अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशियों ने मचाया उत्पात, BSF जवानों पर जानलेवा हमला- हथियार लूट कर भागे

बेरहामपुर 27 Feb, (एजेंसी): भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात BSF जवानों पर 100 से अधिक बांग्लादेशी बदमाशों और ग्रामीणों द्वारा हमला किया गया है।इस घटना में 2 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी किसान अपने मवेशियों को चराने के लिए भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। बीएसएफ ने एक बयान में कहा कि यह घटना निर्मलचर सीमा चौकी के पास उस समय हुई जब 35वीं बटालियन के दो जवान गश्त कर रहे थे।

बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार, भारतीय किसानों ने शिकायत की थी कि बांग्लादेश के किसान कथित तौर पर मवेशियों को चराने के लिए उनके खेतों में घुस जाते हैं और जानबूझकर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। बीएसएफ के जवानों ने किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमा के पास अस्थायी रूप से एक चौकी स्थापित की थी।

जब क्षेत्र में गश्त कर रहे दो जवानों ने बांग्लादेशी किसानों को अपने मवेशियों को सीमा पार लाने से रोकने की कोशिश की तो दर्जनों बदमाशों ने उन पर लाठी-डंडों और तेज धार वाले औजारों से हमला कर दिया, जो मुख्य रूप से खेती में काम आते हैं। बयान में कहा गया है, “हमले में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाश उनके हथियार छीनने के बाद बांग्लादेश भाग गए।”

सूचना मिलने पर और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों जवानों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। उधर, बीएसएफ ने इस मुद्दे को बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के सामने उठाया है और फ्लैग मीटिंग बुलाई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के अलावा हथियारों की बरामदगी की जा सके।

बयान में कहा गया है, “बीएसएफ जवानों पर पहले भी कई बार सुनियोजित तरीके से बदमाशों और उनके साथियों ने हमला किया है, लेकिन फिर भी जवान अपने मंसूबों को कामयाब नहीं होने देते। निर्मलचर का इलाका बहुत मुश्किल है और सुविधाओं के अभाव में भी बीएसएफ जवान दिन-रात सीमा की रखवाली कर रहे हैं। भारतीय किसान बांग्लादेशी ग्रामीणों द्वारा उनकी फसल की चोरी और नुकसान की शिकायत करते रहे हैं और इस बार बीएसएफ ने उनके क्षेत्र में काम करने के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए एक अग्रिम चौकी स्थापित की है।”

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अग्निवीर योजना पर HC ने लगाई मुहर, देश और सेना के हित में बताया

नई दिल्ली 27 Feb, (एजेंसी): सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना में हस्तक्षेप से दिल्ली हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। उच्च न्यायालय ने अग्निवीरों की भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की योजना के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि योजना में हस्तक्षेप के लिए कोई वजह नहीं मिली है और इसलिए सभी याचिकाओं को खारिज किया जाता है।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रहमण्यम प्रसाद की बेंच ने अग्निवीर योजना के खिलाफ दाखिल अर्जियों पर सुनवाई की थी। अग्निवीर योजना के खिलाफ दाखिल अर्जियों में इसके विरोध में कई तरह की बातें कही गई थीं। कोर्ट ने कहा कि ये सेना के भविष्य और उसके ताकतवर बनाने के लिए शुरू की गई है।

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर की भर्ती की योजना 14 जून 2022 को लागू की थी। इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में 4 साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है। भर्ती किए जा रहे अग्निवीरों में से 25 फीसदी को उनके कामकाज के आधार पर सेना में आगे भी रखा जाएगा। बाकी को करीब 12 लाख रुपए 4 साल की सेवा के बाद मिलेंगे। इस योजना में अग्निवीरों को कोई पेंशन नहीं दी जाएगी। हालांकि, 4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को तनख्वाह के साथ अन्य जवानों को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेंगी।

अग्निवीर योजना को पहले सीडीएस रहे जनरल बिपिन रावत ने तैयार किया था। उनके निधन के बाद योजना को लागू किया गया। अग्निवीरों की भर्ती के खिलाफ विपक्षी दलों ने खूब हंगामा किया था। इसके अलावा जगह-जगह इसके विरोध में हुए आंदोलन के दौरान हिंसा भी हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने साफ कर दिया था कि वो अग्निवीर योजना को वापस नहीं लेगी। इसके बाद अग्निवीरों का पहला बैच सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल भी किया गया है।

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आत्महत्या करने वाले तेलंगाना मेडिको के परिजनों को 30 लाख का मुआवजा

हैदराबाद 27 Feb, (एजेंसी): अपने वरिष्ठ द्वारा प्रताड़ित किए जाने के कारण आत्महत्या करने वाले मेडिकल पीजी के छात्र के परिजनों को तेलंगाना सरकार ने 10 लाख रुपये के मुआवजे व राज्य के एक मंत्री ने 20 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने की घोषणा की।

तेलंगाना के वारंगल शहर के काकतीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली धारावती प्रीति ने कथित तौर पर घातक इंजेक्शन लेने के पांच दिन बाद रविवार रात हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) में दम तोड़ दिया।

इससे निम्स में तनाव व्याप्त हो गया। पीड़ित परिवार ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गांधी अस्पताल में ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। बाद में सरकार के आश्वासन के बाद परिजन मान गए।

पीड़िता के पिता डी. नरेंद्र ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की थी, जबकि राज्य के पंचायत राज मंत्री ई. दयाकर राव ने 20 लाख रुपये देने का वादा किया था।

नरेंद्र ने कहा कि मंत्री ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया कि परिवार के एक सदस्य को पंचायत राज विभाग में सरकारी नौकरी दी जाएगी।

दयाकर राव ने कथित तौर पर परिवार को आश्वासन दिया कि मामले की जांच एक वर्तमान न्यायाधीश द्वारा की जाएगी।

कुछ विपक्षी दलों के नेताओं और छात्र समूहों ने शव को गांधी अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस को रोकने की कोशिश की।

वे पार्थिव शरीर को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास प्रगति भवन ले जाना चाहते थे।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

बाद में शव को गांधी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और शव परीक्षण के बाद परिवार को सौंप दिया गया।

प्रीति के शव को बाद में उनके पैतृक गांव जनगांव जिले में ले जाया गया, जहां सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वारंगल पुलिस ने 24 फरवरी को प्रीति के सीनियर एनेस्थीसिया विभाग में द्वितीय वर्ष के छात्र एम. ए. सैफ को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने कहा कि प्रीति का उसके वरिष्ठ द्वारा उत्पीड़न किया गया था, जो उसे आत्महत्या के लिए प्रेरित किया।

वारंगल पुलिस आयुक्त ए.वी. रंगनाथ ने कहा कि अपमानजनक व्यवहार भी रैगिंग के अंतर्गत आता है।

पुलिस के मुताबिक, सैफ एक व्हाट्सएप ग्रुप में उसके बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर रहा था।

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रामनवमी को लेकर अयोध्या में जश्न की तैयारी

अयोध्या 27 Feb, (एजेंसी): अयोध्या में अगले महीने रामनवमी के अवसर पर बड़े पैमाने पर जश्न मनाया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट भव्य समारोहों के लिए व्यवस्था कर रहा है।

इस वर्ष उत्सव के दौरान भक्तों के बड़ी संख्या की उम्मीद कर है। ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से इस अवसर पर सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को राम जन्मभूमि परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी।

ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने कहा, ट्रस्ट ने राम की पैड़ी भजन संध्या स्थल और राम कथा पार्क में भी राम नवमी समारोह आयोजित करने का फैसला किया है।

ट्रस्ट के सदस्य मूर्तिकार प्रमोद कामले से बातचीत कर रहे हैं, जिन्होंने मंदिर के परिक्रमा मार्ग पर स्थापित की जाने वाली भगवान राम की मूर्ति का एक मॉडल भी प्रस्तुत किया।

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पीएम श्री से यूपी के 1753 स्कूलों का होगा कायाकल्प

लखनऊ 27 Feb, (एजेंसी): यूपी के सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने में (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) पीएम श्री योजना मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से हाल ही में की गईं बजट घोषणाओं में इस योजना के लिए एक हजार करोड़ से अधिक राशि तय की गई है।

घोषणा के अनुसार केंद्र सरकार की मदद से बेसिक शिक्षा पर 510 करोड़ रुपए और माध्यमिक शिक्षा पर 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना के मानकों के अनुरूप चुनिंदा स्कूलों को पीएम श्री का दर्जा दिया जाएगा और इन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पीएम श्री स्कूल न सिर्फ अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए, बल्कि आसपास के अन्य स्कूलों के लिए भी मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदान करेंगे।

प्रदेश सरकार की ओर से 1753 स्कूलों का डिस्ट्रिक्ट्र और स्टेट लेवल पर वेरिफिकेशन करके केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है। केंद्र सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद इन स्कूलों को पीएम श्री के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने देशभर के 14500 स्कूलों को पीएम श्री योजना के तहत अपग्रेड करने का निर्णय लिया था। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस के मौके पर इसकी घोषणा की थी। पीएम की घोषणा के बाद योगी सरकार ने बजट 2023-24 में इसके लिए राशि का प्रावधान किया है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद के अनुसार पीएम श्री भारत सरकार की योजना है। भारत सरकार ने ही बेंचमार्क बनाकर दिया है, जिस पर स्कूलों का चयन किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक से दो पात्र स्कूलों को चुनकर उनसे आवेदन कराया गया। इसके बाद बीएसए स्तर पर इन स्कूलों का मूल्यांकन किया गया। ग्रामीण इलाकों के स्कूल जिन्हें 60 प्रतिशत से अधिक मार्क्‍स मिले वो पास हो गए।

इसी तरह अर्बन में 70 प्रतिशत का कटऑफ था। इससे ऊपर मार्क्‍स पाने वाले स्कूल ही पास हुए। इसके बाद स्टेट लेवल पर इन सभी स्कूलों का वेरिफिकेशन किया गया। उत्तर प्रदेश से 1753 स्कूलों के आवेदन भारत सरकार के पास भेजे गए हैं।

इनमें माध्यमिक के 89 स्कूल माध्यमिक के हैं, जबकि बाकी स्कूल बेसिक शिक्षा से संबंधित है। अब भारत सरकार की ओर से वेरिफिकेशन के बाद चिन्हित स्कूलों को पीएम श्री का दर्जा दिया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार इन स्कूलों को विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से भी 60 प्रतिशत राशि मिलेगी।

पीएम श्री स्कूलों में यह होगा खास

इन स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट क्लास, खेल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्च र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पीएम श्री विद्यालय में सभी छात्रों के लिए एक सुरक्षित, प्रोत्साहित करने वाले शैक्षिक वातावरण में सीखने एवं अलग अनुभव प्रदान करने वाली अच्छी ढांचागत व्यवस्था एवं समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

इसमें स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाना तथा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।

स्कूल ड्रॉप आउट में भी कमी लागने की कोशिश की जाएगी। ये स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में मदद करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतरीन और अनुकरणीय स्कूल के रूप में सामने आएंगे।

इन स्कूलों में प्रैक्टिकल, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। ये शिक्षकों के लिए भी काफी अहम होगा। इनमें स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं होंगी।

पीएम श्री के अंतर्गत स्कूल अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य स्कूलों को मेंटरशिप प्रदान करके उसका नेतृत्व करेंगे। पीएम श्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सौर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा से संबंधित परंपराओं / प्रथाओं का अध्ययन जैसे पर्यावरण के अनुकूल पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

इन स्कूलों में अपनाई जाने वाली शिक्षा सामग्री अधिक अनुभवात्मक, समग्र, एकीकृत, खेल/खिलौना-आधारित (विशेषकर, मूलभूत वर्षों में) पूछताछ-संचालित, खोज-उन्मुख, चर्चा-आधारित, लचीली और मनोरंजक होगी।

इसके जरिए स्कूल गुणवत्ता आकलन ढांचा (एसक्यूएएफ) विकसित किया जा रहा है। मानकों को सुनिश्चित करने के लिए नियमित अंतराल पर इन स्कूलों का गुणवत्ता मूल्यांकन भी किया जाएगा।

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मेघालय-नगालैंड में वोटिंग शुरू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील

नई दिल्ली 27 Feb, (एजेंसी): पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और नगालैंड में आज विधानसभा के लिए मतदान शुरू हो गया है। दोनों ही राज्यों में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं, लेकिन इस बार मेघालय और नगालैंड में 59-59 सीटों पर मतदान हो रहा है।

दोनों ही राज्यों में 40 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 559 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। दूसरी तरफ चार राज्यों- तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड की विधानसभा सीटों पर भी आज उपचुनाव उपचुनाव कराए जा रहे हैं।

मेघालय में वोटिंग को बढ़ावा देने के लिए चुनाव आयोग ने सबसे पहले मतदान केंद्र पहुंचने वाले पांच मतदाताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगालैंड के वोटर्स से और खासकर पहली बार वोटिंग करने वाले लोगों से आज रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने की अपील की है।

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दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया की आज कोर्ट में होगी पेशी, AAP का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली 27 Feb, (एजेंसी): सीबीआई ने कथित शराब घोटाले लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को रविवार शाम गिरफ्तार कर लिया। सिसोदिया को आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां सीबीआई आगे की पूछताछ के लिए उनकी रिमांड की मांग कर सकती है।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मनीष सिसोदिया ने शराब घोटाले में आपराधिक साजिश रची और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। उन्हें गिरफ्तार करके सीबीआई हेडक्वार्टर में ही रखा गया है। यहीं पर डॉक्टरों की टीम बुलाकर उनका मेडिकल चेकअप भी कराया जाएगा। आज सीबीआई राउज एवेन्यू कोर्ट में दोपहर लगभग 3 बजे मनीष सिसोदिया को पेश करेगी। इस दौरान सीबीआई सिसोदिया की अधिक से अधिक दिनों की कस्‍टली मांगेगी। बता दें कि सीबीआई इस मामले में आम नेता सतेंद्र जैन के भी बयान दर्ज कर चुकी है। इधर, मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के विरोध में आम आदमी पार्टी एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।

आम आदमी पार्टी ने इस गिरफ़्तारी के पीछे बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है। आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि ये लोकतंत्र के लिए काला दिन है। बीजेपी ने लाखों बच्चों का भविष्य संवारने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री को फर्ज़ी केस में गिरफ्तार किया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र शरीफ लोगों को फंसा रही है, उन पर कार्रवाई कर रही है, जबकि जो लोग घोटाले कर रहे हैं, उन्हें बीजेपी संरक्षण दे रही है।

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से कहा कि ये आम आदमी पार्टी को कुचलने की कोशिश है। इसकी स्क्रिप्ट बीजेपी मुख्यालय में लिखी गई और जांच एजेंसियां बीजेपी की ईकाई के रूप में काम कर रही हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की गिरफ़्तारी के खिलाफ आम आदमी पार्टी आज देशभर में प्रदर्शन करेगी। आज दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर भी आम आदमी पार्टी प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन दोपहर 12 बजे होगा।

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संत सेवालाल महाराज की 284 वी जयंती मनाई गई

नई दिल्ली ,  27  फरवरी (एजेंसी)। दिल्ली के डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय के सहयोग से संत सेवालाल महाराज जी की  284वीं जयंती मनाई गई। बंजारा गुरु संत सेवालाल को याद करते हुए बंजारा समाज के  लोगों ने रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया। संत सेवालाल महाराज जी के चित्र की शोभायात्रा डॉक्टर बिशम्बर दास मार्ग से जनपथ रोड होते हुए जनपथ रोड, रफी मार्ग, रायसीना रोड तक निकाली गई।

बंजारा समाज के धर्मगुरु संत सेवालाल महाराज जी की 284वी जयंती इतिहास में पहली बार भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा मनाया जा रहा है। संत सेवालाल महाराज चैरिटेबल ट्रस्ट नई दिल्ली जिसके अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी के बंजारा समाज के इकलौते कर्नाटक राज्य के कलबुर्गी के सांसद  उमेश जाधव दिल्ली में मनाते हुए आ रहे हैं जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में बंजारा समाज के लोग शामिल होते हैं।

संत सेवालाल महाराज की जयंती  मनाने के लिए देशभर के बंजारे दिल्ली में एकत्रित हो रहे हैं। कर्नाटक से एक विशेष रेल भी चलाई गई है, जिसमें कर्नाटक तेलंगाना महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बंजारा समुदाय के लगभग ढाई हजार से अधिक लोग सफर करके दिल्ली पहुंचे हैं। संत सेवालाल महाराज का जन्म 15 फरवरी 1739ई में कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के सुरगोंड़नकोप्पा में हुआ था। उन्हें बंजारा समाज का समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरु माना जाता है।

उन्हें विशेष रूप से वनवासियों और घुमंतू जनजातियों की सेवा करने के लिए अपने लादेनिया दल के साथ देशभर में यात्रा की। उन्होंने आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में अपने असाधारण ज्ञान, उत्कृष्ट कौशल और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के कारण वे आदिवासी समुदायों में व्याप्त मिथकों और अंधविश्वासों को दूर करने और मिटाने में सफल रहे और उनकी जीवन प्रणाली में सुधार लाए।

ऐसे समुदायों में अलग-अलग नामों से देश भर में बसे बंजारा समुदाय ने अपनी खानाबदोश जीवन शैली को स्थायी रूप से छोड़कर अपनी बस्तियों में बस गए जिन्हें टांडा कहा जाता है।

कर्नाटक तमिलनाडु आंध्र प्रदेश तेलंगाना महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में संत सेवालाल महाराज प्रत्येक बंजारा परिवार का एक पूजनीय प्रतीक है तथा इन सभी राज्यों में संत सेवालाल महाराज जी की जयंती बड़े ही धूमधाम से फरवरी महीने में मनाई जाती है।

ऐसा माना जाता है कि पूरे देश भर में लगभग 10 से 12 करोड बंजारा समुदाय की आबादी है। संत सेवालाल जी की समाधि स्थल महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मनोरा तालुका में पोहरादेवी स्थित है जिसे बंजारा काशी भी कहा जाता है।

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मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा में सपा नेता प्रतिपक्ष पर साधा निशाना

*कहा- इस पार्टी ने माफियाओं को विधायक तक बना डाला*

लखनऊ 27 फरवरी, (एजेंसी)। प्रयागराज हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में चल रही तीखी बहस के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर कई बार प्रहार किया।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा, इस पार्टी ने अपराधियों और माफिया को न सिर्फ पाला-पोसा बल्कि उन्हें विधायक और सांसद तक बनाया. बीजेपी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार प्रयागराज मामले में दोषी बताये जा रहे माफिया को मिट्टी में मिला देगी.

पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिये खड़े हुए. तभी सदन में विपक्ष के नेता अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रयागराज में पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके एक सुरक्षाकर्मी की हत्या का मामला उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किये.

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सदन को आश्वस्त करते हैं कि सरकार प्रयागराज की घटना में दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

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राजनीति : नीतीश के मन में क्या है

*अवधेश कुमार*

पिछले कुछ महीनों में शायद ही ऐसा कोई सप्ताह होगा जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को आगामी लोक सभा चुनाव में पराजित करने संबंधी वक्तव्य न दिया हो।बिहार ही नहीं देश भर में रहने वाले बिहार के निवासियों से आप बात करिए तो वे यही कहेंगे कि नीतीश को राजनीति करनी है करें लेकिन बिहार की जनता ने उनको भाजपा के साथ मुख्यमंत्री बनाया उसकी जिम्मेवारी का पालन जरूर करें।

तो क्या लोगों की प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि नीतीश की प्राथमिकता में शासन-प्रशासन से ज्यादा भाजपा विरोधी राजनीति है? ऐसा है तो इसके परिणाम क्या आ रहे हैं? बिहार काफी समय से कानून व्यवस्था के मोर्चे पर कमजोर होते जाने के साथ शिक्षा व्यवस्था के पतन, विकास के कार्यों की मंद गति आदि से बुरी तरह ग्रस्त है। किसी सरकार का मुख्य फोकस होना चाहिए कि कैसे बिहार में कानून व्यवस्था पटरी पर आए, अर्थव्यवस्था संभले, शिक्षा तंत्र अपनी स्वाभाविक भूमिका में लौटे।

आप प्रदेश का कोई भी समाचारपत्र उठा लीजिए, वेबसाइट देख लीजिए सरेआम गोली चलने, मारपीट, हत्या आदि की खबरें आपको विचलित करेंगी। स्वयं शिक्षक और शिक्षा तंत्र में शीर्ष पर बैठे लोग आप को अपनी ही व्यवस्था से शिकायत करते मिल जाएंगे। परीक्षाएं नकल और कदाचार की पर्याय हैं। विविद्यालयों की दशा कोई भी जाकर देख सकता है। विज्ञान के किसी शिक्षक से बात करिए और वो ईमानदार हैं तो बताएंगे कि पहले कम से कम प्रैक्टिकल में उनके पास कुछ लोग पैरवी करने आ जाते थे ताकि परीक्षार्थी को अच्छे अंक मिल सकें। अब उसके लिए भी नहीं आते क्योंकि हमें सबको पास कर देना है।

लोग अपने बच्चों को निजी संस्थानों या कोचिंग में पढ़ाने के लिए विवश हैं। यही स्थिति कानून-व्यवस्था के मामले में भी है। भय पूरे माहौल में है कि कहीं 90 के दशक वाली स्थिति पैदा न हो जाए। आप वहां निर्माण का काम करने वाले या छोटे-मोटे व्यापार करने वालों के बीच सर्वे कर लीजिए। आपको ऐसे लोग मिल जाएंगे जो बताएंगे कि उन्हें काम करने के लिए दादागिरी टैक्स देना पड़ रहा है। धमकी-मारपीट से लेकर कई तरह से परेशानियां सामने आती हैं। ज्यादातर लोग पुलिस में शिकायत करने से बचते हैं।

प्रशासनिक भ्रष्टाचार, अनदेखी और स्थानीय-प्रादेशिक राजनीतिक संरक्षण के कारण शराब और मादक द्रव्यों का भयानक तंत्र पूरे प्रदेश में विकसित है। इन अस्वीकार्य परिस्थितियों के रहते कोई कैसे मान ले कि वर्तमान सरकार की प्राथमिकता में राज्य का विकास और सुशासन है? क्या कोई बता सकता है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने इस उद्देश्य के लिए कोई बड़ी नियोजित बैठक की है कि बिहार को हमें सामाजिक-आर्थिक विकास में अन्य राज्यों से आगे ले जाना है? नीतीश और तेजस्वी पड़ोस के उत्तर प्रदेश को देखें।

योगी आदित्यनाथ के भगवा को लेकर राजनीतिक टिप्पणी आप करिए, लेकिन देखें कि आर्थिक-सामाजिक-विकास, सांस्कृतिक संरक्षण तथा कानून-व्यवस्था के मोच्रे पर उत्तर प्रदेश किस तरह देश के शीर्ष राज्यों की कतार में खड़ा हो गया है? अभी लखनऊ में 2 दिनों के निवेशक सम्मेलन का वह दृश्य उत्तर प्रदेश में पहले दुर्लभ था। हम नहीं कहते कि जितने एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, सारे धरती पर उतर ही जाएंगे लेकिन देश और बाहर के पूंजी निवेशक, कारोबारी, उद्योगपति उप्र में पूंजी लगाने तथा काम करने की घोषणा करते हैं, तो यह 2017 के पहले की स्थिति को देखते हुए सामान्य तस्वीर नहीं है।

यही नहीं, योगी आदित्यनाथ के मुंबई दौरे में फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग भी उनकी बैठकों में शामिल होकर उम्मीद करते हैं कि भविष्य में उप्र फिल्म निर्माण का बड़ा केंद्र होगा। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर तो बहुत कुछ कहने की आवश्यकता नहीं। हालांकि कानपुर और बांदा जैसी घटनाएं निश्चित रूप से परेशान करती हैं किंतु कोई भी कह सकता है कि यह उप्र के लिए सामान्य स्थिति नहीं, बल्कि अपवाद है। उत्तर प्रदेश में तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षो में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

क्या बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इससे सीख नहीं ले सकते? योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम भी राजनीति करती है, लेकिन राजनीतिक ताकत के लिए मोदी की थीम बहुत सीधी है-विकास और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर उच्चतम स्तर पर जाने का लक्ष्य रखिए, समाज के निचले तबके तक विकास और कल्याण कार्यक्रमों को पहुंचाने, नई पीढ़ी के लिए बेहतर शिक्षा और हरसंभव रोजगार पर काम करिए, धार्मिंक-सांस्कृतिक-आध्यात्मिक महत्त्व के स्थानों का विकास करते हुए उन्हें संरक्षण दीजिए।

आपको राजनीतिक सफलता का ठोस आधार मिल जाएगा। नीतीश और तेजस्वी को भाजपा से मुकाबला करना है तो उनकी जो अच्छाइयां हैं, उन्हें अपनाने की कोशिश करें। आखिर, मोदी राष्ट्रीय क्षितिज पर आए तो उन्होंने लोगों के सामने गुजरात में अपने कार्यों को रखा जिसे मीडिया ने गुजरात मॉडल का नाम दिया।

लोग यह तो सोचेंगे कि मोदी के मुकाबले नीतीश अगर विपक्षी दलों का गठबंधन कर सरकार का स्थानापन्न करना चाहते हैं, तो विकास, कानून और व्यवस्था आदि के मुद्दे पर उनके तरकश में क्या है? अगर आपके पास लोगों को दिखाने और विश्वास दिलाने के लिए इन मामलों में सफलताएं हैं, तभी आपकी राजनीति को ताकत मिल सकती है। केवल मोदी हटाओ और विपक्षी दलों को एक करो का नारा पहले भी असफल रहा है।

कारण, इनके पास मोदी और भाजपा के समानांतर जनता को विश्वास दिलाने के लिए उपलब्धियों का ठोस आधार नहीं रहा। इसे बिहार का दुर्भाग्य कहेंगे कि जब-जब लोगों को उम्मीद बनती है तभी नेता का माथा घूम जाता है। नीतीश ने 2005 से 2010 के बीच जिस तरह काम किया उससे बिहार के साथ पूरे देश में उम्मीद बढ़ी।

भाजपा का उन्हें पूरा साथ मिला। जब से उनके अंदर राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएं कुलांचे मारने लगीं, सुशासन हाशिए पर चला गया। लगता नहीं कि नीतीश शांत मन से बैठकर इस दिशा में विचार करने के लिए किंचित भी तैयार हैं।

उनके साथ के लोगों को तो लगता ही नहीं कि शासन-प्रशासन से कोई सरोकार हो। स्वाभाविक ही समय आने पर बिहार के लोग अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

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जम्मू-कश्मीर : संविधान और लोकतंत्र, दोनों की रक्षा

*प्रमोद भार्गव*

सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसी के साथ इस केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव कराने के रास्ते की बड़ी बाधा दूर हो गई।अब चाहे तो केंद्र सरकार वहां चुनाव कराने का फैसला ले सकती है। न्यायालय ने यह भी साफ कर दिया है कि परिसीमन पर प्रतिबंध से इंकार वाले इस निर्णय का जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन कानून-2019 की वैधानिकता को चुनौती देने वाले प्रकरण की सुनवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में धारा -370 को शून्य किए जाने के केंद्र के फैसले के विरु द्ध शीर्ष अदालत की संविधान पीठ में अलग सुनवाई चल रही है। यह फैसला न्यायमूर्ति एसके कौल एवं एएस ओका की पीठ ने हाजी अब्दुल गनी खान और मोहम्मद अयूब मट्टू की याचिका पर दिया है।

जम्मू-कश्मीर के बंटवारे और विधानसभा सीटों के विभाजन संबंधी पुनर्गठन विधेयक-2019, 31 अक्टूबर, 2019 को लागू कर दिया गया था। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने 6 मार्च, 2020 को परिसीमन अधिनियम, 2002 की धारा-3 के तहत इसके पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसी में शीर्ष अदालत की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग के गठन की बात कही गई थी। इसे भंग करने वाली याचिका में दावा किया गया था कि परिसीमन की कवायद संविधान की भावनाओं के विपरीत है।

खैर, इसके लागू होने के बाद राज्य की भूमि ही नहीं, राजनीति का भी भूगोल बदल गया। सही मायनों में परिसीमन से भौगोलिक, सांप्रदायिक और जातिगत असमानताएं तो दूर हुई ही, अनुसूचित जाति/जनजातियों के लिए सीटें भी आरक्षित कर दी गई हैं। जब भी राज्य में चुनाव होगा, इसी रिपोर्ट के मुताबिक होगा क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने आयोग के गठन की वैधता को सही ठहराया है। जम्मू-कश्मीर का करीब 60 प्रतिशत क्षेत्र लद्दाख में है। इसी क्षेत्र में लेह आता है, जो अब लद्दाख की राजधानी है।

यह क्षेत्र पाकिस्तान और चीन की सीमाएं साझा करता है। लगातार 70 साल लद्दाख, कश्मीर के शासकों की बदनीयति का शिकार रहा है। अब तक यहां विधानसभा की मात्र चार सीटें थीं, इसलिए राज्य सरकार इस क्षेत्र के विकास को तरजीह नहीं देती थी। लिहाजा, आजादी के बाद से ही इस क्षेत्र के लोगों में केंद्र शासित प्रदेश बनाने की चिंगारी सुलग रही थी। अप इस मांग की पूर्ति हो गई है।

इस मांग के लिए 1989 में लद्दाख बुद्धिस्ट एसोशिएशन का गठन हुआ और तभी से यह संस्था कश्मीर से अलग होने का आंदोलन छेड़े हुए थी। 2002 में लद्दाख यूनियन टेरिटरी फ्रंट के अस्तित्व में आने के बाद इस मांग ने राजनीतिक रूप ले लिया था। 2005 में इस फ्रंट ने लेह हिल डवलपमेंट काउंसिल की 26 में से 24 सीटें जीत ली थीं। इस सफलता के बाद इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इसी मुद्दे के आधार पर 2004 में थुप्स्तन छिवांग सांसद बने। 2014 में छिवांग भाजपा उम्मीदवार के रूप में लद्दाख से फिर सांसद बने। 2019 में भाजपा ने लद्दाख से जमयांग सेरिंग नामग्याल को उम्मीदवार बनाया और वे जीत गए। लेह-लद्दाख क्षेत्र विषम हिमालयी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण साल में छह माह लगभग बंद रहता है।

सड़क मागरे और पुलों का विकास नहीं होने के कारण यहां के लोग अपने ही क्षेत्र में सिमट कर रह जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में अंतिम बार 1995 में परिसीमन हुआ था। राज्य का विलोपित संविधान कहता था कि हर 10 साल में परिसीमन जारी रखते हुए जनसंख्सा के घनत्व के आधार पर विधानसभा और लोक सभा क्षेत्रों का निर्धारण होना चाहिए।

इसी आधार पर राज्य में 2005 में परिसीमन होना था लेकिन 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने राज्य संविधान में संशोधन कर 2026 तक इस पर रोक लगा दी थी। बहाना बनाया कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के प्रासंगिक आंकड़े आने तक परिसीमन नहीं होगा। परिसीमन से पहले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा की कुल 111 सीटें थीं।

इनमें से 24 सीटें पीओके में आती हैं। इस उम्मीद के चलते ये सीटें खाली रहती हैं कि एक न एक दिन पीओके भारत के कब्जे में आ जाएगा। बाकी 87 सीटों पर चुनाव होता है। अब तक कश्मीर यानी घाटी में 46, जम्मू में 37 और लद्दाख में 4 विधानसभा सीटें हैं। 2011 की जनगणना के आधार पर राज्य में जम्मू संभाग की जनसंख्या 53 लाख 78 हजार 538 है।

यह प्रांत की 42.89 प्रतिशत आबादी है। राज्य का 25.93 फीसदी क्षेत्र जम्मू संभाग में आता है। इस क्षेत्र में विधानसभा की 37 सीटें आती हैं। दूसरी तरफ कश्मीर घाटी की आबादी 68 लाख 88 हजार 475 है। प्रदेश की आबादी का यह 54.93 प्रतिशत भाग है। कश्मीर संभाग का क्षेत्रफल राज्य के क्षेत्रफल का 15.73 प्रतिशत है। यहां से कुल 46 विधायक चुने जाते थे।

इसके अलावा राज्य के 58.33 प्रतिशत वाले भू-भाग लद्दाख संभाग में महज 4 विधानसभा सीटें थीं, जो अब लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद विलोपित कर दी गई हैं। साफ है, जनसंख्यात्मक घनत्व और संभागवार भौगोलिक अनुपात में बड़ी असमानता थी, जनहित में इसे दूर किया जाना, जिम्मेवार सरकार की जिम्मेवारी बनती थी। केंद्र सरकार द्वारा गठित आयोग ने यह असमानता दूर करके संविधान और लोकतंत्र, दोनों की रक्षा की है।

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सैयामी खेर ने गेम ऑफ थ्रोन्स’ के एक्टर कॉनन स्टीवंस के साथ शेयर किया एक्शन सीन

27.02.2023  (एजेंसी)  –  एक्ट्रेस सैयामी खेर ने अपने सोशल मीडिया पर एक एक्शन सीक्वेंस वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में वह गेम ऑफ थ्रोन्स’ के एक्टर कॉनन स्टीवंस के साथ एक्शन करती नजर आ रही हैं। कॉनन ने सीरीज में ग्रेगोर क्लेगन का किरदार निभाया है।

वीडियो को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, यहां यूनिवर्स के लिए मेरा एक्शन ऑडिशन रील है! दो साल पहले मैंने वाइल्ड डॉग नाम की एक फिल्म की थी। एकमात्र नागार्जुन गारु के साथ काम करने के अनुभव को पसंद करने के अलावा, मैं इस अविश्वसनीय एक्शन सीक्वेंस का हिस्सा भी बन गयी।

अगर आप गेम ऑफ थ्रोन्स के प्रशंसक नहीं हैं, तो 7 फुट 4 इंच के कॉनन स्टीवंस से मिले, जिन्होंने ग्रेगोर क्लेगन की भूमिका निभायी थी।यह सीन नागार्जुन के साथ उनकी फिल्म वाइल्ड डॉग’ का है। एक्ट्रेस ने बताया कि कोविड के कारण अंत में सीन में कोई कटौती नहीं हुई। इससे पहले और बाद में सैयामी के सीन्स को महामारी प्रतिबंधों के कारण स्थगित कर दिया गया था। इस बेहतरीन हाई ऑक्टेन एक्शन सीन के लिए एक्ट्रेस ने एक फ्रेंच स्टंट डायरेक्टर के साथ काम किया।

उन्होंने अपने कैप्शन में आगे कहा, अगर आप जीओटी के प्रशंसक हैं, तो आपको क्या लगता है कि अगर मैंने द वाइपर के बजाय द माउंटेन के साथ लड़ाई लड़ी होती तो क्या होता? दुर्भाग्य से, इस सीक्वेंस को फिल्माए जाने के बाद, महामारी फैल गई, और कॉनन शूटिंग पूरी करने के लिए भारत वापस नहीं आ सके।

मुझे खुशी है कि मेरे पास इस शूटिंग की यादें हैं।वर्कफ्रंट की बात करें तो, एक्ट्रेस जल्द आर बाल्की की घूमरÓ में एक लकवाग्रस्त खिलाड़ी की भूमिका निभाती नजर आएंगी।

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रुबीना दिलैक ने रिवीलिंग ब्रा पहने फ्लॉन्ट किया हाई क्लीवेज

27.02.2023  (एजेंसी)  –  टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलैक हमेशा अपने बोल्ड लुक्स के कारण सोशल मीडिया पर छाई हुई रहती हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में अपनी लेटेस्ट तस्वीरों से एक बार फिर से इंटरनेट का पारा बढ़ा दिया है।

इन तस्वीरों में रुबीना दिलैक की बेबाकी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने हाल ही में अपने लेटेस्ट फोटोशूट के दौरान की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में रुबीना दिलैक ने ब्रा के साथ इतनी छोटी स्कर्ट पहनी हुई है जिसमें वो बेहद ही स्टनिंग और हॉट नजर आ रही हैं। एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने अपनी इन तस्वीरों में कैमरे के सामने झुकझुक कर पोज दिए हैं।

ओपन हेयर और ग्लैम मेकअप कर के एक्ट्रेस रुबीना दिलैक ने अपने आउटलुक को कंप्लीट किया है। अभिनेत्री के इस लुक को देख कर फैंस की आखें फटी की फटी रह गई हैं। एक्ट्रेस जब भी अपनी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट करती हैं तो फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। इन तस्वीरों में रुबीना अपनी परफेक्ट बॉडी फ्लॉन्ट करते दिखीं।

एक्ट्रेस इतनी ग्लैमरस लग रही थीं कि उनकी तस्वीरों से नजरें हटा पाना मुश्किल हो गया था। फोटोज में रुबीना की इतनी ज्यादा रिवीलिंग ब्रा पहनी हुई है कि कैमरे के सामने वो डीप नेक फ्लॉन्ट कर रही हैं।

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स्पाइडर वेंस से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये 5 घरेलू नुस्खे

27.02.2023  (एजेंसी)  –  स्पाइडर वेंस पैरों और चेहरे पर होने वाली समस्या है। यह मुड़ी हुई रक्त वाहिकाओं से होती है और इसे टेलैंजिक्टासिया भी कहा जाता है। ये लाल, बैंगनी या नीले रंग की होती हैं और इसके कारण प्रभावित जगह पर दर्द भी हो सकता है। अमूमन यह समस्या 50 वर्ष से अधिक उम्र में होती है, लेकिन अब युवाओं में भी इसका प्रभाव दिख रहा है।

आइए आज हम आपको इससे राहत पाने के लिए 5 घरेलू नुस्खे बताते हैं। विच हेजल का करें इस्तेमाल विच हेजल में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण स्पाइडर वेंस के दुष्प्रभाव कम करने में मदद कर सकता है और इससे होने वाले दर्द के साथ-साथ सूजन भी कम कर सकता है। लाभ के लिए कॉटन पैड से विच हेजल तेल को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसे रोजाना 2 से 3 बार स्पाइडर वेंस पर लगाएं। इससे आपको कुछ ही दिनों में आराम महसूस होने लगेगा।

एप्सम नमक आएगा कामएप्सम नमक अपने डिटॉक्सिफाइंग और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम स्पाइडर वेंस का इलाज करने में मदद करती है और उनकी उपस्थिति कम कर सकती है। लाभ के लिए नहाने के पानी में 2 से 3 कप एप्सम नमक मिलाएं, फिर इससे पैरों को धोएं। वैकल्पिक रूप से पानी से भरी बाल्टी में एक कप एप्सम नमक मिलाकर इसमें पैरों को डूबोकर बैठें। ऐसा सप्ताह में 3-4 बार जरूर करें। ठंडी सिकाई करें स्पाइडर वेंस के दुष्प्रभाव कम करने के लिए ठंडी सिकाई के तौर पर बर्फ का इस्तेमाल करना लाभदायक है।

बर्फ में कई ऐसे गुण होते हैं जो इस समस्या को दूर करके आराम दे सकते हैं। इसके लिए एक मुलायम तौलिए या फिर सूती कपड़े में बर्फ का एक टुकड़ा लपेटें और इसे प्रभावित हिस्से पर हल्के हाथों से 1 से 2 मिनट तक मलें। इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं। लहसुन आएगा कामलहसुन में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर स्पाइडर वेंस का इलाज करने में मदद कर सकता है।

लाभ के लिए लहसुन की 6 कलियां लें और उन्हें पीसकर बारीक पेस्ट बना लें। इसके बाद पेस्ट को रबिंग अल्कोहल की कुछ बूंदों के साथ मिलाएं और इससे प्रभावित जगह पर मालिश करें। 15-30 मिनट के बाद त्वचा को पानी से धो लें। बेहतर परिणाम के लिए आप अपने आहार में लहसुन को शामिल भी कर सकते हैं।

हरा टमाटर भी कर सकता है मददहरे टमाटर के बीजों में एक अम्लीय पदार्थ होता है, जो शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर स्पाइडर वेंस के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है। सबसे पहले टमाटर को धोकर काटें और इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। उसके बाद इस पर एक लंबी पट्टी लपेटें। इसे तब तक लगा रहने दें जब तक आपको ढके हुए हिस्से में झुनझुनी महसूस न हो। इसके बाद पट्टी हटाएं और अपनी त्वचा को पानी से अच्छी तरह धो लें।

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एनर्जी ड्रिंक्स घर पर बनाना है बेहद आसान, जानें 5 रेसिपी

27.02.2023  (एजेंसी)  –  आजकल बाजार में कम कीमत पर अलग-अलग स्वाद वाली एनर्जी ड्रिंक्स उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर का सेवन स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में बाजार से खरीदने की बजाय घर पर ही एनर्जी ड्रिंक्स बनाकर पीना लाभदायक है। आइए आज हम आपको एनर्जी ड्रिंक की 5 आसान रेसिपी बताते हैं। ये ड्रिंक्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने के साथ-साथ थकान को तुरंत दूर करने में मदद कर सकती हैं। अदरक और इलायची वाली एनर्जी ड्रिंकअदरक और इलायची के गुणों से भरपूर एनर्जी ड्रिंक का सेवन आपको दिनभर तरोताजा रखने में मदद करेगा।

अदरक और इलायची दोनों ही मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। एनर्जी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले एक कप में अदरक के दो पतले स्लाइस और थोड़ा अदरक का रस डालें, फिर इसमें गर्म पानी, हल्दी पाउडर, हरी इलायची का पाउडर और शहद मिलाएं। अब इस ड्रिंक का आनंद लें। अनानास और संतरे की एनर्जी ड्रिंक इससे न सिर्फ आपके शरीर को भरपूर ऊर्जा और ठंडक मिलेगी, बल्कि यह एक हाइड्रेटिंग ड्रिंक भी है।

इसे बनाने के लिए सबसे पहले अनानास और संतरे को छीलकर टुकड़ों में काट लें, फिर इन्हें एक जूसर में डालकर पीसें। अब जूस को बारीक छन्नी से छानकर गिलास में डालें और फिर गिलास में बर्फ के कुछ टुकड़े डालें। अब इस ताजी और ठंडी-ठंडी ड्रिंक का सेवन करें। केला और पालक की स्मूदी केले और पालक की स्मूदी का सेवन भरपूर ऊर्जा देने के साथ-साथ काफी देर तक आपका पेट भरा रख सकती है।

इस स्मूदी को बनाने के लिए सबसे पहले एक ब्लेंडर में लो फैट दूध, दही, केला, ताजा पालक और पीनट बटर अच्छे से ब्लेंड करें। आप चाहें तो इस स्मूदी में बर्फ के कुछ टुकड़े और शहद भी डाल सकते हैं। इसके बाद स्मूदी का सेवन करें। हिबिस्कस आइस टी हिबिस्कस यानी गुड़हल की आइस टी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी और एक चौथाई कप सूखे गुड़हल के फूल डालकर उबालें और जब पानी आधा हो जाए तो गैस बंद करके मिश्रण को छानकर गिलास में डालें।

इसके बाद इसमें स्वादानुसार शुगर सीरप या शहद और ठंडा पानी मिलाएं, फिर इसमें बर्फ के कुछ टुकड़े और पुदीने की पत्तियां डालकर इसका सेवन करें।

नारियल पानी और नींबू के रस की ड्रिंककई तरह के विटामिन्स और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर नारियल पानी आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेगा, वहीं नींबू में मौजूद विटामिन सी शरीर को ताजगी का एहसास कराएगी। यह एनर्जी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले एक ब्लेंडर में ताजा नारियल पानी, नींबू का रस, शहद, पानी, सी सॉल्ट और अदरक डालकर ब्लेंड करें और फिर इस मिश्रण को एक गिलास में कुछ बर्फ के टुकड़ों के साथ डालकर पीएं।

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आज का राशिफल

मेष : (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)

आज इच्छित कार्य पूर्ण होंगे। आप भी व्यस्त रहने से थकान महसूस कर सकते हैं। अपनी दिनचर्या को संतुलित तथा व्यवस्थित करना पड़ेगा जिससे अधिकतर काम समय पर पूरे होते जाएंगे। बच्चों को समय दें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों तथा युवाओं को इंटरव्यू व करियर संबंधी परीक्षा में सफलता की पूरी संभावना है। इसलिए वे लोग अपनी पढ़ाई के प्रति एकाग्रचित्त रहें। तनान की तरफ ध्यान न दें तो बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।

वृष : (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वु, वे, वो)

आज मनोवांछित फल प्राप्त होगा। समय की कोई कमी नहीं रहेगी। व्यवसायिक तौर पर ग्रह स्थितियां आपके पक्ष में हैं। कार्यप्रणाली में कुछ बदलाव संबंधी योजनाएं बन सकती है। तरक्की के भी उचित अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी पेशा व्यक्ति अपने कार्य को बहुत सावधानी पूर्वक करें, क्योंकि कोई गलती होने की आशंका लग रही है। स्वास्थ्य सही रहेगा।

मिथुन : (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)

आज भाग्य आपके मनोनुकूल रहेगा। समय पर कार्य सम्पन्न होंगे। कुछ समय खुद के लिए भी बिताए। इससे आपको शारीरिक और मानसिक ताजगी के साथ ऊर्जा भी मिलेगी। आपको अपनी दिनचर्या संबंधी कामों को पूरा करने में पारिवारिक सदस्यों की मदद भी मिल सकती है। स्वास्थ्य सुधार होगा।

कर्क : (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आज आपका सामाजिक दायरा और पारिवारिक सम्बंध यश को बढाएंगे।कार्यक्षेत्र में अपने प्रतिद्वंदियों के सामने आपकी ही यशोगाथा रहेगी। आपका कोई कर्मचारी साथी आपकी योजना को लीक कर सकता है। इससे सावधान रहें और लापरवाही बिल्कुल ना करें। सभी कार्यों पर पैनी नजर अवश्य रखें। नौकरी में भी किसी के साथ भी उलझे नहीं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

सिंह : (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

आपकी ऊर्जा आज आपका भरपूर साथ देंगी। पारिवारिक जिम्मेदारियों का आप बखूबी निर्वाह करेंगे। आपका उदारवादी व सहायक दृष्टिकोण सामाजिक कार्यों में एक बेहतरीन मिसाल के रूप में सामने आएगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थी भी अपनी पढ़ाई के प्रति पूर्ण रूप से एकाग्रचित्र रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

कन्या : (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)

आज आपका मनोबल बढेगा। शत्रु पक्ष परास्त होंगे। लेकिन सावधानी फिर भी रखनी पडेगी। कोई भी व्यापारिक नया काम आज न शुरू करें तो सही है। आज स्थिति अधिक आपका साथ देगी है। कार्यक्षेत्र में सावधानी बरतना आवश्यक है। नौकरी पेशा व्यक्ति अपने काम को बखूबी अंजाम दे पाएंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

तुला : (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

आज आध्यात्मिक कार्यो में रूचि और बढेगी। आप अधिकतर समय धार्मिक तथा सामाजिक संबंधी सहयोगात्मक कार्य में व्यतीत होगा। गुप्त विद्याओं के प्रति भी आपका विशेष रुझान हो रहा है। इस समय आपके व्यक्तित्व के उत्थान संबंधी कुछ नए मार्ग साफ होने जा रहे हैं। सबका साथ मिलेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।

वृश्चिक : (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आज आप अधिकतर समय व्यस्त रहने मे व्यतीत होगा। अपने कुछ नजदीकी और विश्वसनीय मित्रों के साथ अपने कामकाज संबंधी विचार-विमर्श अवश्य करें। आपको बेहतरीन मार्गदर्शन प्राप्त होगा। तथा लाभदायक अनुबंध भी मिलने के योग हैं। परंतु इस बात का ध्यान भी अवश्य रखें कि आपकी रूचि धर्म कर्म में कम न हो। स्वास्थ्य बेहतर होगा।

धनु : (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)

आज किस्मत आपके साथ है। व्यवसायिक विकास के लिए किसी प्रभावशाली व्यक्ति का साथ तथा आपके राजनीतिक संपर्क बहुत अधिक लाभदायक साबित होने वाले हैं। सरकारी सेवारत व्यक्तियों को अपने किसी लक्ष्य को पूरा करने से प्रमोशन वगैराह भी मिल सकता है। विद्यार्थियों का मन विद्या ग्रहण करने में लगेगा। स्वास्थ्य लाभ होगा।

मकर : (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

आज मन की सुने और खुश रहें। अपने कार्यों से संबंधित नीतियों पर दोबारा विचार करके उनमें और अधिक सुधार लाने की कोशिश करें सफलता आपका इंतजार कर रही है। आपको सकारात्मक परिणाम अवश्य हासिल होंगे। विद्यार्थियों का अपनी शिक्षा के प्रति पूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित रखना उन्हें कोई उपलब्धि भी हासिल करवा सकता है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

कुंभ : (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

आप आपकी सकारात्मक सोच आपको ऊँचाइयों तक ले जाएगी। अपना पूर्ण ध्यान अपने कार्यस्थल पर केंद्रित रखें तथा दूसरों की सलाह की अपेक्षा अपने विचारों को ही प्राथमिकता दें क्योंकि ऐसा करने से वहाँ भी सफल आप ही होंगे। पारिवारिक वातावरण सहयोगात्मक रहेगा। स्वास्थ्य सही रहेगा।

मीन : (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

आज आप शान्तिपूर्ण तरीके से समय बिता पाएंगे। कोई भी काम करने से पहले उसके सभी पहलुओं पर अच्छी तरह सोच-विचार अवश्य करें। इससे परिस्थितियां पूर्णता आपके पक्ष में हो जाएगी। काफी समय से चल रही किसी काम में रुकावट भी आज दूर होगी। कुल मिलाकर शांति और सुकून भरा दिन व्यतीत होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

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देश के खिलाफ काम होगा तो कांग्रेस खड़ी हो जाएगी- राहुल

*कांग्रेस पुजारियों नहीं, तपस्वियों की पार्टी*

रायपुर, 26 फरवरी (एजेंसी)। कांग्रेस अधिवेशन के अंतिम दिन आज पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मैंने संसद में एक उद्योगपति पर निशाना साधा कि वो उद्योगपति कैसे नंबर वन बन जाते हैं ? एक ही उद्योगपति को सभी देशों में काम मिल जाता है। पीएम मोदी से यही सवाल पूछा कि अडानी से आपका रिश्ता क्या है?

पूरी मोदी सरकार इस सवाल के बाद अडानी की रक्षा करने लगी। क्या अडानी देश के लिए सबसे बड़े भक्त हैं? क्या है इस अडानी में, कि पूरी मोदी सरकार उसके सपोर्ट में खड़ी हो जाती है। अडानी मामले की जांच क्यों नहीं हो रही है ? जेपीसी क्यों नहीं बैठाई जा रही है? अडानी और मोदी एक हैं। देश का पूरा धन एक व्यक्ति के हाथ में जा रहा है। हम जब सिर्फ ये पूछते हैं कि रिश्ता क्या है?

हमारी पूरी की पूरी स्पीच हटा दी जाती है। जब तक अदानी की सच्चाई सामने नहीं आ जाती हम सवाल पूछते रहेंगे। अदानी की कंपनी में जो लोग काम कर रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि यह कंपनी देश को नुक़सान पहुंचा रही है। आज़ादी की लड़ाई भी एक कंपनी से शुरू हुई थी। उस कंपनी ने भी हिंदुस्तान का सारा धन उठा लिया था। इतिहास रिपीट हो रहा है। देश के खिलाफ काम हो रहा है। देश के खिलाफ काम होगा तो कांग्रेस पार्टी खड़ी हो जाएगी।

ये पुजारियों की पार्टी नहीं, तपस्वियों की पार्टी है। सिफऱ् चार महीने की तपस्या से सबसे देखा कि देश में कैसे जान आ गई। तपस्या बंद नहीं होनी चाहिए। हर नेता को इस तपस्या में शामिल होना चाहिये। सबका पसीना निकलना चाहिए। सीनियर नेता बैठे हैं। तपस्या का प्रोग्राम बनाइए। अपना खून पसीना देश को देंगे। हम जैसे ही तपस्या में खड़े हो जाएंगे, पूरा देश इसमें शामिल हो जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा कि सावरकर की विचारधारा है कि जो सबसे मजबूत हो, उसके सामने सिर झुका दो। आज केंद्र के मंत्री कहते हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत देश है उसके सामने टिक नहीं सकते। क्या यह देश भक्ति है, क्या यह राष्ट्रवाद है? यह तो यह तो सावरकर की विचारधारा है। भाजपा सत्ताग्राही पार्टी है। सत्ता के लिए किसी के सामने झुक जाएगी।

राहुल गांधी ने कहा कि कश्मीर किसी को पत्थर लगता है, बाकी लोग खुश क्यों होते हैं? समझ नहीं आता। कश्मीर घुसते हैं तो 40 हजार लोग हमारे साथ जुडऩे के लिए खड़े थे। पुलिस के लोग भीड़ देख गायब हो गए। कश्मीर के लोग तिरंगा उठाकर स्वगात कर रहे थे। आतंक प्रभावित इलाका जिसे कहा जाता है उस इलाके के युवाओं के हाथ में तिरंगा था।

सीआरपीएफ के लोग भी इसे देखकर आश्चयचकित थे। भारत के प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैंने भी लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फर्क अभी तक समझ नहीं आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में क्या फर्क है,समझिए। हमने तिरंगे की भावना वहां के युवाओं में डाल दी।

कश्मीर के लोगों ने मुझसे कहा आपने अपना दिल हमारे लिए खोला, हम अपने दिलमें तिरंगा खोल दिया है। यह काम भारत जोड़ो यात्रा ने किया। यह राहुल गांधी ने नहीं, कार्यकर्ताओं ने किया है, जनता ने किया है।

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छत्तीसगढ़ में ईडी के छापे पड़े लेकिन हमारे नेता नहीं डरे, डट कर खड़े हैं – प्रियंका

*देश को कांग्रेस की जरूरत, मिलकर लडऩा होगा*

रायपुर, 26 फरवरी (एजेंसी)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन आज पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने संबोधित करते हुए राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत से सफलता मिलेगी।

हमें एकजुट होकर लडऩा होगा। हमें गिले-शिकवे दूर करने होंगे। कांग्रेस को मजबूत करना होगा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश में बेरोजगारी बहुत बड़ा मुद्दा है। इस मुद्दे पर हमें एकजुट होकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुँचा रहे हैं।

देश के किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। देश के किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है। अब हमारे पास एक साल का वक्त है। जनता को हम से उम्मीद है। इस उम्मीद के लिए हमें जी-जान से लग जाना होगा।

देश को आज कांग्रेस की जरूरत है। कांग्रेस की विचारधारा जन-जन तक लेकर जाना होगा। विकास के मुद्दों पर काम करना होगा। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश का माहौल नकारात्मक है।

भविष्य के लिए हमें सकारात्मक होना होगा। पार्टी के लिए आप सब की जरूरत है आप निडर हैं।

छत्तीसगढ़ में ईडी के छापे पड़े लेकिन हमारे नेता डरे नहीं, लड़े हैं। वे डट कर खड़े हैं। देश के संविधान के लिए हम सबको मिलकर लडऩा है।

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प्राइवेट स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर होने वाली पांचवी-आठवीं परीक्षा पर हाईकोर्ट की रोक

भोपाल,26 फरवरी (एजेंसी)। प्राइवेट स्कूलों में बोर्ड पैटर्न पर होने वाली पांचवीं-आठवीं की परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग नीतियों को गलत माना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2021-22 से सरकारी स्कूलों में पांचवीं-आठवीं की बोर्ड परीक्षा शुरु की है। वर्ष 2022-23 से इनमें प्रायवेट स्कूलों को भी शामिल करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सत्र शुरु होने के बाद 12 सितम्बर 2022 को पत्र जारी किया था।

साथ ही कहा कि प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को अद्र्धवार्षिक परीक्षा के  बीस फीसदी अंक वार्षिक परीक्षा से जुड़ेंगे। अद्र्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा एनसीईआरटी यानि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के सिलेबस पर होंगी। प्रायवेट स्कूलों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि बोर्ड परीक्षा का आदेश सत्र शुरु होने के बाद आया है। दूसरा मप्र के सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी यानि मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम व अधिकांश प्राइवेट स्कूलों में एनसीआरटी का सिलेबस लागू होता है।

दोनों सिलेबस में हिंदी, हिंदी स्पेशल व संस्कृत की किताबें अलग-अलग हैं। इसे लेकर प्राइवेट स्कूल संचालक संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस. के पास पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू होता है। इन्हीं किताबों से बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। अब एनसीईआरटी सिलेबस पर परीक्षा होगी, तो इसमें बच्चों में भ्रम पैदा होगा।

राज्य शिक्षा केंद्र ने प्राइवेट स्कूलों की बात नहीं मानी। वह मनमानी कर परीक्षा कराने पर अड़ा रहा। इसे लेकर प्राइवेट स्कूलों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता संस्था के सदस्य स्कूलों में एससीईआरटी सिलेबस से बोर्ड परीक्षाएं करवाने पर रोक लगा दी।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एक सिलेबस से पढ़ाई वाले स्कूल में  दूसरे सिलेबस के बोर्ड परीक्षा करवाने के शिक्षा विभाग के आदेश को अवैध ठहरा दिया। मतलब साफ है कि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार संस्था के सदस्य स्कूलों में अब एससीईआरटी सिलेबस से पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं नहीं करवानी होगी। कोर्ट ने कहा कि अगर बोर्ड परीक्षा लेनी ही है तो याचिकाकर्ता स्कूलों में पढ़ाए जा रहे सिलेबस के आधार पर ही ली जाए।

हालांकि हाईकोर्ट ने ये राहत सिर्फ याचिकाकर्ता यानि मध्यप्रदेश अशासकीय विद्यालय परिवार के सदस्य स्कूलों को दी है। संस्था के सचिव जुगल मिश्रा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग से ये अपेक्षा जताई है कि वो प्रदेश के सभी स्कूलों को राहत दें और एनसीईआरटी सिलेबस वाले स्कूलों में दूसरे सिलेबस से बोर्ड परीक्षा लेने के आदेश रद्द कर दें।

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अधिवेशन समापन पर मल्लिकार्जुन बोले-हमारा नारा मजबूत कांग्रेस, बुलंद भारत

*खडग़े ने की भूपेश बघेल की जमकर तारीफ*

रायपुर, 26 फरवरी (आरएनएस)। कांग्रेस के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने आतिथ्य के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जोरदार तारीफ की।

श्री खडग़े ने कहा कि जिस शानदार तरीके से छत्तीसगढ़ में उन्हें प्यार मिला और डेलिगेट्स का ख्याल रखा गया, उसके लिए उन्हें बधाई देते हैं। अपने संबोधन में  कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को मजबूत कांग्रेस, बुलंद भारत का नारा दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि भाजपा के खिलाफ विचारधारा की लड़ाई तेज करनी होगी।

कांग्रेस एकजुट होकर लडऩे तैयार है। भारत जोड़ो यात्रा से यही संदेश मिला है। श्री खडग़े ने कहा कि निजीकरण, महंगाई, बेरोजगारी का मुकाबला करना होगा। मिश्रित अर्थव्यवस्था पर चलना होगा।

पूंजीवादी शक्तियों से देश को बचाना है। किसानों के आर्थिक उत्थान पर जोर देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कृषि क्षेत्र में और आर्थिक निवेश करना होगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अधिवेशन में किसानों के लिए जो प्रस्ताव यहां रखा गया था, उसका  वे समर्थन करते हैं। उन्होंने जातिगत जनगणना को जरूरी बताते हुए कहा कि आर्थिक समानता के लिए जनगणना जरूरी है।

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राजा के साथ भाग न जाए काजल इसलिए मालिक करेंंगे दोनों की शादी

बिलहरा,26 फरवरी (एजेंसी)। कुत्ता, कुतिया प्रेम में पड़कर भाग न जाएं, इसलिए उनके मालिक अब उनका विवाह करा रहे हैं। शनिवार को परंपरागत तरीके से दोनों की मंगनी कराई गई। मिठाई बांटी गई। अब नवरात्रि की दूज पर शादी होगी।

इसके लिए बकायदा कार्ड भी छपवाए जा रहे हैं। विवाह के दौरान प्रीतिभोज भी होगा। कुत्ता, कुतिया के प्रेम विवाह की दिलचस्प कहानी है सागर जिले के बिलहरा नगर परिषद क्षेत्र की। यहां अलीम खान के पास बचपन से एक कुत्ता रह रहा है। जिसका नाम परिजनों ने राजा रखा हुआ है। पिछले कुछ दिनों से वह घर से दूर-दूर एक कुतिया के साथ रहने लगा था।

लोगों ने देखा, अलीम खान कुत्ते को बुलाकर लाते, कुत्ता फिर उसी कुतिया काजल के पास चला जाता। इससे लोगों को लगा कि कुत्ते राजा को कुतिया का साथ पसंद है। कुतिया स्थानीय मंदे यादव की थी।

बकौल अलीम खान, इससे हमारे लोगों की चिंता हुई। आपस में चर्चा करी कि इसकी शादी कुतिया से कर दी जाए। सभी सहमत हो गए। तब हमने गाजे, बाजों के साथ परंपरागत तरीके से गत दिवस मंगनी कर दी।

अब नवरात्रि की दूज को इसकी शादी होगी। बाारात लगे, नाच गाना होगा : अलीम खान ने बताया कि शादी के लिए कार्ड छपवाए जा रहे हैं। बारात लगेगी, नाच गाना होगा। प्रीति भोज भी किया जाएगा। मंगनी में शगुन हमारी ओर से भेजा गया।

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भाजपा ने 103 हारी हुई सीटों को माना है आकांक्षी

*एक-एक सीट पर मंत्री-विधायक व बड़े नेता की होगी तैनाती*

भोपाल,26 फरवरी (एजेंसी)। मध्य प्रदेश में महज आठ महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पूरी तरह चुनावी समर में कूद गई है। भाजपा ने इस बार 200 पार का लक्ष्य रखा है, जिसे फतह करने के लिए पार्टी एक-एक सीट पर मंथन-चिंतन कर रही है। विशेषकर भाजपा के एजेंडे में यह सीटें अधिक हैं, जहां 2018 का उप-चुनावों में पार्टी को दस हजार मतों से हार मिली थी। प्रदेश में ऐसी 40 सीटें हैं, जिन्हें जीतकर भाजपा 200 पार के नारे का सामार करेगभ्।

इसके लिए एक-एक सीट पर मंत्री, विधायक व बड़े व कार्यकर्ताओं की तैनाती की जा रही है। इसके लिए कई दौर में चिंतन-मंथन हो चुका है। अब फिर से इन सीटों पर संगठन मंथन करने वाला है। इसकी शुरुआत हो गई है। भाजपा प्रदेश में कराए गए विकास कार्य व सत्ता-संगठन की मजबूती के बल पर चुनावी मैदान में सबसे पहले उतर गई है। पार्टी ने वैसे तो 103 हारी हुई विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, जिन्हें वे आकांक्षी सीटों का दर्जा दिया गया है। पार्टी ने तय किया है कि इन सीटों के एक-एक बूथ को मजबूत किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पार्टी के त्रिदेव संभालेंगे।

पार्टी ने इन सीटों को लेकर अलग-अलग निर्धारण किया है। जिसमें से पांच हजार के काम अंतर से हारी हुई 21 सीटं हैं, जिन्हें भाजपा ने एक नंबर पर रखा है। क्योंकि इनमें से ज्यादातर सीटें पार्टी गुटबाजी व बागियों की वजह से हार गई थी। लकिन इस बार स्थिति बेहतर है। जबकि 19 सीटें ऐसी हैं, जिनमें हार का अंतर दस हजार से कम है। इन्हें दूसरे नंबर पर रखा है।

इन सीटों पर सबसे अधिक फोकस रहेगा। पार्टी ने तय किया है कि यहां पर क्षेत्र के बड़े नेता, मंत्री व विधायकों को जिम्मेदारी दी जाएगी। शेष 63 सीटें ऐसी हैं, जहां हार का अंतर बड़ा रहा है। इसलिए क्षेत्रीय समीकरण व पार्टी विकास कार्यों के बल पर इन्हें जीतने का लक्ष्य रखा है। इन सीटों के हर बूथ में 51 प्रतिशत मत का लक्ष्य भी पार्टी ने रखा है।

यही वजह है कि सत्ताधारी दल एक-एक सीटें पर बहुत ही बारीकी से चिंतन मंथन कर रहा है। क्योंकि 200 पार के नारे को यही सीटें साकार कर सकती हैं। वर्ष 2018 में थी 124 अब रह गई 103 आकांक्षी सीटें – वर्ष 2018 विधानसभा चुनाव के बाद आए परिणामों की समीक्षा में 124 सीटें ऐसी थीं, जिन्हें आकांक्षी की श्रेणी में चिन्हित किया गया था।

लेकिन तब से अब तक हुए 34 सीटों के उप-चुनाव ने बाजी पलट दी। भाजपा को 21 सीटें जीतने में कामयाबी मिली। कुछ सीटें ऐसी थीं, जहां 2018 में भाजपा के प्रत्याशी तीसरे और चौथे नम्बर पर पहुंच गए थे।

पांच हजार से कम अंदर से हारी सीटें (21 सीट) एक हजार से भी कम अंतर- ग्वालियर दक्षिण, राजनगर, दमोह, ब्यावरा, सुवासरा, जबलपुर-उत्तर और राजपुर, दो हजार के कम अंतर – मंधाता, नेपानगर अजा, गुन्नौर, आगर (उप-चुनाव)

तीन हजार से कम अंतर-मुंगावली, पथरिया, तराना अजा, पिछोर.

चार हजार से कम अंतर से हारी सीटें – छतरपुर व वारासिवनी.

पांच हजार से कम अंदर – चंदेरी, देवरी, घट्टिया अजा, पेटलावद शामिल हैं।

दस हजार से कम अंतर वाली सीटें (19 सीटें) – सबलगढ़-8737, मुरैना-5751 (उप-चुनाव-20), लहार-9073, ग्वालियर पूर्व-8555 (उप चुनाव-20) चाचौड़ा-9797, डबरा अजा-7633 (उप चुनाव-20), बरघाट अजजा-7527, तेंदूखेड़ा-8643, भोपाल दक्षिण पश्चिम-6587, सोनकच्छ अजा-9818, बुरहानपुर-5120, कसरावद-5539, खरगौन-9512, भगवानपुरा अजजा-9716, देपालपुर-9044, राऊ-5703, नागदा-5117, बडनग़र-5381 और आलोट अजा-5448 शामिल हैं।

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वीर सावरकर को भारत रत्न मिले न मिले, वे वैसे ही देश के रत्न हैं : फडणवीस

इंदौर,26 फरवरी (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के इंदौर में गत दिवस बृहन्महाराष्ट्र मंडल के 70वें अधिवेशन की शुरुआत हुई। सम्मेलन में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए।

इस दौरान फडणवीस के सामने अलग-अलग प्रांतों से आए मराठी भाषियों ने नारे लगाए कि वीर सावरकर को भारत रत्न मिलना चाहिए। इसके बाद फडणवीस ने अपने भाषण में कहा कि वीर सावरकार को भारत रत्न मिले न मिले, वे वैसे ही देश के रत्न हैं।

वे किसी पुरस्कार के मोहताज नहीं हैं। फिर भी महाराष्ट्र सरकार ने केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है।

ताकि वह भारत रत्न रहे हमारे सावरकर को अधिकारिक भारत रत्न दिया जाना चाहिए।

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करोड़ों किसानों के लिए गुड न्यूज , आज पीएम मोदी जारी करेंगे 13वीं किस्त

नई दिल्ली 26 फरवरी, (एजेंसी)। 13वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को होली से पहले 13वीं किस्त जारी करने का ऐलान कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल 27 फरवरी को कर्नाटक के बेलगावी में दोपहर तीन बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 13वीं किस्त को जारी करेंगे।

पीएम 13वीं किस्त 8 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में डीबीटी के जरिए ट्रांसफर करेंगे। बता दें कि कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के जन्मदिन के मौके पर पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त (13वीं किस्त) जारी कर रहे हैं।

बता दें, अभी तक जिन किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अपनी ई-केवाईसी और भूलेखों का सत्पापन नहीं कराया है। उनके खाते में 13वीं किस्त के पैसे नहीं आएंगे। ऐसे में आपको जल्द से जल्द इन दोनों काम को करा लेना चाहिए।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी स्कीम है। इस स्कीम के अंतर्गत भारत सरकार हर साल किसानों के खाते में तीन किस्त के माध्यम से 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। हर किस्त के अंतर्गत 2 हजार रुपये की राशि किसानों के खाते में भेजी जाती है। अब तक किसानों के खाते में कुल 12 किस्त के पैसों को ट्रांसफर किया जा चुका है।

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