सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी और नशापान के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चला जांच अभियान

कचहरी चौक, बड़ा तालाब, हरमू चौक, गाड़ीखाना चौक सहित आसपास के इलाकों में की गई जांच

अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत ने युवाओं को दी सख्त चेतावनी

कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर होगी कार्रवाई

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार शहर में सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी, अनावश्यक जमावड़ा एवं नशापान जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज रात अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान कचहरी चौक से बड़ा तालाब, हरमू चौक से गाड़ीखाना चौक एवं आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच की गई। प्रशासनिक टीम ने सड़क किनारे, सार्वजनिक स्थलों तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर अनावश्यक रूप से एकत्रित लोगों की जांच की तथा उनसे पूछताछ की।

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर युवकों का अनावश्यक जमावड़ा पाया गया। टीम द्वारा उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर अड्डाबाजी नहीं करने, नशे से दूर रहने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की हिदायत दी गई। अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत ने संबंधित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्री कुमार रजत ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर अनावश्यक भीड़, नशापान एवं असामाजिक गतिविधियां न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती उत्पन्न करती हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को भी प्रभावित करती हैं।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शहर में सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने के लिए अड्डाबाजी, नशापान तथा अन्य अवांछित गतिविधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

जिला प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में लगाएं, सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करें तथा रांची को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार एक बार फिर आमजनों के लिए राहत, भरोसे और त्वरित कार्रवाई का मंच साबित हुआ

रांची समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन

दिव्यांगों के चेहरे पर खिली मुस्कान

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रदान की दिव्यांगों को इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल

कार्य में लापरवाही पर बेड़ो अंचल निरीक्षक एवं कर्मचारी को शोकॉज

सरेंडर करनेवाले नक्सली की पत्नी को 4 डिसिमल भूमि आवंटित

जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें पदाधिकारी/कर्मचारी – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,01.06.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री का जनता दरबार एक बार फिर आमजनों के लिए राहत, भरोसे और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का मंच साबित हुआ। जनता दरबार में जहां जरूरतमंदों को तत्काल सहायता उपलब्ध करायी गयी, वहीं सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब पर प्रशासन का सख्त रुख भी देखने को मिला। विभिन्न प्रखंडों और अंचलों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिये तथा कई मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करायी।

दिव्यांगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बेड़ो प्रखंड निवासी 25 वर्षीय आकाश उरांव, जो 80 प्रतिशत दिव्यांग हैं और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं, अपने भाई की गोद में बैठकर जनता दरबार पहुंचे थे। स्नातक शिक्षित आकाश की समस्या सुनते ही जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल उपलब्ध करायी। जनता दरबार से लौटते समय आकाश स्वयं इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल पर सवार होकर निकले। इस सहायता से भावुक हुए उनके परिजनों ने माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

बेड़ो के ही 67 वर्षीय दिव्यांग बालकिशुन साहू को भी जनता दरबार में राज्य सरकार की इलेक्ट्रिक ट्राईसाईकिल प्रदान की गयी। अपनी बेटी और नाती के साथ पहुंचे बालकिशुन साहू ने कहा कि यह सहायता उनके दैनिक जीवन को काफी आसान बनाएगी। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

म्यूटेशन में लापरवाही पर सख्ती, कर्मचारी और सीआई को शोकॉज

जनता दरबार में बेड़ो निवासी माधुरी तिर्की ने म्यूटेशन से जुड़ी समस्या रखते हुए बताया कि एलआरडीसी कोर्ट के आदेश के बावजूद उनका नामांतरण नहीं किया जा रहा है और उन्हें लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल अंचल अधिकारी, बेड़ो से दूरभाष पर बात कर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अंचल निरीक्षक एवं कर्मचारी को शोकॉज करने के निर्देश दिये तथा लंबित मामले का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।

सरेंडर करनेवाले नक्सली की पत्नी को भूमि आवंटन

जनता दरबार में पूर्व में आवेदन देने वाली ठाकुरमनी देवी को भी महत्वपूर्ण राहत मिली। ठाकुरमनी देवी के पति ने नक्सली गतिविधियों को छोड़कर आत्मसमर्पण किया था। सरकार द्वारा भूमि बंदोबस्ती भी की गयी थी, लेकिन संबंधित भूमि रहने योग्य न कहकर उन्होंने वैकल्पिक भूमि आवंटन हेतु आवेदन दिया था। जिला प्रशासन की पहल पर आज उन्हें नगड़ी मौजा में 04 डिसमिल भूमि आवंटित की गयी। भूमि बंदोबस्ती से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करते हुए उन्होंने राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

निष्पादन योग्य भूमि संबंधी मामलों में तेजी लाने का निर्देश

जनता दरबार में पंजी-2 सुधार, लगान रसीद निर्गत करने, दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, अवैध कब्जा, ऑनलाइन जमाबंदी त्रुटि, रैयती भूमि विवाद, भूमि अभिलेख सुधार तथा राजस्व अभिलेखों में विसंगतियों से जुड़े कई मामले सामने आये। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा राजस्व कर्मियों को निष्पादन योग्य मामले का तेजी से निष्पादन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक विलंब अथवा आमजन को कार्यालयों का चक्कर लगवाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जनता दरबार में वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सर्वजन पेंशन योजना तथा मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ नहीं मिलने संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को सभी मामलों की जांच कर पात्र लाभुकों को शीघ्र योजनाओं से आच्छादित करने का निर्देश दिये।

जनता दरबार में इलाज हेतु आर्थिक सहायता, आयुष्मान भारत योजना से संबंधित, छात्रवृत्ति, विद्यालय नामांकन, आवास योजना, पेयजल सुविधा, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, रोजगार एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

जनता दरबार बना भरोसे का मंच

जनता दरबार के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहने दें।

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कनेक्टिंग फ्लाईओवर निर्माण के संबंध में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने की महत्वपूर्ण बैठक

निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर

निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने  रांची में बन रहें कनेक्टिंग फ्लाईओवर निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक किया। बैठक में निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया।

निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित रखने पर जोर

बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो, इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए।

निर्माण स्थल पर पर्याप्त साइनेज, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में, पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) रांची, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण राँची, निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है

ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में गणना चरण शुरू हो गया है।

  1. भारत निर्वाचन आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 14 मई, 2026 को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का आदेश दिया है।
  2. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो । भारत का प्रत्येक नागरिक , जिसकी आयु पात्रता तिथि पर अठारह वर्ष से कम न हो और जो किसी अन्य कानून के तहत अपात्र न हो, मतदाता सूची में पंजीकरण कराने का हकदार होगा।
  3. चुनाव आयोग के दिनांक 14.05.2026 के आदेश के अनुसार, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर राज्यों में 30.05.2026 से गणना चरण प्रारंभ हो गया है । वे सभी पात्र मतदाता जिनके गणना प्रपत्र निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को 28.06.2026 या उससे पहले प्राप्त हो जाएंगे, उन्हें मसौदा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा ।
  4. जो मतदाता 28.06.2026 तक अपने गणना प्रपत्र जमा करने में असमर्थ हैं, वे दावा और आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ प्रपत्र 6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं ।
  5. एसआईआर की गणना के चरण के दौरान, बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र प्रदान करते हैं। मतदाता विधिवत भरा हुआ प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से या ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए, बीएलओ प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण और सत्यापन के लिए प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।
  6. घर-घर जाकर की जाने वाली गणना के दौरान, बीएलओ को कम से कम 30 खाली फॉर्म 6 के साथ-साथ खाली घोषणा पत्र भी ले जाने होंगे, ताकि वे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को ये फॉर्म उपलब्ध करा सकें।
  7. राजनीतिक दलों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को जनता से प्रतिदिन अधिकतम 50 प्रपत्र एकत्र करने और मसौदा प्रकाशन से पहले उन्हें बीएलओ को सौंपने की अनुमति दी है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल एसआईआर प्रक्रिया के सुचारू और प्रभावी संचालन में बीएलओ की सहायता के लिए अधिक बीएलए नियुक्त कर सकते हैं।
  8. नीचे मतदाताओं, बीएलओ और बीएलए का राज्यवार विवरण प्रस्तुत किया गया है:
राज्‍य मतदाताओं बीएलओ की संख्‍या बीएलए की संख्‍या
ओड़िशा 3,34,14,856 38,123 8,391
मिजोरम 8,75,008 1,353 3,430
सिक्‍किम 4,71,077 572 681
मणिपुर 20,92,140 2,996 5,003

  1. सभी पात्र मतदाताओं से अनुरोध है कि वे एसआईआर प्रक्रिया में भाग लें और घर-घर भ्रमण के दौरान चुनाव अधिकारियों के साथ सहयोग करें।
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पीएम स्वनिधि ने किफायती ऋण और सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने के छह साल पूरे किए

नई दिल्ली – आवासन  और शहरी कार्य मंत्रालय की प्रमुख माइक्रो-क्रेडिट योजना, पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) ने किफायती, बिना किसी गारंटी के मिलने वाले ऋण , डिजिटल समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने के छह साल पूरे कर लिए हैं।

इस अवसर पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री माणिक साहा के साथ मिलकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पीएम स्वनिधि लाभार्थियों के साथ बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने त्रिपुरा के रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड और ऋण स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।

पीएम स्वनिधि जून 2020 में शुरुआत के बाद से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरी है। इसने उन्हें औपचारिक क्रेडिट तक पहुँचने में मदद की है और लाभार्थियों को आजीविका मजबूत करने और उसका विस्तार करने में सक्षम बनाया है। योजना के अंतर्गत एक करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रूपये से अधिक है। इससे पूरे देश में रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ पहुँचा है।

आवासन और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रेहड़ी-पटरी वालों की कड़ी मेहनत, संघर्षों और योगदान को पहचानते हुए, शहरी गरीबों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका को मजबूत करने के विज़न के साथ 2020 में पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल बिना किसी गारंटी के ऋृण देना ही नहीं था, बल्कि रेहड़ी-पटरी वालों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन में आगे बढ़ने के अवसर सुनिश्चित करना भी था, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक पहचान मिल सके।

इस योजना की उपलब्धियों पर श्री मनोहर लाल ने बताया कि पिछले छह वर्षों में देश भर में 75 लाख पचास हज़ार से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि के अंतर्गत लाभ मिला है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि योजना के अंतर्गत देश भर में 1 करोड़ 12 लाख से अधिक बिना किसी गारंटी के ऋृण मंजूर किए गए हैं। अब तक लाभार्थियों को 17,800 करोड़ रूपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।

श्री मनोहर लाल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में 2 लाख 59 हज़ार से ज़्यादा ऋृण दिए गए हैं। इनके ज़रिए रेहड़ी-पटरी वालों को ₹430 करोड़ से ज़्यादा की आर्थिक मदद दी गई है।

खास तौर पर त्रिपुरा के बारे में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 9,300 से ज़्यादा ऋृण मंज़ूर किए गए हैं और इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को लगभग ₹15 करोड़ बांटे गए हैं।

श्री मनोहर लाल ने बताया कि पीएम स्वनिधि के ज़रिए लाखों लोग पहली बार बैंकिंग सिस्टम से जुड़े हैं और औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हैं। इससे वित्तीय समावेशन और आत्मनिर्भरता का रास्ता खुला है।

पिछले छह सालों में इस योजना का असर हर पहलू से बदलाव लाने वाला रहा है। अगर आंकड़ों पर नज़र डालें, तो पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 34 लाख 81 हज़ार महिला रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया है। पूरे देश में महिला रेहड़ी-पटरी वालों को 51 लाख 84 हज़ार ऋृण बांटे गए हैं और 55 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को डिजिटल रूप से जोड़ा गया है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की औसत आय में सालाना 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। 30 प्रतिशत से ज़्यादा रेहड़ी-पटरी वालों ने इस योजना के अंतर्गत मिलने वाले ऋृण के अलावा भी क्रेडिट हासिल किया है।

पीएम स्वनिधि की मुख्य उपलब्धियाँ

  • 1 करोड़ पांच लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए।
  • योजना के अंतर्गत ₹17,800 करोड़ से अधिक वितरित किए गए।
  • 34 लाख 81 हज़ार महिला  रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया गया।
  • स्वनिधि से समृद्धि के अंतर्गत 50 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफ़ाइल तैयार की गई।
  • केंद्र सरकार की आठ कल्याणकारी योजनाओं केअंतर्गत 1 करोड़ 52 लाख से अधिक कल्याणकारी योजनाओं की स्वीकृति में सहायता की गई।
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धरती मां को बचाने का राष्ट्रीय संकल्प, 1 जून से रायसेन से शुरू होगा ‘खेत बचाओ अभियान’

नई दिल्ली,01.06.2026 – एक जून को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से होने वाले ‘खेत बचाओ अभियान’ के राष्ट्रीय शुभारंभ से पूर्व, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों, आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ कृषि अधिकारियों तथा किसान हित में कार्यरत साथियों से वर्चुअल संवाद कर अभियान को जनभागीदारी, वैज्ञानिक दृष्टि और राष्ट्रीय दायित्व के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया। शिवराज सिंह ने इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल होने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर चर्चा की है, वहीं वे केंद्रीय मंत्रियों और अन्य सभी जनप्रतिनिधियों से भी सहभागिता की अपील कर रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती मां को बचाने, खेती का भविष्य सुरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा करने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का असंतुलित उपयोग, मिट्टी के स्वास्थ्य में गिरावट और बदलते जलवायु संकट खेती के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं, इसलिए समय रहते व्यापक जागरूकता और व्यवहारिक हस्तक्षेप आवश्यक है।

श्री चौहान ने बताया कि 1 जून को रायसेन जिले के रामसिया गांव से प्रारंभ हो रहा राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मिट्टी परीक्षण, सॉयल हेल्थ कार्ड, प्राकृतिक खेती, फसल चयन, जल संरक्षण, हरी खाद, कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक कृषि पद्धतियों तथा नकली खाद-बीज और पेस्टिसाइड की पहचान जैसे विषयों पर जागरूक करेगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल सलाह देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि खेत स्तर पर डेमो, वैज्ञानिक प्रमाण और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से किसानों का विश्वास मजबूत करना होगा। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि देशभर में 30 जून तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कौन अधिकारी, वैज्ञानिक, संस्थान या टीम किस तिथि को किस गाँव में जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जिले का कार्यक्रम पूर्व नियोजित हो, डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग हो, स्थानीय स्तर पर समुचित व्यवस्थाएँ सुनिश्चित हों और अभियान के हर चरण में प्रभावी समन्वय दिखाई दे।

श्री चौहान ने राज्यों के कृषि विभागों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र, राज्य, आईसीएआर, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और किसान हितैषी संस्थाएँ एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने तथा प्राकृतिक खेती व टिकाऊ कृषि के व्यवहारिक नमूने प्रस्तुत करने पर बल दिया।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि अभियान को बहुउद्देश्यीय स्वरूप देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, मिनी बीज किट, दलहन-तिलहन मिशन तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं का लाभ भी किसानों तक पहुँचाया जाए, इससे खेत बचाने के साथ-साथ किसान की आय, जागरूकता और कृषि प्रबंधन क्षमता को भी मजबूत किया जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने प्रचार-प्रसार पर जोर देकर इसे अभियान का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह देशहित का कार्यक्रम है और इसकी जानकारी जितनी तेजी से गाँव-गाँव पहुँचेगी, अभियान उतना ही प्रभावशाली बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और वैज्ञानिकों से कहा कि वे बिना संकोच मीडिया से संवाद करें, क्योंकि यह अभियान धरती, खेती और अन्नदाता के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि जैसे पूर्व में विकसित कृषि संकल्प अभियान ने व्यापक प्रभाव छोड़ा, उसी प्रकार ‘खेत बचाओ अभियान’ भी देशव्यापी जनजागरण और कृषि सुधार का सफल अध्याय बनेगा। उन्होंने सभी साथियों से आह्वान किया कि वे पूरी निष्ठा, तैयारी और संवेदनशीलता के साथ गाँव-गाँव पहुँचकर किसानों को सही जानकारी दें और धरती माँ के संरक्षण का यह संकल्प जनआंदोलन में बदलें। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह स्वयं भी इस अभियान के दौरान विभिन्न राज्यों में गांवों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे।

इस वर्चुअल संवाद के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण सचिव श्री अतिश चंद्र, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, वैज्ञानिक, आईसीएआर संस्थानों के निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक, राज्यों के कृषि विभागों के अधिकारी तथा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

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पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजन

17वें पेंशन दरबार में सेवानिवृत्त शिक्षकों का भावपूर्ण सम्मान

जनवरी से अब तक 300 से अधिक शिक्षकों / कर्मियों को दी गई गरिमापूर्ण विदाई

“आप सभी शिक्षकों ने शिक्षा के पवित्र क्षेत्र में निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ सेवा की है। आपने न सिर्फ ज्ञान दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को आकार दिया, उनके सपनों को पंख दिए और समाज को बेहतर नागरिक दिए। आपका यह योगदान अमूल्य है:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,01.06.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में 17वें पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

यह 17वां पेंशन दरबार समारोह है। जनवरी 2025 से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति का लाभ एवं सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा,“आप सभी शिक्षकों ने शिक्षा के पवित्र क्षेत्र में निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ सेवा की है। आपने न सिर्फ ज्ञान दिया, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को आकार दिया, उनके सपनों को पंख दिए और समाज को बेहतर नागरिक दिए। आपका यह योगदान अमूल्य है।

 

सेवानिवृत्ति के बाद भी आप अपने अनुभव और ज्ञान का उपयोग समाज के लिए जारी रखें। स्वस्थ रहें, सक्रिय रहें, नई पीढ़ी को मार्गदर्शन देते रहें और सुखमय जीवन व्यतीत करें। जिला प्रशासन आपके सेवा भाव और योगदान के लिए हमेशा आभारी रहेगा।”

उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्हें जीवन में स्वस्थ और व्यस्त रहने की सलाह भी दी।

जानकारी हो यह 17वां पेंशन दरबार समारोह है। जनवरी 2026 से जिला प्रशासन द्वारा शिक्षकों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति का लाभ एवं सम्मान देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 300 से अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को इस कार्यक्रम के माध्यम से लाभ दिया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है।

समारोह में सम्मानित शिक्षकगण

1. श्री सुधांशु रंजन प्रमाणिक – प्रधानाध्यापक, पी.एम.श्री रा.म.वि. ग्राम विकास सिल्ली, राँची।

2. श्रीमती असीमा लकड़ा – प्रतिलिपिक, जिला अभिलेखागार, राँची।

3. श्रीमती माला सामद – स.शि., रा.म.वि. तैमारा, बुण्डू।

4. श्री मृत्युंजय सिंह मुण्डा – स.शि., रा.म.वि. सिल्ली बोर्ड, सिल्ली, राँची

5. श्री इजहार अहमद – स.शि., रा.म.वि. कैम्बो, माण्डर।

6. श्रीमती मरियम खोया – स.शि., फातिमा बाल मध्य विद्यालय, हुलहुण्डू, नामकुम।

7.श्रीमती सीमा बारला – स.शि., रा.उत्क्रमित मध्य विद्यालय, जोजोसेरेंगे, नामकुम।

8. श्री संजय कुमार – स.शि., रा.प्रा.वि. देवरी, नगड़ी।

9. डॉ. मीनु कुमारी – स.शि., रा.प्रा.वि. गाँधीनगर, राँची।

कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित शिक्षकों को स्मृति चिन्ह, शाल, पुष्पगुच्छ और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

जिला प्रशासन, राँची द्वारा शिक्षकों के लंबे सेवा योगदान को सम्मानित करने की यह निरंतर पहल है।

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आरपीएफ रांची की बड़ी कार्रवाई : 61 किलो गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

रांची,01.06.2026 –  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘NARCOS’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 61 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 30.50 लाख रुपये बताई गई है।

जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को रांची रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ फ्लाइंग टीम रांची, आरपीएफ पोस्ट रांची तथा आरपीएफ अपराध शाखा द्वारा संयुक्त रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन संख्या 18309 संबलपुर–जम्मू तवी एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-3 में तीन संदिग्ध युवक चार ट्रॉली बैग और तीन पिट्ठू बैग के साथ पाए गए।

पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने बैगों में गांजा होने की बात स्वीकार की। इसके बाद ट्रेन के आगे बढ़ने पर तीनों को उनके सामान सहित नामकुम रेलवे स्टेशन पर उतारकर विधिसम्मत जांच की गई।

जांच में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष सिंह (22 वर्ष), प्रिंस कुमार (21 वर्ष) और अंकित पाठक (19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बिहार के बक्सर जिले के निवासी हैं। उनके कब्जे से कुल 61 पैकेट गांजा (61 किलोग्राम) तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए।

सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ रांची प्रताप सिंह नेगी के निर्देशन में डीडी किट से जांच करने पर बरामद पदार्थ गांजा पाया गया। इसके बाद गांजा एवं अन्य जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी रांची को सौंप दिया गया।

इस सफल अभियान में इंस्पेक्टर शिशुपाल कुमार, इंस्पेक्टर लालबहादुर, एएसआई योगेंद्र कुमार, एएसआई अनिल कुमार, एएसआई अभिषेक कुमार तथा अन्य आरपीएफ कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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भारतीय वायुसेना ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया पहुंचाया

नई दिल्ली – भारतीय वायु सेना के आईएल-76 रणनीतिक एयरलिफ्ट विमान गजराज ने 30 मई 2026 को भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दिल्ली से मंगोलिया पहुंचाया। विमान ने रात भर की उड़ान भरी और भारतीय समयानुसार 11:25 बजे मंगोलिया में उतरा।

यह मिशन भारतीय वायु सेना द्वारा मित्र देशों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के भारत के प्रयासों के समर्थन में चलाया गया था।

यह एयरलिफ्ट भारतीय वायु सेना की राष्ट्रीय उद्देश्यों का समर्थन करने और भारत की वैश्विक सांस्कृतिक पहुंच की पहलों में योगदान देने की क्षमता को दर्शाता है।

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माय भारत और एनएसएस युवा विकास के दो स्तंभ हैं जो एक ही लक्ष्य – विकसित भारत – की दिशा में काम कर रहे हैं : डॉ. मनसुख मांडविया

नई दिल्ली – युवा कार्य और खेल मंत्रालय का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज भारतीय प्रबंधन संस्‍थान (आईआईएम), शिलांग में संपन्न हुआ। इस दौरान युवा सहभागिता को सशक्त बनाने, संस्थागत समन्वय में सुधार लाने तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने से संबंधित विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से युवा कार्य विभाग, माय भारत तथा नेशनल सर्विस स्‍कीम (एनएसएस) के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की पहचान की तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक और कार्यान्वित किए जा सकने वाले समाधान बताए।

 

चिंतन शिविर के दूसरे दिन युवा कार्य और खेल मंत्री डा. मनसुख मांडविया; युवा कार्य और खेल राज्‍य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खड़से; युवा कार्य विभाग की सचिव डा. पल्‍लवी जैन गोविल; मंत्रालय के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा; माय भारत की सीईओ डा. प्रियांका शुक्‍ला; मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा मेरा युवा भारत और नेशनल सर्विस स्‍कीम के क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए डा. मनसुख मांडविया ने कहा: “माय भारत और एनएसएस युवा विकास के दो स्तंभ हैं, जो एक ही लक्ष्य—विकसित भारत—की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जहाँ एनएसएस परिसर (कैंपस) स्तर पर युवाओं को जोड़ता है, वहीं माय भारत उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय करता है। दोनों मिलकर राष्ट्र निर्माण के लिए एक सशक्त जन-आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।”

डा. मांडविया ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिभागियों से प्राप्त प्रतिक्रिया चिंतन शिविर की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आत्म-जागरूकता, प्रतिबद्धता, नवाचार और समन्वय के महत्व पर जोर किया। उन्होंने जिला युवा अधिकारियों से अपने-अपने जिलों में नेतृत्वकर्ता और प्रेरक की भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का दस्तावेजीकरण करने तथा स्थानीय साझेदारियों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से युवा क्लबों के नेटवर्क को मजबूत करने पर बल दिया।

डॉ. मांडविया ने कहा कि चिंतन शिविर की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इससे प्राप्‍त सीख को जिला स्तर पर कितने प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को युवाओं की बात ध्यान से सुनने, उनकी आकांक्षाओं को समझने, समाधान-केन्‍द्रित दृष्टिकोण अपनाने तथा दृढ़ संकल्प के साथ अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत की पहलों से जोड़ने के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

समापन समारोह के दौरान वित्त वर्ष 2025–26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और इकाइयों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के आधार पर त्रिपुरा, झारखंड और मिजोरम को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के रूप में मान्यता प्रदान की गई। विकसित भारत विलेज क्विज़ पहल के अंतर्गत उत्‍तरी 24 परगना (पश्चिम बंगाल), पटना (बिहार), बरईपुर (पश्चिम बंगाल) को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों के रूप में सम्मानित किया गया।

विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए चिंतन शिविर को सीखने, मार्गदर्शन प्राप्त करने, समन्वय बढ़ाने और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। कई अधिकारियों ने कहा कि इस शिविर की चर्चाओं ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, विभागीय प्राथमिकताओं के प्रति उनकी समझ को मजबूत किया तथा जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रियंका शुक्‍ला ने कहा कि यह चिंतन शिविर पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विभाग द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा कार्यक्रम था। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस शिविर के परिणाम देशभर में युवाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और विभिन्न कार्यक्रमों के अधिक प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होंगे

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