नईदिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को मरी हुई अर्थव्यवस्था कहा था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि ट्रंप ने बिल्कुल सही कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था खत्म हो चुकी है और इससे पूरी दुनिया वाकिफ है।
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा ने भारत की अर्थव्यवस्था को अडाणी (गौतम अडाणी) के लिए खत्म किया है।
राहुल ने कहा, ट्रंप सही हैं। ये बात सभी जानते हैं, सिर्फ प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर। सभी जानते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था मरी हुई अर्थव्यवस्था है।
मुझे खुशी है कि ट्रंप ने एक तथ्य रखा है। यह प्रश्न क्यों पूछा जा रहा है। क्या लोग जानते नहीं हैं? पूरी दुनिया जानती है कि भाजपा ने अर्थव्यवस्था को खत्म किया है। भाजपा ने अडाणी की मदद करने के लिए अर्थव्यवस्था को खत्म किया है।
राहुल ने आगे कहा, विदेश मंत्री कहते हैं कि हमारे पास शानदार विदेश नीति है। एक तरफ अमेरिका आपको गाली दे रहा है, दूसरी तरफ चीन आपके पीछे पड़ा है।
आप विदेश प्रतिनिधि पूरी दुनिया में भेजते हैं, तो एक भी देश पाकिस्तान की निंदा नहीं करता है। इन्हें देश चलाना नहीं आता? भाषण में ट्रंप और चीन का नाम नहीं लिया। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को ट्रंप लंच दे रहे हैं और ये कह रहे कि हमें सफलता मिली।
ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट लिखकर भारतीय अर्थव्यस्था को मरा हुआ बताया। उन्होंने लिखा, मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है।
वे मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को कैसे गिरा सकते हैं, मुझे इसका भी फर्क नहीं। अमेरिका ने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है क्योंकि उसके टैरिफ दुनिया में सबसे अधिक हैं। अमेरिका-रूस भी व्यापार नहीं करते।
नई दिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि शाह का आरोप, झूठ और तोड़-मरोड़ का मिश्रण है.
एक्स पोस्ट में चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की फांसी से संबंधित कार्यवाही भारत के गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान नहीं हुई थी.
चिदंबरम ने आगे कहा कि, गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बयान दिया कि, जब कि, पी चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब तक अफजल गुरु को फांसी नहीं दी जा सकती थी. चिदंबरम ने कहा कि, अमित शाह ने तोड़-मरोड़कर बयान पेश किया है.
घटनाक्रम का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने आगे कहा, अदालतों द्वारा दोषसिद्धि और सजा सुनाए जाने के बाद अफजल गुरु की पत्नी ने उसकी ओर से अक्टूबर 2006 में भारत के राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की.
राष्ट्रपति ने 3 फरवरी 2013 को दया याचिका खारिज कर दी. अफजल गुरु को छह दिन बाद 9 फरवरी 2013 को फांसी दे दी गई. चिदंबरम ने कहा कि, वे 1 दिसंबर 2008 और 31 जुलाई 2012 के दौरान गृह मंत्री थे.
चिदंबरम ने आगे कहा कि, इस पूरी अवधि के दौरान, अफजल गुरु की दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित रही. कानून यह है कि जब तक दया याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक मृत्युदंड की सजा पर अमल नहीं किया जा सकता.
चिदंबरम की यह टिप्पणी अमित शाह के राज्यसभा में पूर्व गृह मंत्री की ऑपरेशन सिंदूर पर की गई सबूत वाली टिप्पणी की आलोचना के बाद आई है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि, जब तक चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब तक अफजल गुरु को फांसी की सजा नहीं दी गई थी. उन्होंने कांग्रेस नेता पर यह सवाल उठाने के लिए निशाना साधा कि आतंकवादी देशी थे या पाकिस्तान से आए थे.
शाह ने कहा कि, चिदंबरम ने उनके इस्तीफे की मांग की और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए. उन्होंने बार-बार इस सबूत को चुनौती दी कि पहलगाम हमले में शामिल लोग पाकिस्तानी आतंकवादी थे.
शाह ने सवाल किया, आज, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वह किसे बचाने की कोशिश कर रहे थे…पाकिस्तान को.. लश्कर-ए-तैयबा को.. या फिर आतंकवादियों को..क्या आपको इस पर शर्म नहीं आती.शाह ने कहा कि, लेकिन ईश्वर की कृपा से, जिस दिन उन्होंने ये सवाल उठाए, उसी दिन तीनों आतंकवादी मारे गए.
यूपीए कार्यकाल में गृह मंत्री रहे चिदंबरम ने हाल ही में कहा था कि सरकार यह बताने को तैयार नहीं है कि एनआईए ने इतने हफ्तों में क्या किया है.
क्या उन्होंने आतंकवादियों की पहचान की है, वे कहां से आए थे? मेरा मतलब है, जहाँ तक हम जानते हैं, वे स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं. आप यह क्यों मान रहे हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे. इसका कोई सबूत नहीं है. वे नुकसान भी छिपा रहे हैं.
नई दिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने इसे जानबूझकर की गई घटिया जांच और प्रॉसिक्यूशन का नतीजा करार दिया.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख ने एक्स पर लिखा, मालेगांव विस्फोट मामले का फैसला निराशाजनक है. विस्फोट में छह नमाजी मारे गए और लगभग 100 घायल हुए.
उन्हें उनके धर्म के कारण निशाना बनाया गया. जानबूझकर की गई घटिया जांच/अभियोजन आरोपियों को बरी किए जाने के लिए जिम्मेदार है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, विस्फोट के 17 साल बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. क्या मोदी और फडणवीस सरकारें इस फैसले के खिलाफ उसी तरह अपील करेंगी जैसे उन्होंने मुंबई ट्रेन विस्फोटों में आरोपियों को बरी करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी?
क्या महाराष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल जवाबदेही की मांग करेंगे? उन 6 लोगों की हत्या किसने की?
हैदराबाद के सांसद ने आगे कहा, याद कीजिए 2016 में मामले की तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि एनआईए ने उनसे आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाने को कहा था.
याद कीजिए, 2017 में एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की थी. वही व्यक्ति 2019 में भाजपा सांसद बनीं.
करकरे ने मालेगांव में साजिश का पर्दाफाश किया था और दुर्भाग्य से 26/11 के हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला था. भाजपा सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने उन्हें श्राप दिया था और उनकी मृत्यु उसी श्राप का परिणाम थी.
क्या एनआईए/एटीएस अधिकारियों को उनकी दोषपूर्ण जांच के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा? मुझे लगता है कि हमें इसका जवाब पता है. यह आतंकवाद पर सख्त मोदी सरकार है. दुनिया याद रखेगी कि इसने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया था.
बता दें एनआईए कोर्ट ने गुरुवार को 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले सभी आरोपियों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया.अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह तो साबित कर दिया कि मालेगांव में विस्फोट हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं कर पाया.
नईदिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस पार्टी के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा सभी जानते हैं कि भारत एक ‘डेड इकोनॉमी (बर्बाद अर्थव्यवस्था) है। राहुल गांधी ने ये भी दावा किया है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने और भारत को बर्बाद अर्थव्यवस्था कहने से जुड़े एक सवाल पर राहुल गांधी ने बयान दिया है।
राहुल गांधी ने कहा- वह सही हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के सिवाय हर कोई जानता है कि भारत की अर्थव्यवस्था- बर्बाद अर्थव्यवस्था है। मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने तथ्य सामने रखा है।
भाजपा ने अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया है। भारत के सामने आज मुख्य मुद्दा है कि इस सरकार ने हमारी आर्थिक नीति को तबाह कर दिया, हमारी रक्षा नीति को तबाह कर दिया और हमारी विदेश नीति को तबाह कर दिया। वे देश को रसातल में ले जा रहे हैं।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा- विदेश मंत्री कहते हैं कि हमारी शानदार विदेश नीति है।
एक तरफ अमेरिका आपको गाली दे रहा है, दूसरी तरफ चीन आपके पीछे पड़ा हुआ है। पूरी दुनिया में आप प्रतिनिधिमंडल भेजते हैं तो पाकिस्तान की एक भी देश निंदा नहीं करता है।
भारत से आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में भारत और रूस पर निशाना साधा था। ट्रंप ने कहा था- भारत और रूस अपनी बर्बाद अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ गर्त में ले जा सकते हैं और उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
*सेवानिवृत हुए कुल 06 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया
*सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए
रांची, 31.07.2025 – जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त, रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक- 31 जुलाई 2025 को समाहरणालय ब्लॉक- ए स्थित कॉन्फ्रेंस कक्ष में उप विकास आयुक्त राँची, श्री सौरभ भुवनिया की अध्यक्षता में पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
उप विकास आयुक्त द्वारा सेवानिवृत हुए कुल 06 शिक्षकों को मोमेंटो, शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया।
जानकारी हो की जिला का यह कार्यक्रम जिसमें सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को उनके सेवानिवृत्ति के ही दिन सेवानिवृत्ति के सारे लाभ दे दिए गए।
सेवा निवृत्ति होने वाले शिक्षक जिन्हें सम्मानित किया गया
(1) शकुन्तला राशि रामवि जगन्नाथपुर राँची-2।
(2) शमीम अहमद स.शि. रा.म.वि. मसमोनो।
(3) कमलावती टोपनो, स.शि. रा.बुनियादी विद्यालय टेरों, बेड़ों।
(4) पुष्पा रानी, प्रधानाध्यापिका, रा.लक्ष्मी गजेन्द्र मध्य विद्यालय इटकी।
उप विकास आयुक्त ने इस आयोजन में सभी सेवानिवृत हो रहे शिक्षकों को ढेर सारी शुभकामनाऐं देते हुए साथ ही उन्होंने कहा की आज सेवानिवृत्ति के ही दिन रिटायरमेंट बेनिफिट का सारा लाभ दिया जा रहा है, यह बहुत बड़ी बात है। साथ उन्होंने सभी सेवानिवृत शिक्षकों से विशेष रूप से कहा की शिक्षकों को अपने आप को व्यस्त रखे।
उप विकास आयुक्त ने इस कार्यक्रम आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक को विशेष धन्यवाद दिया साथ ही सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों शुभकामनाऐं देते भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा की ईश्वर आपको लम्बी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दे। आप सभी को जीवन के अगली कड़ी के लिए शुभकामनाऐं आप सभी नए नए कार्यों में उपलब्धि पाए।
पुरी 30 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक को अत्याधुनिक स्पाई कैमरे के साथ परिसर के अंदर से पकड़ा गया।
यह सनसनीखेज मामला मंगलवार तड़के सामने आया, जिसने मंदिर की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गजपति नगर निवासी अभिषित कर नामक युवक एक आम श्रद्धालु की तरह मंदिर में दाखिल हुआ। उसने अपनी नजर के चश्मे पर एक बेहद छोटा जासूसी कैमरा फिट कर रखा था।
यह डिवाइस इतनी उन्नत थी कि इससे ली गई तस्वीरें और वीडियो सीधे रियल टाइम में उसके मोबाइल फोन पर भेजी जा सकती थीं।
मंदिर के सिंहद्वार (मुख्य द्वार) के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों को युवक की हरकतें कुछ संदिग्ध लगीं। उन्होंने उसे रोककर जब कड़ाई से पूछताछ और जांच की, तो चश्मे में लगे स्पाई कैमरे का खुलासा हुआ।
सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मंदिर की सशस्त्र सुरक्षा बल की मदद से युवक को हिरासत में ले लिया और आगे की कार्रवाई के लिए सिंहद्वार पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।
पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या युवक मंदिर के गर्भगृह या अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों की कोई तस्वीर या वीडियो रिकॉर्ड करने में कामयाब रहा है या नहीं।
फिलहाल, युवक का मकसद क्या था और क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच भी कर रही है।
गौरतलब है कि श्री जगन्नाथ मंदिर के अंदर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासकर जब अपराधी आधुनिक जासूसी गैजेट्स का इस्तेमाल कर रहे हों। घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और भी कड़ा कर दिया है।
गोवा ,30 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने गोवा में 212.85 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत गोवा राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थित अचल संपत्तियों पर ये कार्रवाई की है।
ईडी ने बुधवार को एक बयान में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पणजी क्षेत्रीय कार्यालय ने 28 जुलाई को गोवा के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थित कई अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनका मूल्य 212.85 करोड़ रुपए है।
यह कार्रवाई रोहन हरमलकर और उनके सहयोगियों के नेतृत्व में एक संगठित आपराधिक गिरोह द्वारा किए गए भूमि हड़पने और जालसाजी की व्यापक साजिश की चल रही जांच के संबंध में की गई है।
ईडी के मुताबिक, ईडी ने गोवा पुलिस द्वारा दर्ज दो प्राथमिकियों के आधार पर जांच शुरू की है। ये एफआईआर रोहन हरमलकर और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थीं।
उन पर जालसाजी, धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने और नकली दस्तावेजों के जरिए उत्तर गोवा में जमीन के टुकड़े धोखे से हड़पने के आरोप हैं।
ईडी की जांच में पता चला है कि रोहन हरमलकर ने अलकांट्रो डिसूजा और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक आपराधिक षड्यंत्र रचा, जिसके तहत अंजुना, रेवोरा, नडोरा, कैमुरलिम, पर्रा, और बारदेज तालुका व मापुसा शहर, गोवा के आसपास के अन्य क्षेत्रों में स्थित उच्च मूल्य की संपत्तियों को हड़पने की साजिश रची गई।
पीएमएलए जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कीमती अचल संपत्तियों पर झूठा मालिकाना हक जताने के लिए नकली वंशावली रिकॉर्ड, फर्जी बिक्री विलेख, जाली वसीयत, बदली गई इन्वेंट्री कार्यवाहियां और अन्य नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
इसके जरिए वे इन संपत्तियों को वैध दिखाने की कोशिश कर रहे थे। इस तरह उन्होंने बड़ी मात्रा में अपराध की कमाई (पीओसी), जो पीएमएलए की धारा 2(1)(यू) के तहत परिभाषित है, उत्पन्न की।
अपराध से कमाई गई रकम (पीओसी) का एक हिस्सा सीधे रोहन हरमलकर, अलकांट्रो डिसूजा और अन्य आरोपियों को मिला। बाद में इस रकम को उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बैंक खातों के जरिए घुमाया गया।
इस अवैध कमाई को अलग-अलग खातों से गुजारकर और मिलाकर ऐसे दिखाया गया कि जैसे वह वैध (साफ-सुथरी) हो, ताकि काले धन को सफेद किया जा सके।
ईडी के अनुसार, अब तक 212.85 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की कई अचल संपत्तियां, जो सीधे पीओसी का हिस्सा हैं, उसकी पहचान की गई है और पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से उसे कुर्क किया गया है।
साथ ही बाकी पीओसी का पता लगाने और कुर्क करने के प्रयास जारी हैं ताकि धन शोधन के पूरे दायरे का खुलासा किया जा सके।
मुख्य आरोपी रोहन ह्यहरमलकर को जून में पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
नई दिल्ली ,30 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बांके बिहारी मंदिर मामले में गोस्वामी पक्ष को कड़ी फटकार लगाई। सर्वोच्च अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि बार-बार एक ही मुद्दे को उठाने को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की तीन सदस्यीय पीठ ने गोस्वामी पक्ष को फटकार लगाते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी कि एक ही मुद्दे को बार-बार उठाना अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा, आप इस तरह के खेल खेलना और चालें चलना बंद कीजिए। एक ही विषय को बार-बार उठाना न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। यह अनुचित है और इसे रोका जाना चाहिए।
पीठ ने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति हुई या जानबूझकर मामला किसी अन्य पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया, तो संबंधित वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की ओर से दलील दी गई कि गोस्वामी पक्ष पहले ही इस मामले को दूसरी पीठ में स्थानांतरित करने की कोशिश कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें अदालत के समय और प्रक्रिया का दुरुपयोग हैं।
कोर्ट ने गोस्वामी पक्ष को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला बांके बिहारी मंदिर से जुड़े विवाद से संबंधित है।
बता दें कि मथुरा के वृंदावन में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन समिति ने यूपी सरकार के अध्यादेश ‘श्री बांके बिहारी जी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश, 2025’ को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इस अध्यादेश के तहत मंदिर का प्रशासनिक नियंत्रण एक नवगठित ट्रस्ट को सौंपा गया है, जिसे याचिकाकर्ताओं ने मंदिर के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है।
याचिका में कहा गया है कि यह मंदिर के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप के समान है। मंदिर राज्य की संपत्ति या ट्रस्ट नहीं है।
रांची,30.07.2025 – 31.07.2025 से 01.08.2025 को भारत के माननीय राष्ट्रपति महोदया का राँची में परिदर्शन प्रस्तावित है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट से हिनू चौक से बिरसा चौक से अरगोड़ा चौक से राजभवन के 200 मीटर की परिधि को Drone, Paragliding, Hot Air Balloon के संदर्भ में अनुमंडल दंडाधिकारी सदर रांची द्वारा No Flying Zone घोषित किया गया है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अनुमंडल दण्डाधिकारी, सदर, राँची द्वारा BNSS की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निम्न प्रकार की निषेधाज्ञा जारी की गयी है :-
1- दिनांक 31.07.2025 से 01.08.2025 तक को बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट से हिनू चौक से बिरसा चौक से अरगोड़ा चौक से राजभवन के 200 मीटर की परिधि को Drone, Paragliding, Hot Air Balloon के संदर्भ में NO FLY ZONE घोषित किया गया है। तथा उक्त क्षेत्र में तथा उसके ऊपर Drones, Paragliding and Hot Air Balloons पूर्णतः वर्जित रहेंगे।
यह निषेधाज्ञा दिनांक 31.07.2025 के प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 01.08.2025 के रात्रि 10:00 बजे के लिए लागू रहेगा।
लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में कार्यवाही पर रोक से इनकार
नई दिल्ली 30 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): नौकरी के बदले जमीन (लैंड फॉर जॉब) घोटाले में फंसे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक और बड़ा झटका देते हुए निचली अदालत में चल रही मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है।
शीर्ष अदालत ने लालू यादव की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि इस मामले से जुड़ी एक याचिका पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने टिप्पणी की कि निचली अदालत द्वारा आरोप तय किया जाना, दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित याचिका पर आने वाले फैसले पर निर्भर करेगा।
यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का आरोप है कि इस दौरान रेलवे के ग्रुप ‘डी’ पदों पर भर्ती के लिए नियमों को ताक पर रखकर कई लोगों को नौकरी दी गई। इसके बदले में आवेदकों से उनकी जमीनें लालू यादव के परिवार के सदस्यों और करीबियों के नाम पर लिखवाई गईं।
लालू यादव की ओर से उनके वकील मुदित गुप्ता ने अर्जी दाखिल कर 12 अगस्त तक ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही स्थगित करने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया। बता दें कि इससे पहले 18 जुलाई को भी शीर्ष अदालत ने लालू की ऐसी ही एक याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही है और दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू यादव, उनके परिवार के सदस्यों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब निचली अदालत में उन पर आरोप तय होने का रास्ता साफ हो गया है।
शिमला ,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉलीवुड के सुपरस्टार सनी देओल ने लद्दाख की यात्रा के दौरान तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से मुलाकात की।
सनी देओल ने कहा कि दलाई लामा की मौजूदगी, उनकी बुद्धिमानी और आशीर्वाद से मन को काफी सुकून और शांति महसूस हुई।
सनी ने दलाई लामा के साथ एक फोटो इंस्टाग्राम पर डाली, जिसमें वे उनके सामने आदर से झुकते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दलाई लामा सनी के हाथों को बड़े प्यार से अपने माथे पर लगाते हुए दिख रहे हैं।
इस फोटो को पोस्ट करते हुए सनी देओल ने कैप्शन में लिखा, यह एक सम्मान और आभार से भरा पल था। लद्दाख की शांत वादियों में यात्रा करते समय मेरी मुलाकात परम पूज्य दलाई लामा से हुई।
उनकी मौजूदगी, समझदारी भरी बातें और आशीर्वाद से मन को सुकून और शांति मिली। यह पल मेरे लिए कभी न भूलने वाला है।
सनी देओल के इस पोस्ट पर उनके फैंस बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने इस खास मुलाकात पर अपनी खुशी और उत्साह जाहिर किए।
एक फैन ने कमेंट में लिखा, दलाई लामा के साथ सनी की यह मुलाकात प्रेरणादायक अनुभव है।
दूसरे फैन ने लिखा, दलाई लामा की शांति और सादगी दुनिया के लिए एक मिसाल है, और सनी देओल का उनके साथ यह पल देखकर काफी खुशी हुई।
अन्य फैंस ने लिखा, दलाई लामा की बातें सच में दिल को सुकून देने वाली हैं।
वर्कफ्रंट की बात करें तो सनी देओल जल्द ही फिल्म बॉर्डर 2 में नजर आएंगे, जिसकी शूटिंग पूरी हो गई है।
बॉर्डर 2 जेपी दत्ता की 1997 की ब्लॉकबस्टर बॉर्डर का सीक्वल है, जो 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित फिल्म थी। उसमें सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर, कुलभूषण खरबंदा, तब्बू, राखी गुलजार, पूजा भट्ट और शरबानी मुखर्जी लीड रोल में थे।
बॉर्डर 2 फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया। यह फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली है।
कर्नाटक ,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक में कलबुर्गी सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्राओं को फील्ड ट्रिप के दौरान हिजाब पहनने को मजबूर करने का मामला तूल पकड़ रहा है।
हैदराबाद के एक एनजीओ, लीगल राइट्स प्रोटेक्शन फोरम ने यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार रुद्र गौड़ा पाटिल, को एक पत्र लिखकर इसका जवाब मांगा है।
शिकायती खत में लिखा गया, हिस्ट्री और आर्कियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर अब्दुल मजीद ने जानबूझकर फील्ड ट्रिप के दौरान मुस्लिम स्मारकों का दौरा करवाया और एक मजार में जाने से पहले छात्राओं को सिर ढकने को कहा। इस फील्ड ट्रिप में कलबुर्गी और बीदर के स्टूडेंट्स को शामिल किया गया था।
इस शिकायत के जवाब में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार रुद्र गौड़ा पाटिल ने कहा, 26 जुलाई को विश्वविद्यालय को ए.एस. संतोष की एक शिकायत प्राप्त हुई।
वे हैदराबाद स्थित लीगल राइट्स फोरम के महासचिव हैं, और उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय में इतिहास और पुरातत्व के छात्र प्रोफेसर राजी माजिद अब्दुल माजिद ने, फील्ड ट्रिप पर गए के दौरान कुछ छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया।
इसलिए, इस साथी संतोष की ओर से यह शिकायत प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय नियमानुसार, एक जांच समिति गठित करेगा और उसके अनुसार, हम कार्रवाई करेंगे।
इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के सहायक प्रोफेसर अब्दुल मजीद पर फील्ड ट्रिप के दौरान छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है।
इस फील्ड ट्रिप में कलबुर्गी और बीदर जिलों के छात्र शामिल थे, और कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय से जुड़े स्थानों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया था।
विधि एवं अधिकार संरक्षण मंच ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बट्टू सत्यनारायण के समक्ष सहायक प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार रुद्र गौड़ा पाटिल ने आश्वासन दिया है कि जांच समिति की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं भाजपा एम.एल.सी एन रवि कुमार ने हिजाब मामले को लेकर कहा, मैं सिर्फ इस मामले में इतना कहना चाहता हूं कि इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
नई दिल्ली ,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान के उदयपुर में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स की रिलीज को लेकर सोमवार को सुनवाई हुई। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।
कोर्ट को बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म में कुछ बदलावों के बाद इसे दोबारा सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से सर्टिफिकेट लेने को कहा है। कोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया में समय लगेगा इसलिए फिल्म की रिलीज अभी टाल दी गई है।
फिल्म के निर्माता की ओर से सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने कोर्ट में कहा कि मंत्रालय की सिफारिशों के अनुसार फिल्म में छह कट लगाए गए हैं और डिस्क्लेमर में भी बदलाव किया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले सीबीएफसी ने फिल्म को 55 कट के साथ मंजूरी दी थी, लेकिन अब नए बदलावों के बाद दोबारा सर्टिफिकेशन की जरूरत है।
इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जल्दबाजी की जरूरत नहीं है और सर्टिफिकेशन पूरा होने के बाद ही फिल्म रिलीज हो सकती है।
‘उदयपुर फाइल्सÓ उदयपुर में 2022 में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है। इस हत्याकांड में मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस को आरोपी बनाया गया था, जिन्होंने कथित तौर पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में हत्या को अंजाम दिया था।
फिल्म के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और हत्याकांड के एक आरोपी मोहम्मद जावेद ने याचिका दायर की है। उनका दावा है कि यह फिल्म मुस्लिम समुदाय को बदनाम करती है और चल रहे मुकदमे को प्रभावित कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले याचिकाकर्ताओं को दिल्ली हाईकोर्ट में जाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मंत्रालय के फैसले को चुनौती दी जा सकती है। अब सभी की नजरें 30 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि फिल्म को रिलीज की अनुमति मिलेगी या नहीं।
नई दिल्ली ,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। श्रावण मास का धार्मिक महत्व हिंदू संस्कृति में अत्यधिक है और इसकी रूशठ्ठस्रड्ड4ह्य यानी सोमवारों को विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आज, सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण देशभर में शिवालयों में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक हर शिव मंदिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
काशी में विशेष आरती, भक्तों पर पुष्पवर्षा
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। तीसरे सोमवार की शुभ बेला में भगवान विश्वनाथ के दरबार में विशेष मंगल आरती का आयोजन किया गया। स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर आस्था का स्वागत किया। हजारों की संख्या में भक्तों ने जलाभिषेक किया और भगवान शिव से मंगल की कामना की।
उज्जैन में महाकाल के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर प्रांगण में लंबी कतारें सुबह से ही दिखाई दीं। मंदिर प्रशासन की ओर से विशेष पूजन और भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए भक्तों ने भाग लिया।
बाबा बैद्यनाथ धाम में शिवभक्तों की भारी भीड़
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी आज शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में जुटने लगे थे और तड़के जलाभिषेक की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
दिल्ली से अयोध्या तक पूजा-अर्चना का सिलसिला
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही देखने को मिली। मंदिर में पूजा-पाठ, जलाभिषेक और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। वहीं, भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या के क्षीरेश्वरनाथ और नागेश्वरनाथ मंदिरों में भी भक्तों ने पूरे विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन किया।
हरिद्वार, अहमदाबाद, राजस्थान में भी दिखा शिवभक्ति का प्रभाव
हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल लेकर पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव को जल अर्पित किया और आरती में भाग लिया। अहमदाबाद के कोटेश्वर महादेव मंदिर और राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। विभिन्न शिवालयों में भजन-संध्या, हवन, रुद्राभिषेक जैसे आयोजन देखने को मिले।
कांवडिय़ों की आवाजाही बनी रही प्रमुख आकर्षण
सावन के तीसरे सोमवार पर कांवड़ यात्रा भी चरम पर रही। गंगा के विभिन्न तटों से जल लेकर लौटते कांवडिय़े देश के कोने-कोने के शिवालयों की ओर बढ़ते नजर आए। पुलिस प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर विशेष प्रबंध किए ताकि यातायात और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।
भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम
इस वर्ष सावन का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि कई शुभ संयोग बन रहे हैं। भक्तों ने श्रद्धा के साथ उपवास, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव चालीसा का पाठ किया। मंदिरों में धर्माचार्यों ने बताया कि सावन सोमवार का व्रत रखने से संतान सुख, दांपत्य सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
सावन के तीसरे सोमवार पर देशभर में शिवभक्तों की आस्था ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि धर्म और भक्ति भारतीय संस्कृति के मूल में बसे हैं। मंदिरों में जहां एक ओर अनुशासन और प्रबंध ने श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित की, वहीं दूसरी ओर शिव की भक्ति में डूबे जनमानस ने माहौल को अध्यात्ममय बना दिया।
नई दिल्ली,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दोनों सदनों के शुरू होने के तुरंत बाद कई बार स्थगित होने के बाद, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि वह केवल लोकसभा में ही बोलेंगे.
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, अगर मैं बोलूंगा तो यह सदन के अंदर. मुझे इसकी (लोकसभा स्थगित होने की) जानकारी है, इसलिए मैं यहां (बाहर) खड़ा हूं.
जब लोकसभा में विपक्ष के नेता से बोलने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, मुझे बोलने का मौका अंदर है. चुनावी राज्य बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार को दूसरी बार स्थगित कर दी गई.
विपक्ष की नारेबाजी के बीच स्थगित होने से पहले आज सुबह 11 बजे ऊपरी सदन की बैठक संक्षिप्त रूप से शुरू हुई.
इसी प्रकार निचले सदन में भी विपक्षी सांसदों ने बिहार एसआईआर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया. इससे पहले, दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे संक्षिप्त रूप से शुरू हुई, लेकिन विरोध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया.
राज्यसभा की अध्यक्षता कर रहे सांसद घनश्याम तिवारी ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे सदन में शालीनता बनाए रखें और सदस्यों को सरकार से पूछे जा रहे प्रश्नों का उत्तर देने दें.
इसी तरह, केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने भी प्रश्नकाल में भाग नहीं लेने देने के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, उन्होंने सवाल ही नहीं पूछा है, मैं जवाब कैसे दूंगा? एक बार वे सवाल पूछ लें, तो मैं जवाब दे सकता हूं.
इस बीच, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में नारेबाजी जारी रखी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
स्पीकर ओम बिरला ने कहा, पहले आप ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग करते हैं, फिर सदन में वेल में आते हैं.
अगर आप चर्चा में हिस्सा लेना चाहते हैं, तो कृपया अपनी सीटों पर बैठ जाएं. आप ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा चाहते हैं या नहीं?… क्या मुझे सदन स्थगित कर देना चाहिए?
लोकसभा में भी ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होनी है, जिसमें सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे. लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे चलने वाली चर्चा से पहले, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से पाकिस्तान की भाषा न बोलने की अपील की.
उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा को बनाए रखने और उसका ध्यान रखने की आवश्यकता है.
मैं विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि वे भारत के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कोई काम न करें और पाकिस्तान की भाषा न बोलें. रिजिजू ने कहा, हमें सावधान रहना होगा. हमें भारतीय सशस्त्र बलों की गरिमा बनाए रखनी होगी.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले करके पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया.
21 जुलाई को मानसून सत्र शुरू होने के बाद से ही संसद में विपक्ष द्वारा सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर बहस कराने की मांग को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमला और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही एसआईआर प्रक्रिया भी शामिल है.
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से पहले ही लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
नई दिल्ली 28 Jully (Rns)- लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही बिहार वोटर लिस्ट पर विपक्ष का हंगामा होने लगा. आज ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का दिन है। लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत होने से पहले ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ है।
सदन की शांत कराने की कोशिश करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हंगामा करने वालों को समझाइए कि इन्हें सदन में पर्चें फेंकने और तख्तियां लाने के लिए नहीं भेजा गया है।
ऑपरेशन सिंदूर पर पी चिदंबरम के बयान पर BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, “जब भी पाकिस्तान और आतंकवाद की बात होती है, तो पाकिस्तान भी अपनी उतनी वकालत नहीं करता जितना राहुल गांधी वाली कांग्रेस करती है, ऐसी क्या मजबूरी है कि कांग्रेस को पाकिस्तान का पक्ष लेना पड़ रहा है? एक पूर्व गृह मंत्री का ऐसा बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है…”
वहीं, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर पर आज से चर्चा शुरू…जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो लंका जल गई।
जब पाकिस्तान ने भारत द्वारा खींची गई लाल रेखा पार की, तो आतंकवादी शिविरों को आग का सामना करना पड़ा!” केंद्रीय मंत्री ने आगे पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, “जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो लंका जल गई। जब पाकिस्तान ने भारत द्वारा खींची गई लाल रेखा पार की, तो पाकिस्तान को आग का सामना करना पड़ा।”
नई दिल्ली 28 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- लोकसभा में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार से सवाल किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने यह नहीं बताया कि आतंकवादी पहलगाम में कैसे आए?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान लोकसभा में कहा, “सदन में सच्चाई सामने आनी चाहिए। चाहे वह ‘पहलगाम आतंकी हमले’ की हो या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की या फिर ‘विदेश नीति’ की, सभी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने आज बहुत सारी जानकारी दी, लेकिन रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने यह नहीं कहा कि पहलगाम के बैसरन में आतंकी कैसे आए? कैसे पाकिस्तान से आतंकवादी पहलगाम पहुंचे और 26 लोगों की हत्या कर दी? रक्षा मंत्री भले न बताएं, लेकिन हम विपक्ष में होने के नाते देशहित में सवाल पूछेंगे।”
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सरकार से सवाल भी किया। उन्होंने कहा, “देश जानना चाहता है। 100 दिन बीतने के बाद भी सरकार पहलगाम के दहशतगर्दों को क्यों नहीं पकड़ पाई?
पहलगाम के आतंकियों को किसने पनाह दी, किसने जानकारी दी? पहलगाम के आतंकियों को फरार होने में किसने मदद की? 100 दिन बीत गए, लेकिन सरकार के पास इन सवालों का कोई जवाब नहीं है। सरकार के पास ड्रोन, पेगासस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ है, वहां गृहमंत्री कुछ दिन पहले ही गए थे, लेकिन फिर भी आप किसी को पकड़ नहीं पाए।
ये कैसा बंदोबस्त था?” गौरव गोगोई ने राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, “राजनाथ सिंह ने बताया कि हमारा मकसद युद्ध नहीं था, और मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों नहीं था?
पीओके आज नहीं लेंगे तो कब लेंगे? हमें संदेश मिलता है कि दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान हमारे पास हैं। हालांकि सीडीएस को कहना पड़ा कि हमारे लड़ाकू जहाज रेंज में नहीं जा सकते। हमें सरकार से इन सब पर जानकारी चाहिए।”
‘सुदर्शन चक्र उठा लिया है, ऑपरेशन सिंदूर जारी रहेगा’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शेर अगर मेंढकों को मारे तो उसका बहुत अच्छा संदेश नहीं जाता। भारत के सैनिक शेर हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान कहा, “हमारा इतिहास है कि हमने कभी भी किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया।
शेर अगर मेंढकों को मारे तो उसका बहुत अच्छा संदेश नहीं जाता। हमारी सेना शेर है। पाकिस्तान जैसा, जो अपने अस्तित्व के लिए दूसरों पर आश्रित हो, उससे मुकाबले का मतलब है अपना स्तर कम करना। हमारी नीति है, आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना। हमारा पाकिस्तान विरोध उनकी आतंकवाद की नीति के कारण है।”
राजनाथ सिंह ने भगवान राम और कृष्ण का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी प्रवृत्ति भगवान राम और भगवान कृष्ण से प्रेरित है, जो हमें शौर्य भी सिखाती है और धैर्य भी सिखाती है। हमने भगवान कृष्ण से सीखा शिशुपाल की 100 गलतियां माफ की जा सकती हैं, लेकिन अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया है।
इस सीख का हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी विदेश और रक्षा नीति में प्रयोग कर रहे हैं। आज भारत पहले दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, लेकिन अगर कोई देश धोखा दे, तो वह उसकी कलाई भी मरोड़ना जानता है।”
नई दिल्ली 28 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : सुप्रीम कोर्ट ने नकदी से जुड़े एक विवाद में फंसे अपने ही न्यायाधीश, जस्टिस यशवंत वर्मा को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस वर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने बेहद तल्ख टिप्पणी की और कहा, यह याचिका दाखिल ही नहीं होनी चाहिए थी।
जस्टिस वर्मा ने अपने खिलाफ हुई एक आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह जांच समिति भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश द्वारा जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की पड़ताल के लिए गठित की गई थी।
सोमवार को मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई शुरू होते ही पीठ ने याचिका दाखिल करने के औचित्य पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अदालत ने कहा, “इस याचिका में जो प्राथमिक राहत मांगी गई है, वह अपने आप में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ है।”
दरअसल, जस्टिस वर्मा ने अपनी याचिका में उस आंतरिक समिति की रिपोर्ट को ही अमान्य घोषित करने का अनुरोध किया था, जिसमें उन्हें नकदी बरामदगी से जुड़े एक विवाद में दोषी ठहराया गया है।
पीठ ने जस्टिस वर्मा से यह भी सवाल किया कि उन्होंने अपनी याचिका के साथ वह आंतरिक जांच रिपोर्ट क्यों नहीं संलग्न की, जिसे वह चुनौती दे रहे हैं।
जस्टिस वर्मा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 124 के तहत एक तय प्रक्रिया है और किसी भी न्यायाधीश के आचरण पर सार्वजनिक रूप से बहस नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, “संवैधानिक व्यवस्था के तहत, सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर वीडियो जारी करना या मीडिया द्वारा न्यायाधीशों पर सार्वजनिक टीका-टिप्पणी करना प्रतिबंधित है।”
सिब्बल की दलीलों पर पीठ ने और तीखे सवाल किए। अदालत ने पूछा, “आप जांच समिति के सामने पेश ही क्यों हुए? क्या आप समिति के पास यह सोचकर गए थे कि शायद फैसला आपके पक्ष में आ जाए?”
सुप्रीम कोर्ट की इन सख्त टिप्पणियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने ही न्यायाधीश द्वारा आंतरिक जांच प्रक्रिया को इस तरह से चुनौती दिए जाने से नाखुश है। इस मामले ने न्यायपालिका की आंतरिक जांच प्रक्रियाओं और न्यायाधीशों की जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
श्रीनगर,28 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हो रही है। गोलीबारी दाचीगाम इलाके के लिडवास में चल रही है। सुरक्षा बलों ने 3 आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है।
तीनों आतंकवादी पहलगाम हमले से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिन्होंने बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों को मारा था। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। भारतीय सेना की चिनार कोर्प्स ने बताया कि आतंकियों के खिलाफ इस मुठभेड़ को ऑपरेशन महादेव नाम दिया गया है।
सेना के सूत्रों का कहना है कि तीनों आतंकियों की पहचान सामने नहीं आई है, लेकिन वे लश्कर-ए-तैयबा के द रेसिस्टेंस फोर्स (टीआरएफ) से जुड़े विदेशी आतंकवादी बताए जा रहे हैं। इस इलाके में पिछले कई दिनों से टीआरएफ के संदिग्ध आतंकियों के छिपे होने की सूचना दी.
जिसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया है। तीनों आतंकियों को सुरक्षा बलों ने इलाके में घेर लिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाचीगाम श्रीनगर का बाहरी इलाका है, जो राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है। यहां पहले भी टीआरएफ अपना ठिकाना बना चुका है, जिसको सुरक्षा बल नष्ट कर चुके हैं।
सुरक्षा बल आतंकियों और उनके हथियारों को बरामद करने के लिए ड्रोन का सहारा ले रहे हैं। इलाके में अब भी कुछ आतंकियों के छिपे होने की आशंका के चलते गोलीबारी जारी है। तीनों को 150 घुसपैठिए आतंकवादी के समूह का हिस्सा माना जा रहा है।
27.07.2025 – ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि एक इमोशन बन चुका है। साल 2000 में जब ये शो शुरू हुआ था, तो इसकी कहानियों, किरदारों और इमोशनल गहराई ने हर घर में जगह बना ली थी।
जैसे ही इसका नया प्रोमो आया, फैन्स की एक्साइटमेंट एकदम अलग ही लेवल पर पहुंच गई।
तुलसी के किरदार में स्मृति ईरानी को देखकर लोगों की यादें ताज़ा हो गईं। प्रोमो में दिखा इमोशन और परिवार की जड़ से जुड़ी भावनाएं, शो की वापसी का माहौल बना चुकी हैं।
सोशल मीडिया पर भी अब इसका जबरदस्त प्रमोशन शुरू हो चुका है और हर दिन इसके नए सीज़न को लेकर चर्चा और बढ़ रही है।
अब जब ये नए अंदाज में पुनः तुलसी (स्मृति ईरानी) के साथ वापसी कर रहा है, तो लोग न सिर्फ इसकी कहानी जानने को बेताब हैं, बल्कि अपनी प्यारी तुलसी को फिर से पर्दे पर देखने के लिए भी बेताब हैं। इसी के तहत अब शो से जुड़ी एक खास बात सामने आई है।
27 जुलाई को शो की प्रोड्यूसर एकता कपूर और तुलसी यानी स्मृति ईरानी राजस्थान के उदयपुर के पास स्थित प्रसिद्ध नाथद्वारा मंदिर जा चुकी हैं।
शो की रिलीज़ से पहले मंदिर जाकर आशीर्वाद लेना, एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। नाथद्वारा मंदिर अपनी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है और वहां की ये यात्रा फैन्स के लिए भी एक इमोशनल मोमेंट हो सकती है।
29 जुलाई को ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ का नया सीज़न ऑन एयर होगा और फैन्स के दिलों की धड़कनें पहले से ही तेज़ हो चुकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बार की कहानी में जहां नया ट्विस्ट होगा, वहीं पुरानी यादों का तड़का भी पूरी तरह से बना रहेगा।
आज का दिन आपके अनुकूल बना रहेगा। आज आपको बिजनेस में बड़ा लाभ होगा, भौतिक सुख में बढ़ोतरी होगी। इस राशि की जो महिलायें वर्क फ्रॉम होम करती हैं, उनके लिए आज का दिन व्यस्तता से भरा रहेगा। छात्र आज अपने इंटरेस्ट के हिसाब से किसी कोर्स को चूज करेंगे, जिसमें उनको बढिय़ा सफलता मिलेगी। आज आप किसी विषय पर जरूरी बात अपने दोस्त से कर सकते है। भगवान शिव के मंदिर जाकर उनका जलाभिषेक करें, इससे आपके मन में चल रही उलझन का समाधान मिलेगा।
शुभ रंग- ग्रे
शुभ अंक- 06
वृष राशि:
आज का दिन आपके लिए शानदार रहने वाला है। आज आपको करियर में कुछ नया करने का मौका मिलेगा, जीवनसाथी का सहयोग बना रहेगा। आज आप काम को लेकर काफी एक्साइटेड रहेंगे, जिस भी काम की शुरुआत करेंगे वह समय से पूरा होगा। सामाजिक कार्यों में कार्यरत व्यक्तियों को आज वरिष्ठ सदस्यों से सम्मान प्राप्त होगा, जिससे आपका मनोबल बढ़ेगा। छात्र आज गंभीरता के साथ पढाई करेंगे और अपने बचे हुए पाठ्यक्रम को कम्पलीट करेंगे।
शुभ रंग- लाल
शुभ अंक- 01
मिथुन राशि:
आज आपका दिन अच्छा रहेगा। प्राइवेट ऑफिस में कार्यरत व्यक्तियों को आज उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। आज काफी दिनों से रुका हुआ महत्वपूर्ण काम पूरा हो जायेगा। आज आपके अंदर उत्साह बना रहेगा और आप काम करने का नया टारगेट भी बनायेंगे। इस राशि के जो व्यक्ति राजनीतिक क्षेत्र में हैं, वे आज किसी सभा में जायेंगे, जहां अपने संबोधन से जनमानस में नयी उमंग भर देंगे।
शुभ रंग- पीला
शुभ अंक- 04
कर्क राशि:
आज आपका दिन बढिय़ा रहेगा। इलेक्ट्रोनिक के बिजनेस में आज आपको बड़ा आर्डर मिलने की संभावना बन रही है। आज किसी मित्र से आपकी मुलाकात हो सकती है, आप साथ बैठकर अच्छे से इंजॉय करेंगे। आज आपका काम समय से पूरा हो जायेगा, जिससे आपको ख़ुशी मिलेगी। आज जीवनसाथी के साथ किसी बात पर विशेष चर्चा होगी, ये आपके बच्चों से रिलेटेड भी हो सकती है। आज घर से निकलते समय आप बड़ो का आशीर्वाद लेकर निकलें, कार्य में सफलता मिलेगी।
शुभ रंग- नीला
शुभ अंक- 02
सिंह राशि:
आज आपका दिन मिली – जुली प्रतिक्रिया देने वाला रहेगा। हार्डवेयर के बिजनेस में आज आपको कम मेहनत में ज्यादा धनलाभ होगा। आज किसी अनजान व्यक्ति से आप जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें सीखेंगे, जिसका आपके जीवन पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा। आज जीवनसाथी के साथ रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी और आप घर के कार्यों में हाथ बंटा सकते हैं। आज आपका अधूरा काम आपके सहयोगी की मदद से पूरा हो जाएगा। स्वास्थ्य को लेकर आज आपको थोड़ा सा सतर्क रहना चाहिए।
शुभ रंग- हरा
शुभ अंक- 08
कन्या राशि:
आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आज आप अपनी आदतों में कुछ बदलाव कर सकते है, यह बदलाव आपके काम को लेकर या करियर को लेकर हो सकता है। छात्र आज अपनी पढ़ाई को लेकर उत्साहित रहेंगे और नया कोर्स करने का मन बनायेंगे। आज आप काम के प्रेशर को कम करने के लिए अपने सहयोगियों से सलाह मशवरा ले सकते हैं।
शुभ रंग- सिल्वर
शुभ अंक- 02
तुला राशि:
आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। ऑटोमोबाइल के बिजनेस में आज आपको बढिय़ा धनलाभ होगा, आप अपने व्यापार को बड़ा बनाने का प्रयास करेंगे। आज आपका रुझान साहित्य के क्षेत्र में होने से आप बुक पढऩे का मन बनायेंगे। इस राशि के इंजीनियर्स के लिए आज का दिन फायदेमंद रहेगा। स्टूडेंट्स के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा, कॉम्पटीटिव एग्जाम से रिलेटेड शुभ समाचार मिल सकता है। लवमेट के लिए आज का दिन बढिय़ा है, साथ में कुछ समय स्पेंड करेंगे।
शुभ रंग- पर्पल
शुभ अंक- 09
वृश्चिक राशि:
आज का दिन आपके लिए फेवरेबल है। आज आपको अधिकतर कार्यों में सफलता मिलेगी और कुछ खास लोग मददगार भी साबित होंगे। यदि आज आप मार्केट में किसी तरह का निवेश करने जा रहे हैं, तो पूरी तरह से रिसर्च के बाद ही निवेश करें, इससे आपको फायदा मिलेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन अच्छा रहने वाला है। लंबे समय बाद खुद को तरो-ताजा महसूस करेंगे।
शुभ रंग- नारंगी
शुभ अंक- 03
धनु राशि:
आज आपका दिन ठीक – ठाक रहेगा। जिन व्यक्तियों को लंबे समय से नौकरी का इंतजार है, आज वो ख़त्म हो सकता है। आज किसी एंट्रेस एग्जाम की तैयारी कर रहे छात्रों को थोड़ी ज्यादा मेहनत करने की जरुरत है। आज आप जो भी काम शुरु करेंगे, उसे समय रहते पूरा कर लें, आपके लिये अच्छा रहेगा। आज आपको ऑफिस में सहकर्मी का सहयोग मिलने से काम आसान हो जायेगा।
शुभ रंग- इंडिगो
शुभ अंक- 06
मकर राशि:
आज आप का दिन मिली-जुली प्रतिक्रिया देने वाला रहेगा। आज आप किसी जरूरी काम को करने से पहले घर के बड़ों या किसी अनुभवी व्यक्ति से राय जरुर ले लें। माता-पिता के आशीर्वाद से आज सभी बाधाओं को दूर करने में आप सक्षम रहेंगे। आज जीवनसाथी के साथ रिश्ते में सुधार होगा और आपके रिश्ते में नयापन आएगा। आज आप कुछ समय दोस्तों के साथ भी गुजारेंगे, जिससे आपका मूड फ्रेश होगा। आज व्यापार के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिये आपको किसी की मदद मिल सकती है।
शुभ रंग- पिंक
शुभ अंक- 09
कुम्भ राशि:
आज का दिन आपके लिए बेहतरीन रहने वाला है। आज आपकी मुलाकात किसी बड़े व्यक्ति से हो सकती है, जो आने वाले समय में आपके लिये बहुत ही उपयोगी साबित होगी। आज आपको टूर एंड ट्रैवल के बिजनेस में अच्छा धन लाभ होगा। समाज सेवा से जुड़े हुए व्यक्तियों को आज विभिन्न वर्ग के व्यक्तियों से मिलने और उनकी समस्या को दूर करने का मौका मिलेगा। आज आपके घर का माहौल ठीक रहेगा, जिससे आपका दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा।
शुभ रंग- भूरा
शुभ अंक- 02
मीन राशि:
आज का दिन आपके लिए लाभप्रद रहेगा। आज आपके मन में नये-नये विचार आयेंगे, जिन्हें आप अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। आज राजनितिक क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। आज रोजगार में नए मार्ग प्रशस्त होंगे, जो आपके करियर में उन्नति को बढ़ाएंगे। आज ऑर्गेनिक कृषि में आप कुछ बदलाव कर सकते हैं, जिससे आपको अच्छा लाभ होगा। आज आप परिवार के साथ कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं, जिससे बच्चों को ख़ुशी मिलेगी।
रांची,26.07.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-बी, कमरा संख्या-505 में अंचल निरीक्षक एवं राजस्व उप निरीक्षक के कार्यशैली उन्नयन हेतु कार्यशाला एवं राजस्व कार्यो की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
अंचल निरीक्षक एवं राजस्व उप निरीक्षक के कार्यशैली उन्नयन हेतु कार्यशाला में विशेष अतिथियों ब्रह्मकुमारी संस्था एवं संत जेवियर स्कूल के फादर, मुस्लिम धर्म गुरू द्वारा प्रेरक जानकारी देते हुए उन्हें कार्यशैली में बदलाव लाने के कई प्रेरक शब्दों और अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्हें कार्यशैली में उन्नयन करने के उपाय बताते हुए उन्हें चिंता से दूर रहने की सलाह दी।
राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
दाखिल ख़ारिज के सभी अंचलों में लंबित मामलों, भूमि सुधार, अतिक्रमण हटाने, और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारी को 90 दिन एवं 30 दिनों तक बिना आपत्ति के दाखिल ख़ारिज के लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन कराने को लेकर निर्देश दिया।
Zero tolerance, कार्य लंबित रखने वालों के कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त द्वारा बेड़ो अंचल के कर्मचारी पर 90 दिन से अधिक दाखिल ख़ारिज लंबित रखने को लेकर अपर समाहर्ता को शो-कॉज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट रूप से कहा की जो कर्मचारी जान बुझ कर बिना आपत्ति के दाखिल ख़ारिज के लंबित मामलों को रोक कर रखते एवं निर्धारित कार्य लंबित रखने वालों ऊपर Zero tolerance रखते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन से कम बिना आपत्ति के दाखिल ख़ारिज लंबित रखने को लेकर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को मॉनिटरिंग करने के निर्देश
उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिन से कम बिना आपत्ति के दाखिल ख़ारिज लंबित रखने को लेकर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) को मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा की बिना आपत्ति के दाखिल ख़ारिज के लंबित मामलों को किसी भी स्थिति में निष्पादन कराए साथ ही शहरी क्षेत्र के अंचलों में भी ऐसे मामलों की लगातार मॉनिटरिंग करें।
सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश अपने कर्मचारियों पर पूर्ण नियंत्रण रखें
सभी अंचल अधिकारियों को उपायुक्त ने निर्देश देते कहा की सभी अंचल अधिकारी अपने कर्मचारियों पर पूर्ण नियंत्रण रखें। उनके द्वारा कार्य में लापरवाही या कर्तब्य हीनता या अन्य शिकायत प्राप्त होती हैं, उसपर सुनिश्चित रूप से कार्रवाई करें।
जिला के वरीय अधिकारी रेंडम अंचलों को सलेक्ट करते हुए दाखिल ख़ारिज के रिजेक्ट मामलों की समीक्षा करें
उपायुक्त ने दाखिल-खारिज के रिजेक्ट मामलों की समीक्षा हेतु वरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा की वरीय अधिकारी रेंडम आधार पर चयनित अंचलों में रिजेक्ट हुए दाखिल ख़ारिज के मामलों की गहन जांच करेंगे। ताकि आवेदकों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। साथ ही 10 डिसमिल से कम सभी अंचलों में बिना आपत्ति के 30 दिनों से लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराने का निर्देश दिया।
पंजी-2 में सुधार के अब तक लंबित मामलों का समय बद्ध निष्पादन कराने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों खास करके (ग्रामीण क्षेत्र) को निर्देश देते हुए कहा की पंजी-2 में सुधार के अब तक लंबित मामलों का समय बद्ध निष्पादन करने के लिए सभी सम्बंधित अंचलों में कैंप लगाए साथ इसको लेकर भौतिक सत्यापन पूरा करते हुए। समय सीमा के अंदर कैंप के माध्यम से करेक्शन स्लिप उपलब्ध कराए।
भूमि सीमांकन के लंबित मामलों का जल्द निष्पादन कराने को लेकर निर्देश
उपायुक्त ने भूमि सीमांकन के लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु निर्देश देते हुए भूमि सीमांकन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन कराने को कहा।
सरकारी भूमि पर कब्ज़ा किसी भी हाल में ना हो
सभी अंचल के अंचल अधिकारियों को उपायुक्त ने विशेष निर्देश देते हुए कहा की विभिन्न अंचलों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी हाल में ना हो यह सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे भूमि पर सूचना पट भी लगाए। ताकि सरकारी भूमि पर कोई अवैध कब्ज़ा ना करें।
स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित निदान करने का निर्देश
बैठक के दौरान भू राजस्व एवं अन्य संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित निदान करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राजस्व सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने पर बल दिया, ताकि आम जनता को इन सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
एकजुट होकर कार्य करने और जनहित को सर्वोपरि रखने का निर्देश
यह बैठक जिले में राजस्व प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को एकजुट होकर कार्य करने और जनहित को सर्वोपरि रखने का निर्देश दिया।
इस बैठक में अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार एवं बुंडू श्री किस्टो कुमार बेसरा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, के. के. राजहंस, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी राँची, श्रीमती मोनी कुमारी, भूमि उप समाहर्ता राँची, श्री मुकेश कुमार, SAR राँची, श्रीमती मनीषा तिर्की, जिला परिवहन पदाधिकारी राँची, श्री अखिलेश कुमार, जिला पंचायती पदाधिकारी राँची, श्री राजेश कुमार साहू, जिला जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पाण्डेय, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा राँची, रविशंकर मिश्रा एवं सभी अंचल अधिकारी, सभी अंचल निरीक्षक एवं राजस्व उप निरीक्षक उपस्थित थे।
लखनऊ 26 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कारगिल विजय दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के शहीद स्मृति वाटिका में आयोजित एक कार्यक्रम में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके परिजनों को सम्मानित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत के वीर सैनिकों ने अपना बलिदान देकर भारत की एकता और अखंडता को बरकरार रखा। मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान हमारे सैनिकों ने पलायन नहीं किया था, उसी का नतीजा है हमें विजय मिली।
इस दिन भारत ने पाकिस्तान को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। सीएम योगी ने कहा कि हालिया ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य क्षमताओं का नवीन प्रतीक है और यह कारगिल युद्ध की गूंज को और बुलंद करता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन भारत के महान वीर सपूतों को याद करने का दिन है। हम भारत के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं। ये दिन भारत की सेना के शौर्य का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध पाकिस्तान ने भारत पर थोपा था, जिसका मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया।
उन्होंने कहा कि कारगिल एक चुनौतीपूर्ण जगह थी, जहां का तापमान माइनस 50 डिग्री होता है। इस बेहद चुनौतीपूर्ण हालात में भी हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के कायरों को धूल चटा दी। उस समय पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ अमेरिका गए और भारत पर दबाव डालने की कोशिश की।
लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि अमेरिका हो या दुनिया की कोई भी ताकत, भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा, और अंत में पाकिस्तान को आत्मसमर्पण करना पड़ा और घुसपैठियों को भागना पड़ा।
सीएम योगी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत माता की रक्षा में वीर जवानों के अदम्य साहस, अद्भुत पराक्रम और अटूट संकल्प की अमर गाथा है। यह बलिदान देश की एकता, अखंडता और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने का उदाहरण है। देश को जोड़ने और उसकी रक्षा करने वाले सैनिक ही सच्चे राष्ट्रनायक हैं।
सीएम योगी ने बताया कि अगर कोई जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए, आंतरिक सुरक्षा की स्थिति को बनाए रखने के लिए कहीं बलिदान होता है, तो हमारी सरकार अपने स्तर पर उस जवान के परिवार को 50 लाख की सहायता अलग से देती है। परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार में नौकरी भी देती है। राष्ट्र की एकता और अखंडता सदैव बलिदान मांगती है।
उन्होंने आगे कहा कि आज अगर हम चैन से सो पाते हैं, समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ पाते हैं, विकास के नए-नए आयामों का लाभ ले पाते हैं और आधुनिक सुविधाओं से लाभान्वित हो पा रहे हैं, तो इसका कारण है कि भारत के वीर जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
नई दिल्ली 26 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। बिजनेस इंटेलिजेंस कंपनी Morning Consult की ओर से जारी जुलाई 2025 की ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी को 75% लोगों की अप्रूवल मिली है। यह सर्वे 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच किया गया और इसमें 20 से अधिक देशों के नेताओं की रेटिंग शामिल की गई।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी अपनी पोस्ट में इस रिपोर्ट के डेटा को शेयर किया है। Morning Consult की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी पहले स्थान पर हैं, जबकि दूसरे नंबर पर दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग हैं, जिनकी अप्रूवल रेटिंग 59% है। वहीं तीसरे स्थान पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई हैं, जिन्हें 57% लोगों का समर्थन प्राप्त है। इनके बाद कनाडा के मार्क कार्नी और ऑस्ट्रेलिया के एंथनी अल्बनीज़ (54%) आते हैं।
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 44% लोगों का समर्थन मिला है, लेकिन 50% लोग उनके विरोध में हैं। वहीं सबसे कम लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेताओं में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और चेक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री पेट्र फिआला शामिल हैं, जिन्हें केवल 18% लोगों का समर्थन मिला है, जबकि 74% लोग उनसे असंतुष्ट हैं।