मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’

नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के ग्राम रमासिया से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ करते हुए किसानों को साफ संदेश दिया कि मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी, किसान मजबूत होगा और देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

 

1 से 30 जून तक देशभर में चलने वाले इस अभियान के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि धरती हमारी माता है और इसकी सेहत बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग न करें, बल्कि मिट्टी की जांच के आधार पर जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि ज्यादा रासायनिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है और उसमें मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं, जिसका सीधा असर उत्पादन और खेती की लागत पर पड़ता है।

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती माता को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प है। इस अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केंद्रों के अधिकारी, कृषि विभाग की टीमें और जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे। किसानों को मिट्टी परीक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, आधुनिक बुवाई तकनीक, जल संरक्षण और उन्नत खेती के तरीके सिखाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि हर किसान का सॉयल हेल्थ कार्ड बनना जरूरी है, ताकि किसान अपनी जमीन की जरूरत समझकर खाद का उपयोग करे। इससे खेती की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहेगी। श्री चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध करा रही है, लेकिन इसका मतलब जरूरत से ज्यादा उपयोग नहीं है। सही मात्रा में खाद का उपयोग ही टिकाऊ खेती की कुंजी है।

 

श्री चौहान ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन, धान और दलहन फसलों के लिए क्षेत्र में विशेष प्रदर्शन किए जाएंगे। किसानों को उन्नत बीज, वैज्ञानिक बुवाई, लेजर लेवलर जैसी आधुनिक तकनीक और पानी बचाने वाली खेती के तरीके सिखाए जाएंगे। कृषि विज्ञान केंद्रों और विशेषज्ञ संस्थानों की मदद से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

 

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने महिला सशक्तिकरण को भी अभियान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, आयवर्धन और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। पात्र महिलाओं को समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और छोटे व्यवसाय शुरू करने के अवसर दिए जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार की आय बढ़ा सकें।

युवाओं को लेकर भी श्री चौहान ने विशेष बात कही और कहा कि उनके लिए मार्गदर्शन और तैयारी के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल सड़क, मकान और बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता के अवसर पैदा करना भी उतना ही जरूरी है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रमासिया गांव से शुरू हुआ यह अभियान आगे चलकर जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से गांवों में पहुंचें, किसानों को तकनीकी सहायता दें और खेती को बचाने के इस संकल्प को जमीन पर उतारें। उन्होंने किसानों, महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे विकास अभियानों में सक्रिय भागीदारी करें, क्योंकि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही समृद्ध गांव, सशक्त किसान, आत्मनिर्भर महिलाएं और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी बहुत विज़नरी हैं, बहुत पहले बहुत दूर का सोचते हैं। ये धरती माता केवल हमारे लिए नहीं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी है। तो इसकी हालत ऐसी ना हो जाए कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अन्न उत्पादित करने से इंकार कर दे, इसलिए माटी बची रहे, इसलिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, धरती के तत्वों की आवश्यकता देखते हुए करने की बात करेंगे। केवल इतना ही नहीं, नकली पेस्टीसाइड और खाद उसके खिलाफ भी अभियान चलेगा। हम इस दौरान किसानों को वहाँ की एग्रो-क्लाइमैटिक कंडीशन के हिसाब से कौन सी फसल और कौन से बीज ठीक रहेंगे, कृषि प्रणाली कैसी होनी चाहिए, बीजों का उपचार और बाकी चीजें, वो भी बताएँगे। धरती को बचाने के लिए हरित खाद भी जरूरी है, उसके बारे में भी जानकारी देंगे और विभिन्न योजनाओं का केंद्र सरकार की और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे देश में दिया जाएगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर कुपोषित बच्चों को पोषण किट भी वितरित की गई।

 

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प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पीएम स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर देश भर में रेहडी पटरी के जीवन को बदलने में इसकी भूमिका का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण पर आधारित पीएम स्वनिधि योजना ने अनगिनत रेहडी पटरी वालो के लिए गारंटी मुक्त ऋण, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर सुनिश्चित किए हैं।

प्रधानमंत्री ने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए, उनके दृढ़ संकल्प और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के प्रयास देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:

आज हम #6YearsofPMSVANidhi योजना का जश्न मना रहे हैं। इस योजना से अनगिनत रेहडी पटरी वालो के जीवन में बदलाव आया है। इस योजना ने बिना किसी गारंटी के ऋण, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। यह योजना विश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण पर आधारित है। अपनी दृढ़ता और उद्यमशीलता से देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत बनाने वाले सभी लाभार्थियों को मेरी शुभकामनाएं।

 

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जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य कार्य विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया

जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने 31 मई, 2026 को भारत के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) तथा सैन्य कार्य विभाग (डीएमए) के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों के दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनकी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। देशवासियों द्वारा सशस्त्र बलों पर जताए गए अटूट विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनरल सुब्रमणि ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए ‘संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण’ के तहत सभी हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने रक्षा बलों के बीच संयुक्तता, एकीकरण और बेहतर तालमेल को बढ़ावा देने को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देने के लिए स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और हथियारों के त्वरित विकास, अधिग्रहण, समावेशन तथा प्रभावी एकीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने सशस्त्र बलों की क्षमता निर्माण और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को गति देने के लिए विचार एवं कार्य दोनों स्तरों पर नवाचार को बढ़ावा देने तथा सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय व सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रक्षा बलों के कर्मियों की उच्च कार्य कुशलता, समर्पण और परिचालन तत्परता की सराहना करते हुए उनके निरंतर प्रशिक्षण, कौशल विकास एवं कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। सीडीएस ने सभी रैंकों से बदलाव को अपनाने, सैन्य मूल्यों को बनाए रखने और सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया।

जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात साउथ ब्लॉक लॉन में उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से भव्य त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।

जनरल सुब्रमणि को चार दशकों से अधिक की उत्कृष्ट और गौरवपूर्ण सैन्य सेवा के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त हुआ है। दिसंबर 1985 में उन्हें गढ़वाल राइफल्स में कमीशन मिला था। अपने विशिष्ट सैन्य करियर के दौरान उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण कमान एवं स्टाफ नियुक्तियों का दायित्व संभाला, जिनमें द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ तथा सेना के उप प्रमुख जैसे अहम पद शामिल हैं। सीडीएस का दायित्व संभालने से पूर्व उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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भारत ने ब्रिक्स 2026 पर्यटन कार्य समूह के उद्घाटन बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली – भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के अंतर्गत, ब्रिक्स 2026 पर्यटन कार्य समूह(टीडब्ल्यूजी) की पहली बैठक 25 मई 2026 को वर्चुअल माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त सचिव(पर्यटन) ने की।

यह बैठक “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास का निर्माण” विषय के अंतर्गत इस वर्ष के पर्यटन सहयोग एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक परिचयात्मक एवं तैयारी प्लेटफार्म के रूप में आयोजित की गई।

इस बैठक ने ब्रिक्स सदस्य देशों को अपने प्रारंभिक विचार प्रस्तुत करने तथा पर्यटन सहयोग के लिए भारत द्वारा निर्धारित विषयगत प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया। भारत की अध्यक्षता के तहत प्रमुख विषयगत प्राथमिकताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) और पर्यटन, सतत विकास एवं उत्तरदायी पर्यटन, पर्यटन कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण, तथा पर्यटन आदान-प्रदान और सहज यात्रा सुविधा शामिल है।

इस उद्घाटन वर्चुअल बैठक से बनी गति को आगे बढ़ाते हुए, पर्यटन सहयोग की प्रक्रिया 19–20 अगस्त 2026 को राजस्थान के जयपुर में आयोजित होने वाली पर्यटन कार्य समूह(टीडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक के साथ जारी रहेगी। इसके बाद 21–22 अगस्त 2026 को जयपुर में ही ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक(टीएमएम) होगी।

ये दोनों प्रत्यक्ष बैठकें ब्रिक्स देशों को अपने सहयोग को मजबूत करने और साझा पर्यटन एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण और सार्थक मंच प्रदान करेंगी।

भारत वर्ष 2026 के दौरान इन बैठकों और गतिविधियों के माध्यम से ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने की उम्मीद करता है।

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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में युवा संगम प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया

नई दिल्ली – इस सप्ताह की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता ने युवा संगम चरण-6 के अंतर्गत केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का दौरा कर रहे पुदुचेरी के एक युवा प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी युवा आदान-प्रदान पहल के हिस्से के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में कुलपति प्रोफेसर हरमोहिंदर बेदी और उप-कुलपति प्रोफेसर सत प्रकाश बंसल की गरिमामयी उपस्थिति में एक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया।

संवाद के दौरान श्री कविंदर गुप्ता ने प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और देश के विविध क्षेत्रों के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ तथा युवाओं की सहभागिता को सुदृढ़ करने के युवा संगम के विज़न की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों को आदान-प्रदान कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा हिमाचल प्रदेश की परंपराओं, संस्कृति और विकास यात्रा के बारे में सार्थक जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रोत्साहित करने में ऐसी पहलों के महत्व पर बल दिया।

इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पुदुचेरी के नेतृत्व में पुदुचेरी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के आतिथ्य में हिमाचल प्रदेश के एक अनुभवात्मक अध्ययन भ्रमण (एक्‍सपोज़र विजि़ट) पर है। यह आदान-प्रदान कार्यक्रम प्रतिभागियों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र, विकासात्मक पहलों तथा स्थानीय जीवन-शैली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक अनुभवों तथा इस यात्रा से जुड़ी अपेक्षाओं को भी साझा करेंगे, जिससे गणमान्य व्यक्तियों के साथ उनका संवाद समृद्ध और प्रेरणादायक बनेगा।

​एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) के प्रमुख कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आरंभ किया गया युवा संगम चरण-6, शैक्षिक एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है।

देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से 22 युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को एक साथ लाने वाला यह कार्यक्रम पर्यटन, परंपरा, विकास, जन-से-जन संपर्क तथा प्रौद्योगिकी जैसे विषयों के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक संवाद और भारत की विरासत, परंपराओं, विकास तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से परिचय का एक मंच प्रदान करता है। शैक्षणिक संवादों, संस्थागत दौरों तथा सांस्कृतिक सहभागिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को भारत के विविध सांस्कृतिक और क्षेत्रीय परिदृश्य की जानकारी प्राप्त होती है, साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच संबंध भी सुदृढ़ होते हैं।

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केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने नामची जिले में प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

नई दिल्ली – सिक्किम के अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, श्रीमती सावित्री ठाकुर ने आज नामची जिले में कई महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया, जो सिक्किम की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक क्षमता और शैक्षिक आकांक्षाओं को दर्शाते हैं।

मंत्री महोदया ने रंवगला स्थित बुद्ध पार्क का दौरा किया और इसे शांति, सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम बताया। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में स्थित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा मन को शांति प्रदान करती है और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है।

श्रीमती ठाकुर ने प्रसिद्ध टेमी चाय बागान और चाय फैक्ट्री का भी दौरा किया। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के बीच, उन्होंने चाय उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा गुणवत्ता मानकों और स्थानीय समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की। मंत्री महोदया ने कहा कि अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता और विशिष्ट पहचान के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध टेमी चाय न सिर्फ सिक्किम की विरासत का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यटन और आर्थिक विकास का एक प्रमुख आधार भी है।

इसके बाद मंत्री श्रीमती ठाकुर ने सिक्किम के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी), सिक्किम का दौरा किया, जहां उन्होंने शैक्षणिक विकास, छात्र कल्याण और संस्थागत पहलों पर अधिकारियों के साथ बात-चीत किया। चर्चा का मुख्य केंद्र क्षेत्र में शिक्षा को मजबूत करना, कौशल विकास और युवाओं को सशक्त बनाना रहा।

इस अवसर पर सिक्किम के सांसद श्री इंद्र हंग सुब्बा, बरफंग के विधायक श्री रिक्साल दोरजी भूटिया, नामची की जिलाधिकारी श्रीमती अनूपा तमलिंग, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती टेनी डोमा भूटिया, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त राजनीतिक सचिव श्री विष्णु शर्मा के साथ अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, श्रीमती ठाकुर ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया, जो एक हरित एवं अधिक सतत भविष्य के प्रति संकल्प का प्रतीक है।

इसके अलावा, मंत्री महोदया ने खाद्यान्न भंडारण और वितरण प्रणाली की समीक्षा करने के लिए नामथांग स्थित फूड गोदाम का निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि यह सुविधा दूरदराज के क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिसर की स्वच्छता, व्यवस्थित भंडारण व्यवस्था और अधिकारियों व कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए, श्रीमती ठाकुर ने आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूर-दराज के इलाकों में नागरिकों के लिए समय पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

श्रीमती ठाकुर ने नामथांग में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से भी बातचीत की। इस चर्चा के दौरान, लाभार्थियों ने बताया कि इस योजना के तहत मिली सहायता ने उनके जीवन में किस तरह सकारात्मक परिवर्तन लाए हैं।

मंत्री श्रीमती ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, यह योजना गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार बन गई है। उन्होंने इस बात को दोहराया कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

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रांची में विशेष गहन पुनरीक्षण एवं जनगणना कार्य की समीक्षा

पात्र मतदाताओं की मैपिंग एवं जनगणना कार्य में तेजी लाने का निर्देश

अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग ससमय पूर्ण करने का निर्देश

कार्य नहीं करनेवाले बीएलओ पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

रांची,02.06.2026 – जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एवं जनगणना कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण एवं जनगणना कार्यों की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची जिला अंतर्गत सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाची निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाची निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ), जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-उप जिला जनगणना पदाधिकारी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जिले में चल रहे मतदाता मैपिंग कार्य की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी ईआरओ एवं एईआरओ को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान एवं मैपिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता एवं समावेशिता सुनिश्चित करना निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटना नहीं चाहिए।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी मतदान केंद्रों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), बूथ लेवल एजेंट-2, बीएलओ सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की बैठकें शीघ्र आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बीएलए-२ एवं बीएलओ आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि मतदाता सत्यापन एवं मैपिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश दिया कि बीएलए-२ एवं बीएलओ मतदाताओं को घोषणा-पत्र एवं गणना-पत्र के साथ संलग्न किए जाने वाले 11 प्रकार के स्वीकृत दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी दें, जिससे मतदाता सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।

बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त बीएलओ संबंधी शिकायतों पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

विशेष गहन पुनरीक्षण के सफल संचालन हेतु जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने, क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

बैठक में जिले में चल रहे जनगणना कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जनगणना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को कार्य की गुणवत्ता एवं शुद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए प्रत्येक परिवार एवं भवन का सही एवं अद्यतन विवरण दर्ज किया जाना आवश्यक है।

प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जनगणना कार्य के दौरान भवनों पर लगाए जा रहे स्टिकरों को निर्धारित मानक के अनुसार सही स्थान पर सही तरीके से चिपकाने का निर्देश दिया, ताकि उनकी स्पष्ट पहचान बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने जनगणना कार्य में संलग्न कर्मियों की नियमित मॉनिटरिंग तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

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सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी और नशापान के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चला जांच अभियान

कचहरी चौक, बड़ा तालाब, हरमू चौक, गाड़ीखाना चौक सहित आसपास के इलाकों में की गई जांच

अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत ने युवाओं को दी सख्त चेतावनी

कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर होगी कार्रवाई

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार शहर में सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी, अनावश्यक जमावड़ा एवं नशापान जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज रात अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान कचहरी चौक से बड़ा तालाब, हरमू चौक से गाड़ीखाना चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच की गई। प्रशासनिक टीम ने सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थलों तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर अनावश्यक रूप से एकत्रित लोगों की जांच की तथा उनसे पूछताछ की।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर युवकों का अनावश्यक जमावड़ा पाया गया। टीम द्वारा उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी नहीं करने, नशे से दूर रहने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की हिदायत दी गई। अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत ने संबंधित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्री कुमार रजत ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक भीड़, नशापान एवं असामाजिक गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती उत्पन्न करती हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को भी प्रभावित करती हैं।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शहर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने के लिए अड्डाबाजी, नशापान तथा अन्य अवांछित गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

जिला प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में लगाएं, सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करें तथा रांची को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार एक बार फिर आमजनों के लिए राहत, भरोसे और त्वरित कार्रवाई का मंच साबित हुआ

रांची समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन

दिव्यांगों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रदान की दिव्यांगों को इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल

कार्य में लापरवाही पर बेड़ो अंचल निरीक्षक एवं कर्मचारी को शोकॉज

सरेंडर करनेवाले नक्सली की पत्नी को 4 डिसिमल भूमि आवंटित

जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें पदाधिकारी/कर्मचारी – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,01.06.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार एक बार फिर आमजनों के लिए राहत, भरोसे और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का मंच साबित हुआ। जनता दरबार में जहां जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध करायी गयी, वहीं सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर प्रशासन का सख्त रुख भी देखने को मिला। विभिन्न प्रखंडों और अंचलों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिये तथा कई मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करायी।

दिव्यांगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बेड़ो प्रखंड निवासी 25 वर्षीय आकाश उरांव, जो 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं, अपने भाई की गोद में बैठकर जनता दरबार पहुंचे थे। स्नातक शिक्षित आकाश की समस्या सुनते ही जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल उपलब्ध करायी। जनता दरबार से लौटते समय आकाश स्वयं इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल पर सवार होकर निकले। इस सहायता से भावुक हुए उनके परिजनों ने माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

बेड़ो के ही 67 वर्षीय दिव्यांग बालकिशुन साहू को भी जनता दरबार में राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल प्रदान की गयी। अपनी बेटी और नाती के साथ पहुंचे बालकिशुन साहू ने कहा कि यह सहायता उनके दैनिक जीवन को काफी आसान बनाएगी। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

म्यूटेशन में लापरवाही पर सख्ती, कर्मचारी और सीआई को शोकॉज

जनता दरबार में बेड़ो निवासी माधुरी तिर्की ने म्यूटेशन से जुड़ी समस्या रखते हुए बताया कि एलआरडीसी कोर्ट के आदेश के बावजूद उनका नामांतरण नहीं किया जा रहा है और उन्हें लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल अंचल अधिकारी, बेड़ो से दूरभाष पर बात कर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अंचल निरीक्षक एवं कर्मचारी को शोकॉज करने के निर्देश दिये तथा लंबित मामले का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

सरेंडर करनेवाले नक्सली की पत्नी को भूमि आवंटन

जनता दरबार में पूर्व में आवेदन देने वाली ठाकुरमनी देवी को भी महत्वपूर्ण राहत मिली। ठाकुरमनी देवी के पति ने नक्सली गतिविधियों को छोड़कर आत्मसमर्पण किया था। सरकार द्वारा भूमि बंदोबस्ती भी की गयी थी, लेकिन संबंधित भूमि रहने योग्य न कहकर उन्होंने वैकल्पिक भूमि आवंटन हेतु आवेदन दिया था। जिला प्रशासन की पहल पर आज उन्हें नगड़ी मौजा में 04 डिसमिल भूमि आवंटित की गयी। भूमि बंदोबस्ती से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करते हुए उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

निष्पादन योग्य भूमि संबंधी मामलों में तेजी लाने का निर्देश

जनता दरबार में पंजी-2 सुधार, लगान रसीद निर्गत करने, दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, अवैध कब्जा, ऑनलाइन जमाबंदी त्रुटि, रैयती भूमि विवाद, भूमि अभिलेख सुधार तथा राजस्व अभिलेखों में विसंगतियों से जुड़े कई मामले सामने आये। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा राजस्व कर्मियों को निष्पादन योग्य मामले का तेजी से निष्पादन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब अथवा आमजन को कार्यालयों का चक्कर लगवाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जनता दरबार में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सर्वजन पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को सभी मामलों की जांच कर पात्र लाभुकों को शीघ्र योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिये।

जनता दरबार में इलाज हेतु आर्थिक सहायता, आयुष्मान भारत योजना से संबंधित, छात्रवृत्ति, विद्यालय नामांकन, आवास योजना, पेयजल सुविधा, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, रोजगार एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

जनता दरबार बना भरोसे का मंच

जनता दरबार के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें।

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कनेक्टिंग फ्लाईओवर निर्माण के संबंध में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की महत्वपूर्ण बैठक

निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर

निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने  रांची में बन रहें कनेक्टिंग फ्लाईओवर निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक किया। बैठक में निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।

निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर

बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो, इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए।

निर्माण स्थल पर पर्याप्त साइनेज, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में, पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) रांची, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण राँची, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है।

  1. भारत निर्वाचन आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 14 मई, 2026 को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है।
  2. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो । भारत का प्रत्येक नागरिक , जिसकी आयु पात्रता तिथि पर अठारह वर्ष से कम न हो और जो किसी अन्य कानून के तहत अपात्र न हो, मतदाता सूची में पंजीकरण कराने का हकदार होगा।
  3. चुनाव आयोग के दिनांक 14.05.2026 के आदेश के अनुसार, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में 30.05.2026 से गणना चरण प्रारंभ हो गया है । वे सभी पात्र मतदाता जिनके गणना प्रपत्र निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को 28.06.2026 या उससे पहले प्राप्त हो जाएंगे, उन्हें मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा ।
  4. जो मतदाता 28.06.2026 तक अपने गणना प्रपत्र जमा करने में असमर्थ हैं, वे दावा और आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ प्रपत्र 6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं ।
  5. एसआईआर की गणना के चरण के दौरान, बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र प्रदान करते हैं। मतदाता विधिवत भरा हुआ प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, बीएलओ प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण और सत्यापन के लिए प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।
  6. घर-घर जाकर की जाने वाली गणना के दौरान, बीएलओ को कम से कम 30 खाली फॉर्म 6 के साथ-साथ खाली घोषणा पत्र भी ले जाने होंगे, ताकि वे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को ये फॉर्म उपलब्ध करा सकें।
  7. राजनीतिक दलों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को जनता से प्रतिदिन अधिकतम 50 प्रपत्र एकत्र करने और मसौदा प्रकाशन से पहले उन्हें बीएलओ को सौंपने की अनुमति दी है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल एसआईआर प्रक्रिया के सुचारू और प्रभावी संचालन में बीएलओ की सहायता के लिए अधिक बीएलए नियुक्त कर सकते हैं।
  8. नीचे मतदाताओं, बीएलओ और बीएलए का राज्यवार विवरण प्रस्तुत किया गया है:
राज्‍य मतदाताओं बीएलओ की संख्‍या बीएलए की संख्‍या
ओड़िशा 3,34,14,856 38,123 8,391
मिजोरम 8,75,008 1,353 3,430
सिक्‍किम 4,71,077 572 681
मणिपुर 20,92,140 2,996 5,003

  1. सभी पात्र मतदाताओं से अनुरोध है कि वे एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें और घर-घर भ्रमण के दौरान चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग करें।
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पीएम स्वनिधि ने किफायती ऋण और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने के छह साल पूरे किए

नई दिल्ली – आवासन  और शहरी कार्य मंत्रालय की प्रमुख माइक्रो-क्रेडिट योजना, पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) ने किफायती, बिना किसी गारंटी के मिलने वाले ऋण , डिजिटल समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने के छह साल पूरे कर लिए हैं।

इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री माणिक साहा के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पीएम स्वनिधि लाभार्थियों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने त्रिपुरा के रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड और ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।

पीएम स्वनिधि जून 2020 में शुरुआत के बाद से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरी है। इसने उन्हें औपचारिक क्रेडिट तक पहुँचने में मदद की है और लाभार्थियों को आजीविका मजबूत करने और उसका विस्तार करने में सक्षम बनाया है। योजना के अंतर्गत एक करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रूपये से अधिक है। इससे पूरे देश में रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ पहुँचा है।

आवासन और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रेहड़ी-पटरी वालों की कड़ी मेहनत, संघर्षों और योगदान को पहचानते हुए, शहरी गरीबों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के विज़न के साथ 2020 में पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल बिना किसी गारंटी के ऋृण देना ही नहीं था, बल्कि रेहड़ी-पटरी वालों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित करना भी था, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक पहचान मिल सके।

इस योजना की उपलब्धियों पर श्री मनोहर लाल ने बताया कि पिछले छह वर्षों में देश भर में 75 लाख पचास हज़ार से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि के अंतर्गत लाभ मिला है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत देश भर में 1 करोड़ 12 लाख से अधिक बिना किसी गारंटी के ऋृण मंजूर किए गए हैं। अब तक लाभार्थियों को 17,800 करोड़ रूपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

श्री मनोहर लाल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में 2 लाख 59 हज़ार से ज़्यादा ऋृण दिए गए हैं। इनके ज़रिए रेहड़ी-पटरी वालों को ₹430 करोड़ से ज़्यादा की आर्थिक मदद दी गई है।

खास तौर पर त्रिपुरा के बारे में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 9,300 से ज़्यादा ऋृण मंज़ूर किए गए हैं और इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को लगभग ₹15 करोड़ बांटे गए हैं।

श्री मनोहर लाल ने बताया कि पीएम स्वनिधि के ज़रिए लाखों लोग पहली बार बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं और औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इससे वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता का रास्ता खुला है।

पिछले छह सालों में इस योजना का असर हर पहलू से बदलाव लाने वाला रहा है। अगर आंकड़ों पर नज़र डालें, तो पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 34 लाख 81 हज़ार महिला रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया है। पूरे देश में महिला रेहड़ी-पटरी वालों को 51 लाख 84 हज़ार ऋृण बांटे गए हैं और 55 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की औसत आय में सालाना 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। 30 प्रतिशत से ज़्यादा रेहड़ी-पटरी वालों ने इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले ऋृण के अलावा भी क्रेडिट हासिल किया है।

पीएम स्वनिधि की मुख्य उपलब्धियाँ

  • 1 करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए।
  • योजना के अंतर्गत ₹17,800 करोड़ से अधिक वितरित किए गए।
  • 34 लाख 81 हज़ार महिला  रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया।
  • स्वनिधि से समृद्धि के अंतर्गत 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफ़ाइल तैयार की गई।
  • केंद्र सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं केअंतर्गत 1 करोड़ 52 लाख से अधिक कल्याणकारी योजनाओं की स्वीकृति में सहायता की गई।
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धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

नई दिल्ली,01.06.2026 – एक जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ के राष्ट्रीय शुभारंभ से पूर्व, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों तथा किसान हित में कार्यरत साथियों से वर्चुअल संवाद कर अभियान को जनभागीदारी, वैज्ञानिक दृष्टि और राष्ट्रीय दायित्व के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। शिवराज सिंह ने इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर चर्चा की है, वहीं वे केंद्रीय मंत्रियों और अन्य सभी जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपील कर रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने, खेती का भविष्य सुरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य में गिरावट और बदलते जलवायु संकट खेती के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं, इसलिए समय रहते व्यापक जागरूकता और व्यवहारिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

श्री चौहान ने बताया कि 1 जून को रायसेन जिले के रामसिया गांव से प्रारंभ हो रहा राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, फसल चयन, जल संरक्षण, हरी खाद, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कृषि पद्धतियों तथा नकली खाद-बीज और पेस्टिसाइड की पहचान जैसे विषयों पर जागरूक करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल सलाह देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि खेत स्तर पर डेमो, वैज्ञानिक प्रमाण और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से किसानों का विश्वास मजबूत करना होगा। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि देशभर में 30 जून तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कौन अधिकारी, वैज्ञानिक, संस्थान या टीम किस तिथि को किस गाँव में जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले का कार्यक्रम पूर्व नियोजित हो, डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग हो, स्थानीय स्तर पर समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित हों और अभियान के हर चरण में प्रभावी समन्वय दिखाई दे।

श्री चौहान ने राज्यों के कृषि विभागों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र, राज्य, आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और किसान हितैषी संस्थाएँ एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा प्राकृतिक खेती व टिकाऊ कृषि के व्यवहारिक नमूने प्रस्तुत करने पर बल दिया।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि अभियान को बहुउद्देश्यीय स्वरूप देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट, दलहन-तिलहन मिशन तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं का लाभ भी किसानों तक पहुँचाया जाए, इससे खेत बचाने के साथ-साथ किसान की आय, जागरूकता और कृषि प्रबंधन क्षमता को भी मजबूत किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने प्रचार-प्रसार पर जोर देकर इसे अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह देशहित का कार्यक्रम है और इसकी जानकारी जितनी तेजी से गाँव-गाँव पहुँचेगी, अभियान उतना ही प्रभावशाली बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और वैज्ञानिकों से कहा कि वे बिना संकोच मीडिया से संवाद करें, क्योंकि यह अभियान धरती, खेती और अन्नदाता के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि जैसे पूर्व में विकसित कृषि संकल्प अभियान ने व्यापक प्रभाव छोड़ा, उसी प्रकार ‘खेत बचाओ अभियान’ भी देशव्यापी जनजागरण और कृषि सुधार का सफल अध्याय बनेगा। उन्होंने सभी साथियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, तैयारी और संवेदनशीलता के साथ गाँव-गाँव पहुँचकर किसानों को सही जानकारी दें और धरती माँ के संरक्षण का यह संकल्प जनआंदोलन में बदलें। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह स्वयं भी इस अभियान के दौरान विभिन्न राज्यों में गांवों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे।

इस वर्चुअल संवाद के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री अतिश चंद्र, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, आईसीएआर संस्थानों के निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, राज्यों के कृषि विभागों के अधिकारी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजन

17वें पेंशन दरबार में सेवानिवृत्त शिक्षकों का भावपूर्ण सम्मान

जनवरी से अब तक 300 से अधिक शिक्षकों / कर्मियों को दी गई गरिमापूर्ण विदाई

“आप सभी शिक्षकों ने शिक्षा के पवित्र क्षेत्र में निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ सेवा की है। आपने न सिर्फ ज्ञान दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को आकार दिया, उनके सपनों को पंख दिए और समाज को बेहतर नागरिक दिए। आपका यह योगदान अमूल्य है:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में 17वें पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

यह 17वां पेंशन दरबार समारोह है। जनवरी 2025 से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति का लाभ एवं सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा,“आप सभी शिक्षकों ने शिक्षा के पवित्र क्षेत्र में निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ सेवा की है। आपने न सिर्फ ज्ञान दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को आकार दिया, उनके सपनों को पंख दिए और समाज को बेहतर नागरिक दिए। आपका यह योगदान अमूल्य है।

 

सेवानिवृत्ति के बाद भी आप अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज के लिए जारी रखें। स्वस्थ रहें, सक्रिय रहें, नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देते रहें और सुखमय जीवन व्यतीत करें। जिला प्रशासन आपके सेवा भाव और योगदान के लिए हमेशा आभारी रहेगा।”

उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्हें जीवन में स्वस्थ और व्यस्त रहने की सलाह भी दी।

जानकारी हो यह 17वां पेंशन दरबार समारोह है। जनवरी 2026 से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति का लाभ एवं सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 300 से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से लाभ दिया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है।

समारोह में सम्मानित शिक्षकगण

1. श्री सुधांशु रंजन प्रमाणिक – प्रधानाध्यापक, पी.एम.श्री रा.म.वि. ग्राम विकास सिल्ली, राँची।

2. श्रीमती असीमा लकड़ा – प्रतिलिपिक, जिला अभिलेखागार, राँची।

3. श्रीमती माला सामद – स.शि., रा.म.वि. तैमारा, बुण्डू।

4. श्री मृत्युंजय सिंह मुण्डा – स.शि., रा.म.वि. सिल्ली बोर्ड, सिल्ली, राँची

5. श्री इजहार अहमद – स.शि., रा.म.वि. कैम्बो, माण्डर।

6. श्रीमती मरियम खोया – स.शि., फातिमा बाल मध्य विद्यालय, हुलहुण्डू, नामकुम।

7.श्रीमती सीमा बारला – स.शि., रा.उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जोजोसेरेंगे, नामकुम।

8. श्री संजय कुमार – स.शि., रा.प्रा.वि. देवरी, नगड़ी।

9. डॉ. मीनु कुमारी – स.शि., रा.प्रा.वि. गाँधीनगर, राँची।

कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित शिक्षकों को स्मृति चिन्ह, शाल, पुष्पगुच्छ और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

जिला प्रशासन, राँची द्वारा शिक्षकों के लंबे सेवा योगदान को सम्मानित करने की यह निरंतर पहल है।

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आरपीएफ रांची की बड़ी कार्रवाई : 61 किलो गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

रांची,01.06.2026 –  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘NARCOS’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 61 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 30.50 लाख रुपये बताई गई है।

जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ फ्लाइंग टीम रांची, आरपीएफ पोस्ट रांची तथा आरपीएफ अपराध शाखा द्वारा संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन संख्या 18309 संबलपुर–जम्मू तवी एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-3 में तीन संदिग्ध युवक चार ट्रॉली बैग और तीन पिट्ठू बैग के साथ पाए गए।

पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने बैगों में गांजा होने की बात स्वीकार की। इसके बाद ट्रेन के आगे बढ़ने पर तीनों को उनके सामान सहित नामकुम रेलवे स्टेशन पर उतारकर विधिसम्मत जांच की गई।

जांच में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष सिंह (22 वर्ष), प्रिंस कुमार (21 वर्ष) और अंकित पाठक (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के बक्सर जिले के निवासी हैं। उनके कब्जे से कुल 61 पैकेट गांजा (61 किलोग्राम) तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ रांची प्रताप सिंह नेगी के निर्देशन में डीडी किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ गांजा पाया गया। इसके बाद गांजा एवं अन्य जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची को सौंप दिया गया।

इस सफल अभियान में इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, इंस्पेक्टर लालबहादुर, एएसआई योगेंद्र कुमार, एएसआई अनिल कुमार, एएसआई अभिषेक कुमार तथा अन्य आरपीएफ कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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भारतीय वायुसेना ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया पहुंचाया

नई दिल्ली – भारतीय वायु सेना के आईएल-76 रणनीतिक एयरलिफ्ट विमान गजराज ने 30 मई 2026 को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दिल्ली से मंगोलिया पहुंचाया। विमान ने रात भर की उड़ान भरी और भारतीय समयानुसार 11:25 बजे मंगोलिया में उतरा।

यह मिशन भारतीय वायु सेना द्वारा मित्र देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के भारत के प्रयासों के समर्थन में चलाया गया था।

यह एयरलिफ्ट भारतीय वायु सेना की राष्ट्रीय उद्देश्यों का समर्थन करने और भारत की वैश्विक सांस्कृतिक पहुंच की पहलों में योगदान देने की क्षमता को दर्शाता है।

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माय भारत और एनएसएस युवा विकास के दो स्तंभ हैं जो एक ही लक्ष्य – विकसित भारत – की दिशा में काम कर रहे हैं : डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली – युवा कार्य और खेल मंत्रालय का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज भारतीय प्रबंधन संस्‍थान (आईआईएम), शिलांग में संपन्न हुआ। इस दौरान युवा सहभागिता को सशक्त बनाने, संस्थागत समन्वय में सुधार लाने तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने से संबंधित विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से युवा कार्य विभाग, माय भारत तथा नेशनल सर्विस स्‍कीम (एनएसएस) के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की पहचान की तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक और कार्यान्वित किए जा सकने वाले समाधान बताए।

 

चिंतन शिविर के दूसरे दिन युवा कार्य और खेल मंत्री डा. मनसुख मांडविया; युवा कार्य और खेल राज्‍य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खड़से; युवा कार्य विभाग की सचिव डा. पल्‍लवी जैन गोविल; मंत्रालय के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा; माय भारत की सीईओ डा. प्रियांका शुक्‍ला; मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा मेरा युवा भारत और नेशनल सर्विस स्‍कीम के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए डा. मनसुख मांडविया ने कहा: “माय भारत और एनएसएस युवा विकास के दो स्तंभ हैं, जो एक ही लक्ष्य—विकसित भारत—की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जहाँ एनएसएस परिसर (कैंपस) स्तर पर युवाओं को जोड़ता है, वहीं माय भारत उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय करता है। दोनों मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए एक सशक्त जन-आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।”

डा. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभागियों से प्राप्त प्रतिक्रिया चिंतन शिविर की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आत्म-जागरूकता, प्रतिबद्धता, नवाचार और समन्वय के महत्व पर जोर किया। उन्होंने जिला युवा अधिकारियों से अपने-अपने जिलों में नेतृत्वकर्ता और प्रेरक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण करने तथा स्थानीय साझेदारियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से युवा क्लबों के नेटवर्क को मजबूत करने पर बल दिया।

डॉ. मांडविया ने कहा कि चिंतन शिविर की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इससे प्राप्‍त सीख को जिला स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं की बात ध्यान से सुनने, उनकी आकांक्षाओं को समझने, समाधान-केन्‍द्रित दृष्टिकोण अपनाने तथा दृढ़ संकल्प के साथ अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत की पहलों से जोड़ने के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

समापन समारोह के दौरान वित्त वर्ष 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और इकाइयों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के आधार पर त्रिपुरा, झारखंड और मिजोरम को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में मान्यता प्रदान की गई। विकसित भारत विलेज क्विज़ पहल के अंतर्गत उत्‍तरी 24 परगना (पश्चिम बंगाल), पटना (बिहार), बरईपुर (पश्चिम बंगाल) को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों के रूप में सम्मानित किया गया।

विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए चिंतन शिविर को सीखने, मार्गदर्शन प्राप्त करने, समन्वय बढ़ाने और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। कई अधिकारियों ने कहा कि इस शिविर की चर्चाओं ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, विभागीय प्राथमिकताओं के प्रति उनकी समझ को मजबूत किया तथा जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रियंका शुक्‍ला ने कहा कि यह चिंतन शिविर पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विभाग द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा कार्यक्रम था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस शिविर के परिणाम देशभर में युवाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और विभिन्न कार्यक्रमों के अधिक प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होंगे

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