चैंबर के सदस्यों ने राँची जिले के विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए
जिले के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया
रांची,03.10.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी,राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री से 03 अक्टूबर 2025 को समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कार्यालय कक्ष में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सदस्यों ने मुलाकात की। इस बैठक में चैंबर के सदस्यों ने जिला प्रशासन के साथ विकास कार्यों में सहयोग देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट, श्री आदित्य मल्होत्रा, जेनरल सेक्रेटरी, श्री रोहित अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट, श्री प्रवीण लोहिया, जॉइंट सेक्रेटरी एस. नवजोत अलंग एवं रोहित पोद्दार, Treasurer श्री अनिल अग्रवाल उपस्थित थे।
बैठक के दौरान चैंबर के सदस्यों ने राँची जिले के विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। उन्होंने जिला प्रशासन को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने चैंबर के सुझावों का स्वागत करते हुए उनके सहयोग की सराहना की और जिले के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया।
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस बैठक को रचनात्मक और सकारात्मक बताते हुए भविष्य में भी जिला प्रशासन के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने की इच्छा व्यक्त की।
संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
समाहरणालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करें
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में 03 अक्टूबर 2025 को समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित कार्यालय कक्ष में जिला के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पूर्व में आयोजित वरीय पदाधिकारियों की बैठक (SOM), ऑल हैंड मीटिंग, तथा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर दिए गए दिशा-निर्देशों की क्रमवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिला नजारत उप समाहर्ता राँची, डॉ. सुदेश कुमार, विशेष विनियमन पदाधिकारी राँची, श्रीमती मनीषा तिर्की, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी राँची, श्रीमती उर्वशी पांडेय, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी राँची, श्री राजीव कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा राँची, श्री रवि शंकर मिश्रा सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया और दिशा-निर्देश जारी किए गए:
1. समाहरणालय परिसर की सभी आवश्यक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने का निर्देश दिया गया ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
2. समाहरणालय ब्लॉक-ए और ब्लॉक-बी की विशेष साफ-सफाई, पार्किंग क्षेत्र की सफाई, और लंबे समय से खड़े वाहनों को हटाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
3. समाहरणालय के मुख्य गेट पर बायोमेट्रिक मशीन स्थापित करने का निर्देश दिया गया ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति ससमय हो।
4. समाहरणालय परिसर और सुभाषचंद्र बोस पार्क के सौंदर्यीकरण हेतु ठोस कदम उठाने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया।
5. विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई और समयबद्ध तरीके से कार्यान्वयन के लिए निर्देश दिए गए।
पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, “पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। समाहरणालय परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यह हमारी प्राथमिकता है कि जनता को बेहतर सुविधाएँ और कार्यालय परिसर में उचित व्यवस्था उपलब्ध हो।”
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों के अनुपालन की प्रगति पर नियमित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। अगली समीक्षा बैठक में इन कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
03.10.2025 – गांधी जयंती के अवसर पर कृष्णा चौहान फाउंडेशन के द्वारा मेयर हॉल, अंधेरी पश्चिम मुम्बई में आयोजित’ महात्मा गांधी रत्न अवार्ड 2025′( पांचवां सीजन) समारोह अभिनेता दीपक पराशर, संगीतकार दिलीप सेन, एसीपी संजय पाटिल, गायिका रेखा राव, दीपक देसाई, विश्वजीत सोनी, मुस्तफा यूसुफअली गोम, रमेश गोयल, ब्राइट आउटडोर मीडिया के योगेश लखानी और पवन तोडी (महात्मा गांधी के अवतार में) सहित बॉलीवुड के कई नामचीन शख्सियतों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अभिनेता दीपक पराशर ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों को सम्मानित करने के साथ साथ सिंगर एनके नरेश, विक्की नागर, फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय, भारती छबड़िया, अभिनेत्री रंगीता सिंह, अभिनेत्री सानिया वर्मा और मॉडल वैशाली भाऊरज़ार सहित कई हस्तियों को अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम मेंआरजे आरती सजवाण ने एंकरिंग की और सिंगर नरेश और सागर आचार्य ने अपने गीतों से वातावरण को खुशनुमा बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. कृष्णा चौहान और अभिनेत्री शिरीन फरीद पर फ़िल्माया गया हिंदी म्युज़िक वीडियो “दिलों की बात” भी रिलीज किया गया। निर्माता निर्देशक डॉ. कृष्णा चौहान इस गीत से अभिनेता भी बन गए हैं। विख्यात डांसर और अभिनेत्री शिरीन फरीद के साथ उन्होंने इस हिंदी एल्बम में बतौर हीरो काम किया है। कृष्णा म्यूजिक से ये गीत रिलीज किया गया। इसके संगीतकार राजेश घायल और गायिका करिश्मा शेख और गीतकार शाइस्ता देशमुख हैं। डीओपी पप्पू शेट्टी, कोरियोग्राफर एगनेस, एडिटर संदीप मिश्रा हैं। शिरीन फरीद ने इस गीत पर लाइव परफार्म भी किया।
इस मौके पर डायरेक्टर डॉ. कृष्णा चौहान और सिंगर एनके नरेश के हिन्दी एल्बम “जोड़ दे दिल से दिल की कड़ी” को भी रिलीज किया गया जो विनायक सोनी और अभिनेत्री रंगीता सिंह पर फ़िल्माया गया वीडियो सॉन्ग है। मशहूर सिंगर परफॉर्मर एनके नरेश के म्युज़िक वीडियो “जोड़ दे दिल से दिल की कड़ी” का संगीत दिग्गज संगीतकार दिलीप सेन ने दिया है जिसे विख्यात गीतकार सत्यप्रकाश ने लिखा है।
इस गीत मे विनायक सोनी और प्रतिभाशाली अभिनेत्री रंगीता सिंह ने बेहतरीन काम किया है. वीडियो सांग में सिंगर एनके नरेश की झलकियां भी दिखाई दे रही हैं। इस गीत की डांस मास्टर एगनेस और कैमरामैन पप्पू शेट्टी और को-प्रोड्यूसर नीलम जितेन्द्र हैं। विदित हो कि बॉलीवुड के फेमस निर्माता निर्देशक और अवॉर्ड किंग का खिताब पा चुके डॉ कृष्णा चौहान गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी हैं और पिछले लगभग 28 वर्षों से बॉलीवुड में सक्रिय हैं।
इन्होंने अपना फिल्मी सफर बतौर सहायक निर्देशक शुरू किया था। इन्होंने कई एड फिल्म्स, म्यूजिक वीडियो का निर्माण किया है। डॉ कृष्णा चौहान न केवल एक कामयाब फिल्म निर्देशक एवं चर्चित समाज सेवक हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन करने के मामले में सबसे अधिक सुर्खियों में रहने वाले पर्सनाल्टी के रूप में जाने जाते हैं।
नागपुर 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत को फिर से आत्मस्वरूप में खड़ा करने का समय आ गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले विदेशी आक्रमणों के कारण हमारी देशी प्रणालियां नष्ट हो गई थीं, जिन्हें अब समय के अनुसार, समाज और शिक्षा प्रणाली के भीतर दोबारा स्थापित करने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि लंबे समय तक चले विदेशी आक्रमणों के कारण हमारी देशी प्रणालियां नष्ट हो गई थीं, जिन्हें अब समाज और शिक्षा प्रणाली के भीतर दोबारा स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत को फिर से आत्मस्वरूप में खड़ा करने का समय आ गया है।
डॉ. भागवत ने स्पष्ट कहा, “हमें ऐसे व्यक्तियों को तैयार करना होगा जो इस कार्य को कर सकें। इसके लिए सिर्फ मानसिक सहमति नहीं, बल्कि मन, वाणी और कर्म में भी बदलाव लाने की आवश्यकता है। यह बदलाव किसी भी सिस्टम के बिना संभव नहीं है और संघ की शाखा यही एक मजबूत व्यवस्था है जो ये कार्य कर रही है।”
उन्होंने बताया कि शाखा केवल शारीरिक अभ्यास की जगह नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और समाज में सकारात्मक आदतों के निर्माण की प्रयोगशाला है।
भागवत ने कहा, “सौ वर्षों से संघ के स्वयंसेवक इस व्यवस्था को हर परिस्थिति में चलाते आ रहे हैं और आगे भी चलाते रहेंगे। स्वयंसेवकों को चाहिए कि वे नित्य शाखा के कार्यक्रमों को पूरी श्रद्धा से करें और अपने आचरण में परिवर्तन लाने की साधना करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि समाज की उन्नति के लिए सिर्फ व्यवस्थाएं जिम्मेदार नहीं होतीं, बल्कि परिवर्तन की असली शक्ति समाज की इच्छाशक्ति में होती है। इसलिए व्यक्तिगत सद्गुणों, सामूहिकता और सेवा भावना को समाज में फैलाने का कार्य संघ कर रहा है।
भागवत ने कहा, “संपूर्ण हिंदू समाज का संगठित, शील संपन्न बल इस देश की एकता, अखंडता, विकास और सुरक्षा की गारंटी है। हिंदू समाज ही इस देश के लिए उत्तरदायी समाज है और यह सर्व-समावेशी समाज है।”
उन्होंने भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की परंपरा को याद दिलाते हुए कहा कि यह उदार और समावेशी विचारधारा ही भारत की ताकत है और इस विचार को दुनिया तक पहुंचाना हिंदू समाज का कर्तव्य है।
संघ, संगठित कार्यशक्ति के द्वारा भारत को वैभव संपन्न और धर्म के मार्ग पर चलने वाला देश बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है।
विजयादशमी के पावन अवसर पर उन्होंने सीमोल्लंघन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा, “आज की देश-काल-परिस्थिति को देखते हुए हमें अपने पूर्वजों के बताए कर्तव्य को निभाते हुए साथ मिलकर एक सशक्त भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ना होगा।”
संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर भागवत ने बताया कि इसका उद्देश्य व्यक्ति निर्माण को देशव्यापी बनाना और पंच परिवर्तन कार्यक्रम को समाज में लागू करना है।
नई दिल्ली 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ने सर क्रीक इलाके में कोई भी हिमाकत की तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे।
उन्होंने कहा कि 1965 की जंग में भारत की सेना ने लाहौर तक पहुंचने का सामर्थ्य दिखाया था। आज 2025 में पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने लेह से लेकर सर क्रीक के इस इलाके तक भारत के डिफेंस सिस्टम को भेदने की नाकाम कोशिश की, जबकि भारत की सेनाओं ने अपनी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह एक्सपोज कर दिया।
विजयदशमी के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना के जवानों के बीच भुज एयरबेस पर मौजूद रहे। यहां उन्होंने शस्त्र पूजा की। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दुनिया को यह संदेश दे दिया गया है कि भारत की सेनाएं जब चाहें, जहां चाहें और जैसे भी चाहें पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि अपने सामर्थ्य के बावजूद हमने संयम का परिचय दिया, क्योंकि हमारी सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के विरोध में थी। इसका विस्तार करके जंग छेड़ना ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य नहीं था।
उन्होंने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के सभी सैन्य लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। मगर आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि आजादी के 78 साल बीत जाने के बावजूद भी सर क्रीक इलाके में सीमा को लेकर एक विवाद खड़ा किया जाता है। भारत ने कई बार बातचीत के रास्ते इसका समाधान करने का प्रयास किया है, मगर पाकिस्तान की नीयत में ही खोट है, उसकी नीयत साफ नहीं है। जिस तरह से हाल में पाकिस्तान की फौज ने सर क्रीक से सटे इलाकों में अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया है, वह उसकी नीयत बताता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा भारतीय सेनाएं और बीएसएफ मिलकर मुस्तैदी से कर रही हैं। अगर सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की ओर से कोई भी हिमाकत की गई तो उसे ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। पाकिस्तान को याद रखना चाहिए कि कराची का एक रास्ता क्रीक से होकर गुजरता है।
गांधी जयंती पर महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा, “जब मैं मनोबल की बात कर रहा हूं, तो स्वाभाविक रूप से हम सबका ध्यान महात्मा गांधी जी की ओर भी जाता है। वह तो अपने आप में मनोबल के ज्वलंत उदाहरण थे। उनके पास दुश्मन से लड़ने के लिए सिवाय मन की शक्ति के अतिरिक्त और कोई भी हथियार नहीं था, इसके बावजूद, उन्होंने उस समय के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य को घुटनों पर ला दिया। फिर हमारे सैनिकों के पास तो शस्त्र भी हैं और मनोबल भी है, हमारे सामने तो कोई चुनौती टिक ही नहीं सकती।”
रक्षा मंत्री ने कहा, “मैं शस्त्र पूजा के इस अवसर पर, मां दुर्गा से यही प्रार्थना करता हूं, कि वह हमारे शस्त्रों को सदैव धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित करें। हमारे सैनिकों को असीम शक्ति और साहस प्रदान करें, ताकि वो इसी तरह अधर्म और आसुरि शक्तियों के नाश के लिए काम करते रहें, और इस राष्ट्र को अजेय और अभेद्य बनाए रखें। थल सेना, वायु सेना और नौसेना, ये तीनों ही सेवाएं हमारी शक्ति के तीन स्तंभ हैं। जब ये तीनों सेवाएं मिलकर कार्य करती हैं, तभी हम हर चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। हमारी सरकार लगातार अपनी सेनाओं की संयुक्तता पर जोर दे रही है। मैं आज इस अवसर पर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर अपने वीर जवानों और अधिकारियों को भी विशेष बधाई देना चाहता हूं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि धर्म की स्थापना करने के लिए, धर्म की रक्षा करने के लिए केवल संकल्प ही पर्याप्त नहीं है। संकल्प के साथ-साथ शक्ति भी आवश्यक है। और वह शक्ति शस्त्र के माध्यम से प्रकट होती है। इसलिए हमारे यहां शस्त्रों की पूजा को भी उतना ही महत्व दिया गया है। शस्त्रों का सम्मान करने का एक अर्थ अपने सैनिकों का सम्मान करना भी है, जो उन्हें धारण करते हैं।
नई दिल्ली 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। कंगना ने राहुल गांधी को ‘देश पर एक कलंक’ बताते हुए आरोप लगाया है कि वह हर मंच पर जाकर भारत को बदनाम करते हैं।
राजधानी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “वह (राहुल गांधी) एक कलंक हैं। सब जानते हैं कि वह हर जगह देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर वह देश की आलोचना कर रहे हैं, कह रहे हैं कि यहां के लोग झगड़ालू हैं, ईमानदार नहीं हैं, तो इन सब बातों से वह यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत के लोग नासमझ हैं। इसीलिए मैं उन्हें कलंक कहती हूं। वह हमेशा देश को शर्मसार करते हैं और देश को भी उन पर शर्म आती है।”
दरअसल, कंगना रनौत आज (2 अक्टूबर) गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर दिल्ली में खादी खरीदने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, “आप देख सकते हैं कि मैंने खादी की साड़ी और खादी का ब्लाउज पहना है। हमारे स्वदेशी कपड़ों की आज पूरी दुनिया में भारी मांग है।
जैसा कि प्रधानमंत्री कहते हैं, आत्मनिर्भर होने का समय आ गया है। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में अपील की थी कि हमें 2 अक्टूबर को खादी खरीदनी चाहिए, इसलिए उनके शब्दों का सम्मान करते हुए हम आज यहां आए हैं।” इसी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने राहुल गांधी पर यह विवादित टिप्पणी की।
नई दिल्ली 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर विदेश में जाकर भारत के लोकतंत्र पर टिप्पणी की है। उन्होंने कोलंबिया के ईआईए विश्वविद्यालय में एक संवाद कार्यक्रम में कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘लोकतंत्र पर हमला’ है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में कई धर्म, परंपराएं और भाषाएं हैं। लोकतांत्रिक प्रणाली इन सभी को स्थान देती है, लेकिन अभी भारत में लोकतंत्र पर हर तरफ से हमला हो रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा, “भारत की 1.4 अरब की आबादी में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन भारत का ढांचा चीन से बिल्कुल अलग है।
चीन एक केंद्रीकृत और एकरूप प्रणाली वाला देश है, जबकि भारत में अनेक भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं और धर्म हैं। भारत की व्यवस्था कहीं अधिक जटिल है।”
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया को बहुत कुछ दे सकता है और वह बहुत आशावादी हैं। इसके साथ ही, राहुल गांधी ने कहा, “भारतीय संरचना में भी कई कमियां हैं, कुछ जोखिम हैं, जिनसे भारत को पार पाना होगा। सबसे बड़ा जोखिम लोकतंत्र पर हो रहा हमला है।”
कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारत अपने सभी लोगों के बीच संवाद का केंद्र है। विभिन्न परंपराओं, धर्मों और विचारों को जगह की जरूरत होती है। उस जगह को बनाने का सबसे अच्छा तरीका लोकतांत्रिक व्यवस्था है। वर्तमान में भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यापक हमला हो रहा है।
इंजीनियरिंग के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत, चीन का पड़ोसी और अमेरिका का घनिष्ठ साझेदार है। हम बिल्कुल उस जगह पर बैठे हैं, जहां ताकतें आपस में टकरा रही हैं।
अमेरिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ध्रुवीकरण अभियान ज्यादातर बेरोजगारों पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा, “भारत में आर्थिक विकास के बावजूद, हम रोजगार देने में असमर्थ हैं, क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था सेवा-आधारित है और हम उत्पादन करने में असमर्थ हैं।”
नई दिल्ली/बीजिंग 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- भारत और चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट सेवाएं पांच साल बाद अक्टूबर के अंत तक फिर से शुरू हो सकती हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। भारत और चीन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण इस साल की शुरुआत से दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने और एक संशोधित हवाई सेवा समझौते पर चर्चा कर रहे हैं।
यह भारत सरकार की दोनों देशों के बीच संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की नीति का हिस्सा है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इन चर्चाओं के बाद अब यह सहमति बनी है कि भारत और चीन के बीच नामित स्थानों को जोड़ने वाली डायरेक्ट फ्लाइट सेवाएं अक्टूबर 2025 के अंत तक शुरू हो सकती हैं। यह शीतकालीन मौसम की समय-सारिणी के अनुसार होगा, बशर्ते दोनों देशों की नामित एयरलाइंस का व्यावसायिक निर्णय और सभी परिचालन मानदंड पूरे हों।
बयान में आगे कहा गया, “नागरिक विमानन प्राधिकरणों के इस समझौते से भारत और चीन के बीच लोगों के बीच संपर्क को और बढ़ावा मिलेगा, जिससे द्विपक्षीय आदान-प्रदान को धीरे-धीरे सामान्य बनाने में मदद मिलेगी।” सीधी उड़ानें डोकलाम विवाद के बाद बंद कर दी गई थीं और कोविड-19 महामारी के कारण इसे और आगे टाला गया।
पिछले महीने, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में अपनी बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वार्ता, विश्वास-निर्माण उपायों और क्षेत्रीय जुड़ाव को प्राथमिकता देने के दोनों देशों के व्यावहारिक दृष्टिकोण पर विचार किया था।
बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना तथा भारत-चीन संबंधों में हाल की प्रगति को आगे बढ़ाना था। दोनों देशों ने 3,500 किमी लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गश्त के नियमों पर सहमति बनाई, जिससे चार साल पुराना सीमा विवाद कम हुआ।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले साल हुए समझौते और सीमा पर शांति बनाए रखने की सराहना की। उन्होंने आपसी सहमति से सीमा मुद्दे का उचित समाधान निकालने और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखने की प्रतिबद्धता जताई।
दोनों नेताओं ने इस महीने की शुरुआत में विशेष प्रतिनिधियों की बातचीत में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का समर्थन करने पर भी सहमति जताई।
सितंबर में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत का दौरा किया और सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वार्ता की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात में कहा कि स्थिर भारत-चीन संबंध दोनों देशों के हित में है और विकासशील देश इसे चाहते हैं। इससे पहले, लंबे समय से स्थगित कैलाश-मानसरोवर यात्रा को 2025 की गर्मियों के लिए बहाल कर दिया गया था।
नई दिल्ली 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को श्री धार्मिक लीला समिति द्वारा विजयादशमी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने मंच से रावण के पुतले पर तीर चलाकर बुराई के अंत का संदेश दिया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने दशहरे के धार्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल रावण के वध की स्मृति मात्र नहीं है। यह अच्छाई की बुराई पर, विनम्रता की अहंकार पर और प्रेम की घृणा पर विजय का संदेश देता है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने हाल ही में भारतीय सेना द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आतंकवाद का दानव मानवता पर प्रहार करता है, तब उसका दमन करना अनिवार्य हो जाता है। भारतीय सेना का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आतंकवाद के रावण पर मानवता की विजय का प्रतीक है। इसके लिए हम भारत माता की रक्षा में तैनात सभी सैनिकों को नमन करते हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष दशहरे पर हम रावण का पुतला जलाते हैं, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है कि लोग अपने भीतर के रावण, जैसे घृणा, अहंकार, लालच और ईर्ष्या को खत्म करें। जब तक हम अपने अंदर की बुराई को खत्म नहीं करेंगे, तब तक असली विजयादशमी अधूरी रहेगी। हमें ऐसा प्रयास करना होगा कि देश में सुख, शांति, आनंद और प्रेम की नदियां बहें।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दिल्लीवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें हर साल यह याद दिलाता है कि चाहे बुराई कितनी भी प्रबल क्यों न हो, अंततः जीत सदैव सत्य और धर्म की होती है।
विजयादशमी नवरात्रि और दुर्गा पूजा उत्सवों के समापन का प्रतीक है। यह भगवान राम की राक्षसराज रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह दिन नई शुरुआत और नवीनीकरण का है। वहीं, यह अहंकार और अन्याय जैसे नकारात्मक गुणों के विनाश का भी प्रतीक है।
आध्यात्मिक रूप से दशहरा इस विश्वास को पुष्ट करता है कि अंततः धर्म और सत्य की ही बुराई पर विजय होती है, चाहे अंधकार की शक्तियां कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों। जैसे-जैसे पुतले जलते हैं और उत्सव शुरू होता है, संदेश स्पष्ट रहता है, अच्छाई की हमेशा बुराई पर विजय होती है।
नई दिल्ली 03 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और नेता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग करते हुए उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने पति की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई का आदेश जारी करने की अपील की।
याचिका में गीताजंलि ने सोनम की गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताया है। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते बाद भी गिरफ्तारी के आधार नहीं मिले और न ही सोनम की कोई जानकारी मिल रही है। सोनम की पत्नी ने हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षी) याचिका दाखिल कर तत्काल रिहाई की मांग की। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से मामले में जल्द सुनवाई की मांग की जा सकती है।
इससे पहले, बुधवार को गीतांजलि अंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावुक पत्र लिखा और पति की रिहाई की मांग की। पत्र में उन्होंने लिखा, “मेरे पति को पिछले 4 साल से लोगों के हितों के लिए काम करने की वजह से बदनाम किया जा रहा है। वह कभी भी किसी के लिए खतरा नहीं बन सकते।” उन्होंने कहा कि वह नहीं जानतीं कि उनके पति किस हालात में हैं।
बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश में 24 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में चार लोगों की जान चली गई थी। यह हिंसा लेह में लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई। करीब 90 लोग हिंसा के दौरान घायल हुए थे।
26 सितंबर को सोनम वांगचुक को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में भेजा गया। इसके अलावा, प्रशासन ने चार लोगों की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने न्यायिक जांच की मांग उठाई थी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए समस्त राज्य वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं – श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
02 अक्टूबर 2025, बापू वाटिका, मोरहाबादी, रांची – गांधी जयंती के अवसर पर आज माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि महात्मा गांधी के विचार, उनकी अहिंसा एवं सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा आज भी पूरे देश और विश्व के लिए मार्गदर्शक है।
मुख्यमंत्री ने कहा आगे कि आज का दिन भारत के इतिहास का स्वर्णिम दिवस है। गांधी जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षा और सिद्धांतों ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी बल्कि आजादी के बाद भी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि ऐसे महान विभूतियों के आदर्श और त्याग ही हैं जिनकी वजह से आज भारत एक सशक्त और गौरवशाली लोकतंत्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समस्त राज्यवासियों से आह्वान किया कि हम सभी अपने जीवन में पूरी संजीदगी से बापू के सिद्धांतों को अपनाएं और समाज में शांति, भाईचारा एवं एकता के माहौल को और मजबूती दें।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज के दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर भी उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी एवं कर्मठता की मिसाल थे।
उनके दिए गए नारे “जय जवान, जय किसान” आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन से हमें कर्तव्यपरायणता, देशभक्ति और जनसेवा की सीख मिलती है, जिसे आत्मसात कर हम झारखंड और भारत को और सशक्त बना सकते हैं।
रांची,02.10.2025 – गांधी जयंती के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 02 अक्टूबर 2025 को मोरहाबादी अवस्थित बापू वाटिका में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ‘बापू’ को शत्-शत् नमन किया एवं उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इस दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक राँची, श्री राकेश रंजन,हस्त शिल्प निदेशालय से श्री अमित कुमार, मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग विकास बोर्ड सीईओ राजीव रंजन, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी झारखण्ड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, श्रीमती सुमन पाठक, अपर जिला दंडाधिकारी राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राँची, श्री प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक शहर राँची, श्री पारस राणा, पुलिस अधीक्षक यातायात राँची, श्री राकेश सिंह एवं अन्य सम्बंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
02.010.2025 – डायरेक्टर शशांक खेतान एक बार फिर अपने रोमांटिक जोन के साथ लौटे हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ रिलीज हो चुकी है। फिल्म में वरुण धवन, जाह्ववी कपूर, सान्या मल्होत्रा और रोहित श्रॉफ लीड रोल में हैं।
भारतीय फिल्म जगत के चर्चित फिल्म निर्माता करन जौहर की धर्मा प्रोडक्शन कंपनी की इस फिल्म में ब्रेक अप और रिश्तों की उलझनों को काफी बेहतरीन अंदाज में स्क्रीन पर पेश किया गया है।
फिल्म की कहानी में दिखाया कि सनी (वरुण धवन) और तुलसी (जाह्नवी कपूर) दोनों एक्स-लवर्स हैं और दोनों ही अपने एक्स यानी अनन्या (सान्या मल्होत्रा) और विक्रम (रोहित सराफ) की शादी तोड़ने के लिए दोबारा से दोस्ती करते हैं, फिर शुरू होता है हाई वोल्टेज ड्रामा।
मनमोहक व प्रभावशाली अदायगी के साथ वरुण धवन का कॉमिक और डांस मूव्स कमाल के हैं। जाह्नवी कपूर ने अपनी मासूमियत से जवां दिलों को धड़काने में कामयाब कही जा सकती है। स्क्रीन पर दोनों के बीच की केमिस्ट्री शानदार लगी है।
इनके अलावा सान्या मल्होत्रा, रोहित श्रॉफ और मनीष पॉल ने भी अपने-अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय किया है। मानुष नंदन की सिनेमैटोग्राफी काबिलेतारिफ है। फिल्म का गीत संगीत शानदार है।
यह फिल्म पूरी तरह से कॉमेडी, रोमांस, म्यूजिक और ड्रामा मिश्रित एंटरटेनमेंट पैकेज है जो सेल्फ रेस्पेक्ट की वकालत करता है और संदेश देता है कि केवल जन्म कुंडली और बायोडाटा मिल जाने से रिश्ते नहीं बनते बल्कि दिलों के मिलने से ही रिश्ते स्थाई रूप से बनते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक सिनेमाघरों में धमाल मचाने के बाद मेकर्स इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी पेश करेंगे।
पी आंदोलन के पुराने साथी आए साथ, बिहार को विकास और खुशहाल बनाने के लिये लिया प्रण।
55 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान, विकास और पारदर्शिता की राजनीति का भरोसा
नई दिल्ली, 01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में जनहित दल, जे.पी. सेनानी और जनता पार्टी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने गठबंधन “बिहार डेवलपमेंट अलायंस” की आधिकारिक घोषणा की।
इस मौके पर डॉ. सुरज मंडल, अनशुमन जोशी और नवनीत चतुर्वेदी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गठबंधन ने घोषणा की कि वे आगामी चुनाव में लगभग 55 सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। उनका कहना है कि यह नया और तीसरा मोर्चा बिहार की राजनीति में एक सशक्त विकल्प बनकर उभरेगा और जनता को पारदर्शी, विकासोन्मुखी तथा जनहित केंद्रित राजनीति प्रदान करेगा।
जनहित दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनशुमन जोशी ने कहा, ” आज की राजनीति में आमजन और अल्पसंख्यकों की आवाज़ को वह स्थान नहीं मिलता जिसकी उन्हें आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से गठबंधन ने एक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक समिति का गठन किया है, ताकि मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।
नेताओं ने एक “पोटली” भी प्रदर्शित की, जिसे उन्होंने जनता तक अपने विचार और वादे पहुँचाने का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि इस “बदलाव की पोटली” में वे बिहार के भविष्य की नई राह छुपाए हुए हैं—जिसमें अल्पसंख्यकों को वास्तविक प्रतिनिधित्व, भ्रष्टाचार-मुक्त शासन और विकास केंद्रित राजनीति का संकल्प शामिल है। नेताओं ने कहा कि यही पोटली अब घर-घर जाकर जनता को जागरूक करेगी और चुनावी अभियान का आधार बनेगी।
नई दिल्ली 01 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले केंद्र की मोदी सरकार ने देश के एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी सौगात दी है।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की जेब में हर महीने बढ़कर सैलरी आएगी।
इस बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हो गया है। सरकार ने इस बढ़ोतरी को 1 जुलाई, 2025 से लागू किया है, जिसका मतलब है कि कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर, इन तीन महीनों का एरियर भी मिलेगा।
यह पैसा दिवाली से पहले एकमुश्त खाते में आने की उम्मीद है, जिससे त्योहारों का मजा दोगुना हो जाएगा। इस फैसले का सीधा लाभ 49.2 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68.7 लाख पेंशनर्स को मिलेगा।
आपको बता दें कि इससे पहले मार्च महीने में महंगाई भत्ते में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी की गई थी, जो पिछले 7 सालों में सबसे कम थी। इससे कर्मचारियों में थोड़ी मायूसी थी।
आमतौर पर डीए में 3% से 4% की बढ़ोतरी होती है, इसलिए इस बार 3% की बढ़ोतरी से कर्मचारियों की उम्मीदें पूरी हो गई हैं।
सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़ती महंगाई से राहत देने और उनके जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए हर 6 महीने में महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। इसकी गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है।
नई दिल्ली 01 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारतीय वायुसेना के बेड़े में स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ की दहाड़ सुनने का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक (GE) कंपनी से तेजस का चौथा इंजन मिल गया है, जिससे विमानों के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। इस बड़ी सफलता के साथ ही यह तय हो गया है कि नवंबर महीने तक पहले दो advanced तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट भारतीय वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे।
अमेरिकी इंजन की देरी से अटका था प्रोजेक्ट
दरअसल, फरवरी 2021 में सरकार ने 83 तेजस मार्क-1ए विमानों के लिए HAL के साथ 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। लेकिन अमेरिकी इंजन की डिलीवरी में हो रही देरी के कारण अब तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिल पाया था। अब इंजन की आपूर्ति शुरू होने के साथ ही उम्मीद है कि 2028 तक सभी 83 विमान वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे।
मिग-21 की जगह, बीकानेर में होगी पहली तैनाती
तेजस मार्क-1ए विमान वायुसेना के उस महान योद्धा ‘मिग-21’ की जगह लेंगे, जो 62 साल की शानदार सेवा के बाद 26 सितंबर को ही रिटायर हुआ है। वायुसेना की योजना है कि तेजस के पहले स्क्वाड्रन को पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान के बीकानेर स्थित नाल एयरबेस पर तैनात किया जाए, ताकि पश्चिमी सीमा पर भारत की हवाई ताकत कई गुना बढ़ जाए।
पहले से ज्यादा ‘देसी’ और खतरनाक है नया तेजस
LCA मार्क-1ए तेजस का एक बेहद उन्नत संस्करण है, जिसमें अत्याधुनिक एवियॉनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं। इन विमानों में 65% से ज्यादा उपकरण भारत में ही बने हैं। हाल ही में 25 सितंबर को रक्षा मंत्रालय ने HAL को अतिरिक्त 97 तेजस बनाने के लिए ₹62,370 करोड़ का एक और बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान हवा, पानी और जमीन, तीनों जगहों पर सटीकता से हमला करने में सक्षम है। नए विमानों में दुश्मनों को चकमा देने के लिए ‘स्वयं रक्षा कवच’ जैसी आधुनिक तकनीक भी होगी।
यह सफलता ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लिए एक बड़ी छलांग है, जिससे न केवल वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, बल्कि भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी एक नई ऊंचाई हासिल करेगा।
नई दिल्ली 01 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सहित अन्य नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की शुभकामानएं दीं।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं।
राष्ट्र के प्रति उनकी विशिष्ट सेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें अपार सम्मान दिलाया है। विभिन्न मुद्दों पर उनके ज्ञान और मार्गदर्शन का हम गहरा सम्मान करते हैं। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लिखा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आपका सरल एवं सहज स्वभाव, राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आपको सुदीर्घ, सुयशपूर्ण जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।
सांसद रवि किशन ने लिखा कि सहज-सरल स्वभाव के धनी, सादगी की प्रतिमूर्ति, देश के सर्वांगीण विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले, भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें और हम सबका मार्गदर्शन करते रहें।
सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने लिखा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।
मुंबई 01 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि के अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर मुंबई के अलग-अलग मंदिरों में दर्शन पूजन किया। इसी तरह, उन्होंने श्री महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में विराजमान जगद्जननी शक्ति स्वरूपा मां जगदंब का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने देशवासियों के कल्याण के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मां भवानी की आराधना के पावन पर्व महानवमी की सभी परिवारजनों को ढेर सारी शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन सुख, सौभाग्य, संपन्नता, संपूर्णता, खुशियां और आरोग्य लेकर आए, अंबे मां से यही प्रार्थना करता हूं।”
इससे पहले, पीयूष गोयल ने रात में दहिसर, बोरीवली, कांदिवली और मलाड क्षेत्रों में विभिन्न नवरात्रि पंडालों का दौरा किया। पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत निरंतर ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और हर क्षेत्र में प्रगति करेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने दुर्गा उत्सव के दिन पूरे उत्तर मुंबई में उमंग और उत्साह का आनंद लिया है। कामना की है कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी के ऊपर बना रहे, देश की विकास यात्रा में हम सभी सहभागी बनें।
उन्होंने मुंबई समेत पूरे देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही, पीयूष गोयल ने कहा कि सुख, समृद्धि और शांति वाला देश भारत और नई ऊंचाई तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहुंचे, यह हम सभी का दृढ़ संकल्प और विश्वास है।
अपने इस दौरे के बीच उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित भी किया और वहां उपस्थित लोगों में नए उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। उत्तर मुंबई के नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री के इस दौरे और उनके प्रेरणादायी शब्दों की सराहना की।
भाजपा विधायक मनीषा चौधरी ने कहा कि खुशी की बात है कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल नवरात्रि के मौके पर अपने क्षेत्र में दुर्गा पंडालों में दर्शन पूजन करने गए। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की।
वाराणसी 01 Oct,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर वाराणसी में मां सिद्धिदात्री के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
बुधवार सुबह से ही गोलघर के समीप सिद्धमाता गली स्थित मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा।
महानवमी पर माता के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई। ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्त नारियल, गुड़हल की माला, लाल चुनरी और प्रसाद लेकर मंदिर पहुंचे। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। भक्तों ने मां सिद्धिदात्री से सिद्धि, सुख, शांति और सौभाग्य की कामना की।
मंदिर के महंत प्रेम शंकर ने कहा, “महानवमी का दिन मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है। काशी में नौ दुर्गा की अलग-अलग मूर्तियां स्थापित हैं और यह मंदिर सिद्ध माता को समर्पित है।”
श्रद्धालु रमेश चंद्र जायसवाल ने बताया, “आज के दिन मां सिद्धिदात्री देवी को पूजा जाता है और उनकी कृपा अपने भक्तों पर हमेशा बनी रहती है। साथ ही माता की कृपा से जीवन में सुख-शांति भी आती है।”
श्रद्धालु इंद्रा ने कहा, “मां सिद्धिदात्री के दर्शन मात्र से मन को असीम शांति मिलती है।”
वहीं, श्रद्धालु आशा ने कहा, “मैंने नौ दिन तक मां की पूजा अर्चना की है और आज कन्या-पूजन करुंगी। माता की पूजा से हर मनोकामना पूरी होती है। यह पर्व हम सभी के लिए बहुत खास है।”
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री भक्ति से प्रसन्न होकर श्रद्धालुओं पर अपनी कृपा बरसाती हैं।
शास्त्रों में उल्लेख है कि भगवान शिव को भी माता की कृपा से ही सर्व सिद्धियां प्राप्त हुई थीं।
मां सिद्धिदात्री का पूजन न केवल भौतिक सुख-समृद्धि के लिए, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी किया जाता है।
01.010.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने आज दिनांक 01 अक्टूबर 2025 को झारखंड के नवनियुक्त मुख्य सचिव, श्री अविनाश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की।
इस अवसर पर उपायुक्त ने श्री अविनाश कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके नए दायित्व के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
नई दिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा. अंतिम संस्कार से पहले उनका पार्थिव भाजपा कार्यालय में पहुंच चुका है.
दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक आम कार्यकर्ताओं के लिए उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन हो सकेंगे. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे. अंतिम संस्कार दोपहर तीन बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा.
स्वर्गीय विजय कुमार मल्होत्रा का पार्थिव शरीर दिल्ली तालकटोरा रोड स्थित उनके निवास से दिल्ली बीजेपी पंत मार्ग कार्यालय तक पहुंच चुका है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में उनका शव दोपहर 2:00 बजे तक आम कार्यकरताओं और नेता के लिए रखा गया है.
उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह से ही प्रदेश कार्यालय बीजेपी के नेता पहुंच रहे हैं.
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकाल में अध्यक्ष आलोक कुमार, भाजपा नेता शिव प्रताप सिंह, केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली सरकार में मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत पार्टी के तमाम बड़े पदाधिकारी और नेता कार्यकर्ता पहुंच गए है. अन्य बड़े नेता भी पहुंच रहे है.
दिल्ली सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली भाजपा के प्रथम अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा के निधन पर एक दिन (बुधवार) को राजकीय शोक की घोषणा की है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रो. मल्होत्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक और अपूरणीय क्षति है.
मुख्यमंत्री ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर उनका अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने उनके निवास पर जाकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के सांसद व विधायक भी रहे मल्होत्रा भारतीय जनसंघ और भाजपा की प्रथम पंक्ति के योद्धा थे.
बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा का मंगलवार सुबह निधन हो गया. यह जानकारी प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दी थी. वह 94वें वर्ष के थे. दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद एवं सांसद विजय कुमार मल्होत्रा का कुछ दिन से एम्स में इलाज चल रहा था और आज प्रात: लगभग 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.
नईदिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । भारत में बनने वाले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान यानी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। 7 भारतीय कंपनियों ने इसके प्रोटोटाइप डिजाइन और विकसित करने के लिए बोली लगाई है।
अब इनमें से 2 कंपनियों का चयन किया जाएगा, जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर लड़ाकू विमानों पर काम करेगी। सबकुछ ठीक रहा तो 2035 के आसपास भारत को 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान मिल सकता है।
जिन कंपनियों ने बोली लगाई हैं, उनमें लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स और अडाणी डिफेंस शामिल हैं।
अब ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व प्रमुख ए शिवथानु पिल्लई के नेतृत्व वाली एक समिति इन बोलियों का मूल्यांकन करेगी और रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगी। फिर 2 कंपनियों को चुना जाएगा, जिन्हें एएमसीए के 5 मॉडल बनाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
एएमसीए 2 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली निर्माण परियोजना है, जिसके तहत 125 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का उत्पादन किया जाना है। डीआरडीओ के अंतर्गत आने वाली एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) इस परियोजना की नोडल एजेंसी है।
अप्रैल, 2024 में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) ने 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी विमानों के डिजाइन और विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी थी। जून में केंद्र सरकार ने एएमसीए के प्रोडक्शन मॉडल को मंजूरी दी थी।
एएमसीए भारत का 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे स्वदेशी तकनीक से विकसित किया जा रहा है। 2 इंजन वाला ये विमान हर मौसम में 65,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होगा।
स्टील्थ तकनीक की वजह से ये रडार को भी चकमा दे सकेगा। 25 टन वजनी ये विमान अपने साथ 7,000 किलोग्राम वजन लेकर उड़ सकेगा। आधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस इस विमान की रेंज 3,200 किलोमीटर के आसपास होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था, सरकार का ध्यान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में है। एएमसीए न केवल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को वैश्विक रक्षा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगी।
रक्षा मंत्रालय ने कहा था, इस निर्णय का उद्देश्य भारत की स्वदेशी विशेषज्ञता, क्षमता और संसाधनों का उपयोग करते हुए 5वीं पीढ़ी के विमान प्रोटोटाइप का विकास करना है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
नईदिल्ली,01 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी किया है।
नई दिल्ली में स्थित डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में मनाए गए आरएसएस के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि थे।
उन्होंने 1963 में राजपथ (अब कर्तव्यपथ) पर निकाली गई आरएसएस की परेड से जुड़ा एक डाक टिकट और आरएसएस स्मारक 100 रुपये मूल्य का सिक्का जारी किया है।
आज जो डाक टिकट जारी हुआ है, उसमें स्वयंसेवकों के सेवा कार्य और 1963 में गणतंत्र दिवस की परेड की पुरानी तस्वीरों को शामिल किया गया है।
कहा जाता है कि परेड तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के अनुरोध पर हुई थी, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नागरिकों की एकजुटता की प्रतीक थी।
आरएसएस भी इस क्षण को गर्व से देखता है। सरकार ने स्मृति को आरएसएस के 100 वर्ष पर विशेष स्मारक डाक टिकट में संजोया है।
कार्यक्रम में एक 100 रुपये का सिक्का भी जारी किया गया है, जो आरएसएस के 100 वर्ष पर विशेष स्मारक है। इस सिक्के में आरएसएस कार्यकर्ताओं को भारत माता के समक्ष उनकी पारंपरिक मुद्रा में दिखाया गया है, जो आरएसएस के प्रत्येक आयोजन और समारोह का मानक है।
यह स्मारक सिक्का शुद्ध चांदी का बना है। सिक्के के पिछले भाग पर भारत माता को प्रणाम करते 3 स्वयंसेवक और सामने के भाग में अशोक स्तंभ का सिंह हैं।
01.010.2025 – अंधेरी (पश्चिम), मुंबई स्थित रहेजा क्लासिक क्लब के प्रेक्षागृह में आयोजित इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन( ISAMRA ) के 12वीं वार्षिक आम सभा में एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है। उसके अनुसार अब रॉयल्टी केवल गायकों को ही नहीं, बल्कि संगीतकारों, कोरस गायकों और वाद्ययंत्र वादकों को भी वितरित की जाएगी।
भारतीय संगीत के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी गीत में योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति उसके मूल्य में हिस्सा लेगा। विदित हो कि वर्ष 2012 में इंडियन सिंगर्स राइट्स एसोसिएशन (ISRA) की स्थापना हुई थी। गायकों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में अग्रसर यह पंजीकृत संस्था अपने परिवर्तित नाम इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन के साथ गायकों के अलावा संगीतकारों, कोरस गायकों और वाद्ययंत्र वादकों के हितों के लिए क्रियाशील हो गया है।
2012 से अब तक, गायकों को उनकी उचित रॉयल्टी दिलाने के लिए एसोसिएशन का सफर काफी लंबा रहा है और अभी भी उन्हें काफी लंबा सफर तय करना है। हालाँकि, फ़िलवक़्त यह एक बड़ी उपलब्धि है और इंडियन सिंगर्स राइट्स एसोसिएशन अपने बदले हुए नाम के साथ एक कदम और आगे बढ़ गया है।
अब इसे यूनाइटेड किंगडम जैसे विदेशी देशों से भी रॉयल्टी मिलनी शुरू हो गई है। वितरण के लिए ₹4.5 करोड़ निर्धारित किए गए हैं और केसरिया और रतन लंबियाँ जैसे नए चार्टबस्टर गानों से लेकर कल हो ना हो और सात समुंदर पार जैसे सदाबहार गानों से भी रॉयल्टी मिल रही है।
इस तरह, ISAMRA ने संगीत अधिकारों के क्षेत्र को सचमुच नया रूप दे दिया है। पहली बार, प्रत्येक स्वर – चाहे वह गाया गया हो या बजाया गया हो – अपना उचित महत्व रखेगा।यहाँ उल्लेखनीय है कि पहले चरण में 62 संगीतकारों और 40 कोरस गायकों को उनकी देय राशि प्राप्त होगी।
रॉयल्टी इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन (ISAMRA) के संस्थापक और प्रबंध निदेशक संजय टंडन, अध्यक्ष अनूप जलोटा और सिंगर सोनू निगम, हरिहरन, उदित नारायण, अनुराधा पौडवाल, जसपिंदर नरूला, सुदेश भोसले और शैलेंद्र सिंह जैसे नामचीन शख्सियतों द्वारा प्रदान की जाएगी।
आम सभा के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप जलोटा ने इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन की संघर्ष यात्रा की विस्तृत चर्चा करते हुए सदस्यता के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा- “जब तक आप सदस्य नहीं बन जाते, आप अपनी रॉयल्टी नहीं ले सकते। ISAMRA में, हम गायकों से आजीवन सदस्यता के लिए ₹10,000 और संगीतकारों से ₹2,000 लेते हैं, जो रॉयल्टी के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।”
ISAMRA के संस्थापक संजय टंडन ने भी यही भावना व्यक्त की: “यह भारतीय इतिहास में पहली बार होगा। इससे पहले संगीतकारों और कोरस गायकों को कभी रॉयल्टी नहीं मिली।
हमने इसके लिए वर्षों तक संघर्ष किया है, और अब मुझे इसे हकीकत बनते देखकर गर्व हो रहा है। सबसे कठिन काम गैर-फीचर्ड कलाकारों और उनके मेटाडेटा की पहचान करना होगा। हम उनसे आग्रह करते हैं कि वे आगे आएँ, ISAMRA से जुड़ें, और जो उनका हक़ है, उसे प्राप्त करें।”
* सिंगर सोनू निगम, जिन्होंने इस पल का हिस्सा बनने और इसे संगीतकारों और कोरस गायकों के साथ साझा करने के लिए लंबी दूरी तय की, उन्होंने इस उपलब्धि का सारांश देते हुए कहा: “जो एक छोटे से प्रयास से शुरू हुआ था, वह अब एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया है। पहली बार, गायकों, संगीतकारों और कोरस गायकों को ISAMRA के माध्यम से उनकी उचित रॉयल्टी मिल रही है। समुदाय का विश्वास हमेशा से हमारी ताकत रहा है, और यही विश्वास ISAMRA को संगीत जगत के हर कलाकार के अधिकारों के लिए अथक प्रयास करने के लिए प्रेरित करता है।”
* सिंगर जसपिंदर नरूला के लिए, यह पहल बेहद निजी है: “मुझे बहुत खुशी है कि ISAMRA संगीत समुदाय को उनका हक दिलाने का एक माध्यम है, और मैं इस महान आंदोलन का हिस्सा बनने के लिए आभारी हूँ।”
* वरिष्ठ सिंगर शैलेंद्र सिंह ने इसे एक लंबे समय से प्रतीक्षित विजय बताया: “यह एक लंबी लड़ाई रही है, और यह तो आने वाली रॉयल्टी की शुरुआत मात्र है।”
सिंगर उदित नारायण ने इंडियन सिंगर्स एंड म्यूजिशियंस राइट्स एसोसिएशन के ऐतिहासिक रॉयल्टी वितरण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि बहुत संघर्ष के बाद संगीत समुदाय के हित में सफलता मिली है।