There will be no more seat blocking in NEET-PG counseling, Supreme Court has imposed a ban

नीट-पीजी काउंसलिंग में अब नहीं होगी सीट ब्लॉकिंग, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के दौरान चल रही सीट ब्लॉकिंग जैसी अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए नीट-पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया में सुधार के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सीट ब्लॉकिंग से निचली रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को फायदा जबिक उच्च रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाता है। सीट ब्लॉकिंग गहरी प्रणालीगत खामियों को भी दर्शाता है।

जस्टिस जे.बी. पारडीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह फैसला दिया है, जो कि देशभर में मेडिकल पीजी एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ एनईईटी पीजी परीक्षाओं के लिए मेडिकल प्रवेश/परामर्श प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर सीटों को ब्लॉक करने के मुद्दे पर विचार कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग की गड़बडिय़ों से सीटों की वास्तविक उपलब्धता विकृत हो जाती है, उम्मीदवारों के बीच असमानता बढ़ती है और अक्सर प्रक्रिया योग्यता से अधिक संयोग से संचालित होती है।

कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग केवल एक अलग-थलग गलत काम नहीं है। यह खंडित शासन, पारदर्शिता की कमी और कमजोर नीति प्रवर्तन में निहित गहरी प्रणालीगत खामियों को दर्शाता है।

एनईईटी-पीजी काउंसलिंग में सीट ब्लॉकिंग तब होती है जब उम्मीदवार अस्थायी रूप से सीटें स्वीकार करते हैं, लेकिन बाद में अधिक पसंदीदा विकल्प प्राप्त करने के बाद उन्हें छोड़ देते हैं।

इससे वे सीटें पहले दौर में अनुपलब्ध रहती हैं और बाद के चरणों में ही खुलती हैं, जिससे उच्च रैंक वाले उम्मीदवारों को नुकसान होता है, जो पहले से ही कम पसंदीदा विकल्पों के लिए प्रतिबद्ध हो सकते हैं।

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