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रातों की नींद हराम.. पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा- मैसेज तो पहुंच गया

मंच पर बैठे थे थरूर और केरल के सीएम

तिरुवनंतपुरम ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत के पहले डीप-सी ऑटोमेटेड पोर्ट के निर्माण में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आभारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह पोर्ट भविष्य का वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब होगा। अदाणी ने कहा, हम सब मिलकर एक मजबूत और साहसी भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 8,900 करोड़ रुपए की लागत वाले विझिनजाम इंटरनेशनल डीप-वाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद गौतम अदाणी ने कहा कि यह दूरदर्शिता, मजबूती और साझेदारी की जीत है। इस मौके पर दिए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्ष पर भी चुटकी ली। उन्होंने इस दौरान शशि थरूर और केरल के मुख्यमंत्री पर भी टिप्पणी की है।

पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से मैं कहना चाहूंगा कि आप तो ढ्ढहृष्ठढ्ढ गठबंधन के बहुत बड़े पीलर हैं, यहां शशि थरूर भी बैठे हैं और आज का ये इवेंट कई लोगों की नींद हराम कर देगा। मैसेज चला गया जहां जाना था। इस मौके पर पीएम मोदी ने शशि थरूर से हाथ मिलाया और उनसे रुककर कुछ देर बात भी की।

उन्होंने आगे कहा कि मैं पोर्ट का विजिट करके आया हूं। जब गुजरात के लोगों को पता चलेगा कि अदाणी समूह ने यहां केरल में ऐसा पोर्ट बनाया है, जबकि ये बीते 30 साल से पोर्ट (क्षेत्र पर) पर काम कर रहे हैं, लेकिन वहां उन्होंने ऐसा पोर्ट नहीं बनाया तब उन्हें गुजरात के लोगों का गुस्सा सहन करने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी न कहा कि आज भगवान आदि शंकराचार्य जी की जयंती है। तीन साल पहले सितंबर में मुझे उनकी जन्मभूमि में जाने का सौभाग्य मिला था। मुझे खुशी है कि मेरे संसदीय क्षेत्र काशी में विश्वनाथ धाम परिसर में आदि शंकरार्य जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। पीएम मोदी ने केरल और केदारनाथ का कनेक्शन जोड़ते हुए कहा कि मुझे उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में भी आदि शंकराचार्य जी की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का भी सौभाग्य मिला है।

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पिठोरिया थाना के पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़कर थाने में आराम करते पाए गए

डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिंहा ने किया सस्पेंड

रांची,02.05.2025 – :  डीआईजी सह एसएसपी चंदन कुमार सिंहा ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 4 पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कदम 30 अप्रैल की रात किए गए औचक निरीक्षण के बाद उठाया गया, जिसमें पिठोरिया थाना के पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़कर थाने में आराम करते पाए गए। सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी में अजय पासवान, जेएसआई, पिठोरिया थाना, श्यामानंद पासवान, जेएसआई, पिठोरिया थाना, अमृत प्रसाद मेहता, जेएसआई, पिठोरिया थाना और नीरज कुजूर, आरक्षी, पीसीआर-22 शामिल हैं।

बता दें कि 30 अप्रैल की रात हेडक्वार्टर डीएसपी वन अमर कुमार पांडे ने पिठोरिया थाने का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय थाने में कोई भी पुलिसकर्मी गश्ती ड्यूटी पर नहीं था। अमृत प्रसाद मेहता, जो गश्त पर होने चाहिए थे, थाने में आराम कर रहे थे। श्यामानंद पासवान ओडी ड्यूटी में तैनात थे लेकिन थाने से गायब थे। अजय पासवान भी आराम करते मिले, और उनके खिलाफ पूर्व में दुर्व्यवहार की शिकायतें भी दर्ज थीं। इसके अलावा नीरज कुजूर, जो पीसीआर 22 पर तैनात थे, रात्रि ड्यूटी से गायब पाए गए।

यह पहली बार नहीं है जब पिठोरिया थाना को लेकर कार्रवाई हुई है। 22 फरवरी को भी एसएसपी चंदन कुमार ने औचक निरीक्षण के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी गौतम राय को निलंबित किया था। उस समय भी थाने की स्टेशन डायरी तक अद्यतन नहीं थी और ड्यूटी पर कोई मौजूद नहीं था। इस कार्रवाई के जरिए रांची एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिठोरिया थाना को लेकर बार-बार मिल रही शिकायतों ने इस कार्रवाई को आवश्यक बना दिया।

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मंत्री प्रतापराव जाधव ने किया योग संगम पोर्टल का शुभारंभ

मुंबई 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक में ‘योग संगम पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए लोग आगामी 21 जून को योग दिवस पर होने वाले कार्यक्रम के लिए पंजीकरण सुविधा उपलब्ध होगी। योग दिवस के अवसर पर देश के एक लाख से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने पोर्टल के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बातचीत में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आगामी 21 जून को हम योग दिवस मनाने जा रहे हैं, जिसे लेकर अभी से ही तैयारियों का सिलसिला शुरू हो चुका है।

इसके अलावा, योग दिवस से पहले हम देश के अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, जिनमें हम लोगों को योग के महत्व के बारे में बता रहे हैं, ताकि वे इसे अपने जीवन में आत्मसात कर सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अपना योगदान दे सकें।

उन्होंने जानकारी दी कि 1 जून को प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर देशभर में तैयारी हो रही है। इन तैयारियों को लेकर हमने अपनी तरफ से पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है, जिसे जल्द ही जमीन पर उतारा जाएगा। इस तरह के कार्यक्रम में हम लोगों को योग से होने वाले फायदों के बारे में बताएंगे।

उन्होंने कहा कि इस 21 जून को देशभर के 1 लाख से भी अधिक स्थानों पर योग से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। हम लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करेंगे। मैं समझता हूं कि योग हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम हमले के संदर्भ में कहा कि यह एक निंदनीय कृत्य है, जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए, कम है। जिस तरह से पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया गया, वह निंदनीय है। यह हमारी आत्मा पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से इसका निश्चित तौर पर माकूल जवाब दिया जाएगा।

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नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा पाक, LOC पर फिर किया सीजफायर का उल्लंघन

सेना ने दिया तगड़ा जवाब

नई दिल्ली 02 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर अपनी नापाक हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। यहां पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर से संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की है। सेना के मुताबिक एक-दो मई की रात के दौरान, पाकिस्तानी सैन्य चौकियों से फायरिंग की गई।

पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा के पार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर क्षेत्रों में यह गोलीबारी की है। बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान सेना ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की। वहीं भारतीय सेना के जवानों ने संयमित लेकिन सटीक तरीके से फायरिंग का जवाब दिया। यह लगातार आठवां दिन है जब पाकिस्तानी सेना द्वारा जम्मू कश्मीर से लगी नियंत्रण रेखा पर फायरिंग की गई है। पाकिस्तानी सेना बीते शुक्रवार से नियंत्रण रेखा पर फायरिंग कर रही है।

इस बीच अमेरिका ने भारत के साथ होने की बात कही है। अमेरिका ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री ने कहा है, “अमेरिका भारत के साथ एकजुटता में खड़ा है और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करता है।”

गौरतलब है कि आतंकवादियों ने 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की निर्मम तरीके से हत्या की थी। इसके बाद से पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर भी संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है। वहीं इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को फोन पर बातचीत की।

इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा हुई। अमेरिका ने पहलगाम आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। इस चर्चा में भारत ने अमेरिका को बताया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन, प्रशिक्षण और फंडिंग दे रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को फोन कर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मासूम नागरिकों की जान जाने पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

गुरुवार को हुई इस वार्ता के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास आतंकवादी संगठनों को समर्थन, प्रशिक्षण और फंडिंग देने का रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पाकिस्तान एक धूर्त राष्ट्र के रूप में उजागर हो चुका है, जो वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है।

दुनिया अब आतंकवाद पर आंखें मूंदे नहीं रह सकती।” रक्षामंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक समुदाय को ऐसे जघन्य आतंकी कृत्यों की स्पष्ट और दृढ़ निंदा करनी चाहिए। इस बातचीत में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के पूर्ण समर्थन की पुनः पुष्टि की। इससे पहले 30 अप्रैल और 1 मई की रात के दौरान, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर के सामने नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की थी।

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पहलगाम अटैक के बाद साइबर अपराधियों के निशाने पर भारत

10 लाख से अधिक ऑनलाइन हमले रिपोर्ट

नई दिल्ली 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पर बड़े पैमाने पर साइबर हमला किया गया है। महाराष्ट्र साइबर सेल के अनुसार, देश पर 10 लाख से अधिक ऑनलाइन साइबर हमले दर्ज किए गए हैं। ये हमले पाकिस्तान, मिडिल ईस्ट, इंडोनेशिया और मोरक्को जैसे देशों के हैकिंग ग्रुप्स द्वारा किए गए हैं।

महाराष्ट्र साइबर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने बताया कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के तुरंत बाद डिजिटल मोर्चे पर भी भारत को निशाना बनाया गया। इन हमलों में भारत की सरकारी वेबसाइटों और पोर्टल्स को टारगेट किया गया।

उन्होंने बताया कि हमले करने वाले कई हैकर खुद को इस्लामिक समूहों से जुड़ा बता रहे हैं और इसे एक तरह की “साइबर जंग” माना जा रहा है। हालांकि, महाराष्ट्र साइबर ने समय रहते इनमें से कई साइबर अटैक्स को नाकाम कर दिया है।

मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर विभाग ने सभी सरकारी एजेंसियों और विभागों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि वे अपने डिजिटल सिस्टम को मजबूत करें और सुरक्षा इंतजाम कड़े करें, ताकि भविष्य के हमलों से बचा जा सके।

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शुभ मुहूर्त में खोले गए केदारनाथ धाम के कपाट, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

केदारनाथ 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे।

शुक्रवार सुबह 7 बजे शुभ मुहूर्त में विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ खोले गए। मंदिर के कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। कपाट खुलते समय आर्मी बैंड ने मधुर धुनें बजाईं। इस दौरान केदारनाथ घाटी श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठी।

इस अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी वागेश लिंग, तीर्थ पुरोहित, बीकेटीसी के पदाधिकारी, स्थानीय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इससे पहले, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बीते बुधवार को 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे थे।

बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। अब चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा शुरू करने पर चारधाम यात्रा में किसी भी प्रकार की रुकावट भक्तों को नहीं आती है। यमुनोत्री, यमुना नदी का उद्गम स्थल है। यमुना जी यमराज की बहन हैं और उन्हें वरदान प्राप्त है कि वह अपने जल के माध्यम से सभी का दुख दूर करेंगी। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यमुनोत्री में स्नान करता है, उसे मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है। इसी वजह से भक्त चारधाम यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री से करते हैं।

हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाएं 2 मई से शुरू होंगी।

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कांग्रेस-भाजपा की नीयत बहुजन के प्रति साफ होती तो ओबीसी समाज की देश के विकास में उचित भागीदारी होती : मायावती

लखनऊ 02 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जातीय जनगणना को लेकर हमलावर दिखाई दी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा आदि की अगर नीयत व नीति बहुजन समाज के प्रति पाक-साफ होती तो ओबीसी समाज देश के विकास में उचित भागीदार बन गया होता।

बसपा प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि काफी लंबे समय तक ना-ना करने के बाद अब केंद्र द्वारा राष्ट्रीय जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराने के निर्णय का भाजपा व कांग्रेस आदि द्वारा इसका श्रेय लेकर खुद को ओबीसी हितैषी सिद्ध करने की होड़, जबकि इनके बहुजन-विरोधी चरित्र के कारण ये समाज अभी भी पिछड़ा, शोषित व वंचित है।

उन्होंने लिखा कि कांग्रेस एवं भाजपा आदि की अगर नीयत व नीति बहुजन समाज के प्रति पाक-साफ होती तो ओबीसी समाज देश के विकास में उचित भागीदार बन गया होता, जिससे इनके मसीहा परमपूज्य बाबासाहेब डा. भीमराव अंबेडकर का ‘आत्म-सम्मान व स्वाभिमान’ का मिशन सफल होता हुआ जरूर दिखता।

बसपा प्रमुख मायावती ने आगे लिखा कि बाबासाहेब एवं बीएसपी के अनवरत संघर्ष के कारण ओबीसी समाज आज जब काफी हद तक जागरूक है, तो दलितों की तरह ओबीसी वोटों के लिए लालायित इन पार्टियों में इनका हितैषी दिखने का स्वार्थ व मजबूरी है, अर्थात् स्पष्ट है कि ओबीसी का हित बीएसपी में ही निहित है, अन्यत्र नहीं।

उन्होंने कहा कि ‘वोट हमारा राज तुम्हारा-नहीं चलेगा’ के मानवतावादी संघर्ष को सही व सार्थक बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने का समय करीब है, जिसके लिए कोताही व लापरवाही घातक तथा भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों पर दलित, ओबीसी समेत बहुजन-हित, कल्याण व उत्थान हेतु भरोसा करना ठीक नहीं है।

इसके पहले मायावती ने कहा कि देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना’ कराने का केंद्र सरकार द्वारा आज लिया गया फैसला काफी देर से उठाया गया सही दिशा में कदम है। इसका स्वागत है। बीएसपी इसकी मांग काफी लंबे समय से करती रही है। उम्मीद है कि सरकार ‘जनगणना से जनकल्याण’ के इस फैसले को समय से जरूर पूरा कराएगी।

ज्ञात हो कि केंद्र सरकार के जातीय जनगणना वाले निर्णय के बाद से ही विपक्षी दलों में इस मुद्दे को अपना बताने की होड़ मची है। खासकर सपा और बसपा इसे लेकर सरकार को घेरने में जुटी हैं।

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मतदाता सूची पर उठते सवालों के लिए चुनाव आयोग की पहल, उठाए 3 कदम

नईदिल्ली ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की सटीकता पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए 3 बड़े कदम उठाए हैं। उसने यह जानकारी एक विज्ञप्ति के जरिए दी।

आयोग अब मतदाता सूचियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से अपडेट करने के लिए मृत्यु पंजीकरण का डेटा प्राप्त करेगा और बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) को मानक पहचान पत्र जारी करेगा।

इसके साथ ही आयोग मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए कदम उठाएगा।

आयोग मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 9 और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 3(5)(बी) के अनुरूप भारत के महापंजीयक से इलेक्ट्रॉनिक रूप से मृत्यु पंजीकरण डेटा प्राप्त करेगा।

इससे चुनाव पंजीकरण अधिकारियों को पंजीकृत मौतों के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी।

साथ ही बीएलओ भी फॉर्म 7 के तहत औपचारिक अनुरोध की प्रतीक्षा किए बिना, मौके पर जाकर जानकारी को फिर से सत्यापित कर सकेगा।
आयोग ने फैसला लिया है कि मतदाता सूचना पर्चियों को नई डिजाइन के जरिए अधिक अनुकूल बनाया जाए, ताकि मतदाताओं को अपना नाम ढूंढने में दिक्कत न हो।

इसके लिए मतदाता की क्रम संख्या और भाग संख्या अधिक प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी और ही फॉन्ट का आकार भी बढ़ाया जाएगा।
इससे मतदाता और मतदान अधिकारियों के लिए मतदाता सूची में उनके नाम को कुशलतापूर्वक ढूंढना आसान हो जाएगा।

आयोग अब ईआरओ द्वारा नियुक्त सभी बीएलओ को मानक फोटो पहचानपत्र जारी करेंगे, ताकि मतदाता सत्यापन और पंजीकरण अभियान के दौरान नागरिक बीएलओ को पहचान सकें और विश्वासपूर्वक बात कर सकें।

आयोग ने कहा कि मतदाताओं और आयोग के बीच पहले इंटरफेस के रूप में बीएलओ की पहचान जरूरी है, ताकि वह घर-घर जाकर आसानी से काम कर सके और पहचान बना सके।

ये सुझाव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मौजूदगी में चुनाव आयुक्तों के सम्मेलन में आए थे।

मतदाता सूची की सटीकता को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि महाराष्ट्र चुनाव के दौरान कई लाख मतदाता अचानक बढ़ गए थे। अन्य पार्टियों ने चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर घेरा था।

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पहलगाम हमले पर गृह मंत्री अमित शाह की चेतावनी

बोले-चुन-चुन कर बदला लिया जाएगा

नईदिल्ली ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के हर कृत्य का उचित और सटीक जवाब देगा।

22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्रीय गृह मंत्री की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी है।

उन्होंने कहा, अगर कोई सोचता है कि कायरतापूर्ण हमला उनकी जीत है, तो उन्हें याद रखना चाहिए कि यह नरेंद्र मोदी का भारत है, और एक-एक करके बदला लिया जाएगा।

शाह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चाहे उत्तर पूर्व हो, वामपंथी उग्रवाद का क्षेत्र हो या चाहे कश्मीर पर पड़ी आतंकवाद की छाया हो, हर चीज का हमने मजबूती के साथ जवाब दिया है।

उन्होंने कहा, इस देश की इंच-इंच भूमि से आतंकवाद को मूल समेत उखाडऩे का हमारा संकल्प है और वह सिद्ध होकर रहेगा…जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा हमारी लड़ाई जारी रहेगी और जिन लोगों ने यह कृत्य किया है उसका उचित दंड उन्हें मिलेगा।

पहलगाम हमले के बाद से ही भारत सरकार का बैठकों का दौर जारी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी तीनों सेनाओं की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ सख्ती के लिए तीनों सेनाओं को प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य का चुनाव और समय पर निर्णय लेने की खुली छूट दी है।

वहीं सरकार ने पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। जिसमें अपना एयरस्पेस बंद करना भी शामिल है।

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गडकरी को राहत, 2019 के नागपुर चुनाव पर बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार

नई दिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अदालत ने अपने फैसले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ साल 2019 में नागपुर के उनके चुनाव को चुनौती देने वाली याचिकाओं में से कुछ आरोपों को खारिज कर दिया था. इस फैसले से गडकरी को राहत मिली है.

नितिन गडकरी के नागपुर लोकसभा सीट से साल 2019 में लड़े गए इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की. पीठ ने कहा कि गडकरी 2024 के आम चुनावों में फिर से इलेक्शन जीत गए. पीठ ने कहा कि वह हाइकोर्ट के अपनाए गए तर्क से सहमत है. पीठ ने कहा, हमें उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता.

इस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार नाना फल्गुनराव पटोले और नागपुर निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नफीस खान की याचिका को पीठ ने खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के 26 फरवरी, 2021 के आदेश को चुनौती दी थी.

गौर करें तो नितिन गडकरी के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं को उच्च न्यायालय ने खारिज तो नहीं किया, लेकिन परिवार के सदस्यों की आय और उनके स्वामित्व वाली भूमि के संबंध में उनमें की गई कुछ अन्य बातों को खारिज कर दिया. याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था.

बता दें कि नफीस खान ने आरोप लगाया था कि भोला ने अपना नामांकन पत्र और नामांकन हलफनामे में गलत जानकारी दी है. वहीं नाना फल्गुनराव पटोले ने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्धारित प्रॉसेस का पालन नहीं किया गया.

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आप सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं?

पहलगाम हमले पर जनहित याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है. बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए थे.

जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने पहलगाम हमले की जांच की निगरानी के लिए रिटायर जज की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं की आलोचना की और कहा कि रिटायर जज एक्स्पर्ट नहीं होते.

पीठ ने कहा, इस महत्वपूर्ण समय में देश के हर नागरिक ने आतंकवाद से लडऩे के लिए हाथ मिलाया है. क्या आप इस तरह की जनहित याचिका दायर करके सुरक्षा बलों का मनोबल गिराना चाहते हैं. इस तरह के मुद्दे को न्यायिक क्षेत्र में न लाएं.

याचिकाकर्ता फतेह कुमार साहू और अन्य को जनहित याचिका वापस लेने के लिए कहा गया. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझें और अदालत में ऐसी कोई अपील न करें, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल गिरे.

पीठ ने याचिकाकर्ताओं में से एक से कहा, आप रिटायर सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच करने के लिए कह रहे हैं. वे जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं, बल्कि वे केवल निर्णय दे सकते हैं और किसी मुद्दे पर निर्णय ले सकते हैं. हमें आदेश पारित करने के लिए न कहें. आप जहां जाना चाहते हैं, जाएं.

बेहतर होगा कि आप वापस चले जाएं. जनहित याचिका में केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन को पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.

बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के पहलगाम के ऊपरी इलाकों में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बैसरन में गोलीबारी की, जिसमें 26 लोग मारे गए. मरने वालों में अधिकतर दूसरे राज्यों से आए पर्यटक थे – इस घटना ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा दिया है.

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रामदेव ने नहीं माना दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

कोर्ट बोला- किसी के नियंत्रण में नहीं

नईदिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को योग गुरु बाबा रामदेव को फटकार लगाते हुए अवमानना का नोटिस जारी करने की बात कही है।

कोर्ट ने रामदेव को हमदर्द रूहअफजा मामले में हलफनामा दाखिल करने और विवादित टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया से हटाने को कहा था।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमित बंसल को बताया गया कि रामदेव ने एक बार फिर हमदर्द के रूहअफजा के खिलाफ वीडियो फिर साझा किया ह, जिससे न्यायाधीश नाराज हो गए।

न्यायमूर्ति बंसल ने कहा, पतंजलि संस्थापक का आचरण यह दर्शाता है कि उनका किसी पर नियंत्रण नहीं है और वे अपनी ही दुनिया में जीते हैं। पिछले आदेश के मद्देनजर, उनका हलफनामा और यह वीडियो प्रथम दृष्टया अवमानना के दायरे में आते हैं। मैं अब अवमानना नोटिस जारी करूंगा। हम उन्हें सिर्फ यहां बुला रहे हैं।

कोर्ट ने 22 अप्रैल को रामदेव को हमदर्द और उसके प्रमुख उत्पाद रूहअफजा को निशाना से रोका था और हलफनामा दाखिल को कहा था।
कुछ दिन पहले रामदेव ने पतंजलि का गुलाब शरबत लॉन्च करते हुए कहा था, एक कंपनी है जो आपको शरबत देती है, लेकिन इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल मदरसे और मस्जिद बनाने में किया जाता है।

अगर आप वह शरबत पिएंगे तो मदरसे और मस्जिदें बनेंगी। लेकिन अगर पतंजलि का गुलाब शरबत पिएंगे तो गुरुकुल, आचार्य कुलम, पतंजलि विश्वविद्यालय का विस्तार होगा और भारतीय शिक्षा बोर्ड बढ़ेगा। जैसे लव जिहाद है, यह भी एक तरह का शरबत जिहाद है।

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जातीय जनगणना के लिए सरकार ने शुरू की तैयारी, एआई का भी होगा इस्तेमाल

नईदिल्ली,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत में एक बार फिर जाति जनगणना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. दरअसल केंद्र सरकार की ओर से ये साफ कर दिया गया है कि देश में जाति जनगणना करवाई जाएगी. सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को वर्ष 2026 तक पूरा करने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी आई है कि सरकार ने जाति जनगणना की शुरुआत कर दी है. इसके तहत जनगणना को पूरी तरह डिजिटल रखा जाएगा और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का भी इस्तेमाल होगा.

सूत्रों की मानें तो जाति की जनगणना के लिए जिओ फेंसिंग का इस्तेमाल होगा. दरअसल जियोफेंसिंग आभासी भौगोलिक क्षेत्र बनाने की क्रिया है जो जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने पर एक खास तरह की कार्रवाई को ट्रिगर करता है.

बताया जा रहा है कि इस तरह की तकनीक के जरिए सरकार जाति जनगणना में इस्तेमाल करेगी ताकि डाटा ज्यादा से ज्यादा सटीक हो.

यही नहीं सूत्रों की मानें तो जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम भी बनाए जाने की जानकारी है. बता दें कि अब तक एससी, एसटी का ही कॉलम होता था. लेकिन लंबे वक्त से इसकी मांग की जा रही थी कि ओबीसी के लिए अलग कॉलम बनाया जाए. माना जा रहा है कि इस बार ओबीसी का कॉलम भी शामिल होगा.

यही नहीं इसके साथ ही ओबीसी की उपजाति के कलाम पर अभी विचार चल रहा है. सबकुछ सही रहा तो इस बार ओबीसी के साथ-साथ उपजाति के लिए भी अलग कॉलम बनाया जाएगा.

जाति जनगणना के दौरान सरकार की ओर से तैयार करीब 32 सवालों का क्वेश्चनर होगा जिसके जवाब  जनगणना सर्वे के दौरान देना होंगे. इसी के जरिए सामाजिक और आर्थिक स्थिति तय की जाएगी.

इसके अलावा रजिस्टर जेनरल ऑफ इंडिया जल्द ही प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.  इन अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया आएगा. ट्रेनिंग के बाद यह अधिकारी आगे की प्रक्रिया को अंजाम देंगे.

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पहलगाम पहुंचे एनआईए डीजी सदानंद दाते, बैसरन घाटी का करेंगे दौरा

श्रीनगर,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम में बीते 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक सदानंद दाते जम्मू-कश्मीर के पहलगाम पहुंच गए हैं। सदानंद दाते उस जगह भी जाएंगे, जहां आतंकियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

दरअसल, एनआईए ने बीते दिनों जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद एनआईए की टीम पहलगाम स्थित घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में जुट गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीमें आतंकियों के हमले के तरीके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके की बारीकी से जांच कर रही हैं।

बैसरन घाटी में हुए इस हमले को कश्मीर के सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। एनआईए की टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा था।

एनआईए के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी की निगरानी में जांच चल रही है। ये टीमें आतंकियों के प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच कर रही हैं, ताकि यह समझा जा सके कि हमलावर कैसे आए और कहां से भागे।

फोरेंसिक विशेषज्ञों और अन्य जांच एजेंसियों की मदद से घटनास्थल की गहन छानबीन की जा रही है। इसका मकसद इस आतंकी साजिश का पर्दाफाश करना है, जिसने इतनी बड़ी त्रासदी को अंजाम दिया।

इस बीच, जम्मू-कश्मीर से लौटे पर्यटक श्रीजीत रमेशन ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुई आतंकी घटना के संबंध में एनआईए जांच में सहयोग करेंगे।

श्रीजीत रमेशन ने 26 अप्रैल को दावा किया था कि उनके पास एक वीडियो है, जिसमें दो आतंकवादी दिखाई दिए थे। इस बारे में उनसे एनआईए की टीम ने संपर्क किया है।

इससे पहले केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोडऩे का आदेश जारी कर दिया था।

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सभी सरकारें श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं : मायावती

लखनऊ,01 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि सभी सरकारें भी मजदूरों और श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं।

बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज के आधुनिक युग में जब सरकारी स्तर पर भी व्यवसायीकरण अपने चरम पर है और श्रम, श्रमिकों व मजदूरों के महत्व को अत्यंत कम करके आंके जाने की परंपरा है, किंतु उस वर्ग का हर स्तर पर शोषण जारी रहने के कारण मजदूर दिवस का उद्देश्य व भूमिका हमेशा की तरह आज भी प्रासंगिक व आवश्यक।

उन्होंने आगे लिखा, अत: देश के करोड़ों मजदूरों व श्रमिक वर्ग में भी खासकर महिला समाज को, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की बधाई एवं उन्हें अपने मानवीय हक के लिए लगातार संघर्ष करते रहने में सफलता की शुभकामनाएं। सभी सरकारें भी मजदूरों व श्रमिक वर्गों के प्रति अपना संवैधानिक दायित्व जरूर निभाएं।

इससे पहले मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार के जाति जनगणना कराने का फैसले का स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा था, देश में मूल जनगणना के साथ ही ‘जातीय जनगणना’ कराने का केंद्र सरकार द्वारा आज लिया गया फैसला काफी देर से उठाया गया सही दिशा में कदम। इसका स्वागत। बीएसपी इसकी मांग काफी लंबे समय से करती रही है। उम्मीद है कि सरकार ‘जनगणना से जनकल्याण’ के इस फैसले को समय से जरूर पूरा कराएगी।

बता दें कि 1 मई को अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। इस दिन मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागृत करना है। इसके साथ उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित करना है। इस मजदूर दिवस के मौके पर आप भी विश्व भर के सभी श्रमिकों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करें। इस मौके पर लोग मजदूरों के बीच जाकर मजदूर दिवस को खास तरीके से मनाते हैं।

इसे मई दिवस या श्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह दिन मजदूरों और श्रमिक आंदोलन के योगदान को एक उत्सव के तौर पर मनाते हैं। इस दिन विश्व भर के मेहनतकश और मजदूरों और उनके आंदोलन को याद किया जाता है।

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‘बांदी’ का लोकार्पण संपन्न

01.05.2025 – एस जी एस एच पब्लिकेशंस (मुंबई) द्वारा प्रकाशित उपन्यास ‘बांदी-द केयर टेकर’ का लोकार्पण फिल्म जगत के चर्चित शख्सियत चंद्रशेखर पुसालकर द्वारा गोरेगांव (मुंबई) स्थित दादा साहेब फाल्के चित्र नगरी परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान फिल्म निर्माता ललित आर्या और फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया।

इस उपन्यास के लेखक रांची ( झारखंड ) के वरिष्ठ अधिवक्ता कफ़ीलूर रहमान हैं जिन्होंने इस उपन्यास के पूर्व ‘अर्धनारी – द पेन ऑफ ट्रांस वुमन’ को लिखा है।

इस उपन्यास में लेखक ने संस्कारी पत्नी की खोज में भटक रहे पति की व्यथा और इसी क्रम में उसके जीवन में एक बांदी/ दासी आ जाने के बाद, जीवन में आए उतार चढ़ाव को बड़े ही कलात्मक ढंग से चित्रित किया है और इसी वजह से रोमांस, रोमांच, थ्रिल और सस्पेंस से भरपूर इस उपन्यास का पन्ना दर पन्ना पाठकों के जिज्ञासा को आगे बढ़ाता है।

बकौल लेखक कफ़ीलूर रहमान इस उपन्यास पर आधारित एक फीचर फिल्म के निर्माण की घोषणा बहुत जल्द ही की जाएगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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नई मुसीबत में मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन

2000 करोड़ के घोटाले में एसीबी ने दर्ज की एफआईआर

नई दिल्ली ,30 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कथित शराब नीति घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर चल रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

आम आदमी पार्टी  के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं पर अब सरकारी स्कूलों में नए क्लासरूम के निर्माण से जुड़े कथित घोटाले को लेकर नया केस दर्ज किया गया है। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (्रष्टक्च) ने इस मामले में 2000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है और तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

एसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान कुल 12,748 कक्षाओं और भवनों के निर्माण में लगभग 2,000 करोड़ रुपये का एक बड़ा घोटाला सामने आया है।

एसीबी का आरोप है कि 75 साल तक चलने वाली आरसीसी कक्षाओं के निर्माण के समान लागत पर केवल 30 साल की अनुमानित उम्र वाली अर्ध-स्थायी संरचना ( – स्क्कस्) वाली कक्षाओं का निर्माण किया गया। एसीबी का दावा है कि स्क्कस् निर्माण अपनाने से स्पष्ट रूप से कोई वित्तीय लाभ नहीं हुआ, बल्कि लागत अनावश्यक रूप से बढ़ाई गई।

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अनुसार, परियोजना को कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ खास ठेकेदारों को दिया गया था। परियोजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण विचलन और लागत में अत्यधिक वृद्धि देखी गई, जबकि निर्धारित समय अवधि के भीतर एक भी काम पूरा नहीं हो सका।

एसीबी ने यह भी कहा है कि परियोजना के लिए उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना सलाहकार और आर्किटेक्ट नियुक्त किए गए और उनके माध्यम से निर्माण लागत को बढ़ाया गया।

केंद्रीय सतर्कता आयोग (ष्टङ्कष्ट) की मुख्य तकनीकी परीक्षक रिपोर्ट में भी इस परियोजना में कई विसंगतियों और अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया था, लेकिन आरोप है कि इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट को लगभग तीन साल तक दबाए रखा गया। एसीबी ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत मामला दर्ज करने की आवश्यक अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

गौरतलब है कि भाजपा नेता हरीश खुराना, कपिल मिश्रा और नीलकंठ बख्शी सहित कई नेताओं ने पहले भी सरकारी स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में भ्रष्टाचार के बारे में शिकायतें दर्ज कराई थीं। एसीबी ने अपने बयान में कुछ और विशिष्ट आरोप लगाए हैं।

उनके अनुसार, टेंडर के मुताबिक एक स्कूल कमरे के निर्माण की एकमुश्त लागत लगभग 24.86 लाख रुपये प्रति कमरा थी, जबकि दिल्ली में आमतौर पर ऐसे कमरे लगभग 5 लाख रुपये प्रति कमरे में बनाए जा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, यह भी आरोप लगाया गया है कि परियोजना कुल 34 ठेकेदारों को दी गई थी, जिनमें से अधिकांश कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए बताए जाते हैं।

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पाकिस्तानी अथॉरिटी की शरारत, 2 घंटे तक नहीं खोला इमीग्रेशन गेट

अटारी बॉर्डर पर लगी वाहनों की लंबी कतारें

अमृतसर ,30 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा की गई सख्त कार्रवाई का असर अब भारत-पाकिस्तान की अटारी सीमा पर दिखाई दे रहा है।

भारत द्वारा वीजा रद्द किए जाने के बाद पाकिस्तान लौट रहे पाकिस्तानी नागरिकों को आज अटारी सीमा पर पाकिस्तानी अथॉरिटीज की ‘शरारत’ के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तानी इमीग्रेशन गेट देर से खोले जाने के कारण भारतीय सीमा में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

दरअसल, पहलगाम आतंकी हमले में 26 भारतीयों की मौत के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे।

इन सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 29 अप्रैल तक भारत छोड़कर अपने वतन लौट जाने का निर्देश दिया गया था। इसी क्रम में ये नागरिक अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान लौट रहे थे।

लेकिन आज अटारी सीमा पर उस समय अप्रत्याशित स्थिति बन गई, जब पाकिस्तान की ओर से इमीग्रेशन गेट समय पर नहीं खोले गए। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी अथॉरिटीज ने गेट खोलने में जानबूझकर देरी की और करीब 2 घंटे की देरी से, दोपहर 12 बजे के आसपास ही गेट खोले गए।

इस देरी के कारण भारतीय सीमा के अंदर, अटारी चेकपोस्ट की ओर पाकिस्तान जाने वाले वाहनों और यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। जम्मू-कश्मीर पुलिस जिन पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर आई थी, उनकी बस भी भारतीय बैरिकेड के अंदर तो आ गई, लेकिन पाकिस्तानी गेट बंद होने के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। भीषण गर्मी और धूप में लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा।

भारतीय अधिकारियों ने इस देरी को पाकिस्तानी अथॉरिटीज की ओर से एक तरह की जानबूझकर की गई कार्रवाई माना है, जिसका उद्देश्य वीजा रद्द होने के बाद लौट रहे पाकिस्तानी नागरिकों और भारतीय पक्ष को परेशान करना हो सकता है।

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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का नए सिरे से गठन, पूर्व रॉ चीफ बने चेयरमैन

नई दिल्ली ,30 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का नए सिरे से गठन किया है। पूर्व रॉ चीफ आलोक जोशी को इसका चेयरमैन बनाया गया है। पूर्व पश्चिमी वायु सेना कमांडर एयर मार्शल पीएम सिन्हा, पूर्व दक्षिणी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके सिंह और रियर एडमिरल मोंटी खन्ना सैन्य सेवाओं से सेवानिवृत्त अधिकारियों को इस बोर्ड में शामिल किया गया है।

राजीव रंजन वर्मा और मनमोहन सिंह भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त दो सदस्य है।बी वेंकटेश वर्मा सात सदस्यीय बोर्ड में सेवानिवृत्त आईएफएस हैं। जोशी ने 2012 से 2014 तक रॉ के प्रमुख के रूप में काम किया था। खुफिया क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को खूब सराहा जाता है।उनकी अगुवाई में बोर्ड का मुख्य काम सरकार को सलाह देना है। इसके साथ यह बोर्ड आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी राय दे सकता है.

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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

मृतकों के परिवारों को 50 लाख की सहायता

मुंबई ,29 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। इसके साथ ही इन परिवार के बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास करने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि शहीद संतोष जगदाले के परिवार की बेटी को सरकारी नौकरी प्रदान करने के लिए उन्होंने पहले ही चर्चा की थी। आज मंत्रिमंडल की बैठक में अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए उन्होंने इस निर्णय को औपचारिक रूप से घोषित किया।

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आर्थिक सहायता के तहत प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, शहीदों के बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी, जिसमें मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति शामिल हैं।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हमारे शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके परिवारों की हर संभव मदद करना हमारा कर्तव्य है।
बीते दिनों मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए कौस्तुभ गणबोटे और संतोष जगदाले के परिजनों से मुलाकात की थी।

वहीं शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस नेताओं के हालिया बयानों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान सुनकर लगता है कि ये लोग भारत का खाना खाते हैं और गीत किसी और का गाते हैं। ऐसे बयान पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश हैं।

कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद अब कांग्रेस का नाम बदलकर पाकिस्तान नेशनल कांग्रेस रख देना चाहिए। यह बयान पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश है। कांग्रेस का एक भी नेता मृतकों के घर नहीं गया। विजय वडेट्टीवार को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। मैं मांग करता हूं कि वडेट्टीवार को पाकिस्तान भेज देना चाहिए।

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लश्कर-ए-पाकिस्तान कांग्रेस की विचारधारा बन गई है सर तन से जुदा – गौरव भाटिया

नई दिल्ली ,29 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर फोटो शेयर करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को गायब दिखाए जाने पर राजनीति तेज हो गई है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि देश में एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल है, जो हमारे बीच है, लेकिन अगर हम उन्हें लश्कर-ए-पाकिस्तान कांग्रेस कहें तो गलत नहीं होगा।

मैं यह बात बहुत भारी मन से कह रहा हूं कि यह फोटो कांग्रेस के सत्यापित हैंडल से पोस्ट की गई है और दुश्मन देश पाकिस्तान को बहुत बड़ा संदेश दिया गया है कि भारत में मीर जाफर के समर्थक मौजूद हैं।

सर तन से जुदा आज लश्कर-ए-पाकिस्तान कांग्रेस की विचारधारा बन गई है। राहुल गांधी के निर्देश पर ऐसे पोस्ट किए जाते हैं, जिससे देश शर्मिंदा होता है। ऐसे संवेदनशील समय में भारत को कमजोर करने की लश्कर-ए-पाकिस्तान कांग्रेस की यह कोशिश है।

गौरव भाटिया ने आगे कहा कि वे पाकिस्तान को संकेत दे रहे हैं कि इस आतंकवादी हमले में कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान के साथ खड़ी है, न कि अपने देश के साथ। यह कांग्रेस पार्टी की ओर से किया गया कोई मासूम पोस्ट नहीं है।

यह हमारे देश की अखंडता को कमजोर करने और देश के प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने की एक भयावह और जहरीली साजिश है।

उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय मूल के लोग पाकिस्तान के दूतावास और उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। लंदन में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन के दौरान उनका अधिकारी बालकनी से बाहर आता है और इशारा करता है कि हम भारतीयों का सिर काट देंगे।

यह संकेत कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी के एंटीना में कैद हुआ। उसी तरह की तस्वीर यहां प्रधानमंत्री के लिए पोस्ट की गई है। तो क्या यह कहना गलत है कि कांग्रेस कह रही है कि हम पाकिस्तान के साथ हैं?

गौरव भाटिया ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवादियों का पूरी तरह सफाया कर दिया जाएगा और उनके आकाओं और आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों को ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि वे इसे जीवन भर याद रखेंगे।

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ट्रेन में वेटिंग टिकट पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर

जान लें नहीं तो परेशानी में पड़ जाएंगे

नई दिल्ली ,29 अपै्रल(एजेंसी)। ट्रेन से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। भारतीय रेलवे 1 मई से कंफर्म टिकट वाले यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए वेटिंग टिकट पर स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करने वालों पर सख्ती बरतने जा रहा है।

नए नियमों के तहत, यदि किसी यात्री के पास वेटिंग टिकट है, तो उसे केवल जनरल क्लास (अनरिजर्व्ड कोच) में ही यात्रा करने की अनुमति होगी। आईआरसीटीसी से ऑनलाइन बुक की गई वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद अपने आप रद्द हो जाती है, लेकिन कई यात्री काउंटर से वेटिंग टिकट लेकर आरक्षित डिब्बों में यात्रा करने का प्रयास करते हैं, जिससे कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को असुविधा होती है।

1 मई से नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा। यदि कोई यात्री वेटिंग टिकट के साथ स्लीपर या एसी कोच में पाया जाता है, तो टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) उस पर नियमानुसार जुर्माना लगा सकता है या उसे जनरल कोच में भेज सकता है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने पुष्टि की है कि यह कदम कंफर्म टिकट वाले यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने बताया कि वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के आरक्षित कोच में प्रवेश करने से न केवल सीटों पर कब्जे को लेकर विवाद होता है, बल्कि डिब्बों में अनावश्यक भीड़ भी बढ़ती है, जिससे यात्रियों की आवाजाही बाधित होती है और यात्रा कष्टदायक हो जाती है।

रेलवे का कहना है कि इस सख्ती के बाद केवल उन्हीं यात्रियों को स्लीपर और एसी कोच में यात्रा की अनुमति मिलेगी जिनके पास कंफर्म टिकट होगा, जिससे ट्रेनों में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। ऐसे में, अगर आप अक्सर वेटिंग टिकट पर यात्रा करते हैं, तो अब आपको अपनी यात्रा की योजना अधिक सावधानी से बनानी होगी।

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पहलगाम अटैक पर बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी सेना से जुड़े हैं तार

हमला करने वाला आतंकी पहले था SSG कमांडो

नई दिल्ली 29 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि हमले में शामिल एक पाकिस्तानी आतंकवादी का संबंध पाकिस्तानी सेना से रहा है। पहलगाम नरसंहार में शामिल इस आतंकी की पहचान हाशिम मूसा के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का पूर्व पैरा कमांडो था।

 रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाशिम मूसा को पाकिस्तानी सेना द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया था और उसे अब आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा गया। सूत्रों का कहना है कि मूसा का मिशन स्थानीय और विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों पर हमले कर दहशत फैलाना था।

हालांकि, भारतीय सेना या सरकार की ओर से इस बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि पाकिस्तान की स्पेशल फोर्सेज और आतंकी संगठनों के बीच गठजोड़ के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पहले सामने आए तीन संदिग्ध आतंकवादियों के स्केच में से एक हाशिम मूसा का बताया जा रहा है। फिलहाल, सुरक्षाबलों की ओर से मूसा और उसके साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।

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नियंत्रण रेखा पर फिर गोलीबारी, सेना ने पाकिस्तान को दिया मुंहतोड़ जवाब

जम्मू 28 April,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): आतंकवाद पर हो रहे प्रहार से घबराया पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी करने से बाज नहीं आ रहा है। 27-28 अप्रैल की रात पाकिस्तान की सेना ने एक बार फिर से नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी की है।

बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की सेना ने अब नियंत्रण रेखा के उस पार से कुपवाड़ा और पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में फायरिंग की है। भारतीय सेना ने जवाबी फायरिंग करते हुए पाकिस्तान को इस गोलीबारी का करारा जवाब दिया है।

गौरतलब है कि आतंकवादियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई से घबराए पाकिस्तान ने शुक्रवार से नियंत्रण रेखा पर फायरिंग शुरू की है। इससे पहले 26-27 अप्रैल की रात को पाकिस्तान की सैन्य चौकियों से तुतमारी गली और रामपुर सेक्टर के सामने के इलाकों में गोलीबारी की गई थी, जिसका सेना ने माकूल जवाब दिया था।

सेना के मुताबिक 27-28 अप्रैल की रात को, पाकिस्तानी सेना की चौकियों ने कुपवाड़ा और पुंछ जिलों के अपोजिट क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा के पार से बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू कर दी।

भारतीय सैनिकों ने तुरंत और प्रभावी ढंग से इसका जवाब दिया। पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा के पार से बिना किसी उकसावे के यह फायरिंग की जा रही है। अब तक की गई फायरिंग में छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई है। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना ने भी उचित छोटे हथियारों से गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है।

पाकिस्तान की सेना पिछले चार दिनों से नियंत्रण रेखा के उस ओर से गोलीबारी कर रही है। भारतीय सेना ने हर बार इसका त्वरित व कड़ा जवाब दिया है। गोलीबारी का यह सिलसिला पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद शुरू हुआ है।

इस माहौल में रविवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। रक्षा मंत्री व जनरल अनिल चौहान की यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली।

माना जा रहा है कि इस दौरान आतंकवाद के खात्मे को लेकर जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री को सैन्य रणनीति व तैयारियों से अवगत कराया है। यह मुलाकात दिल्ली में रक्षा मंत्री के आवास पर हुई।

वहीं रविवार को ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी भी गृह मंत्रालय पहुंचे थे। गृह मंत्रालय ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियान पर चर्चा की है। माना जा रहा है कि बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल ने यहां गृह मंत्रालय में सीमावर्ती क्षेत्रों के मौजूदा हालात की जानकारी साझा की है।

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