केदारनाथ में पहले दिन 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

केदारनाथ 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद पहले ही दिन (शुक्रवार को) दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला।

पहले दिन रिकॉर्ड 30,154 तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम 7 बजे तक 19,196 पुरुष, 10,597 महिलाएं और 361 बच्चों सहित कुल 30,154 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में भक्तों का तांता लग गया। ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, स्थानीय व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं। केदारनाथ धाम, चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा है। हर वर्ष यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आकर बाबा केदार के दर्शन करते हैं। इस वर्ष यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं में जो उत्साह देखने को मिला है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

बता दें कि शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालु अब अगले छह महीनों तक बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे। शुक्रवार सुबह 7 बजे शुभ मुहूर्त में विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ खोले गए। मंदिर के कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।

कपाट खुलते समय आर्मी बैंड ने मधुर धुनें बजाईं। इस दौरान केदारनाथ घाटी श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठी। इस अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी वागेश लिंग, तीर्थ पुरोहित, बीकेटीसी के पदाधिकारी, स्थानीय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इससे पहले, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बीते बुधवार को 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे थे। बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। अब चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।

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जम्मू-कश्मीर, गुजरात और लद्दाख में लगे भूकंप के झटके

रिक्टर पैमाने पर मापी गई इतनी तीव्रता

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर, गुजरात और लद्दाख में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ है।

गुजरात में रात करीब 1:10 बजे रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। वहीं जम्मू-कश्मीर में 2.7 तीव्रता और लेह-लद्दाख क्षेत्र में 3.9 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही।

गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के अनुसार, यह इलाका भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। बीते 200 वर्षों में गुजरात में नौ बड़े भूकंप आ चुके हैं। वर्ष 2001 में 26 जनवरी को कच्छ में आए विनाशकारी भूकंप में 13,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

भूकंप पृथ्वी की आंतरिक प्लेटों की हलचल का परिणाम होते हैं। खासकर हिमालयी क्षेत्र में भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टकराहट से इस क्षेत्र में लगातार भू-गर्भीय तनाव बनता है, जो समय-समय पर भूकंप का कारण बनता है।

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मुझे सुसाइड बम दीजिए, मैं बांधकर पाकिस्तान जाऊंगा

पहलगाम तनाव के बीच कर्नाटक के मंत्री का बयान वायरल

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद देशभर में सुरक्षा की मांग तेज हो गई है। इसी बीच कर्नाटक के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बी.जेड. जमीर खान ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि उन्हें पाकिस्तान में हमला करने के लिए सुसाइड बम मुहैया कराया जाए।

जमीर खान ने कहा, “हम हिन्दुस्तानी हैं और पाकिस्तान हमारा शत्रु रहा है। अगर पीएम मोदी तथा अमित शाह अनुमति दें तो मैं स्वयं सुसाइड बम बांधकर पाकिस्तान जाकर हमला कर दूंगा।” उन्होंने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए घटना को “निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अमानवीय कृत्य” बताया और सभी भारतीयों से ऐकजुट होने की अपील की।

22 अप्रैल को बैसरन मैदान में हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों से कठोर कार्रवाई की मांग अब और तेज हो गई है।

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दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान का कहर, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- दिल्ली, एनसीआर और उत्तर भारत के कई इलाकों में शुक्रवार को आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और गरज के साथ हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस भीषण तूफान में अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राजधानी दिल्ली में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

इसके अलावा, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 200 से अधिक उड़ानें या तो रद्द की गईं या फिर घंटों देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसम का बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है, जिससे तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी हुई है।

आज, 3 मई को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आज भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

आगामी दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। 4 मई से 6 मई तक हर दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, और इन दिनों भी “थंडरस्टॉर्म विद रेन” की चेतावनी दी गई है। 7 और 8 मई को भी बादल छाए रहेंगे और इस दिन भी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिन राहत के नहीं होंगे और जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें, पेड़ों और पुराने भवनों के पास खड़े न हों और मौसम से संबंधित अलर्ट पर ध्यान दें। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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गोवा में धार्मिक यात्रा के दौरान मची भगदड़, सात लोगों की मौत ; 40 से अधिक घायल

पणजी 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): गोवा के शिरगांव में लैराई देवी मंदिर में भगदड़ मचने से सात लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए। सीएम प्रमोद सावंत अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल लिया। सीएम ने अफसोस जाहिर करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे इस दर्दनाक हादसे को लेकर जानकारी ली।

सीएम ने एक्स पोस्ट पर लिखा- आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया, इस कठिन समय में अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की।

बता दें, यह घटना शनिवार तड़के हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के पीछे भीड़भाड़ एक बड़ा कारण हो सकता है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के एक हिस्से के नियंत्रण खो देने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। स्थानीय लोगों और मंदिर के स्वयंसेवकों ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दौड़ लगाई।

भगदड़ उस समय हुई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में सदियों पुरानी रस्म को देखने और उसमें भाग लेने के लिए उमड़े थे, जहां नंगे पैर ‘धोंड’ जलते अंगारों पर चलते हैं।

श्री लैराई यात्रा हर साल उत्तरी गोवा में आयोजित की जाती है, जिसमें 50,000 से ज़्यादा श्रद्धालु आते हैं। भगदड़ तब हुई जब धार्मिक यात्रा के एक बिंदु पर ढलान के कारण भीड़ एक साथ तेजी से आगे बढ़ने लगी।

रिपोर्ट के अनुसार, घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने कहा, “श्रीगाओ में लैराई देवी मंदिर में हुई भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

” यात्रा के लिए 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। भीड़ की गतिविधियों पर हवाई निगरानी के लिए ड्रोन भी लगाए गए थे।

इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सावंत, उनकी पत्नी सुलक्षणा, राज्यसभा सांसद सदानंद शेट तनावड़े और विधायक प्रेमेंद्र शेट और कार्लोस फरेरा ने यात्रा का दौरा किया था।

यह मंदिर उत्तरी और दक्षिणी स्थापत्य शैली के मिश्रण के लिए जाना जाता है, यहां हर साल मई में शिरगाओ जात्रा का आयोजन किया जाता है। इस त्योहार में आग पर चलने का पारंपरिक अनुष्ठान होता है, जिसमें हजारों भक्त आते हैं।

मौलिंगम सहित आस-पास के इलाकों के ग्रामीण पूरे दिन देवी लैराई को समर्पित धार्मिक अनुष्ठानों और प्रसाद में भाग लेते हैं, जैसा कि गोवा पर्यटन वेबसाइट पर बताया गया है।

लैराई जात्रा के दौरान आधी रात के करीब आते ही, भक्त मंदिर के अंदर एक जोशीला गोलाकार नृत्य करते हैं, जिसमें ढोल की थाप के साथ ताल में लाठी टकराते हैं।

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नोएडा में बारिश बनी लोगों के लिए मुसीबत, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

नोएडा ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव और फिसलन ने हालात और बिगाड़ दिए। इसका सीधा असर लोगों के दफ्तर जाने के समय पर पड़ा।

जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही, जिससे हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रहा, जहां कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई और वाहन रेंगते नजर आए।

दलित प्रेरस्थल के सामने भी ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब रही। वहां पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे स्थानीय लोग और ऑफिस जाने वाले यात्री घंटों तक फंसे रहे। कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भी वाहनों की संख्या बढऩे से स्थिति गंभीर हो गई।

दिल्ली से नोएडा की ओर आने-जाने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई इलाकों, जैसे बिसरख, ईकोटेक, और टेक जोन में भी जाम की स्थिति देखने को मिली।

नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और ट्रैफिक को डायवर्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, भारी वाहन और जलभराव की वजह से जाम खुलवाने में परेशानी आ रही है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सामान्य से दोगुना समय लग रहा है।

कुछ लोगों ने तो मेट्रो या बाइक का सहारा लिया, जबकि कई लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी हो तभी यात्रा करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पर और दबाव पड़ सकता है।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर तेज हवाओं से बड़ा हादसा, टर्मिनल 3 पर टिन की छत गिरी

नई दिल्ली ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे  पर आए तेज तूफान और भारी हवाओं के कारण एक हादसा हुआ है। एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर तेज हवा के दबाव के चलते टिन की छत का एक हिस्सा नीचे गिर गया।

घटना के तुरंत बाद, हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे में फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

हवाई अड्डे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गिरी हुई छत से हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, इस घटना का हवाई अड्डे के सामान्य संचालन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है और उड़ानों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है।

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योगी सरकार की बड़ी पहल, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा राशनकार्ड

लखनऊ  ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार अब विशेष अभियान चलाकर ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराएगी।

इसके तहत उन्हें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं। यह कदम समाज के इस उपेक्षित वर्ग को न केवल भोजन की सुरक्षा देगा, बल्कि उन्हें शासन की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा।

उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को अवगत कराया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिक आज भी आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं। सामाजिक असमानताओं के चलते न तो उनके पास स्थायी रोजगार है और न ही राशन कार्ड जैसी बुनियादी सरकारी सुविधा। इससे वे खाद्य सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की नीति के तहत इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए अब इन वंचित नागरिकों के लिए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें नियमित खाद्यान्न की आपूर्ति दी जाएगी।

खाद्य एवं रसद विभाग ने समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें। राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।

इस अभियान के अंतर्गत पात्रता की पुष्टि के उपरांत संबंधित व्यक्तियों को पात्र गृहस्थी श्रेणी में सम्मिलित कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित किया जाएगा।

योगी सरकार का यह कदम उनके उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत सबका साथ, सबका विकास की भावना को व्यवहार में उतारा जा रहा है। ट्रांसजेंडर समुदाय, जो अक्सर समाज की उपेक्षा का शिकार होता आया है, अब समान अधिकारों और सुविधाओं का लाभ पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी अक्सर कहते हैं कि उत्तर प्रदेश का कोई भी नागरिक चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।

राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को वृद्धाश्रम की सुविधा देने का फैसला किया गया है, जिससे उन्हें न केवल आश्रय मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं भी दी जाएंगी।

इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है। जिलाधिकारी की देखरेख में यह सेल संचालित हो रही है।

अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है। साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिससे वे शिक्षा की मुख्यधारा में आकर आत्मनिर्भर बन सकें।
योगी सरकार का लक्ष्य एक समावेशी समाज का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले। ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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रातों की नींद हराम.. पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा- मैसेज तो पहुंच गया

मंच पर बैठे थे थरूर और केरल के सीएम

तिरुवनंतपुरम ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत के पहले डीप-सी ऑटोमेटेड पोर्ट के निर्माण में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आभारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह पोर्ट भविष्य का वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब होगा। अदाणी ने कहा, हम सब मिलकर एक मजबूत और साहसी भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 8,900 करोड़ रुपए की लागत वाले विझिनजाम इंटरनेशनल डीप-वाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद गौतम अदाणी ने कहा कि यह दूरदर्शिता, मजबूती और साझेदारी की जीत है। इस मौके पर दिए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी चुटकी ली। उन्होंने इस दौरान शशि थरूर और केरल के मुख्यमंत्री पर भी टिप्पणी की है।

पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से मैं कहना चाहूंगा कि आप तो ढ्ढहृष्ठढ्ढ गठबंधन के बहुत बड़े पीलर हैं, यहां शशि थरूर भी बैठे हैं और आज का ये इवेंट कई लोगों की नींद हराम कर देगा। मैसेज चला गया जहां जाना था। इस मौके पर पीएम मोदी ने शशि थरूर से हाथ मिलाया और उनसे रुककर कुछ देर बात भी की।

उन्होंने आगे कहा कि मैं पोर्ट का विजिट करके आया हूं। जब गुजरात के लोगों को पता चलेगा कि अदाणी समूह ने यहां केरल में ऐसा पोर्ट बनाया है, जबकि ये बीते 30 साल से पोर्ट (क्षेत्र पर) पर काम कर रहे हैं, लेकिन वहां उन्होंने ऐसा पोर्ट नहीं बनाया तब उन्हें गुजरात के लोगों का गुस्सा सहन करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी न कहा कि आज भगवान आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। तीन साल पहले सितंबर में मुझे उनकी जन्मभूमि में जाने का सौभाग्य मिला था। मुझे खुशी है कि मेरे संसदीय क्षेत्र काशी में विश्वनाथ धाम परिसर में आदि शंकरार्य जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। पीएम मोदी ने केरल और केदारनाथ का कनेक्शन जोड़ते हुए कहा कि मुझे उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में भी आदि शंकराचार्य जी की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का भी सौभाग्य मिला है।

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पिठोरिया थाना के पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़कर थाने में आराम करते पाए गए

डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिंहा ने किया सस्पेंड

रांची,02.05.2025 – :  डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिंहा ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 4 पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कदम 30 अप्रैल की रात किए गए औचक निरीक्षण के बाद उठाया गया, जिसमें पिठोरिया थाना के पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़कर थाने में आराम करते पाए गए। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी में अजय पासवान, जेएसआई, पिठोरिया थाना, श्यामानंद पासवान, जेएसआई, पिठोरिया थाना, अमृत प्रसाद मेहता, जेएसआई, पिठोरिया थाना और नीरज कुजूर, आरक्षी, पीसीआर-22 शामिल हैं।

बता दें कि 30 अप्रैल की रात हेडक्वार्टर डीएसपी वन अमर कुमार पांडे ने पिठोरिया थाने का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय थाने में कोई भी पुलिसकर्मी गश्ती ड्यूटी पर नहीं था। अमृत प्रसाद मेहता, जो गश्त पर होने चाहिए थे, थाने में आराम कर रहे थे। श्यामानंद पासवान ओडी ड्यूटी में तैनात थे लेकिन थाने से गायब थे। अजय पासवान भी आराम करते मिले, और उनके खिलाफ पूर्व में दुर्व्यवहार की शिकायतें भी दर्ज थीं। इसके अलावा नीरज कुजूर, जो पीसीआर 22 पर तैनात थे, रात्रि ड्यूटी से गायब पाए गए।

यह पहली बार नहीं है जब पिठोरिया थाना को लेकर कार्रवाई हुई है। 22 फरवरी को भी एसएसपी चंदन कुमार ने औचक निरीक्षण के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी गौतम राय को निलंबित किया था। उस समय भी थाने की स्टेशन डायरी तक अद्यतन नहीं थी और ड्यूटी पर कोई मौजूद नहीं था। इस कार्रवाई के जरिए रांची एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिठोरिया थाना को लेकर बार-बार मिल रही शिकायतों ने इस कार्रवाई को आवश्यक बना दिया।

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एनसीपी (एसपी) के जयंत पाटिल ने फुले को टैक्स फ्री करने की उठाई मांग

मुंबई 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शिक्षक, समाज सुधारक ज्योतिराव गोविंदराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित विवादित फिल्म ‘फुले’ को महाराष्ट्र में टैक्स फ्री करने की मांग की गई है। महाराष्ट्र एनसीपी (एसपी) के विधायक जयंत पाटिल ने इसे लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।

टैक्स फ्री की मांग को लेकर जयंत पाटिल ने अपने पत्र में कहा कि 25 अप्रैल को निर्देशक अनंत महादेवन की फिल्म ‘फुले’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, जिसे दर्शक पसंद कर रहे हैं। हमारी मांग है कि इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें।

महाराष्ट्र सीएम को सौंपे गए पत्र में उन्होंने लिखा, “सर, महात्मा फुले और सावित्रीबाई का इतिहास दलितों के लिए पानी की टंकी खोलने, शिक्षा के लिए दरवाजे खोलने, महिला शिक्षा के लिए कदम उठाने तक ही सीमित नहीं है।

इससे भी अधिक बड़ा काम उन्होंने किया है। उनके काम का प्रभाव इतना जबरदस्त है कि जैसे 19वीं सदी में उनके काम का विरोध हुआ, वैसे ही 21वीं सदी में उनकी फिल्म का भी विरोध देखने को मिला।

परिणामस्वरूप सेंसर बोर्ड ने फिल्म के करीब 12 सीन काट दिए। इंसानियत और उसके अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले जोड़े की इस संघर्ष यात्रा को हर किसी को देखना चाहिए। उनके बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए जिम्मेदार लोगों को भी यह फिल्म दिखानी चाहिए। इससे गलतफहमियां दूर होंगी।

उन्होंने आगे लिखा, “इस फिल्म के जरिए हमें समाज के उत्थान के लिए किए गए आंदोलन का जीवंत इतिहास देखने को मिलेगा। मेरा सरकार से अनुरोध है कि ‘फुले’ को टैक्स फ्री कर अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें। परिवर्तनकारी, प्रगतिशील महाराष्ट्र बनाने वाले महान व्यक्तित्वों का सम्मान किया जाना चाहिए। हमारे गौरवशाली इतिहास की छाप हर किसी के मन पर अंकित होनी चाहिए।”

बता दें, महाराष्ट्र से पहले बिहार, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी ‘फुले’ को टैक्स फ्री करने की मांग की गई है। राष्ट्रीय लोक जनता दल के जिला अध्यक्ष रमेश कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फिल्म को टैक्स फ्री के लिए पत्र सौंपा। वहीं, ओबीसी ट्रस्ट ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को पत्र लिखकर टैक्स फ्री करने की बात कही।

‘फुले’ सामाजिक कार्यकर्ता ज्योतिराव गोविंदराव फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने जातिगत भेदभाव के खिलाफ और महिलाओं के शिक्षा के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ी थी। फिल्म में अभिनेता प्रतीक गांधी ने महात्मा फुले की भूमिका निभाई है। वहीं, पत्रलेखा सावित्रीबाई फुले की भूमिका में हैं।

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मंत्री प्रतापराव जाधव ने किया योग संगम पोर्टल का शुभारंभ

मुंबई 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक में ‘योग संगम पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए लोग आगामी 21 जून को योग दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए पंजीकरण सुविधा उपलब्ध होगी। योग दिवस के अवसर पर देश के एक लाख से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने पोर्टल के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बातचीत में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आगामी 21 जून को हम योग दिवस मनाने जा रहे हैं, जिसे लेकर अभी से ही तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है।

इसके अलावा, योग दिवस से पहले हम देश के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, जिनमें हम लोगों को योग के महत्व के बारे में बता रहे हैं, ताकि वे इसे अपने जीवन में आत्मसात कर सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अपना योगदान दे सकें।

उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून को प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर देशभर में तैयारी हो रही है। इन तैयारियों को लेकर हमने अपनी तरफ से पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा। इस तरह के कार्यक्रम में हम लोगों को योग से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे।

उन्होंने कहा कि इस 21 जून को देशभर के 1 लाख से भी अधिक स्थानों पर योग से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। हम लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करेंगे। मैं समझता हूं कि योग हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम हमले के संदर्भ में कहा कि यह एक निंदनीय कृत्य है, जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए, कम है। जिस तरह से पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया गया, वह निंदनीय है। यह हमारी आत्मा पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से इसका निश्चित तौर पर माकूल जवाब दिया जाएगा।

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नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाक, LOC पर फिर किया सीजफायर का उल्लंघन

सेना ने दिया तगड़ा जवाब

नई दिल्ली 02 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर अपनी नापाक हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर से संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की है। सेना के मुताबिक एक-दो मई की रात के दौरान, पाकिस्तानी सैन्य चौकियों से फायरिंग की गई।

पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा के पार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर क्षेत्रों में यह गोलीबारी की है। बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान सेना ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की। वहीं भारतीय सेना के जवानों ने संयमित लेकिन सटीक तरीके से फायरिंग का जवाब दिया। यह लगातार आठवां दिन है जब पाकिस्तानी सेना द्वारा जम्मू कश्मीर से लगी नियंत्रण रेखा पर फायरिंग की गई है। पाकिस्तानी सेना बीते शुक्रवार से नियंत्रण रेखा पर फायरिंग कर रही है।

इस बीच अमेरिका ने भारत के साथ होने की बात कही है। अमेरिका ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने कहा है, “अमेरिका भारत के साथ एकजुटता में खड़ा है और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है।”

गौरतलब है कि आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की निर्मम तरीके से हत्या की थी। इसके बाद से पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर भी संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है। वहीं इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को फोन पर बातचीत की।

इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा हुई। अमेरिका ने पहलगाम आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस चर्चा में भारत ने अमेरिका को बताया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन, प्रशिक्षण और फंडिंग दे रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को फोन कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मासूम नागरिकों की जान जाने पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

गुरुवार को हुई इस वार्ता के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और फंडिंग देने का रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पाकिस्तान एक धूर्त राष्ट्र के रूप में उजागर हो चुका है, जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है।

दुनिया अब आतंकवाद पर आंखें मूंदे नहीं रह सकती।” रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक समुदाय को ऐसे जघन्य आतंकी कृत्यों की स्पष्ट और दृढ़ निंदा करनी चाहिए। इस बातचीत में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के पूर्ण समर्थन की पुनः पुष्टि की। इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई की रात के दौरान, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर के सामने नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की थी।

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पहलगाम अटैक के बाद साइबर अपराधियों के निशाने पर भारत

10 लाख से अधिक ऑनलाइन हमले रिपोर्ट

नई दिल्ली 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पर बड़े पैमाने पर साइबर हमला किया गया है। महाराष्ट्र साइबर सेल के अनुसार, देश पर 10 लाख से अधिक ऑनलाइन साइबर हमले दर्ज किए गए हैं। ये हमले पाकिस्तान, मिडिल ईस्ट, इंडोनेशिया और मोरक्को जैसे देशों के हैकिंग ग्रुप्स द्वारा किए गए हैं।

महाराष्ट्र साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने बताया कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद डिजिटल मोर्चे पर भी भारत को निशाना बनाया गया। इन हमलों में भारत की सरकारी वेबसाइटों और पोर्टल्स को टारगेट किया गया।

उन्होंने बताया कि हमले करने वाले कई हैकर खुद को इस्लामिक समूहों से जुड़ा बता रहे हैं और इसे एक तरह की “साइबर जंग” माना जा रहा है। हालांकि, महाराष्ट्र साइबर ने समय रहते इनमें से कई साइबर अटैक्स को नाकाम कर दिया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर विभाग ने सभी सरकारी एजेंसियों और विभागों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि वे अपने डिजिटल सिस्टम को मजबूत करें और सुरक्षा इंतजाम कड़े करें, ताकि भविष्य के हमलों से बचा जा सके।

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शुभ मुहूर्त में खोले गए केदारनाथ धाम के कपाट, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

केदारनाथ 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे।

शुक्रवार सुबह 7 बजे शुभ मुहूर्त में विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ खोले गए। मंदिर के कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। कपाट खुलते समय आर्मी बैंड ने मधुर धुनें बजाईं। इस दौरान केदारनाथ घाटी श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठी।

इस अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी वागेश लिंग, तीर्थ पुरोहित, बीकेटीसी के पदाधिकारी, स्थानीय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इससे पहले, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बीते बुधवार को 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे थे।

बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। अब चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा शुरू करने पर चारधाम यात्रा में किसी भी प्रकार की रुकावट भक्तों को नहीं आती है। यमुनोत्री, यमुना नदी का उद्गम स्थल है। यमुना जी यमराज की बहन हैं और उन्हें वरदान प्राप्त है कि वह अपने जल के माध्यम से सभी का दुख दूर करेंगी। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यमुनोत्री में स्नान करता है, उसे मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है। इसी वजह से भक्त चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से करते हैं।

हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी।

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कांग्रेस-भाजपा की नीयत बहुजन के प्रति साफ होती तो ओबीसी समाज की देश के विकास में उचित भागीदारी होती : मायावती

लखनऊ 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जातीय जनगणना को लेकर हमलावर दिखाई दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा आदि की अगर नीयत व नीति बहुजन समाज के प्रति पाक-साफ होती तो ओबीसी समाज देश के विकास में उचित भागीदार बन गया होता।

बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि काफी लंबे समय तक ना-ना करने के बाद अब केंद्र द्वारा राष्ट्रीय जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराने के निर्णय का भाजपा व कांग्रेस आदि द्वारा इसका श्रेय लेकर खुद को ओबीसी हितैषी सिद्ध करने की होड़, जबकि इनके बहुजन-विरोधी चरित्र के कारण ये समाज अभी भी पिछड़ा, शोषित व वंचित है।

उन्होंने लिखा कि कांग्रेस एवं भाजपा आदि की अगर नीयत व नीति बहुजन समाज के प्रति पाक-साफ होती तो ओबीसी समाज देश के विकास में उचित भागीदार बन गया होता, जिससे इनके मसीहा परमपूज्य बाबासाहेब डा. भीमराव अंबेडकर का ‘आत्म-सम्मान व स्वाभिमान’ का मिशन सफल होता हुआ जरूर दिखता।

बसपा प्रमुख मायावती ने आगे लिखा कि बाबासाहेब एवं बीएसपी के अनवरत संघर्ष के कारण ओबीसी समाज आज जब काफी हद तक जागरूक है, तो दलितों की तरह ओबीसी वोटों के लिए लालायित इन पार्टियों में इनका हितैषी दिखने का स्वार्थ व मजबूरी है, अर्थात् स्पष्ट है कि ओबीसी का हित बीएसपी में ही निहित है, अन्यत्र नहीं।

उन्होंने कहा कि ‘वोट हमारा राज तुम्हारा-नहीं चलेगा’ के मानवतावादी संघर्ष को सही व सार्थक बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने का समय करीब है, जिसके लिए कोताही व लापरवाही घातक तथा भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों पर दलित, ओबीसी समेत बहुजन-हित, कल्याण व उत्थान हेतु भरोसा करना ठीक नहीं है।

इसके पहले मायावती ने कहा कि देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना’ कराने का केंद्र सरकार द्वारा आज लिया गया फैसला काफी देर से उठाया गया सही दिशा में कदम है। इसका स्वागत है। बीएसपी इसकी मांग काफी लंबे समय से करती रही है। उम्मीद है कि सरकार ‘जनगणना से जनकल्याण’ के इस फैसले को समय से जरूर पूरा कराएगी।

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार के जातीय जनगणना वाले निर्णय के बाद से ही विपक्षी दलों में इस मुद्दे को अपना बताने की होड़ मची है। खासकर सपा और बसपा इसे लेकर सरकार को घेरने में जुटी हैं।

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एसोसिएशन ऑफ सिने एंड टीवी/ एड प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स का स्वर्ण जयंती समारोह संपन्न

02.05.2025 – एसोसिएशन ऑफ सिने एंड टीवी/एड प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स, जो प्रोडक्शन प्रोफेशनल्स के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक अग्रणी निकाय है, ने अपने 12वें वार्षिक पुरस्कार समारोह के साथ-साथ अपने शानदार स्वर्ण जयंती वर्ष का भी जश्न मनाया। जुहू, मुंबई स्थित इस्कॉन प्रेक्षागृह में 1 मई को आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के मुख्य अतिथि श्री रामदास आठवले राज्य मंत्री,सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय (भारत सरकार) थे।

इस कार्यक्रम में महाभारत के प्रसिद्ध श्री अर्जुन ( फिरोज खान ), श्री गजेंद्र चौहान, सुश्री आभा परमार, श्री अशोक पंडित, श्री अशोक दुबे, साजिद खान, प्रशांत वीरेंद्र शर्मा, राजीव निगम, एलेक्स ओनेल, विक्रम और कई अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी शानदार बना दिया।

इस समारोह में प्रसिद्ध श्री शुजात अली खान द्वारा एक शानदार संगीतमय प्रस्तुति और मिमिक्री आर्टिस्ट नित्यानंद आनंद द्वारा एक मनोरंजक स्टैंड-अप कॉमेडी एक्ट ने प्रेरणा दायक उत्सव, पुरानी यादों और प्रेरणा का माहौल बनाया।

इस 12वें पुरस्कार समारोह (2025) में फीचर फिल्म, टीवी सीरियल और एड फिल्मों के प्रोडक्शन से जुड़े प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स, मैनेजर, कंट्रोलर और लाइन प्रोड्यूसर्स को अवार्ड के साथ सम्मान पत्र दे कर सम्मानित किया गया। एसोसिएशन ऑफ सिने टीवी एड प्रोडक्शन एक्जीक्यूटिव एक संगठन है जो फिल्म और टीवी उद्योग में काम करने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विदित हो कि फिल्म उद्योग के उत्पादन क्षेत्र में कार्यरत उत्पादन नियंत्रकों और उत्पादन प्रबंधकों के व्यावसायिक हितों की रक्षा करने के उद्वेश्य से 1975 में स्वर्गीय श्री आर.के. हांडा, श्री राम मिलन वर्मा, श्री माणिक गुप्ता, श्री वी.के. माथुर, श्री गंगाधरम, श्री हरिंगटन बर्नार्ड ने ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926 के अंतर्गत एसोसिएशन ऑफ सिने प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स के नाम से इस एसोसिएशन की स्थापना और पंजीकरण कराया था।

स्वर्गीय श्री माणिक गुप्ता, श्री मोहम्मद शफी, श्री भूषण बर्मा और स्वर्गीय श्री ज्ञान सचदेव के कुशल और निपुण योगदान ने एसोसिएशन को मजबूती से स्थापित करने में काफी मदद की। बाद में, कवरेज का विस्तार करने और सदस्यों की संख्या में वृद्धि करने के लिए, टेलीविजन और विज्ञापन फिल्म क्षेत्र को इस एसोसिएशन में शामिल किया गया और एसोसिएशन का नाम बदलकर ‘एसोसिएशन ऑफ सिने एंड टीवी/ एड प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स’ कर दिया गया।

एसोसिएशन के उपरोक्त सदस्यों की कड़ी मेहनत और प्रयासों के कारण, इस एसोसिएशन को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज द्वारा मान्यता दी जा चुकी है। इस एसोसिएशन की यात्रा खार से लेकर नटराज स्टूडियो तक कई अस्थायी कार्यालयों से शुरू हुई थी, लेकिन जब तक कि बहुत प्रयास और समर्पण के साथ, अंधेरी पश्चिम के आदर्श नगर में आर्ट डायरेक्टर्स एसोसिएशन के साथ संयुक्त रूप से एक स्थायी कार्यालय का अधिग्रहण नहीं किया गया।

बाद में, 2004 में, एसोसिएशन गर्व से परिसर का एकमात्र मालिक बन गया। 21वीं सदी की शुरुआत ने एक नए युग की शुरुआत की, जब एसोसिएशन ने 2001 में अपने वार्षिक पुरस्कार समारोह की शुरुआत की, जिसमें पहली बार प्रोडक्शन इंडस्ट्री के गुमनाम नायकों को ट्रॉफी और सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा अपने सदस्यों को चिकित्सा सहायता, छात्रवृत्ति और संकट के दौरान वित्तीय सहायता और कार्य संपादन के बाद उचित पारिश्रमिक और कार्य स्थितियों के अनुरूप सुविधा उपलब्ध कराना ही इस एसोसिएशन का मुख्य उद्देश्य रहा है।

यहां उल्लेखनीय है कि बाद के दिनों में श्री सुरेंद्र श्रीवास्तव, श्री राधेश्याम गुप्ता, श्री प्रकाश उपाध्याय, श्री शैलेश पंड्या, श्री दीपक कुमार चौधरी, श्री संजय शर्मा, श्री इमरान मर्चेंट, श्री भावेश पंचमतिया, श्री रवि चतुर्वेदी, श्री संतोष जाधव, श्री नवीन राय, श्री किरण शाही, श्री परवेज आलम खान, श्री अशोक आर. दुबे, श्री तपन कुमार सिंह और श्री सुरेंद्र मल्होत्रा ​​जैसे नए दूरदर्शी लोगों के गतिशील नेतृत्व में, एसोसिएशन ने आधुनिकीकरण को अपनाया और अपने सदस्यों से बेहतर तरीके से जुड़ने और उनकी सेवा करने के लिए अपनी खुद की वेबसाइट लॉन्च की।

पीएमसी बैंक संकट और विनाशकारी कोविड-19 महामारी के बीच भी, एसोसिएशन अडिग रही। इसने अपने कल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखे, 2020 में सदस्य सदस्यता शुल्क माफ किया, राशन किट वितरित किए और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के सहयोग से प्रत्यक्ष रूप से अपने सदस्यों को वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान की।

50 वर्षों का यह ऐतिहासिक मील का पत्थर बन कर खड़ा एसोसिएशन ऑफ सिने एंड टीवी/एड प्रोडक्शन एग्जीक्यूटिव्स न केवल समय बीतने का प्रतीक है, बल्कि अथक दृढ़ता, एकता और प्रगतिशील दृष्टि का प्रमाण भी है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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सिने फलक पर उभरती अदाकारा दिव्या प्रधान

02.05.2025 – ‘हुक्का’, ‘बारिश की बूंदे’, ‘लबों पे तेरा नाम’ जैसी कई म्यूजिक वीडियो में अपनी आवाज और अभिनय का जलवा बिखेर चुकी सिंगर और अदाकारा दिव्या प्रधान इन दिनों बॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

400 से अधिक बार लाइव सिंगिंग परफॉर्मेंस देने वाली और देश सहित विदेशों में सफलता पूर्वक सिंगिंग शो करने वाली सिंगर और अदाकारा दिव्या प्रधान साउथ की फिल्म ‘रंगा भाई रेड्डी’ में तांत्रिक की भूमिका निभाने के बाद अब बॉलीवुड की फिल्मों में भी काम कर रही है।

दिव्या को मॉडलिंग करना अच्छा लगता है जिसके लिए वह एड फिल्म, रैम्प वॉक और फैशन शो करती रहती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के गाज़ीपुर (बनारस) की मूल निवासी

दिव्या प्रधान कहती है कि सिंगिग उनका जुनून है, वह अपने जीवन में गायन को पहला दर्जा देती है। पंडित रमाकांत तिवारी के मार्गदर्शन में उन्होंने सेमी क्लासिकल गीत गायन की शिक्षा ली है।

हिंदी, हरयाणवी और भोजपुरी में उन्होंने ढेरों गीत गाये हैं। दिव्या ने कई भोजपुरी के मशहूर कलाकारों और गायकों जैसे मनोज तिवारी, रवि किशन आदि के साथ गाना गाया है। वह भजन, लोकगीत, फिल्मी गीत और प्लेबैक गाने गाती रहती हैं और लाइव परफॉर्मेंस भी देती है।

‘मेरे प्रभु श्री राम’ और ‘ये दिल सूफियान’ म्यूजिक वीडियो की सफलता के बाद दिव्या ने अपने प्रोडक्शन हाउस ‘हैप्पी राय प्रोडक्शन’ के बैनर तले शॉर्ट फिल्म और वेब सीरीज का निर्माण कार्य भी शुरू किया है। इसके अंतर्गत वह नवोदित प्रतिभाओं को मौका देती हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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मतदाता सूची पर उठते सवालों के लिए चुनाव आयोग की पहल, उठाए 3 कदम

नईदिल्ली ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की सटीकता पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए 3 बड़े कदम उठाए हैं। उसने यह जानकारी एक विज्ञप्ति के जरिए दी।

आयोग अब मतदाता सूचियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपडेट करने के लिए मृत्यु पंजीकरण का डेटा प्राप्त करेगा और बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) को मानक पहचान पत्र जारी करेगा।

इसके साथ ही आयोग मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए कदम उठाएगा।

आयोग मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 3(5)(बी) के अनुरूप भारत के महापंजीयक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से मृत्यु पंजीकरण डेटा प्राप्त करेगा।

इससे चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को पंजीकृत मौतों के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी।

साथ ही बीएलओ भी फॉर्म 7 के तहत औपचारिक अनुरोध की प्रतीक्षा किए बिना, मौके पर जाकर जानकारी को फिर से सत्यापित कर सकेगा।
आयोग ने फैसला लिया है कि मतदाता सूचना पर्चियों को नई डिजाइन के जरिए अधिक अनुकूल बनाया जाए, ताकि मतदाताओं को अपना नाम ढूंढने में दिक्कत न हो।

इसके लिए मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी और ही फॉन्ट का आकार भी बढ़ाया जाएगा।
इससे मतदाता और मतदान अधिकारियों के लिए मतदाता सूची में उनके नाम को कुशलतापूर्वक ढूंढना आसान हो जाएगा।

आयोग अब ईआरओ द्वारा नियुक्त सभी बीएलओ को मानक फोटो पहचानपत्र जारी करेंगे, ताकि मतदाता सत्यापन और पंजीकरण अभियान के दौरान नागरिक बीएलओ को पहचान सकें और विश्वासपूर्वक बात कर सकें।

आयोग ने कहा कि मतदाताओं और आयोग के बीच पहले इंटरफेस के रूप में बीएलओ की पहचान जरूरी है, ताकि वह घर-घर जाकर आसानी से काम कर सके और पहचान बना सके।

ये सुझाव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मौजूदगी में चुनाव आयुक्तों के सम्मेलन में आए थे।

मतदाता सूची की सटीकता को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि महाराष्ट्र चुनाव के दौरान कई लाख मतदाता अचानक बढ़ गए थे। अन्य पार्टियों ने चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर घेरा था।

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पहलगाम हमले पर गृह मंत्री अमित शाह की चेतावनी

बोले-चुन-चुन कर बदला लिया जाएगा

नईदिल्ली ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के हर कृत्य का उचित और सटीक जवाब देगा।

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्रीय गृह मंत्री की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी है।

उन्होंने कहा, अगर कोई सोचता है कि कायरतापूर्ण हमला उनकी जीत है, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि यह नरेंद्र मोदी का भारत है, और एक-एक करके बदला लिया जाएगा।

शाह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चाहे उत्तर पूर्व हो, वामपंथी उग्रवाद का क्षेत्र हो या चाहे कश्मीर पर पड़ी आतंकवाद की छाया हो, हर चीज का हमने मजबूती के साथ जवाब दिया है।

उन्होंने कहा, इस देश की इंच-इंच भूमि से आतंकवाद को मूल समेत उखाडऩे का हमारा संकल्प है और वह सिद्ध होकर रहेगा…जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा हमारी लड़ाई जारी रहेगी और जिन लोगों ने यह कृत्य किया है उसका उचित दंड उन्हें मिलेगा।

पहलगाम हमले के बाद से ही भारत सरकार का बैठकों का दौर जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी तीनों सेनाओं की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ सख्ती के लिए तीनों सेनाओं को प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य का चुनाव और समय पर निर्णय लेने की खुली छूट दी है।

वहीं सरकार ने पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। जिसमें अपना एयरस्पेस बंद करना भी शामिल है।

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गडकरी को राहत, 2019 के नागपुर चुनाव पर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार

नई दिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अदालत ने अपने फैसले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ साल 2019 में नागपुर के उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिकाओं में से कुछ आरोपों को खारिज कर दिया था. इस फैसले से गडकरी को राहत मिली है.

नितिन गडकरी के नागपुर लोकसभा सीट से साल 2019 में लड़े गए इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की. पीठ ने कहा कि गडकरी 2024 के आम चुनावों में फिर से इलेक्शन जीत गए. पीठ ने कहा कि वह हाइकोर्ट के अपनाए गए तर्क से सहमत है. पीठ ने कहा, हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता.

इस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार नाना फल्गुनराव पटोले और नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नफीस खान की याचिका को पीठ ने खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के 26 फरवरी, 2021 के आदेश को चुनौती दी थी.

गौर करें तो नितिन गडकरी के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं को उच्च न्यायालय ने खारिज तो नहीं किया, लेकिन परिवार के सदस्यों की आय और उनके स्वामित्व वाली भूमि के संबंध में उनमें की गई कुछ अन्य बातों को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था.

बता दें कि नफीस खान ने आरोप लगाया था कि भोला ने अपना नामांकन पत्र और नामांकन हलफनामे में गलत जानकारी दी है. वहीं नाना फल्गुनराव पटोले ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्धारित प्रॉसेस का पालन नहीं किया गया.

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आप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं?

पहलगाम हमले पर जनहित याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है. बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए थे.

जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने पहलगाम हमले की जांच की निगरानी के लिए रिटायर जज की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं की आलोचना की और कहा कि रिटायर जज एक्स्पर्ट नहीं होते.

पीठ ने कहा, इस महत्वपूर्ण समय में देश के हर नागरिक ने आतंकवाद से लडऩे के लिए हाथ मिलाया है. क्या आप इस तरह की जनहित याचिका दायर करके सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं. इस तरह के मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में न लाएं.

याचिकाकर्ता फतेह कुमार साहू और अन्य को जनहित याचिका वापस लेने के लिए कहा गया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझें और अदालत में ऐसी कोई अपील न करें, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल गिरे.

पीठ ने याचिकाकर्ताओं में से एक से कहा, आप रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करने के लिए कह रहे हैं. वे जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि वे केवल निर्णय दे सकते हैं और किसी मुद्दे पर निर्णय ले सकते हैं. हमें आदेश पारित करने के लिए न कहें. आप जहां जाना चाहते हैं, जाएं.

बेहतर होगा कि आप वापस चले जाएं. जनहित याचिका में केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.

बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बैसरन में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. मरने वालों में अधिकतर दूसरे राज्यों से आए पर्यटक थे – इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है.

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रामदेव ने नहीं माना दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

कोर्ट बोला- किसी के नियंत्रण में नहीं

नईदिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को योग गुरु बाबा रामदेव को फटकार लगाते हुए अवमानना का नोटिस जारी करने की बात कही है।

कोर्ट ने रामदेव को हमदर्द रूहअफजा मामले में हलफनामा दाखिल करने और विवादित टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया से हटाने को कहा था।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमित बंसल को बताया गया कि रामदेव ने एक बार फिर हमदर्द के रूहअफजा के खिलाफ वीडियो फिर साझा किया ह, जिससे न्यायाधीश नाराज हो गए।

न्यायमूर्ति बंसल ने कहा, पतंजलि संस्थापक का आचरण यह दर्शाता है कि उनका किसी पर नियंत्रण नहीं है और वे अपनी ही दुनिया में जीते हैं। पिछले आदेश के मद्देनजर, उनका हलफनामा और यह वीडियो प्रथम दृष्टया अवमानना के दायरे में आते हैं। मैं अब अवमानना नोटिस जारी करूंगा। हम उन्हें सिर्फ यहां बुला रहे हैं।

कोर्ट ने 22 अप्रैल को रामदेव को हमदर्द और उसके प्रमुख उत्पाद रूहअफजा को निशाना से रोका था और हलफनामा दाखिल को कहा था।
कुछ दिन पहले रामदेव ने पतंजलि का गुलाब शरबत लॉन्च करते हुए कहा था, एक कंपनी है जो आपको शरबत देती है, लेकिन इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल मदरसे और मस्जिद बनाने में किया जाता है।

अगर आप वह शरबत पिएंगे तो मदरसे और मस्जिदें बनेंगी। लेकिन अगर पतंजलि का गुलाब शरबत पिएंगे तो गुरुकुल, आचार्य कुलम, पतंजलि विश्वविद्यालय का विस्तार होगा और भारतीय शिक्षा बोर्ड बढ़ेगा। जैसे लव जिहाद है, यह भी एक तरह का शरबत जिहाद है।

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जातीय जनगणना के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी, एआई का भी होगा इस्तेमाल

नईदिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत में एक बार फिर जाति जनगणना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दरअसल केंद्र सरकार की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि देश में जाति जनगणना करवाई जाएगी. सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को वर्ष 2026 तक पूरा करने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी आई है कि सरकार ने जाति जनगणना की शुरुआत कर दी है. इसके तहत जनगणना को पूरी तरह डिजिटल रखा जाएगा और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का भी इस्तेमाल होगा.

सूत्रों की मानें तो जाति की जनगणना के लिए जिओ फेंसिंग का इस्तेमाल होगा. दरअसल जियोफेंसिंग आभासी भौगोलिक क्षेत्र बनाने की क्रिया है जो जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने पर एक खास तरह की कार्रवाई को ट्रिगर करता है.

बताया जा रहा है कि इस तरह की तकनीक के जरिए सरकार जाति जनगणना में इस्तेमाल करेगी ताकि डाटा ज्यादा से ज्यादा सटीक हो.

यही नहीं सूत्रों की मानें तो जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम भी बनाए जाने की जानकारी है. बता दें कि अब तक एससी, एसटी का ही कॉलम होता था. लेकिन लंबे वक्त से इसकी मांग की जा रही थी कि ओबीसी के लिए अलग कॉलम बनाया जाए. माना जा रहा है कि इस बार ओबीसी का कॉलम भी शामिल होगा.

यही नहीं इसके साथ ही ओबीसी की उपजाति के कलाम पर अभी विचार चल रहा है. सबकुछ सही रहा तो इस बार ओबीसी के साथ-साथ उपजाति के लिए भी अलग कॉलम बनाया जाएगा.

जाति जनगणना के दौरान सरकार की ओर से तैयार करीब 32 सवालों का क्वेश्चनर होगा जिसके जवाब  जनगणना सर्वे के दौरान देना होंगे. इसी के जरिए सामाजिक और आर्थिक स्थिति तय की जाएगी.

इसके अलावा रजिस्टर जेनरल ऑफ इंडिया जल्द ही प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.  इन अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया आएगा. ट्रेनिंग के बाद यह अधिकारी आगे की प्रक्रिया को अंजाम देंगे.

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