Category Archives: news

राजौरी में सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी, दो आईईडी को किया नष्ट

राजौरी/जम्मू,23 जनवरी (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक नियंत्रित विस्फोट कर दो आईईडी नष्ट किए गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि पुलिस, सेना और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के संयुक्त अभियान के दौरान राजौरी शहर से चार किलोमीटर दूर दसल गांव से रविवार शाम आईईडी बरामद किए गए.

उन्होंने बताया कि इन आईईडी का खुफिया जानकारी के आधार पर पता लगाया गया. उन्होंने बताया कि इन आईईडी को शहर से 30 किलोमीटर दूर चिनगुस वन क्षेत्र में बम निरोधक दस्ते ने एक नियंत्रित विस्फोट करके नष्ट कर दिया. जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ संपन्न होने के कार्यक्रम और गणतंत्र दिवस के नजदीक आने के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई इै और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

अधिकारी ने बताया कि जम्मू के नरवाल में शनिवार को दो विस्फोटों में नौ लोगों के घायल होने और राजौरी के खेओरा गांव से पिछले सप्ताह आईईडी मिलने की घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों के लिए एक ताजा अलर्ट जारी किया गया है.

*************************

 

पूर्व की सरकारों ने विकृत वैचारिक राजनीति के कारण देश के सामथ्र्य को कम आंका: पीएम मोदी

पोर्ट ब्लेयर,23 जनवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पहले की सरकारों में विकृत वैचारिक राजनीति के कारण आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना रही जिसकी वजह से देश के सामर्थ्य को कम आंका गया. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने दुर्गम और अप्रासंगिक मानकर हिमालयी, पूर्वोत्तर और द्वीपीय क्षेत्रों की दशकों तक उपेक्षा की तथा उनके विकास को नजरअंदाज किया.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस अवसर पर अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर करने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि आजादी के बाद देश के स्वाधीनता आंदोलन के इतने बड़े नायक को भुला देने का प्रयास हुआ.

नेताजी की याद में दिल्ली के इंडिया गेट पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने, आजाद हिंद सरकार के गठन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले पर तिरंगा फहराने, उनके जीवन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने सहित अन्य कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आजादी के बाद भुला देने का प्रयास हुआ, आज देश उन्हें पल-पल याद कर रहा है.

इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिस्सा ले रहे प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनाए जाने वाले नेताजी राष्ट्रीय स्मारक के प्रतिरूप का भी उद्घाटन किया.

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख, अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल देवेंद्र कुमार जोशी सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश की पहले की सरकारों में, खासकर विकृत, वैचारिक राजनीति के कारण दशकों से जो आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना रही, उसके कारण देश के सामर्थ्य को हमेशा कम आंका गया.

उन्होंने कहा कि चाहे हमारे हिमालयी राज्य हों, विशेषकर पूर्वोत्तर के राज्य हों या फिर अंडमान निकोबार जैसे समुद्री द्वीप क्षेत्र इन्हें लेकर यह सोच रहती थी कि ये तो दूरदराज के दुर्गम और अप्रासंगिक इलाके हैं. और इसी सोच के कारण ऐसे क्षेत्रों की दशकों तक उपेक्षा हुई. उनके विकास को नजरअंदाज किया गया. अण्डमान निकोबार द्वीप समूह इसका भी साक्षी रहा है.

प्रधानमंत्री ने सिंगापुर, मालदीव और सेशेल्स का उदाहरण देते हुए कहा कि अपने संसाधनों के सही इस्तेमाल से ये देश और द्वीपीय क्षेत्र पर्यटन के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं और आज पूरी दुनिया से लोग इन देशों में पर्यटन के लिए जाते हैं.

उन्होंने कहा कि ऐसा ही सामर्थ्य भारत के द्वीपों के पास भी है जो दुनिया को बहुत कुछ दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन कभी पहले ध्यान ही नहीं दिया गया. हालात तो यह थे कि हमारे यहां कितने द्वीप हैं, कितनी टापू हैं, इसका हिसाब किताब तक नहीं रखा गया. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले लोग अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने यहां आते थे लेकिन आज लोग यहां इतिहास को जानने और जीने के लिए भी पहुंच रहे हैं.

उन्होंने कहा कि यहां के द्वीप हमारी समृद्ध आदिवासी परंपरा की धरती भी रहे हैं. अपनी विरासत पर गर्व की भावना, इस परंपरा के लिए भी आकर्षण पैदा कर रही है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े स्मारक और अन्य प्रेरणा स्थल देशवासियों में यहां आने के लिए उत्सुकता पैदा करते हैं. आने वाले समय में यहां पर्यटन के और असीम अवसर पैदा होंगे.

इस द्वीप समूह में इंटरनेट सेवाओं के विस्तार कार्यों का उल्लेख करते प्रधानमंत्री ने कहा कि अतीत में अण्डमान निकोबार द्वीप समूह ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी थी, उसी तरह भविष्य में यह क्षेत्र देश के विकास को नई गति देगा. उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो सक्षम होगा, सामर्थ्यवान होगा और आधुनिक विकास की बुलंदियों को छूएगा.

अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप का नामकरण प्रथम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर किया गया. इसी प्रकार आकार की दृष्टि से अन्य द्वीपों का नामकरण किया गया. ये नामकरण जिन परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए गए हैं, उनमें -मेजर सोमनाथ शर्मा, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, कैप्टन विक्रम बत्रा और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाण्डेय शामिल हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, द्वीपों का यह नामकरण राष्ट्र की सम्प्रभुता और अखण्डता की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को श्रद्धांजलि के तौर पर किया जा रहा है. अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने रॉस द्वीप का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के तौर पर किया था. इसी प्रकार नील द्वीप का नाम बदलकर शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप किया गया था.

************************************

 

भारत जोड़ो यात्रा विजयपुर से जम्मू की तरफ बढ़ी

*सभी आवश्यक बंदोबस्त किए गए*

जम्मू,23 जनवरी (एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सोमवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच सांबा जिले के विजयपुर से जम्मू की तरफ बढ़ी. अधिकारियों ने बताया कि सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई इस यात्रा के लिए सभी आवश्यक बंदोबस्त किए गए हैं और यह 30 जनवरी को श्रीनगर में संपन्न होगी.

राहुल उस दिन एक विशाल रैली में अपनी पार्टी के मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, पूर्व मंत्री तारिक हामिद कर्रा और जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व अध्यक्ष जी ए मीर के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने तिरंगा लेकर विजयपुर में जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर राहुल के साथ पदयात्रा की. पदयात्रा सुबह करीब सात बजे शुरू हुई. ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सोमवार को अपने 129वें दिन में प्रवेश कर गई. 22 किलोमीटर की यात्रा के बाद यह जम्मू के सतवारी चौक पहुंचेगी, जहां राहुल एक जनसभा को संबोधित करेंगे और फिर रात्रि विश्राम के लिए सिधरा जाएंगे.

अधिकारियों ने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर सरूर पहुंची, जहां ‘भारत यात्री’ नाश्ते के लिए रुके. एक अधिकारी ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बीच अपनी ट्रेडमार्क सफेद रंग की टी-शर्ट पहनकर पदयात्रा करने वाले राहुल के अगले कुछ घंटों में जम्मू शहर की सीमा में प्रवेश करने की उम्मीद है.

यात्रा के दौरान सड़क किनारे खड़े लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहुल का उत्साहवर्धन किया. यातायात पुलिस ने राजमार्ग और शहर में अन्य सड़कों पर वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया है. बीते शनिवार को जम्मू शहर के बाहरी इलाके में नरवाल क्षेत्र में दो बम विस्फोट के बाद केंद्र-शासित प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

*******************************

सुनवाई के लिए 3 सदस्यीय पीठ गठित करने पर विचार करेगा सुप्रीमकोर्ट

*कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब विवाद*

नयी दिल्ली,23 जनवरी (एजेंसी)। सुप्रीमकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने से संबंधित मामले में फैसला लेने के लिए 3 न्यायाधीशों की पीठ गठित करने पर विचार करेगा। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन और जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा की दलीलों का संज्ञान लिया कि राज्य में 6 फरवरी से कुछ कक्षाओं के लिए निर्धारित प्रैक्टिकल परीक्षाओं के मद्देनजर एक अंतरिम आदेश पारित करने की आवश्यकता है।

कुछ छात्राओं की तरफ से पेश अरोड़ा ने कहा, यह हिजाब मामला है। छात्राओं की 6 फरवरी 2023 से प्रैक्टिकल परीक्षाएं हैं और इस मामले को अंतरिम आदेश के लिए सूचीबद्ध किए जाने की जरूरत है, ताकि वे परीक्षा में शामिल हो सकें। प्रैक्टिकल परीक्षाएं सरकारी स्कूलों में होंगी। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, मैं इस पर विचार करूंगा। यह तीन न्यायाधीशों की पीठ का मामला है। हम एक तारीख तय करेंगे।

शीर्ष अदालत की 2 सदस्यीय पीठ ने पिछले साल 13 अक्तूबर को हिजाब विवाद में खंडित फैसला सुनाया था। पीठ ने प्रधान न्यायाधीश से आग्रह किया था कि कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध से उपजे विवाद में फैसला लेने के लिए एक उपयुक्त पीठ का गठन किया जाए। जस्टिस हेमंत गुप्ता (जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं) ने जहां स्कूल-कॉलेजों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध से जुड़े कर्नाटक उच्च न्यायालय के 15 मार्च, 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया था, वहीं जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कहा था कि राज्य के स्कूलों और कॉलेजों में कहीं भी हिजाब पहनने पर कोई पाबंदी लागू नहीं होगी।

जस्टिस गुप्ता ने कहा था कि किसी समुदाय के सदस्यों को स्कूल-कॉलेज में अपने धार्मिक प्रतीक धारण करने की इजाजत देना ‘धर्मनिरपेक्षता के विपरीत होगा, जबकि जस्टिस धूलिया ने जोर देकर कहा था कि हिजाब पहनना या न पहनना केवल ‘पसंद का मामला होना चाहिए।

शीर्ष अदालत के खंडित फैसले के कारण कर्नाटक उच्च न्यायालय का फैसला अभी भी प्रभावी है।

*********************

 

पत्रकार राणा अय्यूब की याचिका पर 25 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीमकोर्ट

*लोगों को धोखा देने और 2.69 करोड़ के ‘चैरिटी फंड का इस्तेमाल करने का आरोप*

नयी दिल्ली,23 जनवरी (एजेंसी)। सुप्रीमकोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह पत्रकार राणा अय्यूब की उस याचिका पर 25 जनवरी को सुनवाई करेगा, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज धनशोधन मामले में गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए (धन-शोधन निवारण अधिनियम) अदालत द्वारा जारी समन को चुनौती दी गई है।

उनकी वरिष्ठ वकील ने जब चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस वी रामासुब्रमणियन और जस्टिस जे बी पारदीवाला की पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया, तो पीठ ने इस मामले की सुनवाई 25 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी। ग्रोवर ने न्यायालय से कहा कि इस मामले पर जिस पीठ को सोमवार को सुनवाई करनी थी, वह उपलब्ध नहीं है और उन्होंने पीठ ने आज अपराह्न 2 बजे तक के लिए सुनवाई स्थगित किए जाने का अनुरोध किया। पीठ ने कहा, ‘हम इस पर परसों एक उचित पीठ के सामने सुनवाई करेंगे। आज ऐसा करना मुश्किल होगा।

इससे पहले, 17 जनवरी को चीफ जस्टिस के नेतृत्व वाली पीठ ने वृंदा ग्रोवर की दलीलों पर गौर किया था और तत्काल सुनवाई के लिए याचिका को सूचीबद्ध करने के संबंध में विचार करने पर सहमति जताई थी। ग्रोवर ने कहा था कि गाजियाबाद की विशेष अदालत ने अय्यूब के खिलाफ 27 जनवरी के लिए समन जारी किया है, इसलिए मामले को तत्काल सूचीबद्ध किया जाए।

अय्यूब ने अपनी रिट याचिका में अधिकार क्षेत्र नहीं होने का हवाला देते हुए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गाजियाबाद में शुरू की गई कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध किया है, क्योंकि धन शोधन का कथित अपराध मुंबई में हुआ था।

गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत ने पिछले साल 29 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर अभियोजन शिकायत का संज्ञान लिया था और अय्यूब को तलब किया था। अभियोजन की ओर से धनशोधन निवारण अधिनियम-2002 की धारा 45, जिसे धारा-44 के साथ पढ़ा जाए, के तहत धनशोधन का मामला दिल्ली में निदेशालय के सहायक निदेशक संजीत कुमार साहू द्वारा दर्ज कराया गया।

विशेष अदालत के न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा था, ”मैंने अभियोजन की उपरोक्त शिकायत का अवलोकन किया और बयान संबंधी दस्तावेज सहित अभियोजन के कागजात देखे। पूरे रिकॉर्ड को देखने पर प्रथम दृष्टया अपराध के सिलसिले में राणा अय्यूब के खिलाफ संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल 12 अक्तूबर को अय्यूब के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें उन पर लोगों को धोखा देने और अपनी निजी संपत्ति बनाने के लिए 2.69 करोड़ रुपये के ‘चैरिटी फंड (परमार्थ निधि) का इस्तेमाल करने तथा विदेशी चंदा कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

उसने एक बयान में कहा था, ”राणा अय्यूब ने अप्रैल 2020 से ‘केटो मंच पर चंदा जुटाने के तीन परमार्थ अभियान शुरू किए और कुल 2,69,44,680 रुपये की धनराशि एकत्र की।

******************************

 

आरएसएस और नेताजी दोनों का लक्ष्य भारत को एक महान राष्ट्र बनाना: मोहन भागवत

कोलकाता,23 जनवरी (एजेंसी)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि उनके दक्षिणपंथी संगठन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का लक्ष्य एक ही है…. भारत को एक महान राष्ट्र बनाना। आरएसएस और स्वतंत्रता सेनानी की विचारधारा समान नहीं होने को लेकर जारी बहस के बीच भागवत ने यह बयान दिया है।

आलोचकों का कहना है कि नेताजी धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते थे, जो कि ‘आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा के विपरीत है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के योगदान की सराहना करते हुए भागवत ने सभी से बोस के गुणों व शिक्षाओं को आत्मसात करने और देश को ‘विश्व गुरु बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘हम नेताजी को केवल इसलिए याद नहीं करते क्योंकि हम स्वतंत्रता संग्राम में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए उनके आभारी हैं बल्कि साथ ही यह भी हमें सुनिश्चित करते हैं कि हम उनके गुणों को भी आत्मसात करें। उनका भारत को महान बनाने का सपना अब भी पूरा नहीं हुआ है। हमें इसे हासिल करने के लिए काम करना होगा।

भागवत ने कहा कि स्थिति और रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है। उन्होंने कहा, ‘सुभाष बाबू (नेताजी) पहले कांग्रेस से जुड़े थे और उन्होंने ‘सत्याग्रह तथा ‘आंदोलन के मार्ग का अनुसरण किया, लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि यह काफी नहीं है और स्वतंत्रता के लिए लडऩे की जरूरत है तो उन्होंने इसके लिए काम किया। रास्ते अलग-अलग हैं लेकिन लक्ष्य एक हैं।

आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘अनुसरण करने के लिए सुभाष बाबू के आदर्श हमारे सामने मौजूद हैं। उनके जो लक्ष्य थे, वही हमारे भी लक्ष्य हैं… । उन्होंने कहा कि नेताजी ने कहा था कि भारत को दुनिया के लिए काम करना चाहिए और ‘हमें यही लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना है।

************************************

 

सड़क हादसे में हरियाणा के 5 लोगों की मौत, सालासर बालाजी जा रहे थे

सीकर,23 जनवरी (एजेंसी)। जिले में फतेहपुर के हिसार-अम्बाला हाइवें पर रफ्तार के कहर ने पांच जिंदगियां छीन लीं. हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. यह हादसा गांव बिकमसरा के सुरभि होटक के पास हुआ है. फिलहाल पांचों के शव को फतेहपुर हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया गया है. इनका आज पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जाएगा.

हादसे के बारे में स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद इलाके के रहने वाले पांचों युवक अपनी कार से सालासर बालाजी के दर्शन करने के लिए आए थे. इसी दौरान देर रात उनकी कार की ट्रोले से टक्कर हो गई. हादसा इतना भयानक था कि एनएच 65 हाइवे पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया. हाइवे के आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर हादसे के शिकार लोगों को कार से बाहर निकालने का प्रयास किया. लेकिन तब तक सभी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. इस दौरान हाइवें के दोनों ओर लंबा जाम लग गया.

सूचना पर मौके पर पहुंची एंबुलेंस से मृतकों को राजकीय धानूका अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया. सभी मृतक हरियाणा के फतेहाबाद जिले के निवासी है. मृतकों में अजय कुमार पुत्र जय सिह जाट निवासी बाडरी पालसर जिला फतेहबाद हरियाणा, संदीप पुत्र शमशेर सिंह भुतनकला, संदीप पुत्र प्रताप सिंह भुतनकला जिला फतेहबाद हरियाणा, अमित पुत्र इश्ववर सिंह निवासी भुतनकला जिला फतेहबाद हरियाणा व मोहनलाल पुत्र राधेयश्याम जाति ब्राहम्ण निवासी भुतनकला जिला फतेहबाद हरियाणा निवासी है.

********************************

 

कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी से मुलाकात की

सांबा/जम्मू,23 जनवरी (एजेंसी)। प्रवासी कश्मीरी पंडितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को ‘भारत जोड़ो यात्राÓ के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सांबा जिले में मुलाकात की और आतंकवादियों द्वारा लक्षित हत्या किए जाने एवं प्रधानमंत्री पैकेज के तहत रोजगार पाने वाले लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध सहित अपने विभिन्न मुद्दों को लेकर उनसे बातचीत की.

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता अमित कौल ने कहा कि उन्होंने गांधी को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास अपनी जगती बस्ती में आमंत्रित किया है और कश्मीर जाते समय वह रास्ते में समुदाय के सदस्यों से संभवत: मिलने आएंगे.

कौल ने कहा कि गांधी के साथ हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और हमने उन्हें समुदाय के मुद्दों, विशेष रूप से प्रधानमंत्री पैकेज के तहत कार्यरत उन कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में बताया, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पिछली संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार ने नौकरी दी थी. वे पिछले छह महीनों से विरोध कर रहे हैं और उनका वेतन रोक दिया गया है.

वर्ष 2008 में घोषित प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत नियुक्त लगभग 4,000 प्रवासी कश्मीरी पंडित घाटी में विभिन्न विभागों में काम कर रहे हैं. इस पैकेज के दो घटक हैं– समुदाय के युवाओं के लिए छह हजार नौकरियां और भर्ती कर्मचारियों के लिए अधिक से अधिक आवासीय इकाइयां बनाना.

आतंकवादियों ने पिछले साल 12 मई को बडगाम जिले में राहुल भट नाम के एक कश्मीरी पंडित की उसके कार्यालय के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद कई कर्मचारी जम्मू छोड़ कर चले गए थे. इस घटना को लक्षित हत्या का मामला बताया गया था. कई कर्मचारी उन्हें घाटी से बाहर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं.

कौल ने कहा कि हमने राहत बढ़ाने की आवश्यकता सहित समुदाय के अन्य मुद्दों को भी उठाया. हमने उनसे (राहुल गांधी से) हमारी बस्ती जगती आने या अपना एक प्रतिनिधिमंडल वहां भेजने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वह स्वयं जगती आएंगे और संसद के भीतर एवं बाहर उनके मुद्दों को उठाएंगे. समुदाय के एक अन्य सदस्य जितेंद्र काचरू ने कहा कि वह प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ गांधी से मिलने के लिए उत्तर प्रदेश से आए हैं, जहां वह कश्मीर से पलायन करने के बाद बस गए हैं.

काचरू ने कहा कि वह (गांधी) बहुत अच्छे और अत्यंत सरल व्यक्ति हैं. उन्होंने हमारी समस्याओं को धैर्य से सुना और यह बात दिल को छू लेने वाली है कि उनके पास हमारी बात सुनने का समय था. उन्होंने कहा कि शुरू में उनसे 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मिलना था, लेकिन कई और लोग उनके साथ शामिल हो गए.

काचरू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए समुदाय का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वास्तव में कश्मीरी पंडितों की समस्याओं को हल नहीं करना चाहते, क्योंकि उनके लिए धर्म के आधार पर नफरत फैलाना एक राजनीतिक एजेंडा है.

उन्होंने कहा कि हम – मुस्लिम और हिंदू दोनों – कश्मीर में एक साथ रहते थे, क्योंकि हमारी संस्कृति, पहनावा और यहां तक कि उपनाम भी एक जैसे हैं. (आतंकवादी घटनाएं बढऩे और समुदाय के पलायन से पहले) इस तरह का माहौल कभी नहीं था और हम सभी साथ रह रहे थे.

***************************

 

दिल्ली में बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली,23 जनवरी (एजेंसी)। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो साल की मौजूदा अवधि के लिहाज से सामान्य है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी.

आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली में सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 100 फीसदी रही. मौसम विभाग ने दिन में राष्ट्रीय राजधानी के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जबकि अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 355 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराबÓ श्रेणी में आता है. विभाग ने बताया कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई गंभीर माना जाता है.

*************************

 

मंदिर में एक उत्सव के दौरान क्रेन गिरने से 4 लोगों की मौत

चेन्नई,23 जनवरी (एजेंसी)। रानीपेट जिले के अरक्कोणम में रविवार देर रात एक मंदिर में उत्सव के दौरान अचानक क्रेन गिर जाने से चार लोगों की मौत हो गई, और कम से कम छह अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी.

पुलिस ने सोमवार को बताया कि श्रद्धालुओं के, मंदिर के चारों ओर चक्कर लगाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा था और कुछ श्रद्धालु मन्नत पूरी करने के लिए एकत्र हुए लोगों से फूल की मालाएं ले रहे थे तभी यह हादसा हो गया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि क्रेन अचानक गिर गई और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. घायल हुए सात लोगों को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया. उनमें से एक व्यक्ति ने सोमवार को सुबह दम तोड़ दिया.

उन्होंने बताया कि हादसे में एस. भूपालन (40), बी. जोतिबाबू (17), के. मुथुकुमार (39) और चिन्नासामी (60) की मौत हो गई. अराक्कोणम के नेमेली स्थित केझावीथी में द्रोपदियाम्मन और मंडियाम्मन मंदिरों में मनाया जा रहा ‘मायिलेरुम थिरुविझा कार्यक्रम’ फसल उत्सव (पोंगल) के बाद आयोजित होने वाला एक वार्षिक अनुष्ठान है. नेमेली पुलिस ने मामले में क्रेन के संचालक को हिरासत में लिया है.

***********************

 

प्रधानमंत्री ने अण्डमान निकोबार में नेताजी राष्ट्रीय स्मारक के प्रतिरूप का किया उद्घाटन

*21 द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर*

नयी दिल्ली,23 जनवरी (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पराक्रम दिवस के अवसर पर अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े द्वीपों का नामकरण परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किया। इस कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर बनाए जाने वाले नेताजी राष्ट्रीय स्मारक के प्रतिरूप का भी उद्घाटन किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।

अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप का नामकरण प्रथम परमवीर चक्र विजेता के नाम पर किया गया। इसी प्रकार आकार की दृष्टि से अन्य द्वीपों का नामकरण किया गया। ये नामकरण जिन परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर किए गए हैं, उनमें -मेजर सोमनाथ शर्मा, नायक जदुनाथ सिंह, कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह, लांस नायक अल्बर्ट एक्का, मेजर रामास्वामी परमेश्वरन, कैप्टन विक्रम बत्रा और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पाण्डेय शामिल हैं।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, द्वीपों का यह नामकरण राष्ट्र की सम्प्रभुता और अखण्डता की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को श्रद्धांजलि के तौर पर किया जा रहा है।

अण्डमान और निकोबार द्वीप समूह के ऐतिहासिक महत्व और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री मोदी ने रॉस द्वीप का नामकरण नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप के तौर पर किया था। इसी प्रकार नील द्वीप का नाम बदलकर शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप का नाम स्वराज द्वीप किया गया था।

*****************************

 

हर भाषा में मिलेगी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की प्रति, PM मोदी ने शेयर किया CJI चंद्रचूड़ का वीडियो

नई दिल्ली  22 Jan, (एजेंसी) : सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर की है। जिसमें प्रधानमंत्री वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। चीफ जस्टिस एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायपालिका को भाषाई स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह जिन लोगों के लिए काम कर रहे हैं उन लोगों तक पहुंचने के लिए हमे उन्ही की भाषा में जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने से लोगों तक जानकारी नहीं पहुंचे गई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसा हुआ तो इससे कई लोगों को मदद मिलेगी।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की प्रति अब जल्द ही हिंदी समेत देश की कई भाषाओं में मुहैया कराई जाएगी। इससे लोगों को अपनी भाषा में अदालत के फैसले की जानकारी मिलेगी। चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारा अगला उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट की कॉपियों को हर भारतीय की भाषा में उस तक पहुंचाना है। इस दौरान उन्होंने जानकारियों के लोगों तक नहीं पहुंचने और लैंग्वेज बैरियर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जब तक हम अपने नागरिकों से उस भाषा में बात नहीं करेंगे जो कि वह समझते हैं, तब तक हम जो कर रहे हैं वह 99 प्रतिशत लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा।

******************************

 

राष्ट्रपति के हाथों मिलेगा 11 असाधारण बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

नई दिल्ली 22 जनवरी, (एजेंसी)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 जनवरी को दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले पुरस्कार समारोह में 11 असाधारण बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 प्रदान करेंगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जनवरी को पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भारत सरकार बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पुरस्कार प्रदान करती है।

यह पुरस्कार 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को छह श्रेणियों में उनकी उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है। इनमें कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शैक्षिक, सामाजिक सेवा और खेल, शामिल हैं।

23 जनवरी को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा ये पुरस्कार दिए जाएंगे और अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन विजेता बच्चों से संवाद करेंगे। जानकारी के अनुसार प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

*****************************

 

तीन धमाकों की जांच के लिए एनआईए की टीम पहुंची जम्मू

नई दिल्ली 22 जनवरी, (एजेंसी)। जम्मू के बजाल्टा इलाके में हुए तीन विस्फोटों के एक दिन बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम रविवार को घटनास्थल पर पहुंची। विस्फोटों में एक पुलिस कांस्टेबल सहित दस लोग घायल हो गए थे। फिलहाल मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है, लेकिन संभावना है कि इसे एनआईए को ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

जांच ने सुझाव दिया है कि यह सीमा पार आतंकवादियों द्वारा किया गया है। पाकिस्तान स्थित आकाओं की भूमिका की जांच की जा रही थी।

अतिरिक्त डीजीपी (जम्मू जोन) मुकेश सिंह ने शनिवार को कहा था कि जम्मू शहर के नरवाल इलाके में दो वाहनों में हुए दो विस्फोटों में छह लोग घायल हो गए। बाद में एक और धमाके की सूचना मिली।

कांस्टेबल सुरिंदर सिंह सिधरा चौक पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे, तभी बालू से लदा एक डंपर दिखाई दिया। पुलिस ने चेकिंग के लिए उसे रोका लेकिन अचानक उसमें विस्फोट हो गया और सभी घायल हो गए।

अब एनआईए की टीम वहां पहुंच गई है और साक्ष्य जुटा रही है।

*****************************

 

राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमी, व्यापारी एवं करदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर 22 जनवरी, (एजेंसी)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों, व्यापारियों एवं करदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी परामर्शदात्री समिति के सुझावों का बजट में समावेश करने के प्रयास किए जाएंगे।

गहलोत राज्य बजट 2023-24 की तैयारियों को लेकर शनिवार को सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में राज्य स्तरीय कर परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों, व्यापारियों एवं करदाताओं द्वारा दिए गए सुझावों में सकारात्मकता और अनुभव झलकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान राज्य सरकार द्वारा उद्योगों और व्यापारियों को हरसंभव राहत प्रदान की गई।

राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला लिया। वहीं, रिप्स जैसी महत्वपूर्ण नीति से राज्य के उद्योगों को प्रोत्साहन तथा संबल मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान जीडीपी ग्रोथ में देश में दूसरे नंबर पर है। आपके सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। इन्वेस्ट राजस्थान समिट में रिकॉर्ड निवेश के एमओयू हुए, जो अपने आप में ऐतिहासिक हैं। उन्होंने कहा कि आज रीको द्वारा राज्य के हर उपखण्ड स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं।

रूस्रूश्व एक्ट का देशभर में स्वागत हुआ है। साथ ही, राज्य सरकार ने नए उद्योग स्थापित करने के लिए एकल खिड़की की सुविधा भी उपलब्ध करवाई है।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए गए नवाचारों से आज निवेशक कंफर्टेबल महसूस कर रहा है। एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा 2 करोड़ रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है।

कोरोनाकाल में हुआ राज्य में शानदार प्रबंधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान राज्य में शानदार प्रबंधन किया गया। यहां के भीलवाड़ा मॉडल की देशभर में सराहना हुई। राज्य सरकार द्वारा ‘कोई भूखा ना सोएÓ के संकल्प के साथ राज्य में सभी जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन का प्रबंध किया गया। कोविड महामारी में महंगे इंजेक्शन व दवाइयां आमजन को नि:शुल्क उपलब्ध करवाई गईं। ऑक्सीजन की कमी से राज्य में कोई जनहानि नहीं हुई। कोरोना काल के दौरान आए मंदी के दौर के बावजूद प्रदेश की आर्थिक स्थिति स्थिर है, यह शुभ संकेत है।

सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार का ध्येय

गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 1 करोड़ लोगों को पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना एवं खाद्य का अधिकार लागू कर सभी को सामाजिक व आर्थिक संबल प्रदान किया गया है, उसी तरह देश में एक समान सामाजिक सुरक्षा देने के लिए केन्द्र सरकार को ‘राइट टू सोशल सिक्योरिटी’ एक्ट लागू करना चाहिए। इसके लिए चिंतन शिविर में मंत्रिपरिषद् सदस्यों ने एकमत प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार को पत्र लिखा जाएगा।

चिरंजीवी से 90 प्रतिशत आबादी को मिला स्वास्थ्य बीमा का लाभ

बैठक में बताया गया कि राजस्थान में संस्थागत प्रसव राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। साथ ही, टीकाकरण कवरेज की दृष्टि से भी राजस्थान भारत के औसत से 4 प्रतिशत आगे है। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में करीब 1.38 करोड़ परिवारों का पंजीकरण हो चुका है। इस योजना का ही परिणाम है कि प्रदेश की करीब 90 प्रतिशत आबादी अब स्वास्थ्य बीमाधारक है, जबकि राष्ट्रीय औसत मात्र 41 प्रतिशत ही है। चिरंजीवी योजना में अब तक 31.58 लाख मरीजों को लगभग 3625 करोड़ रूपए का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध हुआ है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क निरोगी राजस्थान योजना के तहत राजकीय चिकित्सा संस्थानों में जांच एवं दवाओं के साथ संपूर्ण उपचार नि:शुल्क मिल रहा है। योजना पर अनुमानित व्यय करीब 1500 करोड़ रूपए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं से हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है। इंदिरा रसोइयों में आमजन को 8 रूपए में पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। राज्य सरकार प्रत्येक थाली पर 17 रूपए अनुदान दे रही है। राज्य में 211 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 94 गल्र्स कॉलेज भी शामिल हैं। विद्यालय में 500 बालिकाओं के नामांकन पर कॉलेज खोलने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।

बैठक में प्रतिनिधियों ने रीप्स, एमनेस्टी स्कीम, टूरिज्म नीति आदि महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री शकुन्तला रावत, ऊर्जा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, मुख्यमंत्री के सलाहकार निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग एवं वाणिज्य वीनू गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव गृह आनंद कुमार, प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा भास्कर ए. सावंत, प्रमुख शासन सचिव सार्वजनिक निर्माण विभाग वैभव गालरिया, रीको के स्वतंत्र निदेशक सीताराम अग्रवाल सहित सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स, राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स, फोर्टी सहित पर्यटन, खाद्य पदार्थ व्यापार, एग्रीकल्चर इंडस्ट्री, ऑयल इंडस्ट्री, हैण्डीक्राफ्ट, कपड़ा उद्योग, सीमेंट मैन्यूफैक्चरर्स, मार्बल एवं स्टील उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

*******************************

 

हरियाणा में 48 अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया

चंडीगढ़ 22 जनवरी, (एजेंसी)। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार द्वारा भ्रष्टाचार में संलिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़े फैसले लिए गए हैं। इसी कड़ी में सरकार ने 48 नॉन परफॉर्मर और भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त एक्शन लिया है। केंद्र सरकार के पदचिन्हों पर चलते हुए हरियाणा सरकार ने पिछले 8 वर्षों में 50 से 55 साल की उम्र के 48 अधिकारियों/कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है।

कुछ कर्मचारियों ने जहां प्रीमैच्योर रिटायरमेंट ले ली तो वहीं कुछ को सरकार ने घर बैठा दिया। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, सब इंस्पेक्टर, हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर, इंडस्ट्रियल एक्सटेंशन ऑफिसर, नायब तहसीलदार, डीआरओ, सुपरवाइजर, मैनेजर, रेजिडेंट ऑडिट ऑफिसर, जूनियर ऑडिटर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, डिप्टी इंजीनियर, क्लर्क, असिस्टेंट, हवलदार, पियुन, गोडाउन कीपर आदि पदों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल है।

ये कर्मचारी हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्ड और निगमों के कार्यालय में कार्यरत थे। इन अधिकारियों/कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में शामिल होने, ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, नॉन-परफॉर्मेंस, लापरवाही बरतने और जाली सर्टिफिकेट बनाने आदि कारणों के चलते कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की परफॉर्मेंस का समय-समय पर मूल्यांकन करती रहती है।

सर्विस रिकॉर्ड रिव्यू करने के बाद ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया जाता है तो वहीं नॉन परफॉर्मिंग कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद शासन प्रणाली को पहले से और बेहतर बनाने का है। प्रदेश सरकार मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस के मूल सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।

ऐसी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की कतई जगह नहीं है। प्रदेश में भ्रष्टाचार पर पूर्णरूप से अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि सरकारी नियमों के मुताबिक ठीक काम न करने वाले अधिकारी या कर्मचारी 50 – 55 वर्ष की आयु या 20 वर्ष की नौकरी के बाद नौकरी से हटा सकती है. लेकिन पूर्व की सरकारों ने जनता की भलाई के लिए बने इन नियमों को कठोरता से लागू नहीं किया जिसकी वजह से नौकरी के लिए नाकाबिल हो चुके अधिकारी व कर्मचारी भी नौकरी करते रहे।

वर्ष 2014 तक जहाँ सिर्फ 32 लोगों को घर भेजा वहीँ 2014 के बाद मनोहर लाल के नेतृत्व में बनी सरकार ने जनहित में इन नियमों को पूरी कड़ाई से लागु करवाया जिसके फलस्वरूप गत 8 वर्षों ने 48 सरकारी कर्मियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।

************************************

 

इस साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 11 फरवरी को, अधिक मामलों के निस्तारण का प्रयास

जोधपुर 22 जनवरी, (एजेंसी)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार आगामी 11 फरवरी को आयोजित होने वाली वर्ष-2023 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जोधपुर जिला की सचिव पूर्णिमा गौड़ सचिव की अध्यक्षता में स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया के चीफ मैनेजर श्री गजेन्द्र पंवार (क्रेडिट एवं एन.पी.ए.), पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर गजेन्द्र पंवार (क्रेडिट एवं एन.पी.ए.), बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर सौरभ सोनी, यूको बैंक की ओर से पूजा गुप्ता, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के मैनेजर ऋषि कुमार एवं आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के देवेन्द्र सिंह के साथ बैठक का आयोजन किया गया।

30 जनवरी से 4 फरवरी तक प्री-काउंसलिंग –

सचिव श्रीमती गौड़ ने बताया कि इस बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला के अधीनस्थ तालुका विधिक सेवा समिति क्रमश: फलोदी/बिलाड़ा/पीपाड़/बालेसर/औसियां में बैंक/वित्तीय संस्थानों के सभी गैर निष्पादित संपत्ति या ऐसे समस्त प्रकरण, जिनमें बैंक की विधिकरूप से धन राशि बकाया है, उन प्रकरणों में विप्रार्थीगण को न्यायालयों से नोटिस जारी करवाने के पश्चात् आपसी राजीनामें के माध्यम से निपटारा करवाने हेतु 30 जनवरी से 4 फरवरी के मध्य समस्त तालुका विधिक सेवा समिति क्रमश: फलोदी/बिलाड़ा/पीपाड़/बालेसर/औसियां के कार्यालयों में पक्षकारों के मध्य प्री-काउंसलिंग करवाकर अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में चर्चा की गई। बैठक के अंत में श्री महेन्द्र राजपुरोहित ने सभी का आभार व्यक्त किया।

******************************

 

जिला स्तरीय युवा संसद के लिए आवेदन का कल अंतिम दिन

श्रीगंगानगर 22 जनवरी, (एजेंसी)। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिला स्तरीय युवा संसद के आवेदन 23 जनवरी तक आमंत्रित किए जा रहे हैं। केंद्र के जिला युवा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि जिला स्तरीय युवा संसद का आयोजन 25 से 29 जनवरी 2023 के मध्य वर्चुअल मोड में नेहरू युवा केन्द्र बाङमेर द्वारा किया जाएगा, जिसमें जिले के युवा भी सहभागी होंगे।

इसमें भाग लेने हेतु प्रतिभागियों की आयु 24 जनवरी 2023 को 18 से 25 वर्ष के मध्य एवं श्रीगंगानगर जिले का मूल का निवासी होना आवश्यक है। इच्छुक युवा अपना पंजीकरण नेहरू युवा केन्द्र कार्यालय में मय फोटो, पहचान पत्रा व मूल निवास के साथ संपर्क कर 25 जनवरी तक करवा सकते हैं। प्र्रतिभागियों को 4 मिनट के लिए दिए गये विषय पर भाषण देना होगा।

जिले से 2 युवाओं का चयन राज्य स्तरीय युवा संवाद के लिए किया जाएगा। राज्य स्तर के विजेता युवाओं को राष्ट्र स्तरीय युवा संसद में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

*******************************

 

ब्रह्मवाद टोल पर देर रात अंधाधुंध फायरिंग, तीन टोलकर्मी गंभीर घायल

भरतपुर 22 जनवरी, (एजेंसी)। जिले के रुदावल थाना इलाके के ब्रह्मवाद टोल पर देर रात कुछ बदमाशों ने फायरिंग कर तीन टोलकर्मियों को घायल कर दिया। एक टोलकर्मी की हालत गंभीर होने के कारण उसे आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।

रुदावल थाना अधिकारी महावीर प्रसाद ने बताया कि कल देर शाम बैसोरा इलाके की एक स्कॉर्पियो टोल से निकल रही थी इस दौरान स्कॉर्पियो कार के ड्राइवर और टोलकर्मियों में टोल देने के ऊपर कहासुनी हो गई।

इस दौरान टोल कर्मियों ने स्कॉर्पियो के ड्राइवर के साथ मारपीट कर दी। जिसके बाद स्कॉर्पियो का ड्राइवर वहां से अपनी कार लेकर चला गया, लेकिन देर रात करीब 20 बदमाश हथियारों से लैस होकर टोल पर पहुंचे। बदमाशों ने टोल पर पहुंचते ही फायरिंग करना शुरू कर दिया।

गोलियों की आवाज सुन टोल पर भगदड़ मच गई। बदमाशों ने तीन टोलकर्मियों से बुरी तरह मारपीट भी की और फरार हो गए।

वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश टोल से फरार हो गए। देर रात ही घटना की सूचना रुदावल पुलिस को दी गई घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्कोर्पियो के ड्राइवर का पता कर उसके घर दबिश दी, लेकिन कोई बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगा।

पुलिस अब भी बदमाशों को पकडऩे के लिए दबिश दे रही है। वहीं तीनों घायलों का इलाज जारी है।

****************************

 

ट्रॉमा सेंटर के लिए अंसल ने जुर्माने के रूप में 60 करोड़ रुपये का किया रहस्यमय भुगतान

नई दिल्ली 22 जनवरी, (एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में अंसल बंधुओं द्वारा जुर्माने के रूप में जमा किए गए 60 करोड़ रुपये का ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए उपयोग किए जाने के बारे में दिल्ली सरकार से सवाल किया था।

शीर्ष अदालत ने अगस्त 2015 में रियल एस्टेट कारोबारी सुशील अंसल और गोपाल अंसल की रिहाई की अनुमति दी थी और उन्हें 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने को कहा, जिसका इस्तेमाल ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए किया जाना था।

जस्टिस अशोक भूषण, संजय किशन कौल और एमआर शाह की खंडपीठ ने कहा था कि उपहार अग्निकांड मामले में अंसल ब्रदर्स द्वारा लगभग 60 करोड़ रुपये का फंड जमा किया गया है, जिसका इस्तेमाल एक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने के लिए होना था।

पीठ ने कहा, उसका क्या हुआ? अगर वह स्थापित नहीं होता है तो हम देख सकते हैं कि धन का क्या करना है।
पीठ ने पूछा था कि उस 60 करोड़ रुपये का उपयोग क्यों नहीं किया। इसके लिए किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए?
उपहार त्रासदी पीडि़तों के संघ (एवीयूटी) की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने कहा, हमें नहीं पता कि उस पैसे का क्या हुआ। हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली सरकार को जो उद्देश्य दिया गया था, वह पूरा होगा।

2014 में सुप्रीम कोर्ट ने अंसल बंधुओं को प्रस्तावित कारावास की प्रस्तावित वृद्धि को ऑफसेट करने के लिए 100 करोड़ रुपये जमा करने का विकल्प दिया था।

न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा ने ट्रामा सेंटर के लिए तब दिल्ली सरकार को द्वारका में स्थान निर्धारित करने का आदेश दिया था।

शीर्ष अदालत ने ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया, जिसे सफदरजंग अस्पताल के विस्तार के रूप में माना जाएगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि सेंटर का निर्माण अंसल बंधुओं द्वारा एक समिति की देखरेख में किया जाएगा, जिसमें एवीयूटी, सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और अन्य विशेषज्ञों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और उन्हें उपहार मेमोरियल ट्रॉमा सेंटर के पीडि़तों के रूप में नामित किया जाएगा।

बाद में 2015 में, सुप्रीम कोर्ट में अंसल बंधुओं की एक समीक्षा याचिका पर जुर्माना राशि को घटाकर 60 करोड़ रुपये कर दिया गया था और यह कहा गया था कि धन का उपयोग नए ट्रॉमा सेंटर की स्थापना या दिल्ली सरकार के अस्पतालों के मौजूदा ट्रॉमा सेंटरों को अपग्रेड करने के लिए किया जाएगा। दिल्ली सरकार।

अंसल परिवार ने नवंबर 2015 में दिल्ली के मुख्य सचिव के पास डिमांड ड्राफ्ट में 60 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि जमा करने की जल्दी की थी।

*******************************

 

बजट सत्र से पहले पीएम मोदी लेंगे मंत्रिपरिषद की बैठक

नई दिल्ली 22 जनवरी, (एजेंसी)। 31 जनवरी से शुरू होने जा रहे संसद के बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जनवरी को अपने मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। नए वर्ष 2023 में यह मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद की पहली बैठक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार के सभी केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार एवं राज्य मंत्री शामिल होंगे।

नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के आखिरी पूर्ण बजट से पहले बुलाई गई इस मंत्रिपरिषद की बैठक को बजट सत्र के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। संसद का बजट सत्र इस बार 31 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी और एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले 29 जनवरी को बुलाई गई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट सत्र को लेकर सभी मंत्रियों को विशेष निर्देश दे सकते हैं। चूंकि यह मोदी सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा इसलिए प्रधानमंत्री यह चाहेंगे कि सरकार के सभी मंत्री बजट पेश होने के बाद इसके जनकल्याणकारी पहलुओं को ज्यादा से ज्यादा उजागर कर जनता तक पहुंचाने के लिए अथक प्रयास करें क्योंकि इसी वर्ष देश के नौ राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों के साथ ही अगले वर्ष होने वाले लोक सभा चुनाव में भी पार्टी इस बजट का लाभ उठाना चाहेगी।

बैठक में भारत को मिली जी-20 की अध्यक्षता से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा हो सकती है। आपको बता दें कि, देशभर के 50 से ज्यादा स्थानों पर जी-20 से जुड़े लगभग दो सौ कार्यक्रम होने है। इन कार्यक्रमों में जी-20 देशों के अलावा आईएमएफ और वल्र्ड बैंक जैसी 14 अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं भी भाग लेंगी, इसलिए भारत सरकार इन कार्यक्रमों को भव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोडऩा चाहती है। सरकार इन कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी को भी सुनिश्चित करना चाहती है।

बैठक में कई मंत्री अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज को लेकर प्रजेंटेशन भी दे सकते हैं। हालांकि मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की खबरों के बीच 29 जनवरी को होने वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक को मोदी सरकार के वर्तमान मंत्रिपरिषद की आखिरी बैठक भी बताया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो, 29 जनवरी को होने वाली इस बैठक के कुछ दिनों बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की कवायद शुरू हो सकती है।
कुल मिलाकर कहा जाए तो 2023 में होने वाली मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद की यह पहली बैठक कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।

***********************************

 

गुनाह करने वालों से दो कदम आगे रहना होगा, भारत को अब कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता: अमित शाह

नई दिल्ली 21 Jan, (एजेंसी): केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में 57वें पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक सम्मेलन का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, आईजीपी और सीएपी के प्रमुख सहित 600 अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस मौके पर अमित शाह ने अधिकारियों के सामने आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए अगले 10 साल का रोडमैप रखा। अमित शाह ने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां वर्चस्व स्थापित करने में सफल रही हैं और अब कोई भी देश को किसी भी क्षेत्र में नजरअंदाज नहीं कर सकता और न ही किसी को आगे बढ़ने से रोक सकता है।

एक अधिकारी ने बताया कि पहले दिन सम्मेलन में नेपाल और म्यांमार के साथ भूमि सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों, भारत में लंबे समय तक रहने वाले विदेशियों की पहचान करने और माओवादी ठिकानों को लक्षित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अगले दो दिनों में देश का शीर्ष पुलिस नेतृत्व उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर विशेषज्ञों, फील्ड अधिकारियों और शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श करेगा।

इस मौके पर अमित शाह ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र और 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के ²ष्टिकोण पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्व और वामपंथी उग्रवाद में आंतरिक सुरक्षा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और अगले दस वर्षों में चुनौतियों से निपटने का रोड-मैप भी रखा।

शाह ने कहा कि इन क्षेत्रों में हमारी नीतियों की सफलता ये बताती है कि हमारे प्रयास ठीक दिशा में हैं और उनके परिणाम भी मिल रहे हैं।

अमित शाह ने डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं की सुरक्षा के लिए विशेष ²ष्टिकोण के अलावा, पुलिस बलों में क्षमता निर्माण और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्रों को सुरक्षित करने का उल्लेख किया। उन्होंने नार्को तस्करी, हवाला और शहरी पुलिसिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर केंद्र और राज्य समन्वय की वकालत भी की। उन्होंने कहा कि भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है और मोदी जी ने एक अनूठा प्रयोग किया है कि यह सम्मलेन सिर्फ एक स्थान पर न रह कर देशभर में होगा, देश के 56 शहरों में जी-20 की 200 बैठकें होंगी।

अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब जम्मू-कश्मीर से बच्चे इंसर्जेंसी के कारण देश के अन्य भागों में पढ़ने जाते थे, लेकिन आज देश के अन्य हिस्सों से 32 हजार बच्चे जम्मू-कश्मीर में पढ़ रहे हैं, जितना निवेश पिछले 70 सालों में जम्मू-कश्मीर में आया था, उतना पिछले 4 सालों में आया है। जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, 2022 में 1 करोड़ 80 लाख से जयादा टूरिस्ट यहां आए, ये बताता है कि देशभर की जनता के मन में ये विश्वास पैदा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य है, इसके लिए सुरक्षाबलों और सभी ऐजेंसियों को बधाई देता हैं।

अमित शाह ने ये भी कहा कि पीएफआई को बैन करने और इसके एक्टिविस्टों को पकड़ने में सभी राज्यों के पुलिस बलों ने एक साथ आकर सफलता हासिल करने संघीय ढांचे की स्पिरिट और डेमोक्रेसी की मैच्योरिटी को दशार्ता है। उन्होंने कहा पहले हमारी समस्याएं जियोग्राफिकल थीं, जैसे आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद लेकिन अब हमारी समस्याएं थीमेटिक होती जा रही हैं, जैसे साइबर अपराध, डेटा संबंधी अपराध, इसके लिए हमें अपनी रणनीति और अप्रोच में आमूलचूल परिवर्तन लाना होगा।

शाह ने अधिकारियों से कहा कि पहले हमारे सामने सिंगल डायमेंशनल समस्याएं थीं, लेकिन अब समस्याएं मल्टी-डायमेंशनल हैं, इनसे निपटने के लिए हमें गुनाह करने वालों से दो कदम आगे रहना होगा। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर में 9 उग्रवादी समूह सरेंडर करके मेनस्ट्रीम में आए हैं, राज्यों के बीच सीमा विवाद आपस में सुलझाए जा रहे हैं. बिना किसी मांग के स्थिति नॉर्मल होने का जायजा लेकर पूर्वोत्तर में लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र से अफ्स्पा हटाने का काम हमने किया है, पिछले 3 सालों में हर प्रकार की हिंसा में वहां 42 प्रतिशत की कमी आई है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने इस दौरान सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक वितरित किए और देश के शीर्ष तीन पुलिस स्टेशनों के लिए ट्राफियां प्रदान की।

********************************

 

सचिन पायलट ने कहा- मुझे कोरोना कहा जाता है

जयपुर 21 Jan, (एजेंसी): राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कॉलेज के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि उन्हें कोरोना कहा जाता है। पायलट महाराजा कॉलेज में पुस्तकालय के उद्घाटन समारोह के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बगैर खूब व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की।

उन्होंने कहा, राजनीति में मैंने अपने दिवंगत पिता से बहुत कुछ देखा और सीखा है। राजनीतिक क्षेत्र में मैंने उन्हें बड़ों पर जीत हासिल करते हुए देखा है। जब आप जनभावना पर मुद्दों पर खड़े होते हैं तो लोग ताली बजाते हैं। दूसरों का अपमान करना और छोटी-छोटी बातें कहना अच्छी बात नहीं है। आप सभी जानते हैं कि मेरे बारे में क्या कहा गया।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें पायलट महाराजा कॉलेज में छात्रों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। पायलट छात्रों से पूछते हैं: मेरे बारे में क्या कहा गया था? छात्रों ने ऊंची आवाज में कहा कोरोना। पायलट फिर पूछते हैं: मुझे बताओ कि मेरे बारे में पहले क्या कहा गया था? जवाब आया निक्कमा।

पायलट आगे युवाओं से पूछते नजर आते हैं: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए क्या आपको मेहनत में कोई कमी नजर आई? संघर्ष में कोई कमी नजर आई? युवाओं ने हर बार नहीं जवाब दिया। वीडियो कई लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, टिप्पणियों को मुख्यमंत्री गहलोत पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है।

गुरुवार को कर्मचारी संगठनों के साथ सीएम गहलोत की बजट पूर्व बातचीत का एक वीडियो सामने आया जिसमें उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता पायलट का नाम लिए बगैर अपने जूनियर पार्टी सहयोगी की तुलना ‘कोरोना’ से कर दी।

बुधवार को बातचीत के दौरान जब संविदा कर्मचारियों के नेता शमशेर खान ने मुख्यमंत्री से किसी से न मिलने की शिकायत की तो गहलोत ने टोकते हुए कहा, ”तुम ठीक कह रहे हो..पर अब मिलना शुरू हो गया है, पिछले सोमवार को मिला था। हुआ ये था कि हमारी पार्टी के अंदर कोरोना पहले आया और फिर बड़ा ‘कोरोना’ आ गया।”

उन्होंने कहा- पिछले पांच दिनों से मैंने केवल मुद्दों पर भाषण दिया है। किसी के खिलाफ कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया गया है। व्यक्तिगत आलोचना करना, गाली देना और कठोर शब्द बोलना बहुत आसान है। 32 दांतों के पीछे बिना हड्डी वाली जीभ का संतुलन और इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। मुंह से निकली बात कभी वापस नहीं आती।

पायलट ने आगे कहा, इस पार्टी ने हमें बहुत कुछ दिया है। इसे मजबूत करने के लिए हम लगातार काम करें। पहली बार 2014 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनाया। उस वक्त हमारे पास सिर्फ 21 विधायक रह गए थे। लेकिन हमने साथ काम किया है।

******************************

 

कटिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर पथराव

नई दिल्ली 21 Jan, (एजेंसी): वंदे भारत एक्सप्रेस पर फिर एक बार पथराव की घटना सामने आई है। यह पथराव बिहार के कटिहार में बलरामपुर के पास किया गया। पथराव के कारण ट्रेन की खिड़की का शीशा टूट गया। देश में विख्यात वंदे भारत ट्रेन पर लगातार पथराव के मामले सामने आ रहे हैं। रेलवे मामले की जांच में जुटा है। ताजा मामला 20 जनवरी यानी शुक्रवार का है।

22302 डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस की एस्कॉर्ट टीम ने बताया कि कोच-सी 6 में बर्थ नंबर 70 पर यात्रियों ने डालखोला-तेलता रेलवे स्टेशन को पार करते समय पथराव की सूचना दी है। डालखोला-तेलता रेलवे स्टेशन बिहार के कटिहार में बलरामपुर के अंतर्गत आता है। पथराव के कारण कोच सी-6 के दाहिनी ओर की एक खिड़की का शीशा टूट गया है।

रेलवे सुरक्षा बल के वरीय सुरक्षा आयुक्त कमल सिंह ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दालकोला आरपीएफ पोस्ट के तहत 20 जनवरी (शुक्रवार) को तेलता रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन संख्या 22302 डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ।

इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने संबंधित घटनास्थल का जायजा लिया और कटिहार के एसपी जितेंद्र कुमार से बातचीत की। पथराव की यह घटना पश्चिम बंगाल की सीमा के पास बिहार के कटिहार जिले में हुई है।

इससे पहले जनवरी के पहले सप्ताह में पश्चिम बंगाल में भी इस तरह के मामले सामने आए थे। वंदे भारत ट्रेन हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी की तरफ जा रही थी तो दार्जीलिंग जिले में पथराव किया गया था। दार्जीलिंग जिले में फांसीदेवा के पास ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे। और एक अन्य पथराव उसी रूट पर किया गया था।

एक अन्य घटना में विशाखापत्तनम में वंदे भारत ट्रेन पर पथराव किया गया है। जब ट्रेन को 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाने वाले थे उससे ठीक पहले। रेलवे ने जानकारी दी कि हादसा मेंटेनेंस के दौरान हुआ।

**********************************