केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में कुलपति प्रोफेसर हरमोहिंदर बेदी और उप-कुलपति प्रोफेसर सत प्रकाश बंसल की गरिमामयी उपस्थिति में एक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
संवाद के दौरान श्री कविंदर गुप्ता ने प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और देश के विविध क्षेत्रों के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ तथा युवाओं की सहभागिता को सुदृढ़ करने के युवा संगम के विज़न की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों को आदान-प्रदान कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा हिमाचल प्रदेश की परंपराओं, संस्कृति और विकास यात्रा के बारे में सार्थक जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही, उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रोत्साहित करने में ऐसी पहलों के महत्व पर बल दिया।
इस पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पुदुचेरी के नेतृत्व में पुदुचेरी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के आतिथ्य में हिमाचल प्रदेश के एक अनुभवात्मक अध्ययन भ्रमण (एक्सपोज़र विजि़ट) पर है। यह आदान-प्रदान कार्यक्रम प्रतिभागियों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र, विकासात्मक पहलों तथा स्थानीय जीवन-शैली का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक अनुभवों तथा इस यात्रा से जुड़ी अपेक्षाओं को भी साझा करेंगे, जिससे गणमान्य व्यक्तियों के साथ उनका संवाद समृद्ध और प्रेरणादायक बनेगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत (ईबीएसबी) के प्रमुख कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आरंभ किया गया युवा संगम चरण-6, शैक्षिक एवं अनुभवात्मक अधिगम कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करता है।
देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के सहयोग से 22 युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को एक साथ लाने वाला यह कार्यक्रम पर्यटन, परंपरा, विकास, जन-से-जन संपर्क तथा प्रौद्योगिकी जैसे विषयों के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक संवाद और भारत की विरासत, परंपराओं, विकास तथा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से परिचय का एक मंच प्रदान करता है। शैक्षणिक संवादों, संस्थागत दौरों तथा सांस्कृतिक सहभागिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को भारत के विविध सांस्कृतिक और क्षेत्रीय परिदृश्य की जानकारी प्राप्त होती है, साथ ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच संबंध भी सुदृढ़ होते हैं।
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