तन्वी द ग्रेट’ में नजर आयेंगी अदाकारा पल्लवी जोशी

11.05.2025 ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द वैक्सिन वॉर’ से चर्चित हुई अदाकारा पल्लवी जोशी अब अपनी अगली फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ के साथ फिर से स्क्रीन पर धमाल मचाने वाली हैं। इस फिल्म के निर्देशक अनुपम खेर ने ‘तन्वी द ग्रेट’ में पल्लवी जोशी को विद्या रैना के रूप में पेश किया है।

बाल कलाकार के रूप में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली अदाकारा पल्लवी जोशी के 50 साल के शानदार करियर में टेलीविजन से लेकर फिल्मों तक का सफर रहा है और धीरे-धीरे वो एक पावरफुल फिल्ममेकर भी बन चुकी हैं। अपने किरदारों और कहानी कहने की गहरी समझ के लिए जानी जाती हैं, पल्लवी जोशी हर भूमिका में एक अलग ही असर छोड़ देती हैं।

पल्लवी जोशी अपनी नई फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स : द बंगाल चैप्टर’ के लिए तैयार हो रही हैं, जिसे विवेक रंजन अग्निहोत्री डायरेक्ट करेंगे। इस फिल्म को अभिषेक अग्रवाल और पल्लवी जोशी मिलकर प्रोड्यूस करेंगे।

फिल्म को तेज नारायण अग्रवाल और आई ऍम बुद्धा प्रोडक्शंस प्रेजेंट करेंगे। बकौल अनुपम खेर पल्लवी जोशी सबसे सहज एक्ट्रेस हैं। उनकी स्क्रीन पर जो प्रभाव है, वो बहुत खास है। ‘तन्वी द ग्रेट’ में उनका किरदार प्यार, ममता, बलिदान और ताकत का बेहतरीन उदाहरण है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का उद्घाटन

सीएम योगी बोले- आतंकवाद को पूरी तरह कुचलना ही समाधान

लखनऊ ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल उत्पादन यूनिट का उद्घाटन कर दिया है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई नेता मौजूद रहे।

इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आपने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की एक झलक देखी होगी। अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान के लोगों से ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत के बारे में पूछिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि आगे से आतंकवाद की कोई भी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी।

आतंकवाद की समस्या का समाधान तब तक नहीं हो सकता है, जब तक हम इसे पूरी तरह से कुचल नहीं देते। आतंकवाद को कुचलने के लिए हम सभी को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक स्वर में लडऩा होगा।

आतंकवाद कभी भी प्यार की भाषा नहीं अपना सकता। उसे उसी की भाषा में जवाब देना होगा। ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है।

दरअसल, लखनऊ में नई ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन फैसिलिटी शुरू हुई है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी। यह यूनिट प्रतिवर्ष 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलें बनाएगी।

300 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस यूनिट में ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जाएगी, जो 290-400 किमी की रेंज और 2.8 मैक की गति से सटीक हमला कर सकती है।

यह मिसाइल भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई है। इसे जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है और यह फायर एंड फॉरगेट सिस्टम पर काम करती है।

इसके अलावा, यूनिट हर वर्ष 100 से 150 अगली पीढ़ी की ब्रह्मोस मिसाइलें भी बनाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ये नए संस्करण एक वर्ष के भीतर डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएंगे।

इसके अलावा, अगली पीढ़ी की मिसाइल का वजन 2,900 किग्रा से घटाकर 1,290 किग्रा किया गया है और इसकी रेंज 300 किमी से अधिक होगी। इससे सुखोई जैसे लड़ाकू विमान, जो अभी एक मिसाइल ले जाते हैं, तीन मिसाइलें ले जा सकेंगे।

यह यूनिट 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित रक्षा औद्योगिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2021 में इसका शिलान्यास हुआ था और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए 80 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करवाई थी। यह यूनिट मात्र साढ़े तीन साल में बनकर तैयार हुई है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे में छह नोड्स शामिल हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी और चित्रकूट है। इसका लक्ष्य रक्षा उत्पादन में बड़े निवेश को आकर्षित करना है।

तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा राज्य है, जिसने एक समर्पित रक्षा गलियारा स्थापित किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उत्पादन में उसकी भूमिका को और मजबूत करता है।

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अमेरिका के दबाव में किया सीजफायर, सरकार ने पीओके वापस लेने का मौका गंवाया : राशिद अल्वी

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भारत-पाक संघर्ष के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में सीजफायर किया। ऐसा करने की जरूरत नहीं थी और हमने ऐसा करके पीओके को वापस हासिल करने का सुनहरा अवसर गंवा दिया।

रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान राशिद अल्वी ने कहा कि जब पूरा देश एक साथ होकर भारत सरकार के साथ आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए खड़ा था तो ऐसे समय में भारत ने अमेरिका में दबाव में सीजफायर किया।

तीन दिनों में हमारी सेना ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। लेकिन क्या भारत सरकार ने वो मकसद हासिल कर लिया, जिसके लिए यह सब कुछ किया गया था। भारत सरकार ने सीजफायर की घोषणा की, लेकिन क्या इस फैसले से पहले उन्हें सभी राजनीतिक दलों से एक बार विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए था?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश सरकार के साथ है। हमारी सेना तैयार है, लेकिन पीओके पाकिस्तान के पास रह गया। हमें उसे लेना चाहिए था। इससे बेहतर मौका और नहीं हो सकता था। अमेरिका के दबाव में हमें सीजफायर नहीं करना चाहिए था।

सीजफायर के बाद बॉर्डर पर शांति बहाल होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीजफायर के बाद हमले का कोई सवाल नहीं उठता है। लेकिन पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान कभी भी हमसे सीधे तौर पर लड़ नहीं सकता है। इसलिए वह दहशतगर्दों के दम पर आतंक फैलाना चाहता है।

राशिद अल्वी ने सवाल किया कि जिस तरह से आईएमएफ की ओर से 1 बिलियन डॉलर पाकिस्तान को दिए गए, क्या अमेरिका पर भारत सरकार को दबाव नहीं बनाना चाहिए था? क्योंकि, पाकिस्तान इन पैसों से हथियार खरीदकर हमारे खिलाफ ही इस्तेमाल करेगा। हमारी सेना और सरकार का जो मकसद था वह पूरा नहीं हुआ है। इसलिए सीजफायर अमेरिका के दबाव में नहीं होना चाहिए था। भारत अब दूसरा पहलगाम बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

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1971 जैसे नहीं हैं 2025 के हालात, दोनों युद्ध के मकसद अलग, सीजयफायर पर बोले शशि थरूर

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा है. दोनों देशों के बीच जंग के हालात बने हैं. हालांकि, 10 मई को शाम पांच बजे के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया था. बावजूद इसके पाकिस्तान ने गोलीबारी की. हालांकि, इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया.

सीजफायर के बाद से देश में अलग-अलग बयान आ रहे हैं. कोई सीजफायर का समर्थन कर रहा है तो कोई विरोध. इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर का एक बयान सामने आया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि शांति जरूरी है. मैं सीजफायर से बहुत खुश हूं. भारत लंबे वक्त तक युद्ध कभी नहीं चाहता था.

भारत आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहता था. मेरा मानना है कि उसे सबक सिखाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि हम उस स्थिति मं पहुंच गए थे, जहां तनाव नियंत्रण से बाहर हो गया था. हमारे लिए शांति जरूरी है. सच ये है कि 1971 की परिस्थितियां 2025 की परिस्थिति नहीं है.

ये युद्ध ऐसा नहीं था, जिसे हम जारी रखना चाहते थे. हम सिर्फ आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहते थे और वह सबक सिखाया जा चुका है. थरूर ने उम्मीद जताई कि भारत पहलगाम हमले के आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा देगी.

1971 की जंग के पीछे का कारण अलग था- कांग्रेस नेता थरूर ने बताया कि देश के मौजूदा हालातों की तुलना 1971 से की जा रही है. वह भी महान उपलब्धि थी. इंदिरा गांधी ने एक नया इतिहास लिखा. उन्होंने नए नक्शे को जन्म दिया. वे परिस्थितियां अलग थीं.

बांग्लादेश नैतिक कारणों से लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद करानमे के पीछे अलग उद्देश्य था. पाकिस्तान पर सिर्फ गोले दागते रहना ही हमारा उद्देश्य नहीं है. उस वक्त किए गए फैसले, उन हालातों को देखकर किया गया था. देश के आज जो हालात है, उनमें बहुत शांति है.

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युद्धविराम पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बोले,मुझे मोदी जी पर भरोसा है

 यह लड़ाई आखिरी होगी

नई दिल्ली, ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के ऐलान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करने का एक जरिया मात्र है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यदि अखबार पर भरोसा किया जाए तो भारत में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद युद्ध माना जाएगा।

मुझे पाकिस्तान के बारे में पता है कि आतंकवाद चलता रहेगा। मुझे मोदी जी पर भरोसा है कि यह लड़ाई आखिरी होगी। पूरा कश्मीर मुजफ्फराबाद तक हमारा होगा। सीजफायर दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करने का एक जरिया मात्र है, तब बात नहीं रण होगा, संघर्ष महाभीषण होगा।

इससे पहले उन्होंने सीजफायर उल्लंघन करने पर पाकिस्तान की आलोचना की थी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, कुत्ते की दुम और पाकिस्तान में कोई अंतर नहीं है।

बता दें कि तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच शनिवार को युद्धविराम हुआ था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे से सीजफायर लागू हो गया है, लेकिन महज चार घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया और सीमा पार से गोलीबारी शुरू की। साथ ही कई शहरों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया।

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार रात करीब आठ बजे तेज धमाके हुए और पाकिस्तान की ओर से ड्रोन आते दिखे। इसके साथ ही कई इलाकों में ब्लैकआउट कर दिया गया।

श्रीनगर, रियासी, कटरा, उधमपुर समेत कई जगहों पर तेज धमाके की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद ब्लैकआउट कर दिया गया। इसके साथ ही पंजाब के फिरोजपुर और होशियार में भी ब्लैकआउट कर दिया गया था।

इससे पहले भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी आतंकी घटना भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। हालांकि देर रात तक हमले रुक गए और सुबह सीमावर्ती इलाकों में लोग सड़क पर भी दिखे।

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दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली,,11 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत-पाक तनाव के बीच रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई। इस एडवाइजरी में दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से फ्लाइट्स की ऑफिशियल अपडेट्स को फॉलो करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में कहा गया है कि फ्लाइट के शेड्यूल में बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा करने से पहले अपनी एयरलाइन के साथ संपर्क में बने रहें।

एडवाइजरी में कहा गया है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर परिचालन सुचारू रूप से जारी है। हालांकि, हवाई क्षेत्र की बदलती गतिशीलता और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा अनिवार्य किए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर, उड़ान के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और ऐसे में चेक इन पर प्रतीक्षा अवधि बढ़ सकती है। इसलिए, समय से एयरपोर्ट पर पहुंचे।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित एयरलाइन के माध्यम से अपडेट प्राप्त करते रहें। किसी अन्य सोशल मीडिया या अन्य माध्यम के बहकावे में न आए। केबिन और चेक-इन बैगेज के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करें। एयरलाइन या दिल्ली हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें। सुरक्षा कारणों से होने वाली संभावित देरी के कारण एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचे। एयरलाइन और सुरक्षा कर्मियों का पूरा सहयोग करें।

एडवाइजरी में आगे लिखा गया है कि हम सभी यात्रियों से आग्रह करते हैं कि वे सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक अपडेट पर ही निर्भर रहें तथा असत्यापित सामग्री प्रसारित करने से बचें। आपके निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद, हम एक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हैं।

बता दें कि 10 मई को भारत-पाक के तनाव के बीच भारत के 32 हवाई अड्डों को सभी नागरिक उड़ान संचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की थी। ये आदेश 15 मई तक प्रभावी रहेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि परिचालन कारणों से यह बंद 15 मई 2025 को भारतीय समयानुसार 05:29 बजे तक रहेगा। इन प्रभावित हवाई अड्डों में आदमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपोरा, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नालिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलई शामिल हैं।

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मानसून 2025 : मॉनसून इस बार जल्दी कर सकता है एंट्री, ये है आईएमडी का अलर्ट

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत में मानसून न केवल मौसम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तत्व है, बल्कि यह कृषि, जल प्रबंधन और आर्थिक स्थिरता का भी मुख्य आधार है. 2025 में भारतीय मौसम विभाग (ढ्ढरूष्ठ) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से चार दिन पहले, यानी 27 मई को केरल तट पर दस्तक दे सकता है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल में प्रवेश करता है, इसलिए यह बदलाव मौसम वैज्ञानिकों और किसानों दोनों के लिए खास मायने रखता है.
समय से पहले  कितनी बार आया मॉनसून?

अगर यह पूर्वानुमान सटीक साबित होता है, तो यह 16 वर्षों में पहली बार होगा जब मानसून इतनी जल्दी भारत में प्रवेश करेगा. इससे पहले 2009 में 23 मई और 2018 में 29 मई को मानसून जल्दी आया था. 2024 में भी यह अपेक्षाकृत जल्दी, यानी 30 मई को केरल पहुंचा था.
हालांकि मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून की जल्दी या देर से शुरुआत का सीधा संबंध देश भर में होने वाली कुल बारिश से नहीं होता. यह संभव है कि केरल में मानसून जल्दी आए, लेकिन उत्तर भारत तक पहुंचने में अपेक्षित समय ही ले.
क्या हो सकता है इस बार बारिश का पैटर्न?

अर्थ एंड साइंस मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन की मानें तो  इस वर्ष मॉनसून के दौरान सामान्य से ज्यादा वर्षा की संभावना है. अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच देश में 87 सेंटीमीटर औसत बारिश हो सकती है, जो कि 105 फीसदी के स्तर पर रहेगी. यह आंकड़ा सामान्य से अधिक बारिश की श्रेणी में आता है.

मौसम विभाग के हिसाब से क्या है बारिश का पैमाना 

*96-104 फीसदी = सामान्य वर्षा

* 104-110 फीसदी = सामान्य से अधिक वर्षा

*110 फीसदी से अधिक = अत्यधिक वर्षा

* 90-95 फीसदी = सामान्य से कम

*90 फीसदी से कम = अत्यधिक कम वर्षा

13 मई तक अंडमान-निकोबार में मॉनसून की एंट्री

मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दे दिया था कि 13 मई तक मानसून अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है. यह मानसून की औपचारिक शुरुआत नहीं मानी जाती, क्योंकि भारत में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा केवल केरल में उसके प्रवेश के साथ होती है.

पूर्वानुमान की सटीकता: क्या कहता है पिछला अनुभव?

पिछले 5 वर्षों में ढ्ढरूष्ठ और निजी एजेंसी स्काईमेट की ओर से किए गए मॉनसून पूर्वानुमान काफ़ी हद तक सटीक रहे हैं.

*2024: 108 फीसदी बारिश (ढ्ढरूष्ठ: 106त्न, स्द्म4द्वद्गह्ल: 102प्रतिशत)

*2023: 94 फीसदी बारिश (ढ्ढरूष्ठ: 96, स्द्म4द्वद्गह्ल: 94 प्रतिशत)

*2022: 106 फीसदी बारिश

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भारत सरकार का बड़ा फैसला, अब कोई भी आतंकी हमला हुआ तो माना जाएगा युद्ध

नई दिल्ली ,10 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए हुए हैं। शनिवार को इसी सिलसिले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई की। भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैया दिखाने का फैसला किया है। सरकार ने ऐलान किया कि भविष्य में किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और जवाब भी उसी तरह से दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए हुए हैं। शनिवार को इसी सिलसिले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को पूरी तरह से विफल कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और सैन्य तैयारियों की पूरी जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री लगातार हर घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। बीते 24 घंटे में प्रधानमंत्री मोदी की सेना प्रमुखों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह दूसरी और महत्वपूर्ण बैठक है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को भी ऐसी ही एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव पर सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज एयरबेस को नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा, पाकिस्तान ने मिसाइलें दागीं और अस्पताल तथा स्कूल को निशाना बनाया गया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन सिरसा और एयर फोर्स स्टेशन सूरतगढ़ के शनिवार सुबह की फोटो दिखाईं और कहा कि ये सुरक्षित हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया, पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है, उसने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है।

भारत ने कई खतरों को नाकाम कर दिया, लेकिन पाकिस्तान ने 26 से अधिक स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की। पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए रात 1:40 बजे हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया। यह भी बताया गया, पाकिस्तान की इन हरकतों के बाद तुरंत जवाबी हमले का एक्शन लिया गया। रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमयार खान पर पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों और लड़ाकू जेट से हमला किया गया। सियालकोट का एयरबेस भी टारगेट किया गया।

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पाकिस्तान ने 5 राज्यों में किए हमले,सेना ने दिया मुहंतोड़ जवाब

नई दिल्ली 10 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शनिवार सुबह पाकिस्तान ने भारत के 5 राज्यों — जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात — पर अचानक हमला कर दिया। सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और जम्मू क्षेत्रों में देखा गया, जहाँ भारी गोलाबारी में प्रशासनिक अधिकारी समेत 5 लोगों की मौत हो गई।

 रक्षा सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात 7:47 से 10:57 बजे के बीच पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 26 शहरों पर 550 से ज्यादा ड्रोन दागे। सेना की तत्परता के चलते इन हमलों को बड़ी हद तक नाकाम कर दिया गया। हमलों के मद्देनजर राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। हरियाणा के चंडीगढ़ और अंबाला में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है।

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने आदमपुर, उधमपुर, पठानकोट, सूरतगढ़ और सिरसा एयरबेस, साथ ही राजौरी के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब के ब्यास स्थित ब्रह्मोस मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया। भारत ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

भारतीय सेना ने त्वरित जवाब देते हुए जम्मू के पास स्थित पाकिस्तानी पोस्ट और आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया, जहाँ से ड्रोन लॉन्च किए जा रहे थे। डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रालय आज सुबह 10:30 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें आधिकारिक जानकारी और अगली कार्रवाई की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।

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पाकिस्तान की एक और नापाक कोशिश नाकाम, BSF ने आतंकी लॉन्च पैड को किया तबाह

श्रीनगर 10 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई नापाक हरकत एक बार फिर भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने नाकाम कर दी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर के सामने स्थित सियालकोट जिले के लूनी गांव में मौजूद एक आतंकी लॉन्च पैड को BSF ने पूरी तरह तबाह कर दिया है। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान की चौकियों और आतंकी ठिकानों को हुए भारी नुकसान को देखा जा सकता है।

 बीएसएफ के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे पाकिस्तान की ओर से जम्मू सेक्टर में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी शुरू की गई थी। इसका जवाब देते हुए भारत ने लूनी इलाके में स्थित आतंकी ठिकाने को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा, “बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई में न केवल आतंकी ठिकाने को खत्म किया, बल्कि पाकिस्तान रेंजर्स की चौकियों और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।”

उधर, अमृतसर के खासा छावनी इलाके में शनिवार सुबह करीब 5 बजे पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के ज़रिए हमला करने की कोशिश की गई। भारतीय सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। सेना ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान लगातार ड्रोन और हथियारों के जरिए भारत की पश्चिमी सीमाओं पर तनाव फैलाने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बीएसएफ ने अपने बयान में कहा, “भारत की संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारा संकल्प अडिग है। कोई भी हरकत हमारी सीमाओं को भेद नहीं सकती।’’ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत-पाक सीमा पर तनाव चरम पर है और आतंकी गतिविधियों की आशंका लगातार बनी हुई है।

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युद्ध भड़काने के लिए अग्रिम मोर्चों की तरफ बढ रही है पाकिस्तान सेना

भारतीय सेनाएं भी पूरी तरह तैयार

नई दिल्ली 10 may, (Rns)- भारत ने कहा है कि पाकिस्तान युद्ध भड़काने की अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और उसने शुक्रवार रात तथा शनिवार तड़के भी पश्चिमी क्षेत्र पर ड्रोन, लंबी दूरी के हथियारों, युद्धक हथियारों और लड़ाकू विमानों से लगातार हमले कर 26 से अधिक स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ की कोशिश की जिसे भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने नाकाम कर जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किये जिनमें दुश्मन को भारी नुकसान हुआ।

भारत ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी सेना के सैनिकों को अग्रिम मोर्चों की ओर कूच करते देखा गया है जो युद्ध को भड़काने वाली कार्रवाई है। उसने कहा है कि पाकिस्तान अभी भी भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की भ्रामक जानकारी दे रहा है साथ ही वह भारत में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की नापाक कोशिश भी कर रहा है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री , कर्नल सौफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने शनिवार सुबह यहां एक विशेष ब्रीफिंग में संवाददाताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।

कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है। पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया हालांकि भारत ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेनाओं ने 26 से अधिक जगहों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की।

इन असफल हमलों में उधमपुर, भुज, पठानकोट, बठिंडा में वायुसेना के बेस पर कुछ उपकरणों और कर्मियों को नुकसान पहुंचाया। सैन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए बीती रात करीब एक बजकर 40 मिनट पर हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। भारत ने इन हमलों को सफल नहीं होने दिया।

पाकिस्तानी सेनाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया। विंग कमांडर सिंह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों का जवाब देते हुए त्वरित और सुनियोजित हमले कर चिन्हित सैन्य लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाया। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पाकिस्तान लगातार दुर्भावनापूर्ण भ्रामक जानकारी फैलाने का भी प्रयास कर रहा है। उसने भारत की प्रमुख वायु रक्षा प्रणाली एस-400 प्रणाली को नष्ट करने, सूरत और सिरसा में हवाई अड्डों को नष्ट करने का दावा किया जो पूरी तरह से झूठ है।

उन्होंने कहा कि युद्ध भड़काने की नापाक हरकत करते हुए पाकिस्तानी सेना के सैनिक को अग्रिम क्षेत्रों की ओर कूच करते देखे गये हैं। उन्होंने का कि भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के किसी भी दस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी पाकिस्तान की फायरिंग का जवाब दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना जानबूझकर असैनिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा रही है। मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की सुबह राजौरी जिले में असैनिक क्षेत्रों में गोलाबारी अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त राज कुमार थापा की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इससे केन्द्र शासित प्रदेश में हताहत होने वाले नागरिकों की संख्या और बढ़ गई है।

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किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रहे तैयार, गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया सतर्क

नई दिल्ली 09 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पाकिस्तान के साथ सीमा पर बने युद्ध जैसे हालात के मद्देनजर भारत ने पूरी तरह से कमर कस ली है। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

आज सुबह तड़के भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से आए कई ड्रोन्स और मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस बीच, सीमावर्ती चौकियों से रुक-रुक कर भीषण गोलीबारी जारी है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण चिट्ठी लिखी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने चिट्ठी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा प्रशासकों को किसी भी हालात का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और जिला प्रशासनों से कहा है कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत दी गई आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करें और सभी आवश्यक एहतियाती उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करें।

इसके अलावा, मंत्रालय ने राज्यों को युद्ध जैसी स्थिति के दौरान आवश्यक सामानों, जैसे रसद आदि की खरीदारी करने को भी कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें नागरिकों को उपलब्ध करवाया जा सके। यह कदम संभावित गंभीर स्थिति के लिए देश की समग्र तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

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रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली ,09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से बचने की हिदायत दी है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में कहा है, सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय अत्यंत जिम्मेदारी बरतें और मौजूदा कानूनों व नियमों का सख्ती से पालन करें।

उन्होंने आगे बताया, विशेष रूप से रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित रीयल-टाइम कवरेज, विजुअल का प्रसार या सूत्र आधारित जानकारी की रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समयपूर्व खुलासा अनजाने में शत्रु तत्वों की मदद कर सकता है और अभियान की प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

पिछली घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण जैसे मामलों में अनियंत्रित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव पड़ा था।

मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारा साझा नैतिक उत्तरदायित्व है कि हमारे सामूहिक कार्य चल रहे अभियानों या हमारी सेनाओं की सुरक्षा को खतरे में न डालें।

इस आदेश में बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने के लिए परामर्श जारी किया है।

नियम 6(1)(पी) में कहा गया है कि केबल सेवा में कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान की लाइव कवरेज हो, ऐसी मीडिया कवरेज केवल उपयुक्त सरकार द्वारा नामित अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी तक सीमित होगी, जब तक कि वह अभियान समाप्त न हो जाए।

उन्होंने बताया, ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज प्रसारित न करें।

सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे कवरेज में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतते रहें और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के साथ जारी किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने भी अपने एक्स अकाउंट पर इस आदेश को शेयर करते हुए अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज या रीयल-टाइम रिपोर्टिंग से बचें। ऐसी संवेदनशील या स्रोत-आधारित जानकारी का खुलासा करने से अभियान खतरे में पड़ सकता है और लोगों की जान को जोखिम हो सकता है।

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पाकिस्तान में तख्ता पलटने वाला है : रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बक्शी

गुरुग्राम ,09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान लगातार भारत से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है। जम्मू-कश्मीर,राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों के सीमावर्ती तथा अन्य इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी.डी. बक्शी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान का तख्ता पलटने वाला है। जनरल आसिफ मुनीर और शाहबाज शरीफ की विदाई का समय आ गया है। पड़ोसी देश अपनी हरकतों से चौतरफा घिर गया है।

मेजर जनरल जी.डी. बक्शी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम बहुत ही प्रभावशाली साबित हुआ है। कश्मीर से लेकर भुज तक गुरुवार को पाकिस्तान ने 15 स्थानों को टारगेट करने की नापाक हरकत की थी। भारतीय सेना ने सारे हमलों को नाकाम कर दिया।

उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने फुल स्कोर हासिल किया है। हमने लाहौर पर हमला किया है। इजराइली ड्रोन हारोप ने पाकिस्तान के रडार को ध्वस्त कर दिया है। हमने रावलपिंडी स्टेडियम को उड़ा दिया है। पाकिस्तान में एस-400 ने तबाही मचा दी है। पाकिस्तान के चीनी ड्रोन और चीनी रडार सब बेकार साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चौतरफा घिर गया है। उनकी सारी फौज भारत की सीमा पर लगने की वजह से बलूचिस्तान और पख्तूनख्वा खाली हो गया है। इस दौरान, बलूचों ने क्वेटा में हमला करके एफसीएनए के मुख्यालय को ध्वस्त कर दिया है। पाकिस्तान में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

वहीं, नोएडा में पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने कहा कि पाकिस्तान लगातार दो दिन से भारत पर हमले कर रहा है, लेकिन हमारा एंटी मिसाइल सिस्टम बहुत मजबूत है। यह तीन लेयर का सिस्टम है। पाकिस्तान ने कई रिहाशी इलाकों पर भी हमला करने की कोशिश की। इन हमलों का भारत में कोई खास असर नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान की ओर से पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना के अनुसार, 8 मई की रात पाकिस्तान ने कई हमले किए, जिन्हें भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम किया।

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देश में अन्न की कोई कमी नहीं : शिवराज सिंह चौहान

सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों तैयार

नई दिल्ली ,09 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में अन्न के भंडार भरे हुए हैं और हमारे पास चावल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में किसान तैयार हैं। इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है और हमारे किसान अगली फसल के लिए भी पूरी तरह से तैयार हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में या जरूरत के समय सभी निश्चिंत रहें। हम तैयार और सक्षम हैं।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2023-24 में देश में खाद्यान का उत्पादन 3,322.98 लाख मीट्रिक टन था और जिसे देश के किसानों ने बढ़ाकर अब 3,474.42 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।

उन्होंने कहा, “चावल का उत्पादन पिछले वर्ष के 1,378.25 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस बार 1,464.02 लाख मीट्रिक टन रहा। वहीं, गेहूं का उत्पादन 1,132 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर इस वर्ष 1,154 लाख मीट्रिक टन हो गया है। हालांकि, यह केवल अनुमान है, इसमें और भी बढ़ोतरी की संभावना है।”

केंद्रीय मंत्री चौहान ने जानकारी दी कि इस वर्ष दालों का उत्पादन 242 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 250.97 लाख मीट्रिक टन हो गया है। तिलहन का उत्पादन भी 296.69 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 428.98 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। देश में फलों और सब्जियों की भी कमी नहीं है।

उन्होंने आगे बताया कि बागवानी फसलों का उत्पादन 3,547 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 3,621 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। आलू, प्याज और टमाटर उत्पादन के भी सकारात्मक आंकड़े दर्ज किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आलू 570 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 595 लाख मीट्रिक टन और प्याज 242 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 288 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इसी तरह, टमाटर का उत्पादन भी 213 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 215 लाख मीट्रिक टन हो गया है।”

उन्होंने विपरीत मौसम में भी उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि गेहूं और चावल का उत्पादन एक वर्ष में 4-5 प्रतिशत तक बढ़ा है। उन्होंने बफर स्टॉक की जानकारी देते हुए कहा कि 8 मई तक 539.88 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी जा चुकी है। भंडार भरे हुए हैं। इसके अलावा, 267.02 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जा चुका है और खरीद जारी है।

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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025: ट्रैक साइक्लिंग में बिहार की बेटियों ने दिखाया दमखम

ओवरऑल चैंपियनशिप में प्राप्त किया तीसरा स्थान

समापन पर मुख्यातिथि  रेजीडेंट कमिश्नर बिहार सरकार श्री कुंदन कुमार ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित

नई दिल्ली, 09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के अंतर्गत इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, दिल्ली में ट्रैक साइक्लिंग स्पर्धाओं का शानदार समापन हुआ। ट्रैक पर रफ्तार और जोश की इस जंग में झारखंड की लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं लड़कों के वर्ग में राजस्थान ने परचम लहराया।

बिहार की लड़कियों ने भी कड़ी टक्कर दी और तीसरा स्थान हासिल करने में सफल रहीं। इस अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बिहार के रेजीडेंट कमिश्नर श्री कुंदन कुमार(आईएएस) और मध्यप्रदेश सरकार के सचिव श्री जॉन किंग्सले(आईएएस) उपस्थित रहे। दोनों ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और सभी राज्यों  के प्रतिभागियों को उनके समर्पण व प्रदर्शन के लिए बधाई दी।

रेजीडेंट कमिश्नर श्री कुंदन कुमार ने बिहार की गर्ल्स साइक्लिस्ट से भी मुलाकात की और बिहार का नाम रोशन करने के लिए उन्हें बधाई दी। जबकि इस दौरान स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आईजी स्टेडियम एडमिनिस्ट्रेटर श्री अतुल कुमार सिंह, ज्वाइंट एडमिनिस्ट्रेटर श्री विजय भट्‌ट, लेबर कमिश्नर बिहार सरकार एवं CAO बिहार भवन श्री कुमार दिग्विजय, ARC बिहार भवन श्री शम्स अफरोज  और उपनिदेशक सूचना एवं जनसंपर्क श्री दिनेश कुमार भी मौजूद रहे।

लड़कियों की श्रेणी में झारखंड ने 2 गोल्ड और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 16 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। इस जीत में सबसे अहम योगदान टीम स्प्रिंट इवेंट में आए 1 गोल्ड मेडल का रहा, जिससे टीम को सीधे 10 अंक प्राप्त हुए। राजस्थान ने 3 गोल्ड मेडल हासिल कर 15 अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं बिहार ने 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज के जरिए 10 अंक जुटाकर तीसरी पायदान पर जगह बनाई। तीसरा स्थान प्राप्त करने में अहम योगदान टीम स्प्रिंट में आए 1 सिल्वर मेडल का रहा। जिससे बिहार टीम को 6 अंक प्राप्त हुए थे ।

लड़कों के वर्ग में राजस्थान ने अपना दबदबा कायम रखते हुए 3 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल के साथ कुल 19 अंक अर्जित कर पहला स्थान प्राप्त किया। झारखंड ने 1 गोल्ड और 2 सिल्वर के साथ 14 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया।

झारखंड की टीम स्प्रिंट में आई जीत निर्णायक रही। जिस वजह से वह महाराष्ट्र को पछाड़ने में सफल रहा। महाराष्ट्र ने 2 गोल्ड और 1 सिल्वर के बल पर 13 अंक के साथ तीसरा स्थान पाया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान ट्रैक पर खिलाड़ियों की रफ्तार के साथ-साथ दर्शकों का जोश भी चरम पर रहा।

हर रेस, हर मोड़ पर तालियों की गूंज ने माहौल को और जीवंत बना दिया। आयोजकों की माने तो ट्रैक साइक्लिंग में इस बार रिकॉर्ड संख्या में राज्य और खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो खेलो इंडिया की सफलता और विस्तार का प्रमाण है।

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भारत-पाक तनाव के बीच, पंजाब में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद, परीक्षाएं रद्द

चंडीगढ़ ,09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में, पाकिस्तान के साथ 532 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करने वाले पंजाब ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने और परीक्षाएं रद्द करने का आदेश दिया है।

जालंधर स्थित आई.के. गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को कहा कि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

इसमें कहा गया है कि परीक्षाओं का संशोधित कार्यक्रम नई तिथि से कम से कम पांच दिन पहले घोषित किया जाएगा।

राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। लैंडलाइन फोन नंबर 0172-2741803 और 0172-2749901 पर संपर्क किया जा सकता है।

राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए, यह आदेश दिया जाता है कि पूरे पंजाब में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय – सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त – अगले तीन दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगे। गुरुवार की रात को पंजाब के छह सीमावर्ती जिलों – फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन में ब्लैकआउट की सूचना मिली।

पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में प्राधिकारियों ने शनिवार तक सभी स्कूल बंद करने की घोषणा की है।

दूसरी ओर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरुवार को फिरोजपुर सेक्टर में एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया। घुसपैठिए की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, उसे शुक्रवार की सुबह भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार करते समय मार गिराया गया। घुसपैठिये को लाखा सिंह वाला बीएसएफ चौकी के निकट एक गेट के पास घुसपैठ की कोशिश करते देखा गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पंजाब के कुछ सीमावर्ती गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं, पंजाब पुलिस के सभी कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गईं।

पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रमुख अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार और सभी तीन करोड़ पंजाबी भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं। राज्य की पुलिस बल किसी भी पाकिस्तानी हमले का करारा जवाब देने के लिए हर लड़ाई में भारतीय सेना के साथ शामिल होगा।

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सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द; ऐतिहासिक इमारतों की बढ़ाई गई सुरक्षा

Pak से तनाव के बीच दिल्ली में हाई अलर्ट

नई दिल्ली 09 may,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बाद देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। दिल्ली में हाई अलर्ट किया गया है और शहर के सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई है।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने लाल किला और कुतुब मीनार के पास सुरक्षा में इजाफा करते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। पुलिस के मुताबिक, एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है, और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आमतौर पर ऐतिहासिक इमारतों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है, लेकिन बॉर्डर पर तनाव देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी सुरक्षा को और बढ़ाया गया है। बता दें कि दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और इसी के चलते दिल्ली पुलिस की तरफ से एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।

भारतीय सेना के अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान सशस्त्र बलों ने 8 और 9 मई की मध्यरात्रि को पूरे पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और अन्य हथियारों का उपयोग करके कई हमले किए। पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन (सीएफवी) का भी सहारा लिया।

भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि ड्रोन हमलों को प्रभावी ढंग से खदेड़ दिया गया और सीएफवी को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। भारतीय सेना राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

भारतीय सेना ने कहा कि सभी नापाक इरादों का बलपूर्वक जवाब दिया जाएगा। भारत ने गुरुवार रात को जम्मू, पठानकोट, उधमपुर और कुछ अन्य स्थानों पर सैन्य स्टेशनों पर हमला करने की पाकिस्तानी सेना की कोशिश को नाकाम कर दिया।

नई दिल्ली की जवाबी कार्रवाई में न केवल ड्रोन और मिसाइलें नष्ट हुईं, बल्कि इस्लामाबाद के एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम विमान को भी मार गिराया गया, जो पाकिस्तान की हवाई निगरानी और युद्धक्षेत्र समन्वय क्षमताओं के लिए एक बड़ा झटका है।

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भारत ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में दी चेतावनी

उकसाया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहिए

नई दिल्ली 09 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पाकिस्तान को सख्त लहजे में कहा कि अगर भारत को फिर से उकसाया गया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। मिसरी ने “भारत पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ाने के उल्लेख” पर टिप्पणी की और कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव का कारण 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला था, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। ये कायराना हमला उन आतंकवादियों ने किया, जिनके पड़ोसी देश पाकिस्तान से संबंध पाए गए थे।

विक्रम मिसरी ने कहा, “सीमा पार से हमारे खिलाफ बहुत सी गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं… कुछ चीजें हैं जिन्हें मैं आपको ध्यान में रखना चाहूंगा। जिसमें सबसे पहले सभी जगहों पर तनाव बढ़ने का उल्लेख है तो पहली बात जो आपको ध्यान में रखनी है वह यह है कि पहलगाम हमला मूल तनाव की जड़ है और भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी कार्रवाई के माध्यम से इसका जवाब दिया और आतंकी ठिकानों पर हमला किया।”

पाकिस्तान की तरफ से जम्मू कश्मीर में गुरुद्वारे को निशाना बनाया गया और सिख समुदाय पर हमला किया। अगर पाकिस्तान फिर हमला करेगा तो उसे करारा जवाब मिलेगा। पाकिस्तान भारत को लगातार उकसा रहा है और हम उसका जवाब दे रहे हैं। पाकिस्तान अगर फिर से भारत में हमला करेगा तो अंजाम भुगतेगा।

पाकिस्तान के इस दुष्प्रचार पर कि उसने भारतीय विमानों को मार गिराया, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “…इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। आखिरकार, यह एक ऐसा देश है जिसने अपने जन्म के साथ ही झूठ बोलना शुरू कर दिया था। 1947 में जब पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर पर दावा किया, तो उन्होंने किसी अनजान व्यक्ति से नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र से झूठ बोला कि हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है… इसलिए यह यात्रा 75 साल पहले शुरू हुई थी…”

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बगलिहार के बाद अब भारत ने सलाल डैम के भी कई गेट खोले

चिनाब नदी से छोड़ा गया पानी

श्रीनगर 09 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। भारत ने जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने बगलिहार डैम के बाद अब सलाल डैम के भी कई गेट खोल दिए हैं, जिससे नदी में पानी का बहाव एक बार फिर शुरू हो गया है। इस घटनाक्रम से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें डैम से पानी का तेज बहाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

 सूत्रों के अनुसार, हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि के तहत पाकिस्तान को जाने वाले पानी को रोकने का फैसला किया था। इसके तहत सबसे पहले सिंधु नदी पर बने डैम और फिर चिनाब नदी पर बने बगलिहार और सलाल डैम को बंद कर दिया गया था। हालांकि, बीते दिनों जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश के चलते इन डैमों में जलस्तर काफी बढ़ गया, जिससे प्रबंधन को गेट खोलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

रामबन जिले में स्थित बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के दो गेट और रियासी में स्थित सलाल डैम के तीन गेट शुक्रवार को खोले गए। इसके बाद चिनाब नदी में पानी का बहाव फिर से सामान्य हो गया है, जिससे कई दिनों से नदी में मौजूद सूखे की स्थिति समाप्त हो गई।

गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसका उल्लंघन किए जाने का संकेत दिया था। यह संधि वर्ष 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हस्ताक्षरित हुई थी। यह अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच सहयोग का एक दुर्लभ उदाहरण मानी जाती रही है।

अब यह देखना अहम होगा कि भारत के इस कदम के बाद पाकिस्तान की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।

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जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट की खबर निकली झूठी

पाकिस्तान के फेक दावों की खुली पोल

नई दिल्ली 09 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा पर लगातार हमले की कोशिश जारी है, लेकिन भारतीय सेना की तरफ से भी पाकिस्तानी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक दावों के साथ पोस्ट भी शेयर किए जा रहे हैं। ऐसी ही एक पोस्ट में दावा किया गया कि जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट हुआ है, लेकिन इसकी सच्चाई कुछ और ही है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने जम्मू एयरफोर्स बेस पर विस्फोट के पाकिस्तान के दावों की पोल खोल दी है। पीआईबी के फैक्ट चेक में पुष्टि हुई है कि जिस तस्वीर को जम्मू एयरफोर्स बेस का बताया जा रहा है, वह तस्वीर साल 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए ब्लास्ट की है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया, “भारत में जम्मू एयरफोर्स बेस पर कई विस्फोटों के झूठे दावों के साथ एक पुरानी तस्वीर प्रसारित की जा रही है। पीआईबी फैक्ट चेक में पता चला है कि यह तस्वीर अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हुए विस्फोट की है। उस समय की एक रिपोर्ट का लिंक भी शेयर किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “गलत सूचना के झांसे में न आएं। शेयर करने से पहले हमेशा पुष्टि करें।” इससे पहले, पीआईबी फैक्ट चेक ने पाकिस्तान द्वारा गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमले की झूठी खबरों का भी खंडन किया था।

पीआईबी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ खूब वायरल हो रही है कि गुजरात के हजीरा पोर्ट पर हमला हुआ है। लेकिन, यह इससे जुड़ा हुआ वीडियो नहीं है। यह वीडियो तेल टैंकर विस्फोट को दर्शा रहा है और 7 जुलाई 2021 की है। इस वीडियो को शेयर न करें।

पीआईबी फैक्ट चेक में एक और वीडियो के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें दावा किया जा रहा था कि यह जालंधर पर ड्रोन स्ट्राइक का वीडियो है। जबकि यह वीडियो फॉर्म फायर का है। इस वीडियो को शेयर न करने की अपील की गई है।

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भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच मुंबई में अलर्ट मोड पर नौसेना

मछुआरों को दी संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की सलाह

मुंबई 09 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत-पाकिस्तान के बीच बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर मुंबई में नौसेना अलर्ट मोड पर है। भारतीय नौसेना ने मुंबई में मछुआरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की है। इस दौरान नौसेना ने मछुआरों को संवेदनशील क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की सलाह दी है।

जानकारी के अनुसार, भारतीय नौसेना ने आशंका जताई है कि नौकाओं का इस्तेमाल पाकिस्तान 26/11 मुंबई अटैक की तरह कर सकता है, इसलिए मछुआरों को अलर्ट किया गया है। साथ ही मुंबई में जल्द ही मछली पकड़ने वाली नौकाओं का सर्वेक्षण किया जाएगा और एक ऐप की मदद से उनका डेटा एकत्र किया जाएगा।

भारतीय सेना के अनुसार, 8 और 9 मई की मध्य रात्रि को पाकिस्तान ने कई हमले किए, जिन्हें भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम किया।

सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी से यह भी स्पष्ट हो चुका है कि जब पाकिस्तान ने जम्मू और पंजाब के कई इलाकों पर हमला करने की कोशिश की तो भारत ने उसे करारा जवाब दिया। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान और दो जेएफ-17 विमान भी मार गिराए गए।

गुरुवार को पाकिस्तान ने भारत के कई हिस्सों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय वायु रक्षा ने उनके भेजे गए ड्रोन को भी गिरा दिया। भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में उड़ रहे उनके एयरबोर्न वार्निंग और कंट्रोल सिस्टम को भी मार गिराया है।

पाकिस्तान ने गुरुवार शाम को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुला, पूंछ, सांबा और उरी में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की। भारतीय एस-400 वायु रक्षा प्रणाली ने जम्मू एयरपोर्ट, सांबा, आरएस पुरा, अर्निया और आस-पास के इलाकों में पाकिस्तान की आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। जम्मू विश्वविद्यालय के पास दो पाकिस्तानी ड्रोन भी गिराए गए।

एक संयुक्त रक्षा बयान में कहा गया, “जम्मू, पठानकोट और उधमपुर में स्थित सेना के ठिकानों पर पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। भारतीय सेना ने तय प्रक्रिया के अनुसार इन खतरों को खत्म किया।”

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भारत की पाकिस्तान पर दोहरी मार: जैश के 7 आतंकी ढेर

सांबा में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम

नई दिल्ली 09 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा में लगातार मुस्तैद है और पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबे को ध्वस्त कर रहा है। बीती रात पाकिस्तान द्वारा भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए हवाई हमलों की कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम करने के बाद, सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को विफल करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के सात आतंकवादियों को मार गिराया है।

सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सांबा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से हो रही घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान बीएसएफ के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे सात घुसपैठियों को ढेर कर दिया। सूत्रों ने बताया है कि मारे गए घुसपैठिए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे।

पाकिस्तान की ओर से यह घुसपैठ की कोशिश ऐसे समय में की गई, जब भारतीय सेना ने जम्मू, पठानकोट, उधमपुर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूद अपने सैन्य प्रतिष्ठानों पर पाकिस्तान सेना द्वारा किए गए ड्रोन और अन्य हथियारों से हमलों के प्रयास को विफल कर दिया था।

भारतीय सेना के बयान के मुताबिक, 8 और 9 मई 2025 की दरमियानी रात को पाकिस्तान की सेना ने पश्चिमी सीमा पर एक साथ कई दिशाओं से हमले की कोशिश की थी। पाकिस्तान ने ड्रोन और अन्य युद्धक सामग्रियों का इस्तेमाल कर भारतीय सीमाओं को निशाना बनाने का प्रयास किया। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया।

सेना ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और सीमा पार से हुई गोलीबारी व संघर्ष विराम उल्लंघनों का मुंहतोड़ जवाब दिया गया। सेना ने अपने बयान में दृढ़ता से कहा है कि भारतीय सीमाओं की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा और पाकिस्तान के किसी भी नापाक मंसूबे या दुस्साहस को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि आतंक के खिलाफ भारत द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। गुरुवार को पाकिस्तान ने इसी बौखलाहट में जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान के जैसलमेर तक भारत के लगभग 15 शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई ने पाकिस्तान के इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया था।

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पैन इंडिया फिल्म ‘कंतारा : चैप्टर 1’ पूर्णता की ओर अग्रसर…….!

फिल्म 2 अक्टूबर को रिलीज होगी….!

09.05.2025 – होम्बले फिल्म्स के बैनर तले बन रही पैन इंडिया फिल्म ‘कंतारा: चैप्टर 1’ के आखिरी शेड्यूल की शूटिंग तेजगति से जारी है। यह फिल्म 2022 की ब्लॉकबस्टर ‘कंतारा’ की प्रीक्वल है। सिने दर्शक इसके रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पोस्टर ने पहले ही दर्शकों का ध्यान खींच लिया है और यह फिल्म अपने आप में भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक मानी जा रही है।

इस फिल्म की शूटिंग कुंडापुरा (साउथ) से करीब 20 किलोमीटर दूर हो रही है। ये फिल्म अपने फाइनल स्टेज में है। मेकर्स ने इस फिल्म में एक भव्य युद्ध सीन शामिल किया है, जिसे नेशनल और इंटरनेशनल स्पेशलिस्ट्स की टीम ने मिलकर तैयार किया है। इस सीक्वेंस के लिए 500 से ज्यादा ट्रेन्ड फाइटर्स को हायर किया गया है, जिन्होंने अब तक का सबसे अलग और धमाकेदार एक्शन सीन तैयार किया है।

इस पावर-पैक्ड सीक्वेंस में 3000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे बड़े सीक्वेंसेज़ में से एक बनाता है। सिनेदर्शकों को फिल्म के माध्यम से आधुनिक विज़ुअल और सिनेमैटिक अनुभव का दिव्य आनंद लेने का मौका मिलेगा।

2 अक्टूबर को रिलीज होने वाली इस बहुप्रतीक्षित एक्शन फिल्म में साउथ स्टार ऋषभ शेट्टी एक थ्रिलिंग और इंटेंस अवतार में नजर आयेंगे।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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