससे जुड़े लोगों की समृद्धि के प्रति संजीदा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के प्रयास के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। इस सिलसिले को और कारगर बनाने के लिए महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना एवं जोहार परियोजना के जरिए लाह की खेती को राज्य सरकार बढ़ावा दे रही है।राज्य की ग्रामीण महिलाओं को वनोपज आधारित आजीविका से जोड़कर आमदनी बढ़ोतरी के प्रयासों को महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के ज़रिये अमली जामा पहनाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के ये किसान लाह एवं लाह की खेती के ज़रिये बेहतर आजीविका की ओर अग्रसर हो रहे हैं| लाह की खेती से महिलाएं ना सिर्फ अपने गाँव में रहकर ही अच्छी आमदनी कर रहीं हैं, बल्कि राज्य में लाह उत्पादन के आंकड़ों में भी बदलाव ला रही हैं| ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के ज़रिये सखी मंडल की ग्रामीण महिलाओं को लाह की वैज्ञानिक खेती से जोड़कर अत्याधुनिक प्रशिक्षण के जरिए आमदनी बढ़ोतरी के प्रयास हो रहे हैं। इस पहल से राज्य की 73 हजार से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को लाह की वैज्ञानिक खेती से जोड़ा गया है, जिनमें ज्यादातर अति गरीब एवं वनों के आस-पास रहने वाले ग्रामीण परिवार हैं। इस साल करीब 2000 मीट्रिक टन छिला लाह का उत्पादन इनके द्वारा किया गया है।
लाह की वैज्ञानिक खेती से बढ़ रही आमदनी
पश्चिमी सिंहभूम के गोईलकेरा प्रखंड के रूमकूट गाँव की रंजीता देवी लाह की खेती से सालाना 3 लाख रुपए तक की आमदनी प्राप्त कर रही हैं। रंजीता देवी विगत कुछ सालों से आधुनिक तकनीक के ज़रिये वैज्ञानिक विधि से बिहन लाह की खेती कर रही हैं। सखी मंडल से जुड़ने के बाद उन्हें लाह की उन्नत खेती करने का प्रशिक्षण मिला। रंजीता देवी बताती हैं, दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण हमारी आजीविका मुख्यतः जंगल और वनोपज पर निर्भर करती है। हमारे परिवार में पहले भी लाह की खेती का कार्य किया जाता था, लेकिन सखी मंडल से जुड़ने के बाद हमे 25 दिनों की सीआरपी ड्राइव के द्वारा वैज्ञानिक विधि से लाह की खेती करना सिखाया गया। इस प्रकार सखी मंडल के माध्यम से लाह की आधुनिक खेती से सम्बंधित प्रशिक्षण के साथ 5 किलो बिहन लाह (बीज के रूप में) प्राप्त हुआ। लाह की खेती में रंजीता देवी कम खर्च में कई गुना ज्यादा उपज एवं मुनाफा कमा रही हैं। पिछले साल रंजीता ने 300 किलो बिहन लाह बीज के रूप में लगाया, जिससे उन्हें 15 क्विंटल लाह की उपज प्राप्त। उससे उन्हें 3 लाख रुपए की आमदनी हुई। उनका कहना है, सखी मंडल के माध्यम से हमे अपने पारंपरिक पेशे में ही स्थानीय आजीविका के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
किसानों को मिल रहा प्रशिक्षण एवं बाज़ार
महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना एवं जोहार परियोजना के अंतर्गत महिला किसानों को लाह उत्पादन और बिक्री के लिए तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण से लेकर बिक्री हेतु बाज़ार भी उपलब्ध कराया जा रहा है| किसान उत्पादक समूहों के माध्यम से लाह की सामूहिक खेती एवं बिक्री की व्यवस्था की गई है। महिलाओं को आवासीय प्रशिक्षण के जरिए लाह की उन्नत खेती के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ हीं पहले से लाह की खेती कर रहे किसानों के अनुभवों से भी उन्हें अवगत कराया जाता है, ताकि किसान आपस में जानकारी साझा कर सकें। लाह किसानों को उचित बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए एवं उनकी फसल की बिक्री हेतु, राज्य भर में 460 संग्रहण केंद्र और 25 ग्रामीण सेवा केंद्र का परिचालन किया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित इन संस्थाओं के माध्यम से लाह की खेती कर रहे किसान अपनी उपज को एक जगह इकठ्ठा करते हैं और फिर ग्रामीण सेवा केंद्र के माध्यम से एकत्रित उत्पाद की बिक्री की जाती है।
महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना से लाह की खेती को मिला नया जीवन
लाह की आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी संपोषित सखी मंडल की बहनों को सीआरपी ड्राइव के माध्यम से 25 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है। ग्राम स्तर पर लाह कृषकों की मदद के लिए चुनिंदा क्षेत्रों में आजीविका वनोपज मित्र के रूप में दीदियों को प्रशिक्षित करके रखा गया है। आजीविका वनोपज मित्र ग्रामीण परिवारों को लाह की वैज्ञानिक खेती में मदद करते है। आश्रिता एवं रंजिता जैसी हजारों ग्रामीण महिलाएं आज लाह की वैज्ञानिक खेती से जुड़कर अच्छी आय कर रही हैं। वन संपदा से समृद्ध झारखण्ड में ग्रामीण परिवारों को वनोपज आधारित आजीविका से जोड़कर जीवनशैली एवं आजीविका में उल्लेखनीय बदलाव आ रहा है।
“लाह की वैज्ञानिक खेती के जरिए राज्य के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। राज्य के करीब 73 हजार लोगों को लाह की वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देकर उनको लाह उत्पादन से जोड़ा गया है। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना एवं जोहार परियोजना के जरिए राज्य के कई इलाको में लाह की खेती को पुनर्जीवित किया गया है। वहीं ग्रामीण सेवा केंद्र एवं संग्रहण केंद्र के माध्यम से किसानों को लाह का बेहतर बाजार एवं कीमत सुनिश्चित किया जा रहा है।“
उक्त जानकारी श्री सूरज कुमार, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी , जेएसएलपीएस ने दी है
रांची, 29.03.2022 (दिव्या राजन) मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी ने राज्य के सभी जिला के लोकपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। मनरेगा आयुक्त ने मनरेगा योजना से क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर लाने के लिए दिशा निर्देश दिया साथ ही विभाग के द्वारा तैयार कराए गए ombudsman App के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी।
इस ऐप के जरिए लोकपाल अपने मोबाइल पर ऑनलाइन ही शिकायतों दर्ज करवा कर उसका निपटारा करने का भी कार्य कर सकेंगे। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। बैठक में पंचायत में सभी दस्तावेजों को एकत्र कराने की दिशा में भी कार्य करने को कहा गया।
मनरेगा आयुक्त ने स्पष्ट किया किया प्रयास करें कि मनरेगा से संबंधित जितनी भी शिकायतें प्राप्त हो, उनका त्वरित निष्पादन संबंधित जिले के लोकपाल करें। योजनाओं का स्थल निरीक्षण में उन्होंने करने को कहा ताकि कार्य में हमेशा पारदर्शिता बनी रहे।
नई दिल्ली ,29 मार्च (आरएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद अपनी टीम में बदलाव कर सकती हैं। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कई प्रदेशों में नए सचिवों की नियुक्ति कर इसके संकेत भी दे दिए हैं। यह फेरबदल संगठन चुनाव और अगले विधानसभा चुनाव के लिए अहम साबित होगा। कांग्रेस में कई पद लंबे वक्त से खाली है। वहीं, कई नेता एक से ज्यादा जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष इन पदों पर नियुक्ति के साथ आवश्यक फेरबदल कर सकती हैं। पार्टी में छात्र संगठन एनएसयूआई के साथ कई प्रदेशों में प्रभारियों की नियुक्ति काफी लंबे वक्त से नहीं हो पाई है। एनएसयूआई के पूर्णकालिक प्रभारी का पद दो साल से खाली है।
एनएसयूआई की अध्यक्ष रुचिका गुप्ता ने दिसंबर 2020 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कोई स्थाई नियुक्ति नहीं हुई है। इसके साथ मध्य प्रदेश में कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधानसभा में नेता विपक्ष का पद भी संभाल रहे हैं।
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के पास लोकसभा में पार्टी के नेता की जिम्मेदारी हैं। बंगाल में पूर्णकालिक प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति भी काफी दिनों से नहीं हुई है। जितिन प्रसाद के पार्टी छोडऩे के बाद दिसंबर 2021 में चेला कुमार को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
पांच राज्यों में हार पर चर्चा के लिए 14 मार्च को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी संगठन में फेरबदल का मुद्दा प्रमुखता के साथ उठा था। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में पार्टी अध्यक्ष को संगठन को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक व व्यापक संगठनात्मक बदलाव के लिए अधिकृत किया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जल्द कुछ फेरबदल कर सकती हैं। पार्टी में संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में बड़ा बदलाव नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही होगा। संगठन में इस बदलाव के जरिए पार्टी के नए अध्यक्ष की नई टीम का खाका काफी हद तक तैयार हो जाएगा।
नई दिल्ली,29 मार्च (आरएनएस)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने चार विदेशियों और भारतीय मूल के दो व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार दिए। इनमें भारत में जन्मे जापान के एक प्रमुख होटल व्यवसायी भी शामिल हैं। उनके अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए पुरस्कार दिया गया है।
राष्ट्रपति ने साहित्य और शिक्षा के लिए डॉ तातियाना शौम्याण को पद्मश्री दिया। वह रूसी विज्ञान अकादमी में भारतीय अध्ययन केंद्र की प्रमुख हैं। वह एशियाई देशों में भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की विशेषज्ञ हैं। मॉस्को के इंस्टीट्यूट ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में सेंटर ऑफ इंडियन स्टडीज में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्हें भारत पर उनके काम के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किया गया है।
राष्ट्रपति कोविंद ने व्यापार और उद्योग के लिए रयुको हीरा को पद्मश्री प्रदान किया। एचएमआई होटल ग्रुप और ओरा ग्रुप ऑफ कंपनीज जापान के अध्यक्ष, उन्होंने भारत में जापानी निवेश को प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा जापान के रयुको हीरा को भी सम्मानित किया गया है। उनका जन्म जयपुर में कमलेश पंजाबी के रूप में हुआ। उन्हें रयुको हीरा और एचएमआई होटल ग्रुप के मालिक के रूप में जाना जाता है, जो जापान में होटलों और रिसॉर्ट्स की एक श्रृंखला चलाते हैं। वह जापान के भारतीय वाणिज्य और उद्योग संघ के अध्यक्ष भी है। उन्होंने भारत में निवेश के बहुत सारे अवसर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपति कोविंद ने साहित्य और शिक्षा के लिए डॉ चिरापत प्रपंडविद्या को पद्मश्री प्रदान किया। वह एक थाई संस्कृत विद्वान हैं। वह बैंकॉक के सिलपाकोर्न विश्वविद्यालय में संस्कृत अध्ययन केंद्र के सदस्य हैं। वे संस्कृत स्टडीज फाउंडेशन के अध्यक्ष भी हैं। राष्ट्रपति ने साहित्य और शिक्षा के लिए रटगर कोर्टेनहॉर्स्ट को भी पद्मश्री प्रदान किया। वह डबलिन के जॉन स्कॉटस स्कूल में संस्कृत के शोधकर्ता और शिक्षक हैं। वे आयरलैंड में संस्कृत के प्रचार-प्रसार में अग्रणी रहे हैं।
ब्रिटिश भारतीय प्रोफेसर प्रोकर दासगुप्ता को चिकित्सा के लिए पद्म श्री मिला। वह किंग्स कॉलेज लंदन में एक प्रोफेसर हैं। उन्होंने यूरोलॉजी में रोबोटिक सर्जरी का बीड़ा उठाया है। 2010 और 2018 में उन्हें डेली मेल द्वारा यूनाइटेड किंगडम में शीर्ष दस प्रोस्टेट कैंसर सर्जनों में से एक नामित किया गया था। राष्ट्रपति कोविंद ने साहित्य और शिक्षा के लिए मारिया क्रिजिस्तोफ बायर्स्की को पद्मश्री प्रदान किया। वह वारसॉ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। उन्होंने मनुस्मृति, कामसूत्र और भासा और कालिदास के नाटकों का पोलिश भाषा में अनुवाद किया है।
बायर्स्की 1994 से 1996 तक भारत में पोलिश राजदूत थी। भारत के लिए उनका प्यार 1955 में शुरू हुआ जब वे वारसॉ विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन की छात्र थी। राजदूत के रूप में उन्होंने अपना विजिटिंग कार्ड देवनागरी लिपि में उकेरा था। 1994 में, जब उन्हें केरल में वार्षिक परीक्षित स्मृति व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया, बायर्स्की ने एक घंटे तक शुद्ध संस्कृत में बात की, जबकि उनके सामने बोलने वाले अन्य सभी संस्कृत विद्वानों ने मलयालम में अपने भाषण दिए।
नई दिल्ली ,29 मार्च (आरएनएस)। राहुल गांधी ने तेलंगाना के किसानों की उपज को नहीं खरीदने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए उन्हें किसान विरोधी बताया और कहा कि किसानों को लेकर राजनीति करने की बजाय उनकी मांग पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
गांधी ने ट्वीट किया यह शर्म की बात है कि भाजपा और टीआरएस सरकारें तेलंगाना के किसानों से धान खरीदने की बजाय इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भाग रही हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को किसानों की फसल की खरीद को लेकर राजनीति करने के लिए कटघरे में खड़ा किया और कहा, किसान विरोधी गतिविधियों से उन्हें परेशान करना बंद करें और तेलंगाना के किसानों की कड़ी मेहनत से पैदा किये गए अनाज के एक-एक दाने की खरीद करें।
गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी तेलंगाना के किसानों के साथ है और वह तब तक चुप नहीं बैठेगी, जब तक किसानों के साथ न्याय नहीं होता है। उन्होंने कहा, कांग्रेस किसानों के हक़ के लिए तब तक संघर्ष करती रहेगी जब तक तेलंगाना के किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद नहीं हो जाती है।
नई दिल्ली ,29 मार्च (आरएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स स्मगलिंग गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर करीब 10 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। गिरफ्तार दोनों तस्करों से पूछताछ में पता चला है कि ये एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय गैंग के सदस्य हैं और पिछले 5 साल से दिल्ली-एनसीआर और यूपी के कुछ हिस्सों में नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त थे।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जसमीत सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले नजीर उर्फ नाजिम और दिनेश सिंह के रूप में हुई है। इनके कब्जे से बरामद हेरोइन को म्यांमार से मणिपुर के रास्ते भारत लाया गया था। इन तस्करों के पास से एक कार भी बरामद की गई है, जिसमें छुपाने और नशीले पदार्थों के लाने के लिए एक गुप्त जगह बनाई गई है।
डीसीपी ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की उपयुक्त धाराओं के तहत थाना स्पेशल सेल में मामला दर्ज किया गया था। सिंह के अनुसार, 24 मार्च, 2022 को स्पेशल सेल को विशेष सूचना मिली थी कि इस गैंग के दो सदस्य झारखंड से हेरोइन की एक बड़ी खेप लेकर आईएसबीटी सराय काले खां में अपने एक संपर्क को हेरोइन की सप्लाई करने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे टी प्वाइंट पर आएंगे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ड्रग सप्लायर्स ने पूछताछ में खुलासा किया है कि ये एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय नारकोटिक ड्रग कार्टेल के सदस्य हैं। इन दोनों ने पिछले पांच सालों से दिल्ली-एनसीआर और यूपी के कुछ हिस्सों में नशीली दवाओं की आपूर्ति में लिप्त होने का खुलासा किया है। उन्होंने झारखंड के चतरा जिले के एक व्यक्ति से यह हेरोइन खरीदी थी और उन्हें दिल्ली में एक व्यक्ति को छह किलोग्राम हेरोइन और उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक व्यक्ति को शेष चार किलोग्राम पहुंचानी थी। उन्होंने आगे खुलासा किया कि उनके हेरोइन सप्लायर्स के म्यांमार और मणिपुर में संबंध हैं।
डीसीपी सिंह ने कहा कि म्यांमार से मणिपुर में लाई गई अधिकांश हेरोइन को असम और अरुणाचल प्रदेश के आस-पास के राज्यों में भेजा जाता है और फिर वहां से दिल्ली सहित देश के अन्य हिस्सों में प्रतिबंधित पदार्थों का परिवहन किया जाता है।
डीसीपी ने कहा कि इस मामले की जांच के दौरान यह पता चला है कि झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और मणिपुर के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में अवैध रूप से खेती की गई अफीम से हेरोइन बनाई जाती है। गिरफ्तार किए गए नशीली दवाओं के तस्करों ने आगे खुलासा किया है कि वे झारखंड के दवा निर्माता और सप्लायर्स से भी हेरोइन खरीदते थे।
ग्वालियर,28 मार्च (आरएनएस)। जड़ी-बूटियों से दस से 12 हजार रुपए होती मासिक कमाई. ग्वालियर के घाटीगांव, मोहना, श्योपुर के कराहल और शिवपुरी जिले के पोहरी क्षेत्र की सहरिया आदिवासी महिलाओं द्वारा वन्य क्षेत्र में बिखरी पड़ी जड़ी-बूटियों को खोजने और उसका चूर्ण बनाने के बाद संबंधितों को सप्लाई करने का काम किया जा रहा है।
इस काम से प्रति महिला को हर माह दस से 12 हजार रुपए मासिक पारिश्रमिक मिल जाता है। बताया जाता है कि इन जड़ी-बूटियों को लेने के लिए देश की नामी गिरामी कंपनियों पहुंंचती हैं। इन क्षेत्रों में 6112 आदिवासी महिलाएं काम में जुटी हैं। यह जड़ीबूटी जंगल से आती हैं – सफेद मूसली, गोंद, मशरूम, छाल, अश्वगंधा, पहर का बीज, शहद, हर्र, बहेड़ा, आंवकला, चांदी बाजार, गोखरू व बेल प्रमुख रूप से शामिल हैं।
वन उत्पादक समिति ले लेती हैं महिलाओं से माल – ये आदिवासी महिलाएं कई क्विंटल जड़ी बूटियां महीने में जंगलों से एकत्रित कर लेती हैं। जिन्हें वन उत्पादक समिति को दे दिया जाता है। इसके लिए महिलाओं का एक संगठन वन उत्पादक समिति की जमुना और हरीना आदिवासी महिलाओं के जरिए तैयार किया गया है।
मथुरा 28 मार्च (आरएनएस)। कान्हा की नगरी नए साल के स्वागत के लिए तैयार हो रही है। नए साल पर धर्म नगरी में कई आयोजन होने जा रहे हैं। नव संवत्सर मेला को भव्य बनाने के लिए तैयारियों को अंतिमरूप दिया जा रहा है। हिन्दू कलैण्डर के मुताबिक चैत्रमास से नए साल का आगाज होता है।
भारतीय नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2079 की पूर्व संध्या पर चैत्र कृष्ण अमावस्या यानी एक अप्रैल को सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज, मथुरा के मैदान में परम्परागत रूप से विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जायेगा है। इस अवसर पर आयोजित नववर्ष समारोह में मुख्य अतिथि जनरल वीके सिंह पूर्व थल सेनाध्यक्ष सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्यमंत्री भारत सरकार होंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में योग नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। नगर निगम की ओर से मेला को दिव्य और भव्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोमवार को मथुरा वृंदावन नगर निगम के महापौर डा.मुकेश आर्यबंधु ने मेला स्थल पर चल रहीं तैयारियों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पूरे मेला परिसर का गहनता से निरीक्षण किया और तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
उनके साथ नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और दूसरे विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे। मथुरा वृंदावन नगर निगम के मयेर डा.मुकेश आर्यबंधु ने बताया कि जनरल वीके सिंह नवसंवत्सर मेला में हमारे मुख्य अतिथि रहेंगे। नवसंवत्सर मेला एक अप्रैल को है। मेला में बच्चों के मनोरंजन के साधान, घोडा की सवारी, चांट की दुकानें आदि एक मेला में जो होती हैं वह सब स्टॉल होंगी।
बच्चों की प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। हिन्दु रीतिरविाज के हिसाब से मेला का आयोजन होता है। इस बार मेला सेठ बीएन पौद्दार इंटरमीडिएट के मैदान पर आयोजित हो रहा है।
लखनऊ ,28 मार्च (आरएनएस)। सेना में भर्ती पर कोरोना काल में लगायी गयी रोक को दो साल बाद भी जारी रखने के सरकार के फैसले पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि सेना में भर्ती का जज्बा रखने वाले परिश्रमी युवाओं के लिये यह अच्छी खबर नहीं है। उन्होंने सरकार से कोरोना से उत्पन्न माहामारी के हालात अब सामान्य होने का हवाला देते हुए सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा, कोरोना के कारण सेना में भर्ती रैलियों के आयोजन पर पिछले दो साल से लगी हुई रोक अभी आगे लगातार जारी रहेगी। संसद में दी गई यह जानकारी निश्चय ही देश के नौजवानों, बेरोजगार परिवारों व खासकर सेना में भर्ती का जज़्बा रखने वाले परिश्रमी युवाओं के लिए अच्छी ख़बर नहीं है।
गौरतलब है कि कोरोना काल के दौरान 2020 से सेना के भर्ती अभियानों पर रोक लगी हुयी है। सरकार की ओर से संसद में बताया गया कि सेना में भर्ती पर लगी यह रोक फिलहाल जारी रहेगी। मायावती ट्वीट कर कहा, मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इसको लेकर सैन्य अफसर भी चिन्तित हैं, क्योंकि उनके अनुसार इस आर्मी रिक्रूटमेन्ट रैलियों पर अनवरत पाबन्दी का बुरा प्रभाव सेना की तैयारियों पर नीचे तक पड़ेगा। अब जबकि कोरोना के हालात नार्मल हैं, केन्द्र सरकार दोनों पहलुओं पर यथासमय पुनर्विचार करे।
नई दिल्ली ,28 मार्च (आरएनएस)। कोविड मुक्त हुए.अरुणाचल प्रदेश, दादर-नगर हवेली और दमन-दीव तथा लक्ष्यद्वीप. देश में कोविड वायरस संक्रमण के लगातार घट रही है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों की संख्या 328 घटकर 15859 रह गई है। वहीं, इस दौरान एक हजार 270 नये मामले सामने आये हैं और इस बीच 31 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना मृत्यु दर 1.21 प्रतिशत, रिकवरी दर 98.75 प्रतिशत और संक्रमण दर 0.04 प्रतिशत है।
केरल में पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों में 218 की कमी आने के बाद इनकी संख्या घटकर 4663 रह गई। वहीं, 593 लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे निजात पाने वाले लोगों की संख्या 6458586 हो गई है, जबकि मृतकों का आंकड़ा 67797 हो गया है।
कर्नाटक में एक सक्रिय मामला बढ़कर 1819 हो गया है। इस दौरान 62 मरीजों के ठीक होने से इस महामारी से निजात पाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 3903442 हो गई है। वहीं राज्य में एक और मरीज की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 40050 पर पहुंच गया है।
असम में इस दौरान सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 1360 हो गई है तथा इस महामारी से मुक्त होने वालों की कुल संख्या 716197 तक पहुंच गई है, वहीं मृतकों का आंकड़ा 6639 पर स्थिर रहा।
पणजी ,28 मार्च (आरएनएस)। प्रमोद सावंत सोमवार को लगातार दूसरी बार गोवा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ विश्वजीत राणे समेत आठ विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ.
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने कहा कि भाजपा के जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनमें सर्वश्री विश्वजीत राणे, मौविन गोडिन्हो, रवि नाइक, सुभाष शिरोडकर, नीलेश कैबराल, रोहन खौंटे, गोविंद गौडे और बाबूस मोनसेरेट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय में तीन अन्य विधायकों को भी एक या दो महीने में शामिल किया जाएगा।
भाजपा के पास 20 विधायक हैं जबकि उसे तीन निर्दलीय और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों से भी समर्थन प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले, श्री सावंत ने राजभवन में राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई को मंत्रिपरिषद नियुक्त करने का आदेश सौंपा था।
नई दिल्ली ,28 मार्च (आरएनएस)।ई-श्रमिक पोर्टल पर सरकार ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों को महत्व देते हुए ई-पोर्टल तैयार किया गया है जिसमें श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार के साथ ही उनको दी जाने वाली सारी सुविधाओं का विवरण दिया गया है।
श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि श्रमिकों को विशेष महत्व देते हुए उनके हित के लिए कई कदम उठाये गये हैं। केंद्र सरकार की तरफ से असगंठित क्षेत्र के मजूदूरों को आत्मनिर्भर योजना के तहत रोजगार दिया जा रहा है और उन्हें किस क्षेत्र में कितना रोजगार मिला है इसका पूरा हिसाब किताब केंद्र सरकार के पास उपलब्ध हो रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हित के लिए ई-श्रमिक पोर्टल तैयार किया गया है जिसमें 27 करोड़ श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। सरकार ने यह उपलब्धि महज छह माह में हासिल की है। इस काम में कामन सर्विस सेंटरों से बहुत बड़ा सहयोग मिल रहा है। असंगठित क्षेत्र के लिए मजदूरों के लिए पेंशन, स्वास्थ्य आदि सुविधा के लिए कदम उठाए गये हैं।
उन्होंने कहा कि ई-श्रमिक पोर्टल में सारे देश के श्रमिकों पंजीकरण करना चाहिए। सरकार की तरफ से इसमें पंजीकृत श्रमिकों को दो लाख रुपए का बीमा कवर भी दिया जाता है। सरकार ने ई-पोर्टल बनाकर श्रमिकों को सम्मानित जीवन जीने का अधिकार दिया गया है। इसके तहत न सिर्फ श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार के आंकड़े होते हैं बल्कि उनमें से कितने लोगों ने सरकारी सुविधा का लाभ उठाया है,इसका भी पूरा आंकड़ा होता है। इसमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी विवरण होता है।
इटावा ,28 मार्च (आरएनएस)। इटावा सफारी में दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र ताजमहल अब चंबल के बीहड़ों में बसे पर्यटकों की आवक बढ़ाने में मदद करेगा। आगरा जोन में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व ईको टूरिज्म के नोडल अधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार सफारी पार्क को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। ताजमहल देखने आने वाले पर्यटक इटावा सफारी पार्क भी आएं, इसके लिए उन्हें लाने के सारे इंतजाम वन विभाग करेगा।
इटावा सफारी पार्क को विकास और पर्यटक सुविधाओं के लिये जल्द ही यहां के अधिकारियों से चर्चा की जायेगी। उन्होने कहा पिछले कई माह से हम योजना बना रहे हैं। गर्मी शुरू हो रही है, इसलिए पर्यटकों की संख्या कम हो रही है। आगरा से इटावा आने वाले पर्यटकों को रास्ते में रेस्टोरेंट इत्यादि की अच्छी सुविधाएं दी जाएंगी। इटावा सफारी पार्क में सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि 29 मार्च से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानो पर लगी रोक खत्म हो रही है। ऐसे में विदेशी सैलानी की आवक बढऩे के आसार है। इन सैलानियों को यहां पर लाने का प्रयास होगा।
सफारी पार्क के उप निदेशक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि आगरा के करीब होने के कारण इटावा सफारी पार्क का महत्व अपने आप में बढ़ा है। सफारी पार्क के प्रति पर्यटकों के आकर्षण में लगातार इजाफा हो रहा है। सफारी पार्क अपने आप में इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एशिया का एकमात्र ब्रीडिंग सेंटर है जिसके जरिए एशियाटिक शेरों की संख्या में इजाफा होना तय माना जा रहा है। फिलहाल इटावा सफारी पार्क में 18 शेर है इनमें से नौ अकेले इस सफारी पार्क में ही पैदा हुए हैं। तीन भालू भी यहां पर है लेकिन आगरा से एक दर्जन के आसपास भालुओं को लाया जाना है।
सफारी की लोकप्रियता मे 25 नंबवर 2019 को शुभारंभ के बाद खासा इजाफा हो रहा है । सपा सरकार के कार्यकाल में निर्मित इटावा सफारी पार्क का उद्धघाटन एक जून 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था ,लेकिन आम पर्यटकों के लिए 25 नम्वबर 2019 को शुभारंभ किया गया था।
कुख्यात डाकुओं की शरणस्थली के रूप में बदनाम रही चंबल घाटी को पर्यटकों के लिए आबाद करने की मंशा के तहत सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने 2003 में इस प्रोजेक्ट की शुरूआत कराई थी ,लेकिन 2007 में प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने सत्ता में आते ही इस प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उसके बाद इटावा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की गरज से बीहड़ में लायन सफारी की स्थापना की रूपरेखा शुरू कराई। रूपरेखा का ही नतीजा आज बीहड मे स्थापित सफारी भव्य रूप मे दिखाई दे रहा है।
सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट इटावा सफारी पार्क का निर्माण मई 2012 में शुरू हुआ था। यह करीब 350 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इटावा को पर्यटन मानचित्र पर लाने की गरज से बीहड़ में लायन सफारी की स्थापना की रूपरेखा शुरू कराई थी और आज बीहड मे स्थापित सफारी भव्य रूप मे दिखाई दे रहा है।
रांची,27.03.2022 – उर्दू पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर द रांची प्रेस क्लब के सभागार में द रांची प्रेस क्लब के द्वारा जश्ने उर्दू पत्रकारिता पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एंव युवा कार्य विभाग मंत्री हफीजुल हसन, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री बलबीर दत्त, रांची जिला के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम मौजूद थे । कार्यक्रम की अध्यक्षता द रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र कर रहे थे , मंच संचालन सबा इकबाल ने किया, और कार्यक्रम का समापन संबोधन प्रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्य परवेज कुरैशी ने की।
स्वागत भाषण में प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि उर्दू अखबार का पौधा कैसे पले, बढ़े और बड़ा हो इस पर हम सभी को सोचने की जरूरत है । जंग ए आजादी से लेकर अब तक उर्दू अखबार को , उर्दू के पत्रकारों को ,उर्दू से जुड़े हुए सभी को जद्दोजहद करते देख रहे हैं। मैं समझता हूं कि जिस तरह से आज का कार्यक्रम आयोजन हुआ और जिस तरह से उर्दू पत्रकार और उर्दू से जुड़े हुए हर वर्ग और समुदाय के लोग , उर्दू से पत्रकारिता से तालुकात रखते हैं , वे इस मौके पर आए हैं , सभी आभार पात्र हैं ।
मंत्री हफीजुल हसन 200 वर्ष पूरा होने पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि उर्दू एकेडमी का हम गठन करेंगे और अपने ही सरकार में यह होगा, यह मैं घोषणा करता हूं । साथ ही उन्होंने कहा कि उर्दू पढ़ने की ,लिखने की, आदत हम सभी को डालनी होगी । तभी उर्दू महफूज रह सकेगी, उर्दू किसी की जागीर नहीं है ।उन्होंने कहा कि उर्दू हिंदुस्तान की जुबान है , हर हिंदुस्तानी का उर्दू पर हक है ।
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री बलबीर दत्त ने उर्दू के इतिहास और हिन्दुस्तान के बंटवारे पर रनी डाला। उन्होंने कहा कि उर्दू जिस तरह से आगे बढ़ा और जंग ए आजादी में जिस तरह से योगदान रहा है उसको कभी नहीं भुलाया जा सकता है। हम यह कहेंगे कि झारखंड में या अविभाजित बिहार के समय में बहुत कम अखबार हुआ करता था , लेकिन आज दर्जनों से अधिक उर्दू का अखबार निकल रहे है। यही सफलता है ।
ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने कहा कि उर्दू भाषा जो है इसमें सभ्यता,संस्कृति और मिठास है। यह भाषा सभी को जोड़ने का काम करता है और हिंदुस्तान में उर्दू सबसे अधिक बोली जाती है। जिस तरह से आयोजन हुआ है काबिल ए तारीफ है।
प्रो. विनोद कुमार ने उर्दू पत्रकारिता पर अमीर खुसरो को महत्व देते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि अमीर खुसरो ने ही उर्दू को बढ़ावा दिया। हिंदुस्तान में जिस तरह से उन्होंने अपने कविताओं में दोहो में उर्दू को शामिल किया गया है, वह काबिले तारीफ है । उर्दू मुसलमान की जुबान नहीं है , यह हम सब भारतीयों का जुवान है ।
सम्मानित होनेवालेः
एच रिजवी,मुजफ्फर हुसैन, एस एम जमशेदपुरी,जफीरुल्लाह सादिक, इम्तियाजुद्दीन, साकीर,मामून रशीद,नवेंदू उमेश,अरशद मधुपुरी, मामून रशीद, तनजीला नाज,नौशाद आलम सहित उर्दू अखबारों को भी मोमेंटो और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर द रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजय मिश्र , कोषाध्यक्ष सुशील सिंह मंटू , उपाध्यक्ष पिंटू दुबे, सचिव जावेद अख्तर , संयुक्त सचिव अभिषेक सिन्हा , मैनेजिंग कमिटी सदस्य मानिक बॉस, रूपम ,संजय रंजन ,किसलय सानू , धर्मेंद्र गिरी, परवेज कुरैशी, दीपक जयसवाल, राकेश कुमार ,राज वर्मा, सुनील गुप्ता, सहित वरिष्ठ पत्रकार शफीक अंसारी, डा.शाहनवाज कुरेशी , शारीब खान, मुस्तकीम आलम, गुलाम शाहिद, एहसान ,सबा इकबाल, सरफराज, सहरोज कमर , तंजिला , नसीर अफसर , डॉ असलम परवेज, सरफराज अहमद, समीम, मुजफ्फर हुसैन, इमरान ,आदिल रशीद, जसीम ,इमाम नकवी शामिल थे।
लखनऊ ,26 मार्च (आरएनएस)। अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी (सपा) के विधानसभा में पार्टी के विधायक दल और विधानमंडल दल का नेता चुना गया है।
यहां स्थित सपा मुख्यालय में शनिवार को हुयी पार्टी विधायक दल की बैठक में अखिलेश को सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नेता चुन लिया। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने विधायक दल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में अखिलेश को सर्वसम्मति से पार्टी के विधानमंडल दल का नेता भी चुना गया। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में सपा के 111 विधायक जीते हैं।
इस प्रकार विधानसभा में दूसरा सबसे बड़ा दल होने के नाते सपा मुख्य विपक्षी पार्टी होगी। ऐसे में अखिलेश का नेता प्रतिपक्ष बनना लगभग तय है। विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश ने आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था। उत्तम ने बताया कि सपा के वरिष्ठ विधायक अवधेश प्रसाद ने अखिलेश को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा और विधायक आलम बदी ने उसका समर्थन किया।
इसके अलावा विधायक लालजी वर्मा ने अखिलेश को विधानमंडल दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा। सपा के चुनाव चिन्ह पर विधायक बने प्रसपा नेता शिवपाल सिंह यादव को बैठक में नहीं बुलाये जाने के बारे में उत्तम ने कहा कि आज केवल सपा के विधायकों को बुलाया गया था। बैठक में सहयोगी दलों के किसी विधायक को नहीं बुलाया गया था।
उन्होंने स्पष्ट किया, सहयोगी दलों के जो विधायक सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीते उन्हें और सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक 28 मार्च को बुलायी गयी है, चाहे वे शिवपाल यादव हों, पल्लवी पटेल या ओपी राजभर हों, सब को 28 मार्च को बुलाया जाएगा।
लखनऊ,26 मार्च (आरएनएस)। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में शनिवार को अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन वितरित करने की योजना की अवधि को तीन महीने के लिये बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यहां लोकभवन में हुयी मंत्रिमंडल की पहली बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी।
बैठक के बाद योगी ने संवाददाताओं को बताया कि कोरोना कालखंड में महामारी के दौरान भुखमरी से गरीब जनता को बचाने के लिये केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार ने मुफ्त राशन देने की योजना शुरु की थी। इसकी अवधि 31 मार्च को पूरी हो रही थी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने अब इस योजना को जारी रखते हुए इसकी अवधि को जून तक के लिये बढ़ाने का निर्णय किया है। योगी ने कहा कि लाभार्थी परिवार को दाल, रिफांइड तेल और नमक देने की इस योजना से 15 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा।
बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं को बताया कि यह सरकार का पहला और सबसे महत्वपूर्ण फैसला है। इसमें उप्र की 15 करोड़ जनता के लिये जिसमें 3270 करोड़ रुपये खर्च करके प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से निशुल्क राशन वितरण किया जा रहा था, उसे आगे भी जारी रखा जायेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश में नवगठित सरकार का पहला निर्णय 15 करोड़ गरीब जनता-जनार्दन को समर्पित है। कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर नागरिक को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से अन्न योजना प्रारम्भ की थी। अप्रैल 2020 से आज मार्च 2022 तक देश की 80 करोड़ जनता को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। वहीं राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के अतिरिक्त मुफ्त राशन वितरण की योजना संचालित की है।
उन्होंने कहा कि मुफ्त टेस्ट, ट्रीटमेंट और टीका के प्रयास से कोरोना पर काबू पाया गया तो महामारी से उपजने वाली भुखमरी की समस्या के निदान में मुफ्त राशन की योजना बहुत उपयोगी रही है। योगी ने बताया कि अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारक 15 करोड़ प्रदेशवासी डबल इंजन की सरकार में मुफ्त राशन की डबल डोज प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना की अवधि मार्च 2022 में समाप्त हो रही थी, जिस पर विचार करते हुए नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इसे अगले तीन माह तक बढ़ाये जाने का फैसला किया गया है।
राशन वितरण की पारदर्शी व्यवस्था पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि संपूर्ण प्रदेश में राशन की 80 हजार दुकानों पर ई-पॉश मशीनें लगी हैं, इससे सही लाभार्थी तक राशन वितरण का काम संभव हो रहा है। गौरतलब है कि अप्रैल 2020 से केंद्र सरकार के अलावा राज्य सरकार अपने संसाधनों से 15 करोड़ गरीब जनता को मुफ्त राशन उपलब्ध करा रही है। इसके तहत अंत्योदय कार्ड धारकों को राज्य सरकार द्वारा 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है, जबकि पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट 05 किलोग्राम खाद्यान्न मिल रहा है।
इसके अलावा दिसंबर 2021 से राज्य सरकार खाद्यान्न के साथ-साथ 01 लीटर रिफाइंड तेल, 01 किलो दाल और 01 किलो नमक भी दे रही है। जबकि अंत्योदय श्रेणी के परिवारों को 01 किलो चीनी भी मुहैया कराई जा रही है। कैबिनेट के निर्णय के बाद अब यह योजना जून 2022 तक के लिए बढ़ा दी गई है।
रांची, 26.03.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज हरमू हाउसिंग कॉलोनी (M.I.G.A/1) पहुंचकर पूर्व डीएसपी श्री बर्नाड किचिंगिया के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने श्री किचिंगिया के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति देने की कामना की। मौके पर मुख्यमंत्री ने दिवंगत बर्नाड किचिंगिया के परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें सांत्वना दी।
मौके पर प्रेस-मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि श्री बर्नाड किचिंगिया सरकारी कर्मी होने के साथ-साथ राज्य के प्रति समर्पित भाव रखने वाले व्यक्ति थे। श्री किचिंगिया झारखंड के कोने-कोने में बसने वाले जनमानस की भावनाओं को समझते थे। वे इस राज्य की बड़ी डिक्शनरी थे। झारखंड वासियों के हक-अधिकार की रक्षा के लिए वे हमेशा संघर्षरत रहे। श्री किचिंगिया ने हर वर्ग समुदाय के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है।
वे आने वाली पीढ़ी के प्रेरणास्रोत तथा मार्गदर्शक हैं। श्री किचिंगिया का निधन होना राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वे मेरे अभिभावक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं स्वयं तथा अपने परिजनों की ओर से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शत-शत नमन करता हूं।
जम्मू ,26 मार्च (आरएनएस)। चिनाब नदी पर जारी दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का निर्माण इस साल सितंबर में पूरा हो जाएगा। इस बात की जानकारी जम्मू और कशअमीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने दी है। यह पुल कश्मीर को कन्याकुमारी से जोड़ेगा।
इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के जल्दी ही दोगुना होने की उम्मीद जताई है। सिन्हा ने कहा कि केंद्र ने क्षेत्र के विकास, समृद्धि और प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए 2019 से जम्मू और कश्मीर के बजट को दोगुना किया है। जम्मू में आयोजित प्रेस मीट को संबोधित करते हुए जम्मू और कश्मीर को आवंटित हुए 1.12 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने क्षेत्र के आर्थिक विकास में तेजी आने की बात कही है।उन्होंने कहा, इस साल सितंबर में चिनाव नदीं पर सबसे ऊंचा रेलवे पुल तैयार हो जाएगा और कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा… अगस्त 2019 से क्षेत्र के विकास की रफ्तार दोगुनी हो गई है। उन्होंने बताया कि जम्मू और कश्मीर को आवंटित हुआ बजट को बगैर किसी भेदभाव के 1.30 करोड़ लोगों पर खर्तच किया जाएगा।
उन्होंने कहा, यह बजट लोगों की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करेगा।यह पुल 1.315 किमी लंबा होगा और नदी जल स्तर से 359 मीटर ऊंचा होगा। खास बात है कि इसकी लंबाई पेरिस में स्थित एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ज्यादा होगी। इसके निर्माण में 28 हजार 660 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है।