क्षमता विकास खंड के प्रमुख संस्थान के रूप में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल ने उठाए गए क्षमता निर्माण पहलों एवं एनआईआरएएनटीएआर प्लेटफॉर्म के अंतर्गत भविष्य की विस्तृत योजना प्रस्तुति दी।
प्रस्तुति में अल्पकालिक एवं मध्यकालिक कार्य योजनाओं, वैज्ञानिक विकास कार्यक्रमों, संयुक्त प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं शामिल होने वाले संस्थानों के बीच सहयोगात्मक पहलों का विवरण दिया गया। समन्वित प्रशिक्षण प्रयासों को मजबूत करने, मिश्रित प्रशिक्षण योजनाओं को विकसित करने और संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनआईआरएएनटीएआर को संस्थागत तालमेल बढ़ाने, मांग-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा वानिकी एवंपर्यावरण क्षेत्रों में पेशेवर क्षमता निर्माण के लिए एक सहयोगात्मक तंत्र के रूप में परिकल्पित किया गया है।
श्री भूपेंद्र यादव ने सतत वन प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन सहित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ संस्थागत प्रयासों के एकीकृत नियोजन, नवाचार एवं समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी संस्थानों प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का
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