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रुपया 14 पैसे मजबूत

मुंबई 17 फरवरी (एजेंसी) । शेयर बाजार में जारी तेजी के साथ ही आयातकों और बैंकरों की बिकवाली की बदौलत आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 82.69 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 82.83 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

शुरुआती कारोबार में रुपया 13 पैसे की तेजी लेकर 82.70 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान बिकवाली होने से 82.59 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, लिवाली के दबाव में यह 82.73 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले दिवस के 82.83 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में 14 पैसे मजबूत होकर 82.69 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।

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देश में बढ़ेगी जस्ता मिश्रित जंगरोधी इस्पात की मांग

नयी दिल्ली 17 फरवरी (एजेंसी) । केन्द्रीय इस्पात एवं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश की विकास यात्रा में जिंक यानी जस्ते की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए गुरुवार को कहा कि देश में जस्ते के साथ मिश्रित करके जंगरोधी इस्पात बनाने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम हो रहा है।

श्री सिंधिया ने यहां अंतरराष्ट्रीय जिंक संघ (आईजेडए) ने हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) द्वारा राजधानी में वैश्विक जिंक शिखर सम्मेलन के चौथे संस्करण के उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में यह बात कही। इस सम्मेलन में सूर्य रोशनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं संसद सदस्य राजू बिष्ट आईजेडए के अध्यक्ष एवं हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा, आईजेडए के कार्यकारी निदेशक डॉ एंड्रयू ग्रीन एवं निदेशक (भारत) डॉ राहुल शर्मा, तथा उद्योग जगत के अन्य नेताओं ने ग्लोबल ट्रेंड्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, ऑटोमेटिव इंडस्ट्री, रेलवे आदि तथा टिकाऊ विकास की परियोजनाओं में जिंक के उपयोग को लेकर विचार-विमर्श किया।

भारत के सबसे बड़े गैल्वनाइजिंग शिखर सम्मेलनों में से एक, इस सम्मलेन में 100 से अधिक भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया, जिसमें मंत्रालय के अधिकारी, विचारक, जिंक उत्पादक, गैल्वनाइजऱ, गेल्वेनाइज़्ड उत्पादों के अंतिम उपयोगकर्ता, रेलवे उद्योग के अधिकारी, राजमार्ग प्राधिकरण, आर्किटेक्ट, डिज़ाइन कंसलटेंट तथा पत्रकार शामिल थे।

इस मौके पर समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि भारत दुनिया के चार सबसे बड़े जस्ता उत्पादकों में से एक है जो दुनिया के कुल जस्ते का लगभग छह प्रतिशत उत्पादन करता है जिसकी खपत घरेलू बाजार में होती है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे और भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) देश में जंगरोधी इस्पात बनाने के लिए मिल कर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जस्ता एक उत्कृष्ट जंगरोधी धातु है। हमारे जस्ते की लगभग 80 फीसदी खपत स्टील ट्यूबों, वायर्स, शीट्स, स्ट्रक्चर्स, फोस्टर वाइज मार्किट, केबल्स और ट्रेड के हॉट गैल्वनाइजिंग में होती है। इसके अलावा राजमार्ग, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे बड़े पूंजीगत व्यय वाले क्षेत्र हैं। साथ ही इस साल के बजट में लगभग 10 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय कार्यक्रम का अनुमान लगाया गया है, जिससे नए बाजार आएंगे और जो नए अवसरों की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि गैल्वेनाइज्ड स्टील न केवल जीवनकाल बढ़ाता है बल्कि यह हमारी अवसंरचना को और अधिक सुंदर एवं सुरक्षित बनाता है।

उन्होंने इस्पात उद्योग के बारे में कहा कि वर्ष 2030 तक देश में इस्पात उत्पादन को 15 करोड़ टन से दोगुना करके 30 करोड़ टन करने के लिए बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। भारत आज पहले से ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक है और वैश्विक स्तर पर जस्ते के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है जो कि देश के लिए गर्व का एक महत्वपूर्ण क्षण है। जिंक के इन पुरस्कार के साथ हम हमारी अमृत काल की इस विकास यात्रा को और आगे बढ़ाएंगे।

इस मौके पर श्री अरुण मिश्रा ने कहा,कार्बन उत्सर्जन शून्य के स्तर पर लाने की यात्रा में भारत 2070 तक देश में अधिक हरित प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक खेती, प्रदूषणरहित अवसंरचना और संबद्ध हरित सेवाओं को लागू करने को लेकर प्रेरित होगी। साथ ही जिंक पर्यावरण के अनुकूल संरचनाओं में अधिक निवेश करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्लोबल जिंक समिट के जरिये, हमारा उद्देश्य कार्यकुशलता बढ़ाने वाली सामग्री प्रणाली के रूप में जिंक के कार्यान्वयन के बारे में जागरुकता पैदा करना है। देश के लिए यह महत्वपूर्ण है कि देश के महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक ढांचे की दीर्घायु और सुरक्षा के महत्व को समझा जाए। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर जिंक की मांग को स्थायित्व और प्रमाणित जंग संरक्षण विधि के रूप में समझा जाना चाहिए।

सम्मलेन में हिंदुस्तान जिंक, टाटा स्टील, पीजीसीआईएल, क्रिसल, सूर्या रोशनी, आरआर इस्पात, इंटरनेशनल लेड-जिंक डेवलपमेंट एसोसिएशन तथा आईआईटी चेन्नई और अन्य ने भाग लिया। कार्यक्रम के दूसरे दिन ऑटोमोबाइल क्षेत्र में गैल्वनाइजिंग के महत्व पर एक समर्पित सत्र आयोजित होगा जिसमें ऑटो कंपनियों, ऑटो एक्सपर्ट्स और ऑटोमोबाइल कंपनियों को आपूर्ति करने वाले भारतीय इस्पात उत्पादकों के वक्ता अपने अपने दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे।

वैश्विक जिंक शिखर सम्मेलन में उन महिलाओं के लिए समर्पित एक विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है जो कि खनन उद्योग को चला रही हैं। अंतरराष्ट्रीय जिंक संघ का उद्देश्य जिंक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए एक अभिन्न और प्रभावी सहायक संगठन बनना है।

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अर्जुन मुंडा की कू फॉलोइंग 10 लाख के पार

नयी दिल्ली 17 फरवरी, । केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने भारत के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू पर 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया।

श्री मुंडा जून 2021 में इसमें शामिल होने के बाद से दो साल से भी कम समय में इस मुकाम तक पहुंचे हैं।  वह इस मंच पर सक्रिय हैं और आदिवासी समुदायों के लिए सशक्तिकरण और कल्याणकारी पहलों के बारे में पोस्ट करते हैं। वह बहुभाषी ‘कू’ का उपयोग करके अपने अनुयायियों के साथ उनकी मूल भाषाओं में बातचीत करते हैं, जिससे उन्हें ऐप पर आकर्षण बनाने में मदद मिली है।

‘कू’ के सह-संस्थापक एवं सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा, हमें यह जानकर खुशी हुई कि अर्जुन मुंडा जी के ‘कू’ पर एक मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हो गये हैं।

प्लेटफॉर्म के बहुभाषी कूइंग फीचर का उपयोग करते हुए, उनके लाखों अनुयायियों को अपनी पसंद की भाषा में विभिन्न विषयों पर उनके विचारों को सुनने और उनसे जुडऩे का अवसर मिला है। ‘कू’ एकमात्र ऐसा मंच है जो प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को उनकी मातृभाषा में बहुत बड़े दर्शकों तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।

प्रख्यात हस्तियों को आमतौर पर अन्य सोशल प्लेटफॉर्म की तुलना में ‘कू’ पर अधिक फॉलोअर्स मिलते हैं और यह श्री मुंडा के मामले में भी सच है। ‘कू’ ऐप 20 से अधिक वैश्विक भाषाओं में बातचीत को सक्षम बनाता है। कई नेता, प्रमुख हस्तियां और ब्रांड अपने अनुयायियों के साथ अपनी क्षेत्रीय भाषा में जुडऩे के लिए कू ऐप का उपयोग करते हैं। आज सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के कई नेता अपनी भाषा में लोगों से जुडऩे के लिए इस ऐप का उपयोग करते हैं। अठारह सौ से अधिक राजनीतिक नेता और विभिन्न क्षेत्रों के आठ हजार से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्ति ‘कू’ पर सक्रिय हैं और मंच पर लाखों लोगों से जुड़ते हैं।

‘कू’ ऐप पात्र आवेदकों को मुफ्त सम्मान प्रदान करने के लिए पारदर्शी और अच्छी तरह से परिभाषित मानदंडों का उपयोग करता है। इसके अलावा, सभी उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान प्रमाणित करने का विकल्प चुन सकते हैं। कू मार्च 2020 में लॉन्च हुआ,’कू’ दुनिया में उपलब्ध दूसरा सबसे बड़ा माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफ़ॉर्म है जो 20 से अधिक वैश्विक भाषाओं में बातचीत संभव बनाता है।

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रुपया चार पैसे कमजोर

मुंबई 16 फरवरी (एजेंसी)। आयातकों और बैंकरों की लिवाली से आज अंतरबैंकिंग मुद्र बाजार में रुपया चार पैसे कमजोर होकर 82.82 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। इसके पिछले दिवस रुपया 82.78 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

कारोबार की शुरुआत में रुपया 10 पैसे की गिरावट लेकर 82.88 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान हुई लिवाली के दबाव में 82.90 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़क गया।

बिकवाली होने से यह 82.79 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले दिवस के 82.78 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में चार पैसे कमजोर होकर 82.82 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।

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इस बैंक ने ग्राहकों को दिया बड़ा तोहफा, अब एफडी पर मिलेगा ज्यादा ब्याज

नई दिल्ली 16 फरवरी (एजेंसी)।  भारतीय स्टेट बैंक ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी रेट्स को 25 बेसिस प्वाइंट्स या 0.25 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला लिया है। बढ़ी हुईं एफडी की ब्याज दरें 15 फरवरी 2023 से लागू होंगी। बढ़ी ब्याज दरें 2 करोड़ रुपये तक की फिक्स्ड डिपॉजिट पर उपयुक्त रहेंगी। बता दें, इससे पहले देश के सबसे बड़े बैंक ने 13 दिसंबर 2022 को चुनिंदा अवधि की एफडी पर 65 बेसिस प्वॉइंट्स तक का इजाफा किया था।
पढ़ें एसबीआई की लेटेस्ट एफडी रेट

7 दिन से 45 दिन, आम जनता के लिए  3.00 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए 3.50 प्रतिशत

46 दिन से 179 दिन, आम जनता के लिए  4.50 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  5.00 प्रतिशत

180 दिन से 210 दिन, आम जनता के लिए  5.25 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए 5.75 प्रतिशत

211 दिन से 1 साल से कम, आम जनता के लिए  5.75 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  6.25 प्रतिशत

1 साल से 2 साल से कम, आम जनता के लिए  6.80 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  7.30 प्रतिशत

2 साल से 3 साल से कम, आम जनता के लिए 7 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  7.50 प्रतिशत

3 साल से 5 साल से कम, आम जनता के लिए  6.50 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  7 प्रतिशत

5 साल से 10 साल तक, आम जनता के लिए  6.50 प्रतिशत; सीनियर सिटीजन के लिए  7.50 प्रतिशत

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मॉरीशस से Adani Group को क्लीन चिट, सारी डील नियम के तहत हुई

नई दिल्ली 14 Feb (एजेंसी) : मॉरीशस के फाइनेंशियल सर्विस कमीशन ने अडानी ग्रुप को बड़ी राहत दी है, उसने अडानी ग्रुप से जुड़ी 38 कंपनियों और 11 फंड में माना कि उसे किसी भी नियम कानून का उल्लघंन नहीं मिला है।

कमीशन के सीईओ धानीश्वरनाथ विकास ठाकूर ने बिजनेस स्टैण्डर्ड से कहा कि शुरुआती पड़ताल में मॉरीशस में अडाणी ग्रुप से जुड़ी सभी एन्टीटीज में अभी तक जो भी जानकारी दी गई है, उसमें हमें किसी भी प्रकार से हमारे नियमों का उल्लंघन नहीं मिला है। ये उनकी आंतरिक रिपोर्ट है जिसे सेबी के साथ साझा नहीं किया गया है।

बता दें कि शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडाणी ग्रुप की कंपनियों को बाजार मूल्य में 100 बिलियन डॉलर का नुकसान हो चुका है। फर्म ने आरोप लगाया है कि अडाणी ग्रुप ने विदेशों में कई शेल कंपनियां बनाई हैं जिनमें मॉरीशस भी एक देश है।

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रुपया 13 पैसे लुढ़का

मुंबई 14 Feb (एजेंसी) : शेयर बाजार में जारी गिरावट के साथ ही आयातकों एवं बैंकरों की लिवाली के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 13 पैसे लुढ़ककर 82.71 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 82.58 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

कारोबार की शुरुआत में रुपया 12 पैसे की गिरावट लेकर 82.70 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान लिवाली होने से यह 82.77 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़क गया। हालांकि बिकवाली होने से यह 82.64 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले दिवस के 82.58 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में 13 पैसे लुढ़ककर 82.71 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।

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महंगाई का अप्रत्याशित झटका, खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में उछलकर 6.52 फीसदी पर पहुंची

नयी दिल्ली 14 Feb  (एजेंसी): खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रा स्फीति जनवरी में उछलकर फिर भारतीय रिजर्व बैंक की लक्षित छह प्रतिशत की सीमा काे पार करते हुए 6.52 प्रतिशत पर पहुंच गयी जबकि दिसंबर में यह 5.72 फीसदी थी।

जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के बाद खुदरा मुद्रा स्फीति का यह सबसे ऊंचा स्तर है और इससे रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी)की अगली समीक्षा बैठक में नीतिगत ब्याज दर में वृद्धि का सिलसिला थमने की संभावना क्षीण हो गयी है।

एमपीसी की पिछले सप्ताह हुई बैठक में नीतिगत ब्याज दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया गया था।

जनवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 4.19 प्रतिशत की तुलना में 5.94 प्रतिशत रही जबकि प्रमुख खुदरा मुद्रास्फीति (खाद्य एवं

ईंधन को छोड़कर) 6.09 प्रतिशत पर इससे पिछले माह के स्तर पर बनी रही। दिसंबर में प्रमुख मुद्रास्फीति 6.10 प्रतिशत थी। खुदरा मुद्रास्फीति में खाद्य मुद्रास्फीति का भारांश 40 प्रतिशत है। जनवरी में अनाज और दूध के दामों में इजाफा बना रहा। अनाज की कीमतें जनवरी में एक साल पहले की तुलना में 16 प्रतिशत और दूध और अंडे की कीमतें 8.8 प्रतिशत ऊंची थीं लेकिन सब्जियों का दाम सालाना आधार पर 11.7 प्रतिशत घटा।

रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति की दर दो प्रतिशत घटबढ़ के साथ चार प्रतिशत के स्तर पर रखने की जिम्मेदारी है और वह कीमतों में वृद्धि की प्रत्याशा पर अंकुश लगाने के लिए लगातार ब्याज दर बढ़ा रहा है।

एमके ग्लोबल फाइनेंसियल सर्विसेज की प्रमुख अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा ने कहा कि मुद्रास्फीति में यह उछाल अप्रत्याशित है जबकि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति पिछली बैठक में चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2023) के दौरान खुदा मुद्रास्फीति के अनुमान को पिछले अनुमान की तुलना में 0.20 प्रतिशत कम कर दिया गया था।

उन्होंने कहा कि इससे रिजर्व बैंक की इस धारणा की और पुष्टि हुई है कि मुख्य मुद्रास्फीति अब भी दृढ़ बनी हुई है और ढिलाई देने पर कीमत बढ़ने की प्रत्याशा पर अंकुश ढीला होगा और इससे मध्य काल में मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ेगा।

मिलवुड केन इंटरनेशनल के सीईओ निखिल गुप्ता ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति में आया यह उछाल चिंता का विषय है। मुद्रास्फीति दो महीने नरम पड़ने के बाद बढ़ी है और यदि आगे दो महीने और ऊंचे स्तर पर रही तो रिजर्व बैंक को अप्रैल में नीतिगत ब्याज दर फिर बढ़ाना पड़ सकता है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के निदेशक अनुसंधान विवेक राठी ने कहा कि मुद्रास्फीति का बढ़ना रिजर्व बैंक की चिंता बढ़ा सकता

है। उन्होंने कहा कि चूंकि मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना हुआ है, इसलिए हमारी राय में अभी निकट भविष्य में रिजर्व बैंक ब्याज दर बढ़ाने का सिलसिला कम करने वाला नहीं है लेकिन एपीसी की एक-दो और बैठकों तक वृद्धि कम रखने का रुख बरकरार रह सकता है।

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रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच हुआ 17507 करोड़ रुपये का एमओयू

लखनऊ 13 फरवरी (एजेंसी)।  ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-23) के तीसरे और अंतिम दिन रविवार के यूपी में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क विकास को लेकर रेलवे और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच 17507 करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया।

इस दौरान ‘रेल और सड़क के आधुनिकीकरण में उत्तर प्रदेशÓ विषय पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जीआईएस-23 की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी की डबल इंजन की सरकार प्रदेश को बुलेट ट्रेन की गति से आगे बढ़ा रही है। भारत की ग्रोथ में यूपी का महत्त्वपूर्ण योगदान है। इसी वजह से जी-20 के महत्वपूर्ण कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 से पहले जब रेल बजट आता था तो यूपी के हिस्से में 1000-1100 करोड़ रुपए आवंटित होते थे। इस बार के बजट में मोदी सरकार ने यूपी के हिस्से में 16 गुना बढ़ोतरी की गई है। अमृत भारत स्टेशन के तहत उत्तर प्रदेश के 150 स्टेशन को विश्व स्तर का बनाया जा रहा है। आर्ट और क्राफ्ट में कार्य करने वाले लोगों के वन स्टेशन वन उत्पाद की योजना शुरू की गई है। इससे इस सेक्टर से जुड़े लोगों की आमदनी बढ़ी है। साथ ही ये उत्पाद लोकल से ग्लोबल बन गए हैं।

रेल मंत्री ने निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा कि रेलवे से जुड़कर बिना किसी संकोच के आप उत्तर प्रदेश में अपना प्रोजेक्ट लगाएं और अपने निवेश को फलदाई बनाएं। रेलवे इसमें आपका पूरा सहयोग करेगा।

विदेश सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि रेल और रोड के बिना हम जनता की आंक्षाओं की पूर्ति नहीं कर पाएंगे। यूपी में चार लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है। पूरे प्रदेश में एक्सप्रेस-वे और सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। 560 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे पर काम चल रहा है। प्रदेश में 59 रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर काम पूरा हो चुका है। साथ 250 आरओबी को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लाख टीयूवी का कार्य रेलवे के सहयोग से पूरा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर इसका पूरा खर्च रेलवे वहन करेगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद निवेशकों से यूपी में निवेश की आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले समय में यूपी से सिर्फ भारत की राजनीति का ही नहीं बल्कि देश का औद्यौगिक रास्ता भी उत्तर प्रदेश से जाएगा।

रेलवे बोर्ड (इंफ्रास्ट्रक्चर) के सदस्य रूप नारायण शंकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क के विकास किया जा रहा है। देश में 1275 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तर का बनाया जा रहा है, इनमें 150 यूपी में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 8 हजार किमी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया जा चुका है। फरवरी के अंत तक उत्तर प्रदेश के पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो जाएगा।

रेलवे के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंद्र जैन ने कहा कि देश में दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हम बना रहे हैं। इसमें एक पश्चिम कॉरिडोर है तो दूसरा पूर्वी कॉरिडोर है। इन फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण से माल गाडिय़ों का आवागमन सुगम हो जाएगा और समय की बचत होगी। पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक हजार 58 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में पड़ता है। इसके पूरा होने से उत्तर प्रदेश के रेल के नेटवर्क में आमूलचूल परिवर्तन आ जाएगा। यहां निवेश करने वाले उद्यमियों को अपना माला लाने और ले जाने में कोई समस्या नहीं होगी।

विशेष सत्र में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद, राज्य मंत्री बृजेश सिंह, रेलवे बोर्ड (इंफ्रास्ट्रक्चर) के सदस्य रूप नारायण शंकर और रेलवे के मैनेजिंग डायरेक्टर रविंद्र जैन मौजूद थे।

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यूपी की आबकारी नीति को अन्य राज्यों में लागू किये जाने पर होगा विचार : गोयल

लखनऊ 13 फरवरी,(एजेंसी)  – उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति को अनुकरणीय बताते हुये केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जल्द ही देश के सभी राज्यों के आबकारी आयुक्तों के साथ बैठक कर यूपी की लिकर पॉलिसी को अन्य राज्यों में लागू करने के बारे में विचार विमर्श किया जायेगा।

यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के अंतिम दिन रविवार को ‘आबकारी और चीनी उद्योग में अवसरÓ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री की सलाह पर भूमाफिया और लिकर माफिया पर रोक लगाकर उत्तर प्रदेश के विकास की नीव रखी थी। नतीजन, पिछले छह वर्षों में कोविड के बावजूद भी उत्तर प्रदेश का एक्साइज कलेक्शन 14 हजार 500 करोड़ रुपए से बढ़कर 42 हजार 500 करोड़ रूपये हो गया। उत्तर प्रदेश की लिकर पॉलिसी में 30 दिनों में लाइसेंस मिलने का प्रावधान है। वह जल्द ही सभी राज्यों की एक्साइज कमिश्नर के साथ बैठकर उत्तर प्रदेश की पॉलिसी को अन्य राज्यों में लागू करने के लिए बैठक करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब तक व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट नहीं होते तब तक मंत्रियों को जनता से वादे नही करने देते। प्रधानमंत्री संघीय ढांचों में प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करते है।

श्री गोयल ने कहा कि पिछले दो साल जिस तरह से पूरे विश्व से बड़ी संख्या में निवेशक उत्तर प्रदेश की तरफ रुख कर रहे है वो इस बात का प्रमाण है कि निवेशकों का भरोसा सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार में ही नही बल्कि यहां की जनता में भी है। उन्होंने कहा  मैं योगी जी को तकनीक और बाजार की खोज के लिए भारत के बाहर दल भेजने के लिए कहूंगा।

उन्होने कहा कि जिस तरह से देश में स्टार्ट अप का कल्चर बढ़ा है जिससे लिथियम संकट और अन्य समस्याओं का समाधान देश के युवाओं के। माध्यम से हो रहा है। पिछले छह वर्षों में देश में स्टार्टअप की संख्या 8277 हो गई है। उत्तर प्रदेश में विकास की लहर तेज गति से आगे बढ़ रही है। अब यूपी को आगे बढऩे से रोक नहीं सकता।

श्री गोयल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के लोग अब वाइन के लिए भारत पर निर्भर है। विदेशियों को भारत में बनी वाइन बहुत पसंद आ रही है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंगूर के अलावा भारत आज 27 फलों से लिकर और वाइन बना रह है।

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नए भारत का ग्रोथ इंजन बनने में उत्तर प्रदेश सक्षम : मुर्मूू

लखनऊ 13 फरवरी,। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देने वाला उत्तर प्रदेश नये भारत का ग्रोथ इंजन बनने के लिये सक्षम है और उन्हे पूरा भरोसा है कि समावेशी विकास की सोच के साथ आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिति के सार्थक परिणाम आएंगे।

यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के समापन सत्र को संबोधित करते हुये श्रीमती मुर्मू ने कहा कि समावेशी विकास की सोच के साथ आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिति के सार्थक परिणाम आएंगे। उत्तर प्रदेश को विश्वव्यापी ख्याति मिलेगी। दूरदर्शितापूर्ण नीतियों को लागू कर तथा उसके कार्यान्वयन से उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप नए भारत का ग्रोथ इंजन बनने के लिए सक्षम भी है और इसके लिए तैयार भी है। उत्तर प्रदेश समृद्ध होगा तो भारत भी समृद्ध होगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट उत्तर प्रदेश को उत्तम निवेश प्रदेश बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

वृंदावन योजना के वाल्मीकि मेन हाल में उपस्थित देश विदेश के उद्यमियों, निवेशकों, नवाचारियों, नीति निर्माताओं, मंत्रियों, अधिकारियों आदि को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। देश की कई योजनाओं में या पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश की धरती अन्नदाता की धरती है। खाद्यान्न, गन्ना, आलू आदि व दूध के उत्पादन में यह देश में अग्रणी है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित उद्यमिता विकास की अनेक संभावनाएं हैं। प्रसन्नता की बात है कि उत्तर प्रदेश सरकार फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को प्रोत्साहित कर रही है। खुद को किसान परिवार का सदस्य बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि कृषि व कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिये वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उनकी टीम की प्रशंसा करती हैं। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता जताई कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मिलेट्स की डिमांड और सप्लाई चैन को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता व निरंतरता सहायक सिद्ध होती है। उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जिस प्रकार प्रक्रियाओं को सरल बनाने के प्रयास किए गए हैं वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 95 लाख एमएसएमई हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। एमएसएमई, कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार का अवसर प्रदान करने वाला क्षेत्र है। आर्थिक विकास में एमएसएमई की प्रमुख भूमिका है।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर का योगदान देने का संकल्प लिया है। देश की कुल अर्थव्यवस्था का पांचवा हिस्सा उत्तर प्रदेश से पूरा होगा। इस संकल्प के सिद्ध होने से प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर अभियान को भी काफी बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि 2019 में प्रयागराज कुंभ के शानदार आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जिस प्रकार पूरे विश्व में प्रशंसा हुई थी, उनकी कामना है कि इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को भी विश्वव्यापी ख्याति मिले।

उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर काफी कम हुआ है। सड़क यातायात, हाइवे व एक्सप्रेस में निवेश से आर्थिक विकास में काफी सहायता मिलेगी। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता है कि देश मे 65 प्रतिशत मोबाइल उपकरण अकेले उत्तर प्रदेश में बनते हैं। यही नहीं परंपरागत उद्यम को बढ़ावा देने वाली उत्तर प्रदेश की एक जिला एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) भी काफी सफल है। परंपरागत उद्योगों को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक उन्नयन तो होता ही है, निवेशकों को भी काफी अवसर मिलता है।

श्रीमती मुर्मू ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर का भी निर्माण हो रहा है। यह डिफेंस कॉरिडोर देश की रक्षा आत्मनिर्भरता को सफलता प्रदान करने के साथ ही उद्यम, रोजगार और विकास को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने प्रदेश सरकार की इस बात के लिए भी प्रशंसा की कि यहां विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के भी अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर भी विकसित कर रहा है। उत्तर प्रदेश के यह प्रयास देश के ग्रीन एनर्जी लक्ष्य को प्राप्त करने में काफी सहायक सिद्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि जब निवेश का माहौल बनता है तो स्वरोजगार को भी बल मिलता है। इस दिशा में स्टार्टअप को लेकर उत्तर प्रदेश में काफी महत्वाकांक्षी प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के सबसे युवा राज्य उत्तर प्रदेश का स्वरोजगार में भी अग्रणी स्थान होगा।
राष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार की इस बात के लिए भी सराहना की की उत्तर प्रदेश में विकास के सामाजिक आयामों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां आर्थिक विकास के साथ ही सामाजिक व आध्यात्मि, सांस्कृतिक विकास के प्रयास भी किए जा रहे हैं। ऐसा विकास ही सुनियोजित विकास होता है। जीआईएस में महिला उद्यमियों व शिल्पकारों को खासी भागीदारी दी गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आधी आबादी का विकास किए बिना देश का विकास संभव है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इस नीति का लक्ष्य भारत को सुपर पावर बनाना है। विरासत से युवाओं को जोड़कर 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा को आगे बढ़ाने के साथ शिक्षा में निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षा व निवेश के संगम से काफी परिवर्तन आएगा

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लॉजिस्टिक कॉस्ट को आठ फीसदी तक लाना सरकार का लक्ष्य : अनुप्रिया

लखनऊ 13 फरवरी (एजेंसी)। केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि लॉजिस्टिक कॉस्ट को 14 प्रतिशत से आठ फीसदी तक लाने का केन्द्र सरकार का लक्ष्य है।

उत्तर प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 में ‘उत्तर प्रदेश-द इमरजिंग वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स हब ऑफ इंडियाÓ सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की वेयरहाउसिंग और लजिस्टिक नीति लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करने में सहायक होगी। अपनी निवेश के अनुकूल नीतियों, सुधारों और सरकारी सहयोग की वजह से उत्तर प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनॉमी के लक्ष्य को पूरा करने की ओर अग्रसर है।

श्रीमती पटेल ने कहा कि इंवेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश में वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 80 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश के लिये एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो कि स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है। इस निवेश से प्रदेश में आने वाले समय में रोजगार के द्वार खुलेंगे।
उन्होने कहा कि नेशनल कैपिटल रिजन के पास स्थित उत्तर प्रदेश निवेश का आकर्षक द्वार के तौर पर स्थापित हो रहा है। नेशनल जीडीपी में प्रदेश की हिस्सेदारी आठ फीसदी है। लॉजिस्टिक क्षेत्र में विकास की वजह से उत्तर प्रदेश को लॉजिस्टिक ईज एक्रॉस डिफेरेंट स्टेट्स सर्वे-लीड्स 2022 में एचीवर्स कैटेगरी में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश को ‘क्वलिटी ऑफ रेल इंफ्रास्ट्रक्चरÓ के तौर पर लीडर स्टेट का दर्जा मिला है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स के सेक्टर में भी तेजी से उभर रहा है। उत्तर प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 के जरिए प्रदेश में वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में 80 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश के लिये एमओयू हो चुके हैं। यह स्वयं में बड़ी उपलब्धि है। विश्वास है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में न केवल आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर होगा, बल्कि रोजगार के क्षेत्र में भी प्रदेश कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रदेश के युवाओं को पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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यूपी को मिले 33.50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव : योगी

लखनऊ 13 फरवरी (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश को निवेश के लिये सुरक्षित और भरोसेमंद गंतव्य होने का भरोसा दिलाते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में प्रदेश को 33.50 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव मिले है जिससे 93 लाख नौकरी व रोजगार का सृजन होगा।

तीन दिवसीय समिट के समापन समारोह को संबोधित करते हुये श्री योगी ने दस पार्टनर कंट्री समेत 40 देशों से आये प्रतिनिधियों, औद्योगिक घरानों के प्रमुखों प्रतिनिधियों, विदेशी राजनयिकों समेत समिति के सभी भागीदारों के प्रति आभार जताते हुए सबको विश्वास दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेश का सुरक्षित गंतव्य होगा। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में आया और आने वाला निवेश प्रदेश के विकास में सहायक तो होगा ही, स्वयं निवेशकों के लिए भी काफी फलदायी होगा।

उन्होने कहा कि निवेश के इस वैश्विक महाकुंभ में 33.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था। इस निवेश से 93 लाख नौकरी व रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा कि पहले निवेश का मतलब सिर्फ एनसीआर में निवेश होता था। समिट में प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए निवेश मिले हैं। कमजोर समझे जाने वाले पूर्वांचल व बुंदेलखंड में भी भारी निवेश आया है। 9.54 लाख करोड़ तथा बुंदेलखंड में 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मंत्री समूह व प्रशासनिक अधिकारी मिलकर टीम भावना से सभी निवेश प्रस्तावों को व्यवस्थित तरीके से धरातल पर उतारेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफार्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मूल मंत्र पर काम किया। पारदर्शी नीतियों और तकनीकी को अपनाकर निवेश के चार स्तम्भो पर काम किया। एमओयू से लेकर निवेश को धरातल पर उतारने तक के चरणों में उद्यमियों की सहायता के लिए निवेश सारथी, निवेश मित्र, मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र और इंसेंटिव मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम बनाए गए। इन सबके साथ हर निवेशक प्रदेश के कानून व्यवस्था से प्रभावित होकर निवेश के लिए आकर्षित हुआ।

श्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में असीम संभावनाएं हैं प्रधानमंत्री की अनुकंपा से औद्योगिक निवेश को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि नए भारत के विकसित उत्तर प्रदेश और देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का प्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के किसी भी राज्य की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का प्रदेश मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश महाकुंभ को 10 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई ऊंचाई प्रदान की। विगत नौ वर्षों में पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। इस बढ़े सम्मान का लाभ ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश को भी मिला है। वैश्विक समुदाय निवेश के सबसे अच्छे गंतव्य उत्तर प्रदेश के प्रति आकर्षित हुआ है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीनकाल से ही आध्यात्मिक, सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। विश्व की सबसे प्राचीन नगरी, काशी का बाबा विश्वनाथ धाम पूरी दुनिया को आकर्षित करता है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या हो या कान्हा मथुरा वृंदावन यूपी में है। गंगा, जमुना और सरस्वती की त्रिवेणी, कुंभ की धरती प्रयागराज भी यही है। भगवान बुद्ध की साधना स्थली, बाल्यकाल का क्षेत्र, प्रथम उपदेश की प्रथम भूमि और महापरिनिर्वाण स्थली भी यूपी के सौभाग्य में शामिल है। या विद्या की धरती है तो विशिष्ट पहचान रखने वाले परंपरागत उद्यम के आकर्षण की भी धरती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पाद, परंपरागत उद्यम को ओडीओपी से जोड़कर इन उद्यमों के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि है। दुनिया के किसी भी राज्य की सबसे बड़ी आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश में ही है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व तक उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य जाना जाता था। अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने बीमारू राज्य के दंश को मिटाने का संकल्प लिया। 25 सेक्टर चिह्नित कर पारदर्शी नीतियां बनाई और आज उसका परिणाम है कि वैश्विक निवेशक समुदाय यहां निवेश करने को तत्पर है।

सीएम योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मार्गदर्शन देने व सहभागी बनने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्रीय मंत्रीगण राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, श्रीमती स्मृति ईरानी, अश्वनी वैष्णव, राजीव चंद्रशेखर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सभी 10 साझीदार देशों, डेनमार्क, यूएई, यूके के मंत्रियों, नौ देशों के उच्चायुक्त, देश के सभी प्रमुख उद्योगपतियों, 40 देशों के डेलीगेट समेत सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन समारोह को प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्रीद्वय केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, देश विदेश के निवेशक, उद्यमी आदि उपस्थित रहे।

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एसबीआई ने दिया अडानी ग्रुप को 21 हजार करोड़ का लोन,रिपोर्ट में हुए खुलासे से मचा हड़कंप

नई दिल्ली 03 फरवरी (एजेंसी)।  हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के गौतम अडाणी घिरते नजर आ रहे हैं। एक तरफ रविवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ वहीं एक रिपोर्ट ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 21000 करोड़ (2.6 अरब डॉलर) रुपये का लोन अडानी ग्रुप की फर्मों को दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को नियमों के तहत जितना कर्ज देने की अनुमति है ये रकम उसकी आधी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उसे यह जानकारी कुछ लोगों ने न पहचाने जाने की शर्त पर दी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, स्क्चढ्ढ के प्रतिनिधि ने लोन की बात पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। विभिन्न बैंकों द्वारा गौतम अडानी की कंपनियों को दिया गया लोन अमेरिका में आधारित हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद शेयरों में आई गिरावट की वजह से निगरानी में आया है।

वेल्थ यूनिट्स और सिटीग्रुप इंक ने ग्रुप से कोलेटरल के तौर पर सिक्योरिटीज को मंजूर करने को रोक दिया है। अडानी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। दूसरी तरफ, पंजाब नेशनल बैंक ने अडानी ग्रुप को 70 बिलियन रुपये का लोन दिया है।

पिछले महीने बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव अतुल गोयल ने यह जानकारी दी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एसबीआई द्वारा अडानी को दिए गए पैसों  में इसकी विदेशी इकाइयों से 200 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं।

एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने गुरुवार को कहा कि उथल-पुथल से प्रभावित अडानी समूह की कंपनियां कर्ज चुका रही हैं और बैंक ने अब तक जो कुछ भी उधार दिया है, उसमें तत्काल उन्हें कोई चुनौती नहीं दिख रही है। ब्लूमबर्ग ने एक सूत्र के आधार पर ये जानकारी दी है।

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एक हफ्ते में बदली गौतम अडानी की फिज़ा, सभी शेयर टूटे- 5 में लोअर सर्किट

नई दिल्ली 03 फरवरी(एजेंसी)।  अरबपति गौतम अडानी के लिए साल 2023 की बेहद खराब शुरुआत हुई है। खासतौर पर बीते एक हफ्ते में गौतम अडानी अर्श से फर्श पर आ गए हैं। अडानी समूह के साथ ये सबकुछ अमेरिका की शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद हुआ है। इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद गौतम अडानी की दौलत और रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है। वहीं, अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों के शेयर भी धराशायी हो गए हैं।
बीते एक हफ्ते से बुरे दौर से गुजर रहे अडानी ग्रुप की पांच कंपनियों के स्टॉक में गुरुवार को कारोबार शुरू होने के बाद से ही लोअर सर्किट लग गया।

वहीं दूसरी तरफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की वजह से ही दुनिया भर की रेटिंग एजेंसियां और कर्ज देने वाले बैंक अडानी समूह से सवाल पूछ रहे हैं। अब समूह ने अपना फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग यानी एफपीओ को भी कैंसिल कर दिया है। ग्रुप की 9 लिस्टिड कंपनियों में 5 कंपनियों के शेयर 24 जनवरी के बाद से 40 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं।

24 जनवरी को अडानी ग्रुप कंपनियों का कुल मार्केट कैप 19,16,560.93 करोड़ रुपये था, जो कारोबारी सत्र के दौरान 10,51,802 करोड़ रुपये पर रह गया है। इसका मतलब है कि इस दौरान ग्रुप को 7,91,778.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

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छोटे कारोबारियों को बड़ी सौगात, ब्याज पर मिली 1प्रतिशत छूट- मोबाइल और टीवी होंगे सस्ते

नई दिल्ली 01 फरवरी (एजेंसी)।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है।

छोटे कारोबारियों को ब्याज पर 1प्रतिशत छूट का ऐलान किया गया है।

इसके साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोबाइल और टीवी के दाम सस्ते होंगे।

साथ ही खिलौने और साइकिलों के दाम भी कम होंगे।

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डिजिटल इंडिया पर जोर, गांव-गांव में ई-लाइब्रेरी, ई कोर्ट का ऐलान

नई दिल्ली 01 फरवरी (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। यह भारत के लिए बड़ी सफलता है।

उन्होंने कहा कि देश की इकॉनमी का आकार बढ़ा है और हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह अमृतकाल का पहला बजट है।

बीते कुछ सालों में हमने इकॉनमी को मजबूत करने के लिए जो नींव रखी थी, अब उस पर मजबूत इमारत खड़ा करने का मौका है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डिजिटल इंडिया पर जोर है। उन्होने कहा है कि देश के हर राज्य व हर गांव-गांव में ई-लाइब्रेरी होंगी, वहीं देश में ई कोर्ट का भी ऐलान किया गया है।

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सुपर स्पीड से भागेगी भारतीय ट्रेन, निर्मला सीतारमण ने जारी किया रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ का बजट

नई दिल्ली 01 फरवरी (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट संसद में पेश कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया में मंदी के माहौल में भी भारत की आर्थिक ग्रोथ 7 फीसदी तक रहने का अनुमान है। वहीं बजट में रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।

रेलवे की नई योजनाओं के लिए 75000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जाएगा। रेलवे में 100 नई अहम योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।

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एजुकेशन सेक्टर को बूस्ट, 157 नर्सिंग कॉलेज खोलने का ऐलान- टीचरों को भी तोहफा

नई दिल्ली 01 फरवरी (एजेंसी)। संसद के बजट सत्र में आज देश का आम बजट पेश कर दिया गया है। इस बार के बजट में एजुकेशन सेक्टर के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा के लिए ऐलान करते हुए कहा कि देश में शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए नए प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।

इसके अलावा 157 नए नर्सिंग कॉलेज का ऐलान किया गया है। इसके अलावा नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी को पंचायत और वार्ड लेवल तक खोला जाएगा।

प्रादेशिक और अंग्रेजी भाषा में किताबे दी जाएंगी। एनजीओ के साथ मिलकर साक्षरता पर काम किया जाएगा। इसके अलावा एकलब्य स्कूलों के लिए 38800 शिक्षक-कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी।

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बजट से पहले शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स & 450 अंक उछला- निफ्टी भी मजबूत

मुंबई 01 फरवरी(एजेंसी)। बजट 2023 पेश होने में कुछ समय बचा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में बजट भाषण शुरू करेंगी। वहीं इससे पहले भारतीय शेयर बाजार गुलजार नजर आ रहा है।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने तेज शुरुआत की है। वहीं रुपया मामूली गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 81.77 रुपये पर खुला। रुपये में 0.18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स में बुधवार को बाजार खुलते समय करीब 450 अंकों तक की बढ़त दिखी। फिलहाल यह 413 अंकों की बढ़त के साथ 59,963 अंकों पर कारोबार करता दिख रहा है।

वहीं निफ्टी 107 अंकों की बढ़त के साथ 17707 अंकों पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 451.27 अंकों की बढ़त के साथ 60,001.17 अंकों के लेवल पर खुला। वहीं निफ्टी में 17,811.60 अंकों के लेवल पर कारोबार शुरू हुआ।

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अगले दो साल में देशभर में 400 वंदे भारत ट्रैक पर उतरेंगी

नई दिल्ली 30 जनवरी (एजेंसी)। स्लीपर वर्जन के लिए 1800 करोड़ रुनवरी (आईएएनएस)पये रेलवे बजट से स्वीकृत किए गए हैं। अगले दो सालों में देश के अलग-अलग रूटों पर इस संस्करण की 400 ट्रेनें ट्रैक पर उतारी जायेंगी।

रेलवे के अनुसार आईसीएफ साहित कई कंपनियों ने इन ट्रेनों को बनाने में दिलचस्पी दिखाई है। 400 ट्रेनों में से पहली 200 चेयर कार ट्रेनें होंगी और बाकी स्लीपर वर्जन होंगी। यह भी बताया गया है कि चेयर कार ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने के लिए डिजाइन किया जाएगा और ये व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए 130 किमी प्रति घंटे की गति से चलेंगी।

जबकि बाकी 200 ट्रेनें जो स्लीपर वर्जन में होंगी उन्हें 220 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति और 200 किमी प्रति घंटे की व्यावसायिक गति से चलने के लिए डिजाइन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार अगले दो साल में सभी 400 ट्रेनें देश के अलग-अलग रेल मार्गों की पटरी पर दौडऩे के लिए तैयार हो जाएंगी।

दरअसल वंदे भारत ट्रेनों के चेयर कार संस्करण धीरे-धीरे शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों की जगह लेंगे और ट्रेन के स्लीपर संस्करण राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों की जगह लेंगे।

रेलवे के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन के कोच एल्युमिनियम के बने होंगे और इसे अधिकतम 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया जाएगा। हालांकि सफर के लिए यह स्लीपर ट्रेन 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

जानकारी के अनुसार दक्षिण भारत के कई राज्यों में इस साल के अंत में वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत होगी। नए रूट्स में तेलंगाना में काचीगुड़ा से कर्नाटक में बेंगलुरु तक और तेलंगाना में सिकंदराबाद से आंध्र प्रदेश में तिरुपति और महाराष्ट्र में पुणे शामिल हैं।

कर्नाटक और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावना है। अब तक देश में आठ वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही हैं। ये नागपुर-बिलासपुर, दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-कटड़ा, दिल्ली-ऊना, गांधीनगर-मुंबई, चेन्नई-मैसूर, हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी और सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम रूट पर चल रही हैं।

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अडानी ग्रुप ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का 413 पन्नों में दिया जवाब, आरोपों को बताया भारत पर हमला

नई दिल्ली 30 जनवरी(एजेंसी) । अरबपति उद्यमी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह ने अमरीकी सट्टा बाजार कंपनी हिंडेनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट का 413 पृष्ठों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट निहित उद्देश्यों से जारी की गई है और इसमें निराधार भ्रम फैलाया गया है। अडानी समूह ने कहा है कि हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट उसके शेयरधारकों और सार्वजनिक निवेश की लागत पर मुनाफा कमाने के लिए तैयार की गई है और यह पूरी से अस्पष्ट है।

अडानी समूह ने अपने जवाब के साथ प्रासंगिक दस्तावेज और संदर्भ भी प्रस्तुत किए है। समूह की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के अनुवर्ती शेयर निर्गम (एफपीओ) के समय विवाद उत्पन्न करने वाली हिंडेनबर्ग की इस रिपोर्ट के विस्तृत जवाब के संबंध में जारी एक मीडिया नोट में अडानी समूह ने कहा है कि अमरीकी कंपनी ने उसके संबंध में अपनी रिपोर्ट में भारत की न्यायपालिका और नियामकीय व्यवस्था को अपनी सुविधा के अनुसार नजरअंदाज किया है।

अडानी समूह ने जवाब में अपनी कम्पनियों में अपनाए जाने वाले संचालन के आदर्शों , प्रतिष्ठा , साख और पारदर्शी व्यवहार तथा वित्तीय परिचालन के परिणामों और उत्कृष्टता का जिक्र किया है। समूह ने कहा है कि यह रिपोर्ट न तो स्वतंत्र है और न ही तथ्यपरक है।

इसे केवल एक तिकड़मभरा दस्तावेज कहा जा सकता है। जिसमें हितों का टकराव जगह जगह झलकता है। अडानी समूह ने कहा है कि इस रिपोर्ट का उद्देश्य लाभ काटने के लिए एक प्रतिभूतियों का छलावापूर्ण बाजार तैयार करना है जोकि भारतीय कानून के अनुसार शेयर बाजार की धोखाधड़ी है।

अडानी समूह ने कहा है कि हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट में 88 सवाल उठाए गए थे जिसमें से 68 के बारे में समूह की कम्पनियां ने अपनी वार्षिक रिपोर्टो , पेशकश के प्रस्तावों , वित्तीय विवरणों और शेयर बाजार को दी गई जानकारियों में उनका विवरण पहले ही प्रकाशित कर रखा है। बाकी 20 में से 16 सवाल सार्वजनिक शेयर धारकों और उनके धन के स्रोत के बारे में है। इनके अलावा बाकी चार सवाल निराधार आरोप के अलावा कुछ नहीं है।

अडानी समूह ने कहा है कि हिंडेनबर्ग ने यह सवाल इसलिए पैदा किए कि ताकि वह अपने लक्षित व्यक्तियों का ध्यान भटका सके और अडानी समूह की प्रतिभूतियों के कारोबार में निवेशकों की लागत पर अपनी शार्ट पॉजीशन का फायदा उठा सके। अडानी समूह ने कहा है कि अमरीकी कम्पनी यह दावा करती है कि उसने इस रिपोर्ट के लिए दो साल जांच की और कई सबूत इकठ्ठा किए लेकिन उसका यह दावा केवल सार्वजनिक सूचनाओं की चुनिंदा और अपूर्ण हिस्सों के संकलन के अलावा कुछ भी नहीं।

अडानी समूह ने कहा कि यह केवल किसी विशिष्ट कंपनी पर एक अवांछित हमला नहीं है, बल्कि भारत, भारतीय संस्थानों की स्वतंत्रता, अखंडता और गुणवत्ता और भारत की विकास की कहानी और महत्वाकांक्षा पर एक सुनियोजित हमला है।

उल्लेखनीय है कि अडानी एंटरप्राइजेज के एफपीओ के ठीक पहले आयी इस रिपोर्ट के बाद इस कंपनी का शेयर टूटकर 2762 के रुपये के भाव आ गया है जबकि कंपनी ने एफपीओ के लिए आवेदन मूल्य का दायरा 3112 रुपये से लेकर 3276 रुपये प्रति शेयर तय किया है। 31 जनवरी को यह निर्गम बंद हो रहा है।

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चांदी में मजबूती

इंदौर 29 जनवरी(एजेंसी)। स्थानीय सर्राफा बाजार में चांदी में मांग से तेजी दर्ज की गई।
उल्लेखनीय है कि सोना- चांदी के भाव में देर रात तक फेरबदल होता रहता है।

सोना 57700 रुपये प्रति 10 ग्राम।

चांदी 67700 रुपये प्रति किलोग्राम।

चांदी सिक्का 750 रुपये प्रति नग।

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अडानी समूह ने फिर कहा अमेरिकी कंपनी के आरोप निराधार, एफपीओ में बदलाव न किए जाने का संकेत

नयी दिल्ली 29 जनवरी (एजेंसी)।  अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह की ओर से शनिवार को संकेत दिया गया कि समूह की कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपए के अनुवर्ती सार्वजनिक शेयर निर्गम (एफपीओ) में शेयरों की बिक्री घोषित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न होगी।

अडानी समूह के एक प्रवक्ता ने कहा,एफपीओ निकल जाएगा इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

अडानी समूह की स्थिति के बारे में अमेरिका की सट्टा कोष कंपनी हिंडेनबर्ग रिसर्च की 24 जनवरी की रिपोर्ट के बाद कंपनी का शेयर एफपीओ के लिए निर्धारित शेयर कीमत के दायरे से काफी नीचे चला गया है। शुक्रवार को या एफपीओ में पहले दिन केवल एक फीसदी शेयरों के लिए ही आवेदन आए।

इस बीच प्राणी समूह की ओर से आज जारी निवेशकों के नाम में नोटिस में कहा गया है कि उसने अडानी एंटरप्राइजेज की स्थिति के बारे में अमेरिकी फर्म की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। कंपनी उन आरोपों को निराधार और बेतुका मानती है कंपनी ने उस रिपोर्ट पर अपनी स्पष्टीकरण को शेयर बाजारों को भी दिया है कपिल ने कहा कि अडानी एंटरप्राइजेज के एफपीओ संबंधित विवरण पुस्तिका ( आर एच पी) में आवश्यक जानकारियां और विवरण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी के नियमों के अनुसार पहले ही दिए जा चुके हैं।

कंपनी ने कहा है कि उसने इस संबंध में मीडिया में जारी अपने बयानों को भी शेयर बाजारों को दे दिया है। ये बयान उस की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

अडानी एंटरप्राइजेज ने एफपीओ के लिए मूल्य का दायरा 3112 रुपए से 3276 रुपए के बीच रखा है। जबकि शुक्रवार को कंपनी का शेयर बाजार में 19 प्रतिशत गिरकर 2762 रुपए पर आ गया था।

पहले दिन 4.7 लाख शेयरों के लिए आवेदन मिले थे जबकि उसने 4.6 करोड़ शेयर बेचने के लिए एफपीओ पेश किया है।
एंकर निवेशक कंपनी के लिए 5985 करोड़ रुपए के शेयर पहले ही ले चुके हैं और संस्थागत निवेशकों के हिस्से के शेरों के लिए भी पूरे आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इससे बाजार में प्रस्तुत शेरों की संख्या 6.5 करोड़ से घटाकर 4.6 करोड़ कर दी गई है।

निवार की कंपनी न्यूयॉर्क की कंपनी इंडियन वर्क रिसर्च ने अडानी समूह पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कि वह है दशकों से शेयरों और बीती रिपोर्ट की हेरा फेरी करता आ रहा है।

अडानी समूह की कंपनियों में के शेयरों में शेरों की गुरुवार शुक्रवार को भारी बिकवाली हुई और शेयर 5 से लेकर 20 प्रतिशत तक नीचे आ गए ।इससे अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी की हैसियत करीब 19 प्रतिशत या 23 अरब डालर घटकर 96.6 अरब डालर पर आ गई है और फोर्स की अमीरों की सूची में वह तीसरे स्थान से खिसक कर सातवें स्थान पर चले गए हैं।

सितंबर, 22 में ब्लूमबर्ग ने गौतम अडानी की संपत्ति 150 अरब डालर आंकी थी।

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