मूवी लवर के लिए आमिर खान ने लॉन्च किया ‘आमिर खान टॉकीज’

27.03.2025 – अभिनेता आमिर खान ने अपने प्रोडक्शन हाउस का यूट्यूब चैनल ‘आमिर खान टॉकीज’ लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह चैनल खासकर उन लोगों के लिए है, जो फिल्मों की दुनिया को करीब से जानना चाहते हैं। यहां पर्दे के पीछे की अनदेखी कहानियां, शूटिंग के मजेदार किस्से और फिल्मों को लेकर गहरी चर्चाएं देखने को मिलेंगी।

इस चैनल पर सिर्फ फिल्मों के बनने की कहानी नहीं, बल्कि एक्टर्स की बातें, ग्रुप डिस्कशन और फिल्ममेकिंग पर खुलकर चर्चा भी होगी। आमिर खान प्रोडक्शंस से जुड़े कलाकार अपने अनुभव बताएंगे, जिससे फैन्स को सिनेमा के अंदर की दुनिया को और करीब से समझने का मौका मिलेगा।

इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए लोग सिर्फ फिल्म बनाने की बारीकियां नहीं सीखेंगे, बल्कि इसकी कलात्मकता और तकनीकी कमाल को भी महसूस कर पाएंगे। अभिनेता आमिर खान अपने यूट्यूब चैनल के बारे में कहते हैं यह एक ऐसी जगह होगी, जहां स्टोरीटेलिंग और रियलिटी का मिलन होगा। यहां आपको पर्दे के पीछे के अनदेखे लम्हों से लेकर उन फिल्मों पर गहरी बातचीत तक सब कुछ मिलेगा, जिन फिल्मों ने हमें पहचान दी है।

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 30 साल के कैरियर में अपनी फिल्मों से हमेशा लोगों का दिल जीता है। शानदार एक्टिंग के अलावा, प्रोड्यूसर के तौर पर भी उन्होंने आमिर खान प्रोडक्शंस के जरिए कई सुपरहिट फिल्में दी हैं, जो सिनेमा की दुनिया में नया मुकाम बना चुकी हैं। प्रयोगात्मक दौर में आमिर खान के द्वारा लॉन्च किया गया ‘आमिर खान टॉकीज’ निःसंदेह सिनेप्रेमियों के लिए एक शानदार तोहफ़ा साबित होगा।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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जस्टिस वर्मा के घर नोट मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका

जल्द सुनवाई की मांग

नई दिल्ली,26 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर कथित तौर पर नोटों की गड्डियां मिलने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। अधिवक्ता मैथ्यू नेदुम्पारा द्वारा दाखिल इस याचिका में दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस संजीव खन्ना ने याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से संपर्क करने को कहा है ताकि मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सके। याचिका में यह भी कहा गया है कि इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन जजों की समिति बनाने का कोई औचित्य नहीं है और इसकी जांच पुलिस को करनी चाहिए।

याचिका में न्यायपालिका के सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार रोकने के लिए प्रभावी और सार्थक कार्रवाई की जरूरत बताई गई है। इसके तहत सरकार को न्यायिक मानक और जवाबदेही विधेयक, 2010 को दोबारा लाने का निर्देश देने की मांग की गई है, जो पहले ही लैप्स हो चुका है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि न्यायपालिका में विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच तथा कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

इसके साथ ही यह मामला संसद से सड़क तक चर्चा का विषय बन गया है। खासकर विपक्ष के नेताओं ने इस मामले को काफी जोर-शोर से उठाया है, उनकी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले पर दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एस.एन. ढींगरा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर यह बरामदगी वास्तविक है, तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देना चाहिए था।

जस्टिस ढींगरा ने कहा, यह भ्रष्टाचार का एक ज्वलंत उदाहरण है। हमारी न्यायपालिका में कितना भ्रष्टाचार है, आप इसे इस मामले से समझ सकते हैं। इसके अलावा, कोई नहीं जानता कि और कितने जज हैं, जिनके पास ऐसी नकदी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जज होने का मतलब यह नहीं है कि वह कानून से ऊपर हैं। पुलिस को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और केवल उनका ट्रांसफर करना समस्या का हल नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले में आग लगने से एक बड़ा खुलासा हुआ था। इस घटना ने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया था। जज के घर से भारी मात्रा में नोटों की अधजली गड्डियों की बरामदगी हुई थी। इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम को भी तत्काल कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। इस मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया।

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कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया

नईदिल्ली ,26 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह पर सोनिया गांधी का अपमान करने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश की ओर से सौंपे गए नोटिस में कहा गया है कि यद्यपि अमित शाह ने उच्च सदन में अपने उत्तर के दौरान सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के पूर्व नियोजित उद्देश्य से उनके विरुद्ध निराधार आरोप लगाए हैं।

जयराम ने पत्र राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को दिया है।

राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम ने पत्र में लिखा, 25 मार्च को अमित शाह ने आपदा प्रबंधन विधेयक 2024 पर बहस का जवाब देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष कांग्रेस के शासन में बना और पीएम केयर्स नरेंद्र मोदी एनडीए के शासन में बना।

कांग्रेस के शासन में एक ही परिवार का नियंत्रण होता था, इसके अंदर कांग्रेस के अध्यक्ष सदस्य होते थे। कांग्रेस अध्यक्ष सरकारी फंड में, क्या जवाब दोगे देश की जनता को?

जयराम ने पत्र में लिखा कि शाह ने सोनिया का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफतौर पर उनका उल्लेख किया था और प्रधानमंत्री राहत कोष के कामकाज के संबंध में उनकी मंशा पर संदेह जताया था।

उन्होंने लिखा, यह सर्वविदित है कि सदन के किसी भी सदस्य पर टिप्पणी करना या अपमानजनक बातें कहना विशेषाधिकार का हनन और सदन की अवमानना है। गृह मंत्री का बयान सरासर झूठा और मानहानिकारक है, जो सोनिया गांधी के विशेषाधिकार का हनन है।

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दिल्ली में कमल खिला अब बंगाल की बारी

लोकसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली,26 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 पर हुई चर्चा का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि सहकारिता एक ऐसा क्षेत्र है, जो देश में एक प्रकार से हर परिवार को छूता है। हर गांव में कोई न कोई ऐसी इकाई है, जो सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास, ग्रामीण विकास और स्वरोजगार के काम में जुटी हुई है और देश के विकास में योगदान करती है।

इस विधेयक के पारित होने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, स्वरोजगार और छोटी उद्यमिता का विकास होगा, और सामाजिक समावेशन बढ़ेगा।

गृह मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यों का परिणाम है कि आज दिल्ली में भी कमल खिल गया और यहां भी आयुष्मान भारत योजना आ गई। देश के हर गरीब को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक खर्च की चिंता नहीं करनी है।

अब बंगाल बचा है, चुनाव के बाद वहां भी कमल खिलेगा और आयुष्मान भारत आ जाएगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड को एक राष्ट्रीय कोऑपरेटिव संस्था बनाया है। इनके माध्यम से देश के किसानों का उत्पाद विदेशों में निर्यात करने का काम चल रहा है।

अब तक 12 लाख टन सामग्री दुनिया के विभिन्न बाजारों में बेचकर इसका मुनाफा सीधा किसानों के पास पहुंचाया गया है।

अमित शाह ने कहा कि कई साल तक बड़े-बड़े कोऑपरेटिव लीडर कृषि मंत्री रहे, लेकिन सहकारी चीनी मिलों के समक्ष इनकम टैक्स की जो समस्या थी, वह कभी समाप्त नहीं होती थी।

सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद साल 2022 में एक असेसमेंट की समस्या को मोदी सरकार ने हमेशा के लिए समाप्त कर दिया, जो 2016 से चल रही थी।

उन्होंने कहा कि सहकार से समृद्धि सिर्फ एक नारा नहीं है, इसे जमीन पर उतारने के लिए साढ़े तीन साल में सहकारिता मंत्रालय ने दिन-रात एक किया है।

आने वाले दिनों में कुछ ही महीनों में कोऑपरेटिव बेसिस पर ओला-ऊबर जैसी एक बहुत बड़ी कोऑपरेटिव सहकार टैक्सी आने वाली है और इसका मुनाफा किसी धन्नासेठ के हाथ में नहीं जाएगा, वह ड्राइवर के पास जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी। जब भी देश का इतिहास लिखा जाएगा, यह 10 साल का कालखंड इस देश के गरीबों के लिए स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।

मोदी सरकार ने देश के गरीबों को घर देने का काम किया, शौचालय देने का काम किया, पीने का शुद्ध पानी देने का काम किया, हर महीने पांच किलोग्राम अनाज मुफ्त देने का काम किया, और गरीबों के घर गैस और बिजली पहुंचाने का काम किया।

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वक्फ विधेयक को लेकर पटना में मुस्लिम संगठनों का प्रदर्शन

लालू-तेजस्वी भी शामिल हुए

पटना ,26 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। इसी कड़ी में आज बिहार की राजधानी पटना में भी प्रदर्शन किया गया।

पटना के गर्दनी बाग में मुस्लिम संगठनों ने विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसे राष्ट्रीय जनता दल ने अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन में लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव भी शामिल हुए।

इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि राजद हमेशा मुस्लिमों के साथ खड़ी रही है।

तेजस्वी ने कहा, जो विधेयक लाया गया है, इसके विरोध में आप सब लोगों का महाजुटान हुआ है। हमारी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल, हम लोगों के नेता लालू प्रसाद यादव जी बीमार अवस्था में भी यहां आप लोगों का साथ देने पहुंचे हैं।

हम लोग किसी भी कीमत पर, चाहे सत्ता रहे या जाए, हम लोगों को इसकी परवाह नहीं है। आप लोगों की इस लड़ाई में हम लोग पूरी मजबूती के साथ आपके साथ खड़े हैं।
लालू यादव ने कहा, यह विधेयक अन्यायपूर्ण है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। हम इसके विरोध में हैं। यह गलत हो रहा है, जनता सब समझ रही है।

प्रदर्शन को कई पार्टियों का भी समर्थन मिला। आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद भी पटना पहुंचे। उन्होंने कहा, जिनके भी अधिकारों पर हमला होगा, उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे।

विकासशील इंसान पार्टी ने भी विधेयक को संविधान के खिलाफ बताया।

भाजपा सांसद और वक्फ संशोधन विधेयक पर बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वो देश के मुसलमानों और अल्पसंख्यकों को गुमराह कर रहा है।

उन्होंने कहा, सरकार की ओर से लाया गया वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के हित में है। खासकर गरीबों, पसमांदा, महिलाओं, विधवाओं और बच्चों के लिए। विधेयक से कोई भी धार्मिक स्थल, मस्जिद या कब्रिस्तान प्रभावित नहीं होगा, जैसा कि बोर्ड आरोप लगा रहा है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, 90 प्रतिशत से अधिक संपत्तियां मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह और इमामबाड़ों के रूप में हैं। इन संपत्तियों से कोई आय नहीं होती है।

इसलिए, इसमें आपत्तियां उठाने का कोई कारण नहीं है। सैकड़ों वर्षों से मुस्लिम समुदाय इन संपत्तियों का प्रबंधन कर रहा है। इसलिए सरकार की ओर से किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईद के बाद सरकार संसद में वक्फ विधेयक को पेश कर सकती है। अगल हफ्ते ईद है, ऐसे में अगले हफ्ते विधेयक के पेश किए जाने की संभावना है।

इससे पहले मंत्रिमंडल ने जेपीसी की रिपोर्ट के आधार पर विधेयक में प्रस्तावित 23 में से 14 बदलावों को मंजूरी दी थी। तब विपक्षी सांसदों ने कहा था कि उनके एक भी बदलाव को स्वीकार नहीं किया गया।

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अब मैदानी इलाकों में कहर बरपाएगी गर्मी, राजस्थान में पारा 40 डिग्री के पार

नईदिल्ली,25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिमी विक्षोभ से पिछले कुछ दिनों से मैदानी इलाकों में गर्मी से मिली राहत अब तापमान में इजाफा होने से खत्म हो जाएगी। पहाड़ों पर बारिश से तापमान सामान्य रहेगा, लेकिन मैदानों में पारा चढऩे से लोगों को पसीने छूटने वाले हैं।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, देश के उत्तर-पश्चिम में अगले 2 दिनों में तापमान 2-3 डिग्री, पश्चिम और पूर्वोत्तर हिस्सों में अगले 4-5 दिनों में 4-6 डिग्री के अलावा मध्य में 2-4 डिग्री बढ़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में 25 और 26 मार्च को मौसम साफ रहने से तापमान में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। प्रदेश में अगले 4 दिनों में पारा 4-6 डिग्री तक ऊपर जा सकता है।

इसी के साथ राजस्थान में भी भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर और चित्तौडग़ढ़ में तापमान 40 डिग्री के पार जाने से लू के हालात बने हुए हैं।

अगले 2 दिनों तक उत्तर-पूर्वी हवाओं से तापमान में उतार-चढ़ाव होगा।

उत्तराखंड में शुष्क मौसम होने के चलते तापमान में 3-4 डिग्री तक बढ़ गया है। 27 और 28 मार्च को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी बढऩे लगी है, जबकि पहाड़ों पर सुबह-शाम ठंड का अहसास हो रहा है। आज लाहुल स्पीति और चंबा में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।

जम्मू-कश्मीर के अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहने के साथ पहाड़ों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आज मौसम साफ रहेगा, जिससे अधिकतम तापमान 37 और न्यूनतम 17 डिग्री तक जा सकता है।

26 और 27 मार्च को गर्मी के तेवर तीखे होंगे। 27 मार्च को दोपहर बाद तेज हवा चल सकती है। दोनों दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।

इसके बाद 28 से 30 मार्च तक बादल छाने और 20-30 किमी/घंटा की हवा चलने से तापमान में थोड़ी कमी आएगी।

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सड़क दुर्घटनाओं के कारण जीडीपी में तीन प्रतिशत का नुकसान: नितिन गडकरी

नई दिल्ली, 25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि हम सड़क दुर्घटनाओं के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में तीन प्रतिशत का नुकसान हो रहा है।

नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में सड़क सुरक्षा के लिए तकनीकी हस्तक्षेप : भारत-अमेरिका साझेदारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं हमारी सबसे बड़ी समस्याओं में से एक हैं। हर साल देश में 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिसमें 1,88,000 लोगों की मौत होती है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, जान गंवाने वाले लोगों में 18 से 45 वर्ष की आयु के 66 प्रतिशत लोग होते हैं। युवा, प्रतिभाशाली, इंजीनियरिंग स्नातक, मेडिकल छात्रों के नाम भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वहीं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का यह आंकड़ा 10,000 है।

अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं स्कूलों के आसपास वाले इलाकों में होती हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम इन दुर्घटनाओं के साथ अपनी जीडीपी का तीन प्रतिशत खो रहे हैं।

उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय परिदृश्य में एक समस्या यह है कि हम डीपीआर सलाहकार के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें कभी-कभी लागत और बचत आदि पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनमें सुधार किया जा सकता है। इन सुधारों के साथ मौजूदा सरकार ने सड़क हादसों में मौत के आंकड़ों में 48 प्रतिशत और सड़क दुर्घटनाओं में 49 प्रतिशत की कमी की है।

उन्होंने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को 100 प्रतिशत सही बनाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब दुर्घटनाओं के आंकड़े में 50 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उनके सही कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अमेरिका और यूरोपीय देशों का लाभ उठाते हुए, अब हम बेहतरीन यातायात प्रणाली के संबंध में बहुत सारे कदम उठा रहे हैं। इसके कार्यान्वयन के संबंध में बहुत सारे निर्णय लिए गए हैं।

गडकरी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए स्कूली शिक्षा में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी देने की जरूरत पर जोर दिया।

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कठुआ में तीसरे दिन भी सेना का ऑपरेशन जारी

हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

कठुआ,25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के सानियाल और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बलों का आतंकियों के खिलाफ अभियान तीसरे दिन भी जारी है. सुरक्षा बल, जिनमें सेना, पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं, 5 से 6 आतंकियों की तलाश में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

इस ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को भी शामिल किया गया है. सूत्रों के अनुसार, आतंकियों ने अपने ठिकाने बदले हैं, लेकिन सेना के जवान पूरे इलाके को घेरे हुए हैं और उन्हें पकडऩे के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

यह अभियान रविवार शाम 6:30 बजे हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद शुरू हुआ था. लगभग तीन घंटे तक चली यह मुठभेड़ कम दृश्यता के कारण रोक दी गई थी. सुबह होते ही ऑपरेशन फिर से शुरू हुआ और आज यह तीसरे दिन भी जारी है. इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जो आतंकियों को पकडऩे के लिए कोई भी कसर नहीं छोडऩा चाहते.

सुरक्षाबलों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगभग 5 किलोमीटर दूर सान्याल गांव में 4-5 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने एक पति-पत्नी को बंधक बना लिया था. मौका मिलने पर महिला भागने में सफल रही, हालांकि आतंकियों ने उसे गोली मारने की धमकी दी. महिला के भागने के बाद, उसका पति भी आतंकियों के चंगुल से भाग निकला. इस घटना में एक बच्ची को मामूली चोटें आई हैं.

इस पूरे ऑपरेशन को जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात स्वयं ग्राउंड से मॉनिटर कर रहे हैं, वे खुद भी जवानों के साथ इस ऑपरेशन में शामिल हुए हैं. ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. घटनास्थल से चार एम-4 राइफल मैगजीन, 4 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस पैक, बुलेटप्रूफ जैकेट, कई जोड़ी जूते, स्लीपिंग बैग और ट्रैक सूट बरामद हुए हैं. इससे आतंकियों की तैयारी और उनके नापाक मंसूबों का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी और उसकी पत्नी की याचिका खारिज की

मधुमिता शुक्ला हत्याकांड

नई दिल्ली,25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में पूर्व उत्तर प्रदेश मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की समयपूर्व रिहाई के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. मधुमिता शुक्ला, जो उस समय गर्भवती थीं, की 9 मई 2003 को लखनऊ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. पीठ ने कवि की बहन निधि शुक्ला को इस मामले में संबंधित उच्च न्यायालय में जाने का निर्देश दिया. पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से यह भी पूछा कि कौन से मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है, और कहा कि राज्य के फैसले को चुनौती देने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया.

अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को उत्तर प्रदेश कारागार विभाग द्वारा 2018 की छूट नीति के अनुसार समयपूर्व रिहाई का आदेश दिया गया था, क्योंकि उन्होंने 16 साल की सजा पूरी कर ली थी.

यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि अमरमणि त्रिपाठी उस समय मंत्री थे और मधुमिता शुक्ला के साथ उनके संबंध बताए जाते हैं.

त्रिपाठी को सितंबर 2003 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में अक्टूबर 2007 में देहरादून की एक अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. नैनीताल उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों ने बाद में सजा को बरकरार रखा. इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने की थी.

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दिल्ली से बेंगलुरु जा रही फ्लाइट की ईंधन कम होने के कारण चेन्नई में इमरजेंसी लैंडिंग?

चेन्नई,25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली के डोमेस्टिक एयरपोर्ट से हर रोज भारत के विभिन्न हिस्सों के लिए 100 से अधिक उड़ानें संचालित हो रही हैं. इनमें कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट भी शामिल है, जिसने सोमवार दोपहर दिल्ली से 172 यात्रियों के साथ उड़ान भरी.

उड़ान भरने के बाद बीच हवा में उड़ते समय पायलट को एहसास हुआ कि विमान में ईंधन कम हो रहा है. इसको लेकर उसने हवाई अड्डे के कंट्रोल रूम को सूचित किया और कहा कि इससे विमान को बेंगलुरु में उतारने में समस्या होगी. इसके बाद कंट्रोल रूम के अधिकारियों ने तुरंत विमान को चेन्नई की ओर मोडऩे और वहां ईंधन भरने का आदेश दिया.

इसके बाद पायलट ने विमान को कल दोपहर करीब 1 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार और उसमें ईंधन भरा, जिस समय एयर इंडिया के विमान में ईंधन भरा जा रहा था, उस समय सभी यात्री विमान में बैठे हुए थे. इसके बाद विमान दोपहर करीब 2 बजे चेन्नई एयरपोर्ट से रवाना हुआ. यह दोपहर करीब 3 बजे बेंगलुरु पहुंचा.

वहीं, विमान के बेंगलुरु पहुंचने में देरी होने से यात्री नाराज हो गए. हालांकि, यात्रियों सहित सभी ने विमान में ईंधन कम होने का एहसास होने के बाद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के लिए पायलट की सराहना की.

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आपदा प्रबंधन में किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं, 10 सालों में बेहतरी काम हुआ

संसद में बोले गृह मंत्री अमित शाह 

नई दिल्ली ,25 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आपदा प्रबंधन में आर्थिक सहायता देने में कुछ राज्यों के साथ भेदभाव के विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में दावा किया कि पिछले दस साल में भारत आपदा प्रबंधन के मामले में राष्ट्रीय ही नहीं क्षेत्रीय एवं वैश्विक ताकत बनकर उभरा है तथा इसे दुनिया भी यह स्वीकार कर रही है.

उच्च सदन में शाह ने आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इसमें सत्ता के केंद्रीयकरण का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है. उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के बारे में इस विधेयक में न केवल प्रतिक्रियात्मक रवैया अपनाने बल्कि पहले से तैयारी करने, अभिनव प्रयासों वाले और सभी की भागीदारी वाले रवैये को अपनाने पर जोर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा के जोखिमों को घटाने के लिए विश्व के समक्ष जो 10 सूत्री एजेंडा रखा है, उसे 40 देशों ने अपना लिया है और उसका पालन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विधयक में न केवल राज्य सरकारों बल्कि आम लोगों की भागीदारी का प्रावधान किया गया है.

शाह ने कहा, ”पिछले दस सालों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जो परिवर्तन आया है, हम राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ क्षेत्रीय एवं वैश्विक ताकत बनकर उभरे हैं, यह पूरी दुनिया स्वीकार करती है. भारत की सफलता गाथा को लंबे समय तक बनाये रखने के लिए यह विधेयक लाया गया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सफलता गाथा सरकार की नहीं पूरे देश की है.

शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन की लड़ाई संस्थाओं को अधिकार संपन्न बनाने के साथ-साथ जवाबदेह बनाये बिना नहीं लड़ी जा सकती है. उन्होंने कहा कि विधेयक में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है.

उन्होंने कहा कि आपदा का सीधा रिश्ता जलवायु परिवर्तन से है. उन्होंने कहा कि आपदा रोकने के लिए आवश्यक है कि जलवायु परिवर्तन पर नजर रखी जाए और ग्लोबल वार्मिंग को रोका जाए. उन्होंने वेदों का जिक्र किया और कहा कि इसमें न केवल पृथ्वी बल्कि अंतरिक्ष तक को बचाने की बात कही गयी है. गृह मंत्री ने सृष्टि को बचाने के लिए भारत द्वारा प्राचीन समय से किए जा रहे उपायों का जिक्र करते हुए हड़प्पा सभ्यता का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि सदस्यों ने सत्ता के केंद्रीयकरण को लेकर चिंता व्यक्त की है किंतु यदि विधेयक को ध्यान से देखा जाए तो क्रियान्वयन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन की है जो राज्य सरकार के तहत आता है. शाह ने कहा कि विधेयक में कहीं भी संघीय ढांचे को नुकसान करने की संभावना ही नहीं है.

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‘सिकंदर’ का ट्रेलर जारी….. 30 मार्च को रिलीज होगी फिल्म……!

फिल्मी हलचल

अभिनेता सलमान खान की बहुप्रतीक्षित एक्शन थ्रिलर ‘सिकंदर’ का धमाकेदार ट्रेलर प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला के द्वारा जारी कर दिया गया है।

25.03.2025  –  3 मिनट 39 सेकंड के इस ट्रेलर में सलमान खान ‘सिकंदर’ के रोल में नज़र आ रहे हैं, जो एक मिशन पर निकला ऐसा शख्स, जिससे दुश्मनों का बच पाना नामुमकिन लगता है और यही चीज इस फिल्म को एक जबरदस्त सिनेमैटिक एक्सपीरियंस बनाने का वादा करती है। ट्रेलर एकदम परफेक्ट बैलेंस दिखाता है, जहां हाई-स्टेक ड्रामा है, दिल छू लेने वाले इमोशंस हैं और धुआंधार एक्शन है। सलमान खान अपने हर अवतार में छा गए हैं—चाहे वो ग्रिटी वन-लाइनर्स हों या इंटेंस फाइट सीन्स, हर सीन में वो फुल ऑफर्स में नजर आते हैं।

ये ट्रेलर साफ-साफ बता देता है कि सिकंदर एक मास एंटरटेनर है, जो बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने वाला है। वहीं, रश्मिका मंदाना भी ट्रेलर में पूरी तरह छा गई हैं। उनकी एफर्टलेस चार्म और स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है, जो हर सीन में ध्यान खींच लेती है। खूबसूरत विजुअल्स के साथ उनकी नैचुरल ब्यूटी इस फिल्म के ट्रेलर में अलग ही ग्लो लाती है।

इस फिल्म के निर्देशक ए.आर. मुरुगदॉस, जो गजनी (2008) जैसी जबरदस्त फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ‘सिकंदर’ में भी अपना सिग्नेचर स्टाइल लेकर आए हैं। ‘सिकंदर’ में फैमिली ड्रामा, रोमांस, एक्शन और सस्पेंस का जबरदस्त मिक्स है, जो हर तरह के दर्शकों को पसंद आने वाला है। यह फिल्म 30 मार्च को देश के सभी सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

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एक्सेल एंटरटेनमेंट की एक्शन थ्रिलर ‘ग्राउंड जीरो’ 25 अप्रैल को होगी रिलीज………’सिकंदर’ के साथ अटैच हुआ टीजर……….!

एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले निर्मित और तेजस देवस्कर द्वारा निर्देशित एक्शन थ्रिलर ‘ग्राउंड जीरो’ के टीज़र को सलमान खान की नवीनतम फिल्म ‘सिकंदर’ के साथ मेकर्स ने अटैच कर दिया है। BSF के वीरों की अनसुनी कहानी बयां करती फिल्म ‘ग्राउंड जीरो’ में अभिनेता इमरान हाशमी एक दमदार किरदार में नज़र आने वाले हैं।

फिल्म की कहानी एक BSF डिप्टी कमांडेंट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दो साल तक एक हाई-स्टेक्स नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट की जांच करता है। एक ऐसी अनकही लड़ाई से प्रेरित, जो सालों तक जनता की नज़रों से छुपी रही, ये फिल्म BSF के अब तक के सबसे बेहतरीन ऑपरेशन को दिखाती है, जिसे 2015 में आधिकारिक तौर पर सम्मानित भी किया गया था।

जबरदस्त एक्शन, गहरे इमोशंस और देशभक्ति से भरी ग्राउंड जीरो हिम्मत, बलिदान और उन अनदेखी चुनौतियों को सामने लाने वाली है, जिनसे हमारे जवान रोज़ाना जूझते हैं।

25 अप्रैल को रिलीज़ हो रही ये फिल्म जबरदस्त एक्शन और इमोशंस से भरी होने वाली है, जो दर्शकों को एक इंटेंस सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देने का वादा करती है। हाई-ऑक्टेन एक्शन और इमोशन से भरपूर ये कहानी सिर्फ जंग के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन निजी बलिदानों को भी दिखाएगी, जो सरहद पर तैनात हमारे जवान देते हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में सरकार ने अब तक झुग्गीवासियों को वितरित किए 90 लाख घर

नई दिल्ली ,24 मार्च (एजेंसी)। सरकार द्वारा सोमवार को संसद में कहा गया कि 3 मार्च 2025 तक प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत शहरों में झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले लोगों को 90.60 लाख घर दिए गए हैं।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि पीएमएवाई-यू के तहत मंत्रालय द्वारा कुल 118.64 लाख मकानों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 112.46 लाख मकानों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 3 मार्च 2025 तक 90.60 लाख मकान पूरे हो चुके हैं या लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि फंडिंग पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति में बदलाव किए बिना स्वीकृत घरों को पूरा करने के लिए योजना की अवधि 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है।

राज्य मंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) 25 जून, 2015 से पीएमएवाई-यू के तहत केंद्रीय सहायता प्रदान करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता कर रहा है, जिससे देश भर में मलिन बस्तियों सहित शहरी क्षेत्रों में पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकें।

राज्य मंत्री साहू ने कहा कि पीएमएवाई-यू के कार्यान्वयन के नौ वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर मंत्रालय ने इस योजना को नया रूप दिया है और एक करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों के लिए 1 सितंबर, 2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन शुरू किया है।

राज्य मंत्री ने कहा कि अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं और ऐसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 6.77 लाख घरों की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 1.39 करोड़ परिवारों के कुल 6.54 करोड़ लोग झुग्गियों में रह रहे हैं। झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले परिवारों का यह आंकड़ा 2011 में की गई अंतिम जनगणना पर आधारित है।

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वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे का कार्य निर्णायक दौर में : राष्ट्रपति मुर्मू

नई दिल्ली ,24 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत जय जोहार के साथ की।

राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में लोकतंत्र के इस उत्सव में आप सबके साथ शामिल होकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के असाधारण मार्गदर्शन में संपन्न हुई थी।

उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हम सब उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं और उनके सम्मान में सादर नमन करते हैं। आप सबके बीच आकर मुझे ओडिशा विधानसभा में विधायक के रूप में अपने समय की यादें ताजा हो गई हैं।

मैं अपने अनुभव से यह कह सकती हूं कि विधायक की जिम्मेदारी निभाना, जन-सेवा की भावना से प्रेरित व्यक्ति के लिए बड़े सौभाग्य की बात होती है। विधानसभा, राज्य के निवासियों की आकांक्षाओं को व्यक्त करती है और उन्हें कार्यरूप देती है। विधानसभा राज्य की संस्कृति से प्रभावित भी होती है और उसे दिशा भी प्रदान करती है।

रजत जयंती वर्ष समारोह के तहत विधानसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे का कार्य अंतिम और निर्णायक दौर में पहुंच गया है।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग विकास के मार्ग पर आगे बढऩा चाहते हैं। मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ को उग्रवाद से पूर्णतया मुक्त करने के प्रयास में आप सब शीघ्र ही सफलता प्राप्त करेंगे और राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ेंगे।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने लोकतांत्रिक परंपराओं के सर्वोच्च मानदंड स्थापित किए हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सदन की कार्यवाही के दौरान वेल में आने वाले सदस्यों को स्वत: निलंबित करने का असाधारण नियम बनाया है और इसका पालन किया है।

उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि पिछले 25 वर्षों के दौरान यहां के विधानसभा में कभी भी मार्शल का उपयोग नहीं करना पड़ा। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने न केवल देश के लिए बल्कि विश्व की सभी लोकतांत्रिक प्रणालियों के समक्ष उत्कृष्ट संसदीय आचरण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

राष्ट्रपति ने महिला विधायकों से सभी महिलाओं का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जब वे विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को प्रोत्साहित करेंगी, तब सभी का ध्यान उन महिलाओं की ओर जाएगा और उनके विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

चाहे वे शिक्षक हों या अधिकारी, समाजसेवी हों या उद्यमी, वैज्ञानिक हों या कलाकार, मजदूर हों या किसान, अक्सर हमारी बहनें दिन-प्रतिदिन की घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए और कठिन संघर्ष करते हुए बाहरी दुनिया में अपना स्थान बनाती हैं। जब सभी महिलाएं एक-दूसरे को सशक्त बनाएंगी, तो हमारा समाज और अधिक मजबूत और संवेदनशील बनेगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। सीमेंट, खनिज उद्योग, इस्पात, एल्युमीनियम और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में विकास के भरपूर अवसर हैं। यह खूबसूरत राज्य हरे-भरे जंगलों, झरनों और अन्य प्राकृतिक सौगातों से भरपूर है।

उन्होंने राज्य के नीति निर्माताओं से विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को आधुनिक विकास की यात्रा से जोडऩे की जिम्मेदारी भी नीति निर्माताओं की है।

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुनी आमजन की समस्या

अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश

जयपुर ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई की। उन्होंने वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति से आत्मीयता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं को सुना। शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण एवं चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों की आमजन से संबंधित समस्याएं सुनी तथा कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर परिवादी को राहत दी। जनसुनवाई के दौरान आमजन ने राज्य बजट वर्ष 2025-26 में दी गई सौगातों के लिए श्री शर्मा का आभार जताया तथा दुपट्टा ओढ़ाकर उनका अभिनन्दन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।
बबीता कुमारी को चिकित्सा सहायता, गायत्री को कैंसर की दवा
जनसुनवाई में बालोतरा की बबीता कुमारी ने मुख्यमंत्री को दांतों से संबंधित बीमारी से अवगत करवाया तथा शीघ्र इलाज के लिए निवेदन किया। इस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बबीता कुमारी को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
पाली से आई कैंसर रोग से ग्रसित गायत्री ने कैंसर की दवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया। इस पर शर्मा ने गायत्री को नि:शुल्क कैंसर की दवा उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। बबीता और गायत्री अपनी परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण से बेहद खुश नजर आई और मुख्यमंत्री को बार-बार धन्यवाद दिया।

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बीमारू राज्य से अर्थ शक्ति बनकर उभरा यूपी : सीएम योगी

लखनऊ ,24 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के आठ वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उनके साथ दोनों उप मुख्यमंत्री, मंत्री और संगठन के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले यूपी को बीमारू राज्य माना जाता था। लेकिन आज अर्थ शक्ति बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पहले दंगे व आतंक को लोगों ने देखा। आठ वर्ष पहले यूपी बीमारू राज्य माना जाता था। आज वही प्रदेश अर्थ शक्ति के रूप में उभरा है। पहले यूपी विकास का ब्रेकर माना जाता था। आज वही प्रदेश विकास का उदाहरण बनकर उभरा है। प्रदेश वही है, जनता वही है, सिस्टम वही है, सिर्फ सरकार बदलने मात्र से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति क्या थी, आप सभी जानते हैं कि यहां की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर क्या था, यह किसी से छिपा नहीं है। यही प्रदेश है, जहां किसान आत्महत्या करता था। युवाओं के सामने पहचान का संकट था। इसी प्रदेश में दंगा व अराजकता था। इन्हें प्रदेश ने झेला था। प्रदेश और तंत्र वही है, केवल सरकार बदलने से व्यापक बदलाव कैसे होता है, इसको महसूस किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया गया, उसकी वजह से जो प्रदेश बीमारू था, आज वही प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन के रूप में जाना जा रहा है। आज प्रत्येक सेक्टर में प्रदेश देश के विकास में ब्रेक थ्रू के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी प्राचीन समय से ही कृषि प्रधान रहा। हमारे पास प्रकृति की ओर से प्रचुर मात्रा में अवसर था, हम इसको आगे बढ़ सकते थे। 2017 के पहले किसान आत्महत्या करता था, कृषि सेक्टर में एक वीरानी छाई हुई थी। आज व्यापक बदलाव हुए, कृषि विकास दर 13.5 फीसदी से अधिक हुई, इससे प्रदेश के जीडीपी में 28 फीसद की बढोत्तरी हुई, इसकी शुरुआत हमारी पहली कैबिनेट ने किया था। 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी की गई।

उन्होंने कहा कि 2017 से 2023 तक हमने ढाई गुना ज्यादा गेहूं की खरीदारी की। 43 हजार 424 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार धान की खरीदारी के लिए 88 हजार 746 करोड़ डीबीटी के माध्यम से दिया गया। सरकार ने 32 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को बाढ़ से बचाने का कार्य किया गया।

योगी ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के लिए 7700 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12 लाख 50 हजार से अधिक गोवंश का संरक्षण सरकार कर रही है, साथ ही सहभागिता योजना के माध्यम से 1 लाख 5 हजार पशुपालकों को 1 लाख 63 हजार गोवंश उनकी सुपुर्दगी में दिया गया है। जिसके लिए सरकार 1500 रुपये प्रति गोवंश प्रति माह कर रही है।

इस मौके पर उन्होंने सरकार के आठ वर्षों की उपलब्धियों पर जारी एक पुस्तिका का विमोचन किया। इसके बाद सरकार की सेवा, सुरक्षा और सुशासन नीति पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी जारी की।

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केंद्र ने राजस्थान में गेहूं की सरकारी खरीद के मानकों में छूट दी

भीलवाड़ा 24 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजस्थान में अत्यधिक गर्मी और बारिश के चलते गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए निर्धारित मानकों में कुछ छूट दी है। इससे किसानों को राहत मिलेगी ।

भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के निर्णय के अनुसार, रबी मार्केटिंग सीजन 2025-26 में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए राजस्थान के किसानों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों में ढील प्रदान की गई है। राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया।

अत्यधिक गर्मी और बारिश से गेहूं की फसल प्रभावित हुई है जिससे गेहूं के दाने सिकुड़ने और गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।सरकारी खरीद में गेहूं के सिकुड़े या टूटे दाने पहले 6 प्रतिशत तक मान्य थे, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है।

क्षतिग्रत व आंशिक क्षतिग्रत दानों का अंश संयुक्त रूप से 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।चमकविहीन (लस्टर लॉस) दाने 10 प्रतिशत तक मान्य होंगे।इन मानको की छूट पर किसी प्रकार की कटौती सरकार द्वारा नहीं की जाएगी।

मानकों में रियायत के तहत खरीदे जाने वाले गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखने के निर्देश दिए गये हैं। इस प्रकार खरीदे गए गेहूं को राज्य से बाहर नहीं भेजा जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर सामान्य गुणवत्ता के गेहूं से पहले निकाला जाएगा।इस साल केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

इस पर राजस्थान सरकार ने 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का ऐलान किया है। इस तरह राजस्थान के किसान गेहूं की फसल 2575 रुपये प्रति क्विंटल के रेट पर बेच सकेंगे।

भारतीय खाद्य निगम के मण्डल प्रबन्धक श्री राकेश कुमार ने बताया कि जिले में भारतीय खाद्य निगम के छ: खरीद केंद्र कृषि उपज मंडी भीलवाड़ा,शाहपुरा,जहाजपुर,मांडलगढ़ कोटडी एवं गुलाबपुरा है।

गेहूं की खरीद ई प्रोक्योरमेंट मोडुयल के माध्यम से की जाएगी किसान अपना पंजीकरण पोर्टल mspproc.rajasthan.gov.in ,ईमित्र,अटल सेवा केंद्र एवं भारतीय खाद्य निगम के मंडियो मे तैनात गुणवत्ता निरीक्षक के द्वारा किसान के जनाधार के माध्यम से निःशुल्क करवा सकते हैं किसान गेहूं बेचते समय पंजीकरण पोर्टल से टोकन जारी कराने से पहले जन आधार कार्ड बैंक अकाउंट में यदि मिसमैच है तो त्रुटि को ठीक करवा ले।

जमीन की गिरदावरी संबंधी विसंगतियों को भी ठीक करवा ले न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल है जो कि गत वर्ष से 150 रुपए अधिक है इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार ने 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की है कुल मिलाकर मूल्य ₹2575 प्रति क्विंटल का भुगतान किसान को किया जाएगा।

उपज का भुगतान भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहु तुलाई के 24 से 48 घंटे में कर दिया जाएगा अगर किसी को कोई समस्या या कठिनाई आ रही हो तो भारतीय खाद्य निगम के मण्डल प्रबन्धक,नोडल अधकरी या मंडी मे तैनात गुणवत्ता निरीक्षक से संपर्क कर सकते है ।

अब तक मांडलगढ़ मे 242, कोटडी मे 59, भीलवाड़ा मे 28, जहाजपुर मे 28 ,शाहपुरा मे 18 एवं गुलाबपुरा मे 24 किसानो ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है।

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राजीव चंद्रशेखर चुने गए केरल भाजपा के नए अध्यक्ष

शशि थरूर ने दी बधाई

नई दिल्ली ,24 मार्च(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर को भाजपा की केरल इकाई का नया अध्यक्ष चुना गया है। सोमवार को भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक प्रह्लाद जोशी ने पार्टी की राज्य परिषद की बैठक के दौरान यह घोषणा की।

वहीं, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और अपने लोकसभा प्रतिद्वंद्वी राजीव चंद्रशेखर को भाजपा की केरल राज्य इकाई का नया अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भाजपा के नवनिर्वाचित केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को बधाई और शुभकामनाएं। एक बार फिर आमने-सामने आने की उम्मीद है।

राजीव चंद्रशेखर को 2024 के लोकसभा चुनावों में तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद शशि थरूर से हार का सामना करना पड़ा था।

राजीव 16,077 मतों के अंतर से हार गए, फिर भी उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार किया तथा 35.52 प्रतिशत वोट प्राप्त किए, जो इस सीट पर पार्टी के लिए अब तक का सर्वाधिक वोट शेयर है, तथा ओ. राजगोपाल द्वारा स्थापित 32.32 प्रतिशत के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व युवाओं के बीच चंद्रशेखर की अपील और विकास पर उनके फोकस पर दांव लगा रहा है, ताकि केरल में पार्टी की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके, खासकर स्थानीय चुनावों के मद्देनजर।

प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार चंद्रशेखर ने औपचारिक रूप से एक समारोह में कार्यभार संभाला, जिसमें निवर्तमान अध्यक्ष के सुरेंद्रन और राज्य प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर सहित वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल हुए। पार्टी का झंडा सौंपते हुए सुरेंद्रन ने कहा कि भाजपा ने पिछले एक दशक में केरल में अभूतपूर्व विकास देखा है और विश्वास व्यक्त किया कि चंद्रशेखर के नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी।

कर्नाटक से तीन बार राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री चंद्रशेखर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के करीबी माने जाते है। वह भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं। उन्होंने मोदी सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, कौशल विकास और उद्यमिता, और जल शक्ति जैसे प्रमुख विभागों को संभाला था।

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डॉ. रवि भगत ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के रूप में पदभार संभाला

चंडीगढ़ ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  शानदार सेवाएं निभाने वाले आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. रवि भगत ने आज अपने कार्यालय में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया।

गौरतलब है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. रवि भगत ने राज्य सरकार में विभिन्न पदों पर सेवा दी है। वर्ष 2006 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. रवि भगत हमेशा आम जनता को नागरिक-केंद्रित सेवाओं का लाभ देने के लिए नवाचार लागू करने के प्रति तत्पर रहते हैं। वे सार्वजनिक सेवाओं के प्रति अपनी सक्रिय और जवाबदेह कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

‘एम.एस.पी. ऑफ जियोपॉलिटिक्स’ में डॉक्टरेट डॉ. रवि भगत ने वर्ष 2008-2009 में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट मलोट के रूप में प्रशासनिक सेवाओं की शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने फरीदकोट, अमृतसर और लुधियाना में डिप्टी कमिश्नर के रूप में कार्य किया।

उन्होंने पंजाब शहरी विकास प्राधिकरण और गमाडा के मुख्य प्रशासक, सचिव मंडी बोर्ड, सी.ई.ओ. ई-गवर्नेंस, निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क, सचिव नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में भी सेवाएं दीं। वर्ष 2021 से अब तक वे मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव के रूप में अपनी सेवाएं कुशलता और प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं।

इस अधिकारी को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और गवर्नेंस के क्षेत्रों में कई नवीन और प्रभावशाली योजनाएं लागू करने का श्रेय जाता है।

डॉ. रवि भगत द्वारा कोविड-19 महामारी के चुनौतीपूर्ण समय में सार्वजनिक सेवाओं को सुचारू बनाकर लोगों की सुविधा के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की सभी ने सराहना की थी। इस युवा अधिकारी को अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं।

इसी तरह, उनकी अगुवाई में वर्ष 2015 में एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था, जब 10,000 विद्यार्थियों ने नशा विरोधी अभियान में भाग लिया था। वर्ष 2018 में एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तब बना, जब 82 देशभक्तों ने शांति के लिए एक गीत गाया था।

आज अपने कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के बाद बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की जन-हितैषी और विकासोन्मुखी नीतियों को लागू करना उनकी प्राथमिकता होगी।

डॉ. रवि भगत ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं का लाभ जनता तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने को सुनिश्चित किया जाएगा।

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हिमाचल में बड़ा हादसा टला : इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकना पड़ा विमान

यात्री रोने लगे; डिप्टी सीएम और डीजीपी भी थे सवार

शिमला ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा विमान हादसा टल गया। दिल्ली से शिमला पहुंची एलायंस एयर के एटीआर विमान में लैंडिंग के बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर विमान को रोकना पड़ा।

बताया जा रहा है कि लैंडिंग के बाद विमान की गति कम नहीं हो रही थी। इस विमान में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और पुलिस महानिदेशक (ष्ठत्रक्क) डॉ. अतुल वर्मा भी सवार थे, जो दिल्ली से शिमला लौट रहे थे।

एलायंस एयर का 42 सीटर विमान सुबह दिल्ली से शिमला आता है। इस विमान में चालक दल के सदस्यों सहित कुल 44 यात्री थे। यह विमान दिल्ली-शिमला-धर्मशाला-शिमला-दिल्ली रूट पर उड़ान भरता है। घटना के बाद विमान की अगली तीनों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

डिप्टी  मुकेश अग्निहोत्री ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा, रनवे छोटा पड़ गया या फिर लैंडिंग में कोई दिक्कत आई। अचानक बहुत जोर से ब्रेक लगाए गए, जिसके बाद विमान को एक जगह पर रोका गया। हम करीब 20-25 मिनट तक विमान में ही रहे। पहले हमें कहा गया कि टैक्सी बुलाकर हमें आगे पहुंचाया जाएगा, लेकिन बाद में विमान को वापस पार्किंग में ले जाया गया।

धर्मशाला जाने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके कुछ विधायक भी इसी फ्लाइट से शिमला आने वाले थे, लेकिन अब वे गाडिय़ों से आ रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि तकनीकी खराबी क्या थी, यह तो अथॉरिटी ही बता सकती है, लेकिन उनकी लैंडिंग ठीक नहीं हुई थी और उन्हें कोई अलर्ट भी नहीं दिया गया था।

जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक केपी सिंह ने बताया, लैंडिंग के समय विमान में तकनीकी खराबी आई थी। यह विमान दिल्ली से जांच के बाद ही उड़ा था। सुबह की उड़ान के समय इसमें कोई खराबी नहीं थी। खराबी की जांच इंजीनियर कर रहे हैं। फिलहाल धर्मशाला की उड़ान रद्द कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, लैंडिंग के बाद रनवे लगभग खत्म होने वाला था, लेकिन विमान की गति कम नहीं होने के कारण वह रनवे के अंतिम छोर तक पहुंच गया था। जब इमरजेंसी ब्रेक लगाए गए, तभी विमान रुक सका।

विमान के अंदर मौजूद कुछ यात्री डर के मारे जोर-जोर से रोने लगे थे। विमान रुकने के बाद भी यात्रियों को लगभग 25 मिनट तक बाहर नहीं निकाला गया। इस घटना से एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

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कैश कांड में घिरे जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस लिए गए

हाईकोर्ट ने जारी किया सर्कुलर

नई दिल्ली ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कैश कांड के चलते दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक सर्कुलर जारी कर अगले आदेशों तक जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस ले लिए हैं। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई है।

सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ अब किसी भी मामले की सुनवाई नहीं करेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कोर्ट ने यह भी बताया कि खंडपीठ के कोर्ट मास्टर अब मामलों में नई तारीखें देंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जस्टिस वर्मा से सभी न्यायिक कार्य वापस लेने का निर्देश दिया था। जिसके बाद आज दिल्ली हाई कोर्ट ने यह औपचारिक सर्कुलर जारी किया है।

हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने सीजेआई संजीव खन्ना को जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर लगी आग के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक भी किया था। शीर्ष अदालत द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो में जले हुए नोटों की गड्डियां दिखाई दे रही थीं। हालांकि, जस्टिस वर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर साजिश की आशंका जताई है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेआई ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में जस्टिस शील नागू, जस्टिस संधावालिया और जस्टिस शिवरमन शामिल हैं। सीजेआई संजीव खन्ना ने पहले ही जस्टिस वर्मा को न्यायिक कार्यों से अलग रहने के लिए कहा था।

बता दें कि 14 मार्च को होली की रात लगभग 11:35 बजे जस्टिस वर्मा के सरकारी बंगले में आग लग गई थी। उस समय वह दिल्ली से बाहर थे। उनके परिवार के सदस्यों ने आग बुझाने के लिए दमकल विभाग को सूचित किया था। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा था। इस दौरान कथित तौर पर वहां भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। दमकल कर्मियों को एक पूरा कमरा नोटों से भरा मिला था, जिसके बाद यह मामला विवादों में घिर गया।

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ग्रेटर नोएडा के दो सेक्टरों में 36 घंटे से जल आपूर्ति ठप

हजारों लोग परेशान

ग्रेटर नोएडा 24 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । ग्रेटर नोएडा के प्रमुख सेक्टर अल्फा-1 और अल्फा-2 में पिछले 36 घंटों से पानी की आपूर्ति बाधित है, जिससे करीब 20 हजार लोग परेशान हैं। शनिवार देर शाम अल्फा-1 गोल चक्कर के पास गंगाजल पाइपलाइन में लीकेज होने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। इसके बावजूद, प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्राधिकरण ने सिर्फ तीन टैंकर पानी भेजकर खानापूर्ति कर दी, जो इस क्षेत्र की 20 हजार की आबादी के लिए बिल्कुल नाकाफी है।

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शेर सिंह भाटी ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज हुए 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।

वहीं, अल्फा-2 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष भाटी ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि प्राधिकरण की लापरवाही के कारण पूरे क्षेत्र में जल संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि सेक्टर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या आए दिन बनी रहती है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं देता।

पाइपलाइन से लगातार पानी बहने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से शीघ्र समाधान की मांग की है और कहा है कि अगर जल्द ही पानी की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

प्राधिकरण की ओर से दावा किया गया कि पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन लीकेज ज्यादा होने के कारण काम पूरा होने में समय लग रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने को मजबूर होंगे।

क्षेत्रवासियों ने सीईओ से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत करवाई जाए और जलापूर्ति बहाल की जाए। लोगों का कहना है कि ग्रेटर नोएडा को हाईटेक सिटी कहा जाता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति यहां किसी गांव से भी बदतर होती जा रही है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद अपराधियों के खिलाफ पुलिस एक्शन मोड में

इस साल 29 इनामी अपराधी गिरफ्तार

पटना 24 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देश के बाद पुलिस अपराध के खिलाफ एक्शन मोड में आ चुकी है। बीते कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ने कई बदमाशों का एनकाउंटर किया है, वहीं दर्जनों को गिरफ्तार भी किया गया है।

इस साल जनवरी में एसटीएफ की टीम ने 50-50 हजार के दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया। आठ नक्सलियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके अलावा अब तक कुल 227 अपराधियों को पकड़ा गया है, जिसमें 29 इनामी बदमाश भी शामिल हैं।

राज्य की पुलिस अब साफ कर चुकी है कि जो कानून तोड़ेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। पिछले तीन महीनों में पटना सहित कई जिलों में मुठभेड़ की चार घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें न केवल अपराधियों की धरपकड़ हुई, बल्कि उनके नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है। अररिया, मुंगेर, गया, भोजपुर जैसे जिलों में भी पुलिस की कार्रवाई तेज है।

बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से गठित एसटीएफ, एसओजी और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशनों के जरिए नक्सली और संगठित अपराधियों पर शिकंजा कस दिया गया है।

नक्सली गतिविधियां अब केवल खड़गपुर और छक्कबरबंधा के सीमित पहाड़ी क्षेत्रों तक सिमट गई हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों को भी आगामी तीन महीनों में पूरी तरह उग्रवाद मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में अंतरराज्यीय समन्वय के साथ अभियान तेज किया गया है।

इसके अलावा, एसटीएफ द्वारा बनाए गए 15 विशेष ऑपरेशन ग्रुप ने संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रखे हैं। माफिया नेटवर्क, फिरौती गिरोह, हथियार तस्करी और आर्थिक अपराधों के मामलों में सैकड़ों गिरफ़्तारियां हुई हैं।

राज्य सरकार द्वारा तैयार किया गया डिजिटल अपराध डाटाबेस भी पुलिस की कार्रवाई में मददगार साबित हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, टॉप-10 और टॉप-20 अपराधियों की सूची नियमित रूप से अपडेट की जा रही है। जेल में बंद रहते हुए या राज्य से बाहर रहकर अपराध करने वाले अपराधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

ऐसे अपराधियों को प्रश्रय देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यही नहीं, सरकार अब हथियारों की अवैध तस्करी और गोली के क्रय-विक्रय पर विधिसम्मत नियंत्रण लाने के लिए नई नीति लागू करने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट संदेश है कि सुशासन के रास्ते में कोई बाधा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस को फ्री हैंड दिया गया है और अपराध पर काबू पाने के लिए हर आवश्यक संसाधन मुहैया कराया जा रहा है।

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संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे : मायावती

जरूरत पडऩे पर बसपा संघर्ष के लिए तैयार : मायावती

लखनऊ  ,24 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को आरक्षण के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आरक्षण को लेकर अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे और जरूरत पडऩे पर बसपा इसके खिलाफ संघर्ष के लिए भी तैयार है।

इसके साथ ही मायावती ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार के 8 साल को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार जनता की उम्मीद के हिसाब से खरी नहीं उतरी है। बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार एक के बाद एक तीन पोस्ट किए।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, कांग्रेस, बीजेपी व अन्य किसी भी पार्टी को उनके राजनैतिक स्वार्थ में खासकर आरक्षण को लेकर अपने देश के संविधान को किसी भी कीमत पर बदलने नहीं देंगे तथा जरूरत पडऩे पर इसके विरुद्ध बीएसपी संघर्ष के लिए भी तैयार है।

उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, यूपी में बीजेपी सरकार का 8 वर्षों का शासनकाल, जनता की उम्मीद के हिसाब से पूरे तौर से खरा नहीं उतरा है। कानून-व्यवस्था के मामले में तो स्थिति काफी ज्यादा खराब रही है, जिससे जनता काफी दुखी है। इस ओर सरकार जरूर ध्यान दे।

मायावती ने मनुस्मृति को लेकर एक्स पोस्ट में लिखा, मनुस्मृति का बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को पूरा ज्ञान था। उनकी अनुयायी और बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी इसका पूरा ज्ञान है। तभी इस व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाकर यहां दुखी और पीडि़तों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए बीएसपी की स्थापना की गई है, यह भी सर्वविदित है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के 8 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले यूपी को बीमारू राज्य माना जाता था। लेकिन, आज यह अर्थ शक्ति बनकर उभरा है। पहले दंगे व आतंक को लोगों ने देखा। पहले यूपी विकास का ब्रेकर माना जाता था। आज वही प्रदेश विकास का उदाहरण बनकर उभरा है। प्रदेश वही है, जनता वही है, सिस्टम वही है, सिर्फ सरकार बदलने मात्र से बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।

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