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द लेडी किलर, मनाली में पहली बार शूटिंग करेंगी भूमि पेडनेकर

24.04.2022 – बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर मनाली में अजय बहल की फिल्म द लेडी किलर में नजर आएंगी। वे मनाली में शूटिंग की तैयारी में लगी हुई हैं, जिसमें वह अर्जुन कपूर के साथ नजर आएंगी। फिल्म में अर्जुन एक प्लेबॉय का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे, जिसे भूमि से प्यार हो जाता है।

अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए भूमि ने बताया कि, मुझे घूमना अच्छा लगता है। मुझे इस पेशे से बहुत प्यार है, इसमें कई नई जगहों पर घूमने को मिलता है। मनाली में मैंने पहली बार शूटिंग की है।

यात्रा एक कलाकार के रूप में उनके लिए कई पहलुओं को जोड़ती है, उन्होंने आगे कहा एक रचनात्मक व्यक्ति के रूप में मेरी यात्रा मुझे गहराई से प्रेरित करती है। मैं द लेडी किलर को शुरू करने से पहले कड़ी मेहनत कर रही हूं। फिल्म का कंटेट अच्छा है।

मैं अर्जुन के साथ भी पहली बार काम कर रही हूं और मैं यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि हम अजय बहल की पटकथा को जीवंत करने के लिए कैसे भूमिका को परिभाषित करते हैं।

भूमि के पास आने वाले समय में बहुत फिल्में हैं। भूमि अनुभव सिन्हा की भीड़, शशांक खेतान की गोविंदा नाम मेरा, अक्षय कुमार-स्टारर रक्षा बंधन, सुधीर मिश्रा की अफवा और गौरी खान की भक्षक में नजर आएंगी। (एजेंसी)

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राजस्थान को तालिबान बना दिया, महिला उत्पीडऩ और मंदिर तोडऩे में पहले नंबर पर प्रदेश : राज्यवर्धन सिंह राठौर

जयपुर 23 अप्रैल (आरएनएस)।राजस्थान को तालिबान बना दिया, महिला उत्पीडऩ और मंदिर तोडऩे में पहले नंबर पर प्रदेश.  पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर राज्य को तालिबान बना देने का आरोप लगाया। अलवर की घटना पर बोलते हुए राठौर ने कहा, राजस्थान को तालिबान बना दिया है।

हमारा प्रदेश जो बहादुरी व महिला सम्मान के लिए जाना जाता था वो अब महिला उत्पीडऩ में पहले नंबर पर है। मंदिर तोडऩे में राज्य पहले नंबर पर है, जैसे किसी एक विशेष समुदाय के लिए सरकार चला रहे हों। अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान दो मंदिरों को ध्वस्त किए जाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं।

राजगढ़, कांग्रेस शासित राज्य में भाजपा शासित नगरपालिका है। अलवर से भाजपा सांसद बालकनाथ ने आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में की गई कार्रवाई में एक मंदिर की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचा है। राजस्थान के मंत्री शांति धारीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया और कहा कि राज्य सरकार मामले पर नजर रख रही है।

राजगढ़ में दो मंदिरों और कुछ दुकानों को ध्वस्त किया गया

राजगढ़ में रविवार और सोमवार को दो मंदिरों और कुछ दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों ने कस्बे में एक सड़क को चौड़ा करने के लिए की गई इस कार्रवाई को अतिक्रमण रोधी अभियान बताया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई की मंजूरी भाजपा शासित राजगढ़ नगरपालिका बोर्ड ने दी थी और कार्रवाई में किसी भी प्रतिमा या गर्भगृह को नुकसान पहुंचने से इंकार किया है।

भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी मल मीणा शुक्रवार को राजगढ़ पहुंचे और मंदिर गिराए जाने के खिलाफ पुलिस थाने के समक्ष धरने पर बैठ गए। भाजपा का दावा है कि यह मंदिर 300 साल पुराना था। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को इसका नतीजा भुगतना होगा। भाजपा की राजस्थान इकाई के प्रमुख सतीश पूनिया ने इस कार्रवाई के पीछे कांग्रेस का हाथ होने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आये वीडियो में एक बुलडोजर को प्राचीन शिव मंदिर को ढहाते देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को पता है कि ये सभी कार्रवाई राज्य सरकार के इशारे पर की जा रही है।

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जहांगीरपुरी में निकलेगी तिरंगा यात्रा, प्रशासन मुस्तैद

नई दिल्ली,23 अप्रैल (आरएनएस)। दिल्ली के जहांगीरपुरी में बीती शाम 6 बजे तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। जिस को लेकर पुलिस ने इस यात्रा के लिए अनुमति दे दी है। यात्रा में दोनों समुदाय के लोग हिंदू और मुस्लिम एक साथ शामिल होंगे, जिस जगह हिंसा की शुरुआत हुई थी, उस कुशल चौक से बीसी चौक होते हुए शाह आलम चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।

यात्रा के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक का रूट तय किया गया है। यात्रा के लिए भारी पुलिस फोर्स और कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद अंसार समेत विभिन्न संदिग्धों के खिलाफ धन शोधन का एक मामला दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों इसकी जानकारी शनिवार को दी।

प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर), ईडी की पुलिस प्राथमिकी के समकक्ष, संघीय एजेंसी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम की आपराधिक धाराओं के तहत दायर की गई है।

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हनुमान चालीसा पाठ पर नवनीत राणा व उनके पति रवि राणा गिरफ्तार

मुंबई,23 अप्रैल (आरएनएस)।हनुमान चालीसा पाठ पर नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा गिरफ्तार.  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री में हनुमान चालीसा पाठ पढऩे को लेकर मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिवसेना कार्यकर्ता की शिकायत पर सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को मुंबई पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ थाने ले गई है।

उधर, नवनीत राणा ने इस मसले पर भाजपा और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस से मदद मांगी है। दोनों को कल यानि रविवार के दिन बांद्रा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले शनिवार को भारी हंगामे के बाद रवि राणा और सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढऩे का प्रोग्राम वापस ले लिया था। हनुमान चालीसा पाठ को लेकर महाराष्ट्र में बीते दिनों से भारी हंगामा चल रहा है, जिसका आज नाटकीय तरीके से विराम हुआ।

सुबह नौ बजे राणा दंपती मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढऩे के मूड में थी। इस घोषणा के साथ ही गुस्साए शिव सेना कार्यकर्ता राणा दंपती के अमरावती और मुंबई आवास पर सुबह पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस के साथ शिवसेना कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। बैरिकेडिंग तोड़े गए। काफी देर तक शिवसेना कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर डटे रहे। आखिरकार राणा दंपती को अपना प्रोग्राम वापस लेना पड़ा।

शिवसैनिकों की शिकायत पर हुई गिरफ्तारी

मिली जानकारी के अनुसार, शिवसैनिकों ने भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में कहा गया कि मातोश्री उनके लिए मंदिर जैसा है, ऐसे में उन दोनों का मातोश्री में हनुमान चालीसा पाठ करने का ऐलान करना भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है। जिस पर धारा 153 (ए) के तहत नवनीत राणा और रवि राणा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद मुंबई पुलिस मुंबई स्थित उनके आवास पर पहुंची और दोनों को खार पुलिस स्टेशन लेकर पहुंची। दोनों से पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस ने कंफर्म किया कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया है। दोनों को कल यानि रविवार के दिन बांद्रा कोर्ट में पेश किया जाएगा।

देवेंद्र फडणवीस से मांगी मदद

नवनीत राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वो एक सांसद हैं और उनके पति विधायक हैं। दोनों देश के जनप्रतिनिधि हैं। ऐसे में मुंबई पुलिस द्वारा उनके साथ किया व्यवहार निंदनीय है। नवनीत राणा ने भाजपा और महाराष्ट्र पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस से मदद मांगी है।

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अमित शाह ने बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव को किया संबोधित

नई दिल्ली,23 अप्रैल (आरएनएस)। अमित शाह ने आज बिहार के जगदीशपुर में बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव को संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह, नित्यानंद राय, अश्विनी कुमार चौबे और राधामोहन सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज़ादी के 75वें साल में आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इतिहास ने बाबू कुंवर सिंह के साथ अन्याय किया और उनकी वीरता, योग्यता, बलिदान के अनुरूप उन्हें इतिहास में स्थान नहीं दिया गया। लेकिन आज बिहार की जनता ने बाबू जी को श्रद्धांजलि देकर वीर कुंवर सिंह का नाम एक बार फिर इतिहास में अमर करने का काम किया है।

लाखों लोग चिलचिलाती धूप में तिरंगा लेकर बाबू कुंवर सिंह को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। 163 वर्ष पहले 80 साल की उम्र के कुंवर सिंह जी ने इस क्षेत्र को अग्रेज़ों से आज़ाद कराया था।अमित शाह ने कहा कि ये क्षेत्र विश्वामित्र की जन्मभूमि माना जाता है,राम ने यहीं ताड़का वध किया था, यहीं से उन्हें मिथिला जाने की प्रेरणा मिली, यही वशिष्ठ नारायण सिंह जी की जन्मभूमि है, यही शिवपूजन सहाय, महान कवि शैलेन्द्र, बिंदेश्वरी दुबे और सहकारिता के पुरोधा तपेश्वर सिंह की भूमि रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार, जयप्रकाश नारायण, बाबू जगजीवन राम, कर्पूरी ठाकुर, राजेन्द्र बाबू, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की भूमि रहा है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज जब हम आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमारे सामने कुछ लक्ष्य रखे हैं। हमारी आज़ादी के लिए जिन्होंने सर्वस्व बलिदान किया उसे युवा पीढ़ी की स्मृति में पुनर्जीवित करके श्रद्धांजलि देना।

आज़ादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में देश ने जो कुछ भी प्राप्त किया है इसे चिरस्थायी बनाने का प्रयत्न करना और ये संकल्प लेना कि जब आज़ादी की शताब्दी हो तब हमारा ये महान भारत दुनिया में एक बहुत बड़ी ताक़त बनकर सर्वोच्च स्थान पर बैठा हो। मोदी जी ने कल्पना की है कि 2047 में पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में भारत शीर्ष पर होना चाहिए और वीर कुंवर सिंह जी को यही सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है।

अमित शाह ने कहा कि 1857 में हुए आज़ादी के पहले संग्राम को इतिहासकारों ने हमेशा एक विफल विद्रोह कहकर बदनाम करने का प्रयास किया। वीर सावरकर ने पहली बार उसे आज़ादी का पहला स्वतंत्रता संग्राम कहकर सम्मानित करने का काम किया। नाना साहब पेशवा, अज़ीमुल्ला ख़ान, बेग़म ज़ीनत महल, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वीर कुंवर सिंह जैसे ना जाने कितने लाखों लोगों ने अपनी जान न्योछावर करके अंग्रेज़ों के पैरों के नीचे की ज़मीन हिलाने का काम किया। वीर कुंवर सिंह जी एक अकेले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने 80 साल के होने के बावजूद आरा और सासाराम से लेकर अयोध्या तक और वहां से बलिया होते हुए फिर से आरा तक विजयी पताका फहराई। उनके हाथ में गोली लगने से गैंगरीन होने का डर था और इसीलिए उन्होंने ख़ुद अपना हाथ काटकर गंगा में समर्पित करने का साहस कुंवर सिंह जी के सिवा किसी में नहीं हो सकता।

उन्होंने जब यहां आकर आजादी का झंडा फहराया उसके 3 दिन बाद वे शहीद हुए।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि वीर कुंवर सिंह जी ने 1857 और 1858 में बांदा, रीवा, आज़मगढ़, बनारस, बलिया, गाजीपुर, सासाराम, गोरखपुर और अयोध्या तक आजादी की अलख जगाने का काम किया था। जब वे यहां अंतिम लड़ाई लड़े, तब गंगा नदी को पार करते हुए हाथ में गोली लगी तो अपना ही हाथ काट कर यहां स्वतंत्र भारत का झंडा फहरा कर उस वीर सपूत ने अंतिम सांस ली।

कुंवर सिंह बाबू बहुत बड़े समाज सुधारक भी थे और उन्होंने पिछड़े और दलितों का कल्याण करने का एक विचार उस जमाने में देश के सामने रखा था। आज नरेन्द्र मोदी जी भी पिछड़े, दलित और आदिवासियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लेकर आए हैं। शाह ने कहा कि हम कल्पना ही नहीं कर सकते अगर नरेन्द्र मोदी जी 130 करोड़ के देश का मुफ्त टीकाकरण न करते तो न जाने कितने लोगों की मौत होती। धनी व्यक्ति तो पैसा खर्च करके टीका ले लेता मगर पिछड़े समाज के भाई बहन, दलित भाई बहन, आदिवासी भाई बहन यह टीका नहीं लगवा सकते थे।

मोदी जी ने योजना बनाकर 130 करोड़ की आबादी को दोनों टीके मुफ्त लगाकर सुरक्षा का सुदर्शन चक्र देने का काम किया है। इसके साथ-साथ 80 करोड़ गरीबों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज प्रति माह 2 साल तक देने का काम किया। ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने का काम किया और बिहार के ही मछुआरा समाज के भगवान लाल साहनी को उसका पहला अध्यक्ष बनाने का गौरव नरेंद्र मोदी जी ने दिया। प्रधानमंत्री जी ने हर गरीब को आवास, गैस का सिलेंडर, शौचालय, बिजली और पाँच लाख तक का आरोग्य बीमा देकर गरीबों को पहली बार देश की विकास प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का काम किया है। अ

मित शाह ने कहा कि बिहार की 84 लाख माताओं को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर मिला है, 78 लाख किसानों को हर साल 6 हज़ार रुपये मिल रहे हैं और 38 जि़लों में आत्मनिर्भर क्रिटीकल केयर यूनिट बनाए गए हैं। साथ ही एक लाख पच्चीस हज़ार करोड़ के पीएम पैकेज की सारी की सारी योजनाएँ अब शुरू हो चुकी है और किसान क्रेडिट कार्ड से लगभग दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण दिए गए हैं। शाह ने कहा कि भोजपुर में एक नए कृषि अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने समस्तीपुर में 11 करोड़ रुपये की लागत से एग्री बिजऩेस और रूरल मैनेजमेंट संस्थान का भवन बनाया है। बिहार के गन्ना किसानों को 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि देने का काम किया है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बरौनी में रिफ़ाइनरी क्षमता का विस्तार किया गया है और फर्टिलाइजर का प्लांट लगाया है। उन्होंने कहा कि 2,300 करोड़ रुपये की 617 किलोमीटर लंबी जगदीशपुर- हल्दिया पाइपलाइन का काम शुरू हो गया है और 1,800 करोड़ रुपये की पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन को आगे बढ़ाया है। बोधगया में भारतीय प्रबंधन संस्थान (ढ्ढढ्ढरू) की स्थापना की गई है और 54 सड़कों पर 54,700 करोड़ रुपये के निवेश का काम किया गया है। साथ ही दरभंगा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एक नया एयरपोर्ट बन रहा है और 1,200 करोड़ रुपये के खर्च से पटना एयरपोर्ट का विकास किया है।

अमित शाह ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार आने से पहले राज्य की स्थिति बहुत खऱाब थी, लोग उस समय की बदहाल व्यवस्था को भूल नहीं सकते। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार आने के बाद नीतिश कुमार मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री बने। उन दोनों ने बिहार को क्चढ्ढरू्रक्र से विकसित राज्य बनाने का काम किया। शाह ने कहा कि आज बिहार में औद्योगिक विकास भी हो रहा है, 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और क़ानून-व्यवस्था ठीक हुई है।

साथ ही सरकार ने यहाँ बहुत सारे शिक्षा संस्थान बनाने का काम किया है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब मैं बच्चा था तो इतिहास के शिक्षक ने बाबू कुंवर सिंह जी के हौसले और वीरता के बारे में बताया था, उस समय मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे और आज जब यहाँ लाखों लोग तिरंगा लेकर बाबू कुंवर सिंह जी को श्रद्धांजलि देने आए हैं तो आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो गए हैं, एक व्यक्ति कैसा था कि शहीद होने के 163 साल बाद भी लाखों लोग इस चिलचिलाती धूप में उन्हें श्रद्धांजलि देने यहाँ आए हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस अवसर पर मैं सुभद्रा कुमारी चौहान की एक कविता की ये पंक्तियाँ अवश्य सुनाना चाहूँगा- स्वतंत्रता माया युद्ध में कई वीरवर आए काम, नाना धंडूपत, तांत्या, चतुर अजीमुल्ला सरनाम, अहमद शाह, ठाकुर कुंवर सिंह और सैनिक अभिराम,भारत के इतिहास गगन में अमर रहेंगे इनके नाम’।

अमित शाह ने कहा कि इतिहास ने बाबू कुंवर सिंह जी के साथ जो भी अन्याय किया हो लेकिन करीब पौने दो सौ साल बाद आज भी जनता में उनके लिए जो भाव है उसे देखकर मैं कह सकता हूँ कि जब तक भारत का नाम रहेगा,बाबू कुंवर सिंह जी का नाम हमेशा हमेशा के लिए अमर रहेगा।

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निंदनीय सुर्खियों के इस्तेमाल से बचें, मंत्रालय ने निजी चैनलों को चेतावनी जारी की

नई दिल्ली,23 अप्रैल (आरएनएस)।केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज निजी टीवी समाचार चैनलों को झूठे दावे और निंदनीय सुर्खियों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने आज जारी एक विस्तृत परामर्श में केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 की धारा 20 के प्रावधानों का पालन करने का आह्वान किया है, जिसमें इसके तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता भी शामिल है।

मंत्रालय ने पाया है कि हाल के दिनों में कई सैटेलाइट टीवी चैनलों ने घटनाओं और घटनाओं के कवरेज को इस तरह से किया है, जो अप्रमाणिक, भ्रामक, सनसनीखेज तथा सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा एवं टिप्पणियों का इस्तेमाल करते हुए, अच्छे माहौल और शालीनता पर चोट पहुंचाने वाले, अश्लील और मानहानिकारक तथा साम्प्रदायिक राग अलापने वाले हैं। एडवाइजरी में यूक्रेन-रूसी संघर्ष और विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम दिल्ली की घटनाओं का हवाला दिया गया है.

जहां टीवी समाचार सामग्री और बहस कार्यक्रम में संहिता का उल्लंघन पाया गया है।जबकि यूक्रेन-रूस संघर्ष पर रिपोर्टिंग के मामले में मंत्रालय ने पाया है कि चैनल निंदनीय सुर्खियां बना रहे हैं और पत्रकारों ने निराधार और मनगढ़ंत दावे किए हैं और दर्शकों को उकसाने के लिए अतिशयोक्ति का इस्तेमाल किया है, दिल्ली हिंसा के मामले में, कुछ चैनलों ने भड़काऊ सुर्खियों और हिंसा के वीडियो वाले समाचार प्रसारित किए हैं.

जो समुदायों के बीच सांप्रदायिक घृणा को भड़का सकते हैं तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं। चैनलों ने अधिकारियों के द्वारा की गई कार्रवाई को सांप्रदायिक रंग देकर सुर्खियां बटोर ली हैं।मंत्रालय ने निजी टीवी चैनलों को असंसदीय, भड़काऊ और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा, सांप्रदायिक टिप्पणियों और अपमानजनक संदर्भों के प्रसारण के खिलाफ चेतावनी दी है, जो दर्शकों पर नकारात्मक मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकते हैं और सांप्रदायिक वैमनस्य को भी भड़का सकते हैं और बड़े पैमाने पर शांति भंग कर सकते हैं।

मंत्रालय ने आज उल्लंघन के इन मामलों का उदाहरण देते हुए, प्रसारित कार्यक्रमों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और इसके तहत नियमों के उल्लंघन के खिलाफ दृढ़ता से सलाह दी है।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात की

नई दिल्ली,23 अप्रैल (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और मध्य प्रदेश सरकार की सुशासन संबंधी पहलों पर बात की और जाना कि कैसे उनकी परिवर्तनकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।अपने एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा -मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान जी से भेंट हुई।

उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की सुशासन संबंधी पहलों पर चर्चा की और बताया कि कैसे उनकी परिवर्तनकारी योजनाएं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

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रूस ने एक नई परमाणु मिसाइल का परीक्षण किया

मॉस्को,21 अप्रैल । रूस ने एक नई परमाणु मिसाइल का परीक्षण किया है जिसे वहां के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सर्वोत्तम मिसाइल बताया है. यूक्रेन युद्ध को दो महीने पूरे होने को आए हैं और रूस की परीक्षण शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक माना जा रहा है.रूस ने नई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है जो परमाणु हथियारों को ले जा सकने में सक्षम है. परीक्षण के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यह मिसाइल रूस के दुश्मनों को रुक कर सोचने पर मजबूर कर देगी. इस मिसाइल के परीक्षण के बाद पुतिन को टीवी पर दिखाया गया जहां उन्हें सेना ने बताया कि जिस सरमत मिसाइल के परीक्षण का लंबे समय से इंतजार था, वह कर लिया गया है. रूस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में पलेस्तेक में यह परीक्षण किया गया.
मिसाइल ने लगभग 6,000 किलोमीटर दूर स्थित कामाचातका प्रायद्वीप में अपने निशाने पर हमला किया. &द्यह्यह्नह्वश;सबसे अच्छी मिसाइल&प्त39; पुतिन ने कहा, नई मिसाइल में सबसे अच्छे तकनीकी और सामरिक गुण हैं और यह तमाम आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेद पाने में सक्षम है. फिलहाल दुनिया में इसका कोई जवाब नहीं है और आने वाले लंबे समय तक होगा भी नहीं है.&ह्म्स्रह्नह्वश; उन्होंने कहा कि यह हथियार रूसी सेनाओं की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगी. पुतिन ने कहा, यह मिसाइल बाहरी खतरों से रूसी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी.&ह्म्स्रह्नह्वश; रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि नई मिसाइल इस पतझड़ में सेना कौ सौंप दी जाएगी.
सरमत मिसाइल पर रूस काफी समय से काम कर रहा था, इसलिए पश्चिमी देशों को इस परीक्षण से ज्यादा हैरत नहीं हुई है. हालांकि वैश्विक तनाव के बीच एक परमाणु हथियार के परीक्षण को लोगों ने चिंतित जरूर किया है. यूक्रेन में रूस दो महीने से अपना &द्यह्यह्नह्वश;सैन्य अभियान&प्त39; जारी रखे हुए है और अब तक वह एक भी बड़े शहर पर कब्जा नहीं कर पाया है. रूस का प्रतिष्ठित और शक्तिशाली जहाज &प्त39;मस्कवा&प्त39; डूबा आठ हफ्ते पहले जब पुतिन ने यूक्रेन पर हमला किया था तब परमाणु हथियारों का जिक्र एक प्रतीक के तौर पर किया था और कहा था कि अगर कोई देश उसके रास्ते में आने की कोशिश करेगा तो उसे ऐसे नतीजे भुगतने होंगे जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखे होंगे.&ह्म्स्रह्नह्वश; इस बयान के कुछ ही दिन बाद पुतिन ने अपनी सेना की उस टुकड़ी को चौकस कर दिया, जिसके जिम्मे परमाणु हथियार होते हैं. परमाणु युद्ध का खतरा पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव अंटोनियो गुटेरेश ने कहा था कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का खतरा नजर आ रहा है.
गुटेरश ने कहा, जिस परमाणु युद्ध के बारे में कभी सोचना भी दूभर था, वह अब संभावना के दायरों में नजर आने लगा है.&ह्म्स्रह्नह्वश; लंदन स्थित थिंक टैंक आरयूएसआई के जैक वॉटलिंग कहते हैं कि विक्ट्री डे परेड से तीन हफ्ते पहले रूस का यह परीक्षण एक प्रतीकात्मक संकेत है. इस परीक्षण का समय बताता है कि रूस चाहता है कि विक्ट्री डे के दौरान उसके पास दिखाने के लिए कोई तकनीकी उपलब्धि हो, क्योंकि उनकी बहुत सी तकनीकों ने वैसे नतीजे नहीं दिए हैं जैसी उन्होंने उम्मीद की थी.यूक्रेन में हथियार के रूप में बलात्कार के इस्तेमाल के आरोप एक विशेषज्ञ इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटिजिक स्टडीज के सीनियर फेलो डगलस बैरी कहते हैं कि डिजाइन की दिक्कतों और धन के अभाव में यह मिसाइल लंबे समय से अटकी हुई थी और इसका परीक्षण एक बड़ी उपलब्धि है. वह कहते हैं कि इसके इस्तेमाल से पहले अभी और कई परीक्षणों की जरूरत होगी लेकिन यह एसएस-18 और एसएएस-19 मिसाइलों की जगह ले सकेगी, जो अपनी अंतिम तिथि से बहुत ज्यादा समय तक काम कर चुकी हैं

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्री फागु बेसरा के सुपुत्र श्री राजेश बेसरा एवं पुत्रवधू श्रीमती शीला हेंब्रम को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं

रामगढ़, 21.04.2022 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज जेएमएम के वरीय नेता श्री फागु बेसरा की सुपुत्री के विवाह एवं उनके सुपुत्र के विवाह रिसेप्शन कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु रामगढ़ जिला के हेसागढ़ा स्थित उनके आवास पर पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री फागु बेसरा की सुपुत्री चांदमुनि बेसरा को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्री फागु बेसरा के सुपुत्र श्री राजेश बेसरा एवं पुत्रवधू श्रीमती शीला हेंब्रम को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं तथा नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। मौके पर श्री फागु बेसरा के परिवार के अन्य सदस्य एवं रिश्तेदार भी उपस्थित थे।

इससे पहले जोरा करम, बीस माइल फुटबॉल मैदान हेसागढ़ा स्थित अस्थायी हेलीपैड पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का आगमन होते ही सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा बुके देकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर जेएमएम रामगढ़ के जिला अध्यक्ष श्री विनोद किस्कु, सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजकुमार महतो, श्री विनोद महतो, श्री आलम अंसारी, श्री राजेश टुडू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने अमर शहीद पांडेय गणपत राय के तस्वीर पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

शहीद स्मारक, रांची, मुख्यमंत्री ने अमर शहीद पांडेय गणपत राय के तस्वीर पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायक शहीद पांडेय गणपत राय का आज शहादत दिवस है । मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर राजधानी रांची स्थित शहीद स्मारक में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

आने वाली पीढ़ी के लिए वे हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।अंग्रेज़ों के खिलाफ विद्रोह करने वाले अमर वीर शहीद पाण्डेय गणपत राय जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन।

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मत्स्य पालन कर पश्चिमी सिंहभूम के कृषक हो रहे समृद्ध

रांची,21.04.2022 – मत्स्य पालन कर पश्चिमी सिंहभूम के कृषक हो रहे समृद्ध. अर्जुन महापात्रा। अब खुश हैं। उन्हें आमदनी का सशक्त माध्यम मिल गया। पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा प्रखंड स्थित बांसकाटा गांव निवासी अर्जुन कुछ वर्ष पूर्व तक जलाशय निर्माण में जमीन जाने के बाद से बेरोजगार थे। एक दुकान का संचालन कर अपना भरण पोषण कर रहे थे। परन्तु इतनी आमदनी नहीं थी कि खुशहाल जीवन यापन कर सके। लेकिन इनके जीवन में मछली पालन हेतु केज पद्धति वरदान बन कर आया। महापात्रा शिक्षित बेरोजगार थे, इस वजह से उपायुक्त चाईबासा के सहयोग से मत्स्य पालन हेतु पनसुवा में समिति का गठन किया। फिर देखते ही देखते इस समिति में अन्य लोग भी जुड़े और कारवां बनता गया। अर्जुन जैसे दर्जनों लोगों ने मत्स्य पालन को अपनी आजीविका का आधार बनाया और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हुए।

विस्थापन के बाद नहीं था रोजगार, अब बन रहे आत्मनिर्भर

पनसुवा जलाशय सोनुआ प्रखंड में स्थित है। यहां के पांच गांव को विस्थापित कर ग्रामीणों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पनसुवा जलाशय का निर्माण किया गया था। ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत ग्रामीणों को सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता इसी जलाशय से की जाती है। विस्थापित होने के उपरांत ग्रामीणों के पास रोजगार के कोई साधन उपलब्ध नहीं थे। सरकार के निर्देश पर उपायुक्त चाईबासा द्वारा डैम में जैसे ही केज कल्चर से मछली पालन की शुरुआत हुई तो ग्रामीणों में आस जगी और रोजगार भी मिला एवं आय के स्रोत में वृद्धि भी हुई। जिला प्रशासन द्वारा जलाशय के मत्स्य समिति को दो मोटर बोट उपलब्ध कराया गया है, जिससे सोनुआ से गुदड़ी प्रखंड तक का सफर पूर्ण किया जाता है, साथ ही साथ जलाशय में पर्यटन के क्षेत्र में भी संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। मोटर बोट की मदद से ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी आय अर्जित कर सकते हैं। इसको ध्यान में रखकर कार्य करने की योजना है।

रोजगार सृजन पर भी है ध्यान

पश्चिम सिंहभूम स्थित विभिन्न जलाशयों में अब तक 69 केज बैटरी मौजूद है, जिसमें से 53 केज बैटरी ब्लू रिवॉल्यूशन योजना तथा 16 केज बैटरी जलाशय मत्स्य विकास योजना के तहत जिले को उपलब्ध कराया गया है। साथ ही साथ जिले में तीन मोटर बोट भी जलाशय मत्स्य विकास योजना के तहत संचालित है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं और मत्स्य कृषकों के आय में वृद्धि के मद्देनजर जिला प्रशासन के द्वारा 25 एस०सी०ए० मद 17 डीएमएफटी मद और 20 स्टेट के पास नए केज बैटरी के निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जिसे जिले के विभिन्न जलाशयों में स्थापित किया जाएगा ताकि मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं का सृजन हो सके। इसके साथ ही आठ मोटर बोट का प्रस्ताव भी एस०सी०ए० मद के तहत भेजा जा चुका है, जिसके उपरांत पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का सृजन किया जा सकता है। अभी वर्तमान में जिले के पनसुवा डैम मे दो और नकटी डैम में एक मोटर बोट के माध्यम से पर्यटन के क्षेत्र में वहां के ग्रामीणों के बीच रोजगार सृजन किया जा रहा है।

जलाशयों के आसपास रहने वाले एवं विस्थापित परिवारों को आय का सशक्त माध्यम उनके गांव में ही उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके माध्यम से रोजगार सृजन भी करना है। वर्तमान में मत्स्य पालकों को हर संभव सुविधा प्रदान करने का प्रयास सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है  – अनन्या मित्तल, उपायुक्त, चाईबासा

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जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके

20.04.2022 – जरुरी कागजों के रखरखाव के लिए आजमाए ये आसान तरीके. हम सभी के घर में कुछ जरूरी कागजात होते ही हैं, जिन्हें हम फाइलों में रखते हैं। बच्चे की मार्कशीट से लेकर बिजली का बिल और पहचान के अन्य जरूरी कागजात व उनकी फोटोकॉपी को लोग फाइलों में संभालकर रखते हैं। इतना ही नहीं, पिछले कुछ वक्त से जब वर्क फ्रॉम होम का चलन काफी बढ़ा है तो घरों में इन फाइलों की संख्या भी बढ़ी है। ऑफिस के प्रोजेक्ट्स की फाइलों को भी लोग घर पर ही रख रहे हैं। हालांकि काफी सारी फाइलें हो जाने के बाद उन्हें सही तरह से आर्गेनाइज करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर घर में फाइलें सही तरह से आर्गेनाइज करके रखी जाती हैं, तो इससे घर भी बिखरा-बिखरा नजर नहीं आता और समय पर ढूंढने में भी आसानी होती है । तो चलिए जानते हैं कि घर में फाइलों को आर्गेनाइज करने के लिए आप किन तरीकों का सहारा ले सकती हैं-बनाएं अलग कैबिनेटअगर आपके पास काफी अधिक फाइलें हैं तो बेहतर होगा कि आप उन्हें टेबल पर रखने की जगह एक अलग कैबिनेट बनाएं और उसमें ही अपनी सभी जरूरी फाइलें रखें। इस तरह जब आपको कभी भी उन फाइलों की जरूरत होगी तो आप आसानी से कैबिनेट से निकाल पाएंगी। करें लेबलिंगअगर आपके पास फाइलों का भंडार है और आप उसे एक कैबिनेट में रखने की सोच रही हैं तो हर बार आपको अपनी जरूरी फाइल निकालने के लिए कुछ वक्त तो बर्बाद करना ही पड़ेगा। इस स्थिति से बचने और घर में फाइलों को बेहतर तरीके से आर्गेनाइज करने का सबसे अच्छा तरीका है लेबलिंग करना। इसके लिए आप फाइल के उपर कुछ तरह से लेबलिंग करें कि जब भी आप कैबिनेट खोलें, आपको दूर से ही समझ आ जाए कि कौन सी फाइल में कौन से डॉक्यूमेंट रखे हैं।कलर कोड सिस्टम अगर आप अपने घर में फाइलों का ढेर इक_ा नहीं करना चाहतीं और आपके इतने डॉक्यूमेंट भी नहीं है कि आपको कई सारी फाइलों की जरूरत पड़े, तो ऐसे में आप अपनी जरूरत के अनुसार तीन-चार अलग-अलग कलर की बड़ी फाइलें लें और कलर के आधार पर आप एक फाइल में घर के जरूरी कागजात, दूसरे में ऑफिस के डॉक्यूमेंट और तीसरे में पर्सनल आईडेंटिडी से जुड़े कागज रखें। डेस्क आर्गेनाइजर का सहारा कई बार कुछ डॉक्यूमेंट की जरूरत बार-बार पड़ती है, ऐसे में उठकर कैबिनेट से फाइल निकालना काफी इरिटेटिंग लगता है। ऐसे में अक्सर कागज को टेबल के कपड़े के नीचे या फिर साइड ड्राअर में रख देते हैं, जिससे उनके खोने का खतरा रहता है। इस स्थिति से बचने का एक तरीका है डेस्क आर्गेनाइजर। बेहतर होगा कि आप डेस्क पर एक डेस्क आर्गेनाइजर रखें और जरूरी कागजों को उसमें रखें। (एजेंसी)

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मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी सुनिश्चित हो : सीएम

देहरादून,19 अप्रैल (आरएनएस)। मानसून से पहले आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी सुनिश्चित हो.  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आपदा प्रबंधन की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून से पूर्व सभी आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी कर लें। सभी विभाग चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों के चिन्हीकरण शीघ्र किया जाय।

आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था हो। यह सुनिश्चित किया जाय कि आपदा में सङको के क्षतिग्रस्त होने की दशा मे आवागमन की व्यवस्था शीघ्र सुचारू हों। संचार व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि आपदा के दौरान संचार व्यवस्थाएं सबसे अधिक बाधित होती हैं। संचार व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तैयारी की जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि वर्षा के कारण शहरों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाया जाय। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों से जिन परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी है, वह शीघ्र की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि आपदा प्रभावितों को आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत मुआवजा राशि शीघ्र प्राप्त हो, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में पुर्ननिर्माण कार्यों के लिए धन का अभाव नहीं होने दिया जायेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुर्ननिर्माण कार्यों को शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा जाय। किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाय। आपदा के दौरान सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाय। राज्य में एस.डी.आर.एफ को और मजबूत करने के साथ ही संख्या बल में भी वृद्धि की जाय।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाय कि ग्रीष्मकाल एवं मानसून अवधि में पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुचारू रहे। पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति के बाधित होने की काफी शिकायते आ रही हैं, इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किये जाय। वनाग्नि को रोकने के लिए जनसहयोग के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाय।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून शुरू होने से पूर्व जनपद एवं तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएं। आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था रखी जाय। यदि कोई भी आवश्यकता हो तो शासन को अवगत कराया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि मानसून अवधि में आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों एवं पर्वतीय जनपदों में खाद्यान की पूर्ण व्यवस्था हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। आपदा से जानमाल की कम से कम क्षति हो इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। मौसम विभाग द्वारा मौसम पुर्वानुमान में क्या और सुधार हो सकता है, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मौसम पूर्वानुमान पहले मिल जाने से जानमाल के नुकसान से लोगों को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरकण्डा में डॉप्लर रडार को शीघ्र शुरू किया जाए एवं लैंसडाउन में डॉप्लर रडार की कार्यवाही में तेजी लाई जाय।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधु, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव एस. ए. मुरूगेशन, श्री नितेश झा, दिलीप जावलकर, शैलेश बगोली, रविनाथ रमन, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार एवं सभी जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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रायबरेली में दबंगों के उत्पीडऩ के शिकार विपुल से मिले अखिलेश

लखनऊ,19 अप्रैल (आरएनएस)। दबंगों के उत्पीडऩ के शिकार रायबरेली जिले के जगतपुर निवासी विपुल पासी ने सपा प्रदेश मुख्यालय में परिवार समेत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। विपुल ने अखिलेश यादव को दबंगों द्वारा उसे अगवाकर तथा अपने पैर चटवाने जैसे अमानवीय कृत्य के लिए मजबूर करने की पीड़ा बताई। अखिलेश यादव ने पीडि़त के प्रति सहानुभूति जताते हुए उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सपा उन वंचितों के साथ खड़ी है, जिन पर सत्ता अत्याचार कर रही है।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री आरकेचौधरी, ब्रम्हाशंकर त्रिपाठी, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोज पाण्डेय, रायबरेली के सपा जिलाध्यक्ष इं. वीरेन्द्र यादव तथा जिला सचिव एवं राष्ट्रीय पासी सेना के अध्यक्ष संजय पासी मौजूद थे।

पीडि़त विपुल पासी ने बताया कि 10 अप्रैल को गांव का ही एक व्यक्ति उसे बुलाकर ले गया जहां कुछ लोग उसे अपनी गाड़ी में जबरन बिठाकर घर से 5 किलोमीटर दूर जंगल में ले गए। अवैध तमंचा लगाकर उसे गोली मारने की धमकी दी। आरोपी उत्तम सिंह ने उसको अपने पैर चाटने के लिए मजबूर किया और कहा कि तुम्हारे बाप-दादा भी गुलाम थे। पैर चाटने पर विपुल की जान बची। आरोपित ने इसका वीडियो भी खुद बनाया। इस घटना के बाद भी जगतपुर थाने की पुलिस पीडि़त पर समझौता करने का दबाव बना रही थी।

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लश्कर कमांडर शेख सजाद आतंकी घोषित, केंद्र सरकार ने कसा शिकंजा

नई दिल्ली,19 अप्रैल (आरएनएस)। लश्कर कमांडर शेख सजाद आतंकी घोषित. लश्कर-ए-तैयबा के कमांडरों में से एक शेख सजाद को केंद्र सरकार ने यूएपीए 1967 के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। केंद्र सरकार ने लश्कर कमांडर पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। मंत्रालय के मुताबिक वह जम्मू-कश्मीर के युवाओं को गुमराह कर आतंक के रास्ते पर लाने का काम करता था। इसके अलावा हथियार और गोलाबारूद की बरामदगी मामले में वह फरार था।

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लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे होंगे नए भारतीय सेना प्रमुख

नई दिल्ली,18 अप्रैल (आरएनएस)। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे भारतीय सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त हुए हैं। वह जनरल नरवणे की जगह लेंगे जो इस माह के आखिर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वे इस पद पर पहुंचने वाले पहले इंजीनियर अफसर हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ही थलसेना में सबसे वरिष्ठअधिकारी हैं। आगामी 30 अप्रैल को लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को भारतीय सेना की कमान सौंपी जाएगी।

मनोज पांडे देश के पहले इंजीनियर होंगे, जिन्हें सेना प्रमुख की कमान सौंपी जा रही है।लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को दिसंबर 1982 में बॉम्बे सैपर्स में कमीशन मिला था।अपने विशिष्ट करियर में, उन्होंने सभी प्रकार के इलाकों में पारंपरिक और साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई प्रतिष्ठित कमांड और स्टाफ संबंधी दायित्वों का निर्वहन किया है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली, पश्चिमी सेक्टर में एक इंजीनियर ब्रिगेड, एलओसी के साथ एक पैदल सेना ब्रिगेड और पश्चिमी लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाके में एक पहाड़ी डिवीजन और पूर्वोत्तर में एक कोर की कमान संभाली।वह संयुक्त राष्ट्र के कई मिशनों में भी योगदान दे चुके हैं।वह जून 2020 से मई 2021 तक अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ भी रहे।

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सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ की है कार्रवाई : नरोत्तम

भोपाल,18 अप्रैल (आरएनएस)।सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ की है कार्रवाई. मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज स्पष्ट कहा कि सरकार ने दंगाइयों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की है और जो भी न्यायालय जाना चाहता है, वो जाए।

साथ ही उन्होंने बताया कि खरगोन में अब पूर्णतया सामान्य स्थिति है और प्रशासन मॉनिटरिंग कर आवश्यकतानुसार ढील दे रहा है।
डॉ मिश्रा ने मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में बुलडोजर से की जा रही कार्रवाई के खिलाफ कुछ संगठनों के उच्चतम न्यायालय जाने से जुड़े सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने कार्रवाई के पहले किसी कौम को ध्यान में नहीं रखा, दंगाइयों को ध्यान में रख कर कार्रवाई की है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिसे न्यायालय जाना है, वो जाए, न्यायालय का जो आदेश देगा, वह सर माथे है।
डॉ मिश्रा ने बताया कि राज्य में हनुमान जयंती पर 279 स्थानों पर शांतिपूर्वक शोभायात्रा एवं जुलूस निकला है। साथ ही उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक कार्यक्रम के लिए वे पुलिस प्रशासन को बधाई देते हैं।

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अपने धर्म-पालन की भारत में सबकोआजादी : मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली ,18 अप्रैल (आरएनएस)। अपने धर्म-पालन की भारत में सबको आजादी. भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि देश में सांप्रदायिक असहिष्णुता बढऩे की कोई समस्या नहीं है और हर व्यक्ति को अपने धर्म के पालन की पूरी आजादी है.भारत में हाल के दिनों में सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं. हाल ही में रामनवमी के मौके पर देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक हिंसा हुई, जिसके बाद कई जगह गिरफ्तारियां भी हुई हैं.

उससे पहले भी विभिन्न मौकों पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की वारदात को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता चिंता जताते रहे हैं. कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने भी भारत में बढ़ती असहिष्णुता और भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा उस पर कोई कार्रवाई ना करने को लेकर बयान दिए गए हैं. यहां तक कि अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने भी पिछले हफ्ते भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में कहा था कि अमेरिका भारत में बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों पर नजर बनाए हुए है.

लेकिन भारत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी का मानना है कि कुछ लोग देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, कुछ हाशिये के लोग जो देश की शांति और तरक्की को पचा नहीं पा रहे हैं, वे भारत की समावेशी संस्कृति और प्रतिबद्धता का नाम खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत में अल्पसंख्यकों के पहनावे से लेकर मांस खाने आदि तक जैसे मुद्दों पर हिंसक घटनाएं हुई हैं.

हाल ही में नवरात्र के दौरान दिल्ली के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रवासों में मांस परोसने को लेकर हिंसा हुई थी और बीजेपी के छात्र संगठन एबीवीपी ने मांस परोसने का विरोध किया था. नकवी कहते हैं, लोगों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, यह बताना सरकार का काम नहीं है. हर नागरिक को अपनी मर्जी का खान-पान चुनने की आजादी है । इसी तरह हिजाब को लेकर कर्नाटक और फिर देश के अन्य हिस्सों में हुए विवाद पर नकवी कहते हैं, भारत में हिजाब पर कोई बैन नहीं है.

बाजार और अन्य जगहों पर कोई भी हिजाब पहन सकता है. लेकिन हर कॉलेज और संस्थान का अपना ड्रेस कोड होता है और उसे तो हमें मानना ही पड़ेगा. अगर आपको पसंद नहीं तो आप दूसरा संस्थान चुन सकते हैं

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तूफान से असम के बाद बंगाल में मची तबाही

कोलकाता ,18 अप्रैल (आरएनएस)। तूफान से असम के बाद बंगाल में मची तबाही,पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में आए तूफान में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए। मौतों की सूचना कूचबिहार में मोआमारी ग्राम पंचायत के ब्लॉक नंबर एक से मिली है। कूचबिहार नगर पालिका के अध्यक्ष रवींद्र नाथ घोष ने बताया, कूचबिहार जिले के ब्लॉक नंबर एक, मोआमारी ग्राम पंचायत में तूफान में दो लोगों की मौत हो गई और कम से कम 50 घायल हैं। तूफान ने जिले के तुफानगंज, माथाभांगा समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी किया गया है। वहीं, असम में तूफान के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। राज्य में गर्मियों के मौसम में आंधी तूफान के साथ होने वाली बारिश को बोर्डोइसिला कहा जाता है। बिजली गिरने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली की लाइनें टूट गई हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्राप्त सूचना के अनुसार तूफान के कारण आठ और लोगों की मौत हुई, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। शुक्रवार को तिनसुकिया जिले में तीन, बक्सा में दो और डिब्रूगढ़ में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। गुरुवार से जारी तूफान के कारण 12 हजार से अधिक मकानों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

मिजोरम में तूफान में 200 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त

वहीं, मिजोरम के कोलासिब और मामित जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि के साथ आए तूफान से एक गिरजाघर की इमारत समेत 200 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए। तूफान में अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। तूफान शनिवार देर रात को दो जिलों में आया था। कोलासिब जिले में कम से कम 220 मकान और गिरजाघर की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। असम सीमा के समीप मामित जिले में करीब 18 मकान क्षतिग्रस्त हुए

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राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास का राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने किया आयोजन

नई दिल्ली,18 अप्रैल (आरएनएस)।राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास का राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय ने किया आयोजन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने आज राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत और डीआरडीओ के सचिव डॉ. सतीश रेड्डी के साथ राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय साइबर अभ्यास (एनसीएक्स) इंडिया का आयोजन दस दिनों की अवधि यानि 18 से 29 अप्रैल 2022 तक एक हाइब्रिड अभ्यास के रूप में किया जाएगा.

जिसका उद्देश्य सरकार/महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा तकनीकी कर्मियों को समकालीन साइबर खतरों एवं साइबर घटनाओं व प्रतिक्रिया के प्रबंधन पर प्रशिक्षण देना है।कार्यक्रम का संचालन, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस), भारत सरकार द्वारा ज्ञान भागीदार के रूप में भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद (डीएससीआई) के सहयोग से तथा रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के समर्थन से किया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए प्लेटफार्म साइबरएक्सर टेक्नोलॉजीज द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो एस्तोनिया की साइबर सुरक्षा कंपनी है और इसे विश्व स्तर पर कई बड़े साइबर अभ्यास आयोजित करने की मान्यता मिली हुई है।

प्रशिक्षण सत्र, लाइव फायर और सामरिक अभ्यास के माध्यम से 140 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रमुख साइबर सुरक्षा क्षेत्रों जैसे घुसपैठ का पता लगाने की तकनीक, वायरस (मैलवेयर) सूचना साझाकरण प्लेटफॉर्म (एमआईएसपी), जोखिम प्रबंधन और प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क प्रोटोकॉल और डेटा प्रवाह, डिजिटल फोरेंसिक, आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।एनसीएक्स इंडिया, अग्रणी रणनीतिक कर्मियों को साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझने, तैयारी का आकलन करने और साइबर संकट प्रबंधन व सहयोग करने के क्षेत्र में कौशल को विकसित करने में मदद करेगा। यह साइबर सुरक्षा कौशल, टीम वर्क, योजना, संचार, महत्वपूर्ण सोच और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने में और इनका परीक्षण करने में भी मदद करेगा।राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केसी, ने अपने मुख्य भाषण में देश में चल रही डिजिटल क्रांति और सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डिजिटल सेवाओं के शुभारंभ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि साइबर सुरक्षा किसी भी सफल डिजिटल बदलाव की आधारशिला है। साइबर दुनिया में कोई भी खतरा सीधे तौर पर हमारी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है और इसलिए हमें अपने साइबर दुनिया की सुरक्षा करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत ने भारत की साइबर दुनिया के महत्व और इसे नागरिकों, व्यवसायों तथा सरकारों के लिए सुरक्षित रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने पूरे विश्व में और हमारे देश में फिरौती के वायरस (रैंसमवेयर) की घटनाओं और आपूर्ति श्रृंखला पर हमलों की वृद्धि के बारे में बात की और इन हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए सभी संगठनों के बीच तालमेल हासिल करने के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड पर हाल के रैंसमवेयर हमले और वैश्विक परिदृश्य में साइबर युद्ध के महत्व पर भी प्रकाश डाला। भारत सरकार, साइबर सुरक्षा में क्षमता निर्माण और कौशल बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।

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प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात दौरे से पहले वडोदरा में हिंसक झड़प

वडोदरा ,18 अप्रैल (आरएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात दौरे से पहले, गुजरात में वडोदरा के रावपुरा इलाके में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई है। बताया जा रहा है कि दो मोटरसाइकिलें आपस में टकरा गईं, जिससे बहस शुरू हुई और मामला काफी आगे बढ़ गया। एक गुट ने दूसरे पर पत्थर फेंकने का आरोप लगाया है। हिंसा में चार लोग घायल हैं और 10 से अधिक वाहनों और लॉरियों में तोडफ़ोड़ की गई है।

पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है। मामला शांत करा लिया गया है। वडोदरा के पुलिस कमिश्नर शमहर सिंह ने कहा, रावपुरा इलाके में एक्सीडेंट के बाद दो समूहों के बीच झड़प हो गई। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं। शहर में फिलहाल शांति है। पुलिस टीम पैट्रोलिंग कर रही है। अन्य फोर्स को भी हमने मंगाया है। लोगों से अपील है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करें।

रामनवमी पर गुजरात के दो इलाकों में हुई थी झड़प

इससे पहले गुजरात के हिम्मतनगर और खंभात शहरों में रामनवमी के जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक झड़प हो गई। खंभात में हुई सांप्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सांप्रदायिक झड़पों के दौरान पुलिस को पथराव करने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े।

प्रधानमंत्री मोदी आज से तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर होंगे, जहां वह कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। दौरे के दौरान पीएम मोदी गांधीनगर, बनासकांठा, जामनगर और दाहोद में कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस की भी तीन दिवसीय गुजरात यात्रा सोमवार से शुरू होगी। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

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हुनर हाट स्वदेशी उत्पादों को संरक्षित,सुरक्षित करने, बढ़ावा देने का मंच है

नई दिल्ली,16 अप्रैल (आरएनएस)। हुनर हाट स्वदेशी उत्पादों को संरक्षित,सुरक्षित करने, बढ़ावा देने का मंच है. हुनर हाट स्वदेशी उत्पादों को संरक्षित, सुरक्षित करने, बढ़ावा देने के लिए एक विश्वसनीय और पसंदीदा मंच है। मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के एमएमआरडीए ग्राउंड में 16 से 27 अप्रैल, 2022 तक 40वें हुनर हाट का आयोजन किया जा रहा है।

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर कल सुबह इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे।केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज मुंबई में 40वें हुनर हाट की खास विशेषताओं के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि 31 राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों के 1,000 से अधिक कारीगर और शिल्पकार इसमें भाग ले रहे हैं और विभिन्न प्रकार के सामानों का प्रदर्शन कर रहे हैं।महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, नगालैंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, बिहार, आंध्र प्रदेश, झारखंड, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल और देश के अन्य स्थानों के कारीगर एवं शिल्पकार मुंबई के हुनर हाट में स्वदेशी उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं।अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि हस्तशिल्प, शिल्प कौशल से जुड़े परिवारों की युवा पीढ़ी मुख्य रूप से बाजारों की कमी के कारण अपनी पारंपरिक पुश्तैनी विरासत से दूर होने लगी है। उन्होंने कहा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी कारीगरों और शिल्पकारों की पुश्तैनी विरासत के संरक्षण, रक्षण और प्रचार के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। हुनर हाट जैसे कार्यक्रम कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी पुश्तैनी विरासत को जबरदस्त अवसर प्रदान करके उन्हें आगे बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं। हुनर हाट की सफलता के बारे में, नकवी ने कहा कि हुनर हाट ने कलाकारों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जुडऩे में मदद की है।आज हुनर हाट’ का हर कारीगर और शिल्पकार बड़ी संख्या में स्वदेशी उत्पाद बेच रहा है और इससे कारीगरों एवं शिल्पकारों के जीवन में आर्थिक क्रांति आई है।नकवी ने कहा कि हुनर हाट कारीगरों, विशेषकर महिला कारीगरों की प्रेरक कहानियों से भरा है, जो न केवल खुद आत्मनिर्भर हुई हैं बल्कि हुनर हाट से की गई अपनी कमाई के माध्यम से अपने परिवार की भी सहायता की है।नकवी ने यह भी कहा कि मेरा गांव मेरा देश नामक एक विषयगत फूड कोर्ट स्थापित किया गया है, जहां भारत के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक खाद्य पदार्थों का स्वाद लिया जा सकता है।

हाट में 60 से अधिक फूड स्टॉल लगाए गए हैं।12 दिवसीय हुनर हाट में आने वाले लोग अन्नू कपूर, पंकज उधास, सुदेश भोसले, सुरेश वाडकर, साधना सरगम, अमित कुमार, शैलेंद्र सिंह, शब्बीर कुमार, महालक्ष्मी अय्यर, भूमि त्रिवेदी, कविता पौडवाल, दलेर मेहंदी, अल्ताफ राजा, रेखा राज, उपासना सिंह (कॉमेडी आर्टिस्ट), एहसान कुरैशी (कॉमेडी आर्टिस्ट), भूपिंदर सिंह भूप्पी, रानी इंद्राणी, मोहित खन्ना, प्रिया मलिक, जॉली मुखर्जी, प्रियाना मैत्रा, विवेक मिश्रा, दीपक राजा (कॉमेडी कलाकार), अदिति खांडेगल, अंकिता पाठक, सिद्धांत भोसले, राहुल जोशी, सुप्रिया जोशी, भूमिका मलिक, प्रेमा भाटिया, पॉश जेम्स और अन्य जैसे प्रसिद्ध कलाकारों के विभिन्न संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद ले सकेंगे।26 अप्रैल को एक लेजर लाइट शो का आयोजन किया जाएगा और आगंतुक हाट में अन्नू कपूर द्वारा अंताक्षरी का आनंद भी ले सकते हैं।हुनर हाट में प्रवेश नि:शुल्क है।

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केन्द्र ने राज्यों व केंद्र शासित को 192.27 करोड़ टीके दिए

नईदिल्ली,16 अप्रैल (आरएनएस)। केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा विस्तृत करने और लोगों को टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 के टीके को सभी के लिए उपलब्ध कराने के लिए नया चरण 21 जून 2021 से शुरू किया गया था। टीकाकरण अभियान की रफ्तार को अधिक से अधिक टीके की उपलब्धता के जरिये बढ़ाया गया है।

इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना प्रदान की जाती है, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके।

देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क कोविड टीके प्रदान करके उन्हें पूर्ण सहयोग दे रही है। टीके की सर्व-उपलब्धता के नये चरण में, केंद्र सरकार टीका निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नि:शुल्क प्रदान करेगी।

केंद्र सरकार द्वारा अब तक नि:शुल्क और सीधे राज्य सरकार खरीद माध्यमों से टीके की लगभग 192.27 करोड़ खुराकें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई गई हैं। अभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 टीके की 20.60 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल हुई खुराकें उपलब्ध है, जिन्हें लगाया जाना है।

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सोनिया गांधी के आवास पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक

नईदिल्ली,16 अप्रैल (आरएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक हो रही है। बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, मल्लिकार्जुन खडग़े और कुछ अन्य नेता उपस्थित हैं। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कांग्रेस के प्रस्तावित ‘चिंतन शिवर, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, सदस्यता अभियान और कुछ अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

बैठक में, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस से जुडऩे के बारे में भी मंथन हो सकने की खबरें हैं। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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