Important Meeting Regarding Census-2027 Presided Over by Deputy Commissioner-cum-Principal Census Officer, Ranchi, Mr. Manjunath Bhajantri

जनगणना-2027 को लेकर उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक

स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश

लोगों को जागरूक कर डिजिटल माध्यम से स्व-गणना हेतु प्रेरित करने पर जोर

प्रथम चरण दो भागों में विभाजित, 1-15 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) एवं 16 मई से 14 जून 2026 तक होगा मकान सूचीकरण एवं घर-घर गणना कार्य

नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु स्व-गणना की व्यवस्था

नागरिक ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर स्वयं कर सकते हैं अपना विवरण दर्ज

जनगणना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर-1855 भी उपलब्ध

उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की जिलेवाासियों से अपील, जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएँ, सही जानकारी उपलब्ध कराएँ

रांची,08.05.2026 – उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में 08.05.2026 को समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान स्व-गणना (Self Enumeration) से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से जिले में प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 को अधिक पारदर्शी, सटीक, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से स्व-गणना पोर्टल की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से आम नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इससे जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा समय की भी बचत होगी।

स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश

उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बैठक में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं स्टेकहोल्डर्स को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने स्तर से आम लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक करें तथा उन्हें पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल माध्यम से स्व-गणना प्रक्रिया से जुड़ सकें।

बैठक में बताया गया कि स्व-गणना (Self Enumeration) अंतर्गत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से स्वयं अपने परिवार एवं आवास संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा सकेंगे। इसके लिए आम नागरिकों को पोर्टल के उपयोग के संबंध में भी जानकारी देने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक संगठनों, चेंबर ऑफ कॉमर्स एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाए ताकि जनगणना 2027 का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। उन्होंने प्रतिदिन पोर्टल के माध्यम से स्वगणना की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिये।

प्रथम चरण दो भागों में विभाजित

जनगणना-2027 के प्रथम चरण को दो भागों में विभाजित किया गया है। 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ इनुमेरिशन) एवं 16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण एवं घर-घर गणना कार्य पूर्ण किया जायेगा। इस अवधि में जिला के प्रत्येक क्षेत्र के हर मकान का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा।

स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया

नागरिकों को सुविधा प्रदान करने हेतु स्व-गणना की व्यवस्था की गई है। स्व-गणना की अवधि 1 मई से 15 मई 2026 निर्धारित है। यह प्रक्रिया ऐच्छिक है, अनिवार्य नहीं। नागरिक ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर जाकर स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। नागरिक को स्व-गणना के बाद प्राप्त SE-ID को सुरक्षित रखना होगा। जिसे प्रगणक के घर आने पर साझा करना होगा। यदि कोई व्यक्ति स्व-गणना नहीं करता है, तो भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। प्रगणक निर्धारित अवधि में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing & Housing Census)

16 मई से 14 जून 2026 के बीच प्रगणक प्रत्येक घर का दौरा करेंगे। इस दौरान मकान का विवरण, घर की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएँ एवं अन्य मूलभूत जानकारी दर्ज की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक परिवार का सही और पूर्ण विवरण दर्ज हो।

गोपनीयता और सुरक्षा की गारंटी

जनगणना से संबंधित सभी सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित की गई है। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है। डेटा सुरक्षित सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जाता है। प्रकाशित रिपोर्ट में केवल सामूहिक आँकड़े ही प्रदर्शित किए जाते हैं। किसी भी व्यक्ति का नाम या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं की जाती। इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस या किसी जांच कार्य में नहीं किया जाता है।

नागरिकों के लिए सहायता हेल्पलाइन नंबर

जनगणना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। हेल्पलाइन नंबर – 1855 है।

जनभागीदारी का आह्वान

उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है, जो देश के विकास की आधारशिला तैयार करता है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और सही जानकारी उपलब्ध कराएँ।

बैठक में अपर समाहर्ता, अपर नगर आयुक्त, उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जीएम डीआईसी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, एलडीएम रांची, प्रभारी डीपीएम जेएसएलपीएस, सीसीएल एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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