पकड़ी गई शादी कर भागने वाली लुटेरी दुल्हन? 7 महीने में 25 दूल्हों को ठगा

जयपुर,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कभी-कभी बॉलीवुड फिल्म सच्ची कहानियों पर बनती हैं, तो कभी उनसे प्रेरणा लेकर लोग अपनी कहानी गढ़ लेते हैं। ऐसा ही वाकया मध्य प्रदेश के भोपाल में सामने आया, जहां 23 वर्षीय अनुराधा पासवान को गिरफ्तार किया गया है।

अनुराधा पर 7 महीने में 25 लोगों से शादी कर ठगी करने का आरोप है। यह कहानी बिल्कुल वैसी है, जैसी 2015 में आई सोनम कपूर की फिल्म डॉली की डोली की थी।

दरअसल, 2 मई, 2025 को राजस्थान के मानटाउन निवासी विष्णु शर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी दुल्हन शादी के 3 दिन बाद ही घर से नकदी, जेवर और मोबाइल लेकर फरार हो गई।

शर्मा ने पुलिस को बताया कि खंडवा निवासी सुनीता और पप्पू मीना ने मनपसंद लड़की से शादी कराने के लिए तस्वीर दिखाई थी, जिसमें उसे अनुराधा पसंद आई।

इसके बाद उसने सवाई माधोपुर कोर्ट में फर्जी एग्रीमेंट से 2 लाख रुपये देकर शादी की।

सवाई माधोपुर में पहली बार पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने वाले पीडि़त शर्मा ने बताया कि वह ठेला लगाते हैं और बैंक से कर्ज लेकर शादी की थी उन्होंने मोबाइल भी उधार लिया था, जिसे भी लेकर अनुराधा फरार हो गई थी।

राजस्थान पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर विशेष टीम गठित की। उसने भोपाल में मुखबिरों के जरिए फर्जी शादी कराने वाले गिरोह से संपर्क किया।

टीम ने एक सिपाही को अविवाहित बताकर शादी की योजना बनाई और तभी एजेंटों ने पुलिसकर्मियों को लड़की पसंद करने के लिए कई तस्वीर दिखाई, जिसमें अनुराधा देखने पर पुलिस सतर्क हुई।

इसके बाद टीम ने भोपाल के पन्नाखेड़ी गांव में पहुंचकर अनुराधा को गिरफ्तार किया। वहां भी अनुराधा शादी करके रह रही थी।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह भोपाल से संचालित होता था, जिसमें रोशनी, सुनीता, रघुवीर, गोलू, मजबूत सिंह यादव और अर्जन नाम के लोग जुड़े हुए थे।

ये भोपाल में अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे और मोबाइल पर शादी के लिए इच्छुक लोगों को तस्वीरें दिखाकर 2 से 5 लाख रुपये में शादी करवाते थे।

शादी के बाद दुल्हन दूल्हे के घर से सारा माल समेटकर फरार हो जाती थी। पुलिस अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

अनुराधा पासवान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज की रहने वाली है। वह पहले एक अस्पताल में काम करती थी। उसने पारिवारिक विवाद के बाद अपना घर छोड़ दिया था।

इसके बाद वह काम के सिलसिले में भोपाल गई, जहां व्हाट्सऐप के जरिए मैच-मेकिंग कराने वाले गिरोह से जुड़ गई। इसके बाद उसने 7 महीने के अंदर करीब 25 शादियां की।

पुलिस को उसके पास से कई दस्तावेज और कागज भी मिले हैं। उससे पूछताछ जारी है।

पिछले साल भी ऐसा मामला आया था, जिसमें उत्तराखंड की सीमा ने कई लोगों से शादी करके फिर तलाक लेकर 1.25 करोड़ रुपये ठगे थे। शादी के बाद सीमा परिवार को फंसाने की धमकी देकर लूटती थी। वह तलाकशुदा और विधुर पुरुषों को फंसाती थी।

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सीएम जो भी विभाग देंगे मुझे स्वीकार होगा : छगन भुजबल

मुंबई ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र सरकार में मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा कि मंत्री पद की शपथ ली है। मुझे कौन सा विभाग मिलेगा, इसके बारे में मैं कैसे कह सकता हूं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तय करेंगे कि मुझे कौन सा विभाग मिलेगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मुख्यमंत्री की ओर से मुझे जो भी विभाग कार्य करने के लिए दिया जाएगा, मुझे वह स्वीकार होगा।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए मैं बीते 25 वर्षों से कार्य कर रहा हूं। पूर्व में मैंने जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कई रैलियां की। मुझे खुशी इस बात की है कि केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना के लिए स्वीकृति दे दी है।

देवेंद्र फडणवीस के मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने के बाद भुजबल ने कहा, मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दोनों उपमुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रफुल्ल पटेल का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त करता हूं।

इसके साथ ही मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के सभी लोगों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, समता परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन सभी का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने अब तक मुझे प्यार और स्नेह दिया है।

भुजबल को खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग मिलने की उम्मीद है, उन्होंने इससे पहले इस विभाग की जिम्मेदारी उद्धव ठाकरे और फिर एकनाथ शिंदे (2019-24) के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों में संभाली थी।

बता दें कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था, लेकिन भुजबल को मंत्री पद नहीं दिया था। इससे आहत भुजबल ने पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी खुले तौर पर जाहिर की थी और कहा था कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के ओबीसी मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने के बावजूद उनके बारे में विचार नहीं किया गया।

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नेहरू ने किसानों का पेट काटकर पाक को दिया पानी

शिवराज बोले- पीएम मोदी ने यह अन्याय खत्म किया

भोपाल ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पूसा भवन में किसानों के साथ मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सिंधु जल समझौते और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब तक किसानों के हक का पानी पाकिस्तान जा रहा था, लेकिन पीएम मोदी ने कई सालों से चले आ रहे अन्याय को खत्म कर दिया।

उन्होंने पाकिस्तान पर चुटकी लेते हुए कहा कि पाकिस्तान सोच रहा था कि, तुर्किए, चीन के ड्रोन, मिसाइल दाग कर वो भारत को डरा लेगा, लेकिन सेना ने उनके ड्रोन और मिसाइल को खिलौनों की तरह मार कर गिराया। अब उस मलबे से हमारे बच्चे खेल रहे हैं। तीन दिन में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। गर्व है हमारी सेना के

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये ऐतिहासिक फैसला है, सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया, ये साधारण घटना नहीं है। सिंधु जल समझौता जब हुआ तब पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, उन्होंने 80त्न पानी पाकिस्तान को दे दिया।

केवल पानी ही नहीं दिया, पानी के साथ 83 करोड़ रुपए भी दिए, जिसकी वर्तमान में कीमत है 5 हजार 500 करोड़ रुपए है। अपने देश के किसानों का पेट काटकर हम उनको पानी दे रहे जो आतंकियों को पैदा करने के लिए जवाबदार है।

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मीर जाफर से राहुल गांधी की तुलना पर भड़के कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

नई दिल्ली ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से करने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सख्त एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि फिर तो विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी जयचंद कहना चाहिए।

पवन खेड़ा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति सात बार कहते हैं कि उन्होंने व्यापार रोकने की धमकी दी, तब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया। क्या पहलगाम का बदला पूरा हो गया था? पहलगाम में निर्दोष लोगों का खून बहाने वाले सभी आतंकी मारे गए।

कांग्रेस नेता ने कहा, विदेश मंत्री जयशंकर कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन की शुरुआत में अमेरिका और पाकिस्तान को सूचित किया था। ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना क्यों जरूरी था? अगर आप शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित कर सकते थे, तो आपने पुंछ के लोगों को क्यों नहीं बताया कि आप क्या कर रहे थे? आपने अपने नागरिकों की सुरक्षा क्यों नहीं की?

एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत सरकार से सवाल पूछना बहुत स्वाभाविक है, हम पाकिस्तान से नहीं पूछेंगे।

पाकिस्तान को हमारी सेना ने अच्छी तरह से जवाब दिया और डीजीएमओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बारे में जानकारी दी, और पूरा देश उनके साथ है। जो हमारी सेना ने बताया है, हमें उस पर पूरा भरोसा है।

लेकिन सरकार और राजनेताओं से विस्तृत जानकारी इसलिए मांगी जा रही है क्योंकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुद कहा था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान को सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि इस देश का राजनीतिक नेतृत्व डरपोक है, जो अमेरिका के दबाव में सीजफायर के फैसले के लिए तैयार हो गया।

पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस पीएम मोदी से कुछ सवालों के जवाब मांगती है। पीएम मोदी बताएं कि किन कारणों से सीजफायर करना पड़ा। आखिर वह क्या वजह थी कि सिंदूर का सौदा किया गया? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को पहले क्यों सूचित किया गया? पहलगाम आतंकवादी हमला किसकी चूक की वजह से हुआ? इसके पीछे जो लोग हैं, उन पर सरकार क्या एक्शन ले रही है?

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राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे : रामदास आठवले

दमन ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश दादर एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव के दौरे पर पहुंचे। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सरकार से सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।

आठवले ने कहा कि ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करके राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का नुकसान किया है। ऐसे समय में सबको पीएम मोदी के साथ खड़ा रहना चाहिए, चाहे पक्ष हो या विपक्ष।

लेकिन विपक्षी दल कभी कहता है कि हम सब साथ हैं और अगले ही क्षण वह सबूत मांगने लगता है। अगर वह इसी तरह से पाकिस्तान के सपोर्ट में रहेंगे, तो पाकिस्तान उनको अवॉर्ड दे सकता है।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर विपक्ष संसद का विशेष सत्र बुलाने और इस ऑपरेशन के बारे में विस्तार से चर्चा की मांग कर रहा है।

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पकड़ी गई हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ जासूस मिले हैं जो पाकिस्तान के लिए काम कर रहे थे।

हरियाणा की ज्योति मल्होत्रा जैसे गद्दार हैं जो देशहित में काम नहीं करते। देश में रहकर भी पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। ये सब आईएसआई के एजेंट हैं। उन पर सरकार को शिकंजा कसना जरूरी है।

उन्होंने दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव को राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। यहां की जनसंख्या को देखते हुए राज्य बनाना कुछ कठिन जरूर होगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राज्य में गुजरात के वलसाड जिले को भी शामिल किया जाना चाहिए।

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झारखंड एसीबी ने शराब घोटाले में सीएम हेमंत के पूर्व सचिव विनय चौबे को किया गिरफ्तार

रांची ,20 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शराब घोटाले में राज्य के सीनियर आईएएस विनय कुमार चौबे को लंबी पूछताछ के बाद मंगलवार शाम गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद उन्हें सिविल कोर्ट में एसीबी की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। एसीबी ने राज्य में पिछले डेढ़ दशक में पहली बार किसी आईएएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की है।

विनय कुमार चौबे वर्तमान में पंचायती राज विभाग के प्रधान सचिव हैं। इससे पहले वे झारखंड के उत्पाद विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उनके घर पर एसीबी की टीम ने मंगलवार सुबह दबिश दी थी और इसके बाद करीब 11 बजे उन्हें पूछताछ के लिए साथ लेकर अपने कार्यालय पहुंची थी।

एसीबी ने उनसे झारखंड में 2022 में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर लागू हुई एक्साइज पॉलिसी की कथित गड़बडिय़ों के बारे में पूछताछ की। उस वक्त चौबे झारखंड में एक्साइज सेक्रेटरी के पद पर पदस्थापित थे।

झारखंड के शराब घोटाले की जड़ें छत्तीसगढ़ से जुड़ी हैं, जहां शराब घोटाले में स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के अफसरों और कई बड़े कारोबारियों की भूमिका सामने आ चुकी है। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले की जांच वहां की आर्थिक अपराध शाखा ने शुरू की थी। इसके बाद ईडी ने भी इस मामले में जांच शुरू की।

ईडी को इस दौरान यह जानकारी मिली कि जिस सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला किया, उसी ने झारखंड में भी नई उत्पाद नीति लागू करवाई और यहां भी उसी तर्ज पर घोटाला दोहराया गया। इसी आधार पर ईडी की छत्तीसगढ़ इकाई ने झारखंड के तत्कालीन एक्साइज सेक्रेटरी विनय चौबे को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।

पूछताछ के दौरान चौबे ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उत्पाद नीति सरकार की सहमति से लागू की गई थी।

बाद में झारखंड के एक व्यक्ति ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट ने ही झारखंड में सुनियोजित घोटाला किया।

आरोप है कि झारखंड की उत्पाद नीति में कुछ बदलाव ऐसे किए गए, जिससे छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट के लोगों को फायदा मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकारियों के सहयोग से सिंडिकेट ने मिलकर झारखंड में शराब की सप्लाई और होलोग्राम सिस्टम के ठेके हासिल किए। इससे राज्य सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ।

छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले को आधार बनाते हुए ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद अक्टूबर 2024 में आईएएस विनय चौबे सहित कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद झारखंड एसीबी ने राज्य सरकार की अनुमति के बाद पीई (प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी) दर्ज कर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में गड़बडिय़ों के सबूत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई और इसके बाद आईएएस विनय चौबे से पूछताछ की गई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे चेकअप के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। मेडिकल जांच के बाद चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया।

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चप्पल से निकला 3.86 करोड़ का सोना, मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी नागरिक गिरफ्तार

मुंबई ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अदीस अबाबा से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे चाड के एक नागरिक को गिरफ्तार किया।

इसके पास से 3.86 करोड़ रुपये मूल्य का 4,015 ग्राम सोना जब्त किया गया, जिसे उसने अपनी चप्पलों की एड़ी में छिपाकर रखा था। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई के अधिकारियों ने मुंबई पहुंचने के तुरंत बाद ही चाड के नागरिक को पकड़ा। उसने बेहद चतुराई से चप्पल की एड़ी में सोने के कई ‘बार’ छुपा रखे थे।

अधिकारियों ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चाड के नागरिक ने सीमा शुल्क जांच और कानूनी पहचान से बचने के लिए असामान्य तरीके से सोना छिपाया था। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत सोने को जब्त कर लिया गया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि तस्करी किया गया सोना किसके पास ले जाया जा रहा था या किसने इसे मंगाया था, उसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है। यह भी जांच का विषय है कि क्या यह घटना किसी व्यापक तस्करी नेटवर्क से जुड़ी है।

अप्रैल 2025 के एक पहले के मामले में, डीआरआई मुंबई ने बैंकॉक से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे एक यात्री से 6.30 करोड़ रुपये का विदेशी मूल का सोना जब्त किया था।

यात्री के सामान के विशेष रूप से डिजाइन किए गए डिब्बों में छिपा हुआ सोना भी सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया, और व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया गया था।

डीआरआई अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखता है, कीमती धातुओं और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के प्रयासों को विफल करने के लिए खुफिया जानकारी एकत्र करने और निगरानी के संयोजन का उपयोग करता है।

एजेंसी ने ऐसे अपराधों पर नकेल कसने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो आर्थिक स्थिरता और सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट से रिटायर्ड जजों को मिलेगा वन रैंक, वन पेंशन

नई दिल्ली ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों की पेंशन को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से रिटायर्ड जजों के लिए वन रैंक, वन पेंशन के आदेश दिए हैं।

सीजेआई जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने यह फैसला सुनाया है। सीजेआई जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने अपने फैसले में कहा, चाहे उनकी प्रारंभिक नियुक्ति का स्रोत कोई भी हो, चाहे वह जिला न्यायपालिका से हो या वकीलों में से हो, उन्हें प्रति वर्ष न्यूनतम 13.65 लाख रुपए पेंशन दी जानी चाहिए।

सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा कि हम मानते हैं कि एडिशनल जजों के परिवार के सदस्यों को भी वे सभी लाभ मिलेंगे, जो हाई कोर्ट के जजों के परिवारों को मिलते हैं। सरकार हाई कोर्ट के रिटायर्ड मुख्य न्यायाधीश को 15 लाख प्रति वर्ष की पूरी पेंशन देगी। साथ ही हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और एडिशनल जजों को 13.6 लाख प्रति वर्ष की पूरी पेंशन देगी।

उन्होंने आगे कहा, जज चाहे वकील से बनाए गए हों या जिला न्यायपालिका से हाई कोर्ट आए हों, उन्हें पूरी पेंशन मिलेगी। पारिवारिक पेंशन और विधवा लाभ न्यायाधीशों के परिवार और एडिशनल जजों के परिवार दोनों को समान देना होगा।

चीफ जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने फैसले में कहा कि केंद्र सभी न्यायाधीशों के लिए वन रैंक, वन पेंशन के सिद्धांत का पालन करेगा, चाहे वे किसी भी उच्च न्यायालय में कार्यरत हों।

बता दें कि जस्टिस बीआर गवई हाल ही में भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने हैं। सीजेआई बनने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। गवई देश के दूसरे दलित मुख्य न्यायाधीश हैं। उनसे पहले जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन इस पद पर आसीन रहे थे। जस्टिस बालाकृष्णन साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे।

उच्चतम न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने 16 मार्च 1985 को वकालत की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 1987 से 1990 तक उन्होंने बॉम्बे उच्च न्यायालय में स्वतंत्र वकालत की, और इसके बाद मुख्य रूप से नागपुर पीठ के समक्ष विभिन्न मामलों की पैरवी करते रहे।

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भारत की बांग्लादेश पर इकोनॉमिक स्ट्राइक, लैंड पोर्ट्स बंद

770 मिलियन डॉलर का दिया झटका

नई दिल्ली ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अब उन देशों के खिलाफ भी एक्शन मोड में आ गया है जो पाकिस्तान और चीन के करीबी माने जाते हैं। इस लिस्ट में अब बांग्लादेश का नाम भी जुड़ गया है।

भारत ने बांग्लादेश के लिए बड़ी इकोनॉमिक स्ट्राइक करते हुए उसके लैंड पोर्ट्स के ज़रिए व्यापार पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस फैसले से बांग्लादेश को करीब 770 मिलियन डॉलर (9,367 करोड़ बांग्लादेशी टका) का तगड़ा झटका लग सकता है। लैंड रूट बंद होने के चलते जमीनी बंदरगाहों पर जाम लग गया है। ट्रक सामान लादे खड़े हैं।

पिछले दिनों चीन में बांग्लादेश के एक प्रतिनिधि मोहम्मद युनूस द्वारा भारत विरोधी टिप्पणियां की गईं, जिसके बाद भारत सरकार ने सख्त रुख अपनाया। इसके चलते भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को 9 अप्रैल 2025 को वापस ले लिया। यह वही सुविधा थी जिसके तहत बांग्लादेश भारतीय बंदरगाहों और दिल्ली एयरपोर्ट के ज़रिए मिडल ईस्ट और यूरोप को माल एक्सपोर्ट करता था।

भारत ने अब रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड्स और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स जैसे बांग्लादेशी सामानों के लिए लैंड पोर्ट्स को पूरी तरह बंद कर दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के नए निर्देशों के मुताबिक, बांग्लादेश से भारत में इन प्रोडक्ट्स का आयात अब केवल दो समुद्री बंदरगाहों – कोलकाता और न्हावा शेवा (महाराष्ट्र) – के ज़रिए ही किया जा सकेगा।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के इस फैसले से बांग्लादेश को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। रिपोर्ट बताती है कि अब तक भारत-बांग्लादेश के बीच होने वाले कुल व्यापार का करीब 93त्न हिस्सा लैंड पोर्ट्स से आता था। इन बंदरगाहों के बंद होने से न केवल एक्सपोर्ट की लागत बढ़ेगी, बल्कि इससे बांग्लादेश के सबसे फायदेमंद एक्सपोर्ट रूट पर सीधा असर पड़ेगा।

ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले रेडीमेड गारमेंट्स की सालाना वैल्यू करीब 618 मिलियन डॉलर है, जो अब सिर्फ दो सी-पोर्ट्स से होकर ही भारत पहुंचेगी। लैंड पोर्ट्स बंद होने का सीधा मतलब है – ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा, डिलिवरी टाइम बढ़ेगा और मार्केट कॉम्पिटिटिवनेस घटेगी। इसका असर बांग्लादेश की निर्यात अर्थव्यवस्था पर बहुत गहरा पड़ेगा।

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अब हमारा ध्यान अमरनाथ यात्रा पर, व्यवधान नहीं चाहते : उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद से हमारी संस्कृति को बहुत नुकसान पहुंचा है। अब हमारा ध्यान अमरनाथ यात्रा को सुगम बनाने पर है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि एलओसी पर स्थिति ठीक है।

बॉर्डर और एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन की खबरें नहीं आ रही हैं, जो नुकसान हुआ है उसका मुआयना किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नुकसान की भरपाई की जाएगी। इस दौरान पर्यटन को भारी नुकसान हुआ है लेकिन अब हमारा पूरा ध्यान अमरनाथ यात्रा को सुगम बनाने पर है। हम नहीं चाहते कि उसमें कोई व्यवधान हो।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से किए गए हमलों में सीमावर्ती क्षेत्रों को काफी नुकसान हुआ है। इसके लिए सरकार मुआवजा देने के लिए कह रही है।

सात भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजे जाने का जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि संसद के हमले के बाद भी डेलिगेशन भेजे गए थे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में ऑपरेशन परिक्रमा रखा गया था, उस दौरान भी संसद डेलिगेशन कई देशों में भेजे गए थे।

यह पाकिस्तान की हरकतों को अन्य देशों में रखने का अच्छा मौका है। इस दौरान बड़ी पार्टी के नुमाइंदे इन डेलिगेशन में शामिल होंगे और विदेशों में जाकर बात करेंगे।

गौरतलब है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति का संदेश साझा करने के लिए भारत सरकार सात भारतीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल विदेश भेज रही है। यह सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को स्पष्ट करने के साथ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को अवगत कराएगा।

ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की ओर से पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए चलाया गया। भारतीय सेना की इस एयर स्ट्राइक में 100 से ज्यादा कुख्यात आतंकी मारे गए। प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दौरे पर जाएगा।

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प्रतिनिधिमंडल विवाद गैरजरुरी, देश हित में टीएमसी केन्द्र सरकार के साथः ममता बनर्जी

तृणमूल प्रमुख ने कहा- लेकिन तृणमूल को शामिल करने से पहले हमसे पूछना था

कोलकाता 19 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पाकिस्तान के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस की गैर मौजूदगी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह अनावश्यक विवाद है। सच तो यह है कि, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह केंद्र सरकार के साथ खड़ी है। सीएम ममता ने उक्त बात आज उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले दमदम हवाई अड्डे पर कही।

उन्होंने कहा कि, तृणमूल प्रतिनिधि नहीं भेज रही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि पार्टी केंद्र के निर्णय का विरोध कर रही है। हम न तो प्रतिनिधि भेजने से मना कर रहे थे और न ही ऐसा कोई निर्णय लिया गया था। लेकिन कायदे से देखा जाए तो केंद्र को प्रतिनिधि का नाम शामिल करने से पहले परामर्श लेना चाहिए था। केन्द्र ने बिना किसी जानकारी या परामर्श के अपने स्तर पर फैसला ले लिया। क्या यह उचित नहीं होता कि वे हमसे पहले पूछते।

ममता ने उक्त बात तब कही जब मोदी सरकार के द्वारा पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों के शामिल होने का काला चिट्ठा खोलने के लिए ये प्रतिनिधिमंडल भेजा जा रहा है। उक्त प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल के बहरमपुर के सांसद य़ूसुफ पाठान का नाम रखा गया है। लेकिन तृणमूल का कहना है कि ऐसा पार्टी से बिना पूछे किया गया। बहरहाल तृणमूल कांग्रेस भारत के उस कूटनीतिक मोर्चे का हिस्सा नहीं होगी, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश भेजा जा रहा था।

तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को ही केंद्र सरकार को जानकारी दी थी कि उनकी पार्टी सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं बनेगी। पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों के शामिल होने का काला चिट्ठा खोलने के लिए ये प्रतिनिधिमंडल भेजा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी ने पार्टी के लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को समूह में शामिल न होने को कहा है। युसूफ पठान को सात में से एक समूह में शामिल किया गया था। टीएमसी ने इस फैसले के पीछे कोई वजह नहीं बताई है।

इधर सीएम ममता ने कहा कि अगर केंद्र हमसे पूछता तो हम स्वयं प्रतिनिधि का नाम तय करते। लेकिन किसी को भी जानकारी नहीं दी गई। यहां तक कि मैं लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी की चेयरपर्सन हूं, मुझे भी सूचित नहीं किया गया। हमारे किसी प्रतिनिधि का विदेश दौरे पर न जाना, इसका यह मतलब नहीं कि हम इसका बहिष्कार कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर केंद्र के साथ खड़ी है। इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए।

बहरहाल सीएम ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से रोक दिया है। बता दे कि, सरकार ने 58 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के तमाम देशों में भेजने का फैसला किया है। इसे सात समूहों में बांटा गया है, जो अलग-अलग देशों का दौरा करेगा। इसमें कुछ विदेश मामलों के जानकार भी शामिल हैं। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, शिवसेना प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, एमजे अकबर जैसे दिग्गज इसमें शामिल हैं।

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भारत कोई धर्मशाला नहीं, जहां आकर बस जाएं शरणार्थी : सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

नई दिल्ली ,19 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने एक श्रीलंकाई तमिल नागरिक की याचिका खारिज करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां दुनिया भर के शरणार्थी आकर बसते चले जाएं।

जस्टिस दीपांकर दत्ता ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब हमारी अपनी आबादी ही 140 करोड़ से अधिक है, तो क्या भारत दुनिया भर के शरणार्थियों का स्वागत कर सकता है?

यह कोई धर्मशाला नहीं है, जहां हम दुनिया भर से आए लोगों का स्वागत करें। इसके साथ ही अदालत ने श्रीलंकाई तमिल शख्स को हिरासत में रखे जाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। शख्स ने खुद को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी।

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। श्रीलंकाई तमिल नागरिक ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी 7 साल की सज़ा पूरी होने के तुरंत बाद उसे देश छोडऩे का निर्देश दिया गया था।

शख्स को यूएपीए (्रक्क्र) के एक मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी, जो उसने पूरी कर ली थी। हालांकि, सज़ा पूरी होने के बाद भी श्रीलंकाई तमिल ने भारत में ही रहने की इच्छा जताई थी।

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में दलील दी कि उनका मुवक्किल वैध वीजा पर भारत आया था और अगर उसे वापस उसके देश भेजा गया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। वकील ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता को बिना किसी डिपोर्टेशन प्रक्रिया के ही करीब तीन सालों से हिरासत में रखा गया है।

इस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा, आखिर आपका यहां बसने का क्या अधिकार है? याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब दिया कि उनका मुवक्किल एक शरणार्थी है और उसकी पत्नी और बच्चे पहले से ही भारत में रह रहे हैं।

इस पर जस्टिस दत्ता ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को भारत छोडऩे का आदेश देना किसी भी तरह से अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का उल्लंघन नहीं है।

जस्टिस दत्ता ने कहा कि अनुच्छेद 19 के तहत भारत में बसने का अधिकार केवल यहां के नागरिकों को प्राप्त है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह आए और यहां आकर बस जाए। जब वकील ने दोबारा जान के खतरे की आशंका जताई, तो जस्टिस दत्ता ने कहा कि वह किसी और देश में जा सकते हैं।

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बिजली संकट पर अखिलेश यादव का हमला

बोले– भाजपा सरकार ने व्यवस्था बर्बाद कर दी, 8 साल में नहीं बढ़ा एक यूनिट उत्पादन

लखनऊ 19 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच आमजन बिजली कटौती और ट्रिपलिंग से बेहाल हैं, जबकि सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

समय से मेंटीनेंस न होने की वजह से ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 24 घंटे बिजली देने के दावे झूठे साबित हुए हैं। आज स्थिति यह है कि बड़े शहरों में भी निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जबकि छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में हालात और भी बदतर हैं। पूरा रोस्टर केवल कागजों पर ही चल रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा के आठ साल के कार्यकाल में प्रदेश में बिजली का एक भी यूनिट उत्पादन नहीं बढ़ा।

उन्होंने कहा कि जितनी बिजली आज जनता को मिल रही है, वह समाजवादी सरकार के कार्यकाल में लगाए गए बिजलीघरों से आ रही है। अखिलेश यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि एटा और कानपुर देहात समेत कई जिलों में समाजवादी सरकार ने पावर प्लांट लगाए थे, जिनके कार्यों में भी भाजपा सरकार ने लेटलतीफी की।उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति को बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई थी।

ग्रामीण विद्युतीकरण और अंडरग्राउंड केबल सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त बजट भी जारी किया गया था। ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति में तत्काल मरम्मत के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए थे, लेकिन भाजपा सरकार अब न केवल इन योजनाओं को बनाए रखने में असफल है, बल्कि बिजली व्यवस्था को निजी कंपनियों के हाथों सौंपने की तैयारी कर रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की अकर्मण्यता का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

एक तरफ उन्हें बिजली नहीं मिल रही, दूसरी ओर बढ़े हुए बिलों का झटका लग रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने न तो उत्पादन में काम किया, न पारेषण व्यवस्था बेहतर की और न ही वितरण प्रणाली को सुदृढ़ किया। समाजवादी सरकार की योजनाएं ही आज भी बिजली व्यवस्था को संभाले हुए हैं, लेकिन उन्हें भी सरकार संभाल नहीं पा रही है।अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि जनता अब इस सरकार के झूठे वादों और विफलताओं को समझ चुकी है, और समय आने पर इसका जवाब देगी।

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सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर विवाद जारी, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया यह आरोप

नईदिल्ली,18 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद विश्व बिरादरी में पाकिस्तान को बेनकाब करने लिए बनाए गए सर्वदलीय प्रतिनिधमंडल को लेकर शुरू हुआ विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए भेजे गए नामों पर गौर न करने को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में जुबानी जंग जारी है.

कांग्रेस जहां बीजेपी पर तरह-तरह के आरोप लगा रही है तो बीजेपी भी उनके हर बयान को काउंटर कर रही है. इस क्रम में  कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर सरकार ने कांग्रेस के साथ विश्वासघात किया है. ये सिर्फ एक कूटनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि भरोसे की भी बात है.

जयराम रमेश ने बताया कि बीते शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी से संपर्क किया बातचीत में बताया गया कि एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल जा रहा है और कांग्रेस से उसमें शामिल करने के लिए चार नाम भेजने को कहा गया. राहुल गांधी ने दोपहर 12:30 बजे तक किरण रिजिजू को पत्र लिखकर चार नाम भेज दिए.

कांग्रेस का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनके सुझाए गए चारों नाम प्रतिनिधिमंडल में शामिल किए जाएंगे, लेकिन शनिवार को जब सरकार की प्रेस रिलीज़ सामने आई, तो पार्टी हैरान रह गई. जयराम रमेश ने कहा कि कूटनीति में कई बार विश्वास की बुनियाद पर चीजें तय होती हैं, खासकर सत्ता और विपक्ष के बीच हमने सरकार पर भरोसा करते हुए ईमानदारी से चार नाम भेजे थे.

लेकिन सरकार का रवैया ईमानदारी से भरा नहीं, बल्कि राजनीतिक खेल की तरह लग रहा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हम तो सीधे बैट से खेल रहे हैं, लेकिन सरकार किस बैट से खेल रही है, ये अब तक समझ नहीं आ रहा. इतना गंभीर मामला है, लेकिन सरकार इसमें भी सियासी चालें चल रही है.

कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने शुरुआत से एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया. इससे साफ है कि सरकार अब अपने नैरेटिव को संभालने की कोशिश कर रही है. जयराम रमेश ने 1971 की स्थिति से तुलना करते हुए कहा कि तब कोई डैमेज कंट्रोल नहीं किया गया था, बल्कि मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नरेटिव था.

आज के हालात अलग हैं, अब सिर्फ डैमेज कंट्रोल हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिर से व्यापार का जि़क्र किया है. रमेश का आरोप है कि व्यापार का लालच दिखाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोका गया. एक तरफ हमारे नेताओं को गद्दार कहा जाता है और दूसरी तरफ सरकार खुद ‘नारद मुनि’ की भूमिका निभा रही है.

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सशस्त्र बलों ने अपनी असाधारण वीरता और सटीक क्षमता का परिचय दिया है. पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने आतंकवाद पर भारत सरकार की नई नीति को स्पष्ट रूप से बताया है.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि आतंकवाद के किसी भी कृत्य का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा. आतंकवाद को लेकर भारत की नीति सबके सामने है, फिर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है. उन्होंने कहा कि वो (कांग्रेसी) कहते हैं कि वे सरकार के साथ मजबूती से खड़े हैं और फिर वे ये सवाल पूछते हैं. सरकार के साथ खड़े होने का रुख उनका मुखौटा है. ऑपरेशन सिंदूर चल रहा है और उनके लगातार सवाल उनकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, जो संदिग्ध लगता है.

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PAK को 100 KM अंदर तक मारा, आजादी के बाद पहली बार हुआ ऐसा; ऑपरेशन सिंदूर पर अमित शाह

नई दिल्ली 18 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर भारत की सैन्य कार्रवाई को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया है, और यह आजादी के बाद पहली बार हुआ है जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा के 100 किलोमीटर अंदर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “जब से प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सत्ता संभाली है, तब से आतंकवादी हमलों का ऐसा करारा जवाब दिया गया है कि पूरी दुनिया हैरान है और पाकिस्तान घबराया हुआ है।” उन्होंने बताया कि इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे प्रमुख आतंकी संगठनों के हेडक्वार्टर को ध्वस्त कर दिया गया।

उन्होंने आगे बताया कि भारतीय सेना ने कुल 9 ऐसे ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट किया, जहां आतंकवादियों को ट्रेनिंग दी जाती थी और जो उनके छिपने के प्रमुख स्थान थे। शाह ने जोर देकर कहा, “हमारी बहादुर सेना ने आतंकियों को ऐसा माकूल जवाब दिया कि उनके प्रशिक्षण शिविर और ठिकाने 100 किलोमीटर अंदर तक जाकर तबाह कर दिए गए।”

शाह ने पाकिस्तान की ओर से मिलने वाली परमाणु धमकियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जो लोग हमें एटम बम की धमकी देते थे, उन्हें लगता था कि भारत उनकी धमकियों से डर जाएगा। लेकिन हमारी थल सेना, नौसेना और वायुसेना ने उन्हें ऐसा जवाब दिया है कि अब पूरी दुनिया भारत के धैर्य और प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व क्षमता की तारीफ कर रही है।”

शाह ने भारतीय सेना के अदम्य शौर्य और साहस को सलाम करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और सेना की बहादुरी का ही परिणाम है कि अब भारत सिर्फ आतंकी हमलों का जवाब ही नहीं देता, बल्कि पहले से तैयारी करके दुश्मनों को सबक सिखाने में भी सक्षम है।

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कांग्रेस पार्टी की देशहित पर जुबान ही नहीं खुलती : गिरिराज सिंह

बेगूसराय 18 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को स्पष्ट करने के लिए सांसदों का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विदेश जाएगा। आतंकवाद पर भारत के वैश्विक आउटरीच प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को शामिल किए जाने को लेकर कांग्रेस से ही आवाज उठाए जाने लगी है।

इस बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की वह पार्टी बनकर रह गई है जिसके अंदर सकारात्मक देशहित पर कोई जुबान ही नहीं खुलती। कोई सकारात्मक राजनीति हो, पॉजिटिव राजनीति हो ये चुप रहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस केवल निगेटिव राजनीति करती है। देश के बाहर भी ये भारत को बदनाम करते हैं। अब विदेशों में प्रतिनिधिमंडल जा रहा है और उसमें अगर शशि थरूर हैं तो इसमें राजनीति किस बात की है? शशि थरूर भी कांग्रेस के ही हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई इसमें दिखती है। कांग्रेस के अंदर अंदरूनी लोकतंत्र भी नहीं है और यह घटिया राजनीति पर उतर आई है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आज आतंकी देश बनकर रह गया है। भारत की सेना के शौर्य ने यह दिखा दिया है कि इस आतंकी देश को बर्बाद होने से कोई रोक नहीं सकता है। लेकिन भारत का जो दुश्मन देश पाकिस्तान है, उसका जो साथ देता है, उसके प्रति भी देश की जनता में आक्रोश है। चाहे कोई भी देश हो, दुश्मन की मदद करने वाला देश भारत का हितकर नहीं हो सकता है, तुर्की हो या जो भी हो।

केंद्र सरकार ने विदेश जाने वाले सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडलों में शामिल सभी सदस्यों के नाम तय कर दिए हैं। ये प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों और अन्य प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करेंगे और देश की आतंकवाद विरोधी नीति, सैन्य कार्रवाइयों और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देंगे।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में समूह 5 अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील और कोलंबिया में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रतिनिधिमंडल में एलजेपी (रामविलास) सांसद शांभवी, जेएमएम के डॉ. सरफराज अहमद, टीडीपी के जी. एम. हरीश बालयोगी, भाजपा के शशांक मणि त्रिपाठी और भुवनेश्वर कलिता और शिवसेना के मिलिंद देवड़ा शामिल हैं। अमेरिका में पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या भी शामिल हैं।

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मिथुन चक्रवर्ती की बढ़ीं मुश्किलें, मुंबई नगर निगम ने भेजा नोटिस, वजह भी सामने आई

मुंबई,18 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉलीवुड स्टार मिथुन चक्रवर्ती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मिथुन चक्रवर्ती को उनके मलाड परिसर में ग्राउंड और मेजेनाइन फ्लोर के कथित अनधिकृत निर्माण के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा है। मेजेनाइन फ्लोर एक आंशिक फ्लोर होता है, जो आम तौर पर दो फ्लोर के बीच बनाया जाता है।

अपने जवाब में, अभिनेता ने दावा किया कि उन्हें मलाड के एरंगल में चल रहे बीएमसी अभियान के तहत नोटिस मिला है, जहां उनका परिसर स्थित है। उन्होंने कहा, मेरे पास कोई अवैध या अनधिकृत निर्माण नहीं है। सभी को नोटिस भेजा गया है, हम उनका जवाब दे रहे हैं।

10 मई को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के अनुसार, मुंबई नगर निगम ने अभिनेता को अनधिकृत निर्माण के लिए मुंबई नगर निगम अधिनियम की धारा 475 ए के तहत मुकदमा चलाने की चेतावनी दी है। धारा 475 ए किसी भी अनधिकृत निर्माण को हटाने में विफल रहने पर दंड से संबंधित है।

नोटिस में दो भूतल इकाइयों के साथ मेजेनाइन स्तर और तीन अस्थायी 10&10 इकाइयों का उल्लेख किया गया है, जो ईंट की चिनाई वाली दीवारों, लकड़ी के तख्तों, कांच के विभाजन और एसी शीट की छत के संयोजन का उपयोग करके बनाई गई हैं। नोटिस के अनुसार, ये निर्माण बिना अनुमति के किए गए थे।

नोटिस में नगर निकाय ने अभिनेता को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था कि उक्त भवन या कार्य को क्यों न हटाया जाए या उसमें परिवर्तन किया जाए या उसे गिरा दिया जाए या परिसर का उपयोग बहाल क्यों न किया जाए?

गौरतलब है कि मिथुन चक्रवर्ती बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता हैं और उनकी काफी फैन फॉलोइंग भी है। एक जमाने में उनकी एक्टिंग और स्टाइल लोगों के सिर चढ़कर बोलती थी। वह अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं।

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विदेश मंत्री जयशंकर 19 मई से करेंगे यूरोप के 6 दिवसीय दौरे की शुरुआत

नईदिल्ली,18 मई (आरएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार (19 मई) को नीदरलैंड, डेनमार्क और जर्मनी की आधिकारिक यात्रा के साथ अपनी 6 दिवसीय यूरोप यात्रा की शुरुआत करेंगे। उनकी यह यात्रा 24 मई तक चलेगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर तीनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण आयाम के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी चर्चा करेंगे।
यह यात्रा संभवत: भारत द्वारा प्रमुख यूरोपीय भागीदारों के साथ अपने रणनीतिक जुड़ाव को गहरा करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
चर्चाओं में व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संबंधों में सहयोग शामिल होने की उम्मीद है।
यह यात्रा भारत द्वारा यूनाइटेड किंगडम के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद हो रही है। जिसके तहत ब्रिटेन के बाजार में 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ समाप्त हो गया है।
इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्री जयशंकर ने आर्कटिक सर्कल इंडिया फोरम 2025 में कुछ यूरोपीय देशों पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारत साझेदारों की तलाश कर रहा है, न कि ऐसे उपदेशकों की जो अपने देश में समान सिद्धांतों का पालन नहीं करते।
उन्होंने कहा था, जब हम दुनिया को देखते हैं, तो हम भागीदारों की तलाश करते हैं, हम उपदेशकों की नहीं करते। यूरोप का कुछ हिस्सा अभी भी इस समस्या से जूझ रहा है।

अरुणाचल प्रदेश में महसूस किए गए 3.8 तीव्रता के भूकंप के झटके

इटानगर ,18 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के अरुणाचल प्रदेश राज्य में भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में सुबह 05:06:33 बजे भारतीय मानक समय के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 3.8 की तीव्रता का भूकंप आया।

भूकंप की तीव्रता मध्यम होने की वजह से फिलहाल किसी जानमाल के नुकसान या बड़े पैमाने पर क्षति की कोई खबर नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद स्थानीय निवासियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा। 3.8 की तीव्रता का भूकंप आमतौर पर इमारतों को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचाता है, लेकिन इसे महसूस किया जा सकता है।

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पाकिस्तान को बेनकाब करेगा 59 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल

जानें किसे मिली जगह, कौनसा दल कहां जाएगा

नईदिल्ली,18 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आतंकवाद पर पाकिस्तान को बेनकाब करने और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने के लिए एक बड़े कूटनीतिक कदम के तहत केंद्र सरकार 7 प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों में भेजेगी।
इन सभी प्रतिनिधिमंडल में 59 सदस्य हैं, जिनमें विपक्ष के नेता और राजदूत भी शामिल हैं।

ये प्रतिनिधिमंडल दुनिया के कई देशों खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों का दौरा करेगा और ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का रुख रखेगा।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर, भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद और बैजयंत पांडा, जनता दल यूनाइटेड सांसद संजय कुमार झा, द्रविड़ मुन्नेत्र कडग़म सांसद कनिमोझी करुणानिधि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सांसद सुप्रिया सुले और शिवसेना सांसद एकनाथ श्रीकांत शिंदे प्रतिनिधिमंडलों की अगुवाई करेंगे।

हर प्रतिनिधिमंडल में 8 से 9 सदस्य हैं और कम से कम एक मुस्लिम चेहरे को जगह मिली है। इसके अलावा पूर्व मंत्री, राजदूत और 6-7 सांसद भी शामिल हैं।

पहले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बैजयंत पांडा कर रहे हैं। इसमें निशिकांत दुबे, फांगनोन कोन्याक, रेखा शर्मा, असदुद्दीन ओवैसी, सतनाम संधू, गुलाम नबी आजाद और हर्ष श्रृंगला शामिल हैं।

ये समूह सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया की यात्रा करेगा।

दूसरे प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के दग्गुबत्ती पुरंदेश्वरी और समिक भट्टाचार्य, शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी, गुलाम नबी खटाना, कांग्रेस के अमर सिंह, पूर्व मंत्री एमजे अकबर और पूर्व राजनयिक पंकज सरन हैं।

ये ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली और डेनमार्क जाएंगे।

शिंदे की अगुवाई वाला प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात, लाइबेरिया, कांगो और सिएरा लियोन जाएगा। इसमें बांसुरी स्वराज, ईटी मोहम्मद बशीर, अतुल गर्ग, सस्मित पात्रा, मनन कुमार मिश्रा, एसएस अहलूवालिया और सुजान चिनॉय शामिल हैं।

थरूर की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल में एलजेपी सांसद शांभवी, जेएमएम के सरफराज अहमद, टीडीपी सांसद हरीश बालयोगी, भाजपा के शशांक मणि त्रिपाठी, तेजस्वी सूर्या और भुवनेश्वर कलिता, शिवसेना के मिलिंद देवड़ा और पूर्व राजनयिक तरनजीत संधू शामिल हैं।
यह अमेरिका, पनामा, गुयाना, कोलंबिया और ब्राजील की यात्रा करेगा।

संजय झा के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर जाएगा।

इसमें अपराजिता सारंगी, प्रदान बरूआ, हेमंग जोशी और बृजलाल (सभी भाजपा), यूसुफ पठान (टीएमसी), जॉन ब्रिटास (सीपीआई-एम), पूर्व मंत्री खुर्शीद और पूर्व राजनयिक मोहन कुमार शामिल हैं।

कनिमोझी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में राजीव राय (सपा), अल्ताफ अहमद (एनसी), बृजेश चौटा (भाजपा), प्रेमचंद गुप्ता (राजद), अशोक मित्तल (आप), पूर्व राजनयिक मंजीव पुरी और जावेद अशरफ शामिल हैं।
ये स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया और रूस जाएंगे।

7वें प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई सुप्रिया सुले कर रही हैं, जो मिस्र, कतर, इथियोपिया और दक्षिण अफ्रीका जाएगा।

इसमें भाजपा के राजीव प्रताप रूडी और अनुराग ठाकुर, आप के विक्रमजीत साहनी, कांग्रेस के मनीष तिवारी, टीडीपी के लावु श्रीकृष्ण देवरायलू, पूर्व मंत्री मुरलीधरन, आनंद शर्मा और पूर्व राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन शामिल हैं।

कांग्रेस ने प्रतिनिधिमंडल के लिए आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, नसीर हुसैन और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के नाम दिए थे। इसमें से केवल आनंद शर्मा को शामिल किया है।

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मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को फिर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, बनाया राष्ट्रीय समन्वयक

लखनऊ ,18 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद पर भरोसा जताया है। मायावती ने उन्हें पार्टी का मुख्य नेशनल को-ऑर्डिनेटर बनाया है। दरअसल, आकाश आनंद रविवार को एक बार फिर बुआ मायावती के साथ नजर आए।

आज मायावती ने सेंट्रल ऑफिस, लोधी रोड, दिल्ली में बसपा की एक राष्ट्रीय स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें देश के हर राज्यों से आए पदाधिकारी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के सारे जिला अध्यक्ष, को-ऑर्डिनेटर भी शामिल हुए। बैठक में सारे नेशनल कॉर्डिनेटर, जनरल सेक्रेटरी एवं प्रदेशों के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।

बैठक में आज जब मायावती पहुंचीं तो उनके साथ आकाश आनंद भी दिखें। अभी 03 मार्च को मायावती ने नाराज होकर आकाश को पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि, चालीस दिनों बाद ही 13 अप्रैल को मायावती ने आकाश को पार्टी में वापस ले लिया।

मायावती ने आकाश को पार्टी में वापस लेने के साथ चेतावनी भी है दी कि वो किसी के बहकावे में ना आए। साथ ही पार्टी के लोगों से अपील की कि वो आकाश का हौसला बढ़ाएं।

आकाश बसपा के नेशनल कॉर्डिनेटर भी थे और मायावती ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी भी घोषित किया था। आज मायावती के साथ आकाश को देखकर फिर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या मायावती फिर अपने भतीजे पर मेहरबान होकर उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी देने वाली हैं?

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। आकाश को पार्टी से निकाले जाने का कारण उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव को बताया गया था।

मायावती ने कहा था कि पार्टी और मूवमेंट की भलाई को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि, बाद में आकाश आनंद ने अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी थी, जिसके बाद मायावती ने उन्हें पार्टी में वापस ले लिया।

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तपस्विनी एक्सप्रेस पर बदमाशों ने किया पथराव, AC कोच का शीशा टूटा; यात्रियों में दहशत

राउरकेला 17 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे पुरी से हटिया जा रही तपस्विनी एक्सप्रेस ट्रेन पर झारसुगुड़ा जिले के लपंगा स्टेशन के पास अज्ञात बदमाशों ने पथराव किया। इस घटना में ट्रेन के एक एसी कोच का शीशा टूट गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से मिली जानकारी के अनुसार, बदमाशों द्वारा किए गए पथराव के कारण पत्थर ट्रेन के एसी कोच संख्या बी-7 की सीट संख्या 15 की अगली खिड़की पर लगा। पत्थर लगने से एसी बोगी का शीशा पूरी तरह टूट गया और कांच के टुकड़े कोच के अंदर बिखर गए।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल के जवान झारसुगुड़ा में घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। आरपीएफ ने पुष्टि की है कि इस पथराव में किसी भी यात्री को कोई शारीरिक चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, इस पथराव के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

इस संबंध में पुरी-हटिया तपस्विनी एक्सप्रेस के कोच अटेंडेंट केसी नायक ने बताया कि जब यह घटना हुई, वे गेट की ओर जा रहे थे। तभी कुछ यात्री उनके पास आए और बताया कि वे अपनी सीट पर बैठे थे और पथराव होने से वे डर गए। शीशा टूटने के साथ ही शीशे का एक बड़ा टुकड़ा सीट पर आ गिरा था।

कोच अटेंडेंट ने तत्काल घटना की जानकारी संबंधित एसी कोच के टीटीई को दी। टीटीई ने कोच का मुआयना किया और टूटे शीशे को देखकर झारसुगुड़ा स्टेशन प्रबंधक को घटना से अवगत कराया। हालांकि, ट्रेन जब राजगांगपुर और राउरकेला स्टेशनों से गुजरी, तब भी एसी बोगी का शीशा नहीं बदला गया। कोच अटेंडेंट ने बताया है कि शीशा अब ट्रेन के हटिया पहुंचने के बाद ही बदला जाएगा।

यह घटना कोई नई नहीं है। इससे पहले 26 मार्च 2025 को भी इसी रूट पर उपद्रवियों ने पानपोष-कलुंगा स्टेशन के बीच राउरकेला-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव कर एक बोगी का शीशा तोड़ दिया था। उस घटना के आरोपी अब तक राउरकेला आरपीएफ की गिरफ्त से बाहर हैं। एक बार फिर इसी रूट की महत्वपूर्ण ट्रेन तपस्विनी एक्सप्रेस में पथराव की घटना ने इस मार्ग पर ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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रामभद्राचार्य बोले, हमें पीओके चाहिए और बहुत जल्द लेकर रहेंगे

नई दिल्ली ,17 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सेना के पराक्रम की जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने जमकर तारीफ की। दावा किया कि पाकिस्तान की ऐसी पिटाई हुई है कि उबरने में उसे सैकड़ों साल लगेंगे। इसके साथ ही संस्कृत विद्वान ने विश्वास के साथ कहा, हमें पीओके चाहिए और हमें यह बहुत जल्द मिलेगा।

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि मुझे लगता है कि पाकिस्तान अपनी आदत से बाज नहीं आएगा। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि इस बार ऑपरेशन सिंदूर के तहत उसकी जमकर धुलाई हुई है और आगे फिर से नापाक हरकत की तो अंजाम घातक होंगे।

उन्होंने आगे कहा,  हमारी भारतीय सेना ने पाकिस्तान की जमकर पिटाई की है लेकिन, भारत के हाथों पिटाई खाने के बाद भी पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है। हम कह रहे हैं कि हमें पीओके चाहिए और हमें यह बहुत जल्द मिलेगा।

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान को जो चोट पहुंचाई है उससे उबरने में पाकिस्तान को एक शताब्दी का समय लगेगा।

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मान को रामभद्राचार्य ने लंबे संघर्ष का नतीजा बताया। उन्होंने कहा, जितना बड़ा संघर्ष होता है, उतनी ही बड़ी सफलता भी मिलती है। मैंने लंबे समय तक संघर्ष किया है, इसलिए सफलता भी बड़ी है।

पहली बार किसी संत को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह मैंने किसी से उधार में नहीं लिया है। मैंने काम किया, इसीलिए मुझे यह मिला है। मैंने 250 पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें से 150 संस्कृत में हैं। संस्कृत में मेरी चार महाकाव्य हैं।

बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार(16मई) को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने (रामभद्राचार्य) उत्कृष्टता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिव्यांग होने के बावजूद, जगद्गुरु ने अपने दिव्य दृष्टिकोण से साहित्य और समाज की सेवा में असाधारण योगदान दिया है।

रामभद्राचार्य ने साहित्य और सामाजिक सेवा दोनों क्षेत्रों में अद्वितीय कार्य किया है। उनके गौरवशाली जीवन से प्रेरणा लेकर आने वाली पीढिय़ां साहित्य सृजन, समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ती रहेंगी।

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सरकार का बड़ा फैसला, अब हिंदी में होगी गाडिय़ों की नंबर प्लेट

देहरादून ,17 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अब सड़कों पर दौड़ रही कारों की नंबर प्लेट पर पंजीयन कोड अंग्रेजी के स्थान पर हिंदी में अंकित नजर आएगा। उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की तर्ज पर आने वाले दिनों में उत्तराखंड में भी वाहनों की नंबर प्लेट को लेकर ये फैसला किया गया है।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार भाषा विभाग ने परिवहन विभाग के पंजीयन कोड को राजभाषा हिंदी में भी अंकित करने की दिशा में नई पहल की है। भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने इस प्रस्ताव पर अनुमोदन दे दिया है। इसके लागू होने पर वाहनों की नंबर प्लेट पर पंजीयन कोड (यू के) के स्थान पर हिंदी भाषा में भी ‘उ खÓ से प्रारंभ होगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राजभाषा अधिनियम 2009 के आलोक में समय-समय पर जारी विभिन्न शासनादेशों में समस्त शासकीय कार्यों में हिंदी भाषा के प्रयोग पर बल दिया गया है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग में यह कदम उठाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में परिवहन विभाग द्वारा संभागीय व उप संभागीय परिवहन कार्यालयों को पंजीयन कोड मात्र अंग्रेजी भाषा में आवंटित किए गए हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में पंजीकृत वाहनों पर हिंदी भाषा में पंजीयन कोड आवंटित किए जाते रहे हैं।

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