जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भीषण मुठभेड़

सुरक्षाबलों ने जैश के 3-4 आतंकवादियों को घेरा

श्रीनगर 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गुरुवार सुबह से भीषण मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के 3 से 4 आतंकियों को घेर लिया है।

यह मुठभेड़ छात्रु क्षेत्र के सिंहपोरा गांव में उस समय शुरू हुई जब जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।

 सूत्रों के अनुसार, यह वही आतंकी समूह है जो हाल ही में इसी क्षेत्र में हुई एक मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था। इस बार सुरक्षाबलों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया है और ऑपरेशन अभी भी जारी है। गौरतलब है कि घाटी में बीते कुछ दिनों से आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।

13 मई को शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए थे, वहीं 16 मई को त्राल में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को ढेर किया गया। इन ऑपरेशनों के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने तक अभियान जारी रहेगा।

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बलूचिस्तान में हुए धमाके में PAK ने लगाया आरोप तो भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

ध्यान भटकाने का हथकंडा

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाता रहा है।

भारत ने सोमवार को बलूचिस्तान के खुजदार शहर में एक स्कूल बस पर हुए आत्मघाती हमले में भारत की संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया है। इस हमले में चार बच्चे मारे गए थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाता है। भारत ने घटना में हुई मौतों पर भी संवेदना व्यक्त की।

जायसवाल ने एक बयान में कहा, “भारत आज खुजदार में हुई घटना में भारत की संलिप्तता के बारे में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को खारिज करता है।

भारत ऐसी सभी घटनाओं में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करता है। हालांकि, आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा से ध्यान हटाने और अपनी खुद की बड़ी विफलताओं को छिपाने के लिए, अपने सभी आंतरिक मुद्दों के लिए भारत को दोष देना पाकिस्तान के लिए दूसरी प्रकृति बन गई है। दुनिया को धोखा देने की यह कोशिश विफल होने के लिए अभिशप्त है।”

पाकिस्तान ने बुधवार सुबह बलूचिस्तान के खुजदार शहर में एक स्कूल बस पर हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। जब विस्फोट हुआ, तब खुजदार में सेना द्वारा संचालित स्कूल जा रही बस में लगभग 40 छात्र सवार थे, जिनमें से कई घायल हो गए।

पाकिस्तान की सेना और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और इस घटना के लिए ‘भारतीय आतंकी एजेंटों’ को दोषी ठहराया। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया गया।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ने कहा, ”इस कायरतापूर्ण प्रायोजित हमले के योजनाकारों, उकसाने वालों का पता लगाया जाएगा और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”

बलूचिस्तान में हुए इस हमले में अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। साल 2014 में पाकिस्तान में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक में 130 से अधिक स्कूली बच्चों की जान चली गई थी। यह पेशावर के एक सैन्य स्कूल पर हुआ था। उस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली थी।

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वक्फ इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं…न ही संविधान के तहत मौलिक अधिकार

केंद्र ने SC में कहा

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं है। इसलिए इस पर संविधान के तहत मौलिक अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने शीर्ष कोर्ट से यह बात कही।

मेहता ने कहा, वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता, लेकिन जब तक इसे इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं माना जाता, तब तक अन्य दलीलों का कोई मतलब नहीं है।” केंद्र ने यह जवाब वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया। मेहता ने अधिनियम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर दावा करने का अधिकार नहीं है, भले ही वह जमीन वक्फ के रूप में घोषित की गई हो।

उन्होंने आगे कहा, “कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर दावा नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है, जो कहता है कि अगर संपत्ति सरकारी है और वक्फ के रूप में घोषित की गई है, तो सरकार उसे बचा सकती है।” सॉलिसिटर जनरल ने जोर देकर कहा, “वक्फ संपत्ति एक मौलिक अधिकार नहीं है। इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई थी। अगर कोई अधिकार विधायी नीति के तहत दिया गया है, तो उसे हमेशा वापस लिया जा सकता है।”

चीफ जस्टिस (सीजेआई) बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अप्रैल में संसद से पारित किया गया था और पाँच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद यह कानून बन गया। लोकसभा में इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े थे, जबकि राज्यसभा में समर्थन में 128 और विरोध में 95 मत पड़े थे।

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देश में 26 हजार करोड़ के विकास कार्यों का बीकानेर में लोकार्पण

पीएम मोदी बोले—करणी माता के आशीर्वाद से मजबूत हो रहा विकसित भारत का संकल्प

बीकानेर 22 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में 26 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि करणी माता के आशीर्वाद से विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत हो रहा है।

देशभर के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, लेफ्टिनेंट गवर्नर्स और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और लाखों लोगों की ऑनलाइन भागीदारी के बीच प्रधानमंत्री ने बीकानेर की धरती से विकास का नया संकल्प दोहराया।

26000 करोड़ की विकास परियोजनाएं

प्रधानमंत्री ने बताया कि थोड़ी देर पहले बीकानेर में 26 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, जो आधुनिक भारत की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। उन्होंने राजस्थान सहित देशभर के नागरिकों को बधाई दी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर 6 गुना ज्यादा निवेश

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का ‘महायज्ञ’ चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सड़कों, एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशनों और अन्य ढांचागत संरचनाओं के निर्माण पर सरकार पहले की तुलना में छह गुना अधिक निवेश कर रही है।

विकास के प्रतीक बने नए ब्रिज और ट्रेन नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे आधुनिक ब्रिज और ट्रेन नेटवर्क का ज़िक्र करते हुए कहा— “उत्तर में बृजेश ब्रिज, पूर्व में असम का बोगीबील ब्रिज, पश्चिम में मुंबई का समंदर पर बना अटल सेतु और दक्षिण में बम बम ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट आज भारत की नई पहचान बन रहे हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनों के ज़रिए देश का रेल नेटवर्क आधुनिक हो रहा है। आज करीब 70 रूट पर वंदे भारत ट्रेनें दौड़ रही हैं, जिससे दूरदराज़ के क्षेत्रों तक आधुनिक रेल सेवाएं पहुंच रही हैं।

देशवासियों को प्रधानमंत्री की बधाई

कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा—”मैं राजस्थान के मेरे भाई-बहनों को, और देशवासियों को इन विकास कार्यों के लिए दिल से बधाई देता हूं। ये परियोजनाएं नए भारत की नींव मजबूत करेंगी।”

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सांसद राजीव प्रताप रूडी ने गरखा में शहीद के परिजनों से की मुलाकात

सांसद  राजीव प्रताप रूडी ने  शहीद मोहम्मद इम्तियाज को श्रद्धांजलि दी

गरखा, 21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में मिस्र, क़तर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर रवाना होने से पहले, सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  राजीव प्रताप रूडी ने आज गरखा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत स्थित नारायणपुर गांव का दौरा किया और सीमा सुरक्षा बल के शहीद सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज के परिजनों से मुलाकात की।

शहीद के परिवार को ढांढस बंधाते हुए श्री रूडी ने कहा कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों का योगदान युगों तक स्मरणीय रहेगा। इस दौरान सांसद के साथ बिहार सरकार के मंत्री सह अमनौर विधायक  कृष्ण कुमार मंटू, पूर्व विधायक  मुनेश्वर चौधरी, पूर्व विधायक  ज्ञानचंद मांझी, जदयू जिलाध्यक्ष  अल्ताफ राजू,  वैद्यनाथ प्रसाद विकल, जिला उपाध्यक्ष  श्यामसुंदर प्रसाद, जिला प्रवक्ता  संजय सिंह, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  राकेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष  हरेंद्र सिंह, महामंत्री  निरंजन शर्मा भी मौजूद रहे।

सांसद ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बुजुर्गों से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। राजीव प्रताप रूडी  ने कहा कि शहीद मोहम्मद इम्तियाज के प्रति यह श्रद्धांजलि न केवल एक सैनिक के सम्मान में है, बल्कि उन सभी परिवारों के प्रति आदर है, जिन्होंने अपने लाल देश के लिए समर्पित किए हैं। सांसद  रूडी ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों की सेवा ही राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च रूप है।

मैं इस पुण्य कार्य से ऊर्जा लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के विदेश दौरे पर जा रहा हूँ, जहाँ भारत की आवाज़ को वैश्विक मंच पर और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा से पहले ऐसे पुण्य स्थल पर आकर मुझे नई ऊर्जा मिली है, जिसे लेकर मैं भारत की आवाज़ को और मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रख सकूंगा।

रुडी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का विदेश दौरा भारत की एकजुटता, राष्ट्रीय संप्रभुता और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ दृढ़ प्रतिबद्धता को साझा करने का अवसर है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारत की सोच, संकल्प और नीति को स्पष्ट संदेश के रूप में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे।

मालूम हो कि प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे का उद्देश्य भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को वैश्विक मंचों पर स्पष्ट रूप से रखना है। यह यात्रा हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निरंतर लड़ाई का प्रतीक है।

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विकसित भारत की नींव बनेंगे अमृत स्टेशन

– जया वर्मा सिन्हा

नई दिल्ली , 21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश में परिवर्तन तीव्र गति से और स्पष्ट रूप से हो रहा है, जिसे हर नागरिक और आगंतुक सहजता से देख और अनुभव कर सकते हैं। यह विकास अब केवल नीतियों और राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भवनों, सड़कों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

देश में बने एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हुए यह महसूस होता है कि राज्यों के बीच संपर्क में सुधार हुआ है और यात्रा अधिक सुगम हो गई है। इसका उदाहरण वे आधुनिक हवाई अड्डे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते हुए भारत को एक वैश्विक पहचान दिलाते हैं। यह परिवर्तन स्मार्ट शहरों के निर्माण के हिस्से के रूप में हो रहा है, जहां आधुनिक तकनीक, स्मार्ट भवनों और दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से विकास को गति मिल रही है।

पहले रेलवे का नजरअंदाज किया गया था, लेकिन अब यह भी इस परिवर्तन का हिस्सा बन चुका है। भारतीय रेलवे स्टेशनों को पहले केवल भीड़-भाड़ वाले, नीरस स्थान के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब इन्हें आधुनिक रूप में तब्दील किया जा रहा है। इनका उद्देश्य केवल एक यात्री के आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक केंद्र और शहरों की पहचान के रूप में उभरना है। पहले जहां स्टेशन केवल यातायात का केंद्र थे, वहीं अब ये एक नई पहचान और उच्चतम मानक वाली सुविधाओं के साथ विकसित हो रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन परियोजना इस बदलाव का केंद्र बिंदु है। भारतीय रेलवे की अगुवाई में, इस परियोजना के तहत देशभर में 1,300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यह सिर्फ भौतिक संरचनाओं और तकनीकी सुविधाओं को जोड़ने का काम नहीं, बल्कि यह भारत के सार्वजनिक स्थानों के प्रति दृष्टिकोण को बदलने की दिशा में एक कदम है। इस परियोजना का उद्देश्य है कि रेलवे स्टेशनों को न केवल यात्री सुविधाओं के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाए।

पहले जहां रेलवे स्टेशन केवल एक बडे़ पैमाने पर यात्रियों के आवागमन के स्थान होते थे, अब ये शहरों की पहचान और जीवनशैली के प्रतीक बन गए हैं। इन स्टेशनों को अब एक नए दृष्टिकोण से डिजाइन किया जा रहा है, जहां केवल ट्रेनों का संचालन ही नहीं, बल्कि लोगों के अन्य आवश्यक कामकाज भी पूरे होते हैं। अमृत भारत स्टेशन परियोजना का प्रमुख उद्देश्य दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना है।

इसमें रेलवे स्टेशनों का मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है, जो न केवल यात्रियों की संख्या और यातायात को ध्यान में रखे, बल्कि हर स्टेशन के स्थानीय परिप्रेक्ष्य, संस्कृति और शहर के विकास की जरूरतों को भी समाहित करे। यह योजना प्रत्येक स्टेशन के लिए अनुकूल और जरूरी सुधारों की दिशा में अग्रसर है, ताकि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक अनुभव मिल सके।

इसमें छोटे बदलावों से कहीं ज्यादा, रेलवे स्टेशनों को एक जीवंत सार्वजनिक स्थल में बदलने की प्रक्रिया है, जो परिवहन, खरीदारी, पर्यटन और सामाजिक मिलन केंद्र के रूप में कार्य करता है। अब इन स्टेशनों का डिज़ाइन ऐसी योजनाओं पर आधारित है, जो यात्रियों के आराम और उनकी सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखे।

स्टेशनों के डिज़ाइन में पारंपरिक तत्वों के साथ-साथ आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन न केवल अपनी सौंदर्यता से बल्कि अपनी उपयोगिता से भी लोगों के जीवन में योगदान करें। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और डिज़ाइन में सुधार, यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए दिव्यांगजनों और वृद्धों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और विशेष रास्ते बनाए जा रहे हैं। स्टेशन अब केवल आवागमन का स्थान नहीं रहेंगे, बल्कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेंगे, जहाँ लोग सिर्फ यात्रा करने के लिए नहीं, बल्कि आनंद और विश्राम के लिए भी आएंगे।

अमृत भारत स्टेशन परियोजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, खुला और सभी के लिए सुलभ स्थान बनाना है, जहां हर व्यक्ति अपनी जरूरतों और अनुभवों के अनुसार सुविधाओं का लाभ उठा सके। इस परियोजना के माध्यम से भारतीय रेलवे की सोच में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है, जहां यात्रा के स्थान को एक नए और समग्र दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

लेखिका जय वर्मा सिन्हा भारतीय रेल की पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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अब बस्तर बंदूक नहीं, विकास के लिए पहचाना जाएगा : विष्णुदेव साय

नक्सल कमांडर बसवराजु मुठभेड़ में ढेर

रायपुर/नारायणपुर, 21 मई 2025 (एजेंसी)  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेता बसवराजु का खात्मा इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह पूरे देश के लिए एक बड़ी कामयाबी है और इसका श्रेय हमारे वीर जवानों को जाता है।

मैं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह का विशेष आभार प्रकट करता हूं, जिनके मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण यह संभव हो सका। यह कहना है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का, जिन्होंने नारायणपुर जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता पर प्रतिक्रिया दी।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों में चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने अब तक 27  नक्सलियों को मार गिराया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मुठभेड़ में माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु को ढेर कर दिया गया है। उस पर भारत सरकार ने 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। बसवराजु की मौत को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने वाला कदम मान रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य को बदलने वाला क्षण है। अब वह समय दूर नहीं जब बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे क्षेत्र हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के केंद्र के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और ऑपरेशन को अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा।

इस कार्रवाई में शामिल सुरक्षाबलों को मुख्यमंत्री ने सलाम करते हुए कहा कि — इनकी बहादुरी ने इतिहास रच दिया है। यह सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे भारत की जीत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसवराजु की मौत से माओवादी संगठन में गहरी हलचल होगी और उनके नेटवर्क के टूटने की प्रक्रिया अब तेज़ हो जाएगी। यह मुठभेड़ नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ते भारत की नई तस्वीर है।

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खडग़े के बयान पर भड़की भाजपा, सुंधाशु त्रिवेदी बोले- ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना बताना सेना का अपमान है

नई दिल्ली ,21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए बयान पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना कहना न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों का भी अपमान है।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को एक बयान में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य और पराक्रम के प्रतीक ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना कहना न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों के साहस और 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान भी है। इससे पहले, राहुल गांधी ने भी भारतीय विमानों और अन्य संबंधित मामलों पर अनुचित टिप्पणियां की थीं, जैसा कि वे पहले भी बार-बार करते रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी और अब मल्लिकार्जुन खडग़े के बयानों के बाद स्पष्ट हो गया है कि हाल के दिनों में ‘इंडी गठबंधन’ के नेताओं के बयान आकस्मिक नहीं, बल्कि एक सुविचारित, भारत-विरोधी और पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने वाली विचारधारा से प्रेरित हैं। खडग़े का बयान यह भी दर्शाता है कि ‘इंडिया गठबंधन’ नाम रख लेने से कोई दिल से इंडियन नहीं हो जाता।

आज तथाकथित ‘इंडिया गठबंधन’ के नेताओं के बयान जिस तरीके से पाकिस्तान की मीडिया में, पाकिस्तान की संसद में, पाकिस्तान की डिफेंस फोर्सेज की ब्रीफिंग में, पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिए जा रहे हैं, मुझे लगता है कि ‘इंडिया गठबंधनÓ का नाम इंडिया रखना मुखौटा है, अंदर से ऐसा दिखाई पड़ता है कि यह ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ पाकिस्तान’ होता चला जा रहा है।

सुधांशु त्रिवेदी ने शहबाज शरीफ के बयान का जिक्र करते हुए कहा, मैं खडग़े को एक बात याद दिलाना चाहता हूं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ऑन रिकॉर्ड एक बयान है। शाहबाज शरीफ ने कहा कि हमें रात को 2:30 बजे 9 और 10 मई की दरमियानी रात को जगाया और कहा कि हिंदुस्तान ने हमारे नूर खान एयरबेस के ऊपर मिसाइल गिरा दी है।

अगर इसके बाद भी कांग्रेस, खडग़े और राहुल गांधी को छिटपुट घटना नजर आती है तो यह दर्शाता है कि उनकी सोच कितनी छोटी है। यह वही पार्टी है, जिसके नेता सिद्धू पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष को गले मिल चुके हैं।

यही नहीं, उनके नेता मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर पीएम मोदी को हटाने की गुजारिश कर चुके हैं और उनकी सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी आतंकवादियों के लिए आंसू तक बहा चुकी हैं। इससे एक बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि कांग्रेस की सोच राष्ट्रवाद के लिए जितनी छोटी है, आतंकवाद के लिए उनकी खाल उतनी ही मोटी है।

उन्होंने कहा, आज ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस और ‘इंडी गठबंधन’ के नेताओं में पाकिस्तान के चैनलों में अपनी पॉपुलैरिटी पाने की एक होड़ लग गई है। हो सकता है कि खडग़े का बयान कर्नाटक की स्थानीय राजनीति से भी प्रेरित हो, क्योंकि जब सिद्धारमैया के बयान को पाकिस्तानी में पॉपुलैरिटी मिल गई तो उन्हें क्यों नहीं मिली?

कांग्रेस नेताओं के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वे लोग पाकिस्तान में पॉपुलैरिटी हासिल करना चाहते हैं। भले ही इसमें भारत की गरिमा और सेना के शौर्य का अपमान क्यों न हो? इसलिए हम इस बयान को निंदनीय तो मानते हैं, पर कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा मानते हैं।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर कहा, प्राप्त समाचारों के अनुसार मुर्शिदाबाद हिंसा पर एसआईटी की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हिंदुओं को लक्षित करके और सुनियोजित ढंग से हिंसा की गई। इसमें तृणमूल कांग्रेस के नेता शामिल थे।

पुलिस का रवैया हिंसा को रोकने की जगह तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के कार्यों को अनदेखी करता दिखाई पड़ा है। इससे एक बात साफ हो गई कि हिंदू समाज को टारगेट करके, उनके विरुद्ध हिंसा करने की श्रृंखला मुर्शिदाबाद से लेकर पहलगाम तक साफ दिखाई पड़ रही है।

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मिशन पाक बेनकाब : आज विदेश दौरे पर निकलेगा भारत का पहला डेलिगेशन

सबूतों के साथ खोलेगा पाकिस्तान की पोल

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ा कूटनीतिक अभियान शुरू किया है, जिसमें 7 उच्चस्तरीय डेलिगेशन को दुनिया के 32 देशों में भेजा जाएगा। इनका उद्देश्य आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान की साजिशों को बेनकाब करना और भारत की स्थिति को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखना है।

इस डेलिगेशन में सभी दलों के कुल 51 नेता और 85 राजनयिक शामिल हैं। खास बात यह है कि सिर्फ सत्तारूढ़ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, जेडीयू, शिवसेना, सीपीआई और IUML जैसे विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी इस मुहिम का हिस्सा हैं।

 बुधवार को रवाना हो रहे पहले डेलिगेशन का नेतृत्व जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा करेंगे। यह दल जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया, साउथ कोरिया और सिंगापुर का दौरा करेगा। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे की अगुवाई में गुरुवार को रवाना होने वाला दूसरा डेलिगेशन यूएई, कांगो, सिएरा लियोन और लाइबेरिया का दौरा करेगा। डीएमके सांसद कनिमोझी की अध्यक्षता वाला तीसरा डेलिगेशन भी गुरुवार को रवाना होगा। यह दल रूस, स्लोवेनिया, ग्रीस, लात्विया और स्पेन का दौरा करेगा।

कांग्रेस नेता शशि थरूर चौथे डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे जो अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा। इस दौरे का मकसद वहां की सरकारों और संस्थाओं को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई से अवगत कराना है।

भारत सरकार का यह व्यापक कूटनीतिक प्रयास यह दर्शाता है कि अब देश सिर्फ आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि proactive diplomacy के ज़रिए वैश्विक समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास करेगा।

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रान्या राव गोल्ड स्मग्लिंग केस में ED का बड़ा एक्शन

कर्नाटक के गृह मंत्री के हॉस्पिटल पर की रेड

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े गोल्ड तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर से जुड़े अस्पताल और सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में छापेमारी की है। ईडी की जांच में रान्या राव और गृहमंत्री परमेश्वर से संबंधित मेडिकल कॉलेज के बीच संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जानकारी सामने आई है। ईडी फिलहाल अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई अन्य लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।

हाल ही में इस हाई-प्रोफाइल गोल्ड स्मगलिंग केस में मुख्य आरोपी रान्या राव और सह आरोपी तरुण कोंडारू राजू को विशेष आर्थिक अपराध अदालत ने जमानत दे दी थी। जस्टिस विश्वनाथ सी. गौदर ने आदेश में कहा कि दोनों आरोपी देश नहीं छोड़ सकते और दोबारा ऐसा अपराध नहीं कर सकते। अगर उन्होंने ये शर्तें तोड़ीं, तो जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।

हालांकि कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद, रान्या राव को अभी रिहाई नहीं मिल पाई है। दरअसल, उनके खिलाफ विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (COFEPOSA) के तहत भी मामला दर्ज है। जब तक इस कानून के तहत उन्हें जमानत नहीं मिलती, जेल से बाहर नहीं आ सकेंगी। गौरतलब है कि DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) अब तक अदालत में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

बताया जा रहा है कि रान्या राव सोने की तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ी हुई थीं, और इसी नेटवर्क के जरिए काले धन को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) का भी काम होता था। इस पूरे काले कारोबार की कड़ी गृहमंत्री परमेश्वर से जुड़ी संस्थाओं तक पहुंचने लगी है, जिससे राजनीतिक हलकों में भी खलबली मच गई है। ईडी की कार्रवाई आगे और तेज हो सकती है, और आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।

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देशभक्ति खून से आती है, कागज या फॉर्म भरने से नहीं, मनजिंदर सिरसा का राहुल गांधी पर वार

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सवाल उठाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि देशभक्ति खून से आती है, कागज या फॉर्म भरने से नहीं आती है। राहुल गांधी चीन से चंदा लेते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं, फिर भी वह अपने आपको भारतीय बोलते हैं।

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी कभी हमारे देश के नहीं हो सकते हैं। राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी इस देश से नहीं हैं। देशभक्ति कागज या फॉर्म भरने से नहीं, खून से आती है। अगर फॉर्म भरने से देशभक्ति आती, तो फिर रोहिंग्या और बांग्लादेश के अंदर भी देशभक्ति होती। हम देश के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं।

राहुल गांधी के अंदर ये जज्बा नहीं है। राहुल गांधी चीन से चंदा लेते हैं, तुर्की में अपना दफ्तर खोलते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। वह इंग्लैंड के अपने कागज और पासपोर्ट लेकर घूमते हैं। फिर भी अपने आपको भारतीय बताते हैं, ऐसे लोगों के अंदर देशभक्ति नहीं आ सकती है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के “छिटपुट युद्ध” वाले बयान पर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उनको एक बार बॉर्डर पर भेज दीजिए। तब उन्हें पता चलेगा कि ‘छिटपुट’ क्या होता है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के ऑपरेशन सिंदूर से ‘हमें क्या फायदा हुआ’ वाले बयान पर भी सिरसा ने पलटवार किया। सिरसा ने महबूबा मुफ्ती को घेरते हुए कहा कि उन्हें तो कुछ भी नहीं मिलना था।

महबूबा मुफ्ती जिनकी चिंता कर रही हैं, वो बचने वाले नहीं हैं, जो बच गए हैं वो भी खत्म होने वाले हैं, उनकी चिंता मत करिए, इस देश की चिंता करिए जो आपको खाने को देता है। इस देश की चिंता करिए, जिसने आपको राज दिया है, जिनको बचाने के लिए वह आराधना कर रही हैं, उनको अब कोई नहीं बचा पाएगा।

तिरंगा यात्रा को लेकर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “मुझे आज बहुत खुशी है, हमारी तीनों सेनाओं के पराक्रम के लिए दिल्ली की सड़कों पर सिख समुदाय तिरंगा झंडा लेकर निकले हैं। हम सेना के जवानों को बताना चाहते हैं, जिन्होंने 100 किलोमीटर पाकिस्तान के अंदर घुसकर दुश्मनों को मिट्टी में मिलने का काम किया है।

हम उनके शौर्य और वीरता को सलाम करते हैं। मैं सेना के जवानों को कहना चाहता हूं कि हम उनकी मां के चरणों में शीश झुकाकर उनकी वंदना करते हैं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद देशभर में भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली में बुधवार को सिख समुदाय की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी हिस्सा लिया।

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इजरायल के पीएम ने पूरे गाजा पर कब्जा करने का किया ऐलान

इलाका खाली करने के दिए आदेश

इजरायल ,21 मई (एजेंसी) । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ सैन्य अभियानों के बीच गाजा पट्टी पर पूरी तरह से नियंत्रण की घोषणा कर दी है। टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा कि लड़ाई तीव्र है। हम प्रगति कर रहे हैं। हम गाजा के पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण करेंगे। हम हार नहीं मानेंगे। इजरायली डिफेंस फोर्स ने इसे लेकर अभियान तेज कर दिया है।
दक्षिणी गाजा के खान यूनिस और आस-पास के इलाकों को खाली करने के आदेश जारी किए हैं।

फिलिस्तीन के लोगों से कहा गया है कि वे तुरंत इलाका छोड़ दें। इजरायल की सेना ने गाजा में बड़े स्तर पर नया जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। नेतन्याहू ने टेलीग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, लड़ाई बहुत तेज है और हम आगे बढ़ रहे हैं। हम गाजा पट्टी के सभी इलाकों पर नियंत्रण कर लेंगे। हम हार नहीं मानेंगे, लेकिन सफल होने के लिए हमें इस तरह काम करना होगा जिसे रोका न जा सके।

नेतन्याहू ने कहा, हमें व्यावहारिक और कूटनीतिक दोनों कारणों से गाजा की आबादी को अकाल की ओर नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इजरायल के मित्र देश भी बड़े पैमाने पर भुखमरी की तस्वीरों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को सीजफायर पर अपना रुख साफ करते हुए कुछ शर्तें रखी थी।

उन्होंने कहा था कि किसी भी प्रस्ताव पर तब तक बातचीत नहीं होगी, जब तक हमारे सभी बंधकों को रिहा नहीं कर दिया जाता। नेतन्याहू ने शर्त रखी थी कि गाजा को हथियारों से पूरी तरह खाली किया जाना चाहिए और हमास के आतंकियों को गाजा से बाहर जाना होगा। यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता की नई कोशिशों पर बात हो रही है।

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बलूचिस्तान में लोगों को बलपूर्वक गायब कर रहा पाकिस्तान

क्वेटा ,21 मई (एजेंसी) । पाकिस्तान सरकार द्वारा बलूचिस्तान क्षेत्र से लोगों को जबरन गायब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। एक मानवाधिकार संस्था ने पाकिस्तान के इस कृत्य को मानवता के विरुद्ध अपराध बताया है।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग, पांक ने सोमवार को खुलासा किया कि, पाकिस्तानी सेना ने सात और बलूचों को जबरन गायब कर दिया है।

रविवार को, मस्तुंग के किल्ली शेखान इलाके के निवासी वजीर खान के बेटे वकास बलूच को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जबरन हिरासत में लिया और उसके घर से ले गए। मई महीने में ऐसी घटना कई बार हो चुकी है।

अन्य पीडि़तों का खुलासा करते हुए पांक ने कहा, 18 मई, 2025 को, पाकिस्तानी सेना ने ग्वादर जिले के पसनी तहसील के जिमुरी इलाके के निवासी इज्जत बलूच के बेटे नवीद बलूच को, मस्तुंग के किल्ली शादी खान इलाके के निवासी सालेह मुहम्मद शाद के बेटे एडवोकेट चीफ अत्ताउल्लाह बलूच को जबरन उसके घर से हिरासत में लिया और फिर गायब कर दिया।

16 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों ने बरपी के बेटे शाह नवाज बलूच को उसके पिता के साथ मिलिटरी कैंप नाली बुलाया था, जो अवारन जिले के मश्कई तहसील के लकी इलाके में रहता था। उसके पिता को जाने की अनुमति दे दी गई, लेकिन शाह नवाज को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और तब से वह गायब है।

एक अन्य घटना में, 17 मई को, नसीराबाद के निवासी अमीन उल्लाह बलूच को सेना ने कलात के शेखरी इलाके से जबरन गायब कर दिया था। उसी दिन से, नसीराबाद के निवासी 13 वर्षीय फियाज अली का कोई पता नहीं चल रहा है।

मानवाधिकार संस्था ने आगे बताया कि शनिवार को, नसीराबाद के निवासी पेशे से जमींदार नियाज अली को कलात के शेखरी इलाके से जबरन गायब कर दिया गया था।

पिछले सप्ताह पांक ने खुलासा किया था, अप्रैल और मई के बीच, बलूचिस्तान के कई जिलों में पांच और लोगों को जबरन गायब कर दिया गया था। लगातार हो रही ये घटनाएं क्षेत्र में भय, दंड से मुक्ति और राज्य दमन के निरंतर माहौल को दिखा रही हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, पीडि़तों को अक्सर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया, वारंट के ले जाया जाता है, और परिवार अपने प्रियजनों के ठिकाने या उनकी भलाई के बारे में कोई जानकारी न होने के कारण हमेशा मुश्किल में पड़े रहते हैं।

जबरन गायब करने की प्रथा को मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, और अपराधियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

पांक ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, जिनमें जबरन या अनैच्छिक गायब किए जाने पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय शामिल है, से आग्रह किया था कि वे पाकिस्तान पर दबाव डालें और जबरन गायब किए गए सभी व्यक्तियों को तुरंत रिहा करे और बलूचिस्तान में अपनी दमनकारी नीतियों को समाप्त करे।

मानवाधिकार विभाग ने बताया कि, बलूचिस्तान में बलूचों को जबरन गायब करने की हो रही लगातार घटना व्यापक और व्यवस्थित नीति को दर्शाती हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विवाद करना उचित नहीं : चिराग पासवान

पटना ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय विषयों पर जितनी राजनीति करनी है कीजिए, लेकिन ऐसे मुद्दों पर जहां पूरी दुनिया आपको देख रही है, वहां विवाद उचित नहीं है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह समझना होगा कि दुनिया में आप भारत की कैसी छवि दे रहे हैं। वैसे इसका कारण समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा, प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्टी के ही नेताओं के नाम दिए गए हैं।

अब कौन कांग्रेस ‘में’ है और कौन कांग्रेस ‘का’ है, यह कौन जानता है। जब आपको अपनी ही पार्टी के नेताओं पर इतना संदेह है, तो ऐसे लोगों को पार्टी में रखते ही क्यों हैं? जब अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर इस तरह करेंगे, तो भारत की कैसी छवि आप अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर पेश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हकीकत यह है कि इन लोगों की अपनी पार्टी में गुट बने हुए हैं। तकलीफ इनको यह है कि जो इनकी गणेश परिक्रमा करते हैं, उनका नाम नहीं दिया जा रहा और ऐसे लोगों का नाम दिया जा रहा है, जो सच में काबिल हैं।

ये लोग काबिल लोगों को प्रमोट नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि इनको डर रहता है कि ऐसे लोग उनसे आगे नहीं निकल जाएं। आज की तारीख में जब दुनिया आपको देख रही है, आतंकी मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जाना जरूरी है। इस पर राजनीति करना सही नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल में पार्टियों से नाम मांगे जाने और नहीं मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संसदीय प्रणाली का हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बिहार में आगामी सम्मेलन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह अच्छी बात है।

राहुल गांधी को बिहार याद रहा है, लेकिन उनको भूलना नहीं चाहिए कि उनकी ही पार्टी ने कई सालों तक यहां शासन चलाया है। जो कार्य आप उस समय नहीं कर पाए, अब करने की सोच रहे हैं, तो यह अच्छी बात है।

चिराग पासवान ने बिहार में पलायन को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इसकी चिंता है। पलायन रोकने के लिए डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, बिहार के लिए अगला पांच साल स्वर्णिम काल है।

उन्होंने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर साफ लहजे में कहा कि वे मेरे पिता तुल्य हैं। अगर कोई उन्हें अपशब्द कहेगा, तो उसके खिलाफ सबसे पहले मैं खड़ा होऊंगा। मैं उनकी नीतियों का विरोध जरूर करता हूं और उसे लेकर जनता के पास भी जाऊंगा।

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बेंगलुरु समेत अन्य जिलों में बारिश से 5 की मौत, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

बेंगलुरु,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु समेत कई हिस्सों में सोमवार से शुरू हुई बारिश अभी तक जारी है। बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कर्नाटक के पास अरब सागर के ऊपर 21 मई से चक्रवाती परिसंचरण के बारे में चेतावनी दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती गतिविधि तेज होने से 22 मई को और तेज बारिश होगी। प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी है।

पिछले 36 घंटे से हो रही बारिश की वजह से सड़कें पानी से लबालब हैं और यातायात अवरुद्ध हो गया है। कई इलाकों में सैंकड़ों लोग फंसे हुए हैं।

बेंगलुरु के एनएस पाल्या में अपार्टमेंट से बारिश का पानी निकालते समय एक 12 वर्षीय लड़के सहित दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई।

महादेवपुरा में एक परिसर की दीवार गिरने से 35 वर्षीय महिला दब गई। रायचूर और करवार में बिजली गिरने से 2 अन्य मौतें हुईं हैं।

बेंगलुरु में रविवार को 105 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो 15 साल में दूसरी बार सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। सोमवार को शहर में 37.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।

आईएमडी बेंगलुरु केंद्र के निदेशक एन पुवियारसु ने बताया कि जितनी बारिश हो रही है, वह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन बेंगलुरु जैसे शहरों में कंक्रीट निर्माण अधिक है, जिससे जल निकासी के लिए रास्ते बंद हो गए हैं।

आईएमडी ने संभावना जताई कि बेंगलुरु समेत अन्य जिलों में 26 मई तक भारी बारिश हो सकती है। बुधवार 21 मई को तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

सबसे अधिक बारिश बागलकोट, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, बेलगाम, चिक्काबल्लापुरा, धारवाड़, गडग, कोलार, कोप्पल, विजयनगर, कलबुर्गी, शिवमोग्गा, विजयपुरा, देवनागरी, रायचूर, यादगीर, बल्लारी, उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ में होगी।

कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु में बारिश का रेड अलर्ट है। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी तेज बारिश होगी।

भारत के दक्षिण में मानसून आने में अभी 6 से 7 दिन शेष हैं, लेकिन मानसून पूर्व बारिश ने आफत मचानी शुरू कर दी है। वहीं उत्तर भारत में लोग गर्मी से तप रहे हैं।

आईएमडी वैज्ञानिकों ने बताया कि फिलहाल कुछ दिन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के इलाकों में लू की संभावना नहीं है, लेकिन राजस्थान और हरियाणा में गर्म हवाएं तेज हो सकती हैं। बता दें कि केरल में 27 मई को दक्षिण पश्चिम मानसून आएगा।

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पकड़ी गई शादी कर भागने वाली लुटेरी दुल्हन? 7 महीने में 25 दूल्हों को ठगा

जयपुर,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कभी-कभी बॉलीवुड फिल्म सच्ची कहानियों पर बनती हैं, तो कभी उनसे प्रेरणा लेकर लोग अपनी कहानी गढ़ लेते हैं। ऐसा ही वाकया मध्य प्रदेश के भोपाल में सामने आया, जहां 23 वर्षीय अनुराधा पासवान को गिरफ्तार किया गया है।

अनुराधा पर 7 महीने में 25 लोगों से शादी कर ठगी करने का आरोप है। यह कहानी बिल्कुल वैसी है, जैसी 2015 में आई सोनम कपूर की फिल्म डॉली की डोली की थी।

दरअसल, 2 मई, 2025 को राजस्थान के मानटाउन निवासी विष्णु शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी दुल्हन शादी के 3 दिन बाद ही घर से नकदी, जेवर और मोबाइल लेकर फरार हो गई।

शर्मा ने पुलिस को बताया कि खंडवा निवासी सुनीता और पप्पू मीना ने मनपसंद लड़की से शादी कराने के लिए तस्वीर दिखाई थी, जिसमें उसे अनुराधा पसंद आई।

इसके बाद उसने सवाई माधोपुर कोर्ट में फर्जी एग्रीमेंट से 2 लाख रुपये देकर शादी की।

सवाई माधोपुर में पहली बार पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने वाले पीडि़त शर्मा ने बताया कि वह ठेला लगाते हैं और बैंक से कर्ज लेकर शादी की थी उन्होंने मोबाइल भी उधार लिया था, जिसे भी लेकर अनुराधा फरार हो गई थी।

राजस्थान पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर विशेष टीम गठित की। उसने भोपाल में मुखबिरों के जरिए फर्जी शादी कराने वाले गिरोह से संपर्क किया।

टीम ने एक सिपाही को अविवाहित बताकर शादी की योजना बनाई और तभी एजेंटों ने पुलिसकर्मियों को लड़की पसंद करने के लिए कई तस्वीर दिखाई, जिसमें अनुराधा देखने पर पुलिस सतर्क हुई।

इसके बाद टीम ने भोपाल के पन्नाखेड़ी गांव में पहुंचकर अनुराधा को गिरफ्तार किया। वहां भी अनुराधा शादी करके रह रही थी।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह भोपाल से संचालित होता था, जिसमें रोशनी, सुनीता, रघुवीर, गोलू, मजबूत सिंह यादव और अर्जन नाम के लोग जुड़े हुए थे।

ये भोपाल में अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे और मोबाइल पर शादी के लिए इच्छुक लोगों को तस्वीरें दिखाकर 2 से 5 लाख रुपये में शादी करवाते थे।

शादी के बाद दुल्हन दूल्हे के घर से सारा माल समेटकर फरार हो जाती थी। पुलिस अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

अनुराधा पासवान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की रहने वाली है। वह पहले एक अस्पताल में काम करती थी। उसने पारिवारिक विवाद के बाद अपना घर छोड़ दिया था।

इसके बाद वह काम के सिलसिले में भोपाल गई, जहां व्हाट्सऐप के जरिए मैच-मेकिंग कराने वाले गिरोह से जुड़ गई। इसके बाद उसने 7 महीने के अंदर करीब 25 शादियां की।

पुलिस को उसके पास से कई दस्तावेज और कागज भी मिले हैं। उससे पूछताछ जारी है।

पिछले साल भी ऐसा मामला आया था, जिसमें उत्तराखंड की सीमा ने कई लोगों से शादी करके फिर तलाक लेकर 1.25 करोड़ रुपये ठगे थे। शादी के बाद सीमा परिवार को फंसाने की धमकी देकर लूटती थी। वह तलाकशुदा और विधुर पुरुषों को फंसाती थी।

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सीएम जो भी विभाग देंगे मुझे स्वीकार होगा : छगन भुजबल

मुंबई ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है।

देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं।

इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।

भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी।

बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया।

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नेहरू ने किसानों का पेट काटकर पाक को दिया पानी

शिवराज बोले- पीएम मोदी ने यह अन्याय खत्म किया

भोपाल ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पूसा भवन में किसानों के साथ मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सिंधु जल समझौते और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब तक किसानों के हक का पानी पाकिस्तान जा रहा था, लेकिन पीएम मोदी ने कई सालों से चले आ रहे अन्याय को खत्म कर दिया।

उन्होंने पाकिस्तान पर चुटकी लेते हुए कहा कि पाकिस्तान सोच रहा था कि, तुर्किए, चीन के ड्रोन, मिसाइल दाग कर वो भारत को डरा लेगा, लेकिन सेना ने उनके ड्रोन और मिसाइल को खिलौनों की तरह मार कर गिराया। अब उस मलबे से हमारे बच्चे खेल रहे हैं। तीन दिन में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। गर्व है हमारी सेना के

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये ऐतिहासिक फैसला है, सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया, ये साधारण घटना नहीं है। सिंधु जल समझौता जब हुआ तब पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, उन्होंने 80त्न पानी पाकिस्तान को दे दिया।

केवल पानी ही नहीं दिया, पानी के साथ 83 करोड़ रुपए भी दिए, जिसकी वर्तमान में कीमत है 5 हजार 500 करोड़ रुपए है। अपने देश के किसानों का पेट काटकर हम उनको पानी दे रहे जो आतंकियों को पैदा करने के लिए जवाबदार है।

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मीर जाफर से राहुल गांधी की तुलना पर भड़के कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

नई दिल्ली ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से करने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सख्त एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि फिर तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी जयचंद कहना चाहिए।

पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति सात बार कहते हैं कि उन्होंने व्यापार रोकने की धमकी दी, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया। क्या पहलगाम का बदला पूरा हो गया था? पहलगाम में निर्दोष लोगों का खून बहाने वाले सभी आतंकी मारे गए।

कांग्रेस नेता ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन की शुरुआत में अमेरिका और पाकिस्तान को सूचित किया था। ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना क्यों जरूरी था? अगर आप शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित कर सकते थे, तो आपने पुंछ के लोगों को क्यों नहीं बताया कि आप क्या कर रहे थे? आपने अपने नागरिकों की सुरक्षा क्यों नहीं की?

एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत सरकार से सवाल पूछना बहुत स्वाभाविक है, हम पाकिस्तान से नहीं पूछेंगे।

पाकिस्तान को हमारी सेना ने अच्छी तरह से जवाब दिया और डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में जानकारी दी, और पूरा देश उनके साथ है। जो हमारी सेना ने बताया है, हमें उस पर पूरा भरोसा है।

लेकिन सरकार और राजनेताओं से विस्तृत जानकारी इसलिए मांगी जा रही है क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद कहा था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि इस देश का राजनीतिक नेतृत्व डरपोक है, जो अमेरिका के दबाव में सीजफायर के फैसले के लिए तैयार हो गया।

पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पीएम मोदी से कुछ सवालों के जवाब मांगती है। पीएम मोदी बताएं कि किन कारणों से सीजफायर करना पड़ा। आखिर वह क्या वजह थी कि सिंदूर का सौदा किया गया? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को पहले क्यों सूचित किया गया? पहलगाम आतंकवादी हमला किसकी चूक की वजह से हुआ? इसके पीछे जो लोग हैं, उन पर सरकार क्या एक्शन ले रही है?

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राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे : रामदास आठवले

दमन ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश दादर एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव के दौरे पर पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सरकार से सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।

आठवले ने कहा कि ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करके राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का नुकसान किया है। ऐसे समय में सबको पीएम मोदी के साथ खड़ा रहना चाहिए, चाहे पक्ष हो या विपक्ष।

लेकिन विपक्षी दल कभी कहता है कि हम सब साथ हैं और अगले ही क्षण वह सबूत मांगने लगता है। अगर वह इसी तरह से पाकिस्तान के सपोर्ट में रहेंगे, तो पाकिस्तान उनको अवॉर्ड दे सकता है।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर विपक्ष संसद का विशेष सत्र बुलाने और इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से चर्चा की मांग कर रहा है।

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ जासूस मिले हैं जो पाकिस्तान के लिए काम कर रहे थे।

हरियाणा की ज्योति मल्होत्रा जैसे गद्दार हैं जो देशहित में काम नहीं करते। देश में रहकर भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। ये सब आईएसआई के एजेंट हैं। उन पर सरकार को शिकंजा कसना जरूरी है।

उन्होंने दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव को राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यहां की जनसंख्या को देखते हुए राज्य बनाना कुछ कठिन जरूर होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राज्य में गुजरात के वलसाड जिले को भी शामिल किया जाना चाहिए।

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झारखंड एसीबी ने शराब घोटाले में सीएम हेमंत के पूर्व सचिव विनय चौबे को किया गिरफ्तार

रांची ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शराब घोटाले में राज्य के सीनियर आईएएस विनय कुमार चौबे को लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार शाम गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद उन्हें सिविल कोर्ट में एसीबी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी ने राज्य में पिछले डेढ़ दशक में पहली बार किसी आईएएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है।

विनय कुमार चौबे वर्तमान में पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं। इससे पहले वे झारखंड के उत्पाद विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उनके घर पर एसीबी की टीम ने मंगलवार सुबह दबिश दी थी और इसके बाद करीब 11 बजे उन्हें पूछताछ के लिए साथ लेकर अपने कार्यालय पहुंची थी।

एसीबी ने उनसे झारखंड में 2022 में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर लागू हुई एक्साइज पॉलिसी की कथित गड़बडिय़ों के बारे में पूछताछ की। उस वक्त चौबे झारखंड में एक्साइज सेक्रेटरी के पद पर पदस्थापित थे।

झारखंड के शराब घोटाले की जड़ें छत्तीसगढ़ से जुड़ी हैं, जहां शराब घोटाले में स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के अफसरों और कई बड़े कारोबारियों की भूमिका सामने आ चुकी है। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जांच वहां की आर्थिक अपराध शाखा ने शुरू की थी। इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में जांच शुरू की।

ईडी को इस दौरान यह जानकारी मिली कि जिस सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला किया, उसी ने झारखंड में भी नई उत्पाद नीति लागू करवाई और यहां भी उसी तर्ज पर घोटाला दोहराया गया। इसी आधार पर ईडी की छत्तीसगढ़ इकाई ने झारखंड के तत्कालीन एक्साइज सेक्रेटरी विनय चौबे को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।

पूछताछ के दौरान चौबे ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उत्पाद नीति सरकार की सहमति से लागू की गई थी।

बाद में झारखंड के एक व्यक्ति ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट ने ही झारखंड में सुनियोजित घोटाला किया।

आरोप है कि झारखंड की उत्पाद नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के लोगों को फायदा मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के सहयोग से सिंडिकेट ने मिलकर झारखंड में शराब की सप्लाई और होलोग्राम सिस्टम के ठेके हासिल किए। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ।

छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले को आधार बनाते हुए ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद अक्टूबर 2024 में आईएएस विनय चौबे सहित कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद झारखंड एसीबी ने राज्य सरकार की अनुमति के बाद पीई (प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी) दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में गड़बडिय़ों के सबूत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और इसके बाद आईएएस विनय चौबे से पूछताछ की गई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे चेकअप के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। मेडिकल जांच के बाद चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया।

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चप्पल से निकला 3.86 करोड़ का सोना, मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी नागरिक गिरफ्तार

मुंबई ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अदीस अबाबा से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे चाड के एक नागरिक को गिरफ्तार किया।

इसके पास से 3.86 करोड़ रुपये मूल्य का 4,015 ग्राम सोना जब्त किया गया, जिसे उसने अपनी चप्पलों की एड़ी में छिपाकर रखा था। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई के अधिकारियों ने मुंबई पहुंचने के तुरंत बाद ही चाड के नागरिक को पकड़ा। उसने बेहद चतुराई से चप्पल की एड़ी में सोने के कई ‘बार’ छुपा रखे थे।

अधिकारियों ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चाड के नागरिक ने सीमा शुल्क जांच और कानूनी पहचान से बचने के लिए असामान्य तरीके से सोना छिपाया था। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत सोने को जब्त कर लिया गया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि तस्करी किया गया सोना किसके पास ले जाया जा रहा था या किसने इसे मंगाया था, उसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है। यह भी जांच का विषय है कि क्या यह घटना किसी व्यापक तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है।

अप्रैल 2025 के एक पहले के मामले में, डीआरआई मुंबई ने बैंकॉक से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे एक यात्री से 6.30 करोड़ रुपये का विदेशी मूल का सोना जब्त किया था।

यात्री के सामान के विशेष रूप से डिजाइन किए गए डिब्बों में छिपा हुआ सोना भी सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया, और व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया गया था।

डीआरआई अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखता है, कीमती धातुओं और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के प्रयासों को विफल करने के लिए खुफिया जानकारी एकत्र करने और निगरानी के संयोजन का उपयोग करता है।

एजेंसी ने ऐसे अपराधों पर नकेल कसने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो आर्थिक स्थिरता और सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट से रिटायर्ड जजों को मिलेगा वन रैंक, वन पेंशन

नई दिल्ली ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों की पेंशन को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से रिटायर्ड जजों के लिए वन रैंक, वन पेंशन के आदेश दिए हैं।

सीजेआई जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। सीजेआई जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने अपने फैसले में कहा, चाहे उनकी प्रारंभिक नियुक्ति का स्रोत कोई भी हो, चाहे वह जिला न्यायपालिका से हो या वकीलों में से हो, उन्हें प्रति वर्ष न्यूनतम 13.65 लाख रुपए पेंशन दी जानी चाहिए।

सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा कि हम मानते हैं कि एडिशनल जजों के परिवार के सदस्यों को भी वे सभी लाभ मिलेंगे, जो हाई कोर्ट के जजों के परिवारों को मिलते हैं। सरकार हाई कोर्ट के रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश को 15 लाख प्रति वर्ष की पूरी पेंशन देगी। साथ ही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और एडिशनल जजों को 13.6 लाख प्रति वर्ष की पूरी पेंशन देगी।

उन्होंने आगे कहा, जज चाहे वकील से बनाए गए हों या जिला न्यायपालिका से हाई कोर्ट आए हों, उन्हें पूरी पेंशन मिलेगी। पारिवारिक पेंशन और विधवा लाभ न्यायाधीशों के परिवार और एडिशनल जजों के परिवार दोनों को समान देना होगा।

चीफ जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने फैसले में कहा कि केंद्र सभी न्यायाधीशों के लिए वन रैंक, वन पेंशन के सिद्धांत का पालन करेगा, चाहे वे किसी भी उच्च न्यायालय में कार्यरत हों।

बता दें कि जस्टिस बीआर गवई हाल ही में भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। सीजेआई बनने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं। उनसे पहले जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन इस पद पर आसीन रहे थे। जस्टिस बालाकृष्णन साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे।

उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने 16 मार्च 1985 को वकालत की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे उच्च न्यायालय में स्वतंत्र वकालत की, और इसके बाद मुख्य रूप से नागपुर पीठ के समक्ष विभिन्न मामलों की पैरवी करते रहे।

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भारत की बांग्लादेश पर इकोनॉमिक स्ट्राइक, लैंड पोर्ट्स बंद

770 मिलियन डॉलर का दिया झटका

नई दिल्ली ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अब उन देशों के खिलाफ भी एक्शन मोड में आ गया है जो पाकिस्तान और चीन के करीबी माने जाते हैं। इस लिस्ट में अब बांग्लादेश का नाम भी जुड़ गया है।

भारत ने बांग्लादेश के लिए बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक करते हुए उसके लैंड पोर्ट्स के ज़रिए व्यापार पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले से बांग्लादेश को करीब 770 मिलियन डॉलर (9,367 करोड़ बांग्लादेशी टका) का तगड़ा झटका लग सकता है। लैंड रूट बंद होने के चलते जमीनी बंदरगाहों पर जाम लग गया है। ट्रक सामान लादे खड़े हैं।

पिछले दिनों चीन में बांग्लादेश के एक प्रतिनिधि मोहम्मद युनूस द्वारा भारत विरोधी टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया। इसके चलते भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को 9 अप्रैल 2025 को वापस ले लिया। यह वही सुविधा थी जिसके तहत बांग्लादेश भारतीय बंदरगाहों और दिल्ली एयरपोर्ट के ज़रिए मिडल ईस्ट और यूरोप को माल एक्सपोर्ट करता था।

भारत ने अब रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड्स और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स जैसे बांग्लादेशी सामानों के लिए लैंड पोर्ट्स को पूरी तरह बंद कर दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के नए निर्देशों के मुताबिक, बांग्लादेश से भारत में इन प्रोडक्ट्स का आयात अब केवल दो समुद्री बंदरगाहों – कोलकाता और न्हावा शेवा (महाराष्ट्र) – के ज़रिए ही किया जा सकेगा।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इस फैसले से बांग्लादेश को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। रिपोर्ट बताती है कि अब तक भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाले कुल व्यापार का करीब 93त्न हिस्सा लैंड पोर्ट्स से आता था। इन बंदरगाहों के बंद होने से न केवल एक्सपोर्ट की लागत बढ़ेगी, बल्कि इससे बांग्लादेश के सबसे फायदेमंद एक्सपोर्ट रूट पर सीधा असर पड़ेगा।

ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले रेडीमेड गारमेंट्स की सालाना वैल्यू करीब 618 मिलियन डॉलर है, जो अब सिर्फ दो सी-पोर्ट्स से होकर ही भारत पहुंचेगी। लैंड पोर्ट्स बंद होने का सीधा मतलब है – ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा, डिलिवरी टाइम बढ़ेगा और मार्केट कॉम्पिटिटिवनेस घटेगी। इसका असर बांग्लादेश की निर्यात अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा पड़ेगा।

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