मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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नशीली दवाओं के माफिया के खिलाफ विशेष अभियान

नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी को नशा-मुक्त बनाने के लिए नशीली दवाओं के माफिया के खिलाफ केंद्रित प्रवर्तन अभियान के रूप में “ऑपरेशन कवच” शुरू किया है। 13.05.2023 से 23.01.2026 तक, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में कुल 12 ऐसे विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें 9,694 स्थानों पर छापेमारी की गई। इसमे नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 के तहत 851 मामले और दिल्ली एक्साइज एक्ट, 2009 के तहत 1,690 मामले दर्ज किए गए; तथा कुल 2,640 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

साल 2023 से 2026 (15.02.2026 तक) के दौरान, कुल 5,467 नशीली दवाओं से संबंधित एफआईआर दर्ज की गईं; 7,134 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया; तथा दिल्ली पुलिस ने 17,435 किलोग्राम (लगभग) नशीली दवाओं यानी चरस, अफीम, गांजा, स्मैक, हेरोइन, खसखस के बीज, कोकीन आदि को जब्त किया।

दिल्ली पुलिस ने नशीली दवाओं के तस्करों की कोई संपत्ति जब्त नहीं की है। हालांकि, 2023 से 2026 (15.02.2026 तक) की अवधि के दौरान, दिल्ली पुलिस ने नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ कुल 29 संयुक्त ध्वस्तीकरण अभियान चलाए।

यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए उठाए गए कदम

नई दिल्ली – भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित प्रावधानों को एक ही अध्याय में संकलित किया गया है, जिसमें अपराधियों के लिए मृत्युदंड तक की कड़ी सजा का प्रावधान है। नए कानूनों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास या मृत्युदंड दिया जाएगा, साथ ही शादी, नौकरी या पदोन्नति का झूठा वादा करने अथवा पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाने को भी अब एक नए विशिष्ट अपराध के रूप में शामिल किया गया है।

न्यायिक प्रक्रिया की गति, दक्षता और पारदर्शिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए नए आपराधिक कानूनों में यह प्रावधान किया गया है कि समन और वारंट जारी करने, उनकी तामील और निष्पादन, शिकायतकर्ता एवं गवाहों की जांच, साक्ष्य रिकॉर्ड करने तथा अपील या किसी भी अन्य अदालती कार्यवाही को इलेक्ट्रॉनिक संचार या ऑडियो-वीडियो माध्यमों से डिजिटल रूप में संचालित किया जा सकता है। इस संबंध में, सरकार ने ई-समन, ई-साक्ष्य और न्याय-श्रुति (वीसी) जैसे अनुप्रयोग भी विकसित किए हैं।

ई-समन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समन की डिलीवरी की सुविधा प्रदान करता है। न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाने के लिए ई-साक्ष्य डिजिटल सबूतों के कानूनी, वैज्ञानिक और छेड़छाड़-मुक्त संग्रह, संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा करने में मदद करता है, जिससे असली सबूत मिलते हैं और देरी कम होती है।

न्याय-श्रुति (वीसी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आरोपियों, गवाहों, पुलिस अधिकारियों, वकीलों, साइंटिफिक एक्सपर्ट्स, कैदियों की आभासी माध्यम से पेशी की सुविधा देता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा नए आपराधिक कानूनों को लागू करने से न्याय प्रणाली की गति, दक्षता और पारदर्शिता बेहतर होती है, जिससे नागरिकों के लिए एक समयबद्ध और सुलभ न्याय वितरण प्रणाली सुनिश्चित होती है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रावधान

  • भारतीय न्याय संहिता, 2023 के एक नए अध्याय-V में महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को अन्य सभी अपराधों की तुलना में प्राथमिकता दी गई है।
  • भारतीय न्याय संहिता में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़ितों के लिए आयु के अंतर को समाप्त कर दिया गया है; जहाँ पहले 16 वर्ष और 12 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए अलग-अलग सजाएँ निर्धारित थीं, वहीं अब इस प्रावधान को संशोधित कर दिया गया है और 18 वर्ष से कम आयु की किसी भी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है।
  • अब महिलाओं को परिवार के एक ऐसे वयस्क सदस्य के रूप में मान्यता दी गई है जो बुलाए गए व्यक्ति की ओर से समन प्राप्त कर सकती हैं। पहले के कानून में ‘परिवार के किसी वयस्क पुरुष सदस्य’ का उल्लेख था, जिसे अब बदलकर ‘परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य’ कर दिया गया है।
  • बलात्कार के अपराध से जुड़ी जांच में पारदर्शिता लाने और पीड़ित को अधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए, पुलिस द्वारा पीड़ित का बयान ऑडियो-वीडियो  माध्यम से रिकॉर्ड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • महिलाओं के खिलाफ कुछ विशिष्ट अपराधों के मामले में, पीड़िता का बयान, जहाँ तक संभव हो, एक महिला मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाएगा और उनकी अनुपस्थिति में, एक पुरुष मजिस्ट्रेट द्वारा किसी महिला की उपस्थिति में बयान दर्ज किया जाएगा। इसका उद्देश्य जांच में संवेदनशीलता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा पीड़ितों के लिए एक सहायक वातावरण बनाना है।
  • बलात्कार की पीड़िता की चिकित्सा जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर मेडिकल रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेजें।
  • यह प्रावधान किया गया है कि 15 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी पुरुष (पहले यह सीमा 65 वर्ष थी), अथवा किसी भी महिला, मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, या गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को उनके निवास स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर उपस्थित होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि ऐसा व्यक्ति स्वेच्छा से पुलिस स्टेशन आने के लिए तैयार है, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है।
  • नए कानूनों के अंतर्गत, सभी अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के पीड़ितों के लिए निःशुल्क प्राथमिक उपचार या चिकित्सा उपचार का प्रावधान किया गया है। यह नियम चुनौतीपूर्ण समय के दौरान पीड़ितों के स्वास्थ्य और सुधार को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें तुरंत आवश्यक चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करता है।
  • भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 95 के तहत, किसी भी बच्चे को अपराध करने के लिए काम पर रखना, नियोजित करना या उसे शामिल करना एक दंडनीय अपराध बना दिया गया है। इसके लिए कम से कम सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है, जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य गिरोहों या समूहों द्वारा बच्चों का उपयोग अपराध करने के लिए किए जाने को रोकना है।

यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन पर स्थित ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के जीर्णोद्धार के लिए 117.54 करोड़ रुपये मंजूर किए

नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर स्थित ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण को 117.54 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दे दी है।

कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता के प्रस्ताव का मूल्यांकन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में प्रत्यायोजित निवेश बोर्ड (डीआईबी) द्वारा किया गया।

प्रत्यायोजित निवेश बोर्ड (डीआईबी) ने सागरमाला कार्यक्रम के तहत लगभग 41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता सहित, कोलकाता डॉक सिस्टम में लगभग छह दशक पुराने बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण के प्रस्ताव की पड़ताल की, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत 117.54 करोड़ रुपये है।

इस परियोजना का उद्देश्य पत्तन क्षेत्र के भीतर माल और वाहनों की सुरक्षित, तेज और अधिक कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक दोहरे पुल का आधुनिकीकरण करना है। मूल रूप से वागनर-बिरो ब्रिज सिस्टम्स एजी द्वारा निर्मित इस पुल का परिचालन सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए व्यापक संरचनात्मक और विद्युत-यांत्रिक उन्नयन किया जाएगा।

नवीनीकरण परियोजना का कार्यान्वयन रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और कार्यों के निष्पादन का ठेका एचएंडएच फ्रेसीनेट को दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन से कोलकाता डॉक सिस्टम में परिचालन दक्षता को मजबूत करने और बंदरगाह के भीतर माल और वाहनों की सुचारू आवाजाही को बढ़ावा देने की उम्मीद है, जिससे भारत के समुद्री इन्फ्रास्ट्रक्चर के निरंतर आधुनिकीकरण में योगदान मिलेगा।

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भारत ने जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ पर्यटन और सतत् यात्रा को बढ़ावा देने के लिए आईटीबी बर्लिन 2026 में द्विपक्षीय बैठकें कीं

नई दिल्ली – भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 3 से 5 मार्च तक जर्मनी के मेस्से बर्लिन में आयोजित आईटीबी बर्लिन 2026 में भाग लिया। विश्व के अग्रणी यात्रा व्यापार मेले के रूप में, आईटीबी बर्लिन (इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्स बर्लिन) वैश्विक पर्यटन उद्योग के लिए मिलने जुलने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जो भारत के यात्रा उद्योग से जुड़े हितधारकों को नेटवर्किंग और आदान-प्रदान का एक ज़रुरी मंच प्रदान करता है।

भारत ने देश भर से डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों (डीएमसी), होटल व्यवसायियों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और टूर ऑपरेटरों के एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जर्मनी में भारतीय राजदूत श्री अजीत गुप्ते की मौजूदगी में किया।

इसके अलावा, लोगों के बीच के संबंधों को मजबूत करने के मकसद से, केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने इंडोनेशिया की पर्यटन मंत्री महामहिम सुश्री विदियंती पुत्री वर्धना और जर्मनी के संघीय सरकार के पर्यटन आयुक्त डॉ. क्रिस्टोफ प्लोस के साथ सार्थक द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में पर्यटन प्रवाह को बढ़ाने, सतत् यात्रा को बढ़ावा देने, हवाई संपर्क का विस्तार करने और दोनों देशों के बीच लोगों में आपसी संबंधों को गहरा करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) की महासचिव सुश्री शेखा अल नोवाइस से भी मुलाकात की और सतत् पर्यटन विकास और पुनर्योजी पर्यटन को बढ़ावा देने के विभिन्न तरीकों पर विचार-विमर्श किया।

 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जर्मनी भारत के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन साझेदारों में से एक है। जर्मनी भारत के लिए पर्यटन का आठवां सबसे बड़ा स्रोत बाजार है, जहां से 2025 में 260,000 विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए)** होने की उम्मीद है।

आईटीबी बर्लिन में, केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने मंत्रालय के लिए नेटफ्लिक्स द्वारा तैयार की गई दो लघु फिल्मों का भी विमोचन किया। एक फिल्म भारत की जीवंत संस्कृति, परंपराओं, त्योहारों और शाश्वत विरासत का जश्न मनाती है, जबकि दूसरी भारतीय व्यंजनों के समृद्ध स्वाद और विविधता को दर्शाती है। पर्यटन मंत्रालय ने वैश्विक दर्शकों के सामने भारतीय पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए नेटफ्लिक्स के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत, इनक्रेडिबल इंडिया और नेटफ्लिक्स मिलकर पूरे वर्ष में दस लघु प्रचार वीडियो तैयार करेंगे। नेटफ्लिक्स की फिल्मों और श्रृंखलाओं से प्रेरित, हर वीडियो भारत के एक अनूठे पहलू को उजागर करता है, जिसमें इसके स्वाद और त्योहारों से लेकर रोमांच, वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता तक शामिल हैं, जो पर्दे पर दिखाई देने वाली देश की गहराई और विविधता को दर्शाते हैं।

आईटीबी 2026 में भारत के पवेलियन ने देश की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं, विविध पर्यटन परिदृश्य और आध्यात्मिक तथा स्वास्थ्य, विवाह, साहसिक और पारिस्थितिक पर्यटन तथा लज़ीज भोजन जैसे विशिष्ट पर्यटन अनुभवों की विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित किया। पवेलियन का विषय भारत के अनूठे और विविध पर्यटन अनुभवों पर केंद्रित था।

राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड की राज्य सरकारों और लद्दाख तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के साथ-साथ आईआरसीटीसी ने आईटीबी में अपने नवीनतम पर्यटन स्थलों और पेशकशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए इसमें भाग लिया। भारतीय पर्यटन उद्योग और राज्य सरकारों के 42 हितधारकों ने भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन उत्पादों तथा गहन अनुभवों की व्यापक श्रृंखला को दर्शाने के लिए इंडिया पवेलियन में सह-प्रदर्शक के तौर पर हिस्सा लिया। हितधारकों ने लाभदायक व्यावसायिक बैठकें कीं और अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ नए संपर्क भी स्थापित किए। आईटीबी में देखने को मिली उपस्थिति ने भारत के उस रणनीतिक लक्ष्य को साफ तौर पर उजागर किया, जिसके तहत भारत पर्यटन को और बढ़ावा देना चाहता है और देश को 365 दिनों के लिए प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना चाहता है।

आईटीबी बर्लिन ने मौजूदा साझेदारियों को मजबूत करने, नए व्यापारिक संबंध बनाने और नए यात्रा मार्गों और अनुभवों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। भारत पवेलियन में मेहंदी, ब्लॉक प्रिंटिंग और सुलेख जैसी अन्य त्वरित गतिविधियों के ज़रिए आगंतुकों के लिए सांस्कृतिक और शिल्प विरासत की विविधता का भी प्रदर्शन किया गया।

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भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

नई दिल्ली – भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 79वें बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज (10 मार्च 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष कर राष्ट्रीय विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे राजस्व का स्थिर स्रोत प्रदान करके सरकारों को आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करने में सक्षम बनाते हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली समानता को बढ़ावा देती है और समावेशी तथा सतत विकास की नींव को मजबूत करती है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि राजस्व सेवा का दायित्व केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जटिल वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करने, सीमा पार अवैध वित्तीय प्रवाह का पता लगाने और जटिल कॉर्पोरेट संरचनाओं को सुलझाने की आईआरएस अधिकारियों की क्षमता उन्हें विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में राष्ट्र की प्रगति में अपरिहार्य भागीदार बनाती है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायसंगत, कुशल और व्यावसायिक प्रक्रियाओं की गहन समझ पर आधारित निर्णय लें।

राष्ट्रपति ने कहा कि आईआरएस अधिकारी होने के नाते युवा अधिकारियों को अपने आचरण और निर्णय लेने में विवेक का प्रयोग करना चाहिए। एक विवेकशील अधिकारी प्रवर्तन और सुविधा प्रदान करने, अधिकार और विनम्रता तथा तकनीकी क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखता है। उन्होंने उन्हें विनम्रता, संयम और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ अपने अधिकार का प्रयोग करने की सलाह दी।

भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के प्रशिक्षु अधिकारी जिनमें रॉयल भूटान सेवा के दो प्रशिक्षु अधिकारी भी शामिल हैं, नागपुर स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) में प्रवेश के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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रक्षा मंत्री ने ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया

नई दिल्ली – रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 10 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया। इस विस्तृत रूपरेखा को एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय की ओर से तैयार किया गया है जिसका उद्देश्य रक्षा बलों को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत सेना में परिवर्तित करना है जो 2047 तक विकसित भारत बनने की राष्ट्र की आकांक्षा को पूर्ण करने में सहयोग देने में सक्षम हो।

इस दृष्टिकोण पत्र में भू-रणनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बदलते परिवेश से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रक्षा बलों के अंदर आवश्यक रणनीतिक सुधारों, उनकी क्षमता में वृद्धि और संगठनात्मक परिवर्तनों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें सेना को एकीकृत, बहुत से संबंधित मामलों में दक्ष और कुशल बल में परिवर्तित करने की परिकल्पना की गई है जो तेजी से बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच शत्रुओं को रोकने, संघर्ष के सभी पहलुओं से संबंधित कार्रवाई और बढ़ रहे रणनीतिक हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।

सेना के सभी अंगों के बीच समन्वय और सहभागिता पर बल देना इस दृष्टिकोण पत्र का प्रमुख स्तंभ है जिससे योजना, संचालन और क्षमता विकास में और अधिक तालमेल को बढ़ावा मिले। इसमें भविष्य में युद्ध की चुनौतियों के अनुकूल रक्षा बलों के निर्माण के लिए नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकियों और प्रशिक्षण के आधुनिक ढांचे के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।

इसमें प्रमुख रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है जिसके अंतर्गत देश की सुरक्षा संबंधी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और समाधानों के विकास और उन्हें अपनाने को प्रोत्साहन दिया जाता है। वहीं, इसके अंतर्गत घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीकी क्षमताओं को सशक्त करने से परिचालन संबंधी तैयारी में वृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस दृष्टिकोण पत्र में अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक समय-सीमाओं में स्पष्ट रूप से निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षमता संबंधी लक्ष्यों के साथ सुनियोजित रूपरेखा को स्वीकार किया गया है। यह सुव्यवस्थित दृष्टिकोण विश्व स्तरीय रक्षा बल के निर्माण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं, संस्थागत सुधारों और रणनीतिक साझेदारियों के विकास में मार्गदर्शक होगा।

इस दूरदर्शी दस्तावेज में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को समझते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य शक्ति को कूटनीतिक, तकनीकी और आर्थिक शक्ति के साथ जोड़ते हुए समग्र राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निरंतर सुधारों, नवाचार और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय सेना देश की स्वतंत्रता की शताब्दी पूरे होने तक विश्व स्तर पर सम्मानित, तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए तैयार ऐसे सशस्त्र बल के रूप में स्थापित हो जो सशक्त और सामर्थ्यवान विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, थल सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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आयकर विभाग ने अपनी आय (टर्नओवर) छिपाने वाले रेस्तरांओं के खिलाफ पूरे देश में सत्यापन अभियान चलाया

नई दिल्ली  – आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में खाद्य एवं पेय क्षेत्र में कर चोरी के पैटर्न से संबंधित जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई रेस्तरां वास्तविक बिक्री को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में बिलों को हटाने तथा अन्य प्रकार के बदलाव करने में लगे हुए थे।

खाद्य एवं पेय क्षेत्र के लगभग 1.77 लाख रेस्तरांओं के लेन-देन संबंधी आंकड़ों का सही तरीके से विश्लेषण एआई-सक्षम विश्लेषणात्मक उपकरणों की सहायता से किया गया। इन आंकड़ों की तुलना उनके आयकर रिटर्न में घोषित आय से की गई। विश्लेषण से बड़े पैमाने पर आय की कम रिपोर्टिंग का खुलासा हुआ। कुछ मामलों में दर्ज की गई बिक्री वित्तीय खातों या दाखिल किए गए कर से मेल नहीं खाए पाए गए, और कुछ लेन-देन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया भी पाया गया था।

इसके परिणामस्वरूप 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्तरांओं पर देशव्यापी सर्वेक्षण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर इस कार्रवाई में लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का खुलासा सामने आया है। इस संबंध में जांच आगे जारी है।

विभाग स्वैच्छिक अनुपालन और विश्वास-आधारित दृष्टिकोण पर लगातार जोर दे रहा है। करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन और सलाह देने हेतु ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान शुरू किया गया है। करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के अंतर्गत अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले चरण में पहचान किए गए 63,000 रेस्तरांओं को ई-मेल और संदेश भेजे जाएंगे, जिनसे 31 मार्च 2026 से पहले अपने रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के विभिन्न अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

संबंधित अंचल अधिकारियों द्वारा सुनी गयी आम लोगों की समस्याएं, कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन

जनता दरबार के दौरान अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी रहे उपस्थित

रांची,10.03.2026 –  उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के सभी अंचल में हर मंगलवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। आज भी विभिन्न अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी जनता की समस्याओं से अवगत हुए।

कई फरियादियों की समस्याओं का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अंचल अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी गयी। जनता दरबार में भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, भूमि निबंधन, जमीन मापी, आवास योजना, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी सहित लोगों की अन्य समस्याएं सामने आयी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार सभी सीओ ने जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया एवं शेष मामलों को शीघ्र कारवाई हेतु अग्रसारित किया गया।

जनता दरबार में उपस्थित रहे अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश पर आज आयोजित जनता दरबार में अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त द्वारा राजस्व से संबंधित शिकायतों की अद्यतन जानकारी और त्वरित निष्पादन के लिए सीआई एवं कर्मचारी को जनता दरबार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आम लोगोें को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े इसे सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। प्रत्येक मंगलवार के अतिरिक्त सभी अंचलों में अंचल अधिकारी से जनता की मुलाकात के लिए दोपहर 01ः00-02ः00 बजे का समय भी निर्धारित है।

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दुर्गा पूजा की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और प्रचार-प्रसार

नई दिल्ली – संस्कृति मंत्रालय की वैश्विक सहभागिता योजना के अंतर्गत दुर्गा पूजा को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।

वर्ष 2023 में मंत्रालय द्वारा दुर्गा पूजा के प्रलेखन और अनुसंधान के लिए 22,29,244 रुपये की राशि आवंटित की गई थी ताकि यूनेस्को को अमूर्त संस्कृति नामांकन प्रस्तुत किया जा सके।

सितंबर 2025 में संगीत नाटक अकादमी ने टोक्यो में भारतीय बंगाली समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन इप्पन शादान होउजिन इंडोजिनो त्सुदोई के साथ दुर्गा पूजा समारोह का एक वीडियो साझा किया।

जो इस त्योहार को श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मना रहा था। इसके अलावा 8-13 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित अंतर-सरकारी समिति की बैठक के दौरान 190 से अधिक प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों और यूनेस्को के अधिकारियों के समक्ष एक पारंपरिक धुनुची नाच का प्रदर्शन किया गया।

सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने ‘इंक्रेडिबल इंडिया 2.0’ अभियान का विस्तार कर रही है। इसमें यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस रणनीति में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हैं।

सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के लिए नोडल एजेंसी, संगीत नाटक अकादमी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इसने त्योहार से जुड़े विभिन्न समुदायों, समूहों और व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संपर्क और क्षेत्र सर्वेक्षण किया।

हितधारकों के साथ किए गए इन परामर्शों से अनुष्ठानों का विस्तृत विवरण प्राप्त हुआ। इससे जीवंत सांस्कृतिक प्रथाओं पर आधारित प्रत्यक्ष दस्तावेज़ीकरण संभव हो सका। इन पहलों के सामूहिक उद्देश्य से दुर्गा पूजा के ऐतिहासिक विकास, कलात्मक उत्कृष्टता, अनुष्ठानिक प्रथाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित रूप से दर्ज, संरक्षित और प्रचारित किया जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीएम विश्वकर्मा और लघु एवं मध्यम उद्यम योजनाओं के माध्‍यम से महिला कारीगरों और उद्यमियों को समर्थन

नई दिल्ली – उद्यम रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल (यूआरपी) और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी, 2026 तक पंजीकृत महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की कुल संख्या 3,07,42,621 है।

सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) लागू करती है, जिसके तहत सदस्य ऋण देने वाली संस्थाओं (एमएलआई) द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के अंतर्गत दिए गए ऋणों के लिए बिना किसी गारंटी या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जाती है। यह योजना महिला नेतृत्व वाले एमएसई को दिए गए ऋणों के लिए सामान्य 75 प्रतिशत की तुलना में 90 प्रतिशत की बढ़ी हुई ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करती है, साथ ही गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट भी देती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण (5-7 दिन) और उन्नत प्रशिक्षण (15 दिन या उससे अधिक) के माध्यम से क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें वजीफा भी शामिल होता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में उद्यमिता सामंजस्‍य, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ संबंधित व्यवसायों के लिए उपयुक्त आधुनिक उपकरणों के उपयोग पर मार्गदर्शन शामिल है। यह योजना विपणन सहायता भी प्रदान करती है, जिसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार शामिल है, जो लाभार्थियों की क्षमताओं को मजबूत करने और सूक्ष्म उद्यम गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक है।

इसके अलावा, पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (एसएफयूआरटीआई) के तहत, क्लस्टर-आधारित पहलों के माध्यम से क्षमता निर्माण और डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इनमें सामान्य जागरूकता, परामर्श, प्रेरणा और विश्वास निर्माण जैसे कई व्यावहारिक क्रियाकलाप; प्रशिक्षण मॉड्यूल के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए मूल्य श्रृंखला में कौशल विकास और क्षमता निर्माण तथा मशीन संचालन एवं रखरखाव पर प्रशिक्षण शामिल हैं। यह योजनाओं के संस्थागत विकास, एक्सपोजर विजिट, डिजाइन और उत्पाद विकास, सेमिनार, कार्यशालाओं और प्रौद्योगिकी उन्नयन कार्यक्रमों में भागीदारी का भी समर्थन करती है। साथ ही, संबंधित नोडल एजेंसियों के माध्यम से कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग चैनलों से जुड़ने में सुविधा प्रदान की जाती है।

विनिर्माण और सेवा-उन्मुख सूक्ष्म उद्यमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदम निम्नलिखित हैं:

 

  1. महिला स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं।

 

  1. सार्वजनिक खरीद नीति के तहत सीपीएसई/मंत्रालयों/विभागों द्वारा महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए, अपनी वार्षिक खरीद का कम से कम 3 प्रतिशत भाग महिला उद्यमियों से खरीद करना अनिवार्य है।

 

  1. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ऋण से जुड़ी सब्सिडी प्रदान करता है और पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण/शहरी बेरोजगार युवाओं की सहायता करके गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को सुगम बनाता है। पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में से लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं हैं और उन्हें गैर-विशेष श्रेणी (25 प्रतिशत तक) की तुलना में अधिक सब्सिडी (35 प्रतिशत) प्रदान की जाती है।

 

  1. कॉयर विकास योजना के अंतर्गत ‘कौशल उन्नयन और महिला कॉयर योजना’ एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य कॉयर क्षेत्र में कार्यरत महिला कारीगरों के कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

 

  1. क्रय एवं विपणन सहायता योजना के अंतर्गत व्यापार मेलों में महिला उद्यमियों की भागीदारी पर शत-प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अन्य उद्यमियों के लिए यह सब्सिडी 80 प्रतिशत है।

 

  1. पीएम विश्वकर्मा योजना 18 व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कई लाभ प्रदान करती है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

 

  1. ‘यशस्विनी’ अभियान का उद्देश्य मौजूदा और भावी महिला उद्यमियों के बीच लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है ताकि उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जा सके।

 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” थीम पर आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बजट-पश्चात वेबिनार श्रृंखला के चौथे आयोजित वेबिनार को संबोधित किया, जिसकी थीम थी “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति”। श्री मोदी ने शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति सेक्टरों को इन लक्ष्यों की पूर्ति का प्रमुख माध्यम बताते हुए, बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का स्वागत किया। श्री मोदी ने बल देते हुए कहा, “जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति मात्र एक विषय नहीं है; यह इस बजट का मूल उद्देश्य और इस सरकार का संकल्प है।”

प्रधानमंत्री ने निवारक और समग्र स्वास्थ्य की परिकल्पना पर जोर देते हुए, स्वास्थ्य अवसंरचना के तेजी से सुदृढ़ीकरण और योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक लोकप्रियता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सैकड़ों जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं; आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार हुआ है। श्री मोदी ने विशेष रूप से उभरती ‘देखभाल अर्थव्यवस्था’ और वैश्विक स्तर पर देखभालकर्ताओं की बढ़ती मांग की ओर ध्यान आकर्षित किया और विशेषज्ञों से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा, “मैं इस वेबिनार में उपस्थित स्वास्थ्य सेक्टर के विशेषज्ञों से नए प्रशिक्षण मॉडल और साझेदारियों को विकसित करने के लिए सुझाव देने का आग्रह करूंगा ताकि देश में प्रशिक्षण व्यवस्था और भी मजबूत हो सके।”

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन के संदर्भ में, दूरस्थ क्षेत्रों तक टेलीमेडिसिन की पहुंच की सफलता का उल्लेख किया। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने उपयोगकर्ता अनुभव को और सरल बनाने तथा जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अभी भी टेलीमेडिसिन के बारे में जागरूकता और इसके उपयोग को सरल बनाने की आवश्यकता है।”

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं की विकसित होती सोच को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए इसकी सराहना की और इस भावना के अनुरूप शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नई शिक्षा नीति एक ऐसे पाठ्यक्रम की नींव रखती है जो बाजार की मांगों और वास्तविक अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों के अनुरूप होना चाहिए। श्री मोदी ने कहा, “हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करना होगा।”

प्रधानमंत्री ने शिक्षा, रोजगार और उद्यम के बीच संबंधों पर चर्चा करते हुए, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसका उल्लेख करते हुए कि भारत नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों में बदलने का आह्वान किया ताकि छात्रों को आवश्यक वास्तविक दुनिया का अनुभव मिल सके। श्री मोदी ने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस वेबिनार में, अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श अवश्य करें।”

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर गर्व व्यक्त किया और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में बेटियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने एक सशक्त अनुसंधान इकोसिस्टम बनाने का आह्वान किया जो युवा शोधकर्ताओं को बिना किसी बाधा के नवाचार और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा अनुसंधान इकोसिस्टम बनाना होगा जहां युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर प्रयोग करने और काम करने का पूरा अवसर मिले।”

खेलों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा आबादी ही राष्ट्रीय शक्ति की रीढ़ है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ के प्रभाव को रेखांकित किया और छोटे शहरों एवं क्षेत्रों से भी प्रतिभाओं की पहचान करने, खेल निकायों को पेशेवर बनाने और राष्ट्रमंडल खेलों तथा ओलंपिक बोली जैसी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को सुव्यवस्थित वित्तीय सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “ऐसी स्थिति में, हमें आज ही युवा खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें प्रशिक्षित करना होगा, तभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की ख्याति बढ़ेगी।”

प्रधानमंत्री ने पर्यटन और संस्कृति में रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारंपरिक स्थलों से परे नए पर्यटन स्थलों का विकास किसी शहर की ब्रांडिंग और समग्र विकास को बढ़ावा देता है। श्री मोदी ने हितधारकों से कौशल, संपर्क और सामुदायिक भागीदारी को शामिल करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब हम देश में पर्यटन स्थलों को नए सिरे से विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “प्रशिक्षित गाइड, आतिथ्य कौशल, डिजिटल संपर्क और सामुदायिक भागीदारी हमारे पर्यटन सेक्टर के स्तंभ बन रहे हैं। इनके साथ-साथ स्वच्छता और सतत विकास पद्धतियां भी आवश्यक हैं। भारत की स्थिति को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में सुदृढ़ करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं, ऐसे में पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों पर आपके सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में राष्ट्रीय प्रगति को गति देने के लिए संस्थानों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच समन्वय के महत्व पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि ये चर्चाएं भविष्य के लिए एक ठोस रूपरेखा प्रदान करेंगी और विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऐसे प्रयासों से विकसित भारत की नींव और भी सुदृढ़ होगी।”

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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने कानपुर से अंतरराष्ट्रीय सरीसृप तस्करी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली – मध्य प्रदेश राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपी एसटीएसएफ) ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के सहयोग से संचालित एक अभियान के तहत सरीसृप तस्करी के रैकेट के मुख्य सरगना तारक नाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गिरफ्तार किया है।

मध्य प्रदेश में कछुओं और घड़ियालों के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार से जुड़े तीन मामलों में वांछित आरोपी पिछले आठ साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग अदालतों द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे।

उसका गिरोह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में फैला हुआ है। शक है कि उसका नेटवर्क भारत के अलावा बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार और सिंगापुर तक फैला हुआ है।

घोष की गिरफ्तारी संगठित अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। उसे 9 मार्च (सोमवार) को शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। उसके कथित नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी और खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस/वन विभाग की हिरासत में रिमांड मांगी जाएगी।

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पश्चिम एशिया से भारतीय विमानन कंपनियों की आज 50 उड़ानें संचालित करने की योजना

नई दिल्ली – नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परिचालन बदलाव कर रही हैं।

7 मार्च, 2026 के यात्री आवागमन के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंचीं जिनमें 8,175 यात्री सवार थे।

8 मार्च 2026 को एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा ने दुबई, अबू धाबी, रस अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डों से परिचालन व्यवहार्यता और तत्काल प्रभावी परिस्थितियों के आधार पर 49 आगमन उड़ानों का संचालन करने की योजना बनाई।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत की विमानन कंपनियां 9 मार्च 2026 के लिए 50 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं।

इसके अलावा, भारतीय एयरलाइंस क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों पर जमीनी स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं ताकि इन स्थानों से भारतीय एयरलाइंस द्वारा अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें।

नागर विमानन मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। टिकटों की कीमतें उचित स्तर पर बनी रहें और इस दौरान उनमें अनावश्यक बढ़ोतरी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए हवाई किरायों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

यात्रियों को उड़ान समय-सारणी संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी उपलब्ध कराएगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा कि यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा;

“चैंपियन्स!

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई!

यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

शाबाश, टीम इंडिया!”

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माई भारत दिल्ली में 09 मार्च 2026 से विकसित भारत युवा कनेक्ट के दूसरे चरण का आयोजन करेगा

नई दिल्ली – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ के माध्यम से विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम (वीबीवाईसीपी) का दूसरा चरण का आयोजन 09 मार्च 2026 से दिल्ली में करेगा। इस पहल का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ युवाओं की भागीदारी को मजबूत करना है।

 

पहले चरण का आयोजन 2025 में किया गया था और इसमें मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर यह कार्यक्रम 2026 में दिल्ली में अपना विस्तार करेगा, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के 35 से ज्यादा कॉलेज शामिल होंगे, जिससे युवाओं के एक बहुत बड़े वर्ग तक पहुंच प्राप्त होगी और संस्थानों के साथ गहरा जुड़ाव उत्पन्न होगा।

इस पहल को पूरे देश में पहले ही ज़बरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त हो चुकी है, जो युवा शक्ति की भावना एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए युवाओं के बढ़ते उत्साह का प्रदर्शन करती है। अब तक यह कार्यक्रम 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 274 विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों तक पहुंच चुका है, जहां 274 युवा दिग्गजों ने छात्रों से संवाद किया है और लगभग 20,000 युवाओं को प्रेरित किया है। इस लोकप्रियता की निरंतरता कायम रखते हुए दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 10,000 से अधिक छात्रों की संवादात्मक सत्रों, संवादों एवं सहभागिता गतिविधियों में शामिल होने की उम्मीद है, जिनका उद्देश्य युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस कार्यक्रम का आयोजन पूरे दिल्ली के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से किया जाएगा। चयनित कॉलेजों में शहीद सुखदेव बिजनेस स्टडीज कॉलेज, आईआईआईटी दिल्ली, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं।

इन सत्रों का संचालन युवा दिग्गजों द्वारा किया जाएगा, जिनमें विकसित भारत युवा नेताओं के संवाद प्रस्तुतकर्ता, विकसित भारत युवा संसद के विजेता, और विभिन्न राष्ट्रीय युवा पहलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले युवा शामिल हैं। युवा नेता छात्रों के साथ सीधे बातचीत करेंगे, अपने अनुभवों को साझा करेंगे और अमृत पीठों को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

मनोरंजक प्रस्तुतियों एवं युवा संवाद सत्रों के माध्यम से, छात्रों को अपने विचार, आकांक्षा और 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण पर अपना दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। यह कार्यक्रम एक ऐसा मंच बनेगा जहां युवाओं की आवाज़ें जन भागीदारी की भावना के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान प्रदान करेगी।

इन कार्यक्रमों के साथ-साथ, इसमें शामिल होने वाले संस्थानों में MY Bharat पंजीकरण और जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे ताकि युवाओं को माई भारत प्लेटफार्म से जुड़ने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले स्वयंसेवकों द्वारा संचालित पहलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने एवं देश के भविष्य को आकार देने में उनकी सार्थक भागीदारी को एक मंच प्रदान करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रीय विकास एजेंडा के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को शामिल करने वाली यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर विकसित भारत 2047 के लिए सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

कार्यक्रम में माई भारत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं की भागीदारी सुविधाजनक बनाई जाएगी जिससे निर्बाध पंजीकरण एवं सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

सभी पंजीकरण एवं कार्यक्रम की जानकारी माई भारत पोर्टल https://mybharat.gov.in/ से प्राप्त की जा सकती हैं। पूरे देश के युवाओं को इस पहल में अपना पंजीकरण करने एवं सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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राँची जिला प्रशासन द्वारा सघन वाहन जांच अभियान: सड़क सुरक्षा एवं नियमों के पालन पर जोर

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में आज तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वाहन दस्तावेज़ जांच अभियान चलाया गया

कुल लगभग 176 विभिन्न प्रकार के वाहन (भारी वाहन, यात्री वाहन, व्यावसायिक एवं निजी) की जाँच की गई

कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकसठ हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए

*हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

09.03.2026 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में आज तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वाहन दस्तावेज़ जांच अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, ओवरलोडिंग रोकने, प्रदूषण नियंत्रण तथा अवैध परिवहन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

राँची शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात घनत्व, दुर्घटनाओं की संभावना तथा नियमों की अनदेखी के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऐसे सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने हाल ही में सड़क सुरक्षा माह एवं अन्य यातायात संबंधी बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं बरती जाएगी। यह जांच अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह अभियान तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके (ये सभी व्यस्त यातायात मार्ग एवं आवासीय/व्यावसायिक क्षेत्र हैं जहां ट्रक, टिप्पर, बस, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी एवं निजी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है)।

जांच किए गए वाहन — कुल लगभग 176 विभिन्न प्रकार के वाहन (भारी वाहन, यात्री वाहन, व्यावसायिक एवं निजी) की जाँच की गई।

टीम द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज़ों एवं नियमों की बारीकी से जांच की गई:

*मोटर वाहन कर (टैक्स) का भुगतान स्थिति

*वैध फिटनेस प्रमाण पत्र

* वाहनों का बीमा (इंश्योरेंस)

*प्रदूषण अंतर्गत प्रमाण पत्र (PUC) की वैधता

* आवश्यक परमिट (परिवहन/राष्ट्रीय/स्थानीय)

* चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस

* ओवरलोडिंग की स्थिति

*अन्य यातायात नियमों (जैसे हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट आदि) का अनुपालन

कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकसठ हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए

अभियान के दौरान कुल उल्लंघन करने वाले वाले 15 वाहन (कागजात अपूर्ण, अमान्य या अनुपस्थित होने के कारण) कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए।

जाँच के दौरान 02 वाहनों को जप्त किया गया। जिसमें 01 वाहन — रातु थाना में जप्त कर सुरक्षार्थ रखा गया है एवं 01 वाहन — कांके थाना में जप्त कर सुरक्षार्थ रखा गया है। जप्त वाहनों को संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा:
“सड़कें सभी की साझा संपत्ति हैं। नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए भी अनिवार्य है। हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें। ऐसे अभियान नियमित एवं आकस्मिक रूप से जारी रहेंगे।”

सभी वाहन चालकों, मालिकों एवं परिवहन संचालकों से अपील की जाती है कि:

*अपने वाहनों के सभी दस्तावेज़ सदैव पूर्ण, वैध एवं अद्यतन रखें।

*ओवरलोडिंग, बिना PUC, बिना बीमा/लाइसेंस के वाहन चलाने से बचें।

* यातायात नियमों (स्पीड, हेलमेट, सीट बेल्ट, नो ड्रिंकिंग आदि) का सख्ती से पालन करें।

नियमों का उल्लंघन न केवल भारी आर्थिक दंड का कारण बनता है, बल्कि दुर्घटनाओं, जनहानि एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।

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राँची जिला प्रशासन ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति की समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाया

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची श्री कुमार रजत की अध्यक्षता में IOCL, HPCL, BPCL के क्षेत्रीय प्रबंधकों (LPG Sales), CSC के जिला नोडल अधिकारी तथा राँची जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रोप्राइटर के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई

ग्राहकों को सलाह नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें

*यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम तथा 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस

09.03.2026 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने हाल ही में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त घरेलू एलपीजी (एलपीजी) सिलेंडर की कमी संबंधी खबरों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। होली पर्व के दौरान जिला में सप्लाई में आई अस्थायी कमी के कारण उत्पन्न परेशानियों को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची श्री कुमार रजत की अध्यक्षता में IOCL, HPCL, BPCL के क्षेत्रीय प्रबंधकों (LPG Sales), CSC के जिला नोडल अधिकारी तथा राँची जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रोप्राइटर के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की।

ऑनलाइन बैठक के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी राँची, श्री रामगोपाल पांडेय भी उपस्थित थे।

ग्राहकों को सलाह नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें

बैठक में IOCL के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होली पर्व के कारण सप्लाई चेन में अस्थायी व्यवधान आया था, जिससे वितरण प्रभावित हुआ। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और कोई कमी नहीं है। ग्राहकों को सलाह दी गई कि नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें, जिसके 2-3 दिनों के अंदर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम* तथा 2 किलोग्राम* के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिन्हें गैस एजेंसी से सीधे संपर्क कर डोरस्टेप डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम तथा 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं

अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने सभी गैस एजेंसियों से छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति एवं बुकिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। एजेंसियों ने बताया कि छोटे सिलेंडरों के लिए बुकिंग की आवश्यकता नहीं है। बैठक में कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे Packaging Specify हेतु अलग-अलग टॉल-फ्री नंबर जारी करें तथा इन नंबरों पर हमेशा एक कर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ता फोन पर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

25 दिन पहले बुकिंग की अनिवार्यता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए SMS, बिलबोर्ड, रेडियो, टेलीविजन तथा अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही, सभी कंपनियों एवं एजेंसियों के प्रबंधकों के लिए एक WhatsApp ग्रुप तैयार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस

अनुमंडल पदाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि जिला प्रशासन स्तर पर गैस वितरण की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। यदि कोई गैस वितरक या एजेंसी कालाबाजारी में लिप्त पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी राँचीवासियों से अपील की है कि वे समय से बुकिंग करें तथा किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों या हेल्पलाइन पर दें। यह कदम उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया है ताकि त्योहारों एवं दैनिक जीवन में रसोई गैस की कोई कमी न रहे।

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साउथ स्टार नानी स्टारर ‘आया शेर’ तेलुगु में धमाल मचाने के बाद हिंदी में भी रिलीज…….!

09.06.2026 – एस एल वी सिनेमाज के बैनर तले बनी ‘द पैराडाइज’ का ग्रैंड वर्ल्डवाइड रिलीज़ 21 अगस्त को आठ भाषाओं में होने वाला है। विज़नरी डायरेक्टर, दमदार परफॉर्मेंस और अब साल का सबसे बड़ा म्यूजिकल हिट लेकर यह फिल्म एक ग्लोबल सिनेमैटिक इवेंट बनने की तैयारी में है। साउथ स्टार नानी स्टारर ‘आया शेर’ तेलुगु में धमाल मचाने के बाद हिंदी में भी रिलीज कर दिया गया है।

तेलुगु वर्जन ने साउथ स्टार नानी के जन्मदिन पर रिलीज होकर चार्ट्स और सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था और अब हिंदी वर्जन भी उसी अंदाज में लोगों का पसंदीदा बन गया है। तेलुगु वर्जन ने यूट्यूब पर 44 मिलियन से ज्यादा व्यूज और 1 मिलियन से ज्यादा लाइक्स पार कर लिए हैं। गाना अभी सबसे ट्रेंडिंग ट्रैक्स में से एक बन चुका है। दुनिया भर के फैंस इंस्टाग्राम पर साउथ स्टार नानी के इलेक्ट्रिफाइंग हुक स्टेप को दोहरा रहे हैं और इस ट्रैक से प्रेरित अनगिनत एनर्जेटिक रील्स शेयर कर रहे हैं।

‘द पैराडाइज’ श्रीकांत ओडेला का एक और बड़ा प्रोजेक्ट है, जिन्होंने अपने डेब्यू फिल्म ‘दसरा’ से खूब तारीफें बटोरी थीं। जबरदस्त हाइप के बीच, अनिरुद्ध का पावरफुल साउंडट्रैक, जिसमें अर्जुन चांडी की वॉइस है, फिल्म की इमोशनल गहराई और स्केल को और बढ़ा देता है। फिल्म में नानी के लिए यह एक धमाकेदार इंट्रोडक्शन ट्रैक है।

‘आया शेर’ को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया है और सुधान मास्टर ने कोरियोग्राफ किया है। गाने में रॉ एनर्जी, थिरकते बीट्स और साउथ स्टार नानी की ट्रेडमार्क इंटेंसिटी साफ नजर आती है। उनकी स्क्रीन पर कमांडिंग प्रेजेंस और डायनामिक डांस मूव्स ने इसे एक यादगार सांस्कृतिक पल बना दिया है, जिसे फैंस खुद एक थिएटरिकल स्पेक्ट्रेकल के रूप में सेलिब्रेट कर रहे हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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धनबाद में एन’काउंटर, मा’रा गया कुख्यात प्रिंस खान का शूटर

धनबाद,09.03.2026 – धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में रविवार की शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर पुलिस की गोली से मारा गया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सरायढेला थाना क्षेत्र के फायरिंग रेंज इलाके में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस को देखते ही अपराधियों ने की फायरिंग

बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम बताये गये लोकेशन पर पहुंची। पुलिस को देखते ही वहां छिपे अपराधियों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके को घेर लिया। दोनों ओर से कुछ देर तक लगातार गोलियां चलती रहीं। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर मौके पर ही ढेर हो गया। हालांकि, इस दौरान गिरोह के कुछ अन्य अपराधी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी घायल

मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगने की सूचना है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायल अधिकारी की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

मौके पर पहुंचे एसएसपी, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार समेत पुलिस के कई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

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ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सिमलिया क्षेत्र के विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण

अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम द्वारा किया गया निरीक्षण

बैंक्वेट हॉल संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश

नियमों के उल्लंघन पर की जाएगी विधिसम्मत कार्रवाई

रांची,09.03.2026  – रातू के सिमलिया क्षेत्र स्थित पांच बैंक्वेट हॉल में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने एवं ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मिल रही शिकायतों के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) की संयुक्त टीम द्वारा सिमलिया स्थित विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में दुल्हन बैंक्वेट हॉल में किसी प्रकार का कार्यक्रम संचालित नहीं पाया गया। वहीं विवाह बैंक्वेट हॉल में एक कार्यक्रम चल रहा था, परंतु वहां किसी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त फोकस बैंक्वेट हॉल में भी कोई कार्यक्रम संचालित नहीं था।

जांच के दौरान सभी बैंक्वेट हॉल के मालिकों एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या उच्च ध्वनि में संगीत का उपयोग नहीं करेंगे तथा माननीय उच्च न्यायालय एवं ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधितों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की आम नागरिकों से भी अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करते हुए आयोजनों का संचालन करें, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।

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केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 7 मार्च 2026 को छठे लाइनमैन दिवस पर फ्रंटलाइन कार्यबल को सम्मानित किया

नई दिल्ली – विद्युत मंत्रालय के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के सहयोग से कल नई दिल्ली में ‘लाइनमैन दिवस’ का छठा संस्करण मनाया गया। लाइनमैन दिवस मनाने का उद्देश्य लाइनमैनों और ग्राउंड मेंटेनेंस स्टाफ के अथक समर्पण और अमूल्य सेवाओं को मान्यता देना है, जिनका योगदान देश भर में बिजली सेवाओं की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस कार्यक्रम में भारत के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने शिरकत की। विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर सीईए के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद और सीईए के सदस्यों के साथ बिजली क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और गणमान्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

पूरे भारत की 66 से अधिक सरकारी और निजी बिजली वितरण एवं उत्पादन कंपनियों के साथ-साथ पारेषण लाइसेंसधारियों के लगभग 250 लाइनमैनों और पर्यवेक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस सभा ने प्रतिभागियों के बीच सामूहिक सीखने को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुभव साझा करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में परिचालन चुनौतियों पर चर्चा करने और सुरक्षा प्रथाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई और प्रतिभागियों ने सुरक्षा प्रथाओं का पालन करने और खुद को, अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

 

सभा को संबोधित करते हुए श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान मनाया जाने वाला लाइनमैन दिवस, बिजली क्षेत्र के उन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के समर्पण को मान्यता देता है जो देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के निरंतर उपयोग, रखरखाव कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन की उचित पुष्टि, और नियमित क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि स्मार्ट ग्रिड, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, एआई-सक्षम प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और ड्रोन-आधारित निरीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने से संभावित दोषों की पहले से पहचान करने और फील्ड कर्मियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। लाइनमैन दिवस के छठे संस्करण के विषय — ‘सेवा, सुरक्षा, स्वाभिमान’ — का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बिजली क्षेत्र के फ्रंटलाइन कार्यबल की सेवा भावना, सुरक्षा और गरिमा को दर्शाता है।

लाइनमैनों को बिजली क्षेत्र के योद्धा बताते हुए विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि खराब मौसम या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब लोग घरों के अंदर रहते हैं, तब लाइनमैन बिजली बहाल करने और आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए बाहर निकलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि क्षेत्र में बढ़ते स्वचालन के बावजूद, जमीन पर तैनात लाइनमैन ही अंततः प्रणालियों को बहाल करते हैं और नेटवर्क को चालू रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी फील्ड कर्मियों को मानकीकृत सुरक्षा किट और उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए।

उन्होंने बिजली कंपनियों से सुरक्षा जागरूकता को संस्थागत बनाने का भी आग्रह किया और इसे अनिवार्य बनाने को कहा कि प्रत्येक शिफ्ट की शुरुआत से पहले दैनिक दिनचर्या के हिस्से के रूप में एक छोटा सुरक्षा वीडियो दिखाया जाए और सुरक्षा ड्रिल आयोजित की जाए।

कार्यक्रम में बोलते हुए सीईए, अध्यक्ष, श्री घनश्याम प्रसाद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एक लचीला और भरोसेमंद बिजली क्षेत्र विकसित राष्ट्र का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने उन लाइनमैनों के अथक प्रयासों को स्वीकार किया जो निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि लाइनमैन दिवस अब देश भर की यूटिलिटीज की बढ़ती भागीदारी के साथ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है, जो राष्ट्र निर्माण में लाइनमैनों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सम्मान के साथ-साथ इन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए मजबूत सुरक्षा और सशक्तिकरण भी होना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

  1. देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करने वाले लाइनमैनों के साहस और अमूल्य योगदान को समर्पित एक विशेष लाइनमैन गीत जारी किया गया।
  2. लाइनमैनों के लिए एक ‘सेफ्टी पॉकेटबुक’ लॉन्च की गई, जिसमें फील्ड संचालन के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश और सावधानियां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करना और सुरक्षित कार्य प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

  1. आकाशीय बिजली से जुड़े जोखिमों और ऐसी स्थितियों के दौरान फील्ड कर्मियों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालने वाला एक सुरक्षा जागरूकता वीडियो पेश किया गया।
  2. बिजली क्षेत्र को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डिस्कॉम और उच्च प्रदर्शन करने वाले लाइनमैनों को पुरस्कार से
  3. सम्मानित किया गया।
  4. व्यावहारिक सीखने और अनुभव साझा करने की सुविधा के लिए सुरक्षा उपकरणों और उन्नत औजारों की एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का देश भर की बिजली उपयोगिताओं में सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे व्यापक भागीदारी और सामूहिक उत्सव संभव हो सका।

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महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव मनाते हुए, हथकरघा हाट में विशेष हथकरघा प्रदर्शनी “विरासत शक्ति” का उद्घाटन किया गया

नई दिल्ली – राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी), वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से, भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत का जश्न मनाते हुए और हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को उजागर करते हुए, विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का आयोजन कर रहा है। हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना ने आज इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एनएचडीसी के प्रबंध निदेशक श्री राजीव अशोक, वस्त्र मंत्रालय और एनएचडीसी के अधिकारी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया।

 विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का उद्देश्य देशभर के कुशल बुनकरों और कारीगरों को एक सार्थक बाज़ार मंच प्रदान करना है। यह आयोजन हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने और भारत की पारंपरिक बुनाई विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला कारीगरों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समारोह के हिस्से के रूप में, विभिन्न राज्यों की कई महिला हथकरघा बुनकरों को उनके समर्पण, शिल्प कौशल और भारत के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह प्रदर्शनी 7 से 14 मार्च, 2026 तक नई दिल्ली के जनपथ स्थित हथकरघा हाट में आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे आगंतुकों को कारीगरों से सीधे प्रामाणिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।

इस वर्ष के आयोजन में देश भर से 60 बुनकर और कारीगर भाग ले रहे हैं, जो हथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प उत्पादों का एक विविध संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी भारत के पारंपरिक शिल्प क्षेत्र की रचनात्मकता, सांस्कृतिक समृद्धि और शिल्प कौशल को उजागर करती है, साथ ही कारीगर समुदाय के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देती है।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में कर्तव्य पथ पर ‘शक्ति वॉक #SheLeadsBharat’ का आयोजन किया गया

नई दिल्ली – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” का आयोजन किया। इस शक्ति वॉक ने नारी शक्ति की भावना का जश्न मनाया और प्रगतिशील एवं समावेशी भारत के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।

 

यह कार्यक्रम केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस पदयात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की गरिमामय उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष श्रीमती विजया किशोर राहटकर और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की महिला अधिकारी, कर्मचारी और फील्ड कार्यकर्ता भी उपस्थित थीं।

8 मार्च को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और नेतृत्व का जश्न मनाता है, साथ ही लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कर्तव्य पथ, इंडिया गेट पर राष्ट्रगान वंदे मातरम की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने इस अवसर को देशभक्तिपूर्ण माहौल प्रदान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गणमान्य व्यक्ति, प्रतिभागी और उपस्थित लोग एकत्रित हुए। केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने औपचारिक रूप से शक्ति पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पदयात्रा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति शक्ति, एकता और सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक थी। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक पदयात्रा में भाग लिया, जो इस पहल की भावना और उद्देश्य को दर्शाता है।

यह पदयात्रा इंडिया गेट से विजय चौक तक कर्तव्य पथ पर लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में आयोजित की गई। मार्ग में महिलाओं के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं और पहलों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियाँ लगाई गईं। इस कार्यक्रम में भारत भर की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और महिलाओं की शक्ति को दर्शाने वाली जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं। इनमें कर्नाटक की डोलू कुनिथा, केरल की कलरिपयट्टू और श्रृंगारिमेलम, असम की रंचंडी और राजस्थान की घूमर शामिल थीं, जिनमें से प्रत्येक अपने-अपने राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है।

इस कार्यक्रम में लगभग 200 मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 3,000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों में सशस्त्र बलों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, मीडिया, खेल, शिक्षा, स्वच्छता, विमानन, उद्योग और सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि, साथ ही एएनएम सेवा प्रदाता, भारत टैक्सी सारथी की महिला चालक, शिक्षक, लोकोमोटिव चालक, माय भारत स्वयंसेवक, फील्ड कार्यकर्ता और महिला उद्यमी शामिल थीं।

उनकी भागीदारी ने कर्तव्य पथ को नारी शक्ति के एक जीवंत उत्सव में बदल दिया, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर महिलाओं की सामूहिक भावना को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि शक्ति वॉक के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह की शुरुआत करना पूरे देश में एक सशक्त संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं, और भारत की महिलाओं, बेटियों और बहनों की ताकत को पहचानने और उन्हें भारत के विकास पथ का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाने में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए उन्होंने टिप्पणी की:

“यही समय है, सही समय है भारत का – यह भारत का अनमोल समय है।”

पदयात्रा के समापन पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि “नारी शक्ति भारत की भाग्य विधाता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की महिलाएं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना जारी रखेंगी और इसे नई दिशा प्रदान करेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि कर्तव्य पथ पर शक्ति वॉक महिलाओं के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है कि वे न केवल अपने स्वयं के विकास में बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान देंगी।

विजय चौक पर गणमान्य व्यक्तियों और महिला प्रतिभागियों द्वारा “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” संदेश वाले तिरंगे गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का समापन हुआ, जो भारत की महिलाओं की बढ़ती आकांक्षाओं और असीमित क्षमता का प्रतीक है।

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