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संक्रमण के बीच सरकार की सलाह, भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें

नई दिल्ली 17 March, (एजेंसी)  –  दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने देश में कोविड-19 और एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को लेकर लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने का आग्रह किया। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘सरकारी अस्पतालों में मामले कम हैं।

लोक नायक अस्पताल में इन्फ्लूएंजा के 20 और अन्य अस्पतालों में 8-10 मामले पाए गए हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान बेड रिजर्व किए गए थे। हमने उन बेड्स को रिलीज नहीं किया है।

सरकार ने सभी जिलों को इन्फ्लूएंजा और कोविड-19 के मामलों की निगरानी के लिए निर्देश भी दिए। नवनियुक्त मंत्री ने कहा, इस मौसम में वायरल पीक आम है।

मौजूदा इन्फ्लुएंजा पीक उन लोगों को प्रभावित कर रहा है जो कोविड संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है।

केंद्र ने छह राज्यों को कोविड एडवायजरी जारी की है, लेकिन दिल्ली उनमें नहीं है। हालांकि, हम दिल्ली सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, हाथ धोते रहें और अन्य बचाव के उपाय करें।

भारद्वाज ने कहा कि मास्क पहनने की अनिवार्यता को वापस लाने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, जल्द ही, सरकार जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेगी और प्रिंट, टीवी और एफएम विज्ञापन के माध्यम से भी जागरूकता पैदा करेगी।

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सरकार को यह संकेत नहीं जाना चाहिए कि अदालत उसके अधिकार को खत्म कर सकती हैः सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली 17 March, (एजेंसी)  –  सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) द्वारा शीर्ष अदालत को आवंटित 1.33 एकड़ भूमि को वकीलों के कक्षों के निर्माण के लिए परिवर्तित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को यह संकेत नहीं जाना चाहिए कि अदालत न्यायिक आदेश पारित कर उसके अधिकार को खत्म कर सकती है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एस.के. कौल और पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि वह सरकार के समक्ष वकीलों के चैंबर के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा उठाएंगे।

पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता और एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह से सवाल किया कि अदालत कक्षों के आवंटन के लिए भूमि को अपने कब्जे में लेने का आदेश कैसे दे सकती है? वकील हमारा हिस्सा हैं, लेकिन क्या हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए अपनी न्यायिक शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं?

पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शीर्ष अदालत अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी न्यायिक शक्तियों का प्रयोग कर रही है। सिंह ने कहा कि शीर्ष अदालत चारों तरफ से सड़कों से घिरी हुई है, परिसर के भीतर के अलावा बढ़ने का कोई रास्ता नहीं है, और अदालत परिसर के लिए भविष्य की योजना की आवश्यकता है और अदालत से याचिका पर नोटिस जारी करने का आग्रह किया, ताकि चर्चा शुरू हो सके।

यह बताया गया कि अदालत के करीब एक इमारत को बेदखली के आदेश मिले हैं, और उन्हें दूसरी जमीन मिली है। पीठ ने पूछा कि वह न्यायिक रूप से सभी इमारतों को कैसे अपने कब्जे में ले सकती है, और कहा कि अदालत को वकीलों की आवश्यकता पर संदेह नहीं है, लेकिन अनुच्छेद 32 के तहत, वह इन इमारतों को कैसे अपने कब्जे में ले सकती है? पीठ ने कहा, सरकार के साथ प्रशासनिक पक्ष पर इसे उठाने के लिए हमें अदालत पर भरोसा करना चाहिए। सरकार को यह संकेत नहीं जाना चाहिए कि हम न्यायिक आदेश पारित करके उनके अधिकार को खत्म कर सकते हैं।

सिंह ने मामले में नोटिस जारी करने के लिए दबाव डाला और कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय विस्तार भूमि पर कब्जा कर लिया गया था। खंडपीठ ने जवाब दिया कि यह प्रशासनिक रूप से किया गया था। सिंह ने अपनी आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि बार और अन्य हितधारक इस तरह के प्रशासनिक परामर्श का हिस्सा नहीं होंगे।

पीठ ने कहा कि ई-कोर्ट परियोजना के लिए सरकार ने 7,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, क्योंकि हमें इसकी आवश्यकता है, और सरकार प्रशासनिक पक्ष में शीर्ष अदालत के साथ संलग्न है और वकीलों के कक्षों के मुद्दे को इसमें रखा जा सकता है।

पूरे बार की ओर से बेंच को धन्यवाद देते हुए, सिंह ने कहा कि पूरा बार संस्थान के साथ है और इस मामले में जो कुछ भी होता है उसके बावजूद हम संस्थान की महिमा को कम करने के लिए कुछ भी नहीं करेंगे।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वकील ने दलील दी कि बार बॉडी के लिए जगह की जरूरत है और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन ने भी कार्यवाही का हिस्सा बनने और इस मुद्दे में हस्तक्षेप करने की मांग की। अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने कहा कि प्रशासनिक पक्ष का लचीलापन निश्चित रूप से मामले को सुलझाने में मददगार होगा। दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

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पूर्व अग्निवीरों को एक और तोहफा, अब CISF में 10% कोटा रिजर्व- उम्र सीमा में भी छूट

नई दिल्ली 17 March, (एजेंसी): केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में रिक्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। मंत्रालय ने एक सप्ताह पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में भी उनके लिए ऐसा ही कदम उठाया था।

मंत्रालय ने अधिकतम आयु सीमा में छूट देने की भी अधिसूचना जारी की है जो इस पर निर्भर करेगी कि वह अग्निवीर के पहले बैच के हैं या बाद के बैच के। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी छूट दी जाएगी।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम, 1968, (1968 का 50) के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन के बाद एक अधिसूचना के माध्यम से यह घोषणा की गई। अधिसूचना में कहा गया है कि 10 प्रतिशत रिक्तियां पूर्व-अग्निवरों के लिए आरक्षित होंगी। मंत्रालय ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल तक और अन्य बैचों के उम्मीदवारों के लिए तीन साल तक की छूट दी जाएगी।

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सिकंदराबाद के बहुमंजिला अपार्टमेंट में लगी भयंकर आग, 4 महिलाओं समेत 6 की मौत

सिकंदराबाद 17 March, (एजेंसी): हैदराबाद के सिकंदराबाद में एक अपार्टमेंट में भयानक आग लग गई। स्वप्नलोक परिसर में लगी इस आग में 6 लोगों की मौत हो गई है। जिनमें 4 महिलाएं बताई गई हैं। आग पर तो काबू पा लिया गया है लेकिन आग ने बुझने से पहले 6 लोगों की जान ले ली। जानकारी के अनुसार, स्वप्नलोक कॉम्प्लेक्स में आग रात करीब 8 बजे आग लगी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आगजनी में मरने वालों की पहचान शिवा, प्रशांत, प्रमिला, श्रावणी, वेनेला और त्रिवेणी के रूप में की गई है। मीडिया ने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया कि मौत का कारण धुएं में सांस लेना हो सकता है। हालांकि, सही कारण जांच के बाद पता चलेगा।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट-सर्किट बताया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, “हमें सूचना मिली है कि छह लोगों की मौत हुई है।” उन्होंने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है।  12 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया और उनमें से छह की एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बाकी का अभी भी इलाज चल रहा है।

रिपोर्टों से पता चलता है कि पीड़ित तेलंगाना के वारंगल और खम्मम जिलों के थे। वे एक मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत थे, जिसका परिसर में एक कार्यालय था।

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नौकरी से हटाया, तो 15 कारों पर उड़ेला तेजाब

नोएडा 17 March, (एजेंसी): सेक्टर-75 स्थित मैक्सब्लिस व्हाइट हाउस सोसायटी में काम से हटाने जाने से नाराज एक सफाईकर्मी ने 15 कारों पर तेजाब उड़ेल दिया। इस संबंध में सोसायटी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने आरोपित के खिलाफ सेक्टर-113 कोतवाली में नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान हरदोई निवासी रामराज के रूप में हुई है। वह होशियारपुर गांव में किराये के मकान में रहता है और सेक्टर-75 की सोसायटी में कारों की सफाई का काम करता था।

गत दिवस उसे सोसायटी वालों ने काम से हटा दिया था। इसके बाद से नाराज था। इस कारण सुबह नौ बजे आरोपी सोसायटी के पाकिर्ंग में तेजाब की बोतल के साथ पहुंचा।

उसने कारों पर तेजाब उड़ेल दिया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। घटना के बाद वह फरार हो गया, लेकिन सोसायटी के सुरक्षागाडरें ने उसे पकड़कर पुलिस को सूचित किया।

आरोपी 2016 से सोसायटी में काम कर रहा था। लगभग एक हफ्ते पहले उसे सही से काम नहीं करने पर हटा दिया। कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

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यूपी: आईफोन खरीदने के लिए शख्स ने रची अपने ही अपहरण की साजिश

सीतापुर 17 March, (एजेंसी): उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने फिरौती की रकम से आईफोन खरीदने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रची। छात्र के पिता छोटे से कपड़े की दुकान के मालिक है। पैसों की तंगी के वजह से उन्होंने अपने बेटे को आईफोन दिलाने से मना कर दिया था।

हालांकि, नाबालिग को तब पकड़ा गया जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उसके दोस्त के घर तक उसकी लोकेशन ट्रेस की।

लड़के ने अपने दोस्त के फोन से फिरौती के लिए फोन कर पिता से पांच लाख रुपये मांगे थे।

सीतापुर कोतवाली एसएचओ टी.पी. सिंह ने बताया कि लड़का सरकारी स्कूल में पढ़ता है और अपने पिता के साथ रहता है। एक साल की उम्र में उसकी मां का देहांत हो गया था।

सिंह ने कहा, जब छात्र स्कूल के बाद घर नहीं लौटा, तो उसके पिता और अन्य रिश्तेदारों ने उसे ढूंढना शुरू किया। बाद में, उन्हें व्हाट्सएप पर 5 लाख रुपये की फिरौती का कॉल आया। यह राशि खैराबाद में एक मस्जिद के पास पहुंचाई जानी थी।

पिता द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद पुलिस, जिले की साइबर और एसओजी की टीमें मामले की पड़ताल में जुट गईं।

एसएचओ ने कहा, हमने शिकायतकर्ता को उसके बेटे के बचाव के बारे में आश्वासन दिया और जब वह अपने बेटे की सुरक्षित रिहाई के लिए राशि एकत्र कर रहा था, तब उनके साथ एक टीम भी शामिल थी।

बाद में रात में पुलिस ने फिरौती की कॉल के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगा लिया था।

जब मोबाइल फोन के मालिक से पूछताछ की गई, तो यह पता चला कि फोन उसका बेटा इस्तेमाल कर रहा था, जो कक्षा 9 का छात्र था।

एसएचओ ने कहा, क्लास 9 के छात्र ने पूछताछ में सब कुछ उगल दिया। बाद में, एक अन्य टीम ने लापता बच्चे को उसके घर से ढूंढ निकाला।

काउंसलिंग के बाद लड़के को उसके पिता को सौंप दिया गया है।

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पर आपने तो खुद इस्तीफा दे दिया… उद्धव ठाकरे को फिर से CM के रूप में बहाल करने पर बोला सुप्रीम कोर्ट

मुंबई 17 March, (एजेंसी) : सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य जताया कि वह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार को कैसे बहाल कर सकता है, जबकि मुख्यमंत्री ने बहुमत परीक्षण का सामना करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट ने अदालत से महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के जून 2022 के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है, जिसमें मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में यदि गवर्नर की गलती भी हो तो भी उद्धव ठाकरे की सरकार बहाल नहीं की जा सकती।

दरअसल सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे सरकार ने 2016 के अरुणाचल प्रदेश के मामले का जिक्र किया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने नबाम तुकी की सरकार को बहाल कर दिया था और यथास्थिति का आदेश जारी किया था। उद्धव ठाकरे गुट का पक्ष रख रहे वकील कपिल सिब्बल ने 5 जजों की बेंच से मांग की थी कि तत्कालीन गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के फ्लोर टेस्ट के आदेश को खारिज किया जाए, जिससे पहले उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले  सुप्रीम कोर्ट ने ही गवर्नर के फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि शिवसेना की फूट पार्टी का आंतरिक मामला थी।

इसके आधार पर सरकार का फैसला होना गलत था और राज्यपाल का फैसला राजनीतिक मामले में दखल देने जैसा था, जो उन्हें नहीं करना था। अभिषेक मनु सिंघवी ने भी उद्धव सरकार की बहाली की मांग उठाई। इस पर बेंच ने कहा, ‘आपके मुताबिक हमें क्या करना चाहिए? आपकी सरकार बहाल करनी चाहिए? लेकिन आपने इस्तीफा दे दिया था। अब कोर्ट से उस सरकार की बहाली की मांग की जा रही है, जिसने फ्लोर टेस्ट का सामना किए बिना ही सत्ता छोड़ दी थी।’

अरुणाचल प्रदेश में 2016 में भाजपा के समर्थन से कलिखो फुल सीएम बन गए थे। इसके चलते नाबाम तुकी को पद से हटना पड़ा था। यह मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो उसने यथास्थिति कायम करने का आदेश दिया और पुरानी सरकार को बहाल करा दिया। इसी का जिक्र करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यदि गवर्नर का फैसला अवैध घोषित कर दिया जाए तो फिर उद्धव ठाकरे का इस्तीफा अप्रासंगिक हो जाएगा।

शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान लगातार 9 दिनों तक उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे समूह की दलीलों को सुना और अब फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस दौरान ठाकरे का पक्ष रखने के लिए कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, देवदत्त कामत और अमित आनंद तिवारी जैसे दिग्गज वकील मौजूद थे। इसके अलावा शिंदे गुट की तरफ से एनके कौल, महेश जेठमलानी और महिंदर सिंह जैसे वकील मौजूद थे।

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फडणवीस की पत्नी को रिश्वत और ब्लैकमेल करने की कोशिश, 2 को हिरासत में लिया

मुंबई 16 मार्च,(एजेंसी)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया है कि उनकी बैंकर-गायिका पत्नी अमृता फडणवीस ने गुरुवार को एक पिता-पुत्री पर रिश्वत-ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी।

मालाबार हिल पुलिस स्टेशन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठाणे जिले के उल्हासनगर से दो व्यक्तियों- सट्टेबाज अनिल जयसिंघानी और उनकी पेशेवर डिजाइनर बेटी अनिक्षा को हिरासत में लिया।

उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 (बी), और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। फडणवीस ने कहा कि उनकी पत्नी अमृता करीब डेढ़ साल से अनिक्षा के संपर्क में थीं।

अनिक्षा फडणवीस के घर आई थी और एक करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की थी और जब वह नहीं माने, तो धमकी और ब्लैकमेल का सहारा लिया। अनिक्षा ने अमृता को उनके सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रचार के लिए कुछ डिजाइनर कपड़े और आभूषण दिए थे।

बाद में, फडणवीस ने कहा कि अनिक्षा ने कथित तौर पर अमृता को यह बताकर लुभाने की कोशिश की कि उसके पिता पुलिस को सट्टेबाजों के बारे में जानकारी दे रहे थे, और कहा कि फडणवीस पुलिस को उन सटोरियों की उपेक्षा करने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देकर पैसा कमा सकते हैं, और वह उन्हें पैसे कमाने के और रास्ते दिखाएंगे।

उसने कथित तौर पर एक मामले में अपने पिता को फंसाने में मदद करने के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये की पेशकश की, और जाल को भांपते हुए, अमृता ने उसे रोक दिया था।

कुछ दिनों बाद, अनिक्षा ने अज्ञात तरीके से अमृता को कुछ वीडियो क्लिप, आवाज और टेक्स्ट संदेश भेजे।

नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद फडणवीस ने कहा कि उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

बाद में विधानसभा के बाहर फडणवीस ने पूर्व महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पर कई सनसनीखेज बातें कही, इस मामले में पूर्व पुलिस आयुक्त जैसे कुछ बड़े नामों के सामने आने की संभावना है और वह जांच के बाद बोलेंगे।

बाद में, विधायिका के बाहर, फडणवीस ने तत्कालीन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) पर उंगली उठाते हुए कहा कि इस मामले में कई सनसनीखेज बातें सामने आ सकती हैं, जिनमें एक पूर्व पुलिस आयुक्त जैसे कुछ बड़े नाम शामिल हैं और वह जांच के बाद बोलेंगे।

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कर्नाटक के कांग्रेस विधायक ने सब इंस्पेक्टर को सार्वजनिक रूप से दी गाली

बागलकोट 16 मार्च,(एजेंसी। बागलकोट जिले के जामखंडी कस्बे में गुरुवार को कर्नाटक के कांग्रेस विधायक आनंद न्यामागौड़ा द्वारा पुलिस सब इंस्पेक्टर (पीएसआई) को गाली देने और धमकी देने का मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक जामखंडी कस्बे में चौराहा (सर्कल) बनाने को लेकर पीएसआई बासवराज कोन्नूर को कांग्रेस विधायक ने निशाना बनाया।

घटना का वीडियो वायरल हो गया है, जो अपने समर्थकों की उपस्थिति में सार्वजनिक स्थान पर ऑन ड्यूटी पीएसआई के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए सुने जा सकते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद विधायक के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं।

पीएसआई विधायक को समझाने की कोशिश करते हैं कि अगर चौराहा बना तो यह एक मुद्दा बन जाएगा। इससे कांग्रेस विधायक भड़क गए। वह कहते हैं, आप चुप रहिए। आप क्या जानते हैं? मैं आपको बताता हूं। हो सकता है कि मौजूदा सरकार आपका समर्थन कर रही हो। मैं आपको नहीं छोड़ूंगा।

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श्रीनगर-लेह राजमार्ग 66 दिनों के बाद यातायात के लिए खुला

श्रीनगर 16 मार्च,(एजेंसी)। लद्दाख क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से जोडऩे वाला 434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह राजमार्ग गुरुवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। कश्मीर को ठंडे रेगिस्तानी लद्दाख क्षेत्र से अलग करने वाले जोजिला र्दे पर 66 दिनों तक बंद रहने के बाद पहली बार यातायात के लिए खोल दिया गया है।

इस साल छह जनवरी को भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग को बंद करना पड़ा था।

लद्दाख क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों के पहले काफिले को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने दो परियोजनाओं के मुख्य अभियंताओं की उपस्थिति में झंडी दिखाकर रवाना किया।

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भारतीय सेना का चीता हेलिकॉप्टर अरुणाचल प्रदेश में दुर्घटनाग्रस्त,पायलटों की तलाश जारी

ईटानगर 16 मार्च,(एजेंसी)। भारतीय सेना का चीता हेलीकॉप्टर गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में बोमडिला के पश्चिम मंडला के पास दुर्घटनाग्रस्त (क्रेश) हो गया है। अरुणाचल प्रदेश के पास एक ऑपरेशनल के अंतर्गत उड़ान भर रहे चीता हेलीकॉप्टर का संपर्क एटीसी से टूट गया था। भारतीय सेना के मुताबिक 16 मार्च को सुबह करीब 09 बजकर 15 मिनट पर चीता हेलीकॉप्टर का संपर्क (एयर ट्रेफिक कंट्रोलर) एटीसी से टूटने की सूचना मिली थी। सेना ने दुर्घटना की खबरों की पुष्टि की है और कहा है कि बोमडिला के पश्चिम में मंडला के पास चीता हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना है।

सेना के अधिकारी ने कहा कि तलाशी दलों को दुर्घटना स्थल की ओर रवाना कर दिया गया है। चीता हेलीकॉप्टर भारतीय सेना का एक उच्च प्रदर्शन वाला हेलीकॉप्टर है, जिसे ऊंचाई की स्थिति में संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। पांच सीट वाला चीता हेलीकॉप्टर बहुमुखी, बहु भूमिका, बहुउद्देशीय, अत्यधिक गतिशील और निर्माण में मजबूत है।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया यह हेलीकॉप्टरों की सभी श्रेणियों के बीच अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड रखता है। एचएएल के अनुसार, चीता एक पांच सीटों वाला हेलीकाप्टर है। अपने उत्कृष्ट शक्ति-वजन अनुपात के कारण, चीता गर्म उष्णकटिबंधीय मौसम में संचालन और उच्च ऊंचाई पर भी मिशन के लिए सबसे उपयुक्त हेलीकाप्टरों में से एक है।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार चीता हेलीकॉप्टर को यात्री परिवहन, रसद सहायता (कार्गो व सामग्री परिवहन), हताहत निकासी, राहत संबंधी ऑपरेशन, खोज और बचाव कार्य संचालन, टोही, स्लंग ऑपरेशन के तहत कई प्रकार के मिशनों के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है।

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भारतीय खाद्य निगम में भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही, दो अफसरों को जयपुर से हटाया

जयपुर 16 मार्च,(एजेंसी)। राजस्थान स्थित भारतीय खाद्य निगम में हो रहे घोटालों पर केंद्र सरकार ने कार्यवाही करते हुए दो अफसरों को जयपुर से हटाया है। महाप्रबंधक आशीष सिंह और अतिरिक्त महा प्रबंधक अभिसार कटियार के तबादले अरुणाचल और केरल में कर दिए गए हैं। इससे पहले खाद्य निगम की सलाहकार समिति के सदस्य मनुदेव सिनसिनी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए केंद्रीय पीयूष गोयल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। मनुदेव ने समिति चेयरमैन सांसद सुभाष बहेडिय़ा पर भी मनमानी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि किसानों और लाभार्थियों तक सही तौल सही मोल नहीं पहुंच रही है। इन शिकायतों की जांच के लिए कार्यकारी निदेशक नॉर्थ पटनायक पूरी टीम के साथ जयपुर में डेरा डाले हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि 10 मार्च को सलाहकार समिति की बैठक में मनुदेव सिनसिनी ने राजस्थान में अनाज खरीद, अनाज वितरण और भंडारण में हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इससे चेयरमैन सांसद बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे। इस पर मनुदेव सिनसिनी वहीं धरने पर बैठ गए और तुरंत इस पूरे प्रकरण की जानकारी मेल द्वारा मंत्री पीयूष गोयल जी और सतर्कता विभाग को भेजी जिस पर संज्ञान लिया गया।

इस तरह की शिकायतें पूर्व में भी राजस्थान भंडार निगम के ठेकदार भंवराराम ने भी मंत्री जी से मुलाकात कर इन मुद्दों पर अवगत करवाया गया था। ऐसी ही शिकायत व्हिसल ब्लोअर कैलाश चारण ने एक माह पहले विभाग के अधिकारियों और चेयरमैन को पत्र द्वारा भेजी थी। मनुदेव सिनसिनी ने बताया कि अभी तो केवल कुछ मछलियों पर कार्यवाही हुई है। इस भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। दोषियों का केवल ट्रांसफर ही नहीं उनसे जनता के पैसे की वसूली कर सेवा से बाहर निकालने तक की अनुशासनात्मक कार्यवाही विभाग द्वारा की जाएगी।

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केंद्र ने भारी पुलिस बल लगाकर विपक्ष को ईडी जाने से रोका : संजय सिंह

नई दिल्ली 16 मार्च,(एजेंसी)। आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में 267 का नोटिस दिया है। उन्होंने अडानी समूह पर चर्चा की मांग की, साथ ही विपक्षी सांसदों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को ज्ञापन देने से रोके जाने का भी मुद्दा उठाया।

संजय सिंह ने कहा कि अडानी घोटाले पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी सहित करीब 16 दलों के विपक्षी सांसद जापन सौंपने प्रवर्तन निदेशालय जा रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा भारी पुलिस बल लगाकर ज्ञापन देने से रोक दिया गया।

संजय सिंह ने कहा, हिडनबर्ग की रिपोर्ट, भारत सरकार के अधिकारी के पत्र तथा विभिन्न राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने अडानी ग्रुप द्वारा किए गए विभिन्न घोटालों का खुलासा किया है जिसमें विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाकर हजारों करोड़ों रुपए का फजीर्वाड़ा किया गया।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों व भारत सरकार के नियमों के खिलाफ अडानी को देश में कई कोयला खदानें सौंपी गई है, जिससे देश को लाखों करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। सरकारी वित्तीय संस्थाओं के साथ भी अडानी ग्रुप द्वारा धोखाधड़ी की गई।

आप सांसद ने सभापति से नियम 267 के तहत सूचीबद्ध कार्यों को स्थगित कर इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है

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राहुल गांधी ने देश को पहुंचाया है नुकसान, नहीं करेंगे माफ : किरेन रिजिजू

नई दिल्ली 16 मार्च,(एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लंदन में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश के लोगों ने अगर कांग्रेस को और राहुल गांधी को नकार दिया है तो यह उनकी गलती नहीं है।

लेकिन कोई अगर देश को गाली देगा तो ये देश उसको कभी माफ नहीं करेगा। गुरुवार को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह देश के लिए बहुत दुखद है कि संसद का एक सदस्य खुद संसद की गरिमा को गिराने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है, उन्होंने देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है और वे (भाजपा) चुप नहीं रहेंगे और न ही उन्हें माफ करेंगे।

कांग्रेस की भी आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी को यह लगता है कि हमारे देश का अपमान करना कोई गंभीर बात नहीं है तो वह संसद में लोगों के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लायक भी नहीं है।

राहुल गांधी पर राजनीतिक हमला जारी रखते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि दो बातें बहुत स्पष्ट है। पहला, राहुल गांधी ने लंदन में जाकर झूठ बोला। संसद में जितना समय उन्हें दिया गया था उस से अधिक उन्होंने बोला, सदन के नियमों को तार-तार कर झूठ बोला।

दूसरा उन्होंने बोला कि वो देश में जाकर अपनी बात नहीं कह सकते हैं, उन्हें रोक दिया जाता है लेकिन सबने देखा कि उन्होंने यात्रा की और लगातार बोलते रहे।

राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए रिजिजू ने कहा कि इस देश में जो सबसे ज्यादा बोलता है वही कह रहा है कि बोलने नहीं दिया जाता। वो जो बोलते हैं, उससे उनकी ही पार्टी कांग्रेस को नुकसान होता है

लेकिन उन्हें कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और राहुल गांधी कांग्रेस को डुबाने का काम करते हैं तो भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पर वे चुप नहीं रह सकते

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दिल्ली आबकारी नीति मामला : के कविता आज ईडी के सामने नहीं होंगी पेश

नई दिल्ली 16 मार्च,(एजेंसी)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता के दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में शामिल नहीं होने की संभावना है।

सूत्रों ने कहा कि उन्होंने ईडी को पत्र लिखकर कहा कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए उन्हें समय चाहिए।

अपनी पहली उपस्थिति के दौरान, कथित तौर पर उनका सामना हैदराबाद के व्यवसायी अरुण पिल्लई से हुआ था, जिन्होंने साउथ ग्रुप का प्रतिनिधित्व किया था। इस ग्रुप ने कथित तौर पर आप नेताओं को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।

पिल्लई ने कथित तौर पर कहा है कि वह कविता के सहयोगी थे।

ईडी ने बीआरएस एमएलसी के पूर्व ऑडिटर और साउथ ग्रुप के सदस्य बुच्ची बाबू का बयान दर्ज किया।

कविता ने कहा है कि वह दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से कभी नहीं मिलीं। सिसोदिया को सीबीआई और ईडी ने गिरफ्तार किया है। कविता का दावा है कि इस मामले में उनका नाम बेकार घसीटा जा रहा है।

ईडी के मुताबिक, कविता भी एक्साइज पॉलिसी मामले में साउथ ग्रुप के प्रतिनिधियों में से एक है।

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राज्यपाल पार्टी में विधायकों की राय में अंतर के आधार पर फ्लोर टेस्ट नहीं बुला सकते: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली 16 March, (एजेंसी): सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल किसी विशेष परिणाम को प्रभावित करने के लिए अपना पद उधार नहीं दे सकते। शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि क्या किसी पार्टी के भीतर विधायकों के बीच मतभेद राज्यपाल को फ्लोर टेस्ट बुलाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है?

बी.एस. कोश्यारी, जो उस समय महाराष्ट्र के राज्यपाल थे, ने तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करने के लिए कहा था। ठाकरे ने आसन्न हार को भांपते हुए इस्तीफा दे दिया था और इसके परिणामस्वरूप एकनाथ शिंदे को नए मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।

प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने महाराष्ट्र के राज्यपाल का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि एक पार्टी के भीतर विधायकों के बीच मतभेद कैसे राज्यपाल के लिए फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने के लिए पर्याप्त आधार बन सकता है?

मेहता द्वारा घटनाओं के क्रम को सुनाए जाने के बाद शीर्ष अदालत ने ये टिप्पणियां कीं और कहा कि राज्यपाल के समक्ष कई सामग्रियां थीं, जिसने उन्हें विश्वास मत का आदेश देने के लिए प्रेरित किया।

पीठ ने आगे कहा कि राज्यपाल किसी विशेष परिणाम को प्रभावित करने के लिए अपने कार्यालय को उधार नहीं दे सकते और इस बात पर जोर दिया कि विश्वास मत के लिए बुलाने से निर्वाचित सरकार को गिरा दिया जाएगा।

मेहता ने कहा कि सामग्री में शामिल हैं : शिवसेना के 34 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र, उद्धव ठाकरे सरकार से समर्थन वापस लेने वाले निर्दलीय सांसदों का एक पत्र, और विपक्ष के नेता का एक अन्य पत्र।

पीठ में शामिल जस्टिस एम.आर. शाह, कृष्ण मुरारी, हेमा कोहली और पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि विपक्ष के नेता के पत्र का कोई महत्व नहीं है और साथ ही विधायकों की सुरक्षा को खतरे का हवाला देने वाला पत्र भी इस मामले में प्रासंगिक नहीं है।

पीठ ने मेहता से सवाल किया कि क्या पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों के बीच व्यापक असंतोष विश्वास मत के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है?

पीठ ने मौखिक रूप से कहा : “लोग सत्ताधारी दल को धोखा देना शुरू कर देंगे और राज्यपालों के इच्छुक सहयोगी सत्ताधारी दल को गिरा देंगे। यह लोकतंत्र के लिए एक दुखद तमाशा होगा।”

पीठ ने कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) एक ठोस गुट बने हुए हैं और केवल शिवसेना ही थी, जहां असंतोष था और मेहता से सवाल किया, क्या यह असंतोष मुख्यमंत्री को शक्ति परीक्षण का सामना करने के लिए कहने के लिए पर्याप्त हो सकता है। यह हमारी चिंता है और यह लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मान लीजिए कि विधायकों के एक समूह को लगता है कि उनका नेता पार्टी के अनुशासन से भटक गया है, तो वे हमेशा पार्टी के भीतर एक मंच पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर सकते हैं, लेकिन राज्यपाल के पास मतभेद के आधार पर फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने की गुंजाइश कहां है।

ठाकरे गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अपने प्रत्युत्तर में कहा, “हम ‘आया राम-गया राम’ की स्थिति में वापस आ गए हैं।”

उन्होंने कहा कि अब आपकी राजनीतिक संबद्धता मायने नहीं रखती है, जो मायने रखता है वह संख्या है। मामले में सुनवाई गुरुवार को भी जारी रहेगी। शीर्ष अदालत शिवसेना में विद्रोह के कारण उत्पन्न महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू केरल के दौरे पर पहुंचेंगी

कोच्चि 16 March, (एजेंसी): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपराह्न विशेष विमान से एक बजकर 40 मिनट पर केरल के कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचेंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू 16 मार्च से 21 मार्च तक केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप के दौरे पर हैं। श्रीमती मुर्मू आज दोपहर देश के पहले स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत जाएंगी और कोच्चि में आईएनएस द्रोणाचार्य को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान करेंगी और भारतीय नौसेना के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आईएनएस गरुड़ जाएंगी।

राष्ट्रपति बनने के बाद श्रीमती मुर्मू की केरल की पहला दौरा हाेगा और इन कार्यक्रमों के बाद वह रात्रि विश्राम करने के लिए तिरुवनंतपुरम के लिए रवाना होंगी।

राष्ट्रपति 17 मार्च (शुक्रवार) को आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी देवी से मिलने कोल्लम के करुणागप्पल्ली स्थित उनके आश्रम जाएंगी। जिसके बाद वह वह तिरुवनंतपुरम वापस लौट जाएंगी और सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर कोडियार में उदय पैलेस कन्वेंशन सेंटर में कुदुम्बश्री के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगी।

श्रीमती मुर्मू 18 मार्च (शनिवार) को तमिलनाडु के विवेकानंद स्मारक और तिरुवल्लुवर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी और कन्याकुमारी में विवेकानंद केंद्र जाएंगी। उसी शाम, वह कवरत्ती में उनके सम्मान में आयोजित होने वाले नागरिक अभिनंदन समारोह में भाग लेंगी।

रविवार को राष्ट्रपति कवरत्ती में स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ संवाद करेंगी। कन्याकुमारी की संक्षिप्त दौरा पूरा करने के बाद वह तिरुवनंतपुरम से लक्षद्वीप के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति 21 मार्च को कोच्चि होते हुए नयी दिल्ली वापस लौटेंगी।

जी-20 बैठक से पहले आरबीआई की ओर से होंगे डोमेस्टिक इवेंट

उदयपुर 16 March, (एजेंसी): राजस्थान के उदयपुर में आगामी 21 से 23 मार्च तक होने वाली जी-20 वित्तीय कार्य समूह की बैठक से पहले भारतीय रिज़र्व बैंक जयपुर की ओर से विभिन्न जन भागीदारी गतिविधियों एवं डोमेस्टिक इवेंट का आयोजन होगा।

एसबीआई के अग्रणी जिला प्रबंधक राजेश जैन ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 मार्च को महिला केंद्रित कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम एवं एमएसएमई उद्यमी के साथ टाउन हॉल बैठक, 18 मार्च को हरित वित्त पर बैंक एवं एनबीएफसी के लिए सम्मेलन-द वे फॉरवर्ड एवं डिजिटल बैकिंग पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम, 19 मार्च को जी-20 वित्तीय साक्षरता पर वॉकेथोन एवं 20 मार्च को जी-20 साइड इवेंट-माइक्रोफाइनेंस के माध्यम से सतत विकास लक्ष्य वित्तपोषण में अंतर को पाटने पर पैनल चर्चा एवं भारतीय रिज़र्व बैंक के विदेशी मुद्रा विभाग की ओर से फ़ॉरेक्स फॉर यू कार्यक्रम का आयोजन होगा।

इसके अतिरिक्त आमजन के लिए 15 से 23 मार्च तक उदयपुर शहर की सभी मुद्रा तिजोरी शाखाओं में कॉइन एवं नोट एक्सेंज मेला आयोजित किया जा रहा है, इस मेले में शहरवासी अपने कटे-फटे एवं पुराने नोट बदलवा सकते हैं।

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टीएसपीएससी ने पांच मार्च को आयोजित असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती परीक्षा रद्द की

हैदराबाद 16 March, (एजेंसी): तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (टीएसपीएससी) ने विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में सहायक अभियंताओं, नगरपालिका सहायक अभियंताओं, तकनीकी अधिकारियों और कनिष्ठ तकनीकी अधिकारियों की भर्ती के लिए पांच मार्च को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है।

आयोग ने आज यहां जारी बयान में कहा कि केंद्रीय अपराध थाना हैदराबाद द्वारा परीक्षा के प्रश्न पत्रों के लीक होने के संबंध में दर्ज प्राथमिकी की सावधानीपूर्वक जांच के बाद पांच मार्च को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी।

पांच मार्च को राज्य में करीब 55 हजार उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने सोमवार को पेपर लीक मामले में टीएसपीएससी के दो कर्मचारियों और एक पुलिस कांस्टेबल सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

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लंबी देरी के बाद Air India ने रद्द की शिकागो-दिल्ली फ्लाइट, यात्रियों में भारी रोष

नई दिल्ली 16 March, (एजेंसी): शिकागो से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान में काफी देरी और अंतत: रद्द होने से यात्री नाराज हो गए, क्योंकि उन्होंने शिकायत की कि उन्हें देरी के बारे में अंधेरे में रखा गया और एयरलाइन ने उन्हें बुधवार शाम तक उनके गंतव्य तक पहुंचने की वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में सूचित नहीं किया।

शिकागो से दिल्ली जाने वाली एआई 126 फ्लाइट 14 मार्च को दोपहर 1.30 बजे (स्थानीय समय) रवाना होने वाली थी और 15 मार्च को दोपहर 2.20 बजे दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे।

हालांकि, इसके करीब 300 यात्री बुधवार देर शाम शिकागो हवाईअड्डे पर इंतजार कर रहे थे और उन्हें किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। गोपाल कृष्ण सोलंकी ने कहा, उड़ान 22 घंटे से अधिक लेट है और हम अभी भी हवाईअड्डे पर हैं।

हमें गाइड करने वाला कोई नहीं है। एयरलाइन कर्मचारी शायद ही कुछ बता रहे हैं। हमें नहीं पता कि हम कब दिल्ली पहुंच पाएंगे। हम जानकारी का इंतजार कर रहे थे। सूत्रों ने दावा किया कि यात्रियों में एक व्यक्ति है जिसने अपनी मां को खो दिया और उसे अंतिम संस्कार के लिए पहुंचना था।

सोलंकी ने कहा कि हवाई यात्रियों को एक होटल उपलब्ध कराया गया था, लेकिन इसकी व्यवस्था बहुत देर से हुई। उन्होंने कहा, हमें यहां काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और लड़ाई और ठहरने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। हमें होटल के बारे में बहुत देर से बताया गया।
इस बीच एयर इंडिया ने कहा है कि तकनीकी कारणों से उड़ान रद्द की गई है।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बुधवार को कहा, 14 मार्च, 2023 को एयर इंडिया की उड़ान एआई 126 को तकनीकी कारणों से रद्द करना पड़ा। प्रभावित यात्रियों को चौतरफा समर्थन की पेशकश की गई और उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में समायोजित किया जा रहा है।

हमें अपने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है। सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि वर्ष 2022 के दौरान तकनीकी कारणों से कुल 1,171 उड़ानें रद्द की गईं, जबकि 2021 में 931 और 2020 में 1,481 उड़ानें रद्द की गईं।

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नौकरी घोटाला मामला: तेजस्वी यादव ने CBI के समन को दिल्ली HC में दी चुनौती

पटना 16 March, (एजेंसी): बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा जारी समन को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

सीबीआई ने तेजस्वी को 4, 11 और 14 मार्च के लिए तीन समन जारी किए थे, लेकिन वह व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए एक बार भी पेश नहीं हुए।

बुधवार को उन्होंने हाईकोर्ट से सीबीआई के समन को रद्द करने की गुहार लगाई। याचिका पर सुनवाई गुरुवार को न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की अगुआई वाली पीठ करेगी।

सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को नौकरी के बदले जमीन मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनकी बेटी मीसा भारती को जमानत दे दी थी।

सीबीआई ने इस मामले में कुल 16 लोगों को तलब किया था।

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चौथे दिन भी नहीं चली संसद

*विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित*

नई दिल्ली 16 March, (एजेंसी): संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का चौथा दिन भी हंगामे के साथ शुरू हुआ और दोनों सदनों (राज्यसभा और लोकसभा) को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष और सरकार के बीच संसद में जारी गतिरोध खत्म होने की संभावना नहीं है। दोनों सदनों के विपक्षी सांसदों ने हिंडनबर्ग अडानी विवाद में जेपीसी की मांग पर स्थगन नोटिस दिया है।

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में रणनीति बनाने के लिए विपक्षी नेताओं संग बैठक की। कांग्रेस ने कहा है कि हिंडनबर्ग अडानी विवाद के मुद्दे पर जेपीसी की मांग पर विपक्ष एकजुट है और गुरुवार को विपक्ष सीबीआई की ओर मार्च करने और शिकायत एजेंसी को सौंपने की योजना बना रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाले विपक्ष ने टीएमसी को छोड़कर विपक्षी दलों को एकजुट रखा है। नेताओं के खिलाफ एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर खड़गे समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ बात कर रहे हैं और आम आदमी पार्टी व बीआरएस के नेताओं को इसके साथ खड़े होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

गौरतलब है कि दोनों राजीतिक दलों का कांग्रेस के साथ तालमेल नहीं रहा है, लेकिन शराब नीति पर एजेंसियों के दबाव ने बीआरएस और आप को कांग्रेस के एक साथ ला खड़ा किया है। खड़गे ने मौका देखते हुए कहा, ‘जेपीसी के मुद्दे पर विपक्षी दल एकजुट हैं।

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पीएम मोदी की सुरक्षा चूक मामले में अफसरों पर गिर सकती है गाज, रिपोर्ट तैयार

चंडीगढ़ 15 मार्च,(एजेंसी)। 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा में हुई चूक के मामले में 9 अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इनमें एक आईएएस और 8 पुलिस अधिकारी हैं। एक- दो दिन में गृह मंत्रालय को अंतरिम रिपोर्ट पंजाब सरकार भेजेगी।

बताया जाता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अगुवाई में बनाई गई 5 मेंबरी कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में इन अफसरों को सुरक्षा में चूक का जिम्मेदार ठहराया था। यह रिपोर्ट अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पांच जनवरी 2022 को इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने करीब छह माह पहले अगस्त 2022 में अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम के दौरे की सूचना होने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लापरवाही बरती और ब्लू बुक से हिसाब से प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।

एक मीडिया हाउस ने चीफ सेक्रेटरी विजय कुमार जंजुआ के हवाले से बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले अफसरों को नोटिस दिए गए थे। अब आगे की कार्रवाई के लिए फाइल सीएम को भेज दी गई है।

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विधानसभा में सवाल पूछे जाने से रोकने पर बीजेपी विधायक ने तोड़ दिया माइक

*दो दिनों के लिए सस्पेंड*

पटना 15 मार्च,(एजेंसी)।  बिहार विधानसभा में माइक तोडऩे के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक लखेंद्र कुमार रौशन को आज से दो दिनों के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया। दरअसल, सदन में हुए विपक्ष के हंगामे के दौरान उन्होंने माइक तोड़ दिया।

विधानसभा में भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रस्ताव पेश किया कि पातेपुर विधानसभा क्षेत्र के सदस्य लखेंद्र कुमार रौशन को सदन की कार्यवाही को बाधित करने और माइक तोडऩे के कारण आज के उपवेशन से लेकर दो दिनों तक के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित किया जाए।

इसके बाद सभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किए जाने की घोषणा की। सदन से रौशन को निलंबित करने का प्रस्ताव पारित होने के विरोध में भाजपा के सदस्य शोरगुल और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री चौधरी ने कहा कि आज भोजनावकाश से पूर्व प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के लखेंद्र कुमार रौशन का समाज कल्याण विभाग से संबंधित प्रश्न था। संबंधित मंत्री ने सरकार की जानकारी के मुताबिक संतोषजनक जवाब दिया।

उसके बाद दो-तीन पूरक प्रश्न भी पूछे गए और उसका भी मंत्री ने यथासंभव संतुष्टि लायक उत्तर दिया, फिर भी रौशन लगातार पूरक प्रश्न पूछना चाह रहे थे लेकिन आसन उसकी इजाजत नहीं देना चाह रहा था फिर भी वह इस पर जोर दे रहे थे और अंत में जब आसन ने उसी दल के वरिष्ठ सदस्य को अगले प्रश्न के लिए नाम पुकारा तो मन में विरोध होना स्वाभाविक है.

लेकिन सदन में विरोध की भी एक सीमा होती है। हम सब ने देखा है कि जिस ढंग से रौशन ने आपत्तिजनक तरीके से विरोध में या गुस्सा के भाव में माइक को तोड़ दिया, यह न सिर्फ असंसदीय आचरण है बल्कि आसन और सदन का अपमान भी है।

संसदीय कार्य मंत्री चौधरी ने कहा कि पता नहीं क्यों यह बार-बार हो रहा है कि जब लोगों को बोलना होता है तो वे माइक के सामने खड़े होकर के ऑपरेटर को डायरेक्शन देते हैं। रौशन भी आज जब आसन से और पूरक पूछने की इजाजत नहीं मिली तो वह ऑपरेटर को ही देख कर सारे गुस्से का इजहार कर रहे थे।

यह तो और भी अलोकतांत्रिक और किसी भी सदस्य के आचरण के प्रतिकूल है। माइक हमेशा तभी ऑन होता है जिसपर आसन की नजर होती है या आसन जिसे बोलने की इजाजत देता है। यही स्थापित संसदीय प्रणाली है और इसी तरह से सदन चलता है।

चौधरी ने कहा, मेरा और सरकार का भी मानना है कि जिस भावावेश में या जिस कारण से भी हो, रौशन ने असंसदीय आचरण करके सदन और आसन की मर्यादा का हनन किया है। आसन ने भी इसका संज्ञान लेते हुए नियमन दे दिया है कि आसन इस पर कार्रवाई करेगा।

अब इस हालत में सदन सुचारू रूप से चले, आसन और सदन की मर्यादा बनी रहे तथा आसन के नियमन का भी सम्मान बना रहे इसलिए हम अनुरोध करेंगे कि रौशन अपने इस अशोभनीय आचरण के लिए सदन में कम से कम खेद प्रकट करें अन्यथा आसन के नियमन के अनुपालन में हमें कार्यवाही करने का प्रस्ताव देना पड़ेगा।

सभाध्यक्ष ने लखेंद्र कुमार रौशन को अपनी बात रखने का मौका दिया और कहा कि यदि उन्हें सफाई में कोई बात कहनी है तो वह कहें। इस पर नेता प्रतिपक्ष सिन्हा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने सरकार की ओर से अपना पक्ष रख दिया है

अब नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात कहने का मौका दिया जाए। इसको लेकर पक्ष-विपक्ष के सदस्य एक बार फिर शोरगुल करने लगे। इसके बाद सभाध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया।

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