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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

झारखंड मंत्रालय, रांची, 11 जुलाई 2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)

* जिला योजना अनाबद्ध निधि के माध्यम से योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन हेतु मार्गदर्शिका में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

* पथ प्रमण्डल, राँची (ग्रामीण) अन्तर्गत “सिल्ली-बंता-हजाम टीकर- रंगामाटी पथ (MDR-25) के कि०मी० 0.00 से कि०मी० 39.00 तक (कुल लं०-39.00 कि०मी०) के राईडिंग क्वालिटी में सुधार (IRQP) कार्य” हेतु रू० 32,70,37,400/- (बत्तीस करोड़ सत्तर लाख सैंतीस हजार चार सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

* राँची जिलान्तर्गत “कुम्हरिया मोड़ (मेसरा-पिठोरिया पथ पर) से संग्रामपुर (करमटोली-ओरमाँझी पथ पर) (कुल लंबाई-6.333 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पथ के पुनर्निर्माण कार्य (पुल निर्माण, भू-अर्जन, एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित) हेतु रू० 38,89,68,400/- (अड़तीस करोड़ नवासी लाख अड़सठ हजार चार सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

* श्रीमती कुमुदिनी टुडू, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-35/20), तत्कालीन अंचल अधिकारी, नामकुम, राँची द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प सं०-26661 (HRMS), दिनांक-01.08.2024 द्वारा अधिरोपित दण्ड “असंचयात्मक प्रभाव से 02 (दो) वेतनवृद्धि पर रोक” को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

* डॉ० अभिनीति सिद्धार्थ, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नयाभुसूर, नामकुम, राँची को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

* डॉ० स्नेहा सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, नाला, जामताड़ा को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई।

* डॉ० अरविन्द कुमार लाल, तत्कालीन प्रभारी सिविल सर्जन, जमशेदपुर सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय उच्च न्यायालय, झारखण्ड द्वारा वाद सं०-1855/2022 में दिनांक-03.04.2024 को पारित आदेश के आलोक में सेवा से बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

* राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (National Pension Scheme) के तहत एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme) का संचालन की स्वीकृति दी गई।

* माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय अन्तर्गत दायर वाद संख्या-WPS No. 4742/2022, मेनका महान्ती बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य के क्रम में स्व० भगत चरण महान्ती, भूतपूर्व पदचर को अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी गई।

* श्री शिव कुमार प्रसाद, स्वै० सेवानिवृत पुलिस अवर निरीक्षक के चिकित्सा में हुए व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु कुल राशि रु० 10,20,966/- (दस लाख बीस हजार नौ सौ छियासठ) मात्र भुगतान की स्वीकृति पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

* झारखण्ड अवर शिक्षा सेवा के पूर्व में सृजित पदों के आलोक में वर्त्तमान आवश्यकतानुसार पदों का प्रत्यर्पण एवं स्वीकृति दी गई।

* भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलछाजन विकास अवयव (WDC-PMKSY 2.0) परियोजनाओं में Spineless Cactus Plantation अन्तर्गत तकनीकी सहयोग प्रदान करने हेतु 04 संस्था के मध्य Non-Financial MoU करने की स्वीकृति दी गई।

* माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची द्वारा W.P. (S) No.-1417/2022 Umesh Paswan Vrs. State of Jharkhand & Others एवं W.P. (S) No.-1430/2022 Ram Binay Sharma Vrs. State of Jharkhand & Others में पारित न्यायादेश के अनुपालन में याचिकाकर्त्ताओं की सेवा दिनांक-16.01.1994 से नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

* राज्य अंतर्गत सभी थानों हेतु चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के क्रय की स्वीकृति दी गई।

* “झारखंड उत्पाद (झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खुदरा उत्पाद दुकानों का संचालन) नियमावली, 2022” के तहत राजस्वहित में अल्पकालीन वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत नई खुदरा उत्पाद नीति के तहत खुदरा उत्पाद दुकानों का संचालन प्रारम्भ होने तक श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा निर्धारित दर के आलोक में दैनिक पारिश्रमिक पर मानव बल की सेवा प्राप्त कर झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खुदरा उत्पाद दुकानों के संचालन हेतु निर्गत संकल्प संख्या 1138 दिनांक 05.07.2025 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

* The District Courts of the State of Jharkhand for the Use of Electronic Communication and Audio-Video Electronic Means Rules, 2025 के गठन के निमित्त इस पर माननीय राज्यपाल महोदय का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति दी गई।

* षष्ठम झारखण्ड विधानसभा का तृतीय (मानसून) सत्र 01.08.2025 से 07.08.2025 तक आहूत किये जाने तथा संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

* माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची में दायर वाद संख्या-W.P.(S) No. 5232/2022 (Shri Biswanath Oraon & Ors-Vrs-The State of Jharkhand & Ors.) में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक-11.09.2024 को पारित आदेश के आलोक में वादीगणों / वर्ष 2017 में नियुक्त/ कार्यरत खान निरीक्षकों को देय तिथि से सेवा सम्पुष्टि एवं वेतनवृद्धि अनुमान्य किये जाने हेतु एकबारीय व्यवस्था के तहत सेवा नियमावली में प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्णता के आवश्यक शर्त / अर्हता में छूट प्रदान करने के निमित्त अधिसूचित झारखण्ड अवर खनन अभियंत्रण सेवा नियमावली के संबंधित प्रावधान को, पूर्वोद्धारण नहीं समझे जाने की शर्त के साथ, क्षान्त/शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।

* राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

* राज्य सरकार के पेंशनधारियों / पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केन्द्रीय वेतनमान) में दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से महँगाई राहत की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

* राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (पंचम वेतनमान) में दिनांक 01.01.2025 के प्रभाव से महँगाई भत्ता की दरों में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई।

* दिनेश कुमार मिश्र, तत्तकालीन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, हजारीबाग सम्प्रति- जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, लातेहार की चिकित्सा हेतु एयर एम्बुलेंस से राँची से दिल्ली ले जाने में हुए व्यय रु०-05,75,101 /- (पाँच लाख पचहतर हजार एक सौ एक) मात्र के प्रतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई।

* संस्था निबंधन अधिनियम, 1860 की धारा 24 के अन्तर्गत संस्था निबंधन नियमावली के गठन की स्वीकृति दी गई।

* सुश्री माधुरी खालखो को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु मरड. गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति अंतर्गत वर्णित छात्रवृत्ति की अवधि व पाठ्यक्रम संबंधी पात्रता को विशेष परिस्थिति में क्षांत/शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।

* स्व० जगरनाथ महतो, तत्कालीन मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, झारखण्ड सरकार के Lung Transplant के उपरांत एम०जी०एम० अस्पताल चेन्नई में करायी गयी अनुगामी चिकित्सा में वास्तविक व्यय राशि रु० 44,83,670/- (चौवालीस लाख तिरासी हजार छः सौ सत्तर) मात्र की प्रतिपूर्ति/भुगतान की स्वीकृति दी गई।

* साहेबगंज अन्तर्गत “करमाटांड (मोहनपुर-करमाटांड RCD पथ पर) से जुराल (SH-18 पर) पथ (कुल लं0-12.706 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं Plantation सहित) हेतु रू० 121,74,29,300/- (एक सौ एक्कीस करोड़ चौहत्तर लाख उनतीस हजार तीन सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

* उत्तरवर्ती बिहार एवं झारखण्ड राज्य स्थित एकीकृत बिहार पंचायत राज वित्त निगम लिमिटेड के कर्मियों के बकाया वेतनादि के भुगतान हेतु झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

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सावन का पहला दिन : सीएम योगी ने किया रुद्राभिषेक

प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना

गोरखपुर ,11 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सावन के पहले दिन यूपी के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह रुद्राभिषेक और हवन किया। रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कर उन्होंने भगवान शिव से सभी के कल्याण और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर के अपने आवास पर शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया। उन्होंने बिल्व पत्र, दुर्वा, मदार पत्र, कमल पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की, फिर जल, दूध और मौसमी फलों के रस से अभिषेक किया।

मठ के विद्वान आचार्यों और पुरोहितों ने शुक्ल यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी मंत्रों के साथ रुद्राभिषेक संपन्न कराया। इसके बाद योगी ने वैदिक मंत्रों के बीच हवन भी किया।

रुद्राभिषेक अनुष्ठान के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की।

आज से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए खास है। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। इस बार सावन में चार सोमवार आएंगे, और हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ का अलग-अलग शृंगार होगा।

काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की सुविधा के लिए पांच जगहों पर मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जहां डॉक्टर तीन पालियों में उपलब्ध हैं।
लोधेश्वर, गोला और कानपुर के परमट मंदिर में भी भक्त सुबह से दर्शन के लिए कतार में खड़े हैं।

राज्य के अन्य शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। कई भक्तों ने पंडितों के साथ शिव महाभिषेक, महामृत्युंजय जाप और रुद्राभिषेक किया। सावन के पूरे महीने सभी शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी।

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सावन के पहले दिन शिव भक्ति में लीन हुई डिप्टी सीएम दिया कुमारी

जयपुर ,11 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। श्रावण मास की पावन शुरुआत पर राजधानी जयपुर आज शिवमय नजर आया, तो वहीं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सिटी महल स्थित श्री राजराजेश्वर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का दुग्ध और जल से अभिषेक कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

सुबह के समय मंदिर में वेदों के पवित्र मंत्रों की ध्वनि गूंजी, परंपराओं का निर्वहन करते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पूरे श्रद्धाभाव से भोलेनाथ का पूजन किया।

मंदिर परिसर शिव आराधना और भक्ति भाव से सराबोर हो उठा। पूजा के दौरान उन्होंने हाथ में जलकलश लेकर शिवलिंग का रूद्राभिषेक किया और पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की आरती की।

इस विशेष अवसर पर अनेक महिलाओं और कन्याओं ने भी पूजा में भाग लिया। फूलों की खुशबू, धूप-दीप की लौ, मंत्रोच्चार और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच माहौल अत्यंत आध्यात्मिक रहा। श्रद्धा और संस्कार की इस मिलन बेला में उपमुख्यमंत्री ने न केवल अपने व्यक्तिगत विश्वास को साझा किया, बल्कि पूरे प्रदेश की ओर से महादेव से आशीर्वाद भी मांगा।

दिया कुमारी ने कहा – सावन का यह पवित्र महीना आत्मिक ऊर्जा, भक्ति और साधना का प्रतीक है। भगवान शिव के चरणों में यही प्रार्थना है कि प्रदेश में खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और समृद्धि बनी रहे।

उन्होंने प्रदेशवासियों को सावन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह समय ईश्वर की भक्ति के साथ आत्मनिरीक्षण और परोपकार का भी है।

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बंगाल में इतिहास के प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को आतंकी करार दिया

कुलपति ने मांगी माफी, कहा- भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होगी

कोलकाता 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। स्वतंत्रता सेनानियों के प्रताप के लिए दुनिया भर में जाने जाने वाले बंगाल में इतिहास के प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को ‘आतंकी’ करार देने पर हंगामा खड़ा हो गया है। जी हां, बंगाल के विद्यासागर विश्वविद्यालय (विवि) में स्नातक स्तर की परीक्षा के इतिहास के प्रश्नपत्र में स्वतंत्रता सेनानियों को ‘आतंकी’ कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है।

प्रश्न के तौर पर ब्रिटिश जमाने के मेदिनीपुर के उन तीन जिलाधिकारियों के नाम बताने को कहा गया है, जिनकी आतंकियों ने हत्या की थी। शिक्षाविदों के एक वर्ग ने इसपर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बार्ज, पेडी व डगलस ब्रिटिश जमाने के अत्याचारी जिलाधिकारी थे, जिन्हें बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों ने मारा था। उन्हें आतंकी कहना अनुचित है।

दूसरी तरफ विवि प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए दो अध्यापकों को हटा दिया है। विवि के कुलपति दीपक कुमार कर ने कहा-‘गलत अनुवाद के कारण ऐसा हुआ है। हम इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। मालूम हो कि बार्ज की अनाथबंधु पांजा, मृगेंद्रनाथ दत्त, रामकृष्ण राय, निर्मल जीवन घोष व ब्रजकिशोर चक्रवर्ती, पेडी की बिमल दासगुप्ता व ज्योति जीवन घोष और डगलस की प्रभांग्शु शेखर पाल व प्रद्योत कुमार भट्टाचार्य ने हत्या की थी।

प्रद्योत, रामकृष्ण, निर्मल जीवन व ब्रजकिशोर को फांसी की सजा हुई थी। बिमल, ज्योति जीवन व प्रभांग्शु को कारावास की सजा सुनाई गई थी जबकि अनाथबंधु पुलिस के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। मुठभेड़ में बुरी तरह घायल हुए उनके साथी मृगेंद्रनाथ की भी अगले दिन चिकित्सा के दौरान मृत्यु हो गई थी।

शिक्षकों के संगठन शिक्षानुरागी ऐक्य मंच के सचिव किंकर अधिकारी ने कहा कि यह एक अवांछित घटना है। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।माकपा ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और राज्य स्तर पर तृणमूल कांग्रेस, दोनों ही इतिहास के साथ छेड़छाड़ के लिए ज़िम्मेदार हैं।

पार्टी का दावा है कि यह घटना तो बस एक ताज़ा उदाहरण है। तृणमूल कांग्रेस की ज़िला इकाई ने भी मामले की गंभीरता को स्वीकार किया और कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना आतंकवादियों से करना एक “अक्षम्य भूल” है।

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श्रावण मास कांवड़ यात्रा के लिए गौतमबुद्धनगर में सुरक्षा और सुविधाओं के किए व्यापक इंतजाम

नोएडा ,11 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। श्रावण मास के दौरान शुक्रवार से कावड़ यात्रा शुरू हो चुकी है और आज से लेकर अब 25 जुलाई तक गौतमबुद्ध नगर में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके साथ-साथ ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी आज रात 10 बजे से लागू कर दिया जाएगा जो 25 जुलाई तक जारी रहेगा।

इसलिए घर से निकलते वक्त ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी जरूर करके निकले। इसके साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के भी चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों को कावड़ यात्रा मार्ग पर लगाया गया है और कंट्रोल रूम से उनकी मॉनिटरिंग की जाएगी।

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी किए गए निर्देश के मुताबिक कांवड़ संघों, शिविर आयोजकों और डीजे संचालकों के साथ पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर निर्देश दिए हैं कि किसी भी वाहन पर लगाए जाने वाले डीजे की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए। डीजे की ध्वनि भी उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से यात्रा मार्गों पर 8 एम्बुलेंस और कई चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में 16 डॉक्टर, 16 फार्मासिस्ट, 16 वार्ड ब्वॉय और हेल्प डेस्क के साथ जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है।

बिजली के करंट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कांवड़ मार्ग पर आने वाले 600 से अधिक बिजली के पोल और 50 से अधिक ट्रांसफॉर्मरों पर इंसुलेशन का कार्य पूरा किया गया है। साथ ही सभी जर्जर पोल व तारों को दुरुस्त किया गया है। आकस्मिक स्थितियों के लिए जनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।

श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर लगने वाले मेलों और शिविरों में बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा पुलिस द्वारा सोशल मीडिया की 24&7 निगरानी की जा रही है।

किसी भी प्रकार की अफवाह या सांप्रदायिक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस एवं पीएसी बल तैनात किया गया है। इसके अलावा पूरे जनपद में धारा 163 लागू कर दी गई है।

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प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, श्रद्धालुओं और नाविकों की मुश्किलें बढ़ीं

प्रयागराज ,11 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, श्रद्धालुओं और नाविकों की मुश्किलें बढ़ीं   प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ा, श्रद्धालुओं और नाविकों की मुश्किलें बढ़ीं। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

पूरा संगम क्षेत्र पानी में डूब गया है, जिससे स्थानीय लोगों, तीर्थ पुरोहितों और नाविकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, आज से सावन का पवित्र महीना शुरू हो गया है, जिसके कारण संगम और दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढऩे की उम्मीद है। लेकिन, गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढऩे से स्थिति मुश्किल हो गई है।

स्थानीय नाविक राजीव ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। आमतौर पर इस समय जलस्तर 10 फीट के आसपास होता है, लेकिन अब यह 20-25 फीट तक पहुंच गया है। इससे नाविकों को यात्रियों की संख्या में कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ा है। हमारी रोजी-रोटी खतरे में है। कम यात्री आने से हमें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

दशाश्वमेध घाट पर पूजा-पाठ कराने वाले तीर्थ पुरोहित भी इस स्थिति से परेशान हैं। पुरोहित प्रीतम कुमार मिश्रा ने बताया कि बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों पर पूजा-पाठ कराना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा, सावन शुरू हो चुका है और इस समय श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है। लेकिन जलस्तर बढऩे से हम पूजा कैसे कराएं? घाट जलमग्न हैं और हमें बार-बार पीछे हटना पड़ रहा है।

इसके अलावा, घाटों पर दूध और अन्य सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। गंगा का पानी हनुमान मंदिर तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने जल्द राहत और समाधान की मांग की है। फिलहाल, बाढ़ की इस स्थिति ने प्रयागराज में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

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विश्व जनसंख्या दिवस: परिवार नियोजन के लिए कैफेटेरिया अप्रोच पर जोर दे रहे विशेषज्ञ, जानें ये क्या?

नई दिल्ली 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है और इस वर्ष 2025 की थीम है, “युवाओं को इस योग्य बनाना कि वे एक न्यायसंगत और आशापूर्ण विश्व में अपनी इच्छानुसार परिवार का निर्माण कर सकें।”

इस मौके पर वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी, डॉ. मीरा पाठक ने बढ़ती जनसंख्या, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

मीरा पाठक ने बताया कि जब हम जनसंख्या की बात करते हैं, तो वह केवल एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि उन असल लोगों की बात होती है जो इस आंकड़े का हिस्सा हैं। जनसंख्या कोई गिनती भर नहीं है, यह उन लोगों की बात है जिनकी जरूरतें, अधिकार और सपने होते हैं।

आज भारत की जनसंख्या 140 करोड़ को पार कर चुकी है और हर एक मिनट में 54 बच्चे भारत में जन्म ले रहे हैं। इस स्थिति में जरूरी है कि हम सिर्फ जनसंख्या नहीं, बल्कि इससे जुड़े स्वास्थ्य, शिक्षा, संसाधनों और अधिकारों की बात करें।

मीरा पाठक के अनुसार, विश्व जनसंख्या दिवस का एक प्रमुख उद्देश्य है लोगों का ध्यान प्रजनन स्वास्थ्य की ओर आकर्षित करना। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से भी जुड़ा होता है। महिलाओं को यह समझने और मानने का अधिकार है कि वे स्वयं तय करें कि उन्हें कब शादी करनी है, कब और कितने बच्चे करने हैं, और कैसे अपने परिवार की योजना बनानी है।

उन्होंने कहा कि हर महिला को यह अधिकार है कि वह अपनी जिंदगी के अहम फैसले खुद ले सके। यदि उसे पूरी जानकारी और सुविधा मिले, तो वह बेहतर तरीके से परिवार नियोजन कर सकती है।

इससे न केवल उसका स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इस विषय में सरकार की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय जनसंख्या नीति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं के तहत सरकार कपल्स को निःशुल्क गर्भनिरोधक विधि और उससे जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराती है।

उन्होंने परिवार नियोजन की आधुनिक ‘कैफेटेरिया अप्रोच’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे कैफेटेरिया में लोग अपनी पसंद के अनुसार खाना चुनते हैं, वैसे ही महिलाओं और कपल्स को भी अपनी जरूरतों और शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप गर्भनिरोध के विकल्प चुनने की आजादी होनी चाहिए। यह तभी संभव है जब उन्हें सटीक, सरल और वैज्ञानिक जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो।

डॉ. पाठक ने कहा कि यदि युवा मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार हैं, तभी उन्हें परिवार या गर्भावस्था की योजना बनानी चाहिए। इससे न केवल व्यक्तिगत जीवन सशक्त होता है, बल्कि समाज भी बेहतर और संतुलित रूप लेता है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्व जनसंख्या दिवस केवल चेतावनी का दिन नहीं है, यह संभावनाओं और समाधान पर बात करने का अवसर है। एक ऐसा समाज, जहां लड़का-लड़की में भेदभाव न हो, सभी को समान अवसर मिले, और हर नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच हो, यही एक स्थायी और न्यायसंगत विश्व की ओर सही कदम होगा।

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ट्रेन सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे करेगा AI का इस्तेमाल

डीएफसीसीआईएल के साथ समझौता किया

नई दिल्ली 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): रेलवे की सेवा दक्षता में सुधार करने और रोलिंग स्टॉक के रखरखाव को स्वचालित करने के लिए भारतीय रेलवे (आईआर) ने मशीन विजन बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (एमवीआईएस) की स्थापना के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एमवीआईएस एक आधुनिक, एआई/एमएल-आधारित टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन है जो चलती ट्रेनों के अंडर-गियर की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों को कैप्चर करता है और स्वचालित रूप से किसी भी लटके हुए, ढीले या लापता घटकों का पता लगाता है। यह सिस्टम खराबी का पता लगाने पर त्वरित प्रतिक्रिया और कार्रवाई के लिए रियल टाइम के अलर्ट भेजता है।

एमओयू पर औपचारिक रूप से रेलवे बोर्ड के निदेशक (परियोजना एवं विकास) सुमित कुमार और डीएफसीसीआईएल के जीजीएम (मैकेनिकल) जवाहर लाल ने रेल भवन नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए।

एमओयू के अंतर्गत डीएफसीसीआईएल चार एमवीआई इकाइयों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशन के लिए जिम्मेदार होगा। यह प्रणाली भारतीय रेलवे में पहली है। टेक्नोलॉजी के उपयोग से ट्रेन संचालन की सुरक्षा को बढ़ाने, मैनुअल निरीक्षण प्रयासों को कम करने और संभावित दुर्घटनाओं/सेवा व्यवधानों से बचने में मदद करने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय ने कहा, “यह पहल रेलवे इकोसिस्टम के लिए आधुनिक और इंटेलिजेंट सिस्टम को पेश करने के आईआर के व्यापक उद्देश्य के साथ भी संरेखित है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर भविष्य के लिए तैयार रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में रेल सुरक्षा में डिजिटल परिवर्तन के लिए नई राह खोलेगी।”

इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे इस वित्त वर्ष के अंत तक 50,000 से अधिक नौकरियां देने के लिए भी तेजी से काम कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में रेलवे द्वारा 9,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं।

रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) विभिन्न पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान सक्रिय रूप से चला रहा है। नवंबर 2024 से आरआरबी ने सात विभिन्न भर्ती अधिसूचनाओं के लिए देश भर में 1.86 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (सीबीटी) आयोजित की है।

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CBI को बड़ी सफलता, यूएई से भारत लाया गया नारकोटिक्स मामले का आरोपी कुब्बावाला मुस्तफा

मुंबई 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यूएई से नारकोटिक्स मामले के आरोपी कुब्बावाला मुस्तफा को वापस लाने में सफलता हासिल की है।

सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से कुब्बावाला मुस्तफा को यूएई से सफलतापूर्वक भारत वापस लाने का समन्वय किया है। कुब्बावाला मुस्तफा मुंबई पुलिस का वांछित आरोपी है।

सीबीआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (आईपीसीयू) ने अबू धाबी की इंटरपोल टीम (एनसीबी-अबू धाबी) के साथ मिलकर वांछित आरोपी कुब्बावाला मुस्तफा को 11 जुलाई को भारत वापस लाया है।

मुंबई पुलिस की चार सदस्यीय टीम 7 जुलाई को दुबई (यूएई) गई थी ताकि मुस्तफा को भारत लाया जा सके। यह टीम 11 जुलाई को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (मुंबई) पहुंची।

इससे पहले, कुब्बावाला मुस्तफा को पहले यूएई में ट्रैक किया गया था। यह काम सीबीआई ने इंटरपोल और अबू धाबी की एनसीबी के साथ मिलकर किया था।

आरोपी कुब्बावाला मुस्तफा मुंबई पुलिस द्वारा एफआईआर संख्या 67/2024 (कुर्ला पुलिस स्टेशन, मुंबई) के तहत वांछित है। उस पर विदेश में रहते हुए सांगली में सिंथेटिक ड्रग बनाने की फैक्ट्री चलाने का आरोप है। इस फैक्ट्री से कुल 126.141 किलोग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद और जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 2.522 करोड़ रुपए है।

कुब्बावाला मुस्तफा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और न्यायालय ने उसके विरुद्ध ओपन डेटेड गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। सीबीआई ने मुंबई पुलिस के अनुरोध पर 25 नवंबर 2024 को इस मामले में इंटरपोल के माध्यम से रेड नोटिस जारी करवाया था।

एनसीबी-अबू धाबी ने 19 जून 2025 को सूचित किया कि उनके अधिकारियों ने आरोपी को भारत वापस लाने के लिए एक सुरक्षा मिशन भेजने का अनुरोध किया है। इसके बाद, मुंबई पुलिस की एक टीम यूएई से आरोपी को वापस लाने के लिए गठित की गई।

इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस विश्व स्तर पर सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वांछित अपराधियों को ट्रैक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं।

भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारतपोल के माध्यम से भारत की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल चैनलों के माध्यम से 100 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है।

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विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भरोसा करना चाहिए : शाहनवाज हुसैन

नई दिल्ली 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने विपक्ष द्वारा बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण मामले पर रोक लगाए जाने की मांग पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मैं मानता हूं कि विपक्षी दलों के द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई पर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इसके (विशेष मतदाता पुनरीक्षण) खिलाफ विपक्षी दल के नेता सुप्रीम कोर्ट गए थे, खासकर मनोज झा।

उन्होंने कोर्ट से स्टे मांगा, लेकिन कोई स्टे नहीं लगा। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सुझाव दिए हैं, जो उचित हैं। आखिरी सुनवाई में फैसला आएगा। विपक्षी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करना चाहिए। मगर ये लोग उस पर भी बयानबाजी करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “जब विपक्षी दल किसी राज्य में चुनाव जीत जाते हैं तो चुनाव आयोग अच्छा हो जाता है और जब हारते हैं तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। मैं मानता हूं कि विपक्षी दलों के द्वारा ऐसा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।”

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी की पार्टी ने रायबरेली, वायनाड, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल और तमिलनाडु में जीत हासिल की, तब उनको चुनाव आयोग से कोई दिक्कत नहीं हुई।

मगर, जब वह महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में चुनाव हार गए, तो उन्होंने चुनाव आयोग को दोषी ठहराया। अब उन्हें पता है कि बिहार में भी उन्हें जीरो मिलेगा, इसलिए वह सारा दोष चुनाव आयोग पर डाल रहे हैं।”

शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी के बिहार दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “राहुल गांधी बिहार में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गए थे। वह (राहुल गांधी) वहां बैग टांगकर विरोध करने गए थे, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपने नेताओं को टांग दिया।

न तो पप्पू यादव और न ही कन्हैया कुमार को ट्रक पर चढ़ने दिया गया। भले ही वह चुनाव हार जाते हों, लेकिन उन्हें ट्रक पर तो चढ़ने दिया जाता।”

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा, “बिहार में कानून का राज है और जनता को कोई परेशानी नहीं है। हालांकि, गोपाल खेमका हत्याकांड मामले में आरोपी पकड़े गए हैं और उनका एनकाउंटर भी किया गया है।

कोई भी हत्या या अपराध से जुड़ी हुई घटनाएं होंगी तो आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। नीतीश कुमार अपराध और अपराधियों से कोई समझौता नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें जेल भेजा जाएगा।”

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एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को धरती पर लौटेंगे, पहले 10 जुलाई को होनी थी वापसी

New Delhi 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला 14 जुलाई को धरती पर लौटेंगे। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने इसके बारे में अपडेट दी है। एक्सियम-4 मिशन के तहत शुभांशु सहित चार क्रू सदस्य इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचे थे।

एक्सियम मिशन को 25 जून को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। ड्रैगन अंतरिक्ष यान 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉक किया गया था। हालांकि यह मिशन 14 दिनों का था। अब एस्ट्रोनॉट की वापसी चार दिन देरी से होगी।

इससे पहले 6 जुलाई को शुभांशु के ISS स्टेशन से कुछ तस्वीरें सामने आईं थीं। जिसमें शुभांशु कपोला मॉड्यूल के विंडो से पृथ्वी देखते नजर आ रहे थे। कपोला मॉड्यूल एक गुंबदनुमा ऑब्जर्वेशन विंडो है, जिसमें 7 खिड़कियां होती हैं।

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देश के ज्वलंत मुद्दों पर ही बोलें शशि थरूर, सरकार की तारीफ में शहनाई न बजाएं: सुखदेव भगत

नई दिल्ली 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कांग्रेस नेता शशि थरूर और मोदी सरकार की विदेश नीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मणिपुर हिंसा और विदेश नीति की विफलता पर अपनी राय रखी। साथ ही, गुजरात में कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भी टिप्पणी की।

सुखदेव भगत ने शशि थरूर को लेकर कहा कि उनके जैसे विद्वान नेता को देश के ज्वलंत मुद्दों पर बोलना चाहिए, न कि मोदी सरकार की तारीफ में शहनाई बजानी चाहिए।

उन्होंने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कोई भी देश भारत के साथ नहीं खड़ा हुआ।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब 12 देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नागरिक सम्मान दिए और 17 देशों की संसद को उन्होंने संबोधित किया, तब भी कोई भारत के साथ क्यों नहीं खड़ा हुआ? भगत ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। कहा, “मणिपुर आज भी जल रहा है, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही। यह दुखद है।”

शशि थरूर को बुद्धिजीवी नेता बताते हुए कहा, “उन्हें अवसरवादी राजनीति से बचना चाहिए। बाढ़ के समय सांप, मैना और बिच्छू एक ही डाल पर बैठ जाते हैं, लेकिन यह अवसरवादिता है, न कि विचारधारा। थरूर से अपेक्षा है कि वो देशहित में सकारात्मक और भविष्योन्मुखी चर्चा करें।”

सुखदेव भगत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि कोर्ट ने आधार को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की अनुमति दी है, जो सही है।

उन्होंने सवाल पूछा, ” जब बैंक खाते और अन्य सेवाएं आधार से जुड़ी हैं, तो चुनाव प्रक्रिया में आधार का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता? मुझे संदेह है कि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के दबाव में काम कर रहा है। फिर भी उम्मीद करता हूं कि आयोग निष्पक्ष रहेगा, किसी भी राजनीतिक दल का खिलौना नहीं बनेगा और प्रगतिशील सोच के साथ काम करेगा।”

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सावन की शुरुआत: उज्जैन, ओंकारेश्वर, मेरठ और देवघर में उमड़े शिव भक्त

उज्जैन/खंडवा/देवघर 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सावन मास के पहले दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्ति का उत्साह चरम पर है। उज्जैन, खंडवा और देवघर में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े हैं।

मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के मंदिर में सावन के पहले दिन विशेष भस्मारती की गई। सुबह तीन बजे मंदिर के पट खुलते ही भक्तों की कतारें लग गईं, जो देर रात 11 बजे शयन आरती तक जारी रहेंगी।

भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक हुआ, और भांग, चंदन, सूखे मेवों व फूलों से उनका श्रृंगार किया गया। रजत मुकुट, शेषनाग और पुष्पमाला से सजे भगवान को मिष्ठान का भोग लगाया गया। ‘जय महाकाल’ के नारों से उज्जैन नगरी गूंज उठी। मंदिर समिति और प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित चतुर्थ ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर में भी सावन के पहले दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचे। सुबह चार बजे से ही भक्तों ने मां नर्मदा में स्नान कर मन को पवित्र किया और बाबा ओंकार के दर्शन किए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव दिनभर ब्रह्मांड में विचरण करते हैं, लेकिन रात में ओंकार पर्वत पर शयन करते हैं। इस कारण यहां शयन आरती का विशेष महत्व है। अनुमान है कि पहले दिन करीब 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। मंदिर परिसर भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है। प्रशासन ने दर्शन, पार्किंग और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन से विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो गया। लाखों कांवड़िए सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करने पहुंचे। मंदिर को फूलों से सजाया गया, और ‘बोल बम’ के नारों से माहौल भक्तिमय हो गया। श्री गणेश सत्संग मंडल, लिलवा हावड़ा के एक श्रद्धालु ने बताया कि उनकी 40 सदस्यीय टीम ने सुल्तानगंज से जल उठाकर जलाभिषेक किया।

उन्होंने बिहार और झारखंड प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना की, लेकिन भीड़ नियंत्रण के लिए और बेहतर प्रबंध की मांग की। मेला 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन श्रावण पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी सावन के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भगवान शिव के भक्त सुबह से ही शिवलिंग पर जल चढ़ाने और पूजा-अर्चना करने पहुंचे। सावन में सोमवार का व्रत और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा का विशेष महत्व है। मंदिरों में भक्ति का माहौल है और श्रद्धालु भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं।

सावन का यह पवित्र माह 30 दिनों तक चलेगा, और इस दौरान देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों का उत्साह इसी तरह बना रहेगा। प्रशासन ने सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि भक्त बिना किसी परेशानी के दर्शन और पूजा कर सकें।

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सावन के पहले दिन काशी, हरिद्वार और प्रयागराज में उमड़े श्रद्धालु

नई दिल्ली 11 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। भगवान शिव को समर्पित यह महीना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर वाराणसी, हरिद्वार और प्रयागराज जैसे तीर्थस्थलों पर शुक्रवार की सुबह भक्ति, सेवा और समर्पण के अद्वितीय उदाहरण के रूप में देखी गई। हजारों शिव भक्त मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने के लिए कतारों में खड़े हुए।

देवभूमि हरिद्वार में ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों की गूंज है। शुक्रवार सुबह ‘हर की पौड़ी’ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्त गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और गंगाजल भरकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं।

हरिद्वार के कनखल स्थित दक्षिणेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। भोले बाबा की ससुराल कहे जाने वाले इस पावन धाम में भक्तों ने जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में यहीं से भोलेनाथ सृष्टि का संचालन करते हैं। इसी आस्था के चलते भक्त दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए पहुंचे।

हरिद्वार में प्रशासन की ओर से मंदिर में सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है, मेडिकल कैंप, जलपान केंद्र और विश्राम स्थलों की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है। कांवड़ यात्रा के लिए आए भक्तों का जोश देखते ही बनता है।

वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दिन की शुरुआत ‘मंगला आरती’ के साथ हुई, जिसके बाद मंदिर के द्वार आम दर्शन के लिए खोल दिए गए। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची। उत्साह से भरे भक्त लंबी लेकिन व्यवस्थित कतारों में खड़े होकर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए उत्सुक थे। इस दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। वाराणसी मंडलायुक्त ने शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की।

दिल्ली से काशी विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंची एक महिला ने  कहा, “सावन का पहला दिन है और दर्शन बहुत अच्छे से हुए। व्यवस्थाएं और सुविधाएं शानदार हैं। सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है और साफ-सफाई बहुत अच्छी है। सभी ने व्यवस्थित ढंग से मंदिर में दर्शन किए हैं।”

एक भक्त ने भी काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए की गई व्यवस्था की तारीफ की। उन्होंने कहा, “व्यवस्था उत्तम है। आराम से बाबा विश्वनाथ के दर्शन हुए हैं।”

इसी तरह प्रयागराज में भक्तों की भीड़ सावन के पवित्र महीने पर त्रिवेणी संगम में स्नान करने पहुंची है। श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में ही यमुना किनारे स्थित श्रीमनकामेश्वर मंदिर का रुख किया। भगवान शिव के विविध रूपों की पूजा-अर्चना के लिए गंगाजल, दूध, बेलपत्र आदि लेकर भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

बड़ी संख्या में भक्त दशाश्वमेध घाट पर पवित्र गंगा जल लेने के लिए एकत्रित हुए। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को अर्पित करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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सावन माह के पहले दिन बाबा बासुकीनाथ का फौजदारी दरबार भगवाधारी कांवरिया शिवभक्तों से गुलजार हो गया

बाबा नगरी देवघर में श्रावणी मेला शुरू हो गया

देवघर,11.07.2025 (एजेंसी) बाबा नगरी देवघर में श्रावणी मेला शुरू हो गया है।पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। भगवान शिव को समर्पित यह महीना श्रद्धा, आस्था और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

आज सुबह से ही बासुकीनाथ शिवगंगा तट पर जल चढ़ाने के लिए कांवरियों की कतार लगी रही।

कांवरियों को क्यू कॉम्प्लेक्स से मंदिर में प्रवेश कराया जा रहा है।

सावन का पूरा महीना बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इसके लिए पंडा समाज ने आज बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की।

सावन माह के पहले दिन बाबा बासुकीनाथ का फौजदारी दरबार भगवाधारी कांवरिया शिवभक्तों से गुलजार हो गया है।

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बाबा नगरी देवघर आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा का रखें विशेष रूप से ध्यान- उपायुक्त

देवघर, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) राजकीय श्रावणी मेला, 2025 के सफल संचालन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री नमन प्रियेश लकड़ा एवं पुलिस अधीक्षक श्री अजित पीटर डुंगडुग द्वारा संयुक्त रूप से बी.एड. कॉलेज प्रांगण में कल मेला उद्घाटन के पश्चात 11.07.2025 से शुरू हो रहे श्रावणी मेला को लेकर प्रतिनियुक्त सभी दण्डाधिकारी, अधिकारी एवं बाहर से आए पुलिस बल के अधिकारियों, दंडाधिकारियों की सामूहिक ब्रीफिंग का आयोजन किया गया।

ब्रीफिंग के दौरान उपायुक्त श्री नमन प्रियेश लकड़ा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि विनम्रता व सेवाभाव के साथ श्रावणी मेला हेतु पूरी तरह सजग रहे, क्योंकि श्रावणी मेला के दौरान खासकर रविवार और सोमवारी के दिन सर्वाधिक भीड़ होती है। ऐसे में श्रावणी मेला के कुल चार सोमवारी को इतनी बड़ी तादाद में देवघर आने वाले कांवरियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण जैसी चुनौतियों का सामना बिना सजगता के नहीं किया जा सकता है। साथ हीं पूरे ड्रेस कोड में अनुशासन में रहते हुए अपना कत्र्तव्यों का निर्वहन करें और अपने का स्वास्थ्य का ख्याल रखें। आगे उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी कर्मी अपने जगह का निरीक्षण कर लें कि कहीं कोई समस्या तो नहीं है। आप सभी का यह ध्येय होना चाहिये कि जितना हो सके श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक जलार्पण करायें, ताकि कतार लगातार आगे बढ़ते रहे। साथ हीं उपायुक्त ने कहा कि यह हम सभी के लिए जरूरी है कि हम सभी पूरी सजगता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करें; ताकि दूसरे राज्यों से यहां आने वाले लोग हमारे राज्य की एक अच्छी छवि लेकर यहां से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।

इसके अलावे ब्रीफिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अजित पीटर डुंगडुग ने कहा कि मेला में प्रतिनियुक्त बाहर से आए सभी दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सुरक्षाकर्मी यहां के माहौल से परिचित हो जायें, ताकि उन्हें भीड़ नियंत्रण करने में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। सारे ओ0पी0 को श्रावणी मेला हेतु पहले से हीं तैयार रहने के निर्देश दे दिया गया है। साथ उन्होंने कहा कि सभी ओपी एवं यातायात ओपी के प्रभारी डीएसपी रैंक के ऑफिसर होंगे एवं उन सभी का यह दायित्व होगा कि वे यह देखें कि उनके निर्धारित क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। इसके अलावा बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी श्री रवि कुमार ने मेला के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं रुटलाइन व होल्डिंग पॉइंट में किए जाने वाले कार्याे और महत्वपूर्ण बिंदुओं से सभी दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को अवगत कराया।

इस दौरान उपरोक्त के अलावा उप विकास आयुक्त श्री पियुष सिन्हा, नगर आयुक्त श्री रोहित सिन्हा, सिविल सर्जन, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी श्री राहुल कुमार भारती, ट्रैफिक डीएसपी, जिला स्तर के अधिकारी एवं मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, अधिकारी, कार्यपालक अभियंता, पुलिस पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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आज का राशिफल

मेष राशि:

आपका दिन आज अच्छा बीतेगा। आपका वैवाहिक जीवन सुनहरा रहेगा। आज आपको घूमने – फिरने और खुद पर खर्च करने में काफी अच्छा महसूस होगा। व्यवसाय के विस्तार में सफलता मिलेगी और रोजगार संबंधित कोई अतिरिक्त योजना बना रहे हैं, तो उसमें आपको सभी का सहयोग मिलने के योग हैं। धन लाभ के चांसेस मिलेंगे, आज आप बच्चों के किसी प्रोजेक्ट पर काफी पैसे खर्च करेंगे। अगर आप कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आपको परिवार का पूरा साथ मिलेगा।

शुभ रंग- मेजेंटा

शुभ अंक- 02

वृष राशि:

आज का दिन आपके लिए ठीक रहने वाला है। आज आप किसी बात को लेकर थोड़ा उलझन में रह सकते है, लेकिन जल्द ही सब ठीक होगा। आज आपके मन में कुछ नया करने की इच्छायें जागृत होंगी और आज आपको किसी अपने से धन की प्राप्ति होगी। आज आप अपना पैसा किसी धार्मिक काम में लगाएंगे तो आपको पारिवारिक खुशी मिलेगी। आज आपके जरूरी कामों में जीवनसाथी का योगदान कारगर साबित होगा। इस राशि वाले छात्र फार्म भरने संबंधी कार्य के लिए थोड़ी दौड़ भाग कर सकते है। इस राशि के लोगों को आज घर से बाहर निकलने पर सावधानीपूर्वक वाहनों का प्रयोग करना चाहिए।

शुभ रंग- नीला

शुभ अंक- 07

मिथुन राशि:

आज आपकी हर परेशानी का हल चुटकियों में निकल जायेगा। सरकारी कार्यों में आपको बड़े लाभ की संभावना है। आज आप अपनी संतान के साथ पिकनिक के लिए जा सकते हैं, उनके साथ आप अच्छा समय बिताएंगे। आज आप काम की क्वालिटी को और बेहतर बनाने में ध्यान दें। मार्केटिंग संबंधी गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहेंगी। आज परिवार के लिए भी कुछ समय निकालना आपसी संबंधों को मधुर बनाएगा। तथा परिवार में खुशहाली भरा वातावरण रहेगा।

शुभ रंग- पीला

शुभ अंक- 05

कर्क राशि:

आज आपका दिन राहतपूर्ण रहने वाला है। आज आपके पारिवारिक जीवन में उत्साह का माहौल रहेगा। इस राशि वाले कवियों के लिए आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज आपको अपनी प्रतिभाओं के लिए पुरस्कार भी मिल सकते हैं। आज आप अपने जीवन साथी से मन की बात कर उन्हें कहीं घुमाने ले जा सकते है। इस राशि के कारोबारियों के लिए आज का दिन लाभप्रद रहेगा। आज आपकी कंपनियों को नेशनल और इंटरनेशनल आयात-निर्यात में लाभ की प्राप्ति होगी। आज आप अपने मित्र के साथ कहीं घूमने जा सकते है।

शुभ रंग- लाल

शुभ अंक- 08

सिंह राशि:

आज का दिन ठीक – ठाक रहेगा। करियर के मामले में आप अपनी क्षमता से अधिक जिम्मेदारियां लेंगे। आपको शारीरिक थकान का अहसास हो सकता है। आज आप जिससे भी बात करेंगे, उसे अपनी राय से सहमत कर देंगे। किसी खास मामले को लेकर आपकी सोच बदल सकती है। आज आपका खर्च बढ़ सकता है इसलिये सिफऱ् जरूरी सामान ही खरीदें। इस राशि के थिएटर से जुड़े लोगों के लिये आज का दिन बढिय़ा है। कार्यक्षेत्र में उन्नति के नये रास्ते मिलेगें। किसी पुराने काम में कामयाबी मिलने के बाद लोग आपको तारीफ से सराबोर कर देंगे। इस राशि के विवाहित आज घर में सभी के साथ बेहतरीन पल बिताएंगे।

शुभ रंग- पिंक

शुभ अंक- 06

कन्या राशि:

दिन आज व्यस्तता में बीतेगा। आज आपके करीबी आपको अचानक से गिफ्ट देकर उनको आश्चर्य चकित कर सकते हैं। आज आप अपने बच्चों के साथ समय व्यतीत कर सकते हैं। इस राशि के लोग आज बिजनेस में सोच – समझकर कर फैसला लें, इससे आपको सफलता की प्राप्ति होगी। छात्रों को अपने करियर के प्रति अच्छी खबर मिल सकती है। आज आपको अपने लोगों के बीच अपनी अच्छी छवि बनाने का पूरा मौका मिलेगा। आज आपके दुश्मन आपसे दूर ही रहेंगे।

शुभ रंग- हरा

शुभ अंक- 04

तुला राशि:

आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहेगा। अगर आप नई योजनायें शुरू करना चाह रहें है तो उसको ज्यादा लम्बे समय तक न टालें। आज आप जो भी कार्य करेंगे उसमें आपको सफलता अवश्य मिलेगी। नौकरी कर रहे लोगों को आज अपने सहकर्मियों का पूर्ण योगदान प्राप्त होगा। आज आप पास आये नए मौकों को हांथ से न जाने दें। आज आप दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा सकते है। व्यापार में भी आज आपको अच्छा लाभ होगा।

शुभ रंग- गोल्डन

शुभ अंक- 05

वृश्चिक राशि:

आज आपका दिन बढिय़ा रहेगा। बड़े निर्णय लेने के लिए दिन अच्छा है। किसी नयी बिजनेस डील के लिए ऑफर मिलेगा। आप जीवनसाथी के साथ घर के कार्यों को पूरा करने में व्यस्त रहेंगे। आज कारोबारी गतिविधियों में व्यवस्था बनाकर रखना जरूरी है। अधिकारियों और सम्मानित लोगों से संबंध रखना आपके बिजनेस के लिए फायदेमंद रहेगा। आज आपको अच्छे आर्डर मिल सकते हैं। जीवनसाथी तथा परिवारजनों का आपके प्रति पूरा सहयोग रहेगा। धन-धान्य में बढ़ोत्तरी होगी। आप हर छोटी बात पर अधिक सोचने से बचें। जिससे आपका जीवन सहज रहेगा।

शुभ रंग- ग्रे

शुभ अंक- 03

धनु राशि:

आज आपका दिन अच्छा रहने वाला है। आज आपको व्यापार में बढिय़ा लाभ मिलेगा। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा का बेहतर परिणाम मिलेगा। आज व्यवसाय संबंधी नई जानकारियां हासिल करना जरूरी है। मीडिया और ऑनलाइन कामों से जुड़े बिजनेस में फायदा होगा। आपके द्वारा की गई मेहनत के परिणाम भी बेहतर मिलेंगे। इस राशि के सरकारी सेवारत लोगों को कोई खास कार्यभार संभालना पड़ सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहने वाला है और आज आपको कार्यों में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग- पर्पल

शुभ अंक- 08

मकर राशि:

आज आपका दिन बेहतरीन रहने वाला है। आज पूरा दिन खुद को तरोताजा महसूस करेंगे एवं आपके आस-पास सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। आज कार्यस्थल पर चल रही किसी भी गतिविधि को नजरअंदाज ना करें और अपनी योजनाओं को गुप्त ही रखें। आज कार्यस्थल पर शांति भरा माहौल रहेगा। आज कुछ समय परिवार के साथ बिताने पर कुछ बातें पता चल सकती हैं। आज किसी भी वजह से लापरवाही नहीं करेंगे, खानपान व दिनचर्या को व्यवस्थित बनाकर रखेंगे। लोग आपके व्यवहार से खुश रहेंगे और दाम्पत्य जीवन में सुख की बढ़ोत्तरी होगी सेहत में सुधार आएगा।

शुभ रंग- पीला

शुभ अंक- 06

कुम्भ राशि:

आज का दिन आपके लिये अच्छे परिणाम लाने वाला होगा। विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग बने हुए है, लेकिन पढाई में और मेहनत करने की जरुरत है। कुछ समय से चल रही आपकी लगन और मेहनत का आज ज्यादा लाभ मिलने वाला है। इसलिए अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखें। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक रिश्ते मजबूत होंगे। साथ ही मनोरंजन और शॉपिंग आदि जैसे कामों में भी समय बीत सकता है। आज आपको अपने कार्यों में राजनीतिक रिश्ते का फायदा मिलेगा। आपके सारे काम असानी से पूरें हो जायेंगें।

शुभ रंग- सफेद

शुभ अंक- 02

मीन राशि:

आज आपका दिन अच्छा रहेगा। आज आपको घर के बड़ों से कुछ प्रेरणा मिलेगी। आज आपकी अच्छी सोच का अच्छा नतीजा मिलेगा। आपके रहने और बोलने का तरीका लोगों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। आज आपको अपनी पढ़ाई और करियर के प्रति ज्यादा मेहनत की जरूरत है। आज कोई भी खास वस्तु की खरीदारी करते समय उससे संबंधित जानकारी अवश्य लें। आज आपका स्वास्थ्य पहले से उत्तम रहेगा। आज आपको वाहन चलाते समय खास सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

शुभ रंग- भूरा

शुभ अंक- 03

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एसएससी में दागी अयोग्य लोगों की भर्ती नहीं होगी

हाईकोर्ट में राज्य व एसएससी की याचिकाएं खारिज

कोलकाता 10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) मामले में राज्य और एसएससी की याचिकाएं खारिज कर दी। यानी एसएससी की नई भर्ती प्रक्रिया से ‘दागी’ या पहचाने गए अयोग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया।

न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखा। साफ हो गया कि, ‘दागी’ नौकरी चाहने वाले परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। राज्य और एसएससी (स्कूल सेवा आयोग) ने न्यायमूर्ति सौमेन सेन की खंडपीठ में न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य द्वारा एसएससी अधिसूचना पर दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए एक मामला दायर किया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 25,735 शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की नौकरियां रद्द कर दी गईं। ये सभी 2016 के एसएससी पैनल का हिस्सा थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, राज्य शिक्षा विभाग ने एक नई भर्ती अधिसूचना जारी की। लेकिन आरोप लगाया गया कि 2025 के लिए एसएससी की अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरुद्ध थी।

उस अधिसूचना को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक मामला दायर किया गया था। उस मामले में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सोमवार को आदेश दिया था कि यदि कोई ‘दागी या अयोग्य’ उम्मीदवार पहले ही आवेदन कर चुका है, तो उसका आवेदन पत्र रद्द कर दिया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पूरी की जानी चाहिए। साथ ही, एसएससी द्वारा 30 मई को जारी अधिसूचना को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है। अदालत ने बाकी अधिसूचना में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होने की संभावना है।

राज्य और एसएससी ने उच्च न्यायालय में अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि विशिष्ट रूप से चिन्हित ‘अयोग्य’ नौकरी चाहने वाले भर्ती प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएंगे। राज्य ने आगे तर्क दिया कि ‘अयोग्य’ लोगों की नौकरी चली गई है। यह भी कहा गया है कि वेतन वापस किया जाएगा।

इस सज़ा के बाद, भर्ती प्रक्रिया में भाग न लेने देना एक और सज़ा है। इसलिए, एसएससी और राज्य के वकीलों ने तर्क दिया कि एक ही अपराध के लिए किसी को दो बार सज़ा नहीं दी जा सकती। हालांकि, अदालत इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुई।

न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा, “आयोग से इस स्पष्टीकरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती।” इसके बाद, उच्च न्यायालय ने कहा कि केवल ‘दागी या चिन्हित अपात्र’ लोगों को ही भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा जाना चाहिए।

चूंकि राज्य और एसएससी इससे संतुष्ट नहीं थे, इसलिए खंडपीठ में एक मामला दायर किया गया। उस मामले के फैसले में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एकल पीठ का आदेश लागू रहेगा। कोई भी चिन्हित अपात्र परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि कौन पात्र है और कौन अपात्र।

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बंगाल-झारखंड के विवादों पर हुई सकरात्मक चर्चाः चंद्रिमा भट्टाचार्य

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई काई राज्यों के सीएम की बैठक

रांची/कोलकाता  10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पश्चिम बंगाल की वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने रांची में आयोजित 27वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों को आपस में समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित अंतर्राज्यीय मुद्दों को आपसी सहयोग से सुलझाना है।

पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने जानकारी दी कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच चल रहे विभित्र मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है।

बैठक में मयूराक्षी नदी पर बने मसांजोर डैम को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के बीच इस मसले को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है, लेकिन भट्टाचार्य के अनुसार, इस बार बातचीत रचनात्मक रही।

इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर फेसिंग (बाड़बंदी) को लेकर भी अहम चर्चा हुई। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।

भट्टाचार्य ने यह भी बताया कि बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल की सीमा काफी लंबी है, इसलिए फेंसिंग का कार्य रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण है और इसे चरणबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक के अंत में यह भी तय किया गया कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की अगली बैठक ओडिशा के पुरी में आयोजित की जाएगी, जिसके बाद इसे पश्चिम बंगाल में आयोजित किया जाएगा।

यह बैठक पूर्वी भारत के राज्यों के बीच आपसी सहयोग, विकास और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच के रुप में देखी जा रही है। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कई राज्यों के सीएम की बैठक हुई ।

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बंगालियों के अधिकार छीने गए तो हम भी हाथ पर हाथ नहीं रखेंगेः ममता बनर्जी

दिल्ली के जय हिंद कॉलोनी की घटना पर सीएम ममता तमतमाई

तृणमूल प्रमुख ने भाजपा पर बांग्ला-विरोधी एजेंडा अपनाने का आरोप लगाया

कोलकाता 10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने एक बार फिर बांग्ला भाषियों के साथ कथित उत्पीड़न पर केन्द्र की मोदी सरकार व अन्य राज्यों में भाजपा सरकार के कथित बांग्ला विरोधी क्रियाकलापों पर न सिर्फ ऊंगली उठाई बरन चेताया कि, अगर यहीं हालात रहे तो वह खामोश नहीं बैठेगी।

सीएम ममता बनर्जी ने अपने फेसबुक पर लिखा की, नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित जय हिंद कॉलोनी में उत्पीड़न की भयावह घटनाओं की खबर सुनकर मैं बेहद स्तब्ध और व्यथित हूं।

यह बस्ती मुख्यतः बांग्ला भाषी लोगों द्वारा बसाई गई थी, जो दिल्ली को आकार देने वाले असंगठित श्रम बल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सीएम ने आगे लिखा, सुना जा रहा है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के आदेश पर उनकी जल की आपूर्ति बंद कर दी गई है। कुछ दिन पहले, अचानक बिजली काट दी गई और बिजली के मीटर उतार दिए गए।

वहां के निवासियों का आरोप है कि उन्होंने अपने पैसों से जो निजी पानी के टैंकर मंगवाए थे, उन्हें दिल्ली पुलिस और आरएएफ की मदद से रोक दिया गया। पिछले दिसंबर में इस संबंध में दिल्ली पुलिस के अवांछित हस्तक्षेप के बाद, मामला अदालत में लंबित होने के बावजूद, एक तरह से जबरन बेदखली चल रही है।

अगर आश्रय, पानी और बिजली जैसे बुनियादी अधिकारों को इस तरह कुचला जाएगा, तो हम एक लोकतांत्रिक गणराज्य होने का दावा कैसे कर सकते हैं? पश्चिम बंगाल में डेढ़ करोड़ से ज़्यादा प्रवासी मज़दूर हैं, जो सम्मान के साथ रहते हैं। लेकिन भाजपा शासित राज्यों में यह बात ज़ोर देकर नहीं कही जा सकती, जहां बांग्ला भाषी भाषियों को अपने ही देश में घुसपैठिया समझा जाता है।

सिर्फ़ इसलिए कि कोई बंगाली बोलता है, वह बांग्लादेशी नहीं हो जाता। उनकी भाषा चाहे जो भी हो, वे भारत के नागरिक हैं और उन्हें किसी भी भारतीय नागरिक की तरह समान अधिकार प्राप्त हैं।

भाजपा ने अब देश के अन्य हिस्सों में भी वही बांग्ला भाषी -विरोधी अभियान चलाने की रणनीति अपनाई है, जो पश्चिम बंगाल में बंगालियों के अधिकारों को छीनने में नाकाम रही। गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्य प्रदेश से भी बंगाली भाषियों पर अत्याचार की खबरें आ रही हैं। अब उस नफ़रत की छाया राष्ट्रीय राजधानी तक पहुँच गई है।

अगर इस देश में बंगाल के लोगों के साथ बिन बुलाए मेहमान जैसा व्यवहार किया गया, तो हम चुप नहीं रहेंगे। बंगाल सभी उत्पीड़ित आवाज़ों के साथ खड़ा होगा। हम इस अन्याय के ख़िलाफ़ हर जगह आवाज़ उठाएंगे।

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अखिलेश यादव ने कहा- यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी से उतर गईं

सरकार की मनमानी और अव्यवस्था चरम पर

लखनऊ 10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की खराब हालत को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और इसके लिए जिम्मेदार है वर्तमान सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार। उन्होंने डिप्टी सीएम पर भी तंज कसा कि वे अपने विभाग के काम की बजाय मुख्यमंत्री पद की कुर्सी को लेकर व्यस्त हैं, जिससे मनमानी और बदहाली व्याप्त हो गई है।

अखिलेश यादव ने कानपुर में दो सीएमओ के बीच कुर्सी के विवाद का उदाहरण देते हुए कहा कि विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस तक बुलानी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम अपनी असफलता छुपाने के लिए केवल छापेमारी करते हैं, लेकिन इसका कोई असर नहीं होता।पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में डिप्टी सीएम के गोंडा मेडिकल कॉलेज दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां हालत बेहद खराब थी।

डॉक्टर जींस-टीशर्ट में थे, मरीजों को चादर नहीं मिल रही थी और कई मरीज घर से शाल और कम्बल लेकर अस्पताल में लेटे थे। डिप्टी सीएम के 37 मिनट के दौरे के बाद भी अस्पताल की स्थिति नहीं सुधरी।झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जमीन पर बैठे मरीज को ड्रिप लगाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं।

अमेठी के जगदीशपुर ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी सुविधाओं का अभाव है, जबकि प्राथमिक उपचार भी उचित तरीके से उपलब्ध नहीं है। उरई, पीलीभीत और फतेहपुर के मेडिकल कॉलेजों में भी इलाज की कमी के गंभीर मामले सामने आए हैं। हमीरपुर के जिला अस्पताल में एक मरीज को बिना उचित देखभाल के पैदल वार्ड में भेज दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

राजधानी लखनऊ में भी स्थिति दयनीय है। वेंटिलेटर और बेड होने के बावजूद मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज होता है। गंभीर मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जाता है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों की कमी है और महंगी मशीनें जंग खा रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बदइंतजामी और खराब सेवाओं के कारण मरीज प्राइवेट अस्पतालों की ओर मजबूर हो रहे हैं, जहां गलत इलाज से मौतों की घटनाएं बढ़ रही हैं और मरीजों से अवैध वसूली हो रही है।

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई के बाद ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव होगा। जनता इस बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है।

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बिहार मतदाता सूची विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

याचिकाकर्ता बोले- यह मनमाना और भेदभावपूर्ण

नइ्रदिल्ली,10 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने कहा कि आयोग 30 दिनों की समय-सीमा में पूरी मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कर रहा है और मतदाता परिचय पत्र को छोड़कर केवल 11 दस्तावेज ही स्वीकार कर रहा है। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ सुनवाई कर रही है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा, 1950 के अधिनियम और मतदाता पंजीकरण नियमों के तहत 2 प्रकार के संशोधनों की अनुमति है- गहन और संक्षिप्त संशोधन।

गहन पुनरीक्षण एक नई प्रक्रिया है और बिहार के 7.9 करोड़ लोगों को इससे गुजरना होगा। विशेष गहन पुनरीक्षण न तो कानून में है, न ही अधिनियम या नियमों में। यह भारत के इतिहास में पहली बार किया जा रहा है।

जस्टिस धूलिया ने याचिकाकर्ताओं से पूछा, चुनाव आयोग जो कर रहा है, वह तो संविधान के प्रावधानों के अनुसार है। फिर आप कैसे कह सकते हैं कि वह कुछ गलत कर रहा है? इस पर वकील शंकरणारायणन ने कहा, इस प्रक्रिया में 4 स्तरों पर संवैधानिक और कानूनी उल्लंघन हो रहे हैं। निर्देशों में कुछ खास वर्ग के लोगों को इस संशोधन प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, जो असंवैधानिक है। एसआईआर का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों से पहले प्रक्रिया किए जाने पर सवाल उठाए। आधार कार्ड को पहचान पत्र के रूप में मान्यता न देने को लेकर भी कोर्ट ने आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा, अगर मतदाता सूची में किसी शख्स का नाम सिर्फ नागरिकता साबित होने के आधार पर शामिल करेंगे यो फिर ये बड़ी कसौटी होगी। यह गृह मंत्रालय का काम है, आप उसमें मत जाइए। उसकी अपनी एक न्यायिक प्रक्रिया है, फिर इस कवायद का कोई औचित्य नहीं रहेगा।

कोर्ट ने पूछा, क्या चुनाव आयोग जो सघन परीक्षण कर रहा है वो नियमों में है या नहीं? और ये सघन परीक्षण कब किया जा सकता है? ये आयोग के अधिकार क्षेत्र में है या नहीं?

इस पर वकील शंकरणारायणन ने सहमति जताई, लेकिन तरीके पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 2003 से पहले वालों को केवल फॉर्म भरना है। उसके बाद वालों को दस्तावेज देने हैं। यह बिना किसी आधार के किया गया है। कानून इसकी अनुमति नहीं देता।

चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाताओं से जन्म के साल के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज जमा करने को कहा है। अगर ऐसा नहीं किया जाएगा, तो मतदाता का नाम सूची से हटाया जा सकता है।

आयोग का कहना है कि 2003 के बाद से मतदाता सूची की समीक्षा नहीं हुई है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं, विपक्ष का कहना है कि ये गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक मतदाताओं से वोट डालने का हक छीनने की साजिश है।

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पांच देशों की सफल यात्रा के बाद दिल्ली लौटे पीएम मोदी

नई दिल्ली  10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा के बाद गुरुवार को भारत लौट आए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी की यह यात्रा सफल रही है।

पीएम मोदी ने पांच देशों की अपनी यात्रा में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अब तक 17 विदेशी संसदों में भाषण दिए, जो कांग्रेस के सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के कुल रिकॉर्ड के बराबर है।

उन्होंने यह उपलब्धि जुलाई 2025 के पहले सप्ताह में घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और नामीबिया में दिए हाल ही के भाषणों के साथ हासिल की है।

इस वैश्विक सक्रियता से पता चलता है कि पीएम मोदी भारत के सबसे सक्रिय नेताओं में से एक हैं।

कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने कई दशकों में यह उपलब्धि हासिल की थी, जिनमें मनमोहन सिंह ने सात बार, इंदिरा गांधी ने चार बार, जवाहरलाल नेहरू ने तीन, राजीव गांधी ने दो और पी.वी. नरसिम्हा राव ने एक बार भाषण दिया था।

पीएम मोदी ने सिर्फ एक दशक से अधिक समय में यह संख्या हासिल कर ली, जो भारत के कूटनीतिक दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। उनकी हाल की यात्रा न केवल अफ्रीका और कैरिबियन देशों के साथ भारत के नए संबंधों को दर्शाती है, बल्कि ग्लोबल साउथ में भारत की आवाज की गूंज को भी उजागर करती है।

पीएम मोदी को घाना में ‘ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया, जो 30 साल से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा थी।

इसके अलावा, ब्राजील ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से नवाजा। पिछले शुक्रवार को पीएम मोदी को त्रिनिदाद एंड टोबैगो की दो दिवसीय यात्रा के दौरान ‘द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो’ सम्मान से सम्मानित किया गया था। वे यह सम्मान प्राप्त करने वाले पहले विदेशी नेता बने हैं।

प्रधानमंत्री मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से भी सम्मानित किया गया था। यह पीएम मोदी का 27वां वैश्विक सम्मान है, जो इस पांच देशों की यात्रा के दौरान मिला था।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो में उन्होंने भारतीयों के आगमन के 180 साल पूरे होने के उत्सव के दौरान संसद को संबोधित किया था। उन्होंने अपने संबोधन में विकासशील देशों के प्रति भारत के निरंतर समर्थन का जिक्र किया था।

त्रिनिदाद एंड टोबैगो में वे 1968 में भारत द्वारा तोहफे में दी गई स्पीकर की कुर्सी के सामने खड़े थे, जिसे उन्होंने समय की कसौटी पर खरी उतरने वाली दोस्ती का प्रतीक बताया।

नामीबिया की संसद ने उनसे लोकतांत्रिक मूल्यों, तकनीकी साझेदारी और स्वास्थ्य व डिजिटल बुनियादी ढांचे में साझा आकांक्षाओं के बारे में बात की थी।

नामीबिया की संसद में जब उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला तो उस दौरान पार्लियामेंट रूम “मोदी, मोदी” के नारे से गूंज उठा था। यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं है बल्कि यह वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में भारत के बढ़ते रसूख को दर्शाता है।

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दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह कांपी धरती

10 सेकंड तक लोगों में दहशत, झज्जर बना भूकंप का केंद्र

नई दिल्ली 10 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिएगुरुवार की सुबह सामान्य नहीं रही। जैसे ही घड़ी ने सुबह 9:04 का समय दिखाया, अचानक ज़मीन कांपने लगी। घरों की दीवारें हिलने लगीं, खिड़कियों के शीशे झनझनाने लगे और लोग हैरान-परेशान सड़कों की ओर दौड़ पड़े।

भूकंप के ये झटके इतने तीव्र थे कि करीब 10 सेकंड तक राजधानी और उसके आसपास के इलाके दहलते रहे। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, झज्जर, भिवानी और बहादुरगढ़ जैसे शहरों में कंपन साफ महसूस किया गया।

भूकंप विज्ञान केंद्र ने पुष्टि की कि इसका केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में था और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र झज्जर से 10 किलोमीटर उत्तर में था, जहां झटकों की तीव्रता सबसे ज़्यादा महसूस की गई।

झज्जर में सुबह के कुछ ही मिनटों में दो बार भूकंप के झटके लगे। पहला झटका 9:07 बजे महसूस किया गया और दूसरा 9:10 बजे, हालांकि यह थोड़ा हल्का था।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि धरती कांपी और कुछ स्थानों पर दीवारों में महीन दरारें तक दिखाई दीं। इस दौरान लोग भयभीत हो गए और घरों-दफ्तरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।

राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों जैसे रोहिणी, द्वारका, साकेत, मयूर विहार और सिविल लाइंस में भी लोग दहशत में बाहर निकल आए। गाजियाबाद और नोएडा के कुछ स्कूलों में बच्चों को तुरंत मैदान में ले जाया गया।

वहीं, गुरुग्राम की कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम रोक दिया गया और कर्मचारियों को बाहर लाया गया। एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली पूजा मेहरा ने बताया कि जैसे ही झटका महसूस हुआ, दफ्तर की दीवारें हल्की-हल्की हिलने लगीं, सभी को नीचे उतरने को कहा गया और पूरे स्टाफ ने पार्किंग में शरण ली।

भूकंप आने के बाद लोगों के मन में यह सवाल भी उठने लगा कि ये बार-बार झटके क्यों आते हैं? इसका वैज्ञानिक कारण समझाया जाए तो पृथ्वी की सतह सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है, जो लगातार गति में रहती हैं।

जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या उनके किनारे आपस में रगड़ खाते हैं, तो दबाव बढ़ने लगता है। यह दबाव वर्षों तक बनता रहता है और जब सहनशीलता से अधिक हो जाता है तो प्लेटें टूट जाती हैं। इस टूटन से जो ऊर्जा निकलती है, वह ज़मीन की सतह तक पहुंचती है और कंपन पैदा करती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।

भूकंप की तीव्रता और प्रभाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू उसका केंद्र होता है। जिस स्थान के ठीक नीचे टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती है, उसे भूकंप का केंद्र कहा जाता है। यही वह जगह होती है जहां पर कंपन सबसे अधिक महसूस होते हैं। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, झटकों की तीव्रता भी घटती जाती है।

हालांकि आज आए भूकंप की तीव्रता मध्यम स्तर की रही, लेकिन दिल्ली-एनसीआर जैसे घनी आबादी वाले और ऊंची इमारतों से भरे क्षेत्र में इस तरह के झटकों से हमेशा खतरा बना रहता है। राजधानी दिल्ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन 4 में आती है, जो उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि कोई भूकंप सात या उससे अधिक की तीव्रता का आता है तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं।

इन झटकों ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि दिल्ली-एनसीआर भले ही आधुनिक इमारतों और तकनीकी प्रगति से सुसज्जित हो, लेकिन भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के सामने आज भी उतनी ही असहाय है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी तरह की जनहानि या बड़ी क्षति की सूचना नहीं है। लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या हमारी तैयारियां किसी बड़े भूकंप से निपटने के लिए पर्याप्त हैं?

सरकार और नागरिकों दोनों को इस सवाल पर गंभीरता से विचार करने की ज़रूरत है, क्योंकि प्रकृति का अगला झटका कब और कितना भयानक होगा, इसका अनुमान कोई नहीं लगा सकता।

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