अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत

CM मान और केजरीवाल बोले- दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

अमृतसर 13 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । पंजाब के अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुख जताया। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मजीठा के आसपास के गांवों में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की दुखद खबर मिली है। मासूम लोगों के इन हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये मौतें नहीं, कत्ल हैं। जहरीली शराब से लोगों के घरों में मातम का माहौल बनाने वाले इन दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं परमात्मा से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। पंजाब सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।”

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मजीठा में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई है। इसमें जो लोग भी शामिल हैं, वे चाहे कितने भी रसूख वाले क्यों न हों, कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलेगी। जिन लोगों की दुखद मौत हुई है, उनके परिवारों को भगवान शक्ति दे। उन लोगों की आत्मा को शांति दे।”

इस बीच, अमृतसर की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “प्रशासन ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र के पांच गांवों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों की समीक्षा की है, जहां करीब 14 लोगों की मौत हो गई है और करीब छह अन्य का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हम घर-घर जाकर लोगों से मेडिकल जांच कराने का आग्रह कर रहे हैं, क्योंकि इस शराब का असर 24 से 48 घंटों तक रह सकता है और अभी भी कई लोग खतरे में हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमने इस शराब मामले में शामिल आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। हम जनता से अपील करते हैं कि वे ऐसे पदार्थों को ऑनलाइन न खरीदें, न ही उनका सेवन करें और सतर्क रहें।”

अमृतसर के मजीठा में कम से कम 14 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। इस मामले में पंजाब पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

मजीठा में नकली शराब मामले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू (मुख्य आरोपी प्रभजीत का भाई), साहिब सिंह उर्फ सराय, निवासी मारड़ी कलां, गुर्जंत सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता, निवासी थीरेंवाल को गिरफ्तार किया गया है। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।

**************************

 

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर

2 और के फंसे होने की आशंका

शोपियां 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ चल रही है। आतंकियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। जबकि अभी 2 आतंकियों के फंसे होने की खबर है। सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर रखा है।

जानकारी के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के शोपियां के शुकरू केलर इलाके में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम के बीच मुठभेड़ चल रही है। सूत्रों के अनुसार, एक आतंकी को मार गिराया गया है, अभी इलाके में दो से तीन आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका है।

बता दें शोपियां में आज ही पहलगाम हमले में शामिल 3 पाकिस्तानी आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं। इन पर 20 लाख रुपए के इनाम रखा गया है। इसी बीच अब शोपिया में ये मुठभेड़ की खबर सामने आ रही है।

***********************

 

पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकियों के पोस्टर जारी

सुरक्षाबलों ने तेज की कार्रवाई; 20 लाख का रखा इनाम

नई दिल्ली 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई तेज कर दी है। इस हमले में शामिल तीन आतंकियों के पोस्टर जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें पहचानने और पकड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है।

सुरक्षाबलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकियों को जल्द से जल्द उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा – यही भारत की प्रतिबद्धता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने संबोधन में दोहरा चुके हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकियों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाकर आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इनकी पहचान या ठिकाने की जानकारी हो तो वह तुरंत सुरक्षाबलों को सूचित करे। इस अभियान का उद्देश्य न केवल आतंकियों की धर-पकड़ है, बल्कि आतंक के खिलाफ जनसहयोग को भी मजबूत करना है।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों पर घातक हमला कर दिया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला करने की कोशिश की। भारतीय सेना की सख्त एयर डिफेंस प्रणाली ने इन हमलों को नाकाम कर दिया।

हमले के बाद भारत ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 11 एयरबेस तबाह कर दिए। जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारत के रुख के कारण घुटनों पर आना पड़ा और शांति की अपील करनी पड़ी।

इसके बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हुआ। अनंतनाग पुलिस ने ऐलान किया है कि हमले में शामिल आतंकियों की जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

यदि आपके पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी है, तो आप नीचे दिए गए नंबरों या ईमेल पर संपर्क कर सकते हैं:
SSP अनंतनाग: 9596777666
PCR अनंतनाग: 9596777669

**********************************

 

मुंबई लोकल ट्रेन के फुटबोर्ड पर लटकीं दिखी महिलाएं, चिल्लाईं- हाथ छूट रहा है

मुंबई 13 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): मुंबई की ‘लाइफ लाइन’ कही जाने वाली लोकल ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सोशल मीडिया पर एक बेहद disturbing वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ महिलाएं जान को खतरे में डालकर चलती ट्रेन के गेट और फुटबोर्ड से लटकी हुई नजर आ रही हैं। यह वीडियो मुंबई लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की भयावह स्थिति को दर्शाता है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ट्रेन के अंदर भारी भीड़ है और महिलाएं बाहर लटकी हुई हैं। कुछ महिलाएं मदद के लिए चीख-चिल्ला रही हैं। एक महिला को यह कहते सुना जा सकता है, “मेरा हाथ छूट रहा है, अंदर चलो।” लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा है कि अंदर जाना संभव नहीं दिख रहा। एक अन्य लड़की कैमरे से बचने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो कल्याण से चलने वाली लेडीज स्पेशल ट्रेन का है, जो उस दिन 40 मिनट की देरी से चल रही थी। ट्रेन लेट होने के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसके चलते ट्रेन आने पर यह जानलेवा धक्का-मुक्की और भीड़ देखने को मिली।

इस भयावह वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल पूछ रहे हैं। यह स्थिति तब है जब मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ या गिरने से होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी चिंताजनक रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 में भीड़ के चलते गिरकर मरने वालों की संख्या 2468 थी। इसके बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

*****************************

 

दफन हुए शहीद मोहम्मद इम्तियाज, मंत्री महोदय ने दी सलामी

पटना , 12 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।भारत माता की जयघोष एंव शहीद ईम्तेयाज अमर रहें के साथ सारण के लाल शहीद मोहम्मद इम्तियाज को दफनाया गया जो जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर मे पाक गोलीबारी मे 10/05/2025 को शहीद हुए। उनके अंतिम यात्रा मे बिहार सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार सिंह मंटु जी उनके पैत्रिक आवास गरखा प्रखंड के नारायण पुर गाँव मे सामिल हुए।

मंत्री महोदय ने शहीद के परिजन को बिहार सरकार द्वारा देय राशी इक्कीस लाख(21 लाख की घोषणा की)। तथा परिजन द्वारा स्मारक, शैक्षणिक संस्थान एंव चिकित्सालय शहीद के नाम पर करने की माँग रखी जिसे मंत्री महोदय ने स्वीकार कर माँग को जल्द पुरा कराने का घोषणा किया।

मंत्री जी के साथ प्रियदर्शी चौरसीया जदयु नेता,सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा नेता राकेश सिंह ,भाजपा नेता राहुल पासवान, भाजपा नेता संजय सिंह ,संतोष सिंह ,दीपु सिंह, मनोज पटेल, सुभाष राम, भाजपा नेता नजरे ईमाम, स्थानीय मुखिया गुलाम गौस, मो असलम,मो मुस्तफा,मु मनान मिंया आदि सामिल हुए।

*****************************

 

मोदी का सख्त संदेश : पहलगाम की पीड़ा भयावह थी, बहनों-बेटियों का सिंदूर मिटाने वालों को मिट्टी में मिला दिया गया

नई दिल्ली 12 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) पाकिस्तान के साथ सीजफायर लागू होने के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने बीते दिनों न केवल अपना सामर्थ्य दिखाया बल्कि अद्भुत संयम भी रखा।

पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को “भीषण पीड़ा” बताते हुए कहा कि यह हमला न सिर्फ निर्दोष लोगों पर था, बल्कि देश की आत्मा पर चोट थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हमले का जवाब सीमाओं के पार आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूद करके दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में जो बर्बरता आतंकियों ने दिखाई, वह सभ्य समाज के लिए शर्मनाक और असहनीय है। बच्चों के सामने उनके माता-पिता को मार देना, निर्दोषों पर गोलियां चलाना – यह आतंक का सबसे वीभत्स चेहरा है।”

उन्होंने कहा कि “मेरे लिए यह पीड़ा व्यक्तिगत भी थी। मैं उस हर माता, बहन और बेटी को नमन करता हूं जिनके त्याग और बलिदान से ये राष्ट्र खड़ा है।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय सेनाओं को आतंकवाद के खिलाफ पूरी छूट दी गई थी और उन्होंने असीम शौर्य के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया। “हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था और वही किया। आज हर आतंकी जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे का सिंदूर मिटाने का क्या अंजाम होता है।”

मोदी ने यह भी कहा कि यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि भारत की भावना, एकता और प्रतिशोध का प्रतीक थी। उन्होंने सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सैल्यूट करते हुए कहा कि भारत का हर नागरिक उनके प्रति आभार व्यक्त करता है।

मुख्य बिंदु:

*पीएम मोदी ने पहलगाम हमले को बताया ‘व्यक्तिगत पीड़ा’

*सेना को आतंक के खिलाफ पूरी छूट दी गई

*बहन-बेटियों के सिंदूर को मिटाने का परिणाम बताया

*भारत की सेनाओं ने ऑपरेशन के लक्ष्य पूरे किए

*पूरे देश ने एक स्वर में आतंक के खिलाफ किया विरोध

******************************

 

बुद्ध पूर्णिमा की राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति धनखड़ और पीएम मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली 12 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : देश में आज बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने बुद्ध पूर्णिमा की देशवासियों को बधाई दी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों और पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देती हूं। करुणा के प्रतीक महात्मा बुद्ध का अहिंसा, प्रेम और करुणा का अमर संदेश समस्त मानवता के कल्याण का मूल मंत्र है।

उनके आदर्शों से समानता, सद्भाव और न्याय जैसे शाश्वत मूल्यों में हमारी आस्था प्रबल होती है। उनकी शिक्षाएं हम सबको नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। आइए, हम सब महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं को अपनाएं और अपने जीवन में सदाचार का अनुसरण करते हुए शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विकसित भारत के निर्माण में योगदान करें।”

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है, जिनकी गहन बुद्धि चुनौतीपूर्ण समय में हमारे लिए ध्रुव तारे के रूप में कार्य करती है।

भगवान बुद्ध का अहिंसा, दया और मध्यम मार्ग का संदेश आज की दुनिया में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है, व्यक्ति और समग्र मानवता दोनों के लिए। आइए हम गौतम बुद्ध द्वारा बताए गए महान सिद्धांतों के प्रति खुद को फिर से प्रतिबद्ध करें और उनकी शिक्षाओं का प्रकाश सबके लिए अधिक शांतिपूर्ण, दया माया से भरा और सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने की दिशा में मार्गदर्शन करें।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, “सभी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की ढेरों शुभकामनाएं। सत्य, समानता और सद्भाव के सिद्धांत पर आधारित भगवान बुद्ध के संदेश मानवता के पथ-प्रदर्शक रहे हैं। त्याग और तप को समर्पित उनका जीवन विश्व समुदाय को सदैव करुणा और शांति के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “ज्ञान, करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलकर मानव समाज को समानता और एकता का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध का जीवन मनसा, वाचा और कर्मणा की त्रिवेणी है। भगवान बुद्ध से सभी के सुख और शांति की कामना करता हूं।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मैं शांति, ज्ञान और करुणा के प्रतीक महात्मा बुद्ध को नमन करता हूं। उनकी शाश्वत शिक्षाएं मानवता को सद्भाव, आत्म-साक्षात्कार और धर्म के मार्ग पर ले जाती हैं।”

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, “सत्य, अहिंसा व मानवता के आदर्श ज्योति को दुनिया में फैलाकर भारत को जगदगुरु का सम्मान दिलाने वाले तथागत गौतम बुद्ध को आज उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन व उनके अनुयाइयों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं आतंक आदि से मुक्त सुखी जीवन की शुभकामनाएं।

तथागत गौतम बुद्ध के बताए रास्ते पर सही से चलकर लोगों के जीवन को सुखी व सम्पन्न बनाना ही सच्चा राजधर्म। पड़ोसी देशों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। साथ ही, ’अप्प दीपो भवः’ अर्थात शिक्षित बनो, खुद ऊपर उठो व अपना प्रकाश स्वयं बनो के सिद्धान्त से ही देश आत्मनिर्भर एवं महान बनेगा।”

*****************************

 

आपरेशन सिंदूर’ ने दिलाया पीडि़त परिवारों को इंसाफ : राजनाथ सिंह

रावलपिंडी तक सुनी गई भारत की सेनाओं की धमक

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा शहर लखनऊ भारत के डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान दे, वह सपना अब पूरा हो रहा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिन भारत विरोधी और आतंकी संगठनों ने भारत माता के मस्तक पर हमला करके कई परिवारों के सिंदूर मिटाए थे, उन्हें भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से इंसाफ दिलाने का काम किया है। इसके लिए आज सारा देश भारतीय सेनाओं का अभिनंदन कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई भर नहीं है, बल्कि भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सामरिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और सैन्य शक्ति की क्षमता और संकल्प शक्ति का भी प्रदर्शन है। हमने दिखाया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जब भी कोई कार्रवाई करेगा तो आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए सरहद पार की जमीन भी सुरक्षित नहीं रहेगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को वर्चुअली रूप से संबोधित करते हुए आगे कहा, भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा ढहाने के उद्देश्य से लॉन्च किया था। हमने उनके आम नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया था। मगर पाकिस्तान ने न केवल भारत के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया बल्कि मंदिर, गुरुद्वारा और गिरजाघर पर भी हमले करने का प्रयास किया।

भारतीय सेना ने शौर्य और पराक्रम के साथ-साथ संयम का भी परिचय देते हुए पाकिस्तान के अनेक सैन्य ठिकानों पर प्रहार करके करारा जवाब दिया है। हमने केवल सीमा से सटे सैन्य ठिकानों पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि भारत की सेनाओं की धमक उस रावलपिंडी तक सुनी गई, जहां पाकिस्तानी फौज का हेडक्वार्टर मौजूद है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में आतंकवादी घटनाएं करने और कराने का क्या अंजाम होता है, यह पूरे विश्व ने उरी की घटना के बाद देखा। जब हमारी सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा के बाद देखा जब बालाकोट पर एयर स्ट्राइक की गईं और अब पहलगाम की घटना के बाद दुनिया देख रही है, जब भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर मल्टीपल स्ट्राइक्स की हैं।

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि यह नया भारत है, जो आतंकवाद के खिलाफ सरहद के इस पार और उस पार दोनों तरफ प्रभावी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने आगे कहा, आज का दिन हमारे शहर लखनऊ और हमारे राज्य उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैं समझता हूं कि आज का दिन उस शक्ति की आराधना का दिन है, जो हमारी सेनाओं को संबल प्रदान करती है, जो हमारी सेनाओं में निहित होकर दुश्मन पर कहर बरपाती है।

आज का दिन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि मैंने अपने शहर लखनऊ के लिए एक सपना देखा था कि मेरा शहर भारत के डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने में एक बड़ा योगदान दे, वह सपना अब पूरा हो रहा है।

ब्रह्मोस भारत और रूस की सबसे उन्नत रक्षा तकनीक का एक संगम है। जैसे उत्तर प्रदेश का प्रयागराज अपने संगम के लिए मशहूर है, वैसे ही भविष्य में लखनऊ भी इस तकनीकी संगम के लिए जाना जाएगा। यह सुविधा कई खास विशेषताओं को समेटे हुए है। यह आगे चलकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा करेगी। मुझे यकीन है कि यह क्षेत्र भविष्य में एक विकास केंद्र के रूप में उभरेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘नेशनल टेक्नोलॉजी डे’ का जिक्र करते हुए कहा, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग सुविधा का उद्घाटन इसलिए खास है, क्योंकि आज नेशनल टेक्नोलॉजी डे है। 11 मई 1998 को, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हमारे वैज्ञानिकों ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत की ताकत दुनिया को दिखाई थी। यह उपलब्धि वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, रक्षा कर्मियों और अन्य लोगों के अथक प्रयासों का नतीजा थी।

आज का दिन हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के योगदान को सम्मान देने का दिन है। जब मैंने इसका शिलान्यास किया था, उस दौरान मैंने यह इच्छा जाहिर की थी कि जितनी जल्दी हो सके, इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि आप लोगों ने मेरी भावनाओं का मान रखा और महज 40 महीनों में ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करके दिखाया।

आज हमारे आसपास जैसी परिस्थितियां हैं, उसे देखते हुए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि हम अपने लक्ष्यों को ऐसे ही, समयबद्ध तरीके से पूरा करते रहें। इस मौके पर मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के योगदान के लिए विशेष आभार प्रकट करता हूं।

राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर डीआरडीओ, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इस प्रोजेक्ट से जुड़े हर व्यक्ति व संस्था को बधाई दी। उन्होंने कहा, हमारी सरकार जब उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के विजन को लेकर आगे बढ़ी थी, तो उस समय हमारे सामने अनेक बड़े लक्ष्य थे।

उन तमाम लक्ष्यों में से हमारा एक उद्देश्य यह भी था कि हम उत्तर प्रदेश को एक बार फिर देश के प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करें। यूपी डिफेंस कॉरिडोर लखनऊ सहित, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ से होकर गुजरता है और ये सभी नोड्स आने वाले समय में विकास के नए केंद्र बनकर उभरेंगे।

******************************

 

ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम पर चर्चा के लिए बुलाएं विशेष संसद सत्र

राहुल गांधी और खडग़े की पीएम मोदी से मांग

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खडग़े ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और युद्ध विराम घोषणा पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाने की मांग की है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा, मैं विपक्ष के सर्वसम्मति से किए गए अनुरोध को दोहराता हूं कि संसद का विशेष सत्र तुरंत बुलाया जाए। लोगों और उनके प्रतिनिधियों के लिए पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और आज के युद्धविराम पर चर्चा करना बहुत जरूरी है, जिसकी घोषणा सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की थी।

यह सत्र आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। मुझे विश्वास है कि आप इस मांग पर गंभीरता से और तेजी से विचार करेंगे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने 28 अप्रैल के अपने पत्र का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया था।

खडग़े ने अपने पत्र में लिखा, माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया याद करें कि मैंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में आपसे क्या कहा था। मैंने 28 अप्रैल को लिखे पत्र के माध्यम से आपसे पहलगाम में हुए अमानवीय आतंकवादी हमले को देखते हुए संसद के दोनों सदनों का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध किया था।

नवीनतम घटनाक्रमों के मद्देनजर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने आपको फिर से पत्र लिखकर सभी विपक्षी दलों के सर्वसम्मत अनुरोध से अवगत कराया है। उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है, जिसमें पहलगाम आतंकवाद, ऑपरेशन सिंदूर और पहले वाशिंगटन डीसी फिर बाद में भारत और पाकिस्तान की सरकारों की ओर से की गई युद्धविराम घोषणाओं पर चर्चा करने की बात है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मैं इस अनुरोध के समर्थन में पत्र लिख रहा हूं। मुझे विश्वास है कि आप सहमत होंगे।

वहीं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने मीडिया से बात करते हुए संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि हम आज कोई आलोचना नहीं करेंगे।

उन्होंने भी सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि जब तक सरकार उन्हें यह आश्वासन नहीं देती कि प्रधानमंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे, तब तक वे बैठक में शामिल न हों।

**************************

 

तन्वी द ग्रेट’ में नजर आयेंगी अदाकारा पल्लवी जोशी

11.05.2025 ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द वैक्सिन वॉर’ से चर्चित हुई अदाकारा पल्लवी जोशी अब अपनी अगली फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ के साथ फिर से स्क्रीन पर धमाल मचाने वाली हैं। इस फिल्म के निर्देशक अनुपम खेर ने ‘तन्वी द ग्रेट’ में पल्लवी जोशी को विद्या रैना के रूप में पेश किया है।

बाल कलाकार के रूप में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली अदाकारा पल्लवी जोशी के 50 साल के शानदार करियर में टेलीविजन से लेकर फिल्मों तक का सफर रहा है और धीरे-धीरे वो एक पावरफुल फिल्ममेकर भी बन चुकी हैं। अपने किरदारों और कहानी कहने की गहरी समझ के लिए जानी जाती हैं, पल्लवी जोशी हर भूमिका में एक अलग ही असर छोड़ देती हैं।

पल्लवी जोशी अपनी नई फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स : द बंगाल चैप्टर’ के लिए तैयार हो रही हैं, जिसे विवेक रंजन अग्निहोत्री डायरेक्ट करेंगे। इस फिल्म को अभिषेक अग्रवाल और पल्लवी जोशी मिलकर प्रोड्यूस करेंगे।

फिल्म को तेज नारायण अग्रवाल और आई ऍम बुद्धा प्रोडक्शंस प्रेजेंट करेंगे। बकौल अनुपम खेर पल्लवी जोशी सबसे सहज एक्ट्रेस हैं। उनकी स्क्रीन पर जो प्रभाव है, वो बहुत खास है। ‘तन्वी द ग्रेट’ में उनका किरदार प्यार, ममता, बलिदान और ताकत का बेहतरीन उदाहरण है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

*****************************

 

लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट का उद्घाटन

सीएम योगी बोले- आतंकवाद को पूरी तरह कुचलना ही समाधान

लखनऊ ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल उत्पादन यूनिट का उद्घाटन कर दिया है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई नेता मौजूद रहे।

इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आपने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल की एक झलक देखी होगी। अगर नहीं देखी तो पाकिस्तान के लोगों से ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत के बारे में पूछिए।

पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि आगे से आतंकवाद की कोई भी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी।

आतंकवाद की समस्या का समाधान तब तक नहीं हो सकता है, जब तक हम इसे पूरी तरह से कुचल नहीं देते। आतंकवाद को कुचलने के लिए हम सभी को पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक स्वर में लडऩा होगा।

आतंकवाद कभी भी प्यार की भाषा नहीं अपना सकता। उसे उसी की भाषा में जवाब देना होगा। ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ के जरिए भारत ने पूरी दुनिया को संदेश दिया है।

दरअसल, लखनऊ में नई ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन फैसिलिटी शुरू हुई है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को मजबूत करेगी। यह यूनिट प्रतिवर्ष 80 से 100 ब्रह्मोस मिसाइलें बनाएगी।

300 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस यूनिट में ब्रह्मोस मिसाइल बनाई जाएगी, जो 290-400 किमी की रेंज और 2.8 मैक की गति से सटीक हमला कर सकती है।

यह मिसाइल भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित की गई है। इसे जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है और यह फायर एंड फॉरगेट सिस्टम पर काम करती है।

इसके अलावा, यूनिट हर वर्ष 100 से 150 अगली पीढ़ी की ब्रह्मोस मिसाइलें भी बनाएगी। अधिकारियों के अनुसार, ये नए संस्करण एक वर्ष के भीतर डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएंगे।

इसके अलावा, अगली पीढ़ी की मिसाइल का वजन 2,900 किग्रा से घटाकर 1,290 किग्रा किया गया है और इसकी रेंज 300 किमी से अधिक होगी। इससे सुखोई जैसे लड़ाकू विमान, जो अभी एक मिसाइल ले जाते हैं, तीन मिसाइलें ले जा सकेंगे।

यह यूनिट 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित रक्षा औद्योगिक गलियारे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2021 में इसका शिलान्यास हुआ था और उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए 80 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करवाई थी। यह यूनिट मात्र साढ़े तीन साल में बनकर तैयार हुई है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे में छह नोड्स शामिल हैं, जिनमें लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा, झांसी और चित्रकूट है। इसका लक्ष्य रक्षा उत्पादन में बड़े निवेश को आकर्षित करना है।

तमिलनाडु के बाद उत्तर प्रदेश दूसरा राज्य है, जिसने एक समर्पित रक्षा गलियारा स्थापित किया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उत्पादन में उसकी भूमिका को और मजबूत करता है।

***************************

 

अमेरिका के दबाव में किया सीजफायर, सरकार ने पीओके वापस लेने का मौका गंवाया : राशिद अल्वी

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भारत-पाक संघर्ष के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका के दबाव में सीजफायर किया। ऐसा करने की जरूरत नहीं थी और हमने ऐसा करके पीओके को वापस हासिल करने का सुनहरा अवसर गंवा दिया।

रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान राशिद अल्वी ने कहा कि जब पूरा देश एक साथ होकर भारत सरकार के साथ आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए खड़ा था तो ऐसे समय में भारत ने अमेरिका में दबाव में सीजफायर किया।

तीन दिनों में हमारी सेना ने पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। लेकिन क्या भारत सरकार ने वो मकसद हासिल कर लिया, जिसके लिए यह सब कुछ किया गया था। भारत सरकार ने सीजफायर की घोषणा की, लेकिन क्या इस फैसले से पहले उन्हें सभी राजनीतिक दलों से एक बार विचार-विमर्श नहीं करना चाहिए था?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश सरकार के साथ है। हमारी सेना तैयार है, लेकिन पीओके पाकिस्तान के पास रह गया। हमें उसे लेना चाहिए था। इससे बेहतर मौका और नहीं हो सकता था। अमेरिका के दबाव में हमें सीजफायर नहीं करना चाहिए था।

सीजफायर के बाद बॉर्डर पर शांति बहाल होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीजफायर के बाद हमले का कोई सवाल नहीं उठता है। लेकिन पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान कभी भी हमसे सीधे तौर पर लड़ नहीं सकता है। इसलिए वह दहशतगर्दों के दम पर आतंक फैलाना चाहता है।

राशिद अल्वी ने सवाल किया कि जिस तरह से आईएमएफ की ओर से 1 बिलियन डॉलर पाकिस्तान को दिए गए, क्या अमेरिका पर भारत सरकार को दबाव नहीं बनाना चाहिए था? क्योंकि, पाकिस्तान इन पैसों से हथियार खरीदकर हमारे खिलाफ ही इस्तेमाल करेगा। हमारी सेना और सरकार का जो मकसद था वह पूरा नहीं हुआ है। इसलिए सीजफायर अमेरिका के दबाव में नहीं होना चाहिए था। भारत अब दूसरा पहलगाम बर्दाश्त नहीं कर सकता है।

*****************************

 

1971 जैसे नहीं हैं 2025 के हालात, दोनों युद्ध के मकसद अलग, सीजयफायर पर बोले शशि थरूर

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा है. दोनों देशों के बीच जंग के हालात बने हैं. हालांकि, 10 मई को शाम पांच बजे के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया था. बावजूद इसके पाकिस्तान ने गोलीबारी की. हालांकि, इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया.

सीजफायर के बाद से देश में अलग-अलग बयान आ रहे हैं. कोई सीजफायर का समर्थन कर रहा है तो कोई विरोध. इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर का एक बयान सामने आया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि शांति जरूरी है. मैं सीजफायर से बहुत खुश हूं. भारत लंबे वक्त तक युद्ध कभी नहीं चाहता था.

भारत आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहता था. मेरा मानना है कि उसे सबक सिखाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि हम उस स्थिति मं पहुंच गए थे, जहां तनाव नियंत्रण से बाहर हो गया था. हमारे लिए शांति जरूरी है. सच ये है कि 1971 की परिस्थितियां 2025 की परिस्थिति नहीं है.

ये युद्ध ऐसा नहीं था, जिसे हम जारी रखना चाहते थे. हम सिर्फ आतंकवादियों को सबक सिखाना चाहते थे और वह सबक सिखाया जा चुका है. थरूर ने उम्मीद जताई कि भारत पहलगाम हमले के आतंकियों को कड़ी से कड़ी सजा देगी.

1971 की जंग के पीछे का कारण अलग था- कांग्रेस नेता थरूर ने बताया कि देश के मौजूदा हालातों की तुलना 1971 से की जा रही है. वह भी महान उपलब्धि थी. इंदिरा गांधी ने एक नया इतिहास लिखा. उन्होंने नए नक्शे को जन्म दिया. वे परिस्थितियां अलग थीं.

बांग्लादेश नैतिक कारणों से लड़ रहा था. बांग्लादेश को आजाद करानमे के पीछे अलग उद्देश्य था. पाकिस्तान पर सिर्फ गोले दागते रहना ही हमारा उद्देश्य नहीं है. उस वक्त किए गए फैसले, उन हालातों को देखकर किया गया था. देश के आज जो हालात है, उनमें बहुत शांति है.

***************************

युद्धविराम पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे बोले,मुझे मोदी जी पर भरोसा है

 यह लड़ाई आखिरी होगी

नई दिल्ली, ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के ऐलान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करने का एक जरिया मात्र है।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, यदि अखबार पर भरोसा किया जाए तो भारत में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद युद्ध माना जाएगा।

मुझे पाकिस्तान के बारे में पता है कि आतंकवाद चलता रहेगा। मुझे मोदी जी पर भरोसा है कि यह लड़ाई आखिरी होगी। पूरा कश्मीर मुजफ्फराबाद तक हमारा होगा। सीजफायर दुनिया के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करने का एक जरिया मात्र है, तब बात नहीं रण होगा, संघर्ष महाभीषण होगा।

इससे पहले उन्होंने सीजफायर उल्लंघन करने पर पाकिस्तान की आलोचना की थी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था, कुत्ते की दुम और पाकिस्तान में कोई अंतर नहीं है।

बता दें कि तीन दिनों तक चले संघर्ष के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच शनिवार को युद्धविराम हुआ था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे से सीजफायर लागू हो गया है, लेकिन महज चार घंटे के अंदर ही पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया और सीमा पार से गोलीबारी शुरू की। साथ ही कई शहरों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया।

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में शनिवार रात करीब आठ बजे तेज धमाके हुए और पाकिस्तान की ओर से ड्रोन आते दिखे। इसके साथ ही कई इलाकों में ब्लैकआउट कर दिया गया।

श्रीनगर, रियासी, कटरा, उधमपुर समेत कई जगहों पर तेज धमाके की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद ब्लैकआउट कर दिया गया। इसके साथ ही पंजाब के फिरोजपुर और होशियार में भी ब्लैकआउट कर दिया गया था।

इससे पहले भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी आतंकी घटना भारत के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। हालांकि देर रात तक हमले रुक गए और सुबह सीमावर्ती इलाकों में लोग सड़क पर भी दिखे।

*************************

 

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली,,11 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत-पाक तनाव के बीच रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट की ओर से यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई। इस एडवाइजरी में दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से फ्लाइट्स की ऑफिशियल अपडेट्स को फॉलो करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में कहा गया है कि फ्लाइट के शेड्यूल में बदलाव भी हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा करने से पहले अपनी एयरलाइन के साथ संपर्क में बने रहें।

एडवाइजरी में कहा गया है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर परिचालन सुचारू रूप से जारी है। हालांकि, हवाई क्षेत्र की बदलती गतिशीलता और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा अनिवार्य किए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर, उड़ान के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है और ऐसे में चेक इन पर प्रतीक्षा अवधि बढ़ सकती है। इसलिए, समय से एयरपोर्ट पर पहुंचे।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित एयरलाइन के माध्यम से अपडेट प्राप्त करते रहें। किसी अन्य सोशल मीडिया या अन्य माध्यम के बहकावे में न आए। केबिन और चेक-इन बैगेज के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करें। एयरलाइन या दिल्ली हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें। सुरक्षा कारणों से होने वाली संभावित देरी के कारण एयरपोर्ट पर समय से पहले पहुंचे। एयरलाइन और सुरक्षा कर्मियों का पूरा सहयोग करें।

एडवाइजरी में आगे लिखा गया है कि हम सभी यात्रियों से आग्रह करते हैं कि वे सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक अपडेट पर ही निर्भर रहें तथा असत्यापित सामग्री प्रसारित करने से बचें। आपके निरंतर सहयोग और समर्थन के लिए धन्यवाद, हम एक सुरक्षित और कुशल यात्रा अनुभव बनाए रखने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हैं।

बता दें कि 10 मई को भारत-पाक के तनाव के बीच भारत के 32 हवाई अड्डों को सभी नागरिक उड़ान संचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की थी। ये आदेश 15 मई तक प्रभावी रहेगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा था कि परिचालन कारणों से यह बंद 15 मई 2025 को भारतीय समयानुसार 05:29 बजे तक रहेगा। इन प्रभावित हवाई अड्डों में आदमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपोरा, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जैसलमेर, जम्मू, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर), लेह, लुधियाना, मुंद्रा, नालिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलई शामिल हैं।

******************************

 

मानसून 2025 : मॉनसून इस बार जल्दी कर सकता है एंट्री, ये है आईएमडी का अलर्ट

नई दिल्ली ,11 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत में मानसून न केवल मौसम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तत्व है, बल्कि यह कृषि, जल प्रबंधन और आर्थिक स्थिरता का भी मुख्य आधार है. 2025 में भारतीय मौसम विभाग (ढ्ढरूष्ठ) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से चार दिन पहले, यानी 27 मई को केरल तट पर दस्तक दे सकता है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल में प्रवेश करता है, इसलिए यह बदलाव मौसम वैज्ञानिकों और किसानों दोनों के लिए खास मायने रखता है.
समय से पहले  कितनी बार आया मॉनसून?

अगर यह पूर्वानुमान सटीक साबित होता है, तो यह 16 वर्षों में पहली बार होगा जब मानसून इतनी जल्दी भारत में प्रवेश करेगा. इससे पहले 2009 में 23 मई और 2018 में 29 मई को मानसून जल्दी आया था. 2024 में भी यह अपेक्षाकृत जल्दी, यानी 30 मई को केरल पहुंचा था.
हालांकि मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून की जल्दी या देर से शुरुआत का सीधा संबंध देश भर में होने वाली कुल बारिश से नहीं होता. यह संभव है कि केरल में मानसून जल्दी आए, लेकिन उत्तर भारत तक पहुंचने में अपेक्षित समय ही ले.
क्या हो सकता है इस बार बारिश का पैटर्न?

अर्थ एंड साइंस मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन की मानें तो  इस वर्ष मॉनसून के दौरान सामान्य से ज्यादा वर्षा की संभावना है. अनुमान है कि जून से सितंबर के बीच देश में 87 सेंटीमीटर औसत बारिश हो सकती है, जो कि 105 फीसदी के स्तर पर रहेगी. यह आंकड़ा सामान्य से अधिक बारिश की श्रेणी में आता है.

मौसम विभाग के हिसाब से क्या है बारिश का पैमाना 

*96-104 फीसदी = सामान्य वर्षा

* 104-110 फीसदी = सामान्य से अधिक वर्षा

*110 फीसदी से अधिक = अत्यधिक वर्षा

* 90-95 फीसदी = सामान्य से कम

*90 फीसदी से कम = अत्यधिक कम वर्षा

13 मई तक अंडमान-निकोबार में मॉनसून की एंट्री

मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दे दिया था कि 13 मई तक मानसून अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है. यह मानसून की औपचारिक शुरुआत नहीं मानी जाती, क्योंकि भारत में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा केवल केरल में उसके प्रवेश के साथ होती है.

पूर्वानुमान की सटीकता: क्या कहता है पिछला अनुभव?

पिछले 5 वर्षों में ढ्ढरूष्ठ और निजी एजेंसी स्काईमेट की ओर से किए गए मॉनसून पूर्वानुमान काफ़ी हद तक सटीक रहे हैं.

*2024: 108 फीसदी बारिश (ढ्ढरूष्ठ: 106त्न, स्द्म4द्वद्गह्ल: 102प्रतिशत)

*2023: 94 फीसदी बारिश (ढ्ढरूष्ठ: 96, स्द्म4द्वद्गह्ल: 94 प्रतिशत)

*2022: 106 फीसदी बारिश

****************************

 

भारत सरकार का बड़ा फैसला, अब कोई भी आतंकी हमला हुआ तो माना जाएगा युद्ध

नई दिल्ली ,10 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए हुए हैं। शनिवार को इसी सिलसिले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई की। भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रवैया दिखाने का फैसला किया है। सरकार ने ऐलान किया कि भविष्य में किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा और जवाब भी उसी तरह से दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नजर बनाए हुए हैं। शनिवार को इसी सिलसिले में उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई की। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी शामिल रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को पूरी तरह से विफल कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को इस दौरान पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले, भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई और सैन्य तैयारियों की पूरी जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री लगातार हर घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं। बीते 24 घंटे में प्रधानमंत्री मोदी की सेना प्रमुखों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह दूसरी और महत्वपूर्ण बैठक है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को भी ऐसी ही एक बैठक की अध्यक्षता की थी। इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पाकिस्तान के साथ जारी तनाव पर सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उधमपुर, पठानकोट, आदमपुर और भुज एयरबेस को नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा, पाकिस्तान ने मिसाइलें दागीं और अस्पताल तथा स्कूल को निशाना बनाया गया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एयर फोर्स स्टेशन सिरसा और एयर फोर्स स्टेशन सूरतगढ़ के शनिवार सुबह की फोटो दिखाईं और कहा कि ये सुरक्षित हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया, पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है, उसने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया है।

भारत ने कई खतरों को नाकाम कर दिया, लेकिन पाकिस्तान ने 26 से अधिक स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की। पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए रात 1:40 बजे हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया। यह भी बताया गया, पाकिस्तान की इन हरकतों के बाद तुरंत जवाबी हमले का एक्शन लिया गया। रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहमयार खान पर पाक सैन्य ठिकानों पर सटीक हथियारों और लड़ाकू जेट से हमला किया गया। सियालकोट का एयरबेस भी टारगेट किया गया।

************************

 

पाकिस्तान ने 5 राज्यों में किए हमले,सेना ने दिया मुहंतोड़ जवाब

नई दिल्ली 10 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : शनिवार सुबह पाकिस्तान ने भारत के 5 राज्यों — जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात — पर अचानक हमला कर दिया। सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और जम्मू क्षेत्रों में देखा गया, जहाँ भारी गोलाबारी में प्रशासनिक अधिकारी समेत 5 लोगों की मौत हो गई।

 रक्षा सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात 7:47 से 10:57 बजे के बीच पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 26 शहरों पर 550 से ज्यादा ड्रोन दागे। सेना की तत्परता के चलते इन हमलों को बड़ी हद तक नाकाम कर दिया गया। हमलों के मद्देनजर राजस्थान के श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। हरियाणा के चंडीगढ़ और अंबाला में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है।

पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने आदमपुर, उधमपुर, पठानकोट, सूरतगढ़ और सिरसा एयरबेस, साथ ही राजौरी के मिलिट्री ट्रेनिंग सेंटर और पंजाब के ब्यास स्थित ब्रह्मोस मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटी को निशाना बनाया। भारत ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

भारतीय सेना ने त्वरित जवाब देते हुए जम्मू के पास स्थित पाकिस्तानी पोस्ट और आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया, जहाँ से ड्रोन लॉन्च किए जा रहे थे। डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश और रक्षा मंत्रालय आज सुबह 10:30 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें आधिकारिक जानकारी और अगली कार्रवाई की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी।

************************

 

पाकिस्तान की एक और नापाक कोशिश नाकाम, BSF ने आतंकी लॉन्च पैड को किया तबाह

श्रीनगर 10 May,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पर की गई नापाक हरकत एक बार फिर भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने नाकाम कर दी है। जम्मू के अखनूर सेक्टर के सामने स्थित सियालकोट जिले के लूनी गांव में मौजूद एक आतंकी लॉन्च पैड को BSF ने पूरी तरह तबाह कर दिया है। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पाकिस्तान की चौकियों और आतंकी ठिकानों को हुए भारी नुकसान को देखा जा सकता है।

 बीएसएफ के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे पाकिस्तान की ओर से जम्मू सेक्टर में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी शुरू की गई थी। इसका जवाब देते हुए भारत ने लूनी इलाके में स्थित आतंकी ठिकाने को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा, “बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई में न केवल आतंकी ठिकाने को खत्म किया, बल्कि पाकिस्तान रेंजर्स की चौकियों और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।”

उधर, अमृतसर के खासा छावनी इलाके में शनिवार सुबह करीब 5 बजे पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के ज़रिए हमला करने की कोशिश की गई। भारतीय सेना की वायु रक्षा इकाइयों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया। सेना ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान लगातार ड्रोन और हथियारों के जरिए भारत की पश्चिमी सीमाओं पर तनाव फैलाने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बीएसएफ ने अपने बयान में कहा, “भारत की संप्रभुता की रक्षा के प्रति हमारा संकल्प अडिग है। कोई भी हरकत हमारी सीमाओं को भेद नहीं सकती।’’ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारत-पाक सीमा पर तनाव चरम पर है और आतंकी गतिविधियों की आशंका लगातार बनी हुई है।

******************************

 

युद्ध भड़काने के लिए अग्रिम मोर्चों की तरफ बढ रही है पाकिस्तान सेना

भारतीय सेनाएं भी पूरी तरह तैयार

नई दिल्ली 10 may, (Rns)- भारत ने कहा है कि पाकिस्तान युद्ध भड़काने की अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और उसने शुक्रवार रात तथा शनिवार तड़के भी पश्चिमी क्षेत्र पर ड्रोन, लंबी दूरी के हथियारों, युद्धक हथियारों और लड़ाकू विमानों से लगातार हमले कर 26 से अधिक स्थानों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ की कोशिश की जिसे भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने नाकाम कर जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमले किये जिनमें दुश्मन को भारी नुकसान हुआ।

भारत ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी सेना के सैनिकों को अग्रिम मोर्चों की ओर कूच करते देखा गया है जो युद्ध को भड़काने वाली कार्रवाई है। उसने कहा है कि पाकिस्तान अभी भी भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की भ्रामक जानकारी दे रहा है साथ ही वह भारत में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की नापाक कोशिश भी कर रहा है।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री , कर्नल सौफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने शनिवार सुबह यहां एक विशेष ब्रीफिंग में संवाददाताओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी।

कर्नल कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तानी सेना पश्चिमी सीमाओं पर लगातार हमले कर रही है। पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, युद्धक हथियार और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया हालांकि भारत ने इन कोशिशों को नाकाम कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेनाओं ने 26 से अधिक जगहों पर हवाई मार्ग से घुसपैठ करने की कोशिश की।

इन असफल हमलों में उधमपुर, भुज, पठानकोट, बठिंडा में वायुसेना के बेस पर कुछ उपकरणों और कर्मियों को नुकसान पहुंचाया। सैन्य अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान ने पंजाब के वायुसेना बेस को निशाना बनाने के लिए बीती रात करीब एक बजकर 40 मिनट पर हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया। भारत ने इन हमलों को सफल नहीं होने दिया।

पाकिस्तानी सेनाओं ने स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों पर भी हमला किया। विंग कमांडर सिंह ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की इन नापाक हरकतों का जवाब देते हुए त्वरित और सुनियोजित हमले कर चिन्हित सैन्य लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगाया। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पाकिस्तान लगातार दुर्भावनापूर्ण भ्रामक जानकारी फैलाने का भी प्रयास कर रहा है। उसने भारत की प्रमुख वायु रक्षा प्रणाली एस-400 प्रणाली को नष्ट करने, सूरत और सिरसा में हवाई अड्डों को नष्ट करने का दावा किया जो पूरी तरह से झूठ है।

उन्होंने कहा कि युद्ध भड़काने की नापाक हरकत करते हुए पाकिस्तानी सेना के सैनिक को अग्रिम क्षेत्रों की ओर कूच करते देखे गये हैं। उन्होंने का कि भारतीय सशस्त्र बल पाकिस्तान के किसी भी दस्साहस का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भी पाकिस्तान की फायरिंग का जवाब दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना जानबूझकर असैनिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचा रही है। मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की सुबह राजौरी जिले में असैनिक क्षेत्रों में गोलाबारी अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त राज कुमार थापा की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि इससे केन्द्र शासित प्रदेश में हताहत होने वाले नागरिकों की संख्या और बढ़ गई है।

******************************

 

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए रहे तैयार, गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया सतर्क

नई दिल्ली 09 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : पाकिस्तान के साथ सीमा पर बने युद्ध जैसे हालात के मद्देनजर भारत ने पूरी तरह से कमर कस ली है। सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

आज सुबह तड़के भारतीय सेना ने पाकिस्तान की ओर से आए कई ड्रोन्स और मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस बीच, सीमावर्ती चौकियों से रुक-रुक कर भीषण गोलीबारी जारी है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक महत्वपूर्ण चिट्ठी लिखी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने चिट्ठी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा प्रशासकों को किसी भी हालात का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया है।

गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और जिला प्रशासनों से कहा है कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत दी गई आपातकालीन शक्तियों का प्रयोग करें और सभी आवश्यक एहतियाती उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करें।

इसके अलावा, मंत्रालय ने राज्यों को युद्ध जैसी स्थिति के दौरान आवश्यक सामानों, जैसे रसद आदि की खरीदारी करने को भी कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें नागरिकों को उपलब्ध करवाया जा सके। यह कदम संभावित गंभीर स्थिति के लिए देश की समग्र तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

****************************

 

रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज पर रोक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली ,09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों की लाइव कवरेज को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से बचने की हिदायत दी है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आदेश में कहा है, सभी मीडिया चैनलों को रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लाइव कवरेज को दिखाने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सभी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी अभियानों की रिपोर्टिंग करते समय अत्यंत जिम्मेदारी बरतें और मौजूदा कानूनों व नियमों का सख्ती से पालन करें।

उन्होंने आगे बताया, विशेष रूप से रक्षा अभियानों या सुरक्षा बलों की गतिविधियों से संबंधित रीयल-टाइम कवरेज, विजुअल का प्रसार या सूत्र आधारित जानकारी की रिपोर्टिंग नहीं की जानी चाहिए। संवेदनशील जानकारी का समयपूर्व खुलासा अनजाने में शत्रु तत्वों की मदद कर सकता है और अभियान की प्रभावशीलता तथा कर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

पिछली घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को रेखांकित किया है। कारगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमले (26/11) और कंधार अपहरण जैसे मामलों में अनियंत्रित कवरेज से राष्ट्रीय हितों पर प्रभाव पड़ा था।

मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कानूनी दायित्वों के अलावा, यह हमारा साझा नैतिक उत्तरदायित्व है कि हमारे सामूहिक कार्य चल रहे अभियानों या हमारी सेनाओं की सुरक्षा को खतरे में न डालें।

इस आदेश में बताया गया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पहले ही सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(पी) का पालन करने के लिए परामर्श जारी किया है।

नियम 6(1)(पी) में कहा गया है कि केबल सेवा में कोई भी कार्यक्रम प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें सुरक्षा बलों द्वारा आतंकवाद विरोधी अभियान की लाइव कवरेज हो, ऐसी मीडिया कवरेज केवल उपयुक्त सरकार द्वारा नामित अधिकारी की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी तक सीमित होगी, जब तक कि वह अभियान समाप्त न हो जाए।

उन्होंने बताया, ऐसा प्रसारण केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 का उल्लंघन है और इसके तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज प्रसारित न करें।

सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे कवरेज में सतर्कता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बरतते रहें और राष्ट्र की सेवा में उच्चतम मानकों का पालन करें। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के साथ जारी किया गया है।

रक्षा मंत्रालय ने भी अपने एक्स अकाउंट पर इस आदेश को शेयर करते हुए अपील की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, सभी मीडिया चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज या रीयल-टाइम रिपोर्टिंग से बचें। ऐसी संवेदनशील या स्रोत-आधारित जानकारी का खुलासा करने से अभियान खतरे में पड़ सकता है और लोगों की जान को जोखिम हो सकता है।

****************************

 

पाकिस्तान में तख्ता पलटने वाला है : रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बक्शी

गुरुग्राम ,09 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान लगातार भारत से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है। जम्मू-कश्मीर,राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों के सीमावर्ती तथा अन्य इलाकों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी.डी. बक्शी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान का तख्ता पलटने वाला है। जनरल आसिफ मुनीर और शाहबाज शरीफ की विदाई का समय आ गया है। पड़ोसी देश अपनी हरकतों से चौतरफा घिर गया है।

मेजर जनरल जी.डी. बक्शी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम बहुत ही प्रभावशाली साबित हुआ है। कश्मीर से लेकर भुज तक गुरुवार को पाकिस्तान ने 15 स्थानों को टारगेट करने की नापाक हरकत की थी। भारतीय सेना ने सारे हमलों को नाकाम कर दिया।

उन्होंने कहा कि एयर डिफेंस सिस्टम ने फुल स्कोर हासिल किया है। हमने लाहौर पर हमला किया है। इजराइली ड्रोन हारोप ने पाकिस्तान के रडार को ध्वस्त कर दिया है। हमने रावलपिंडी स्टेडियम को उड़ा दिया है। पाकिस्तान में एस-400 ने तबाही मचा दी है। पाकिस्तान के चीनी ड्रोन और चीनी रडार सब बेकार साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान चौतरफा घिर गया है। उनकी सारी फौज भारत की सीमा पर लगने की वजह से बलूचिस्तान और पख्तूनख्वा खाली हो गया है। इस दौरान, बलूचों ने क्वेटा में हमला करके एफसीएनए के मुख्यालय को ध्वस्त कर दिया है। पाकिस्तान में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

वहीं, नोएडा में पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने कहा कि पाकिस्तान लगातार दो दिन से भारत पर हमले कर रहा है, लेकिन हमारा एंटी मिसाइल सिस्टम बहुत मजबूत है। यह तीन लेयर का सिस्टम है। पाकिस्तान ने कई रिहाशी इलाकों पर भी हमला करने की कोशिश की। इन हमलों का भारत में कोई खास असर नहीं हुआ।

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान की ओर से पश्चिमी सीमा और जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना के अनुसार, 8 मई की रात पाकिस्तान ने कई हमले किए, जिन्हें भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम किया।

******************************

 

देश में अन्न की कोई कमी नहीं : शिवराज सिंह चौहान

सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों तैयार

नई दिल्ली ,09 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में अन्न के भंडार भरे हुए हैं और हमारे पास चावल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि सीमा पर जवान और खेतों में किसान तैयार हैं। इस वर्ष बंपर उत्पादन हुआ है और हमारे किसान अगली फसल के लिए भी पूरी तरह से तैयार हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशवासियों को आश्वासन देते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में या जरूरत के समय सभी निश्चिंत रहें। हम तैयार और सक्षम हैं।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 2023-24 में देश में खाद्यान का उत्पादन 3,322.98 लाख मीट्रिक टन था और जिसे देश के किसानों ने बढ़ाकर अब 3,474.42 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।

उन्होंने कहा, “चावल का उत्पादन पिछले वर्ष के 1,378.25 लाख मीट्रिक टन की तुलना में इस बार 1,464.02 लाख मीट्रिक टन रहा। वहीं, गेहूं का उत्पादन 1,132 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर इस वर्ष 1,154 लाख मीट्रिक टन हो गया है। हालांकि, यह केवल अनुमान है, इसमें और भी बढ़ोतरी की संभावना है।”

केंद्रीय मंत्री चौहान ने जानकारी दी कि इस वर्ष दालों का उत्पादन 242 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 250.97 लाख मीट्रिक टन हो गया है। तिलहन का उत्पादन भी 296.69 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 428.98 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। देश में फलों और सब्जियों की भी कमी नहीं है।

उन्होंने आगे बताया कि बागवानी फसलों का उत्पादन 3,547 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 3,621 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया है। आलू, प्याज और टमाटर उत्पादन के भी सकारात्मक आंकड़े दर्ज किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आलू 570 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 595 लाख मीट्रिक टन और प्याज 242 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 288 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इसी तरह, टमाटर का उत्पादन भी 213 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 215 लाख मीट्रिक टन हो गया है।”

उन्होंने विपरीत मौसम में भी उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए किसानों और वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि गेहूं और चावल का उत्पादन एक वर्ष में 4-5 प्रतिशत तक बढ़ा है। उन्होंने बफर स्टॉक की जानकारी देते हुए कहा कि 8 मई तक 539.88 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी जा चुकी है। भंडार भरे हुए हैं। इसके अलावा, 267.02 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जा चुका है और खरीद जारी है।

***************************

 

हर समय हर वक्त सच के साथ

Exit mobile version