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राजस्थान में बड़ा सियासी उल्टफेर: कांग्रेस विधायक राजेन्द्र गुढ़ा ने थामा शिवसेना का दामन

झुंझुनूं ,09 सितंबर (एजेंसी)। राजस्थान में अपने बयानों के चलते अक्सर चर्चा में रहने वाले पूर्व मंत्री एवं उदयपुरवाटी से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने आज शिवसेना का दामन थाम लिया।

गुढ़ा झुंझुनूं जिले में अपने गांव गुढ़ा में अपने पुत्र शिवम गुढ़ा के जन्म दिन के अवसर पर आयोजित जनसभा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए। शिंदे गुढ़ा को शिवसेना का दुपट्टा पहनाकर उनको शिवसेना में शामिल किया। गुढ़ा इससे पहले वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर दयपुरवाटी विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद बसपा के सभी छह विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

इस मौके पर शिंदे ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा उन्होंने एक साल पहले यहीं पर कहा था कि गुढ़ा के कारण मैं मुख्यमंत्री हूं, फिर उन्हीं को बर्खास्त कर दिया गया। गहलोत ने जो किया उसका जवाब जनता देगी। गुढ़ा ने क्या गलती की, सच्चाई का साथ देना गुनाह है क्या। गुढ़ा ने राजस्थान में कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की ही तो आवाज उठाई थी।
उन्होंने कहा कि गुढ़ा ने मंत्री पद छोड़ा, सच्चाई नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि गुढ़ा का शिवसेना में स्वागत है। राजस्थान की वीरता और महाराष्ट्र की वीरता का मिलन सुखद है। गुढ़ा जब भी महाराष्ट्र आते थे तो वहां रह रहे राजस्थानियों की चिंता करते थे। महाराष्ट्र में रहने वाले हर राजस्थानी का हम ध्यान रखेंगे।

शिंदे ने कहा  गुढ़ा की तरह ही मैंने भी मंत्री पद छोड़ा था। मैंने बाला साहेब के विचारों-आदर्शों के लिए मंत्री पद छोड़ा था। राजेंद्र गुढ़ा ने सचाई के लिए मंत्री पद छोड़ा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए और राजस्थान का विकास होना चाहिए। गुढ़ा ने गत जुलाई में विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर मंत्री रहते हुए सवाल उठाए थे। उन्होंने राजस्थान में दुष्कर्म मामलों की चर्चा करते हुए कहा था कि हमें मणिपुर पर बात करने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए। इसके बाद गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था। मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद गुढ़ा ने लाल डायरी का मुद्दा भी उठाया।

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उम्मीद और विश्वास का नया नाम भारत : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली ,09 सितंबर (एजेंसी)।  केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के आगे लगी देश की नेमप्लेट पर ‘भारत’ लिखे होने पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा है कि उम्मीद और विश्वास का नया नाम ‘भारत’ है।

स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके आगे लगी ‘भारत’ के नाम वाली नेम प्लेट की तस्वीर को शेयर करते हुए एक्स (पहले ट्विटर ) पर लिखा, उम्मीद और विश्वास का नया नाम भारत।

दरअसल, दिल्ली के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में भारत की मेजबानी में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन भाषण के दौरान उनके आगे रखी नेम प्लेट ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे रखी नेम प्लेट पर अंग्रेजी भाषा में ‘भारत’ लिखा हुआ था। इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में नेताओं के नाम के आगे उस देश के नाम की नेम प्लेट लगी होती है, जिस देश का वह नेता प्रतिनिधित्व करता है।

देश का नाम बदलने की कवायद और देश के अंदर भारत बनाम इंडिया को लेकर जारी बहस के बीच यह पहला मौका है, जब जी-20 जैसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे ‘इंडिया’ की बजाय अंग्रेजी भाषा में लिखे गए ‘भारत’ के नाम की नेम प्लेट लगी दिखाई दी हो।

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मुंबई : जलती हुई पांच मंजिला इमारत से दो नवजात समेत 33 लोगों को सुरक्षित निकाला

मुंबई ,09 सितंबर (एजेंसी)। मुंबई फायर ब्रिगेड ने एक पांच मंजिला इमारत में आग लगने के बाद दो नवजात शिशुओं सहित 33 लोगों को सुरक्षित निकाला।

बीएमसी आपदा नियंत्रण ने बताया कि सुबह लगभग 9 बजे अंधेरी पूर्व के साकीनाका में साकी सोसाइटी में आग लगने की सूचना मिली। विभिन्न मंजिलों पर कई लोग आग में फंसे हुये थे।

आग स्पष्ट रूप से भूतल पर स्थित एक इलेक्ट्रिक मीटर बॉक्स केबिन में लगी, जिसने वायरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड और अन्य वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से आवासीय भवन की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।

चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी। लोग अलग-अलग मंजिलों पर फंस गए थे। घने जहरीले धुएं के कारण वे सीढिय़ों से भी नहीं उतर पा रहे थे। छत पर ताला लगा हुआ था।

अत्याधुनिक उपकरणों और सीढिय़ों से लैस मुंबई फायर ब्रिगेड की एक टीम इमारत में पहुंची और आग से लड़ते हुए निकासी अभियान शुरू किया।

एक घंटे के भीतर, उन्होंने एंगस लैडर और इमारत की सीढिय़ों का उपयोग करके पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला।

बीएमसी आपदा नियंत्रण ने कहा, आखिरकार, सुबह 10:45 बजे के आसपास आग बुझ गई और अब कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है। इस त्रासदी में कोई घायल नहीं हुआ है।

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डीआरआई को बड़ी कामयाबी, 47 करोड़ की मेथ गोलियों समेत दो तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली ,09 सितंबर (एजेंसी)। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने असम के कछार जिले में एक ट्रक में 47 किलोग्राम मेथमफेटामाइन टैबलेट (4.70 लाख टैबलेट) की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जब्त टैबलेट की वैश्विक अवैध बाजार में कीमत 47 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 7 सितंबर को ड्रग्स जब्त किया था। अधिकारी ने कहा, खुफिया जानकारी के आधार पर, खेप का पता लगाने के लिए 10 से 13 दिन तक निगरानी रखी गई। डीआरआई टीम ने 7 सितंबर को ड्रग्स ले जा रहे एक ट्रक को रोका। गहन निरीक्षण और जांच करने पर डिब्बों में बड़ी मात्रा में ड्रग्स छिपा हुआ पाया गया।

अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी व्यक्तियों को एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की आगे की जांच जारी है।

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जी20 शिखर सम्मेलन : भारत ने यूक्रेन संदर्भ पर रूस, चीन को सहमत कराया

नई दिल्ली , 09 सितम्बर (एजेंसी)। भारत ने जी 20 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन मुद्दे को लेकर रूस, चीन और पश्चिमी देशों के बीच दूरियों को पाटते हुए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि हासिल की है। दोनों पक्ष शांतिपूर्ण समाधान पर ध्यान केंद्रित करते हुए घोषणा में यूक्रेन का उल्लेख करने पर सहमत हुए हैं। यूक्रेन संघर्ष से संबंधित पैराग्राफ पर आम सहमति नहीं होने के कारण भारत ने शुक्रवार को भू-राजनीतिक मुद्दे से संबंधित पैराग्राफ के बिना ही सदस्य देशों के बीच शिखर सम्मेलन के संयुक्त घोषणापत्र का एक मसौदा साझा किया था ताकि सकारात्मक परिणाम निकल सके।

यूक्रेन पर भारत की ओर से घोषणापत्र में नया पाठ तब साझा किया गया जब जी20 नेताओं ने शिखर सम्मेलन के पहले दिन गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श शुरू किया। भारत के लिये एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि भारत ने पूर्व और पश्चिम को एक ही मेज पर रखने का असंभव कार्य पूरा कर लिया है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात मान रहे हैं। एक तरफ, रूस और चीन – जिन्होंने 2022 बाली घोषणाओं से खुद को अलग कर लिया था – अब 2023 नई दिल्ली घोषणाओं में यूक्रेन के संदर्भ पर सहमत हो रहे हैं, जबकि पश्चिमी देश आक्रामक की निंदा को उतना ही कठोर मानता है जितना कि पिछले साल बाली में किया गया था।  जी20 शिखर सम्मेलन की तैयारी से जुड़े एक अधिकारी ने एशियानेट न्यूजएबल को बताया, “हम नई दिल्ली घोषणाओं पर आम सहमति की ओर बढ़ रहे हैं।

पिछले साल बाली घोषणा के दौरान इस पर कोई सहमति नहीं थी क्योंकि मॉस्को और बीजिंग ने यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर खुद को अलग कर लिया था। रूस और चीन जी20 को एक आर्थिक मंच बनाने पर जोर दे रहे थे और मांग कर रहे थे कि मॉस्को-कीव संघर्ष का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) पर छोड़ दिया जाए। सूत्र ने कहा कि दोनों पक्ष अब इस पर सहमत हो गए हैं और युद्ध से संबंधित “कठोर शब्दों का कोई उल्लेख नहीं होगा।

इसमें यूक्रेन का संदर्भ होगा और इसका शांतिपूर्ण समाधान होगा। ध्यान देने की बात है कि भारत इस बात को दोहराता रहा है यह युद्ध का युग नहीं है, बल्कि संवाद और कूटनीति का युग है। परिणाम दस्तावेज़।जी20 के परिणाम दस्तावेज़ में, भारत के फोकस बिंदुओं को अपनाया जा रहा है। अपनी अध्यक्षता के तहत, भारत ने 2016 जी20 शिखर सम्मेलन में अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों पर प्रगति के लिए जोर दिया है।

चुनौतियाँ और संकट जैसे कि कोविड-19 महामारी, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि, मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण, पर्यावरणीय क्षरण और प्रदूषण, सीखने का संकट, आर्थिक मंदी, बढ़ती ऋण भेद्यता, बढ़ती गरीबी और लिंग असमानता, खाद्य असुरक्षा और कुपोषण सहित असमानता।

स्वास्थ्य तक पहुंच में पीछे कदम, ऊर्जा असुरक्षा और ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और आपदाएं लाखों लोगों की दीर्घकालिक आजीविका और भलाई के लिए खतरा पैदा कर रही हैं, जिससे 2030 तक एसडीजी हासिल करने में प्रगति बाधित हुई है।

 

2023 में, भारत ने विशेष रूप से ऋण-ग्रस्त देशों में विकास के लिए संसाधनों को पुनः प्रतिबद्ध करके 2030 सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयास में उन अंतरालों को भरने का लक्ष्य रखा।

 

कुछ अन्य पहलू जो नई दिल्ली में 2023 जी20 शिखर सम्मेलन का हिस्सा होंगे:

 

* G20 में सदस्य के रूप में अफ्रीकी संघ को भी शामिल किया जाएगा।

 

* जी20 नेता आर्थिक अपराधियों को सौंपने पर सहमत होंगे।

 

* लाइफस्टाइल फॉर एनवायरमेंट (LiFE) पर भी सहमति बनेगी। LiFE का उद्देश्य 2022-28 की अवधि में पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाई करने के लिए कम से कम एक अरब भारतीयों और अन्य वैश्विक नागरिकों को एकजुट करना है।

 

* बैठक के दौरान नेता क्रिप्टो-मुद्रा के नियमन के मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

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जी-20 शिखर सम्मेलन में -1भारत मंडपम-1 में बिहारी सस्ंकृति से रू-ब-रू हो सकेंगे मेहमान

नई दिल्ली , 09 सितम्बर(एजेंसी)।  जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन केंद्र ‘भारत मंडपम’ अतिथियों के लिए मिनी बाजार में तब्दील हो गया है। यहां मिलने वाली हर चीज अपने आप में भारतीय संस्कृति और कला को संजोए है। इसके तहत ही बिहारी संस्कृति से मेहमानों को रू-ब-रू कराने के लिए बिहार सरकार और  इंडस्ट्री बिहार द्वारा क्रॉफ्ट बाजार में बिहार के हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया जा रहा है। ‘भारत मंडपम’ में तीन दिनों के लिए लगाए गए बिहार के स्टॉल में बिहारी संस्कृति और बिहार की मिट्‌टी की महक साफ तौर पर नज़र आ रही है।

बिहार की ओर से क्रॉफ्ट बाजार में मधुबनी पेंटिंग्स, भागलपुरी सिल्क, टिकुली, मंजुषा और सिक्की आर्ट्स के उत्पादों को यहां पर मेहमानों के लिए प्रदर्शित किया गया है। बिहार की इन कलाओं को आधुनिक परिधान में आधुनिक तरीकों से सजाया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इनको समझ सके और बिहार की कला संस्कृति विदेशों में भी फेमस हो सके। बिहार के दिल्ली में रेजीडेंट कमिश्नर श्री कुंदन कुमार ने कहा,  “बिहार का एक गौरवशाली अतीत रहा है और इस स्टॉल के माध्यम से हमने मेहमानों के लिए बिहार के रिच कल्चर को शो-केस किया है।

उम्मीद है कि मेहमान बिहार की संस्कृति से रू-ब-रू हो सकेंगे और बिहार के कल्चर को हम इस आयोजन से विदेशों में भी फेमस कर सकेंगे। ‘भारत मंडपम’ में क्रॉफ्ट्स बाजार हॉल नंबर 3 में सेटअप किया गया है और इसका फोकस देश की संस्कृति को दर्शाते हुए हर राज्य के खास उत्पादों का मेहमानों के आगे प्रदर्शन करना है। क्रॉफ्ट बाजार में एक से बढ़कर एक साड़ी, कुर्ते, बैग्स, मूर्तियां व हैंडमेड आइटम्स विभिन्न राज्यों के द्वारा प्रदर्शित किए गए हैं। ‘भारत मंडपम’ का ये एग्जीबिशन हर राज्य की संस्कृति और कलाकृति का बेहतर नमूना पेश कर रहा है…देखने में ऐसा लग रहा है मानो सारा देश ही ‘भारत मंडपम’ की खिड़की से झांक रहा हो और दुनिया को विविधता में एकता की मिसाल दे रहा हो।

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अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने भारत की स्थायी सदस्यता को लेकर फिर से समर्थन देने को दोहराया

नई दिल्ली , 09 सितम्बर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच घनिष्ठ एवं चिरस्थायी साझेदारी की पुष्टि करते हुए आज संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन, जूनियर का भारत में स्वागत किया। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री  मोदी की जून 2023 की ऐतिहासिक अमेरिका यात्रा की अभूतपूर्व उपलब्धियों को कार्यान्वित करने की दिशा में हो रही महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की।

प्रधानमंत्री  मोदी और राष्ट्रपति  बाइडेन ने स्वतंत्र, खुले, समावेशी और लचीले हिंद-प्रशांत का समर्थन करने में क्वाड के महत्व की पुन: पुष्टि की। प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले क्वाड नेताओं के अगले शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति  बाइडेन का स्वागत करने के प्रति उत्सुकता व्‍यक्‍त की। भारत ने जून 2023 में हिंद-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) में शामिल होने के अमेरिकी निर्णय के बाद व्यापार कनेक्टिविटी और समुद्री परिवहन से संबंधित आईपीओआई पहल स्तंभ का सह-नेतृत्व करने के अमेरिकी फैसले का स्वागत किया।

वैश्विक शासन व्‍यवस्‍था के अधिक समावेशी और प्रतिनिधित्‍व पर आधारित होने संबंधी अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए राष्ट्रपति  बाइडेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार किए जाने और उसमें भारत की स्थायी सदस्यता होने के प्रति अपना समर्थन दोहराया। साथ ही इस संदर्भ में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का एक बार फिर से स्वागत किया। नेताओं ने बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत बनाने और उसमें सुधार लाने की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया ताकि यह समकालीन वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सके और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता की स्थायी और गैर-स्थायी श्रेणियों में विस्तार सहित व्यापक संयुक्त राष्ट्र सुधार एजेंडे के लिए प्रतिबद्ध रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति श्री बाइडेन ने हमारी रणनीतिक साझेदारी को व्‍यापक बनाने में प्रौद्योगिकी की महत्‍वपूर्ण भूमिका की पुष्टि की तथा हमारे साझा मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूती प्रदान करने वाले परस्‍पर विश्वास और भरोसे पर आधारित मुक्‍त, सुलभ, सुरक्षित और लचीले प्रौद्योगिकी इकोसिस्‍टम और मूल्य श्रृंखलाएं बनाने के लिए भारत-अमेरिकी क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) पहल के माध्यम से जारी प्रयासों की सराहना की। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत, सितंबर 2023 में आईसीईटी की मध्यावधि समीक्षा करने के इच्‍छुक हैं। ताकि 2024 की शुरुआत में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के सह-नेतृत्व में अगली वार्षिक आईसीईटी समीक्षा की दिशा में गति बरकरार रह सके।

दोनों नेताओं ने लचीली वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए अपना समर्थन दोहराते हुए इस संबंध में भारत में अपने अनुसंधान और विकास की उपस्थिति का विस्तार करने के लिए माइक्रोचिप टेक्नोलॉजी, इंक. की लगभग 300 मिलियन डॉलर का निवेश करने की एक बहु-वर्षीय पहल और भारत में अनुसंधान, विकास और इंजीनियरिंग संचालन का विस्तार करने के लिए एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस की अगले पांच वर्षों में भारत में 400 मिलियन डॉलर का निवेश करने की घोषणा का उल्‍लेख किया।

दोनों नेताओं ने अमेरिकी कंपनियों, माइक्रोन, एलएएम रिसर्च और एप्लाइड मैटेरियल्स द्वारा जून 2023 में की गई घोषणाओं के कार्यान्वयन पर संतोष व्यक्त किया।प्रधानमंत्री  मोदी और राष्ट्रपति  बाइडेन ने सुरक्षित और विश्वसनीय दूरसंचार, लचीली आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक डिजिटल समावेशन के दृष्टिकोण को साझा करते हुए भारत 6जी एलायंस और एलायंस फॉर टेलीकॉम इंडस्ट्री द्वारा संचालित नेक्स्ट जी एलायंस के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने का विक्रेताओं और ऑपरेटरों के बीच सार्वजनिक-निजी सहयोग को गहरा बनाने की दिशा में पहले कदम के रूप में स्वागत किया। उन्होंने ओपन रैन तथा 5जी/6जी प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रित दो संयुक्त कार्य बलों की स्थापना को भी स्वीकार किया।

फील्ड में तैनाती से पहले एक अमेरिकी ओपन रैन निर्माता द्वारा एक प्रमुख भारतीय दूरसंचार ऑपरेटर में 5जी ओपन रैन पायलट शुरू किया जाएगा। नेताओं ने यूएस रिप एंड रिप्लेस प्रोग्राम में भारतीय कंपनियों की भागीदारी के लिए उत्‍सुकता प्रकट की; राष्ट्रपति श्री बाइडेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका में रिप एंड रिप्लेस पायलट के लिए भारत के समर्थन का स्वागत भी किया।दोनों नेताओं ने कम से कम 10 मिलियन डॉलर की संयुक्त प्रारंभिक प्रतिबद्धता के साथ इंडिया-यूएस ग्‍लोबल चैलेंजिस इंस्‍टीट्यूट की स्थापना के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान परिषद (आईआईटी काउंसिल) के प्रतिनिधित्व वाले भारतीय विश्वविद्यालयों और एसोसिएशन ऑफ अमेरिकन यूनिवर्सिटीज (एएयू) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षरों का स्वागत किया।

ग्‍लोबल चैलेंजिस इंस्‍टीट्यूट दोनों देशों के अग्रणी अनुसंधान और उच्च-शिक्षा संस्थानों को एक साथ लाएगा, जिनमें एएयू और आईआईटी सदस्यता से परे, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नई सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए, स्थायी ऊर्जा और कृषि, स्वास्थ्य और महामारी की तैयारी, सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी और विनिर्माण, उन्नत सामग्री, दूरसंचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम विज्ञान में सहयोग शामिल है।

दोनों नेताओं ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी-टेंडन और आईआईटी कानपुर एडवांस्ड रिसर्च सेंटर और बफ़ेलो में स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क के जॉइन्‍ट रिसर्च सेंटर्स और आईआईटी दिल्ली, कानपुर, जोधपुर, और बी.एच.यू., के बीच महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में साझेदारी सहित बहु-संस्थागत सहयोगात्मक शिक्षा साझेदारियों की बढ़ती संख्या का भी स्वागत किया।दोनों नेताओं ने 2030 तक डिजिटल जेंडर गैप को आधा करने की जी-20 की प्रतिबद्धता का उल्‍लेख करते हुए डिजिटल अर्थव्यवस्था में जेंडर डिजिटल डिवाइड को कम करने के प्रयासों के महत्व की पुष्टि की तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था पहल में महिलाओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया, जो डिजिटल जेंडर डिवाइड को कम करने की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए सरकारों, निजी क्षेत्र की कंपनियों, प्रतिष्‍ठानों, सिविल सोसाइटी और बहुपक्षीय संगठनों को एक साथ लाता है।

दोनों नेताओं ने कैंसर अनुसंधान, रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन में हमारे बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग का स्वागत किया और नवंबर 2023 में भारत-अमेरिका कैंसर संवाद के आरंभ होने के प्रति उत्‍सुकता प्रकट की। यह संवाद कैंसर जीनोमिक्स में ज्ञान बढ़ाने, वंचित शहरी और ग्रामीण समुदायों के लिए कैंसर की देखभाल को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए नए निदान और उपचार विकसित करने पर केंद्रित होगा।

दोनों नेताओं ने, दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक, विनियामक और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग को मजबूत और सुविधाजनक बनाने के प्रति अपनी साझा संकल्‍पबद्धता को रेखांकित करते हुए अक्टूबर 2023 में वाशिंगटन डी.सी. में होने वाले आगामी अमेरिका- भारत स्वास्थ्य संवाद पर भी प्रकाश डाला।प्रधानमंत्री  मोदी और राष्ट्रपति  बाइडेन ने हमारी सरकारों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच उच्च-स्तरीय संबद्धता बनाए रखने तथा उज्ज्वल एवं समृद्ध भविष्य के लिए हमारे लोगों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने, वैश्विक कल्‍याण के लिए कार्य करने तथा मुक्‍त,  खुले, समावेशी और लचीले हिंद-प्रशांत में योगदान देने वाली चिरस्थायी भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्वाकांक्षी विजन को साकार करने का संकल्प लिया।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति बाइडेन से मुलाकात की

*राष्ट्रपति बाइडेन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग पर भारत को बधाई दी*

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 की भारत की अध्यक्षता को संयुक्त राज्य अमेरिका के निरंतर समर्थन के लिए राष्ट्रपति बाइडेन को धन्यवाद दिया*

नई दिल्ली , 09 सितम्बर (एजेंसी) । प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने  संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति महामहिम  जोसेफ आर. बाइडेन से मुलाकात की। राष्ट्रपति बाइडेन। राष्ट्रपति के रूप में पहली बार भारत के दौरे पर आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति राष्ट्रपति बाइडेन के दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता की सराहना की, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, रणनीतिक समन्वय और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत पारस्परिक संबंधों पर आधारित है।
दोनों नेताओं ने जून 2023 में प्रधानमंत्री की संयुक्त राज्य अमेरिका की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के भविष्योन्मुखी और व्यापक परिणामों को लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की सराहना की, जिसमें महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकी (आईसीईटी) के लिए भारत-संयुक्त राज्य अमेरिका पहल भी शामिल है।दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, नवाचार, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच पारस्परिक संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग में निरंतर गति का स्वागत किया।
राष्ट्रपति बाइडेन ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग पर प्रधानमंत्री और भारत के लोगों को हार्दिक बधाई दी तथा अंतरिक्ष में दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग पर प्रकाश डाला।दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि भारत-अमेरिका साझेदारी न केवल दोनों देशों के लोगों के लिए बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए भी लाभदायक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 की भारत की अध्यक्षता की सफलता सुनिश्चित करने में संयुक्त राज्य अमेरिका से प्राप्त निरंतर समर्थन के लिए राष्ट्रपति बाइडेन को धन्यवाद दिया।
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बरसों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही : नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली ,09 सितम्बर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में अपनी मेजबानी में जी-20 समिट की शुरुआत की और अपने संबोधन में मोरक्को के भूकंप से लेकर 21वीं सदी में दुनिया की आकांक्षाओं तक पर बात की। मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का यह समय दुनिया को नई दिशा दिखाने वाला समय है। यह वह समय है जब बरसों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही है। हमें मानवता वादी केंद्रित होकर इन समस्याओं को सुलझाना है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकी यूनियन की सदस्यता को लेकर भी दुनियाभर की सहमति जुटाने को लेकर पहल करने की बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि जी-20 के अध्यक्ष के तौर पर भारत आपका स्वागत करता है। जिस स्थान पर हम एकत्रित हैं, वहां से कुछ ही किमी के फासले पर करीब 2,500 साल पुराना एक स्तंभ लगा है। इसमें पारकृत भाषा में लिखा है- मानवता का कल्याण और सुख सुनिश्चित किया जाए। ढाई हजार साल पहले भारत की भूमि ने यह संदेश पूरे विश्व को दिया था। आइये इस संदेश को याद कर के जी-20 का हम शुभारंभ करें। मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का यह समय दुनिया को नई दिशा दिखाने वाला समय है।

यह वह समय है जब बरसों पुरानी चुनौतियां हमसे नए समाधान मांग रही है। हमें मानवता वादी केंद्रित होकर इन समस्याओं को सुलझाना है। मोरक्को में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना प्रकट करना चाहता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि इस कठिन समय में पूरा विश्व समुदाय मोरक्को के साथ है। हम उन्हें हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि कोरोना के बाद विश्व में एक बहुत बड़ा संकट विश्वास के अभाव का आया है।

युद्ध ने इस विश्वास के संकट को और गहरा किया है। जब हम कोविड को हरा सकते हैं तो हम आपसी विश्वास पर आए इस संकट पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं। आज जी-20 के अध्यक्ष के तौर पर भारत पूरी दुनिया का आह्वान करता है कि हम मिलकर सबसे पहले वैश्विक तौर पर इस संकट को एक विश्वास और भरोसे में बदलें। यह हम सभी के साथ मिलकर चलने का समय है। इसलिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास का मंत्र हम सभी के लिए एक पथ प्रर्दशक बन सकता है।

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दिल्ली में जी-20 समिट के बीच ऑटो में बम-बारूद की सूचना, पुलिस जांच में ये सब आया सामने

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी)- दिल्ली में जी-20 समिट को लेकर राजधानी पूरी सुरक्षा के घेरे में है। इस दौरान एक ऐसी खबर आई जिसने दिल्ली पुलिस के होश उड़ा दिए। दरअसल, सोशल मीडिया के जरिए दिल्ली पुलिस को मैसेज आया कि एक ऑटो में बम-बारुद और गन की खेप प्रगति मैदान पहुंचने वाली है। जिसके बाद इस सूचना से हड़कंप मच गया।

प्रगति मैदान की तरफ जब दिल्ली पुलिस ने चैकिंग की तो उस दौरान कुछ बरामद नहीं हुआ। जिसके बाद पुलिस ने सूचना देने वाले को ट्रैस किया। इसमें पता चला कि यह महज शरारत है। सूचना देने वाले ने यह हरकत अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए की थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया है।

मामला दिल्ली आउटर नॉर्थ जिले का हैष दरअसल जिले के डीसीपी को टैग कर एक युवक ने ट्वीट किया था। इसमें लिखा था कि एक ऑटो में गन और विस्फोटक भरा है और इसे प्रगति मैदान की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना देने वाले ने ऑटो का नंबर भी लिखा था। चूंकि जी-20 की बैठक प्रगति मैदान में ही हो रही है। डीसीपी ने तत्काल चेकिंग के आदेश दिए और फिर पूरी दिल्ली में ऑटो रिक्शा की चेकिंग शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ऑटो नंबर को ट्रैस करते हुए उसके मालिक के घर पहुंची।

वहां पता चला कि ऑटो तो वहीं घर पर ही खड़ा है। ऐसे में पुलिस ने सूचना देने वाले को ट्रैस किया। उसकी पहचान कुलदीप शाह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें पता चला कि आरोपी ने ऑटो मालिक से रंजिश में उसे फंसाने के लिए ट्वीट किया था। आरोपी ने बताया कि ऑटो मालिक के साथ पार्किंग को लेकर विवाद चल रहा था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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पूर्व CM की गिरफ्तारी पर बवालः सड़कों पर उतरे TDP कार्यकर्ता, नायडू का बेटा व कई विधायक हिरासत में

अमरावती 09 Sep, (एजेंसी): आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद से सियासी घमासान मच गया है। पार्टी कार्यकर्ता टीडीपी नेता सड़कों पर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है। कहीं, सड़कों पर टायर जलाए गए तो कहीं, कार्यकर्ता सड़कों पर बैठकर धरना प्रदर्शन दे रहे हैंं।

पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश को भी अपने पिता की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए हिरासत में लिया गया हैं। “युवागलम पदयात्रा” कर रहे टीडीपी महासचिव नारा लोकेश अपने पिता की गिरफ्तारी के बाद विरोध में धरने पर बैठ गए थे। पूर्वी गोदावरी जिले में उनके साथ प्रदर्शन कर रहे कई विधायकों को भी हिरासत में लिया गया।

टीडीपी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने नारा लोकेश को उनके पिता से मिलने से रोकने के लिए रोका। नायडू के वकील ने कहा कि वे जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नायडू को उच्च रक्तचाप और मधुमेह का पता चला है। टीडीपी ने सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी सरकार पर नायडू को अवैध रूप से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया, जब वह बस में आराम कर रहे थे।

पार्टी प्रवक्ता कोम्मारेड्डी पट्टाभिराम ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस और सीआईडी ने नायडू को अवैध रूप से गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

सैकड़ों पुलिस कर्मियों ने उस शिविर स्थल को घेर लिया, जहां नायडू आराम कर रहे थे और उनके साथ सभी नेताओं को अवैध रूप से हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि नायडू ने पुलिस से पूछा कि उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पुलिस उन्हें कोई जवाब नहीं दे सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग जानते हैं कि गिरफ्तारी के पीछे मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी हैं। उन्होंने उन्हें देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री करार दिया।

टीडीपी ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में अपने सुप्रीमो की गिरफ्तारी की निंदा की। एक पोस्ट में कहा गया, “क्या आप एक पूर्व सीएम को यह बताए बिना गिरफ्तार करेंगे कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है? हम आपके साथ हैं सर..जनता आपका किला है। हम लड़ेंगे। हम जीतेंगे।”

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राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगी एक हजार इंदिरा रसोइयां: गहलोत

जयपुर 09 Sep, (एजेंसी): राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को महंगाई की मार से राहत देने तथा भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक हजार इन्दिरा रसोइयां खोलने का निर्णय लिया है। गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर इन्दिरा रसोई योजना के संबंध में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इसका शुभारंभ दस सितम्बर को टोंक जिले में निवाई के पास झिलाय से होगा और इन सभी एक हजार रसोइयों का संचालन राजीविका समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे 10 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित इन्दिरा रसोई योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मात्र आठ रुपए में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन मिल रहा है। इस योजना से ‘कोई भूखा ना सोए’ का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस योजना से सुविधापूर्ण वातावरण में सम्मानपूर्वक मात्र आठ रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ विद्यार्थियों एवं श्रमिकों सहित सभी वर्ग के लोगों को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इंदिरा रसोई के संचालकों एवं कर्मचारियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि ‘कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प के साथ शुरू की गई इस योजना के माध्यम से कोरोना काल में 72 लाख लोगों को सरकार द्वारा निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया। कोरोना के दौर में राज्य सरकार के प्रयासों के साथ स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी सेवा भाव से आगे बढ़कर सहयोग किया। प्रदेश में वंचित तबके के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही इस योजना के लिए आर्थिक रूप से किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

बैठक में बताया गया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के विभिन्न जिलों के इंदिरा रसोई संचालकों को सम्मानित भी किया जा रहा है। गहलोत ने इंदिरा रसोई योजना में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं योजना में पारदर्शिता की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिमाह रसोईयों में जाकर भोजन करना चाहिए ताकि गुणवत्ता की सुनिश्चितता हो सके। इससे यहां नियमित भोजन करने आने वाले लोगों का मान-सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना आज महंगाई के दौर में बाहर से आने वाले विद्यार्थियों एवं कार्मिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है।

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मणिपुर में लूटे गए 4 हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद

इंफाल 09 Sep, (एजेंसी)- मणिपुर में संयुक्त सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्व और चुराचांदपुर जिलों से लूटे गए चार हथियार और चार अलग-अलग प्रकार के गोला-बारूद के साथ कुछ विस्फोटक भी बरामद किए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मणिपुर पुलिस ने एक बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में गोलीबारी, आगजनी और प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने की छिटपुट घटनाओं से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। बयान में कहा गया है कि हालांकि, आवश्यक वस्तुओं के साथ इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर 450 माल से भरे वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है। इसमें कहा गया है कि सभी संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं और वाहनों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान किया गया है।

कुल मिलाकर, मणिपुर के विभिन्न जिलों में पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में 128 नाके/चौकियां स्थापित की गईं, जबकि पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में विभिन्न कानूनों के उल्लंघन के संबंध में 977 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस के बयान में यह भी कहा गया है कि एक 85 वर्षीय कुकी महिला को पल्लेल में मणिपुर पुलिस के साथ एक नागरिक समाज संगठन ने बचाया था, जिसे सुरक्षित रूप से तेंगनौपाल जिले के अधिकारियों को सौंप दिया गया था।

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जी-20 : राष्ट्रपति मुर्मू ने मेहमानों का स्वागत करते हुए शिखर सम्मेलन की सफलता को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी)- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए जी 20 देशों के सभी प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, अतिथि देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का हार्दिक स्वागत किया है। राष्ट्रपति ने समावेशी और व्यक्ति आधारित विकास के लक्ष्य को पूरा करने की कामना के साथ 18वें जी20 शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स (पहले ट्विटर ) कर भारत आए मेहमानों का स्वागत करते हुए लिखा,” नई दिल्ली में 18वें जी 20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले जी 20 देशों के सभी प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, अतिथि देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का हार्दिक स्वागत है।”

राष्ट्रपति ने जी-20 शिखर सम्मेलन की सफलता की कामना करते हुए और अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आगे कहा,” भारत की जी 20 प्रेसीडेंसी थीम, ‘वसुधैव कुटुंबकम – एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’, टिकाऊ, समावेशी और मानव-केंद्रित विकास के लिए एक वैश्विक रोडमैप है। मैं जी 20 शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों को इस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में उनके प्रयासों में सफलता की कामना करती हूं।

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जी20 सम्मेलन में शामिल होने दिल्ली पहुंचे लूला, मोदी ने जतायी खुशी

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला डि सिल्वा जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए यहां पहुंचने पर खुशी जतायी है।

मोदी ने आज एक्स पर लिखा , “राष्ट्रपति लूला का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। मैं हाल ही में जोहान्सबर्ग में उनसे मिला था और जी20 शिखर सम्मेलन में उनसे दोबारा मिलने का अवसर पाकर मैं खुश हूं। विभिन्न विषयों पर उनके विचारों का बेसब्री से इंतजार रहेगा।”

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मोदी ने मोरक्को में भूकंप की घटना पर संवेदना जतायी

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मोरक्को में बीती रात आये शक्तिशाली भूकंप में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए संकट की इस घड़ी में हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मोदी ने आज सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मोरक्को में भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि से अत्यंत दुख हुआ।

इस दुखद घड़ी में मेरी संवेदनाएं मोरक्को के लोगों के साथ हैं। उन लोगों के प्रति संवेदना जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं। भारत इस कठिन समय में मोरक्को को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।” उल्लेखनीय है कि मोरक्को में बीती रात आये शक्तिशाली भूकंप से करीब 300 लोगों की मौत हो गयी और कई लोगों के घायल होने तथा इमारते ध्वस्त होने की रिपोर्ट है।

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अफ्रीकी यूनियन बना G20 का सदस्य, PM मोदी ने किया ऐलान

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी)- जी20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन पहले सेशन की शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नेताओं का स्वागत किया। पीएम ने सबसे पहले मोरक्को भूकंप पर बात की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा विश्व मोरक्को के साथ है। पीएम मोदी ने अफ्रीकी यूनियन के आधिकारिक रूप से जी20 ग्रुप में शामिल करने का ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि आप सभी की सहमति के साथ आज से अफ्रीकी यूनियन जी20 का स्थायी सदस्य बनने जा रहा है। उनके इस ऐलान के साथ ही तमाम नेताओं ने तालिया बजाई। विदेश मंत्री एस जयशंकर अफ्रीकी यूनियन के अध्यक्ष अजाली असौमनी को साथ लेकर आए और पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर इसके लिए बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी के बाद बारी-बारी सभी वैश्विक नेता अपनी बात रखेंगे। मोरक्को भूकंप पर पीएम ने कहा कि जी20 की कार्यवाही शुरू करने से पहले, मैं मोरक्को में भूकंप के कारण हुई जानमाल के नुकसान पर अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। हम प्रार्थना करते हैं कि सभी घायल जल्द से जल्द स्वस्थ्य हों। भारत इस कठिन समय में मोरक्को को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।”

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चीन को झटका देने की तैयारीः भारत, अमेरिका, सऊदी अरब और यूरोप मिलकर बनाएंगे रेल और जहाज कॉरिडोर

नई दिल्ली 09 Sep, (एजेंसी): राजधानी दिल्ली में जी-20 समिट का आयोजन किया जा रहा है। जी-20 समिट में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के दिग्गज नेता नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। भारत, अमेरिका, सऊदी अरब और यूरोप मिलकर एक रेल और जहाज कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है। ये देश जी20 सम्मेलन में वाणिज्य, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी को भी बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। इसकी जानकारी अमेरिका के उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने दी है।

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि रेल और जहाज कॉरिडोर बनाकर चीन को किनारे लगाने की तैयारी की जा रही है। सूत्रोंं के अनुसार रेल और जहाज कॉरिडोर को मिडिल ईस्ट कॉरिडोर का नाम भी दिया जा सकता है। अमेरिका के उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन फाइनर ने बताया कि यह परियोजना एक प्रमुख बुनियादी ढांचे की कमी को पूरा करेगी। उन्होंने इसे उच्च मानक, पारदर्शी और टिकाऊ करार दिया है।

फाइनर ने कहा कि यह पहल पश्चिम एशिया में जो बाइडेन प्रशासन की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के तीन क्षेत्रों को जोड़ने वाले कॉरिडोर से समृद्धि बढ़ेगी। यह कम और मध्यम आय वाले देशों के बीच व्यापक बुनियादी ढांचे के अंतर को भर देगा।

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जी20 शिखर सम्मेलन के लिए प्रमुख सड़कों पर हो रही इको फ्रेंडली सजावट

नई दिल्ली,08 सितंबर (एजेंसी)। जी20 शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर इको फ्रेंडली सजावट की जा रही है। यह सम्मेलन शनिवार को शुरू होने वाला है।

यह उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश के बाद ऐसा किया गया है।

एक सरकारी बयान में कहा गया है, वायु सेना स्टेशन, पालम से सरदार पटेल मार्ग से राजघाट तक सभी सड़कों पर, जहां वे जाएंगे, गेंदे के फूलों से सजे पेड़ जी20 का स्वागत करेंगे।

इसमें कहा गया है कि दिल्ली छावनी बोर्ड द्वारा पालम तकनीकी क्षेत्र (थिम्मैया रोड और परेड रोड) के आसपास लगभग 400 पेड़ों को दो रंगीन गेंदे के फूलों की माला पहनाई जा रही है।

बयान में आगे कहा गया, राजघाट के पास किसान घाट क्षेत्र के आसपास लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 200 पेड़ों और 100 खंभों पर माला लगाई जा रही है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद द्वारा सरदार पटेल रोड और महत्वपूर्ण चौराहों के आसपास लगभग 1,200 पेड़, दिल्ली नगर निगम द्वारा लगभग 300 पेड़ लगाए जा रहे है।

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जी20 शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर दिल्ली अलर्ट पर, सुरक्षा बढ़ाई

नई दिल्ली,08 सितंबर (एजेंसी)। दिल्ली में दो दिवसीय जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर, शुक्रवार को यातायात नियमों पर प्रतिबंध लागू होने के साथ, राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

शुक्रवार सुबह से ही पुलिसकर्मी मध्य दिल्ली और आसपास के अन्य क्षेत्रों में वाहनों की जांच करते देखे गए।

अधिकारी एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष के माध्यम से शहर के निगरानी भी कर रहे हैं, जो पूरे शहर में रणनीतिक रूप से पांच हजार सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क का उपयोग करता है।

पुलिस के अनुसार, नियंत्रण कक्ष को जिलेवार दृश्य फ़ीड प्राप्त होते हैं, और दो सुरक्षा दल निरंतर, चौबीसों घंटे निगरानी करने के लिए शिफ्ट में काम करते हैं।

गुरुवार आधी रात से, गैर-आवश्यक वाहनों को शहर की सीमाओं से पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

एक यातायात सलाह में कहा गया कि, यह प्रतिबंध भारी माल वाहन, मध्यम माल वाहन और हल्के माल वाहन पर लागू होता है, जिन्हें दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, दूध, सब्जियां, फल और चिकित्सा आपूर्ति जैसी आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करने वाले मालवाहक वाहनों को वैध नो एंट्री परमिशन के साथ प्रवेश की अनुमति होगी।

शनिवार से शुरू होने वाले हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने विभिन्न सुरक्षा उपायों को लागू किया है, इसमें प्रमुख स्थानों पर कुशल निशानेबाजों और सशस्त्र बलों की तैनाती, सीमा क्षेत्र में गश्त तेज करना और गहन सुरक्षा जांच शामिल है।

अपने प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए, दिल्ली पुलिस को 50 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों, डॉग स्क्वॉड और घुड़सवार पुलिस इकाइयों का समर्थन मिल रहा है।

किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बल भी हाई अलर्ट पर हैं।

पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त चौकियां तैनात कर दी हैं।

नागरिकों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

शिखर सम्मेलन से जुड़ी बहुमुखी सुरक्षा चिंताओं पर प्रकाश डालते हुए, पुलिस राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आयामों पर जोर देती है।

एक अधिकारी ने कहा, पिछले शिखर सम्मेलन स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव समूहों और स्थानीय संगठनों दोनों के विरोध के कारण कानून और व्यवस्था की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।

मध्य दिल्ली के राजघाट में महात्मा गांधी स्मारक का दौरा करने वाले जी20 प्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, पुलिस ने क्षेत्र में बंदरों और कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नागरिक एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

अधिकारी ने कहा, हमने संबंधित एजेंसियों से प्रतिनिधियों की यात्रा के दौरान बंदरों और कुत्तों की उपस्थिति को कम करने के लिए पकडऩे वालों को तैनात करने का अनुरोध किया है। पास के जंगल क्षेत्र में हमने सांप पकडऩे वालों को भी शामिल करने के लिए प्रेरित किया है।

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मोदी सरकार के जनगणना नहीं करने की वजह से 14 करोड़ भारतीय भोजन के अधिकार से वंचित : कांग्रेस

नई दिल्ली , 08  सितंबर (एजेंसी)। कांग्रेस महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने कहा कि भारत अपनी बारी से अनुसार 18वें जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। जी20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत उस विषय पर विचार करने का भी समय है, जो एनडीए(नो डेट अवेलेबल)  सरकार की सबसे बड़ी विफलताओं में से एक को उजागर करता है। सरकार 2021 में होने वाली दशकीय जनगणना कराने में विफल रही है।

इंडोनेशिया, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे अन्य विकासशील देश सहित, लगभग हर दूसरे जी20  देश कोविड-19 के बावजूद जनगणना कराने में कामयाब रहे हैं। जय राम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार इतनी अयोग्य और अक्षम है कि वह 1951 से तय समय पर होने वाली भारत की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया को पूरा करने में असमर्थ रही है। यह हमारे देश के इतिहास में एक अभूतपूर्व विफलता है। एक रिपोर्ट के अनुसार जनगणना कराने में मोदी सरकार की विफलता के कारण 14 करोड़ भारतीयों को अनुमानित रूप से उनके भोजन के अधिकार से वंचित कर दिया गया है।

यह संविधान के अनुच्छेद 21 द्वारा नागरिक को गारंटीकृत उनके मौलिक अधिकार से वंचित करन है, जिसे  यूपीए सरकार ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के माध्यम से लागू किया था। जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार को पूरे भारत में परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा के रूप में एनएफएसए पर भरोसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसने कोविड-19 महामारी के दौरान सबसे ग़रीब लोगों के लिए अतिआवश्यक सुरक्षा जाल प्रदान किया था। एनएफएसए के तहत, 67% भारतीय भोजन के लिए राशन के हक़दार हैं। चूंकि मोदी सरकार 2021 में जनगणना कराने में विफल रही, इसलिए यह 2011 की जनगणना के आधार पर केवल 81 करोड़ लोगों को NFSA कवरेज दे रही है।

हालांकि, जनसंख्या के मौजूदा अनुमान के अनुसार, 95 करोड़ भारतीय NFSA कवरेज के हक़दार हैं। लेकिन नए लाभार्थियों को नहीं जोड़ा जा रहा है। कम से कम दो साल से लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। जुलाई 2022 में, सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था और मोदी सरकार को जनसंख्या अनुमानों का उपयोग करते हुए इस स्थिति को सुधारने का निर्देश दिया था। लेकिन कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बड़ी विफलता न सिर्फ़ सर्वोच्च न्यायालय के प्रति प्रधान मंत्री की अवमानना को दर्शाती है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है भारत के लोगों के संवैधानिक अधिकारों से उनका कोई लेना देना नहीं है।

मोदी सरकार न केवल जनगणना कराने में विफल रही है, बल्कि इसने 2011 में UPA सरकार द्वारा कराई गई सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना को भी दबा दिया है। इसने सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार के राज्य-स्तरीय जाति जनगणना के प्रयास का भी विरोध किया। जैसा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान श्री राहुल गांधी ने हाइलाइट किया था और कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने 16 अप्रैल, 2023 को प्रधान मंत्री को लिखे एक पत्र में दोहराया, एक अपडेटेड और विश्वसनीय जाति जनगणना होना बेहद महत्वपूर्ण है।

आबादी की गिनती, वर्गीकरण और OBC की बहुसंख्यक आबादी के स्पष्ट विवरण के बिना सभी भारतीयों के लिए पर्याप्त विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना असंभव है। हम दान नहीं बल्कि समानता के सिद्धांत में दृढ़ता से विश्वास करते हैं, जिसके लिए जाति जनगणना आवश्यक है।

मोदी सरकार को जब कोई डेटा अपने नैरेटिव के हिसाब से सही नहीं लगता है तो वह उसे कैसे बदनाम करती है, ख़ारिज करती या यहां तक कि उसे एकत्र करना बंद कर देती है, इसका एक पैटर्न है। ये कुछ सबसे प्रमुख उदाहरण हैं। द नेशनल सैंपल सर्वे (NSS) 2017-18 में आयोजित किया गया था लेकिन मोदी सरकार ने इसे दबा दिया। NSS का बेरोज़गारी से संबंधित डेटा 2019 के चुनावों के बाद तक जारी नहीं किया गया था; उपभोग डेटा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। NSS की लीक रिपोर्ट से पता चला था कि बेरोज़गारी 45 साल के उच्चतम स्तर पर है और 2011-12 के बाद से ग्रामीण उपभोग व्यय में अभूतपूर्व गिरावट देखी गई है।

NSS ने मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी और ग़लत ढंग से डिजाइन की गई GST के कारण अर्थव्यवस्था के बर्बाद होने की सच्चाई का खुलासा किया। यही कारण है कि अब इसे किसी काम का नहीं छोड़ा गया है। 2024 के चुनावों के बाद तक सरकार द्वारा रोके जाने की संभावना है, जबकि यह जुलाई 2023 में ही पूरा हो गया है। मोदी सरकार स्पष्ट रूप से डरती है कि इससे इसके भारी कुप्रबंधन और ख़राब शासन का पर्दाफाश हो जाएगा। वर्ष 2019-20 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) ने मोदी सरकार के झूठ का पर्दाफ़ाश किया था।

इसमें सामने आया था कि खुले में शौच करना अभी ख़त्म नहीं हुआ है, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया का प्रसार बढ़ गया है। स्वास्थ्य संकेतकों में अपने बेहद ख़राब प्रदर्शन से शर्मिंदा होकर, मोदी सरकार ने NFHS का संचालन करने वाले इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज के निदेशक को निलंबित कर दिया; साथ ही NFHS-6 से एनीमिया को मापना भी बंद कर दिया है।

जय राम रमेश ने कहा कि श्रम ब्यूरो के रोज़गार-बेरोज़गारी सर्वेक्षण को 2017 में समाप्त कर दिया गया था; राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने 2017 में मॉब लिंचिंग पर डेटा एकत्र करना बंद कर दिया; UPA के शासन काल में विकास को कम दिखाने के लिए 2018 में GDP के आंकड़ों में हेरफेर किया गया; मोदी सरकार ने संसद को बताया कि बिना किसी तैयारी के लगाए गए लॉकडाउन के कारण हज़ारों किलोमीटर पैदल चलकर घर जा रहे प्रवासी श्रमिकों की मौत का कोई डेटा नहीं है, COVID-19 योद्धाओं की मौत का कोई डेटा नहीं है, साथ ही किसानों की आत्महत्या का भी कोई डेटा नहीं है।

जयराम रमेश ने कहा कि रोज़गार प्रदान करने में, मॉब लिंचिंग रोकने में, आय में वृद्धि करने में, प्रवासी श्रमिकों और कोविड-19 वॉरियर्स के सम्मान को सुनिश्चित करने या किसानों की आय बढ़ाने में – मोदी सरकार अपनी विफलताओं पर पर्दा डाल रही है।

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कांग्रेस भारत जोड़ने का काम कर रही है, भाजपा टुकड़े-टुकड़े करने में लगी : खरगे

*विपक्षी दलों के अपने संगठन का नाम इंडिया रखते ही भाजपा को इंडिया से तकलीफ होने लगी*

*छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने बेहतरीन कार्य किए हैं, जो पहले कभी नहीं हुए, छत्तीसगढ़ में फिर कांग्रेस सरकार बनेगी : खरगे*

राजनांदगांव , 08 सितंबर (एजेंसी)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत जोड़ने का काम कर रही है, जबकि भाजपा भारत के टुकड़े-टुकड़े करने में लगी हुई है। विपक्षी दलों के अपने संगठन का नाम इंडिया रखते ही भाजपा को तकलीफ होने लगी। जबकि स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, खेलो इंडिया, जीतेगा इंडिया जैसी योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी ने दी। छत्तीसगढ़ की मौजूदा कांग्रेस सरकार ने बेहतरीन कार्य किए हैं, जो पहले कभी नहीं हुए थे। इस बार फिर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी।  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पार्टी के भरोसे का सम्मेलन में लाखों की संख्या में आए जनसमूह को संबोधित करते हुए कहीं। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, छत्तीसगढ़ की प्रभारी महासचिव कुमारी सैलजा, उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव, छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत तमाम कांग्रेस नेता मौजूद थे। इस दौरान खरगे ने 355 करोड़ 23 लाख रूपए की लागत के कुल 1,867 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास बलिदान का है। एक जमाना था जब बहुत कम धान किसानों का खरीदा जाता था। अब कांग्रेस सरकार किसानों से ज्यादा से ज्यादा धान खरीदती है। कांग्रेस सरकार ने 19 लाख किसानों का कृषि ऋण माफ किया गया। कांग्रेस सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाई। इंग्लिश मीडियम स्कूल आरंभ किए। आदिवासी भाई बहनों को वन अधिकार दिया। बेरोजगारी भत्ता 300 से बढ़ाकर 2,500 रुपए किया। केंद्र सरकार ने खुद छत्तीसगढ़ की ग्राम सड़क योजना और मिलेट मिशन की बहुत तारीफ की।नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक पांच साल में 40 लाख लोग छत्तीसगढ़ में गरीबी से बाहर आए हैं।  खरगे ने कहा कि छत्तीसगढ़ उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, यहीं पर कांग्रेस अधिवेशन में उन्हें अध्यक्ष चुना गया था। अधिवेशन वाले दिन पार्टी के लोगों के यहां ईडी की छापेमारी हुई।

मोदी सरकार कांग्रेस को डराना चाहती है, बदनाम करना चाहती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के लोग डरने वाले नहीं हैं। छत्तीसगढ़ के लोग संघर्ष करने वालों में से हैं। अगर कांग्रेस के लोग डरते तो इंदिरा गांधी, राजीव गांधी अपनी जान नहीं देते। खरगे ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे ही मोदी जी, नड्डा साहब और शाह जी छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। लेकिन चुनाव से पहले ये कभी लोगों का हाल पूछने नहीं आए। मोदी सरकार बढ़ती हुई महंगाई और बेरोजगारी को नहीं रोक सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मैं हर साल दो करोड़ नौकरियां दूंगा, काला धन वापस लाऊंगा, सभी को 15 लाख रुपए दूंगा, किसानों की आमदनी दोगुनी होगी। कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मोदी सरकार में सात लाख करोड़ से अधिक के घोटाले हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कितने कारखाने लगाए, वह उनका हिसाब दें। खरगे ने कहा कि विपक्षी दलों ने एक संगठन बनाया, जिसका नाम इंडिया रखा। इंडिया नाम रखते ही भाजपा को तकलीफ होने लगी। अब वे कहते हैं देश का नाम भारत बोलो। हम तो भारत से इतना ज्यादा प्यार करते हैं कि राहुल गांधी की यात्रा का नाम भी भारत जोड़ो यात्रा रखा गया था। हम भारत जोड़ने का काम करते हैं, लेकिन भाजपा भारत के टुकड़े-टुकड़े करने में लगी हुई है। बाबा साहब आंबेडकर ने संविधान में इंडिया मतलब भारत लिखा है, पर भाजपा सवाल उठा रही है। जबकि स्टार्ट अप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, खेलो इंडिया, जीतेगा इंडिया, पढ़ेगा इंडिया जैसे नारे प्रधानमंत्री मोदी ने दिए। अब हम इंडिया बोल रहे हैं, तो भाजपा भारत कह रही है। ये भाजपा की मानसिकता है।

इस मानसिकता के खिलाफ भी हमें लड़ना है। खरगे ने कहा कि मणिपुर में हिंसा हो रही है, प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर की तरफ देख नहीं रहे। देश में जी-20 की बैठक चल रही है। हर जगह, हर खंभे पर मोदी की ही फोटो है। सरकार के किसी मंत्री की तस्वीर नहीं है। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू की एक भी तस्वीर नहीं हैं। सिर्फ मोदी की तस्वीर हैं।

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विश्व बैंक के जी-20 दस्तावेज ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के द्वारा भारत के वित्तीय समावेश की प्रशंसा की

नई दिल्ली , 08 सितम्बर (एजेंसी)। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने  विश्व बैंक के एक निष्कर्ष को साझा किया, जिसे विश्व बैंक ने अपने जी-20 दस्तावेज में शामिल किया है, और उसमें कहा गया है कि भारत ने केवल छह वर्षों में वित्तीय समावेश का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसे प्राप्त करने में कम से कम 47 वर्षों का लंबा समय लग सकता था।

@ वर्ल्ड बैंक के जरिये तैयार किये जाने वाले एक जी-20 दस्तावेज ने भारत के विकास के बारे में एक बहुत दिलचस्प बात साझा की है। भारत ने केवल छह वर्षों के समय में वित्तीय समावेश का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसे प्राप्त करने में कम से कम 47 वर्षों का लंबा वक्त लग सकता था। हमारे मजबूत डिजिटल भुगतान का बुनियादी ढांचा और हमारी जनता का उत्साह सराहनीय है। यह तेज रफ्तार से होने वाली प्रगति और नवोन्मेष का प्रमाण भी है।

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भारत को सबसे बड़ी महाशक्ति के रूप में देखना हर भारतीय की इच्छा: योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर / कुशीनगर 8  सितंबर (एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी महोत्सव महोत्सव मना रहा होगा तब हर राष्ट्रभक्त भारतीय के मन में भारत को समर्थ, सशक्त और दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के रूप में देखने की इच्छा होगी।

मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह  गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मेरी माटी मेरा देश कार्य्रकम के दौरान कहा कि हर भारतीय देश को दुनिया का नेतृत्व करते हुए देखने की इच्छा रखता है। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नए भारत की 140 करोड़ की आबादी को आगामी 25 वर्ष की एक विस्तृत कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने का एक अवसर दिया

योगी ने इस अवसर पर गोरखपुर भाजपा महानगर इकाई के अध्यक्ष राजेश गुप्ता को गोरखनाथ मंदिर परिसर की पवित्र मिट्टी अमृत कलश में भरकर सौंपी।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी आजादी का अमृत महोत्सव पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ आयोजित किया। यह हम सबका सौभाग्य है कि आजादी के अमृत काल के प्रथम वर्ष में हम सबको नए भारत का दर्शन हो रहा है।

योगी ने कहा कि सशक्त, समर्थ और शक्तिशाली भारत के लिए जो कार्यक्रम दिए गए हैं उसी की श्रृंखला में  विरासत के सम्मान वाले .माटी को नमन वीरों को वंदन. कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के कार्यक्रम का शुभारंभ आज गोरखपुर में महानगर संगठन की तरफ से किया जा रहा है। इसमें गोरखपुर की माटी को अमृत कलश के साथ जोड़ने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के हर नगर निकाय व हर विकासखंड से अमृतकलश एकत्र होकर लखनऊ और फिर दिल्ली के लिए जाएंगे। लखनऊ में जहां आजादी के अमृत कलश की स्थापना हुई है उसी पवित्र स्थल पर एक अमृत कलश वाटिका स्थापित हो रही है जहां प्रदेश भर से संग्रहित कलश रखे जाएंगे। अमृत कलश वाटिका में 825 विकास खंडों समेत करीब 1500 स्थलों से एकत्रित मिट्टी भरे कलश रखे जाएंगे।

इस अवसर पर गोीरखपुर के महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, भाजपा महानगर संगठन से महामंत्री इंद्रमणि उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।

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