Joint annual meeting of Governing Body and Executive Committee of District Tourism Promotion Council, Ranchi concluded

जिला पर्यटन संवर्धन परिषद्, राँची की शासी निकाय एवं कार्यकारिणी समिति की संयुक्त वार्षिक बैठक सम्पन्न

पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा लाइट, सुरक्षा व्यवस्था एवं विकास कार्यों को गति देने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय

*राँची जिले को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करने तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षा प्रदान करने पर जोर

“झरनों का शहर” के रूप में और अधिक प्रसिद्ध बनाने तथा पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है:- उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला पर्यटन संवर्धन परिषद्, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,30.03.2026 – उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला पर्यटन संवर्धन परिषद्, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय ब्लॉक – ए स्थित सभागार में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद्, राँची की शासी निकाय एवं कार्यकारिणी समिति की संयुक्त वार्षिक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में माननीय लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों के प्रतिनिधि, माननीय विधायकों के प्रतिनिधि तथा उप विकास आयुक्त, राँची, श्री सौरभ भुवनिया, वन प्रमंडल पदाधिकारी/वन संरक्षक, राँची, श्रीकांत, वन प्रमंडल पदाधिकारी, खूँटी, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर राँची, श्री कुमार रजत, जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची, श्री अखिलेश कुमार, पुलिस अधीक्षक मुख्यालय -1, श्री अमर कुमार पांडेय, सहायक नगर आयुक्त, राँची नगर निगम; कार्यपालक अभियंता, NREP-I एवं NREP-II, राँची; कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, राँची; जिला अभियंता, जिला परिषद्, राँची एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।

राँची जिले को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करने तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षा प्रदान करने पर जोर

बैठक में विगत वर्षों में पर्यटन विकास हेतु किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। राँची जिले को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक विकसित करने तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षा प्रदान करने पर जोर दिया गया।

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं अनुशंसाएँ:

(1) विगत वर्षों के कार्यों की समीक्षा: बैठक में पिछले वर्षों में पर्यटन विकास के अंतर्गत कराए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

(2) कार्य योजना की समीक्षा: गत वर्ष जिला के पर्यटकीय स्थलों के विकास एवं पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था हेतु तैयार की गई कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

(3) सौर ऊर्जा संचालित लाइटों का अधिष्ठापन: राँची जिले अंतर्गत सभी अधिसूचित पर्यटक स्थलों पर आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा से संचालित लाइटें लगाने का निर्णय लिया गया। इससे पर्यटक स्थलों पर रात्रिकालीन सुविधा बढ़ेगी तथा पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का उपयोग सुनिश्चित होगा।

(4) मारशली पहाड़ का पर्यटकीय विकास: राँची जिले में स्थित मारशली (मारसिल्ली) पहाड़ में हाई मास्ट लाइट लगाने एवं समग्र पर्यटकीय विकास करने संबंधी विस्तृत योजना तैयार करने की अनुशंसा की गई। यह पहाड़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण एवं धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

(5) सूचना पट्टों का अधिष्ठापन: सभी पर्यटक स्थलों पर पर्यटन स्थल की जानकारी, निकटवर्ती क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य पदाधिकारियों की विस्तृत सूचना वाले सूचना पट्ट शीघ्रातिशीघ्र स्थापित करने की अनुशंसा की गई। इससे पर्यटकों को आवश्यक जानकारी एवं आपात स्थिति में मदद आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

(6) देवड़ी मंदिर का विकास: राँची जिले अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध देवड़ी (देवरी) मंदिर के पर्यटकीय विकास को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करने की अनुशंसा की गई। यह 700 वर्ष पुराना मंदिर 16 भुजाओं वाली मां देवरी (दुर्गा का रूप) को समर्पित है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

(7) तकनीकी जाँच समिति का गठन: उपायुक्त ने सभी माननीयों से प्राप्त पर्यटन विकास संबंधी प्रस्तावों का स्थलीय निरीक्षण कर उनके क्रियान्वयन की संभावनाओं पर प्रतिवेदन तैयार करने हेतु जिला स्तर पर एक तकनीकी विशेषज्ञों की जाँच समिति गठित करने की अनुशंसा की।

(8) सुरक्षा एवं गुणवत्ता पर जोर: उपायुक्त ने सभी पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही, वर्तमान में क्रियान्वित पर्यटकीय विकास योजनाओं की गुणवत्ता को उच्च मानक स्तर पर बनाए रखने हेतु कार्यकारी एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए।

बैठक में राँची जिले के प्रमुख पर्यटक स्थलों जैसे दशम जलप्रपात, हुंडरू जलप्रपात, जोन्हा जलप्रपात, टैगोर हिल, रॉक गार्डन, देवड़ी मंदिर, मारशली पहाड़ आदि के समग्र विकास पर चर्चा हुई। इन स्थलों को और अधिक आकर्षक बनाने, बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, प्रकाश, शौचालय, बैठने की व्यवस्था तथा सुरक्षा को मजबूत करने पर सहमति बनी।

“झरनों का शहर” के रूप में और अधिक प्रसिद्ध बनाने तथा पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है

उपायुक्त, राँची ने कहा कि राँची को “झरनों का शहर” के रूप में और अधिक प्रसिद्ध बनाने तथा पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। बैठक में लिए गए निर्णयों को शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और जिले का पर्यटन उद्योग फले-फूले।

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