सीजेआई गवई पर जूता फेंकने का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पर कार्रवाई से इनकार किया

नईदिल्ली,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई पर जूता फेंकने का प्रयास करने के मामले में सोमवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है।

बार एंड बेंच के मुताबिक, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आरोपी वकील राकेश किशोर को कोई नोटिस नहीं जारी किया। कोर्ट ने मामले में निवारक उपाय सुझाने को कहा है और कहा है कि वह एक सप्ताह बाद इस पर विचार करेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने मामले में दायर रिट याचिकाओं को भी खारिज कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने घटना के बाद आरोपी वकील के शब्दों पर प्रकाश डाला और कहा कि वह घटना का महिमामंडन कर रहा है।

इस पर न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि यह कृत्य गंभीर आपराधिक अवमानना है। सीजेआई ने आरोपी को क्षमादान दिया है, लेकिन महिमामंडन का मुद्दा मौजूद है और निश्चित रूप से कुछ दिशानिर्देश तय होंगे।

सुप्रीम कोर्ट में 6 अक्टूबर को एक सुनवाई के दौरान वकील राकेश ने अचानक अपना जूता निकालकर सीजेआई गवई की तरफ फेंकने का प्रयास किया। हालांकि, उसे मौके पर सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया।

सीजेआई ने उस पर कोई कार्रवाई करने से मना कर दिया, लेकिन अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दी है। आरोपी ने मीडिया में अपने किए पर कोई खेद नहीं जताया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने उसे निष्कासित कर दिया है।

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अयोध्या में 25 नवंबर को नहीं हो सकेंगे रामलला के दर्शन

अयोध्या,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला के दर्शन 25 नवंबर को मुश्किल होंगे। यहां राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम के कारण दर्शन को कुछ देर के लिए बंद किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, ध्वजारोहण कार्यक्रम के कारण पहली पाली में भक्तों को रामलला के दर्शन नहीं होंगे। इस दौरान 7 घंटे तक भक्तों का मंदिर के अंदर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे से आमजनों के लिए दर्शन दोबारा से शुरू होंगे।

राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए अनुष्ठान 21 नवंबर से शुरू हो जाएगा, जो 25 नवंबर तक चलेगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सर संघचालक मोहन भागवत, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार समेत प्रयागराज-वाराणसी के प्रमुख जगद्गुरु और शंकराचार्य समेत कई वीवीआईपी मेहमानों को आमंत्रित करेगा। परिसर में विशाल मंच बनेगा और 8,000 से अधिक अतिथियों के लिए कुर्सियां लगेंगी।

राम मंदिर के मुख्य शिखर के अलावा अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों पर ध्वजारोहण होगा। मंदिर के मुख्य शिखर पर 42 ऊंची ध्वज दंड लगाई गई है। सभी ध्वज स्तंभों को गुजरात के अहमदाबाद में स्थित श्री अंबिका इंजीनियरिंग वर्क्स ने बनाया है। यह दंड पूरी तरह पीतल से बना है। इसकी चौड़ाई 9.5 इंच है। स्तंभ को मंदिर के गर्भगृह से लेकर शिखर तक लगाया गया है। यह मूर्ति के बाद सबसे मुख्य चीज है। इसका वजन 5,500 किलोग्राम है।

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किसान ने पेश की ईमानदारी की मिसाल

जंगल में मिला पैसे और गहनों से भरा बैग, मालिक को सही सलामत किया वापिस, पुलिस ने भी की तारीफ

खंडवा 26 Oct,(एजेंसी)। मध्य प्रदेश के खंडवा में किसान ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। जंगल में पैसों और गहनों से भरा एक बैग मिला। जिसे मालिक को सही सलामत वापिस कर दिया। यह देख पुलिस ने भी उसकी तारीफ की।

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देश के अगले CJI हो सकते हैं जस्टिस सूर्यकांत, चीफ जस्टिस गवई ने की सिफारिश

नई दिल्ली 27 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई के सेवानिवृत्त होने के बाद देश को नया सीजेआई मिलने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में न्यायमूर्ति सूर्यकांत का नाम आगे बढ़ाया है। सीजेआई गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने यह पद न्यायमूर्ति संजीव खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाला था।

जानकारी के मुताबिक, सीजेआई गवई ने केंद्र सरकार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत के नाम की सिफारिश भेज दी है। वरिष्ठता के आधार पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। सरकार जल्द ही उनके नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर सकती है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत लगभग 14 महीने तक इस पद पर रहेंगे और 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।

सीजेआई गवई जल्द ही सिफारिश पत्र की एक प्रति न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भी सौंप देंगे। दरअसल, केंद्र सरकार ने गवई से अपने उत्तराधिकारी का नाम तय करने को कहा था। एक साक्षात्कार में सीजेआई गवई ने कहा था कि न्यायमूर्ति सूर्यकांत इस पद के लिए हर दृष्टि से उपयुक्त हैं।

10 फरवरी 1962 को जन्मे न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 1981 में हरियाणा के हिसार स्थित सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक की डिग्री और 1984 में महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1984 में हिसार जिला न्यायालय से अधिवक्ता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और एक वर्ष बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकालत शुरू की।

वर्ष 2000 में वे हरियाणा के महाधिवक्ता नियुक्त हुए और 2001 में सीनियर एडवोकेट नामित किए गए। उसी वर्ष वे पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। वर्ष 2018 में उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2019 में वे उच्चतम न्यायालय में पदोन्नत हुए।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसलों में योगदान दिया है, जिनमें अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण को संवैधानिक ठहराने वाले संविधान पीठ के निर्णय में उनकी भूमिका प्रमुख रही। उन्होंने संविधान, मानवाधिकार और लोकहित से जुड़े एक हजार से अधिक मामलों में महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं।

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चक्रवात मोंथा का रौद्र रूप: 7 राज्यों पर मंडराया खतरा, 110 Kmph की हवाओं के साथ कल तट से टकराने की आशंका

विशाखापत्तनम 27 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा चक्रवात ‘मोंथा’ अब बेहद गंभीर रूप धारण कर चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह डिप्रेशन अब एक चक्रवाती तूफान में बदल गया है और अगले 24 घंटों में यह “गंभीर चक्रवाती तूफान” का रूप ले सकता है।

फिलहाल तूफान के केंद्र में हवा की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा है, जिसके 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। यह तूफान तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 28 अक्टूबर (कल) की शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात ‘मोंथा’ के मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच से होकर गुजरने की संभावना है। इसके काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने का अनुमान है। तूफान के प्रभाव से तमिलनाडु के चेन्नई में हल्की फुहारें शुरू हो गई हैं, जिनके धीरे-धीरे तेज होने की आशंका है।

इस तूफान का असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत 7 राज्यों पर पड़ने की आशंका है। IMD ने 28-29 अक्टूबर को भारी तबाही की आशंका के मद्देनजर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहाँ “बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश” हो सकती है।

आंध्र प्रदेश के 9 जिलों- काकीनाडा, कोनासिमा, एलुरु, वेस्ट गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, भटला, प्राकासम और एसपीएसआर नेल्लोर में खतरा सबसे अधिक है, जिन्हें रेड अलर्ट पर रखा गया है। ओडिशा के भी सभी 30 जिले अलर्ट मोड पर हैं।

आईएमडी ने समुद्री इलाकों में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं से पेड़ उखड़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है। मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए प्रभावित राज्यों ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। आंध्र प्रदेश में विशेष रूप से काकीनाडा और कोनासिमा के 34 तटीय गांवों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, जिनमें 428 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। एहतियात के तौर पर विशाखापत्तनम, अनाकापल्ले और वेस्ट गोदावरी में 27-28 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

वहीं, ओडिशा में भी 8 दक्षिणी जिलों, जैसे मल्कानगिरी और कोरापुट, को रेड जोन घोषित कर दिया गया है और साइक्लोन शेल्टर तैयार कर लिए गए हैं। दोनों राज्यों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं, संबंधित विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए जलाशयों से एहतियातन पानी छोड़ा जा रहा है।

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खरना के साथ शुरू हुआ छठ पर्व का निर्जला व्रत, डूबते सूर्य की होगी पूजा

नई दिल्ली 27 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- भगवान सूर्य की उपासना और लोक आस्था का प्रतीक चार दिवसीय छठ महापर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (रविवार) को पर्व के दूसरे दिन व्रती महिलाओं ने खरना पूजन किया।

दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को शुभ मुहूर्त में छठी मइया की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। जिसके बाद खरना के साथ ही आज 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ हो गया, जो छठ पर्व का सबसे कठिन और पवित्र अनुष्ठान माना जाता है।

पूजन के उपरांत व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ की खीर, रोटी, पूड़ी, रसियाव भात और केला का प्रसाद तैयार किया। इसके बाद सूर्य देव और छठी माता को भोग अर्पित कर पूरे परिवार ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर वातावरण भक्तिमय बन उठा जब महिलाओं ने “हे छठी मइया सुन ल अरजिया हमार…” जैसे पारंपरिक गीतों से माहौल गुंजायमान कर दिया।

खरना के साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ हो गया, जो छठ पर्व का सबसे कठिन और पवित्र अनुष्ठान माना जाता है। इस दौरान व्रती बिना जल और अन्न ग्रहण किए सूर्य उपासना में लीन रहती हैं। यह पर्व आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

सुबह स्नान-ध्यान कर लंबा सिंदूर लगाने के बाद महिलाओं ने पूरे दिन संयमपूर्वक उपवास रखा और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद बनाकर छठी माता को अर्पित किया। मान्यता है कि खरना पूजन करने से सूर्य देव और छठी माता व्रतियों को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं।

डूबते सूर्य को आज अर्घ्य, कल उगते सूर्य को पूजन से होगा समापन

सोमवार को छठ महापर्व का तीसरा दिन यानी षष्ठी तिथि रहेगी, जब श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे। ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल के अनुसार, 27 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 5:27 बजे होगा।

इसी समय घाटों पर लाखों श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करेंगे। इस दिन सुकर्मा योग सुबह 7:27 बजे से और रवि योग दोपहर 1:27 बजे से प्रारंभ होगा, जो 28 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे तक रहेगा।

चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे, जिससे यह अर्घ्य विशेष फलदायी माना गया है। अगले दिन 28 अक्टूबर (मंगलवार) को छठ महापर्व का समापन होगा। इस दिन व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपना व्रत पूर्ण करेंगी। मान्यता है कि उगते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में सुख-शांति, संतान-समृद्धि और आरोग्यता की प्राप्ति होती है।

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एनडीए चुनाव कार्यालय का उद्घाटन: भाजपा नेता राकेश सिंह और अमित ठाकर ने दिखाई एकजुटता

सोनपुर , 26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। परसा विधानसभा क्षेत्र में एनडीए चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया गया, जिसमें भाजपा नेता सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह और युवा मोर्चा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और गांधीनगर विधायक अमित ठाकर शामिल हुए। इस अवसर पर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि उपस्थित कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता का उत्साह और समर्पण देखकर मन गर्व से भर उठा है।

उन्होंने कहा कि यह उत्साह सिर्फ कार्यालय नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और एनडीए के विजयी संकल्प का प्रतीक है। जन-जन तक विकास और सुशासन का संदेश पहुंचाने के लिए हम सब एकजुट हैं।

इस अवसर पर एनडीए प्रत्याशी विधायक छोटे लाल राय, विधानसभा प्रभारी राजीव सिंह, संजय चौबे, मंडल अध्यक्ष रामानंद सिंह, भूलन जी, अजय नाथ पूरी, मोनू सिंह, जदयू अध्यक्ष संजय सिंह, शिवकुमार राय, संतोष शर्मा, डॉ रवि यादव, विकास सिंह, अमित सिंह, राजू सिंह, मुकेश सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में 29 अक्टूबर को परसा आ रहे उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यक्रम की तैयारी पर चर्चा की गई।

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लालू-तेजस्वी का जमीन दो और नौकरी लो एकमात्र मॉडल है : रविशंकर प्रसाद

पटना ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के चुनावी घोषणा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजद की हताशा साफ दिख रही है। वे सिर्फ भ्रम फैला सकते हैं। इनके पास एकमात्र मॉडल है, लोगों से नौकरी के बदले में जमीन छीनेंगे।

भाजपा सांसद ने मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव के नौकरी देने के वादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने दावा किया कि हर घर में सरकारी नौकरी देंगे। बिहार में 2 करोड़ 70 लाख परिवार हैं। अगर औसतन 35-40 हजार रुपए मासिक वेतन की सरकारी नौकरी दी जाए, तो इसके लिए 12 लाख करोड़ रुपए चाहिए। बिहार का कुल बजट 3 लाख करोड़ रुपए का है। वे इतना पैसा कहां से लाएंगे?

उन्होंने कहा कि राजद का दावा है कि वे 1 करोड़ 26 लाख जीविका दीदियों को स्थायी करेंगे। बिहार के लोग इस बहकावे में न आएं। उनका एकमात्र मॉडल है, जमीन दो, नौकरी लो। उनके पास कोई ठोस रोडमैप नहीं है। वे आपकी जमीन छीन लेंगे, लेकिन नौकरी नहीं देंगे। राजद की लुभावनी बातें हताशा में कही जा रही हैं, जिनका धरातल पर कोई आधार नहीं है।

तेजस्वी की ओर से भ्रष्टाचार और अपराध पर दिए बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि जो खुद धारा 420 के आरोपी हैं, उनके खिलाफ 10 दिन पहले कोर्ट ने आरोप तय किए हैं। उनके पिता को पहले ही चारा घोटाला सहित अन्य मामलों में सजा हो चुकी है। तेजस्वी पर नौकरी लो, जमीन दो और रेलवे भर्ती घोटाले के मामले चल रहे हैं। उनके मुंह से अपराध और भ्रष्टाचार की बातें अच्छी नहीं लगती हैं।

नीतीश कुमार को हाईजैक करने वाले बयान पर प्रसाद ने कहा कि मैं ऐसी हल्की बातों का जवाब नहीं देता। नीतीश कुमार हमारे साथ हैं और 1996 से लालू-राबड़ी के भ्रष्टाचार के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं। वे हमारी ताकत हैं।

उन्होंने राजद नेताओं के महागठबंधन की सरकार बनने पर वक्फ कानून हटाने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग कानून पढ़ते नहीं, बस हवा में बातें करते हैं। वक्फ कानून संसद ने बनाया है और इसे वापस लेने का अधिकार भी संसद के पास है। सिर्फ बोलने से कुछ नहीं बदलता। वक्फ कानून ईमानदारी से बनाया गया है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ की जमीन पर मॉल बनाए गए हैं, इस पर भी ध्यान देना चाहिए।

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एनडीए के लोग पहले बताएं कि उनका सीएम फेस कौन होगा : तेजस्वी यादव

पटना ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एनडीए पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने का दावा करने वाले लोग पहले बताएं कि एनडीए में सीएम फेस कौन है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए के पास दिखाने और अगले पांच साल का कोई रोडमैप नहीं है। लेकिन, तेजस्वी यादव ने जो चुनावी घोषणाएं की हैं, उसे सरकार बनने के बाद धरातल पर लाया जाएगा। एक-एक वादे को पूरा करने का काम किया जाएगा। बिहार की जनता ने तेजस्वी के 17 महीनों का कामकाज देखा है।

उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी अपने वादों को पूरा करने में विश्वास रखती है। हम जो कहते हैं, उसे करते हैं। हमने जो वादे किए, उन्हें पूरा किया। अब जो हम कह रहे हैं, उसे भी पूरा करेंगे। दूसरे लोग टिप्पणी करें या आलोचना करें, हमें जवाब देने की जरूरत नहीं है।

तेजस्वी ने अगले पांच वर्षों के लिए अपनी पार्टी की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हम जनता को बता रहे हैं कि अगले पांच साल में हम क्या करने जा रहे हैं। इस बीच, एनडीए के लोग तेजस्वी यादव और लालू यादव को घेरने में व्यस्त हैं। वे केवल नकारात्मक बातें करते हैं और अपशब्द कहते हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2 करोड़ नौकरियों, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया का क्या हुआ? हम काम करने में विश्वास रखते हैं। हम जनता को स्पष्ट बता रहे हैं कि अगले पांच साल में हम क्या करेंगे। इस बार बिहार की जनता बदलाव के लिए बेचैन है।

तेजस्वी ने कहा कि स्थिर पानी भी एक जगह ठहर जाए तो सड़ जाता है। यही स्थिति पिछले 20 साल से चली आ रही सरकार की हो गई है। हमें किसी से शिकायत नहीं है, न ही हमने किसी का नुकसान किया है। हम जो कहते हैं, उसे पूरा करेंगे। इस बार राज्य की जनता पुरानी व्यवस्था को बदलने के लिए तैयार है।

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गैस चैंबर बनी दिल्ली, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर इमरजेंसी लेवल तक पहुंचा; आनंद विहार में AQI 430

नई दिल्ली 26 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर रविवार सुबह खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 430 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

वहीं, आश्रम और महारानी बाग समेत कई इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ पाई गई। पूरे शहर में स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है।

CPCB के अनुसार, आनंद विहार में AQI 430, वज़ीरपुर में 406, अशोक विहार में 369 और ITO में 329 दर्ज किया गया। दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है।

राजधानी के 16 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी (300 से ऊपर) में दर्ज की गई, जबकि बाकी स्थानों पर यह ‘खराब’ श्रेणी में रही।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद हानिकारक है। उन्होंने लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने, सुबह की सैर से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।

आश्रम क्षेत्र से मिली तस्वीरों में घनी धुंध के कारण दृश्यता काफी कम दिखाई दे रही है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। कई लोगों ने आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायत की है।

CPCB के मानकों के अनुसार, AQI स्तर 0 से 50 तक ‘अच्छा’, 51 से 100 तक ‘संतोषजनक’, 101 से 200 तक ‘मध्यम’, 201 से 300 तक ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 तक ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

इस बीच, दिल्ली में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को इस महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। विभाग ने सुबह के समय हल्का कोहरा छाने की संभावना जताई है।

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जिंदाबाद बोलते ही धड़ाम से गिरे जेडीयू उम्मीदवार, मोकामा में पूर्व बाहुबली विधायक का टूटा मंच

मोकामा ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  बिहार के मोकामा में जेडीयू उम्मीदवार और बाहुबली नेता अनंत सिंह के चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। रामपुर-डूमरा गांव में उनके ‘तूफान संपर्क अभियान’ के दौरान भाषण देते वक्त मंच अचानक टूट गया, जिससे अनंत सिंह समेत कई लोग नीचे गिर पड़े। हालांकि, राहत की बात यह रही कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मंच टूटने के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। समर्थक घबरा गए, लेकिन अनंत सिंह ने हिम्मत नहीं खोई। उन्होंने खुद को संभालते हुए मुस्कराकर समर्थकों को शांत किया और तुरंत फिर से भाषण शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीणा देवी से होगा कड़ा मुकाबला

अनंत सिंह, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से ‘छोटे सरकार’ कहते हैं, मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के प्रत्याशी हैं। उनके सामने राष्ट्रीय जनता दल (क्रछ्वष्ठ) ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को मैदान में उतारा है। राजनीतिक हलकों में इसे ‘छोटे सरकार बनाम सूरजभान’ की टक्कर कहा जा रहा है, भले ही उम्मीदवार के तौर पर वीणा देवी नामांकन कर रही हों।

जातीय समीकरण और पृष्ठभूमि

मोकामा सीट पर भूमिहार मतदाताओं की निर्णायक भूमिका है। दिलचस्प बात यह है कि अनंत सिंह और सूरजभान सिंह—दोनों ही इसी जाति से ताल्लुक रखते हैं। सूरजभान सिंह पर आपराधिक मामलों के चलते चुनाव लडऩे पर रोक है, जबकि उनकी पत्नी वीणा देवी दावा करती हैं कि उनके पति अब बदले हुए व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, जैसे मैंने अपने पति को सुधारा, वैसे ही मोकामा की तस्वीर भी बदल दूंगी।

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विश्व हिन्दू महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं कोर कमेटी की बैठक नई दिल्ली में संपन्न

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । विश्व हिन्दू महासंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं कोर कमेटी की बैठक आज नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित कार्यालय में संपन्न हुई।

बैठक की अध्यक्षता श्री अजय कुमार, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने की। बैठक में देशभर से आए वरिष्ठ पदाधिकारी एवं राष्ट्रीय नेतृत्व शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन के विस्तार की रूपरेखा एवं आगामी दो वर्षों में देशभर में दस लाख सदस्यों को जोड़ने के सदस्यता अभियान की शुरुआत रहा।

इस अवसर पर निधि संग्रह रणनीति, सदस्यता शुल्क संरचना तथा जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती एवं डिजिटल नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता श्री अजय कुमार, अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने की तथा डॉ. विनय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एवं श्रीमती ज्योत्सना, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की राष्ट्रीय प्रवक्ता, सह-अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहीं।

बैठक के दौरान श्रीमती ज्योत्सना को वर्ल्ड हिन्दू फेडेरेशन महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया। अपने संबोधन में श्रीमती ज्योत्सना ने सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यों में अपने दीर्घ अनुभव को साझा करते हुए समयबद्ध और जवाबदेह सदस्यता अभियान तथा संगठन में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर बल दिया।

उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) एवं तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा आंध्र प्रदेश के दलित बस्तियों में हिन्दू मंदिरों के पुनर्निर्माण के कार्यों की सराहना की तथा राज्य सरकार द्वारा ₹1600 करोड़ की राशि मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु आवंटित करने के निर्णय की प्रशंसा की।

समापन संबोधन में डॉ. विनय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ने दीवाली एवं छठ पूजा के अवसर पर सभी सदस्यों एवं देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और संगठन के “एकता, संस्कृति और अध्यात्म की रक्षा” के संकल्प को दोहराया।

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तमिलनाडु की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान मोंथा का खतरा, उत्तरी तटीय क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

चेन्नई ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे तेज हो रहा है और सोमवार सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान मोंथा में तब्दील होने की आशंका है। रविवार को भारत मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी इस चेतावनी के बाद तमिलनाडु में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस चक्रवाती तूफान की गति अब उत्तर-पश्चिम की तरफ है और यह लगभग 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। अगले दो दिनों में इसके कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवा होने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव क्षेत्र रविवार सुबह 5.30 बजे चेन्नई से लगभग 800 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में केंद्रित था।

आईएमडी का अनुमान है कि यह दवाब सोमवार सुबह तक बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम की दिशा में बढ़ता रहेगा और सोमवार रात या मंगलवार सुबह तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान बन सकता है। यह तूफान मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के तट से काकीनाडा के पास, मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच होकर गुजर सकता है।

तूफान के दौरान हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। आंध्र और उत्तरी तमिलनाडु के तटों पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। जो मछुआरे पहले से ही समुद्र में हैं, उन्हें उफनती लहरों और तेज हवाओं के खतरे के कारण तुरंत तट पर लौटने की सलाह दी गई है।

इस सिस्टम के कारण रविवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, रानीपेट जिलों और पुडुचेरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि इन इलाकों में तेज बारिश और तेज हवा के कारण खतरा बढ़ सकता है। सोमवार को रानीपेट, तिरुवल्लुर और चेन्नई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, वेल्लोर और पुडुचेरी में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

मंगलवार तक बारिश का क्षेत्र उत्तर की तरफ बढ़ेगा और रानीपेट और तिरुवल्लुर जिलों में विशेष रूप से जोरदार बारिश होने की प्रबल संभावना है। जिलों की प्रशासनिक टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे अगले 48 घंटों में भारी बारिश, बाढ़ या तेज हवा से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

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मनोज तिवारी का तेजस्वी पर तंज : बोले- उनके पास 56 इंच की जीभ, हमारे पास 56 इंच का सीना है

पटना ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि उनके पास 56 इंच की जीभ है, हमारे पास 56 इंच का सीना है। चुनाव है तो कुछ भी बोल रहे है, भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन बिहार की जनता एनडीए के साथ एकजुट है और बिहार में फिर एक बार एनडीए की सरकार बनाने जा रही है।

उन्होंने रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला। मनोज तिवारी ने कहा कि राजद पहले से ही लोगों को गुमराह कर रही है। क्या वक्फ बोर्ड बिल बिहार विधानसभा में पास होता है? नहीं, यह संसद में पास हुआ है और वहां इसे भारी बहुमत से मंजूरी मिली है। अगर वे इस बारे में झूठ फैला रहे हैं, तो यह उनका अपना धोखा है। बिहार विधानसभा के कामकाज की बात करें। जब आप सरकार में थे, तब अपराधियों का राज था। आज भी वे शहाबुद्दीन की जय बोलते हैं, जो बिहार का दुश्मन है। यह बच्चा-बच्चा जानता है।

मनोज तिवारी ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास 56 इंच की जीभ है, हमारे पास 56 इंच का सीना है। जितना बोलना है, बोलते रहें। उनकी पहचान जंगलराज की है, नौकरी के बदले जमीन लेने की है और बिहार को लूटने की है। यह पूरी दुनिया जानती है। उनके भाई तेज प्रताप ने भी इस ओर इशारा किया है। तेजस्वी यादव तेज प्रताप जो उनके बड़े भाई हैं, उसे नहीं संभाल पाए और बिहार की बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी अपनी बात रख सकते हैं, लेकिन बिहार अब बदल रहा है। एनडीए बड़े-बड़े पुल, हाईवे, एम्स, एयरपोर्ट, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए रोजगार योजनाएं और भविष्य की सोच के साथ काम कर रहा है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि बिहार की जनता महागठबंधन के झूठे दावों में नहीं आने वाली है। बिहार की जनता पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास करने वाली एनडीए सरकार बनाने जा रही है।

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पीएम मोदी ने की भारतीय नस्ल के डॉग्स पर चर्चा, बोले- कुत्ते भी स्वदेशी यानि भारतीय ही पालो

नई दिल्ली ,26 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मन की बात कार्यक्रम के 127वें एपिसोड में पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय नस्ल के स्वान की चर्चा की। उन्होंने बताया कि बीएसएफ और सीआरपीएफ ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के डॉग्स की संख्या बढ़ाई है।
पीएम मोदी ने कहा, करीब 5 वर्ष पहले मैंने इस कार्यक्रम में भारतीय नस्ल के स्वान की चर्चा की थी। मैंने देशवासियों के साथ ही अपने सुरक्षाबलों से आग्रह किया था कि वे भारतीय नस्ल के डॉग्स को अपनाएं, क्योंकि वो हमारे परिवेश और परिस्थितियों के अनुरूप ज्यादा आसानी से ढल जाते हैं। मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने इस दिशा में काफी सराहनीय प्रयास किए हैं।

बीएसएफ और सीआरपीएफ ने अपने दस्तों में भारतीय नस्ल के डॉग्स की संख्या बढ़ाई है। प्रधानमंत्री ने डॉग्स की ट्रेनिंग को लेकर कहा, डॉग्स की ट्रेनिंग के लिए बीएसएफ का नेशनल ट्रेनिंग सेंटर ग्वालियर के टेकनपुर में है। यह उत्तर प्रदेश के रामपुर हाउंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुधोल हाउंड पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है।

इस सेंटर पर ट्रेनर्स टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से स्वानों को बेहतर तरीके से ट्रेन कर रहे हैं। भारतीय नस्ल वाले डॉग्स के लिए ट्रेनिंग मैनुअल्स को फिर से लिखा गया है ताकि उनकी यूनिक स्ट्रेंथ को सामने लाया जा सके।

बेंगलुरु में सीआरपीएफ के डॉग्स ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्कूल में मांग्रेल्स, मुधोल हाउंड, कोम्बाई और पांडिकोना जैसे भारतीय स्वानों को ट्रेन किया जा रहा है। पीएम ने मुधोल हाउंड ब्रीड की रिया की प्रशंसा करते हुए कहा, पिछले वर्ष लखनऊ में ‘ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट’ का आयोजन हुआ था।

उस समय ‘रिया’ नाम की स्वान ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। यह एक मुधोल हाउंड है, जिसे बीएसएफ ने ट्रेन किया था। रिया ने यहां कई विदेशी ब्रीड्स को पछाड़ते हुए प्रथम पुरस्कार जीता। अब बीएसएफ ने अपने डॉग्स को विदेशी नाम देने के बजाय भारतीय नाम देने की परंपरा शुरू की है।

पीएम मोदी ने बताया, हमारे यहां के देशी स्वान ने अद्भुत साहस भी दिखाया है। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ के माओवाद से प्रभावित क्षेत्र में गश्त के दौरान सीआरपीएफ के एक देशी स्वान ने 8 किलोग्राम विस्फोटक का पता लगाया था। बीएसएफ और सीआरपीएफ ने इस दिशा में जो प्रयास किए हैं, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं।

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अरविंद केजरीवाल और CM भगवंत मान श्री गुरु तेग़ बहादर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कीर्तन दरबार में शामिल हुए

नई दिल्ली/चंडीगढ़ 26 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग़ बहादर जी के 350वें शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के हिस्से के रूप में आयोजित कीर्तन दरबार में भाग लिया और आध्यात्मिक कीर्तन का आनंद लिया।

गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में कीर्तन दरबार के दौरान सभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पंजाब सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें नवें गुरु श्री गुरु तेग़ बहादर जी को समर्पित स्मरणीय कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा आयोजित ये कार्यक्रम आज राष्ट्रीय राजधानी से शुरू हुए हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुगलों ने हिंदुओं को जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर करने की योजना बनाई थी, जिसके बाद कश्मीरी पंडित अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग़ बहादर जी के पास मदद के लिए आए थे।

राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि कई प्रस्तावों के बावजूद मुगल बादशाह के सामने गुरु साहिब ने अत्याचार के सामने झुकने से इनकार किया और धर्म की रक्षा के लिए शहादत का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग़ बहादर जी को 1675 में दिल्ली में शहीद किया गया और उन्हें दुनिया भर में पहले ऐसे शहीद के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विश्व इतिहास पृष्ठों में साहस, बलिदान और सेवा की महान घटनाओं से भरा हुआ है, फिर भी श्री गुरु तेग़ बहादर जी की धार्मिक स्वतंत्रता और मानव मूल्यों के लिए दी गई शहादत ने मानव इतिहास में एक अभूतपूर्व अध्याय जोड़ा।

‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि मुगल शासक की शक्ति के सामने झुकने के बजाय गुरु साहिब ने अपनी शहादत से अत्याचार की जड़ों को हिला दिया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शहादत से पहले उनके दादा श्री गुरु अर्जन देव जी को भी मुगल शासकों द्वारा यातनाएँ देकर शहीद किया गया था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए श्री गुरु तेग़ बहादर जी द्वारा दी गई महान शहादत ने भारतीय इतिहास का रुख बदल दिया।

राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि महान आत्माओं की शहादतें संसार को नया मार्ग दिखाती हैं और महत्वपूर्ण बदलाव लाती हैं, जिससे समाज और समुदाय की विशिष्ट पहचान को नया रूप मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि गुरु साहिब ने अपनी शहादत के माध्यम से शासकों को स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म किसी पर जबरदस्ती थोप नहीं सकता। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुरु साहिब की शहादत ने सिखों में निडरता, साहस, आत्म-सम्मान और दबी-कुचली जनता के रक्षक और मानवता के रक्षक बनने की नई भावना पैदा की।

आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि गुरु साहिब ने पूरी मानवता को आत्म-सम्मान के साथ जीने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु जी की शहादत से पहले भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी को यातनाएँ देकर शहीद किया गया था। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाई मति दास जी को जिंदा आरे से काटा गया, भाई सती दास जी को रूमाल में लपेटकर जलाया गया, जबकि भाई दियाला जी को पानी में उबालकर शहीद किया गया।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर संगत द्वारा गुरघर के अनिन श्रद्धालु भाई जैता जी को भी श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने मुगल शासन के अत्याचारपूर्ण व्यवहार की परवाह किए बिना गुरु साहिब के सिर को दिल्ली के चांदनी चौक से श्री कीरतपुर साहिब लाया। भाई लखी शाह वणजारा जी को श्रद्धांजलि देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने गुरु साहिब के शव को सुरक्षित रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अपने घर में ही उनका संस्कार किया। इस स्थान पर अब गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब सुशोभित है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास शहादतों से भरा हुआ है क्योंकि शहादत सिख धर्म में सर्वोच्च स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि सिख शहीद कभी भी अत्याचार या अन्याय के सामने नहीं झुके, उन्होंने अपने प्राण दे दिए लेकिन अपने सिख सिद्धांत नहीं छोड़े।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इन शहीदों की बलिदान केवल निज के लिए नहीं, बल्कि मानवता की भलाई और सत्य एवं न्याय के लिए थी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग़ बहादर जी की शहादत के 24 साल बाद 1699 में श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने पूरे परिवार को धर्म के लिए बलिदान कर दिया, जो पूरी दुनिया के इतिहास में एक अद्वितीय उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी लोगों को अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और अन्याय के विरुद्ध डटकर संघर्ष करने की भावना श्री गुरु अर्जन देव जी, श्री गुरु तेग़ बहादर जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी से विरासत में मिली है। उन्होंने कहा कि बलिदान की भावना हमारे रक्त में है और पंजाबी अपनी महान विरासत पर गर्व महसूस करते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस महान और पवित्र दिवस को मनाने का उद्देश्य नवें गुरु श्री गुरु तेग़ बहादर जी के दर्शन और शिक्षाओं को पूरी दुनिया में पहुंचाना है, ताकि शांति, सद्भावना और धर्म निरपेक्षता के आदर्श, जिनके लिए उन्होंने शहादत दी थी, सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समुदाय अपनी शानदार विरासत को भूल जाते हैं, वे इतिहास के पन्नों से जल्दी ही मिट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो समुदाय अपनी पृष्ठभूमि से प्रेरणा लेते हैं और शहादतों की राह पर चलते हैं, वे अंधकार में भी उम्मीद की किरण खोज लेते हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि नवें गुरु एकता और धर्म निरपेक्षता के समर्थक थे। उन्होंने आगे कहा कि उनका जीवन और शिक्षाएं पूरी मानवता के लिए प्रकाशस्तंभ हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब के शहादत दिवस को मनाने के लिए पंजाब सरकार विभिन्न राज्यों में कार्यक्रम करवा रही है। उन्होंने कहा कि आज गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं और गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में विशाल कीर्तन दरबार आयोजित किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1 नवम्बर से 18 नवम्बर तक पंजाब के सभी जिलों में श्री गुरु तेग़ बहादर जी के जीवन और दर्शन को दर्शाते लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब के चरण छू प्राप्त पवित्र कस्बों और शहरों में कीर्तन दरबार सजाए जाएंगे और 18 नवम्बर को श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) में एक कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद 19 नवम्बर को एक नगर कीर्तन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि 20 नवम्बर को तख़्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फरीदकोट और गुरदासपुर से तीन नगर कीर्तन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये चारों नगर कीर्तन 22 नवम्बर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 23 से 25 नवम्बर तक श्री आनंदपुर साहिब में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में आने वाली संगतों के ठहरने के लिए “चक्क नानकी” नाम का एक “टेंट सिटी” भी बनाया जाएगा। इसी तरह गुरु साहिब के जीवन और शिक्षाओं को उजागर करती प्रदर्शनियों और ड्रोन शो के साथ सर्वधर्म सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि 24 नवम्बर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में होगा, जहां प्रमुख व्यक्तित्व गुरु जी के जीवन, दर्शन और धार्मिक स्वतंत्रता एवं मानवाधिकारों के लिए दी गई उनकी शहादत पर विचार साझा करेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस, गुरमीत सिंह खुड्डियां, हरभजन सिंह ई.टी.ओ.,तरुनप्रीत सिंह सौंद, लाल चंद कटारुचक्क, मोहिंदर भगत, बरिंदर गोयल,लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, गुरमीत सिंह मीत हेयर एवं मालविंदर सिंह कंग, राज्य सभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी,सलाहकार पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों दीपक बाली, मुख्य सचिव के. ए.पी.सिन्हा एवं अन्य उपस्थित थे।

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बिहार चुनाव के बीच जदयू का बड़ा एक्शन, 4 पूर्व विधायकों सहित 11 को पार्टी से बाहर निकाला

पटना 26 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  जनता दल (यूनाइटेड) ने विधानसभा चुनाव 2025 से पहले अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपने 11 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

पार्टी ने कहा है कि ये नेता लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे और संगठन की विचारधारा के विपरीत काम कर रहे थे। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बयान जारी कर कहा कि “इन सभी नेताओं का आचरण पार्टी की नीतियों और अनुशासन के खिलाफ पाया गया है। चुनाव के समय पार्टी लाइन से अलग जाकर बयानबाज़ी और गतिविधियां करना अस्वीकार्य है।”

निष्कासित नेताओं में पूर्व मंत्री और विधायक शामिल

जिन नेताओं को पार्टी से बाहर किया गया है, उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं —

पूर्व मंत्री शैलेश कुमार

पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद

पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह

पूर्व विधान पार्षद रणविजय सिंह

पूर्व विधायक सुदर्शन कुमार

अमर कुमार सिंह

इसके अलावा, पिछले चुनाव में महुआ से जदयू प्रत्याशी रही आस्मां परवीन, लव कुमार, आशा सुमन, दिव्यांशु भारद्वाज और विवेक शुक्ला के नाम भी सूची में शामिल हैं।

टिकट न मिलने से नाराज़गी, कई निर्दलीय चुनाव मैदान में

सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं में से कुछ को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला था, जिसके चलते पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराज़गी बढ़ती जा रही थी। कई नेताओं ने जदयू से अलग होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया था।

चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश

पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव से पहले अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी संगठन अब केवल उन लोगों के साथ आगे बढ़ेगा जो जदयू की विचारधारा, नेतृत्व और नीतियों के प्रति निष्ठावान हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम जदयू के लिए “डैमेज कंट्रोल” रणनीति का हिस्सा है, जिससे आगामी चुनाव में एकजुटता का संदेश दिया जा सके।

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CM योगी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण

गौतमबुद्धनगर 26 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री जी ने निरीक्षण के दौरान डोमेस्टिक टर्मिनल, एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था तथा अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का गहनता से अवलोकन किया।

निरीक्षण के उपरांत  मुख्यमंत्री जी ने एयरपोर्ट के बोर्ड रूम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल ) , कंसेसियनार -एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना एवं उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक के दौरान  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक बनने जा रहा है, अतः इसके निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एयरपोर्ट परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सौंदर्यकरण, स्वच्छता तथा यात्री सुविधा व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जाएं। साथ ही उन्होंने यातायात एवं सुरक्षा प्रबंधन को लेकर ठोस और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाएं जैसे सड़क और मेट्रो लिंक समय पर पूरी हों।

बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन द्वारा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, विस्फोटक निरोधक दस्ता, सीवेज शोधन संयंत्र, नियंत्रण इकाई, उप स्टेशन तथा आधारभूत संरचना रेडलाइन से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई।

मुख्यमंत्री जी ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े सभी तकनीकी, सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर किरण जैन द्वारा एनआईए अनुज्ञा निर्गमन, यात्री सुरक्षा, यात्री सेवाएँ, रनवे, वायुसंचालन परीक्षण, योगदान तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा की जा रही सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ और चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर में दो नए पुलिस थाने स्थापित करने एवं उनमें पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने हवाई अड्डे से सड़क संपर्क, माल परिवहन संपर्क, अग्निशमन केंद्र, जल शोधन संयंत्र, जलभराव निस्तारण एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने प्रगति और कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने निर्देश दिये कि हवाई अड्डे के सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने आगामी जनसभा एवं रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभा स्थल पर भूमि समतलीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसभा स्थल तक पहुँचने वाले सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता एवं प्रकाश की व्यवस्था उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह,  विधायक जेवर धीरेंद्र सिंह,  विधायक दादरी तेजपाल नागर,  एमएलसी श्रीचंद शर्मा, नरेंद्र भाटी,  जिलाध्यक्ष भाजपा अभिषेक शर्मा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित अपर प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश दीपक कुमार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यमुना विकास प्राधिकरण राकेश कुमार सिंह, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह, लोकेश एम् सीईओ नॉएडा , जिलाधिकारी मेधा रूपम, ईशान प्रताप सिंह , निदेशक नागरिक उड्डयन , नोडल अफसर जेवर एयरपोर्ट शैलेन्द्र भाटिया ,अपर जिलाधिकारी भू0-अ0 बच्चू सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे,उप जिलाधिकारी जेवर अभय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विवेक भदोरिया, इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर किरण जैन, प्रशांत गौरव गुप्ता चीफ़ कमर्शियल ऑफिसर, निकोल्स शलेन्क , चीफ डिवापलमेंट ऑफिसर एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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PM मोदी का जबरा फैन, भगवान हनुमान की वेशभूषा में 160 रैलियों में हुआ शामिल

बेगूसराय 25 Oct. (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पीएम मोदी के यूं तो देशभर में करोड़ों फैन हैं, लेकिन एक जबरा फैन है जो पीएम मोदी की रैलियों में शामिल होने के लिए भगवान हनुमान के गेटअप में पहुंचता है।

पीएम मोदी शुक्रवार को बिहार दौरे पर थे। बेगूसराय में पीएम मोदी ने एक जनसभा को संबोधित किया। यहां पीएम मोदी को सुनने के लिए उनका जबरा फैन श्रवण शाह भी पहुंचा।

श्रवण शाह ने पीएम मोदी की 160 रैलियों में हिस्सा लिया है। वे रैलियों में भगवान हनुमान की वेशभूषा में जाते हैं, क्योंकि वे पीएम मोदी को श्री राम मानते हैं।

बेगूसराय में उनके एक हाथ में “नमो भाजपा” लिखा हुआ गदा था और सिर पर कमल के आकार की फुलाने वाली टोपी। उनके दूसरे हाथ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाला एक बैनर भी था।

श्रवण ने बातचीत में कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की 160वीं रैली है, जिसमें मैंने हिस्सा लिया है। पीएम मोदी ने बिहार में कई विकास कार्य किए हैं और राज्य की प्रगति के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मैं उनके लिए पूरे देश में नंगे पैर चलता हूं। प्रधानमंत्री ने गरीबों और महिलाओं सहित सभी के लिए अथक प्रयास किए हैं। वे पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो एक गरीब परिवार में जन्मे हैं और आम लोगों के संघर्षों को सही मायने में समझते हैं।

श्रवण ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी तारीफ की और कहा कि न केवल प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बिहार के विकास के लिए बहुत कुछ किया है।

जब वे सत्ता में आए थे, तब बिहार की स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पीएम मोदी और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार का कायाकल्प कर दिया है। इस बार भी एनडीए भारी बहुमत से जीतेगा। मैं नीतीश कुमार को अभी से बधाई देना चाहता हूं, क्योंकि वे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।

बेगूसराय में रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जंगल राज के दौर के नेताओं को सिर्फ अपने परिवारों की चिंता थी, जिन्होंने बिहार के युवाओं का जीवन बर्बाद कर दिया।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार को समृद्ध बनाया है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बिहार के लोगों को अब राजद के चुनाव चिह्न लालटेन की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब उनके मोबाइल फोन में टॉर्च है।

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अतिआधुनिक मशीनों से होगी सीवरों की सफाई, CM रेखा ने वैशाली में मिनी रीसाइक्लर का किया लोकार्पण

नई दिल्ली 25 Oct (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा है कि अब राजधानी में सीवर लाइनों की सफाई का कार्य अति आधुनिक मशीनों से भी किया जाएगा। ये नई मिनी रिसाइक्लर मशीनें संकरी सड़कों और गलियों में भी आसानी से प्रवेश कर सकेंगी और सीवर लाइनों से गाद निकालने के अलावा उसकी सफाई भी कर सकेगी।

मुख्यमंत्री ने आज शालीमार बाग विधानसभा स्थित वैशाली में इस नई तकनीक की मशीन को जनता को समर्पित किया और बताया कि सरकार ने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के लिए फिलहाल 16 नई स्मॉल रीसाइक्लर मशीनें मंगाई हैं। मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि उनकी सरकार पर्यावरण संरक्षण और शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि ये अत्याधुनिक पोर्टेबल मशीनें सीवर लाइनों की सफाई, गाद निष्कासन, जेटिंग और सक्शन जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है। इस मशीन के उपयोग से सीवर सफाई कार्य अब अधिक प्रभावी, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की 16 मशीनों को ऑर्डर दिया जा चुका है।

जरूरत के हिसाब से और मशीनों भी खरीदी जाएंगी। ये मशीनें विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाली सीवर ब्लॉकेज समस्याओं के त्वरित समाधान में बेहद उपयोगी साबित होंगी। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, जनप्रतिनिधि, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैशाली क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़कों, नालों और सीवर से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही थी, जिनका अब स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सीवर लाइन और वॉल-टू-वॉल आरएमसी रोड निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया गया है।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को जलभराव, सीवर जाम और टूटी सड़कों जैसी समस्याओं से स्थायी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में बिजली रखरखाव (मेंटेनेंस) के लिए भी एक अत्याधुनिक मशीन खरीदी है, जो बिना बिजली काटे और लाइन बाधित किए चलती लाइन पर ही मरम्मत कार्य करने में सक्षम है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी सरकार पर्यावरण संरक्षण और शहरी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। यमुना नदी की सफाई, जल शोधन परियोजनाएं, अंडरग्राउंड वायरिंग, स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम और वृक्ष ट्रांसप्लांटेशन जैसे कई इनोवेटिव परियोजनाए तेजी से प्रगति पर हैं। दिल्ली आज तकनीक और पर्यावरण संतुलन के संगम पर खड़ी है। नई मशीनरी, आधुनिक तकनीक और दूरदर्शी सोच के साथ दिल्ली सरकार “स्वच्छ, हरित और सुरक्षित दिल्ली” के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

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नेशनल कॉन्फ्रेंस की तीन सीटों पर जीत, एक सीट पर BJP का कब्जा

श्रीनगर 25 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा की चार सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने चार तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन प्रत्याशी मैदान में उतारे। चुनाव के नतीजों का एलान हो गया है। एनसी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, चौथी सीट पर भाजपा जीती है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, शम्मी ओबराय और सज्जाद किचलू ने जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की सीटों पर जीत दर्ज की है। जेकेएनसी के वरिष्ठ नेता चौधरी मोहम्मद रमजान 58 मतों से जीतकर जम्मू कश्मीर से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। जेकेएनसी नेता सज्जाद किचलू ने जम्मू-कश्मीर में दूसरी राज्यसभा सीट जीती।

वहीं, जेकेएनसी के शम्मी ओबेरॉय ने तीसरी राज्यसभा सीट जीती। चौथी सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा 32 वोट हासिल कर विजयी हुए, जबकि एनसी के इमरान निसार को 22 वोट मिले हैं। तीन सीट जीतते ही एनसी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।

बता दें कि छह विधायकों वाली कांग्रेस ने नेकां को समर्थन का एलान किया था। मनचाही सीट नहीं मिलने से चुनाव लड़ने से इन्कार करने वाले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने वीरवार को इसकी घोषणा की थी। वहीं तीन विधायकों वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भी नेकां को समर्थन की घोषणा की थी।

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दिल्ली में क्लास 1 में दाखिला की उम्र में हुआ बदलाव, शिक्षा निदेशालय ने जारी किया सर्कुलर

नई दिल्ली,25 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । दिल्ली सरकार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 1 में एडमिशन के लिए 6 साल से अधिक आयु की एक समान आयु लागू करेगी.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, अगले साल से चरणबद्ध तरीके से आयु मानदंड में भी संशोधन किया जाएगा.

शिक्षा निदेशालय (डीओई) की ओर से जारी लेटर के अनुसार, वर्तमान में दो कक्षाएं – नर्सरी और केजी – और उसके बाद कक्षा 1 शामिल है, जिसमें प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु क्रमश: 3+, 4+ और 5+ वर्ष है.

हालांकि, स्कूल के प्रधानाचार्य नर्सरी से कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा दोनों में एक महीने तक की छूट दे सकते हैं.

सर्कुलर में आगे उल्लेख किया गया है कि नए आयु मानदंड वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 के छात्रों पर लागू नहीं होंगे. साथ ही, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं 2027-28 से ही अस्तित्व में आएंगी.

इसका अर्थ है कि 2025-26 के नर्सरी, केजी और कक्षा 1 के छात्रों को 2026-27 में वर्तमान संरचना के अनुसार अगली उच्च कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा. यह ध्यान देने योग्य है कि केजी में नए प्रवेश (शैक्षणिक सत्र 2026-27 में) 4 वर्ष से अधिक आयु (31 मार्च, 2026 तक) के बच्चों के लिए उपलब्ध होंगे.

इसके अलावा, जिन छात्रों ने किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से पिछली कक्षा उत्तीर्ण की है और जिनके पास वैध स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) और मार्कशीट है, उन्हें अगली उच्च कक्षा में प्रवेश लेते समय आयु-उपयुक्त मानदंडों से छूट दी जाएगी.

सर्कुलर के अनुसार, केवल शैक्षणिक सत्र 2027-28 से, लोअर केजी (बालवाटिका 2/प्री-स्कूल 2) और अपर केजी (बालवाटिका 3/प्री-स्कूल 3) शुरू किए जाएंगे, और इन कक्षाओं में प्रवेश ऊपर उल्लिखित आयु मानदंडों के अनुसार होंगे.

लेटर के अनुसार, सभी स्कूल प्रमुखों को पहले ही फाउंडेशनल चरण के पुनर्गठन और कक्षा 1 में प्रवेश के लिए 6+ वर्ष की एक समान आयु लागू करने के बारे में सूचित कर दिया गया था.

निदेशालय ने लेटर के माध्यम से सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों को इन बदलावों के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित करें और प्रवेश एवं छात्र प्रगति के लिए संशोधित आयु मानदंडों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें.

राज्यसभा चुनाव में एनसी के 7 विधायकों ने बीजेपी को वोट दिया, सज्जाद लोन का बड़ा दावा

श्रीनगर,25 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर में 24 अक्टूबर को हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ गुप्त समझौता करने का आरोप लगाया है. हालांकि, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि उनकी पार्टी को कुछ लोगों द्वारा धोखा दिया गया है.

श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए लोन ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और सरकार की आरक्षण नीति, दोनों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कश्मीरियों को सरकारी नौकरियों से व्यवस्थित रूप से बाहर रखा जा रहा है.

उन्होंने कहा, इस सरकार ने खुली योग्यता को दबा दिया है. यह योग्यता को पूरी तरह से खत्म करने पर तुली है. उन्होंने आगे कहा, हम इस नीति के खिलाफ जमीनी स्तर पर पंजीकरण अभियान शुरू कर रहे हैं और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे.

लोन ने कहा कि उनकी पार्टी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस उस भेदभावपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ लोगों को लामबंद करेगी जो क्षेत्र के भविष्य के लिए खतरा है. उन्होंने कहा, अगर विरोध प्रदर्शन या भूख हड़ताल की जरूरत पड़ी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे.

राज्यसभा चुनावों का जिक्र करते हुए लोन ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की क्रॉस-वोटिंग से सीधे तौर पर भाजपा को फायदा हुआ. उन्होंने दावा किया, ये अतिरिक्त वोट चौथे उम्मीदवार के लिए कभी भी पर्याप्त नहीं थे. क्रॉस-वोटिंग के बिना चौथी सीट जीतना भी संभव नहीं था. क्रॉस-वोटिंग तो नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ही की थी.

लोन ने आगे दावा किया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सात विधायकों ने सीधे अपने वोट भाजपा को गिफ्ट कर दिए. उन्होंने आगे कहा, यह एक फिक्स मैच था. वही पार्टी जो धर्मनिरपेक्षता और भाजपा-विरोधी राजनीति की दुहाई देती है, आराम से भाजपा की गोद में बैठी है.

उन्होंने आगे कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की हरकतों ने विपक्ष में होने के उसके दावे की पोल खोल दी है. उन्होंने कहा, लोगों को अपनी आंखें खोलनी चाहिए. भले ही भाजपा सीधे तौर पर सत्ता में न हो, लेकिन उसकी पसंदीदा पार्टी अब सत्ता में है.

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भारतीय सेनाओं के त्रिशूल अभ्यास से घबराया पाकिस्तान, सेना को अलर्ट पर रहने को कहा

नईदिल्ली,25 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत की तीनों सेनाएं सीमा के पास संयुक्त सैन्य अभ्यास त्रिशूल करने जा रही हैं। इसके लिए 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक नोटेम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है।

यानी अभ्यास क्षेत्र की वायुसीमा में 12 दिन तक प्रवेश पर पाबंदियां रहेंगी। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत की तीनों सेनाओं की संयुक्त क्षमता, आत्मनिर्भरता और नवाचार का प्रदर्शन करना है। इस अभ्यास से पाकिस्तान घबरा गया है और उसने हाई अलर्ट जारी किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अभ्यास से पहले पाकिस्तान ने कई कमांडों और ठिकानों को हाई अलर्ट पर रखा है। रिपोर्ट में शीर्ष पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्र के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान ने सिंध और दक्षिणी पंजाब में दक्षिणी कमानों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है और किसी भी संभावित आक्रमण का जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा है। खासतौर पर बहावलपुर स्ट्राइक कोर और कराची (सिंध) कोर को तैयार रहने के लिए कहा गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने शोरकोट, बहावलपुर, रहीम यार खान, जैकोबाबाद, भोलारी और कराची जैसे वायुसैनिक अड्डों को तैयार रहने को कहा है।

इसके अलावा अरब सागर में गश्त और अभियान बढ़ाने के लिए नौसेना को भी निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को डर है कि इस अभ्यास का इस्तेमाल कराची से जुड़े समुद्री अवरोधक बिंदुओं और तटीय बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए किया जा सकता है।

तीनों सेनाओं का यह संयुक्त अभ्यास गुजरात-राजस्थान की सीमा पर सर क्रीक से लेकर जैसलमेर तक 30 अक्तूबर से 10 नवंबर तक चलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, अभ्यास के लिए चुना गया क्षेत्र इस बार काफी बड़ा और असामान्य है।

इस सैन्य अभ्यास के दौरान 28,000 फीट तक का एयरस्पेस सुरक्षित रखा जाएगा। यानी इस ऊंचाई तक कोई सामान्य विमान उड़ान नहीं भर सकेगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास में दक्षिणी कमान के सैनिक चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों का प्रदर्शन करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अभ्यास तीनों सेनाओं की संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को प्रदर्शित करने का हिस्सा है। इस ऑपरेशन में दक्षिणी कमान के सैनिक शामिल होंगे, जो क्रीक और रेगिस्तानी इलाकों में आक्रामक युद्धाभ्यास, सौराष्ट्र तट से दूर उभयचर ऑपरेशन और संयुक्त मल्टी-डोमेन अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य भारत की सेनाओं को एकजुट कर किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में सटीक जवाब देने की क्षमता को मजबूत करना है।

सर क्रीक गुजरात के कच्छ और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच 96 किलोमीटर लंबी खाड़ी है, जो अरब सागर में मिलती है। यह इलाका ज्वारीय और दलदलीय है, जिसके चलते सीमा का स्पष्ट निर्धारण मुश्किल है। भारत-पाकिस्तान के बीच इसे लेकर 1914 से विवाद चल रहा है। भारत का कहना है कि सीमा खाड़ी के बीच से गुजरना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान कहता है कि सीमा भारत की तरफ से गुजरना चाहिए।

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