भारत ने यूएन में पहलगाम आतंकी हमले के बाद रोहिंग्याओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को किया खारिज

New Delhi ,  29 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत ने म्यांमार पर मानवाधिकार रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और सांप्रदायिक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। दरअसल, इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी नरसंहार ने रोहिंग्या प्रवासियों के साथ व्यवहार को प्रभावित किया है।

इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया ने मंगलवार को कहा, “मैं अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के निर्दोष पीड़ितों के प्रति विशेष प्रतिवेदक (एसआर) द्वारा पक्षपातपूर्ण सांप्रदायिक दृष्टिकोण अपनाए जाने की कड़ी निंदा करता हूं।”

भाजपा सांसद सैकिया ने म्यांमार में मानवाधिकारों पर एक ब्रीफिंग में कहा, “यह आरोप बिल्कुल भी तथ्यात्मक नहीं है कि इस आतंकवादी हमले ने म्यांमार के विस्थापितों को प्रभावित किया है।”

वह म्यांमार में मानवाधिकारों के विशेष प्रतिवेदक, अमेरिकी डेमोक्रेट राजनेता से हार्वर्ड के शिक्षाविद बने थॉमस एंड्रयूज ने भारत पर आरोप लगाया। इसके जवाब में सैकिया ने कहा, “मेरा देश विशेष प्रतिवेदक द्वारा किए गए ऐसे पूर्वाग्रही और संकीर्ण ‘विश्लेषण’ को अस्वीकार करता है।”

बता दें, दिलीप सैकिया महासभा में भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों में से एक हैं। भारत में रोहिंग्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा देश विस्थापितों के बीच कट्टरपंथ के खतरनाक स्तर को देख रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था की स्थिति पर दबाव और प्रभाव पड़ रहा है।”

म्यांमार में संकट के पीछे रोहिंग्या संगठन अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) है, जिसका नेतृत्व कराची में जन्मे रोहिंग्या अताउल्लाह अबू अम्मार जुनूनी कर रहे हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, अगस्त 2017 में, एआरएसए ने म्यांमार में हिंदुओं पर सांप्रदायिक हमले किए, जिनमें 99 महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की मौत हो गई। इसके अलावा, कई लोगों को किडनैप कर लिया गया।

म्यांमार को लेकर भारत के दृष्टिकोण के बारे में सैकिया ने कहा कि भारत हिंसा की तत्काल समाप्ति, राजनीतिक कैदियों की रिहाई, मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति, और समावेशी राजनीतिक संवाद के पक्ष में है।

उन्होंने आगे कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक संवाद और विश्वसनीय एवं सहभागी चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शीघ्र बहाली के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।”

थॉमस एंड्रयूज ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, “म्यांमार के शरणार्थी भारत में भारी दबाव में हैं, जबकि इस हमले में म्यांमार का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था।”

एंड्रयूज ने इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए कहा कि आतंकवादी हमला “हिंदू पर्यटकों” पर किया गया था, जबकि आतंकवादियों का मकसद गैर-मुसलमानों को मारना था और उनके पीड़ितों में एक ईसाई भी शामिल था।

इसपर भाजपा सांसद सैकिया ने एंड्रयूज से कहा, “ऐसी असत्यापित और पूर्वाग्रही मीडिया रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, जिनका एकमात्र उद्देश्य मेरे देश को बदनाम करना प्रतीत होता है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं, जिनमें 20 करोड़ से ज्यादा मुसलमान शामिल हैं, जो दुनिया की मुस्लिम आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है।”

एंड्रयूज अमेरिकी कांग्रेस के पूर्व डेमोक्रेटिक पार्टी सदस्य हैं और अब हार्वर्ड विश्वविद्यालय के दक्षिण-पूर्व एशिया मानवाधिकार परियोजना के निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों ने उन्हें बताया कि हाल के महीनों में उन्हें “भारतीय अधिकारियों द्वारा तलब किया गया, हिरासत में लिया गया, पूछताछ की गई और निर्वासन की धमकी दी गई।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 40 रोहिंग्या शरणार्थियों को समुद्र के रास्ते म्यांमार के तट पर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य को बांग्लादेश भेज दिया गया। रोहिंग्याओं का पलायन अगस्त 2017 में आतंकवादी समूह एआरएसए द्वारा म्यांमार की सुरक्षा चौकियों पर हमले के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई हुई।

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NCR में ठंड का असर बढ़ा, अब स्मॉग और फॉग से भी होगा सामना

नोएडा 29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले हफ्ते तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक गिरने की संभावना है। हवा में नमी का स्तर भी 50 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगा, जिसके चलते सुबह और शाम के समय लोगों को स्मॉग और फॉग दोनों का सामना करना पड़ेगा।

भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर दर्ज पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि मौसम में शैलो फॉग (हल्का कोहरा) दर्ज किया गया। 30 अक्टूबर को भी हल्के कोहरे का असर बना रहेगा और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तथा 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज होगा।

31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मौसम विभाग ने मिस्ट की स्थिति बताई है। इन दिनों अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर पहले से ही गंभीर श्रेणी में है। तापमान में गिरावट और हवा की गति में कमी के चलते स्मॉग (धुंध और प्रदूषण का मिश्रण) और भी घना हो सकता है।

हवा में बढ़ते प्रदूषक तत्वों के कारण सुबह और देर शाम के समय दृश्यता प्रभावित होगी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि स्मॉग के कारण सांस से जुड़ी बीमारियां, अस्थमा और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। आने वाले हफ्ते तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

नमी और प्रदूषण के मेल से सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध छाई रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह की सैर पर जाने वाले बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाएं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड का असर और बढ़ेगा और न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी।

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बंगाल के लगभग 2 करोड़ मौजूदा मतदाताओं एसआईआर के लिए पेश करना होगा निर्दिष्ट दस्तावेज

कोलकाता 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में लगभग 2 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम फिर से दर्ज कराने के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान निर्दिष्ट दस्तावेजों में से कोई एक प्रदान करना होगा, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के एक अनुमान में कहा गया है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि इन मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में शामिल नहीं थे, जब राज्य में पिछली बार एसआईआर आयोजित की गई थी। पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में मतदाता सूची का 2002 की मतदाता सूची से मिलान और मानचित्रण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, उत्तर बंगाल के दो जिलों दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी को छोड़कर, क्योंकि इस महीने की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने इन दोनों जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया था।

जिन जिलों में “मानचित्रण और मिलान” का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, वहां से प्राप्त जानकारी और अभिलेखों तथा दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के लिए अनुमानित अनुमानों के आधार पर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने निष्कर्ष निकाला है कि लगभग दो करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम बरकरार रखने के लिए ईसीआई द्वारा निर्दिष्ट दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा।

सीईओ कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि इनमें से अधिकांश मतदाता, जिन्हें ईसीआई द्वारा अनिवार्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा, वे पड़ोसी बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाले जिलों से हैं। एसआईआर प्रोटोकॉल के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में हैं, उनके नाम स्वतः ही नई मतदाता सूची में पंजीकृत हो जाएंगे, तथा ऐसे मतदाताओं को मतदाता के रूप में अपनी पात्रता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा।

हालांकि, जिन लोगों का नाम 2002 की सूची में नहीं है, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। हालांकि आधार कार्ड को ऐसे दस्तावेजों की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आधार कार्ड ही पर्याप्त नहीं होगा और संबंधित मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट 11 अन्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। उल्लेखनीय बात यह है कि आधार को न तो नागरिकता का प्रमाण माना जाता है और न ही आयु का।

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अखिलेश यादव बोले — भाजपा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को तबाह कर दिया, अस्पतालों में न दवा, न डॉक्टर, न एम्बुलेंस

लखनऊ 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि योगी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में अस्पतालों की हालत दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में न तो जरूरी उपकरण हैं, न दवाएं, न ही पर्याप्त डॉक्टर।

आम मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक नहीं मिल पा रहा है और हालत यह है कि मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिल रही। भाजपा सरकार के स्वास्थ्य सुधारों के सभी दावे झूठे साबित हुए हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में हर दिन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की खबरें सामने आ रही हैं। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी अपने चरम पर है। दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति में गड़बड़ी आम हो चुकी है, जिसका खामियाजा गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कई जिलों में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी है तो कहीं ऑक्सीजन प्लांट तक बंद पड़े हैं।उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के बड़े शहरों के अस्पतालों की हालत भी बेहतर नहीं है। मेडिकल कॉलेजों और बड़े संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रहीं। भाजपा सरकार इन संस्थानों को जरूरी बजट देने में भी असफल रही है।

समाजवादी सरकार के समय बनाए गए मेडिकल कॉलेज और लखनऊ कैंसर संस्थान तक को यह सरकार सुचारू रूप से नहीं चला पा रही।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह पंगु बना दिया है। अब स्थिति यह है कि प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही, और तीमारदार उन्हें कभी बैलगाड़ी तो कभी निजी साधनों से अस्पताल ले जाने पर मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि घटिया और जानलेवा सिरप की आपूर्ति के बावजूद सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने चुप्पी साधे रखी, जिससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है।पूर्व मु

ख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर है क्योंकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। भाजपा सरकार जनता को न तो आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दे पा रही है और न ही बिजली, शिक्षा या किसानों को खाद-बीज जैसी जरूरतें। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी और जनता की पीड़ा अब चरम पर है। प्रदेश की जनता भाजपा के कारनामों से तंग आ चुकी है और 2027 में उसे सत्ता से हटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा को हटाने के बाद ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव हो सकेगा।

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प्रशांत किशोर का नाम बंगाल व बिहार के वोटर लिस्ट में

चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

कोलकाता 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। तमाम राजनेताओं पर सवाल उठाने वाले जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर खुद सवालों के घेरे में हैं। चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर दो राज्यों के मतदाता हैं। एक मतदाता बिहार में है और दूसरा पश्चिम बंगाल में। चुनाव अधिकारियों ने आज यह खुलासा किया।

इससे अब प्रशांत किशोर मुश्किल में पड़ गए हैं। प्रशांत किशोर कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गृह क्षेत्र है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस पार्टी मुख्यालय को अपना पता बताया है। अधिकारियों ने बताया कि उनका वोट बी. रानी शंकर रोड स्थित सेंट हेलेन मतदान केंद्र पर है।

प्रशांत किशोर ने 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के लिए रणनीतिकार के रूप में काम किया था। तब से वह मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। प्रशांत किशोर बिहार के सासाराम निर्वाचन क्षेत्र के भी मतदाता हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनका वोट कोनार के मध्य विद्यालय मतदान केंद्र पर है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 के अनुसार, देश में किसी भी व्यक्ति को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का अधिकार नहीं है।

हालांकि, प्रशांत किशोर के दो राज्यों में वोट मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि वे बिहार चुनाव अपनी पार्टी के साथ लड़ रहे हैं। प्रशांत को  2 वोटर आईडी कार्ड रखने के आरोप में चुनाव आयोग ने 3 दिन में जवाब मांगा है।

बहरहाल बता दे कि, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-17 के अनुसार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी व्यक्ति रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जायेगा, उल्लंघन की स्थिति में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा-31 के तहत एक वर्ष का करावास या जुर्माना या दोनो का प्रावधान है। सुनिश्चित करें। अतः एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में अपने नाम की प्रविष्टि के संबंध में तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखना सुनिश्चित करें।”

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जिला प्रशासन द्वारा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव से फसलों की सुरक्षा हेतु किसानों को दिशा-निर्देश एवं राहत उपाय बताए गए

रांची, 28.10.2025 – जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय में जिला कृषि पदाधिकारी मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर बीमा का दावा करें

जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे धान, सब्जी एवं अन्य खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुंचने का खतरा है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह एवं दिशा-निर्देश

किसानों को निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि फसलों एवं संपत्ति को अधिकतम बचाया जा सके:

1. जिन खेतों में धान, मक्का या अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, उन्हें तुरंत ना काटे कटी फसल को खेतों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि फसल हवा से गिर गई हो, तो उसे ढककर रखें ताकि वर्षा से सुरक्षित रहे। प्लास्टिक शीट या तिरपाल का उपयोग करें।

2. फसलों की सुरक्षा
सब्जियां) के लिए हल्के डंडों से सहारा दें ताकि हवा से न गिरें। नदी-नालों के किनारे लगी फसलों को विशेष सतर्कता बरते। सब्जी उत्पादकों को सलाह दी जाती है कि पॉलीहाउस या नेट हाउस को मजबूत करें एवं रस्सी एवं लोहे के तार से अतिरिक्त सहारा दें।

3. पशुधन एवं संसाधनों की सुरक्षा

पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें एवं चारा भंडारण सुनिश्चित करें। वर्षा से भीगने से बचाने का प्रयास करें। सिंचाई पंप, ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्रों को ऊंचे स्थानों पर ले जाएं।

4.सब्जियों की बुआई रोक दे। आलू की बुआई अगर कर दी गई है, तो मेढ को कई जगह काट दे, ताकि पानी का जमाव न हो।

सरकारी सहायता एवं राहत योजनाएं

जो किसान बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) के अंतर्गत पंजीकृत हैं, वे तत्काल नुकसान का फोटो/वीडियो प्रमाण सहित विभाग को सूचित करें।

चुकी किसान हमारे जिले की रीढ़ हैं एवं यह तूफान चुनौतीपूर्ण है। लेकिन सामूहिक प्रयासों से हम सामना कर लेंगे। जिला प्रशासन एवं जिला कृषि कार्यालय पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, कि किसी भी किसान को राहत में कोई कमी न रहे। सभी से अपील है कि पैनिक ना हो।

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय या जिला कृषि पदाधिकारी राँची, मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर 72 घंटो के अंदर अगर धान या मक्का का फसल कटनी करके खेतो में रखा गया है, तो प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के टॉल फ्री न. पर बीमा का दावा करें।

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खतरनाक होता जा रहा चक्रवात मोंथा, 9 राज्यों में दिखेगा असर

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मोंथा के कारण देश के कई राज्यों के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ दिख रहा है। इसी के साथ अरब सागर के ऊपर बन रहे गहरे दबाव के कारण बारिश का साया मंडरा रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 9 राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में अगले 3 दिनों तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात मोंथा मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाडा के पास तट से टकराएगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 90-100 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई जगह स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं, वहीं इन राज्यों में आपदा राहत दलों भी मुस्तैद कर दिए हैं।

दक्षिण-पश्चिमी मानसून भले ही 15 अक्टूबर को विदा हो गया है, लेकिन 3 मौसमी सिस्टम- चक्रवात, अरब सागर में बना निम्न दवाब का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ से 15 राज्यों में फिर से बारिश होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों से देश के 90 फीसदी इलाके में बादल छाए रहे और कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश भी हुई। सोमवार को केरल, झारखंड़ और गुजरात में भारी बारिश हुई, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र के कई जिले भी भीगे।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मंगलवार (28 अक्टूबर) को दिल्ली एनसीआर में बादल छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं।कई हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में 28-30 अक्टूबर के बीच पूर्वांचल में बारिश होने की संभावना है। बिहार में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 30-31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा राजस्थान में भी 6 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ सोमवार को उत्तरी हिमालय के पहाड़ी राज्यों में दस्तक दे चुका है। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ ही नवंबर के पहले सप्ताह में 3-4 डिग्री तापमान गिर सकता है।

इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि हमीरपुर, कांगड़ा, बिलासपुर में आंशिक रूप से बादल छाये रहने की संभावना है।

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चक्रवात मोंथा तूफान : भारी बारिश के चलते दर्जनों ट्रेनें रद्द, फ्लाइट के लिए एडवाइजरी जारी

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । चक्रवाती तूफान मोंथा के चलते आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवा के मद्देनजर ट्रेन सेवा बुरी तरह से प्रभावित हुई है. दक्षिण मध्य रेलवे ने 27, 28, 29 और 30 अक्टूबर को चलने वाली दर्जनों ट्रेन कैंसिल कर दी गई है.

इसमें प्रमुख रूप से 29 अक्टूबर को ओडिशा के चलने वाली ट्रेन नंबर 18464 केएसआर बेंगलुरु भुवनेश्वर प्रशांति एक्सप्रेस भी शामिल है. पटना के लिए जाने वाली ट्रेन एर्नाकुलम एक्सप्रेस, एर्नाकुलम हावड़ा एक्सप्रेस, कन्याकुमारी डिब्रुगढ़ एक्सप्रेस को डायवर्ट कर दिया गया. एयरलाइंस की ओर से यात्रियों के लिए भी एडवाइजरी की गई है.

दक्षिण मध्य रेलवे ने 27, 28, 29 और 30 अक्टूबर के लिए निर्धारित 72 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की. इसके साथ ही कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण मध्य रेलवे तथा दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव और पूर्व तटीय रेलवे, दक्षिण रेलवे और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच के साथ बैठक की. इस दौरान यात्रियों की सुविधाओं पर चर्चा की गई. उड़ान संचालन भी प्रभावित हुआ है. यात्रियों को हवाई अड्डे पर जाने से पहले उड़ान की स्थिति की जाँच करने के लिए कहा गया है.

चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश में तबाही मचा रहा है, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. ट्रेनें रद्द की जा रही है. उड़ानों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है. तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवा का सामना करना होगा. आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं.

चक्रवाती तूफान मोंथा एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे रहा है. तटीय जिलों में तेज हवा और बारिश शुरू हो गई है. प्रशासन ने प्रभावित होने वाले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा सलाह का पालन करने का आग्रह किया है.

जिले के अधिकारियों ने सभी आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है. राहत बचाव को लेकर कई टीमें तैनात की गई हैं. मौसम की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए गए. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने कई तटीय और आंतरिक जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया.

तूफान से विमानों के परिचालन पर भी असर पडऩे वाला है. इससे विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और राजमुंदरी सबसे अधिक प्रभावित होने वाले हैं. इंडियो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

एक्स पर जारी बयान में कहा है कि चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका के कारण प्रभावित शहरों से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित होगी.

यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से उड़ान की स्थिति का पता कर लें. साथ ही हवाई अड्डे के लिए अतिरिक्त समय लेकर चले क्योंकि जलभराव और यातायात जाम की आशंका है. उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को सूचित किया जाएगा.

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दिल्ली हाई कोर्ट में 3 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, कुल जजों की संख्या हुई 44

नई दिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आज दिल्ली हाईकोर्ट को तीन नये जज मिल गए. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने तीनों जजों को शपथ दिलाई. चीफ जस्टिस ने जिन जजों को शपथ दिलाई उनमें जस्टिस दिनेश मेहता, जस्टिस अवनीश झींगन और जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा शामिल हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट में इन तीन जजों के साथ ही कुल जजों की संख्या 44 हो गई है. दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 60 है. जस्टिस मेहता और जस्टिस झींगन इसके पहले राजस्थान हाईकोर्ट में जज थे. जस्टिस सुधा इसके पहले केरल हाईकोर्ट में जज थीं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन जजों के ट्रांसफर का आदेश 14 अक्टूबर को जारी किया था. इसके पहले अगस्त में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने विभिन्न हाईकोर्ट के 14 जजों का ट्रांसफर करने का आदेश दिया था जिनमें इन तीनों जजों का नाम शामिल था.

जस्टिस मेहता को 16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. जस्टिस झींगन को जुलाई 2017 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. बाद में जस्टिस झींगन को 1 नवंबर 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट में जज के रुप में ट्रांसफर किया गया था. जस्टिस सुधा 20 अक्टूबर 2021 को केरल हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था.

इससे पहले एक अन्य समारोह में दिल्ली हाई कोर्ट में तीन नव नियुक्त न्यायाधीशों शैल जैन, मधु जैन और विनोद कुमार ने गुरुवार को औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण की. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने तीनों न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. यह नियुक्तियां केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद की गईं थीं.

शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश, नव नियुक्त न्यायाधीशों के परिजन, दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य और अन्य प्रतिष्ठित कानूनी विशेषज्ञ उपस्थित रहे थे.

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शराबबंदी से लेकर भूमि अधिकार संरक्षण विधेयक की गूंज

श्रीनगर,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सहित 41 निजी विधेयक आज विधानसभा में पेश किए जाने हैं.

विधानसभा सचिवालय के अनुसार आज का दिन निजी विधेयकों के लिए रिजर्व रखा गया है. इनमें केंद्र शासित प्रदेश में लोकायुक्त की स्थापना से लेकर मानवाधिकार मंच और घाटी में फ्रोजन फूड के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध तक शामिल हैं.

ये विधेयक सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा पेश किए गए हैं. शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के दो विधायकों सहित चार विधायकों ने पेश किया है.

एनसी विधायक अली मोहम्मद सागर उनमें से एक हैं जिन्होंने क्षेत्र में शराब की बिक्री, विज्ञापन और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

पीडीपी के मोहम्मद फैयाज मीर पिछले बजट सत्र में सबसे पहले इस विधेयक को पेश करने वाले व्यक्ति थे. उनके बाद एनसी के अहसान परदेसी और अवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद ने इस प्रतिबंध के लिए सामाजिक, धार्मिक और सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता का हवाला दिया.

ये विधेयक तब पारित नहीं हो सके और इन्हें आज के विधायी एजेंडे में रखा गया है. इस क्षेत्र में शराब पीने पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से इसका सेवन वर्जित माना जाता है. इसके अलावा निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भूमि अधिकार विधेयक भी आज के विधायी एजेंडे में शामिल हैं.

एनसी विधायक मुबारिक गुल जो विधानसभा में एनसी के प्रमुख हैं ने सदन में बहुमत दल के मुख्य सचेतक के वेतन और भत्तों की मांग के लिए एक विधेयक पेश किया है.

निजी सदस्यों के विधेयकों के पारित होने की संभावना कम है क्योंकि रिकॉर्ड बताते हैं कि 1980 के बाद से सदन में केवल तीन विधेयक ही पारित हुए हैं, जिनमें से आखिरी विधेयक 2007 में पारित हुआ था.

इसका कारण समर्थन की कमी बताया जा रहा है. कोई विधेयक किसी मंत्री या विधायक द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है. पहले मामले में इसे सरकारी विधेयक और दूसरे मामले में इसे निजी सदस्य का विधेयक कहा जाता है.

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दिल्ली में आज हो सकती है पहली कृत्रिम बारिश, मौसम से हरी झंडी मिलने का इंतजार

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। धुंध भरे प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली को बारिश ही साफ कर सकती है। इसलिए दिल्ली सरकार मंगलवार को पहली कृत्रिम बारिश के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, इसके लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जब कानपुर में दृश्यता 2,000 मीटर से बढ़कर 5,000 मीटर हो जाएगी, तब विशेष विमान दिल्ली आएगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ मौसम पर निर्भर करता है, जिसके बाद क्लाउड सीडिंग परीक्षण होगी।

पिछले दिनों दिल्ली के बुराड़ी में कृत्रिम बारिश के लिए प्रयुक्त सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड यौगिकों की अल्प मात्रा विमान से छोड़ी गई थी। हालांकि, उस समय वायुमंडल में नमी 20 प्रतिशत से भी कम थी, जिससे क्लाउड सीडिंग नहीं हो सकी।

यह नमी 50 प्रतिशत होनी चाहिए थी। आईआईटी कानपुर ने परीक्षण को लेकर अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह क्लाउड सीडिंग की क्षमताओं और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच के लिए एक परीक्षण उड़ान थी।

कृत्रिम बारिश के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने  आईआईटी कानपुर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 5 परीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है।

इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, रक्षा और गृह मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश सरकार सहित 10 से अधिक केंद्रीय और राज्य एजेंसियों से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर लिए गए हैं।

परियोजना पर 3.21 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका बजट दिल्ली कैबिनेट ने पास कर दिया है। परियोजना में देरी भी हुई है।

दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश की योजना बना रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण दिल्ली- एनसीआर के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मौसम विभाग के हवाले से बताया था कि 28 से 30 अक्टूबर के बीच दिल्ली में बादल बनने पर कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। दिल्ली में मौसम अनुकूल रहने पर आज शाम तक कृत्रिम बारिश हो सकती है।

कृत्रिम बारिश को क्लाउड सीडिंग भी कहते हैं, जो मौसम परिवर्तन तकनीक है। यह बादलों में विशिष्ट रसायनों को डालकर बारिश बुलाती है। आमतौर पर इसमें सिल्वर आयोडाइड, कैल्शियम क्लोराइड या सूखी बर्फ का उपयोग होता है।

नमी से भरे बादलों में छोड़े जाने पर ये कण बीज का काम करते हैं, जिनके चारों ओर पानी की बूंदें जमा हो जाती हैं। जैसे-जैसे ये बूंदें भारी होती जाती हैं और अंतत: बारिश के रूप में जमीन पर गिरती हैं।

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अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा, ट्रस्ट ने बताया

अयोध्या,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने दी है।

उन्होंने मंगलवार को बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। अब केवल वही कार्य चल रहा है, जिसका सीधा सरोकार श्रद्धालुओं से नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में 10 एकड़ का पंचवटी भी बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

ट्रस्ट सचिव राय ने बताया कि नागरशैली में बने राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। भूतल पर रामलला और पहली मंजिल पर राम परिवार विराजित है। मंदिर के चारों ओर 800 मीटर लंबा आयताकार परकोटा बन चुका है।

इसके कोनों पर शिव, गणेश, सूर्यदेव, देवी भगवती विराजमान हैं। दक्षिण में हनुमान और उत्तर में देवी अन्नपूर्णा मंदिर है। सभी पर ध्वजदंड लग चुके हैं। दक्षिणी-पश्चिमी कोने पर लक्ष्मण जी का शेषावतार मंदिर तैयार है।

राय ने बताया कि सप्त मंडप में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य का मंदिर तैयार है। निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिर भी बन चुका है।

संत तुलसीदास का मंदिर बन चुका है। कुबेर टीला पर जटायु और अंगद टीला पर गिलहरी की प्रतिमाएं हैं। साथ ही भक्तों के लिए शौचालय परिसर का निर्माण हो चुका है। उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्रियों की सुगमता के लिए आवश्यक सभी चीजों का निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में सड़कें और पत्थर लगाने कार्य, भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंड स्केपिंग कार्य सहित 10 एकड़ में पंचवटी निर्माण का काम तेजी से हो रहा है।

उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे भवन हैं, जिनका सीधा संबंध श्रद्धालुओं से नहीं है, जिसमें सभागार, ट्रस्ट ऑफिस, अतिथि गृह, दिशाओं के गेट और 3.5 किलोमीटर लम्बी चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। अभी 3 गेट बन चुके हैं। बाकी काम जल्द पूरा होगा।

राम मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम 25 नवंबर को होना है, जिसके लिए अनुष्ठान 21 नवंबर से शुरू होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर संघचालक मोहन भागवत भी शामिल होंगे। परिसर में मंच बनेगा और 8,000 से अधिक अतिथियों के लिए कुर्सियां लगेंगी।

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कर्नाटक हाई कोर्ट से सिद्धारमैया सरकार को झटका

आरएसएस कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश रोका

बेंगलुरु,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने निजी संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। यह आदेश न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया है।

साथ ही राज्य सरकार, गृह विभाग और हुबली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को करेगा। यह आदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ बताया जा रहा था।

पुनश्चैतन्य सेवा संस्था ने सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर कोर्ट में तर्क दिया कि सरकार का कदम निजी संगठनों के वैध गतिविधियों के संचालन के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत गारंटीकृत अधिकारों को कम नहीं कर सकती है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की रक्षा करते हैं। अंतरिम रोक से संगठन को आगे सुनवाई तक अस्थायी राहत मिलती है।

कर्नाटक सरकार ने इस महीने आदेश जारी कर सार्वजनिक और सरकारी स्वामित्व वाली संपत्तियों के उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

इसमें निजी-सामाजिक संगठन को संबंधित विभागाध्यक्षों की लिखित अनुमति के बिना सरकारी स्कूलों, कॉलेज परिसर, संस्थागत स्थानों पर कार्यक्रम, बैठक या सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की मनाही थी।

सरकार ने आदेश के उल्लंघन पर जिला प्रशासन को कार्रवाई को कहा था। आदेश को आरएसएस पर सीधा हमला बताया गया, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी शाखाएं लगती हैं।

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भारत अब रूस के साथ मिलकर बनाएगा नागरिक विमान, अमेरिका और यूरोप को झटका

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और रूस मिलकर अब नागरिक विमान बनाने की ओर कदम बढ़ाएंगे। मंगलवार को इसकी शुरूआत हो गई है।

मास्को में सरकारी स्वामित्व वाली एयरोस्पेस दिग्गज हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौते के तहत घरेलू उपयोग के लिए रूसी डिज़ाइन वाला एक यात्री जेट विमान बनाया जाएगा। अभी तक नागरिक उड्डयन बाजार में यूरोप के एयरबस और अमेरिकी की बोइंग कंपनी का लगभग एकाधिकार है।

समझौते के तहत एचएएल को सुखोई सुपरजेट 100 या छोटी दूरी के मार्गों के लिए उपयुक्त दोहरे इंजन वाला क्षेत्रीय जेट एसजे-100 को असेंबल करने का अधिकार किया गया है।

इस कदम को नागरिक उड्डयन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसजे-100 की 200 से ज्यादा इकाइयां दुनिया भर में एक दर्जन से ज्यादा एयरलाइनों द्वारा निर्मित और संचालित की जा चुकी हैं। अब यह भारत की उड़ान क्षेत्रीय संपर्क योजना को मजबूत करेगा।

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चक्रवात मोंथा में आई तेजी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मोन्था मजबूत हो गया और तेजी से आगे बढ़ रहा है। चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा हाई अलर्ट पर है।

करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आ रहे इस तूफान ने तटीय क्षेत्र में भारी बारिश शुरू कर दी है। यहां से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश को हरसंभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया है।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात मोन्था रविवार देर रात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से करीब 280 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से 410 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था।

चक्रवात मंगलवार शाम या रात तक एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच पार कर जाएगा। हालांकि, तूफान पहले ही कई तटीय जिलों में पहुंच चुका है, जिससे चित्तूर, तिरुपति और काकीनाडा में अत्यधिक बारिश हो रही है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश में दस्तक देगा, लेकिन ओडिशा भी तैयार है। सरकार ने मंगलवार से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगढ़, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में रेड अलर्ट जारी किया है।

राज्य में 1,445 चक्रवात आश्रय स्थल खुले हैं और 140 बचाव दल तैयार है। गजपति जिले के पहाड़ी इलाकों पर भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सतर्क हैं। निचले इलाकों से 32,000 लोगों को निकालने का काम जारी है।

चक्रवात का हल्का असर पश्चिम बंगाल में दिखेगा। यहां के कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व-पश्चिम मेदिनीपुर में भारी बारिश की संभावना है और 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

चक्रवात के आगे बढऩे पर उत्तर बंगाल में 29 अक्टूबर से बारिश बढऩे की संभावना है। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और रानीपेट में सोमवार को भारी बारिश हुई है। मोन्था चेन्नई से 480 किलोमीटर पूर्व में है। यहां असर कम दिखेगा।

खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम और चेन्नई के बीच करीब 6 उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं। इंडिगो ने यात्रियों से हवाई अड्डा निकलने से पहले उड़ान की स्थिति जानने को कहा है। कुछ ट्रेनों को भी रोक दिया गया है।

भारी बारिश को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 3 दिन के लिए स्कूलों में छुट्टी की है। आंध्र प्रदेश में 27-31 अक्टूबर तक कई जिलों में छुट्टी रहेगी। ओडिशा में 28-29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे।

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उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में लोक आस्था का महापर्व छठ संपन्न

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने भगवान भास्कर को अर्पित किया अर्घ्य, जिलेवासियों के सुख-समृद्धि एवं शांति की मंगलकामना

जिला प्रशासन, रांची द्वारा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए की गईं व्यापक तैयारियाँ

जिला प्रशासन ने महापर्व के सफल आयोजन के लिए सभी छठ पूजा समितियों, सर्वधर्म केंद्रीय शांति समिति, मीडिया बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों का किया आभार व्यक्त

छठ पूजा के सफल आयोजन में केंद्रीय शांति समिति की भूमिका सराहनीय — जिला प्रशासन

शांति, सौहार्द और सहयोग का उदाहरण बनी केंद्रीय शांति समिति

छठ महापर्व हमारी संस्कृति, अनुशासन और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक-उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री

विधि व्यवस्था एवं सेवा में लगे पदाधिकारियों/कर्मियों की सराहना

रांची,28.10.2025 – लोक आस्था का महापर्व छठ आज उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर रांची जिले के सभी छठ घाटों पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। जिला प्रशासन, रांची द्वारा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई थीं।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने दिया अर्घ्य, जिलेवासियों के लिए की मंगलकामना

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा महापर्व में धर्मपत्नी संग हटनिया तालाब छठ घाट पर संध्याकालीन एवं प्रातःकालीन अर्घ्य अर्पित किया गया, उन्होंने समस्त जिलेवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व हमारी संस्कृति, अनुशासन और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है।

जिला प्रशासन द्वारा छठ घाटों पर की गई व्यापक व्यवस्था

छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन द्वारा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर व्यवस्थाएँ की गईं :-

सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था

जिले के सभी छठ घाटों पर पर्याप्त मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की गई।

NDRF एवं SDRF की टीम की तैनाती की गई

महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती व्रती महिलाओं की सुरक्षा हेतु की गई।

संवेदनशील घाटों पर ड्रोन कैमरा एवं CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई।

आपात स्थिति से निपटने हेतु कंट्रोल रूम और रेस्क्यू टीम की तैनाती की गई।

चिकित्सा एवं आपात सेवाएँ

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक प्रमुख घाट पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम की तैनाती की गई।

प्राथमिक उपचार हेतु फर्स्ट एड काउंटर बनाए गए।

विशेष रूप से महिला और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए गए।

प्रकाश एवं पेयजल व्यवस्था

घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई ताकि शाम और प्रातः कालीन अर्घ्य के समय श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

पेयजल की उपलब्धता के लिए अस्थायी टैंकर एवं पाइप लाइन कनेक्शन लगाए गए।

बिजली विभाग और नगर निगम की टीमों ने लगातार निगरानी रखी ताकि कोई तकनीकी बाधा न आए।

ट्रैफिक एवं पार्किंग व्यवस्था

पर्व के दौरान सड़कों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की गई।

प्रमुख मार्गों पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम और नो-पार्किंग जोन बनाए गए।

श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की गई।

नियंत्रण कक्ष एवं निगरानी दल

जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर सभी घाटों से निरंतर संपर्क बनाए रखा गया।

उपायुक्त एवं वरीय पुलिस अधीक्षक स्वयं विभिन्न घाटों का निरीक्षण करते रहे।

प्रखंड एवं नगर स्तर पर मॉनिटरिंग टीम गठित की गई जिसने सभी व्यवस्थाओं पर निगरानी रखी।

स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण कार्य

नगर निगम, रांची द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया।

घाटों की सीढ़ियों और आसपास के क्षेत्र में मलबा व कचरा हटाया गया।

डस्टबिन और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई।

घाटों पर चूना, ब्लीचिंग पाउडर और कीटनाशक का छिड़काव किया गया।

सौहार्दपूर्ण, भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ पर्व

छठ पर्व के दौरान पूरे जिले में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना

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झारखंड में 29 और 30 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर देखने को मिलेगा

जिससे संताल और कोल्हान प्रमंडल में भारी बारिश हो सकती है।

रांची,27.10.2025 – मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 27 अक्टूबर तक एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

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लखनऊ में पूर्व DGP के घर एक करोड़ की चोरी, अलीगंज पुलिस ने दर्ज की FIR

लखनऊ 27 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में कर्नाटक के पूर्व डीजीपी महेंद्र कुमार श्रीवास्तव के घर में एक करोड़ रुपए से अधिक की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के पूर्व डीजीपी महेंद्र कुमार श्रीवास्तव के अलीगंज सेक्टर-जी स्थित मकान में उनके रिश्तेदार नितिन कुमार श्रीवास्तव और पत्नी ऋषिका राज रहते हैं। ऋषिका राज ने चोरी की शिकायत अलीगंज थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर 26 अक्टूबर को मामला दर्ज किया।

शिकायत में ऋषिका राज ने बताया कि उनके पति नितिन कुमार श्रीवास्तव सलाला (ओमान) में कार्यरत हैं। परिवार 16 अक्टूबर को सलाला गया था और घर की देखरेख की जिम्मेदारी पुराने नौकर आकाश रावत को दी गई थी।

ऋषिका के अनुसार, दीपावली के अवसर पर 20 अक्टूबर को आकाश ने घर पर पूजा की और अगले दिन (21 अक्टूबर) अपने गांव चला गया था। 26 अक्टूबर की सुबह जब वह मकान से मोटरसाइकिल लेने पहुंचा तो उसने देखा कि घर के कई दरवाजों के ताले टूटे पड़े हैं और अंदर का सामान बिखरा हुआ है। उसने तुरंत ऋषिका के रिश्तेदारों और दोस्तों को इसकी जानकारी दी।

शिकायत पत्र में बताया गया कि नौकर से जानकारी मिलने मिलने के बाद ऋषिका रविवार को घर पर लौट आई और पाया कि घर पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। अलमारी टूटी हुई थी और उसमें रखे सोने व हीरे के जेवरात और लगभग 2.25 लाख रुपए चोरी हो चुके थे।

चोरी हुए गहनों में आठ सोने के कंगन, 11 चेन, चार कड़े, दो लॉकेट, पांच बड़े सेट, दो हीरे के छोटे सेट, एक हीरे का बड़ा सेट, दो सोने के बाजूबंद, 24 छोटे-बड़े झुमके और लगभग 40 ग्राम के सोने के सिक्के थे।

चोर घर से सीसीटीवी का डीवीआर, एयरटेल एक्सट्रीम टीवी बॉक्स और अन्य कीमती सामान भी लेकर फरार हो गए।

फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

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तेज प्रताप यादव का तेजस्वी पर वार,मुख्यमंत्री कौन बनेगा, ये जनता तय करेगी

महुआ 27 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार की महुआ विधानसभा सीट से उम्मीदवार तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा और कौन नहीं बनेगा, यह बिहार की जनता तय करेगी। उन्होंने तेजस्वी यादव की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए।

तेज प्रताप यादव अपनी राजनैतिक कर्मभूमि महुआ में बाइक पर चुनाव प्रचार कर रहे थे। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि महुआ में रोड नहीं बना है। स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। तेज प्रताप ने कहा, “जिस तरह हमने महुआ में मेडिकल कॉलेज बनवाने का काम किया। इसी तरह वे यहां सड़कों का निर्माण कराएंगे। जनता से किया गया वादा पूरा करेंगे।”

महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री उम्मीदवार मुकेश सहनी पर तेज प्रताप यादव ने जवाब दिया और कहा, “जनता परेशान है। युवाओं को रोजगार चाहिए। यहां मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम कौन बनेगा, ये जनता पर निर्भर करता है। जिसके पास पावर होगी, जनशक्ति जिसे मिलेगी, वह मुख्यमंत्री बनेगा।”

उन्होंने राजद के निवर्तमान विधायक और प्रत्याशी पर भी हमला बोला। तेज प्रताप ने कहा, “उन्होंने महुआ में कोई काम नहीं किया। विधायक ने सिर्फ जनता को ठगने का काम किया।” तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव फर्जी लोगों को ही टिकट दे रहे हैं।

तेजस्वी यादव की घोषणा पर उन्होंने कहा, “घोषणाएं हर कोई करता है। जनता से वादा कर देना अलग है, लेकिन कुर्सी पर बैठने के बाद लोभ आ जाएगा। इसलिए जनता से वादा करें तो उन पर खरा उतरें। घोषणाओं को पूरा करने की तेज प्रताप यादव की क्षमता है और इसका उदाहरण महुआ में बना मेडिकल कॉलेज है।”

महुआ से अगर जीते हैं तो क्या माता-पिता से आशीर्वाद लेने जाएंगे? इस पर तेज प्रताप यादव ने कहा, “मां-बाप का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है और महुआ की जनता का भी आशीर्वाद हमारे साथ है।”

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सरदार पटेल की जयंती : रन फॉर यूनिटी में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से की खास अपील

नई दिल्ली ,27 अक्टूबर(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती इस वर्ष विशेष रूप से मनाई जा रही है। उनके 150वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन 31 अक्टूबर को किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इसमें हिस्सा लेने के लिए अपील की है।

पीएम मोदी ने एकता दिवस पर एकता दिवस भारत के आधिकारिक एक्स अकाउंट द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो को रिपोस्ट करते हुए लिखा, 31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी में शामिल हों और एकजुटता की भावना का जश्न मनाएं! आइए, सरदार पटेल के अखंड भारत के सपने का सम्मान करें।

रन फॉर यूनिटी हर वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित किया जाता है। एकता दिवस भारत के आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश पोस्ट किया गया।

पोस्ट में कहा गया, हमारी विविधता ही भारत की आत्मा है और सरदार पटेल ने इस विविधता को एकता में पिरोया। प्रधानमंत्री मोदी उसी दृष्टि को आगे बढ़ा रहे हैं। सरदार पटेल की 150वीं जयंती मनाएं, रन फॉर यूनिटी में शामिल हों और एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और सशक्त बनाएं।

बता दें कि पीएम मोदी ने रविवार को लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 127वें एपिसोड में कहा था, सरदार पटेल आधुनिक काल में राष्ट्र की सबसे महान विभूतियों में से एक रहे हैं। उनके विराट व्यक्तित्व में अनेक गुण एक साथ समाहित थे।

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा था, मेरा आप सबसे आग्रह है कि 31 अक्टूबर को सरदार साहब की जयंती पर देशभर में होने वाली रन फॉर यूनिटी में आप भी जरूर शामिल हों।

पीएम मोदी ने कहा था कि गांधी जी से प्रेरित होकर सरदार पटेल ने खुद को स्वतंत्रता आंदोलन में पूरी तरह समर्पित कर दिया। खेड़ा सत्याग्रह से लेकर बोरसद सत्याग्रह तक अनेक आंदोलनों में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है।

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नोएडा में साइबर ठगों ने की रिटायर्ड इंजीनियर से 80 लाख रुपए की ठगी

नोएडा ,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। नोएडा में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड इंजीनियर को शेयर बाजार में निवेश के नाम पर मोटी कमाई का लालच देकर 80 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पीडि़त को एक फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और उसमें निवेश पर भारी मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता।

जब इंजीनियर ने पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगी का खुलासा हुआ। इस मामले के तहत साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।पुलिस के अनुसार, रिटायर्ड इंजीनियर को ठगों ने सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए संपर्क किया। उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने और कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया।

ठगों ने पीडि़त को एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसे वे निवेश प्लेटफॉर्म बताते थे। इस ऐप में पीडि़त ने धीरे-धीरे 80 लाख रुपये जमा किए, जो 10 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। ऐप में दिखाया गया कि उनके निवेश पर भारी मुनाफा हो रहा है, जिससे पीडि़त का भरोसा बढ़ता गया।

हालांकि, जब इंजीनियर ने अपने पैसे और मुनाफे को निकालने की कोशिश की, तो ऐप ने काम करना बंद कर दिया। ठगों ने तरह-तरह के बहाने बनाए और अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की। तब पीडि़त को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत नोएडा के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज की।

पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग अक्सर रिटायर्ड लोगों और कम तकनीकी जानकारी रखने वालों को निशाना बनाते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनजान ऐप्स पर भरोसा न करें और निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता जांच लें।

इस मामले में पुलिस बैंक खातों और ऐप की जानकारी के आधार पर ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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बीएसएफ की बड़ी कार्रवाई, पंजाब बॉर्डर से ड्रोन, पिस्तौल और हेरोइन बरामद

अमृतसर ,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सीमा पार से होने वाली हथियार और नशे की तस्करी पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पंजाब बॉर्डर पर चौकसी के दौरान कई अहम बरामदगियां की हैं। बीएसएफ के जवानों ने दो ड्रोन, दो पिस्टल और हेरोइन का पैकेट जब्त किया है। ये सभी बरामदगी फिरोजपुर और अमृतसर सेक्टर में अलग-अलग घटनाओं के दौरान हुई।

बीएसएफ के जनसंपर्क अधिकारी, पंजाब फ्रंटियर के अनुसार, ये कार्रवाई सीमा पार से सक्रिय पाकिस्तानी तस्करों के नापाक इरादों पर तगड़ा वार है।पहली घटना में बीएसएफ की इंटेलिजेंस विंग से मिली सटीक सूचना के आधार पर, शनिवार को अमृतसर जिले के गांव दाओके के पास गश्त कर रहे सतर्क जवानों ने एक डीजेआई एआईआर 3 एस ड्रोन बरामद किया। यह ड्रोन टूटी हुई हालत में खेतों के पास मिला।

इसी दिन शाम को दूसरी घटना में अमृतसर जिले के गांव कहांगढ़ के पास खेतों में बीएसएफ के जवानों ने एक और ड्रोन को मार गिराया। यह डीजेआई मैविक 3 क्लासिक मॉडल का ड्रोन था, जिसके साथ एक पिस्टल और एक मैगजीन बंधी हुई मिली। बताया जा रहा है कि ड्रोन के जरिये हथियारों की तस्करी की कोशिश की जा रही थी।

इसी क्रम में, बीएसएफ की एक अन्य टीम ने फिरोजपुर बॉर्डर पर गुप्त सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गांव बहादुरके के पास खेतों में से एक पिस्तौल, एक मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

चौथी घटना में बीएसएफ के जवानों ने अमृतसर जिले के गांव भैणी राजपूताना के पास स्थित खेतों से हेरोइन का एक पैकेट जब्त किया, जिसका कुल वजन 553 ग्राम है।

बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि जवानों की यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाली तस्करी और आतंकवादी नेटवर्क की साजिशों के खिलाफ निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा, बीएसएफ के सतर्क जवानों ने एक बार फिर साबित किया है कि वे किसी भी स्थिति में देश की सीमाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।

बीएसएफ ने बताया कि सभी बरामद वस्तुओं को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

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अंबाला कैंट का एयरपोर्ट बनकर तैयार, प्रधानमंत्री मोदी जल्द करेंगे उद्घाटन – अनिल विज

अंबाला ,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हरियाणा के अंबाला जिले के निवासियों को जल्द ही डोमेस्टिक एयरपोर्ट की सौगात मिलने जा रही है। अंबाला कैंट स्थित डोमेस्टिक एयरपोर्ट को एनओसी भी मिल चुकी है और सभी औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।

अंबाला कैंट का एयरपोर्ट बनकर तैयार है और कुछ कागजी काम बचा है। इसके बाद इसकी शुरुआत हो सकती है। इस एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं। यह जानकारी हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने दी।हरियाणा कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मीडिया से बात करते हुए कहा, अंबाला घरेलू हवाई अड्डा बनकर तैयार हो गया है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इसका उद्घाटन करेंगे। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के कुरुक्षेत्र दौरे के दौरान इसका उद्घाटन होगा।

अंबाला कैंट में एयरपोर्ट बनने से वहां के लोगों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा, एयरपोर्ट बनने से आसपास के लोगों को रोजगार भी मिलेगा और इसके लिए वे कैबिनेट मंत्री अनिल विज और सरकार की तारीफ कर रहे हैं।

वहीं, 25 अक्टूबर को चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीएचआईएएल) ने हवाई सुरक्षा से जुड़े एक अहम मुद्दे पर बड़ी बैठक आयोजित की थी। बैठक का उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के टकराव की बढ़ती घटनाओं को रोकना और इसके लिए ठोस कदम तय करना था। इस बात की जानकारी सीएचआईएएल ने आधिकारिक एक्स पोस्ट के जरिए दी थी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में ट्राइसिटी के नगर निगमों, पुलिस प्रशासन, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि इन जगहों पर पक्षियों का झुंड अक्सर उड़ानों के टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान खतरनाक स्थिति पैदा कर देता है।

एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ विमानों के इंजन और उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि यात्रियों की जान के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकती हैं।

बैठक में अब तक किए गए उपायों की समीक्षा की गई थी। एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और खुले में कचरा फेंकने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को ऐसे स्थानों की पहचान कर तत्काल साफ-सफाई और मलबा हटाने का आदेश दिया गया है।

बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के अधिकारियों ने हवाई क्षेत्र में पक्षियों की गतिविधियों को ट्रैक करने और रिपोर्ट साझा करने के लिए एक संयुक्त मैकेनिज्म तैयार करने का सुझाव दिया।

बैठक के अंत में तय किया गया कि अगली स्थिति समीक्षा बैठक 1 नवंबर को आयोजित की जाएगी।

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चुनाव आयोग ने किया देशभर में एसआईआर का एलान, 12 राज्यों से होगी शुरुआत

नईदिल्ली,27 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। चुनाव आयोग ने सोमवार को 12 अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का ऐलान कर दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एसआईआर की दूसरे चरण की प्रक्रिया बिहार के विधानसभा चुनाव के साथ शुरू हो जाएगी, जो फरवरी 2026 तक चलेगी। घर-घर गणना 4 नवंबर से शुरू होगी। इस दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी उपस्थित रहे।

सीईसी ज्ञानेश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि बिहार में 7.5 करोड़ मतदाताओं ने एसआईआर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, इसमें कोई भी अपील नहीं हुई।

आगे दूसरे चरण का मुद्रण-प्रशिक्षण का कार्य 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक, घर-घर गणना 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक, ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को होगा। मतदाता सूची पर दावे-आपत्ति 9 दिसंबर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक दाखिल होंगे। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी, 2026 को होगा।

चुनाव आयोग ने बताया कि जिन 12 राज्यों में एसआईआर होगा, उसकी मतदाता सूचियां आज रात 12 बजे के बाद फ्रीज कर दी जाएंगी। यह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार में होगा। इन 12 राज्यों में कुल 51 करोड़ मतदाता हैं। बता दें कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

सीईसी कुमार ने बताया कि पिछला एसआईआर 21 साल पहले 2001-2004 के बीच हुआ था। इसके बाद बिहार में किया गया। उन्होंने बताया कि पिछले सभी वर्षों में बार-बार पलायन, दोहरे मतदाता पहचान पत्र, मृत मतदाताओं का नाम न हटाना और विदेशियों को गलत तरीके से शामिल करना जैसी घटनाएं हुई हैं, इसलिए आयोग ने पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से एसआईआर आयोजित करने का निर्णय लिया है। 1951 से देश में अब तक 8 बार एसआईआर हो चुका है।

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 24 जून को शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं का वेरिफिकेशन किया गया, फिर दस्तावेज लिए गए और मसौदा सूची प्रकाशित की गई। प्रक्रिया शुरू होने से पहले बिहार में 7.8 करोड़ मतदाता थे। इनमें से करीब 65 लाख के नाम कट गए हैं। बिहार में इस प्रक्रिया पर खूब राजनीतिक विवाद भी हुआ था। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा है।

एसआईआर एक तरह से नई मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें काफी गहन तरीके से मतदाताओं की जानकारी इक_ा की जाती है। मतदाताओं की जानकारी के आधार पर मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। चुनाव आयोग एसएसआर की प्रक्रिया करता रहता है, लेकिन एसआईआर की प्रक्रिया काफी गहन है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव से पहले ये प्रक्रिया हुई है, जिसका काफी विरोध हुआ है। पिछले दिनों दिल्ली में इसकी तैयारी शुरू हुई थी।

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