तिरंगा यात्रा के दौरान किरण चौधरी हिसार में चक्कर खाकर गिर पड़ीं

हिसार 17 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर सेना के समान में  हरियाणा के हिसार में भारतीय जनता पार्टी की ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी चक्कर खाकर गिर गईं।

मौके पर मौजूद पार्टी के अन्य नेताओं ने उन्हें संभाला और उन्हें पानी पिलाया। थोड़ी देर में तबीयत ठीक होने के बाद वह अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं। किरण चौधरी को पहले से ही पैर में चोट लगी हुई थी और उन्होंने मंच पर बताया भी था कि वह चोटिल हैं।

उन्होंने कहा कि वह तिरंगा यात्रा में थोड़ी दूर ही चल सकेंगी।

तिरंगा यात्रा आजाद नगर से प्रारंभ होकर लघु सचिवालय स्थित शहीद स्मारक तक निकाली गयी, जिसमें कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ कमल गुप्ता, हांसी विधायक विनोद भ्याणा, हिसार विधायक सावित्री जिंदल, उचाना विधायक देवेंद्र अत्री, बवानी खेड़ा विधायक कपूर सिंह बाल्मिकी, महापौर प्रवीन पोपली आदि शामिल हुए।

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

आतंकियों के छिपे होने की है खबर; पूरे इलाके को घेरा

श्रीनगर 17 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के गुड्डर वन क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद भारतीय सेना ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। यह ऑपरेशन बीती रात शुरू हुआ और अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान तेज़ कर दिया है।

यह ऑपरेशन उस व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में आतंकवादियों के सफाए के लिए शुरू की गई थी। सेना और खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी की गई हिट लिस्ट में 14 सक्रिय आतंकियों के नाम शामिल हैं। इनमें से अब तक 6 आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि शेष 8 की तलाश की जा रही है। सेना ने स्पष्ट किया है कि घाटी में बचे हुए किसी भी आतंकी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के गड्डर वन क्षेत्र में कुछ आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद सेना ने फौरन कार्रवाई की। इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और पूरे क्षेत्र को सील कर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षाबल घाटी में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए संयुक्त रूप से ऑपरेशन चला रहे हैं। बीते कुछ दिनों में कई इलाकों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाए गए हैं, जिससे आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर किया गया है। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि “हम घाटी को आतंक मुक्त करने के लिए पूरी ताकत से कार्रवाई कर रहे हैं। जब तक आखिरी आतंकी का खात्मा नहीं होता, अभियान जारी रहेगा।”

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भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से AWACS तबाह, पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल का कैमरे पर कबूलनामा

नई दिल्ली 17 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – भारत के ऑपरेशन सिंदूर से कोई भी नुकसान न होने की बात कह रहा पाकिस्तान का एक और फिर बेनकाब हुआ है। अब पाकिस्तान के ही पूर्व एयर मार्शल मसूद अख्तर ने उसकी पोल खोली है। पाकिस्तान के पूर्व एयर मार्शल रिटार्यड मसूद अख्तर ने ऑन कैमरा यह कबूल किया है कि भारत की एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान के एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम एयरक्राफ्ट को काफी नुकसान पहुंचा है।

एक टीवी इंटरव्यू में अख्तर ने कहा, ‘’10 मई की सुबह को एयरबेस पर हमला हुआ। उस बेस के ऊपर चार ब्रह्मोस मिसाइलें आईं। पायलट पहले दौड़ें कि अपने जहाजों को सुरक्षित करें।” पूर्व एयर मार्शल ने कहा कि हालांकि, वह इस पर कन्फर्म नहीं हैं कि ये मिसाइलें सतह से सतह वाली थीं या फिर हवा से सतह पर मार करने वाली, लेकिन ब्रह्मोस मिसाइलें थीं।

उन्होंने कहा, ”पहला आया और दूसरा आया, फिर तीसरा और फिर चौथा आया जोकि भोलारी में खड़े हैंगर पर हिट किया, यहां हमारा AWACS एयरक्राफ्ट खड़ा हुआ था। वह इस हमले में डैमेज हो गया।” मसूद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खुल गई है।

AWACS लंबी दूरी पर विमान, जहाज, वाहन, मिसाइल और अन्य आने वाले प्रोजेक्टाइल का पता लगाने में सक्षम है। यह आसमान पर और जमीन पर मौजूद ऑपरेटरों को खतरे की पहचान करने, उसका आकलन करने और फिर उसपर जवाबी कार्रवाई करने में भी मदद करता है।

पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने 6-7 मई की रात में पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें कई दशकों से चल रहे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कैंप भी शामिल थे।

इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हो गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों समेत अन्य को निशाना बनाने के लिए ड्रोन से हमले किए थे, जिसके जवाब में भारत ने पाकिस्तानी एयरबेस और उनके रडार स्टेशनों को निशाना बनाया।

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तुर्किये के साथ व्यापारिक संबंध तोड़े भारत, सेब आयात पर लगे प्रतिबंध : जयराम ठाकुर

मंडी ,16 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भारत सरकार से टर्की के साथ सभी व्यापारिक समझौतों को रद्द करने की मांग की है।

मंडी में शुक्रवार को तिरंगा यात्रा के बाद पत्रकारों से बातचीत में ठाकुर ने कहा कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान टर्की और चीन ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया। तुर्किये ने पाकिस्तान को ड्रोन और तकनीकी सहायता प्रदान की, जो भारत के हितों के विपरीत है।

जयराम ठाकुर ने कहा, जब तुर्किये में भूकंप से तबाही हुई थी, तब भारत ने मानवीय आधार पर उनकी हरसंभव मदद की थी। लेकिन अब उसकी हरकतें बर्दाश्त से बाहर हैं।

आज हर भारतवासी की यही भावना और सोच है कि टर्की के साथ सभी तरह के संबंधों को समाप्त कर देना चाहिए। हिमाचल के लोगों की विशेष रूप से यह भावना और मांग है कि टर्की से आयात किए जाने वाले सेब पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगा देना चाहिए।

उन्होंने टर्किश टूरिज्म पर भी निशाना साधा। ठाकुर ने कहा, टर्की की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बड़ा योगदान है। हर साल लाखों भारतीय टर्की घूमने जाते हैं। भारतीयों को अब टर्की की बजाय अपने देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इससे न केवल टर्की को आर्थिक सबक मिलेगा, बल्कि हिमाचल और अन्य राज्यों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मैं भारतीयों से अपील करता हूं कि वे देश के पर्यटन स्थलों को बढ़ावा दें ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

शुक्रवार को मंडी के पड्डल मैदान से सेरी मंच तक भाजपा ने तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा में स्थानीय लोगों के साथ भाजपा के तमाम कार्यकर्ताओं और नेताओं ने हिस्सा लिया। लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। यात्रा में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के बच्चों ने भी हिस्सा लिया और भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया।

वहीं हिमालयी सेब उत्पादकों के संगठन हिमालयन एप्पल ग्रोअर्स सोसाइटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तुर्की से सेब आयात पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि तुर्किये से बढ़ते सेब आयात ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बागवानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। पत्र में संगठन ने बताया कि इन राज्यों में लाखों परिवार सीधे तौर पर सेब उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर हैं। यह केवल उनकी आजीविका का प्रश्न नहीं, बल्कि इन राज्यों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।

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पिछले 15 साल से विकास की राह देख रही आजादपुर मंडी

अब सफाई और सुरक्षा पर होगा पुख्ता काम : रेखा गुप्ता

दिल्ली ,16 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार को आजाद पुर मंडी पहुंची थी। मुख्यमंत्री मंडी में सफाई, सुरक्षा की स्थिति से काफी निराश दिखीं और इसके लिए पूर्व की आम आदमी पार्टी सरकार को दोषी ठहराया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ शुक्रवार को आजादपुर मंडी पहुंची थीं। मंडी की व्यवस्था देख वे दिल्ली की पूर्व की आम आदमी सरकार पर आक्रामक दिखीं और अपनी सरकार द्वारा विकास का आश्वासन दिया।

रेखा गुप्ता ने कहा, इस क्षेत्र के दौरे पर अपने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ आई हूं। आजादपुर मंडी दिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण मंडी है लेकिन यहां की जो व्यवस्था है और पिछली सरकार ने जो स्थिति बनाई है, वह काफी निराशाजनक है। पिछले 15 साल में यहां विकास का कोई कार्य नहीं हुआ है।

रेखा गुप्ता ने आगे कहा, सफाई और सुरक्षा की यहां कोई सुविधा नहीं है। सैकड़ों व्यापारी यहां काम करते हैं। सैकड़ों ट्रकों के माध्यम से लोगों का खाद्य पदार्थ यहां आता है। आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार ने इस क्षेत्र में कोई भी काम नहीं किया है और इस क्षेत्र को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर रखा है।

उनके मंत्री और चेयरमैन किसी ने भी इस क्षेत्र के विकास के लिए कुछ नहीं किया। जो लोग दिल्ली को लंदन और पेरिस बना रहे थे, उन्हें बताना चाहती हूं कि यहां इतनी गंदगी है कि खड़ा नहीं हुआ जा सकता। पिछली सरकार ने सिर्फ आजादपुर मंडी ही नहीं बल्कि दिल्ली की तमाम मंडियों को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर रखा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, हमारी सरकार मंडियों के विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है। हम योजना तैयार कर रहे हैं। मंडियों में सफाई और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। भ्रष्टाचार को समाप्त किया जाएगा। हमारे मंत्री खुद इस काम को देख रहे हैं।

आजादपुर मंडी के फल व्यापारियों ने तुर्किये से सेब के आयात को समाप्त कर दिया है। यह फैसला भारत-पाकिस्तान संघर्ष में तुर्किये द्वारा पाकिस्तान का साथ देने की वजह से लिया गया है।

रेखा गुप्ता ने कहा, मैं यहां के व्यापारियों को तुर्किये द्वारा सेब का आयात बंद किए जाने के फैसले के लिए साधुवाद देना चाहती हूं। यह फैसला दिखाता है कि देश एकजुट है। भारत के खिलाफ जो भी देश जाएगा, उसका बहिष्कार किया जाएगा।

आतंकवादियों और उनके आकाओं से कोई व्यापार नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी देशों का बहिष्कार होना चाहिए जो भारत के खिलाफ हैं।

दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय ने भी तुर्किये के साथ किए गए शैक्षणिक समझौते रद्द कर दिए हैं।

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राहुल गांधी घडिय़ाली आंसू बहाकर सिर्फ वोटबैंक की करते हैं राजनीति : विजय सिन्हा

पटना ,16 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दरभंगा दौरे के दौरान दलित छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।

इस घटना ने बिहार की सियासत का तापमान बढ़ा दिया है। बिहार सरकार के मंत्रियों ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और इसे उनकी नौटंकी करार दिया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह अराजकता की मानसिकता वाले व्यक्ति हैं।

परिवारवाद और जमींदारी के अहंकार में ये लोग कानून की धज्जियां उड़ाते हैं। ये संविधान का मजाक बनाते हैं और लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते। जनता के बीच घडिय़ाली आंसू बहाकर ये सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

ये नेता नहीं, अभिनेता की भूमिका निभाना चाहते हैं। लेकिन, बिहार की धरती पर जनता को नेतृत्व चाहिए, नौटंकी नहीं। उनका यह कदम लोकतंत्र के खिलाफ है और जनता ऐसी हरकतों को बेहतर तरीके से समझ रही है।

वहीं, बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, राहुल गांधी बिहार में ड्रामा करने आए थे। अगर उन्हें दलितों से मिलना था तो अब तक क्या कर रहे थे? 55 साल की उम्र में भी वे बच्चों वाली हरकत कर रहे हैं।

अगर उन्हें दलितों की चिंता होती तो उनकी सरकार के समय दलितों की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। राहुल गांधी जहां जाते हैं, केवल हंगामा करते हैं। यह उनका मकसद है। बिहार और भारत की जनता इसे अच्छे से समझती है।

एफआईआर के सवाल पर जीवेश मिश्रा ने कहा, एफआईआर क्यों न दर्ज हो? उनके खिलाफ सबूत हैं। कानून तोडऩा, संविधान की अवहेलना करना और इसे जेब में रखने की मानसिकता गांधी परिवार की पुरानी आदत है। राहुल गांधी की चर्चा करना समय की बर्बादी है। कानून के उल्लंघन को लेकर अगर कार्रवाई की गई है तो यह न्यायसंगत है।

वहीं बिहार भाजपा की प्रवक्ता संगीता कुमारी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बिहार दौरे को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके बिहार आने-जाने से कोई फर्क नहीं पडऩे वाला, क्योंकि बिहार की जनता ने अपना मूड बना लिया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने बिहार में विकास की गंगा बहाई है। विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान और समग्र विकास के लिए किए गए कार्यों ने जनता का दिल जीत लिया है। बिहार की जनता पूरी तरह से एनडीए के साथ है और यहां राहुल गांधी का कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला है।

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पी चिदंबरम बोले ‘इंडी ब्लॉक कमजोर

तो राजीव चंद्रशेखर ने समझाया कांग्रेस और भाजपा के बीच का फर्क

नई दिल्ली 16 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बयान ने इंडी ब्लॉक के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। उनकी टिप्पणी पर विरोधी खेमा हमलावर है। भाजपा की केरल इकाई के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी सहज अंदाज में भाजपा और कांग्रेस के बीच का फर्क समझाया है।

उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए अपनी बात कही। लिखा- भाजपा एक मजबूत पार्टी है क्योंकि यह इंडियाफर्स्ट के मजबूत मूल्यों/सिद्धांतों में विश्वास करती है और सभी भारतीयों की परवाह करती है – और इसलिए इसे अधिकांश भारतीयों का समर्थन प्राप्त है। इंडी गठबंधन पार्टियों का एक मिश्रित समूह है – जो केवल भ्रष्टाचार और शोषण के प्रति प्रेम और पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति भय/घृणा के कारण एक साथ आए हैं।

दरअसल, सियासी हमले का कारण चिदंबरम का वह बयान है जिसमें उन्होंने इंडी ब्लॉक के टूटने की आशंका जताई थी। चिदंबरम पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और मृत्युंजय सिंह यादव की लिखी पुस्तक ‘कंटेस्टिंग डेमोक्रेटिक डेफिसिट’ के विमोचन कार्यक्रम में पहुंचे थे और मंच से उन्होंने अपनी बात कही। उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन का भविष्य उज्ज्वल नहीं दिखता है।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि यह ब्लॉक “सीम से फटा हुआ” यानी बिखरता हुआ दिखाई दे रहा है।

चिदंबरम ने कहा, ‘भविष्य (इंडिया ब्लॉक का) उतना उज्ज्वल नहीं है, जैसा मृत्युंजय सिंह यादव ने कहा, उन्हें लगता है कि गठबंधन अब भी बरकरार है, लेकिन इसको लेकर मैं आश्वस्त नहीं हूं। इसका जवाब केवल सलमान खुर्शीद दे सकते हैं क्योंकि वह ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए बातचीत करने वाली टीम का अंग थे। अगर गठबंधन पूरी तरह से बरकरार है, तो मुझे बहुत खुशी होगी। लेकिन पता चलता है कि यह कमजोर पड़ गया है।’

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को “दुर्जेय मशीनरी” करार दिया। उन्होंने माना कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि “एक मशीन के पीछे लगी एक और मशीन” है, जो भारत की सभी संस्थाओं को नियंत्रित करने की ताकत रखती है।

चिदंबरम ने माना, ‘मेरे अनुभव और मेरे इतिहास के अध्ययन के अनुसार, भाजपा जितना सशक्त रूप से संगठित कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि यह एक मशीन के पीछे दूसरी मशीन है और दो मशीनें भारत में सभी मशीनरी को नियंत्रित करती हैं।’

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अब इस्कॉन बेंगलुरु के पास रहेगा हरे कृष्ण मंदिर का नियंत्रण

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली 16 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : सुप्रीम कोर्ट ने इस्कॉन बेंगलुरु और इस्कॉन मुंबई के बीच दशकों से चल रहे मालिकाना हक विवाद पर शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस निर्णय को रद्द कर दिया, जिसमें बेंगलुरु के हरे कृष्ण मंदिर की संपत्ति पर हक इस्कॉन मुंबई को दिया गया था।

अब इस फैसले के बाद हरे कृष्ण मंदिर का नियंत्रण इस्कॉन बेंगलुरु के पास रहेगा। यह विवाद बेंगलुरु स्थित हरे कृष्ण मंदिर और उससे जुड़े शैक्षणिक संस्थान की मालिकाना हक को लेकर था।

Now ISKCON Bangalore will have control of Hare Krishna temple, big decision of Supreme Court : साल 2011 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस्कॉन मुंबई के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे इस्कॉन बेंगलुरु ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 24 जुलाई 2023 को इस पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब करीब 10 महीने बाद यह बहुप्रतीक्षित निर्णय सुनाया गया है।

इस मामले में पहले स्थानीय अदालत ने इस्कॉन बेंगलुरु के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट में यह पलट गया। इसके बाद 2 जून 2011 को इस्कॉन बेंगलुरु ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

इस्कॉन बेंगलुरु ने यह दावा किया कि वह कर्नाटक में एक स्वतंत्र रूप से पंजीकृत संस्था है और मंदिर का संचालन पिछले कई दशकों से बिना किसी बाहरी नियंत्रण के कर रही है।

इसके विपरीत, इस्कॉन मुंबई का कहना था कि इस्कॉन बेंगलुरु उनके मातहत आने वाली संस्था है, और मंदिर की संपत्ति पर अधिकार उन्हें होना चाहिए।

जस्टिस ए. एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की दो सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट कर दिया कि इस्कॉन बेंगलुरु एक स्वतंत्र संस्था है, और मुंबई इस्कॉन का उस पर कोई कानूनी नियंत्रण नहीं है। यह फैसला जस्टिस ओका ने लिखा, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है।

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अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने भी दिया तुर्की को झटका

टर्किश कंपनी सेलेबी के साथ पार्टनरशिप की खत्म

अहमदाबाद 16 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने मुंबई और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर तुर्किये की सेलेबी कंपनी के साथ ग्राउंड हैंडलिंग रियायत समझौते को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। अदाणी एयरपोर्ट्स ने एक बयान में कहा कि सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद, “हमने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआईए) और अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एसवीपीआईए) पर सेलेबी के साथ ग्राउंड हैंडलिंग कंसेशन एग्रीमेंट को खत्म कर दिया है।”

कंपनी ने कहा, “सेलेबी को सभी ग्राउंड हैंडलिंग सुविधाएं तुरंत हमें सौंपने का निर्देश दिया गया है।” बयान में आगे कहा गया है कि कंपनी नई ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के माध्यम से सभी एयरलाइनों को बिना किसी रुकावट के निर्बाध सेवा प्रदान करना जारी रखेगी।

मुंबई और अहमदाबाद एयरपोर्ट के प्रवक्ताओं ने कहा, “सीएसएमआईए और एसवीपीआईए में सेलेबी के सभी मौजूदा कर्मचारियों को उनकी मौजूदा शर्तों के आधार पर नई ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हमारे हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग संचालन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम सेवा और राष्ट्रीय हित के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

केंद्र सरकार द्वारा तुर्किये विमानन फर्म की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के बाद इन रियायत समझौतों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले, अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने तुर्किये की कंपनी ड्रैगनपास के ग्राहकों को अपने एयरपोर्ट लाउंज की सुविधा का लाभ लेने के लिए कंपनी के साथ अपना समझौता रद्द कर दिया था।

यह कदम भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच तुर्किये की ओर से लगातार पाकिस्तान को मिल रहे समर्थन को देखते हुए उठाया गया। अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के प्रवक्ता ने कहा, “ड्रैगनपास के साथ हमारा सहयोग, जो एयरपोर्ट लाउंज तक पहुंच प्रदान करता था, तत्काल प्रभाव से समाप्त हो गया है। ड्रैगनपास के ग्राहकों को अब अदाणी द्वारा प्रबंधित एयरपोर्ट पर लाउंज की सुविधा नहीं मिलेगी। इस बदलाव का एयरपोर्ट लाउंज और दूसरे ग्राहकों के यात्रा अनुभव पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

गुरुवार को एक अधिसूचना में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि “राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सुरक्षा मंजूरी तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है।

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SC ने डीपफेक वीडियो पर नीति बनाने की याचिका पर सुनवाई से किया इंकार

कहा- हाईकोर्ट में पहले से मामले लंबित

नई दिल्ली 16 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाए गए डीपफेक वीडियो को रोकने के लिए नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ता को दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से लंबित मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश दिया।

याचिका में डीपफेक वीडियो के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक विशेषज्ञ समिति के गठन की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि डीपफेक का खतरा बढ़ रहा है।

उदाहरण के तौर पर, ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी मीडिया से साझा करने वालीं भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के डीपफेक वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हो रहे हैं। इस तरह के कंटेंट से सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता को खतरा हो सकता है।

याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई-जनरेटेड या डीपफेक कंटेंट की पहचान और हटाने के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की गई थी। इसमें केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को पक्षकार बनाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डीपफेक से संबंधित कई याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से लंबित हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है और केंद्र सरकार से जवाब मांगा गया है।

कोर्ट ने आशंका जताई कि अगर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होती है, तो हाईकोर्ट की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। इसलिए, याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट में आवेदन करने को कहा गया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि यदि याचिकाकर्ता वहां आवेदन करता है, तो उसके सुझावों पर विचार किया जाए।

डीपफेक वीडियो के बढ़ते खतरे को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर त्वरित और प्रभावी नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब और महत्वपूर्ण हो गई है।

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जालंधर में बिहार निवासी युवक गिरफ्तार, 4 फोन बरामद

भारत-पाक युद्ध के कई संदिग्ध फोटो-वीडियो और न्यूज लिंक मिले

जालंधर 16 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पंजाब के जालंधर शहर से गुजरात पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चार मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

बरामद किए गए मोबाइल में भारत-पाकिस्तान युद्ध से संबंधित संदिग्ध वीडियो, न्यूज लिंक और कुछ फोन नंबर भी पाए गए हैं। आरोपी की पहचान मोहम्मद मुर्तजा अली के रूप में हुई है, जो बिहार का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में किराए के मकान में रह रहा था।

 हालांकि, पुलिस का प्रारंभिक बयान है कि आरोपी को साइबर फ्रॉड के केस में गिरफ्तार किया गया है। लेकिन उसके पास से मिले संदिग्ध डेटा ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक बड़े सवाल की ओर मोड़ दिया है। गुजरात की गांधीनगर पुलिस और एटीएस की टीमें अब इस मामले की गहन जांच में जुट गई हैं।

सूत्रों की मानें तो आरोपी के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जालंधर पुलिस का कहना है कि वे गुजरात पुलिस के साथ रेड में सहयोग कर रहे थे और आरोपी को उनके हवाले कर दिया गया है।

जांच के दौरान पता चला है कि मुर्तजा अली ने हाल ही में जालंधर के गांधी नगर में 25 मरले का प्लॉट खरीदा था। वह इस जमीन पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से एक आलीशान मकान बनवा रहा था।

पुलिस ने जब उसके बैंक खातों की जांच की तो पिछले एक महीने में 40 लाख रुपये का लेन-देन सामने आया है। यह पैसा कहां से आया और किससे जुड़ा है — इस पर जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है।

फोन में क्या-क्या मिला?

*गुजरात पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मुर्तजा के मोबाइल से:

*भारत-पाक युद्ध से संबंधित संदिग्ध वीडियो

*विदेशी नंबरों से बातचीत के रिकॉर्ड

*संदिग्ध न्यूज लिंक

कुछ विदेशी ऐप्स का इस्तेमाल जैसी सूचनाएं मिली हैं, जो अब जांच का विषय हैं। जालंधर पुलिस ने कहा, “आरोपी को साइबर अपराध के मामले में गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हमारी टीम ने कार्रवाई में सहयोग दिया। मामले में आगे की जांच गुजरात पुलिस और एटीएस कर रही है।”

फिलहाल, आरोपी को गुजरात पुलिस अपने साथ ले गई है और उससे गहन पूछताछ जारी है। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब इस केस पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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जेएनयू ने राष्ट्रहित में तुर्की से समझौता किया रद्द : कुलपति

नई दिल्ली 15 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। इससे भारत में उसका विरोध शुरू हो गया है। इसी कड़ी में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने तुर्की से हुए समझौते को तोड़ दिया है। कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने कहा है कि राष्ट्रहित सबसे ऊपर है।

जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित ने गुरुवार को कहा कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जो देश के दुश्मन हैं, वे हमारे दुश्मन हैं। उन्होंने कहा कि तुर्की पाकिस्तान के साथ है, इसी को देखते हुए जेएनयू प्रशासन ने वहां की इनोनु यूनिवर्सिटी के साथ अपना करार रद्द कर दिया है।

उन्होंने कहा कि जेएनयू में तुर्की भाषा सिखाई जाती है। हमने फरवरी महीने में इनोनु यूनिवर्सिटी के साथ करार किया था। तुर्की को हमने छह माह का नोटिस दिया है, जिसके बाद यह करार खत्म हो जाएगा। जो देश भारत विरोधी है, जो आतंकवाद को समर्थन करता है, ऐसे देश से सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक संबंध रखने का कोई मतलब नहीं है।

जेएनयू ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जेएनयू और तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। जेएनयू राष्ट्र के साथ खड़ा है।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में गत 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 निहत्थे लोगों की मौत के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में नौ आतंकवादी ठिकानों का तबाह कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों और आबादी वाले इलाकों पर हमले किए, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सारे हमले विफल कर दिए। चार दिन तक चले संघर्ष के बाद 10 मई को दोनों देश सैन्य कार्रवाइयों पर रोक लगाने पर सहमत हुए। इस पूरे घटनाक्रम में तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया।

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दिल्ली के छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास फायरिंग, एक व्यक्ति की मौत

नई दिल्ली 15 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – दिल्ली के महरौली इलाके में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास अज्ञात बदमाशों ने स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में घायल हुए व्यक्ति को पुलिस ने गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया है।

यह घटना दोपहर एक बजे की बताई जा रही है। पता चला है कि स्कॉर्पियो सवार व्यक्ति पर छतरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगभग 10 राउंड फायरिंग की गई। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद डीसीपी अंकित चौहान और दिल्ली पुलिस के जवान मौके पर मौजूद हैं।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे सीडीआर चौक, थाना महरौली के पास गोलीबारी की घटना की सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि पीड़ित का नाम अरुण लोहिया है, जो आया नगर का निवासी है। घटना के समय वह अपनी कार में था, इस फायरिंग में उसे गोली लगी है।

पुलिस ने बताया, “यह आपसी रंजिश का मामला लग रहा है, जिसमें आरोपी और पीड़ित एक ही गांव के रहने वाले हैं और एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।” साउथ डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी अचिन गर्ग ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि पुलिस को दोपहर 1 बजे फायरिंग की सूचना मिली थी।

हमें पता चला कि एक व्यक्ति को गोली लगी है। इसके बाद उन्हें तुरंत ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पता चला है कि यह आपसी विवाद का मामला है और हमलवारों की पहचान कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। उम्मीद है कि सभी की जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। दिल्ली में बीते कुछ दिनों में फायरिंग और हत्या के कई मामले सामने आए हैं।

इससे पहले, 28 अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सीलमपुर में एक युवक की हत्या कर दी गई थी। 20 वर्षीय समीर नाम के युवक की जोगी बस्ती के अंदर गोली मारकर हत्या की गई थी। वहीं, उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीलमपुर के जे-ब्लॉक में 17 वर्षीय एक किशोर की 17 अप्रैल की शाम चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की पहचान उसी इलाके के कुणाल के रूप में हुई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। ऐसी ही एक वारदात दिल्ली के शाहदरा में घटी थी। जिले के जीटीबी (गुरु तेग बहादुर) एनक्लेव थाना क्षेत्र में 14 अप्रैल को एक युवती की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने 19 वर्षीय आरोपी रिजवान को करनाल के नीलकंठ ढाबे के पास से गिरफ्तार किया था।

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सशस्त्र बलों की वीरता को सलाम करने को करेंगे जय हिंद सभाएं : कांग्रेस

नई दिल्ली ,15 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस ने कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सशस्त्र बलों की सशक्त जवाबी कारवाई को सलाम करने के लिए पार्टी देशभर जय हिंद सभाओं का आयोजन करेगी।

कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया एक्स पर यह जानकारी देते हुए आज बताया कि कांग्रेस सशस्त्र बलों की सर्वोच्च वीरता और सफलता को सलाम करने के लिए पूरे भारत में ‘जय हिंद सभा’ आयोजित करेगी।

उन्होंने कहा, हमें सुरक्षा चूक, राष्ट्रीय सुरक्षा से निपटने के सरकार के तरीके और हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में अमेरिका की चिंताजनक भागीदारी पर उसकी चुप्पी पर भी गंभीर सवाल उठाने चाहिए, इसलिए 20-30 मई तक दिल्ली, बाड़मेर, शिमला, हल्द्वानी, पटना, जबलपुर, पुणे, गोवा, बेंगलुरु, कोच्चि, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद, भुवनेश्वर और पठानकोट में जय हिंद सभाएं आयोजित की जाएंगी.जिसमें सेना के दिग्गज, पार्टी नेता और आम जनता शामिल होगी।

गौरतलब है कि बुधवार को पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति की पहलगाम हमले के बाद हुई तीसरी बैठक में इन सभाओं का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश तथा मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाता सम्मेलन में भी यह जानकारी दी थी।

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देश के कई राज्यों में गर्मी का कहर शुरू, पंजाब में आसमां से बरसेगी आग

नई दिल्ली ,15 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मई का आधा माह गुजर गया है और गर्मी ने देश के कई राज्यों में जोर पकडऩा शुरू कर दिया है। उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में धूप कहर ढा रही है। देहरादून में तापमान 37 डिग्री के करीब पहुंच गया है, और कई जगहों पर 40 डिग्री तक।

हालांकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं बारिश और तेज़ हवा चलने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, खासकर आंधी और बिजली को लेकर। वहीं राजस्थान की बात करें तो बीते 24 घंटे में राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बीकानेर में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सिरोही में 21.7 डिग्री तापमान रहा।

आज (15 मई) एक बार फिर बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ आंधी और हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले में मौसम विभाग ने कहा है कि 20 मई तक गर्मी अभी और हलाकान करेगी। तेज धूप के साथ उमस में इजाफा होगा। हवा की आद्रता बढ़ेगी, जिससे चिपचिपाहट वाली गर्मी का अहसास होगा। बुधवार को भी ऐसा ही हुआ।

पंजाब में गर्मी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। बुधवार को पंजाब में पारा 43.6 डिग्री पहुंच गया। तापमान में 1.2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे पंजाब का पारा सामान्य से 2.3 डिग्री ऊपर हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले चार दिनों के दौरान तापमान में दो से तीन डिग्री वृद्धि की संभावना जताई है।

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भीख मांगना पाकिस्तान का काम, सिंधु जल संधि पर पीएम मोदी नहीं करेंगे रहम: सीपी सिंह

रांची ,15 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  भाजपा विधायक सीपी सिंह ने गुरुवार को सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की ओर से भारत से लगाई जा रही गुहार पर कहा कि पाकिस्तान का काम भीख मांगना है और वह फिर घुटने के बल भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है।

लेकिन, पीएम मोदी के नेतृत्व में यह भारत उस पर रहम नहीं करेगा। भाजपा विधायक ने कहा कि पहलगाम में आंतकी हमले के बाद भारत सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए। जिसमें सिंधु जल संधि भी शामिल है, जो फिलहाल निलंबित है।

एयरबेस, सोशल मीडिया हैंडल सहित कई अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक बेहद ही बेशर्म और बुजदिल देश है। भारत से बार-बार झटके खाने के बावजूद पाकिस्तान कभी भी अपना व्यवहार नहीं बदलता। कुछ होते हैं जो मार खाने के बाद सुधरते हैं, लेकिन पाकिस्तान कभी भी सुधर नहीं सकता है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को वर्तमान में अभी भारत के हाथों ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मार खानी पड़ी। पूर्व में भी उसे कई बार मार पड़ी है। लेकिन, वह मार खाने के बाद हर बार की तरह घुटनों के बल भारत से भीख मांगने लगता है। लेकिन अब गिड़गिड़ाने से क्या होगा।

भारत ने जिस प्रकार पाकिस्तान को इस बार सबक सिखाया है। पाकिस्तानी सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि वह कैसे अपनी आवाम के सामने इज्जत बचाए। इसीलिए, आवाम के सामने झूठे दावे पेश करने पड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहां तक बात सिंधु जल संधि की है तो यह स्थगित ही रहनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि पीएम मोदी पाकिस्तान पर रहम नहीं करेंगे बल्कि कड़ाई करेंगे।

भाजपा विधायक ने कहा कि भारत-पाक के सीजफायर के बाद पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते हैं। पीएम मोदी ने बिल्कुल सही बात कही थी। टेरर ऑर टॉक साथ-साथ नहीं हो सकते हैं। इसीलिए, पाकिस्तान को सबक सिखाना ही चाहिए। क्योंकि, पाकिस्तान का इतिहास रहा है वह कभी नहीं सुधर सकता है।

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पाकिस्तान से बात सिर्फ आतंकवाद, पीओके पर होगी

श्रीनगर में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

श्रीनगर ,15 मई  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित बादामी बाग कैंट पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के जवानों से बातचीत की और उन्हें संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि मैं आज आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पहलगाम में आतंकवादियों के हमले में हताहत हुए सभी निर्दोष नागरिकों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए हमारे सैनिकों को नमन करता हूं। मैं, हमारे घायल सैनिकों के साहस को भी नमन करता हूं और ईश्वर से यह प्रार्थना करता हूं कि वो जल्द से जल्द स्वस्थ हों।

इस विषम परिस्थिति में आप सबके बीच आकर आज मैं बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं, लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री के साथ-साथ मैं आज भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं।

उन्होंने कहा, मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया। आपने जिस तरीके से सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को ध्वस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पाएगा। आपने देखा होगा कि आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं, लेकिन आपने जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया।

आज मैं यहां रक्षा मंत्री के साथ-साथ एक मैसेंजर के रूप में भी आया हूं। पूरे देश की शुभकामनाएं, उनकी प्रार्थनाएं और उनकी कृतज्ञता लेकर मैं आपके बीच आया हूं। एक तरह से आप समझिए कि मैं एक डाकिया बनकर आपके बीच आया हूं और देशवासियों का संदेशा लाया हूं। संदेश यह है, कि ‘हमें हमारी सेनाओं पर गर्व है’।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक ऑपरेशन का नाम भर नहीं है, बल्कि यह एक प्रतिबद्धता है। एक ऐसी प्रतिबद्धता, जिसमें भारत ने दिखा दिया कि हम सिर्फ डिफेंस नहीं करते, जब वक्त आता है, तो हम कठोर निर्णय भी लेते हैं।

यह ऑपरेशन उस एक-एक जवान की आंखों में देखा गया सपना था कि हर आतंकी ठिकाना, चाहे वो घाटियों में छुपा हो या बंकरों में दबा हो, हम वहां पहुंचेंगे और दुश्मन की छाती चीरकर, हम उन आतंकी ठिकानों को खत्म करके ही लौटेंगे।

उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा चलाई गई अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। 35-40 वर्षों से भारत सरहद पार से चलाए जा रहे आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो-टूक शब्दों में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को फिर से परिभाषित कर दिया है, जो यह कहती है कि हिंदुस्तान की सरजमीं पर किया गया कोई भी आतंकी हमला एक ‘एक्ट ऑफ वॉर’ माना जाएगा। दोनों देशों में जो समझ अभी बनी है, वह इसी बात को लेकर है कि सरहद पार से कोई बेजा हरकत नहीं की जाएगी।

अगर की गई तो बात निकलेगी तो बहुत दूर तलक जाएगी। साथ ही हमारे प्रधानमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि आतंकवाद और बात एक साथ नहीं चलेंगे और अगर बात होगी तो आतंकवाद पर होगी, पीओके पर होगी।

रक्षा मंत्री ने आतंकियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी ने पाकिस्तान में छिपे आतंकी संगठनों और उनके आकाओं को भी यह साफ-साफ बता दिया है कि वो कहीं भी अपने आप को महफूज और सुरक्षित न समझें।

अब वे भारतीय सेनाओं के निशाने पर हैं। दुनिया जानती है कि हमारी सेनाओं का निशाना अचूक है और जब वो निशाना लगाते हैं तो गिनती करने का काम दुश्मनों पर छोड़ देते हैं। आज आतंकवाद के खिलाफ भारत की प्रतिज्ञा कितनी कठोर है, इसका पता इसी बात से चलता है कि हमने उनके न्यूक्लियर ब्लैकमेल की भी परवाह नहीं की है।

पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे गैर जिम्मेदाराना तरीके से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं हैं। आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे गैर जिम्मेदार और दुष्ट राष्ट्र के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को आईएईए यानी (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की निगरानी में लिया जाना चाहिए।

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पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को निगरानी में लिया जाना चाहिए : राजनाथ सिंह

श्रीनगर 15 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के बाद जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर में जवानों के बीच पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बादामी बाग छावनी में गिराए गए पाकिस्तानी गोलीबारी के अवशेषों का निरीक्षण किया।

राजनाथ सिंह ने कहा, “… पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं हैं। आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे ग़ैर ज़िम्मेदार और धूर्त राष्ट्र के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को IAEA यानि (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) की निगरानी में लिया जाना चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “इस विषम परिस्थिति में, आप सबके बीच आकर, आज मैं, बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं I हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री के साथ-साथ, मैं आज, भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं।

राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया। आपने जिस तरीके से, सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को धवस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा। आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं। लेकिन आपने, जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया है।

रक्षा मंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। 35-40 वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं।

पहलगाम में आतंकवादी घटना को अंजाम देकर भारत के माथे पर चोट पहुंचाने का काम किया, भारत की सामाजिक एकता को तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने भारत के माथे पर वार किया, हमने उनकी छाती पर घाव दिए हैं। पाकिस्तान के ज़ख्मों का इलाज इसी बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे, अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के ख़िलाफ़ न होने दे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “रही बात पाकिस्तान की, तो वह देश तो, मांगते-मांगते अपनी जहालत से एक ऐसी हालत में आ गया है, कि उसके बारे में यह भी कहा जा सकता है, कि पाकिस्तान जहां खड़ा होता है, वहीं से मांगने वालों की लाइन शुरू होती है। अभी आपने सुना ही होगा, कि कैसे वह फिर एक बार, IMF के पास कर्ज मांगने गया। वहीं, दूसरी तरफ हमारा देश है, कि हम, आज उन देशों की श्रेणी में आते हैं, जो IMF को फंड देते हैं, ताकि IMF गरीब देशों को कर्ज़ दे सकें।

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श्रीगंगानगर : भारत-पाकिस्तान सीमा से 15 किमी दूर मिला ड्रोन, BSF ने शुरू की जांच

श्रीगंगानगर 15 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के 12ए-अनूपगढ़ में एक ड्रोन मिला है। यह ड्रोन भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 15 किलोमीटर दूर मिला है।

स्थानीय लोगों ने गुरुवार सुबह 12ए-अनूपगढ़ में एक ड्रोन पड़ा देखा। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस और बीएसएफ को सूचना दी। अनूपगढ़ पुलिस और बीएसएफ के जवान मौके पर पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी है।

भारत-पाकिस्तान सीमा से महज 15 किमी दूर इलाके में ड्रोन ऐसे समय में मिला है, जब दोनों देशों के बीच हाल ही में युद्धविराम की घोषणा की गई थी।

बता दें कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।

एयर मार्शल एके भारती ने बताया था कि भारत का लक्ष्य केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, लेकिन अफसोस की बात है कि पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों का समर्थन करते हुए इसे अपनी लड़ाई बना लिया।

उल्लेखनीय है कि 7 से 9 मई के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में भारत ने लाहौर समेत पाकिस्तान के कई एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया।

साथ ही, भारत ने 9-10 मई की रात पाकिस्तान के 11 एयरफोर्स बेस पर जवाबी कार्रवाई की, जिनमें नूर खान, रफीकी, मुरिदके, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चुनीयन, सरगोधा, स्कारु, भोलारी और जैकोबाबाद शामिल हैं। यह पहला मौका था, जब किसी देश ने परमाणु क्षमता से लैस राष्ट्र के एयरफोर्स कैंपों को सफलतापूर्वक नुकसान पहुंचाया।

इन हमलों में पाकिस्तान के एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमानों वाले बेसों को नुकसान पहुंचा, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना का 20 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया।

वहीं, भोलारी एयरबेस पर हुए हमले में पाकिस्तान के स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ समेत 50 से अधिक सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और कई लड़ाकू विमान नष्ट हो गए।

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भारत की पहली महिला बॉक्सिंग प्रमोटर सना सूरी ने मुंबई में ‘ग्लैमरस फाइट-फैशन फ्यूजन इवेंट’ लॉन्च किया……..!

15.05.2025  – देश की सबसे लोकप्रिय इंटरनेट हस्तियों में से एक और इंस्टाग्राम सनसनी सना सूरी भारत की पहली और एकमात्र महिला पेशेवर बॉक्सिंग प्रमोटर के रूप में काफी एक्टिव हैं और एक नया इतिहास रचने की दिशा में अग्रसर हैं।

हाल ही में मुंबई के ‘द क्लब’ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सना सूरी ने मुंबई में होने वाले सबसे बड़े प्रो बॉक्सिंग इवेंट ‘ग्लैमरस फाइट-फ़ैशन फ़्यूज़न’ की घोषणा की, जहाँ पावर और फ़ैशन का मिलन होगा, रिंग के बीचों-बीच ताकत और एलीट स्टाइल का मिलन होगा। स्पॉटलाइट में सितारे, रिंग में बॉक्सर।

सना सूरी का लक्ष्य रूढ़ियों को तोड़ना और अपनी तरह का पहला ऐसा इवेंट पेश करना है, जो अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग के एड्रेनालाईन को हाई फ़ैशन की शान के साथ मिलाता है। अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत चर्चा करते हुए सना सूरी ने इस आयोजन के नायक ताहिर खुरम का परिचय दिया, जो अफगानिस्तान के एक शीर्ष रैंकिंग वाले हेवीवेट मुक्केबाज हैं, जो वर्तमान में भारत में दूसरे स्थान पर हैं और अफगानिस्तान में अपने डिवीजन में पहले स्थान पर हैं।

सना सूरी ने कहा “मुक्केबाजी और फैशन भले ही एक दूसरे से बिलकुल अलग हों, लेकिन दोनों ही शक्ति, अनुशासन और उपस्थिति के बारे में हैं। यह आयोजन दिखाएगा कि कैसे ताकत और शैली एक ही रिंग में एक साथ रह सकते हैं।” सना सूरी ने आगे कहा कि इस तरह के फ्यूजन प्रारूप को भारत में पहले कभी नहीं आजमाया गया है, और इस आयोजन में अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज, नाटकीय फैशन तत्व और रेड कार्पेट जैसा माहौल होगा।

प्रेसवार्ता के दौरान ताहिर खुरम ने भारत के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि मुझे यहाँ बहुत सम्मान मिलता है। मेरी शादी एक भारतीय महिला से हुई है, और जब मैं रिंग में कदम रखता हूँ, तो मैं दोनों देशों को गर्व के साथ लेता हूँ। मैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का सामना करने और भारत और अफगानिस्तान दोनों को गौरवान्वित करने के लिए कटिबद्ध हूं।

इस आयोजन के फैशन पक्ष का समर्थन अंतरराष्ट्रीय लक्जरी फैशन लेबल ‘एच सी लंदन’ कर रहा है, जिसका प्रतिनिधित्व रमेश भाई चौहान और किंजल कर रहे हैं। ताहिर खुरम को कोच जीशान ट्रेनिंग दे रहे हैं, जो मुंबई बॉक्सिंग काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। शो थीम प्रोडक्शन और स्वदेश न्यूज के कुमार भी सना सूरी के बॉक्सिंग इवेंट में शामिल हैं।

खेल की नियामक संस्था भारतीय मुक्केबाजी परिषद भी इस आयोजन से निकटता से जुड़ी हुई है, जिसके सीओओ विवेक राजा आधिकारिक अनुपालन और दिशा-निर्देश की देखरेख कर रहे हैं। इस अभूतपूर्व पहल का समर्थन ब्राइट आउटडोर मीडिया कर रहा है, जिसके मालिक योगेश लखानी इस आयोजन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

आउटडोर मीडिया हमेशा किसी भी तरह के बड़े प्रचार में आगे रहता है। योगेश लखानी ने कहा, “सना सूरी साहस और दूरदर्शिता के साथ पुरुष-प्रधान दुनिया में प्रवेश कर रही है। ब्राइट आउटडोर मीडिया को उसका समर्थन करने पर गर्व है। वह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बना रही है, वह इतिहास बना रही है। उसे हमसे जो भी प्रचार, पहुंच, समर्थन चाहिए, देते हुए हम उसके साथ हैं।”

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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भारत-पाकिस्तान सीमा का दौरा करेंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नईदिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पाकिस्तान और उसके आतंकियों के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों का ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा है। कुछ ही समय के हमले में भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया और पाकिस्तान सीजफायर के लिए मिन्नतें करने लगा।

इसके बाद दोनों में सीजफायर हुआ है। इस सीजफायर के बीच अब सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को वायुसेना के भुज एयरबेस की यात्रा करने जाएंगे।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को भुज पहुंचेंगे। रक्षा मंत्री भुज एयरबेस की विजिट पर जाएंगे। राजनाथ सिंह की ये यात्रा दो दिवसीय यानी शुक्रवार और शनिवार के लिए होगी। जानकारी के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुजरात की भारत पाकिस्तान सीमा का दौरा करेंगे।

सैन्य तनाव के दौरान पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन की मदद से भारत के भुज को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, भारत के सुरक्षाबलों ने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से एक के बाद एक पाकिस्तान के हमलों को लगातार विफल कर दिया था। आखिरकार कोई भी कामयाबी न मिलने और लगातार सैन्य नुकसान को देखते हुए पाकिस्तान ने सीजफायर की अपील की थी।

इससे पहले पीएम मोदी ने भी मंगलवार को पाकिस्तान से लगी सीमा से केवल 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आदमपुर एयरबेस पर जवानों को संबोधित किया था। पीएम मोदी ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए सख्त लहजे में कहा था कि भारत की ओर नजर उठाने का अंजाम तबाही होगा।

पीएम मोदी ने कहा- ”आतंक के विरूद्ध भारत की लक्ष्मण रेखा एकदम स्पष्ट है। अब फिर कोई आतंकी हमला हुआ तो भारत जवाब देगा, पक्का जवाब देगा।’ बता दें कि पाकिस्तानी सेना ने आदमपुर एयरबेस और एस-400 मिसाइल लॉन्चर को तबाह करने का झूठा दावा किया था। हालांकि, पीएम मोदी ने एयरबेस का दौरा कर के पाकिस्तान के दावे की पोल खोल दी।

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आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज

14.05.2025 – आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले निर्मित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। ‘सितारे जमीन पर’ का ट्रेलर अपनापन और खुशी से भरा हुआ है, जिसमें प्यार, हंसी और इमोशनल पलों का परफेक्ट बैलेंस है। इस दिल छू लेने वाली कॉमेडी में कई ऐसे सीन हैं जो हंसाने के साथ दिल को छू जाने का वादा करते हैं।

ट्रेलर में आमिर खान एक बास्केटबॉल कोच के रूप में नजर आ रहे हैं, जो मानसिक रूप विकलांग लोगों को कोचिंग देते हैं जिसके फलस्वरूप एक मजेदार और प्रेरणादायक कहानी सामने आती है। यह फिल्म 2007 की सुपरहिट फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ का स्पिरिचुअल सीक्वल है।

‘शुभ मंगल सावधान’ जैसी बेहतरीन फिल्म बना चुके निर्देशक आर.एस. प्रसन्ना के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आमिर खान और जेनेलिया देशमुख लीड रोल में नजर आयेंगे। इस फिल्म में नवोदित कलाकार अरूष दत्ता, गोपी कृष्ण वर्मा, संवित देसाई, वेदांत शर्मा, आयुष भंसाली, आशीष पेंडसे, ऋषि शहानी, ऋषभ जैन, नमन मिश्रा और सिमरन मंगेशकर की भी अहम भूमिका है।

इस फिल्म का म्यूजिक शंकर-एहसान-लॉय ने तैयार किया है, जबकि इस फिल्म में शामिल गीत के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं। डिव्य निधि शर्मा ने इसका स्क्रीनप्ले लिखा है। फिल्म को आमिर खान और अपर्णा पुरोहित के साथ रवि भगचंदका ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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तमिलनाडु में 300 एकड़ का पूरा गांव वक्फ बोर्ड की जद में, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

नईदिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक ऐसा गांव है, जो पूरी तौर पर वक्फ की संपत्ति बताई जा रही है। इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

लाइव लॉ के मुताबिक, थिरुचेंदुरई गांव के निवासी श्रीमन चंद्रशेखर ने याचिका दायर कर बताया कि तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने पूरे गांव को अपनी संपत्ति बताया है और इस पर दावा किया है।

याचिकाकर्ता ने वक्फ विधेयक 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं में विधेयक का समर्थन कर हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है।

आवेदक चंद्रशेखर ने बताया कि थिरुचेंदुरई गांव 300 एकड़ की जमीन पर बसा है, जिसमें एक प्रसिद्ध चंद्रशेखर स्वामी मंदिर भी है।

उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड ने मंदिर समेत पूरे गांव पर दावा किया है, जबकि मंदिर ही 1,500 साल पुरानी है और इस्लाम धर्म 1,400 साल पुराना है।

उन्होंने बताया कि उनका गांव वक्फ बोर्ड में है, इसका खुलासा सितंबर 2022 में तब हुआ, जब गांव का किसान बेटी की शादी के लिए अपनी जमीन बेचने गया था।

चंद्रशेखर ने बताया कि जब किसान उप-पंजीयक कार्यालय पहुंचा तो उप-पंजीयक अधिकारी ने उसे जमीन बेचने के लिए वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लाने को कहा।

याचिकाकर्ता ने बताया कि उनके पिता 1936 से इस गांव में रह रहे हैं, लेकिन अब पता चल रहा है कि गांव के 5 मंदिर भी वक्फ बोर्ड के दायरे में हैं।

यही नहीं, उप-पंजीयक कार्यालय ने वक्फ बोर्ड के दावे वाली भूमि की बिक्री की अनुमति भी दे दी है।

अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर गुरुवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अगुवाई वाली पीठ सुनवाई करेगी। चंद्रशेखर ने जमीयत नेता अरशद मदनी द्वारा अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका में हस्तक्षेप आवेदन दायर कर अधिनियम का समर्थन किया है।

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बच्चे की देखभाल के लिए नौकरी छोडऩे वाली महिला गुजारा भत्ता पाने की हकदार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

नईदिल्ली,14 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि एक महिला का अपने बच्चे की देखभाल के लिए नौकरी छोडऩा ‘स्वैच्छिक परित्याग’ नहीं होता है, इसलिए वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार है।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने 13 मई को जारी एक आदेश में कहा कि इस स्थिति को बच्चे की देखभाल करने के परम कर्तव्य के परिणाम के तौर पर देखा जा सकता है। इसके साथ ही कोर्ट ने एक महिला और उसके नाबालिग बेटे को अंतरिम भरण-पोषण देने संबंधी निचली अदालत के आदेश को खारिज करने से मना कर दिया।

महिला के पति ने निचली अदालत के अक्टूबर 2023 के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसे (पति को) अलग रह रही अपनी पत्नी और बच्चे को 7,500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने के लिए कहा गया था।

हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता पति को निर्देश दिया कि वह महिला को निचली अदालत द्वारा निर्धारित मासिक राशि देना जारी रखे, साथ ही अपने बच्चे के लिए अलग से प्रतिमाह 4,500 रुपये दे।

कोर्ट ने कहा, ”यह पूरी तरह से स्थापित तथ्य है कि नाबालिग बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी माता या पिता पर असमान रूप से पड़ती है, जो अक्सर पूर्णकालिक रोजगार की उनकी क्षमता को सीमित कर देती है, खासकर उन मामलों में जहां मां के नौकरी पर होने के दौरान उसके बच्चे की देखभाल में परिवार का कोई सहयोग नहीं मिलता है।’

फैसले में कहा गया है कि महिला द्वारा रोजगार छोडऩे को ”काम का स्वैच्छिक परित्याग’ नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे बच्चे की देखभाल के परम कर्तव्य के परिणामस्वरूप जरूरी माना जाता है।

व्यक्ति ने निचली अदालत के आदेश को इस आधार पर चुनौती दी कि महिला उच्च शिक्षा प्राप्त थी और पहले दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर के रूप में काम करती थी, जिससे वह प्रतिमाह ट्यूशन फीस सहित 40,000 से 50,000 रुपये कमाती थी।

पति ने दावा किया था कि महिला कमाने और खुद का तथा बच्चे का भरण-पोषण करने में सक्षम थी, लेकिन उसे (पति को) परेशान करने के इरादे से याचिका दायर की गई।

अपीलकर्ता ने दलील दी थी कि फैमिली कोर्ट ने इस तथ्य पर विचार न करके त्रुटि की है कि महिला अपनी मर्जी से ससुराल से चली गई थी और अदालत के आदेश के बावजूद उसने अपने पति के साथ अपने वैवाहिक संबंध फिर से शुरू नहीं किए।

पति ने दावा किया कि वह अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे के साथ रहने को तैयार है। उस व्यक्ति ने यह भी कहा कि वह हरियाणा में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस कर रहा है और प्रतिमाह केवल 10,000 से 15,000 रुपये ही कमाता है, इसलिए वह अंतरिम भरण-पोषण संबंधी निचली अदालत के आदेश का पालन करने में असमर्थ है।

दूसरी ओर, महिला ने दलील दी कि वह बच्चे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के कारण काम करने में असमर्थ थी। उसने कहा कि उसका पिछला रोजगार उसे उचित भरण-पोषण से वंचित करने का वैध आधार नहीं है।

उसने दलील दी कि चूंकि उसे आने-जाने में बहुत समय लगता था और उसे घर के पास काम नहीं मिल पा रहा था, इसलिए उसने अपना टीचिंग करियर छोड़ दिया। अदालत ने महिला की दलील स्वीकार कर ली और उसके स्पष्टीकरण को ”तार्किक और न्यायोचित’ पाया।

बेंच ने कहा कि व्यक्ति का आय प्रमाण-पत्र रिकॉर्ड में नहीं है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि वह अंतरिम भरण-पोषण की अर्जी तथा अंतरिम अवधि में व्यवस्था जारी रखने के लिए नए सिरे से निर्णय ले।

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