बेरोजगार हो चुके शिक्षक अब पीएम मोदी से मिलने की कवायद में

कोलकाता ,28 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राज्य में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी से बर्खास्त किए गए शिक्षकों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद अब इन शिक्षकों को पुन: परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया गया है, जिसे लेकर नाराजगी जताते हुए शिक्षक अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री गुरुवार को अलीपुरद्वार के दौरे पर आ रहे हैं और शिक्षक चाहते हैं कि वे उनके सामने अपनी व्यथा रख सकें।

इस मुद्दे पर नौकरी से निकाले गए शिक्षक चिन्मय मंडल ने कहा कि अलीपुरद्वार में प्रधानमंत्री की सभा हो रही है, हमलोग उनसे मुलाक़ात करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे प्रतिनिधि पहले से वहां मौजूद हैं और लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि हमें मौका मिलेगा या नहीं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि सभी को फिर से परीक्षा में बैठना होगा। हालांकि शुरू से ही एक बड़ा वर्ग इस निर्णय का विरोध कर रहा है।

इस वर्ग के शिक्षक साफ कह चुके हैं कि वे दोबारा परीक्षा में नहीं बैठेंगे और इस बारे में वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के शिक्षा मंत्री को कई बार पत्र भी भेज चुके हैं।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हाल ही में पत्रकारों से कहा था कि हम कोर्ट के आदेश को नहीं टाल सकते, परीक्षा में बैठना ही होगा। इसके बाद अब शिक्षक प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश कर रहे हैं।

अलीपुरद्वार की एक शिक्षिका मौमिता पाल ने कहा कि हम पिछले कई दिनों से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं। हम सिर्फ पांच मिनट का समय चाहते हैं। इसके लिए स्थानीय सांसद, भाजपा के जिलाध्यक्ष और यहां तक कि जिलाधिकारी से भी संपर्क किया है, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

कोलकाता में आंदोलन कर रहे अन्य शिक्षक भी अलीपुरद्वार के शिक्षकों के साथ लगातार संपर्क में हैं और प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना को लेकर रणनीति बना रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर इन शिक्षकों से मिलने का समय देंगे या नहीं। लेकिन इतना तय है कि राज्य में एसएससी से जुड़े विवाद को लेकर शिक्षकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

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सेंगोल हटाओ, लोकतंत्र बचाओ : संसद में संवैधानिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की पी.डी.ए. गठबंधन की मांग

नई दिल्ली, 28 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आज पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक (पी.डी.ए.) मंच की ओर से एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें संसद भवन में स्थापित सेंगोल की वैधानिकता, प्रतीकात्मकता और संवैधानिक प्रभाव पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मोहनलालगंज से सांसद आर. के. चौधरी ने किया, साथ ही समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मनोज यादव ने भी विचार रखे। सेमिनार का विषय यह था कि सेंगोल, जो ऐतिहासिक रूप से तमिलनाडु में शाही सत्ता के प्रतीक के रूप में प्रयुक्त होता था, क्या लोकतांत्रिक भारत की संसद में स्थापित किया जाना उचित है। वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि संसद जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों की संस्था है, न कि किसी शासक वर्ग का प्रतीकात्मक स्थल।

आर. के. चौधरी ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा  कि “सेंगोल एक शाही परंपरा का प्रतीक है, जबकि भारतीय संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। संसद में किसी राजचिह्न के बजाय भारतीय संविधान की विशाल प्रति को स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि यह सदैव स्मरण रहे कि देश का शासन संविधान द्वारा संचालित होता है, न कि परंपरागत राजसत्तात्मक प्रतीकों से।”

वहीं मनोज यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि “आज जब लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के मूल तत्वों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, ऐसे समय में संसद में सेंगोल की स्थापना हमारी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध प्रतीत होती है। संविधान ही भारत की आत्मा है, और उसकी सर्वोच्चता ही देश को एकता और न्याय की दिशा में आगे ले जाती है।”

सेमिनार में यह भी कहा गया कि सेंगोल की स्थापना प्रतीकात्मक रूप से न्याय का प्रतिनिधित्व भले करता हो, परंतु उसकी उत्पत्ति शाही परंपरा में है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की वैधता और नैतिक आधार संविधान से आता है, न कि किसी राजकीय या धार्मिक प्रतीक से।

वक्ताओं ने सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया कि संसद भवन में संविधान की एक विशाल प्रति को प्रमुखता से स्थापित किया जाए, जिससे लोकतंत्र, समानता और प्रतिनिधित्व के मूल्यों की पुनर्पुष्टि हो सके। कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने “संविधान को बचाना है, सेंगोल को हटाना है” और “सेंगोल हटाएं – देश बचाएं” जैसे नारों के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया।

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प्रधानमंत्री के दौरे से पहले मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में व्यवस्थाओं की समीक्षा की

30 मई तक स्वच्छता अभियान के निर्देश

कानपुर 28 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कानपुर नगर का दौरा कर आगामी 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली।

इसके उपरांत चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर शहर में कहीं भी यातायात बाधित न हो। पार्किंग की पर्याप्त और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल पर पेयजल, सफाई, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने पूरे जनपद में 30 मई तक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की विशेष सफाई कराई जाए, गंदगी किसी भी हाल में न दिखाई दे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने ड्यूटी प्वाइंट पर उपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं, साथ ही इस स्वच्छता अभियान से जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मई को आमजन भारत के शौर्य और पराक्रम को स्मरण करते हुए तिरंगा यात्रा निकालें और राष्ट्रीयता के भाव के साथ जनसभा स्थल पर पहुंचे। इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त ने विभिन्न तैयारियों का प्रस्तुतिकरण भी दिया।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों से यह भी कहा कि श्रमिकों, सेवानिवृत्त कर्मियों, सफाईकर्मियों, मेधावी छात्र-छात्राओं, पार्षदों तथा सरकारी और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े लोगों को विशेष अवसरों पर मेट्रो में निःशुल्क यात्रा कराई जाए, ताकि वे मेट्रो को सार्वजनिक परिवहन के बेहतर विकल्प के रूप में समझ सकें। साथ ही इस संबंध में लोगों को जागरूक भी किया जाए।इस अवसर पर सांसद देवेन्द्र सिंह ‘भोले’, महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक नीलिमा कटियार, सुरेन्द्र मैथानी, राहुल बच्चा सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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सोने के झाड़ू से रास्ता बुहार कर सीएम ममता करेंगी दिघा में रथयात्रा का शुभारंभ

कोलकाता ,28 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जब पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलती है तो आगे आगे पुरी के राजा सोने के झाड़ू से रास्ता बुहारते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी 27 जून को पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल दिघा में रथयात्रा का उद्घाटन करेंगी। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री स्वयं भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगी।

इसके साथ ही, रथ के प्रस्थान से पहले वे स्वर्ण झाड़ू से भगवान जगन्नाथ के मार्ग की सफाई भी करेंगी, जो कि परंपरागत रूप से पुरी में रथयात्रा के दौरान होता है। इस्कॉन सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत निधि से बनवाए गए स्वर्ण झाड़ू को इस्कॉन को भेंट किया है, जिसका उपयोग इस विशेष समारोह में किया जाएगा।

यह पहली बार है जब दिघा में इतनी भव्यता के साथ रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। जुलूस में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के लिए तीन अलग-अलग रथ तैयार किए गए हैं, जो मंदिर परिसर में सजे हुए हैं।

पुरी की परंपरा को ध्यान में रखते हुए दिघा में भी तीनों रथों पर ध्वज फहराकर भगवान को ‘मासीबाड़ी’ तक ले जाया जाएगा। ओल्ड दीघा में थाना के पास स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर को मासीबाड़ी के रूप में विकसित किया गया है, जहां तीनों देवता ‘उल्टा रथ’ तक यानी कुल सात दिन तक विश्राम करेंगे। इस दौरान उस स्थल पर एक मेले का भी आयोजन किया जाएगा।

दिघा जगन्नाथ मंदिर के संचालन से जुड़े इस्कॉन कोलकाता के सह-उपाध्यक्ष राधारमण दास ने बुधवार को कहा कि इस बार दिघा में रथयात्रा अत्यंत भव्य होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं रथ की रस्सी खींचेंगी और स्वर्ण झाड़ू से भगवान के मार्ग की सफाई करेंगी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना है।

रथयात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, दिघा में भारी संख्या में पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे यह आयोजन राज्य के धार्मिक और पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान छोड़ सकता है।

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मुंबई एयरपोर्ट से बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार

भारतीय पासपोर्ट पर कर रही थी विदेश भ्रमण

मुंबई ,28 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई की सहार पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बुधवार को एक बांग्लादेशी महिला को कथित तौर पर घुसपैठ करने और जाली दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

मुंबई पुलिस अधिकारी के मुताबिक बांग्लादेशी महिला की पहचान मरिया खातुन मोहम्मद मंसूर अली के रूप में हुई है।

इमिग्रेशन अधिकारी समीर पठान की ओर से दर्ज की गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने उस पर अवैध रूप से भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए जाली दस्तावेज जमा करने और विदेश यात्रा करने के लिए उसका इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार किया गया। महिला 33 साल से मुंबई में रह रही थी।

पुलिस के मुताबिक, महिला ने गरीबी और भुखमरी के कारण बांग्लादेश से भागकर भारत में प्रवेश किया और मुंबई में रहने लगी। बाद में उसने एक भारतीय नागरिक से शादी कर ली और उसकी पहचान का इस्तेमाल करके भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया, जिसका इस्तेमाल उसने छह साल तक कुवैत में काम करने और कई देशों की यात्रा करने के लिए किया।

एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारी समीर गैबू पठान, यात्रियों के दस्तावेजों की जांच कर रहे थे। मरिया खातुन सुबह करीब 2:30 बजे कुवैत से मुंबई पहुंची। उसके दस्तावेजों में अनियमितताओं के संदेह में इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने बांग्लादेशी नागरिक होने की बात स्वीकार की और बताया कि वह 15 साल की उम्र में अत्यधिक गरीबी से बचने के लिए भारत आई थी।

1992 में भारत आने के बाद उसने भारतीय नागरिक अरविंद कुमार हीरालाल से शादी की। उसकी पहचान का इस्तेमाल करते हुए उसने कथित तौर पर भारतीय नागरिकता का दावा करने के लिए दस्तावेज बनाए। इन दस्तावेजों के आधार पर उसने 2016 में मुंबई पासपोर्ट ऑफिस से पासपोर्ट प्राप्त किया। उसने तब से दो बार पासपोर्ट का नवीनीकरण कराया था। 2019 में वह रोजगार के लिए कुवैत गई और पिछले छह वर्षों से वहां काम कर रही थी।

पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कई देशों की यात्रा भी की। मरिया खातुन 25 मई, 2025 को कुवैत से भारत लौटी, जांच के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई के सहार पुलिस को सौंप दिया गया।

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करदाताओं के लिए बड़ी राहत, आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ी

नई दिल्ली ,28 मई (एजेंसी) । आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न (ढ्ढञ्जक्र) दाखिल करने की अंतिम तिथि में बदलाव किया है। करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए, विभाग ने अब रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दी है। यह निर्णय आयकर रिटर्न फॉर्म की अधिसूचना जारी करने में हुई देरी के बाद लिया गया है।

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बदलाव की जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया है, करदाता कृपया ध्यान दें!  दाखिल करने की निर्धारित तिथि को आगे बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 करने का फैसला किया है।

पहले यह तिथि 31 जुलाई, 2025 थी। यह विस्तार  फॉर्म, सिस्टम डेवलपमेंट की आवश्यकताओं और क्रेडिट रिफ्लेक्शन में महत्वपूर्ण संशोधनों के कारण अधिक समय प्रदान करेगा। यह सभी के लिए एक सहज और अधिक सटीक फाइलिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। औपचारिक अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी।

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संगीतमय श्रद्धांजलि के रूप में एमिवे बंटाई ने जारी किया ‘ट्रिब्यूट टू सिद्धू मूसेवाला’

28.05.2025 – भारतीय हिप-हॉप सनसनी एमिवे बंटाई ने पंजाबी संगीत आइकन सिद्धू मूसेवाला को भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि एक विशेष रिलीज़ के साथ अर्पित किया। एमिवे बंटाई की नवीनतम संगीतमय प्रस्तुति ‘ट्रिब्यूट टू सिद्धू मूसेवाला’ दिवंगत पंजाबी संगीत आइकन की विरासत का सम्मान करती है, जिनकी निडर आवाज़ और सांस्कृतिक प्रभाव दुनिया भर के कलाकारों और दर्शकों को प्रेरित करते रहते हैं।

यह म्यूजिक ट्रैक सिद्धू मूसेवाला के मशहूर गाना ‘डोगर’ का नया संस्करण है, जिसमें मूल गाने के भाव और स्वरूप को बड़े ही कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है, साथ ही एमीवे की अनूठी गीतात्मक शैली और ध्वनि को भी शामिल किया गया है। इसका परिणाम एक श्रद्धांजलि और एक शक्तिशाली कलात्मक कथन दोनों है – जो दो संगीत जगत को परस्पर सम्मान और प्रशंसा के साथ जोड़ता है।

‘ट्रिब्यूट टू सिद्धू मूसेवाला’ के साथ, एमिवे बंटाई न केवल एक संगीत किंवदंती को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि एक स्वतंत्र शक्ति के रूप में भारतीय हिप-हॉप के भविष्य को आकार देना जारी रखता है, जो एक ऐसी टीम द्वारा समर्थित है जो कलात्मक प्रामाणिकता में विश्वास करती है। अपनी नवीनतम संगीतमय प्रस्तुति ‘ट्रिब्यूट टू सिद्धू मूसेवाला’ के मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए एमिवे बंटाई ने कहा “सिद्धू मूसेवाला एक कलाकार से कहीं बढ़कर हैं – वे एक आंदोलन हैं।

उनकी आवाज़, उनका संदेश और उनकी भावना मुझे और कई अन्य लोगों को हर दिन प्रेरित करती रहती है। ‘सिद्धू मूसेवाला को श्रद्धांजलि’ मेरे लिए उस व्यक्ति के प्रति प्यार और सम्मान दिखाने का तरीका है जिसने अपने तरीके से संगीतके क्षेत्र में चल रहे खेल को बदल दिया। सिद्धू और मैंने वास्तव में सहयोग करने के बारे में बात की थी। यह कुछ ऐसा था जो हम दोनों चाहते थे। यह श्रद्धांजलि उस सपने को हकीकत बनाने का मेरा तरीका है।”

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

https://youtu.be/lDZmQp1Khmo?si=m3C76zMxLxVXCkAP

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पाकिस्तान की जिन चौकियों को BSF ने ध्वस्त किया था, उसका VIDEO आया सामने

श्रीनगर 27 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए सीमा पर जवाबी कार्रवाई की थी। अब इस कार्रवाई के सबूत भी सामने आ गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जम्मू सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की जिन चौकियों को ध्वस्त किया था, उसका वीडियो जारी किया गया है।

जानकारी के अनुसार, BSF ने 6 से 10 मई के बीच पाकिस्तान की सियालकोट और सकरगढ़ स्थित कई सीमा चौकियों को निशाना बनाया था। जारी किए गए वीडियो में इन चौकियों को तबाह होता हुआ देखा जा सकता है। भारत ने यह कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न करने की अपनी नीति के तहत की थी।

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मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने की ये बड़ी भविष्यवाणी

जून में गर्मी नहीं, जमकर होगी बारिश

नई दिल्ली ,27 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  मौसम विभाग (आईएमडी) की तरफ से इस बार पूरे देश में साउथ वेस्ट मॉनसून पर एक बार फिर बड़ी जानकारी दी गई है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि इसबार मानसून 2025 की अपने मुकर्रर वक्त से 8 दिन पहले यानी 24 मई को केरल में दस्तक दे चुका है। इसी के साथ इसबार मानसून ने पिछले 16 सालों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। इससे पहले 2009 में 23 मई को मानसून अपने निर्धारित समय से पहले पहुंचा था। मौसम विभाग मानसून अपडेट के मुताबिक, मानसून देश के ज्यादातर हिस्सों में भी तेजी से बढ़ रहा है।

मानसून अपडेटेड पुर्वानुमान 2025 बताता है कि इस बार भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है, जो खासतौर पर किसानों के काफी लिए राहत की बात है। दरअसल, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने जून से सितंबर की अवधि के लिए अपने मानसून पूर्वानुमान को संशोधित किया है। इस पुर्वानुमान में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग ने ताज़ा अनुमान में कहा है कि इस साल देश में औसतन 106 फिसदी बारिश हो सकती है। जबकि इसमें 4 फिसदी ऊपर या नीचे का फर्क भी हो सकता है। पहले 105 फीसदी बारिश का अनुमान था, यानि इस बार 1 फीसदी ज़्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि इस साल मानसून ‘सामान्य से ज्यादा कैटेगरी में आता है, क्योंकि जब बारिश 104 फीसदी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से ज्यादा माना जाता है। वहीं, पूरे देश में 87 ष्टरू रेनफॉल होने की संभावना, जिसका एरर परसेंट +-4 फीसदी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, हर साल मानसून सबसे पहले दक्षिणी राज्य केरल में दस्तक देता है और धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता चला जाता है। आमतौर पर 8 जुलाई तक यह भारत के ज्यादातर हिस्से को कवर कर लेता है। इसके बाद मानसून उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर के आसपास पीछे हटना शुरू देता है और 15 अक्टूबर तक लोगों के बीच से पूरी तरह विदा हो जाता है। अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजरल डालें तो मानसून 2024 में 30 मई, 2023 में 8 जून, 2022 में 29 मई और 2021 में 3 जून को केरल पहुंचा था। यानी हर साल शुरुआत की तारीख में थोड़ा बदलाव है।

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दुश्मन का काल बनेगा 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट

राजनाथ सिंह ने मेगा प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

नई दिल्ली ,27 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बाद केंद्र सरकार देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज एक बड़ा फैसला लिया।

उन्होंने भारतीय वायुसेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी डीप पेनेट्रेशन एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट फाइटर प्लेन (्ररूष्ट्र) को विकसित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए “निष्पादन मॉडल” को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह परियोजना भारत की वायु शक्ति को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ्ररूष्ट्र एक मीडियम वेट डीप पेनेट्रेशन फाइटर जेट होगा, जिसमें एडवांस्ड स्टील्थ फीचर्स मौजूद होंगे।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (्ररूष्ट्र) कार्यक्रम का निष्पादन मॉडल भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देगा और देश में एक मजबूत एयरोस्पेस औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में सहायक होगा।

भारत का स्वदेशी रूप से विकसित पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जो कई अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा। इसमें रडार से बचने की क्षमता के साथ-साथ बेहतरीन हथियार प्रणाली और सेंसर भी होंगे, जो भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देंगे।

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पीएम मोदी की पाक को दो टूक सुख-चैन की जिंदगी जिओ

रोटी खाओ, वरना मेरी गोली तो है ही

भुज ,26 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार सोमवार से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। पीएम मोदी ने अपने दौरे के क्रम में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। भुज में रोड शो करने के बाद पीएम मोदी ने विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भुज की विकास गाथा को उल्लेखनीय बताया। उन्होंने कहा कि आज शुरू की गई परियोजनाएं बिजली, नवीकरणीय ऊर्जा, बंदरगाहों और अन्य बुनियादी ढांचे में प्रगति को गति देंगी।

अपने संबोधन में कच्छ के लोगों की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कच्छ के लोग, यहां के लोग आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, भले ही अभावों के बीच हों। ये हमेशा मेरे जीवन को दिशा देते रहे हैं। जो पुरानी पीढ़ी के लोग हैं, वे जानते हैं, वर्तमान पीढ़ी को शायद पता नहीं है, आज तो यहां का जीवन बहुत आसान हो गया है, लेकिन तब हालात कुछ और हुआ करते थे।

पानी के लिए सदियों से तरसता कच्छ, मां नर्मदा ने हम पर कृपा की और मेरा सौभाग्य है कि सूखी भूमि पर पानी पहुंचाने के कार्य में निमित्त बनने का मुझे आप सबने अवसर दिया।
उन्होंने कहा कि जब यहां भूकंप आया तो दुनिया को लगता था कि अब सब खत्म, अब कुछ नहीं हो सकता और कच्छ उस भूकंप में मौत की

चादर ओढ़कर सोया था। लेकिन, मैंने कभी अपना विश्वास खोया नहीं था। मुझे विश्वास था कि कच्छ इस संकट को परास्त करेगा, मेरा कच्छ खड़ा हो जाएगा और आप सबने बिल्कुल ऐसा ही किया। आज कच्छ व्यापार, कारोबार और टूरिज्म का बड़ा सेंटर है। आने वाले समय में कच्छ की ये भूमिका और बड़ी होने वाली है।

उन्होंने कहा कि एक समय था, जब हम कच्छ का वर्णन करते थे तो हर कोई कहता था, ‘यहां तो रेगिस्तान है, यहां क्या हो रहा है? उस समय मैं कह रहा था कि ये रेगिस्तान नहीं है, ये मेरे गुजरात का तोरण है। आज कच्छ दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी सेंटर बन रहा है। ग्रीन हाइड्रोजन एक नए तरह का ईंधन है और आने वाले समय में कारें और बसें इसी पर चलेंगी। आज ग्रीन हाइड्रोजन फैक्ट्री की आधारशिला रखी गई है और इसके पीछे की तकनीक मेड इन इंडिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत टूरिज्म पर विश्वास करता है, टूरिज्म लोगों को जोड़ता है लेकिन पाकिस्तान जैसा देश भी है, जो टेररिज्म को ही टूरिज्म मानता है और ये दुनिया के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हमारी नीति आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है. ऑपरेशन सिंदूर ने इस नीति को और स्पष्ट कर दिया है, जो भी भारतीयों का खून बहाने की कोशिश करेगा, उसको उसकी भाषा में ही जवाब दिया जाएगा। सुख चैन की जिंदगी जिओ, रोटी खाओ वरना मेरी गोली तो है ही।

पीएम मोदी ने हर घर बिजली पहुंचाने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक को बिजली मिलनी चाहिए और उनका बिजली बिल शून्य होना चाहिए। इसलिए हमने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। गुजरात में कई लोग पहले से ही इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। कई विकसित देशों में एक आम बात यह है कि उनके समुद्र ने उनके विकास को सशक्त बनाया है। हमारा बंदरगाह-आधारित विकास विजन संपन्न बंदरगाहों और समुद्री इतिहास की प्राचीन भारतीय विरासत से प्रेरित है।

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सिनेफलक पर उभरता सितारा : भूपेश रसिन

26.05.2025 – थ्री ब्रदर्स फिल्म्स के बैनर तले निर्मित फिल्म ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ का ट्रेलर रिलीज किये जाने के बाद से अभिनेता भूपेश रसिन की चर्चा बॉलीवुड में इन दिनों बड़े जोर शोर से होने लगी है। राजस्थान की कला संस्कृति सभ्यता व पारंपरिक रंगत से जुड़ी फिल्म ‘टाइगर ऑफ राजस्थान’ में अभिनेता भूपेश रसिन मेन विलेन की भूमिका में अपने अभिनय का जलवा बिखेरते नजर आयेंगे। इस फिल्म में आईकॉनिक स्टार अरविंद कुमार ने न सिर्फ मुख्य भूमिका निभाई है बल्कि इसका लेखन और निर्देशन भी किया है।

इस फिल्म में भूपेश रसिन के साथ टीवी और फिल्म जगत के कई चर्चित चेहरे नजर आएंगे इसमें देवोलीना भट्टाचार्य, रंजीत, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, राजू श्रेष्ठ, अरविंद सिंह, दीपेंद्र सिंह, हर्षित माथुर, हेम चंदानी, भावना शर्मा, शिवराज गुर्जर, मुमताज खान, राजवीर, समीर खान, असलम खान, गोपाल सोनी, शत्रुंजय सिंह और विशु सिंह के नाम उल्लेखनीय हैं।

निर्माता हितेश कुमार, जैस्मिन कुमार, प्रवीण सगोतिया और सुनीता सगोतिया द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस फिल्म के कर्णप्रिय गीतों को स्वर दिया है छोटू सिंह रावना सोरेन भट्ट, मोहम्मद सलामत, सना अजीज, रेखा राव, सुनीता सगोतीया और रवि जैन ने और संगीत से सजाया है संगीतकार दिलीप सेन, आदित्य गौर और निषेध सोनी ने। बहुत जल्द ही यह फिल्म सिनेदर्शकों तक पहुंचने वाली है।

विदित हो कि अभिनेता भूपेश रसिन को स्टार फ्यूजन अवार्ड्स 2025 समारोह में ‘सर्वश्रेष्ठ आगामी खलनायक’ प्रशस्ति पत्र व अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। टी सीरीज की कई म्यूजिक वीडियो में काम करने के साथ साथ के सी बोकाडिया की वेब सीरीज ‘सरदार-द गेम चेंजर’ में भी वजीर हुसैन जैदी की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके अभिनेता भूपेश रसिन भारतीय फिल्म जगत के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना के करीबी दोस्तों में से एक हैं।

के सी बोकाडिया की सीरीज ‘संस्कार’ में भी भूपेश रसिन एक अहम किरदार में हैं। फिल्म ‘नानक नाम जहाज है’ और ‘द राइज ऑफ सुदर्शन चक्र’ में भी काम कर चुके भूपेश रसिन हॉलीवुड फिल्म ‘वैंपायर वर्सेज रॉहाइड’ में भी विलेन के किरदार में नजर आयेंगे।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा.कॉम’ का संगीतमय मुहूर्त संपन्न

26.05.2025 – अवार्ड किंग, निर्माता व निर्देशक डॉ. कृष्णा चौहान की पहली हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा.कॉम’ का संगीतमय मुहूर्त, मुम्बई के ए बी स्टूडियो में पिछले दिनों दो गीतों की रिकॉर्डिंग के साथ से संपन्न हुआ। संगीतकार दिलीप सेन के संगीत निर्देशन में पहला गीत बॉलीवुड सिंगर शाहिद माल्या और तरन्नुम मलिक के स्वर में रिकार्ड किया गया।

इस रोमांटिक गीत के गीतकार गाजी मोइन और इमरान जेड सलमानी हैं, जबकि दूसरा गीत शबाब साबरी और रितु पाठक के स्वर में रिकॉर्ड किया गया। इस गीत के गीतकार एम प्रकाश हैं।

इस अवसर पर दीपक पराशर, रमेश गोयल, विश्वजीत सोनी (भाभी जी घर पर हैं), रेखा राव, गीतकार विक्की नागर, सह निर्माता सीडी शेटे, डीओपी पप्पू के शेट्टी, स्क्रीनप्ले डायलॉग राइटर पी के गुप्ता, स्टोरी राइटर व पब्लिसिटी डिजाइनर आर राजपाल भी उपस्थित थे।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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संसदीय दल के साथ जापान पहुंचे अभिषेक ने रखी भारत की बात

कोलकाता 23 May, (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के आतंकवाद और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में दुनिया को जानकारी देने के लिए एक बहुदलीय संसदीय दल भेजने का फैसला किया है।उक्त टीम में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल  सांसद अभिषेक बनर्जी भी शामिल हैं। उक्त लोगों की टीम जापान पहुंची और जेडी(यू) सांसद संजय झा के नेतृत्व में उक्त संसदीय दल ने अपनी बात को उजागर किया।

जापान के टोक्यो में जापानी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक पोस्ट में कहा कि जापान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है। अभिषेक बनर्जी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि, हमारे प्रतिनिधिमंडल ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री और जापान-भारत एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री योशीहिदे सुगा से भी मुलाकात की।

हमने सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के भारत के संकल्प की पुष्टि की और इस साझा उद्देश्य में भारत-जापान सहयोग को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता की गहराई से सराहना की। भारत दृढ़ है। आतंकवाद के लिए हमारी दुनिया में कोई जगह नहीं है।

वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख का प्रतिनिधित्व करने वाले सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।

टोक्यो में पहले दिन की शुरुआत एडोगावा में महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जो भारत-जापान संबंधों और शांति तथा अहिंसा के हमारे साझा मूल्यों का एक स्थायी प्रतीक है।

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हावड़ा स्टेशन पर फूल मालाओं से हुआ पाक की कैद से लौटे जवान का भव्य स्वागत

कोलकाता/हुगली 23 May, (एजेंसी) । 182वीं बीएसएफ बटालियन के कांस्टेबल पूर्णम साव आज बंगाल में अपने घर लौटे तो राज्य के लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हावड़ा स्टेशन पर पर भारी भीड़ ने इस जवान का स्वागत फूल माला से उत्साह के साथ किया और फिर भारत माता के जयकारे भी लगे। टी-शर्ट और जींस पहने हुए पूर्णम साव के गले में गेंदा, गुलाब और गेंदे के फूलों की माला देखी गई।

उनके पिता ने अब अपने बेटे को गले से लगाया तो दोनों की आंखों में आंसू आ गए। रिसड़ा नगरपालिका के चेयरमैन विजय सागर मिश्रा भी उक्त जवान का स्वागत करने हावड़ा स्टेशन गए थे। वहीं जवान की पत्नी भी अपने पति को लेने के लिए स्टेशन आई थी। इस दौरान जवान पूर्णम साव ने कहा कि, “सैनिक कभी डरते नहीं। जवान कभी रोते नहीं। अब मै वापस अपने फर्ज के लिए लग जाऊंगा।”

बता दे कि पहलगांव हमले के अगले दिन उधमपुर में तलाशी अभियान चलाते समय बीएसएफ बटालियन के कांस्टेबल पूर्णम साव लापता हो गया था। बाद में पता चला कि गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद उन्हें पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था।

तब से वे पाकिस्तान में ही कैद रहे और फिर 22 दिन के बाद वह पाक के गिरफ्त से छोड़े गए। लेकिन इससे पहले पूर्णम की गर्भवती पत्नी रजनी साव समेत पूरा परिवार उक्त जवान के लौटने के लिए हर स्तर पर कोशिश कर रहा था। लेकिन जैसे ही भारत-पाक में तनाव बढ़ा, उनके परिजनों में निराशा छा गई।

इस स्थिति में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पूर्णम की पत्नी रजनी को फोन किया। रजनी साव ने बताया कि सीएम ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पूर्णम एक सप्ताह के भीतर भारत घर लौट जाएंगे और वास्तव में वही हुआ।

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काशी की बनारसी साडिय़ों पर ऑपरेशन सिंदूर की वीरता की झलक

वाराणसी ,23 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की गूंज काशी की गलियों और बाजारों में भी सुनाई दे रही है।

बनारस की पहचान मानी जाने वाली बनारसी साडिय़ों पर इस ऑपरेशन की थीम उकेरी जा रही है, जो लोगों को आकर्षित कर रही है।
बनारस के साड़ी कारोबारियों ने देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर ऑपरेशन सिंदूर को अपने डिजाइन में शामिल किया है। इन साडिय़ों में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के शौर्य को एक साथ दर्शाया गया है।

साडिय़ों पर ब्रह्मोस मिसाइल, लड़ाकू विमान, युद्धपोत और सुदर्शन चक्र (एस-400) जैसे प्रतीक चिन्हों का चित्रण किया गया है। इन साडिय़ों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये अब न सिर्फ स्थानीय बल्कि देशभर के लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।

दुकानदार विकास ने बताया कि हमने इस साड़ी को ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर तैयार किया है। इसमें थल सेना, जल सेना और वायु सेना के प्रतीकों को एक साथ मिलाकर डिजाइन किया गया है। साड़ी पर ब्रह्मोस मिसाइल, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए तमाम लड़ाकू विमान समेत एस-400 भी दर्शाया गया है। इस साड़ी के माध्यम से हम एक संदेश देना चाहते हैं कि पूरा देश अपने सैनिकों के साथ खड़ा है, पूरा भारत एक है।

दुकानदार ने आगे कहा कि अभी तो हमने सेंपल तैयार किया है और भी साडिय़ां तैयार की जाएगी। देश के सैनिकों को हम अपनी तरफ से गिफ्ट देना चाहते हैं।

ये साडिय़ां न केवल पारंपरिक बनारसी कला का उदाहरण हैं, बल्कि उनमें समाहित देशभक्ति का जज़्बा हर किसी को गौरवान्वित करता है। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी इन खास साडिय़ों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। ये साडिय़ां अब राष्ट्रभक्ति की नई पहचान बन चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि जब देश की बात हो, तो हर वर्ग चाहे वह कलाकार हो या व्यवसायी, सभी एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा होता है।

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अभिनेता तुषार कपूर पहुंचे एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न

23.05.2025 – एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (नोएडा) परिसर में पिछले दिनों आयोजित एक खास कार्यक्रम में बॉलीवुड फिल्म ‘कपकपी’ की स्टार कास्ट ने शिरकत की। इस मौके पर इस फिल्म के प्रमुख कलाकार तुषार कपूर, सिद्धि इदनानी और सोनिया राठी ने छात्रों के साथ बातचीत की और अपने फिल्मी अनुभव साझा किए।

एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अभिनेता तुषार कपूर और हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘कपकपी’ के अन्य कलाकारों ने फिल्म की शूटिंग के मजेदार किस्से सुनाए और सवाल-जवाब के सत्र में भी भाग लिया। उन्होंने फिल्म के गाने ‘तितली’ पर परफॉर्म करके सभी को चौंका दिया। इसके साथ ही फिल्म का टीज़र और पोस्टर भी पहली बार

छात्रों के बीच पेश किया गया। इस मौके पर एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (AAFT) के छात्रों ने भी कार्यक्रम को और खास बनाने के लिए नृत्य और स्किट प्रस्तुत किए। एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न के सीईओ अक्षय मारवाह अपने संबोधन में कहा कि ‘कपकपी’ की टीम के साथ हमारा कैंपस एक यादगार अनुभव से भर गया।

फिल्म के कलाकारों और छात्रों के बीच हुई सीधी बातचीत ने माहौल को बेहद प्रेरणादायक बना दिया, जहां उन्होंने हमारी 33 साल की रचनात्मक यात्रा को भी करीब से जाना। छात्रों का उत्साह और भागीदारी यह दिखाता है कि वे कैसे असली अनुभवों से प्रेरित होकर सीखने के लिए तैयार हैं। यही एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न की सोच है- ‘पढ़ाई को अनुभवों से जोड़ना’।

विदित हो कि नोएडा फिल्मसिटी स्थित ‘मारवाह स्टूडियो’ द्वारा संपोषित एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न द्वारा भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को दिए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

यह संस्थान अपने विशाल 100 एकड़ की फिल्म सिटी, नोएडा में स्थित अपने प्रतिष्ठित ए ए एफटी नोएडा परिसर और और 27 एकड़ के रायपुर विश्वविद्यालय परिसर के साथ, तीन दशकों से रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है।

मोहित मारवाह और अक्षय मारवाह द्वारा सह-स्थापित ए ए एफटी विश्वविद्यालय और ए ए एफ टी ऑनलाइन के माध्यम से अपनी पहुँच का विस्तार करते हुए, अभिनव और उन्नत-स्तरीय पाठ्यक्रमों के साथ अपनी पहुँच को नवोदित प्रतिभाओं तक बढ़ाने की दृष्टिकोण के साथ यह संस्थान जनहित में रचनात्मक शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए मानक स्थापित करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिभा का पोषण करने की दिशा में अपने स्थापना काल से ही गतिशील है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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सीएम योगी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए

लखनऊ ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद उत्पन्न आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जनपदों के अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आदेश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

सीएम योगी ने कहा कि अधिकारी तत्काल क्षेत्र का भ्रमण करें और प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण कर स्थिति का आकलन करें। उन्होंने आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान और बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि और पशुहानि की स्थिति में प्रभावितों को तुरंत राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए। साथ ही, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फसल नुकसान का सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जलजमाव की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि जनजीवन और खेती पर प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे इस आपदा के प्रभाव से जल्द उबर सकें।

इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

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हाईकोर्ट ने दिखाया आईना, कहा- आप लोग शिक्षक हैं, यह क्यों भूल रहे हैं

कोलकाता 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में आंदोलन कर रहें बर्खास्त शिक्षकों को आईना दिखाया और कहा कि, आप लोग शिक्षक हैं, यह क्यों भूल रहे हैं? पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने चल रहे बर्खास्त शिक्षकों के लगातार आंदोलन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने आज अहम टिप्पणी की।

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों को याद दिलाया कि वे शिक्षक हैं और उन्हें अनुशासन नहीं भूलना चाहिए। आज हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि आप लोग शिक्षक हैं, यह बात क्यों भूल रहे हैं? कोर्ट आपके शांतिपूर्ण आंदोलन पर कोई रोक नहीं लगा रहा, लेकिन दूसरों को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने आगे कहा कि 500 लोगों की भीड़ नहीं हो सकती, अब से 50 से 100 लोग ही एक साथ बैठ सकेंगे। दरअसल, विकास भवन के सामने लंबे समय से आंदोलनरत शिक्षकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद, बिधाननगर उत्तर थाने ने कई बर्खास्त शिक्षकों को तलब किया था। इस तलब को चुनौती देते हुए दो शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

उसी पर आज सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों को विकास भवन के सामने की जगह मेला ग्राउंड में बैठना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वहां केवल शिक्षक ही बैठें, बाहर के लोग या किसी राजनीतिक दल के सदस्य वहां न आएं। इसके जवाब में शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता सुदीप्त मैत्र ने कहा कि मेला ग्राउंड काफी दूर है।

हालांकि, न्यायमूर्ति घोष ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मेला ग्राउंड विकास भवन से दूर नहीं है, और यदि कोई समस्या हो तो पुलिस उसे सुलझाएगी। इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ताओं के मामलों में केस डायरी तलब की जाएगी और पुलिस को गुरुवार सुबह तक केस डायरी पेश करनी होगी।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक याचिकाकर्ता पुलिस के समक्ष पेश हों, और तब तक पुलिस उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती। इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार शाम चार बजे होगी। हालांकि, आज की सुनवाई में अदालत ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया।

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सीएम ममता ने ली वर्दी वालों की क्लास, डीजी राजीव कुमार को भी लगी फटकार

सिलीगुड़ी /कोलकाता 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । एक बार फिर सीएम बनर्जी ने पुलिस की क्लास ली तो वर्दी वालों में सन्नाटा छा गया। सीएम ने बाकायदा बंगा पुलिस के मुखिया राजीव कुमार को फटकार लगाई। सीएम ममता उत्तर बंगाल के आठ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या में आयोजित एक अहम बैठक कर रहीं थीं। तभी वहां मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे की जमकर क्लास ली।

कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर उन्होंने स्पष्ट नाराज़गी जताई। राज्य की गृह मंत्री होने के नाते ममता ने न सिर्फ ज़िला पुलिस अधिकारियों को फटकारा, बल्कि राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को भी नहीं बख्शा। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इलाकों की संवेदनशीलता पर बल दिया। उन्होंने पुलिस को चेताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

लेकिन जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, ममता बनर्जी ने एक-एक कर पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब करना शुरू कर दिया। कूचबिहार के एसपी द्युतिमान भट्टाचार्य से उन्होंने सीधे सवाल किया कि डीएसपी हेडक्वार्टर चंदन दास बैठक में क्यों नहीं आए। जवाब सुनने से पहले ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा है। पुलिस के भीतर गुटबाजी क्यों हो रही है? पुलिस का काम है जनता की सेवा, न कि ग्रुप बनाकर किसी को दरकिनार करना।

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर चंदन दास ने सिर्फ इतना कहा कि वे बैठक में वर्चुअली शामिल थे और इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि यह पुलिस का आंतरिक मामला है। बैठक में एक और पुलिस अधिकारी नीरज सिंह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ भी कई शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि नीरज किस जिले में पदस्थ हैं।

ममता ने स्पष्ट कहा कि बॉर्डर पर निगरानी और सख्ती होनी चाहिए। बैठक में कूचबिहार से तृणमूल सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने शिकायत की कि ग्रामीण सड़कों पर भारी ट्रकों की आवाजाही से नई बनी सड़कें टूट रही हैं। इस पर ममता ने राजीव कुमार को डांटते हुए कहा, “मैं कितनी बार कह चुकी हूं कि ओवरलोडेड ट्रक गांवों में न घुसें। फिर भी ऐसा क्यों हो रहा है?

कोई पैसा खाकर ट्रकों को एंट्री दे रहा है क्या? यह काम आईसी की निगरानी में होता है और इसकी ज़िम्मेदारी डीजी की बनती है।” मुख्यमंत्री ने माइक से थोड़ा हटकर भी कहा, “कुछ भी कहो, ये लोग सुनते ही नहीं!” राजीव कुमार ने जवाब में कहा, “मैं देख लूंगा मैम!” मगर ममता इससे संतुष्ट नहीं हुईं और दोबारा फटकार लगाते हुए बोलीं, “कब तक देखोगे? मेरी ज़ुबान थक गई है एक ही बात बार-बार कहते-कहते।”

गौरतलब है कि राजीव कुमार को ममता बनर्जी का विश्वासपात्र माना जाता है। वर्ष 2019 में जब उनके घर पर सीबीआई ने छापा मारा था, तब ममता ने धरना देकर उनका समर्थन किया था। इस बार सार्वजनिक रूप से ममता की नाराज़गी सामने आने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह मुख्यमंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया थी और इससे राजीव पर उनका भरोसा कम नहीं होगा।

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नीट-पीजी काउंसलिंग में अब नहीं होगी सीट ब्लॉकिंग, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के दौरान चल रही सीट ब्लॉकिंग जैसी अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए नीट-पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया में सुधार के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सीट ब्लॉकिंग से निचली रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को फायदा जबिक उच्च रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाता है। सीट ब्लॉकिंग गहरी प्रणालीगत खामियों को भी दर्शाता है।

जस्टिस जे.बी. पारडीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह फैसला दिया है, जो कि देशभर में मेडिकल पीजी एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ एनईईटी पीजी परीक्षाओं के लिए मेडिकल प्रवेश/परामर्श प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर सीटों को ब्लॉक करने के मुद्दे पर विचार कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग की गड़बडिय़ों से सीटों की वास्तविक उपलब्धता विकृत हो जाती है, उम्मीदवारों के बीच असमानता बढ़ती है और अक्सर प्रक्रिया योग्यता से अधिक संयोग से संचालित होती है।

कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग केवल एक अलग-थलग गलत काम नहीं है। यह खंडित शासन, पारदर्शिता की कमी और कमजोर नीति प्रवर्तन में निहित गहरी प्रणालीगत खामियों को दर्शाता है।

एनईईटी-पीजी काउंसलिंग में सीट ब्लॉकिंग तब होती है जब उम्मीदवार अस्थायी रूप से सीटें स्वीकार करते हैं, लेकिन बाद में अधिक पसंदीदा विकल्प प्राप्त करने के बाद उन्हें छोड़ देते हैं।

इससे वे सीटें पहले दौर में अनुपलब्ध रहती हैं और बाद के चरणों में ही खुलती हैं, जिससे उच्च रैंक वाले उम्मीदवारों को नुकसान होता है, जो पहले से ही कम पसंदीदा विकल्पों के लिए प्रतिबद्ध हो सकते हैं।

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छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं, रूस दौरे से पहले प्रतिनिधिमंडल का स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में रूस रवाना होने से पहले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को पूरी दुनिया को पहुंचाने जा रहे हैं कि हम आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।

पत्रकारों से बातचीत में इन नेताओं ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। भारत की सुरक्षा के साथ कोई खिलाड़ी करने का दुस्साहस करेगा , तो हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे। हमने पहले भी दिया है और निश्चित तौर पर आगे भी देंगे।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया। यह मेरे लिए अद्भुत पल है कि पहली बार सांसद बनने के बावजूद भी मुझे यह मौका दिया गया।

उन्होंने कहा कि वहां जाकर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश पहुंचाएंगे कि हम आतंकवाद को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे। हम पूरी दुनिया को यह संदेश देंगे कि भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता है। प्रधानमंत्री वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हम व्यापार और आतंक को एक साथ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी स्थिति काफी पहले ही स्पष्ट कर चुका है। इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से लगातार नए नैरेटिव स्थापित किया जा रहा है, वह नया प्रोपेगेंडा चला रहा है, लेकिन हम वैश्विक मंच पर उसकी नापाक चेहरे को बेनकाब करेंगे।

वहीं, आप नेता और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए असलियत दिखा दी। जिसके बाद से वह लगातार हो हल्ला कर रहा है और पूरी दुनिया में भारत को लेकर झूठ बोल रहा है कि भारत ने हमारे नागरिकों को निशाना बनाया और हमारे प्रतिष्ठानों पर हमले किए।

ऐसा करके पाकिस्तान मुद्दों को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहा है। हम अपने इसी संदेश को विदेश में पहुंचाना चाहते हैं कि भारत एक शांति प्रिय देश है, था और रहेगा। लेकिन, अगर हमारे ऊपर युद्ध थोपने का प्रयास किया जाएगा, तो हम उसका माकूल जवाब देंगे।

सांसद ने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार यह धमकी देता है कि हमारे पास परमाणु है, लेकिन इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह दिखा दिया कि अगर पाकिस्तान के पास परमाणु है, तो भारत के पास वह सामर्थ्य है कि हम उसके परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।

हमने यह संदेश पाकिस्तान को दिया है। हम अपने प्रतिनिधिमंडल के जरिए दुनिया को यही संदेश देना चाहते हैं कि हमने पाकिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, हमने सिर्फ उनके आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया है।

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CM श्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति बहुमंजिली छात्रावास निर्माण की रखी आधारशिला

राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड

करमटोली, रांची, 22.05.2025 ((Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  –  राज्य के छात्र- छात्राओं का बेहतर भविष्य सुनिश्चित हो। यहां के विद्यार्थी हर क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल करें, इसके लिए उन्हें जो भी संसाधन की जरूरत होगी, राज्य सरकार मुहैय्या कराएगी । मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची में 520 शैय्या वाले अनुसूचित जनजाति बहुमंजिली छात्रावास निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल और कॉलेज की शिक्षा में नया आयाम जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

हमारी परिकल्पना को अब मिल रहा मूर्त रूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों का जीर्णोद्धार करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इसी कड़ी में आज आदिवासी छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची में बहुमंजिली छात्रावास निर्माण की हमारी परिकल्पना भूमि पूजन के साथ साकार हो रही है। लेकिन, उस दिन हमें और भी खुशी होगी, जब सभी आवश्यक सुविधाओं से सम्पन्न यह छात्रावास पूरी तरह बनकर तैयार होगा और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से अपने भविष्य को संवारने का सपना लेकर आने वाले गरीब आदिवासी बच्चे यहां शिफ्ट करेंगे।

आप सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, सरकार आपकी चिंताएं दूर करेगी

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, उनकी जो भी समस्याएं और चिंताएं होगी, उसे सरकार दूर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावास में विद्यार्थियों को अब अपने घर से चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री लाने की जरूरत नहीं होगी । उन्हें सरकार की ओर से तीनों वक्त का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यहां रसोईया और चौकीदार भी होंगे। वहीं, विद्यार्थियों के पठन- पाठन से संबंधित जरूरी संसाधन की भी व्यवस्था होगी।

यहां के बच्चे आगे बढ़े, सरकार कर रही पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का जमाना है। ऐसे में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे कोर्सेज की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को सरकार हर स्तर से सहयोग कर रही है। यहां के गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे कोर्सेज करने में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए गुरु जी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से बिना किसी गारंटी के 15 लाख रुपए तक का किफायती ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां के बच्चे सिविल सर्विसेज जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित करें, इसके लिए उन्हें कोचिंग के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

स्कूल कॉलेजों में जोड़े जा रहे हैं नए आयाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्कूल- कॉलेजों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। यहां जो कमियां थी, उसे दूर कर रहे हैं। आज हमारे सरकारी स्कूल और कॉलेज कई मायनों में निजी शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर साबित हो रहे हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के कई विद्यार्थियों द्वारा 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करना इसी का परिचायक है । आने वाले दिनों में ऐसे ही कई और विद्यालय खुलेंगे, जहां के गरीब विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से राज्य का नाम रोशन करेंगे।

सभी जिलों में खुलेंगे भव्य पुस्तकालय

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के नाम से सभी जिलों में भव्य पुस्तकालय खोलने की घोषणा की । उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों में हर तरह की पुस्तकें और पत्रिकाएं उपलब्ध होगी। राज्य में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए सरकार आने वाले दिनों में कई और कदम उठाएगी।

इस अवसर पर मंत्री श्री चमरा लिंडा, राज्य सभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, सचिव श्री कृपानंद झा, सचिव श्री अरवा राजकमल और आदिवासी कल्याण आयुक्त श्री अजय नाथ झा विशेष रूप से मौजूद थे।

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भारत अपने फैसले खुद करता है किसी तीसरे पक्ष…

ट्रंप के मध्यस्थता के दावों के बीच जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों को बड़ा झटका दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जिस पर 10 मई को अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद सीजफायर की घोषणा कर दी गई। अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

 जयशंकर इन दिनों यूरोप दौरे पर हैं और डच सरकारी चैनल NOS को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने पहली बार खुलकर इस संघर्ष और सीजफायर पर बात की। उन्होंने कहा, “अमेरिका यह भलीभांति समझता है कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जो अपने हितों के आधार पर ही निर्णय लेता है।”

विदेश मंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल के हमले के जवाब में भारत का संदेश साफ था, “अगर इस तरह के हमले दोबारा हुए, तो कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों – भारत में हों या पाकिस्तान में।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए एक स्पष्ट संदेश गया है कि “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या, जो उनके परिवारों के सामने की गई, बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए दावा किया था कि उन्होंने ट्रेड वार्ता के माध्यम से तनाव कम करवाने में अहम भूमिका निभाई है।

हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया और साफ किया कि “जम्मू-कश्मीर सहित भारत-पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी मुद्दा केवल द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाएगा।” जयशंकर ने भी यही दोहराया कि “भारत अपने फैसले खुद करता है, और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है।”

जयशंकर ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “पाकिस्तान के निर्णय धार्मिक सोच से प्रेरित होते हैं। वहां का नेतृत्व, विशेषकर आर्मी चीफ, ऐसे हमलों को उकसाने में शामिल रहा है।”

गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कई आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया।

इसके बाद, 10 मई को अचानक सीजफायर का ऐलान किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भी चौंका दिया। भारत का रुख अब साफ है — आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार।

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