SP will submit proof of deletion of voters' names to Election Commission today

मतदाताओं के नाम मिटाए जाने का सबूत आज चुनाव आयोग को सौंपेगी सपा

लखनऊ 10 Nov. (एजेंसी): समाजवादी पार्टी (सपा) का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को चुनाव आयोग का दौरा करेगा और इस आरोप पर जारी नोटिस का लिखित जवाब देगा कि यादव और मुस्लिम मतदाताओं के नाम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के इशारे पर मतदाता सूची से थोक में काट दिए गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल लापता नामों को ले जाएगा और उन बूथों की मतदाता सूची भी सौंपेगा जहां अंतिम समय में नाम काट दिए गए।

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा, हम गुरुवार को आयोग को दस्तावेज सौंपेंगे कि हम अपने दावों का समर्थन करने के लिए जो समय मिला है, उसे इकट्ठा करने में कामयाब रहे हैं। पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने कहा, दरअसल, हमने चुनाव के दौरान इस विसंगति को देखा था और इसके बारे में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सूचित किया था। हमने अब मतदाताओं को एकत्र किया है। उन नामों को सत्यापित किया जिनके नाम काट दिए गए।

सपा नेतृत्व ने पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सर्कुलर भेजकर इस संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था। संकलन प्रक्रिया की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ नेता ने कहा, हमारे सामने ऐसे उदाहरण आए हैं, जहां कुछ मामलों में सैकड़ों में नाम अंतिम समय में एक बूथ की सूची से हटा दिए गए।

27 अक्टूबर को, चुनाव आयोग ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक नोटिस दिया था, जिसमें उन्हें आरोपों के सबूत पेश करने के लिए कहा गया था कि आयोग द्वारा लगभग 20,000 यादव और मुस्लिम मतदाताओं के नाम भाजपा के इशारे पर हर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में हटा दिए गए। सपा प्रमुख को 10 नवंबर तक अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत पेश करने को कहा गया है। अखिलेश ने सितंबर में लखनऊ में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाए थे।

***********************************

इसे भी पढ़ें : आबादी पर राजनीति मत कीजिए

इसे भी पढ़ें : भारत में ‘पुलिस राज’ कब खत्म होगा?

इसे भी पढ़ें : प्लास्टिक मुक्त भारत कैसे हो

इसे भी पढ़ें : इलायची की चाय पीने से मिलते हैं ये स्वास्थ्य लाभ

तपती धरती का जिम्मेदार कौन?

मिलावटखोरों को सजा-ए-मौत ही इसका इसका सही जवाब

जल शक्ति अभियान ने प्रत्येक को जल संरक्षण से जोड़ दिया है

इसे भी पढ़ें : भारत और उसके पड़ौसी देश

इसे भी पढ़ें : चुनावी मुद्दा नहीं बनता नदियों का जीना-मरना

इसे भी पढ़ें : *मैरिटल रेप या वैवाहिक दुष्कर्म के सवाल पर अदालत में..

इसे भी पढ़ें : अनोखी आकृतियों से गहराया ब्रह्मांड का रहस्य

इसे भी पढ़ें : आर्द्रभूमि का संरक्षण, गंगा का कायाकल्प

इसे भी पढ़ें : गुणवत्ता की मुफ्त शिक्षा का वादा करें दल

इसे भी पढ़ें : अदालत का सुझाव स्थाई व्यवस्था बने

इसे भी पढ़ें : भारत की जवाबी परमाणु नीति के

 

Leave a Reply