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लोकसभा चुनाव नतीजों से नाराज बीएसपी प्रमुख मायावती

मुस्लिम समाज पर भड़कीं

बोलीं- आगे सोच-समझकर मौका देंगी

लखनऊ,05 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश के नतीजों ने सबको चौंका दिया।प्रदेश की सभी 80 सीटों पर हारने वाली बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की प्रमुख मायावती ने बुधवार को अपना संदेश जारी कर मुस्लिम समाज के प्रति नाराजगी जताई।

उन्होंने लिखा, दलित वर्ग खासकर मेरी जाति के लोगों ने अपना वोट बीएसपी को देकर मिशनरी भूमिका निभाई। पार्टी का खास अंग मुस्लिम समाज अभी भी पार्टी को ठीक से नहीं समझ पा रहा।

मायावती ने आगे लिखा, पार्टी ने मुस्लिम समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया था। ऐसी स्थिति में अब पार्टी इनको सोच समझकर ही आगे मौका देगी। ताकि पार्टी को भविष्य में इस बार की तरह भयंकर नुकसान न हो।

बता दें कि 2014-2019 चुनावों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली भाजपा को अधिकतर सीटों पर लोगों ने नकारा, वहीं कांग्रेस को फिर जीवनदान मिला। इंडिया गठबंधन ने करीब 6 सीटों पर और बीएसपी ने 17 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे।

प्रदेश की 80 सीटों में समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा को 33, कांग्रेस को 6, राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को 2, आजाद समाज पार्टी को 1 और अपना दल (सोनेलाल) को 1 सीट मिली।

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नवीन पटनायक ने ओडिशा के सीएम पद से दिया इस्तीफा

भुवनेश्वर,05 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद बुधवार को राज्यपाल रघुबर दास से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया।

सीएम पटनायक अपने दो दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में पहली बार विधानसभा में विपक्ष की बेंच पर बैठेंगे।

पटनायक बुधवार सुबह राज्यपाल के घर गए और अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की पटनायक के आवास पर एक बैठक हुई जिसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई।

पटनायक ने पहली बार 5 मार्च, 2000 को ओडिशा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। तब उनकी पार्टी अपने पिता और पूर्व सीएम बीजू पटनायक की लोकप्रियता पर सवार होकर सत्ता में आई थी।

नवीन पटनायक 24 साल तक सत्ता में रहने के बाद सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे। छठी बार मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना सत्ता विरोधी लहर के कारण चकनाचूर हो गया।

बीजद इस बार सिर्फ 51 सीटें ही हासिल कर पाई, जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव में उसे 112 सीटें मिली थीं।
भारतीय जनता पार्टी ने 147 सदस्यीय विधानसभा में 78 सीटें जीतकर बीजद से सत्ता छीन ली है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम पद से दिया इस्तीफा

राष्ट्रपति ने स्वीकार भी किया

नईदिल्ली,05 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। नरेंद्र मोदी बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह राष्ट्रपति भवन पहुंचे और उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा. राष्ट्रपति ने इसे स्वीकार कर लिया है और उन्हें कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहने को कहा है.

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें वह इस्तीफा सौंपते हुए नजर आ रहे हैं.  पीएम मोदी दिल्ली में एनडीए की होने वाली बैठक से पहले राष्ट्रपति मुर्मू को इस्तीफा सौंपा है.

दरअसल, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 294 सीटों के साथ बहुमत मिला है. ऐसे में एनडीए की सरकार बनने की प्रबल संभावना है. बीजेपी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला है. इस वजह से राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि कहीं एनडीए के सहयोगी दल उसे छोड़कर नहीं चले जाएं.

अगर ऐसे हालात बनते हैं तो एनडीए के लिए फिर से सत्ता में आना मुश्किल हो जाएगा. सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू चीफ नीतीश कुमार और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को लेकर हो रही है. हालांकि, दोनों ही नेताओं ने इशारों-इशारों में एनडीए के साथ होने की बात कही है.

दिल्ली में बुधवार को एनडीए की बैठक हो रही है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए इसके सभी सहयोगी दलों के प्रमुख नेता पहुंच रहे हैं. नीतीश कुमार भी दिल्ली पहुंच चुके हैं. चंद्रबाबू नायडू भी पहुंचने वाले हैं. इस बैठक में सरकार बनाने और आगे की रणनीति की बैठक पर चर्चा होने वाली है. बीजेपी पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही है कि सरकार बनने वाली है. इस वजह से ही 7 जून को संसद भवन में एनडीए के सभी सांसदों की बैठक बुलाई गई है.

पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक की शुरुआत सुबह 11.30 बजे हुई, जिसमें चुनावी नतीजों की समीक्षा करने के साथ ही सरकार गठन की संभावित रूपरेखा पर विचार विमर्श किया गया. समाचार एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने मौजूदा लोकसभा को भंग करने की सिफारिश की. इस पर गहन चर्चा के बाद ही पीएम मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंचे हैं.

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उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से मनोज तिवारी जीते

कांग्रेस के कन्हैया कुमार को दी शिकस्त

नईदिल्ली,04 जून(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से मनोज तिवारी ने चुनाव जीत लिया है. हालांकि आधिकारिक पुष्टी होनी अभी बाकी है. मनोज तिवारी ने कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को लाखों वोट से शिकस्त दी है.

दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से नॉर्थ ईस्ट दिल्ली ही ऐसी एकमात्र सीट है जहां से भाजपा ने अपने किसी सीटिंग एमपी को टिकट दिया है. इस इलाके में बिहार और उत्तर प्रदेश आए मजदूरों की काफी संख्या है.

इसलिए कांग्रेस ने पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया कुमार को चुनावी मैदान में उतारा है. छठे फेज में 25 मई को यहां वोटिंग कराई गई थी.

2019 में बीजेपी इस सीट पर 3 लाख से ज्यादा वोटों से जीती थी. मनोज तिवारी को 53.86 फीसदी वोट मिले थे. तिवारी को कुल 7 लाख 87 हजार 799 वोट मिले. कांग्रेस की प्रत्याशी शीला दीक्षित को 28.83 फीसदी वोट मिले. शीला को 4 लाख 21 हजार 697 वोट मिले. वहीं आम आदमी पार्टी को केवल 13.05 फीसदी वोट मिले थे.

इस सीट पर कुल वोटर्स की संख्या 23 लाख 81 हजार 442 है. नॉर्थ ईस्ट दिल्ली का इलाका राष्ट्रीय राजधानी का सबसे बड़ा जिला है.  रिपोर्ट के मुताबिक यहां पर अनुसूचित जाति के 16.3 फीसदी लोग निवास करते हैं.

इलाके में 20.74 फीसदी मुस्लिम, 11.61 फीसदी ब्राह्मण, 4.68 फीसदी बनिया, 4 फीसदी पंजाबी, 7.57 फीसदी गुर्जर और 21.75 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग रहते हैं.

कन्हैया के लिए दिल्ली की लड़ाई नई थी. इससे पहले 2019 में उन्होंने बिहार के बेगूसराय के सीट से लोकसभा लड़ा था. भाजपा नेता गिरिराज सिंह से हार का सामना करना पड़ा था. गिरिराज सिंह ने कन्हैया कुमार को 4 लाख से अधिक वोटों से हरा दिया था.

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कंगना रनौत ने74 हजार से ज्यादा वोटों से जीती मंडी सीट

मंडी (हिमाचल प्रदेश),04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉलीवुड की क्वीन और भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत ने मंगलवार को मंडी संसदीय क्षेत्र में पूर्व राजपरिवार के वंशज तथा कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह के खिलाफ 74 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है।
कंगना को 5,37,022 मत मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे सिंह को 4,62,267 मद मिले हैं।

राज्य के सबसे कठिन और लगभग दो-तिहाई क्षेत्र को कवर करने वाले इस विशाल निर्वाचन क्षेत्र में विरासत और स्टारडम के बीच टकराव देखने को मिला।

इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले प्रतिभा सिंह करती थीं, जो विक्रमादित्य की मां हैं। वह मंडी से तीन बार सांसद रह चुकी हैं। इस परिवार का तत्कालीन क्योंथल राज्य के शाही परिवार से संबंध हैं।

उन्होंने फिर से मैदान में उतरने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विक्रमादित्य के नाम का प्रस्ताव रखा था क्योंकि उनका मानना था कि वह युवा, ऊर्जावान और अच्छे वक्ता हैं, जिनका युवाओं पर प्रभाव है और वह कंगना के लिए एक अच्छी चुनौती पेश करेंगे।

मंडी में एक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की आकांक्षाओं और महिला सशक्तीकरण के महत्व के बारे में बात की।

उन्होंने कहा, कांग्रेस अभी 21वीं सदी में नहीं पहुंची है। लोग प्रगति कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस विपरीत दिशा में बढ़ रही है। यह 20वीं सदी की ओर वापस जा रही है। कांग्रेस का शाही परिवार बेटियों के सख्त खिलाफ है। पूरी कांग्रेस घोर महिला विरोधी है। लेकिन हिमाचल में मेरे परिवार के लिए, मेरी बात ध्यान से सुनो और अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा दो।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने बताया कि पहाड़ी राज्य से ताल्लुक रखने वाली कंगना को काफी हद तक अपने समृद्ध पारिवारिक राजनीतिक विरासत पर निर्भर विक्रमादित्य पर बढ़त है, क्योंकि उन्होंने काफी पहले ही चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच वाक्-युद्ध भी हुआ जो व्यक्तिगत हो गया, जैसे छोटा पप्पू और बीफ खाने वाला।

दो बार के विधायक विक्रमादित्य (35) जिन्होंने 37 वर्षीय कंगना को अपनी बड़ी बहन बताया, सुखविंदर सिंह सुखू के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री हैं, जबकि कंगना ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की है।

मंडी से राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति और भाजपा नेता जय राम ठाकुर का गृह जिला है। अधिकांश चुनावी सभाओं और प्रचार के दौरान वह कंगना के साथ ही थे।

ठाकुर, जिन्होंने 1998 में विधानसभा चुनाव लड़ा था और तब से लगातार सभी छह विधानसभा चुनावों में भारी अंतर से जीत हासिल की, 2013 में मंडी संसदीय उपचुनाव में वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह से 1.36 लाख वोटों से हार गए थे।

कंगना हमीरपुर शहर के पास भांबला गांव की रहने वाली हैं, जो राज्य की राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर दूर है।
मनाली के खूबसूरत पर्यटन स्थल में उनका एक कॉटेज है, जो मंडी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।

अपनी चुनावी सभाओं में, पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर, जिनका ध्यान मंडी सीट पर जीत सुनिश्चित करने पर था, ने कई बार कहा, कंगना मंडी की बेटी हैं, जिसे छोटी काशी कहा जाता है। उन्होंने फिल्म उद्योग में हिमाचल और मंडी का नाम रोशन किया है।

ऐतिहासिक रूप से, मंडी निर्वाचन क्षेत्र ने पूर्ववर्ती रियासतों के वंशजों का समर्थन किया है, जिसने 1952 से दो उपचुनावों सहित 19 में से 13 चुनावों में राजाओं को चुना है।

राम स्वरूप शर्मा की मृत्यु के कारण आवश्यक 2021 के मंडी उपचुनाव में, भाजपा ने ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) को खड़ा किया था, जो एक सम्मानित अधिकारी थे, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन अपने पति वीरभद्र सिंह के निधन के बाद सहानुभूति लहर में प्रतिभा सिंह की जीत हुई।

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लोकसभा चुनाव 2024: केरल में पहली बार भाजपा ने जीती सीट

त्रिशूर,04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आना शुरू हो गए हैं। शुरूआती रूझान में भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और इंडिया के बीच कड़ी टक्कर दिख रही है।

इस बीच केरल से चौंकाने वाली खबर आ रही है। यहां त्रिशूर लोकसभा सीट से भाजपा पहली बार प्रवेश करने जा रही है। भाजपा उम्मीदवार सुरेश गोपी ने कम्युनिस्ट पार्टी वीएस सुनील कुमार को हरा दिया है।कांग्रेस के मुरलीधरन तीसरे स्थान पर।

1952 में त्रिशूर लोकसभा सीट अस्तित्व में आने के बाद से यहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों का कब्जा रहा है। यहां 7 बार कांग्रेस और 10 बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद रहे हैं।2014 में कम्युनिस्ट पार्टी के सीएन जयदेवन ने चुनाव जीता था। इसके बाद 2019 में कांग्रेस के टीएन प्रतापन ने वामदल के राजाजी मैथ्यू थॉमस को हराया।यह पहला मौका होगा, जब सीट पर भाजपा का कोई सदस्य जीता।

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बारामूला से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी)उमर अब्दुल्ला को मिली हार

निर्दलीय प्रत्याशी ने दी मात

लोकसभा चुनाव परिणाम 2024

श्रीनगर,04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2024 की सबसे अहम सीटों में शुमार जम्मू-कश्मीर के बारामूला लोकसभा क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उम्मीदवार और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एकतरफा मुकाबले में हार झेलनी पड़ी है।उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी और टेरर फंडिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद अब्दुल राशिद शेख ने 1,28,978 वोटों से हराया है।बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में इस सीट से एनसी के ही मोहम्मद अकबर लोन ने 1,33,426 वोटों से चुनाव जीता था।

इस सीट पर 1957 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शेख मोहम्मद अकबर ने जीत हासिल की थी। उसके बाद 1971 तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पास ही रही।1977 से 1989 तक यहां एनसी के उम्मीदवारों ने लगातार जीत हासिल की।इसके बाद 1996 में फिर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने वापसी की, लेकिन 1998 से 2009 तक फिर से एनसी उम्मीदवारों ने जीत का परचम लहराया।इसके बाद 2014 में पीडीपी और 2019 में एनसी के उम्मीदवार जीते।

अब्दुल्ला ने 2009 के बाद पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा हैं। उन्होंने 1998 में श्रीनगर से 28 वर्ष की उम्र में लोकसभा चुनाव जीता था। वह सबसे कम उम्र के सांसद बने थे।इसके बाद 1999 में वह दोबारा लोकसभा पहुंचे और 13 अक्टूबर, 1999 को उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।22 जुलाई, 2001 को उन्हें केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री बनाया गया। हालांकि, 23 दिसंबर, 2002 को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया।

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प्रियंका गांधी ने केएल शर्मा को अमेठी जीतने पर बधाई दी

लखनऊ,04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2024 का परिणाम आना शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश की चर्चित अमेठी सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार और गांधी परिवार के खास केएल शर्मा ने भाजपा की मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी को हरा दिया है।

इस पर प्रियंका गांधी ने शर्मा के साथ अपने पुराने दिनों की एक तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर लिखा, किशोरी भैया, मुझे कभी शक नहीं था, मुझे यकीन था कि आप जीतोगे। आपको और अमेठी के प्यारे भाइयों-बहनों को हार्दिक बधाई!

चुनाव आयोग के मुताबिक, शर्मा को 3 लाख से ज्यादा वोट मिले हैं, जबकि ईरानी ढाई लाख का आंकड़ा पार नहीं कर पाई हैं।शर्मा ईरानी से 88,000 वोट से आगे चल रहे हैं। मतगणना पूरी होने तक आंकड़ा बढ़ सकता है।

बता दें, शर्मा गांधी परिवार के काफी खास हैं और अमेठी से उनका पुराना जुड़ाव है।अभी तक रूझनों से पता चल रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को इंडिया गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है।

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सभी पांच सीटें जीतने से हमारा मनोबल बढ़ा : चिराग पासवान

पटना,04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। अब तक सामने आए रुझानों में एक बार फिर देश में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। एनडीए ने बहुमत (272) का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि इंडिया गठबंधन भी 230 से ज्यादा सीटों पर आगे है।

इस बीच चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को रुझानों में बंपर फायदा हुआ है। इस चुनाव में चिराग पासवान ने जमुई लोकसभा सीट छोड़कर हाजीपुर से चुनाव लड़ा है। वह इस सीट पर जीत के करीब हैं।

चिराग पासवान ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि बिहार की जनता ने पूरी तरह से विश्वास किया है। मेरे लिए डबल खुशी की बात है। सौ प्रतिशत स्ट्राइक रेट हम फिर से बनाने जा रहे हैं।

हमारी पार्टी के पांच में से पांच सीटें जीतना हमारे मनोबल को बढ़ाता है। इसका श्रेय हमारे गठबंधन में शामिल हर एक पार्टी के कार्यकर्ता को जाता है। जीत का श्रेय गठबंधन के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।

इससे पहले चिराग पासवान ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया, फिर एक बार – मोदी सरकार! पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) मजबूती के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एनडीए पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। देश को पुन: तीसरी बार एक मजबूत और सशक्त सरकार मिलने जा रही है।

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कल्पना सोरेन ने गांडेय विधानसभा उपचुनाव में जीत की दर्ज

रांची,04 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने गिरिडीह जिले के गांडेय विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की है. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के दिलीप कुमार वर्मा को करीब 26 हजार मतों से पराजित किया है.

मतगणना पूरी कर ली गई है. लेकिन, यहां चुनाव आयोग ने परिणाम की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है. गांडेय सीट 1 जनवरी को विधायक डॉ. सरफराज अहमद के इस्तीफे से खाली हुई थी.

शुरुआती छह राउंड की गिनती में कल्पना सोरेन पिछड़ गई थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार बढ़त हासिल की. कल्पना सोरेन ने पति हेमंत सोरेन के 31 जनवरी को जेल जाने के बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा है. राजनीति में उनकी औपचारिक तौर पर एंट्री चार मार्च को गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली के साथ हुई.

कल्पना सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा में फिलहाल किसी ओहदे पर नहीं हैं. इसके बावजूद लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान वह न सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि इंडिया गठबंधन की ओर से राज्य में सबसे बड़ी स्टार प्रचारक के रूप में उभरकर सामने आईं.

रांची में 21 अप्रैल को इंडिया गठबंधन की ओर से साझा तौर पर बड़ी रैली हुई और इसके बाद वह राज्य में गठबंधन का सबसे बड़ा चेहरा बन गईं. उन्होंने राज्य के सभी 14 लोकसभा क्षेत्रों में गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभाएं की और एक तरह से ढाई महीने के भीतर राज्य का चप्पा-चप्पा छान डाला.

पार्टी की ओर से उन्हें हेलीकॉप्टर मुहैया कराया गया, जिससे वह एक दिन में तीन-चार रैलियों में शामिल होती रहीं. कल्पना सोरेन ने चुनावी जनसभाओं में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने आदिवासियों, महिलाओं, युवाओं के लिए सरकार के कामकाज का ब्योरा अपने अंदाज में पेश किया. उन्होंने अपने भाषणों में केंद्र की सरकार और भाजपा को भी निशाना बनाया.

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असम में बाढ़ का कहर, 10 जिलों में 6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

गुवाहाटी,02 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। असम में बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और 10 जिलों में छह लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया, जिससे कई क्षेत्रों में प्रभावित हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया,कोपिली, बराक और कुशियारा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. बाढ़ के कारण हैलाकांडी होजाई, मोरीगांव, करीमगंज, नागांव, कछार, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग पश्चिम और दीमा हसाओ जिलों में कुल 6,01,642 लोग प्रभावित हुए हैं.

अधिकारियों ने बताया कि 28 मई से अब तक बाढ़ और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. नागांव सबसे अधिक प्रभावित जिला है जहां 2.79 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए जबकि होजाई में 1,26,813 और कछार में 1,12,265 लोग प्रभावित हुए हैं.

राज्य में 40,000 से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों द्वारा बचाव और राहत अभियान चलाया जा रहा है.

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में सड़क और रेल संपर्क बाधित हो गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि न्यू हाफलोंग के चंद्रनाथपुर खंड में पटरी को हुए नुकसान और सिलचर स्टेशन पर जलभराव के कारण शनिवार से सोमवार तक कम से कम 10 ट्रेन रद्द कर दी गईं.

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अरुणाचल प्रदेश में फिर बनी भाजपा की सरकार

विधानसभा चुनाव

सिक्किम में एसकेएम की प्रचंड जीत

नईदिल्ली,02 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आ गए हैं।सिक्किम में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) ने 32 में से 31 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की है, जबकि विपक्षी पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) को मात्र एक सीट पर जीत नसीब हुई है।अरुणाचल प्रदेश में भाजपा 46 सीटें जीतकर दोबारा से सत्ता में बनी रहने में कामयाब रही है। नेशनल पीपुल्स पार्टी को 5 सीटों पर जीत मिली है।

सिक्किम के मुख्यमंत्री और एसकेएम उम्मीदवार प्रेम सिंह तमांग ने रेनॉक विधानसभा सीट से 7,044 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने एसकेएफ को सोमनाथ पोड्याल को हराया।बारफुंग सीट से एसडीएफ उम्मीदवार और भारतीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ी रहे बाइचुंग भूटिया एसकेएम के रिक्शल दोरजी भूटिया से हार गए हैं।सांघा सीट से एसकेएम के सोनम लामा ने भाजपा के सेतेन ताशी भूटिया को करीब 700 वोटों से हरा दिया है।

सिक्किम में एसडीएफ के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने 2 सीटों पर चुनाव लड़ा था और वे दोनों हार गए हैं।नामचेबुंग सीट पर उन्हें एसकेएम के राजू बासनेट ने 2,256 वोटों से हरा दिया है। पोकलोक-कामरांग सीट पर उन्हें एसकेएम के ही भोज राज राय ने 3,063 वोटों से शिकस्त झेलनी पड़ी है।बता दें कि चामलिंग के नाम सबसे लंबे समय तक सिक्किम के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है।
अरुणाचल में एनपीईपी को 5, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 3, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल  को 2, कांग्रेस को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को 3 सीटों पर जीत मिली है।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू मुक्तो सीट पर पहले ही निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं। उप मुख्यमंत्री चौना मीन भी चौखाम सीट से पहले ही निर्विरोध जीत चुके हैं।पासीघाट पश्चिम से भाजपा के निनॉन्ग एरिंग और तवांग से एनपीपी के नामगे सिरंग ने जीत दर्ज की है।भाजपा ने बोमडिला, चौखाम, ह्युलियांग, ईटानगर, मुक्तो, रोइंग, सागली, ताली, तलिहा और जीरो हापोली सहित 10 सीटें पहले ही निर्विरोध जीत ली हैं।

पिछले चुनावों में सिक्किम में एसकेएम ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी और एसडीएफ को 15 सीटें मिली थीं।इसके बाद तमांग पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 24 साल से भी ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहे चामलिंग को सत्ता से बाहर कर दिया था।2014 के चुनावों में एसकेएम ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी और राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

2019 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 41 सीटें जीती थीं और पेमा खांडू फिर से मुख्यमंत्री बने थे।कांग्रेस ने केवल 4 सीटें जीतीं, जबकि जनता दल यूनाइटेड  ने 7 और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने 5 सीटें जीती थी।2 सीट पर निर्दलीय और एक पर अरुणाचल पीपुल्स पार्टी विजयी हुई थी।अरुणाचल प्रदेश की 60 सीटों में से बहुमत के लिए 31 पर जीत जरूरी है।

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सुप्रीम कोर्ट पहुंची आम आदमी पार्टी की सरकार

दिल्ली में पानी का भारी संकट

नई दिल्ली,31 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक तरफ जहां पानी की किल्लत से लोग बेहाल हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर जारी सियासी बयानबाजी भी हो रही है।

बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों ही इसे लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इसी बीच, दिल्ली सरकार पानी की किल्लत को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

केजरीवाल सरकार ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और यूपी से पानी देने की मांग की है।

दिल्ली सरकार की ओर से यह याचिका ऐसे वक्त में दाखिल की गई है जब मंत्री आतिशी ने पिछले दिनों बीजेपी शासित हरियाणा पर दिल्ली के हिस्से का पानी रोके जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा था कि हरियाणा सरकार राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर उसके हिस्से का पानी यमुना नदी से नहीं छोड़ रही है, जिससे दिल्लीवासियों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है।

आतिशी द्वारा लगाए गए इस आरोप के बाद बीजेपी की ओर से मोर्चा संभालते हुए दिल्ली बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल सरकार की लापरवाही की वजह से आज दिल्लीवासियों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। हर साल गर्मी का मौसम आते ही ‘समर एक्शन प्लान’ तैयार किया जाता है।

सचदेवा ने आगे कहा था, आमतौर पर इसकी बैठक मार्च में होती थी, लेकिन अफसोस इस बार ना ही ऐसा कोई ‘समर एक्शन प्लान’ तैयार किया गया और ना ही कोई बैठक हुई। केजरीवाल सरकार अपनी राजनीतिक खींचतान में इस कदर व्यस्त रही कि उसने दिल्ली की जनता के हितों पर कुठाराघात कर दिया। आज उसी का नतीजा है कि दिल्लीवासी जल संकट से बेहाल हैं।

आतिशी द्वारा हरियाणा सरकार पर पानी ना देने के आरोप पर वीरेंद्र सचदेवा ने यह भी कहा कि हरियाणा दिल्ली सरकार को ज्यादा 1049 क्यूसेक पानी दे रहा है। बीते दिनों गुरुवार को दिल्ली में जारी जल संकट के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने आतिशी के आवास के सामने ‘मटका फोड़’ प्रदर्शन किया था।

हालांकि, बीते दिनों आतिशी ने स्पष्ट कर दिया था कि दिल्ली सरकार जल संकट से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, इसके लिए हमने वाटर वार रूम तैयार किए हैं। इसके अलावा, अगर दिल्ली के लोग चाहें तो 1916 नंबर पर फोन कर अपने लिए वाटर टैंकर मंगवा सकते हैं।

वहीं दिल्ली में जारी जल संकट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, जल संकट को लेकर मैं देख रहा हूं कि हमारे बीजेपी के कुछ साथी सियासत कर रहे हैं।

मेरी उन लोगों से विनती है कि वो ऐसा करने से बचें। इसके बजाए हम लोग एकजुट होकर इस समस्या का समाधान करें। दिल्ली में इस समय बहुत गर्मी है। लू भी चल रही है। ऐसे में अगर हम इससे निपटना चाहते हैं, तो हमें एकजुट होना होगा। तभी हम इस स्थिति को पार कर सकेंगे।

उधर, मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में इस समय लू चल रही है। गर्मी के सितम से लोग बेहाल हैं। ऐसी सूरत में जल और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम हो जाती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सचिव एसबी दीपक कुमार व जल विभाग के सीईओ अंबरासू छुट्टी पर चले गए हैं।

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दिल्ली-फ्रांसिस्को की एयर इंडिया उड़ान 8 घंटे लेट

विमान में बिना एसी बैठे यात्री बेहोश हुए

नईदिल्ली,31 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान गुरुवार को 8 घंटे लेट हो गई। इस दौरान विमान में बैठे यात्री बेहोश होने लग गए।विमान गुरुवार को दोपहर 3:20 बजे दिल्ली से उड़ान भरने वाला थी, लेकिन 8 घंटे देर हो गई। इस दौरान यात्रियों को बिना एसी के विमान में बैठा दिया गया।जब गर्मी से यात्री परेशान होने लगे तब उनको विमान से उतारा गया। उड़ान की देरी का कारण नहीं बताया गया है।

 


एक महिला पत्रकार ने एयर इंडिया की अव्यवस्था को तस्वीर के साथ एक्स पर साझा किया, जिसमें यात्री फर्श पर बैठे दिख रहे हैं।पत्रकार ने नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग कर लिखा, उड़ान संख्या एआई183 आठ घंटे लेट थी और लोगों को विमान में बिना एसी के बैठाए रखा गया। हालांकि, कुछ लोगों के बेहोश हो जाने के बाद यात्रियों को उतारा गया। यह अमानवीय है।अन्य कई यात्रियों ने भी अव्यवस्था की तस्वीरें साझा की हैं।

जनवरी में कोहरे के कारण उड़ानों के रद्द होने और देर से उडऩे पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने निर्देश जारी कर एयरलाइंस को यात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करने को कहा था।

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लोकसभा चुनाव के दौरान आयकर विभाग की कार्रवाई

जब्त की 1100 करोड़ रुपये की नकदी और जेवर

नईदिल्ली,31 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा चुनाव के दौरान आयकर विभाग ने ताबड़तोड़ छापेमापी कर अब तक सैकड़ों करोड़ की नकदी और आभूषण जब्त किए हैं. सूत्रों के मुताबिक, 30 मई की शाम तक आयकर विभाग ने लोकसभा चुनाव के दौरान 1100 करोड़ रुपये की नकदी और जेवर जब्त किए हैं. जो 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 182 प्रतिशत अधिक है. बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस तरह की कार्रवाई करते हुए 390 करोड़ रुपये की नकदी और गहने जब्त किए थे.

बता दें कि चुनाव आयोग ने इस साल 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था. इसके बाद ही देशभर में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी. उसके बाद से आयकर विभाग ने एक तय सीमा से अधिक की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण ले जाने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था. तब से लेकर अब तक आयकर विभाग ने 1100 करोड़ रुपये की नकदी और जेवर जब्त कर लिए. जो संभावित रूप से मतदाताओं को प्रभावित कर सकते थे.

सूत्रों के अनुसार, सबसे अधिक जब्ती के मामले में राजधानी  दिल्ली और कर्नाटक में सामने आए हैं. जहां प्रत्येक राज्य में 200 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और आभूषण जब्त किए गए हैं. वहीं दूसरे स्थान पर तमिलनाडु रहा, जहां 150 करोड़ रुपये की जब्ती हुई. इसके बाद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में सामूहिक रूप से 100 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और आभूषण जब्त किए गए हैं.

बता दें कि भारत के चुनाव आयोग ने 16 मार्च को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा की, इसी के साथ देशभर में 16 मार्च से आचार संहिता लागू हो गई. दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जो आंदोलन की निगरानी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. बता दें कि नकदी, शराब, मुफ्त वस्तुएं, ड्रग्स, आभूषण और अन्य वस्तुएं जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हैं.

प्रत्येक राज्य ने नकदी की अवैध आवाजाही की जांच करने के लिए 24&7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं, जिसका उपयोग राजनेताओं द्वारा चुनावों में किया जा सकता है. एमसीसी सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर लागू होता है, जिसका उद्देश्य अनैतिक प्रथाओं को रोकना और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना है.

बता दें कि चुनाव की आचार संहिता के दौरान कोई भी व्यक्ति 50,000 रुपये से अधिक नकदी या 10,000 रुपये से अधिक मूल्य की नई वस्तुएं बिना किसी सहायक दस्तावेज़ के ले जाते हुए पाए जाता है. उसे आयकर विभाग जब्त कर लेता है. यदि व्यक्ति यह साबित करने वाले वैध दस्तावेज़ प्रदान करता है कि  सामान का चुनाव से कोई संबंध नहीं है तो उसे वापस कर दिया जाएगा. हालांकि, यदि जब्त की गई नकदी 10 लाख रुपये से अधिक है, तो इसे आगे की जांच के लिए आयकर विभाग को भेज दिया जाएगा.

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एक्ट्रेस रितुपर्णा सेनगुप्ता को जांच एजेंसी ने किया तलब

मुलाकात की तारीख तय

राशन वितरण घोटाला

कोलकाता,31 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बंगाली अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. पश्चिम बंगाल में कथित राशन वितरण घोटाले पर प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को उन्हें क समन जारी किया है. इस सिलसिल में उन्हें आगामी 5 जून को अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा है.

मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि, अभिनेत्री सेनगुप्ता को कोलकाता में एजेंसी के कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. उन्हें 5 जून तक का वक्त दिया है.

मालूम हो कि, रोज़ वैली चिट फंड घोटाले के मामले में सेनगुप्ता से 2019 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ की गई थी.

जहां एक ओर ईडी के रितुपर्णा सेनगुप्ता को समन के बाद एक भार फिर वह खबरों में है, तो वहीं दूसरी ओर इस मामले में लोगों को उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है. हालांकि फिलहाल तक इसे लेकर उनकी ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.

वहीं अबतक मिली जानकारी के मुताबिक, भिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता इस वक्त भारत में मौजूद नहीं है. वह किसी निजी कारण के चलते अमेरिका में हैं.

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प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक पहुंचते ही गिरफ्तार किया गया

बेंगलुरु,31 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महिलाओं से यौन उत्पीडऩ के आरोपी कर्नाटक के हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना को शुक्रवार तड़के बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया गया।रेवन्ना गुरुवार को जर्मनी के म्यूनिख से बेंगलुरु के लिए रवाना हुए थे।

इंटरपोल से सूचना मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी), आवज्रन अधिकारी और बेंगलुरु पुलिस हवाई अड्डे पर तैनात थे। एसआईटी के अनुरोध पर इंटरपोल ने रेवन्ना के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था।

रेवन्ना गुरुवार को लुफ्थांसा के विमान से जर्मनी से दोपहर 12 बजे रवाना हुए थे। वह शुक्रवार देर रात 12 बजे के बाद बेंगलुरु पहुंचे थे।जनता दल सेक्युलर के सांसद रेवन्ना ने कुछ दिन पहले वीडियो जारी कर कहा था कि वह 31 मई को एसआईटी की पूछताछ में शामिल होंगे।उन्होंने बुधवार को एक स्थानीय कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी, जिसे शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल के लगभग 3,000 सेक्स टेप सामने आए थे। इनमें से कई वीडियो में वे महिलाओं की मर्जी के बिना संबंध बनाते और फिल्माते हुए नजर आ रहे हैं।

प्रज्वल के यहां काम करने वाली एक महिला ने सबसे पहले इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच एसआईटी कर रही है, जिसने प्रज्वल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए हैं।मामले में प्रज्वल के पिता एचडी रेवन्ना हिरासत में थे।

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दहेज प्रथा के खिलाफ चलाएं अभियान: हाईकोर्ट

पूछा- केवल लाखों का दहेज मांगने संबंधी बयान पर आर्थिक स्रोतों की जांच बगैर पुलिस चार्जशीट कैसे दाखिल कर रही है

प्रयागराज ,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जब दहेज लेना व देना दोनों अपराध है और आयकर विभाग दो लाख से अधिक नकद देने को अवैध मानता है तो केवल लाखों का दहेज मांगने संबंधी बयान पर आर्थिक स्रोतों की जांच बगैर पुलिस परिवार के खिलाफ चार्जशीट कैसे दाखिल कर रही है।

किसी अवैध कमाई को दहेज में देने के आरोप पर उसकी वसूली कैसे की जा सकती है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने सरकार को दहेज प्रतिषेध कानून के उपबंधों को कड़ाई से लागू करने का आदेश देते हुए कहा है कि जिला प्रतिषेध अधिकारी को दहेज के आरोपों की जांच कर अभियोजन की संस्तुति करने या अभियोजित करने दिया जाए। दोनों पक्ष शादी के समय वर-वधू को मिले उपहारों की सूची एक माह में दहेज निषेध अधिकारी को सौंपे।

न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने अंकित सिंह व तीन अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया है। अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी। कोर्ट ने सरकार को मीडिया, टीवी, एनजीओ की सहायता से दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है और कहा है कि दहेज के खिलाफ होर्डिंग्स लगाई जाए तथा दहेज विरोधी कैंपेन चलाया जाए।

कोर्ट ने मुख्य दहेज प्रतिषेध अधिकारी से हलफनामा मांगा है कि पिछले दो वर्ष में जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के समक्ष कितनी शिकायतें आई और कितनों का अभियोजन किया गया।

नकद दहेज के आरोप पर देने वाले की आर्थिक स्थिति की जांच की गई या नहीं। कोर्ट ने विवाह पंजीकरण के समय उपहारों की सूची की अनिवार्यता संबंधी सरकारी कदम की सराहना की है। कोर्ट ने कहा है कि उपहारों की सूची सौंपने संबंधी कानून का कड़ाई से सरकार पालन कराए। कोर्ट ने सीएमएम कानपुर नगर के समक्ष याची के विरूद्ध चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी है।

निदेशक महिला कल्याण ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि जिला प्रोबेशन अधिकारी को ही जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी नामित किया गया है। धारा 8बी में स्पष्ट है कि विवाह के एक महीने के अंदर वर-वधू को मिले उपहारों की सूची दहेज प्रतिषेध अधिकारी को सौंपी जाएगी। इसे सुरक्षित रखा जाएगा और एक रजिस्टर रखा जाएगा। अधिकारी पर कानूनी उपबंधों के पालन की जिम्मेदारी होगी।

कोर्ट ने कहा दहेज के आरोप के केस बढ़ रहे हैं और किसी में उपहारों की सूची का उल्लेख नहीं किया जा रहा है जबकि कानून में वर वधू पक्ष के हस्ताक्षर से उपहारों की सूची देना बाध्यकारी है। कोर्ट ने आईजी (पंजीकरण) के बिना उपहार सूची विवाह पंजीकृत न करने के निर्देश को स्वागत योग्य कदम बताया। इसके साथ ही कहा कि इससे झूठे दहेज के केसों में कमी आएगी।

कोर्ट को बताया गया कि सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया जा रहा है कि सभी सरकारी सेवक अपनी शादी में उपहारों की सूची देंगे। निदेशक (महिला कल्याण) ने 26 नवंबर को दहेज निषेध दिवस के रूप में मनाए जाने का आदेश जारी किया है। दहेज प्रतिषेध अधिकारी को दहेज के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोर्ट ने कहा कि दहेज विरोधी कानून बने 62 वर्ष बीत गए, अभी भी उसका पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है।

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किरण बेदी ने अयोध्या में किए रामलला के दर्शन

अयोध्या,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने अपनी मां की बरसी के मौके पर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए रामलला के दर्शन करने के अवसर मिलने को अपना सौभाग्य बताया।

किरण बेदी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे रामलला का दर्शन करने का मौका मिला। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन का आभार व्यक्त करती हूं, जिनकी वजह से अयोध्या में राम मंदिर बना। यह भारतवर्ष का सौभाग्य है, हर भारतीय का सौभाग्य है।

उन्होंने कहा कि जो भी भगवान राम में विश्वास करता है वह अपने जीवनकाल में रामलला के दर्शन करने अयोध्या जरूर आएगा। अयोध्या एक तीर्थ स्थान बन गया है, मैं बहुत दिनों बाद अयोध्या आई हूं, मेरी मां की आत्मा को सुकून मिला होगा।

उन्होंने कहा कि पहले की अयोध्या में और अब की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है। जब रामलाल टेंट में थे तभी मैं आई थी, हर भारतीय के लिए अयोध्या एक डेस्टिनेशन बन चुका है, उन्हें अयोध्या आना ही आना है। जैसे हम लोग हरिद्वार हर की पौड़ी जाते हैं, अपने बड़ों को याद करते हैं वैसे ही अयोध्या भी ऐसी ही आध्यात्मिक जगह बन गई है।

बता दें, 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ था। प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से अब तक अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, बॉलीवुड अभिनेता से लेकर कई राजनेताओं ने यहां आकर रामलला के दर्शन किए हैं।

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इंडिया गठबंधन की बहुमत वाली सरकार बनेगी – खडग़े

सभी दलों की सहमति से चुनेंगे पीएम: खडग़े

नई दिल्ली,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने विश्वास जताया है कि 4 जून को देश में इंडिया गठबंधन की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी। केंद्र में सरकार आने पर कांग्रेस के घोषणा पत्र में दी गई गारंटियों और न्याय पत्र की घोषणाओं को पूरा किया जाएगा।

इंडिया गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री कौन होगा, इस पर खडग़े का कहना है कि गठबंधन के सभी दल मिलकर इस विषय पर चर्चा करेंगे। सभी दलों की सहमति से प्रधानमंत्री चुना जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने दिल्ली में कहा कि हमें विश्वास है कि 4 जून को जनता एक नई वैकल्पिक सरकार का जनादेश देगी। इंडिया गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हो सकते हैं, इस पर खडग़े ने कहा कि उन्होंने कभी अपने लिए कुछ नहीं मांगा है। कांग्रेस ने 1 जून को इंडिया गठबंधन की मीटिंग बुलाई है।

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि यह एक अनौपचारिक मीटिंग है। इस मीटिंग में फार्म 17सी और मतगणना की तैयारी पर चर्चा की जाएगी। खडग़े ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान महंगाई और बेरोजगारी के बारे में एक शब्द नहीं कहा, जबकि पिछले 15 दिनों में 232 बार कांग्रेस का नाम लिया और 758 बार मोदी शब्द का प्रयोग किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि बीते 15 दिनों में प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में 573 बार इंडिया गठबंधन का नाम लिया। 421 बार मंदिर, मस्जिद की बात की। 224 बार मुस्लिम, पाकिस्तान, अल्पसंख्यकों की बात की। लंबे समय तक यह चुनाव याद रखा जाएगा।

यह चुनाव इसलिए याद रहेगा क्योंकि इस चुनाव में देश का हर नागरिक धर्म, जाति, पंथ, क्षेत्र, लिंग और भाषा को भूलकर लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए एक साथ आया है। प्रधानमंत्री और भाजपा के प्रमुख नेताओं ने चुनाव के दौरान धार्मिक और विभाजनकारी मुद्दों से लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 80-90 देश में महात्मा गांधी की मूर्ति है, फिर भी अगर कोई कहता है कि फिल्म देखकर महात्मा गांधी के बारे में पता लगा तो यह सुनकर हंसी आती है। जिन्हें महात्मा गांधी के बारे में ज्यादा पता नहीं है तो उन्हें संविधान के बारे में भी अधिक पता नहीं होगा। गांधी हमेशा अहिंसा की राजनीति करते थे। महात्मा गांधी ने कभी किसी से नफरत नहीं की। आज मोदी जी की सारी कोशिशें नफरत से भरी है।

खडग़े ने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस के खाते फ्रीज कर दिए गए। कुछ दूसरी पार्टियों के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया गया। किसी सत्ताधारी दल ने इससे पहले ऐसा नहीं किया था। संसद में भी ऐसा ही देखने को मिला। संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। सरकार के इसी रवैया से हमारे शक की पुष्टि हुई कि सरकार तानाशाही की ओर बढ़ रही है।

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कन्याकुमारी पहुंचे पीएम मोदी, भगवती अम्मन मंदिर में किया दर्शन-पूजन

एक जून की शाम तक ध्यान साधना करेंगे

कन्याकुमारी,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी व्यस्तताओं के बाद तमिलनाडु के कन्याकुमारी में ध्यान-साधना करने पहुंचे हैं। पीएम मोदी ने कन्याकुमारी पहुंचने के बाद भगवती अम्मन मंदिर में प्रार्थना और पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री धोती पहने दक्षिण भारत की पारंपरिक पोशाक में दिख।

ऑफ-व्हाइट रंग के शॉल से ढके नजर आए प्रधानमंत्री मोदी विवेकानंद मेमोरियल के ध्यान मंडपम में आज शाम से 1 जून की शाम तक ध्यान करेंगे। पीएम मोदी उसी स्थान पर दिन-रात ध्यान करेंगे, जहां कई दशकों पहले स्वामी विवेकानंद ने ध्यान किया था। ऐसी मान्यता है कि इस स्थान पर देवी पार्वती ने एक पैर पर खड़े होकर साधना की थी।

बता दें कि प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार के अंत में आध्यात्मिक यात्राओं के लिए जाने जाते हैं। पांच साल पहले लोकसभा चुनाव 2019 का प्रचार समाप्त होने के बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ का दौरा किया था।

2014 में उन्होंने महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े स्थल प्रतापगढ़ का दौरा किया था। गौरतलब है कि 543 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव 19 अप्रैल से शुरू हुए हैं। सात चरणों में हो रहे चुनाव के लिए अंतिम दौर का मतदान एक जून को होना है। मतों की गिनती 4 जून को होगी।

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मां के ब्लड सैंपल से बदले गए थे आरोपी के ब्लड सैंपल

पुणे पोर्शे हादसा

पुणे,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पुणे के बहुचर्चित पोर्शे कार हादसे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आरोपी नाबालिग की मां शिवानी अग्रवाल ने बेटे के ब्लड सैंपल को खुद के ब्लड सैंपल से बदल दिया था, ताकि खून में नशे की मात्रा न आ सके।

पुलिस अब आरोपी की मां की तलाश कर रही है। कथित तौर पर आरोपी की मां पुणे से फरार बताई जा रही है।

इस मामले में अस्पताल के डॉक्टर और पुलिसकर्मियो की संदिग्ध भूमिका के बाद अब विधायक भी संदेह के घेरे में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाली रात नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल ने स्थानीय विधायक सुनील टिंगरे को 45 बार फोन किया था। हालांकि, विधायक ने फोन नहीं उठाया था।बता दें कि इस मामले में पहले भी विधायक टिंगरे की भूमिका पर सवाल उठ चुके हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस सूत्र ने बताया कि अग्रवाल ने विधायक टिंगरे को 19 मई की रात 2:30 से 3:45 बजे के बीच 45 बार फोन किया था। हालांकि, टिंगरे सो रहे थे, इस वजह से कॉल का जवाब नहीं दे सके और ये सभी मिस्ड हो गई।जब टिंगरे ने फोन नहीं उठाया तो अग्रवाल उन्हें लेने रात में ही उनके घर पहुंच गए थे।

घटना वाली रात विधायक सुबह 6 बजे तक येरवडा पुलिस स्टेशन में मौजूद थे। कथित तौर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों से मामले में नरम रुख अपनाने को कहा था। हालांकि, विधायक ने इन आरोपों ने इनकार किया है।विवाद बढऩे पर अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने विधायक को मीडिया के सामने अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। बार-बार नाम सामने आने के बाद पार्टी ने कथित तौर पर विधायक से स्पष्टीकरण मांगा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर अजय तावड़े को विधायक की सिफारिश के बाद ही नियुक्त किया गया था।ससून अस्पताल के डीन विनायक काले ने कहा कि डॉक्टर तावड़े को किडनी ट्रांसप्लांट और ललित पाटिल ड्रग्स मामले में आरोपी होने के बावजूद विधायक की सिफारिश पर अधीक्षक नियुक्त किया गया।इस संबंध में टिंगरे ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ को पत्र भी लिखा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस साक्ष्य मूल्यांकन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  आधारित तकनीक का उपयोग कर दुर्घटना स्थल का डिजिटल सीन रिक्रिएट करेगी।अधिकारी ने कहा कि अब तक इस तकनीक का इस्तेमाल हत्या के मामलों में शव की पहचान करने के लिए किया जाता है, लेकिन सीन रिक्रिएट करने में पहली बार किया जाएगा।पुलिस नाबालिग के घर से लेकर बार और घटनास्थल तक का सीन रिक्रिएट करेगी।

19 मई को पुणे में रात ढाई बजे पोर्श कार चला रहे एक नाबालिग ने बाइक पर जा रहे एक महिला और पुरुष को टक्कर मार दी थी। बाइक सवार दोनों लोग मध्य प्रदेश के थे और पुणे में नौकरी करते थे।हादसे के 15 घंटे के भीतर किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग को निबंध लिखने जैसी मामूली शर्त पर जमानत दे दी थी। विवाद बढऩे पर सरकार ने नए सिरे से मामले की जांच कराई थी।

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सोना तस्करी में शशि थरूर के पीए की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत

नई दिल्ली,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से सांसद शशि थरूर के निजी सहायक (पीए) शिव कुमार का नाम विदेश से सोना तस्करी में आने के बाद इस मामले पर सियासत गरमा गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता तथा केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस मामले में इंडिया गठबंधन पर निशाना साधा है। दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद ने उसे अपना पूर्व कर्मचारी बताते हुए कहा है कि वह किसी गलत काम को प्रश्रय नहीं देते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

शिव कुमार को कस्टम अधिकारियों ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोने की तस्करी में कथित संलिप्तता के कारण हिरासत में लिया था। उन्होंने हवाई अड्डे के अराइवल हॉल में बैंकॉक से आये एक यात्री से 500 ग्राम की सोने की चेन ली थी। इस सोने का मूल्य 35 लाख रुपए से ज्यादा बताया जा रहा है।

मंत्री चंद्रशेखर ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, इससे पहले सोना तस्करी के मामले में केरल के मुख्यमंत्री के कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था और अब कांग्रेस सांसद के पीए को हिरासत में लिया गया है। ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस और माकपा दोनों ही इंडिया गठबंधन के सदस्य हैं, जो कि सोना तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं।

इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय के आईटी विभाग में कार्यरत स्वपन्ना सुरेश को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल, वह जमानत पर जेल से बाहर हैं, लेकिन मामला अभी-भी न्यायालय में विचाराधीन है, जिसका जिक्र कर राजीव चंद्रशेखर ने अपने में किया है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस संबंध में एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, मैं चुनाव प्रचार के लिए धर्मशाला में हूं। मैं मेरी स्टाफ टीम के पूर्व सदस्य से जुड़ी घटना के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं, जो एयरपोर्ट पर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सहायक के रूप में मेरे लिए पार्ट टाइम सेवाएं दे रहे हैं। वह 72 साल के सेवानिवृत्त व्यक्ति हैं जिनकी नियमित डायलिसिस होती है। उन्हें अनुकंपा के आधार पर पार्ट-टाइम रखा गया था।

मैं किसी कथित गलत काम के लिए माफी नहीं दे रहा और अधिकारियों द्वारा मामले की जांच के सिलसिले में किसी भी जरूरी कार्रवाई के लिए उनके प्रयासों में पूरा समर्थन देता हूं। कानून को अपना काम करना चाहिए।

कस्टम विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि बैंकॉक से उड़ान संख्या टीजी 323 से 29 मई को आये एक भारतीय नागरिक पर शक के आधार पर सोने की तस्करी का मामला दर्ज किया गया।

आगे जांच में पता चला कि तस्करी में एक और व्यक्ति का हाथ है जो हवाई अड्डे पर उस यात्री से सोना लेने के लिए आया था। उस व्यक्ति के पास से 500 ग्राम की सोने की चेन बरामद की गई जो उसे बैंकॉक से आये यात्री ने अराइवल हॉल में दिया था।

बयान में कहा गया है, जांच में पता चला कि उस व्यक्ति (सोना लेने वाले) के पास हवाई अड्डे में प्रवेश के लिए वैध एयरोड्रम एंट्री परमिट थी। इस बात की जांच की जा रही है कि उसे एक संसद सदस्य की प्रोटोकॉल टीम के सदस्य के रूप में एयरोड्रम एंट्री परमिट किन परिस्थितियों में जारी किया गया था।

कस्टम विभाग ने बताया कि जब्त सोने की कीमत 35.22 लाख रुपये है। मामले में आगे जांच की जा रही है।

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प्रवर्तन निदेशालय ने अभिनेत्री ऋ तुपर्णा सेनगुप्ता को भेजा समन

बंगाल राशन वितरण घोटाला

कोलकाता,30 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को लोकप्रिय बंगाली फिल्म अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता को समन जारी कर पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया है।

सूत्रों ने बताया कि अभिनेत्री को 5 जून को कोलकाता के उत्तर बाहरी इलाके में सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में एजेंसी के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

हालांकि, अधिकारी राशन वितरण घोटाले से अभिनेत्री के संबंध के बारे में पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक सेनगुप्ता ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

यह पहली बार नहीं है जब सेनगुप्ता को ईडी अधिकारियों ने समन जारी किया है। इससे पहले 2019 में पश्चिम बंगाल के करोड़ों रुपये के रोज वैली चिट फंड घोटाले में भी केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें तलब किया था।

उस समय उन्हें रोज वैली ग्रुप के कुछ एंटरटेनमेंट वेंचर में शामिल होने के कारण समन किया गया था। उन्होंने उस समूह की कुछ फिल्मों में भी काम किया था।

एजेंसी को पता चला था कि इन फिल्मों के निर्माण में मनी लॉन्ड्रिंग के पैसे का इस्तेमाल किया गया था जो रोज वैली समूह ने बहु-स्तरीय मार्केटिंग योजनाओं से कमाये थे। उसी साल ईडी ने उसी मामले में बंगाली फिल्मों के सर्वाधिक लोकप्रिय अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी को भी समन किया था।

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