काशी की बनारसी साडिय़ों पर ऑपरेशन सिंदूर की वीरता की झलक

वाराणसी ,23 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की गूंज काशी की गलियों और बाजारों में भी सुनाई दे रही है।

बनारस की पहचान मानी जाने वाली बनारसी साडिय़ों पर इस ऑपरेशन की थीम उकेरी जा रही है, जो लोगों को आकर्षित कर रही है।
बनारस के साड़ी कारोबारियों ने देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर ऑपरेशन सिंदूर को अपने डिजाइन में शामिल किया है। इन साडिय़ों में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के शौर्य को एक साथ दर्शाया गया है।

साडिय़ों पर ब्रह्मोस मिसाइल, लड़ाकू विमान, युद्धपोत और सुदर्शन चक्र (एस-400) जैसे प्रतीक चिन्हों का चित्रण किया गया है। इन साडिय़ों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ये अब न सिर्फ स्थानीय बल्कि देशभर के लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।

दुकानदार विकास ने बताया कि हमने इस साड़ी को ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित होकर तैयार किया है। इसमें थल सेना, जल सेना और वायु सेना के प्रतीकों को एक साथ मिलाकर डिजाइन किया गया है। साड़ी पर ब्रह्मोस मिसाइल, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए तमाम लड़ाकू विमान समेत एस-400 भी दर्शाया गया है। इस साड़ी के माध्यम से हम एक संदेश देना चाहते हैं कि पूरा देश अपने सैनिकों के साथ खड़ा है, पूरा भारत एक है।

दुकानदार ने आगे कहा कि अभी तो हमने सेंपल तैयार किया है और भी साडिय़ां तैयार की जाएगी। देश के सैनिकों को हम अपनी तरफ से गिफ्ट देना चाहते हैं।

ये साडिय़ां न केवल पारंपरिक बनारसी कला का उदाहरण हैं, बल्कि उनमें समाहित देशभक्ति का जज़्बा हर किसी को गौरवान्वित करता है। स्थानीय लोगों के अलावा विदेशी पर्यटक भी इन खास साडिय़ों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। ये साडिय़ां अब राष्ट्रभक्ति की नई पहचान बन चुकी हैं, जो यह दर्शाती हैं कि जब देश की बात हो, तो हर वर्ग चाहे वह कलाकार हो या व्यवसायी, सभी एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा होता है।

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अभिनेता तुषार कपूर पहुंचे एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न

23.05.2025 – एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (नोएडा) परिसर में पिछले दिनों आयोजित एक खास कार्यक्रम में बॉलीवुड फिल्म ‘कपकपी’ की स्टार कास्ट ने शिरकत की। इस मौके पर इस फिल्म के प्रमुख कलाकार तुषार कपूर, सिद्धि इदनानी और सोनिया राठी ने छात्रों के साथ बातचीत की और अपने फिल्मी अनुभव साझा किए।

एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अभिनेता तुषार कपूर और हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘कपकपी’ के अन्य कलाकारों ने फिल्म की शूटिंग के मजेदार किस्से सुनाए और सवाल-जवाब के सत्र में भी भाग लिया। उन्होंने फिल्म के गाने ‘तितली’ पर परफॉर्म करके सभी को चौंका दिया। इसके साथ ही फिल्म का टीज़र और पोस्टर भी पहली बार

छात्रों के बीच पेश किया गया। इस मौके पर एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न (AAFT) के छात्रों ने भी कार्यक्रम को और खास बनाने के लिए नृत्य और स्किट प्रस्तुत किए। एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न के सीईओ अक्षय मारवाह अपने संबोधन में कहा कि ‘कपकपी’ की टीम के साथ हमारा कैंपस एक यादगार अनुभव से भर गया।

फिल्म के कलाकारों और छात्रों के बीच हुई सीधी बातचीत ने माहौल को बेहद प्रेरणादायक बना दिया, जहां उन्होंने हमारी 33 साल की रचनात्मक यात्रा को भी करीब से जाना। छात्रों का उत्साह और भागीदारी यह दिखाता है कि वे कैसे असली अनुभवों से प्रेरित होकर सीखने के लिए तैयार हैं। यही एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न की सोच है- ‘पढ़ाई को अनुभवों से जोड़ना’।

विदित हो कि नोएडा फिल्मसिटी स्थित ‘मारवाह स्टूडियो’ द्वारा संपोषित एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविज़न द्वारा भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को दिए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

यह संस्थान अपने विशाल 100 एकड़ की फिल्म सिटी, नोएडा में स्थित अपने प्रतिष्ठित ए ए एफटी नोएडा परिसर और और 27 एकड़ के रायपुर विश्वविद्यालय परिसर के साथ, तीन दशकों से रचनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है।

मोहित मारवाह और अक्षय मारवाह द्वारा सह-स्थापित ए ए एफटी विश्वविद्यालय और ए ए एफ टी ऑनलाइन के माध्यम से अपनी पहुँच का विस्तार करते हुए, अभिनव और उन्नत-स्तरीय पाठ्यक्रमों के साथ अपनी पहुँच को नवोदित प्रतिभाओं तक बढ़ाने की दृष्टिकोण के साथ यह संस्थान जनहित में रचनात्मक शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए मानक स्थापित करते हुए वैश्विक स्तर पर प्रतिभा का पोषण करने की दिशा में अपने स्थापना काल से ही गतिशील है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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सीएम योगी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए

लखनऊ ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद उत्पन्न आपदा की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जनपदों के अधिकारियों को तत्काल राहत कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आदेश दिया, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

सीएम योगी ने कहा कि अधिकारी तत्काल क्षेत्र का भ्रमण करें और प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण कर स्थिति का आकलन करें। उन्होंने आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान और बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि और पशुहानि की स्थिति में प्रभावितों को तुरंत राहत राशि वितरित करने के निर्देश दिए। साथ ही, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फसल नुकसान का सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजें, ताकि इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जलजमाव की स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि जनजीवन और खेती पर प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे इस आपदा के प्रभाव से जल्द उबर सकें।

इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए। जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

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हाईकोर्ट ने दिखाया आईना, कहा- आप लोग शिक्षक हैं, यह क्यों भूल रहे हैं

कोलकाता 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपनी एक टिप्पणी में आंदोलन कर रहें बर्खास्त शिक्षकों को आईना दिखाया और कहा कि, आप लोग शिक्षक हैं, यह क्यों भूल रहे हैं? पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने चल रहे बर्खास्त शिक्षकों के लगातार आंदोलन को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने आज अहम टिप्पणी की।

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां उन्होंने प्रदर्शनकारियों को याद दिलाया कि वे शिक्षक हैं और उन्हें अनुशासन नहीं भूलना चाहिए। आज हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि आप लोग शिक्षक हैं, यह बात क्यों भूल रहे हैं? कोर्ट आपके शांतिपूर्ण आंदोलन पर कोई रोक नहीं लगा रहा, लेकिन दूसरों को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने आगे कहा कि 500 लोगों की भीड़ नहीं हो सकती, अब से 50 से 100 लोग ही एक साथ बैठ सकेंगे। दरअसल, विकास भवन के सामने लंबे समय से आंदोलनरत शिक्षकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद, बिधाननगर उत्तर थाने ने कई बर्खास्त शिक्षकों को तलब किया था। इस तलब को चुनौती देते हुए दो शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

उसी पर आज सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में सुझाव दिया कि प्रदर्शनकारी शिक्षकों को विकास भवन के सामने की जगह मेला ग्राउंड में बैठना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वहां केवल शिक्षक ही बैठें, बाहर के लोग या किसी राजनीतिक दल के सदस्य वहां न आएं। इसके जवाब में शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता सुदीप्त मैत्र ने कहा कि मेला ग्राउंड काफी दूर है।

हालांकि, न्यायमूर्ति घोष ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मेला ग्राउंड विकास भवन से दूर नहीं है, और यदि कोई समस्या हो तो पुलिस उसे सुलझाएगी। इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ताओं के मामलों में केस डायरी तलब की जाएगी और पुलिस को गुरुवार सुबह तक केस डायरी पेश करनी होगी।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि गुरुवार सुबह 10 बजे तक याचिकाकर्ता पुलिस के समक्ष पेश हों, और तब तक पुलिस उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती। इस मामले में अगली सुनवाई गुरुवार शाम चार बजे होगी। हालांकि, आज की सुनवाई में अदालत ने कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया।

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सीएम ममता ने ली वर्दी वालों की क्लास, डीजी राजीव कुमार को भी लगी फटकार

सिलीगुड़ी /कोलकाता 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । एक बार फिर सीएम बनर्जी ने पुलिस की क्लास ली तो वर्दी वालों में सन्नाटा छा गया। सीएम ने बाकायदा बंगा पुलिस के मुखिया राजीव कुमार को फटकार लगाई। सीएम ममता उत्तर बंगाल के आठ जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या में आयोजित एक अहम बैठक कर रहीं थीं। तभी वहां मुख्यमंत्री ने पुलिस महकमे की जमकर क्लास ली।

कानून व्यवस्था की गिरती स्थिति और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर उन्होंने स्पष्ट नाराज़गी जताई। राज्य की गृह मंत्री होने के नाते ममता ने न सिर्फ ज़िला पुलिस अधिकारियों को फटकारा, बल्कि राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार को भी नहीं बख्शा। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे इलाकों की संवेदनशीलता पर बल दिया। उन्होंने पुलिस को चेताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

लेकिन जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, ममता बनर्जी ने एक-एक कर पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब करना शुरू कर दिया। कूचबिहार के एसपी द्युतिमान भट्टाचार्य से उन्होंने सीधे सवाल किया कि डीएसपी हेडक्वार्टर चंदन दास बैठक में क्यों नहीं आए। जवाब सुनने से पहले ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें काम नहीं करने दिया जा रहा है। पुलिस के भीतर गुटबाजी क्यों हो रही है? पुलिस का काम है जनता की सेवा, न कि ग्रुप बनाकर किसी को दरकिनार करना।

मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर चंदन दास ने सिर्फ इतना कहा कि वे बैठक में वर्चुअली शामिल थे और इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, क्योंकि यह पुलिस का आंतरिक मामला है। बैठक में एक और पुलिस अधिकारी नीरज सिंह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ भी कई शिकायतें मिल रही हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि नीरज किस जिले में पदस्थ हैं।

ममता ने स्पष्ट कहा कि बॉर्डर पर निगरानी और सख्ती होनी चाहिए। बैठक में कूचबिहार से तृणमूल सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने शिकायत की कि ग्रामीण सड़कों पर भारी ट्रकों की आवाजाही से नई बनी सड़कें टूट रही हैं। इस पर ममता ने राजीव कुमार को डांटते हुए कहा, “मैं कितनी बार कह चुकी हूं कि ओवरलोडेड ट्रक गांवों में न घुसें। फिर भी ऐसा क्यों हो रहा है?

कोई पैसा खाकर ट्रकों को एंट्री दे रहा है क्या? यह काम आईसी की निगरानी में होता है और इसकी ज़िम्मेदारी डीजी की बनती है।” मुख्यमंत्री ने माइक से थोड़ा हटकर भी कहा, “कुछ भी कहो, ये लोग सुनते ही नहीं!” राजीव कुमार ने जवाब में कहा, “मैं देख लूंगा मैम!” मगर ममता इससे संतुष्ट नहीं हुईं और दोबारा फटकार लगाते हुए बोलीं, “कब तक देखोगे? मेरी ज़ुबान थक गई है एक ही बात बार-बार कहते-कहते।”

गौरतलब है कि राजीव कुमार को ममता बनर्जी का विश्वासपात्र माना जाता है। वर्ष 2019 में जब उनके घर पर सीबीआई ने छापा मारा था, तब ममता ने धरना देकर उनका समर्थन किया था। इस बार सार्वजनिक रूप से ममता की नाराज़गी सामने आने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि प्रशासन के कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह मुख्यमंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया थी और इससे राजीव पर उनका भरोसा कम नहीं होगा।

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नीट-पीजी काउंसलिंग में अब नहीं होगी सीट ब्लॉकिंग, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के दौरान चल रही सीट ब्लॉकिंग जैसी अनियमितताओं पर सख्ती दिखाते हुए नीट-पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया में सुधार के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि सीट ब्लॉकिंग से निचली रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को फायदा जबिक उच्च रैंकिंग वाले उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाता है। सीट ब्लॉकिंग गहरी प्रणालीगत खामियों को भी दर्शाता है।

जस्टिस जे.बी. पारडीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह फैसला दिया है, जो कि देशभर में मेडिकल पीजी एडमिशन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति जेबी पारडीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ एनईईटी पीजी परीक्षाओं के लिए मेडिकल प्रवेश/परामर्श प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर सीटों को ब्लॉक करने के मुद्दे पर विचार कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग की गड़बडिय़ों से सीटों की वास्तविक उपलब्धता विकृत हो जाती है, उम्मीदवारों के बीच असमानता बढ़ती है और अक्सर प्रक्रिया योग्यता से अधिक संयोग से संचालित होती है।

कोर्ट ने कहा कि सीट ब्लॉकिंग केवल एक अलग-थलग गलत काम नहीं है। यह खंडित शासन, पारदर्शिता की कमी और कमजोर नीति प्रवर्तन में निहित गहरी प्रणालीगत खामियों को दर्शाता है।

एनईईटी-पीजी काउंसलिंग में सीट ब्लॉकिंग तब होती है जब उम्मीदवार अस्थायी रूप से सीटें स्वीकार करते हैं, लेकिन बाद में अधिक पसंदीदा विकल्प प्राप्त करने के बाद उन्हें छोड़ देते हैं।

इससे वे सीटें पहले दौर में अनुपलब्ध रहती हैं और बाद के चरणों में ही खुलती हैं, जिससे उच्च रैंक वाले उम्मीदवारों को नुकसान होता है, जो पहले से ही कम पसंदीदा विकल्पों के लिए प्रतिबद्ध हो सकते हैं।

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छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं, रूस दौरे से पहले प्रतिनिधिमंडल का स्पष्ट संदेश

नई दिल्ली ,22 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में रूस रवाना होने से पहले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को पूरी दुनिया को पहुंचाने जा रहे हैं कि हम आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे।

पत्रकारों से बातचीत में इन नेताओं ने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं। भारत की सुरक्षा के साथ कोई खिलाड़ी करने का दुस्साहस करेगा , तो हम उसे मुंहतोड़ जवाब देंगे। हमने पहले भी दिया है और निश्चित तौर पर आगे भी देंगे।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और भाजपा सांसद कैप्टन ब्रिजेश चौटा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया। यह मेरे लिए अद्भुत पल है कि पहली बार सांसद बनने के बावजूद भी मुझे यह मौका दिया गया।

उन्होंने कहा कि वहां जाकर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश पहुंचाएंगे कि हम आतंकवाद को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेंगे। हम पूरी दुनिया को यह संदेश देंगे कि भारत आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकता है। प्रधानमंत्री वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हम व्यापार और आतंक को एक साथ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं कर सकते हैं, खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत अपनी स्थिति काफी पहले ही स्पष्ट कर चुका है। इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से लगातार नए नैरेटिव स्थापित किया जा रहा है, वह नया प्रोपेगेंडा चला रहा है, लेकिन हम वैश्विक मंच पर उसकी नापाक चेहरे को बेनकाब करेंगे।

वहीं, आप नेता और राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए असलियत दिखा दी। जिसके बाद से वह लगातार हो हल्ला कर रहा है और पूरी दुनिया में भारत को लेकर झूठ बोल रहा है कि भारत ने हमारे नागरिकों को निशाना बनाया और हमारे प्रतिष्ठानों पर हमले किए।

ऐसा करके पाकिस्तान मुद्दों को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहा है। हम अपने इसी संदेश को विदेश में पहुंचाना चाहते हैं कि भारत एक शांति प्रिय देश है, था और रहेगा। लेकिन, अगर हमारे ऊपर युद्ध थोपने का प्रयास किया जाएगा, तो हम उसका माकूल जवाब देंगे।

सांसद ने आगे कहा कि पाकिस्तान लगातार यह धमकी देता है कि हमारे पास परमाणु है, लेकिन इस ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने यह दिखा दिया कि अगर पाकिस्तान के पास परमाणु है, तो भारत के पास वह सामर्थ्य है कि हम उसके परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकते हैं।

हमने यह संदेश पाकिस्तान को दिया है। हम अपने प्रतिनिधिमंडल के जरिए दुनिया को यही संदेश देना चाहते हैं कि हमने पाकिस्तान को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, हमने सिर्फ उनके आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया है।

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CM श्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति बहुमंजिली छात्रावास निर्माण की रखी आधारशिला

राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड

करमटोली, रांची, 22.05.2025 ((Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  –  राज्य के छात्र- छात्राओं का बेहतर भविष्य सुनिश्चित हो। यहां के विद्यार्थी हर क्षेत्र में अच्छा मुकाम हासिल करें, इसके लिए उन्हें जो भी संसाधन की जरूरत होगी, राज्य सरकार मुहैय्या कराएगी । मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची में 520 शैय्या वाले अनुसूचित जनजाति बहुमंजिली छात्रावास निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल और कॉलेज की शिक्षा में नया आयाम जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

हमारी परिकल्पना को अब मिल रहा मूर्त रूप

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण विभाग के सभी छात्रावासों का जीर्णोद्धार करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इसी कड़ी में आज आदिवासी छात्रावास परिसर, करमटोली, रांची में बहुमंजिली छात्रावास निर्माण की हमारी परिकल्पना भूमि पूजन के साथ साकार हो रही है। लेकिन, उस दिन हमें और भी खुशी होगी, जब सभी आवश्यक सुविधाओं से सम्पन्न यह छात्रावास पूरी तरह बनकर तैयार होगा और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से अपने भविष्य को संवारने का सपना लेकर आने वाले गरीब आदिवासी बच्चे यहां शिफ्ट करेंगे।

आप सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, सरकार आपकी चिंताएं दूर करेगी

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करें, उनकी जो भी समस्याएं और चिंताएं होगी, उसे सरकार दूर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावास में विद्यार्थियों को अब अपने घर से चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री लाने की जरूरत नहीं होगी । उन्हें सरकार की ओर से तीनों वक्त का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यहां रसोईया और चौकीदार भी होंगे। वहीं, विद्यार्थियों के पठन- पाठन से संबंधित जरूरी संसाधन की भी व्यवस्था होगी।

यहां के बच्चे आगे बढ़े, सरकार कर रही पूरा सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का जमाना है। ऐसे में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ जैसे कोर्सेज की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को सरकार हर स्तर से सहयोग कर रही है। यहां के गरीब बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे कोर्सेज करने में आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए गुरु जी क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से बिना किसी गारंटी के 15 लाख रुपए तक का किफायती ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां के बच्चे सिविल सर्विसेज जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित करें, इसके लिए उन्हें कोचिंग के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

स्कूल कॉलेजों में जोड़े जा रहे हैं नए आयाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्कूल- कॉलेजों में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। यहां जो कमियां थी, उसे दूर कर रहे हैं। आज हमारे सरकारी स्कूल और कॉलेज कई मायनों में निजी शैक्षणिक संस्थानों से बेहतर साबित हो रहे हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के कई विद्यार्थियों द्वारा 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करना इसी का परिचायक है । आने वाले दिनों में ऐसे ही कई और विद्यालय खुलेंगे, जहां के गरीब विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से राज्य का नाम रोशन करेंगे।

सभी जिलों में खुलेंगे भव्य पुस्तकालय

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के नाम से सभी जिलों में भव्य पुस्तकालय खोलने की घोषणा की । उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों में हर तरह की पुस्तकें और पत्रिकाएं उपलब्ध होगी। राज्य में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए सरकार आने वाले दिनों में कई और कदम उठाएगी।

इस अवसर पर मंत्री श्री चमरा लिंडा, राज्य सभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, सचिव श्री कृपानंद झा, सचिव श्री अरवा राजकमल और आदिवासी कल्याण आयुक्त श्री अजय नाथ झा विशेष रूप से मौजूद थे।

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भारत अपने फैसले खुद करता है किसी तीसरे पक्ष…

ट्रंप के मध्यस्थता के दावों के बीच जयशंकर की दो टूक

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों को बड़ा झटका दिया है। इस सैन्य कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जिस पर 10 मई को अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद सीजफायर की घोषणा कर दी गई। अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

 जयशंकर इन दिनों यूरोप दौरे पर हैं और डच सरकारी चैनल NOS को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने पहली बार खुलकर इस संघर्ष और सीजफायर पर बात की। उन्होंने कहा, “अमेरिका यह भलीभांति समझता है कि भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जो अपने हितों के आधार पर ही निर्णय लेता है।”

विदेश मंत्री ने कहा कि 22 अप्रैल के हमले के जवाब में भारत का संदेश साफ था, “अगर इस तरह के हमले दोबारा हुए, तो कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों – भारत में हों या पाकिस्तान में।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन के जरिए एक स्पष्ट संदेश गया है कि “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या, जो उनके परिवारों के सामने की गई, बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए दावा किया था कि उन्होंने ट्रेड वार्ता के माध्यम से तनाव कम करवाने में अहम भूमिका निभाई है।

हालांकि भारत ने ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया और साफ किया कि “जम्मू-कश्मीर सहित भारत-पाकिस्तान से जुड़ा कोई भी मुद्दा केवल द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाएगा।” जयशंकर ने भी यही दोहराया कि “भारत अपने फैसले खुद करता है, और किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है।”

जयशंकर ने पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “पाकिस्तान के निर्णय धार्मिक सोच से प्रेरित होते हैं। वहां का नेतृत्व, विशेषकर आर्मी चीफ, ऐसे हमलों को उकसाने में शामिल रहा है।”

गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित कई आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों से भारत के कई शहरों को निशाना बनाया।

इसके बाद, 10 मई को अचानक सीजफायर का ऐलान किया गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भी चौंका दिया। भारत का रुख अब साफ है — आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार।

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भीषण मुठभेड़

सुरक्षाबलों ने जैश के 3-4 आतंकवादियों को घेरा

श्रीनगर 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गुरुवार सुबह से भीषण मुठभेड़ जारी है। जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के 3 से 4 आतंकियों को घेर लिया है।

यह मुठभेड़ छात्रु क्षेत्र के सिंहपोरा गांव में उस समय शुरू हुई जब जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।

 सूत्रों के अनुसार, यह वही आतंकी समूह है जो हाल ही में इसी क्षेत्र में हुई एक मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था। इस बार सुरक्षाबलों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया है और ऑपरेशन अभी भी जारी है। गौरतलब है कि घाटी में बीते कुछ दिनों से आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।

13 मई को शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादी मारे गए थे, वहीं 16 मई को त्राल में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों को ढेर किया गया। इन ऑपरेशनों के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने तक अभियान जारी रहेगा।

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बलूचिस्तान में हुए धमाके में PAK ने लगाया आरोप तो भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

ध्यान भटकाने का हथकंडा

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाता रहा है।

भारत ने सोमवार को बलूचिस्तान के खुजदार शहर में एक स्कूल बस पर हुए आत्मघाती हमले में भारत की संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया है। इस हमले में चार बच्चे मारे गए थे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आरोपों की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाता है। भारत ने घटना में हुई मौतों पर भी संवेदना व्यक्त की।

जायसवाल ने एक बयान में कहा, “भारत आज खुजदार में हुई घटना में भारत की संलिप्तता के बारे में पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को खारिज करता है।

भारत ऐसी सभी घटनाओं में हुई मौतों पर शोक व्यक्त करता है। हालांकि, आतंकवाद के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी प्रतिष्ठा से ध्यान हटाने और अपनी खुद की बड़ी विफलताओं को छिपाने के लिए, अपने सभी आंतरिक मुद्दों के लिए भारत को दोष देना पाकिस्तान के लिए दूसरी प्रकृति बन गई है। दुनिया को धोखा देने की यह कोशिश विफल होने के लिए अभिशप्त है।”

पाकिस्तान ने बुधवार सुबह बलूचिस्तान के खुजदार शहर में एक स्कूल बस पर हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। जब विस्फोट हुआ, तब खुजदार में सेना द्वारा संचालित स्कूल जा रही बस में लगभग 40 छात्र सवार थे, जिनमें से कई घायल हो गए।

पाकिस्तान की सेना और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की निंदा की और इस घटना के लिए ‘भारतीय आतंकी एजेंटों’ को दोषी ठहराया। हालांकि, हर बार की तरह इस बार भी इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया गया।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ने कहा, ”इस कायरतापूर्ण प्रायोजित हमले के योजनाकारों, उकसाने वालों का पता लगाया जाएगा और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”

बलूचिस्तान में हुए इस हमले में अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। साल 2014 में पाकिस्तान में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक में 130 से अधिक स्कूली बच्चों की जान चली गई थी। यह पेशावर के एक सैन्य स्कूल पर हुआ था। उस हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने ली थी।

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वक्फ इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं…न ही संविधान के तहत मौलिक अधिकार

केंद्र ने SC में कहा

नई दिल्ली 22 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, लेकिन यह इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं है। इसलिए इस पर संविधान के तहत मौलिक अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने शीर्ष कोर्ट से यह बात कही।

मेहता ने कहा, वक्फ एक इस्लामी अवधारणा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता, लेकिन जब तक इसे इस्लाम का आवश्यक हिस्सा नहीं माना जाता, तब तक अन्य दलीलों का कोई मतलब नहीं है।” केंद्र ने यह जवाब वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया। मेहता ने अधिनियम का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी जमीन पर दावा करने का अधिकार नहीं है, भले ही वह जमीन वक्फ के रूप में घोषित की गई हो।

उन्होंने आगे कहा, “कोई भी व्यक्ति सरकारी जमीन पर दावा नहीं कर सकता। सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है, जो कहता है कि अगर संपत्ति सरकारी है और वक्फ के रूप में घोषित की गई है, तो सरकार उसे बचा सकती है।” सॉलिसिटर जनरल ने जोर देकर कहा, “वक्फ संपत्ति एक मौलिक अधिकार नहीं है। इसे कानून द्वारा मान्यता दी गई थी। अगर कोई अधिकार विधायी नीति के तहत दिया गया है, तो उसे हमेशा वापस लिया जा सकता है।”

चीफ जस्टिस (सीजेआई) बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को अप्रैल में संसद से पारित किया गया था और पाँच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद यह कानून बन गया। लोकसभा में इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े थे, जबकि राज्यसभा में समर्थन में 128 और विरोध में 95 मत पड़े थे।

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देश में 26 हजार करोड़ के विकास कार्यों का बीकानेर में लोकार्पण

पीएम मोदी बोले—करणी माता के आशीर्वाद से मजबूत हो रहा विकसित भारत का संकल्प

बीकानेर 22 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में 26 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि करणी माता के आशीर्वाद से विकसित भारत का संकल्प और अधिक मजबूत हो रहा है।

देशभर के राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, लेफ्टिनेंट गवर्नर्स और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और लाखों लोगों की ऑनलाइन भागीदारी के बीच प्रधानमंत्री ने बीकानेर की धरती से विकास का नया संकल्प दोहराया।

26000 करोड़ की विकास परियोजनाएं

प्रधानमंत्री ने बताया कि थोड़ी देर पहले बीकानेर में 26 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, जो आधुनिक भारत की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। उन्होंने राजस्थान सहित देशभर के नागरिकों को बधाई दी।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर 6 गुना ज्यादा निवेश

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का ‘महायज्ञ’ चल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सड़कों, एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशनों और अन्य ढांचागत संरचनाओं के निर्माण पर सरकार पहले की तुलना में छह गुना अधिक निवेश कर रही है।

विकास के प्रतीक बने नए ब्रिज और ट्रेन नेटवर्क

प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे आधुनिक ब्रिज और ट्रेन नेटवर्क का ज़िक्र करते हुए कहा— “उत्तर में बृजेश ब्रिज, पूर्व में असम का बोगीबील ब्रिज, पश्चिम में मुंबई का समंदर पर बना अटल सेतु और दक्षिण में बम बम ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट आज भारत की नई पहचान बन रहे हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी ट्रेनों के ज़रिए देश का रेल नेटवर्क आधुनिक हो रहा है। आज करीब 70 रूट पर वंदे भारत ट्रेनें दौड़ रही हैं, जिससे दूरदराज़ के क्षेत्रों तक आधुनिक रेल सेवाएं पहुंच रही हैं।

देशवासियों को प्रधानमंत्री की बधाई

कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बधाई देते हुए कहा—”मैं राजस्थान के मेरे भाई-बहनों को, और देशवासियों को इन विकास कार्यों के लिए दिल से बधाई देता हूं। ये परियोजनाएं नए भारत की नींव मजबूत करेंगी।”

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सांसद राजीव प्रताप रूडी ने गरखा में शहीद के परिजनों से की मुलाकात

सांसद  राजीव प्रताप रूडी ने  शहीद मोहम्मद इम्तियाज को श्रद्धांजलि दी

गरखा, 21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में मिस्र, क़तर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका की यात्रा पर रवाना होने से पहले, सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  राजीव प्रताप रूडी ने आज गरखा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत स्थित नारायणपुर गांव का दौरा किया और सीमा सुरक्षा बल के शहीद सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज के परिजनों से मुलाकात की।

शहीद के परिवार को ढांढस बंधाते हुए श्री रूडी ने कहा कि देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सपूतों का योगदान युगों तक स्मरणीय रहेगा। इस दौरान सांसद के साथ बिहार सरकार के मंत्री सह अमनौर विधायक  कृष्ण कुमार मंटू, पूर्व विधायक  मुनेश्वर चौधरी, पूर्व विधायक  ज्ञानचंद मांझी, जदयू जिलाध्यक्ष  अल्ताफ राजू,  वैद्यनाथ प्रसाद विकल, जिला उपाध्यक्ष  श्यामसुंदर प्रसाद, जिला प्रवक्ता  संजय सिंह, पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  राकेश सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष  हरेंद्र सिंह, महामंत्री  निरंजन शर्मा भी मौजूद रहे।

सांसद ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बुजुर्गों से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। राजीव प्रताप रूडी  ने कहा कि शहीद मोहम्मद इम्तियाज के प्रति यह श्रद्धांजलि न केवल एक सैनिक के सम्मान में है, बल्कि उन सभी परिवारों के प्रति आदर है, जिन्होंने अपने लाल देश के लिए समर्पित किए हैं। सांसद  रूडी ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनके परिवारों की सेवा ही राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च रूप है।

मैं इस पुण्य कार्य से ऊर्जा लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के विदेश दौरे पर जा रहा हूँ, जहाँ भारत की आवाज़ को वैश्विक मंच पर और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा से पहले ऐसे पुण्य स्थल पर आकर मुझे नई ऊर्जा मिली है, जिसे लेकर मैं भारत की आवाज़ को और मजबूती से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रख सकूंगा।

रुडी ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का विदेश दौरा भारत की एकजुटता, राष्ट्रीय संप्रभुता और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ दृढ़ प्रतिबद्धता को साझा करने का अवसर है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भारत की सोच, संकल्प और नीति को स्पष्ट संदेश के रूप में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखेंगे।

मालूम हो कि प्रतिनिधिमंडल के इस दौरे का उद्देश्य भारत की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को वैश्विक मंचों पर स्पष्ट रूप से रखना है। यह यात्रा हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध भारत की निरंतर लड़ाई का प्रतीक है।

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विकसित भारत की नींव बनेंगे अमृत स्टेशन

– जया वर्मा सिन्हा

नई दिल्ली , 21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए देश में परिवर्तन तीव्र गति से और स्पष्ट रूप से हो रहा है, जिसे हर नागरिक और आगंतुक सहजता से देख और अनुभव कर सकते हैं। यह विकास अब केवल नीतियों और राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भवनों, सड़कों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

देश में बने एक्सप्रेसवे पर यात्रा करते हुए यह महसूस होता है कि राज्यों के बीच संपर्क में सुधार हुआ है और यात्रा अधिक सुगम हो गई है। इसका उदाहरण वे आधुनिक हवाई अड्डे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते हुए भारत को एक वैश्विक पहचान दिलाते हैं। यह परिवर्तन स्मार्ट शहरों के निर्माण के हिस्से के रूप में हो रहा है, जहां आधुनिक तकनीक, स्मार्ट भवनों और दीर्घकालिक योजनाओं के माध्यम से विकास को गति मिल रही है।

पहले रेलवे का नजरअंदाज किया गया था, लेकिन अब यह भी इस परिवर्तन का हिस्सा बन चुका है। भारतीय रेलवे स्टेशनों को पहले केवल भीड़-भाड़ वाले, नीरस स्थान के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब इन्हें आधुनिक रूप में तब्दील किया जा रहा है। इनका उद्देश्य केवल एक यात्री के आवागमन की सुविधा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक केंद्र और शहरों की पहचान के रूप में उभरना है। पहले जहां स्टेशन केवल यातायात का केंद्र थे, वहीं अब ये एक नई पहचान और उच्चतम मानक वाली सुविधाओं के साथ विकसित हो रहे हैं।

अमृत भारत स्टेशन परियोजना इस बदलाव का केंद्र बिंदु है। भारतीय रेलवे की अगुवाई में, इस परियोजना के तहत देशभर में 1,300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यह सिर्फ भौतिक संरचनाओं और तकनीकी सुविधाओं को जोड़ने का काम नहीं, बल्कि यह भारत के सार्वजनिक स्थानों के प्रति दृष्टिकोण को बदलने की दिशा में एक कदम है। इस परियोजना का उद्देश्य है कि रेलवे स्टेशनों को न केवल यात्री सुविधाओं के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाए।

पहले जहां रेलवे स्टेशन केवल एक बडे़ पैमाने पर यात्रियों के आवागमन के स्थान होते थे, अब ये शहरों की पहचान और जीवनशैली के प्रतीक बन गए हैं। इन स्टेशनों को अब एक नए दृष्टिकोण से डिजाइन किया जा रहा है, जहां केवल ट्रेनों का संचालन ही नहीं, बल्कि लोगों के अन्य आवश्यक कामकाज भी पूरे होते हैं। अमृत भारत स्टेशन परियोजना का प्रमुख उद्देश्य दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना है।

इसमें रेलवे स्टेशनों का मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है, जो न केवल यात्रियों की संख्या और यातायात को ध्यान में रखे, बल्कि हर स्टेशन के स्थानीय परिप्रेक्ष्य, संस्कृति और शहर के विकास की जरूरतों को भी समाहित करे। यह योजना प्रत्येक स्टेशन के लिए अनुकूल और जरूरी सुधारों की दिशा में अग्रसर है, ताकि यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक अनुभव मिल सके।

इसमें छोटे बदलावों से कहीं ज्यादा, रेलवे स्टेशनों को एक जीवंत सार्वजनिक स्थल में बदलने की प्रक्रिया है, जो परिवहन, खरीदारी, पर्यटन और सामाजिक मिलन केंद्र के रूप में कार्य करता है। अब इन स्टेशनों का डिज़ाइन ऐसी योजनाओं पर आधारित है, जो यात्रियों के आराम और उनकी सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखे।

स्टेशनों के डिज़ाइन में पारंपरिक तत्वों के साथ-साथ आधुनिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन न केवल अपनी सौंदर्यता से बल्कि अपनी उपयोगिता से भी लोगों के जीवन में योगदान करें। इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता और डिज़ाइन में सुधार, यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए दिव्यांगजनों और वृद्धों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और विशेष रास्ते बनाए जा रहे हैं। स्टेशन अब केवल आवागमन का स्थान नहीं रहेंगे, बल्कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेंगे, जहाँ लोग सिर्फ यात्रा करने के लिए नहीं, बल्कि आनंद और विश्राम के लिए भी आएंगे।

अमृत भारत स्टेशन परियोजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, खुला और सभी के लिए सुलभ स्थान बनाना है, जहां हर व्यक्ति अपनी जरूरतों और अनुभवों के अनुसार सुविधाओं का लाभ उठा सके। इस परियोजना के माध्यम से भारतीय रेलवे की सोच में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है, जहां यात्रा के स्थान को एक नए और समग्र दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

लेखिका जय वर्मा सिन्हा भारतीय रेल की पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं।

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अब बस्तर बंदूक नहीं, विकास के लिए पहचाना जाएगा : विष्णुदेव साय

नक्सल कमांडर बसवराजु मुठभेड़ में ढेर

रायपुर/नारायणपुर, 21 मई 2025 (एजेंसी)  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेता बसवराजु का खात्मा इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह पूरे देश के लिए एक बड़ी कामयाबी है और इसका श्रेय हमारे वीर जवानों को जाता है।

मैं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह का विशेष आभार प्रकट करता हूं, जिनके मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण यह संभव हो सका। यह कहना है छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का, जिन्होंने नारायणपुर जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता पर प्रतिक्रिया दी।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के घने जंगलों में चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने अब तक 27  नक्सलियों को मार गिराया है। सबसे बड़ी बात यह है कि मुठभेड़ में माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु को ढेर कर दिया गया है। उस पर भारत सरकार ने 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया था। बसवराजु की मौत को सुरक्षा एजेंसियां नक्सली नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने वाला कदम मान रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह केवल एक मुठभेड़ नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य को बदलने वाला क्षण है। अब वह समय दूर नहीं जब बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे क्षेत्र हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के केंद्र के रूप में जाने जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नक्सलवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति पर अडिग है और ऑपरेशन को अंतिम छोर तक पहुंचाया जाएगा।

इस कार्रवाई में शामिल सुरक्षाबलों को मुख्यमंत्री ने सलाम करते हुए कहा कि — इनकी बहादुरी ने इतिहास रच दिया है। यह सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे भारत की जीत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसवराजु की मौत से माओवादी संगठन में गहरी हलचल होगी और उनके नेटवर्क के टूटने की प्रक्रिया अब तेज़ हो जाएगी। यह मुठभेड़ नक्सलवाद के खात्मे की ओर बढ़ते भारत की नई तस्वीर है।

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खडग़े के बयान पर भड़की भाजपा, सुंधाशु त्रिवेदी बोले- ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना बताना सेना का अपमान है

नई दिल्ली ,21 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए बयान पर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेताओं के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना कहना न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों का भी अपमान है।

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को एक बयान में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य और पराक्रम के प्रतीक ऑपरेशन सिंदूर को मामूली घटना कहना न केवल निंदनीय है, बल्कि हमारे सशस्त्र बलों के साहस और 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान भी है। इससे पहले, राहुल गांधी ने भी भारतीय विमानों और अन्य संबंधित मामलों पर अनुचित टिप्पणियां की थीं, जैसा कि वे पहले भी बार-बार करते रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, राहुल गांधी और अब मल्लिकार्जुन खडग़े के बयानों के बाद स्पष्ट हो गया है कि हाल के दिनों में ‘इंडी गठबंधन’ के नेताओं के बयान आकस्मिक नहीं, बल्कि एक सुविचारित, भारत-विरोधी और पाकिस्तान को ऑक्सीजन देने वाली विचारधारा से प्रेरित हैं। खडग़े का बयान यह भी दर्शाता है कि ‘इंडिया गठबंधन’ नाम रख लेने से कोई दिल से इंडियन नहीं हो जाता।

आज तथाकथित ‘इंडिया गठबंधन’ के नेताओं के बयान जिस तरीके से पाकिस्तान की मीडिया में, पाकिस्तान की संसद में, पाकिस्तान की डिफेंस फोर्सेज की ब्रीफिंग में, पाकिस्तान द्वारा भारत के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिए जा रहे हैं, मुझे लगता है कि ‘इंडिया गठबंधनÓ का नाम इंडिया रखना मुखौटा है, अंदर से ऐसा दिखाई पड़ता है कि यह ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ पाकिस्तान’ होता चला जा रहा है।

सुधांशु त्रिवेदी ने शहबाज शरीफ के बयान का जिक्र करते हुए कहा, मैं खडग़े को एक बात याद दिलाना चाहता हूं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ऑन रिकॉर्ड एक बयान है। शाहबाज शरीफ ने कहा कि हमें रात को 2:30 बजे 9 और 10 मई की दरमियानी रात को जगाया और कहा कि हिंदुस्तान ने हमारे नूर खान एयरबेस के ऊपर मिसाइल गिरा दी है।

अगर इसके बाद भी कांग्रेस, खडग़े और राहुल गांधी को छिटपुट घटना नजर आती है तो यह दर्शाता है कि उनकी सोच कितनी छोटी है। यह वही पार्टी है, जिसके नेता सिद्धू पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष को गले मिल चुके हैं।

यही नहीं, उनके नेता मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान जाकर पीएम मोदी को हटाने की गुजारिश कर चुके हैं और उनकी सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी आतंकवादियों के लिए आंसू तक बहा चुकी हैं। इससे एक बात बिल्कुल साफ हो जाती है कि कांग्रेस की सोच राष्ट्रवाद के लिए जितनी छोटी है, आतंकवाद के लिए उनकी खाल उतनी ही मोटी है।

उन्होंने कहा, आज ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस और ‘इंडी गठबंधन’ के नेताओं में पाकिस्तान के चैनलों में अपनी पॉपुलैरिटी पाने की एक होड़ लग गई है। हो सकता है कि खडग़े का बयान कर्नाटक की स्थानीय राजनीति से भी प्रेरित हो, क्योंकि जब सिद्धारमैया के बयान को पाकिस्तानी में पॉपुलैरिटी मिल गई तो उन्हें क्यों नहीं मिली?

कांग्रेस नेताओं के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि वे लोग पाकिस्तान में पॉपुलैरिटी हासिल करना चाहते हैं। भले ही इसमें भारत की गरिमा और सेना के शौर्य का अपमान क्यों न हो? इसलिए हम इस बयान को निंदनीय तो मानते हैं, पर कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन की एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा मानते हैं।

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर कहा, प्राप्त समाचारों के अनुसार मुर्शिदाबाद हिंसा पर एसआईटी की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि हिंदुओं को लक्षित करके और सुनियोजित ढंग से हिंसा की गई। इसमें तृणमूल कांग्रेस के नेता शामिल थे।

पुलिस का रवैया हिंसा को रोकने की जगह तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के कार्यों को अनदेखी करता दिखाई पड़ा है। इससे एक बात साफ हो गई कि हिंदू समाज को टारगेट करके, उनके विरुद्ध हिंसा करने की श्रृंखला मुर्शिदाबाद से लेकर पहलगाम तक साफ दिखाई पड़ रही है।

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मिशन पाक बेनकाब : आज विदेश दौरे पर निकलेगा भारत का पहला डेलिगेशन

सबूतों के साथ खोलेगा पाकिस्तान की पोल

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक बड़ा कूटनीतिक अभियान शुरू किया है, जिसमें 7 उच्चस्तरीय डेलिगेशन को दुनिया के 32 देशों में भेजा जाएगा। इनका उद्देश्य आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान की साजिशों को बेनकाब करना और भारत की स्थिति को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखना है।

इस डेलिगेशन में सभी दलों के कुल 51 नेता और 85 राजनयिक शामिल हैं। खास बात यह है कि सिर्फ सत्तारूढ़ बीजेपी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, जेडीयू, शिवसेना, सीपीआई और IUML जैसे विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी इस मुहिम का हिस्सा हैं।

 बुधवार को रवाना हो रहे पहले डेलिगेशन का नेतृत्व जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा करेंगे। यह दल जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया, साउथ कोरिया और सिंगापुर का दौरा करेगा। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे की अगुवाई में गुरुवार को रवाना होने वाला दूसरा डेलिगेशन यूएई, कांगो, सिएरा लियोन और लाइबेरिया का दौरा करेगा। डीएमके सांसद कनिमोझी की अध्यक्षता वाला तीसरा डेलिगेशन भी गुरुवार को रवाना होगा। यह दल रूस, स्लोवेनिया, ग्रीस, लात्विया और स्पेन का दौरा करेगा।

कांग्रेस नेता शशि थरूर चौथे डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे जो अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया की यात्रा करेगा। इस दौरे का मकसद वहां की सरकारों और संस्थाओं को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की सच्चाई से अवगत कराना है।

भारत सरकार का यह व्यापक कूटनीतिक प्रयास यह दर्शाता है कि अब देश सिर्फ आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि proactive diplomacy के ज़रिए वैश्विक समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास करेगा।

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रान्या राव गोल्ड स्मग्लिंग केस में ED का बड़ा एक्शन

कर्नाटक के गृह मंत्री के हॉस्पिटल पर की रेड

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रान्या राव से जुड़े गोल्ड तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर से जुड़े अस्पताल और सिद्धार्थ मेडिकल कॉलेज में छापेमारी की है। ईडी की जांच में रान्या राव और गृहमंत्री परमेश्वर से संबंधित मेडिकल कॉलेज के बीच संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जानकारी सामने आई है। ईडी फिलहाल अस्पताल के वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई अन्य लिंक भी खंगाले जा रहे हैं।

हाल ही में इस हाई-प्रोफाइल गोल्ड स्मगलिंग केस में मुख्य आरोपी रान्या राव और सह आरोपी तरुण कोंडारू राजू को विशेष आर्थिक अपराध अदालत ने जमानत दे दी थी। जस्टिस विश्वनाथ सी. गौदर ने आदेश में कहा कि दोनों आरोपी देश नहीं छोड़ सकते और दोबारा ऐसा अपराध नहीं कर सकते। अगर उन्होंने ये शर्तें तोड़ीं, तो जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।

हालांकि कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद, रान्या राव को अभी रिहाई नहीं मिल पाई है। दरअसल, उनके खिलाफ विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (COFEPOSA) के तहत भी मामला दर्ज है। जब तक इस कानून के तहत उन्हें जमानत नहीं मिलती, जेल से बाहर नहीं आ सकेंगी। गौरतलब है कि DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) अब तक अदालत में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

बताया जा रहा है कि रान्या राव सोने की तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ी हुई थीं, और इसी नेटवर्क के जरिए काले धन को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) का भी काम होता था। इस पूरे काले कारोबार की कड़ी गृहमंत्री परमेश्वर से जुड़ी संस्थाओं तक पहुंचने लगी है, जिससे राजनीतिक हलकों में भी खलबली मच गई है। ईडी की कार्रवाई आगे और तेज हो सकती है, और आने वाले दिनों में कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।

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देशभक्ति खून से आती है, कागज या फॉर्म भरने से नहीं, मनजिंदर सिरसा का राहुल गांधी पर वार

नई दिल्ली 21 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सवाल उठाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि देशभक्ति खून से आती है, कागज या फॉर्म भरने से नहीं आती है। राहुल गांधी चीन से चंदा लेते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं, फिर भी वह अपने आपको भारतीय बोलते हैं।

दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी कभी हमारे देश के नहीं हो सकते हैं। राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी इस देश से नहीं हैं। देशभक्ति कागज या फॉर्म भरने से नहीं, खून से आती है। अगर फॉर्म भरने से देशभक्ति आती, तो फिर रोहिंग्या और बांग्लादेश के अंदर भी देशभक्ति होती। हम देश के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं।

राहुल गांधी के अंदर ये जज्बा नहीं है। राहुल गांधी चीन से चंदा लेते हैं, तुर्की में अपना दफ्तर खोलते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। वह इंग्लैंड के अपने कागज और पासपोर्ट लेकर घूमते हैं। फिर भी अपने आपको भारतीय बताते हैं, ऐसे लोगों के अंदर देशभक्ति नहीं आ सकती है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के “छिटपुट युद्ध” वाले बयान पर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि उनको एक बार बॉर्डर पर भेज दीजिए। तब उन्हें पता चलेगा कि ‘छिटपुट’ क्या होता है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के ऑपरेशन सिंदूर से ‘हमें क्या फायदा हुआ’ वाले बयान पर भी सिरसा ने पलटवार किया। सिरसा ने महबूबा मुफ्ती को घेरते हुए कहा कि उन्हें तो कुछ भी नहीं मिलना था।

महबूबा मुफ्ती जिनकी चिंता कर रही हैं, वो बचने वाले नहीं हैं, जो बच गए हैं वो भी खत्म होने वाले हैं, उनकी चिंता मत करिए, इस देश की चिंता करिए जो आपको खाने को देता है। इस देश की चिंता करिए, जिसने आपको राज दिया है, जिनको बचाने के लिए वह आराधना कर रही हैं, उनको अब कोई नहीं बचा पाएगा।

तिरंगा यात्रा को लेकर मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “मुझे आज बहुत खुशी है, हमारी तीनों सेनाओं के पराक्रम के लिए दिल्ली की सड़कों पर सिख समुदाय तिरंगा झंडा लेकर निकले हैं। हम सेना के जवानों को बताना चाहते हैं, जिन्होंने 100 किलोमीटर पाकिस्तान के अंदर घुसकर दुश्मनों को मिट्टी में मिलने का काम किया है।

हम उनके शौर्य और वीरता को सलाम करते हैं। मैं सेना के जवानों को कहना चाहता हूं कि हम उनकी मां के चरणों में शीश झुकाकर उनकी वंदना करते हैं।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद देशभर में भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली में बुधवार को सिख समुदाय की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी हिस्सा लिया।

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इजरायल के पीएम ने पूरे गाजा पर कब्जा करने का किया ऐलान

इलाका खाली करने के दिए आदेश

इजरायल ,21 मई (एजेंसी) । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ सैन्य अभियानों के बीच गाजा पट्टी पर पूरी तरह से नियंत्रण की घोषणा कर दी है। टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा कि लड़ाई तीव्र है। हम प्रगति कर रहे हैं। हम गाजा के पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण करेंगे। हम हार नहीं मानेंगे। इजरायली डिफेंस फोर्स ने इसे लेकर अभियान तेज कर दिया है।
दक्षिणी गाजा के खान यूनिस और आस-पास के इलाकों को खाली करने के आदेश जारी किए हैं।

फिलिस्तीन के लोगों से कहा गया है कि वे तुरंत इलाका छोड़ दें। इजरायल की सेना ने गाजा में बड़े स्तर पर नया जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। नेतन्याहू ने टेलीग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, लड़ाई बहुत तेज है और हम आगे बढ़ रहे हैं। हम गाजा पट्टी के सभी इलाकों पर नियंत्रण कर लेंगे। हम हार नहीं मानेंगे, लेकिन सफल होने के लिए हमें इस तरह काम करना होगा जिसे रोका न जा सके।

नेतन्याहू ने कहा, हमें व्यावहारिक और कूटनीतिक दोनों कारणों से गाजा की आबादी को अकाल की ओर नहीं जाने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इजरायल के मित्र देश भी बड़े पैमाने पर भुखमरी की तस्वीरों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को सीजफायर पर अपना रुख साफ करते हुए कुछ शर्तें रखी थी।

उन्होंने कहा था कि किसी भी प्रस्ताव पर तब तक बातचीत नहीं होगी, जब तक हमारे सभी बंधकों को रिहा नहीं कर दिया जाता। नेतन्याहू ने शर्त रखी थी कि गाजा को हथियारों से पूरी तरह खाली किया जाना चाहिए और हमास के आतंकियों को गाजा से बाहर जाना होगा। यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता की नई कोशिशों पर बात हो रही है।

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बलूचिस्तान में लोगों को बलपूर्वक गायब कर रहा पाकिस्तान

क्वेटा ,21 मई (एजेंसी) । पाकिस्तान सरकार द्वारा बलूचिस्तान क्षेत्र से लोगों को जबरन गायब करने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। एक मानवाधिकार संस्था ने पाकिस्तान के इस कृत्य को मानवता के विरुद्ध अपराध बताया है।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग, पांक ने सोमवार को खुलासा किया कि, पाकिस्तानी सेना ने सात और बलूचों को जबरन गायब कर दिया है।

रविवार को, मस्तुंग के किल्ली शेखान इलाके के निवासी वजीर खान के बेटे वकास बलूच को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जबरन हिरासत में लिया और उसके घर से ले गए। मई महीने में ऐसी घटना कई बार हो चुकी है।

अन्य पीडि़तों का खुलासा करते हुए पांक ने कहा, 18 मई, 2025 को, पाकिस्तानी सेना ने ग्वादर जिले के पसनी तहसील के जिमुरी इलाके के निवासी इज्जत बलूच के बेटे नवीद बलूच को, मस्तुंग के किल्ली शादी खान इलाके के निवासी सालेह मुहम्मद शाद के बेटे एडवोकेट चीफ अत्ताउल्लाह बलूच को जबरन उसके घर से हिरासत में लिया और फिर गायब कर दिया।

16 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों ने बरपी के बेटे शाह नवाज बलूच को उसके पिता के साथ मिलिटरी कैंप नाली बुलाया था, जो अवारन जिले के मश्कई तहसील के लकी इलाके में रहता था। उसके पिता को जाने की अनुमति दे दी गई, लेकिन शाह नवाज को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और तब से वह गायब है।

एक अन्य घटना में, 17 मई को, नसीराबाद के निवासी अमीन उल्लाह बलूच को सेना ने कलात के शेखरी इलाके से जबरन गायब कर दिया था। उसी दिन से, नसीराबाद के निवासी 13 वर्षीय फियाज अली का कोई पता नहीं चल रहा है।

मानवाधिकार संस्था ने आगे बताया कि शनिवार को, नसीराबाद के निवासी पेशे से जमींदार नियाज अली को कलात के शेखरी इलाके से जबरन गायब कर दिया गया था।

पिछले सप्ताह पांक ने खुलासा किया था, अप्रैल और मई के बीच, बलूचिस्तान के कई जिलों में पांच और लोगों को जबरन गायब कर दिया गया था। लगातार हो रही ये घटनाएं क्षेत्र में भय, दंड से मुक्ति और राज्य दमन के निरंतर माहौल को दिखा रही हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, पीडि़तों को अक्सर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया, वारंट के ले जाया जाता है, और परिवार अपने प्रियजनों के ठिकाने या उनकी भलाई के बारे में कोई जानकारी न होने के कारण हमेशा मुश्किल में पड़े रहते हैं।

जबरन गायब करने की प्रथा को मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, और अपराधियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

पांक ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, जिनमें जबरन या अनैच्छिक गायब किए जाने पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय शामिल है, से आग्रह किया था कि वे पाकिस्तान पर दबाव डालें और जबरन गायब किए गए सभी व्यक्तियों को तुरंत रिहा करे और बलूचिस्तान में अपनी दमनकारी नीतियों को समाप्त करे।

मानवाधिकार विभाग ने बताया कि, बलूचिस्तान में बलूचों को जबरन गायब करने की हो रही लगातार घटना व्यापक और व्यवस्थित नीति को दर्शाती हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विवाद करना उचित नहीं : चिराग पासवान

पटना ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय विषयों पर जितनी राजनीति करनी है कीजिए, लेकिन ऐसे मुद्दों पर जहां पूरी दुनिया आपको देख रही है, वहां विवाद उचित नहीं है।

पटना में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह समझना होगा कि दुनिया में आप भारत की कैसी छवि दे रहे हैं। वैसे इसका कारण समझ से परे है। उन्होंने आगे कहा, प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस पार्टी के ही नेताओं के नाम दिए गए हैं।

अब कौन कांग्रेस ‘में’ है और कौन कांग्रेस ‘का’ है, यह कौन जानता है। जब आपको अपनी ही पार्टी के नेताओं पर इतना संदेह है, तो ऐसे लोगों को पार्टी में रखते ही क्यों हैं? जब अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर इस तरह करेंगे, तो भारत की कैसी छवि आप अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर पेश कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हकीकत यह है कि इन लोगों की अपनी पार्टी में गुट बने हुए हैं। तकलीफ इनको यह है कि जो इनकी गणेश परिक्रमा करते हैं, उनका नाम नहीं दिया जा रहा और ऐसे लोगों का नाम दिया जा रहा है, जो सच में काबिल हैं।

ये लोग काबिल लोगों को प्रमोट नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि इनको डर रहता है कि ऐसे लोग उनसे आगे नहीं निकल जाएं। आज की तारीख में जब दुनिया आपको देख रही है, आतंकी मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर जाना जरूरी है। इस पर राजनीति करना सही नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल में पार्टियों से नाम मांगे जाने और नहीं मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि यह संसदीय प्रणाली का हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बिहार में आगामी सम्मेलन को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि यह अच्छी बात है।

राहुल गांधी को बिहार याद रहा है, लेकिन उनको भूलना नहीं चाहिए कि उनकी ही पार्टी ने कई सालों तक यहां शासन चलाया है। जो कार्य आप उस समय नहीं कर पाए, अब करने की सोच रहे हैं, तो यह अच्छी बात है।

चिराग पासवान ने बिहार में पलायन को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इसकी चिंता है। पलायन रोकने के लिए डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, बिहार के लिए अगला पांच साल स्वर्णिम काल है।

उन्होंने राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर साफ लहजे में कहा कि वे मेरे पिता तुल्य हैं। अगर कोई उन्हें अपशब्द कहेगा, तो उसके खिलाफ सबसे पहले मैं खड़ा होऊंगा। मैं उनकी नीतियों का विरोध जरूर करता हूं और उसे लेकर जनता के पास भी जाऊंगा।

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बेंगलुरु समेत अन्य जिलों में बारिश से 5 की मौत, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

बेंगलुरु,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु समेत कई हिस्सों में सोमवार से शुरू हुई बारिश अभी तक जारी है। बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कर्नाटक के पास अरब सागर के ऊपर 21 मई से चक्रवाती परिसंचरण के बारे में चेतावनी दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती गतिविधि तेज होने से 22 मई को और तेज बारिश होगी। प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी है।

पिछले 36 घंटे से हो रही बारिश की वजह से सड़कें पानी से लबालब हैं और यातायात अवरुद्ध हो गया है। कई इलाकों में सैंकड़ों लोग फंसे हुए हैं।

बेंगलुरु के एनएस पाल्या में अपार्टमेंट से बारिश का पानी निकालते समय एक 12 वर्षीय लड़के सहित दो लोगों की करंट लगने से मौत हो गई।

महादेवपुरा में एक परिसर की दीवार गिरने से 35 वर्षीय महिला दब गई। रायचूर और करवार में बिजली गिरने से 2 अन्य मौतें हुईं हैं।

बेंगलुरु में रविवार को 105 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो 15 साल में दूसरी बार सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। सोमवार को शहर में 37.2 मिलीमीटर बारिश हुई है।

आईएमडी बेंगलुरु केंद्र के निदेशक एन पुवियारसु ने बताया कि जितनी बारिश हो रही है, वह ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुछ भी नहीं है, लेकिन बेंगलुरु जैसे शहरों में कंक्रीट निर्माण अधिक है, जिससे जल निकासी के लिए रास्ते बंद हो गए हैं।

आईएमडी ने संभावना जताई कि बेंगलुरु समेत अन्य जिलों में 26 मई तक भारी बारिश हो सकती है। बुधवार 21 मई को तूफान के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

सबसे अधिक बारिश बागलकोट, बेंगलुरु शहरी, बेंगलुरु ग्रामीण, बेलगाम, चिक्काबल्लापुरा, धारवाड़, गडग, कोलार, कोप्पल, विजयनगर, कलबुर्गी, शिवमोग्गा, विजयपुरा, देवनागरी, रायचूर, यादगीर, बल्लारी, उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ में होगी।

कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु में बारिश का रेड अलर्ट है। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी तेज बारिश होगी।

भारत के दक्षिण में मानसून आने में अभी 6 से 7 दिन शेष हैं, लेकिन मानसून पूर्व बारिश ने आफत मचानी शुरू कर दी है। वहीं उत्तर भारत में लोग गर्मी से तप रहे हैं।

आईएमडी वैज्ञानिकों ने बताया कि फिलहाल कुछ दिन दिल्ली और उत्तर प्रदेश के इलाकों में लू की संभावना नहीं है, लेकिन राजस्थान और हरियाणा में गर्म हवाएं तेज हो सकती हैं। बता दें कि केरल में 27 मई को दक्षिण पश्चिम मानसून आएगा।

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