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एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर एक महीने में लगाया जाए पूर्ण प्रतिबंध : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण और शिकायत तंत्र बनाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) की धारा पांच के तहत यह निर्देश जारी किए हैं, ताकि जुर्माना लगाया जा सके और अन्य राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए।

जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हमने दिल्ली तथा एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान तीन अप्रैल को आदेश जारी कर निर्देश दिए थे।

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर व्यक्ति एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता और सड़कों-गलियों में काम करने वाले लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।

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एसवाईएल नहर विवाद का समाधान मिलजुलकर निकालें पंजाब-हरियाणा सरकार : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हरियाणा और पंजाब के बीच एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक कैनाल) नहर विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा कि दोनों राज्य सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए केंद्र का सहयोग करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर समाधान नहीं निकला तो पीठ इस मामले पर 13 अगस्त को सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से एएसजी ने कहा कि जल शक्ति मंत्री ने बैठक की और जल बंटवारे पर विचार करने के लिए समिति गठित की गई है। दोनों राज्यों के मुख्य सचिव समिति के अध्यक्ष हैं और 1 अप्रैल 2025 को इस मामले में एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया गया है।

इस पर हरियाणा सरकार के वकील श्याम दीवान ने कहा कि बातचीत से कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जहां तक नहर के निर्माण की बात है, तो हरियाणा ने अपने इलाके का काम पूरा कर लिया है। एक अहम मुद्दा है कि पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा कि डिक्री अतिरिक्त पानी के लिए थी, लेकिन नहर का निर्माण अभी होना बाकी है। हरियाणा को अतिरिक्त पानी मिलना चाहिए या नहीं, यह मुद्दा ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की तरफ से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि हमने मध्यस्थता के लिए प्रयास किए थे।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में कहा गया है कि दोनों मध्यस्थता के लिए सहमत हो गए हैं। वहीं, हरियाणा के वकील ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि हम सहयोग नहीं करने जा रहे हैं, इसलिए वार्ता विफल हो गई है।

साल 2016 से हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ। दरअसल, हरियाणा और पंजाब के बीच पानी का विवाद बहुत पुराना है। एसवाईएल विवाद 1966 में हरियाणा के पंजाब से अलग होने के बाद 1981 के जल-बंटवारे समझौते से जुड़ा है। हरियाणा में खेतों की सिंचाई के लिए पानी की बेहद कमी थी। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच जल संधि हुई थी।

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योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश

लखनऊ ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 1,600 मेगावाट क्षमता की तापीय परियोजना से कुल 1,500 मेगावाट ऊर्जा बिड प्रॉसेस के माध्यम से 25 वर्षों तक खरीदने का निर्णय लिया गया है।

बिडिंग प्रक्रिया में सबसे कम टैरिफ दर (5.38 रुपए प्रति यूनिट) की पेशकश करने वाली निजी कंपनी को परियोजना के लिए चुना गया है। इससे यूपी पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) को 25 वर्षों में लगभग 2,958 करोड़ रुपए की बचत होगी।

योगी सरकार की इस नई पहल से उत्तर प्रदेश को साल 2030-31 से 1,500 मेगावाट बिजली बेहद सस्ती दर पर मिलने लगेगी। यह नई परियोजना मौजूदा और आगामी तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं ज्यादा किफायती है, जहां जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर, पनकी जैसी परियोजनाओं से बिजली 6.6 रुपए से लेकर 9 रुपए प्रति यूनिट तक मिल रही है, वहीं डीबीएफओओ के तहत प्रस्तावित इस परियोजना के तहत 2030-31 में प्लांट के कमीशन होने के बाद बिजली सिर्फ 6.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा की मांग को पूरा करने और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने कुछ ऊर्जा बिडिंग प्रोसेस से खरीदने का निर्णय किया है। उसी कड़ी में 1,600 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर हम आगे बढ़े हैं। हमारी शर्त थी कि जब प्लांट उत्तर प्रदेश में लगेगा तभी बिजली खरीदेंगे। प्रक्रिया के तहत जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन इश्यू किया था, जिसमें 7 कंपनियां आई थीं।

इनमें से 5 कंपनियों ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (फाइनेंशियल बिड) में हिस्सा लिया। पांचों कंपनियों में जिस निजी कंपनी का कोटेशन सबसे कम था, उसके साथ निगोशिएन के बाद उन्होंने फिक्स्ड चार्ज में 3.727 रुपए प्रति यूनिट और फ्यूल चार्ज में 1.656 रुपए प्रति यूनिट समेत कुल टैरिफ 5.38 प्रति यूनिट की न्यूनतम बिड पेश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसी टैरिफ पर 25 वर्षों की अवधि के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) हस्ताक्षरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसी निजी कंपनी ने पिछले साल अगस्त में महाराष्ट्र के साथ भी इसी प्रकार की प्रक्रिया की थी। उसकी अपेक्षा भी हमारी डील उससे कुछ सस्ती है। यही नहीं, इससे पहले भी हमारे बड़े पावर परचेज एग्रीमेंट्स हुए हैं, उसकी अपेक्षा भी मौजूदा डील सस्ती है।

सार्वजनिक क्षेत्र के जो हमारे पावर प्लांट्स हैं, उनकी भी बिजली का जो अनुबंध हुआ है, उनकी अपेक्षा भी यह वर्तमान प्रक्रिया की बिजली काफी सस्ती पड़ेगी। 2030-31 में जब पावर प्लांट तैयार होगा तब भी टैरिफ 6.10 रुपए पड़ेगा, जो हमारे सार्वजनिक संयंत्रों की बिजली से सस्ता होगा।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी। इसके साथ ही 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है। तापीय ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए डीबीएफओओ मॉडल के तहत बिड प्रक्रिया शुरू की गई।

यह तापीय परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 में शुरू हो जाएगी। इससे न सिर्फ बेस लोड ऊर्जा की जरूरत पूरी होगी, बल्कि राज्य में उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को भी स्थिर और सस्ती बिजली मिल सकेगी।

डीबीएफओओ यानी डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें निजी कंपनी परियोजना का निर्माण, वित्त पोषण, स्वामित्व और संचालन खुद करती है। सरकार सिर्फ कोयला लिंकेज देती है और बिजली खरीदती है।

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गृह मंत्रालय ने बढ़ाई मॉक ड्रिल की रेंज 244 नहीं,अब 295 जिलों में नागरिकों को दी जाएगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ लगातार बढ़ रहे तनाव और संभावित खतरों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कल, बुधवार को देश के 295 जिलों में एक बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का फैसला किया है। शुरुआत में यह संख्या 244 बताई गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 295 कर दिया गया है।

यह संख्या में बदलाव इसलिए हुआ है क्योंकि साल 2010 के बाद हुए जिलों के पुनर्गठन और नए जिलों के बनने से सिविल डिफेंस के लिए तैयार जिलों की संख्या में 51 का इजाफा हुआ है। इसी के मद्देनजर अब 295 जिलों में यह मॉक ड्रिल कराई जा रही है।

यह अभ्यास पांच दशकों से भी अधिक समय के बाद इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले आखिरी बार साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ही इतने बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी युद्ध से पहले का अब तक का सबसे बड़ा मॉक ड्रिल साबित हो सकता है।

इस विशाल मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न संगठन और स्वयं सहायता समूह भी अपने-अपने स्तर पर भाग ले रहे हैं। इसके लिए उन्होंने संबंधित स्थानीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों को सूचित कर दिया है।

इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी अपने सांसदों से इस ड्रिल में आम नागरिक के तौर पर हिस्सा लेने का आग्रह किया है। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य भी इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति, खासकर हवाई या आतंकी हमले की सूरत में, नागरिकों और संबंधित एजेंसियों की तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र को परखना और सुधारना है।

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कांग्रेस देश की मर्यादा खत्म कर रही है : शाहनवाज हुसैन

पटना ,05 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस नेता अजय राय की राफेल को लेकर की गई टिप्पणी को शर्मनाक बताया है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस देश की मर्यादा को खत्म कर रही है।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश में विदेशी मुद्दे पर एक रहने की बात है, लेकिन कांग्रेस उस मर्यादा को तोड़ रही है। पहले चरणजीत सिंह चन्नी कुछ कहते हैं और अब अजय राय राफेल विमान को खिलौना बताकर मिर्ची-नींबू टांग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब भारत के लोग कांग्रेस पर मिर्ची, नींबू टांग देंगे, यह बात कांग्रेस को याद रखनी चाहिए।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा नेता और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन की बैठक को लेकर कहा कि यह कितनी भी बैठकें कर ले, कोई फर्क पडऩे वाला नहीं है। इंडिया ब्लॉक नाम की चीज अब धरती पर ही नहीं है, यह तो समाप्त हो गया है।

भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में चुनाव आया है, तो कुछ लोग इक_े हो गए हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकलने वाला है। महागठबंधन की हार तय है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की जीत तय है।

उन्होंने कहा कि जब चुनाव आता है तो कांग्रेस के नेताओं को बिहार की याद आती है, चुनाव समाप्त होने के बाद बोरिया बिस्तर लपेट के फिर चले जाते हैं। दिल्ली में कांग्रेस को शून्य मिला था, यहां भी शून्य मिलेगा।

कांग्रेस के बड़े नेताओं के लगातार बिहार दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि रणदीप सुरजेवाला जब हरियाणा में ही रिजल्ट नहीं ला पाए, तो बिहार में क्या लाएंगे? उन्होंने कहा कि एनडीए में सीट बंटवारे को किसी प्रकार के विवाद को नकारते हुए कहा कि हम लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा और जीतेगा।

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बिहार दौरे पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उनका काम लोगों को भड़काना है। चुनाव आएगा, लोगों को भड़काएंगे और चले जाएंगे। वे भड़काऊ भाई जान हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की खारिज

नई दिल्ली ,05 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस के बारे में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि हमारे कंधे चौड़े हैं और हम याचिका पर विचार नहीं करना चाहते।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर रिट याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट और सीजीआई संजीव खन्ना पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दुबे पर अवमानना कार्यवाही करने की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान सीजीआई ने कहा- हमारे कंधे मजबूत हैं, हम याचिका पर विचार नहीं करना चाहते हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि यह अदालत और जजों की गरिमा का सवाल है। याचिका में विशाल तिवारी ने निशिकांत दुबे के बयान को कोर्ट के लिए अपमानजनक और निंदनीय बताया था। पीठ ने याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर कहा कि हम फिलहाल कोई दलील या बहस नहीं सुनना चाहते लेकिन हम एक शॉर्ट ऑर्डर पास करेंगे।

वकील विशाल तिवारी की तरफ से दाखिल याचिका में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान को न्यायपालिका के लिए अपमानजनक और निंदनीय बताया गया है। साथ ही याचिका में उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में भड़की हिंसा के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, अगर सुप्रीम कोर्ट कानून बनाता है तो संसद को बंद कर देना चाहिए।

हालांकि, भाजपा ने सांसद निशिकांत दुबे और पार्टी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट और देश के मुख्य न्यायाधीश पर दिए गए बयान से किनारा कर लिया था।

पार्टी ने उनके बयानों को उन नेताओं की व्यक्तिगत राय करार दी थी और ऐसी टिप्पणियों से बचने का निर्देश जारी किया था।

वहीं, जस्टिस बीआर गवई ने एक अन्य याचिका की सुनवाई के दौरान कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के आरोप को लेकर बड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, हम पर आरोप लग रहा है कि हम कार्यपालिका के अधिकारों में दखल दे रहे हैं।

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योगी सरकार की बड़ी सफलता, राशन कार्ड वितरण में प्रयागराज ने मारी बाजी

लखनऊ ,05 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गरीबों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत योगी सरकार एक-एक पात्र गरीब को चिन्हित कर राशन कार्ड जारी कर रही है।

प्रदेश में अंत्योदय कार्ड लाभार्थियों की संख्या 1.29 करोड़ से अधिक है। अब तक प्रदेश में 3.16 करोड़ से अधिक परिवारों के सामान्य राशन कार्ड और 40.73 लाख से अधिक परिवारों के अंत्योदय राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाना है और इसके लिए अभियान चलाकर पात्रता की पहचान की जा रही है।

खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, राशन कार्ड वितरण में प्रयागराज जिला सबसे आगे है। इस जिले में 9,34,677 सामान्य राशन कार्ड और 40,29,226 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर सीतापुर जिला है, जहां 7,74,576 राशन कार्ड और 31,60,253 लाभार्थी हैं। आगरा ने तीसरा स्थान हासिल किया है, यहां 7,38,939 राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 30,80,875 लाभार्थी जुड़े हैं।

चौथे स्थान पर लखनऊ है, जहां 7,01,070 राशन कार्ड के जरिए 29,08,145 लाभार्थी जुड़े हैं, जबकि जौनपुर पांचवें स्थान पर है, जहां 6,91,216 राशन कार्ड और 30,56,416 लाभार्थी हैं। छठे स्थान पर गोरखपुर है, जहां 6,72,749 राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 26,79,692 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सातवें स्थान पर आजमगढ़ है, जहां 6,70,679 राशन कार्ड और 30,86,602 लाभार्थी हैं।

राशन कार्ड वितरण में बरेली ने आठवां स्थान हासिल किया है। यहां 6,70,677 राशन कार्ड के जरिए 29,19,581 लाभार्थियों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। वहीं, नौवें स्थान पर सिद्धार्थनगर है। यहां 5,89,160 राशन कार्ड और 16,97,709 लाभार्थी हैं, जबकि 10वें स्थान पर लखीमपुर खीरी है, जहां 5,86,592 राशन कार्ड और 23,95,374 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े योगी सरकार की इस योजना की सफलता को दर्शाते हैं।

अंत्योदय राशन कार्ड वितरण में भी कई जिले शीर्ष पर हैं। आंकड़े के अनुसार, गोरखपुर ने अत्यंत गरीबों को चिन्हित कर उनको राशन कार्ड जारी करने में बाजी मारी है। यहां 1,26,392 अंत्योदय राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 4,56,750 लाभार्थी जुड़े हैं। दूसरे स्थान पर सीतापुर है, जहां 1,11,714 अंत्योदय राशन कार्ड और 3,09,470 लाभार्थी हैं।

लखीमपुर खीरी ने तीसरा स्थान हासिल किया है, जहां 1,09,395 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,95,862 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। चौथे स्थान पर आजमगढ़ है। यहां 1,05,782 अंत्योदय राशन कार्ड के जरिए 41,4,541 लाभार्थियों को राशन का लाभ मिल रहा है। पांचवें स्थान पर बरेली में 97,996 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,97,077 लाभार्थी हैं। छठे स्थान पर प्रयागराज है, जहां 86,613 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,61,220 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।

सातवें स्थान पर सिद्धार्थनगर है, जहां 82,334 अंत्योदय राशन कार्ड से 2,46,418 लाभार्थियों को राशन मिल रहा है। अभी तक के प्राप्त आंकड़े में जौनपुर ने आठवां स्थान हासिल किया है, जिसमें 1,25,472 अंत्योदय राशन कार्ड और 4,14,788 लाभार्थी हैं। नौवें स्थान पर लखनऊ है, जहां 48,903 अंत्योदय राशन कार्ड और 1,48,216 लाभार्थी दर्ज हैं। व

हीं, अब तक के आंकड़े के अनुसार, 10वें स्थान पर फिरोजाबाद है। यहां पर 32,231 अंत्योदय राशन कार्ड और 99,599 गरीब लाभार्थी राशन का लाभ ले रहे हैं। इन जिलों ने अंत्योदय योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया है। अभी राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है।

योगी सरकार ने पात्र गरीबों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। आधार-लिंक्ड सत्यापन और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के जरिए यह प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। जिला प्रशासन को नियमित निगरानी और समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे।

राशन दुकानों को डिजिटल करने और पीओएस मशीनों के उपयोग से वितरण प्रणाली को और मजबूत किया गया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर महीने पात्र परिवारों को गेहूं, चावल, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुएं मुफ्त में मिलें।

योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या 1.29 करोड़ से अधिक है, जो सबसे गरीब परिवारों को लक्षित करती है। सरकार का मकसद है कि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में राशन वितरण को प्रभावी बनाया गया है।

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पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ 16 मई को रिलीज होगी…..!

04.05.2025 – चौहान स्टूडियोज के बैनर तले कनु चौहान द्वारा निर्मित और प्रिंस धिमान द्वारा निर्देशित पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ में अभिनेता सुनील शेट्टी एक निडर योद्धा, वेगड़ा जी की भूमिका में नजर आएंगे। इस महाकाव्य ड्रामा में वह पहली बार विवेक ओबेरॉय, सूरज पंचोली और नवोदित आकांक्षा शर्मा के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए दिखाई देंगे।

हाल ही में आयोजित ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान, दिग्गज अभिनेता ने इस फिल्म के मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए भारत के ऐतिहासिक योद्धा के बारे में एक कहानी बताने के बारे में बात की और कहा कि भारतीय योद्धाओं से जुड़ी जकारियां हमारे देश के प्रचलित पाठ्यक्रमों में शामिल नहीं की गई है जबकि औरंगजेब, अकबर और अन्य के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। मुझे लगता है कि अब उन अनकही कहानियों को बताने का समय आ गया है। दर्शक बदल गए हैं।

ऐसे कई माध्यम हैं जिनके माध्यम से ये कहानियाँ उन तक पहुँच सकती हैं। केसरी वीर में हमीरजी गोहिल की कहानी की ओर उन्हें आकर्षित करने वाली बात का खुलासा करते हुएअभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा, ‘हमारे पास 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं और प्रत्येक राज्य और प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश की अपनी कहानी है। भारतीय योद्धाओं के जीवन गाथा पर आधारित फिल्मों का निर्माण होना चाहिए ताकि भारतीय जन मानस भारतीय योद्धाओं के बारे में जान सके। पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ 16 मई को पैनोरमा स्टूडियोज द्वारा वर्ल्डवाइड रिलीज़ की जाने वाली है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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पहलगाम अटैक के 11 दिन बाद PM मोदी से मिले CM उमर अब्दुल्ला

करीब 20 मिनट तक हुई बातचीत

नई दिल्ली 04 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हाल ही में पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली औपचारिक बैठक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास पर हुई यह बैठक करीब 20 मिनट तक चली।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर के मौजूदा सुरक्षा हालात, विशेषकर पहलगाम हमले के बाद बनी स्थिति से अवगत कराया। बैठक में स्थानीय जनता की चिंताओं, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों और आतंकवाद के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार द्वारा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) की धरपकड़, संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद जैसे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब घाटी में एक बार फिर सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से यह भेंट न केवल सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग और समन्वय को भी दर्शाती है।

सूत्रों के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटन क्षेत्र को और सुरक्षित बनाने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विकास से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।

हालांकि, प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में किन विशिष्ट मुद्दों पर बात हुई, इसे लेकर मुख्यमंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आधिकारिक रूप से केवल दोनों नेताओं की मुलाकात होने की पुष्टि ही की गई है।

गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से तो मुलाकात की थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी भेंट नहीं हो पाई थी। हमले के 11 दिन बाद आज मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

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केदारनाथ के बाद बद्रीनाथ धाम के भी खुले कपाट

2 घंटे में 10 हजार श्रद्धालु मंदिर पहुंचे; सीएम धामी ने किए दर्शन

चमोली 04 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : बद्रीनाथ धाम के कपाट आज रविवार सुबह 6 बजे खोल दिए गए हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी ने गणेश पूजा के बाद मंदिर के कपाट खोले। इस दौरान लोगों की भारी भीड़ थी और महिलाओं ने लोकगीत गाए।

गढ़वाल राइफल्स के बैंड ने पारंपरिक धुनें बजाईं। इसी के साथ चारधाम यात्रा पूरी तरह से शुरू हो गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री-यमुनोत्री धाम और 2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए थे।

 बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद अगले 2 घंटे में 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु धाम पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूजन-दर्शन किए। श्रद्धालु अगले 6 महीने तक भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर पाएंगे।

3 मई को भगवान बद्रीविशाल की पालकी, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, कुबेर और उद्धव की उत्सव डोली धाम पहुंची थी।

यमुनोत्री धाम की तरह ही श्रद्धालु बद्रीनाथ मंदिर में मौजूद तप्त कुंड में स्नान करके भगवान के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बर्फीले पहाड़ों से घिरे बद्रीनाथ धाम में मौजूद तप्त कुंड में अलकनंदा नदी के जल की गर्म धारा आती है।

मान्यता है कि जो भी तप्त कुंड में स्नान कर भगवान बद्री विशाल के दर्शन करता है उसे बैकुंठ धाम प्राप्त होता है।

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जाति जनगणना को लेकर खडग़े ने कहा, समाज के सभी वर्ग के सही आंकड़े सामने आने चाहिए

कलबुर्गी ,03 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने सरकार द्वारा जाति जनगणना की बात अचानक मान लेने पर हैरानी जताते हुए कहा कि इसमें सभी वर्गों के सही आंकड़े सामने आने चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने शनिवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में जाति जनगणना के सवाल पर कहा कि इस जाति जनगणना के बारे में उन्होंने दो साल पहले पत्र लिखा था, जिसकी कॉपी उन्होंने मीडिया को भी दी थी। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी और कांग्रेस के दूसरे नेता जाति जनगणना की मांग कर रहे थे, तब कई केंद्रीय मंत्री कह रहे थे कि कांग्रेस समाज को तोडऩा चाहती है, भेदभाव फैलाना चाहती है।

पर अब उन्होंने इस विषय को मान लिया है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं मालूम कि इसके पीछे उनका मकसद क्या है? पर हम चाहते हैं कि समाज के सभी वर्ग के सही आंकड़े हर प्रकार से सामने आएं, ताकि हर वर्ग के लिए उचित लाभ और योजना बनाई जा सके।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खडग़े ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले से हम सभी को बहुत बड़ा सदमा लगा है। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में हमने कहा कि हमले में मारे गए सभी 26 लोगों के परिजनों को मुआवजा मिले और उनके पुनर्वास की व्यवस्था हो। वहीं पाकिस्तान को हमले का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की अध्यक्षता में सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई थी। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद 24 अप्रैल को सीडब्ल्यूसी की अति आवश्यक बैठक में प्रस्ताव पारित कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में और आतंकवादियों को सबक सिखाने में सरकार को सभी संभव सहयोग देने की बात कही गई थी। पर इस घटना के कई दिन बाद भी सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट रणनीति सामने नहीं आई है।

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CM श्री हेमन्त सोरेन ने किया “अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना” का शुभारंभ

* राज्य सरकार का हर एक क्षण, हर एक घड़ी जनता के लिए समर्पित

* राज्य में एक बेहतरीन लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित होगी

* समस्याओं का समाधान प्राथमिकता – श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री

देश की पहली ऐसी योजना, जिसमें राज्य के सम्मानित अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का दिया जा रहा है लाभ, लाभार्थी के अतिरिक्त उनके आश्रितों को भी इस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा।

रांची,03.05.2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)   – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज एक ऐतिहासिक दिन है। झारखंड के सम्मानित अधिवक्ताओं एवं उनके आश्रितों के लिए आज राज्य सरकार स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी सम्मानित अधिवक्ताओं की चिंताओं को कम करने का सरकार ने कार्य किया है, आपके ऊपर स्वास्थ्य से सम्बंधित जिम्मेवारियों का जो बोझ था उसे हमारी सरकार ने अपने कंधों पर लेने का प्रयास किया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम ,खेलगांव, रांची में आयोजित राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत “अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना” के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारा प्रयास है कि इस राज्य में देश का एक बेहतरीन लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित हो, इसके लिए राज्य सरकार कार्य योजना बना रही है। जल्द ही हमलोग इस दिशा में सकारात्मक कार्य करते हुए आपके बीच एक बेहतरीन लॉ यूनिवर्सिटी खड़ा करने का काम करेंगे।

हर वर्ग-समुदाय, हर उम्र के लोगों का सर्वांगीण विकास लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार की चिंताएं राज्य के हर वर्ग, हर व्यक्ति के लिए है ,चाहे वह गांव में रहता हो, शहर में रहता हो, अमीर हो, गरीब हो व्यापारी हो, नौजवान हो, छात्र-छात्राएं हो, बच्चे हो, बूढ़े-बुजुर्ग हो, सभी के लिए है। राज्य सरकार इनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रयास किया है, कि राज्य के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक समाज, प्रत्येक तबके के लोगों तक सरकार की आवाज एवं भावी योजनाएं पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य का पिछड़ा होना हम सभी के लिए काफी तकलीफ पहुंचाने वाली बात है। राज्य सरकार का प्रयास है कि राज्य के पिछड़ेपन को दूर किया जाए। इसके लिए लगातार हमारी सरकार सकारात्मक पहल करते हुए राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने का प्रयास कर रही है।

राज्य सरकार का हर एक क्षण, हर एक घड़ी जनता के लिए समर्पित

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आप लोगों के सहयोग एवं आशीर्वाद से इस राज्य को दिशा देने का अवसर हमें मिला है, इसके लिए मैं आप सभी के प्रति आभार प्रकट करता हूं। मैं आप लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि राज्य सरकार का हर एक क्षण, हर एक घड़ी इस राज्य की जनता के लिए समर्पित है। Dउन्होंने कहा कि अगर हम काम करेंगे तो स्वाभाविक रूप से लोग हमसे जुड़ेंगे। आज यही कारण है कि पूर्व की अपेक्षा वर्तमान राज्य सरकार को झारखंड की सम्मानित जनता ने और अधिक मजबूती के साथ अपना आशीर्वाद दिया है। हमारा प्रयास है कि हम राज्यवासियों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करें।

समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी के जीवन में समस्याएं और परेशानियां आती रहती है। इन समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। आज उसी क्रम में हमारी सरकार ने गांव से लेकर शहर तक हर व्यक्ति की समस्याओं का समाधान करने का हरसंभव प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अधिवक्ताओं एवं उनके आश्रितों के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार ने यह स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू किया है। राज्य में आप लोगों के लिए भी वकालत के कार्य ज्यादा से ज्यादा बेहतर कैसे हो सके, इस दिशा में हमारी सरकार कार्य योजना बनाकर आगे बढ़ रही है।

बच्चों को गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ दिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सके इस निमित्त उच्च शिक्षा के लिए गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू किया है। आप अपने बच्चों को गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ दिलाएं। अपने बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर, वकील, पत्रकार किसी भी क्षेत्र में उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो उसे गुरुजी क्रेडिट कार्ड से 15 लाख रुपए तक का ऋण आपके बच्चों को प्राप्त हो सकेगा और वह ऋण बिना किसी गारंटी प्राप्त होगा। आज के इस ऐतिहासिक दिन पर आप सभी अधिवक्ताओं को हमारी ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बधाई एवं जोहार।

इस अवसर पर मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद डॉ० महुआ माजी, विधायक श्री सुरेश कुमार बैठा, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग श्री अजय कुमार सिंह, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, निदेशक एनएचएम श्री अबु इमरान सहित कई अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं राज्य के विभिन्न क्षेत्र से पहुंचे सम्मानित अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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आतंकवाद को कुचलने के लिए कांग्रेस, भारत सरकार के साथ : प्रमोद तिवारी

नई दिल्ली ,03 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में प्रस्ताव पारित होने पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम पहले भी कह चुके हैं और आज भी कहते हैं कि हम आतंकवाद को कुचलने के लिए भारत सरकार के साथ है और उन्हें पूरा समर्थन है।

शनिवार को न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हुई आतंकी घटना को बारह दिन हो चुके हैं। मैंने कानपुर में उस पीडि़ता से मुलाकात की, जिसके सामने आतंकियों ने उसके पति को मार दिया।

आज मेरे साथ पूरा देश न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। हम इस कायरतापूर्ण कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने की मांग करते हैं।

हम दोहराते हैं कि हम आतंकवाद को खत्म करने और ऐसी घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए किसी भी कदम का पूरा समर्थन करते हैं।

जाति जनगणना पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की ओर से पीएम मोदी को लिखे पत्र पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता है कि उन्होंने क्या लिखा है। लेकिन, राहुल गांधी ने इस पर साफ तौर पर कहा है कि इसे निश्चित समयसीमा पर लागू कर देना चाहिए।

हम सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द जाति-जनगणना होनी चाहिए। विकास की मुख्यधारा से जो वर्ग पीछे छूट गया है, उसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

नींद उड़ जाएगी, कांग्रेस पर पीएम मोदी की ओर से दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुझे बहुत दुख हुआ है। मेरे दिल को चोट पहुंची है। मेरी नजर में पूर्व पीएम की जो छवि बनी हुई है, पीएम मोदी उसमें दूर-दूर तक नहीं हैं।

केरल में उन्होंने वैसा व्यवहार नहीं किया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी घटना हुई। देश आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था। ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई गई।

पूरा विपक्ष केंद्र सरकार को अपना समर्थन दे रहा था, तब पीएम मोदी बिहार के दौरे पर जाते हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि इस वक्त आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने से ज्यादा बिहार कैसे महत्वपूर्ण हो सकता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांग्रेस की नींद उड़ी हुई है, क्योंकि पहलगाम की घटना के बाद कोई चैन से सो नहीं पा रहा है। देश का बच्चा-बच्चा चाहता है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं – फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर ,03 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदमों की बात कर रहा है।

इसी बीच, जेकेएनसी नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा, हम बीते 35 साल से आतंकवाद झेल रहे हैं, अब इसे खत्म करना ही होगा। बहुत हो गया, आखिर कब तक छाती पीटते रहेंगे?

उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है और सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से कैसे निपटा जाए, यह प्रधानमंत्री अच्छी तरह से जानते हैं।

महबूबा मुफ्ती के एक बयान पर जब फारूक अब्दुल्ला से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि उनका निशाना प्रधानमंत्री पर होता है। मैं ऐसी कोई बात नहीं करूंगा। आज पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है और उम्मीद है कि वह ऐसा कदम उठाएंगे जिससे आतंकवाद का अंत हो सके।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर फारूक अब्दुल्ला ने कहा, उनसे कहिए कि थोड़ा इंतजार करें, सब्र रखने में ही सब कुछ होगा। इससे ही सब कुछ ठीक होगा।

दरअसल, चरणजीत सिंह चन्नी ने शुक्रवार को 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हुए फिर से सबूत मांगा था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में कहां हुआ था सर्जिकल स्ट्राइक? उनके इस बयान पर राजनीति तेज हो गई।

हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनके परिवार को इंसाफ चाहिए।

बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहा है।

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भारत आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा : पीएम मोदी

नई दिल्ली ,03 मई  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि भारत आतंकवाद और इसका समर्थन करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया।

हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। अंगोला के राष्ट्रपति जोआओ मैनुअल गोंकाल्वेस लौरेंको के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आतंकवाद के खिलाफ हमारे रुख में हम पूरी तरह एकजुट हैं। मैं पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए राष्ट्रपति लौरेंको और अंगोला के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा, हम आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंगोला के समर्थन के लिए उसे धन्यवाद देते हैं।

आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल – पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर गोलियां चला दी थीं। हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।

चार भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पहलगाम में क्रूर हमला किया था। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। हमलावरों में से दो पाकिस्तानी नागरिक होने की पुष्टि हुई है।

22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत सरकार ने तुरंत 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई। इस नरसंहार के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की और अटारी सीमा को बंद करने का आदेश दिया। इसके साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द कर दिए, पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों और एक्स हैंडलों पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी, उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या में और कटौती का आदेश देकर राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया, कई राजनयिकों को प्रभावी रूप से इस्लामाबाद वापस भेज दिया गया।

सीसीएस बैठक के बाद एक सख्त संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश के आक्रामक रुख को रेखांकित करते हुए कहा, हम हर आतंकवादी और उसके समर्थकों की पहचान करेंगे, उनका पता लगाएंगे और उन्हें दंडित करेंगे। हम उन्हें धरती के अंत तक खदेड़ेंगे।

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स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की मदद कर रहा , शिरगांव हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- गोवा के शिरगांव में लैराई देवी जात्रा के दौरान मची भगदड़ में 5 से ज्यादा लोगों की मौत और 30 से अधिक लोगों के घायल होने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी कर लिखा,”गोवा के शिरगांव में भगदड़ के कारण हुई मौतों से दुखी हूं। अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।

स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी” इससे पहले, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक्स पोस्ट में लिखा, “आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया, इस कठिन समय में अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की।” बता दें, यह घटना शनिवार तड़के हुई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के पीछे भीड़भाड़ एक बड़ा कारण हो सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के एक हिस्से के नियंत्रण खो देने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। स्थानीय लोगों और मंदिर के स्वयंसेवकों ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दौड़ लगाई।

यह भगदड़ उस समय हुई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में सदियों पुरानी रस्म को देखने और उसमें भाग लेने के लिए उमड़े थे, जहां आस्थावान नंगे पैर जलते अंगारों पर चलते हैं। भगदड़ तब हुई जब धार्मिक यात्रा के एक बिंदु पर ढलान के कारण भीड़ एक साथ तेजी से आगे बढ़ने लगी।

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केदारनाथ में पहले दिन 30 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

केदारनाथ 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- श्री केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद पहले ही दिन (शुक्रवार को) दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला।

पहले दिन रिकॉर्ड 30,154 तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शाम 7 बजे तक 19,196 पुरुष, 10,597 महिलाएं और 361 बच्चों सहित कुल 30,154 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में भक्तों का तांता लग गया। ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज, स्थानीय व्यापारियों और स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी प्रबंध किए गए हैं। केदारनाथ धाम, चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा है। हर वर्ष यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आकर बाबा केदार के दर्शन करते हैं। इस वर्ष यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं में जो उत्साह देखने को मिला है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

बता दें कि शुक्रवार को केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ भक्तों के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालु अब अगले छह महीनों तक बाबा केदार के दर्शन कर पाएंगे। शुक्रवार सुबह 7 बजे शुभ मुहूर्त में विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ खोले गए। मंदिर के कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।

कपाट खुलते समय आर्मी बैंड ने मधुर धुनें बजाईं। इस दौरान केदारनाथ घाटी श्रद्धालुओं के जयकारों से गूंज उठी। इस अवसर पर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग, मुख्य पुजारी वागेश लिंग, तीर्थ पुरोहित, बीकेटीसी के पदाधिकारी, स्थानीय समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।

इससे पहले, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बीते बुधवार को 11 बजकर 55 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे थे। बता दें कि यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद केदारनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। अब चार मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे।

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जम्मू-कश्मीर, गुजरात और लद्दाख में लगे भूकंप के झटके

रिक्टर पैमाने पर मापी गई इतनी तीव्रता

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर, गुजरात और लद्दाख में शुक्रवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ है।

गुजरात में रात करीब 1:10 बजे रिक्टर पैमाने पर 3.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। वहीं जम्मू-कश्मीर में 2.7 तीव्रता और लेह-लद्दाख क्षेत्र में 3.9 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही।

गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (GSDMA) के अनुसार, यह इलाका भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। बीते 200 वर्षों में गुजरात में नौ बड़े भूकंप आ चुके हैं। वर्ष 2001 में 26 जनवरी को कच्छ में आए विनाशकारी भूकंप में 13,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

भूकंप पृथ्वी की आंतरिक प्लेटों की हलचल का परिणाम होते हैं। खासकर हिमालयी क्षेत्र में भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टकराहट से इस क्षेत्र में लगातार भू-गर्भीय तनाव बनता है, जो समय-समय पर भूकंप का कारण बनता है।

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मुझे सुसाइड बम दीजिए, मैं बांधकर पाकिस्तान जाऊंगा

पहलगाम तनाव के बीच कर्नाटक के मंत्री का बयान वायरल

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या के बाद देशभर में सुरक्षा की मांग तेज हो गई है। इसी बीच कर्नाटक के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री बी.जेड. जमीर खान ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि उन्हें पाकिस्तान में हमला करने के लिए सुसाइड बम मुहैया कराया जाए।

जमीर खान ने कहा, “हम हिन्दुस्तानी हैं और पाकिस्तान हमारा शत्रु रहा है। अगर पीएम मोदी तथा अमित शाह अनुमति दें तो मैं स्वयं सुसाइड बम बांधकर पाकिस्तान जाकर हमला कर दूंगा।” उन्होंने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा करते हुए घटना को “निर्दोष नागरिकों के खिलाफ अमानवीय कृत्य” बताया और सभी भारतीयों से ऐकजुट होने की अपील की।

22 अप्रैल को बैसरन मैदान में हुए हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इसमें 26 पर्यटक मारे गए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों से कठोर कार्रवाई की मांग अब और तेज हो गई है।

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दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान का कहर, मौसम विभाग ने फिर दी चेतावनी

नई दिल्ली 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- दिल्ली, एनसीआर और उत्तर भारत के कई इलाकों में शुक्रवार को आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और गरज के साथ हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस भीषण तूफान में अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राजधानी दिल्ली में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

इसके अलावा, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 200 से अधिक उड़ानें या तो रद्द की गईं या फिर घंटों देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसम का बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है, जिससे तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की स्थिति बनी हुई है।

आज, 3 मई को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आज भी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

आगामी दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। 4 मई से 6 मई तक हर दिन तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, और इन दिनों भी “थंडरस्टॉर्म विद रेन” की चेतावनी दी गई है। 7 और 8 मई को भी बादल छाए रहेंगे और इस दिन भी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिन राहत के नहीं होंगे और जनता को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहें, पेड़ों और पुराने भवनों के पास खड़े न हों और मौसम से संबंधित अलर्ट पर ध्यान दें। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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गोवा में धार्मिक यात्रा के दौरान मची भगदड़, सात लोगों की मौत ; 40 से अधिक घायल

पणजी 03 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): गोवा के शिरगांव में लैराई देवी मंदिर में भगदड़ मचने से सात लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए। सीएम प्रमोद सावंत अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल-चाल लिया। सीएम ने अफसोस जाहिर करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे इस दर्दनाक हादसे को लेकर जानकारी ली।

सीएम ने एक्स पोस्ट पर लिखा- आज सुबह शिरगांव के लैराई जात्रा में हुई दुखद भगदड़ से मैं बहुत दुखी हूं। मैं घायलों से मिलने अस्पताल गया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा हूं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे बात की और स्थिति का विस्तृत जायजा लिया, इस कठिन समय में अपना पूरा समर्थन देने की पेशकश की।

बता दें, यह घटना शनिवार तड़के हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना के पीछे भीड़भाड़ एक बड़ा कारण हो सकता है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को घायलों का हालचाल जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के एक हिस्से के नियंत्रण खो देने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। स्थानीय लोगों और मंदिर के स्वयंसेवकों ने लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दौड़ लगाई।

भगदड़ उस समय हुई जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में सदियों पुरानी रस्म को देखने और उसमें भाग लेने के लिए उमड़े थे, जहां नंगे पैर ‘धोंड’ जलते अंगारों पर चलते हैं।

श्री लैराई यात्रा हर साल उत्तरी गोवा में आयोजित की जाती है, जिसमें 50,000 से ज़्यादा श्रद्धालु आते हैं। भगदड़ तब हुई जब धार्मिक यात्रा के एक बिंदु पर ढलान के कारण भीड़ एक साथ तेजी से आगे बढ़ने लगी।

रिपोर्ट के अनुसार, घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक अक्षत कौशल ने कहा, “श्रीगाओ में लैराई देवी मंदिर में हुई भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

” यात्रा के लिए 1,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। भीड़ की गतिविधियों पर हवाई निगरानी के लिए ड्रोन भी लगाए गए थे।

इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सावंत, उनकी पत्नी सुलक्षणा, राज्यसभा सांसद सदानंद शेट तनावड़े और विधायक प्रेमेंद्र शेट और कार्लोस फरेरा ने यात्रा का दौरा किया था।

यह मंदिर उत्तरी और दक्षिणी स्थापत्य शैली के मिश्रण के लिए जाना जाता है, यहां हर साल मई में शिरगाओ जात्रा का आयोजन किया जाता है। इस त्योहार में आग पर चलने का पारंपरिक अनुष्ठान होता है, जिसमें हजारों भक्त आते हैं।

मौलिंगम सहित आस-पास के इलाकों के ग्रामीण पूरे दिन देवी लैराई को समर्पित धार्मिक अनुष्ठानों और प्रसाद में भाग लेते हैं, जैसा कि गोवा पर्यटन वेबसाइट पर बताया गया है।

लैराई जात्रा के दौरान आधी रात के करीब आते ही, भक्त मंदिर के अंदर एक जोशीला गोलाकार नृत्य करते हैं, जिसमें ढोल की थाप के साथ ताल में लाठी टकराते हैं।

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नोएडा में बारिश बनी लोगों के लिए मुसीबत, ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

नोएडा ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव और फिसलन ने हालात और बिगाड़ दिए। इसका सीधा असर लोगों के दफ्तर जाने के समय पर पड़ा।

जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही, जिससे हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे रहा, जहां कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई और वाहन रेंगते नजर आए।

दलित प्रेरस्थल के सामने भी ट्रैफिक की स्थिति बेहद खराब रही। वहां पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे स्थानीय लोग और ऑफिस जाने वाले यात्री घंटों तक फंसे रहे। कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भी वाहनों की संख्या बढऩे से स्थिति गंभीर हो गई।

दिल्ली से नोएडा की ओर आने-जाने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के कई इलाकों, जैसे बिसरख, ईकोटेक, और टेक जोन में भी जाम की स्थिति देखने को मिली।

नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने हालात पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और ट्रैफिक को डायवर्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, भारी वाहन और जलभराव की वजह से जाम खुलवाने में परेशानी आ रही है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सामान्य से दोगुना समय लग रहा है।

कुछ लोगों ने तो मेट्रो या बाइक का सहारा लिया, जबकि कई लोग समय पर दफ्तर नहीं पहुंच सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी हो तभी यात्रा करें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था पर और दबाव पड़ सकता है।

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दिल्ली एयरपोर्ट पर तेज हवाओं से बड़ा हादसा, टर्मिनल 3 पर टिन की छत गिरी

नई दिल्ली ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे  पर आए तेज तूफान और भारी हवाओं के कारण एक हादसा हुआ है। एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर तेज हवा के दबाव के चलते टिन की छत का एक हिस्सा नीचे गिर गया।

घटना के तुरंत बाद, हवाई अड्डे पर मौजूद यात्रियों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, इस हादसे में फिलहाल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

हवाई अड्डे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गिरी हुई छत से हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, इस घटना का हवाई अड्डे के सामान्य संचालन पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है और उड़ानों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है।

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योगी सरकार की बड़ी पहल, ट्रांसजेंडर समुदाय को मिलेगा राशनकार्ड

लखनऊ  ,02 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और सामाजिक सरोकार निभाते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार अब विशेष अभियान चलाकर ट्रांसजेंडर नागरिकों को राशन कार्ड मुहैया कराएगी।

इसके तहत उन्हें पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी कर खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। खाद्य एवं रसद विभाग के निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाकर ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान की जाएगी, जो अभी तक किसी कारणवश राशन कार्ड से वंचित हैं। यह कदम समाज के इस उपेक्षित वर्ग को न केवल भोजन की सुरक्षा देगा, बल्कि उन्हें शासन की मुख्यधारा से भी जोड़ेगा।

उत्तर प्रदेश ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड ने शासन को अवगत कराया है कि राज्य में बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर नागरिक आज भी आजीविका के स्थायी साधनों से वंचित हैं। सामाजिक असमानताओं के चलते न तो उनके पास स्थायी रोजगार है और न ही राशन कार्ड जैसी बुनियादी सरकारी सुविधा। इससे वे खाद्य सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास की नीति के तहत इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए अब इन वंचित नागरिकों के लिए राशन कार्ड बनाए जाएंगे और उन्हें नियमित खाद्यान्न की आपूर्ति दी जाएगी।

खाद्य एवं रसद विभाग ने समस्त जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ट्रांसजेंडर समुदाय के सभी पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर तत्काल प्रभाव से राशन कार्ड जारी करें। राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और सरल बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रहना पड़े।

इस अभियान के अंतर्गत पात्रता की पुष्टि के उपरांत संबंधित व्यक्तियों को पात्र गृहस्थी श्रेणी में सम्मिलित कर उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभान्वित किया जाएगा।

योगी सरकार का यह कदम उनके उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत सबका साथ, सबका विकास की भावना को व्यवहार में उतारा जा रहा है। ट्रांसजेंडर समुदाय, जो अक्सर समाज की उपेक्षा का शिकार होता आया है, अब समान अधिकारों और सुविधाओं का लाभ पाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी अक्सर कहते हैं कि उत्तर प्रदेश का कोई भी नागरिक चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।

राज्य में 60 वर्ष से अधिक आयु के ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को वृद्धाश्रम की सुविधा देने का फैसला किया गया है, जिससे उन्हें न केवल आश्रय मिलेगा, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वास्थ्य जांच, भोजन और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग जैसी आवश्यक सेवाएं भी दी जाएंगी।

इसके अलावा ट्रांसजेंडर समुदाय की सुरक्षा और समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रदेश सरकार ने हर जनपद में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल की स्थापना की है। जिलाधिकारी की देखरेख में यह सेल संचालित हो रही है।

अब तक 1,067 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो रही है। साथ ही 248 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिससे वे शिक्षा की मुख्यधारा में आकर आत्मनिर्भर बन सकें।
योगी सरकार का लक्ष्य एक समावेशी समाज का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले। ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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