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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 31 मार्च के बाद 6 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या के बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों की बिक्री प्रतिबंधित

नई दिल्ली 06 मार्च (एजेंसी)। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने 31 मार्च, 2023 के बाद छह अंकों के अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या (एचयूआईडी) के बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण या सोने की कलाकृतियों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

सरकार द्वारा शनिवार को घोषित कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं की सुरक्षा करना और हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की खरीद में उनका विश्वास बढ़ाना है।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह पता लगाने की क्षमता सुनिश्चित करेगा और सोने के आभूषणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।

उपभोक्ता ‘बिड केयर’ ऐप में ‘वेरीफाई एचयूआईडी’ का उपयोग करके एचयूआईडी नंबर वाले हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की जांच और प्रमाणीकरण कर सकते हैं।

यह ऐप उस जौहरी की जानकारी प्रदान करता है, जिसने वस्तु पर हॉलमार्क किया है, उनकी पंजीकरण संख्या, वस्तु की शुद्धता, वस्तु के प्रकार के साथ-साथ हॉलमार्किं ग केंद्र का विवरण भी प्रदान करता है, जिसने वस्तु का परीक्षण और हॉलमार्क किया है।

इस जानकारी का उपयोग कर एक आम उपभोक्ता खरीदी जा रही वस्तु को वस्तु के प्रकार के साथ-साथ उसकी शुद्धता के साथ मिलान करके सत्यापित कर सकता है।

सरकार ने हालांकि यह अधिसूचित किया है कि पुरानी योजनाओं के अनुसार उपभोक्ताओं के पास पड़े हॉलमार्क वाले आभूषण वैध रहेंगे।

बीआईएस नियम, 2018 की धारा 49 के अनुसार, यदि उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए हॉलमार्क वाले आभूषण, आभूषणों पर अंकित आभूषणों की तुलना में कम शुद्धता के पाए जाते हैं, तो खरीदार या ग्राहक मुआवजे का हकदार होना चाहिए जो राशि का दोगुना होगा।

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वैश्विक रुख का बाजार पर रहेगा असर

मुंबई 06 मार्च (एजेंसी)। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से मुश्किलों का सामना कर रहे अडानी समूह में करीब दो अरब डॉलर के निवेश आने की खबर से बीते सप्ताह आधी फीसदी से अधिक की बढ़त पर रहे घरेलू शेयर की अगले सप्ताह दिशा निर्धारित करने में वैश्विक रुख के साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 345.04 अंक अर्थात 0.58 प्रतिशत की तेजी लेकर सप्ताहांत पर 59808.97 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 128.55 अंक यानी 0.74 प्रतिशत मजबूत होकर 17594.35 अंक पर पहुंच गया।

समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों के प्रति भी निवेशकों की निवेश धारणा मजबूत रही। इससे मिडकैप 417.16 अंक की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 24595.89 अंक और स्मॉलकैप 261.81 अंक उछल कर 27846.40 अंक पर रहा।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के बाद से अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिसका दबाव घरेलू शेयर बाजार पर लगातार बना रहा। लेकिन, अडानी समूह को जीक्यूजी पार्टनर्स से 1.87 अरब डॉलर निवेश मिलने की खबर के बाद सप्ताहांत पर बाजार ने करवट बदली और दोनों मानक सूचकांक सेंसेक्स एवं निफ्टी ने डेढ़ प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाई।

इसके अलावा अमेरिकी फेड रिजर्व के ब्याज दरों में अगली बढ़ोतरी की रफ्तार को धीमा रखने की उम्मीद से भी बाजार को समर्थन मिला है। हालांकि आसमान छू रही महंगाई पर लगाम लगाने के लिए फेड रिजर्व और यूरोपीय केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रखने का संकेत दे चुके हैं। अगले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार पर इसका असर रहेगा।

साथ ही वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत, डॉलर सूचकांक एवं एफआईआई के निवेश प्रवाह पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। एफआईआई ने पिछले लगातार तीन महीने दिसंबर, जनवरी और फरवरी में बाजार से निवेश निकाल लिए। लेकिन, मार्च में अबतक वह 12,592.17 करोड़ रुपये के शुद्ध लिवाल रहे हैं।

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वैश्विक रुझान, विदेशी कोषों के रुख से तय होगी बाजार की दिशा

नई दिल्ली,05 मार्च (एजेंसी)। शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह वैश्विक रुझान तथा विदेशी कोषों के रुख से तय होगी. होली का अवकाश होने से सप्ताह के कारोबारी दिवस कम हो गए हैं. विश्लेषकों ने यह राय जताई है.

बीएसई तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने होली के अवसर पर सात मार्च (मंगलवार) को अवकाश घोषित किया है. हालांकि स्टॉक ब्रोकरों के संगठन एएनएमआई ने सरकार, शेयर बाजारों तथा सेबी से होली का अवकाश सात मार्च के बजाए आठ मार्च को देने का अनुरोध किया है.

स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट लिमिटेड में वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक प्रवेश गौर ने कहा कि मुद्रास्फीति को काबू में करने के लिए अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी करने की आशंका के बीच भारतीय बाजारों में अस्थिरता बनी रहेगी.

विदेशी संस्थागत निवेशक जो छोटे स्तर पर शुद्ध लिवाल बने हुए हैं उन पर भी नजर रहेगी. उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका के व्यापक आर्थिक आंकड़े दस मार्च को जारी होने हैं, बैंक ऑफ जापान भी ब्याज दरों पर निर्णय लेने वाला है.

वहीं घरेलू स्तर पर भारत के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों को भी दस मार्च को जारी किया जाएगा. बाजार के निवेशकों की अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के उतार-चढ़ाव पर और ब्रेंट कच्चे तेल पर भी नजर होगी.

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड में तकनीकी शोध के उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, होली का त्योहार होने से इस सप्ताह में कारोबारी दिवस कम हो गए है. हमारा अनुमान है कि मिलेजुले संकेतों के बीच अस्थिरता अधिक रहेगी.

प्रतिभागियों को औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों का इंतजार है जो दस मार्च को जारी होंगे. इसके अलावा वैश्विक सूचकांकों विशेषकर अमेरिकी बाजारों के प्रदर्शन पर भी उनकी नजर होगी.

पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 345.04 अंक या 0.58 फीसदी चढ़ा था. भारी अस्थिरता के बावजूद शुक्रवार को बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे. तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स शुक्रवार 899.62 अंक या 1.53 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,808.97 पर बंद हुआ.

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बीते सप्ताह सेंसेक्स की शीर्ष 10 में से पांच कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 88,605 करोड़ रुपये बढ़ा

नयी दिल्ली,05 मार्च (एजेंसी)। सेंसेक्स की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से पांच के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 88,604.99 करोड़ रुपये की बढ़त हुई। सबसे अधिक फायदा भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को हुआ।

एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी और भारती एयरटेल का बाजार मूल्यांकन जहां बढ़ा है वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस), इंफोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर तथा आईटीसी की बाजार हैसियत में गिरावट आई। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 345.04 अंक या 0.58 प्रतिशत चढ़ा।

शीर्ष दस कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक के मूल्यांकन में सबसे ज्यादा वृद्धि हुई है और यह 35,832.32 करोड़ रुपये बढ़कर 5,00,759.98 करोड़ रुपये हो गया।आईसीआईसीआई बैंक की बाजार हैसियत 20,360.13 करोड़ रुपये बढ़कर 6,06,514.71 करोड़ रुपये हो गई।

एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 15,236.59 करोड़ रुपये बढ़कर 9,01,307.58 करोड़ रुपये और एचडीएफसी का 13,051.48 करोड़ रुपये बढ़कर 4,84,417.42 करोड़ रुपये हो गया है। भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण 4,124.47 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 4,26,158.52 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

हालांकि इंफोसिस का बाजार मूल्यांकन 30,150.9 करोड़ रुपये गिरकर 6,22,711.80 करोड़ रुपये रह गया जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस का 20,966.36 करोड़ रुपये घटकर 12,23,129.40 करोड़ रुपये रह गया है।

हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्यांकन 3,336.42 करोड़ रुपये गिरकर 5,80,360.79 करोड़ रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का 507.03 करोड़ रुपये घटकर 16,13,602.63 करोड़ रुपये रह गया है। आईटीसी की बाजार हैसियत भी 24.72 करोड़ रुपये की कमी होने के साथ 4,77,886.13 करोड़ रुपये रह गई है।

शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई, एचडीएफसी, आईटीसी और भारती एयरटेल का स्थान रहा।

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एमेजॉन पे पर लगा तीन करोड़ रुपये जुर्माना

*ओला फाइनैंसियल और ओबोपे मोबाइल पर भी कार्रवाई*

नईदिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक ने एमेजॉन पे (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर 3.06 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स मानकों और अपने ग्राहक को जानें मानकों के कुछ प्रावधानों का अनुपालन न करने की वजह से लगाया गया है।

इसके अलावा ओला फाइनैंसियल सर्विसेज, ओबोपे मोबाइल टेक्नोलॉजिज और मणप्पुरम फाइनैंसियल सर्विसेज पर भी इन्हीं मानकों का पालन न करने के कारण जुर्माना लगाया गया है। ओबोपे पर 5.93 करोड़ रुपये, ओला फाइनैंसियल सर्विसेज पर 1.67 करोड़ रुपये और मणप्पुरम फाइनैंस लिमिटेड पर 17.63 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।

एक बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा है, ‘ऐसा पाया गया कि इकाई (एमेजॉन पे) रिजर्व बैंक द्वारा जारी केवाईसी की जरूरतों संबंधी दिशानिर्देश का अनुपालन नहीं कर रही है। इसी को देखते हुए इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया कि दिशानिर्देशों का पालन न करने पर क्यों न जुर्माना लगा दिया जाए।’

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इकाई द्वारा दिए गए जवाब पर विचार करने के बाद पाया गया कि इकाई पर मौद्रिक दंड लगाने की पर्याप्त वजह है।
रिजर्व बैंक के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एमेजॉन पे के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम नियामकीय दिशानिर्देशों के मुताबिक कामकाज करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं और अनुपालन के उच्च मानकों का पालन करते हैं।

हम अपने ग्राहकों की जरूरतों के मुताबिक नवाचार करते हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक भुगतान का अनुभव मिल सके। हम प्राधिकारियों के साथ मिलकर काम जारी रखेंगे और अपनी प्रतिबद्धताएं उनसे साझा करेंगे।’

उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक एमेजॉन पे सहित फिनटेक कारोबारियों को रिजर्व बैंक ने 2017 में कहा था डोर टु डोर जाकर फिजिकल केवाईसी लेने की जगह वीडियो केवाईसी को सामान्य बनाया जाना चाहिए। उनसे यह भी कहा गया था कि किसी थर्ड पार्टी से केवाईसी कराने की जगह फिनटेक कारोबारियों द्वारा वीडिओ केवाईसी किया जाना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक एमेजॉन पे ने तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा दिया और वीडियो केवाईसी करना शुरू कर दिया और अभी उसके सभी केवाईसी वीडियो आधारित हैं। बहरहाल शुरुआती चरण में वीडियो केवाईसी अपनाने में तमाम फिनटेक को वक्त लग रहा है।

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भारत की अर्थव्यवस्था में चीन की अर्थव्यवस्था की तुलना में लगातार दूसरे वर्ष तेज गति से वृद्धि

नईदिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। भारत की अर्थव्यवस्था में चीन की अर्थव्यवस्था की तुलना में लगातार दूसरे वर्ष तेज गति से वृद्धि हो रही है। इस वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की 7 फीसदी वृद्धि दर होने का अनुमान जताया गया है जबकि चीन की अर्थव्यवस्था के महज 3 फीसदी वृद्धि हासिल करने का अनुमान है।

इसी प्रकार गत वर्ष भारत की 9.1 फीसदी की वृद्धि दर चीन की 8.1 फीसदी की वृद्धि दर से अधिक थी। इससे भी पहले की बात करें तो कोविड महामारी के आगमन के किसी भी संकेत से पांच वर्ष पहले यानी 2014-18 के दौरान भारत की औसत वृद्धि दर 7.4 फीसदी थी जबकि चीन की वृद्धि दर केवल 7 फीसदी थी।

वहीं से भारत के सबसे तेज गति से विकसित होती बड़ी अर्थव्यवस्था की बात शुरू हुई। इसके साथ ही चीन की कुछ दशकों की तेज विकास यात्रा पर पहली बार विराम लगा।

परंतु जैसा कि इन आंकड़ों के साथ अक्सर होता है, अगर आप अध्ययन के लिए चयनित समय में बदलाव करें तो यह कहानी बदल सकती है। पिछले पैराग्राफ में जो तस्वीर पेश की गई है उसमें वर्ष 2019 और 2020 नदारद हैं।

इन दोनों वर्षों में चीन का प्रदर्शन भारत से बेहतर रहा।

दोनों सालों के दौरान चीन का प्रदर्शन भारत से इतना अधिक बेहतर रहा कि दीर्घावधि के वृद्धि के औसत में भी वह भारत से बेहतर हो गया। 2019 में चीन ने 6 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल की जबकि भारत की वृद्धि दर 3.9 फीसदी रही।

कोविड के पहले वर्ष में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 5.8 फीसदी घटा और वृद्धि दर में 2.2 फीसदी की गिरावट आई। 2014 से 2022 तक की नौ वर्ष की अवधि को मिलाकर देखें तो चीन की औसत वृद्धि 6 फीसदी से अधिक रही जबकि भारत बमुश्किल 5.7 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल कर सका।

अगर कोविड के पहले के वर्ष से लेकर बीते चार वर्षों पर ही नजर डाली जाए चीन ने भारत को पीछे छोड़ दिया।

दुनिया की सबसे तेज गति से विकसित होती बड़ी अर्थव्यवस्था का आकलन करने की कोशिश में परिणाम एक तरह से अनिश्चित नजर आते हैं। ऐसे में भविष्य के संभावित परिदृश्य को लेकर सतर्क रहना ही चाहिए।

अभी हाल तक अधिकांश पूर्वानुमान लगाने वाले कह रहे थे कि 2023-24 में भारत का प्रदर्शन चीन की तुलना में काफी बेहतर रहेगा।

उदाहरण के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा कि चीन की वृद्धि दर 4.4 फीसदी जबकि भारत की वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहेगी। परंतु हालिया सप्ताहों में इस परिदृश्य में बदलाव आया है क्योंकि चीन में कुछ नाटकीय बदलाव आए हैं। उसने कोविड शून्य की नीति त्याग दी है और अब पहले जैसी बंदी और उथलपुथल के हालात नहीं हैं।

इसके परिणामस्वरूप एक के बाद एक अनुमान जताने वालों ने 2023 में चीन की संभावित वृद्धि के आंकड़ों में सुधार किया। अधिकांश ने चीन की संभावित वृद्धि को 5.5 फीसदी के आसपास बताया है जबकि अधिक आशावादी लोगों ने वृद्धि दर को इससे कुछ अधिक बताया है।

यह दर 6 से 6.8 फीसदी की उस संभावित वृद्धि दर से कम है जिसे एक माह पहले भारत की आर्थिक समीक्षा में उल्लिखित किया गया है। मध्यम स्तर पर इसे 6.5 फीसदी बताया गया है। सवाल यह है कि क्या अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर केवल 4.4 फीसदी रह जाने के बाद क्या भारत के आंकड़े और खराब होंगे। संभव है दोनों देश इस होड़ में बराबरी पर रहें।
सरकार की दलील है कि ताजा तिमाही के आंकड़े इसलिए कमजोर हैं क्योंकि पिछले तीन वर्षों के वृद्धि के आंकड़ों में संशोधन करके उन्हें

सुधारा गया है। शायद, लेकिन जनवरी-मार्च तिमाही के लिए अनुमान 5.1 फीसदी से अधिक नहीं हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने भी स्पष्टता के साथ स्वीकार किया है कि फिलहाल गिरावट की आशंका अधिक है।

संशोधित परिदृश्य की बात करें तो फरवरी का वस्तु एवं सेवा कर संग्रह भी उसे दर्शाता है। 1.49 लाख करोड़ रुपये के साथ यह दर्शाता है कि हाल के महीनों में बहुत कम या न के बराबर वृद्धि हुई है।

दूसरे शब्दों में कहें तो ऐसी वृद्धि के कोई संकेत नहीं हैं जो अर्थव्यवस्था को 5 फीसदी से 6 फीसदी या उससे अधिक के दायरे में ले जाए। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अल्पावधि का परिदृश्य चीन से बहुत अलग नहीं दिख रहा।

यह दलील दी जा सकती है कि भारत चीन की तरह मुश्किल में नहीं है। यहां न तो आबादी घट रही है और न ही अचल संपत्ति, विनिर्माण या वित्त की कोई समस्या है। परंतु भारत के व्यापार और राजकोष में असंतुलन है।

हम सरकार के पूंजीगत व्यय पर बहुत अधिक निर्भर हैं। संदेश एकदम साफ है: यदि भारत और चीन के बीच वृद्धि को लेकर होड़ है तो अब तक दोनों में से कोई विजेता नहीं है।

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आईआरसीटीसी ने की नई शुरुआत, सिर्फ 20 रुपए में मिलेगा 5 स्टार जैसा आलीशान कमरा

नई दिल्ली 27 फरवरी (एजेंसी)। अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं और अगर आपके पास ट्रेन की कन्फर्म टिकट है तो आप 40 रुपए में शानदार रूम में 48 घंटे तक रुक सकते हैं। भारतीय रेलवे की रिटायरिंग रूम में आपको लग्जरी होटल की तमाम सुविधाएं मिलती है। यह फैसिलिटी अधिकांश बड़े स्टेशनों पर आपको मिल जाएगी।

गर्मियों और बारिश के मौसम में अक्सर ट्रेनें काफी लेट चलती हैं जिससे यात्रियों को काफी वेट करना पड़ता है। कई यात्री ऐसे भी होते हैं जिन्हें गर्मी और बरसात की वजह से जान भी गंवानी पड़ती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। क्योंकि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आईआरसीटीसी ने यह सेवा शुरू की है।

भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लग्जरी रिटायरिंग रूम तैयार किए हैं। इस रूम को बुक करने के लिए आपके पास पीएनआर नंबर होना चाहिए। यह सुविधा आपको रेलवे के रिटायरिंग रूम में मिलती है। आप इस रूम में 48 घंटे तक ट्रेन का वेट कर सकते हैं। यहां आपसे केवल 20-40 रुपए ही किराया वसूला जाएगा।

बता दें कि नई दिल्ली, मुंबई, पुणे जैसे तमाम बड़े स्टेशनों पर रिटायरिंग रूम की सुविधा मिलती है। आप अपने टिकट के पीएनआर नंबर (क्कहृक्र) से इन रूम्स की बुकिंग कर सकते हैं। आप अपनी सुविधा के मुताबिक एसी और नॉनएसी कमरे की बुकिंग कर सकते हैं। रिटायरिंग रूम फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के आधार पर आपको अलॉट होगा। अगर रिटायरिंग रूम फुल हैं तो आपका नाम वेटिंग लिस्ट में रहेगा और जैसे ही कमरे खाली होंगे, आपकी बुकिंग अपग्रेड हो जाएगी।

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3डी मॉडल ऑनलाइन लीक: आईफोन 15 प्रो मैक्स में होगी मोटी बॉडी, कोई फिजिकल बटन नहीं

सैन फ्रांसिस्को 27 फरवरी (एजेंसी)। टेक दिग्गज एप्पल के अपकमिंग आईफोन 15 प्रो मैक्स के 3डी मॉडल ऑनलाइन लीक हो गए हैं। इसमें पता चला है कि स्मार्टफोन मोटी बॉडी के साथ आएगा और इसमें फिजिकल बटन नहीं होंगे।

एक ट्वीट में टिपस्टर आइस यूनिवर्स ने 3डी मॉडल पोस्ट किए और लिखा, 14 प्रो मैक्स की तुलना में फ्रेम पतला है।

फ्रॉस्टेड प्रक्रिया के साथ टाइटेनियम अलॉय मिडल फ्रेम, टाइप-सी, कोई फिजिकल बटन डिजाइन नहीं। इससे पहले, यह अफवाह थी कि आईफोन 15 प्रो मैक्स स्मार्टफोन में सैमसंग का 2,500 निट्स डिस्प्ले पैनल होगा।

पिछले महीने, यह बताया गया था कि आने वाले आईफोन 15 प्रो मैक्स में एक पेरिस्कोप फोल्डिंग जूम कैमरा होगा, हालांकि इसे केवल टॉप-एंड आईफोन मॉडल में शामिल किया जाएगा।

इस बीच, एक अन्य रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि आईफोन 15 प्रो और आईफोन 15 प्रो मैक्स मॉडल में हैप्टिक फीडबैक के साथ सॉलिड-स्टेट बटन, एक टाइटेनियम फ्रेम और बढ़ी हुई रैम जैसी नए फीचर्स शामिल होने की संभावना है।

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सीतारमण ने फ्रांस और दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्रियों से की द्विपक्षीय चर्चा

बेंगलुरु 26 फरवरी (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज से यहां शुरू हुयी जी 20 वित्त मंत्री एवं केन्द्रीय बैंक गवर्नरों की पहली बैठक के इतर फ्रांस के आर्थिक ,वित्त, औद्योगिक एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्री ब्रुनो ली मैरी और दक्षिण कोरिया के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री चू क्यूंग हो के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

वित्त मंत्रालय ने ट्विट के माध्यम से यह जानकारी देते हुये कहा कि इस दौरान आपसी हितों के साथ ही भारत की अध्यक्षता में हो रही जी 20 बैठक के बारे में विचार विमर्श किया गया। श्री चू के साथ श्रीमती सीतारमण ने ऊर्जा सुरक्षा और इस संबंध में स्थिर आपूर्ति श्रृखंला को लेकर विचार विमर्श भी किया।

फ्रांस के मंत्री ने टाटा एयरबस के साथ हुये सौदे को लेकर श्रीमती सीतारमण को धन्यवाद दिया और दोनों नेता बढ़ते आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने और नवीनीकरण ऊर्जा , इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन सिटी जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात की।

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रुपया 14 पैसे लुढ़का

मुंबई 26 फरवरी (एजेंसी)। दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के सात सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी गिरावट के दबाव में आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 14 पैसे लुढ़ककर 82.79 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।
इसके पिछले कारोबारी दिवस रुपया 82.65 रुपये प्रति डॉलर पर रहा था।

शुरुआती कारोबार में रुपया तीन पैसे फिसलकर 82.68 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और सत्र के दौरान लिवाली होने से यह 82.81 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़क गया। इस दौरान बिकवाली होने से यह 82.67 रुपये प्रति डॉलर के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले दिवस के 82.65 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में 14 पैसे लुढ़ककर 82.79 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया।

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जल्द निपटा लें बैंक से जुड़े जरूरी काम, मार्च में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक

नई दिल्ली 26 फरवरी (एजेंसी)।  फरवरी का महीना जल्द ही खत्म होने वाला है यानि मार्च, 2023 में प्रवेश करने वाले हैं। दूसरी ओर अगर आपका काम बैंक में है तो उसे जल्द से जल्द निपटाने की कोशिश करें क्योंकि मार्च के महीने में त्यौहारों और और अन्य अवकाशों की वजह से बैंक 12 दिन के लिए बंद रहने वाले हैं।

इसलिए हम आपको मार्च, 2023 में बैंकों में पडऩे वाले अवकाशों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देंगे।

बता दें, मार्च के महीने में भारत में होली का पर्व मनाया जाना है, वहीं यज त्यौहार बड़े उल्लास के साथ भारत में मनाया जाता है।

वहीं बैंकों में होली की छुट्टियां 3-4 दिन की रहने वाली है, जिस दौरान बैंक बन्द रहेंगे।

इसके साथ ही मार्च, 2023 में ही चैत्र नवरात्र, गुड़ी पाड़वा, रामनवमी जैसे त्यौहार भी पडऩे वाले हैं, इस दौरान भी बैंक कुछ दिनों के लिए बंद होंगे।

मार्च 2023 में इतने दिन बंद रहेंगे बैंक

05 मार्च, 2023- रविवार अवकाश

07 मार्च, 2023- होली, होलिका दहन

08 मार्च, 2023- होली, धुलेटी, डोल जात्रा

09 मार्च, 2023- बिहार के पटना में होली मनाने की वजह से बैंक रहेंगे बंद।

11 मार्च, 2023- दूसरे शनिवार का अवकाश

12 मार्च, 2023- रविवार अवकाश

19 मार्च, 2023- रविवार अवकाश

22 मार्च, 2023- गुड़ी पाड़वा, उगाडी, बिहार दिवस, प्रथम नवरात्र/ तेलगु नववर्ष के चलते बंद रहेंगे बैंक।

25 मार्च, 2023- मार्च महीने का चौथा शनिवार

26 मार्च, 2023- रविवार का अवकाश

30 मार्च, 2023- रामनवमी के चलते देश के प्रमुख शहरों में बैंक रहेंगे बंद।

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मोदी ने जी20 बैठक में कई देशों पर बढ़ते कर्ज के खतरे के प्रति किया आगाह

*वैश्विक कर्ज के समाधान की जरूरत*

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दुनिया के कई देशों पर असहनीय कर्ज के खतरे के प्रति आगाह किया जी20 राष्ट्रों के साथ ही बहुपक्षीय संस्थानों से इस समस्या का समाधान तलाशने का आह्वान किया।

जी20 राष्ट्रों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक को वर्चुअल संबोधन में मोदी ने कहा, ‘कर्ज का भारी बोझ कई देशों की वित्तीय स्थिति के लिए खतरा बन गया है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में भरोसा घटा है और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने खुद में सुधार लाने की रफ्तार काफी धीमी रखी है। अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता, विश्वास और विकास बहाल करने की जिम्मेदारी दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और मौद्रिक प्रणालियों के संरक्षकों पर है।

मोदी ने कहा, ‘दुनिया की आबादी 8 अरब के पार पहुंच गई है मगर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति धीमी प्रतीत होती है। हमें जलवायु परिवर्तन और कर्ज के ऊंचे बोझ जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करना होगा, जिसके लिए सामूहिक रूप से काम करने की जरूरत है।

एफएमसीबीजी बैठक की सह-अध्यक्ष वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी बैठक को संबोधित किया। दोनों ने वैश्विक कर्ज के बढ़ते बोझ का मसला उठाया और सीतारमण ने समस्या से निपटने के लिए बहुपक्षीय तालमेल पर जी20 देशों से विचार आमंत्रित किए।

एफएमसीबीजी को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब भी महामारी के बाद के प्रभाव और भू-राजनीतिक तनाव से जूझ रही है, जो कई देशों की वित्तीय स्थिति के लिए खतरा बना हुआ है।

मोदी ने उम्मीद जताई कि जी20 के प्रतिभागी भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवंतता से प्रेरणा लेंगे। उन्होंने कहा, ‘भारतीय उपभोक्ता और उत्पादक भविष्य के प्रति आशावादी और आश्वस्त हैं। हम आशा करते हैं कि आप उसी सकारात्मक भावना का प्रसार वैश्विक अर्थव्यवस्था में करने में सक्षम होंगे।

मोदी ने कहा, ‘मैं आग्रह करूंगा कि आपकी चर्चा दुनिया के सबसे कमजोर नागरिकों पर केंद्रित होनी चाहिए क्योंकि समावेशी एजेंडा बनाकर ही वैश्विक आर्थिक नेतृत्व दुनिया का भरोसा वापस हासिल कर पाएगा।

मोदी ने जी20 सदस्यों से डिजिटल फाइनैंस में अस्थिरता और दुरुपयोग के संभावित जोखिम काबू में करने के लिए मानक विकसित करने और प्रौद्योगिकी की क्षमता का पता लगाकर उसका उपयोग करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल भुगतान की अपनी व्यवस्था में अत्यधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया है।

उन्होंने कहा, ‘हमारे डिजिटल भुगतान तंत्र को मुक्त सार्वजनिक वस्तु के तौर पर विकसित किया गया है। उदाहरण के लिए यूपीआई कई अन्य देशों के लिए भी मानक हो सकते हैं। हमें अपने अनुभव को दुनिया के साथ साझा करने में खुशी होगी और जी 20 इसका एक जरिया हो सकता है।

सीतारमण ने सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों से कहा कि जी 20 संबंधित देश की जरूरत और हालात को ध्यान में रखते हुए सदस्य देशों की ताकत का लाभ उठाकर दुनिया भर में जीवन में बदल सकता है। यह नए विचारों का पोषण करने वाला और दुनिया के दक्षिणी हिस्से की आवाज सुनने का मंच बन सकता है।

इस बीच आरबीआई गवर्नर ने जी 20 देशों से वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष वित्तीय स्थिरिता के जोखिम और ऋण संकट जैसी चुनौतियों का दृढ़ता से समाधान करने का आह्वान किया।

दास ने कहा कि हाल के महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की तस्वीर सुधरी है और उम्मीद जगी है कि दुनिया व्यापक मंदी में जाने से बच सकती है। अगर मंदी आती भी है तो इसका असर काफी कम होगा, लेकिन अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।

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बाजार की तेजी के लिए बढ़ रहा है जोखिम, तेल शेयर मजबूत दांव

नईदिल्ली, 25 फरवरी (एजेंसी)। जेफरीज में इक्विटी रणनीति के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड ने निवेशकों को भेजी अपनी ताजा रिपोर्ट ‘ग्रीड ऐंड फियर’ में कहा है कि वैश्विक इक्विटी बाजारों में तेजी की राह में जोखिम बढ़ रहा है, खासकर भूराजनीतिक चिंताओं से बाजार धारणा कमजोर पड़ती दिख रही है। उन्होंने लिखा है कि इससे भविष्य में तेल कीमतों में तेजी देखी जा सकती है।

उन्होंने लिखा है, ‘ग्रीड ऐंड फियर में न सिर्फ अमेरिका और चीन के बीच चल रहे मौजूदा टकराव पर ध्यान दिया गया है बल्कि यह भी आशंका है कि बाजार यूक्रेन से संबंधित खबरों पर फिर से प्रतिक्रिया देना शुरू कर सकता है, जिसे पिछले कुछ महीनों से नजरअंदाज कर दिया गया था। इसलिए चिंताएं फिर से बढऩे का खतरा पैदा हुआ है।

चीन द्वारा रूस को हथियारों की संभावित आपूर्ति के मुद्दे को पिछले सप्ताह अमेरिका द्वारा उठाए जाने से दोबारा से यूक्रेन और अमेरिका-चीन संबंधों पर बहस गरमा गई है, जैसा कि करीब एक साल पहले इस युद्ध की शुरुआत में भी देखने को मिला था।
वुड का कहना है, ‘यूक्रेन मुद्दा अभी भी बाजार में उतार-चढ़ाव लाने की क्षमता रखता है, खासकर ऊर्जा कीमतों में तेजी के संदर्भ में, जिसका नकारात्मक असर फेड की नीति पर पड़ सकता है।

निवेश रणनीति के तौर पर, वुड ने निवेशकों को ऊर्जा-संबंधित शेयर अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखने का सुझाव दिया है, क्योंकि वे ऊर्जा/तेल कीमतों में यूक्रेन की वजह से आई तेजी के खिलाफ हेजिंग के सबसे अच्छे दांव हैं।

खबरों से पता चला है कि रूस ने अपने पश्चिमी बंदरगहों से तेल निर्यात मार्च में घटाकर 25 प्रतिशत करने की योजना बनाई है। कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं।

कई विश्लेषकों ने कुछ महीने पहले वर्ष के लिए अपने अनुमान पेश करते हुए तेल कीमतें कैलेंडर वर्ष 2023 के ज्यादातर समय में मजबूत बने रहने की संभावना जताई।

उदाहरण के लिए, मॉर्गन स्टैनली ने ब्रेंट क्रूड तेल 2023 की दूसरी छमाही में बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने का अनुमान जताया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 33 प्रतिशत तक अधिक है। वहीं दूसरी तरफ, जेपी मॉर्गन ने 2023 में ब्रेंट की औसत कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान जताया था।

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सीतारमण ने जी-20 वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं

बेंगलुरु 24 फरवरी (एजेंसी)।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज जी 20 बैठक से पहले अमेरिका और जापान सहित अन्य देशों के वित्त मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

इस दौरान उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने के लिए वैश्विक ढांचा बनाने, वैश्विक ऋण जोखिमों से निपटने के उपायों और बहुपक्षीय विकास बैंक को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक यहां कल से शुरू होगी। जी20 विकसित और विकासशील देशों का एक समूह है।

श्रीमती सीतारमण इस दो दिवसीय बैठक में भाग लेने के लिए यहां आई हैं। उन्होंने अब तक अमेरिकी वित्त मंत्री जेनेट येलेन, जापान के वित्त मंत्री शुनिची सुजुकी और इटली के वित्त मंत्री जियानकार्लो जियोरगेट्टी के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें की हैं। उनकी ऐसी 10 से अधिक बैठकें हुयी है।

वित्त मंत्री ने सुश्री येलन के साथ अपनी बैठक में क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने और बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने बैठक के बाद ट्वीट किया, दोनों नेताओं ने 2023 में जी20 की भारत की अध्यक्षता के तहत वित्तीय प्राथमिकताओं पर विचार विमर्श किया।

उन्होंने बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करने, वैश्विक ऋण की कमजोरियों, क्रिप्टोसंपत्तियों को विनियमित करने और स्वास्थ्य को मजबूत करने के अलावा ‘जस्ट एनर्जी ट्रांजिशन पार्टनरशिपÓ (जेईटीपी) पर चर्चा की।

एक अलग ट्वीट में मंत्रालय ने कहा कि श्रीमती सीतारमण ने अपनी जापानी समकक्ष के साथ ‘जी20 वित्त ट्रैक 2023Ó के तहत प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मंत्रालय ने कहा कि इटली के वित्त मंत्री ने बैठक के दौरान 2023 में भारत की सफल अध्यक्षता के लिए अपना पूरा समर्थन देने की बात कही।

मंत्रालय के अनुसार श्रीमती सीतारमण ने नेपाल के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल, ब्रिटेन के वित्त मंत्री जेरेमी हंट, यूरोपीय आयोग के आयुक्त पाओलो गेंटिलोनी, बैंक फार इंटरनेशनल सेटेलमेंट के महा प्रबंधक ऑस्टिन कास्टेंस, इंडोनेशिया की वित्त मंत्री श्रीमुलयानी इंद्रावती, स्पेन की उप राष्ट्रपति एवं आर्थिक मामलों व डिजिटल ट्रांसफोर्मेंसन मंत्री नाडिया काल्विनो, अर्जेंटिना के आर्थिक मामलों के मंत्री ला सेरगिओ टाम्स के साथ द्विपक्षीय बैंठकें भी की है।

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शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी

मुंबई 24 फरवरी (एजेंसी)। वैश्विक बाजार के कमजोर रुख के साथ ही स्थानीय स्तर पर फरवरी माह के वायदा सौदा निपटान को लेकर यूटिलिटीज, पावर, रियल्टी, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स समेत चौदह समूहों में हुई बिकवाली से आज शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन भी गिरावट रही।

बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 139.18 अंक का गोता लगाकर 59605.80 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 43.05 अंक उतरकर 17511.25 अंक पर आ गया। इस दौरान बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली कंपनियों में बिकवाली हुई वहीं छोटी कंपनियों में तेजी का रुख रहा, जिससे मिडकैप 0.40 प्रतिशत टूटकर 24,220.34 अंक रहा जबकि स्मॉलकैप 0.06 प्रतिशत की बढ़त लेकर 27,626.56 अंक हो गया।

इस दौरान बीएसई में कुल 3599 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1861 में गिरावट जबकि 1584 में तेजी रही वहीं 154 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में 26 कंपनियों में बिकवाली जबकि शेष 24 में लिवाली हुई।

बीएसई के 14 समूहों में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान कमोडिटीज 0.07, सीडी 0.37, ऊर्जा 0.03, वित्तीय सेवाएं 0.11, हेल्थकेयर 0.20, इंडस्ट्रियल्स 0.59, आईटी 0.09, दूरसंचार 0.30, यूटिलिटीज 1.29, कैपिटल गुड्स 0.84, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.95, पावर 1.19, रियल्टी 1.60 और टेक समूह के शेयर 0.37 प्रतिशत गिर गए।

विदेशी बाजारों का रुख नकारात्मक रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.39, जापान का निक्केई 1.34, हांगकांग का हैंगसेंग 0.35 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.11 प्रतिशत उतर गया जबकि जर्मनी के डैक्स में 0.35 प्रतिशत की बढ़त रही।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 33 अंक बढ़कर 59,777.64 अंक पर खुला लेकिन भारी बिकवाली के दबाव में थोड़ी देर बाद ही 59,406.31 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया। वहीं लिवाली होने से यह दोपहर से पहले 59,960.04 अंक के उच्चतम स्तर पर भी रहा। इसके बाद उतार-चढ़ाव से गुजरता हुआ अंत में यह पिछले दिवस के 59,744.98 अंक के मुकाबले 0.23 प्रतिशत गिरकर 59,605.80 अंक पर आ गया।

इसी तरह निफ्टी भी 20 अंक की बढ़त लेकर 17,574.65 अंक पर खुला और सत्र के दौरान 17,455.40 अंक के निचले जबकि 17,620.05 अंक के उच्चतम स्तर पर भी रहा। अंत में पिछले दिवस के 17,554.30 अंक की तुलना में 0.25 प्रतिशत टूटकर 17,511.25 अंक पर रहा।

इस दौरान सेंसेक्स की नुकसान उठाने वाली कंपनियों में एशियन पेंट 3.20, एलटी 1.40, इंडसइंड बैंक 1.30, भारती एयरटेल 1.29, टाइटन 1.23, बजाज फिनसर्व 1.01, इंफोसिस 0.71, एचडीएफसी बैंक 0.69, पावरग्रिड 0.61, एचडीएफसी 0.48, रिलायंस 0.48, एनटीपीसी 0.41, महिंद्रा एंड महिंद्रा 0.39, विप्रो 0.32, अल्ट्रासिमको 0.32, हिंदुस्तान यूनीलीवर 0.25 और नेस्ले इंडिया 0.11 प्रतिशत शामिल है।

वहीं, मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में एक्सिस बैंक 1.44, आईटीसी 0.98, एसबीआई 0.86, टाटा मोटर्स 0.86, टाटा स्टील 0.67, सन फार्मा 0.52, मारुति 0.42, टीसीएस 0.40, कोटक बैंक 0.38, एचसीएल टेक 0.38, टेक महिंद्रा 0.24, आईसीआईसीआई बैंक 0.21 और बजाज फाइनेंस 0.07 प्रतिशत शामिल रही।

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कृत्रिम हीरा प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान के लिए आईआईटी मद्रास को 243 करोड़ रु का अनुदान

नयी दिल्ली 24 फरवरी (एजेंसी)।  प्रयोगशाला में उत्पन्न हीरों (एलडीजी) के कारोबार और निर्यात प्रोत्साहित करने के लिए इस बार के बजट में प्रस्तावित योजना के तहत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (आईआईटी-मद्रास) को शोध केंद्र विकसित करने के लिए 242.96 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार अनुदान की यह राशि पांच वर्ष में दी जाएगी । इससे आईआईटी मद्रास में भारतीय प्रयोगशाला उत्पन्न हीरा केंद्र (इनसेंट-एलडीजी) स्थापित किया जाएगा।

सरकार और रत्न-आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति द्वारा आईआईटी-मद्रास की क्षमता के आकलन के बाद वहां लैब उत्पन्न हीरा प्रौद्योगिकी विकास केंद्र स्थापित किए जाने का निर्णय किया गया है।

इस संबंध में वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल की अध्यक्षता में परियोजना आकलन समिति की सिफिरिश को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंजूरी दी।

इस माह में शुरू में प्रस्तुत वर्ष 2023-24 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलजीडी मशीनरी, सीड तथा सामग्री के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन देने देश के किसी एक आईआईआई को इस क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए अनुदान दिए जाने की घोषणा की थी।

मंत्रालय ने कहा है कि इस परियोजना का उद्येश्य घरेलू उद्योगों और उद्यमियों को मिशन के रूप में प्रौद्योगिकी केमिकल वेपर डिपॉजिशन (रासायनिक वाष्प निक्षेप) वीसीडी और हाई प्रेसर एंड हाई टेम्प्रेचर (उच्च दाब एवं उच्च ताप) एचपीएचटी -दोनों प्रकार की प्रणालियों के साथ साथ एलजीडी हीरे के लिए सामग्री के देश में ही विकास के माध्यम से घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है।

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मोदी ने प्रगति की बैठक में नौ ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा

नयी दिल्ली 23 फरवरी (एजेंसी)।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रगति प्लेटफार्म की 41वीं बैठक में कुल 41,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अवसंरचना क्षेत्र की नौ बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने ‘मिशन अमृत सरोवरÓ की भी समीक्षा की। उन्होंने अवसंरचना परियोजनाओं के निर्धारण में भी प्रगति मंच के उपयोग की सलाह दी।

प्रधानमंत्री कार्यालय की जारी विज्ञप्ति के अनुसार इन परियोनाओं में इनमें तीन परियोजनाएं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की, दो रेल मंत्रालय की और एक-एक परियोजना विद्युत मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की हैं।

ये परियोजनाएं 13 राज्य- छत्तीसगढ़, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, गुजरात, महाराष्ट्र और अरुणाचल प्रदेश जुड़ी हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार बैठक में जलाशयों के विकास के लिए चलाई जा रही मिशन अमृत सरोवर की भी समीक्षा की गई।

श्री मोदी ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाने के लिए पीएम गतिशक्ति पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने परियोजनाओं के समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण और अन्य मुद्दों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। उन्होंने केन्द्र सरकार के मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच उचित समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
प्रगति दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित एक मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म है जिस पर केन्द्र और राज्य सरकारों को जोड़ा गया है ताकि शासन को आसानी से सक्रिय करते हुए बड़ी परियोजनाओं का समय पर कार्यान्वयन सम्पन्न किया जा सके। इन बैठकों में केंद्र और संबंधित राज्यों के परियोजनाओं से जुड़े विभागों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

श्री मोदी ड्रोन के माध्यम से किशनगंज, बिहार और बोटाड, गुजरात में अमृत सरोवर स्थलों के वास्तविक समय का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को मानसून आने से पहले मिशन मोड में अमृत सरोवर का काम पूरा करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने योजना के तहत 50,000 अमृत सरोवर के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर की निगरानी पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि जन भागीदारी के साथ ‘मिशन अमृत सरोवरÓ के तहत पूरे देश में जल निकायों के कायाकल्प के लिए काम कर रहा है जिससे भविष्य के लिए जल संरक्षण में मदद मिलेगी। मिशन पूरा होने के बाद जल धारण क्षमता में लगभग 50 करोड़ घन मीटर वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा इससे अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में प्रति वर्ष लगभग 32,000 टन कमी होने और भूजल फिर स्तर में 2.2 करोड़ घन मीटर से अधिक की वृद्धि की उम्मीद है।

इस मिशन के तहत अनेक सामाजिक कार्य जैसे स्वच्छता रैली, जल संरक्षण पर जल शपथ, स्कूली बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता, छठ पूजा

जैसे धार्मिक उत्सव अमृत सरोवर स्थलों पर आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रगति बैठकों के दौरान अब तक 15.82 लाख करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 328 परियोजनाओं की समीक्षा की जा चुकी है।

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निवेशकों के डूबे 3.87 लाख करोड़ से अधिक

मुंबई 23 फरवरी (एजेंसी),। दुनिया के केंद्रीय बैंकों के आगे भी ब्याज दर बढ़ोतरी किये जाने की आशंका से शेयर बाजार में डेढ़ फीसदी की गिरावट से मचे कोहराम में आज निवेशकों के 3.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए।

बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 927.74 अंक यानी 1.53 प्रतिशत का गोता लगाकर 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 59744.98 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 272.40 अंक अर्थात 1.53 प्रतिशत लुढ़ककर 17554.30 अंक पर रहा।

शेयर बाजार की भारी गिरावट से निवेशकों का बाजार पूंजीकरण पिछले दिवस के 2,65,21,111.74 करोड़ के मुकाबले 3,87,232.25 करोड़

रुपये कम होकर 2,61,33,879.49 करोड़ रुपये पर आ गया।

निवेश सलाह देने वाली कंपनी मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंदर सिंह नंदा ने कहा कि फरवरी महीने का मासिक वायदा सौदा निपटान के करीब आने के साथ शेयर बाजार में तेज गिरावट आई है। इस गिरावट में अमेरिकी फेड के ब्याज दर में एक बार फिर वृद्धि करने के संकेत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बाजार को झटका तब लगा जब वह विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार जारी बिकवाली एवं अडानी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद मचे हाहाकार से से उबर रहा था।

फेड रिजर्व की ओपन मार्केट कमेटी (ओएमसी) की बुधवार देर रात मिनट्स जारी होने वाले हैं, जिसमें वे ब्याज दर के संबंध में आगे के फैसले के लिए कुछ संकेत देंगे। एफओएमसी बैठक के नतीजों का वैश्विक बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।

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रेल मंत्रालय में खत्म हुआ वीवीआईपी कल्चर, अब मंत्री खुद उठकर जाएंगे अटेंडेंट को बुलाने

नई दिल्ली 22 फरवरी (एजेंसी) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न स्तरों पर वीवीआईपी कल्चर को खत्म करने के दृष्टिकोण के तहत अब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक फैसला लिया है।

दरअसल, मंत्रालय में फैसला लिया गया है कि अधिकारियों के कमरों में टेबल पर घंटी नहीं रहेगी। यहां तक कि मंत्री सेल में इस फैसले को लागू कर दिया गया है। खुद रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने कमरे से घंटी को हटवा दिया है। इसी तरह सेल में मौजूद सभी अधिकारियों के कमरों से भी बेल हटा दी गई हैं।

पर आप पूछ सकते हैं कि यदि अटेंडेंट को बुलाना हो तो कैसे बुलाया जाएगा? तो इसके लिए बताया गया है कि खुद मंत्री या अधिकारियों को उठकर कमरे से बाहर जाना होगा और अटेंडेंट को बुलाना होगा।

बहुत अधिक व्यस्त होने के कारण यदि वे उठकर नहीं जा सकते तो फिर उन्हें फोन का सहारा लेना होगा। हर कार्य को कराने के लिए उन्हें या तो खुद उठकर चपरासी को बुलाना होगा या फिर उन्हें ऑफिस में फोन करके चपरासी या किसी अन्य जूनियर कर्मचारी को बुलावा भेजना होगा।

अभी तक यह फैसला मंत्री सेल में लागू हुआ है। इसके बाद संभावना है यही फैसला जल्द ही रेलवे बोर्डस में भी लागू होगा।

वहां भी अधिकारियों के कमरों से घंटियां हटा दी जाएंगी और उन्हें भी किसी भी काम के लिए किसी कर्मचारी को बुलाने के लिए खुद उठकर कमरे से बाहर जाना पड़ेगा।

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मोबाइल यूजर्स को झटका, नंबर चालू रखने के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे

नई दिल्ली 22 फरवरी (एजेंसी) । टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने अपने यूजर्स को तगड़ा झटका दिया है। कंपनी ने अपने सबसे सस्ते प्लान को 57 पर्सेंट महंगा कर दिया है। दरअसल, एयरटेल ने अपने 99 रुपये वाले बेस प्लान को 19 सर्कल से हटा दिया है। ऐसे में अब कंपनी का बेस प्लान 155 रुपये का हो गया है। अब यूजर्स को अपने एयरटेल नंबर को चालू रखने के लिए कम से कम 155 रुपये का रिचार्ज कराना जरूरी होगा। कंपनी ने इस प्लान को पिछले साल नवंबर से हटाना शुरू कर दिया था।

यह प्लान ओडिशा और हरियाणा में पहले ही डिस्कंटिन्यू हो चुका है। वहीं, इस बार कंपनी ने इसे महाराष्ट्र और केरल के 19 सर्कल से हटाया है। कंपनी ने जनवरी 2023 के आखिर में इस बेस प्लान को बिहार, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, नॉर्थ-ईस्ट, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिमी यूपी में ऑफर करना बंद कर दिया था। इन राज्यों में भी एयरटेल का बेस प्लान अब 155 रुपये हो गया है।
99 रुपये वाले प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यह प्लान 28 दिन की वैलिडिटी के साथ आता था। इसमें 99 रुपये का टॉकटाइम मिलता था। इंटरनेट यूज करने के लिए प्लान में कंपनी 200रूक्च डेटा ऑफर करती थी। अब कंपनी इस प्लान की जगह 155 रुपये वाला बेस प्लान ऑफर कर रही है।

155 रुपये के प्लान में आपको 24 दिन की वैलिडिटी मिलेगी। प्लान में टोटल 1जीबी डेटा ऑफर किया जा रहा है। इस प्लान के सब्सक्राइबर देश भर में सभी नेटवर्क्स पर अनलिमिटेड कॉलिंग कर सकते हैं। 300 फ्री एसएमएस वाले इस प्लान में आपको विंक म्यूजिक के साथ हेलो ट्यून्स का फ्री ऐक्सेस भी मिलेगा।

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भारत ने विश्व स्तर पर औसत मोबाइल स्पीड में 10-स्पॉट की छलांग लगाई

नई दिल्ली 22 फरवरी (एजेंसी) । रिलायंस जियो और एयरटेल की बदौलत 5जी रिलीज स्पीड पकड़ रहा है। भारत ने जनवरी के महीने में वैश्विक स्तर पर औसत मोबाइल स्पीड में 10 स्थानों की छलांग लगाई, जिसके बाद यह दिसंबर में 79वें स्थान से 69वें स्थान पर पहुंच गया। सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

नेटवर्क इंटेलीजेंस और कनेक्टिविटी इनसाइट्स प्रदाता ऊकला के अनुसार, देश ने समग्र औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड के लिए विश्व स्तर पर रैंक में दो स्थान (दिसंबर में 81वें से जनवरी में 79वें स्थान पर) की वृद्धि की है।

भारत में ओवरऑल फिक्स्ड मीडियन डाउनलोड स्पीड दिसंबर में 49.14 एमबीपीएस से जनवरी में 50.02 एमबीपीएस तक मामूली वृद्धि देखी गई।

नवंबर में, भारत औसत मोबाइल स्पीड में विश्व स्तर पर 105वें स्थान पर रहा।

ऊकला ने इस साल जनवरी में 29.85 एमबीपीएस की औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड भी दर्ज की, जो दिसंबर 2022 में 25.29 एमबीपीएस से बेहतर है।

यूएई समग्र वैश्विक औसत मोबाइल स्पीड का नेतृत्व करता है, जबकि पापुआ न्यू गिनी ने विश्व स्तर पर रैंक में 24 स्थानों की वृद्धि की है।
निश्चित ब्रॉडबैंड डाउनलोड स्पीड के लिए, सिंगापुर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जबकि साइप्रस ने वैश्विक स्तर पर रैंक में 20 स्थानों की वृद्धि दर्ज की है।

इस बीच, रिलायंस जियो की ट्र 5जी सेवाएं 236 से अधिक शहरों में लाइव हो गई हैं, जो कम समय में इतने व्यापक नेटवर्क तक पहुंचने वाला पहला और एकमात्र दूरसंचार ऑपरेटर बन गया है।

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रेल पर सफर करने वालों को राहत! अब मिनटों में मिलेगा टिकट, खिड़की पर जाने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली 21 फरवरी (एजेंसी)। ट्रेन में सफर करने से पहले स्टेशन पर विंडो से टिकट खरीदना हर यात्री के लिए बड़ा सिरदर्द है, क्योंकि लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना बेहद मुश्किल भरा होता है।

हालांकि, तकनीक के इस दौर में भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए कई बड़े स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई हैं लेकिन इनकी संख्या बेहद कम है। अब रेलवे ने इन ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन की संख्या में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है।

देश के कई रेलवे स्टेशनों पर और ज्यादा  एटीवीएम के लगने से यात्रियों को आसानी से टिकट मिलेंगे और उन्हें लंबी कतारों में टिकट खरीदने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इससे लोगों का समय बचने के साथ-साथ टिकट काउंटर पर लगने वाली भीड़ भी कम होगी।

दक्षिण रेल डिवीजन ने कई रेलवे स्टेशनों पर 254 अतिरिक्त एटीवीएम लगाने का फैसला किया है। साउदर्न रेलवे ने कुल 6 मंडलों में 254 ऑटोमैटिक टिकट वेडिंग मशीन लगाने का फैसला किया है।

रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध ्रएटीवीएम मशीनों से यात्री मिनटों में टिकट निकाल सकते हैं। खास बात है कि इन मशीनों से सुपर फास्ट और मेल एक्सप्रेस समेत सभी ट्रेनों के अनारक्षित टिकट निकाले जा सकते हैं। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म टिकट भी लिया जा सकता है।

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मुश्किलों से घिरे अडानी ग्रुप को बड़ी राहत, सरकारी बैंक और लोन देने के लिए तैयार

नई दिल्ली 21 फरवरी (एजेंसी)। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की वजह से मुसिबतों में घिरे गौतम अडानी के लिए एक राहत भरी खबर है। अडानी ग्रुप के लिए यह राहत देश के बड़े बैंकों में से एक बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से आई है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि वह अडानी ग्रुप को और पैसा उधार देने पर विचार करने के लिए तैयार है। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में अडानी ग्रुप पर अकाउंटिंग फ्रॉड और शेयर प्राइस में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव चड्ढा ने कहा है कि अगर अडानी ग्रुप, बैंक के अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स को पूरा करता है तो बैंक ऑफ बड़ौदा ग्रुप को और लोन देगा। उन्होंने कहा, ‘मैं अडानी स्टॉक्स में आ रही मार्केट वोलैटिलिटी को लेकर चिंतित नहीं हूं।Ó चड्ढा ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘आपके पास अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स हैं। आप अच्छे वक्त के साथ-साथ बुरे वक्त में भी इनके साथ बने रहते हैं।Ó हालांकि, उन्होंने अडानी ग्रुप में बैंक के ओवरऑल एक्सपोजर के बारे में कुछ भी बताने से इनकार किया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा, अडानी ग्रुप को उसके धारावी रीडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट के लिए लोन एक्सटेंड करने पर विचार करेगा। चड्ढा ने बताया कि ड्यू डिलिजेंस और कान्सन्ट्रैशन लिमिट पर विचार करने के बाद ही लोन एक्सटेंड किया जा सकता है। इस महीने की शुरुआत में चड्ढा ने कहा था कि अडानी ग्रुप में बैंक ऑफ बड़ौदा का एक्सपोजर रिजर्व बैंक के फ्रेमवर्क के तहत दी गई लिमिट का करीब एक चौथाई है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद से अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू में करीब 125 बिलियन डॉलर की गिरावट आई है।

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5जी के आने से भारत में डेटा का उपयोग 2024 तक दोगुना होगा : नोकिया रिपोर्ट

नयी दिल्ली 17 फरवरी (एजेंसी) । नोकिया मोबाइल ब्रॉडबैंड इंडेक्स (एमबीआईटी) की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2024 तक मोबाइल इंटरनेट डेटा का उपयोग दोगुना हो जायेगा और इसमें 5जी नेटवर्क नये त्वरणकर्ता की भूमिका निभायेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि 5जी प्रौद्योगिकी अधिक हरित अर्थव्यवस्था की बुनियाद होगी और अब बिना डिजिटल के ग्रीन की कल्पना नहीं की जा सकती।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 5जी नेटवर्क देश में कार्य की दक्षता, उत्पादकता और स्वच्छ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा और इससे भारतीय उद्योग में डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार औद्योगीकरण की चौथी क्रांति डिजिटल टेक्नॉलाजी से नियंत्रित विनिर्माण पर आधारित होगी और भारत को 5जी और 4जी दूरसंचार नेटवर्क से आईसीटी (सूचना एवं दूरसंचार प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखला का वैश्विक केन्द्र बनने में मदद मिल सकती है।

नोकिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कंपनी के भारत में बाजार प्रमुख संजय मलिक ने गुरुवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में यह रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि देश में मोबाइल डेटा उपयोग पिछले पांच वर्षों में 3.2 गुना से अधिक बढ़ा है और यह 14 एक्साबाइट प्रति माह से अधिक पहुंच गया है।

उन्होंने बताया कि नोकिया की रिपोर्ट के अनुसार देश में मोबाइल डेटा उपयोग प्रति माह 2018 के 4.5 एक्साबाइट से बढ़कर 2022 में 14.4 एक्साबाइट तक पहुंच गया। अक्टूबर में 5जी की वाणिज्यिक शुरुआत के साथ मोबाइल डेटा की खपत बढऩे का भी संकेत मिला है क्योंकि संचार सेवा प्रदाताओं ने 5जी नेटवर्क की शुरुआत तेजी से नये क्षेत्रों में की है।

उन्होंने बताया कि प्रति उपयोगकर्ता औसत डेटा का उपभोग 2018 के बाद से तेजी से बढ़कर 2022 में 19.5 जीबी पहुंच गया है। देश में कुल मोबाइल डेटा उपभोग 2024 तक 43.7 एक्साबाइट होने का अनुमान है।

उल्लेखनीय है कि भारत में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल में देश में अपने 5जी नेटवर्क सेवा की शुरुआत 2022 की
तीसरी तिमाही से कर दी है और सघन उपयोग वाले विभिन्न स्थानों पर उनकी सेवायें काम करने लगी हैं। रिपोर्ट के

अनुसार 2022 में भारत में सात करोड़ 5जी उपकरण बेचे गये।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रति उपयोगकर्ता मोबाइल डेटा की खपत साल दर साल 19 प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए 2018 के 9.7 जीबी मासिक से बढ़कर 2022 में 19.5 जीबी मासिक हो गयी।

भारत में प्राइवेट वायरलेस ढांचे पर निवेश 25 करोड़ डॉलर होने का अनुमान है जिनका उपयोग परिवहन, विनिर्माण, बिजली-पानी जैसी सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों द्वारा किया जायेगा।

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