सरकार ने बताई रेलवे की उपलब्धि

विपक्ष बोला – नहीं मिल रही हादसों से मुक्ति

नई दिल्ली ,12 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राज्यसभा में बुधवार को रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष के सांसदों ने कहा कि बीते 10 साल के दौरान रेल नेटवर्क में सराहनीय वृद्धि हुई है।

वहीं, विपक्ष के सांसदों ने सुरक्षा और रेल यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रेल हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि साल 2023 तक भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क का 85 फीसदी से अधिक विद्युतीकरण हो चुका था, जबकि साल 2014 में यह केवल 45 प्रतिशत था।

इसके साथ ही भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े हरित रेल नेटवर्क में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि 30 हजार किलोमीटर से अधिक नई पटरियां बिछाई गई हैं और 15 हजार किलोमीटर से अधिक मार्गों का दोहरीकरण कर लिया गया है। इससे रेलवे की दक्षता में वृद्धि हुई है।

माया नारोलिया ने कहा कि 2024 तक 51 वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो चुकी है। ये ट्रेनें विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस हैं और 160-180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम हैं।

राजद के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि अभी होली का त्योहार है और हर ट्रेन में क्षमता से ज्यादा लोग हैं। उन्होंने रेल में लोगों को सुविधाएं देने की आवश्यकता की बात कही। उन्होंने कहा कि टिकट की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रीमियम ट्रेनें चलाना अच्छी बात है, लेकिन जो पुरानी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, उन्हें बंद नहीं करना चाहिए, उनमें कोच की संख्या कम नहीं की जानी चाहिए।

पहले प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए तेलंगाना से कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव ने कहा पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण किया था। उन्होंने कई रेलवे जोन स्थापित किए। वहीं, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पहली राजधानी ट्रेन चलाई गई। इंदिरा गांधी ने ही कोलकाता में पहली मेट्रो रेल का उद्घाटन किया था।

यादव ने कहा कि लोग आज यात्री ट्रेन में यात्रा करने से डर रहे हैं। यात्रियों के इस डर का एक बड़ा कारण लगातार होते रेल हादसे हैं। पिछले छह महीने में ही कई रेल हादसे हुए हैं। उन्होंने बीते दो साल में हुए कई रेल हादसों का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में जम्मू के कटरा से होशियारपुर रूट पर बिना ड्राइवर एक मालगाड़ी चली गई। 60 किलोमीटर चलने के बाद इस ट्रेन को रोका जा सका।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि 16 फरवरी 2025 को जिस तरह से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अंदर भगदड़ मची, उसमें 18 लोगों की मौत हुई। इसका जिम्मेदार कौन है? वे लोग कुंभ जाना चाहते थे, वहां जाकर कुंभ में स्नान करना चाहते थे।

महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि कोयंबटूर से तिरुपति के बीच चलने वाली एक ट्रेन में गर्भवती महिला का यौन शोषण किया गया। इतना ही नहीं, महिला को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।

उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों की गति 180 से 200 किलोमीटर तक जा सकती है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन केवल 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही है। इसका कारण यह है कि हमारे पास वंदे भारत चलाने के लिए फास्ट ट्रैक और उनके रखरखाव की सुविधा नहीं है।

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झारखंड में एक्साइज कांस्टेबल नियुक्ति का विवादित नियम खत्म

अब 10 किमी की जगह मात्र 1,600 मीटर की होगी दौड़

रांची ,12 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड सरकार ने एक्साइज विभाग में कांस्टेबल बहाली के लिए दौड़ प्रतियोगिता के नियम में संशोधन किया है। अब अभ्यर्थियों को 10 किलोमीटर की दौड़ नहीं लगानी होगी। संशोधित नियम के अनुसार, अभ्यर्थियों को 6 मिनट में 1,600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।

पिछले साल कांस्टेबल नियुक्ति के लिए 10 किलोमीटर की दौड़ में 19 अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी और इसे लेकर जबर्दस्त बवाल हुआ था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट की बैठक में नियम के संशोधन को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अनुसार, खनिजों पर सेस की दर बढ़ जाएगी। खनिज धारित भूमि उपकर विधेयक 2024 की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि अन्य खनिज बहुल राज्यों की तुलना में झारखंड में सेस दर काफी कम है। इसी वजह से इसमें बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

एक महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य में आंधी-तूफान और लू को आपदा घोषित करने की स्वीकृति दी गई। अब ऐसी परिस्थितियों में सरकार आपदा नियंत्रण के नियमों के अनुसार, नियंत्रण के आवश्यक कदम उठाएगी। इससे प्रभावित लोगों को मुआवजे के भुगतान में भी आपदा से संबंधित प्रावधान लागू होंगे।

कैबिनेट ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर रोक के लिए लागू कानून के प्रावधान के तहत रांची में अपर न्यायायुक्त-1 के न्यायालय को विशेष न्यायालय घोषित किया है। झारखंड के मेडिकल कॉलेजों से पीजी करने वाले डॉक्टरों के लिए तीन वर्षों की आवश्यक सरकारी सेवा की बाध्यता संबंधी प्रावधान में भी संशोधन को कैबिनेट में मंजूरी दी गई है।

इसी तरह सेविका सहायिका चयन नियमावली में भी बदलाव किया गया है।

रांची के ओरमांझी स्थित बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में भगवान बिरसा की नौ फीट मूर्ति लगाने और इस पर कुल 25 लाख रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है।

एल. ख्यांगते को जेपीएससी का अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने लातेहार जिलान्तर्गत सिकनी कोल ब्लॉक के 133.473 एकड़ क्षेत्र पर झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड के खनन पट्टे के एक्सटेंशन के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है।

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सलमान खान की बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन

12.03.2025 – अभिनेता सलमान खान द्वारा संपोषित संस्था बीइंग ह्यूमन महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और कश्मीर सहित भारत के कई राज्यों के ग्रामीण इलाकों में निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित कर आंखों की सेहत के बारे में जागरूकता फैलाने की पहल की है। इन शिविरों में लोगों की आंखों की जांच की जाएगी और जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे और इलाज दिया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों में कई लोग मोतियाबिंद और दूसरी आंखों की बीमारियों से जूझते हैं और सोचते हैं कि ये ठीक नहीं हो सकतीं। ‘बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन’ का मकसद इस सोच को बदलना है, ताकि जिन लोगों को सही इलाज नहीं मिल पाता, उन्हें मुफ्त आंखों का इलाज दिया जा सके।

फ़िलवक़्त बीइंग ह्यूमन फाउंडेशन के द्वारा जनहित में पंजाब में निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किला आनंदगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, जिला रोपड़ में किया गया है, जो 14 मार्च को संपन्न होगा। इस पहल के जरिए अभिनेता सलमान खान राष्ट्रीय स्तर पर न सिर्फ जरूरतमंदों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं, बल्कि देश के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य की अहमियत पर जागरूकता भी फैला रहे हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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होली से पहले मुख्यमंत्री योगी ने 1.86 करोड़ परिवारों को दिया तोहफा

लखनऊ ,12 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। होली के ठीक पहले बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य के 1.86 करोड़ पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए 1,890 करोड़ रुपए की सब्सिडी वितरित की।

इस योजना का शुभारंभ लखनऊ के लोकभवन सभागार में सीएम योगी ने किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां गैस कनेक्शन के लिए घूस देना पड़ता था, अब यह सुविधा देश में 10 करोड़ परिवारों को फ्री में उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही होली और दीपावली पर गैस सिलेंडर भी मुफ्त दिया जा रहा है।

इस बार होली और रमजान एक साथ हैं, तो सभी लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा। उज्ज्वला योजना को 2016 में शुरू किया गया था, जिसके तहत देश भर में 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन मिले। उत्तर प्रदेश में करीब 2 करोड़ लोग योजना से लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि 2021 के चुनाव में हमने वादा किया था कि 2022 में सरकार बनने पर होली और दीपावली पर मुफ्त गैस सिलेंडर दिया जाएगा। उस समय से हर साल यह योजना चल रही है ताकि लोग पर्व और त्योहार अच्छे से मना सकें। इस बार होली और रमजान दोनों साथ हैं, इसलिए सभी को इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले एक गैस कनेक्शन के लिए 25-30 हजार रुपए की घूस देनी पड़ती थी और त्योहारों पर सिलेंडर भी नहीं मिल पाते थे। यह योजना गरीब माताओं को धुएं से बचाने के लिए शुरू की गई है और इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा।

यूपी में 80 हजार राशन डीलर 3 करोड़ 60 लाख राशन कार्डधारकों के जरिए 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन बांट रहे हैं। 2017 में ई-पॉश मशीनों के जरिए राशन वितरण में पारदर्शिता लाई गई, जिससे कालाबाजारी पर रोक लगी।

कोविड काल में जब लोग परेशान थे, तब से लगातार पांच साल हो गए, हर महीने देश में 80 करोड़ लोगों और यूपी में 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों और बेटियों के कल्याण के लिए संकल्प के साथ काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 22 लाख बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रति बेटी 25 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है, जबकि 4 लाख बेटियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई गई है।

अप्रैल से बेटियों की शादी के लिए 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट आने के बाद मेधावी बेटियों को स्कूटी और कामकाजी महिलाओं को अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर आवासीय सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। किसानों के लिए गेहूं की खरीद दर को 150 रुपए बढ़ाकर 2,425 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां जरूरत का सामान, बिजली बिल जमा करने की सुविधा और वेयरहाउस की व्यवस्था होगी।

दो हजार से अधिक अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण चल रहा है। ग्राम सचिवालयों के जरिए ऑनलाइन आय, जाति, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र भी दिए जा रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश के संभल में होली को लेकर मस्जिदों को तिरपालों से ढंकने का काम शुरू

संभल ,12 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के संभल में होली को लेकर सड़क किनारे स्थित मस्जिदों को सुरक्षित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से उन्हें तिरपालों से ढंकने की कवायद शुरू कर दी गई है।

एएसपी श्रीशचंद्र ने बताया कि सभी पक्षों की सहमति के बाद होली के मार्ग पर पडऩे वाले सभी मस्जिदों को ढंका जा रहा है। पूर्व की भांति यह व्यवस्था हो रही है। जुलूस के रास्ते में 10 धार्मिक स्थल पड़ते हैं, जिन्हें ढंका जा रहा है। दोनों पक्षों के लोगों से इसको लेकर बातचीत की गई है। दोनों ही पक्षों ने इस फैसले पर सहमति जताई है।

जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने त्योहारों से पहले सुरक्षा-व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि शांति समिति की बैठकें की गई हैं। इसके साथ ही सुरक्षा-व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने क्षेत्र में भ्रमण करने को कहा गया है और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी हो रही है।

पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद में सर्वे के विरोध में हुए बवाल के बाद यहां पर प्रशासन खास चौकसी बरत रहा है। माहौल शांत हो रहा था कि सीओ अनुज चौधरी के बयान से इलाके की राजनीति गरमा गई। इस बार 14 मार्च को होली और रमजान के जुमे की नमाज एक साथ पड़ रही है।

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लैंड जिहाद के माध्यम से प्रयागराज के पौराणिक स्थलों पर कब्जा किया गया था : सीएम योगी

लखनऊ ,12 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों के शासन में लैंड माफिया ने प्रयागराज के पौराणिक स्थलों, अक्षय वट, माता सरस्वती कूप, पातालपुरी, श्रृंगवेरपुर, द्वादश माधव और भगवान बेनी माधव, पर अवैध कब्जे कर लिए थे, जिससे इनकी गरिमा को गहरी चोट पहुंची।

महाकुंभ के दौरान इन स्थलों को माफिया मुक्त कर उनके कायाकल्प का मार्ग प्रशस्त हुआ, जिससे श्रद्धालु अब सालभर दर्शन कर सकते हैं।

सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, साथ ही उत्तर प्रदेश की नकारात्मक छवि को भी बदला। उन्होंने बुधवार को लखनऊ में पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि महर्षि भरद्वाज की नगरी प्रयागराज, जो दुनिया के पहले गुरुकुल की भूमि है, पिछली सरकारों के दौर में माफियाओं के हवाले थी। अक्षय वट को गुलामी के काल में कैद कर नष्ट करने की कोशिश की गई, जिससे 500 वर्षों तक श्रद्धालु दर्शन से वंचित रहे।

माता सरस्वती कूप और पातालपुरी जैसे स्थल उपेक्षित रहे, जबकि श्रृंगवेरपुर-भगवान राम और निषादराज के मैत्री स्थल पर लैंड जिहाद के जरिए कब्जा कर लिया गया।

द्वादश माधव और नागवासुकी जैसे पवित्र स्थल भी अवैध कब्जों की चपेट में थे। महाकुंभ के दौरान वहां नए कॉरिडोर बनाकर इन स्थलों को मुक्त कराया गया, जो हमारी पौराणिक परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक हैं।

सीएम योगी ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन ने न केवल दुनिया को भारत के सामर्थ्य और सनातन धर्म के वास्तविक स्वरूप को दिखाया, बल्कि उत्तर प्रदेश को लेकर बनी नकारात्मक धारणा को भी बदल दिया।

उन्होंने दावा किया कि महाकुंभ के माध्यम से दोनों लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए हैं। महाकुंभ ने सनातन धर्म के सच्चे और व्यापक स्वरूप को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। त्रिवेणी संगम में हर जाति, पंथ और क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने एक साथ डुबकी लगाई, जो एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को दर्शाता है।

सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिनकी सोच नकारात्मक है, उनसे सकारात्मकता की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले कुंभ (1954) से लेकर 1974, 1986, 2007 और 2013 तक कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के शासनकाल में हुई अव्यवस्थाओं का जिक्र किया।

1954 में एक हजार से अधिक मौतें हुईं, 2007 में प्राकृतिक आपदा ने जन-धन की हानि की और 2013 में मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संगम की गंदगी देखकर आंसू बहाए थे। पिछली सरकारों ने कुंभ को अव्यवस्था और गंदगी का अड्डा बना दिया था। आज वही लोग हमारे स्वच्छ महाकुंभ पर सवाल उठा रहे हैं।

उनकी नकारात्मकता ने उन्हें जनता की नजरों से गिरा दिया। विपक्ष हर अच्छे कार्य का विरोध करना अपनी शक्ति समझता है, लेकिन जनता ने महाकुंभ में पहुंचकर उन्हें सबक सिखा दिया।

सीएम योगी ने 2025 के महाकुंभ को स्वच्छता, सुरक्षा और तकनीक का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए कहा कि 2019 में पीएम मोदी के मार्गदर्शन में कुंभ की नकारात्मक धारणा को बदलने का प्रयास शुरू हुआ, जिसे 2025 में और मजबूती से लागू किया गया। डिजिटल महाकुंभ की अवधारणा को साकार करते हुए 54,000 बिछड़े लोगों को डिजिटल खोया-पाया केंद्र के जरिए उनके परिजनों से मिलाया गया।

डेढ़ लाख शौचालय बनाए गए और उन्हें क्यूआर कोड से जोड़ा गया। 11 भाषाओं में एक ऐप के जरिए श्रद्धालुओं को सुविधाएं दी गईं। हमारा प्रयास था कि कोई भी श्रद्धालु 3-5 किमी से ज्यादा पैदल न चले। अनुमान था कि 40 करोड़ लोग आएंगे, लेकिन 66.30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। पौष पूर्णिमा पर 1.5 करोड़, मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और मौनी अमावस्या पर 15 करोड़ लोगों ने स्नान किया।

सीएम योगी ने मौनी अमावस्या की रात एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि 10 करोड़ से अधिक भीड़ के बीच कुछ लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अखाड़ों और संतों से बातचीत की और अमृत स्नान को दोपहर तक स्थगित कर दिया। संतों ने व्यापक जनहित में परंपरा को बाधित किए बिना सहयोग दिया।

दोपहर 2 बजे के बाद स्नान सुचारू रूप से हुआ। यह सनातन धर्म की श्रद्धा और एकता का प्रतीक है। उन्होंने संतों के सहयोग को अभिनंदन योग्य बताया और कहा कि उनकी जिम्मेदारी आयोजन को सकुशल संपन्न कराना था, जिसमें संतों का योगदान अहम रहा।

औरंगजेब को आदर्श मानने वालों पर तीखा हमला करते हुए योगी ने कहा कि यह मानसिक विकृति का परिणाम है। उन्होंने शाहजहां की पुस्तक का हवाला देते हुए बताया कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद कर एक बूंद पानी के लिए तरसाया और भाई को मार डाला।

जो औरंगजेब को पसंद करते हैं, वे अपने बच्चों का नाम औरंगजेब रखें और उसके अत्याचार भोगने को तैयार रहें। वो लोग इस तरह की बातें करके भारत के नायकों का अपमान कर रहे हैं।

संभल का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 5000 साल पुराने पुराणों में इसका वर्णन है, जहां श्रीहरि का दसवां अवतार होगा। 1526 में मीर बाकी ने वहां मंदिर तोड़ा, लेकिन अब तक 18 तीर्थों का उत्खनन हो चुका है।

जो इतिहास छिपाते हैं, उन्हें पुराण पढऩा चाहिए। आस्था को अर्थ से जोड़कर हजारों टैक्सी चालकों, बस चालकों और व्यापारियों को रोजगार मिला। कोविड संकट में जनता के साथ खड़े होने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नया भारत आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों में अग्रणी होगा।

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झारखंड विधानसभा परिसर में होली मिलन समारोह का हुआ आयोजन

विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन सहित अन्य मंत्रीगण तथा सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के विधायकगण हुए सम्मिलित।

झारखंड विधानसभा, रांची,11.03.2025 ((Final Justice Digital News Desk/एजेंसी))-  षष्ठम् झारखण्ड विधान सभा के द्वितीय (बजट) सत्र के आज की कार्यवाही समाप्ति के उपरांत झारखंड विधानसभा परिसर में होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया।

इस होली मिलन समारोह में विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन सहित अन्य मंत्रीगण एवं सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के विधायकगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर सभी ने एक-दूसरे पर फूलों की बारिश तथा अबीर-गुलाल लगाकर पवित्र त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंड वासियों को पवित्र त्योहार होली की शुभकामनाएं दी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त झारखंडवासियों को पवित्र त्योहार होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने होली मिलन समारोह के उपरांत मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि होली का त्योहार निकट है, रंगों के इस त्योहार को हम सभी लोग उत्सव के रूप में मनाना शुरू कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अपनी तथा राज्य सरकार की ओर से आपसभी को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि मैं आशा एवं उम्मीद करता हूं कि इस होली त्योहार के रंग-बिरंगे रंगों की तरह आपके जीवन में भी सुख, समृद्धि तथा खुशहाली आए। कामना है कि आप सभी लोग स्वस्थ रहें एवं एक सुंदर वातावरण में आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ यह त्योहार मनाए।

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केजरीवाल को बड़ा झटका, दिल्ली की अदालत ने नई एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

नईदिल्ली,11 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली का चुनाव हारने के बाद अब अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली के राऊज एवेन्यु कोर्ट से केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। राऊज एवेन्यु कोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ नई स्नढ्ढक्र दर्ज  करने की मांग को स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट में 2019 में दायर शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल, पूर्व आप विधायक गुलाब सिंह और द्वारका की पार्षद रही नितिका शर्मा ने दिल्ली में विभिन्न जगहों पर बड़े आकार के होर्डिंग लगाकर जान बूझकर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। शिकायत में इन सब के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।

मामले की सुनवाई अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने की और आज कोर्ट ने इस शिकायत को स्वीकार करते हुए पुलिस को 18 मार्च तक आदेश पर अमल को लेकर रिपोर्ट देने को कहा है।

बता दें कि अदालत का यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी में 10 साल से अधिक समय तक शासन करने के बाद अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को भारतीय जनता पार्टी द्वारा सत्ता से बेदखल किये जाने के कुछ सप्ताह बाद आया है, जिससे केजरीवाल की परेशानी एक बार फिर से बढ़ सकती है।

पिछले सप्ताह दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आप सरकार द्वारा संचालित मोहल्ला क्लीनिक में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन तथा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवा के नाम पर भ्रष्टाचार की दुकानें चलाने का आरोप लगाया था।

सचदेवा की यह प्रतिक्रिया आप के वरिष्ठ नेता जैन द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली में भाजपा सरकार द्वारा 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की कथित योजना की कड़ी आलोचना करने के बाद आई है। उन्होंने इसे शहर के स्वास्थ्य सेवा ढांचे को पंगु करने वाला कदम बताया था।

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सरकार ने आव्रजन और विदेशी विधेयक 2025 लोकसभा में पेश किया

कांग्रेस ने किया विरोध

नईदिल्ली,11 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में आव्रजन और विदेशी विधेयक 2025 पेश किया। इसका उद्देश्य भारत के आव्रजन कानूनों को आधुनिक बनाना और उन्हें मजबूती प्रदान करना है।

इसके साथ ही यह भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रास्ते भी खोलेगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से इस विधेयक पेश किया। आइए जानते हैं इसमें क्या-क्या प्रावधान होंगे।

गृह राज्य मंत्री राय ने कहा, मैं प्रस्ताव करता हूं कि भारत में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले व्यक्तियों के संबंध में पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज की आवश्यकता तय की जाए।

केंद्र सरकार को कुछ शक्तियां प्रदान की जाएं और विदेशियों से संबंधित मामलों को विनियमित किया जाए, जिसमें वीजा और पंजीकरण की आवश्यकता शामिल है और उनसे जुड़े या आकस्मिक मामलों से निपटने के लिए आव्रजन और विदेशी विधेयक 2025 स्थापित करने की अनुमति दी जाए।

इस विधेयक के पास होने के बाद कानून रूप लेने पर भारत के आव्रजन और विदेशी नागरिकों से जुड़े 4 पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया जाएगा।

इनमें विदेशी अधिनियम 1946, पासपोर्ट अधिनियम 1920, विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम 1939 और आव्रजन अधिनियम 2000 शामिल हैं।

यह बिल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को प्राथमिकता देते हुए विदेशी नागरिकों के प्रवेश और निवास को कड़े नियमों के दायरे में लाने का प्रस्ताव करता है।

इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर, किसी व्यक्ति की मौजूदगी देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनती है या फिर वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, अगर किसी विदेशी नागरिक के प्रवेश से भारत के किसी अन्य देश के साथ संबंध प्रभावित हो सकते हैं, तो उसे देश में प्रवेश दिए जाने से भी रोका जा सकता है।

इस विधेयक में आव्रजन अधिकारी के निर्णय को अंतिम और बाध्यकारी बनाया गया है। पहले भी सरकार को विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश से रोकने का अधिकार था, लेकिन किसी कानून में इस प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था।

इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति बिना वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेजों के भारत में प्रवेश करता है, तो उसे 5 साल की कैद या 5 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है।

वहीं, अगर कोई फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करता है या धोखाधड़ी से पासपोर्ट प्राप्त करता है, तो उसमें 2-7 साल तक की कैद, 1 से 10 लाख रुपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान होगा।

इस विधेयक में वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद भारत में अवैध रूप से रुकने वाले विदेशियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

ऐसे मामलों में दोषियों को 3 साल तक की कैद और 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार इस विधेयक को भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। इसके भारत में फर्जी प्रवेश पर सख्ती हो सकेगी।

कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया है। चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, लोकसभा के कामकाज के नियमों के 72(2) के तहत, मैं विधेयक का विरोध करता हूं। लोकसभा की प्रक्रिया और कामकाज के नियमों का नियम 72(1) दो स्थितियों पर विचार करता है।

एक है एक विधेयक का विरोध सरलता से और दूसरा विधायी अक्षमता के आधार पर एक विधेयक का विरोध। यह विधेयक भारत के संविधान के तहत कई मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

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रावण का अहंकार भी नहीं चला है तो तेजस्वी और लालू का क्या चलेगा : गिरिराज सिंह

नई दिल्ली ,11 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के बयान को लेकर उन पर हमला बोला है। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को अहंकारी बताते हुए कहा कि वह लालू यादव के बेटे हैं और यही उनकी ख्याति है।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में मीडिया से कहा, तेजस्वी यादव अहंकार में हैं, उन्हें लगता है कि यहां ‘लोकतंत्र’ नहीं बल्कि ‘राजतंत्र’ है। वह संघर्ष करके राजनीति में नहीं आए हैं बल्कि वह लालू यादव के बेटे हैं और यही उनकी ख्याति है।

मैं उनसे यही कहूंगा कि वह अहंकार न करें, क्योंकि रावण का अहंकार भी नहीं चला है तो तेजस्वी और लालू का अहंकार क्या चलेगा।
दरअसल, भाजपा के विधायक हरिभूषण ठाकुर ने होली के दिन मुसलमानों से घरों से नहीं निकलने की अपील की थी, जिसके बाद आरजेडी ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

तेजस्वी यादव ने भाजपा विधायक के बयान पर कहा था कि इस तरह का बयान कोई कैसे दे सकता है? मुख्यमंत्री कहां हैं? महिला विधायक जमीन से जुड़े मामलों पर सवाल करती हैं तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में फटकार लगाते देर नहीं करते हैं, तो क्या भाजपा विधायक के बयान पर मुख्यमंत्री उन्हें फटकार लगाएंगे? भाजपा के रंग में जदयू पूरी तरह आ चुकी है।

उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में जहर फैला रहे हैं, उन्हें रोकने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हिम्मत दिखाएं और सदन में माफी मंगवाएं। उनके बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ें, सिर्फ कुर्सी के जुगाड़ में ही मत रहिए।

उल्लेखनीय है कि इस बार होली का पर्व 14 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन जुमा है और रमजान का पवित्र महीना भी चल रहा है। इसी कारण देश में होली और जुमे को लेकर जमकर सियासत हो रही है।

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सीएम योगी ने की सफाई कर्मचारियों पर पुष्पवर्षा

बोले – माफियाराज झेलने वाले प्रयागराज का हुआ कायाकल्प

लखनऊ  ,11 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सफाई कर्मचारियों का सम्मान किया और उन पर पुष्पवर्षा भी की।

सीएम योगी ने सफाई कर्मचारियों को नींव का पत्थर बताते हुए कहा कि इन्होंने स्वच्छ महाकुंभ के संदेश को साकार किया है। महाकुंभ ने आस्था को आर्थिकी के साथ जोडऩे के बड़े अभियान को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ का आयोजन प्रयागराज जैसे शहर के विकास को बढ़ाने में काफी सफल रहा। एक समय प्रयागराज माफियाराज से जकड़ चुका था, दुर्दांत माफिया पूरे प्रयागराज को रौंद रहे थे। आज महाकुंभ के कारण उसका कायाकल्प हो गया। यहां विकास के अनेक बड़े-बड़े कार्य हुए। महाकुंभ के कारण यह प्राचीन और पौराणिक नगरी आज नए कलेवर के रूप में दिखाई दे रही है।

सीएम योगी ने सरकार के बाद सफाईकर्मियों के सम्मान के पहले सार्वजनिक आयोजन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कार्य संपन्न होने के बाद अक्सर हर व्यक्ति अपनी राह पकड़कर आगे की सोचने लगता है।

नींव पर बनी इमारत में सब रहते हैं, लेकिन पत्थर भुला दिए जाते हैं। उनके महत्व को विस्मृत कर दिया जाता है। ‘महाकुंभ की नींव’ को जिन स्वच्छता कर्मियों ने सुदृढ़ करने का प्रयास किया, जिनकी बदौलत यह दिव्य-भव्य महाकुंभ हो पाया। उनके सम्मान का यह कार्यक्रम अभिभूत करने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी आयोजन सफलता की ऊंचाई पर तब पहुंचता है, जब सब लोग सामूहिक भाव के साथ मिलकर प्रयास करते हैं। सामूहिक प्रयास का परिणाम सफलता होती है। सामूहिक प्रयास को जब सकारात्मक भाव के साथ देखते हैं तो समाज के लिए वह प्रेरणा बन जाती है। प्रयागराज में भी ऐसा ही हुआ। बुजुर्ग माता-पिता को महाकुंभ में स्नान कराने के लिए यूएस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके समेत तमाम देशों से लोगों के फोन आए।

उन्होंने आगे कहा कि जो भी महाकुंभ में आया, उसने सफाई और सुरक्षाकर्मियों की प्रशंसा अवश्य की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजन दिया था कि हमारे आयोजन लोगों को अंत:करण से संतुष्टि दे सकें, क्योंकि स्वच्छता अंत:करण की संतुष्टि का पहला और व्यवहार दूसरा पैमाना होता है।

मुख्यमंत्री योगी ने 45 दिनों में आने वाले 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं का जिक्र किया। उन्होंने हर स्नान पर आने वाले श्रद्धालुओं का भी आंकड़ा बताया और कहा कि जो लोग जितना दुष्प्रचार-अफवाह फैलाते थे, उन्हें जवाब देने के लिए जनता उतनी ही मजबूती से प्रयागराज आ धमकती थी। बहुत लोग जनता से नकारात्मक बुलवाने का प्रयास करते थे।

उन्होंने एक वाकया सुनाते हुए बताया कि एक यूट्यूबर कर्नाटक से आए श्रद्धालु से पूछ रहा था कि कितना पैदल चले, उत्तर मिला- पांच किमी। फिर उसने कहा कि पता है, अभी कितना और पैदल चलना होगा, तो श्रद्धालु ने कहा कि नहीं।

इस पर यूट्यूबर ने बताया कि अभी पांच किमी और। श्रद्धालु ने कहा कि 50 भी चलना पड़े तो जाऊंगा। प्रश्न करने वाले ने कहा कि सरकार को व्यवस्था देनी चाहिए थी। श्रद्धालु ने कहा कि पैदल मैं चल रहा हूं, परेशानी तुम्हें क्यों हो रही है। भगवान के धाम तो पैदल ही जाना चाहिए। यह हमारे लिए साधना है।

सीएम ने कहा कि सनातन धर्म का भाव ही कृतज्ञता का होता है। किसी ने यह नहीं बोला कि यह सरकारी आयोजन है, सबने इसे अपना आयोजन माना। जो भी आया, वह आयोजन को आशीर्वाद देकर ही गया। यह मानवता का अब तक का सबसे बड़ा समागम था, जिसने देश-दुनिया को बहुत कुछ संदेश दे दिया है।

इतने बड़े आयोजन भी हो सकते हैं, क्राउड मैनेजमेंट का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। आस्था को आजीविका के साथ भी बदला जा सकता है और ढेर सारे लोगों के जीवन में परिवर्तन भी लाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मैं आयोजन संपन्न होने के बाद 27 फरवरी को प्रयागराज गया था। वहां सबसे पहले मां गंगा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए दोनों उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों संग स्वच्छता अभियान चलाया।

फिर मां गंगा का पूजन कर कृतज्ञता ज्ञापित की, क्योंकि इतना बड़ा आयोजन उन्हीं की कृपा से संपन्न हुआ।

फिर स्वच्छता कर्मियों का सम्मान व सहभोज भी किया। उनके न्यूनतम वेतन की मांग को जल्द (अप्रैल) लागू करने जा रहे हैं। उनके लिए बोनस की भी घोषणा की।

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राज्यसभा में खडग़े की टिप्पणी पर जोरदार हंगामा

नेता प्रतिपक्ष को मांगनी पड़ी माफी

नई दिल्ली ,11 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राज्यसभा में मंगलवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा संवाद देखने को मिला। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की एक टिप्पणी पर सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कड़ा विरोध जताया और माफी की मांग की।

इसके तुरंत बाद खडग़े ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी उपसभापति हरिवंश के प्रति नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के प्रति थी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इससे ठेस पहुंची है तो वह माफी मांगते हैं।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू की जानी थी। दिग्विजय सिंह के बोलने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े सदन में हो रहे शोर-शराबे के बीच बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा, हमने इस पर बोलने के लिए तैयारी भी की है।

इसके बाद उन्होंने कुछ ऐसी बात कही जिस पर सत्ता पक्ष की तरफ से आपत्ति की गई। नेता सदन जे.पी. नड्डा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा, यह बहुत ही दुख की बात है। नेता प्रतिपक्ष जो इतने अनुभवी हैं, लंबे समय तक प्रदेश और संसद में रहे हैं, लोकसभा में और राज्यसभा में नेता और सदस्य के रूप में भी काम किया, उन्होंने यहां जिस भाषा का उपयोग किया वह निंदनीय है।

उन्होंने कहा नेता प्रतिपक्ष को अपनी इस टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आसन के प्रति जिस प्रकार के शब्द का उपयोग किया है, वह अस्वीकार्य है।

जेपी नड्डा ने कहा कि यह भाषा माफी के योग्य नहीं है, फिर भी नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। उन्हें अपने शब्दों को वापस लेना चाहिए, नहीं तो उनके शब्दों को सदन की कार्यवाही से बाहर निकालना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खडग़े ने इस पर सफाई देते हुए कहा, मैं माफी चाहता हूं। सर, मैंने आपके लिए कुछ नहीं बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार की नीतियों के प्रति यह बात कही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, यदि आपको मेरी बातों से ठेस लगी तो मैं आपसे माफी मांगता हूं, लेकिन सरकार से नहीं। इसके बाद उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की।

जेपी नड्डा ने कहा कि खडग़े ने अपने वक्तव्य के लिए आसन से माफी मांगी है जो सराहनीय है, लेकिन उन्होंने सरकार के बारे में जो शब्दावली कही है वह भी निंदनीय है और वह भी कार्यवाही से बाहर निकाली जानी चाहिए।

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अबू आजमी ने छत्रपति संभाजी महाराज को उनके बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि दी

मुंबई 11 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ करने पर विवादों में घिरे समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने मंगलवार को छत्रपति संभाजी महाराज को उनके बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

सपा विधायक अबू आजमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छत्रपति संभाजी महाराज को फोटो पोस्ट किया। साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, “स्वराज्य के दूसरे छत्रपति, पराक्रमी योद्धा एवं वीर योद्धा छत्रपति संभाजी महाराज को उनके बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि।”

जानकारी के अनुसार, छत्रपति संभाजी महाराज मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक थे। इनके पिता का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज था। 14 मई 1657 को जन्में छत्रपति संभाजी महाराज ने पिता की मृत्यु के बाद 1681 में मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली थी। वे अपनी वीरता, युद्ध कौशल और हिंदू स्वाभिमान के लिए जाने जाते हैं।

बता दें कि हाल ही में सपा विधायक अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब की तारीफ की थी। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनकी आलोचना की। हालांकि, अबू आजमी ने विवाद बढ़ने पर अपने बयान को वापस ले लिया था। इसके बावजूद उन्हें मौजूदा विधानसभा सत्र से निलंबित कर दिया गया था। सपा नेता ने मौजूदा सत्र से निलंबन को राजनीति से प्रेरित बताया था।

सपा नेता ने वीडियो बयान में कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष ने मुझे पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। मुझे ताज्जुब हुआ कि मैंने विधानसभा के अंदर कोई गलत बात नहीं की थी। वहीं, बाहर हमने किसी महापुरुष के बारे में अपशब्द नहीं कहे। मैंने केवल इतिहास में वर्णित बातों का संदर्भ दिया था। इसके बाद भी विधानसभा अध्यक्ष ने हमें निलंबित कर दिया, जिसका हमें अफसोस है।

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कमर्शियल वाहनों की ग्रीन कार्ड के बिना चार धाम में नो एंट्री: देहरादून आरटीओ

देहरादून 11 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : चारधाम यात्रा में आने वाले कमर्शियल वाहन चालकों को अब ग्रीन कार्ड के बिना एंट्री नहीं मिलेगी। इस बार ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और भी सुगम बना दिया है।

देहरादून आरटीओ सुनील शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि चारधाम यात्रा के लिए एक माह पहले ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। पीली प्लेट की जितनी भी गाड़ियां हैं उनके लिए ही ग्रीन कार्ड बनाना जरूरी होगा, चाहे वाहन प्रदेश का हो या दूसरे राज्य का हो। बसों के संचालन के लिए यूनियन से बातचीत कर रोटेशन सिस्टम लागू किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि ग्रीन कार्ड एक फिटनेस सर्टिफिकेट है। बिना फिटनेस के वाहन चालकों को ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा। छोटी गाड़ी 400 और बड़ी गाड़ी की फीस 600 रुपये है। उसकी फिटनेस के बाद उसको ऑनलाइन ही ग्रीन कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माने जाने वाले चारधाम यात्रा का हिंदूओं के दिलों में अन्य हिंदू तीर्थस्थलों की तुलना में एक अलग धार्मिक महत्व है। यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ से मिलकर बनी चार धाम यात्रा अप्रैल/मई के महीने से शुरू होती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चार धाम यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया यानि 30 अप्रैल 2025 से होने जा रही है। बद्रीनाथ के कपाट 4 मई और केदारनाथ धाम के द्वार 2 मई को सुबह 7 बजे खुलेंगे।

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बड़ा एक्शन: गैंगस्टर अमन साहू पुलिस मुठभेड़ में ढेर

रांची 11 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में दर्जनों आपराधिक वारदात अंजाम देने वाला कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू मंगलवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। यह मुठभेड़ पलामू जिले के चैनपुर में हुई है। अमन पिछले कुछ महीनों से छत्तीसगढ़ की रायपुर जेल में बंद था।

झारखंड पुलिस ने उसे हाल में अंजाम दी गई घटनाओं के संबंध में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। पुलिस की टीम उसे सोमवार की रात रायपुर से लेकर रांची ला रही थी। बताया गया कि रायपुर से रांची के रास्ते में  पुलिस की गाड़ी पलामू में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे पुलिस की गाड़ी असंतुलित हो गई।

पुलिस का दावा है कि अमन साहू ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की और पुलिस का हथियार छीनकर भागने लगा। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें अमन साहू मारा गया।

उन्होंने बताया है कि मुठभेड़ में एक जवान को भी गोली लगी है। मौके पर एंबुलेंस को भेजा गया है। अमन रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के मतवे गांव का रहने वाला था। आपराधिक मामलों की जांच में यह बात सामने आई थी कि अमन साहू के संबंध कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हैं। वह पूर्व में झारखंड की सरायकेला जेल में बंद था। 14 अक्टूबर, 2024 को छत्तीसगढ़ की पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर रायपुर ले गई थी। तभी से वह रायपुर जेल में बंद था।

अमन साहू दो मामलों में अदालत से सजायाफ्ता था। झारखंड के रामगढ़ के एक आपराधिक मामले में उसे छह साल और लातेहार के एक मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई थी। तीन दिन पहले रांची में कोल ट्रांसपोर्टर बिपिन मिश्रा पर फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी अमन साहू के गैंग ने ली थी। अमन के सबसे खास गुर्गे मयंक सिंह ने इसे लेकर बकायदा सोशल मीडिया पर पोस्ट डाला था।

शनिवार को हजारीबाग में एनटीपीसी के डीजीएम (डिस्पैच) कुमार गौरव हत्याकांड में भी पुलिस को अमन साहू गैंग का हाथ होने का संदेह था। इन दोनों मामलों में पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती थी। सोमवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने कहा कि अमन साहू जैसे गैंगस्टर जेल से ही आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इसके लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता है।

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अंतरिक्ष में फंस कर भी इतिहास रच रही Sunita Williams

बनाए दो अनोखे रिकॉर्ड

नई दिल्ली 11 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, जो पिछले नौ महीनों से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में फंसी हुई हैं, अगले सप्ताह पृथ्वी पर लौटने के लिए तैयार हैं। इस दौरान उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उनकी दृढ़ता और हौसला कायम रहा।

अंतरिक्ष में अपने विस्तारित प्रवास के दौरान, सुनीता विलियम्स ने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग किए। उन्होंने 900 घंटे से अधिक समय रिसर्च में बिताया है, जो अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

सुनीता विलियम्स ने बनाया कीर्तिमान

अपने अंतरिक्ष मिशन के दौरान, सुनीता विलियम्स ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने तीन अंतरिक्ष मिशनों में 600 दिनों से अधिक समय बिताया है, और कुल 62 घंटे और 9 मिनट तक स्पेसवॉक किया है। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया सबसे लंबा स्पेसवॉक है।

900 घंटे का गहन रिसर्च

अपने वर्तमान मिशन में, सुनीता विलियम्स ने बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को उड़ाने का कार्यभार भी संभाला, जिसके निर्माण में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यह यान नासा के लिए 4.2 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर रहते हुए, उन्होंने विभिन्न उपकरणों और प्रणालियों को बदलने, स्टेशन की सफाई करने और पृथ्वी पर कचरा वापस भेजने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान दिया। सुनीता विलियम्स 150 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोगों में शामिल रहीं, जिनमें 900 घंटे से अधिक का गहन रिसर्च शामिल है।

बैरी विल्मोर भी सुनीता विलियम्स के साथ

सुनीता विलियम्स के साथ, उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बैरी (बुच) विल्मोर भी कई महीनों से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर हैं। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने पिछले साल 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के पहले क्रू मिशन पर उड़ान भरी थी और 6 जून को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे थे। यह मिशन मूल रूप से आठ दिनों का था, लेकिन इसे बाद में बढ़ा दिया गया।

पृथ्वी पर लौटने पर एक और रिकॉर्ड

पृथ्वी पर वापसी के साथ ही सुनीता विलियम्स एक और अनूठा रिकॉर्ड बनाएंगी। वह चार अलग-अलग अंतरिक्ष कैप्सूल – स्पेस शटल, सोयुज, बोइंग स्टारलाइनर और स्पेसएक्स क्रू ड्रैगन – उड़ाने वाली पहली अंतरिक्ष यात्री बन जाएंगी।

सुनीता विलियम्स की यह अंतरिक्ष यात्रा विज्ञान और मानव अन्वेषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उनकी सुरक्षित वापसी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।

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भूपेश बघेल के आवास पर ईडी की छापेमारी को लेकर पवन खेड़ा ने भाजपा को घेरा

कहा-ध्यान भटाकने का षड्यंत्र

नई दिल्ली  10 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के भिलाई के पदुम नगर इलाके में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर छापेमारी की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने ईडी की इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा।

पवन खेड़ा ने सोमवार को एक्स पर शेयर किए वीडियो बयान में ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुबह 6.30 बजे से भिलाई में भूपेश बघेल के यहां ईडी छापेमारी कर रही है। कोई हैरानी की बात नहीं है। विपक्ष के यहां ईडी भेजने की परंपरा भारतीय जनता पार्टी ने शुरू कर रखी है। यह छापेमारी किस केस में की जा रही है ये किसी को नहीं मालूम। क्यों हो रही है? नहीं मालूम।

उन्होंने आगे कहा कि आज से कुछ दिनों पहले कोर्ट ने सीबीआई का एक केस जो बघेल के खिलाफ था, उसको खारिज कर दिया था। उनके खिलाफ कोई केस नहीं है। फिर भी आज ईडी की छापेमारी उनके आवास पर चल रही है।

आज संसद का सत्र शुरू हो रहा है। भाजपा चारों तरफ से घिरी हुई है। छापेमारी ध्यान भटाकने का एक षड्यंत्र है। ये भी हो सकता है कि भूपेश बघेल पंजाब में अपनी राजनीतिक गतिविधि अब शुरू कर रहे हैं, प्रभारी बने हैं। उनको वहां परेशान करने की कोशिश की जा रही हो। भारतीय जनता पार्टी का एक अंग बनकर आज ईडी जिस तरह से काम कर रही है यह भुला नहीं जाएगा, हम भी याद रखेंगे।

वीडियो के साथ पवन खेड़ा ने कैप्शन लिखा, “आज जब संसद का सत्र शुरू हो रहा है। चारों तरफ से घिरी हुई भाजपा ने हैडलाइन बदलने के लिए, देश का ध्यान टैरिफ, गिरती हुई अर्थव्यवस्था, वोटर्स लिस्ट फ्रॉड आदि से भटकाने के लिए आज सुबह से ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के घर पर ईडी द्वारा रेड करवा दी। भाजपा को समझ लेना चाहिए कि वह ना कांग्रेस को रोक पाएगी, ना हमारे किसी भी नेता को, ना डरे हैं, ना डरेंगे।

बता दें कि ईडी की टीम सुबह से छत्तीसगढ़ के भिलाई के पदुम नगर इलाके में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के आवास पर छापेमारी कर रही है। टीमें चार इनोवा कारों में सवार होकर चैतन्य के भिलाई स्थित आवास पर पहुंचीं। रिपोर्टों के अनुसार, ईडी की टीम कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में जांच करने आई है।

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संसद में उठा वोटर लिस्ट का मामला, राहुल गांधी बोले- देश भर में उठ रहे सवाल

चर्चा करानी होगी

नई दिल्ली ,10 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को लोकसभा में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चर्चा की मांग। रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इस मसले पर चर्चा करने की जरूरत है। कई और सदस्यों ने भी जब ऐसी ही मांग उठाई थी तो लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने चुटकी लेने के अंदाज में कहा था कि क्या वोटर लिस्ट सरकार बनाती है।

यदि सरकार नहीं बनाती तो फिर यहां चर्चा करने की क्या जरूरत है। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि हम आपकी इस दलील को स्वीकार करते हैं कि सरकार मतदाता सूची नहीं बनाती। लेकिन हम इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं। गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष मतदाता सूची पर चर्चा की मांग कर रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूची को पूरे देश में सवालों के घेरे में रखा जा रहा है। हर राज्य में विपक्ष ने एक स्वर में इस पर सवाल उठाए हैं, जिसमें महाराष्ट्र भी शामिल है।

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय ने कहा कि मतदाता सूची में कुछ खामियां हैं और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह बताया है कि मुर्शिदाबाद और बर्धवान संसदीय क्षेत्रों और हरियाणा में समान इलेक्ट्रोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड यानी श्वक्कढ्ढष्ट नंबर वाले मतदाता मौजूद हैं।

रॉय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मतदाता सूची को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए नवनियुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से अगले साल पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची की पूरी तरह से समीक्षा की मांग की।

टीएमसी के सांसद ने कहा कि वोटर लिस्ट में कुछ गंभीर खामियां हैं। उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र के संदर्भ में बताया गया था, जहां मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई थी। हरियाणा में भी इसकी ओर इशारा किया गया था। अब वे पश्चिम बंगाल और असम में भी ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं, जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं।

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काशी में जलती चिताओं की राख से खेली गई होली

भगवान शिव और भूत प्रेत भी होते है शामिल

बनारस ,10 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वाराणसी में शिव नगरी काशी के हरिश्चंद्र घाट पर चिता की राख से होली खेली गई। जहां साधु संतों के साथ दुनियाभर के लोग इस त्यौहार का आनंद लेने के लिए काशी पहुंचे हुए है। मान्यता है कि भगवान शिव भक्तों के साथ यहां होली खेलते हैं।

मसाने की होली को देखने के लिए 20 देशों से 5 लाख टूरिस्ट भी पहुंचे है। घोड़े और रथ पर सवार होकर संत, नागा संन्यासी 2 किमी दूर हरिश्चंद्र घाट पहुंचे। 2 किमी की यात्रा में जगह-जगह कलाकारों ने शिव तांडव किया। इसी के साथ बनारस में एकादशी यानी रंगभरी एकादशी से ही यह उत्सव शुरू हो जाता है।

बनारस का मणिकर्णिका घाट दुनिया के सबसे बड़े श्मशान घाट में से एक है, मान्यता है कि यहां लगातार शव आते रहते हैं, जिससे चिता की अग्नि ठंडी भी नहीं होती और दाह संस्कार के लिए कोई शव पहुंच जाता है। यहीं पर फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को चिताओं की राख यानी भभूत से होली खेलने की परंपरा है। यह भस्म शिव के प्रति शुद्धि और भक्ति का प्रतीक है।

काशी के मसान की होली की प्राचीन कथा

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता सती के आत्मदाह के बाद भगवान शिव चिर साधना में चले गए। इससे संसार का संतुलन बिगड़ गया, इधर राक्षस राज तारकासुर का आतंक बढ़ता जा रहा था, जो शिव पुत्र के हाथों ही मारा जा सकता था और इसके लिए शिवजी का साधना से उठना जरूरी था।

इसके लिए देवराज इंद्र ने योजना बनाई और उनके आदेश पर कामदेव ने आदि योगी शिव पर बाण से प्रहार कर दिया, इससे शिवजी की साधना भंग होई। लेकिन उनको क्रोध आ गया, जिससे त्रिनेत्र का तीसरा नेत्र खुल गया और कामदेव राख के ढेर में बदल गए। बाद में देवताओं की प्रार्थना और सृष्टि में कामदेव के महत्व को देखते हुए उनको जीवन दान दिया लेकिन शरीर रहित यानी अनंग के रूप में, कालांतर में माता सती ने माता पार्वती के रूप में अवतार लिया और अपने समय पर फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी यानी महाशिवरात्रि पर शिव

पार्वती ने विवाह किया।

इसके बाद फाल्गुन शुक्ल एकादशी यानी रंगभरी एकादशी पर शिवजी माता पार्वती को पहली बार काशी लेकर आए थे। इस खुशी में काशी नगरी वालों ने शिव-पार्वती के साथ रंगों की होली खेली, लेकिन शिवजी के गण (भूत-प्रेत, अघोरी, नागा साधु, इत्यादि) इस होली में शामिल नहीं हो पाए।

इस पर गणों के आग्रह पर भगवान शिव ने अगले दिन यानी फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को मणिकर्णिका घाट पर उनके साथ जली हुई चिता की राख से होली खेली, खुद पर भस्म मली और गणों पर भस्म उड़ाया। इसके बाद यहां हर साल चिता भस्म से होली खेली जाने लगी, मान्यता है कि शिवजी रंगभरनी एकादशी के अगले दिन मणिकर्णिका घाट पर अदृश्य रूप में आते हैं और अपने गणों के साथ भस्म की होली खेलते हैं।

बनारस में चिता भस्म की होली की परंपरा

बनारस में चिता भस्म की होली की परंपरा के अनुसार रंगभरनी एकादशी के दिन शिवजी और माता पार्वती की शोभायात्रा निकाली जाती है यानी शिवजी पार्वती के स्वरूप को पालकी में बिठाकर पूरे शहर में घुमाया जाता है और भक्त रंग उड़ाते हैं। इसके अगले दिन सभी भगवान शिव के ही रूप बाबा विश्वनाथ से आज्ञा पाकर और उनकी पूजा कर मणिकर्णिका घाट पर पहुंच जाते हैं और होली खेलते हैं।

इससे पहले बाबा महाश्मशान नाथ और माता मशान काली की मध्याह्न आरती (अनुष्ठान अर्पण) की जाती है। बनारस की मसान की होली भगवान शिव के गण खेलते हैं, जिनमें अघोरी और नागा साधु शामिल होते हैं। मान्यता है कि इस दिन भूत-प्रेत, यक्ष गंधर्व भी इस घाट पर मसान की होली खेलने आते हैं लेकिन हम उन्हें देख नहीं सकते। इसके साथ ही भगवान शिव भी अदृश्य रूप से यहां मौजूद रहते हैं।

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तनुश्री दत्ता मामले में नाना पाटेकर व गणेश आचार्य के वकील ने जारी किया ऑफिशियल स्टेटमेंट

मुंबई ,10 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। नाना पाटेकर, गणेश आचार्य के वकील पद्मा शेकटकर ने अभिनेत्री तनुश्री दत्ता यौन उत्पीडऩ मामले पर एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले का संज्ञान नहीं लिया है, क्योंकि एफआईआर दर्ज करने में देरी के कारण इसे बैन कर दिया गया।

इस बयान में कहा गया है कि तनुश्री वकील पद्मा शेकटकर के क्लाइंट को निशाना बना रही थीं। बयान में कहा गया, शिकायतकर्ता अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा साल 2010 में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एफआईआर में साल 2008 की एक घटना का उल्लेख है, जो मेरे मुवक्किलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक झूठ है। साल 2018 में किए गए सामी सिद्दीकी के स्ट्रिंग ऑपरेशन को लेकर अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि उनके क्लाइंट निर्दोष हैं।

बयान के अनुसार, ओशिवारा पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच की और अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत में रिपोर्ट दायर की। अदालत ने मामले का संज्ञान नहीं लिया क्योंकि एफआईआर दर्ज करने में देरी के कारण लिमिटेशन एक्ट ने इसे बैन कर दिया था।

वकील ने उल्लेख किया, शिकायतकर्ता देरी के लिए माफी आवेदन दाखिल करने में विफल रहे और अदालत ने उनके मामले को खारिज कर दिया। अभिनेत्री के पास पर्याप्त सबूत नहीं थे, जबकि शूटिंग के दौरान सेट पर 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे।

मेरे मुवक्किल इन झूठे आरोपों के पीछे की वजह को समझने में विफल रहे। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की वजह से उनके बहुत सारे प्रशंसक हैं और मौजूदा आरोप सिर्फ मेरे मुवक्किलों की छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं, जिसके पीछे कोई छिपा हुआ मकसद है।

उन्होंने आगे कहा, कुछ महिलाएं कानून का फायदा उठाती हैं और इंडस्ट्री के बड़े नामी लोगों को निशाना बनाती हैं, जो गलत और अनैतिक है, जिससे दिग्गजों का करियर डूब जाता है।

वकील के बयान में यह भी कहा गया है कि उनके मुवक्किलों ने इन 7 सालों में बहुत कुछ झेला है और उन्हें बहुत ज्यादा मानसिक आघात, तनाव और तकलीफों से गुजरना पड़ा है और मैंने इसे व्यक्तिगत रूप से देखा है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शिकायतकर्ता के मामले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया है।

यह मामला निश्चित रूप से उन सभी पुरुषों के लिए एक रोशनी की किरण है, जिन्हें ‘मी टू’ के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। हमें कानून-व्यवस्था और न्यायपालिका पर भरोसा था और आज मामले के नतीजे से हम खुश हैं।

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अलीगढ़ में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार

अलीगढ़ ,10 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में एक महिला भी शामिल है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। यह सभी लंबे समय से अलीगढ़ जिले में थाना टप्पल क्षेत्र के अंतर्गत जट्टारी कस्बे में अवैध रूप से रह रहे थे। मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना टप्पल पुलिस ने कार्रवाई की और एक महिला समेत चार अवैध बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस अधिकारी अमित जैन ने बताया कि अलीगढ़ में थाना टप्पल पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों को सोमवार को गिरफ्तार किया। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। उनकी पहचान मकसूद खां, मोहम्मद तौफीक, मोहम्मद साबिर और साहिना के रूप में हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि चारों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने बेनापोल बॉर्डर पार कर भारत में प्रवेश किया था। उन्होंने आगरा के रास्ते अलीगढ़ आकर अवैध रूप से रहना स्वीकार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से आधार कार्ड, कुछ मोबाइल सिम और फोन बरामद किए हैं।

चारों आरोपियों के खिलाफ थाना टप्पल में संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में उत्तर प्रदेश एटीएस ने अलीगढ़ से बांग्लादेशी नागरिक सिराज और उसकी पत्नी हलीमा को गिरफ्तार किया था। सिराज बांग्लादेश के फरीदपुर जिले के भांगा थाना क्षेत्र का रहने वाला था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिराज ने दलालों की मदद से बेनापोल बॉर्डर पार करके भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद उसने भारत के दस्तावेज और पासपोर्ट बनवा लिया। इसके बाद उसने सऊदी अरब, बांग्लादेश और दुबई की यात्रा की थी। उसकी पत्नी हलीमा भी भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर कई बार बांग्लादेश गई थी।

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गाय की महिमा को समझते हुए आमजन प्रतिदिन करें गौसेवा : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर ,10 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ ही गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संकल्पित होकर काम कर रहे है। हाल में पेश किए गए राज्य बजट में गौमाता और पशुपालकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रदेशभर में संचालित गौशालाओं तथा नंदीशालाओं के लिए प्रति पशु अनुदान राशि को इस वर्ष 15 प्रतिशत बढ़ाकर 50 रूपये प्रतिदिन करने का फैसला किया गया है।

मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर गौशालाओं की अनुदान राशि बढ़ाने पर आयोजित आभार सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने पिछले साल गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना प्रारंभ की थी, जिसमें गौवंश हेतु शेड, खेली निर्माण तथा दुग्ध, चारा, बांटा संबंधी उपकरण खरीदने के लिए एक लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब हम आगामी वित्त वर्ष में भी ढाई लाख गोपालक परिवारों को इस योजना का लाभ मुहैया कराएंगे। श्री शर्मा ने कहा कि गोपालकों को और अधिक राहत देते हुए गोपाल क्रेडिट कार्ड के लिए जरूरी सभी दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी माफ करने और योजना के प्रावधानों को सरल बनाने का भी बजट में प्रावधान किया गया है।

‘विकास भी और विरासत भी’ की सोच को आगे बढ़ा रहे प्रधानमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास भी हो रहा है और देश की विरासत भी समृद्ध होती जा रही है। वे देश-दुनिया के करोड़ों लोगों के महानायक हैं, जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय, योजनाबद्ध कार्य और दूरदृष्टि से देश और दुनिया को एक नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का प्रवासी देश-दुनिया में अपनी मिट्टी से जुड़ा हुआ है तथा प्रवासियों ने हर जगह गौशालाएं बनायी है जिससे गौसेवा के पुण्य कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके।

पशु बीमा के माध्यम से पशुपालकों को दी आर्थिक सुरक्षा

शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन गौ-संरक्षण के लिए दूरदर्शी सोच के साथ काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजनाÓ के दायरे को बढ़ाते हुए आगामी वित्त वर्ष में प्रत्येक श्रेणी में बीमित पशुओं की संख्या दोगुनी की जाएगी। उन्होंने कहा कि पशुधन नि:शुल्क आरोग्य योजना के तहत औषधियों एवं टीकों की संख्या में वृद्धि, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध संग्रहण के लक्ष्य को बढ़ाना, सर्दियों में गौशालाओं को आवश्यकता अनुसार अनुदान के स्थान पर बाजरा का विकल्प, एक हजार नवीन सहकारी समितियों अथवा संग्रह केंद्रों की स्थापना, 100 पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं एक हजार पशुधन निरीक्षकों की भ़र्ती सहित विभिन्न कार्य गौसेवा के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे है।

भारतीय संस्कृति में गाय की महिमा अपरंपार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय की महिमा अपरंपार है। हमारे शास्त्रों में गंगा, गोमती, गीता और गोविंद की भांति गाय भी अत्यंत पवित्र मानी गई है और गौ-माता की सेवा से सभी देवी-देवताओं के पूजन का फल मिल जाता है। उन्होंने कहा कि संत-महन्त हमारी संस्कृति के वाहक है तथा हजारों वर्षों से हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने में इनका बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाएं तथा एक जन-जागरण अभियान चलाकर आमजन को प्रतिदिन गायों की सेवा करने के लिए प्रेरित करें।

गौ-परायण सरकार का संतों ने जताया आभार

इस दौरान आए संतों ने मुख्यमंत्री द्वारा गौ-संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यो के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री ने गौसेवा का एक नया अध्याय शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा पिछले दोनों बजटों में गौसेवा के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए है। गत सरकार में गौ भक्तों को गौ-संरक्षण के लिए आंदोलन करना पड़ता था, लेकिन इस सरकार में हमारे लिए आशीर्वाद कार्यक्रम हो रहे है। यह सब मुख्यमंत्री की गौ-परायण सरकार के कारण ही संभव हो पाया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गौ-पूजा की तथा पाण्डाल में आए संत-महन्तों से आशीर्वाद लिया। संतों ने मुख्यमंत्री को दुपट्टा ओढ़ाकर बजट में गौसेवा के लिए की गई घोषणाओं पर आभार प्रकट किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उल्लासपूर्वक फाल्गुन के महिने में सभी के साथ फूलों की होली खेली, चंग बजाकर होली के गीत गाएं तथा सभी को होली की बधाइयां दी।

इस अवसर पर राजस्थान गौसेवा समिति के अध्यक्ष महन्त दिनेश गिरी महाराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुनाथ भारती महाराज, प्रदेश महामंत्री रघुनाथसिंह राजपुरोहित, श्रीपतिधाम सिरोही से गोविन्द वल्लभ सहित बड़ी संख्या में गौ-भक्त उपस्थित रहे।

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चर्चा से भाग रही है कांग्रेस सरकार इसलिए सत्र हो रहे हैं छोटे : रणधीर

शिमला ,10 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कीअध्यक्षता में होटल ध्रुव में संपन्न हुई, बैठक में अनिल शर्मा को छोड़ कर सभी विधायक उपस्थित रहे।

नैना देवी से विधायक रणधीर शर्मा ने बताया कि भाजपा चर्चा के माध्यम से सरकार को घेरेगी चाहे वह राज्यपाल का भाषण हो या बजट पर चर्चा। सत्र में सरकार की नाकामियों, जन विरोधी निर्णयों एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों को प्रखरता से उठाया जाएगा और पूरी तरह से वर्तमान कांग्रेस सरकार को बैक फुट पर धकेलना का काम भारतीय जनता पार्टी द्वारा किया जाएगा।

रणधीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आर्थिक दिवालियापन सबसे बड़ा मुद्दा है और हिमाचल प्रदेश में वेतन, पेंशन, बुजुर्गों को दिए जाने वाली धनराशि सभी को लेकर चिंता बरकरार है।

हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि केंद्र के पैसे को वेतन एवं पेंशन देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर हिमाचल प्रदेश में आर्थिक बदहाली के लिए कोई जिम्मेवार है तो मुख्यमंत्री स्वयं है क्योंकि वही हिमाचल प्रदेश के वित्त मंत्री है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में फजूलखर्ची एक बड़ा मुद्दा है, मंत्रियों की शान और शौकत बढ़ाने के लिए करोड़ों रुपए खर्चे जा रहे हैं, इसी प्रकार से सीपीएस की सदस्यता बरकरा रखने के लिए भी करोड़ों रुपए वकीलों पर खर्च किए जा रहे हैं और हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट रैंक के मित्रों की फौज खड़ी कर दी है इस पर भी सरकार को घेरा जाएगा।

रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार चर्चा से भाग रही है इसलिए हिमाचल प्रदेश में जब भी विधान सभा सत्र होता है वह छोटा ही होता है, पहले बजट सत्र में 26 बैठकों का हुआ करता था और अब केवल 16 बैठकों का। इसी प्रकार से शीतकालीन सत्र में भी चार दिन का छोटा सा सत्र किया गया था।

उन्होंने बताया कि कानून व्यवस्था एवं नशा भी एक बड़ा मुद्दा है जिसको लेकर विपक्ष चर्चा करेगा। विपक्ष वर्तमान कांग्रेस सरकार को निश्चित रूप से कटघरे में करने जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि विधानसभा के बाहर अगर भाजपा ने प्रदर्शन करना है तो उसके लिए हम पार्टी के साथ बात करेंगे और पार्टी की बैठक में उसका निर्णय हो सकता है।

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हरिहरनाथ थाना पर पुलिस और होली को लेकर जनप्रतिनिधियो की बैठक

सोनपुर , 10 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हरिहरनाथ थाना पर थानाध्यक्ष स्वर्ना सुप्रिया के अध्यक्षता मे होली को लेकर जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोगो के साथ बैठक किया गया.

इस अवसर पर नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता मंदिर उपाध्यक्ष बिनोद सम्राट मंदिर सचिव विजय लाला सहित छेत्र के गणमान्य लोग एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित हुए.

होली को लेकर कई दिशा निर्देश दिया गया प्रसाशन ने लोगो से शांति से पर्व मनाने की अपील किया और कहा की होली मे अश्लील गाने बजाने पर भी रोक लगी रहेगी।

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