नई दिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अदालत ने अपने फैसले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ साल 2019 में नागपुर के उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिकाओं में से कुछ आरोपों को खारिज कर दिया था. इस फैसले से गडकरी को राहत मिली है.
नितिन गडकरी के नागपुर लोकसभा सीट से साल 2019 में लड़े गए इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की. पीठ ने कहा कि गडकरी 2024 के आम चुनावों में फिर से इलेक्शन जीत गए. पीठ ने कहा कि वह हाइकोर्ट के अपनाए गए तर्क से सहमत है. पीठ ने कहा, हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता.
इस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार नाना फल्गुनराव पटोले और नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नफीस खान की याचिका को पीठ ने खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के 26 फरवरी, 2021 के आदेश को चुनौती दी थी.
गौर करें तो नितिन गडकरी के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं को उच्च न्यायालय ने खारिज तो नहीं किया, लेकिन परिवार के सदस्यों की आय और उनके स्वामित्व वाली भूमि के संबंध में उनमें की गई कुछ अन्य बातों को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था.
बता दें कि नफीस खान ने आरोप लगाया था कि भोला ने अपना नामांकन पत्र और नामांकन हलफनामे में गलत जानकारी दी है. वहीं नाना फल्गुनराव पटोले ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्धारित प्रॉसेस का पालन नहीं किया गया.
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