Government started preparations for caste census, AI will also be used

जातीय जनगणना के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी, एआई का भी होगा इस्तेमाल

नईदिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत में एक बार फिर जाति जनगणना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दरअसल केंद्र सरकार की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि देश में जाति जनगणना करवाई जाएगी. सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को वर्ष 2026 तक पूरा करने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी आई है कि सरकार ने जाति जनगणना की शुरुआत कर दी है. इसके तहत जनगणना को पूरी तरह डिजिटल रखा जाएगा और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का भी इस्तेमाल होगा.

सूत्रों की मानें तो जाति की जनगणना के लिए जिओ फेंसिंग का इस्तेमाल होगा. दरअसल जियोफेंसिंग आभासी भौगोलिक क्षेत्र बनाने की क्रिया है जो जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने पर एक खास तरह की कार्रवाई को ट्रिगर करता है.

बताया जा रहा है कि इस तरह की तकनीक के जरिए सरकार जाति जनगणना में इस्तेमाल करेगी ताकि डाटा ज्यादा से ज्यादा सटीक हो.

यही नहीं सूत्रों की मानें तो जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम भी बनाए जाने की जानकारी है. बता दें कि अब तक एससी, एसटी का ही कॉलम होता था. लेकिन लंबे वक्त से इसकी मांग की जा रही थी कि ओबीसी के लिए अलग कॉलम बनाया जाए. माना जा रहा है कि इस बार ओबीसी का कॉलम भी शामिल होगा.

यही नहीं इसके साथ ही ओबीसी की उपजाति के कलाम पर अभी विचार चल रहा है. सबकुछ सही रहा तो इस बार ओबीसी के साथ-साथ उपजाति के लिए भी अलग कॉलम बनाया जाएगा.

जाति जनगणना के दौरान सरकार की ओर से तैयार करीब 32 सवालों का क्वेश्चनर होगा जिसके जवाब  जनगणना सर्वे के दौरान देना होंगे. इसी के जरिए सामाजिक और आर्थिक स्थिति तय की जाएगी.

इसके अलावा रजिस्टर जेनरल ऑफ इंडिया जल्द ही प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.  इन अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया आएगा. ट्रेनिंग के बाद यह अधिकारी आगे की प्रक्रिया को अंजाम देंगे.

**************************