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क्रिप्टो करेंसी पर बनेगा वैश्विक कानून! वित्त मंत्री सीतारमण की मांग पर जी20 देशों ने जताई सहमति

नई दिल्ली 15 अपै्रल (एजेंसी)। देश और दुनिया में क्रिप्टो करेंसी में बढ़ते निवेश और इससे जुड़े मुद्दों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चिंता जाहिर की है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की मांग पर जी20 सदस्य देश इस बात पर सहमत हैं कि क्रिप्टो करेंसी को लेकर एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि क्रिप्टो संपत्ति से संबंधित मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है और जी20 देशों को यह सुनिश्चित करना है कि अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाने के लिए इस पर गंभीरता से विचार किया जाए।

वहीं, जी20 सदस्य देशों ने कहा कि इससे न सिर्फ क्रिप्टो से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी बल्कि इसका नियमन भी हो सकेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सदस्य देशों ने इस पर सहमति जताई है और जल्द ही इसे लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी।
बता दें कि आईएमएफ मुख्यालय में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के साथ क्रिप्टो एसेट्स के मैक्रोफाइनेंशियल इम्प्लिकेशन्स पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने विचार रखे।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि समूह देशों ने तत्परता के साथ इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है और जी20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान, क्रिप्टो संपत्ति से संबंधित मामलों पर एक ‘संश्लेषण पत्रÓ लाया जाएगा जो जिसमें विभिन्न विचारों को रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि जी20 के सदस्य इस बात को लेकर सहमत हैं कि क्रिप्टो संपत्तियों पर कोई भी कार्रवाई वैश्विक होनी चाहिए।

बता दें कि भारत सरकार क्रिप्टो संपत्तियों के नियमन को लेकर काम कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस मांग को उठा रही है। वॉशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की सालाना बैठकों के अलावा निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने समूह के सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की एक बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में क्रिप्टो करेंसी और उससे जुड़ी चुनौतियों के बारे में बात की गई।

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भारतीयों को PM मोदी सरकार पर अब भी भरोसा, 21 टॉप देशों में सबसे आगे

नई दिल्ली 15 April, (एजेंसी): भारत के लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर भरोसा है। मार्केट रिसर्च फर्म इप्सोस ग्लोबल ट्रस्ट मॉनिटर द्वारा दुनिया के 21 टॉप 21 देशों में कराए गए सर्वे से यह बात सामने निकलकर आई है। सर्वे का मकसद यह जानना था कि इन 21 देशों के लोगों को अपनी सरकार पर कितना भरोसा है। इसमें भारत के लोगों ने सबसे अधिक अपनी सरकार पर भरोसा जताया है। यूं कहें तो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दुनिया की सबसे भरोसमंद सरकार बनकर उभरी है।

फर्म ने कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 21 देशों में लोगों से बात की। अधिकांश देशों में 16-74 वर्ष के बीच के लोगों से उनकी सरकार को लेकर राय मांगी गई। कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और संयुक्त राज्य अमेरिका में 18-74 वर्ष के लोगों से बात की गई। यह सर्वे बीते साल अगस्त और सीतंबर महीने में संपन्न हुआ।

इस सर्वे में सबसे अधिक शहरी लोग शामिल हुए। भारत सरकार पर 52% लोगों ने भरोसा जताया है। वहीं, यहां की आईटी कंपनियां (57%), ऊर्जा (57%), और बैंकिंग सर्विस (57%) के साथ सबसे भरोसेमंद सेक्टर बनकर उभरे हैं। हालांकि, सर्वे में लोगों ने सोशल मीडिया कंपनियों, तेल और गैस कंपनियों पर विश्वास की कमी को भी उजागर किया है।

इप्सोस इंडिया के सीईओ अमित अदारकर ने कहा, “इंटरनेट पर मौजूद लोग आईटी कंपनियों पर सबसे अधिक भरोसा करते हैं। इसके बाद ऊर्जा, बैंकिंग, खुदरा, फाइनेंस सेक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, पैकेज्ड सामान, तेल और गैस कंपनियां आती हैं।”

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शेयर म्युचुअल फंड योजनाओं में 20.5 हजार करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश

मुंबई 14 अपै्रल (एजेंसी)। बाजार में अनिश्चितताओं के बावजूद देश में शेयरों निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं को निवेशकों का समर्थन जारी है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की मार्ग 2023 की स्थिति पर जारी एक रिपोर्ट के अनुसार आलोच्य माह में म्यूचुअल फंड उद्योग की विभिन्न योजनाओं में 20.5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी का शुद्ध निवेश प्राप्त हुआ । फरवरी माह में इक्विटी म्यूचुअलफंड में शुद्ध पूंली प्रवाह 15 हजार 700 करोड़ रुपये के आस पास थे

एएमएफआई की रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 को म्यूचुअल फंड की बांड और शेयर आदि सभी योजनाओं में प्रबंधनाधीन सम्पत्ति 40,04,637.60 करोड़ रुपये के बराबार रही जिसमें फंड ऑफ फंड्स योजनाओं की 66,590.41 करोड़ रूपये की सम्पत्ति भी शामिल है।
मोतीलाल ओसवाल एएमसी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी अखिल चतुर्वेदी ने मार्च के आकड़ों पर टिप्पणी करते हुए कहा, एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में इक्विटी (शेयर) में निवेशकों का विश्वास कायम रहा। नकारात्मक समाचारों के प्रवाह के बावजूद, निवेशकों का प्रवाह तेज बना रहा। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, इक्विटी निवेशकों ने बाजार में सबसे अस्थिर समय में से एक के माध्यम से प्रवाह में मंदी की चिंताओं को खारिज कर दिया है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष के अंत होने के कारण मार्च 2023 में निवेशकों ने कर बचत के लिए शेयर से सम्बद्ध बचत योजनाओं वाले कोषों में सकल 4.2 हजार करोड़ का निवेश किया जो फरवरी के 2.3 हजार करोड़ रुपये के सकल प्रवाह की तुलना में 84 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।

श्री चतुर्वेदी ने कहा कि थीमैटिक/सेक्टोरल फंड्स में महीने दर महीने उच्चतम प्रवाह जारी है। स्मॉल कैप फंडों ने हाल के महीनों के रुझान के आधार पर प्रवाह गति प्राप्त करना जारी रखा। उन्होंने कहा, दिलचस्प बात यह है कि डिविडेंड यील्ड फंड्स ने डिविडेंड फैक्टर इंडेक्स के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हुए उच्चतम प्रवाह को आकर्षित किया। आलोच्य माह में हाइब्रिड फंड्स से 12.4 हजार करोड़ की शुद्ध निकासी देखी गयी।

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रुपया 35 पैसे मजबूत

मुंबई 14 अपै्रल (एजेंसी)। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी का सिलसिला समाप्त होने के अनुमान से दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के दो माह के निचले स्तर तक लुढ़कने की बदौलत आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 35 पैसे मजबूत होकर 81.76 रुपये प्रति डॉलर हो गया।

इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 82.11 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

कारोबार की शुरुआत में 14 पैसे की तेजी लेकर 81.97 रुपये प्रति डॉलर पर खुला रुपया सत्र के दौरान आयातकों और बैंकरों की हुई बिकवाली से समर्थन पाकर 81.76 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और इसी स्तर पर बंद भी हुआ। इस दौराल लिवाली के दबाव में यह 82.01 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर भी रहा।

विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका में मार्च में उत्पादन मूल्य में भारी गिरावट रही, जिससे उम्मीद बढ़ी है कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में बढ़ोतरी का आक्रामक सिलसिला बंद होने की शुरुआत हो जाएगी। इससे दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर दो माह के निचले स्तर तक लुढ़क गया। इससे रुपये को बल मिला। इसके अलावा घरेलू शेयर बाजार में जारी तेजी से भी रुपये को समर्थन मिला है।

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औद्योगिक उत्पादन फरवरी में 5.6 प्रतिशत बढ़ा

नयी दिल्ली 13 अपै्रल (एजेंसी)। देश में फरवरी 2023 के औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 5.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। इस साल जनवरी में वृद्धि दर 5.2 प्रतिशत और पिछले साल फरवरी में 1.2 प्रतिशत थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी त्वरित अनुमानों के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) (आधार वर्ष 2011-12) फरवरी में 138.7 रहा। इस बार फरवरी में विनिर्माण क्षेत्र के उत्पादन में 5.3 प्रतिशत, खनन क्षेत्र में 4.6 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र के उत्पादन में सालाना आधार पर 8.2 प्रतिाशत की वृद्धि दर्ज की गयी ।

वित्त वर्ष 2022-23 के पहले ग्यारह माह (अप्रैल-फरवरी) में औद्योगिकी उत्पादन की वृद्धि 5.5 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में इस अवधि में औद्योगिक उत्पादन 12.5 प्रतिशत बढ़ा था।

मिलवुड केन इंटरनेशनल के संस्थापक और सीईओ, निश भट्ट ने नवीनतम आईआईपी नंबरों पर टिप्पणी करते हुए कहा, आईआईपी में फरवरी में 5.6 प्रतिशत की वद्धि का आंकड़ा उत्साहजनक है। विनिर्माण क्षेत्र की 5.3 प्रतिशत की वृद्धि अर्थव्यवस्था में गतिविधि को इंगित करती है।

अप्रैल-फरवरी 2022-23 में विनिर्माण क्षेत्र में 4.9 प्रतिशत, खनन क्षेत्र में 5.7 प्रतिशत तथा बिजली क्षेत्र में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

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खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में गिर कर 5.66 प्रतिशत के 15 माह के निम्नतम स्तर पर

नई दिल्ली 13 अपै्रल  (एजेंसी)। मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं और सब्जियों की कीमतों में नरमी के कारण देश में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति मार्च 2023 में गिर कर 5.66 पर आ गयी। इस साल फरवरी में यह यह 6.44 प्रतिशत तथा पिछले साल मार्च में 6.95 प्रतिशत थी।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि मुद्रास्फीति में गिरावट से भारतीय रिजर्व बैंक के लिए नीतिगत ब्याज दर में वृद्धि पर रोक को अभी कुछ और समय तक रोके रख कर आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता देने का मौका मिलेगा।

खुदरा मुद्रास्फीति का यह ताजा आंकड़ा रिजर्व बैंक द्वारा तय सहज सीमा के भीतर है। केंद्रीय बैंक को मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ की ढील के साथ चार प्रतिशत के आस पार रखने की जिम्मेदारी दी गयी है।

लम्बे समय तक रिजर्व बैंक की सहज सीमा से ऊपर रहने के बाद खुदरा मुद्रास्फीति पिछले साल के अंतिम कुछ महीनों में नीचे आ गयी थी लेकिन इस वर्ष जनवरी-फरवरी में यह फिर से छह प्रतिशत के ऊपर निकल गयी थी।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों में इस साल मार्च में खाद्य मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.95 प्रतिशत से घटकर 4.79 प्रतिशत रही।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने छह अप्रैल को नीतिगत रेपो दर को 6.5 पर अपरिवर्तित रखने का सर्वसममति से निर्णय किया।

इससे पहले मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई ने पिछले साल मई से लगातार छह बार में नितिगत ब्याज दर रेपो को कुल मिला कर 2.50 प्रतिशत ऊंचा कर दिया था।

खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए मिलवुड केन इंटरनेशनल के संस्थापक और सीईओ निश भट्ट ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति इस समय 15 महीने के निचले स्तर आ गयी है। यह रुझान इस वर्ष आगे मुद्रास्फीति का दबाव कम होने के अनुमान को सही साबित करता है।

उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति, और सब्जियों की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति में मार्च में यह बड़ी कमी आयी है।

श्री भट्ट ने कहा, मुद्रास्फीति का ताजा आंकड़ा केंद्रीय बैंक को अगले कुछ महीनों तक ब्याज दर वृद्धि को रोके रखने में मदद करेगा।

नाइट फ्रैंक इंडिया के निदेशक अनुसंधान,विवेक राठी को उम्मीद की है कि मुद्रास्फीति में यह कमी ब्याज दरों के प्रति उदार रुख अपने के आरबीआई के दृष्टिकोण को मजबूत करेगी और केंद्रीय बैंक आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा।

उन्होंने कहा कि ईंधन मुद्रास्फीति भी कम हो कर 8.9 तक आ गयी है पर ओपेक देशों द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में हाल ही में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, ईंधन की कीमतों में वृद्धि का जोखिम बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि गैर-खाद्य और ईंधन श्रेणी पर कीमतों का दबाव स्थिर बना हुआ है। कपड़े, घरेलू सामान और सेवाओं आदि जैसी श्रेणियों में मूल्य वृद्धि लगातार उच्च बनी हुई है।

इस प्रकार, यह घरेलू खर्च करने योग्य आय को कम करता है जिससे उनकी खर्च करने की क्षमता कम हो जाती है। हालांकि, थोक कीमतों में काफी गिरावट आई है जिसका फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाने की उम्मीद बनी है।

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सीतारमण ने आईएमएफ की गीता गोपीनाथ से की मुलाकात, अर्थव्यवस्था के लिए जोखिमों पर चर्चा

नई दिल्ली 12 अपै्रल (एजेंसी)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन डीसी में आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने वित्तीय तनाव, मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक ध्रुवीकरण के साथ-साथ चीन में लडख़ड़ाते विकास के अलावा अर्थव्यवस्था के प्रमुख जोखिमों पर मौद्रिक निकाय की चिंताओं पर बात की। यह बैठक आईएमएफ-विश्व बैंक की बैठक के मौके पर हुई।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, सीतारमण ने गोपीनाथ को विश्व बैंक के साथ ग्लोबल सॉवरेन डेट राउंडटेबल में भारत के काम में तेजी लाने के लिए बधाई दी और बढ़ती ऋण कमजोरियों को दूर करने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सीतारमण ने साक्ष्य-आधारित नीति मार्गदर्शन विकसित करने की दिशा में इनपुट के रूप में भारत की जी20 अध्यक्षता को आईएमएफ के समर्थन की भी तारीफ की।

बैठक के बाद ट्विटर पर गोपीनाथ ने कहा, ऋण मुद्दों और क्रिप्टो संबंधित चुनौतियों पर भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत की जा रही प्रगति पर चर्चा करने के लिए आईएमएफ-विश्व बैंक की बैठकों में वित्त मंत्री सीतारमण के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई।

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रुपया आठ पैसे टूटा

मुंबई 12 अपै्रल (एजेंसी)। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर में रही मजबूती के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया आठ पैसे टूटकर 82.07 रुपये प्रति डॉलर पर रहा। रुपया पिछले दिवस 81.99 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

रुपया आज छह पैसे गिरकर 82.05 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। सत्र के दौरान यह 81.95 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर तक चढ़ा लेकिन डॉलर की मांग आने से यह 82.15 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक टूटा। अंत में यह पिछले दिवस की तुलना में आठ पैसे टूटकर 82.07 रुपये प्रति डॉलर पर रहा।

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शेयर बाजार में छठे दिन तेजी जारी

मुुंबई 11 अपै्रल (एजेंसी)। वैश्विक स्तर से मिले सकारात्मक संदेशों के साथ ही घरेलू स्तर पर रियलटी, तेल एवं गैस, ऑटो, पावर, यूटिलिटीज जैसे समूहों में हुयी लिवाली के बल पर शेयर बाजार आज लगातार छठे दिन तेजी बनाने में सफल रहा।

इस दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 13.54 अंकों की तेजी के साथ 59846.51 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 24.90 अंकों की बढ़त लेकर 17624.05 अंक पर रहा।

इस दौरान दिग्गज कंपनियों की तुलना में छोटी और मझौली कंपनियों में लिवाली का अधिक जोर रहा जिससे बीएसई का मिडकैप 0.38 प्रतिशत की बढ़त लेकर 24443.02 अंक पर और स्मॉलकैप 0.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 27771 अंक पर रहा।

बीएसई में शामिल समूहों में से अधिकांश बढ़त में रहे जिसमें रियलटी 4.17 प्रतिशत, यूटिलिटीज 1.60 प्रतिशत, पावर 1.56 प्रतिशत, तेल एवं गैस 1.18 प्रतिशत, ऑटो 1.23 प्रतिशत की तेजी में रहा जबकि एफएमसीजी 0.33 प्रतिशत, वित्तीय सेवा 0.39 प्रतिशत, बैंकिंग 0.45 प्रतिशत और टेलीक्युनिकेशंस 0.32 प्रतिशत की गिरावट में रहा।

बीएसई में कुल 3781 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 1955 हरे निशान में जबकि 1669 लाल निशान में रही। 157 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

वैश्विक स्तर पर चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.37 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर शेष सभी प्रमुख सूचकांकों में तेजी रही जिसमें ब्रिटेन का एफटीएसई 1.03 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.50 प्रतिशत, जापान का निक्केई 0.42 प्रतिशत औ हांगकांग का हैंगसेंग 0.28 प्रतिशत शामिल है।

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रुपया छह पैसे चढ़ा

मुंबई 11 अपै्रल (एजेंसी)। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर में मामूली तेजी के बीच घरेलू स्तर पर शेयर बाजार के हरे निशान में रहने से मिले समर्थन के बल पर आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 6 पैसे की तेजी के साथ 81.96 रुपये प्रति डॉलर पर रहा।
पिछले दिवस रुपया 82.02 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

रुपया आज 16 पैसे की मजबूती के साथ 81.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। सत्र के दौरान यह 82 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक टूटा। इस दौरान यह 81.76 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर तक भी चढ़ा। अंत में यह पिछले दिवस की तुलना में छह पैसे चढ़कर81.96 रुपये प्रति डॉलर पर टिका।

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इंदौर अनाज मंडी : मूंग में मजबूती, तुअर सस्ती, दालों में घटबढ़

इंदौर 09 अपै्रल (एजेंसी)। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में मांग के कारण सप्ताहांत दलहन जिन्सों में घटबढ़ हुई। मूंग जहां महंगी बिकी, वहीं तुअर में भाव कम हुए। सप्ताहांत दालों में भाव में मिश्रित रंगत दर्ज की गई। चावल में उठाव सुधार लिए रहा।

सप्ताहांत चना कांटा 5300 से 5325 रुपये खुलने के बाद इसी स्तर पर थमा। मूंग 8200 से 8900 रुपये पर खुलने के बाद नीचे में 7000 रुपये बिकी। हालांकि सप्ताहांत इसमें सौदे 8100 से 8900 रुपये प्रति क्विंटल पर हुए। कारोबार में तुअर 7500 से 8450 रुपये से 7500 से 8400 रुपये बिकी। उड़द 7200 से 7800 रुपये तथा मसूर 5800 से 5850 रुपये के स्तर पर खुलने के बाद इसी स्तर पर बंद हुई।

दालों में मांग से घटबढ़ हुई। सप्ताहांत मूंग दाल, तुअर दाल में भाव ऊपर नीचे हुए। रवा मैदा चना बेसन में लिवाली कमजोर बताई गई। चावल में ग्राहकी सुधार लिए रही।

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आईएमएफ विश्व बैंक की बैठक में भाग लेने के लिए सीतारमण अमेरिका जायेंगी

नयी दिल्ली 09 अपै्रल (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विश्व बैंक समूह और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की बैठक में भाग लेने के लिए 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी।

इस दौरान वह अमेरिका में जी 20 की बैठकों के साथ ही निवेशकों और द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लेंगी। इसके साथ ही कई अन्य बैठकें भी होंगी।

विश्व बैंक समूह और आईएमएफ की इस बैठक में वित्त मंत्रियों के साथ ही केन्द्रीय बैंक के गवर्नर भी भाग लेंगे।

श्रीमती सीतारमण के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी जा रहा है जिसमें वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के अधिकारी शामिल है।

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सर्राफा बाजार : सोना, चांदी में तेजी

इंदौर 09 अपै्रल (एजेंसी)। सप्ताहांत सोना तथा चांदी में मजबूती दर्ज की गई। इस दौरान सोना 500 रुपये तथा चांदी 1050 रुपये महंगी बिकी।

कारोबार की शुरुआत में सोना 58500 रुपये पर खुलने के बाद शनिवार के दिन 59000 रुपये प्रति दस ग्राम होकर थमा। चांदी में व्यापार की शुरुआत 68750 रुपये पर हुई वहीं शनिवार के दिन 69800 रुपये बिकी।

कामकाज में सोना ऊंचे में 59200 नीचे में 58400 रुपये प्रति 10 ग्राम बिका। व्यापार में चांदी ऊपर में 69900 तथा नीचे 68650 रुपये प्रति किलोग्राम बिकी। चांदी सिक्का पूछपरख से मजबूत बताया गया। विदेशी बाजार में सोना 2008 डॉलर तथा चांदी 2493 सेन्ट प्रति औंस बिकी।

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मुद्रा योजना में आठ वर्षों में 23.2 लाख करोड़ के 40.81 करोड़ ऋण मंजूर

नयी दिल्ली 08 अपै्रल (एजेंसी)।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के शुभारंभ से लेकर अब तक 23.2 लाख करोड़ रुपये के 40.82 करोड़ से भी अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं और इससे जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करने में मदद मिली है तथा यह भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ गेम चेंजर भी साबित हुई है।

वित्त मंत्री ने इस योजना के आठ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना से सूक्ष्म उद्यमों तक ऋणों की आसान एवं परेशानी मुक्त पहुंच संभव हो पाई है और इससे बड़ी संख्या में युवा उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) का शुभारंभ 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री द्वारा आय सृजित करने वाली गतिविधियों के लिए गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक के गिरवी-मुक्त सूक्ष्म ऋण आसानी से मुहैया कराने के उद्देश्य से किया गया था। ‘पीएमएमवाई’ के तहत ऋण दरअसल सदस्य ऋणदाता संस्थाओं (एमएलआई) यथा बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) और अन्य वित्तीय मध्यस्थों द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

पीएमएमवाई के आंकड़ों के संदर्भ में श्रीमती सीतारमण ने कहा कि इस योजना के शुभारंभ से लेकर 24 मार्च 2023 तक 40.82 करोड़ ऋण खातों में लगभग 23.2 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इस योजना के तहत लगभग 68 प्रतिशत खाते महिला उद्यमियों के हैं और 51 प्रतिशत खाते एससी/एसटी और ओबीसी श्रेणियों के उद्यमियों के हैं। यह दर्शाता है कि देश के नवोदित उद्यमियों को आसानी से ऋण की उपलब्धता से नवाचार और प्रति व्यक्ति आय में सतत वृद्धि हुई है।

एमएसएमई के माध्यम से विकास पर वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई के विकास ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम में व्यापक योगदान दिया है क्योंकि मजबूत घरेलू एमएसएमई की बदौलत घरेलू बाजारों के साथ-साथ निर्यात के लिए भी स्वदेश में उत्पादन काफी अधिक बढ़ गया है। पीएमएमवाई योजना से जमीनी स्तर पर बड़ी संख्या में रोजगार अवसर सृजित करने में मदद मिली है और यह भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ गेम चेंजर भी साबित हुई है।

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मप्र के 6 और उत्पादों को मिला जीआई टैग

भोपाल 08 अपै्रल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के हस्त शिल्प उत्पाद ने नया इतिहास बनाया है। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के इंडस्ट्री प्रमोशन एडं इंटरनल ट्रेड द्वारा मध्यप्रदेश के 6 उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया गया है। इनमें रीवा का सुंदरजा-आम भी है।

आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि डिंडौरी की गोंड पेंटिंग, ग्वालियर का कार्पेट, उज्जैन की बाटिक प्रिंट, जबलपुर भेड़ाघाट का स्टोन क्राफ्ट, बालाघाट की वारासिओनी की साड़ी और रीवा के सुंदरजा-आम को जीआई टैग प्रदान किया गया है।

यह पहला अवसर है कि जब एक साथ प्रदेश के इतने उत्पादों को जीआई टैग दिया गया है। साथ ही प्रदेश में जीआई टैग प्राप्त उत्पादों की संख्या 19 हो गई है।

प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी संत रविदास हस्तशिल्प विकास निगम अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि जीआई टैग (जियोग्राफिकल इंडिकेशंस टैग) एक प्रकार का लेवल है.

जिसमें किसी प्रॉडक्ट को विशेष भौगोलिक पहचान दी जाती है, जो केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दिया जाता है।

नाबार्ड टेक्सटाइल कमेटी और वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से राज्य सरकार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के साथ स्थानीय उत्पादक संस्थाओं ने समन्वय से यह सफलता प्राप्त की गई है।

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लाल निशान पर खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 96 अंक लुढ़का

मुंबई,06 अपै्रल (एजेंसी)। वैश्विक बाजार में कमजोरी और रिजर्व बैंक के ब्याज दरों पर फैसला आने से पहले गुरुवार को शेयर बाजार लाल निशान पर खुला।

शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट है। फिलहाल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 95.95 अंक यानी 0.16 फीसदी लुढ़क कर 59,593.36 पर कारोबार कर रहा है।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 23.65 अंक यानी 0.13 फीसदी फिसलकर 17,533.40 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।

शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स करीब 150 अंक तक लुढ़का, जबकि निफ्टी 17550 के नीचे आ गया।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 शेयरों में गिरावट और 8 शेयरों में तेजी दिख रही है। हालांकि, अडाणी समूह के 10 में से 7 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।

वहीं, प्रमुख एशियाई बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए थे।

सेंसेक्स 582.87 अंक यानी 0.99 फीसदी उछलकर 59,689.31 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 159 अंक यानी 0.91 फीसदी की बढ़त के साथ 17,557.05 के स्तर पर बंद हुआ था।

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आरबीआई ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा, 2023-24 में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान

मुंबई, 06 अपै्रल (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था में जारी पुनरुद्धार को और गति देने के लिये गुरुवार को नीतिगत दर रेपो में और वृद्धि नहीं की और इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है.

साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है. वहीं चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में मुद्रास्फीति 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की सोमवार से शुरू हुई तीन दिन की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि एमपीसी ने अर्थव्यवस्था में जारी पुनरुद्धार को बरकरार रखने तथा उसे और गति देने के लिये आम सहमति से नीतिगत दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखने रखने का निर्णय किया है.

रेपो दर वह ब्याज दर है, जिसपर वाणिज्यिक बैंक अपनी फौरी जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. इससे पहले, आरबीआई मुख्य रूप से मुद्रास्फीति को काबू में लाने के लिये पिछले साल मई से लेकर कुल छह बार में रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है.

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सोना 61 हजार के पार पहुंचा, चांदी 75 हजार के ऊपर

ईदिल्ली,05 अपै्रल (एजेंसी)। सोने—चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। चांदी के वायदा भाव बढ़कर 75 हजार रुपये पार कर गए हैं। सोने के वायदा भी सर्वोच्च स्तर को छू चुके हैं। बुधवार को भी सोने—चांदी के वायदा भाव तेजी के साथ खुले।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बुधवार को चांदी का मई कॉन्ट्रैक्ट 74,950 रुपये के भाव पर खुला, जबकि इसका पिछला क्लोजिंग प्राइस 74,618 रुपये किलो था। इस तरह आज चांदी का यह कॉन्ट्रैक्ट पिछले क्लोजिंग प्राइस की तुलना में 338 रुपये की तेजी के साथ खुला।

रिपोर्ट के अनुसार इस समय इसने 75,175 रूपये का ऊपरी स्तर छू लिया। चांदी का यह भाव 32 महीने का उच्च स्तर है। इस समय 438 रुपये की तेजी के साथ 75,056 रुपये किलो के भाव पर कारोबार कर रहा था।

सोने के वायदा भाव ने मंगलवार को 61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्च स्तर छू लिया था। बुधवार को एमसीएक्स पर सोने का वायदा भाव पिछले क्लोजिंग प्राइस की तुलना में 70 रुपये तेजी के साथ 61,024 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला।

खबर लिखे जाने के समय इसने दिन का 61,100 रूपये का ऊपरी स्तर छू लिया और यह 145 रुपये की तेजी के साथ 61,099 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार कर रहा था।

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अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे चढ़कर 82.08 पर पहुंचा

मुंबई,05 अपै्रल (एजेंसी)। विदेशी पूंजी की आवक और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 24 पैसे चढ़कर 82.08 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 82.08 पर मजबूत खुला।

शुरुआती सौदों में यह 82.04 से 82.10 के दायरे में कारोबार कर रहा था। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की गिरावट के साथ 82.32 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

महावीर जयंती के अवसर पर मंगलवार को बाजार बंद थे। इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 101.56 पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 321.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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जेब पर एक और झटका! 1 अप्रैल से पैरासिटामोल समेत 900 दवाओं के 12प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम

नई दिल्ली 29 मार्च (एजेंसी)। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को 1 अप्रैल के एक और झटका लगने वाला है और अब जरूरी दवाओं के लिए लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।

एक अप्रैल से पेनकिलर्स से लेकर एंटीबायोटिक समेत कई जरूरी दवाओं के दाम बढऩे वाले हैं। बता दें कि जरूरी दवाओं की कीमतों में 12 फीसदी की बढ़ोतरी तय की गई है।

पेन किलर, एंटी इंफेक्शन और दिल की बीमारियों की दवाइयों से लेकर एंटीबायोटिक्स दवाओं की कीमतें उनमें शामिल हैं जिनकी कीमतें 1 अप्रैल से बढऩे जा रही है। सरकार ने दवा कंपनियों को एनुअल होलसेल प्राइज इंडेक्स में बदलाव के अनुरूप दवा की कीमतें बढ़ाने की अनुमति दे दी है।

जिन दवाइयों की कीमतें बढ़ेंगी, उनमें पैरासिटामोल भी शामिल है, जिसका सामान्य बुखार और दर्द में इस्तेमाल होता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पेनकिलर्स, एंटी-इन्फेक्टिव्स, एंटीबायोटिक्स और दिल की दवाओं सहित लगभग 900 दवाओं की कीमत 12 प्रतिशत से ज्यादा तक बढ़ सकती है।

मालूम हो कि यह लगातार दूसरा साल है जब अनुसूचित दवाओं की कीमतों में वृद्धि गैर-अनुसूचित  दवाओं की तुलना में अधिक होगी। अनुसूचित दवाएं आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची का हिस्सा हैं।

गौरतलब है कि दवा मूल्य नियामक नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी को हर साल 1 अप्रैल या उससे पहले पिछले कैलेंडर वर्ष के एनुअल होलसेल प्राइज इंडेक्स के मुताबिक अनुसूचित दवाओं की कीमत को संशोधित या बढ़ाने की अनुमति है।

कीमत को संशोधित करने और बढ़ाने को लेकर अनुसूचित ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 के क्लॉज 16 में नियम बना हुआ है।

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30 दिन का महीना औऱ 15 दिन बैंक बंद, जल्द निपटा लें लेन-देन के सारे काम

नई दिल्ली 26 मार्च (एजेंसी)। अप्रैल का महीना नए वित्त वर्ष का आगाज होता है। ऐसे में आपको बैंकों में कई काम पड़ते होंगे। वहीं आपके लिए ये जान लेना जरूरी है कि अप्रैल महीने में 15 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं।

बताते चलें कि 15 दिन की छुट्टियों में अप्रैल में पडऩे वाले अहम दिन, जयंती, त्योहारों और शनिवार एवं रविवार की छुट्टियां भी शामिल हैं। जानें किस दिन कौन सी छुट्टी पडऩे वाली है।

भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने के हिसाब से बैंक हॉलिडे की लिस्ट जारी करता है। इसमें अलग-अलग राज्यों के हिसाब से अलग-अलग दिन बैंक बंद रहने की सूचना दी जाती है।

1 अप्रैल: 31 मार्च 2023 को देर रात तक बैंकों में काम होने की वजह से 1 अप्रैल को देश के अधिकतर हिस्सों में बैंक बंद रहते हैं। आइजोल, चंडीगढ़, शिमला और शिलांग को छोड़कर पूरे देश में 1 अप्रैल को बैंक बंद रहेंगे।

2 अप्रैल: इस दिन रविवार की वजह से बैंकों की छुट्टी रहेगी।

4 अप्रैल: इस दिन महावीर जयंती है। इसके चलते गुजरात, मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, चंडीगढ़, तमिलनाडु, राजस्थान, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंक की छुट्टी रहेगी।

5 अप्रैल: इस दिन बाबू जगजीवन राम की जयंती है और हैदराबाद में बैंक बंद रहेंगे।

7 अप्रैल: इस दिन गुड फ्राइडे है। देश में त्रिपुरा, गुजरात, असम, राजस्थान, जम्मू, हिमाचल प्रदेश और श्रीनगर जैसी जगहों छोड़कर बाकी राज्यों में बैंक इस दिन बंद रहेंगे।

8 अप्रैल: इस दिन महीने के दूसरे शनिवार की छुट्टी है।

9 अप्रैल: इस दिन बैंकों में रविवार का अवकाश रहेगा।

14 अप्रैल: इस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। वहीं अलग-अलग राज्यों में बोहाग बीहू, वैसाखी, बिसबुआ संक्रांति इत्यादि त्यौहार मनाया जाना है। इसलिए देश के अधिकतर राज्यों में इस दिन बैंक बंद रहेंगे।

15 अप्रैल: इस दिन भी कई राज्यों में नया साल मनाया जाएगा। वहीं हिमाचल डे भी है। इसलिए त्रिपुरा, असम, केरल, बंगाल और हिमाचल प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे।

16 अप्रैल: इस दिन बैंक में रविवार की छुट्टी है।

18 अप्रैल: इस दिन शब-ए-कदर है. इसके चलते जम्मू-कश्मीर में बैंक इस दिन बंद रहेंगे।

21 अप्रैल: इस दिन रमजान ईद पड़ सकती है। वहीं जुमात-उल-विदा भी पडऩे वाला है। इसलिए त्रिपुरा, जम्म-कश्मीर और केरल में बैंक बंद रह सकते हैं।

22 अप्रैल: इस दिन देशभर में ईद मनाई जा सकती है। इसलिए बैंकों में अवकाश रहेगा।

23 अप्रैल: इस दिन रविवार का अवकाश है।

30 अप्रैल: इस दिन भी बैंकों में रविवार की छुट्टी रहेगी।

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विदेशी मुद्रा भंडार 12.8 अरब डॉलर बढ़कर 572.8 अरब डॉलर पर

मुंबई 26 मार्च (एजेंसी)। विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति, स्वर्ण, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास आरक्षित निधि में जबरदस्त वृद्धि से 17 मार्च को समाप्त सप्ताह में देश का विदेश मुद्रा भंडार 12.8 अरब डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 572.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया जबकि इसके पिछले सप्ताह यह 2.4 अरब डॉलर घटकर 560 अरब डॉलर रहा था।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, 17 मार्च को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 10.5 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 505.35 अरब डॉलर हो गयी। इसी तरह इस अवधि में स्वर्ण भंडार में 2.12 डॉलर की भारी वृद्धि हुई, जिससे यह बढ़कर 44.12 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

आलोच्य सप्ताह विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) में 9.8 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 18.22 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 2.9 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी लेकर 5.13 अरब डॉलर पर पहुंच गई।

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बैंकिंग संकट का बाजार पर रहेगा असर

मुंबई 26 मार्च (एजेंसी)। विदेशी बाजारों के कमजोर रुझान से बीते सप्ताह करीब एक प्रतिशत की गिरावट में रहे घरेलू शेयर बाजार पर अगले सप्ताह अमेरिकी बैंकिंग संकट, फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर के आक्रामक रुख समाप्त करने के संकेत, कच्चा तेल, डॉलर इंडेक्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के रुख का असर रहेगा।

बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 462.8 अंक अर्थात 0.8 प्रतिशत का गोता लगाकर सप्ताहांत पर 57527.10 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 155 अंक यानी 0.91 अंक लुढ़ककर 16945.05 अंक पर रहा।

समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली और छोटी कंपनियों में भी गिरावट का रुख रहा। सप्ताहांत पर मिडकैप 478.45 अंक टूटकर 23633.56 अंक और स्मॉलकैप 400.74 अंक उतरकर 26767 अंक पर आ गया।

विश्लेषकों के अनुसार, बीते सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में एक बार फिर 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर दी लेकिन बैंकिंग संकट का हवाला देते हुए निकट भविष्य में नीतिगत दरों के आक्रामक रुख पर लगाम लगाने का भी संकेत दिया है। अगले सप्ताह इसका असर घरेलू बाजार पर देखा जा सकता है।

इसके अलावा कच्चे तेल की कीमत, डॉलर सूचकांक एवं एफआईआई के निवेश प्रवाह पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। एफआईआई ने पिछले लगातार तीन महीने दिसंबर, जनवरी और फरवरी में बाजार से निवेश निकाल लिए। लेकिन, मार्च में अबतक वह 246.04 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे हैं। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का शुद्ध निवेश 25,592.99 करोड़ रुपये रहा।

एशियाई बाजार से मिले कमजोर संकेतों के साथ ही घरेलू स्तर पर हुयी चौतरफा बिकवाली के दबाव में सोमवार को सेंसेक्स 360.95 अंक टूटकर 57628.95 अंक पर और निफ्टी 111.65 अंक गिरकर 16988.40 अंक पर रहा। वहीं, वैश्विक बाजार की तेजी से उत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, वित्तीय सेवाएं, बैंकिंग और ऊर्जा समेत चौदह समूहों में हुई लिवाली की बदौलत मंगलवार को सेंसेक्स 445.73 अंक उछलकर 58,074.68 अंक और निफ्टी 119.10 अंक की छलांग लगाकर 17,107.50 अंक पर पहुंच गया।

इसी तरह अमेरिकी फेड रिजर्व की बैठक से पहले बैंकिंग संकट टलने की उम्मीद में वैश्विक बाजार में आई तेजी से उत्साहित निवेशकों की हेल्थकेयर, कमोडिटीज और यूटिलिटीज समेत पंद्रह समूहों में हुई लिवाली की बदौलत बुधवार को सेंसेक्स 139.91 अंक की तेजी लेकर 58,214.59 अंक और निफ्टी 44.40 अंक की बढ़त के साथ 17,151.90 अंक पर रहा।
वहीं, वैश्विक बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर रियल्टी, बैंकिंग, आईटी, टेक और वित्तीय सेवाएं समेत बारह समूहों में हुई

बिकवाली से गुरुवार को सेंसेक्स 289.31 अंक का गोता लगाकर 57,925.28 अंक और निफ्टी 75 अंक टूटकर 17076.90 अंक पर आ गया। इसी तरह बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता को लेकर चिंतित वैश्विक बाजार की गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा बिकवाली से शुक्रवार को सेंसेक्स 398.18 अंक का गोता लगाकर 57,527.10 अंक और निफ्टी 131.85 अंक की गिरावट लेकर 16,945.05 अंक पर रहा।

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रुपया 29 पैसे लुढ़का

मुंबई 25 मार्च (एजेंसी)। शेयर बाजार में जारी गिरावट के साथ ही आयातकों और बैंकरों की लिवाली के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 29 पैसे लुढ़ककर 82.50 रुपये प्रति डॉलर रह गया।
इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 82.21 रुपये प्रति डॉलर रहा था।
शुरुआती कारोबार में रुपया आठ पैसे गिरकर 82.29 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान लिवाली होने से 82.50 रुपये प्रति डॉलर निचले स्तर तक लुढ़क गया और इसी स्तर पर बंद भी हुआ। हालांकि बिकवाली होने से यह 82.20 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा।

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