To make women self-reliant, training and awareness program was organized across the district under “Maiyaan Samman se Swavalamban”

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” के तहत जिलेभर में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार कार्यक्रम का आयोजन

महिलाओं को बकरी, मुर्गी, बतख एवं सूकर पालन के साथ-साथ अंडा उत्पादन जैसी आय सृजन गतिविधियों को अपनाने के लिए किया गया प्रेरित

कार्यक्रम में 53,690 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ सक्रिय रूप से हुईं शामिल

रांची, 24.08.2028 -उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जिले के सभी प्रखंडों में आज “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम, सामाजिक विकास गतिविधियाँ तथा DDU-GKY अंतर्गत प्रशिक्षण सह मोबिलाइजेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई, जिसके उपरांत उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।

महिलाओं को बताया गया कि “मंईयां सम्मान से स्वावलंबन” पहल केवल सम्मान राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता और आजीविका सशक्तिकरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में महिलाओं को बकरी, मुर्गी, बतख एवं सूकर पालन के साथ-साथ 100 मुर्गियों से अंडा उत्पादन जैसी आय सृजन गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

आज जिले के 64 सामुदायिक स्तरीय संघ (CLF) एवं 1016 ग्राम संगठन (VO) द्वारा कुल 1078 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 53,690 स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ सक्रिय रूप से शामिल हुईं। जिसमें निम्न प्रकार से आवेदन प्राप्त हुए :-

बकरी पालन हेतु – 10,212 आवेदन

मुर्गी पालन हेतु – 23,623 आवेदन

बतख पालन हेतु – 9,745 आवेदन

सूकर पालन हेतु – 565 आवेदन

अंडा उत्पादन हेतु – 469 आवेदन

इसके अतिरिक्त, आज आयोजित मोबिलाइजेशन गतिविधियों में DDU-GKY हेतु कुल 973 उम्मीदवारों का पंजीकरण किया गया। RSETI हेतु 1,191 नए उम्मीदवारों का मोबिलाइजेशन किया गया।

इन सभी गतिविधियों का प्रमुख उद्देश्य जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना एवं मंईयां सम्मान योजना को “सम्मान से स्वावलंबन” के लक्ष्य तक पहुँचाना है।

जिला प्रशासन द्वारा संकल्प दोहराया कि सरकार की योजनाओं को प्रत्येक महिला तक पहुँचाकर उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने योग्य बनाया जाएगा।

******************************