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जो चपरासी के लायक नहीं उसे अफसर किसने बना दिया, इन्हें ठीक करना होगा : हाईकोर्ट

ग्वालियर,20 अप्रैल (एजेंसी)। हाईकोर्ट की युगल पीठ ने गत दिवस खनिज विभाग के क्षेत्रीय निदेशक व खनिज अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि इन्हें अफसर किसने बना दिया। ये चपरासी के लायक भी नहीं हैं। इन्हें लग रहा है कि कोर्ट का आदेश हो चुका है। इनकी सेवा पानी अब कोर्ट नहीं करेगा। इस वजह से आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। इनकी आदतें खराब हो चुकी हैं। इन्हें ठीक करना होगा।

कोर्ट ने खनिज विभाग के क्षेत्रीय निदेशक संतोष कुमार पटेल व भिंड के खनिज अधिकारी दिनेश कुमार दुदवे को अवमानना नोटिस जारी किया है। 24 अप्रैल तक दोनेां को अपना पक्ष देना होगा। दरअसल वर्ष 2014 में रवि मोहन त्रिवेदी ने भिंड जिले में 194.516 क्यूबिक मीटर रेत का भंडारण किया था। इसे जिला प्रशासन ने सीज कर दिया था। त्रिवेदी की रेत के भंडार की अनुमति थी।

जब मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास पहुंचा तो उन्होंने रेत का रिलीज करने का आदेश दिया। इसके बाद कलेक्टर ने रेत को रिलीज करने का आदेश 20 दिसम्बर 2022 को जारी कर दिया था, लेकिन खनिज विभाग ने रेत परिवहन का परिमिट नहीं दिया। इसके चलते रेत नहीं उठा सके। इसको लेकर रवि मोहन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

कोर्ट ने निदेशक खनिज अधिकारी को तलब किया। संतोष कुमार पटेल व दिनेश दुदवे हार्ठ कोर्ट में उपस्थित हुए। दोनों को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट का आदेश का पालन करने के लिए होता है, इसे क्यों नहीं किया। रेत परिवहन का परमिट क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने जवाब दिया कि कलेक्टर को अधिकार है। यह आदेश पालन नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर तो आदेश कर चुके हैं। कोर्ट ने 24 अप्रैल को भिंड कलेक्टर को भी तलब कर लिया है।

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विकास यात्रा, लाड़ली सम्मेलन के बाद जन आशीर्वाद लेने निकलेंगे सीएम

भोपाल,20 अप्रैल (एजेंसी)। प्रदेश में सत्ता-संगठन के नेताओं ने चुनावी जमीन तैयार करने और जनाधार बढ़ाने की खातिर जिलों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राष्ट्रीय नेताओं के अनवरत कार्यक्रम कराने की रणनीति पर काम शुरु कर दिया है।

प्रदेश के सभी जिलों में मुख्यमंत्री की तीन-तीन फेरियां पूरी कराने का संकल्प भी लिया गया है। इसके तहत पैसा एक्ट की ब्रांडिंग के लिए प्रदेश की एक तिहाई से ज्यादा विधानसभा सीटों पर सीएम के प्रवास का एक चरण पूरा हो चुका है।

अब मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के महासम्मेलनों का सिलसिला जारी है। इस योजना को भाजपा गेमचेंजर मानकर महिला वोटर्स को रिझाने में जुटी है। अब तक एक करोड़ से ज्यादा बहनों के पंजीयन हो चुके हैं।

इसके बाद अंतिम चरण में सभी जिलों में मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा शुरु हो जाएगी। हर बार विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री उज्जैन से यह यात्रा शुरु कर जिलों में जाकर चुनाव के लिए लोगों से आशीर्वाद मांगते हैं। प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में भी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में चुनाव पूर्व तैयारी के ब्लयू प्रिंट में न मुद्द शामिल किए गए।

भाजपा संगठन ने इस बार समाज के अलग-अलग वर्गों को फोकस कर उन्हें रिझाने के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को मनाने की कवायद भी शुरु की गई है। विकास यात्राओं के बाद लाड़ली बहना सम्मेलनों के जरिएास जिलों में जोर-शोर से कार्यक्रम का सिलसिला चल रहा है। इसके बाद जनआशीर्वाद यात्रा और फिर चुनावी आचार संहिता के पहले भोपाल के जंबूरी मैदान में कार्यकर्ता महाकुंभ की रूपरेखा बन गई है। इन कार्यक्रमों में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं के लगातार मप्र दौरे शुरु किए जाएंगे।

ग्वालियर में मकाकुंभ और सियासी नियुक्तियां – पिछले विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान जिन क्षेत्रों में पार्टी का जनाधार कम हुआ, वहां खासतौर पर फोस है।

आदिवासी वोटर्स केक लिए कई कार्यक्रमों के अलावा पेस एक्ट की संबंधित जिलों में जोर-शोर से ब्रांडिंग की जा चुकी है। अनुसूचित जाति वर्गों के लिए हाल ही में ग्वालियर-चंबल अंचल में महाकुंभ के जरिए कई ऐलान भी किए गए।

अजा बहुल आबादी को देखते हुए सागर में 100 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास मंदिर बनाने का काम शुरु कर दिया गया है। अंबेउकर जयंती पर भी इस बार इस वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए सत्ता-संगठन ने सियासी नियुक्तियां भी की हैं।

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सूरत की अपीलीय कोर्ट से राहुल गांधी को राहत न मिलना उनके घमंड पर करारा तमाचा पड़ा : संबित पात्रा

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मानहानि मामले में सूरत की अपीलीय कोर्ट से राहत न मिलने पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने  कहा कि अदालत का  निर्णय राहुल गांधी और गांधी परिवार के घमंड पर करारा तमाचा है। सूरत की अपीलीय कोर्ट के आदेश से स्पष्ट हो गया है कि देश में संविधान का राज है, ना कि किसी परिवार का। कानून के तहत किसी भी परिवार को तरजीह नहीं दी जा सकती है और न ही किसी भी परिवार को अलग नजरिया से देखने की सुविधा हो सकती है।

पात्रा ने कहा कि सूरत की अपीलीय कोर्ट के आज के निर्णय से गांधी परिवार के घमंड की तो हार हुई ही है साथ ही, गांधी परिवार के बचाव में उतरने वाले उस इको-सिस्टम की भी हार हुई है, जिस इको-सिस्टम में कांग्रेसी सहित देश-विदेश में बैठे बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। सूरत अदालत के आदेश से पूरे देश खासकर, पिछड़े वर्ग में खुशी की लहर है, क्योंकि राहुल गांधी के मन में ओबीसी के लिए वैमन्स्य का भाव है और उन्होंने गाली देकर इसे दर्शाया भी था।

सूरत के अपीलीय कोर्ट को भी लगा कि राहुल गांधी को मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट ने जो सजा दी है, उसमें मेरिट है, अतः सजा को स्टे नहीं किया जा सकता। कोर्ट को लगा कि राहुल गांधी ने पिछड़े समाज को गाली देकर गलत काम किया है। वास्तव में, सूरत कोर्ट के निर्णय से देश की आम जनता और पिछड़े वर्ग सहित न्यायिक प्रणाली की बहुत बड़ी जीत है, क्योंकि पिछले माह राहुल गांधी को सूरत कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद, कोर्ट के निर्णय के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने न्यायपालिक खिलाफ सड़कों पर अभियान चलाया था।

संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की सजा के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्त्ता गलियों-नुक्कड़ों पर निरंतर न्यायपालिका पर अक्रमण कर रहे थे। कांग्रेस का इको सिस्टम केवल हिन्दुस्तान में ही नहीं, विदेशों से भी भारतीय न्यायपालिका के खिलाफ अभियान चला रही थी। आज न्यायपालिक ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार कितना भी दबाव की राजनीति करे, न्यायपालिक किसी भी दबाव के सामने नहीं झुकेगी।  संबित पात्रा ने कहा कि राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी जी ने बढ़-चढ़कर यहां तक कह दिया कि राहुल गाँधी परिवार के लड़के हैं। राहुल गांधी साधारण मनुष्य नहीं हैं और ना ही साधारण परिवार के हैं।

अतः कानून को इनके साथ अलग तरह से ट्रीट करना चाहिए था। ट्रायल कोर्ट द्वारा राहुल गाँधी को दो वर्ष जेल की सजा नहीं देनी चाहिए थी। ये कोई और होते तो वे कहते- ठीक है भाई! आप दो साल जेल में जाओ, हमें क्या? कांग्रेस राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने यहां तक मांग की थी कि गांधी परिवार के लिए कानून अलग से परिभाषित हो और अलग कानून हो।

राहुल गांधी और गांधी परिवार शायद यह सोचती है कि वो कुछ भी कर सकती है और उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा। आज सूरत की अदालत के निर्णय से यह सिद्ध होता है कि कानून सबके लिए बराबर है और कानून किसी के लिए अलग नहीं हो सकता है। जब ट्रायल कोर्ट का आदेश आया था कि तब कांग्रेस और गांधी परिवार के इकोसिस्टम ने ऐसा माहौल बनाया था कि कोर्ट में कुछ गड़बड़ी थी।

ट्रायल कोर्ट के न्यायधीश व ट्रायल कोर्ट के सिस्टम से कहीं न कहीं पक्षपात हुआ है। ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी को फंसाने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने कोई इतना बड़ा जुर्म नहीं किया था।

पात्रा ने राहुल गांधी के बचाव करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के इको सिस्टम को लगता है कि क्या हो गया यदि राहुल ओबीसी समाज को गाली दी? क्या हो गया यदि राहुल पिछड़े समाज को चोर कह दिया? ये इतना बड़ा जुर्म नहीं था कि राहुल गांधी को सजा दी जाए, कहीं न कहीं यह एक साजिश थी। इससे लोकतंत्र की हत्या हुई है।

उन्होंने कहा कि सूरत के ट्रायल कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ जो सजा सुनाई थी उसके तहत राहुल गांधी भारतीय संसद से अयोग्य घोषित हुए। खास बात यह है कि संसद सदस्यता रद्द होने का कानून उस समय बनाया गया था, जब सोनिया-मनमोहन की सरकार केंद्र में थी।  ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाने से पहले राहुल गांधी को समय दिया था कि राहुल जी, अभी समय है, यदि आप ओबीसी समाज से माफी मांग लें कि उन्होंने जाति विशेष को लेकर जो टिप्पणी की थी, वो गलत था, तो न्यायलय उनके मानहानि मामले पर विचार करेगी।

मगर राहुल गांधी ने कहा कि मैं तो राहुल गांधी हूं, मेरी शब्दावली में माफी शब्द नहीं है। जबकि राहुल जी तो सुप्रीम कोर्ट में कान पकड़कर उठक-बैठक कर पहले भी माफी मांग चुके हैं। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल  पास अभी भी मौका है, वे अपने अहंकार को त्याग दें। देश के सामने ओबीसी वर्ग से क्षमायाचना करें कि जो मैंने किया है, वो गलत है।

मुझे ऐसा काम नहीं करना चाहिए था।  पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का चरित्र है कि जो लोग हिन्दुस्तान के खिलाफ बोलते हैं, कांग्रेस समय-समय पर उन लोगों को प्रमोट करती है, राजनीति में आगे बढ़ाती है और स्टार प्रचारक बनाती है। कांग्रेस ने इमरान प्रतापगढ़ी को कर्नाटक विधान सभा चुनाव में अपना स्टार प्रचारक बनाया है। ये वही इमरान प्रतापगढ़ी हैं, जो पहले धड़ से सिर अलग करने की घटना का समर्थन करते हैं। इमरान प्रतापगढ़ी अतीक अहमद जैसे लोगों को अपना गुरु मानते हैं।

कांग्रेस द्वारा इस प्रकार का काम कोई पहली बार नहीं हो रहा है। कुछ राजनीतिक दल ऐसे लोगों को आगे बढ़ाती हैं, जो बोटी-बोटी काट देने वाली राजनीति पर विश्वास करते हैं। पिछले चुनाव में इस प्रकार के नारे प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए थे। यह वही कांग्रेस पार्टी है, जो कहती है कि मोदी तेरी कब्र खुदेगी। इस प्रकार की कांग्रेस पार्टी से क्या उम्मीद और क्या उम्मीद की जा सकती है।

यह वही पार्टी है, जिसमें मणिशंकर अय्यर जैसे लोग स्टार प्रचारक हैं। वही मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर गुहार लगाते हैं कि मोदी को हटाना होगा, हिन्दुस्तान को बचाना होगा। ऐसी पार्टी से कुछ सकारात्मक अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। कांग्रेस पार्टी और तुष्टिकरण दोनों ही पर्यायवाची शब्द हैं। यह हिन्दुस्तान और कर्नाटक की जनता भलीभांति जानती है।

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मकान की खुदाई के दौरान मिले 240 चांदी के सिक्के, मजदूर ने पुलिस को सौंपे

दमोह 20 April, (एजेंसी): मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक मकान के निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान ब्रिटिश कालीन 240 सिक्के मिले हैं। ये सिक्के लगभग 136 साल पुराने हैं। बाद में मजदूर ने इन सिक्कों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में एक मकान निर्माण के लिए खुदाई का काम चल रहा था, इसी दौरान मजदूर हल्के अहिरवार को मौके से सिक्के मिले, वह सिक्के अपने घर ले गया मगर रात भर उसे नींद नहीं आई। आखिरकार उसने ये सिक्के पुलिस को सौंपने का फैसला किया।

कोतवाली थाने के प्रभारी विजय राजपूत ने संवाददाताओं को बताया कि बड़ापुरा क्षेत्र में रहने वाले हल्के अहिरवार ने पुलिस को ये सिक्के सौंपे हैं। उसने बताया है कि मंगलवार को मकान की खुदाई के दौरान उसे ये सिक्के एक मटके में मिले थे। पहले वह घर ले गया लेकिन बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के मुताबिक ये सिक्के विक्टोरिया रानी के कार्यकाल के हैं और बाजार में प्रति सिक्के की कीमत आठ सौ रुपये से ज्यादा की आंकी गई हैं। पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है।

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भारत आएंगे पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो, 4 महीने पहले PM Modi पर की थी विवादित टिप्पणी

नई दिल्ली 20 April, (एजेंसी): पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे। वह शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की गोवा में होने वाली मीटिंग में हिस्सा लेने आएंगे। यह मीटिंग 4 और 5 मई को होने वाली है। बिलावल भुट्टो जरदारी बीते 12 सालों में भारत का दौरा करने वाले पाकिस्तान के पहले विदेश मंत्री होंगे। आखिरी बार 2011 में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था। लेकिन पठानकोट हमले, उड़ी अटैक और फिर पुलवामा हमले जैसी घटनाओं के चलते दोनों देशों के रिश्ते निचले स्तर पर पहुंच गए थे। बीते कई सालों से दोनों देशों की लीडरशिप के बीच संवाद नहीं रहा है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। बताया गया है कि बिलावल के साथ अधिकारियों का एक डेलिगेशन भी भारत दौरे पर आएगा। इससे पहले दिसंबर 2022 में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके चलते उन्हें अपने ही देश में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। दरअसल संयुक्त राष्ट्र की बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को पालने-पोसने का आरोप लगाया था। जिसके जवाब में बिलावल भुट्टो ने पीएम मोदी पर विवादित बयानबाजी की थी।

बता दें कि शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) एक ताकतवर क्षेत्रीय फोरम है, जिसके सदस्यों में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान और ईरान के साथ ही मध्य एशिया के देश शामिल हैं। एससीओ की अध्यक्षता फिलहाल भारत के पास है और भारत की अध्यक्षता में इस साल एससीओ की बैठकें होनी हैं। इनमें एससीओ के सदस्य देशों के मुख्य न्यायाधीशों और विदेश मंत्रियों की बैठकें शामिल हैं।

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मुश्किलों में घिरे यो यो हनी सिंह, अपहरण और मारपीट के आरोप में केस दर्ज

मुंबई 20 April, (एजेंसी): यो यो हनी सिंह पर मुंबई में एक व्यक्ति का अपहरण करने की शिकायत दर्ज हुई है। विवेक रमन नाम के शख्स ने हनी सिंह और अन्य के खिलाफ मुंबई के बीकेसी पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है। एक इवेंट कंपनी के मालिक विवेक रमन ने हनी सिंह और अन्य पर अपहरण, उन्हें बंदी बनाकर रखने और मारपीट करने की शिकायत दर्ज करवाई है।

दरअसल इवेंट कंपनी के मालिक विवेक रमन ने हनी सिंह का मुंबई में फेस्टिवीना नामक कार्यक्रम बीकेसी में आयोजित कराया था, जो 15 अप्रैल को होना था। पैसे के लेनदेन में गड़बड़ी के चलते रमन ने शो को रद्द कर दिया जिसको लेकर दोनों में झगड़ा होन की बात कही जा रही है।

विवेक रमन ने आरोप लगाया है कि हनीं सिंह ने शो रद्द होने से नाराज होकर अपने साथियों के साथ उनसे मारपीट की और उनको किडनैप भी कर लिया। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि हनी सिंह ने उनको बंदी बनाकर रखा और मारपीट भी की।

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गऊ भारत भारती का आठवां सर्वोत्तम सम्मान समारोह संपन्न 

20.04.2023  –  भारत का प्रथम, गऊ वंश पर आधारित समाचारपत्र ‘गऊ भारत भारती’ द्वारा गोरेगांव (मुम्बई) के ट्रेन्टो प्रेक्षागृह में आयोजित आठवां सर्वोत्तम सम्मान समारोह मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मनोनीत राज्य मंत्री तरुण राठी, शिवसेना शिंदे गुट के उत्तर प्रदेश के प्रभारी विक्रम प्रताप सिंह, कामगार नेता व समूह संपादक अभिजीत राणे, प्रोफ़ेसर दीपक जुमानी, डक्टर मधुकर गायकवाड़, खादी ग्रामोउद्योग के पूर्व  उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाय.के बारामतिकर, डा. विनोद कोठारी की उपस्तिथि में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य आयोजक संपादक संजय अमान ने दीप प्रज्वलन के बाद सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा इस वर्ष के लिए गौसेवा, पत्रकारिता, समाजसेवा, चिकित्सा, लेेखन कला व अन्य विधा से जुड़े महानुभूतियों को शॉल और सम्मान चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया। इस वर्ष यह सम्मान गौसेवा के लिए, लेखिका सिल्विया फर्नांडीस को दिया गया, डॉ बिपिन सुले को शिक्षा के लिए डॉ भावना त्रिवेदी को होम्योपैथी चिकित्सा के लिए, प्रो. सौरभ बजाज को भगवत गीता के अध्यापन कार्य के लिए तथा कोचिंग के लिए दिया गया, सूर्यजी भीवाजी कांबले को बैंकिंग निवेश तथा समाज सेवा के लिए दिया गया।

फिल्म गीत लेखन के लिए शेखर अस्तित्व को, कविता लेखन के लिए गुजरात के दीपक देसाई ‘दीपक’ को दिया गया। पत्रकारिता के लिए अवनींद्र आशुतोष को, समाजसेवा और राजनीतिक सेवा के लिए भारत लिंबाचिया को, जैन समाज के भावेश दोसी को दिया गया। संगीत के क्षेत्र में प्रकाश तिवारी मधुर को यह सम्मान मिला।

इस आयोजन में ‘सर्वोत्तम सम्मान’ विक्रम प्रताप सिंह को उनके प्रताप फाऊंडेशन और उनके द्वारा किए जा रहे समाजसेवा तथा युवा राजनीतिज्ञ के तौर पर प्रदान किया गया उनको यह सम्मान मंच पर मौजूद तरुण राठी, अभिजीत राणे , प्रोफ़ेसर दीपक जुमानी, पूर्व उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाय. के बारामतिकर के हाथों प्रदान किया गया। इस वर्ष का यह ‘सर्वोत्तम सम्मान’ खादी ग्रामोउद्योग के पूर्व उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाय.के बारामतिकर, डॉ मधुकर गायकवाड़ को भी प्रदान किया गया उनको यह सम्मान श्री तरुण राठी के हाथों दिया गया।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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मानहानि केस में राहुल गांधी को झटका, कोर्ट ने खारिज की याचिका, अब हाईकोर्ट में करेंगे अपील

सूरत 20 April, (एजेंसी): सूरत की सत्र अदालत ने मोदी सरनेम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। राहुल गांधी ने दो साल की सजा पर रोक लगाने की अपील की थी। अब राहुल हाईकोर्ट में अपील करेंगे। अदालत ने अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में की गई टिप्पणी के लिए 23 मार्च को राहुल गांधी को दोषी ठहराया था, जहां उन्होंने कहा था कि मोदी उपनाम वाले सभी लोग चोर हैं। अदालत ने उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई, और उन्हें अगले दिन लोकसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया।

राहुल गांधी के वकीलों ने दो आवेदन दायर किए थे, एक मामले के निस्तारण तक जमानत के लिए और दूसरा अपील पर फैसला होने तक सजा को निलंबित करने के लिए। गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. चीमा ने तर्क दिया कि केवल एक पीड़ित व्यक्ति ही कानून के अनुसार मानहानि की शिकायत कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि भाषण तब तक मानहानि नहीं हो सकता जब तक कि इसे संदर्भ से बाहर न किया जाए।

मानहानि का मामला भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने दायर किया था, जिन्होंने दावा किया था कि गांधी के बयान ने मोदी उपनाम वाले सभी लोगों को बदनाम किया है। अदालत ने गांधी को आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत दोषी पाया था। राहुल गांधी ने दावा किया था कि एक सांसद के रूप में उनकी स्थिति के कारण ट्रायल कोर्ट ने उनके साथ कठोर व्यवहार किया है। चीमा ने सूरत की अदालत के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया, यह कहते हुए कि भाषण कोलार में दिया गया था।

अदालत ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया। इसका मतलब है कि उन्हें संसद सदस्य के रूप में बहाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने कानून के तहत स्वीकार्य अधिकतम सजा भी लागू की।

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जम्मू-कश्मीर के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

श्रीनगर 20 April, (एजेंसी): पिछले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में बारिश हुई, वहीं मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। सिस्टम कमजोर हो गया है, आज से वर्षा में धीरे-धीरे कमी आएगी।

मौसम विज्ञान (एमईटी) विभाग के एक अधिकारी ने कहा, अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। श्रीनगर में 7.9, पहलगाम में 2.6 और गुलमर्ग में माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

लद्दाख क्षेत्र में कारगिल में न्यूनतम तापमान माइनस 0.4 और लेह में माइनस 1.5 रहा। जम्मू में 18.5, कटरा में 16.2, बटोटे में 9.1, बनिहाल में 8.5 और भद्रवाह में 8.9 न्यूनतम तापमान रहा।

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विश्वभारती ने अमर्त्य सेन से 6 मई तक अतिरिक्त भूमि खाली करने को कहा

कोलकाता 20 April, (एजेंसी): विश्वभारती विश्वविद्यालय ने नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को अंतिम निष्कासन नोटिस जारी कर उन्हें पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में विश्वविद्यालय परिसर के भीतर 6 मई तक विवादित 13 डिसमिल जमीन खाली करने को कहा है।

सेन इस समय अमेरिका में हैं। 13 अप्रैल को बोलपुर में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस के हस्तक्षेप का आदेश देने के बावजूद विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने यह ताजा नोटिस जारी किया है।

सूत्रों के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री के वकील द्वारा दायर एक याचिका के बाद कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया था। इसमें भूमि के विवादित हिस्से को लेकर सेन के खिलाफ विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा संभावित बेदखली अभियान पर कानून और व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका व्यक्त की गई थी।

आदेश में कार्यपालक दंडाधिकारी ने शांति निकेतन थाना प्रभारी को तत्काल मामले के निस्तारण तक क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि विवाद 13 डिसमिल जमीन को लेकर है। इसकी शुरुआत तब हुई जब विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने सेन पर अवैध रूप से 1.38 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया, जो उनके 1.25 एकड़ के कानूनी अधिकार से अधिक है। हालांकि, नोबेल पुरस्कार विजेता ने इस आरोप का खंडन किया।

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कांग्रेस में नई जिम्मेदारियां मुसीबत का संकेत तो नहीं!

भोपाल 20 April, (एजेंसी) : सियासत में राजनेताओं को नई जिम्मेदारियां अमूमन उत्साहित कर देती हैं मगर मध्य प्रदेश की कांग्रेस द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों ने नेताओं को नाराज कर दिया है। इसके चलते ऐसा लगने लगा है कहीं यह नई जिम्मेदारी का बंटवारा कांग्रेस के लिए मुसीबत न बन जाए।

राज्य में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और कांग्रेस जमीनी जमावट में जुटी हुई है। एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह राज्य की 230 में से ऐसी 66 सीटों का दौरा कर रहे हैं जहां कांग्रेस लंबे अरसे से हारती आ रही हैं। इसी क्रम में पार्टी ने 16 प्रमुख नेताओं को चुनाव अभियान के मद्देनजर अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है।

राज्य में कुल 53 जिले हैं और यह 16 नेताओं के जिम्मे किए गए हैं। कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव, सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री अजय सिंह, जीतू पटवारी, तरुण भनोट, सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, कमलेश्वर पटेल, जयवर्धन सिंह, रामनिवास रावत, के पी सिंह, लाखन सिंह यादव और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन व फूल सिंह बरैया को दो से लेकर पांच जिलों तक की जिम्मेदारी सौंपी है।

जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जाने के बाद से इन नेताओं में खुशी नहीं है बल्कि नाराजगी नजर आ रही है। कई नेताओं ने तो अपनी आपत्ति भी दर्ज करा दी है। यह बात अलग है कि कोई भी नेता खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं मगर उन्हें जिलों के बंटवारे में भी सियासी बू नजर आ रही है।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि इसी साल लगभग छह महीने बाद विधानसभा चुनाव हैं और जिन नेताओं में जिलों का बंटवारा किया गया है और उन्हें जिस जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें से कई नेता तो खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं, वहीं संबंधित नेता का ज्यादा प्रभाव जिन क्षेत्रों में नहीं है वहां की उसे जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी हित में तो यह होता कि जनाधार वाले जो नेता हैं उन्हें उनके प्रभाव वाले क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी जाती, इससे पार्टी को ही लाभ होता।

कांग्रेस के गलियारे में तो इस बात को लेकर भी चर्चा है, क्या नेताओं के प्रभाव को कम करने के लिए उनके प्रभाव वाले क्षेत्र से दूर भेजा गया है या उनके चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से। इसके लिए उदाहरण भी दिए जा रहे हैं कि चंबल के नेता को विंध्य भेजा गया है, विंध्य के नेता को चंबल, निमाड़ मालवा के नेता को बुंदेलखंड। आखिर ऐसा क्यों किया गया और ऐसा करने के पीछे मंशा क्या है यह कांग्रेस के नेताओं की भी समझ से परे है।

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लू से तप रहा देश, डेंजर जोन में भारत का 90% हिस्सा- पूरी Delhi पर मंडरा रहा खतरा

नई दिल्ली 20 April, (एजेंसी) : भारत में गर्मी ने कहर बरपा रखा है। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में ‘लू’ लगातार और भी खतरनाक होती जा रही है। एक नई रिसर्च में कहा गया है कि देश का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा और पूरी दिल्ली लू के प्रभावों के ‘खतरे के क्षेत्र’ में है। जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में लगातार लू खतरनाक होती जा रही है।

बता दें, यह अध्ययन कैंब्रिज विश्वविद्यालय में रमित देबनाथ और उनके सहयोगियों द्वारा किया गया है। रिसर्च में कहा गया है कि ‘लू’ ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत की प्रगति को पहले की तुलना में ज्यादा बाधित किया है।

गौरतलब है रविवार को नवी मुंबई में महाराष्ट्र सरकार के एक पुरस्कार समारोह में लू की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई थी। लू की यह घटना अबतक की सबसे बड़ी दर्दनाक घटनाओं में से एक है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हाल ही में उत्तर-पश्चिम और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों को छोड़कर अप्रैल से जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की बात कही है।

1901 के बाद साल 2023 में सबसे गर्म फरवरी का अनुभव किया। हालांकि, मार्च में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जिससे तापमान सामान्य रहा। साल 2022 का मार्च अबतक का सबसे गर्म और 121 वर्षों में तीसरा सबसे सूखा वर्ष था। एक रिपोर्ट की माने तो देश में करीब 75 प्रतिशत कर्मचारी यानी लगभग 38 करोड़ लोग गर्मी की वजह से तनाव में रहते हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम राजीवन द्वारा वैज्ञानिक कमलजीत रे, एसएस रे, आरके गिरि और एपी डिमरी के साथ लिखे गए एक पेपर से पता चलता है कि लू ने भारत में 50 वर्षों में 17 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली है। यह पेपर साल 2021 में प्रकाशित हुआ था। इसमें बताया गया कि 1971-2019 तक देश में लू की 706 घटनाएं हुई हैं।

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सहयोग और टीम वर्क क्षेत्र में सरकारी विभागों के प्रयासों के परिणामों को बढ़ाने की कुंजी: एडीजी राजिंदर चौधरी

चंडीगढ़ 20 April, (एजेंसी)-प्रेस सूचना ब्यूरो, चंडीगढ़ द्वारा आज सेक्टर 6, चंडीगढ़ में यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में इंटर-मीडिया प्रचार समन्वय समिति (आईएमपीसीसी) की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त महानिदेशक (क्षेत्र) पीआईबी चंडीगढ़, राजेंद्र चौधरी ने की। IMPCC की बैठक विभिन्न विभागों के सदस्यों को उनकी योजनाओं और गतिविधियों के प्रभाव को बढ़ाकर उनकी गतिविधियों और पहलों को उजागर करने के लिए एक मंच प्रदान करने के लिए बुलाई गई है।

बैठक सरकारी पहलों के बारे में विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करती है और सर्वोत्तम मीडिया कवरेज देने का प्रयास करती है। प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइटों के माध्यम से जहां भी संभव हो सूचना और ग्राफिक्स के माध्यम से उनके कार्यक्रमों के लिए और क्षेत्र में स्थानीय और राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं पर प्रेस कॉन्फ्रेंस या मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्था करने में भी मदद करता है।

बैठक के दौरान राजिंदर चौधरी ने प्रेस सूचना ब्यूरो, चंडीगढ़ और केंद्रीय संचार ब्यूरो, चंडीगढ़ क्षेत्र के कामकाज पर प्रकाश डाला। चौधरी ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में सूचना और प्रसारण मंत्रालय, राज्य डीआईपीआर और केंद्र सरकार के विभागों की विभिन्न मीडिया इकाइयों के बीच अंतर-मीडिया संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने योजनाओं की बेहतर मीडिया कवरेज प्राप्त करने में सार्थक जानकारी और बेहतर मीडिया एकीकरण और तालमेल देने में विभागों के बीच सहयोग पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान, भाग लेने वाले सरकारी विभागों के नामित नोडल अधिकारियों से इनपुट लिया गया और विभिन्न कार्रवाई बिंदुओं और तौर-तरीकों पर भी काम किया गया और बेहतर दृश्यता और कवरेज और साथ ही फीडबैक रणनीतियों के निर्माण में सहायता के लिए सुझाव दिए गए। बैठक में अधिकतम स्थानीय भागीदारी को आकर्षित करने के लिए बेहतर संरचित तरीके से अपने प्रचार कार्यक्रमों को डिजाइन करके और जनता के बीच अधिक जागरूकता और सतर्कता पैदा करने के लिए जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए सफलता की कहानियों के माध्यम से योजनाओं को उजागर करने के लिए इस उद्देश्य को प्राप्त करने की रणनीति पर जोर दिया गया।

बैठक में कई केंद्रीय और राज्य विभागों ने भाग लिया और अपने प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए पीआईबी और सीबीसी के साथ अपनी पीआर और अन्य गतिविधियों को साझा किया। एनएसओ के आईएमपीसीसी सदस्यों ने एडीजी क्षेत्र श्री चौधरी और अन्य सदस्यों को प्रचार सामग्री के साथ टैगलाइन ‘विकास के लिए डेटा’ के साथ सम्मानित किया।

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नशा मुक्त भारत का निर्माण करेगी मोदी सरकार, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के राष्ट्रीय सम्मेलन में अमित शाह ने दोहराया संकल्प

नई दिल्ली 20 April, (एजेंसी)-केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे को आने वाली पीढियों और देश के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा है कि सरकार 2047 तक नशामुक्त भारत का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने बुधवार को यहां आयोजित राज्यों और संघशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा , “ नशामुक्त भारत आने वाली पीढ़ियों और देश के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज हम नशे के खिलाफ लड़ाई में एक ऐसे पड़ाव पर खड़े हैं कि यहां से दृढ़ संकल्प,सामूहिक प्रयासों, टीम इंडिया और व्यापक सरकार के अप्रोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो हमारी विजय निश्चित है।” गृह मंत्री ने इस मौके पर एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट (विशेष संस्करण), 2022 और नशामुक्त भारत – राष्ट्रीय संकल्प पुस्तिका का विमोचन भी किया।

उन्होंने देश में अवैध खेती की पहचान और उसे नष्ट करने के लिए ‘मैप ड्रग्स’– मोबाइल एप और वेब पोर्टल का शुभारंभ भी किया। गृह मंत्री ने एनसीबी इंदौर क्षेत्रीय इकाई के कार्यालय परिसर का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, केन्द्रीय गृह सचिव और एनसीबी के महानिदेशक एस एन प्रधान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अवैध खेती की पहचान के लिए एक एप लॉंच हुई है, एनसीबी की वार्षिक रिपोर्ट जारी हुई है और इसके साथ ही इंदौर के क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन हुआ है।

उन्होंने कहा कि ये सारे कदम नारकोटिक्स के खिलाफ हमारी लड़ाई को गति देने वाले साबित होंगे। श्री शाह ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां हमारे देश के विकास की नींव होती हैं और नारकोटिक्स इन पीढ़ियों को खोखला कर देता है और अगर देश के विकास की नींव ही खोखली हो, तो इस पर एक मज़बूत देश की रचना नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के साथ-साथ देश के अर्थतंत्र पर भी अपना दुष्प्रभाव डालता है। नारकोटिक्स की तस्करी देश के अर्थतंत्र के साथ-साथ नार्को टेरर के माध्यम से देश की सीमाओं और उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने का काम करती है।

शाह ने कहा कि दुनिया के कई देश नारकोटिक्स के खिलाफ लड़ाई हार चुके हैं लेकिन भारत आज एक ऐसे पड़ाव पर है कि इस लड़ाई को हम 130 करोड़ की आबादी वाले देश के संकल्प के साथ जीत सकते हैं। उन्होंने कहा ,“ इस लड़ाई को हारने के तीन कारण हो सकते हैं- ये लड़ाई सिर्फ सरकार की लड़ाई नहीं है, बल्कि पूरी जनता की लड़ाई है, ये किसी एक विभाग की लड़ाई नहीं है, बल्कि सभी को मिलकर समान तीव्रता के साथ इसे लड़ना है, और, अप्रोच में गलती, हमारा लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए कि जो ड्रग्स का सेवन करता है वो पीड़ित है और जो ड्रग्स का कारोबार करता है वो गुनहगार है और हमें उससे कठोरता के साथ निपटना चाहिए। शाह ने कहा कि ये तीन चीज़ें अगर हम कर लेते हैं तो हम निश्चित रूप से विजय प्राप्त कर लेंगे।”

उन्होंने कहा कि इसके लिए गृह मंत्रालय ने एक रणनीति बनाई है जिसके तीन बिंदु हैं-संस्थागत संरचना की मजबूती, सभी नार्को एजेंसियों का समन्वय और विस्तृत जन-जागरूकता अभियान। श्री शाह ने कहा कि टीम इंडिया और सरकारों के दृष्टिकोणों को हमें साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा , “ इस लड़ाई को दलगत राजनीति और पॉलिटिकल आइडियोलॉजी से ऊपर उठकर लड़ना होगा। राज्य में सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, ज़ीरो टॉलरेंस की अप्रोच के साथ सभी राज्य सरकारो को नशामुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ना होगा।”

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नशे के खिलाफ लड़ाई के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। वर्ष 2006-2013 के बीच कुल 1257 मामले दर्ज़ किए गए थे जो 2014-2022 के बीच 181 प्रतिशत बढ़कर 3544 हो गए। इसी अवधि में कुल गिरफ्तारी की संख्या 1363 के मुक़ाबले लगभग 300 प्रतिशत बढ़कर 5408 हो गई। वर्ष 2006-2013 के दौरान 1.52 लाख किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई थी जो 2014-2022 के बीच दोगुना बढ़कर 3.73 लाख किलोग्राम हो गई। वर्ष 2006-2013 के दरम्यान 768 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की गई थी जो 2014-2022 के बीच 25 गुना से अधिक बढ़ोतरी के साथ 22 हज़ार करोड़ रुपये हो गई। शाह ने कहा , “ हमें ‘बॉटम टू टॉप’ और ‘टॉप टू बॉटम’ के अप्रोच के साथ आगे बढ़ना होगा और नशे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना होगा। ” उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई कठिन ज़रूर है लेकिन हम सभी को 2047 में नशामुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्प करना होगा और आगे बढ़ना होगा।

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कोविड की टेंशन के बीच पीएमओ ने स्थिति की समीक्षा की, अस्पतालों को तैयार रहने का निर्देश

नई दिल्ली 20 April, (एजेंसी)-देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने बुधवार को तैयारियों के स्तर और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया की निगरानी के लिए समीक्षा बैठक की।

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, मिश्रा ने अधिकारियों को उप-जिला स्तर तक अस्पताल के बुनियादी ढांचे की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने कोविड-19 स्थिति की नियमित रूप से जांच करने और राज्यों को मार्गदर्शन देने के लिए सलाह को अपडेट करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

मिश्रा ने लोगों के बीच टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण की चल रही समय-परीक्षणित रणनीति को जारी रखने और कोविड उचित व्यवहार के पालन का भी आह्वान किया। बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण द्वारा एक प्रस्तुति दी गई, जहां उन्होंने वैश्विक कोविड-19 स्थिति का अवलोकन प्रदान किया।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत आठ राज्यों, केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और राजस्थान में अधिकांश मामलों के साथ कोविड-19 मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि देख रहा है।

स्वास्थ्य सचिव ने आगे कहा कि राज्यों को पहले ही सलाह दी जा चुकी है कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से किसी पूर्व अनुमोदन के बिना अपने स्तर पर निर्माताओं से सीधे कोविड वैक्सीन की आवश्यक खुराक की खरीद के लिए कदम उठा सकते हैं।

बैठक के दौरान बताया गया कि राज्यों के निजी अस्पताल भी सीधे निर्माता से ऐसे टीके खरीद सकते हैं। खरीदे गए इन टीकों को मौजूदा कोविड टीकाकरण दिशानिर्देशों के अनुसार प्रशासित किया जा सकता है।

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राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन, 23 अप्रैल से सभी कर सकेंगे दीदार

शिमला 18 April, (एजेंसी): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को शिमला के समीप छराबड़ा में राष्ट्रपति निवास में विकसित ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन किया। मशोबरा के समीप स्थित राष्ट्रपति निवास जिसे पूर्व में ‘प्रेसिडेंशियल रिट्रीट’ कहा जाता था, आगामी 23 अपै्रल से आगुंतकों एवं पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इससे अब पर्यटक तथा आमजन भी यहां का भ्रमण कर सकेंगे और ट्यूलिप गार्डन में स्ट्रांग, गोल्ड, डेनमार्क, वेलेमार्क, जम्बोपिंक और लैपटॉप जैसी ट्यूलिप की विभिन्न किस्मों का दीदार कर सकेंगे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति निवास के परिसर का भ्रमण किया तथा अन्य फूलों व पौधों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उद्घाटन के उपरांत राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल तथा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी ट्यूलिप गार्डन का भ्रमण किया। राष्ट्रपति निवास में नेचर ट्रेल और बागीचे भी 23 अप्रैल से प्रकृति प्रेमियों एवं यहां आने वाले अन्य लोगों के लिए खोल दिए जायेंगे। इसके लिए राष्ट्रपति भवन की अधिकारिक वेबसाइट https://visit.rashtrapatibhavan.gov.in/ पर ऑनलाइन बुकिंग करवाई जा सकती है।

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सूडान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक्शन में भारत, सऊदी-UAE ने बढ़ाया मदद को हाथ

नई दिल्ली 19 April, (एजेंसी): सूडान में हिंसा की स्थिति पर भारत करीबी नजर रखे हुए हैं और वहां खास तौर से भारतीयों की सुरक्षा को लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, यूएन जैसे विभिन्न देशों के संपर्क में है। इसकी कड़ी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिंसाग्रस्त सूडान की स्थिति पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नह्यान के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद कहा कि उन्होंने यूएई के अपने समकक्ष के साथ सूडान की स्थिति को लेकर चर्चा की। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नह्यान का सूडान की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए धन्यवाद। हमारा लगातार समन्वय मददगार है।’

विदेश मंत्री जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से भी बातचीत की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फहरान से अभी-अभी बात की। हम करीबी सम्पर्क कायम रखेंगे।’

इस बीच, सरकारी सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने जयशंकर को जमीन पर व्यवहारिक समर्थन प्रदान करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि भारत संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम कर रहा है, जिसकी सूडान में पर्याप्त उपस्थिति है।

सरकार से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘सूडान में सड़कों पर स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और इस अवस्था में आवाजाही बहुत जोखिम भरी होती है। हमारी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चत करना है, चाहे वे कहीं भी हों।’ वहीं भारतीयों की स्थिति के बारे में सवाल पर उन्होंने कहा कि सूडान के हालात पर विदेश मंत्रालय और दूतावास दोनों लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा चिंता को लेकर हमें विशिष्ट विवरण नहीं दे सकते।’

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में हमने एक समर्पित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। उन्होंने कहा, ‘हम खार्तूम में अपने दूतावास के साथ लगातार संपर्क में हैं और भारतीय समुदाय की स्थिति की नियमित रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। वहीं भारतीय दूतावास भी वॉट्सएप ग्रुप सहित कई तरीकों से भारतीय समुदाय और लोगों के संपर्क में है’

गौरतलब है कि सूडान में पिछले 6 दिन से देश की सेना और एक अर्धसैनिक समूह के बीच घातक संघर्ष जारी है, जिसमें कथित तौर पर करीब 100 लोग मारे जा चुके हैं। सूडान की राजधानी खार्तूम में जारी व्यापक हिंसा के बीच वहां भारतीय दूतावास ने सोमवार को जारी परामर्श में भारतीयों से घरों से बाहर नहीं निकलने व शांत रहने को कहा था। वहीं रविवार को दूतावास ने कहा था कि खार्तूम में गोली लगने से घायल हुए भारतीय नागरिक की मौत हो गई है।

खार्तूम में हिंसा शुरू होने के बाद जारी अपने दूसरे परामर्श में भारतीय मिशन ने कहा था, ‘ताजा जानकारी के आधार पर दूसरे दिन भी संघर्ष कम नहीं हुआ है। हम भारतीयों से आग्रह करते हैं कि वे जहां हैं, वहीं पर रहें और बाहर न निकलें।’ आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सूडान में करीब 4000 भारतीय रहते हैं।

सूडान की सेना ने अक्टूबर 2021 में तख्तापलट कर सत्ता पर कब्जा कर लिया था और तब से वह एक संप्रभु परिषद के माध्यम से देश चला रही है। सूडान पर नियंत्रण को लेकर देश की सेना तथा शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के बीच लगातार खींचतान जारी है।

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समलैंगिक विवाह मामले पर केंद्र का SC में एक और हलफनामा, सभी राज्यों को पक्षकार बनाने की मांग

नई दिल्ली 19 April, (एजेंसी): समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिए जाने को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने आज कोर्ट में नया हलफनामा दायर किया है।

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से सभी राज्यों को इस मामले में पक्षकार बनाने की मांग की है। केंद्र ने कहा कि यह मुद्दा राज्यों के विधायी क्षेत्र के भीतर आता है लिहाजा पहले उसे सुना जाना चाहिए।

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बिहार के सारण में सरकारी कर्मचारियों के दफ्तर में जींस पहनने पर रोक!

पटना 19 April, (एजेंसी): बिहार के सारण जिले के जिलाधिकारी ने कार्यालय में सभी सरकारी कर्मचारियों के जींस पहनने पर रोक लगा दी है। कर्मचारियों को पहचानपत्र गले में पहनने को भी कहा गया है, ताकि आसानी से उनकी पहचान की जा सके। उन्हें औपचारिक पोशाक पहनने और सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक काम के घंटों के दौरान कार्यालयों में रहने के लिए कहा गया है।

पहल का विचार कार्यालयों में कार्य संस्कृति को बदलना है।

जिलाधिकारी ने कहा कि वे विशेष विभागों का औचक निरीक्षण करेंगे और निर्देश की स्थिति जानने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग या वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को नए दिशानिर्देशों, विशेष रूप से ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है और कहा है कि उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाएगा।

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जदयू के पूर्व विधायक ने पुलिस अधिकारी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया

पटना 19 April, (Rns): जदयू की पूर्व विधायक पूनम देवी ने खगड़िया के पुलिस अधीक्षक अमितेश सिंह पर उनकी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। खगड़िया सदर से चार बार की विधायक और पूर्व विधायक रणधीर सिंह की पत्नी ने दावा किया कि वह एसपी द्वारा आवंटित बॉडीगार्ड से डरती हैं।

पूनम देवी ने आरोप लगाया, जिला एसपी मेरे खिलाफ मेरी हत्या की साजिश कर रहा है। उसने एक अंगरक्षक आवंटित किया है जो मेरा दुश्मन है। उसकी मौजूदगी से मैं असुरक्षित महसूस कर रही हूं। अंगरक्षक ठीक से ड्यूटी नहीं कर रहा है और जब मैं एसपी से शिकायत करती हूं, तो वह नहीं सुन रहा है। वह (अंगरक्षक) पिछले 72 घंटों से गायब है, लेकिन एसपी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। एसपी ने मेरे खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा, यह मुझे मारने के लिए खगड़िया एसपी की एक सुनियोजित साजिश है।

इससे पहले परबत्ता विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले जदयू विधायक संजीव कुमार ने भी पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे।

प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने पर एसपी ने पूनम देवी द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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दिल्ली की अदालत ने 2020 दंगों के मामले में पिता-पुत्र को दोषी करार दिया

नई दिल्ली 19 April, (एजेंसी): यहां की एक अदालत ने 2020 के उत्तरी-पूर्वी दिल्ली दंगों के एक मामले में पिता-पुत्र को दंगा और आगजनी के लिए दोषी ठहराया है और कहा है कि अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ उचित संदेह से परे आरोप साबित किए हैं।

मिथुन सिंह और उनके बेटे जॉनी कुमार के खिलाफ मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पुलस्त्य प्रमाचला कर रहे थे।

दोनों पर 25 फरवरी, 2020 को खजूरी खास में लेन नंबर 4 में कई संपत्तियों को आग लगाने वाली दंगाई भीड़ का हिस्सा होने का आरोप लगाया गया था।

न्यायाधीश ने कहा, मुझे लगता है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संदेह से परे यह साबित हो गया है कि वे उस भीड़ का हिस्सा थे, जिसने (शिकायतकर्ता शबाना खातून की) संपत्ति को जलाया था।

इस प्रकार, उन्हें धारा 147 (दंगा), 148 (दंगा, दंगा, एक घातक हथियार से लैस) 436 (घर को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से शरारत, आदि) भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैरकानूनी विधानसभा के प्रत्येक सदस्य को सामान्य वस्तु के अभियोजन में किए गए अपराध का दोषी) के तहत दोषी ठहराया जाता है।

अदालत ने 19 अप्रैल को हलफनामा दाखिल करने के लिए मामला पोस्ट किया, जिसके बाद सजा पर कार्यवाही शुरू होगी।

एएसजे प्रमाचला के अनुसार, जिन्होंने विभिन्न सार्वजनिक गवाहों के बयानों पर ध्यान दिया, एक विशिष्ट समुदाय की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साझा लक्ष्य के साथ एक गैरकानूनी सभा की स्थापना की गई थी।

न्यायाधीश के अनुसार, दंगाई भीड़ ने तोड़फोड़ और आगजनी की वारदातें भी कीं।

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आज से बुलेटप्रूफ फॉर्च्यूनर में चलने लगे सीएम धामी

देहरादून 19 April, (एजेंसी): इंटेलिजेंस इनपुट के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी फ्लीट में परिवर्तन किया है। मुख्यमंत्री ने आज से बुलेट प्रूफ फॉर्च्यूनर कार में सफर शुरू कर दिया है।

इससे पहले वह सामान्य तौर पर इनोवा कार से चलते थे। बुलेटप्रूफ कार फॉर्च्यूनर मुख्यमंत्री की फ्लीट में ही रहती थी। लेकिन इसके शीशे मूव ना होने के कारण इसमें सवार व्यक्ति किसी बाहरी व्यक्ति से बात नही कर सकता जबकि धामी विन्रम व मिलनसार स्वभाव के होने के कारण इसमें चलना पसंद नहीं करते थे।

ये फॉर्च्यूनर कार त्रिवेंद्र सरकार के दौरान आई थी जिसका उपयोग त्रिवेंद्र सिंह रावत कभी-कभी करते थे। वहीं तीरथ सिंह रावत जब मुख्यमंत्री बनकर आए तो उन्होंने इस कार से चलना बंद कर दिया और इनोवा से चलते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी भी इनोवा से ही चलते रहे, लेकिन अब इंटेलिजेंस की इनपुट के चलते मुख्यमंत्री को बुलेट प्रूफ कार में बैठना पड़ रहा है।

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नोएडा की पॉश सोसायटी में आवारा कुत्तों ने किया हमला, जान बचाकर भागी महिला

नोएडा 19 April, (एजेंसी): नोएडा के सेक्टर-78 में बने महागुन मॉडर्न सोसायटी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें आवारा कुत्तों ने अपने पालतू कुत्ते के साथ पार्क में टहल रही महिला पर हमला बोल दिया। महिला ने बड़ी मुश्किल से भाग कर अपनी जान बचाई। कुत्ते काफी देर तक उसका पीछा करते रहे और उसे काटने की कोशिश करते रहे।

महिला ने अपने कुत्ते को गोद में उठाया और काफी लंबी दौड़ लगाई। यह वीडियो मंगलवार शाम का बताया जा रहा है। वीडियो के मुताबिक, महागुन मॉडर्न सोसायटी में एक महिला अपने पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए सोसायटी के पार्क के अंदर गई थी जहां आवारा कुत्तों ने उसके कुत्ते पर हमला कर दिया

अपने कुत्ते को बचाने के प्रयास में महिला कुत्ते को गोद में उठाकर भागने लगी जिसके बाद आवारा कुत्तों ने उन पर भी हमला बोल दिया। यह पूरा वीडियो सोसायटी में ही रहने वाले किसी व्यक्ति ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। अब इस वीडियो पर काफी ज्यादा लोगों की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। लोग खुद को इन हाई राइज सोसायटी में भी सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वह बाहर निकले तो कैसे। आवारा कुत्तों की वजह से उन्हें हमेशा डर सताता रहता है।

बीते दिनों भी कुत्तों के काटने के कई मामले सामने आए थे जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण सक्रिय हुआ था और पालतू कुत्तों के आम लोगों को काटने पर जुमार्ना लगाने का प्रावधान भी किया गया था। लेकिन आवारा कुत्तों को लेकर कोई भी बड़ी योजना कारगर दिखाई नहीं दे रही है।

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बिहार में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, राजधानी पटना के स्कूलों के समय बदले

पटना 19 April, (एजेंसी): बिहार में पछुआ हवा और सूरज की तल्ख किरणों के कारण अप्रैल के महीने में ही अधिकतम तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड दिए हैं। राज्य के कई जिलों का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। तापमान में वृद्धि के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इस बीच, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना जताई है। इधर, लू के मद्देनजर पटना जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में परिवर्तन करने के निर्देश दिए हैं।

पटना जिला प्रशासन ने बढ़ती गर्मी के बीच बच्चों के स्कूल के समय में बदलाव किया है। पटना के जिलाधिकार चंद्र शेखर सिंह द्वारा मंगलवार को जारी आदेश के मुताबिक 19 अप्रैल से स्कूल का संचालन दिन के 10:45 तक ही होगा।

यह आदेश बढ़ते तापमान और विशेष रूप से दोपहर के समय अधिक गर्मी और इस कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो-तीन दिन तक यही स्थिति बनी रहेगी। केंद्र के मुताबिक, मंगलवार को प्रदेश के 18 जिलों में लू चली। दोपहर में बहुत कम लोग सड़कों पर निकल रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को पटना का अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सोमवार को यह 43.2 डिग्री सेल्सियस था। मंगलवार को बिहार के शेखपुरा का अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

बताया जाता है कि इससे पहले 2016 में अप्रैल महीने में पटना का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था।

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