रांची। दिल्ली में वाहन चोरी के मामलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने रांची के कांके स्थित सुहाना सिटी में बड़ी छापेमारी की। स्थानीय कांके पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में कथित तौर पर चोरी के दो थार वाहन और चार मोटरसाइकिल बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी समीर अंसारी छापेमारी के दौरान फरार हो गया। पुलिस ने उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
किराये पर वाहन लेकर गायब हो जाता था गिरोह
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरोह कथित तौर पर ट्रैवल एजेंसियों से चारपहिया वाहन किराये पर लेकर उन्हें गायब कर देता था। जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर वाहन हासिल करते थे। इसके बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदलकर उनका इस्तेमाल किया जाता था। चोरी के वाहनों को कथित तौर पर बेच दिया जाता था या कबाड़ में खपा दिया जाता था।
पुलिस को संदेह है कि यह गिरोह पिछले करीब आठ महीनों से सक्रिय था और इस दौरान कई वाहनों को निशाना बनाया गया।
जीपीएस की मदद से कांके तक पहुंची पुलिस
गिरोह का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष रणनीति अपनाई। पुलिस ने जीपीएस से लैस एक वाहन को ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से किराये पर लगवाया। आरोप है कि गिरोह के सदस्य उस वाहन को भी लेकर फरार हो गए और उसे कांके स्थित समीर अंसारी के आवास पर पहुंचा दिया।
वाहन में लगे जीपीएस की लोकेशन के आधार पर दिल्ली पुलिस उसकी तलाश करते हुए रांची पहुंची। इसके बाद कांके स्थित आवास की पहचान कर छापेमारी की योजना बनाई गई।
सुबह पांच बजे हुई छापेमारी, पिछले दरवाजे से भागा आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने रात करीब तीन बजे से संदिग्ध आवास के आसपास निगरानी शुरू की। सुबह करीब पांच बजे कांके पुलिस को साथ लेकर छापेमारी की गई।
पुलिस के मुताबिक, घर का दरवाजा खटखटाने के बावजूद काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला गया। इसी दौरान मुख्य आरोपी समीर अंसारी कथित तौर पर घर के पिछले दरवाजे से निकलकर धान के खेत की ओर भाग गया। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
फर्जी नंबर प्लेट और कथित फर्जी पासपोर्ट बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो थार वाहन और चार मोटरसाइकिल जब्त कीं। पुलिस के अनुसार, बरामद वाहनों पर दिल्ली के फर्जी नंबर प्लेट लगे हुए थे। इसके अलावा आरोपी की तस्वीर और किसी अन्य व्यक्ति के नाम वाला एक कथित फर्जी पासपोर्ट भी बरामद होने की बात कही गई है।
पुलिस को आशंका है कि इस दस्तावेज का इस्तेमाल आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए किया होगा। पुलिस के दावे के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर चोरी के पैसों से दुबई भी जा चुका है। हालांकि, इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और आधिकारिक पुलिस बयान से होनी बाकी है।
गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली पुलिस बरामद वाहनों के स्रोत, गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के बाकी वाहनों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।
पुलिस की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहनों की चोरी की, फर्जी दस्तावेज कहां से तैयार कराए और चोरी के वाहनों को किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।
**********************
