नई दिल्ली 12 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पाकिस्तान के साथ सीजफायर लागू होने के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने बीते दिनों न केवल अपना सामर्थ्य दिखाया बल्कि अद्भुत संयम भी रखा।
पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को “भीषण पीड़ा” बताते हुए कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर था, बल्कि देश की आत्मा पर चोट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का जवाब सीमाओं के पार आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूद करके दिया गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में जो बर्बरता आतंकियों ने दिखाई, वह सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और असहनीय है। बच्चों के सामने उनके माता-पिता को मार देना, निर्दोषों पर गोलियां चलाना – यह आतंक का सबसे वीभत्स चेहरा है।”
उन्होंने कहा कि “मेरे लिए यह पीड़ा व्यक्तिगत भी थी। मैं उस हर माता, बहन और बेटी को नमन करता हूं जिनके त्याग और बलिदान से ये राष्ट्र खड़ा है।”
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय सेनाओं को आतंकवाद के खिलाफ पूरी छूट दी गई थी और उन्होंने असीम शौर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। “हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और वही किया। आज हर आतंकी जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे का सिंदूर मिटाने का क्या अंजाम होता है।”
मोदी ने यह भी कहा कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की भावना, एकता और प्रतिशोध का प्रतीक थी। उन्होंने सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सैल्यूट करते हुए कहा कि भारत का हर नागरिक उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।
मुख्य बिंदु:
*पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को बताया ‘व्यक्तिगत पीड़ा’
*सेना को आतंक के खिलाफ पूरी छूट दी गई
*बहन-बेटियों के सिंदूर को मिटाने का परिणाम बताया
*भारत की सेनाओं ने ऑपरेशन के लक्ष्य पूरे किए
*पूरे देश ने एक स्वर में आतंक के खिलाफ किया विरोध
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