Auction of gifts received by PM Modi will start on his birthday

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगी उन्हें मिले उपहारों की नीलामी

नई दिल्ली 13 Sep. (Rns/FJ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए उपहार और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी उनके जन्मदिन यानी 17 सितंबर को शुरू होगी।

पिछले कुछ सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश विदेश की प्रसिद्ध हस्तियों और उनके चाहने वालों ने कई उपहार और स्मृति चिन्ह भेंट किए हैं। इनमें पेंटिंग मूर्तियां हस्तशिल्प लोग कलाकृतियां समेत कई उपहार मौजूद हैं।

प्रधानमंत्री को मिले ये उपहार और स्मृति चिन्ह नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में रखे जाएंगे।

प्रधानमंत्री को दिए गए 1200 उपहारों और स्मृति चिन्हों की ई-नीलामी होगी। स्मृति चिन्ह और उपहारों में एक से एक बढ़कर उपहार और कलाकृतियां मौजूद हैं, जिनमें अयोध्या के श्रीराम मंदिर और वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का मॉडल भी शामिल है।

इन उपहारों में खेल जगत से लेकर अलग-अलग राज्यों और अलग-अलग हस्तियों द्वारा दिए गए काफी अनमोल तोहफे शामिल हैं। इनमें कई जानी-मानी खेल हस्तियों द्वारा ऑटोग्राफ की हुई जर्सी, उनके खेलने का सामान आदि चीजें शामिल हैं।

यह ई-नीलामी 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक होगी। इसके लिए एक साइट पर आपको लॉगिन कर इस नीलामी में भाग लेना होगा।

https://pmmementos.gov.in/

पहली बार इस तरीके की नीलामी जनवरी 2019 में पीएमओ द्वारा शुरू की गई थी। यह इस श्रृंखला की चौथी नीलामी होगी। पहले की तरह नीलामी से प्राप्त राशि को नमामि गंगे मिशन में लगाया जाएगा।

इस नीलामी में 100 से लेकर 5 लाख रुपये तक की बोली लगाकर लोग अपने मनचाहे उपहार खरीद सकते हैं।

*********************************

इसे भी पढ़ें : आबादी पर राजनीति मत कीजिए

इसे भी पढ़ें : भारत में ‘पुलिस राज’ कब खत्म होगा?

इसे भी पढ़ें : प्लास्टिक मुक्त भारत कैसे हो

इसे भी पढ़ें : इलायची की चाय पीने से मिलते हैं ये स्वास्थ्य लाभ

तपती धरती का जिम्मेदार कौन?

मिलावटखोरों को सजा-ए-मौत ही इसका इसका सही जवाब

जल शक्ति अभियान ने प्रत्येक को जल संरक्षण से जोड़ दिया है

इसे भी पढ़ें : भारत और उसके पड़ौसी देश

इसे भी पढ़ें : चुनावी मुद्दा नहीं बनता नदियों का जीना-मरना

इसे भी पढ़ें : *मैरिटल रेप या वैवाहिक दुष्कर्म के सवाल पर अदालत में..

इसे भी पढ़ें : अनोखी आकृतियों से गहराया ब्रह्मांड का रहस्य

इसे भी पढ़ें : आर्द्रभूमि का संरक्षण, गंगा का कायाकल्प

इसे भी पढ़ें : गुणवत्ता की मुफ्त शिक्षा का वादा करें दल

इसे भी पढ़ें : अदालत का सुझाव स्थाई व्यवस्था बने

इसे भी पढ़ें : भारत की जवाबी परमाणु नीति के

Leave a Reply