मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने विजय शाह पर 4 घंटे में प्राथमिकी दर्ज करने को कहा

भोपाल,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बुधवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ 4 घंटे के अंदर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने यह आदेश कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर दिया है।

न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की पीठ ने पुलिस महानिदेशक को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से जानकारी मांगी है।

अगली सुनवाई सोमवार 19 मई को होगी।

मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह  ने 12 मई को इंदौर में एक कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा था, जिन्होंने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े थे, वही कटे-पिटे लोगों को, हमने उन्हीं की बहन भेजकर ऐसी की तैसी कराई।

उन्होंने कपड़े उतारकर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उतारा। मोदी जी कपड़े उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा था।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को श्यामला हिल्स थाने में विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले भाजपा नेताओं ने कर्नल सोफिया के परिजनों से मिलकर कुंवर विजय शाह के बयान पर खेद जताया था।

कुंवर विजय शाह पहले भी अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं।

बता दें कि कर्नल सोफिया कुरैशी ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान रोजाना मीडिया को जानकारी दी थी। उनके साहस के चर्चा हो रहे हैं।

****************************

इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान की ढाल बने चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को किया था जाम

23 मिनट में ऑपरेशन को किया पूरा

नई दिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान की रक्षा पंक्ति की ढाल बने चाइनीज एयर डिफेंस सिस्टम को मात देते हुए मात्र 23 मिनट में आतंकी ठिकानों को तबाह कर अपनी तकनीकी श्रेष्ठता भी साबित कर दी।

पीआईबी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ भारत की प्रतिक्रिया सटीक और रणनीतिक थी। नियंत्रण रेखा या अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किए बिना, भारतीय सेना ने आतंकवादी ढांचे पर हमला किया और उन्हें खत्म कर दिया।

इस पूरे ऑपरेशन में स्वदेशी हाई-टेक सिस्टम ने को-ऑर्डिनेशन के साथ काम किया। चाहे ड्रोन हो, लेयर्ड एयर डिफेंस हो या इलेक्ट्रॉनिक वार, हर स्तर पर एकजुटता के साथ दुश्मन के हौंसले को पस्त कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल स्वदेशी तकनीक आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा में एक मील का पत्थर है।

भारत ने एयर डिफेंस के लिए पिकोरा, ओएसए-एके और एलएलएडी गन के अलावा आकाश का इस्तेमाल किया गया। आकाश ने शानदार प्रदर्शन किया। यह एक छोटी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम है जो हवाई हमलों से बचाती है।

पाकिस्तान की ओर से जिन ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया वे चीन और तुर्की के बने हुए थे। भारत ने इस ऑपरेशन के दौरान अपनी तकनीकी दक्षता का भी प्रदर्शन किया और पाकिस्तान के एयर डिफेंस को तहस-नहस कर दिया।

सेना और वायु सेना दोनों ने मानवरहित एयर सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध संसाधनों और एयर डिफेंस हथियारों का एक अनूठा मिश्रण पेश किया। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लेकर अंदर की ओर कई डिफेंस लेयर लगाए जिससे पाकिस्तान की दाल गल नहीं पाई।

भारत की एयर डिफेंस प्रणाली ने सेना, नौसेना और मुख्य रूप से वायु सेना के साथ असाधारण तालमेल के साथ काम किया। इन प्रणालियों ने एक अभेद्य दीवार बनाई, जिसने पाकिस्तान द्वारा जवाबी कार्रवाई करने के कई प्रयासों को विफल कर दिया। भारतीय वायु सेना की एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली ने इन सभी को एक साथ लाया, जिससे एक नई ताकत पैदा हुई।

***************************

 

भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने न्यायमूर्ति बीआर गवई

 6 महीने का होगा कार्यकाल

नईदिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली है। उनको राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई।

उन्होंने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का स्थान लिया है, जो मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पद से सेवानिवृत्त हो गए थे।
न्यायमूर्ति गवई अगले 6 महीने (23 नवंबर, 2025) तक देश के सीजेआई के पद पर बने रहेंगे। उनके नाम की सिफारिश कानून मंत्रालय को भेजी गई थी।

न्यायमूर्ति गवई देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित जाति के सीजेआई हैं। उनसे पहले अनुसूचित जाति के न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन भी सीजेआई रह चुके हैं।

केरल से आने वाले बालाकृष्णन जनवरी, 2007 से मई, 2010 तक सीजेआई रहे थे। न्यायमूर्ति गवई को 24 मई, 2019 को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था।

इससे पहले वे बॉम्बे हाई कोर्ट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 24 नवंबर, 2025 को न्यायमूर्ति गवई सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

न्यायमूर्ति गवई अपने कार्यकाल के दौरान 600 से ज्यादा फैसले सुना चुके हैं और 200 से ज्यादा पीठों का हिस्सा रहे हैं।

उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ कहा था कि केवल अपराध में आरोपी/दोषी होने पर संपत्तियों को ध्वस्त नहीं किया जा सकता।
वे अन्य पिछड़ा वर्ग में कोटे के भीतर कोटा, अनुच्छेद 370, दिल्ली शराब नीति मामला, चुनावी बॉन्ड और नोटबंदी जैसे अहम फैसले सुनाना वाली पीठ का भी हिस्सा थे।

न्यायमूर्ति गवई का जन्म 24 नवंबर, 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में हुआ था। वे बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल आरएस गवई के बेटे हैं।

उन्होंने 1985 में वकालत शुरू की। वे 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते रहे।

उन्हें 1992 में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में महाराष्ट्र सरकार का सहायक सरकारी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक नियुक्त किया गया।

न्यायमूर्ति गवई 2003 में हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश और 2005 में स्थायी न्यायाधीश बने।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य शामिल थे। सभी ने उन्हें शपथ ग्रहण के बाद शुभकामनाएं दीं।

*************************

 

भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में बनेंगे और बंकर

श्रीनगर,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंचने के बाद जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में काफी गोलाबारी हुई थी, जिससे कई लोग हताहत हुए हैं।

इससे सबक लेते हुए केंद्र सरकार अब नियंत्रण रेखा (एलओसी) के आसपास के इलाकों में नए सामुदायिक बंकरों की संख्या बढ़ाएगी, जिससे आपातकालीन स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके।

बताया जा रहा है कि इलाकों में 600 सामुदायिक बंकर और केंद्रीकृत सायरन प्रणाली स्थापित की जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को एलओसी के आसपास के इलाकों का दौरा कर बताया था कि आगे 600 बंकर और केंद्रीकृत सायनर प्रणाली स्थापित होगी।

वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अजय डुल्लू ने राजौरी का दौरा कर कहा था कि एलओसी के आसपास अभी 9,500 बंकर है।
उन्होने कहा था कि बंकर की मांग बढ़ रही है, जिसकी कोई कमी नहीं होगी और अधिक बंकरों का निर्माण कराया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दशकों में सरकार ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर व्यक्तिगत और सामुदायिक बंकर बनाए हैं, लेकिन पुंछ और राजौरी कस्बे इस सुविधा से बाहर थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान ये क्षेत्र गोलाबारी से अछूते थे और सीमावर्ती गांवों तक सीमित थे, लेकिन इस बार पाकिस्तान ने पैटर्न बदला और यहां भी गोलाबारी की।

एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि दोनों कस्बे पहली बार गोलाबारी की चपेट में आए हैं।

*****************************

 

पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान पीके शॉ को लौटाया

भारत ने भी पाकिस्तानी रेंजर को वापस किया

नईदिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान गलती से सीमा पार करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान पीके शॉ को पाकिस्तान ने लौटा दिया है।

पाकिस्तान की सेना ने 20 दिन तक कब्जे में रखने के बाद जवान को बाघा सीमा से वापस भेजा है।

पंजाब में गश्त के दौरान गलती से शॉ पाकिस्तान की सीमा पार कर गए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उनको हिरासत में लिया था।
उनसे सुरक्षा अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।

बीएसएफ ने अपने बयान में कहा, आज सुबह 10:30 बजे कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ द्वारा पाकिस्तान से वापस ले जाया गया।

कांस्टेबल शॉ 23 अप्रैल, 2025 को लगभग 11:50 बजे फिरोजपुर सेक्टर में ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान अनजाने में पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे और उन्हें पाक रेंजर्स ने हिरासत में लिया था।

पाकिस्तान रेंजर्स के साथ नियमित फ्लैग मीटिंग और अन्य संचार चैनलों के माध्यम से कांस्टेबल की वापसी संभव हो पाई।

बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात कॉन्स्टेबल शॉ एक अन्य जवान के साथ 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तैनात थे।

उनकी ड्यूटी बाड़ के पास फस काट रहे किसानों की निगरानी और सुरक्षा करना था। तभी वे दोपहर में पेड़ की छांव में आराम करने के लिए आगे आए और गलती से पाकिस्तानी सीमा में चले गए।

तभी वहां तैनात पाकिस्तानी रेंजर्स ने उनको गिरफ्तार कर लिया।

पाकिस्तान से बीएसएफ जवान शॉ की रिहाई के बाद भारत ने भी भारत में अवैध रूप से घुसे एक पाकिस्तानी रेंजर को छोड़़ दिया है।

पाकिस्तानी मीडिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध रूप से भारत में घुसे पंजाब रेंजर्स के जवान मुहम्मद अल्लाह को भारत ने बुधवार को रिहा कर दिया है। दोनों देशों ने स्थापित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने-अपने कब्जों से एक-दूसरे के जवानों को छोड़ा है।

****************************

 

एनसीआर में लौटेगी भीषण गर्मी, 13 मई से फिर बढ़ेगा तापमान

नोएडा ,13 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। 11 मई तक हल्की राहत के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ेगा। मौसम विभाग द्वारा जारी 7-दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 13 मई से तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।

अनुमान लगाया गया है कि 13 मई को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो सामान्य से काफी अधिक है। 13 मई से 19 मई के बीच का मौसम मिलाजुला रहेगा, लेकिन गर्म हवाओं और उमस की वजह से लोगों को खासा परेशान होना पड़ सकता है।

13, 14 और 15 मई को आसमान में बादल रहेंगे और सूरज की लुका-छुपी जारी रहेगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने की संभावना है।

16 मई को मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दिन तेज सतही हवाएं और बिजली चमकने के साथ-साथ गरज के साथ बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।

हालांकि, इससे तापमान में कुछ गिरावट की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन उमस में इजाफा होने की पूरी संभावना है। 17 से 19 मई तक आसमान मुख्यत: साफ या आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा और आर्द्रता 30 से 55 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।

इसका मतलब है कि भीषण गर्मी के साथ-साथ उमस भी परेशान करती रहेगी। मौसम विशेषज्ञों ने इस दौरान आम जनता को धूप में सीधे निकलने से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा खूब पानी पीने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों को इस दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

*******************************

 

समय से पहले मानसून ने दी बंगाल की खाड़ी में दस्तक

कोलकाता 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भीषण उमस व गर्मी से परेशान बंगाल के लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने आज बताया कि, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान-निकोबार और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में दस्तक दे दी है। तेज हवाएं, घने बादल और बारिश के चलते मौसम विभाग ने इसे मानसून की शुरुआत माना है।

साथ ही ये भी अनुमान लगाया है कि अगले 3-4 दिनों में मानसून देश के अन्य इलाकों में आगे बढ़ सकता है। आज मौसम विभाग ने कहा कि पिछले दो दिनों में निकोबार द्वीपसमूह में मध्यम से भारी वर्षा हुई। इस अवधि में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण, निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के ऊपर पछुआ हवाओं के प्रभाव में वृद्धि हुई है।

समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊपर हवा की गति 20 समुद्री मील से अधिक हो गयी है और कुछ क्षेत्रों में यह 4.5 किलोमीटर तक बढ़ गयी है। मौसम विभाग ने कहा कि ‘दक्षिण अरब सागर के कुछ भागों, मालदीव और कोमोरिन क्षेत्रों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी भाग, पूरे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, अंडमान सागर के शेष भागों और बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग के कुछ भागों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

’ मौसम विभाग के मुताबिक इस साल मानसून की बारिश सामान्य से ‘अधिक’ रहने की उम्मीद है। मौसम के जानकारों का कहना है कि, बंगाल में मध्य जून या जुलाई के आरम्भ में मानसून का मौसम शुरू हो जाता है।

****************************

 

पाक नागरिक आजाद व उसके सहयोगियों के खातों से हुए 50 करोड़ रुपये के लेन-देन

कोलकाता 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पश्चिम बंगाल में फर्जी फर्जी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिक आज़ाद मल्लिक उर्फ़ आज़ाद हुसैन से पूछताछ में चौकाने वाले खुलासे हो रहें है। उक्त खुलासों से देश की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। उक्त जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दी।

जांच एजेंसी के अनुसार, पिछले दो से तीन वर्षों में आज़ाद और उसके सहयोगियों के खातों में करीब 50 करोड़ रुपये की नकद लेनदेन हुई है। अदालत में पेशी के दौरान ईडी ने बताया कि आज़ाद केवल नकली पासपोर्ट ही नहीं, बल्कि यूरोप के कई देशों के फर्जी वीजा भी तैयार करता था। ईडी के मुताबिक, आज़ाद ने पाकिस्तान के कई नागरिकों को यूरोपीय देशों के फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए भेजा।

इसके अलावा दुबई, कम्बोडिया और मलेशिया जैसे देशों के लिए भी नकली वीजा तैयार किए गए। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं आतंकवादियों को भी फर्जी पासपोर्ट और वीजा पर विदेश भेजा गया है या नहीं।

आज़ाद से जांच के दौरान दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं—एक नैहाटी विधानसभा क्षेत्र से और दूसरा राजारहाट-गोपालपुर क्षेत्र से। ईडी अब यह जांच कर रही है कि उसे ये कार्ड कैसे मिले और किन लोगों ने इसमें उसकी मदद की।

इससे पहले, आज़ाद को फर्जी पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभ में उसे बांग्लादेशी नागरिक माना गया था, लेकिन उत्तर 24 परगना के बिराटी इलाके में उसके घर की तलाशी में पाकिस्तान का ड्राइविंग लाइसेंस मिला, जिसमें उसका नाम आज़ाद हुसैन दर्ज था।

इसके बाद ईडी को पूरा यकीन हुआ कि वह पाकिस्तानी नागरिक है और उसका संबंध सीधे तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से है। ईडी को संदेह है कि आज़ाद ने अब तक करीब 200 भारतीय फर्जी पहचान पत्र तैयार किए हैं और इनकी मदद से नकली पासपोर्ट बनाए गए।

यह संख्या 500 तक पहुंच सकती है। बहरहाल पाक नागरिक आजाद केन्द्रीय एजेंसियों की जद में है और उसके उपर उक्त एजेंसियों की निगाह जमी हुई है।

*************************

 

पाकिस्तान ने ट्रेलर देख लिया है, नहीं सुधरे तो फीचर फिल्म भी भारत दिखाएगा : राजीव रंजन

पटना ,13 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के खिलाफ कोई भी आतंकी हमला हुआ तो उसका माकूल जवाब दिया जाएगा।

पीएम मोदी के संबोधन पर जदयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कल दुनिया ने 21वीं सदी के भारत की दहाड़ देखी है। पीएम मोदी के संदेश को पूरी दुनिया ने गंभीरता के साथ सुना है। साफ-साफ संदेश है कि आतंकवाद के साथ बातें नहीं हो सकती हैं। आतंकवाद और व्यापार साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद जब तक खत्म नहीं होगा तब तक न कोई बातें होंगी और न व्यापार होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह साफ संदेश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कह दिया कि किसी अन्य राष्ट्र की मध्यस्थता कबूल नहीं है। जम्मू-कश्मीर को लेकर बात होगी तो केवल पाक अधिकृत कश्मीर के भारत में लेने के सवाल पर बातचीत होगी। बात होगी तो आतंकवाद कैसे खत्म हो, इस पर बात होगी।

उन्होंने कहा कि भारत ने साफ संदेश दे दिया है कि अगर पाकिस्तान आतंकी घटनाओं को नहीं रोकता है तो इससे भी बड़े और बुरे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। दुनिया ने इसे देखा भी है। 72 घंटे में भारत ने उनके कई एयरबेस नष्ट कर दिए हैं। इससे पहले, एक बड़े आतंकवादी ठिकाने को भी नष्ट कर दिया गया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं। सैन्य प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया।

राजीव रंजन ने कहा कि पाकिस्तान ने ट्रेलर देख लिया है, वह नहीं सुधरता है तो अब भारत पूरी फीचर फिल्म भी दिखाएगा। विपक्ष के द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के बयान को लेकर की जा रही राजनीति पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को बेसुरे राग अलापने की आदत है, जिससे वह खुद को बचा नहीं पाते हैं। इस देश की परंपरा है कि युद्ध जैसे हालात में पूरा देश एकजुट होकर मुकाबला करता है। ऐसे में कुछ नेताओं के बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

******************************

 

अमृतसर जहरीली शराब मामले में पंजाब पुलिस का एक्शन

डीएसपी-एसएचओ सस्पेंड, 9 आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर ,13 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत के मामले में पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) का बयान आया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने नकली शराब के कारण हुई दुखद मौतों के बाद तुरंत कार्रवाई की है।

पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) के ‘एक्स’ अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर जहरीली शराब मामले में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया, अमृतसर के मजीठा में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद पंजाब पुलिस ने नकली शराब के कारण हुई दुखद मौतों के बाद त्वरित कार्रवाई की।

नकली शराब के धंधे से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य सरगना और कई स्थानीय विक्रेता शामिल हैं। ऑनलाइन खरीदे गए मेथनॉल का इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया गया था। पूरे मामले की जांच चल रही है, ताकि कार्यप्रणाली का पता लगाया जाए और सभी दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।

उन्होंने आगे कहा, बीएनएस और आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। डीएसपी सबडिवीजन मजीठा और थाना मजीठा के एसएचओ को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।

पंजाब पुलिस नकली शराब के नेटवर्क को ध्वस्त करने और लापरवाह अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। हम सभी दुख में एकजुट हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए संकल्पबद्ध हैं कि न्याय हो और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जाए।

वहीं, अमृतसर के थरीयेवाल गांव में जहरीली शराब से तीन लोगों की मौत पर ग्रामीणों में गुस्सा है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।

इस घटना के बारे में बात करते हुए एक स्थानीय निवासी ने कहा कि जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आई थी तो हमने सोचा था कि यहां हालात सुधरेंगे, नशा और शराब खत्म हो जाएगी।

लेकिन, यह वादा पूरा नहीं हुआ। आज मुख्यमंत्री यहां आ रहे हैं और मैं यही कहूंगा कि जितनी मर्जी राजनीति करनी है करो, लेकिन यह लोगों की लाशों पर नहीं होनी चाहिए।

वहीं, परिवार के सदस्य ने बताया कि गांव में जहरीली शराब बिकती थी, जिसे गांव के लोग पीते थे और इसको पीने की वजह से तीन लोगों की मौत हुई है। गांव के सरपंच ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है।

गांव में लंबे समय से जहरीली शराब का धंधा चल रहा था, जिसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी गई थी। पुलिस ने हाल ही में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन अभी भी कुछ लोग इस अवैध कारोबार में लिप्त हैं। सरपंच का आरोप है कि अगर प्रशासन ने पहले सख्त कदम उठाए होते तो आज इन लोगों की जान बच सकती थी।

****************************

 

भारतीय सेना की मजबूत स्थिति के बावजूद केंद्र सरकार ने क्यों किया सीजफायर : मनीष सिसोदिया

चंडीगढ़ ,13 मई (आरएनएस)।  आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब भारत मजबूत स्थिति में था, तो फिर पीएम मोदी सीजफायर के लिए कैसे मान गए?

‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, पहलगाम आतंकी हमले की जड़ जिस तरीके से पाकिस्तान से निकलकर आ रही थी, उससे पूरा देश गुस्से में था।

भारतीय सेना ने सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ को सफलतापूर्वक चलाकर आतंकवादियों के अड्डे समाप्त किए, उससे पूरा देश एक सुकून महसूस कर रहा था।

उसके बाद भारतीय सेना पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे रही थी। पाकिस्तान के हथियारों को हवा में नष्ट कर रही थी। भारतीय सेना मजबूत स्थिति में थी। पूरा विपक्ष, सरकार के साथ खड़ा था।

फिर अचानक सीजफायर की घोषणा हुई, उस समय देश के मन में कई सवाल उठे। उस समय से अब तक देश में कई सारे सवाल उमड़ रहे हैं।

सोमवार शाम पीएम मोदी ने जब देश के नाम संबोधन दिया, तो पूरे देश को उम्मीद थी कि अचानक हुए सीजफायर पर प्रधानमंत्री कुछ बोलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सिसोदिया ने कहा, पाकिस्तान एक आतंकी देश है और उसे जवाब देना जरूरी था। ऐसे में जब भारतीय सेना उसे जवाब दे रही थी, तो उस समय पूरा देश साथ खड़ा था और दुआएं कर रहा था।

केंद्र सरकार ने बताया कि उनकी आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा था, इसके बाद परिणामस्वरूप गुहार लगा रहा था, तब हमने विचार किया। तो, मेरा सवाल है कि आतंकवादी देश के सामने भारत सरकार ने कैसे विचार किया?

‘आप’ नेता ने कहा, जब हमारी सेना को बढ़त थी। पाकिस्तान को झुकना और पीछे हटना चाहिए था। पहलगाम के आतंकियों को हमें सौंपना चाहिए था। लेकिन, भारत सरकार ने कहा कि पाकिस्तान ने आकर हाथ जोड़े तो हमने सीजफायर कर लिया। भारत सरकार इस पर क्यों मान गई।

****************************

 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना का ऑपरेशन केल्लर शुरू

शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकी ढेर

शोपियां ,13 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में हुई है।

एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद केल्लर के जंगलों में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था। जैसे ही पुलिस और सेना की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया, तो जंगलों में छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया। इस गोलीबारी के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए।

अतिरिक्त लोक सूचना महानिदेशालय इंडियन आर्मी के एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर कर आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। उन्होंने एक्स पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें ‘ऑपरेशन केल्लर’ लिखा हुआ है।

एक्स पर पोस्ट में बताया गया, ऑपरेशन केल्लर, 13 मई 2025 को राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट की विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर शोपियां के शोकल केल्लर क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली।

भारतीय सेना ने तलाशी और विनाश ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने भारी गोलीबारी की, जिसके बाद तीव्र मुठभेड़ हुई और इसमें तीन आतंकवादी मारे गए। फिलहाल ऑपरेशन अभी जारी है।

उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारतीय सेना लगातार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कई आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुंचाया है। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया।

इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह कर दिए गए। इस कार्रवाई से पाकिस्तान को भारी सैन्य और आर्थिक नुकसान हुआ। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर की घोषणा हुई।

***************************

 

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे विराट कोहली,पत्नी अनुष्का भी साथ

वृंदावन 13 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने के एक दिन बाद, भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली मंगलवार को अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन में देखे गए।

भगवान कृष्ण ने अपना बचपन जिस पवित्र शहर में बिताया था, वहां उनके जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वृंदावन में, विराट और अनुष्का ने संत प्रेमानंद गोविंद शरण से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया।

कोहली ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपने शानदार 14 साल के टेस्ट करियर का अंत किया, जिसमें उन्होंने 123 मैचों में 9,230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्द्धशतक शामिल हैं।

इस जोड़े को पिछले कुछ सालों में कई मंदिरों में जाते हुए देखा गया था। इस साल जनवरी में, विराट, अनुष्का शर्मा और उनके बच्चे प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लेने वृंदावन गए थे, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं।

2023 में, दंपति ने उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर का दौरा किया। इससे पहले, दोनों ने उत्तराखंड में नीम करोली बाबा आश्रम, कैंची धाम की आध्यात्मिक यात्रा की।

विराट के टेस्ट रिटायरमेंट का फैसला तब आया जब यह बताया गया कि कोहली ने अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अपने फैसले के बारे में बता दिया है।

2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने वाले कोहली पिछले एक दशक में भारत के लाल गेंद के पुनरुत्थान की आधारशिला रहे हैं। उनकी आक्रामक कप्तानी, शानदार बल्लेबाजी और बेजोड़ तीव्रता ने भारत को घरेलू और विदेशी दोनों ही जगहों पर एक मजबूत टेस्ट टीम में बदलने में मदद की है।

वह ग्रीम स्मिथ (53 जीत), रिकी पोंटिंग (48 जीत) और स्टीव वॉ (41 जीत) के बाद कुल मिलाकर 40 जीत के साथ चौथे सबसे सफल टेस्ट कप्तान के रूप में सेवानिवृत्त हुए।

कोहली के 30 टेस्ट शतक उन्हें सचिन तेंदुलकर (51 शतक), राहुल द्रविड़ (36) और सुनील गावस्कर (34) के बाद चौथे सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज बनाते हैं। कोहली ने सात टेस्ट दोहरे शतक भी बनाए, जो किसी भारतीय द्वारा अब तक का सबसे अधिक है।

उनके नाम किसी भारतीय कप्तान द्वारा सबसे अधिक टेस्ट शतक भी हैं, जबकि गावस्कर (11 शतक) उनके 20 शतकों से काफी पीछे हैं। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पिछले साल भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद टी20आई प्रारूप से संन्यास की घोषणा की थी। 36 वर्षीय कोहली अब भारत के लिए केवल वनडे मैचों में खेलेंगे।

*************************

 

हाईकोर्ट का अहम फैसला, बिना जांच नौकरी से निकालना मौत की सजा जैसा

जयपुर 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि नौकरी से बर्खास्तगी किसी कर्मचारी के लिए ‘मौत की सजा’ के समान है। अदालत ने जोर देकर कहा कि केवल कारण बताओ नोटिस जारी करके किसी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता, बल्कि इसके लिए उचित जांच प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। यह टिप्पणी एक सरकारी कर्मचारी को नौकरी से निकाले जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर की पीठ ने आरोप पत्र या अनुशासनात्मक जांच के बिना बर्खास्त किए गए एक शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक (पीटीआई) को बहाल करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि सेवा से बर्खास्तगी का आदेश एक गंभीर कदम है और इसे निर्दोष व्यक्तियों को दंडित होने से बचाने के लिए पूरी तरह से निष्पक्ष और उचित जांच के बाद ही पारित किया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, याचिकाकर्ता पीटीआई पर धोखाधड़ी से नौकरी हासिल करने का आरोप लगाते हुए उसे केवल एक कारण बताओ नोटिस के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। प्रशिक्षक ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि उसे बिना कोई आरोप पत्र जारी किए या कोई अनुशासनात्मक जांच किए नौकरी से निकाल दिया गया, जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता की नियुक्ति वर्ष 2023 में हुई थी और 2024 में उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए जवाब को संतोषजनक नहीं मानते हुए उसकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया था।

याचिकाकर्ता ने अदालत में तर्क दिया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान उसके द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेज़ वास्तविक थे और उसने कोई जालसाजी नहीं की थी। साथ ही, यह भी कहा गया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

इसके विपरीत, राज्य सरकार ने दलील दी कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गईं थीं और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि नौकरी धोखाधड़ी से हासिल की गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि सेवा समाप्त करने से पहले याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई आरोप पत्र जारी नहीं किया गया और न ही कोई अनुशासनात्मक जांच शुरू की गई। केवल कारण बताओ नोटिस के आधार पर ही सेवा समाप्ति का कठोर कदम उठा लिया गया।

अदालत ने कहा, “मौजूदा मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, सेवा समाप्ति का आदेश मृत्युदंड जैसा है। इसलिए, निर्दोष व्यक्ति को दंडित होने से बचाने के लिए उचित जांच के बाद इसे पारित किया जाना चाहिए।” कोर्ट ने आगे कहा, “इस न्यायालय की राय में प्रतिवादियों (राज्य सरकार) द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया सही नहीं है।

बिना किसी जांच के प्रतिवादी इस निष्कर्ष पर पहुंच गए हैं कि याचिकाकर्ता द्वारा प्राप्त नियुक्ति जाली दस्तावेजों के बल पर है। केवल प्रतिवादियों द्वारा एकतरफा जांच करवाना और यह तथ्य पाना कि याचिकाकर्ता द्वारा नौकरी प्राप्त करते समय कुछ दस्तावेज धोखाधड़ी से प्रस्तुत किए गए हैं, याचिकाकर्ता की सेवाओं को खत्म करने के लिए प्रतिवादियों द्वारा अपनाया गया सही तरीका नहीं है।”

अदालत ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इसी तरह के अन्य मामलों में समन्वय पीठ ने विचार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था और उन याचिकाकर्ताओं की सेवाएं सुरक्षित रखी गई थीं। जबकि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता की सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जो उसके साथ भेदभाव दर्शाता है।

इन टिप्पणियों के साथ ही अदालत ने सेवा समाप्ति के आदेश को रद्द कर दिया और राज्य सरकार को याचिकाकर्ता को नौकरी पर बहाल करने का निर्देश दिया। यह फैसला सरकारी नौकरियों में प्रक्रियात्मक न्याय और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

***************************

 

CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित, 88.39 फीसदी स्टूडेंट हुए पास

नई दिल्ली 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से कक्षा 12वीं के नतीजे 2025 जारी हो गए हैं। परीक्षा में 88.39 फीसदी स्टूडेंट पास हुए हैं। विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in — पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं। इस साल 12वीं कक्षा में 16,92,794 ने परीक्षा में हिस्सा लिया था और उसमें से 14,96,307 स्टूडेंट पास हो गए हैं। इस वर्ष कुल मिलाकर 44 लाख से अधिक छात्रों ने बोर्ड परीक्षा दी है। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 18 मार्च को समाप्त हुई थीं, जबकि कक्षा 12वीं की अंतिम परीक्षा 4 अप्रैल को आयोजित की गई थी।

CBSE ने छात्रों को सूचित किया है कि स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट्स — cbse.gov.in, cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in — पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसके अलावा छात्र अपने डिजिटल मार्कशीट और प्रमाणपत्र को DigiLocker ऐप के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड छात्रों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS भेजकर DigiLocker लॉगिन आईडी और एक्सेस कोड साझा करेगा, जिससे वे आसानी से लॉगिन कर सकते हैं। इसी के साथ, UMANG ऐप और SMS सेवा के माध्यम से भी छात्र परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत

CM मान और केजरीवाल बोले- दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

अमृतसर 13 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । पंजाब के अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुख जताया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मजीठा के आसपास के गांवों में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की दुखद खबर मिली है। मासूम लोगों के इन हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये मौतें नहीं, कत्ल हैं। जहरीली शराब से लोगों के घरों में मातम का माहौल बनाने वाले इन दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं परमात्मा से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। पंजाब सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।”

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मजीठा में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई है। इसमें जो लोग भी शामिल हैं, वे चाहे कितने भी रसूख वाले क्यों न हों, कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलेगी। जिन लोगों की दुखद मौत हुई है, उनके परिवारों को भगवान शक्ति दे। उन लोगों की आत्मा को शांति दे।”

इस बीच, अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “प्रशासन ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र के पांच गांवों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की समीक्षा की है, जहां करीब 14 लोगों की मौत हो गई है और करीब छह अन्य का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हम घर-घर जाकर लोगों से मेडिकल जांच कराने का आग्रह कर रहे हैं, क्योंकि इस शराब का असर 24 से 48 घंटों तक रह सकता है और अभी भी कई लोग खतरे में हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने इस शराब मामले में शामिल आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। हम जनता से अपील करते हैं कि वे ऐसे पदार्थों को ऑनलाइन न खरीदें, न ही उनका सेवन करें और सतर्क रहें।”

अमृतसर के मजीठा में कम से कम 14 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। इस मामले में पंजाब पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

मजीठा में नकली शराब मामले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू (मुख्य आरोपी प्रभजीत का भाई), साहिब सिंह उर्फ सराय, निवासी मारड़ी कलां, गुर्जंत सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता, निवासी थीरेंवाल को गिरफ्तार किया गया है। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।

**************************

 

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

2 और के फंसे होने की आशंका

शोपियां 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ चल रही है। आतंकियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। जबकि अभी 2 आतंकियों के फंसे होने की खबर है। सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर रखा है।

जानकारी के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के शोपियां के शुकरू केलर इलाके में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम के बीच मुठभेड़ चल रही है। सूत्रों के अनुसार, एक आतंकी को मार गिराया गया है, अभी इलाके में दो से तीन आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका है।

बता दें शोपियां में आज ही पहलगाम हमले में शामिल 3 पाकिस्तानी आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं। इन पर 20 लाख रुपए के इनाम रखा गया है। इसी बीच अब शोपिया में ये मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है।

***********************

 

पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पोस्टर जारी

सुरक्षाबलों ने तेज की कार्रवाई; 20 लाख का रखा इनाम

नई दिल्ली 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। इस हमले में शामिल तीन आतंकियों के पोस्टर जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें पहचानने और पकड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है।

सुरक्षाबलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों को जल्द से जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा – यही भारत की प्रतिबद्धता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने संबोधन में दोहरा चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाकर आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इनकी पहचान या ठिकाने की जानकारी हो तो वह तुरंत सुरक्षाबलों को सूचित करे। इस अभियान का उद्देश्य न केवल आतंकियों की धर-पकड़ है, बल्कि आतंक के खिलाफ जनसहयोग को भी मजबूत करना है।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों पर घातक हमला कर दिया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला करने की कोशिश की। भारतीय सेना की सख्त एयर डिफेंस प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।

हमले के बाद भारत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर दिए। जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत के रुख के कारण घुटनों पर आना पड़ा और शांति की अपील करनी पड़ी।

इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हुआ। अनंतनाग पुलिस ने ऐलान किया है कि हमले में शामिल आतंकियों की जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

यदि आपके पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी है, तो आप नीचे दिए गए नंबरों या ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं:
SSP अनंतनाग: 9596777666
PCR अनंतनाग: 9596777669

**********************************

 

मुंबई लोकल ट्रेन के फुटबोर्ड पर लटकीं दिखी महिलाएं, चिल्लाईं- हाथ छूट रहा है

मुंबई 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): मुंबई की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली लोकल ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर एक बेहद disturbing वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ महिलाएं जान को खतरे में डालकर चलती ट्रेन के गेट और फुटबोर्ड से लटकी हुई नजर आ रही हैं। यह वीडियो मुंबई लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की भयावह स्थिति को दर्शाता है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन के अंदर भारी भीड़ है और महिलाएं बाहर लटकी हुई हैं। कुछ महिलाएं मदद के लिए चीख-चिल्ला रही हैं। एक महिला को यह कहते सुना जा सकता है, “मेरा हाथ छूट रहा है, अंदर चलो।” लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि अंदर जाना संभव नहीं दिख रहा। एक अन्य लड़की कैमरे से बचने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो कल्याण से चलने वाली लेडीज स्पेशल ट्रेन का है, जो उस दिन 40 मिनट की देरी से चल रही थी। ट्रेन लेट होने के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके चलते ट्रेन आने पर यह जानलेवा धक्का-मुक्की और भीड़ देखने को मिली।

इस भयावह वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ या गिरने से होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी चिंताजनक रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में भीड़ के चलते गिरकर मरने वालों की संख्या 2468 थी। इसके बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*****************************

 

दफन हुए शहीद मोहम्मद इम्तियाज, मंत्री महोदय ने दी सलामी

पटना , 12 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।भारत माता की जयघोष एंव शहीद ईम्तेयाज अमर रहें के साथ सारण के लाल शहीद मोहम्मद इम्तियाज को दफनाया गया जो जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर मे पाक गोलीबारी मे 10/05/2025 को शहीद हुए। उनके अंतिम यात्रा मे बिहार सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार सिंह मंटु जी उनके पैत्रिक आवास गरखा प्रखंड के नारायण पुर गाँव मे सामिल हुए।

मंत्री महोदय ने शहीद के परिजन को बिहार सरकार द्वारा देय राशी इक्कीस लाख(21 लाख की घोषणा की)। तथा परिजन द्वारा स्मारक, शैक्षणिक संस्थान एंव चिकित्सालय शहीद के नाम पर करने की माँग रखी जिसे मंत्री महोदय ने स्वीकार कर माँग को जल्द पुरा कराने का घोषणा किया।

मंत्री जी के साथ प्रियदर्शी चौरसीया जदयु नेता,सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा नेता राकेश सिंह ,भाजपा नेता राहुल पासवान, भाजपा नेता संजय सिंह ,संतोष सिंह ,दीपु सिंह, मनोज पटेल, सुभाष राम, भाजपा नेता नजरे ईमाम, स्थानीय मुखिया गुलाम गौस, मो असलम,मो मुस्तफा,मु मनान मिंया आदि सामिल हुए।

*****************************

 

मोदी का सख्त संदेश : पहलगाम की पीड़ा भयावह थी, बहनों-बेटियों का सिंदूर मिटाने वालों को मिट्टी में मिला दिया गया

नई दिल्ली 12 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) पाकिस्तान के साथ सीजफायर लागू होने के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने बीते दिनों न केवल अपना सामर्थ्य दिखाया बल्कि अद्भुत संयम भी रखा।

पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को “भीषण पीड़ा” बताते हुए कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर था, बल्कि देश की आत्मा पर चोट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का जवाब सीमाओं के पार आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूद करके दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में जो बर्बरता आतंकियों ने दिखाई, वह सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और असहनीय है। बच्चों के सामने उनके माता-पिता को मार देना, निर्दोषों पर गोलियां चलाना – यह आतंक का सबसे वीभत्स चेहरा है।”

उन्होंने कहा कि “मेरे लिए यह पीड़ा व्यक्तिगत भी थी। मैं उस हर माता, बहन और बेटी को नमन करता हूं जिनके त्याग और बलिदान से ये राष्ट्र खड़ा है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय सेनाओं को आतंकवाद के खिलाफ पूरी छूट दी गई थी और उन्होंने असीम शौर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। “हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और वही किया। आज हर आतंकी जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे का सिंदूर मिटाने का क्या अंजाम होता है।”

मोदी ने यह भी कहा कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की भावना, एकता और प्रतिशोध का प्रतीक थी। उन्होंने सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सैल्यूट करते हुए कहा कि भारत का हर नागरिक उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।

मुख्य बिंदु:

*पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को बताया ‘व्यक्तिगत पीड़ा’

*सेना को आतंक के खिलाफ पूरी छूट दी गई

*बहन-बेटियों के सिंदूर को मिटाने का परिणाम बताया

*भारत की सेनाओं ने ऑपरेशन के लक्ष्य पूरे किए

*पूरे देश ने एक स्वर में आतंक के खिलाफ किया विरोध

******************************

 

बुद्ध पूर्णिमा की राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति धनखड़ और पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली 12 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : देश में आज बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने बुद्ध पूर्णिमा की देशवासियों को बधाई दी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों और पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। करुणा के प्रतीक महात्मा बुद्ध का अहिंसा, प्रेम और करुणा का अमर संदेश समस्त मानवता के कल्याण का मूल मंत्र है।

उनके आदर्शों से समानता, सद्भाव और न्याय जैसे शाश्वत मूल्यों में हमारी आस्था प्रबल होती है। उनकी शिक्षाएं हम सबको नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। आइए, हम सब महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाएं और अपने जीवन में सदाचार का अनुसरण करते हुए शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान करें।”

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है, जिनकी गहन बुद्धि चुनौतीपूर्ण समय में हमारे लिए ध्रुव तारे के रूप में कार्य करती है।

भगवान बुद्ध का अहिंसा, दया और मध्यम मार्ग का संदेश आज की दुनिया में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है, व्यक्ति और समग्र मानवता दोनों के लिए। आइए हम गौतम बुद्ध द्वारा बताए गए महान सिद्धांतों के प्रति खुद को फिर से प्रतिबद्ध करें और उनकी शिक्षाओं का प्रकाश सबके लिए अधिक शांतिपूर्ण, दया माया से भरा और सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करें।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं। सत्य, समानता और सद्भाव के सिद्धांत पर आधारित भगवान बुद्ध के संदेश मानवता के पथ-प्रदर्शक रहे हैं। त्याग और तप को समर्पित उनका जीवन विश्व समुदाय को सदैव करुणा और शांति के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “ज्ञान, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलकर मानव समाज को समानता और एकता का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध का जीवन मनसा, वाचा और कर्मणा की त्रिवेणी है। भगवान बुद्ध से सभी के सुख और शांति की कामना करता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मैं शांति, ज्ञान और करुणा के प्रतीक महात्मा बुद्ध को नमन करता हूं। उनकी शाश्वत शिक्षाएं मानवता को सद्भाव, आत्म-साक्षात्कार और धर्म के मार्ग पर ले जाती हैं।”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, “सत्य, अहिंसा व मानवता के आदर्श ज्योति को दुनिया में फैलाकर भारत को जगदगुरु का सम्मान दिलाने वाले तथागत गौतम बुद्ध को आज उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन व उनके अनुयाइयों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं आतंक आदि से मुक्त सुखी जीवन की शुभकामनाएं।

तथागत गौतम बुद्ध के बताए रास्ते पर सही से चलकर लोगों के जीवन को सुखी व सम्पन्न बनाना ही सच्चा राजधर्म। पड़ोसी देशों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। साथ ही, ’अप्प दीपो भवः’ अर्थात शिक्षित बनो, खुद ऊपर उठो व अपना प्रकाश स्वयं बनो के सिद्धान्त से ही देश आत्मनिर्भर एवं महान बनेगा।”

*****************************

 

आपरेशन सिंदूर’ ने दिलाया पीडि़त परिवारों को इंसाफ : राजनाथ सिंह

रावलपिंडी तक सुनी गई भारत की सेनाओं की धमक

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा शहर लखनऊ भारत के डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान दे, वह सपना अब पूरा हो रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिन भारत विरोधी और आतंकी संगठनों ने भारत माता के मस्तक पर हमला करके कई परिवारों के सिंदूर मिटाए थे, उन्हें भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से इंसाफ दिलाने का काम किया है। इसके लिए आज सारा देश भारतीय सेनाओं का अभिनंदन कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और सैन्य शक्ति की क्षमता और संकल्प शक्ति का भी प्रदर्शन है। हमने दिखाया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जब भी कोई कार्रवाई करेगा तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को वर्चुअली रूप से संबोधित करते हुए आगे कहा, भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। हमने उनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया था। मगर पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया।

भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गई, जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में आतंकवादी घटनाएं करने और कराने का क्या अंजाम होता है, यह पूरे विश्व ने उरी की घटना के बाद देखा। जब हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा के बाद देखा जब बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की गईं और अब पहलगाम की घटना के बाद दुनिया देख रही है, जब भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर मल्टीपल स्ट्राइक्स की हैं।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है, जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने आगे कहा, आज का दिन हमारे शहर लखनऊ और हमारे राज्य उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैं समझता हूं कि आज का दिन उस शक्ति की आराधना का दिन है, जो हमारी सेनाओं को संबल प्रदान करती है, जो हमारी सेनाओं में निहित होकर दुश्मन पर कहर बरपाती है।

आज का दिन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि मैंने अपने शहर लखनऊ के लिए एक सपना देखा था कि मेरा शहर भारत के डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान दे, वह सपना अब पूरा हो रहा है।

ब्रह्मोस भारत और रूस की सबसे उन्नत रक्षा तकनीक का एक संगम है। जैसे उत्तर प्रदेश का प्रयागराज अपने संगम के लिए मशहूर है, वैसे ही भविष्य में लखनऊ भी इस तकनीकी संगम के लिए जाना जाएगा। यह सुविधा कई खास विशेषताओं को समेटे हुए है। यह आगे चलकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगी। मुझे यकीन है कि यह क्षेत्र भविष्य में एक विकास केंद्र के रूप में उभरेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ का जिक्र करते हुए कहा, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन इसलिए खास है, क्योंकि आज नेशनल टेक्नोलॉजी डे है। 11 मई 1998 को, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत की ताकत दुनिया को दिखाई थी। यह उपलब्धि वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के अथक प्रयासों का नतीजा थी।

आज का दिन हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान को सम्मान देने का दिन है। जब मैंने इसका शिलान्यास किया था, उस दौरान मैंने यह इच्छा जाहिर की थी कि जितनी जल्दी हो सके, इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि आप लोगों ने मेरी भावनाओं का मान रखा और महज 40 महीनों में ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करके दिखाया।

आज हमारे आसपास जैसी परिस्थितियां हैं, उसे देखते हुए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि हम अपने लक्ष्यों को ऐसे ही, समयबद्ध तरीके से पूरा करते रहें। इस मौके पर मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान के लिए विशेष आभार प्रकट करता हूं।

राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर डीआरडीओ, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर व्यक्ति व संस्था को बधाई दी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार जब उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विजन को लेकर आगे बढ़ी थी, तो उस समय हमारे सामने अनेक बड़े लक्ष्य थे।

उन तमाम लक्ष्यों में से हमारा एक उद्देश्य यह भी था कि हम उत्तर प्रदेश को एक बार फिर देश के प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करें। यूपी डिफेंस कॉरिडोर लखनऊ सहित, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ से होकर गुजरता है और ये सभी नोड्स आने वाले समय में विकास के नए केंद्र बनकर उभरेंगे।

******************************

 

ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम पर चर्चा के लिए बुलाएं विशेष संसद सत्र

राहुल गांधी और खडग़े की पीएम मोदी से मांग

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम घोषणा पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाने की मांग की है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा, मैं विपक्ष के सर्वसम्मति से किए गए अनुरोध को दोहराता हूं कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए। लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और आज के युद्धविराम पर चर्चा करना बहुत जरूरी है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी।

यह सत्र आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरता से और तेजी से विचार करेंगे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने 28 अप्रैल के अपने पत्र का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया था।

खडग़े ने अपने पत्र में लिखा, माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया याद करें कि मैंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में आपसे क्या कहा था। मैंने 28 अप्रैल को लिखे पत्र के माध्यम से आपसे पहलगाम में हुए अमानवीय आतंकवादी हमले को देखते हुए संसद के दोनों सदनों का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था।

नवीनतम घटनाक्रमों के मद्देनजर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आपको फिर से पत्र लिखकर सभी विपक्षी दलों के सर्वसम्मत अनुरोध से अवगत कराया है। उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है, जिसमें पहलगाम आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर और पहले वाशिंगटन डीसी फिर बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों की ओर से की गई युद्धविराम घोषणाओं पर चर्चा करने की बात है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैं इस अनुरोध के समर्थन में पत्र लिख रहा हूं। मुझे विश्वास है कि आप सहमत होंगे।

वहीं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि हम आज कोई आलोचना नहीं करेंगे।

उन्होंने भी सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जब तक सरकार उन्हें यह आश्वासन नहीं देती कि प्रधानमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे, तब तक वे बैठक में शामिल न हों।

**************************