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उत्तर भारत में बारिश-बाढ़ से हालात बिगड़े, राजस्थान में सेना ने संभाला मोर्चा

नईदिल्ली,25 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बाढ़ की चपेट में आए जिलों में राहत-बचाव कार्य के लिए सेना ने मोर्चा संभाला हुआ है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के कई जिलों में स्कूल की छुट्टी घोषित की है, वहीं राजस्थान में कोटा विश्वविद्यालय की 25 अगस्त की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

राजस्थान के कई जिलों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। रविवार को सवाई माधोपुर में भारी बारिश से 50 फीट जमीन धंस गई। चंबल नदी का जलस्तर बढऩे से बूंदी के घरों में पानी घुस गया है।

झालावाड़ में पुलिया पार करते समय एक कार बह गई, जिससे 2 लोगों की मौत हो गई। प्रदेश में सोमवार को भारी बारिश के अलर्ट के चलते 19 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश के चलते 2 राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 484 सड़कें बंद हैं। सोमवार को खराब मौसम को देखते हुए बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और सोलन के स्कूल बंद किए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के मलबे में पेट्रोल पंप दब गया है। जम्मू संभाग में भारी बारिश के कारण के सभी स्कूल बंद रखने के साथ 10वीं और 11वीं की परीक्षाएं स्थगित करने का आदेश दिया है।

लगातार हो रही बारिश से उत्तर प्रदेश में नदी-नाले और बांध उफान पर हैं। रविवार को चंदौली में घाघरा नदी पर बना मुसाहिबपुर बांध टूटने से 5 गांव जलमग्न हो गए। जौनपुर में 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।

राज्य के 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। नर्मदा नदी उफान पर होने से निचले इलाकों की बस्तियां डूब गईं।

दिल्ली वालों की सुबह बारिश से हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव देखा गया। इस कारण यातायात बाधित होने की समस्या देखने को मिली है। सोमवार को राजधानी समेत पूरे एनसीआर इलाके में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

आर्थिक राजधानी मुंबई में भी बारिश हो रही है। इसके अलावा पंजाब में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश से सटे पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

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रूस में भारतीय राजदूत ने कहा- जहां सबसे अच्छा सौदा, वहां से तेल खरीदेंगी भारतीय कंपनियां

नईदिल्ली,25 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ के बाद भी भारत सबसे अच्छा सौदा देने वाले स्रोतों से तेल खरीदना जारी रखेगा।

उन्होंने अमेरिका के टैरिफ लगाने के फैसले पर निशाना साधा, जो रूस से तेल व्यापार के कारण लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का निर्णय अनुचित, अविवेकपूर्ण और अन्यायपूर्ण है, टैरिफ वृद्धि निष्पक्ष व्यापार के सिद्धांतों को कमजोर करता है।

कुमार ने आगे कहा कि भारत का उद्देश्य 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि रूस के साथ कई अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग से वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में मदद मिली है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा नीति, बाहरी राजनीतिक दबाव से नहीं, बल्कि अपनी जनता के लिए विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता से बनती है और सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कदम उठाना जारी रखेगी।

कुमार ने आगे कहा कि व्यापार वाणिज्यिक आधार पर होता है और इसलिए अगर वाणिज्यिक लेन-देन व्यापार आयात का आधार सही है, तो भारतीय कंपनियां जहां भी सबसे अच्छा सौदा मिलेगा, वहां से खरीदारी जारी रखेंगी और वर्तमान स्थिति यही है।

बता दें कि राजदूत से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को अनुचित और अव्यवहारिक बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत अपने छोटे किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा।

अमेरिकी टैरिफ और प्रतिबंधों के बीच रूस ने भारत को कच्चा तेल खरीदने पर 5 प्रतिशत छूट दी है। रूसी दूतावास के प्रभारी रोमन बाबुश्किन ने पिछले दिनों कहा कि रूस ने भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए एक विशेष तंत्र बनाया है, जो अपनी तेल जरूरतों का लगभग 40 प्रतिशत मास्को से 5 प्रतिशत की औसत छूट पर प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि भारत-रूस 2030 तक 8,350 अरब रुपये व्यापार लक्ष्य को हासिल करेंगे।

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पूर्व न्यायाधीशों की अमित शाह को सीख, कहा-सलवा जुडूम फैसले की गलत व्याख्या न करें

नईदिल्ली,25 अगस्त (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है।

पूर्व न्यायाधीशों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सलवा जुडूम फैसले की गलत व्याख्या न की जाए और इसको लेकर नाम-निंदा से भी बचा जाए।

पूर्व न्यायाधीशों ने शाह की सार्वजनिक टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और जोर दिया कि सलवा जुडूम का फैसला, स्पष्ट या परोक्ष रूप से, नक्सलवाद या उसकी विचारधारा को समर्थन नहीं देता है।

संयुक्त बयान 18 पूर्व न्यायाधीशों वाले समूह ने की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहे कुरियन जोसेफ, मदन बी लोकुर और जे चेलमेश्वर भी शामिल हैं।

बयान में कहा, किसी उच्च राजनीतिक पद पर बैठे अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की पूर्वाग्रहपूर्ण गलत व्याख्या से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर नकारात्मक प्रभाव पडऩे की संभावना है, जिससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता को झटका लगेगा। भारत के उपराष्ट्रपति के पद के प्रति सम्मान के कारण नाम-गाली से बचना बुद्धिमानी होगी।

बयान में कहा गया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए प्रचार अभियान वैचारिक हो सकता है, लेकिन यह शालीनता और गरिमा के साथ चल सकता है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी उम्मीदवार की तथाकथित विचारधारा की आलोचना से बचना चाहिए।

इस बयान ने विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के प्रति एकजुटता प्रदर्शित की है। बयान का पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एके पटनायक, अभय ओका, गोपाल गौड़ा, विक्रमजीत सेन समेत कई ने अपना समर्थन दिया है।

केंद्रीय मंत्री शाह ने शुक्रवार को केरल में कहा था, सुदर्शन रेड्डी वही व्यक्ति हैं जिन्होंने नक्सलवाद की मदद करने के लिए सलवा जुडूम पर फैसला सुनाया था।

अगर सलवा जुडूम पर फैसला नहीं सुनाया गया होता, तो वामपंथी उग्रवाद 2020 तक खत्म हो गया होता। यही वो सज्जन थे, जो सलवा जुडूम पर फैसला देने वाली विचारधारा से प्रेरित थे। रेड्डी ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि फैसला उन्होंने नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट ने दिया है।

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ईडी को देखते ही दीवार कूदकर भागे टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा

नौकरी घोटाले में पूछताछ

कोलकाता,25 अगस्त (एजेंसी)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में शिक्षक और कर्मचारियों की भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक जीवन कृष्ण साहा के घर पर छापेमारी की।

केंद्रीय एजेंसी की टीम को देखते ही विधायक ने दीवार फांदकर भागने की कोशिश की और अपना फोन झाडिय़ों में फेंक दिया। हालांकि, टीम ने उनको दौड़कर पकड़ लिया। मामले में साहा की पत्नी से पूछताछ हो चुकी है।

एजेंसियों ने साहा को दौड़ाकर पकड़ा तो उनके पास मोबाइल नहीं था। टीम ने पूछताछ की तो उन्होंने उसे झाडिय़ों में फेंकने की बात कही। इसके बाद टीम ने उनको साथ लेकर झाडिय़ों में तलाशी ली और फोन को ढूंढ निकाला।

उनको फोन कीचड़ में सना था। टीम ने साहा के रिश्तेदारों के घर पर भी छापा मारा था। टीम वीरभूम के सैंथिया में टीएमसी पार्षद और साहा की रिश्तेदार माया साहा के आवास पर भी पहुंची थी।

मुर्शिदाबाद जिले के बुरवान विधानसभा से विधायक कृष्ण साहा 2023 में भी इसी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार हो चुके हैं। हालांकि, बाद में वे रिहा हो गए थे।

उनके खिलाफ ईडी ने सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत छापेमारी की है। उनके कई सहयोगियों के परिसर पर भी छापा मारा गया है।

राज्य में शिक्षक कर्मचारी भर्ती घोटाले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रही है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ईडी के हवाले है।

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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” के तहत जिलेभर में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार कार्यक्रम का आयोजन

महिलाओं को बकरी, मुर्गी, बतख एवं सूकर पालन के साथ-साथ अंडा उत्पादन जैसी आय सृजन गतिविधियों को अपनाने के लिए किया गया प्रेरित

कार्यक्रम में 53,690 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ सक्रिय रूप से हुईं शामिल

रांची, 24.08.2028 -उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में आज “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामाजिक विकास गतिविधियाँ तथा DDU-GKY अंतर्गत प्रशिक्षण सह मोबिलाइजेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई, जिसके उपरांत उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।

महिलाओं को बताया गया कि “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” पहल केवल सम्मान राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका सशक्तिकरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में महिलाओं को बकरी, मुर्गी, बतख एवं सूकर पालन के साथ-साथ 100 मुर्गियों से अंडा उत्पादन जैसी आय सृजन गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

आज जिले के 64 सामुदायिक स्तरीय संघ (CLF) एवं 1016 ग्राम संगठन (VO) द्वारा कुल 1078 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 53,690 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ सक्रिय रूप से शामिल हुईं। जिसमें निम्न प्रकार से आवेदन प्राप्त हुए :-

बकरी पालन हेतु – 10,212 आवेदन

मुर्गी पालन हेतु – 23,623 आवेदन

बतख पालन हेतु – 9,745 आवेदन

सूकर पालन हेतु – 565 आवेदन

अंडा उत्पादन हेतु – 469 आवेदन

इसके अतिरिक्त, आज आयोजित मोबिलाइजेशन गतिविधियों में DDU-GKY हेतु कुल 973 उम्मीदवारों का पंजीकरण किया गया। RSETI हेतु 1,191 नए उम्मीदवारों का मोबिलाइजेशन किया गया।

इन सभी गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना एवं मंईयां सम्मान योजना को “सम्मान से स्वावलंबन” के लक्ष्य तक पहुँचाना है।

जिला प्रशासन द्वारा संकल्प दोहराया कि सरकार की योजनाओं को प्रत्येक महिला तक पहुँचाकर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने योग्य बनाया जाएगा।

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कोलकाता सहित बंगाल में बढ़े गणेश पूजा के आयोजन

कोलकाता 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को है। महाराष्ट्र सहित देश भर में लोग धूमधाम से गणेश पूजा का आयोजन करेंगे। अगर बात बंगाल की करे तो महानगर कोलकाता में भी गणेश पूजा भी सार्वजनिक रूप से मनाया जाने लगा है।

इसी क्रम में महानगर कोलकाता में अब गणेश पूजा आयोजन की धूम देखी जा सकती है। कुम्हारटोली, कालीघाट सहित महानगर कोलकाता के प्रतिमा निर्माण करने वाले कलाकारों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जिस तरह से राज्य भर में गणेश पूजा का चलन तेजी से बढ़ा है वह काफी संतोष दायक है।

प्रतिमा बेचने वालों ने बताया कि, गणेश प्रतिमाओं के आर्डर से लग रहा है कि आने वाले समय में विश्वकर्मा प्रतिमाओं के मुकाबले गणेश प्रतिमा थोक में बनेंगे। ऐसे में हो सकता है कि आने वाले दिनों में महानगर कोलकाता गणेश पूजा के मामले में महाराष्ट्र के एकाधिकार के लिये कही चुनौती नहीं बन जाय।

प्रतिमा निर्माण करने वाले अशोक सेपाली का कहना है कि गणेश प्रतिमाओं की मांग गजब तौर पर बढ़ी है। मामले पर के. राजू  ने कहा कि अब महानगर में गणेश पूजा किसी खास समुदाय में सीमा बद्ध नहीं है बरन आने वाले समय में यहां का आयोजन महाराष्ट्र के लिये चुनौती बन सकता है।

जानकारी की माने तो महानगर कोलकाता में कम से कम 750 से अधिक महाराष्ट्रीयन परिवार हैं जो गणपति की पूजा करेंगे ही। महानगर कोलकाता के बड़ा बाजार, गार्डेनरीच, मटियाबुर्ज, मोमिनपुर, न्यू अलीपुर, साल्टलेक, उल्टाडांगा, बिराटी, हावड़ा, भवानीपुर, दमदम आदि इलाकों में विभिन्न पूजा कमेटियों द्वारा इस साल गणपति पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा।

माना जाता है कि महानगर कोलकाता में उल्लेखनीय स्तर पर लगभग 2000 पूजा कमेटियों द्वारा गणपति पूजा का आयोजन किया जाता है। ऐसे में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए कोलकाता के कई पंडालों, गलियों और इमारतों को भव्य सजावट और रोशनी से सजाया गया है।

यह अलग बात है कि, दुर्गा पूजा को लेकर अक्सर कोलकाता से जोड़ा जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में गणेश चतुर्थी ने महानगर कोलकाता के उत्सवों पर गहरा प्रभाव डाला है। हजारों भक्तों और पर्यटकों के साथ, आज कोलकाता के गणपति पंडाल अपनी भव्यता और नवीनता के मामले में अपनी पहचान बना रहे है।

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प्रोटोकॉल तोड़ जनता के बीच पहुंचे सीएम धामी

आपदा प्रभावित लोगों को देख सीएम धामी ने रुकवाया काफिला

थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण

कुलसारी राहत शिविरों में प्रभावितों  का जाना हाल, हर संभव मदद का दिया भरोसा

प्रभावित परिवारों को सीएम ने प्रदान किए 5-5 लाख के तत्कालिक सहायता धनराशि के चेक

 संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह से प्रभावितों के साथ खड़ी, राहत कार्यों में नहीं होगी कोई कोर कसर : सीएम

देहरादून 24 Aug,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज थराली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया एवं आपदा प्रभावित लोगों से भी मिले। इस दौरान थराली में आपदा प्रभावित कुछ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे ऊपर के गांवों का भी जल्द से जल्द रास्ता खुलवा दें।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यों की समीक्षा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि  संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों को 24*7 मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार के स्तर पर राहत व बचाव कार्यों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने थराली क्षेत्र में हुई प्राकृतिक आपदा के बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जिला प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्यों  की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए। पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों को सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

सीएम ने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को Rs.5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से अपना दुःख साझा किया। जिस पर सीएम ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने  मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित राहत शिवरों में ठहराया गया है और उनको नियमित रूप से भोजन और रुकने की उचित व्यवस्था की गई है। राहत शिविर राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में 12, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 और थराली अपर बाजार के प्राथमिक विद्यालय में 20 लोगों को ठहराया गया है।

प्रभावित लोगों को उचित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया की जा रही है। डीएम ने बताया कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को सुचारू कर दिया गया है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी सुचारू कर दी जाएगी।

क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मालवा सफाई के साथ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का आंकलन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, परियोजना निदेशक आनंद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता, एसडीएम सोहन सिंह रांगड, एसडीएम पंकज भट्ट, सीओ अमित कुमार सैनी आदि मौजूद थे।

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भाजपा राज में खाद संकट, किसान असुरक्षित और लोकतंत्र खतरे में: अखिलेश यादव

लखनऊ 24 Aug, ,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं। पूरे प्रदेश में खाद का गहरा संकट है। कई जिलों में बुजुर्ग किसानों की लाइन में खड़े-खड़े मौत तक हो चुकी है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। खाद संकट के लिए पूरी तरह भाजपा सरकार जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि किसानों पर चौतरफा संकट मंडरा रहा है। एक ओर फसलों के लिए खाद नहीं है तो दूसरी ओर जंगलों से सटे जिलों में जंगली जानवरों के हमलों से किसानों और ग्रामीणों की जान जा रही है। बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर, सीतापुर और बलरामपुर में गुलदार, भेड़िया और बाघ के हमलों से किसानों और बच्चों की मौतें हो चुकी हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार सदन से सड़क तक किसानों की आवाज उठा रही है, लेकिन भाजपा सरकार को सुनाई ही नहीं दे रहा। ऐसा लगता है कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं बची।रविवार को सपा मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करने और उनके मर्जर पर सरकार ने विधान सभा में झूठा दावा किया था कि कोई स्कूल बंद नहीं होगा, लेकिन जमीन पर सच्चाई सामने है कि बंद किए गए स्कूल अब तक नहीं खुले। यही इस सरकार का चरित्र है—झूठ और केवल झूठ।

उन्होंने कहा कि सरकार अब पीडीए पाठशालाओं में पढ़ने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को भी निशाना बना रही है और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करने की तैयारी हो रही है। यह भाजपा का उत्पीड़न और अन्याय है।

चुनाव और वोटिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वोट चोरी करती है और लोकतंत्र की हत्या कर रही है। उन्होंने कहा कि वोट बनवाना, उसे जोड़वाना, मतदान कराना और गिनती तक में नजर रखना अब कार्यकर्ताओं और जनता की बड़ी जिम्मेदारी बन गई है।

उन्होंने खुलासा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने शपथपत्र देकर बताया था कि 18 हजार वोटर लिस्ट से नाम गलत तरीके से काटे गए, लेकिन अभी तक महज 14 मामलों की जांच हुई। अखिलेश ने सवाल किया कि अगर मतदाताओं को मृत दिखाया गया तो उनका मृत्यु प्रमाणपत्र कहां है?

नए विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह सिर्फ क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने और नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का षडयंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अपने नेताओं के मुकदमे वापस ले लिए, जबकि सपा नेताओं जैसे आजम खां, रमाकांत यादव और इरफान सोलंकी को फर्जी मामलों में जेल भेज दिया।

सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल के आरोपों पर अखिलेश यादव ने कहा कि यह समझ से परे है कि जो मुख्यमंत्री से मिल रहा हो, उसे समाजवादी पार्टी से खतरा कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि सपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखा है क्योंकि राज्य सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार का कामकाज पूरी तरह विफल है। भाजपा कार्यकर्ता जमीन कब्जा, तालाब हड़पने और अपराध-भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, लेकिन उनके खिलाफ कभी बुलडोजर नहीं चलता। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा, भाजपा कार्यकर्ताओं के हाथ में जूता ही रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनता अब पीडीए के साथ है और बदलाव चाहती है। सपा का संकल्प है कि भाजपा की अन्यायी और भ्रष्टाचारी सत्ता को उखाड़ फेंका जाएगा।

उन्होंने कहा कि देश की खुशहाली और समृद्धि समाजवादी विचारधारा, सेकुलरिज्म और लोकतांत्रिक व्यवस्था से ही संभव है। संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करना होगा, जिन्हें भाजपा लगातार कमजोर कर रही है। भाजपा को सत्ता से बाहर करना ही लोकतंत्र और संविधान बचाने का रास्ता है।

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श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी व अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन

मुख्यमंत्री सहित कई राजनितिक व सामाजिक लोगों ने अयोध्या राजसदन के मुखिया के निधन पर जताया शोक

अयोध्या 24 Aug, (एजेंसी) । अयोध्या राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (राजा साहब) का शनिवार की रात 11 बजे निधन हो गया। 75 वर्षीय राजा साहब के निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनितिक व सामाजिक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा “राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। शांति।“

राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र ने बताया कि शनिवार रात अचानक उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। राजा साहब ने अपने निवास राजसदन में अंतिम सांस ली। पिछले वर्ष ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था।

विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र न केवल अयोध्या के राजघराने के सम्मानित मुखिया थे, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्हें अयोध्या की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। राजा साहब के निधन से न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गम का माहौल है। कई मंत्री व जनप्रतिनिधियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है।

विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने किए श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं राजसदन अयोध्या के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन सदैव समाज सेवा और धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु समर्पित रहा। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इस दुःखद घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य ,वरिष्ठ अधिवक्ता  विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन पर अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत जिला इकाई  द्वारा शोक प्रकट किया गया है परिषद के अध्यक्ष अरविंद कौल एवं अधिवक्ता परिषद के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि अपने स्वभाव एवं सादगी के कारण विमलेंद्र मोहन जी हमेशा याद किए जाएंगे ,अजय प्रताप सिंह अनीता पाठक, महामंत्री रत्नेश सिंह कर्मवीर सिंह, राधा रमन सिंह ,आनंद पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता संजय रस्तोगी, आशुतोष पांडे ,आदित्य पांडे, सुरेश सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता राकेश वेद ,अधिवक्ता अजय वर्मा आदि ने शोक प्रकट किया है।

कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या राजा एवं राम जन्म भूमि ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र प्रताप मिश्र के आकस्मिक निधन पर कांग्रेस कार्यालय कमला नेहरू भवन पर एक शोक सभा का आयोजन किया, सभा में उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चेतनारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम एवं जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने अयोध्या राजा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया और कहा उनके निधन से अयोध्या की जो छति हुई है उसकी भरपाई वर्षों तक नहीं पूरी की जा सकती है।

पूर्व सांसद डॉक्टर निर्मल खत्री अयोध्या राज सदन पहुंचकर स्वर्गीय विमलेंद्रमोहन प्रताप मिश्रा जी के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए पुष्पअर्पित कर श्रद्धांजलि दी उन्होंने कहा पप्पू भैया ऊर्फिया से मशहूर भाई की तरह स्नेह देने वाले पप्पू भाई का निधन स्तब्ध करने वाला है, बरसों से हम लोगों ने जो पारिवारिक संबंध चलाया उसमें राजनीति कभी आड़े नहीं आई उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी ,श्री खत्री के साथ पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह ,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य दयानंद शुक्ला, उपाध्यक्ष राजकुमार पांडे, पूर्व महानगर अध्यक्ष  वेद सिंह कमल, युवा कांग्रेस महामंत्री अनमोल शुक्ला ने भी श्रद्धांजलि दी।

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भारत को बड़ी उपलब्धि : एयर डिफेंस प्रणाली का किया हथियार परीक्षण- फाइटर जेट, ड्रोन, हेलीकॉप्टर को मार गिराने में सक्षम

नई दिल्ली 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस हथियार प्रणाली (आईएडब्ल्यूएस) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण भारत के एयर डिफेंस सिस्टम व क्षमता को एक नए युग में ले जाने वाला साबित हुआ है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल करती है जिनके पास आधुनिक, स्वदेशी और बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली मौजूद है। आईएडब्ल्यूएस एक बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है जिसमें पूरी तरह स्वदेशी क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (क्यूआरएसएएम), एडवांस्ड वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलें तथा एक उच्च शक्ति वाला लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार शामिल है।

इस महत्वपूर्ण परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं डीआरडीओ, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को आईएडब्ल्यूएस के सफल विकास के लिए बधाई देता हूँ। यह अनूठा उड़ान परीक्षण हमारे देश की बहु-स्तरीय एयर डिफेंस क्षमता को स्थापित करता है। यह महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा को मजबूती देगा व देश को शत्रु के हवाई खतरों के प्रति और अधिक सशक्त बनाएगा।”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार सुबह जानकारी देते हुए बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 23 अगस्त को दोपहर लगभग 12 बजकर 30 मिनट पर ओडिशा तट से इस एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का सफल पहला उड़ान परीक्षण किया है।

इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि डीआरडीओ, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत ने मिलकर देश की सुरक्षा क्षमता को नई मजबूती प्रदान की है।

गौरतलब है कि स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह परीक्षण डीआरडीओ ने किया है। दरअसल आईएडब्ल्यूएस एक बहु-स्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। इसमें क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल शामिल हैं।

यह मिसाइल दुश्मन के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को मध्यम दूरी पर निशाना बनाने में सक्षम है। इसके अलावा इसमें लगा एडवांस्ड वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम कम ऊँचाई पर आने वाले हवाई खतरों जैसे ड्रोन, हेलीकॉप्टर और फाइटर जेट्स को तुरंत निष्क्रिय करने की क्षमता रखता है।

यानी भारत के इस एयर डिफेंस सिस्टम से दुश्मन के लड़ाकू विमानों, किसी भी प्रकार के ड्रोन हमले, हेलीकॉप्टर से किए जाने वाले हमले और अन्य किसी भी प्रकार के हवाई हमले को न केवल निष्क्रिय किया जा सकता है, बल्कि दुश्मन के इन हथियारों को हवा में ही मार गिराया जाएगा।

इसके हथियार निर्देशित ऊर्जा हथियार से लैस हैं। उच्च शक्ति वाला लेजर आधारित यह हथियार आधुनिक युद्ध की दिशा बदलने में सक्षम है और शत्रु के हवाई लक्ष्यों को पलक झपकते ही नष्ट कर सकता है।

इस उड़ान परीक्षण ने भारत की मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस क्षमता को स्थापित कर दिया है। यह प्रणाली किसी भी हवाई खतरे से निपटने में सक्षम है। विशेषज्ञों के मुताबिक चाहे वह फाइटर जेट हो, ड्रोन, हेलीकॉप्टर, या क्रूज मिसाइल हो, यह भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम सभी को अलग-अलग स्तर पर रोकने में सक्षम होगा।

इससे देश की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है। सरकार और रक्षा प्रतिष्ठान ने इस सफलता पर डीआरडीओ, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई दी है।

यह प्रणाली अब देश की महत्वपूर्ण सैन्य एवं औद्योगिक स्थापनाओं को दुश्मन के हवाई हमलों से सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। इस अनूठे सफल परीक्षण से भारत न केवल अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत बना रहा है बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा चुका है।

गौरतलब है कि भारत ने इसी सप्ताह अपनी अत्याधुनिक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-5’ का सफल परीक्षण भी किया है। यह परीक्षण देश की मिसाइल क्षमता में एक बड़ी कामयाबी है।

‘अग्नि-5’ बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर से किया गया था। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस परीक्षण में बैलिस्टिक मिसाइल ने अपने सभी संचालनात्मक व तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक सत्यापित किया है। इस परीक्षण के बाद मिसाइल क्षेत्र में भारत की शक्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

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अब वॉट्सएप-ईमेल पर मिलेगा कोर्ट का समन और वारंट, सरकार ने लागू किया नया नियम

नई दिल्ली 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली सरकार ने समन और गिरफ्तारी वारंट की तामील को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब अदालत का समन और वारंट लोगों को मोबाइल पर व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भेजा जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने दिल्ली बीएनएसएस (समन और वारंट की तामील) नियम, 2025 अधिसूचित कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सरकार के इस फैसले से मिनटों में समन की डिलीवरी संभव हो जाएगी और समय व कागजी प्रक्रिया की बचत होगी। इस अधिसूचना को उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना पहले ही मंजूरी दे चुके हैं।

नई व्यवस्था के तहत अदालतों द्वारा जारी समन और वारंट पर जज की डिजिटल मुहर और हस्ताक्षर होंगे। पुलिस संबंधित व्यक्ति को ईमेल या व्हाट्सएप पर यह नोटिस भेजेगी। यदि तकनीकी कारणों से ऑनलाइन तामील संभव नहीं होती, तो कोर्ट हार्ड कॉपी देने का निर्देश दे सकेगी। इसके लिए पुलिस थानों में इलेक्ट्रॉनिक समन वितरण केंद्र भी बनाए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में दिल्ली के एलजी ने पुलिस अधिकारियों को थाने से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में गवाही देने की अनुमति दी थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी और वकीलों ने इस आदेश का विरोध जताया है।

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टैरिफ का असरः 25 अगस्त से अमेरिका के लिए भारतीय डाकसेवा सस्पेंड

नई दिल्ली 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – आजकल भारत और अमेरिका में संबंध सही नहीं चल रहे हैं, इसीलिए दोनों देशों की तरफ से कुछ सख्त फैसले लिए जाने का सिलसिला जारी है।

नए घटनाक्रम के तहत भारतीय डाक विभाग 25 अगस्त से अमेरिका के लिए ज्यादातर डाक सामानों की बुकिंग सस्पेंड करने जा रहा है। फिलहाल ये फैसला अस्थायी रूप से लागू होगा।

23 अगस्त को डाक विभाग ने एक प्रेस नोट जारी करके इसकी जानकारी दी। यह कदम अमेरिकी सरकार की ओर से 30 जुलाई 2025 को जारी एक आदेश के बाद आया है, जिसके तहत 800 अमेरिकी डॉलर तक के आयातित सामानों पर टैरिफ छूट वापस ले ली गई है।

हालांकि, 100 डॉलर (करीब 8,700 रुपए) तक की कीमत वाले गिफ्ट आइटम्स को ड्यूटी से छूट मिलती रहेगी। इससे पहले 800 डॉलर यानी करीब 70 हजार रुपए तक के सामान ड्यूटी फ्री थे।

डाक विभाग की तरफ से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 29 अगस्त से, ‘अमेरिका जाने वाली सभी अंतरराष्‍ट्रीय डाक वस्तुएं, चाहे उनका मूल्य कुछ भी हो, देश-विशिष्ट अंतरराष्‍ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) टैरिफ ढांचे के अनुसार कस्‍टम ड्यूटी के तहत होंगी।’ हालांकि, इसमें यह भी कहा गया है कि 100 अमेरिकी डॉलर तक के गिफ्ट्स पर छूट जारी रहेगी।

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दहेज के लिए विवाहिता की हत्या, बेटे के सामने पति ने पत्नी को लगाई आग; 35 लाख की कर रहे थे डिमांड

दहेज की भेंट एक और बेटी जिन्दा जला दी गई.. 

नोएडा 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : नोएडा में दहेज के लिए एक शख्स ने बेटे के सामने पत्नी को जिंदा जला दिया। महिला की शादी 9 साल पहले हुई थी। आरोपी पति अपनी पत्नी पर घरवालों से 35 लाख रुपए लाने का दबाव बना रहा था, लेकिन महिला ने मना कर दिया। इसके बाद महिला के पति और उसकी सास ने उसे लात-घूसों से पीटा।

Married woman murdered for dowry, husband set wife on fire in front of son; was demanding 35 lakhs : इतना ही नहीं पति ने उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। महिला की बहन ने बीच बचाव की कोशिश की तो तो आरोपी ने उसे भी पीट दिया। आग की चपेट में आने के बाद पड़ोस को लोगों ने कंबल डालकर आग बुझाई और पीड़िता को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने महिला की हालत देखते हुए दिल्ली के अस्पताल रैफर कर दिया।

वहीं 22 अगस्त को महिला की मौत हो गई। महिला की बहन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर 23 अगस्त को पति को गिरफ्तार कर लिया। घटना ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 21 अगस्त को हुई। इसका घटना का वीडियो अब सामने आया जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बता दें नोएडा के रूपबास गांव निवासी राज सिंह ने दिसंबर 2016 में अपनी भतीजी कंचन और निक्की की शादी सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और विपिन से की थी। राज सिंह ने बताया कि शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी समेत हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया।

राज सिंह के मुताबिक, इसके बाद ससुराल वाले 35 लाख रुपए की डिमांड करने लगे। दोनों भतीजियों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत हुई, लेकिन आरोपी दहेज की मांग पर अड़े रहे। अब भतीजी निक्की की जान ले ली गई।

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जोन्हा, हुंडरू, दशम फॉल, सीता फॉल, रिमिक्स फॉल एवं अन्य जलप्रपातों में उफान के कारण पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी

रांची, 24.08.2025 – रांची और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जोन्हा, हुंडरू, दशम फॉल एवं सीता फॉल, रिमिक्स फॉल एवं अन्य जलप्रपातों में उफान के कारण पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी, जलप्रपात अपनी पूर्ण उफान पर हैं।

इन जलप्रपातों में जलधारा की प्रबल गति और चट्टानों से टकराने वाली धाराएं प्रकृति की अपार शक्ति का प्रदर्शन कर रही हैं। हालांकि यह दृश्य आकर्षक और मनोरम है, लेकिन यह अत्यंत खतरनाक भी है। एक छोटी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, जिससे जान-माल का नुकसान हो सकता है।

⚠️वर्तमान में जलप्रपातों के आसपास का क्षेत्र अत्यंत जोखिम भरा है⚠️

जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने पर्यटकों, आगंतुकों और स्थानीय लोगों से जोन्हा और हुंडरू जलप्रपातों के आसपास के क्षेत्रों में जाने से पूरी तरह परहेज करने की अपील की है। वर्तमान में जलप्रपातों के आसपास का क्षेत्र अत्यंत जोखिम भरा है। तेज जलधारा, फिसलन भरी चट्टानें और अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना पर्यटकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

जिला प्रशासन की ओर से सुझाव

* पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनुरोध है कि वे जलप्रपातों के पास न जाएं और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

*स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।

*मौसम और जलप्रपातों की स्थिति के बारे में स्थानीय समाचारों और प्रशासनिक सूचनाओं पर नजर रखें।

आपातकालीन संपर्क

किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस, प्रशासन या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।

जलप्रपातों जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों से दूर रहें

रांची जिला प्रशासन पर्यटकों और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सावधानी बरतें और जलप्रपातों जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों से दूर रहें। प्रकृति का आनंद सुरक्षित दूरी से ही लें और अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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बिहार में एसआईआर प्रक्रिया अंतिम चरण में, अब तक 98.2 प्रतिशत मतदाताओं ने जमा किए दस्तावेज

नई दिल्ली 24 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : बिहार में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया अंतिम चरण में है। दावे, आपत्तियां और दस्तावेज जमा करने की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक चल रही है, जिसकी समाप्ति में अभी 8 दिन शेष हैं। रविवार को आयोग ने जानकारी दी कि बिहार की एसआईआर निर्धारित समय पर है। प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 25 सितंबर तक किया जाएगा। जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।

चुनाव आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अब तक 98.2 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने दस्तावेज जमा किए हैं। आयोग ने बिहार में एसआईआर प्रक्रिया में जुटे तमाम अधिकारियों और बीएलओ से लेकर लाखों स्वयंसेवकों की सराहना की है।

आयोग के अनुसार, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अलावा इस प्रक्रिया में 38 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी, 243 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 2,976 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 90,712 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), लाखों स्वयंसेवकों और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के क्षेत्रीय प्रतिनिधियों, जिनमें उनके जिला अध्यक्ष और 1.60 लाख बीएलए की भागीदारी रही।

चुनाव आयोग का कहना है कि दावे और आपत्तियों की अवधि मतदाताओं को यह अवसर प्रदान करती है कि वे प्रारूप निर्वाचक नामावली में त्रुटि सुधार सकें और वे जरूरी दस्तावेज जमा करें, जो नामांकन फॉर्म भरते समय नहीं दिए गए थे। बिहार के सीईओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 98.2 प्रतिशत मतदाताओं के दस्तावेज प्राप्त हो चुके हैं।

आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 24 जून से 24 अगस्त के बीच महज 60 दिनों में औसतन प्रति दिन 1.64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने दस्तावेज जमा किए। अभी भी 8 दिन शेष हैं और सिर्फ 1.8 प्रतिशत मतदाताओं के दस्तावेज जमा होने बाकी हैं। आयोग ने उम्मीद जताई कि बीएलओ और स्वयंसेवकों की मदद से बाकी मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी कार्य भी निर्धारित समय से पहले पूरे हो जाएंगे।

24 जून के एसआईआर के आदेशों के अनुरूप, संबंधित 243 ईआरओ और 2,976 एईआरओ की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन भी एक साथ किया जा रहा है।

विज्ञप्ति के अनुसार, आयोग को मसौदा सूची में शामिल 7.24 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 0.16 प्रतिशत दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। बिहार के 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए से 10 दावे और आपत्तियां, जबकि अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मतदाताओं की 1,21,143 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। निर्वाचन क्षेत्र के बाहर के किसी व्यक्ति की ओर से कोई दावा नहीं पेश नहीं किया गया है।

3,28,847 नए मतदाता, जिन्होंने 1 जुलाई को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त कर ली है या 1 अक्टूबर को 18 वर्ष या उससे अधिक आयु प्राप्त कर लेंगे, उन्होंने भी अपना फॉर्म 6 और घोषणा पत्र जमा कर दिया है।

बता दें कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एसआईआर के जरिए मतदाता सूची को ठीक करने की दिशा में कदम उठाए। 24 जून से 25 जुलाई तक गहन नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की।

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फडणवीस का बिना नाम लिए विपक्ष पर हमला- पहले देश, अब महाराष्ट्र की बदनामी कर रहे

मुंबई ,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई में शनिवार को राखी प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महिलाओं को सम्मानित किया।

उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अभी भी कुछ लोग संतुष्ट नहीं हुए हैं। वे सुधारने को तैयार नहीं हैं। वे रोज कहते हैं कि वोटर चोरी हो गई, लेकिन इनका दिमाग चोरी हो गया है। ऐसे लोगों को भगवान सद्बुद्धि दे।

उन्होंने कहा कि अगर ये लोग सच में हमारी लाडली बहनों के वोटों को चोरी कर रहे हैं तो इनसे बड़ा चोर कोई नहीं है। फडणवीस ने बिना नाम लिए विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ये लोग पहले विदेश में जाकर भारत की बदनामी कर रहे थे और अब बिहार में जाकर महाराष्ट्र की बदनामी कर रहे हैं, लेकिन इन्हें किसी ने न तो विदेश में पूछा और न ही बिहार में कोई पूछने वाला है। उनकी जो स्थिति महाराष्ट्र चुनाव में हुई थी, वही बिहार में भी होने वाली है।

इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके आधिकारिक वर्षा बंगले पर मुलाकात की थी। रा

ज ठाकरे ने स्पष्ट किया था कि इस मुलाकात का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह से नगर नियोजन और ट्रैफिक जाम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए थी।

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद कहा कि पिछले कुछ महीनों से मेरी कुछ मुद्दों पर मुख्यमंत्री से चर्चा चल रही थी। टाउन प्लानिंग मेरे लिए एक महत्वपूर्ण विषय है, हालांकि मुझे नहीं पता कि मीडिया को इस मुद्दे में कितनी दिलचस्पी होगी।

राज ठाकरे ने कहा कि किसी भी शहर के ट्रैफिक के हालात देखकर उसके भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुंबई, ठाणे और पुणे या किसी भी अन्य शहर को देख लीजिए, सब जगह प्लानिंग की समस्या है और जनसंख्या बढ़ी है। सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या भी विकराल रूप ले चुकी है।

उन्होंने कहा, आज जहां 50 लोग रहते थे, वहां 500 लोग रहते हैं। आबादी बढ़ी है, कारों की संख्या बढ़ी है, और यातायात भी बढ़ा है।कचरा बढ़ गया है, जो अब सड़कों पर आ रहा है और शहर पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है।

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मुझे तूफानों से जूझने की आदत, आसुरी शक्तियों से डरने वाली नहीं : सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली ,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने विरोधियों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी आसुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हैं।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित कर रही थीं।

अपनी व्यक्तिगत यात्रा साझा करते हुए, सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय में एक छात्र नेता के रूप में अपने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, मुझे तूफानों से जूझने की आदत है।

जब मैं डूसू प्रेसिडेंट थी, तो एक बार एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला फूंकते समय एक समझदार व्यक्ति ने केरोसिन की जगह पेट्रोल डाल दिया था, जिसके कारण मेरा चेहरा जल गया। मुझे एक-डेढ़ महीने इस हालात से गुजरना पड़ा था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा, छोटी उम्र में भी, मेरा मानना था कि आगे बढ़ते रहना चाहिए।

आज दिल्ली की जनता की शक्ति और आशीर्वाद से मैं चुनौतियों का साहस के साथ सामना कर रही हूं। उन्होंने खुद को शक्तियों का अंबार बताते हुए कहा कि मैं किसी भी असुरी शक्ति से डरने वाली नहीं हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा, जब तक दिल्ली को उसके अधिकार नहीं मिल जाते, मैं लगातार संघर्ष करती रहूंगी। न डरूंगी, न थकूंगी और न ही हार मानूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने ऊपर हुए हमले के बावजूद उनकी हिम्मत और संकल्प पहले से और मजबूत हुए हैं।

श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) ने शनिवार को अपना 99वां वार्षिकोत्सव मनाया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं।

रेखा गुप्ता अपने ऊपर हुए हमले के बाद सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कॉलेज का शताब्दी लोगो लॉन्च किया।

इस मौके पर सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन पर बल देते हुए कहा कि देश और दिल्ली को बेहतर बनाने में हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, एसआरसीसी के 99वें वार्षिकोत्सव पर परिसर में शिक्षकों और छात्रों से संवाद का अवसर मिला।

सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को ढेरों शुभकामनाएं। एशिया के सर्वश्रेष्ठ कॉमर्स कॉलेज का यह गौरवशाली सफर हम सबके लिए गर्व का विषय है।

कॉलेज जीवन की यादें सचमुच सुनहरी होती हैं। चाहे जीवन में हम कितनी भी ऊंचाइयां क्यों न छू लें, वे दिन हमेशा मन में ताजा रहते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा रही हूं, इसलिए यह वातावरण मुझे अपने ही पुराने दिनों में लौटा ले गया।

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बिहार में वोटर अधिकार यात्रा जारी, 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा होंगी शामिल

पटना ,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । बिहार में इन दिनों सियासत का तापमान बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा राज्य की सड़कों पर जारी है। इस यात्रा के जरिए विपक्ष वोट चोरी का आरोप लगा रहा है।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, अगर आपने कहीं 1-2 किलोमीटर की चमचमाती सड़क बना दी है, तो क्या आपने अपने पैसे से बनाई है? क्या ये कोई एहसान है? ये तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा बेहद अहंकारी और शर्मनाक है। बिहार में सरकार बदलने जा रही है।

कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने बताया कि यात्रा कटिहार से पूर्णिया की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने ऐलान किया कि 26 अगस्त को प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस यात्रा में शामिल होंगी।

अलका लांबा ने कहा, 25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा खुद बिहार आएंगी। इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, ये सरकार अब बदल जाएगी। हम वोट की पूरी पहरेदारी करेंगे और वोट चोरी करने वालों को घुटनों पर लाएंगे।

अलका लांबा ने बिहार की सड़कों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वो बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या उन रास्तों से बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है? सड़क का क्या फायदा जब उस पर चलकर इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए ही नहीं जा सकता?

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर बात करते हुए अलका लांबा ने कहा, राजनीतिक दलों में कमियां हैं और हम उन्हें सुधारने की जिम्मेदारी खुद ले रहे हैं।

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा, इस यात्रा से बिहार के लोगों को एक नई उम्मीद मिली है। चुनाव आयोग को बार-बार सुप्रीम कोर्ट की फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं। हर वर्ग बोल रहा है, वोट चोर, गद्दी छोड़।

राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने कहा, इस यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। जनता को अब मालूम हो चुका है कि यह सरकार वोट चोरी करके बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी और हम वोट चोरी नहीं होने देंगे।

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रांची में परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा

झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित संपूरक/समुन्नत माध्यमिक सैद्धांतिक परीक्षा-2025 को लेकर निषेधाज्ञा

रांची के 05 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई है परीक्षा

रांची,23.08.2025 – झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची द्वारा आयोजित संपूरक/समुन्नत माध्यमिक सैद्धांतिक परीक्षा-2025 रांची जिला के 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की गयी है।

परीक्षा के सफल संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारण हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची तथा अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था, रांची के संयुक्तादेश पर पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।

असामाजिक तत्व परीक्षा केन्द्रों पर भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं, इस आशंका को देखते हुए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बी०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-

1- पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

3- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।

5- किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 23, 25, 26, 28 एवं 29.08.2025 के पूर्वाह्न 06:45 बजे से अपराह्न 08:15 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केंद्रों के नाम :-

1. केबी गर्ल्स हाई स्कूल, रातू रोड, रांची।

2. गौरी दत्त मंडिलिया हाई स्कूल, रांची।

3. बाल कृष्णा, +2 हाई स्कूल रांची।

4. मारवाड़ी +2 हाई स्कूल, रांची।

5. संत पॉल, हाई स्कूल, रांची।

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उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने कांके के पूर्व अंचलाधिकारी, दिवंगत जयकुमार राम जी को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

रांची,23.08.2025 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री ने आज  23 अगस्त 2025 को भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट राँची में झारखण्ड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कांके के पूर्व अंचलाधिकारी, दिवंगत जयकुमार राम जी को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

उपायुक्त ने कहा की जिला प्रशासन इस दुखद समय में आपके साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और आपको व आपके शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें।”

इस दौरान अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अनुमंडल पदाधिकारी बुंडू, श्री किस्टो कुमार बेसरा एवं जिला के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी स्थित प्रस्तावित रिस्स–2 के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू

शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा जारी की गई निषेधाज्ञा

रांची,23.08.2025 – कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी में प्रस्तावित रिस्स–2 के सीमांकन एवं फेंसिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। इस दौरान यह देखा गया कि उक्त स्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो रही है तथा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फेंसिंग के अंदर प्रवेश का प्रयास एवं विधि-व्यवस्था भंग करने की आशंका बनी हुई है।

शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए कांके अंचल अंतर्गत मौजा नगड़ी स्थित प्रस्तावित रिस्स–2 के 200 मीटर परिधि में निषेधाज्ञा लागू की गई है, जो निम्न प्रकार है :-

1. पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों, सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

2. ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग।

3. किसी प्रकार का अस्त्र–शस्त्र जैसे बंदूक, रायफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

4. किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी–डंडा, तीर–धनुष, गड़ासा–भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

5. किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन।

यह निषेधाज्ञा सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं है।

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एफआईआर पर तेजस्वी यादव भड़के, कहा- हम डरने वाले नहीं है

कटिहार,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। 22 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गया में दौरा था. इसको लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया था. इसको लेकर अब तेजस्वी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

उनपर महाराष्ट्र और यूपी में एफआईआर किया गया है. इसपर नाराजगी जाहिर करते हुए तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि सच बोलने से वह डरते नहीं है.

कटिहार में वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होने पहुंचे तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एफआईआर से कौन डरता है? अब बताओ जुमला बोलना भी अपराध हो गया है. जिन लोगों ने एफआईआर किया है, वो लोग जाने कि आखिर क्यों केस किया गया. ये लोग सच बोलने से घबराते हैं.

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पीएम मोदी के गया दौरे को लेकर एक पोस्ट किया था और इसमें पीएम की तस्वीर भी शामिल की थी. उन्होंने लिखा था, आज गया में लगेगी झूठ और जुमलों की दुकान, प्रधानमंत्री जी, गया में बिना हड्डी की जुबान से आज झूठ और जुमलों का हिमालय खड़ा करेंगे.

लेकिन बिहार के न्यायप्रिय जनता दशरथ मांझी की तरह उनके झूठ और जुमलों के इन विशाल पहाड़ों को तोड़ देगी. ग्यारह साल अपनी और बीस वर्षों की एनडीए सरकार के बीस सालों का हिसाब दो.

गढ़चिरौली के भाजपा विधायक मिलिंद रामजी नरोटे की शिकायत पर, राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने का मामला दर्ज किया गया है.

गढ़चिरौली पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जैसे धारा 196(1)(ए)(बी), 356(2)(3), 352, 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

वहीं यूपी के शाहजहांपुर में बीजेपी महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने सदर बाजार थाने में तेजस्वी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है. उन्होंने शिकायत कर कहा कि राजद के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर शुक्रवार को एक पोस्ट जारी किया गया था.

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असिस्टेंट प्रोफेसरों की सैलरी सिर्फ 30 हजार रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई..

वेतन सही करने का दिया आदेश

नई दिल्ली,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। गुजरात के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संविदा के आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को दिए जा रहे कम सैलरी पर असंतोष व्यक्त किया.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब शिक्षकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता या उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं दिया जाता, तो इससे देश में ज्ञान के महत्व में कमी आती है और बौद्धिक पूंजी के निर्माण की जिम्मेदारी संभालने वालों की प्रेरणा कमजोर होती है.

अदालत ने कहा कि राज्य सरकार के लिए यह बिल्कुल सही समय है कि वह असिस्टेंट प्रोफेसरों के कार्यों के आधार पर उनके वेतन को तर्कसंगत बनाए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉन्टेक्ट के आधार पर नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसरों को वर्तमान में 30,000 हजार रुपये मासिक सैलरी मिल रहा है. वहीं एडहॉक असिस्टेंट प्रोफेसरों को लगभग 1,16,000 रुपये मासिक और रेगुलर असिस्टेंट प्रोफेसरों को लगभग 1,36,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है, जबकि ये सभी समान कार्य कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक समारोहों में केवल गुरुब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुदेवो महेश्वर: का जाप करना पर्याप्त नहीं है. अदालत ने आगे कहा कि, अगर हम ऐसे जाप पर विश्वास करते हैं, तो यह राष्ट्र द्वारा अपने शिक्षकों के साथ किए जाने वाले व्यवहार में भी दिखना चाहिए.

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की बेंच ने गुजरात के विभिन्न सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कॉन्ट्रैक्ट के आधार (संविदा) पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों को दिए जा रहे कम वेतन पर असंतोष व्यक्त किया है.

बेंच ने 22 अगस्त को दिए गए अपने फैसले में कहा कि, यह परेशान करने वाला है कि सहायक प्रोफेसरों को 30,000 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है. अब समय आ गया है कि राज्य इस मुद्दे को उठाए और उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के आधार पर वेतन संरचना को युक्तिसंगत बनाए.

बेंच ने कहा कि शिक्षाविद, लेक्चरर और प्रोफेसर किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक रीढ़ होते हैं, क्योंकि वे अपना जीवन भावी पीढिय़ों के मन और चरित्र को आकार देने के लिए समर्पित करते हैं.

बेंच ने यह भी कहा कि उनका काम शिक्षा देने से कहीं आगे जाता है. इसमें मार्गदर्शन, अनुसंधान का मार्गदर्शन, आलोचनात्मक सोच को पोषित करना और समाज की प्रगति में योगदान देने वाले मूल्यों का संचार करना शामिल है.

बेंच ने कहा, जब शिक्षकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है या उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक नहीं दिया जाता है, तो यह ज्ञान के प्रति देश के मूल्य को कम करता है और उन लोगों की प्रेरणा को कमजोर करता है जिन्हें इसकी बौद्धिक पूंजी के निर्माण का दायित्व सौंपा गया है.

बेंच ने कहा कि उचित पारिश्रमिक और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करके, हम उनकी भूमिका के महत्व की पुष्टि करते हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और अपने युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणियां कई अपीलों पर सुनवाई करते हुए कीं, जो गुजरात हाई कोर्ट की खंडपीठ द्वारा दिए गए दो निर्णयों से पैदा हुई थीं.

पहले फैसले में, गुजरात राज्य एवं अन्य बनाम गोहेल विशाल छगनभाई एवं अन्य, संविदा के आधार पर सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त प्रतिवादियों को सहायक प्रोफेसरों का न्यूनतम वेतनमान प्रदान करने वाले सिंगल जज के आदेशों के विरुद्ध राज्य की लेटर पेटेंट अपील (एलपीए) खारिज कर दी गई थी.

राज्य ने पहले सेट की दीवानी अपीलों में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. दूसरी सेट की दीवानी अपीलें बाद में नियुक्त कुछ संविदा सहायक प्रोफेसरों से संबंधित थीं, जिनकी रिट याचिकाओं को सिंगल जज ने समान पद पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों के साथ पूर्ण समानता प्रदान करते हुए स्वीकार कर लिया था.

बेंच ने कहा, राज्य के एलपीए में खंडपीठ ने अपीलों को स्वीकार करने और रिट याचिकाओं को पूरी तरह से खारिज करने के दूसरे चरम पर जाकर फैसला सुनाया. इस प्रकार, संविदा के आधार पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर हमारे समक्ष हैं.

बेंच ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांतों को लागू करते हुए और प्रतिवादियों को सहायक प्रोफेसरों के न्यूनतम वेतनमान का भुगतान करने के खंडपीठ के निर्देशों की पुष्टि करते हुए, हमने राज्य की अपीलों को खारिज कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उन्हीं सिद्धांतों को लागू करते हुए, हमने समान पदों पर संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसरों द्वारा दायर दीवानी अपीलों को स्वीकार कर लिया है और निर्देश दिया है कि उन्हें सहायक प्रोफेसरों को देय वेतनमान का न्यूनतम वेतन दिया जाएगा.

बेंच ने कहा कि अपीलों को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए, हम निर्देश देते हैं कि संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसरों को देय न्यूनतम वेतनमान के हकदार होंगे.

बेंच ने कहा, रिट याचिका दायर करने की तारीख से तीन साल पहले से 8 प्रतिशत की दर से गणना की गई बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा. इन निर्देशों के साथ अपीलें स्वीकार की जाती हैं.

बेंच ने कहा कि अपीलकर्ता वेतन में समानता की मांग कर रहे थे और नियमितीकरण की उनकी प्रार्थना, हालांकि मुकदमेबाजी के पहले के दौरों में की गई थी, कभी स्वीकार नहीं की गई. मौजूदा मामले के तथ्य बेहद गंभीर हैं.

2011 से 2025 के दौरान संविदा के आधार पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर पिछले दो दशकों से बेहद कम मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हालांकि उनके और नियमित या एडहॉक के आधार पर नियुक्त उनके सहयोगियों द्वारा किए गए कर्तव्यों और कार्यों के बीच अंतर करने वाला कोई भी प्रमाण उपलब्ध नहीं है, फिर भी वे 30,000 रुपये का मासिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं.

2025 में, एक एडहॉक सहायक प्रोफेसर का सकल वेतन लगभग 1.16 लाख रुपये प्रति माह और एक नियमित सहायक प्रोफेसर का लगभग 1.36 लाख रुपये प्रति माह है.

बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर विचार किया है और इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि संविदा पर नियुक्त सहायक प्रोफेसर नियमित कर्मचारियों के साथ वेतन में समानता की मांग नहीं कर सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम अपील को स्वीकार करते हैं और 20 दिसंबर, 2023 को खंडपीठ द्वारा पारित हाई कोर्ट के फैसले और आदेश को रद्द करते हैं, साथ ही आर/स्पेशल सिविल एप्लीकेशन में एकल न्यायाधीश द्वारा 5 जुलाई, 2023 को पारित आदेश को भी रद्द करते हैं.

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ईडी ने अवैध सट्टेबाजी मामले में कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया

रेड में मिले नोटों के ढेर; 12 करोड़ कैश, करोड़ों की ज्वैलरी जब्त

नईदिल्ली,23 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑनलाइन गेमिंग विधेयक के संसद में पास होते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 22 और 23 अगस्त को देशभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

यह मामला कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र और उनके करीबियों से जुड़ा हुआ है। ईडी ने इस मामले में विधायक वीरेंद्र को सिक्किम की राजधानी गंगटोक से गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ जारी है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की टीमों ने गंगटोक, चित्रदुर्ग, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा में कुल 31 जगहों पर एकसाथ छापेमारी की।

गोवा में भी ईडी ने पपीज कैसिनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसिनो, पपीज कैसिनो प्राइड, ओशन 7 कैसिनो और बिग डैडी कैसिनो पर छापा मारकर तलाशी ली।

जांच में सामने आया है कि विधायक वीरेंद्र किंग567 और राजा567 जैसे कई ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइटों का संचालन कर मोटा पैसा कमा रहे थे।

ईडी ने छापेमारी के दौरान करीब 12 करोड़ रुपये की नकदी, 1 करोड़ रुपये विदेशी मुद्रा, लगभग 6 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी गाडिय़ां बरामद की है।

इसके अलावा 17 बैंक खाते और 2 लॉकर भी फ्रीज किए हैं। ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत भी मिले हैं, जिनसे यह साफ हुआ है कि अवैध कमाई को अलग-अलग तरीकों से सफेद दिखाने की कोशिश की जा रही थी।

ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपी विधायक वीरेंद्र का भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज़ और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज नामक तीन कंपनियों के जरिये यह धंधा संभाल रहा था।

इसी तरह एक और भाई केसी नागराज और उसका बेटा पृथ्वी एन राज भी इस काम में शामिल है। ईडी ने गत दिनों ही विधायक और अन्य लोगों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी को लेकर एफआईआर दर्ज की थी।

ईडी को कार्रवाई के दौरान पता चला की विधायक वीरेंद्र ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में हाल ही में अपने साथियों के साथ गंगटोक भी गए थे, जहां वे एक लैंड कैसिनो लीज पर लेने की कोशिश कर रहे थे।

इसके बाद ईडी एक टीम भी गंगटोक रवाना हो गई और दबिश देकर विधायक को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को उन्हें स्थानीय कोर्ट में पेश कर ईडी ने बेंगलुरु कोर्ट ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया।

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