भारत-EU समझौता विकसित भारत की नींव: श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रायपुर में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है।

 

उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड—को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। प्रमुख क्षेत्रों में आपसी संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए यह समझौता निर्यात वृद्धि को घरेलू प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है और दोनों पक्षों के किसान समुदायों के लिए लाभ सुनिश्चित करता है। भारतीय कृषि के लिए यह एक बड़ा कदम है और देश के किसान समुदाय को बधाई है।

उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह समझौता भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत की कृषि शक्ति आज विश्व के सामने है—भारत चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और हमारी कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर विस्तार से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। घटिया पेस्टिसाइड और नकली बीज किसानों की कमर तोड़ देते हैं, इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में सरकार एक सख्त पेस्टिसाइड अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण आवश्यक है। इसी संकल्प के तहत ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ देश में लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभर सकेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।

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लाल किले में भारत पर्व के दौरान झारखंड की प्रामाणिक खुशबू का अनुभव लें

नई दिल्ली – लाल किले में आयोजित 25 वें भारत पर्व के अवसर पर आगंतुकों को झारखंड पर्यटन के तत्वावधान में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) रांची के स्टॉल पर झारखंड के प्रतिष्ठित, प्रामाणिक और सदियों पुराने व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईएचएम रांची की ओर से कुशलतापूर्वक तैयार किया गया यह स्टॉल आदिवासी परंपराओं, ग्रामीण रीति-रिवाजों और टिकाऊ मोटे अनाजों के व्यंजनों में निहित भोज्य पदार्थों की राज्य की समृद्ध विरासत की पाक कला की शानदार यात्रा प्रस्तुत करता है।

प्रामाणिकता और सादगी को दर्शाने के ख्याल से डिज़ाइन किए गए इस स्टॉल में देहाती ब्लैकबोर्ड शैली में भोज्य पदार्थों की सूची प्रस्तुत की गई है जो झारखंड में भोजन की संस्कृति की जड़ों का प्रतीक है। यह दृष्टिकोण खाद्य पदार्थों की सूची के उस दर्शन से जुड़ा हुआ है—जो स्थानीय सामग्रियों, खाना पकाने की पारंपरिक विधियों और प्रत्येक व्यंजन के पीछे की सांस्कृतिक कहानियों की सराहनीय जानकारी प्रस्तुत करता है।

खाद्य पदार्थों की सूची में पूरे झारखंड में रोज़मर्रा की खान-पान की परंपराओं को दर्शाने वाले विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और उत्सवों के लिए पकाए जाने वाले व्यंजन शामिल हैं। इनमें एक खास व्यंजन, आलू चना की सब्जी के साथ धुस्का, कुरकुरी खमीर वाली दाल-चावल रोटी है जिसे पौष्टिक आलू और छोले की करी के साथ परोसा जाता है। यह पूरे राज्य में लोकप्रिय व्यंजन है। चावल के आटे और गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयां जैसे अर्शा पीठा, सदियों पुरानी उत्सवों की रेसिपी को प्रदर्शित करती हैं जबकि डंबू जैसे अल्पज्ञात स्थानीय नाश्ते के सामान आगंतुकों को झारखंड की अनूठी पाक कला का अनुभव लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आईएचएम रांची के स्टॉल का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज के व्यंजन हैं जो पोषण, दीर्घकालिक आवश्यकताओं और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप हैं। रागी सेव और रागी समोसा जैसे अभिनव व्यंजन पोषक तत्वों से भरपूर रागी का उपयोग करके नाश्ते की लोकप्रिय सामग्री को नया रूप देते हैं। सब्जी के साथ चावल छिलका और सब्जी के साथ मडुआ छिलका जैसे पौष्टिक भोजन के विकल्प पारंपरिक अनाज आधारित आहार को दर्शाते हैं, जिन्हें मौसमी सब्जियों के साथ मिलाकर संतुलित और पोषणपूर्ण भोजन प्रदान किया जाता है।

वहीं, पेय पदार्थों में चावल की चाय शामिल है, जो चावल से बनी एक विशिष्ट चाय है और पारंपरिक चाय का हल्का और सुकून देने वाला विकल्प है। यह स्थानीय सामग्रियों के उपयोग और परंपरा में निहित पाक कला के नवाचार को और भी उजागर करती है। मड़ुआ कुकीज़ और मड़ुआ लड्डू जैसे आकर्षक पैकेजिंग वाले आइटम उपहार देने और ले जाने के लिए पारंपरिक स्वादों को आधुनिक सुविधा के साथ पेश करते हैं। मड़ुआ रागी रैप जैसे समकालीन उत्पाद आधुनिक रूप में स्वदेशी अनाजों को परिचित प्रारूपों के साथ मिलाकर विविध ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।

भारत पर्व में आईएचएम रांची का यह स्टॉल सोच-समझकर तैयार किए गए मेनू के माध्यम से न केवल झारखंड की पाक कला विरासत को शानदार तरीके से प्रस्तुत करता है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे खान-पान के तौर-तरीकों, पोषण संबंधी जागरूकता और सांस्कृतिक गौरव को भी बढ़ावा देता है जिससे आगंतुकों को राज्य की समृद्ध और विविध खाद्य परंपराओं का प्रामाणिक स्वाद मिलता है।

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जम्मू-कश्मीर के चटरगला दर्रे में सीमा सड़क संगठन ने सफलतापूर्वक ऊंचाई वाले क्षेत्र में बचाव और सड़क पुनर्निर्माण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया

नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में, भद्रवाह-चटरगला मार्ग पर 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित चटरगला दर्रे में 23 जनवरी, 2026 को भारी बर्फबारी के चलते उत्पन्न हुई बाधाओं को दूर करने के लिए सीमा सड़क संगठन ने प्रोजेक्ट संपर्क के तहत ऊंचाई वाले क्षेत्र में बचाव और सड़क बहाली अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।

सीमा सड़क कार्य बल की 118 सड़क निर्माण कंपनी ने 24 जनवरी, 2026 को तड़के बर्फ हटाने का अभियान शुरू किया, जो लगभग 40 घंटे तक चला। इस प्रयास के तहत 5 से 6 फीट मोटी बर्फ की परत से ढकी करीब 38 किलोमीटर लंबी सड़क को साफ किया गया। अभियान की सफलता के बाद 25 जनवरी 2026 की शाम को यह मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, वहां फंसे हुए 20 आम नागरिकों और 4 राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवानों को उनके हथियारों और अन्य साजो-सामान सहित सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यह उद्धार अभियान 26 जनवरी 2026 को सुबह 2:30 बजे सफलतापूर्वक और बिना किसी जनहानि के पूरा किया गया। यह उपलब्धि कठिन उच्च पर्वतीय भूभाग और अत्यंत प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में काम कर रहे सीमा सड़क संगठन के कर्मियों के व्यावसायिकता और समर्पण का परिचायक है। इस अभियान को भारतीय सेना के साथ घनिष्ठ तालमेल का साथ अंजाम दिया गया जिससे क्षेत्र में शीघ्र राहत पहुंचाने और महत्वपूर्ण संपर्क साधनों की बहाली को संभव बनाया जा सका।

सीमा सड़क संगठन देश के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती, संचालन की तत्परता और मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार बनाए हुए है। यह उसके आदर्श वाक्य ‘श्रमेण सर्वं साध्यम्’ को सशक्त रूप से प्रमाणित करता है।

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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों से मिली, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर

नई दिल्ली,
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों का अपने दिल्ली निवास पर आत्मीय स्वागत करने का अवसर मिला: महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर कहा, “77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर बहनों का अपने दिल्ली निवास पर आत्मीय स्वागत करने का अवसर मिला। इस दौरान उनके साथ कार्य अनुभव, जमीनी चुनौतियों और सफल प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई।”

“मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनका समर्पण और सेवा भावना ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मजबूत आधार है।”

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ देने के लिए विश्व नेताओं का धन्यवाद किया

नई दिल्ली –

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ और बधाइयाँ देने के लिए विश्व नेताओं का धन्यवाद किया।

भूटान के प्रधानमंत्री द्वारा एक्‍स पर किए गए एक पोस्ट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा:
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ देने के लिए प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे और भूटान के लोगों का धन्यवाद। दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता और अनूठे संबंध मजबूती के साथ और अधिक विकसित होते रहें।”

@tsheringtobgay”

एक्‍स पर फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा:
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों। मैं शीघ्र ही भारत में आपका स्वागत करने और भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ एवं विविधतापूर्ण बनाने की आशा करता हूँ।”

@EmmanuelMacron”

साइप्रस के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, श्री मोदी ने कहा:
“आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद प्रिय राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स। साइप्रस एक घनिष्ठ मित्र और विश्वसनीय साझेदार है और हम अपनी व्यापक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं भारत में आपका स्वागत करने की आशा करता हूँ।”

@Christodulides”

मालदीव के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, श्री मोदी ने कहा:
“धन्यवाद, राष्ट्रपति मुइज्जू। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर आपकी हार्दिक शुभकामनाओं और बधाइयों के लिए हार्दिक आभार। हम दोनों देशों के नागरिकों के हित के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे। आपको और मालदीव के हमारे मित्रों को आगामी उत्सवों की हार्दिक शुभकामनाएँ।”

@MMuizzu“

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने विभिन्न राज्यों से पद्म पुरस्कार के लिए चयनित लोगों को बधाई दी

नई दिल्ली – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज विभिन्न राज्यों से पद्म पुरस्कार के लिए चयनित लोगों को बधाइयाँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समाज के बीच रहकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों को गति देने वाले निष्काम कर्मयोगियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की नई परंपरा विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, साहित्य एवं कला के क्षेत्र में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित महानुभावों ने अनवरत योगदान देकर अनेक लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है।

अलग-अलग राज्यों पर केन्द्रित सिलसिलेवार X पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “यह गुजरात के लिए बहुत ही गौरव का विषय है कि अरविंद वैद्य जी, धर्मिकलाल चुन्नीलाल पांड्या जी, मीर हाजीभाई कासमभाई जी, नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला जी और रतिलाल बोरीसागर जी का ‘पद्म श्री’ सम्मान के लिए चयन किया गया है। मोदी जी के नेतृत्व में समाज के बीच रहकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों को गति देने वाले निष्काम कर्मयोगियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की नई परंपरा विकसित हुई है। समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य एवं कला के क्षेत्र में इन महानुभावों ने अनवरत योगदान देकर अनेक लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है। आप सभी और भी अधिक ऊर्जा से देश निर्माण के कार्यों को गति देंगे, यह कामना करता हूँ।”

 

श्री अमित शाह ने कहा, “कला के क्षेत्र में श्री प्रसेनजीत चटर्जी, श्री कुमार बोस, श्री तरुण भट्टाचार्य, सुश्री त्रिप्ति मुखर्जी, श्री ज्योतिष देबनाथ, तथा श्री हरि माधब मुखोपाध्याय (मरणोपरांत) को पद्मश्री सम्मान प्रदान किए गए हैं, जबकि साहित्य एवं शिक्षा तथा चिकित्सा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए श्री अशोक कुमार हलदार, श्री गंभीर सिंह योंजोन, श्री महेंद्र नाथ रॉय, श्री रबीलाल टुडू, और श्री सरोज मंडल को सम्मानित किया गया है। ये सम्मान भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक परिदृश्य को आकार देने में बंगाल की निरंतर भूमिका को दर्शाते हैं, जो पीपुल्स पद्म की वास्तविक भावना के अनुरूप हैं।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “अपने कार्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व योगदान देने वाली उत्तर प्रदेश की विभूतियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। चिकित्सा के क्षेत्र में राजेंद्र प्रसाद जी, श्याम सुंदर जी एवं केवल कृष्ण ठकराल जी, कला के क्षेत्र में अनिल कुमार रस्तोगी जी, चिरंजीलाल यादव जी तथा एन. राजम जी, इंजीनियरिंग एवं पुरातत्व (आर्कियोलॉजी) के क्षेत्र में अशोक कुमार सिंह जी एवं बुद्ध रश्मि मणि जी, शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में मंगला कपूर जी, खेल के क्षेत्र में प्रवीण कुमार जी तथा कृषि के क्षेत्र में रघुपत सिंह जी ने यह सिद्ध किया है कि सामाजिक दायित्वों का सजगता से निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में प्रभावी सहयोग दिया जा सकता है।”

 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “उत्कृष्ट व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कर पद्म पुरस्कार केरल के गौरव का जश्न मनाते हैं। जानीमानी हस्तियों, जैसे जस्टिस के. टी. थॉमस, श्री पी. नारायण, और श्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को लोक कार्य, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है; श्री मम्मूटी और श्री वेल्लापल्ली नटेशन को कला और लोक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से नवाजा गया है; तथा श्री ए. ई. मुथुनायगम, सुश्री कलामंडलम विमला मेनन, और सुश्री कोल्लकल देवकी अम्मा जी. को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, कला और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में पद्मश्री प्रदान किया गया है। इनके उत्कृष्ट योगदानप्रेरणा पथ पर दूसरों के मार्ग प्रशस्त करेंगे।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “कर्नाटक के आठ प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किए जाने से सांस्कृतिक, बौद्धिक और सामाजिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में कर्नाटक का वैभव पूर्ण गौरव के साथ उभरकर सामने आया है। श्री शतावधानि आर. गणेश को कला के क्षेत्र में उनके असीम योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है, जबकि श्री अंके गौड़ा एम., डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे, सुश्री एस. जी. सुशीलम्मा, श्री शशि शेखर वेम्पति, सुश्री शुभा वेंकटेश अयंगर, डॉ. सुरेश हनगवाड़ी और श्री टी. टी. जगन्नाथन को सामाजिक कार्य, साहित्य एवं शिक्षा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, चिकित्सा तथा व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्रों में पद्मश्री प्रदान किया गया है। इनके समर्पण और देशभक्ति नए परिवर्तन लाने वालों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।”

 

श्री अमित शाह ने कहा, “यह तमिलनाडु के लिए बहुत खुशी का अवसर है कि श्री कल्लिपट्टी रामासामी पलानिस्वामी और श्री एस. के. एम. मेइलानंदन को स्वास्थ्य और सामाजिक कार्य क्षेत्रों में अपनी सेवाओं के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। वहीं, श्री एच. वी. हंडे, श्री के. रामासामी, डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन और श्री वीझिनाथन कामकोटी को चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है। ये सभी पीपुल्स पद्म, जिसे मोदी जी ने समाज के आदर्श व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए एक मंच में बदल दिया है, के योग्य प्राप्तकर्ता हैं। उनके उदाहरण निश्चित रूप से अधिक लोगों को निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करेंगे।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “तमिलनाडु के उन महान व्यक्तित्वों को हम गर्व के साथ हार्दिक बधाई देते हैं, जिन्हें कला, सिविल सेवा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। श्रीमती गायत्री बालासुब्रमण्यम और श्रीमती रंजनी बालासुब्रमण्यम (युगल के रूप में), श्री ओथुवर तिरुत्थानी स्वामिनाथन, श्री आर. कृष्णन, श्री राजस्थापति कलियप्पा गौंडर, श्री तिरुवरूर बख्तवत्सलम, श्रीमती शिवशंकरि, और श्री के. विजय कुमार के योगदान आने वाली पीढ़ियों के भारतीयों को प्रेरित करेंगे।”

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “महाराष्ट्र कला, साहित्य, संगीत, खेल से लेकर उद्योग जगत के कई व्यक्तित्वों की कर्मभूमि रही है। यहाँ से धर्मेंद्र जी का पद्म विभूषण, अलका याज्ञिक जी, पीयूष पांडे जी, उदय कोटक जी का पद्म भूषण, रोहित शर्मा जी, सतीश शाह जी, आर. माधवन जी, आर्मिडा फ़र्नांडिस जी, अशोक खाड़े जी, जनार्दन बापूराव बोथे जी, जूजर वासी जी, रघुवीर तुकाराम खेडकर जी, भिकल्या लाडक्या ढिंडा जी, सत्यनारायण नुवाल जी एवं श्रीरंग देवबा लाड जी का पद्म श्री के लिए चयनित होना हर्ष की बात है।”

 

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “पद्म पुरस्कार असम की रचनात्मकता और देशभक्ति पर प्रकाश डालते हैं। श्री हरिचरण सैकिया, श्री एम. नूरुद्दीन अहमद और सुश्री पोखिला लेथेपी कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किए गए हैं, जबकि श्री जोगेश देवरी को कृषि में उनके योगदान के लिए और स्वर्गीय कबिंद्र पुरकायस्थ को लोक कार्यों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। ये सम्मान मिलकर भारत के सार्वजनिक जीवन को समृद्ध करने में असम की महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाते हैं।”

 

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रांची जिला के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जनता दरबार का आयोजन

जाति, आय, आवासीय, पारिवारिक सदस्यता, जन्म प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, मुआवजा, पेंशन एवं अन्य राजस्व से संबंधित शिकायतों का हुआ निष्पादन

जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है – श्री मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची।

रांची,27.01.2026 –  उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को रांची जिला के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

जनता दरबार के दौरान विभिन्न अंचलों में जाति, आय, आवासीय, पारिवारिक सदस्यता, जन्म प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, मुआवजा, पेंशन एवं अन्य राजस्व से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।

मांडर अंचल में आयोजित जनता दरबार में आवेदिकाओं सोभा तिर्की (ग्राम- सकरपदा), शाहरोन तिग्गा (ग्राम- ब्राम्बे) एवं पूजा कुमारी (ग्राम- चुन्द) को जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम चन्हो की सरिता कुमारी को जन्म प्रमाण पत्र तथा ग्राम जिंगी, कुरु के वसीम अकरम को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वहीं ग्राम बाम्बे के जेवियर तिग्गा के भूमि अभिलेख में रकबा सुधार से संबंधित आवेदन का निष्पादन किया गया।

नगड़ी अंचल में अजय यादव एवं निशा कुमारी के दाखिल-खारिज वाद की स्वीकृति प्रदान करते हुए नामांतरण शुद्धि पत्र निर्गत किया गया।

राहे अंचल कार्यालय में कुल 90 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, लगान रसीद एवं ऑनलाइन पंजी सुधार से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

सिल्ली अंचल में बज्रपात आपदा से प्रभावित ग्राम हलमद निवासी अकलु महतो को ₹4,00,000/- (चार लाख रुपये) की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई। साथ ही कुल 69 आवेदनों का निष्पादन किया गया।

सोनाहातु अंचल में प्रवीण महली को तत्काल जाति प्रमाण पत्र, पूनम देवी को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र तथा अखिलेश कुमार शर्मा को चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।

खलारी अंचल में कुल 19 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें जाति, आय, आवासीय, तत्काल एवं पारिवारिक प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

नगड़ी अंचल में कुल 120 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिसमें आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, वशुधा सुधार एवं अन्य आवेदन सम्मिलित रहे।

अरगोड़ा अंचल में जनता दरबार के दौरान कुल 73 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जबकि 87 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें आय, स्थानीय, जाति प्रमाण पत्र, पंजी-II सुधार, पेंशन एवं नकल से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

चान्हो अंचल में कुल 146 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें आय, आवासीय, जाति एवं तत्काल आवेदन प्रमुख रहे।

बुढ़मू अंचल में कुल 53 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिसमें सड़क दुर्घटना, जल दुर्घटना, आय, जाति, आवासीय एवं पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन सम्मिलित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे।

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माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में ‘सामूहिक बैंड डिस्प्ले’ एवं ‘एट होम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

रांची,27.01.2026 – गणतंत्र दिवस समारोह–2026 के उपलक्ष्य में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में लोक भवन, राँची में आज ‘सामूहिक बैंड डिस्प्ले’ एवं ‘एट होम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय झारखण्ड विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो, पुलिस महानिदेशक, पद्म पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तिगण, वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारीगण एवं सैन्य अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

समारोह में 11वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स, 6/8 जी.आर., जैप–1, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राँची एवं विवेकानंद विद्या मंदिर, राँची की बैंड टीमों द्वारा आकर्षक एवं मनमोहक बैंड डिस्प्ले प्रस्तुत किया गया।

उक्त अवसर पर राज्यपाल महोदय द्वारा मोरहाबादी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह–2026 के अंतर्गत प्रदर्शित झांकियों, परेड एवं बैंड प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

विदित हो कि मोरहाबादी मैदान में आयोजित झांकी में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को प्रथम, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को द्वितीय तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। वहीं परेड में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) को प्रथम, सेना को द्वितीय तथा एन.सी.सी. (महिला) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं बैंड में जैप–1 को प्रथम, सेना को द्वितीय एवं जैप–10 (महिला) को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से आए लाभार्थियों का स्वागत किया

नई दिल्ली – केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने आए देश भर के लाभार्थियों का आज स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर को खास बताते हुए कहा कि ये लाभार्थी प्रधानमंत्री के अतिथि हैं।

श्री रिजिजू ने भारत की समृद्ध विविधता और अलग-अलग संस्कृतियों के समन्वय पर ज़ोर दिया, जिसे गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय छह अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विविध योजनाएं लागू करता है। मंत्री महोदय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मंत्रालय पीएमजेवीके, पीएमविकास और दूसरी योजनाओं के ज़रिए अनेक लाभार्थियों की मदद कर रहा है। पीएम विकास योजना का उद्देश्य पूरे भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना है, जबकि हाल ही में लॉन्च किया गया हज सुविधा ऐप मंत्रालय के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की कोशिशों को दिखाता है। उन्होंने देश भर में राज्‍य एजेंसियों के ज़रिए लाभार्थियों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करने के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के व्‍यापक प्रयासों की भी प्रशंसा की।

श्री रिजिजू ने लद्दाख, अहमदाबाद, तमिलनाडु और कई अन्‍य राज्यों से आए लाभार्थियों से बातचीत की। उन लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा एनएमडीएफसी और पीएम विकास जैसी योजनाओं के ज़रिए किए गए मंत्रालयों के प्रयासों का आभार प्रकट किया।

 

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि भारत भर के लोग 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री का विजन “जन भागीदारी” के ज़रिए देश भर के लोगों की सेवा के माध्‍यम से साकार हो रहा है। श्री कुरियन ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के तहत एनएमडीएफसी के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

एमओएमए सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने देश के कोने-कोने से आए अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि माननीय प्रधानमंत्री ने इन विशेष अतिथियों को व्‍यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। मंत्रालय ने लाभार्थियों के लिए गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने तथा राष्ट्रीय समर स्मारक और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की है। डॉ. सी एस कुमार ने मंत्रालय की योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्‍यकता पर ज़ोर दिया और लाभार्थियों से मंत्रालय के विज़न और लक्ष्यों को साकार करने में योगदान देने का अनुरोध किया।

एमओएमए के संयुक्‍त सचिव श्री राम सिंह ने भी भारत भर से आए लाभार्थियों का स्वागत किया और गणतंत्र दिवस समारोह सहित अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के लिए एनएमडीएफसी की सराहना की। उन्होंने वहां मौजूद सभी गणमान्‍य व्‍यक्तियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि मंत्रालय अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को सशक्‍त बनाने और समावेशी राष्‍ट्रीय गरिमा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

26 जनवरी 2026 को लाभार्थी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे। परेड के बाद, वे इंडिया गेट स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक जाएंगे और राष्‍ट्र की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे।

कार्यक्रम के तहत लाभार्थी 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के तीन मूर्ति मार्ग पर प्रधानमंत्री संग्रहालय भी जाएंगे, जहां वे आज़ादी के बाद से भारत की यात्रा को दर्शाने वाली मोहक और इंटरैक्टिव डिजिटल प्रदर्शनी के ज़रिए भारत के प्रधानमंत्रियों के नेतृत्‍व और योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

एनएमडीएफसी के लाभार्थियों का गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में हिस्सा लेना, समावेशी विकास, लोक केंद्रित शासन और राष्‍ट्रीय स्‍तर के कार्यक्रमों और समारोहों में अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी को मज़बूत करने के प्रति अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की सशक्‍त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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दिल्ली में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत भर से 100 से अधिक पीएमआईएस प्रशिक्षु आए हैं

उन्होंने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के राज्य मंत्री के साथ संवाद किया

नई दिल्ली – गणतंत्र दिवस समारोह के तहत भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप कर रहे देश भर के 100 से अधिक प्रशिक्षुओं के लिए नई दिल्ली में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया है।

आईबीएम, इन्फोसिस, एमआरएफ, आईडीएफसी बैंक और विप्रो जैसी शीर्ष कंपनियों के इंटर्न ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और राजघाट सहित शहर के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का दौरा किया। ये सभी प्रशिक्षु 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल होंगे।

यात्रा कार्यक्रम के तहत आज 25 जनवरी को पीएमआईएस प्रशिक्षुओं ने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा के साथ बातचीत की और उन्होंने अपने सीखने के अनुभवों, आकांक्षाओं और स्कीम को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

मंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और करियर की शुरुआत में इंटर्नशिप के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक के विकसित भारत के विजन को साकार करने में भारत के युवाओं की अहम भूमिका है। भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पीएमआईएस को नए अवसर खोलने और सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि युवाओं को अग्रणी कंपनियों में सार्थक, जमीनी स्तर का अनुभव प्राप्त हो सके।

पिरामल एंटरप्राइजेज में सेल्स इंटर्न के रूप में काम कर रहे बिहार के श्रवण कुमार अपने पीएमआईएस अनुभव को परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने बताया कि लोन प्रोसेसिंग विभाग में काम करने वाले एक कला स्नातक के रूप में पीएमआईएस ने ऐसे अवसरों के द्वार खोल दिए हैं जिनकी मैंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की थी। इस कार्यक्रम ने मेरे पेशेवर सफर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अकादमिक शिक्षा और वास्तविक दुनिया के कार्य अनुभव के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम किया है। श्रवण की कंपनी इस योजना के तहत दिए जाने वाले 5,000 रुपये प्रति माह के अतिरिक्त 9,500 रुपये का मासिक प्रोत्साहन भी प्रदान करती है।

हरियाणा की एक अन्य पीएमआईएस इंटर्न हिमानी मल्होत्रा आईबीएम में एप्लीकेशन डिवेलपमेंट इंटर्न के रूप में काम कर रही हैं। पूर्व में कोई अनुभव न होने के बावजूद उन्होंने इस इंटर्नशिप को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। हरियाणा के कुरुक्षेत्र से आने वाली हिमानी को कर्नाटक में एक अवसर के लिए चुना गया। इसे स्वीकार करने में उन्होंने जरा भी संकोच नहीं किया। उन्होंने बताया कि आईबीएम के साथ काम करना मेरे लिए एक ऐसा अवसर था जिसे मैं गंवाना नहीं चाहती थी। इस अनुभव ने मुझे दिखाया है कि सही अवसर मिलने पर दूरी कोई बाधा नहीं होती।

इस कार्यक्रम ने पीएमआईएस के इंटर्न को कार्यस्थल से परे व्यापक दृष्टिकोण और अनुभव प्रदान किया, जिससे वे देश भर के साथियों के साथ जुड़ सकें और एक बड़े राष्ट्रीय संदर्भ में अपनी आकांक्षाओं पर विचार कर सकें। इस तरह के अनुभव उनके पेशेवर सफर को गहरा अनुभव प्रदान करते हैं और अगली पीढ़ी के अधिक आत्मविश्वासी, जानकार और सक्षम पेशेवरों को आकार देने में योगदान देते हैं।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बारे में

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) प्रधानमंत्री की पांच अवसरों के पैकेज का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पांच साल की अवधि में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसरों को सुगम बनाना है। यह योजना भारत भर की अग्रणी कंपनियों में सवैतनिक इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करती है। पीएमआईएस का उद्देश्य भारतीय युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग जगत की जानकारी प्रदान करके उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

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गणतंत्र दिवस परेड में: शक्ति एवं आध्यात्मिक सौम्यता का प्रदर्शन

नई दिल्ली – सामाजिक सद्भाव, शांति, करुणा और सह-अस्तित्व के शाश्वत बौद्ध ज्ञान की प्रासंगिकता को रेखांकित करने के लिए, ‘ग्लोबल बुद्धिस्ट समिट’  में भाग ले रहे 40 देशों के अंतर्राष्ट्रीय भिक्षुओं और नन का एक बड़ा समूह इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होगा।

 

संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) द्वारा 24-25 जनवरी, 2026 के बीच “सामूहिक ज्ञान, संयुक्त स्वर और पारस्परिक सह-अस्तित्व” विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम, संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, वैश्विक असमानताओं और पारिस्थितिक संकट के लिए बुद्ध की भूमि से भारत के संदेश की एक अभिव्यक्ति भी है।

आज एक प्रेस वार्ता  में आईबीसी के महासचिव वेन शारत्से खेन्सुर रिनपोछे जंगचुप चोएडेन ने कहा, “परेड में भारत अपनी शक्ति  का प्रदर्शन करेगा, लेकिन यह बुद्ध धम्म की भूमि भी है, जो दुनिया के कई देशों में शांति, प्रेम और दयालुता का संदेश फैला रही है। हम करुणा और देखभाल की शक्ति में विश्वास करते हैं। आज दुनिया को शांति और मैत्रीपूर्ण सह-अस्तित्व की आवश्यकता है।”

आईबीसी के महानिदेशक श्री अभिजीत हलदर ने कहा कि गणतंत्र दिवस उस दिन का भी प्रतीक है जब भारत का संविधान लागू हुआ था। बौद्ध धर्म के सिद्धांतों ने भारत के संविधान को प्रभावित किया है; समानता, करुणा और अहिंसा के आदर्श संविधान का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि, “बौद्ध संघ सहभागी लोकतंत्र का एक प्रारंभिक मॉडल था, जिसने भारतीय संसदीय प्रणाली में अपनाए गए लोकतांत्रिक मानदंडों और प्रक्रियाओं को प्रभावित किया।”

उन्होंने आगे कहा कि परेड में एक ओर सशस्त्र बलों, नौसेना, वायु शक्ति और बख्तरबंद उपकरणों का प्रदर्शन होगा, तो दूसरी ओर पूज्य भिक्षुओं और नन का बड़ा समूह शांति और करुणा की अभिव्यक्ति होगा। यह पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि समस्याओं के समाधान के लिए ‘धम्म’ ही अंतिम मार्ग है।

श्रीलंका से आए आईबीसी के उप महासचिव डॉ. दमेंदा पोरेज ने अपनी बात जोड़ते हुए कहा कि, “बुद्ध धम्म भारत की वह अपरिहार्य विरासत थी जो मेरे देश तक पहुँची। हमें श्रीलंका में आध्यात्मिक पुनर्जागरण का शंखनाद करने वाले शिल्पकारों के साथ-साथ बौद्ध सिद्धांत भी प्राप्त हुए। भारत दुनिया के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में खड़ा है, जो शक्ति और आध्यात्मिक सौम्यता दोनों का प्रदर्शन करता है।”

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में 40 देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 200 से अधिक विदेशी प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें लगभग 100 संघों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इसमें भारत के राजनयिक, शिक्षाविद, विद्वान और बौद्ध अनुयायी भी शामिल हुए।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर किया झण्डोत्तोलन

गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने की ऐतिहासिक घटना का प्रतीक है, जो हमें लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता 

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उपायुक्त आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

रांची, 26.01.2026 – इस अवसर पर उपायुक्त ने राष्ट्रगान के साथ झण्डोत्तोलन किया और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा एवं समर्पण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने की ऐतिहासिक घटना का प्रतीक है, जो हमें लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने सभी रांची वासियों से आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों को अपनाकर एक मजबूत, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दें।

झण्डोत्तोलन के समय उप विकास आयुक्त रांची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया, अनुमंडल दंडाधिकारी राँची, श्री कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अपर समाहर्ता रांची, श्री रामनारायण सिंह, परियोजना निदेशक ITDA रांची, श्री संजय कुमार भगत, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी रांची, श्रीमती मोनी कुमारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी रांची, श्रीमती उर्वशी पाण्डेय , उप समाहर्ता भूमि सुधार रांची, मुकेश कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी रांची, श्री राजेश कुमार साहू, जिला परिवहन पदाधिकारी रांची, श्री अखिलेश कुमार , ट्रेजरी ऑफिसर रांची, श्रीमती सारिका भगत, भू-अर्जन पदाधिकारी रांची, श्री के. के. राजहंस, जिला नज़ारत उप समाहर्ता रांची, डॉ. सुदेश कुमार , सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा रांची, श्री रवि शंकर मिश्रा, उप निर्वाचन पदाधिकारी रांची, श्री विवेक सुमन एवं सभी अधिकारी/पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा रांची जिलावासियों एवं सभी अधिकारी/ पदाधिकारी/ कर्मियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं दी।

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16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है–राज्य निर्वाचन आयुक्त , अलका तिवारी

रांची,25.01.2026 – राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम “My India My Vote” तथा Tagline, “Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy” जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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बजाज पुणे ग्रैंड टूर शानदार अंदाज़ में सम्‍पन्‍न हुआ; वैश्विक खेल मानचित्र पर दर्ज हुआ पुणे

नई दिल्ली – भारत की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग प्रतियोगिता, बजाज पुणे ग्रैंड टूर, आज अत्‍यधिक ऊर्जा से भरे वातावरण में पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सम्‍पन्‍न हुई, जिसमें विश्व स्तरीय खेल-कौशल, दृढ़ता तथा कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रदर्शित की गई। इस आयोजन ने पुणे और भारत को वैश्विक खेल मंच पर शक्तिशाली केंद्र के रूप में स्थापित किया और फिट इंडिया मिशन के तहत नागरिकों को फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

बालगंधर्व रंगमंदिर, जे.एम. रोड, पुणे में आयोजित समापन समारोह में श्रीमती रक्षा खडसे, राज्य मंत्री (खेल और युवा मामले); श्री चंद्रकांत पाटिल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री, महाराष्ट्र; श्री राजीव बजाज, प्रबंध निदेशक, बजाज ऑटो; श्री अतुल चोर्डिया, अध्यक्ष, पंचशील रियल्टी; श्रीमती मेधा कुलकर्णी, सांसद; और जिले तथा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को उनके साहस, दृढ़ता और खेल उत्‍कृष्‍टता का जश्न मनाते हुए सम्‍मानित किया गया।

श्रीमती खडसे ने बजाज ऑटो, श्री जितेंद्र डूडी, जिला कलेक्टर, पुणे के नेतृत्व में जिले के प्रशासन, श्री नवल किशोर राम, आईएएस, आयुक्त के नेतृत्व में पुणे नगर निगम और पुलिस टीमों के अथक प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने एक ऐसा आयोजन सफलतापूर्वक आयोजित किया जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है।

437 कि.मी. के पूरे रूट पर, 20 लाख से अधिक दर्शक सड़कों पर खड़े होकर खिलाडि़यों का उत्साह बढ़ाते रहे व उन्‍हें प्रेरित करते रहे, यह साबित करते हुए कि भारत में खेल अब केवल स्टेडियम तक ही सीमित नहीं रह गए हैं—ये गाँवों, शहरों और हर नागरिक तक पहुँच रहे हैं। यह टूर खेलों को सफलतापूर्वक लोगों तक पहुँचाने में सक्षम रहा, और जमीनी स्तर पर इसने फिटनेस तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रज्वलित किया।

 

श्रीमती खडसे ने रेखांकित किया कि बजाज पुणे ग्रैंड टूर जैसे आयोजन भारत के ओलंपिक विज़न को आगे बढ़ाते हैं, अगली पीढ़ी के खिलाडि़यों को प्रेरित करते हैं, और पुणे को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित करते हैं। उन्होंने पूरे देश में स्वास्थ्य, अनुशासन और उत्कृष्टता की संस्कृति को विकसित करने तथा एक मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।

बजाज पुणे ग्रैंड टूर केवल एक प्रतियोगिता नहीं है—यह एक आंदोलन है जो फिटनेस को बढ़ावा देता है, भारत की खेल क्षमताओं को प्रदर्शित करता है, और राष्ट्र को वैश्विक खेल गौरव बनने के लिए तैयार करता है।

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पराक्रम दिवस 2026 श्री विजयपुरम में देशभक्तिपूर्ण उत्साह के साथ मनाया गया

नई दिल्ली – पराक्रम दिवस 2026, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अदम्य भावना और अमिट विरासत को सम्मान देने के लिए, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में बड़े देशभक्तिपूर्ण उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उप-राज्यपाल, एडमिरल वी. के. जोशी(सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और भारत की आजादी की लड़ाई के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ नेताजी के गहरे ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी का विजन आज भी एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की यात्रा में राष्ट्र को लगातार प्रेरित कर रहा है।

समारोह के दौरान इण्डियन नेशनल आर्मी(INA) यानि आजाद हिन्द फौज के वरिष्ठ सैनिक श्री माधवन पिल्लै को नेताजी के नेतृत्व में राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान और आजीवन समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने पराक्रम दिवस समारोह 2026 के महत्व और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लिए इसकी विशेष प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण बातें कहीं।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर एक महीने तक चलने वाली प्रदर्शनी, साथ ही 24 और 25 जनवरी को आईटीएफ ग्राउंड में होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्घाटन मुख्य अतिथि ने रिमोट से किया।

इस कार्यक्रम में देशभक्ति की भावना को समर्पित अनेक जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। एक भव्य ड्रोन शो ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फौज के जीवन, आदर्शों और ऐतिहासिक यात्रा को को बखूबी सजीव रूप से प्रस्तुत किया गया।

इस गरिमामय आयोजन में गणमान्य व्यक्तियों, सशस्त्र बलों के सदस्यों, विद्यार्थियों और नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने एक साथ भारत के सबसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में से एक को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक साथ आए थे।

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आयोजित मुख्य समारोहों के साथ-साथ, पराक्रम दिवस देशभर के 13 प्रमुख स्थानों—कटक, कोडालिया, रामगढ़, हरिपुरा, जबलपुर, कोलकाता, मुर्शिदाबाद, डलहौजी, दिल्ली, मोइरांग, कोहिमा, गोमो और मेरठ—में भी मनाया गया, जो नेताजी के जीवन और विरासत से करीब से जुड़े हैं।

सांस्कृतिक संध्या में देशभर से आए प्रसिद्ध कलाकारों ने दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियां दीं। मशहूर सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने अपने बेटों अमान अली बंगश और अयान अली बंगश के साथ राग बागेश्री की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रख्यात जोड़ी सौरेंद्रो–सौम्योजित ने कालजयी देशभक्ति रचना “धन धान्य पुष्प भरा” प्रस्तुत किया, वहीं लोकप्रिय लोक गायिका मंगली ने प्रभावशाली शिव स्तोत्र का गायन कर गहन आध्यात्मिक भावना जगाई। प्रसिद्ध गायक पापोन ने “सुभाष जी” के माध्यम से नेताजी को संगीतमय श्रद्धांजलि दी। इंडियन नेशनल आर्मी के राष्ट्रगान “शुभ सुख चैन की” की विशेष रूप से तैयार की गई सामूहिक प्रस्तुति ने त्याग और राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त रूप से प्रतिध्वनित किया। प्रख्यात गायिका श्रीमती प्रतिभा सिंह बघेल ने “ऐ मेरे वतन के लोगों” की भावुक प्रस्तुति से सभा को भावविभोर कर दिया, जबकि प्रसिद्ध संगीतकार रघु दीक्षित ने “तिरंगा” की ऊर्जावान और प्रेरणादायक प्रस्तुति के साथ संध्या का समापन किया, जिससे दर्शकों में देशभक्ति का जोश भर गया।

पराक्रम दिवस 2026 के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय की पहल ने एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव के प्रति भारत के अटूट संकल्प की एक सशक्त याद दिलाई।

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श्री जयंत चौधरी ने विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया

नई दिल्ली – भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने आज नई दिल्ली में समावेशी शिक्षा शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया।

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय समावेशी शिक्षा शिखर सम्मेलन आज संपन्न हुआ। इसमें “विशिष्ट सीखने की अक्षमता, न्यूरोडाइवर्सिटी, और विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के लिए भविष्य के रास्ते” पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

अंतिम दिन न्यूरोडाइवर्स बच्चों के लिए सीखने के समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए शुरुआती पहचान, समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों के महत्व पर बल दिया गया।

दिन की शुरुआत सीआईईटी- एनसीईआरटी की प्रोफेसर भारती कौशिक के संदर्भ-निर्धारण संबोधन से हुई। उन्होंने कमी-आधारित दृष्टिकोण से शक्ति-आधारित ढांचे की ओर बदलाव पर ज़ोर दिया। उन्होंने उत्तरदायी पाठ्यक्रम, शिक्षकों की तैयारी और सीखने की विविध ज़रूरतों के प्रति प्रणालीगत संवेदनशीलता की आवश्यकता पर बल दिया।

समाजशास्त्री टॉम शेक्सपियर का हवाला देते हुए, श्री जयंत चौधरी ने कहा कि “दिव्यांगता कोई व्यक्तिगत समस्या नहीं है, बल्कि यह लोगों और उनके रहने के वातावरण के बीच मेल न  होना है।” मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समावेशन का मतलब बच्चे को ठीक करना नहीं है, बल्कि प्रणाली को बदलना है, जिसमें क्लासरूम, पाठ्यक्रम, सोच और सीखने के तरीके शामिल हैं।

मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि शुरुआती पहचान के बाद सार्थक शैक्षणिक और चिकित्सीय सहायता, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता, लचीला पाठ्यक्रम और संस्थागत तैयारी होनी चाहिए। शिक्षकों की केंद्रीय भूमिका की जानकारी देते हुए, उन्होंने समावेशी शिक्षाशास्त्र को मजबूत करने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा को स्कूली शिक्षा से आगे बढ़कर समावेशी कौशल और रोज़गार की नींव बनानी चाहिए। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि शिक्षा के रास्ते आजीविका, काम की गरिमा और समाज में पूरी भागीदारी से सार्थक रूप से जुड़ें।

इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव श्री संजय कुमार; दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) की सुश्री वी. विद्यावती; डीओएसईएल की आर्थिक सलाहकार श्रीमती ए. श्रीजा; डीओएसईएल की उप सचिव सुश्री इरा सिंघल; और डीओएसईएल के संयुक्त निदेशक श्री राम सिंह, साथ ही डीओएसईएल, शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय संस्थानों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और भागीदार संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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प्रधानमंत्री ने भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

नई दिल्ली –  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित श्री कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज के शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों का उत्थान ही कर्पूरी ठाकुर की राजनीति के केंद्र में था। उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर को उनकी सादगी और जीवन भर जनसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाएगा और उनका अनुकरण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा;

“बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी जयंती पर सादर नमन। समाज के शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों का उत्थान हमेशा उनकी राजनीति के केंद्र में रहा। अपनी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण भाव को लेकर वे सदैव स्मरणीय एवं अनुकरणीय रहेंगे।”

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प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के मौके पर राज्य के सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं हैं और भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोहरी इंजन वाली सरकार और विकास के प्रति समर्पित जनता की सक्रिय भागीदारी से उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ सालों में ‘बीमारू’ राज्य से एक अनुकरणीय राज्य के रूप में अपना लंबा सफर तय किया है।

राज्य के भविष्य में भरोसा जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अपार क्षमता राष्ट्र के विकास को गतिशील और प्रगतिशील बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“भारतीय संस्कृति और विरासत की समृद्धि में अमूल्य योगदान देने वाले उत्तर प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई। डबल इंजन सरकार और विकास को समर्पित यहां के लोगों की सहभागिता से हमारे इस राज्य ने बीते नौ वर्षों में बीमारू से बेमिसाल प्रदेश बनने का सफर तय किया है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश की प्रगति को गतिशील बनाए रखने में उत्तर प्रदेश का सामर्थ्य बहुत काम आने वाला है।”

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प्रधानमंत्री ने सौम्यनारायण पेरुमल मंदिर के पुजारियों से मुलाकात की

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सबसे पहले सौम्यनारायण पेरुमल मंदिर के सम्मानित पुजारियों से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री ने उनके आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया।

एक X पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा;

“आज सुबह सौम्यनारायण पेरुमल मंदिर के सम्मानित पुजारियों से मिला। मैं उनके आशीर्वाद के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूँ।”

 

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गणतंत्र दिवस समारोह का फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न

मोरहाबादी मैदान में राज्यस्तरीय समारोह की तैयारियों का किया गया रियल टाइम अभ्यास

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी,रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन की देखरेख में हुआ फुल ड्रेस रिहर्सल

प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों की हुई ज्वाइंट ब्रीफिंग, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश

रांची, रांची के मोरहाबादी मैदान में आगामी 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस के राज्यस्तरीय समारोह की तैयारियों के क्रम में आज दिनांक 24 जनवरी 2026 को फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया।

फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन की देखरेख में किया गया।

रिहर्सल के दौरान गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों को रियल टाइम बेसिस पर दुहराया गया, ताकि समारोह के दौरान किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा परेड का निरीक्षण करते हुए मार्च पास्ट की सलामी ली गई। इस दौरान परेड में शामिल सभी टुकड़ियों को संबोधित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों की हुई संयुक्त ब्रीफिंग

फुल ड्रेस रिहर्सल के उपरांत समारोह में प्रतिनियुक्त सभी पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। ब्रीफिंग के दौरान जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ पुलिस पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपर जिला दंडाधिकारी, रांची द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के लिए जारी संयुक्त आदेश के संबंध में सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

उचित समन्वय के साथ कर्तव्य निर्वहन करें – उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री

संयुक्त ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को समय पर अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर उपस्थित होकर सौंपे गए दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने झांकियों के निर्धारित समय-सीमा में प्रदर्शन, मेडिकल व्यवस्था की सुदृढ़ता तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिये।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए विशेष निर्देश

वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची श्री राकेश रंजन ने समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों एवं पुलिस बलों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश से पूर्व उचित फ्रीस्किंग सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो।

झांकियों के प्रदर्शन को लेकर दिशा-निर्देश

उप विकास आयुक्त, रांची श्री सौरभ कुमार भुवनिया द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर झांकियों के सुचारू एवं अनुशासित प्रदर्शन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

परेड में भाग लेने वाले प्लाटून

मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में निम्नलिखित प्लाटून परेड में हिस्सा लेंगेः

1. भारतीय सेना

2. सी.आई.एस.एफ.

3. सी.आर.पी.एफ.

4. आई.टी.बी.पी.

5. झारखंड जगुआर

6. जे.ए.पी.-1

7. जे.ए.पी.-2

8. डी.ए.पी. (पुरुष)

9. डी.ए.पी. (महिला)

10. एस.एस.बी.

11. छत्तीसगढ़ पुलिस

12. जे.ए.पी.-10 (महिला बटालियन)

13. होमगार्ड

14. एन.सी.सी. (गर्ल्स)

15. एन.सी.सी. (ब्वॉयज)

बैण्ड पार्टी

समारोह में निम्नलिखित बैण्ड पार्टियां भाग लेंगीः

1. आर्मी

2. जे.ए.पी.-1

3. होमगार्ड

4. जे.ए.पी.-10 (महिला)

गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड का समादेशन कैप्टन मोहित कुमार सुमन, भारतीय सेना, रांची द्वारा किया जाएगा। वहीं श्री सुशांत कुमार, परिचारी प्रवर-1, रांची परेड के द्वितीय समादेशक होंगे।

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पीएमएमएल में आईएनएस विक्रांत स्केल मॉडल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री संग्रहालय में आज एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें भारत के पहले स्वदेशी रूप से निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के रणनीतिक महत्व और राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) के निदेशक श्री अश्विनी लोहानी की उपस्थिति में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

एडमिरल आर. हरि कुमार ने पीएमएमएल के निदेशक के साथ मिलकर आईएनएस विक्रांत के स्केल मॉडल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

आईएनएस विक्रांत भारत में निर्मित पहला विमानवाहक पोत होने के नाते एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतिनिधित्व करता है, जो आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की प्रगति का प्रतीक है। लगभग 76% स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह विमानवाहक पोत जटिल रक्षा प्लैटफॉर्मों में भारत की बढ़ती तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है।

एडमिरल आर. हरि कुमार, आईएनएस विक्रांत के स्केल मॉडल की प्रदर्शनी के साथ।

प्रधानमंत्री संग्रहालय के भीतर रणनीतिक रूप से स्थित आईएनएस विक्रांत के स्केल मॉडल का प्रदर्शन आगंतुकों को भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और रक्षा तैयारियों को बढ़ाने में ऐतिहासिक, रणनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व की प्रासंगिक जानकारी प्रदान करता है। यह स्केल मॉडल इससे पहले एडमिरल आर. हरि कुमार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भेंट किया गया था।

प्रधानमंत्री संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए आईएनएस विक्रांत का स्केल मॉडल

आज के उद्घाटन समारोह में एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि आईएनएस विक्रांत भारत को वैश्विक स्तर पर विमानवाहक पोत बनाने की क्षमता रखने वाले नौ चुनिंदा देशों के समूह में शामिल करता है, जो स्वदेशी रक्षा को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ हथियार प्रणालियों के महत्व को रेखांकित करता है।

पीएमएमएल के निदेशक अश्विनी लोहानी ने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां आगंतुकों के बीच राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करती हैं।

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ऊर्जा परिवर्तन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में औद्योगीकरण, रोज़गार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दे सकता है: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी

नई दिल्ली – नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन जानबूझकर खासकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए औद्योगिक विकास, रोज़गार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए  उपकरण के रूप में डिज़ाइन किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 2026 में ऊर्जा:  फंडिंग में विशाल अंतर पर  उच्च-स्तरीय सत्र को संबोधित किया। श्री जोशी ने इस बात पर बल दिया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने अपने स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को जन-केंद्रित विकास आंदोलन में बदल दिया है। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत किया है और उद्योग के लिए लागत कम की है।

भारत की विकास रणनीति के केंद्र में नवीकरणीय ऊर्जा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने पहले ही 267 GW स्थापित गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल कर ली है, जिसमें अब नवीकरणीय ऊर्जा देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता का लगभग 52% है, जो पहले की समय-सीमा से काफी आगे है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत ऊर्जा परिवर्तन को केवल पर्यावरणीय अनिवार्यता के रूप में नहीं, बल्कि विकास को बढ़ावा देने वाले कारक के रूप में देखता है, जो तेज़ी से औद्योगीकरण का समर्थन करता है और व्यवसायों और घरों दोनों के लिए बिजली को अधिक किफायती बनाता है।

जनकेंद्रित योजनाएँ सामाजिकआर्थिक परिवर्तन को शक्ति दे रही हैं

प्रमुख विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए, मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में अकेले पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना ने 2.7 मिलियन घरों में रूफटॉप सौर प्रणालियों की स्थापना को सक्षम बनाया है। इसका लक्ष्य 10 मिलियन घरों का है, जिससे लगभग 30 GW बिजली उत्पन्न होने की आशा है।

पीएम-कुसुम के अंतर्गत देश भर में 2.1 मिलियन से ज़्यादा किसानों के सिंचाई पंपों को सोलर से जोड़ा गया है। इससे सब्सिडी वाली ग्रिड बिजली पर निर्भरता काफी कम हुई है और किसानों को अतिरिक्त बिजली बेचकर अतिरिक्त आय कमाने का अवसर मिल रहा है।

मंत्री ने कहा, “ये पहल न सिर्फ सस्ती ऊर्जा दे रही हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को ‘प्रोसमर्स’ (ऐसा व्यक्ति जो उत्पादक और उपभोक्ता दोनों हो)में भी बदल रही हैं। इससे घरों की आय और ग्रामीण आजीविका में सुधार हो रहा है।”

कम बिजली लागतमज़बूत उद्योग

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा ने बिजली शुल्क कम करने में कैसे मदद की है। उन्होंने पंपों के सोलराइज़ेशन के ज़रिए कृषि बिजली सप्लाई सुधारों का उदाहरण दिया, जिससे वितरण कंपनियों पर सब्सिडी का बोझ काफी कम हुआ है।

महंगी सब्सिडी वाली बिजली को कम लागत वाली सोलर पावर से बदलने से, बचत का फायदा उद्योग और घरों के लिए कम शुल्क के रूप में मिला है, जो भारत के बिजली क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा क्रांति के कारण बिजली शुल्क कम हो रहे हैं।

संपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण पारिस्थितिकी बनाना

केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर बल दिया कि भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा मूल्य शृंखला में मज़बूत घरेलू विनिर्माण आधार बनाया है। उन्होंने बताया कि देश ने पहले ही 144 GW सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता स्थापित कर ली है, जबकि सोलर सेल विनिर्माण क्षमता 27 GW तक पहुँच गई है। आशा है कि आने वाले समय में यह लगभग 50 GW तक बढ़ जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सम्पूर्ण विनिर्माण चक्र को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें वेफर्स और इनगॉट्स का नियोजित विनिर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है।

सोलर विनिर्माण के साथ-साथ, केंद्रीय मंत्री ने पवन ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और पंप्ड स्टोरेज सॉल्यूशंस के तेजी से विस्तार पर बल दिया, जो विश्वसनीयता और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास न केवल भारत की स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं और देश की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ा रहे हैं।

ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीयता के लिए एकीकृत दृष्टिकोण

ग्रिड विश्वसनीयता के बारे में चिंताओं को दूर करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा को ऊर्जा भंडारण, पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो और परमाणु ऊर्जा के साथ मिलाकर एकीकृत रणनीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने बेस-लोड क्षमता को मजबूत करने के लिए परमाणु ऊर्जा का विस्तार करने के लिए कानूनी और नीतिगत सुधार किए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का अनुभव दिखाता है कि ऊर्जा सुरक्षा, सामर्थ्य और स्थिरता एक-दूसरे की विरोधी प्राथमिकताएं नहीं हैं, बल्कि सुसंगत नीति डिजाइन, पैमाने और घरेलू विनिर्माण के माध्यम से एक साथ हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं को व्यावहारिक सीख देती है जो ऊर्जा परिवर्तन के माध्यम से विकास, रोजगार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना चाहती हैं।

विश्व आर्थिक मंच की बैठकों से अलग केंद्रीय मंत्री जोशी ने स्वच्छ ऊर्जा निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग और भारत के ऊर्जा परिवर्तन लक्ष्यों के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ कई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत की।

द्विपक्षीय राजनयिक बैठकों के सिलसिले में श्री जोशी ने जॉर्डन के निवेश मंत्री डॉ. तारेक अबू ग़ज़ालेह और योजना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री सुश्री ज़ीना टोकन से मुलाकात की, और बेहतर सहयोग और निवेश साझेदारी के अवसरों पर चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री ने ज़िम्बाब्वे के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री एच.ई. एमोन मुरविरा से भी मुलाकात की और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत-ज़िम्बाब्वे सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर चर्चा की। उन्होंने ज़िम्बाब्वे द्वारा भारत के समर्थन की सराहना पर ध्यान दिया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के माध्यम से ज़िम्बाब्वे में STAR-C सेंटर की स्थापना शामिल है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए विकेन्द्रीकृत सौर समाधान, साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, बायोएनर्जी और विकेन्द्रीकृत ऊर्जा प्रणालियों जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।

 

श्री प्रल्हाद जोशी ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के कार्यकारी निदेशक डॉ. फातिह बिरोल से मुलाकात की। इस दौरान भारत-विशिष्ट डेटा, विश्लेषण और नीतिगत सिफारिशों पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के फोकस को मजबूत करने, साथ ही पूंजी की लागत को कम करने में मदद करने के लिए नवीन वित्तपोषण दृष्टिकोणों की खोज पर चर्चा की गई।

 

वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं के साथ बातचीत

केंद्रीय मंत्री ने एकोनिया SA के चीफ फाइनेंशियल और सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर, जोस एंट्रेकैनालेस कैरियन के साथ भारत में नवीकरणीय ऊर्जा और टिकाऊ अवसंरचना के अवसरों को बढ़ाने पर दूरदर्शी चर्चा की। चर्चा में यूटिलिटी-स्केल सोलर, ऑनशोर विंड, हाइब्रिड विंड-सोलर स्टोरेज सॉल्यूशन और 2030 तक भारत के 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता के लक्ष्य के साथ 24 घंटे नवीकरणीय ऊर्जा पर फोकस किया गया।

एक और बैठक में, श्री जोशी ने ENGIE की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैथरीन मैकग्रेगर के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती  स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी में प्रगाढ़ और लगातार निवेश को बढ़ावा दिया। भारत को दीर्घावधि  स्वच्छ ऊर्जा निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक देशों में से एक बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा अब अधिक स्वच्छ, सस्ती है और पारदर्शी, मार्केट-बेस्ड मैकेनिज्म द्वारा संचालित है।

स्वच्छ ऊर्जा के लिए वित्तीय और मार्केट फ्रेमवर्क

केंद्रीय मंत्री ने S&P ग्लोबल के अध्यक्ष डेव अर्न्सबर्गर के साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्रेडिट असेसमेंट, ESG स्टैंडर्ड और प्राइस डिस्कवरी के लिए मजबूत ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाने पर भी चर्चा की। चर्चा में ऐसे एकीकृत फ्रेमवर्क की ज़रूरत पर ध्यान दिया गया जो भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बाज़ार के स्केल, नीतिगत स्थिरता और संचालन वास्तविकता  को दिखाते हों, जिसमें नवीकरणीय परियोजना के लिए डेडिकेटेड क्रेडिट रेटिंग दृष्टिकोण शामिल हैं।

श्री जोशी ने ब्लूम एनर्जी के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी अमन जोशी से भी मुलाकात की और स्वच्छ, भरोसेमंद और डिस्ट्रिब्यूटेड पावर सॉल्यूशंस, खासकर इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डेटा सेंटर के लिए फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर चर्चा की।

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उप-राष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में श्री रमण महर्षि की 146वीं जयंती समारोह को संबोधित किया

नई दिल्ली – भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में भगवान श्री रमण महर्षि की 146वीं जयंती के अवसर पर संबोधित किया और उनके सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी किया।

इस अवसर पर बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने भगवान श्री रमण महर्षि को आधुनिक भारत के सबसे पूजनीय आध्यात्मिक संतों में से एक बताया, जिनका राष्ट्र की आध्यात्मिक और सभ्यतागत विरासत में एक विशिष्ट स्थान है। उन्होंने कहा कि जहाँ अनेक संतों ने वैराग्य का जीवन व्यतीत किया, वहीं श्री रमण महर्षि की विशिष्टता यह थी कि वे स्वयं अपने अनुकरणीय त्याग के जीवन से भी अनासक्त रहे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि रमण महर्षि का जीवन और उनकी शिक्षाएँ सत्य, आत्मज्ञान और आंतरिक स्वतंत्रता की भारत की शाश्वत खोज का सार हैं। उन्होंने आत्मविचार (आत्म-जांच) के उनके प्रमुख उपदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महर्षि द्वारा आंतरिक अनुभूति पर दिए गए बल ने विश्वभर के आध्यात्मिक साधकों को प्रेरित किया है, जिससे वे भारत के सबसे सर्वमान्य आध्यात्मिक गुरुओं में से एक बन गए हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भगवान श्री रमण महर्षि की करुणा मनुष्य, पशु और सभी जीवित प्राणियों के प्रति समान रूप से व्याप्त थी, जो भारत की सभ्यतागत भावना और सार्वभौमिक सद्भाव की परंपरा से गहराई से मेल खाती है।

उन्होंने रमण महर्षि के शाश्वत ज्ञान को संरक्षित और प्रसारित करने में तिरुवनमलाई स्थित श्री रमण आश्रम और भारत एवं विदेश में स्थित रमण केंद्रों की अत्यावश्यक भूमिका की सराहना की। आश्रम की सामुदायिक सेवा पहलों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने नि:शुल्क चिकित्सा औषधालयों, साधुओं और वंचितों को भोजन उपलब्ध कराने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों पर प्रकाश डाला। इतिहास का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अक्सर स्वतंत्रता सेनानियों को शक्ति, स्पष्टता और शांति प्राप्त करने के लिए आश्रम आने के लिए प्रोत्साहित किया था।

वित्त मंत्रालय द्वारा स्मारक सिक्के के विमोचन को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह भगवान श्री रमण महर्षि के चिरस्थायी आध्यात्मिक प्रभाव और श्री रमण आश्रम की ऐतिहासिक भूमिका दोनों का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि यह सिक्का केवल एक मुद्रात्मक सम्मान ही नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और आंतरिक जागृति के संदेश की एक स्थायी स्मृति के रूप में भी कार्य करेगा।

भारत और विदेश में रहने वाले भक्तों और अनुयायियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भगवान श्री रमण महर्षि जैसे संत को सच्ची श्रद्धांजलि केवल उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि उनके आदर्शों – सादगी, आत्म-जागरूकता और दयालुता – को सच्चे मन से अपनाने में निहित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान की शिक्षाएं राष्ट्र को अधिक सद्भाव, ज्ञान और आंतरिक शक्ति की ओर मार्गदर्शन करती रहेंगी।

इस कार्यक्रम में श्री रमण आश्रमम, तिरुवनमलाई (तमिलनाडु) के अध्यक्ष डॉ. वेंकट एस. रामानन; रमना केंद्र दिल्ली के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति के. राममूर्ति (सेवानिवृत्त) अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मौजूद रहे।

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केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भारतीय डाक के विकास व कायाकल्प में तेजी लाने के लिए उच्च स्तरीय तीसरी तिमाही बिजनेस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली – डाक विभाग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही  के लिए ‘त्रैमासिक बिजनेस समीक्षा बैठक’ आयोजित की। इस बैठक में देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों और सर्किलों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया, ताकि प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा सके और विकास को गति देने के लिए सुधारात्मक उपायों की पहचान की जा सके।

बैठक की शुरुआत में, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17,546 करोड़ का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने उल्लेख किया कि इंडिया पोस्ट इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और चालू वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों के दौरान पहले ही ₹10,155 करोड़ प्राप्त कर चुका है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रगति इंडिया पोस्ट के पार्सल और लॉजिस्टिक्स-संचालित संगठन बनने की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है, जो ई-कॉमर्स, एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की बढ़ती मांगों के अनुरूप है।

बिजनेस मीट 2025-26 की तीसरी तिमाही समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और डाक विभाग की सचिव सुश्री वंदिता कौल

तीसरी तिमाही  के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने गौर किया कि हालांकि समग्र विकास के रुझान सकारात्मक हैं, लेकिन मुख्य कार्यक्षेत्रों—विशेष रूप से पार्सल, मेल और अंतर्राष्ट्रीय डाक—का प्रदर्शन अपेक्षा से कम रहा है। इस बात पर जोर देते हुए कि इंडिया पोस्ट का भविष्य का विकास काफी हद तक इसके कोर लॉजिस्टिक्स इंजन की मजबूती पर निर्भर करता है, केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि पार्सल और डाक सेवाओं को अब “पूरी क्षमता के साथ” काम करना शुरू करना होगा। उन्होंने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे प्रमुख सर्किलों को—जो इंडिया पोस्ट के संभावित व्यवसाय का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा हैं—तत्काल सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने का निर्देश दिया।

सर्किल-वार प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई। राजस्थान समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सर्किल के रूप में उभरा, जिसने तीसरी तिमाही के 82 प्रतिशत लक्ष्यों को प्राप्त किया। ‘पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक’ खंड में, कर्नाटक ने अपने तीसरी तिमाही लक्ष्य का 112 प्रतिशत हासिल किया। ‘नागरिक केंद्रित सेवाओं’ (सीसीएस) में दिल्ली (240 प्रतिशत) ने असाधारण प्रदर्शन किया, जिसके बाद महाराष्ट्र (166 प्रतिशत) और राजस्थान (165 प्रतिशत) का स्थान रहा। ‘पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस’ (डाक जीवन बीमा) में, उत्तर प्रदेश 129 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष प्रदर्शनकर्ता बनकर उभरा। मेल ऑपरेशन में राजस्थान ने 153 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।

छह कार्यक्षेत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए, केंद्रीय संचार मंत्री ने ‘नागरिक केंद्रित सेवा’ वर्टिकल के शानदार प्रदर्शन की सराहना की, जिसने 2024-25 ते तीसरी तिमाही की तुलना में 95% की असाधारण वृद्धि दर्ज की है। अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले वर्टिकल में पार्सल (12% वृद्धि), डाक जीवन बीमा (11% वृद्धि) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (07% वृद्धि) शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने सभी वर्टिकल प्रमुखों को विभिन्न सर्किलों का दौरा करने और जमीनी स्तर पर अपने वर्टिकल के प्रदर्शन का विश्लेषण करने का निर्देश दिया।

डाक सेवा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी और सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल

रणनीतिक पहलों पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि इंडिया पोस्ट अमेज़न  और शिपरॉकेट जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स प्लेटफार्मों के साथ गठजोड़ के माध्यम से अपने पार्सल व्यवसाय को मजबूत कर रहा है। उन्होंने गवर्मेंट टू गवर्मेंट के विस्तार पर भी जोर दिया, जिसमें कीटनाशक सत्यापन के लिए कृषि मंत्रालय और स्वयं सहायता समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ किए गए एमओयू का जिक्र किया। वित्तीय समावेशन के मोर्चे पर एएमएफआई, बीएसई और एनएसई के साथ साझेदारी को मजबूत किया गया, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में एक भरोसेमंद ‘लास्ट-माइल’  संस्था के रूप में इंडिया पोस्ट की भूमिका और सुदृढ़ हुई है।

भविष्य की राह पर जोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने तत्काल ‘पीयर लर्निंग’ और ‘बेंचमार्किंग’ का निर्देश दिया, ताकि कम प्रदर्शन करने वाले सर्किल पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और तेलंगाना जैसे अग्रणी प्रदर्शन करने वाले सर्किलों की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपना सकें। उन्होंने पार्सल, मेल, सीसीएस और पीएलआई/आरपीएलआई पर चुनिंदा सर्किलों द्वारा केंद्रित प्रस्तुति देने का आह्वान किया। उन्होंने मापने योग्य परिणामों के साथ स्पष्ट जवाबदेही, खराब प्रदर्शन के प्रति जीरो टालरेंस  और सभी सर्किलों से संतुलित योगदान की आवश्यकता पर बल दिया।

केंद्रीय मंत्री ने रेखांकित किया कि इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में ₹10,155 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान यह ₹9,385 करोड़ था, जो तीसरी तिमाही तक साल-दर-साल 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने अगले 4-5 वर्षों के भीतर राजस्व वृद्धि और दक्षता में सुधार के माध्यम से संगठन को एक ‘प्रॉफिट सेंटर’ बनाने के उद्देश्य को दोहराया।

चौथी तिमाही के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष अकेले चौथी तिमाही ने लगभग ₹4,500 करोड़ का योगदान दिया था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी तरह की बढ़ोतरी इंडिया पोस्ट को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹17,546 करोड़ के अपने महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य के करीब पहुंचने में मदद करेगी, बशर्ते पार्सल और डाक सेवाएं मजबूत विकास इंजन के रूप में उभरें और सभी सर्किल संतुलित प्रदर्शन करें।

समीक्षा का समापन करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने देशभर में इंडिया पोस्ट के कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना की और “डाक सेवा, जन सेवा” के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के प्रति संगठन की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप, इंडिया पोस्ट को एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और ग्राहक-केंद्रित लॉजिस्टिक्स और सेवा संगठन में बदलने के लिए अनुशासित निष्पादन, पीयर लर्निंग और प्रभावी नेतृत्व को प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया। वित्त वर्ष 2025-26 के समापन के उपलक्ष्य में, चौथी तिमाही  की समीक्षा अप्रैल में निर्धारित की गई है।

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