पहलगाम पहुंचे एनआईए डीजी सदानंद दाते, बैसरन घाटी का करेंगे दौरा

श्रीनगर,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक सदानंद दाते जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहुंच गए हैं। सदानंद दाते उस जगह भी जाएंगे, जहां आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

दरअसल, एनआईए ने बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद एनआईए की टीम पहलगाम स्थित घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में जुट गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीमें आतंकियों के हमले के तरीके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके की बारीकी से जांच कर रही हैं।

बैसरन घाटी में हुए इस हमले को कश्मीर के सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। एनआईए की टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा था।

एनआईए के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी की निगरानी में जांच चल रही है। ये टीमें आतंकियों के प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच कर रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि हमलावर कैसे आए और कहां से भागे।

फोरेंसिक विशेषज्ञों और अन्य जांच एजेंसियों की मदद से घटनास्थल की गहन छानबीन की जा रही है। इसका मकसद इस आतंकी साजिश का पर्दाफाश करना है, जिसने इतनी बड़ी त्रासदी को अंजाम दिया।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर से लौटे पर्यटक श्रीजीत रमेशन ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुई आतंकी घटना के संबंध में एनआईए जांच में सहयोग करेंगे।

श्रीजीत रमेशन ने 26 अप्रैल को दावा किया था कि उनके पास एक वीडियो है, जिसमें दो आतंकवादी दिखाई दिए थे। इस बारे में उनसे एनआईए की टीम ने संपर्क किया है।

इससे पहले केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोडऩे का आदेश जारी कर दिया था।

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सभी सरकारें श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं : मायावती

लखनऊ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि सभी सरकारें भी मजदूरों और श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं।

बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज के आधुनिक युग में जब सरकारी स्तर पर भी व्यवसायीकरण अपने चरम पर है और श्रम, श्रमिकों व मजदूरों के महत्व को अत्यंत कम करके आंके जाने की परंपरा है, किंतु उस वर्ग का हर स्तर पर शोषण जारी रहने के कारण मजदूर दिवस का उद्देश्य व भूमिका हमेशा की तरह आज भी प्रासंगिक व आवश्यक।

उन्होंने आगे लिखा, अत: देश के करोड़ों मजदूरों व श्रमिक वर्ग में भी खासकर महिला समाज को, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की बधाई एवं उन्हें अपने मानवीय हक के लिए लगातार संघर्ष करते रहने में सफलता की शुभकामनाएं। सभी सरकारें भी मजदूरों व श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं।

इससे पहले मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार के जाति जनगणना कराने का फैसले का स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा था, देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना’ कराने का केंद्र सरकार द्वारा आज लिया गया फैसला काफी देर से उठाया गया सही दिशा में कदम। इसका स्वागत। बीएसपी इसकी मांग काफी लंबे समय से करती रही है। उम्मीद है कि सरकार ‘जनगणना से जनकल्याण’ के इस फैसले को समय से जरूर पूरा कराएगी।

बता दें कि 1 मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। इस दिन मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागृत करना है। इसके साथ उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करना है। इस मजदूर दिवस के मौके पर आप भी विश्व भर के सभी श्रमिकों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करें। इस मौके पर लोग मजदूरों के बीच जाकर मजदूर दिवस को खास तरीके से मनाते हैं।

इसे मई दिवस या श्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन मजदूरों और श्रमिक आंदोलन के योगदान को एक उत्सव के तौर पर मनाते हैं। इस दिन विश्व भर के मेहनतकश और मजदूरों और उनके आंदोलन को याद किया जाता है।

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‘बांदी’ का लोकार्पण संपन्न

01.05.2025 – एस जी एस एच पब्लिकेशंस (मुंबई) द्वारा प्रकाशित उपन्यास ‘बांदी-द केयर टेकर’ का लोकार्पण फिल्म जगत के चर्चित शख्सियत चंद्रशेखर पुसालकर द्वारा गोरेगांव (मुंबई) स्थित दादा साहेब फाल्के चित्र नगरी परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान फिल्म निर्माता ललित आर्या और फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया।

इस उपन्यास के लेखक रांची ( झारखंड ) के वरिष्ठ अधिवक्ता कफ़ीलूर रहमान हैं जिन्होंने इस उपन्यास के पूर्व ‘अर्धनारी – द पेन ऑफ ट्रांस वुमन’ को लिखा है।

इस उपन्यास में लेखक ने संस्कारी पत्नी की खोज में भटक रहे पति की व्यथा और इसी क्रम में उसके जीवन में एक बांदी/ दासी आ जाने के बाद, जीवन में आए उतार चढ़ाव को बड़े ही कलात्मक ढंग से चित्रित किया है और इसी वजह से रोमांस, रोमांच, थ्रिल और सस्पेंस से भरपूर इस उपन्यास का पन्ना दर पन्ना पाठकों के जिज्ञासा को आगे बढ़ाता है।

बकौल लेखक कफ़ीलूर रहमान इस उपन्यास पर आधारित एक फीचर फिल्म के निर्माण की घोषणा बहुत जल्द ही की जाएगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती फिल्म भोजपुरी फिल्म ‘सजनवां गंगा पार के’

01.05.2025 – एस के मांझी प्रोडक्शन के बैनर तले फिल्म निर्माता संतोष कुमार द्वारा निर्मित भोजपुरी फिल्म ‘सजनवां गंगा पार के’ बहुत जल्द ही सिनेदर्शकों तक पहुंचने वाली है मानवीय संवेदनाओं को उजागर करती फिल्म ‘सजनवां गंगा पार के’ एक आकर्षक और मनोरंजक सिनेमाई अनुभव देने के लिए तैयार है।

सिनेदर्शकों के टेस्ट को ध्यान में रखते हुए इस भोजपुरी फिल्म की कथावस्तु में रोमांस, एक्शन, कॉमेडी व ट्रेजेडी का भी समावेश किया गया है। आर रामजीत द्वारा निर्देशित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सजनवां गंगा पार के’ के लेखक संदीप श्रवण व अनिल कुसुम, पटकथा लेखक कुंदन कुमार, गीतकार अशोक शिवपुरी व अनिल कुसुम, संगीतकार मधुकर आनंद व दीपक दिलकश, सिनेमेटोग्राफर सोमियो और प्रोडक्शन डिजाइनर अशोक कश्यप हैं।

इस भोजपुरी फिल्म के हृदयस्पर्शी कर्णप्रिय गीतों को स्वर दिया है सिंगर इंदु सोनाली, मधुकर आनंद,अरविंद लाल यादव और आद्याशक्ति ने। इस फिल्म में गौरव झा और श्रुति रॉय के अलावा मोहन जोशी, अली खान, लवली, रवि साहू, प्रदीप काबरा और अजय पटेल की भी अहम भूमिका है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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