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बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरक शक्ति: पीएम मोदी

नईदिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सरकार बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरक शक्ति मानती है और इससे भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनने में मदद मिलेगी।

मोदी ने बजट के बाद बुनियादी ढांचे और निवेश के विषय पर आयोजित एक वेबिनार में कहा कि इस साल का बजट देश में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के विकास को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा, ‘हम बुनियादी ढांचे के विकास को अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरक शक्ति मानते हैं। भारत इस रास्ते पर चलकर 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल कर लेगा।’

मोदी ने कहा कि अब इस विकास की गति को तेज करने और ‘टॉप गियर’ में ले जाने की जरूरत है और इसमें ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, रेलवे, बंदरगाह और हवाई अड्डा जैसे सभी क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि इससे व्यवसायों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और ‘लॉजिस्टिक’ (माल की ढुलाई एवं आपूर्ति प्रबंधन) लागत को कम करने में मदद मिलेगी।

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आज केजरीवाल कर्नाटक में करेंगे जनसभा को संबोधित

बेंगलुरू,04 मार्च (एजेंसी)। आम आदमी पार्टी (आप) शनिवार को दावणगेरे शहर में एक मेगा कार्यक्रम के साथ कर्नाटक में अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करेगी, जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

आप कर्नाटक में अपनी उपस्थिति जताने की कोशिश कर रही है। रैली का आयोजन दावणगेरे शहर के गवर्नमेंट हाई स्कूल ग्राउंड में किया गया है।

केजरीवाल और उनके पंजाब समकक्ष भगवंत मान पहले हुबली पहुंचेंगे और फिर हेलिकॉप्टर से दावणगेरे पहुंचेंगे।

राज्य के हर जिले, तालुक, ब्लॉक, सर्कल और बूथ स्तर के आप पदाधिकारी दावणगेरे सम्मेलन में भाग लेंगे।

राज्य की पार्टी इकाई का कहना है कि कर्नाटक में भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस दिल्ली में आप सरकार द्वारा व्यवस्थित रूप से लागू की गई योजनाओं की नकल कर रहे हैं और लोगों को झूठे आश्वासन दे रहे हैं।

आप के प्रदेश अध्यक्ष पृथ्वी रेड्डी ने कहा कि कर्नाटक के लोगों ने पार्टी द्वारा दिल्ली और पंजाब में लाए गए सुधारों को करीब से देखा है.
लोगों का मानना है कि 10 प्रतिशत/40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकारों से कोई परिवर्तन नहीं हो सकता है और केवल आप की शून्य प्रतिशत कमीशन वाली सरकारें ही लोगों के कर के पैसे का कुशलता से उपयोग कर सकती हैं।

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दिल्ली सरकार महिलाओं को देगी 50 फीसदी ड्राइविंग प्रशिक्षण शुल्क

नई दिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। दिल्ली सरकार ने महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण देने के लिए एक नई योजना चलाई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की कड़ी में चलाई गई इस योजना के अनुसार दिल्ली सरकार की तरफ से महिलाओं को ड्राइविंग सीखने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण में लगने वाले कुल शुल्क का 50 प्रतिशत प्रशिक्षण का भुगतान खुद दिल्ली सरकार करेगी।

गौरतलब है कि दिल्ली में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई जा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने एक नई योजना चलाई है। इस योजना के तहत दिल्ली में जो भी महिलाएं ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हैं, वित्तीय सहायता मुहैया करा रही है।

इसके तहत दिल्ली सरकार 50 प्रतिशत प्रशिक्षण की फीस का भुगतान दिल्ली सरकार खुद करेगी। यह प्रशिक्षण दिल्ली के लोनी, सराय काले खां, बुराड़ी और सरकार की ओर से स्थापित अन्य इन हाउस ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र से होगा।

दिल्ली सरकार की यह योजना महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की कड़ी में एक अच्छी योजना है।

जो भी महिलाएं इस योजना के तहत ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेना चाहती हैं।

वे दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए जरूरी शर्त यह होगी कि आवेदनकर्ता दिल्ली का निवासी होना चाहिए।

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सीबीआई मनीष सिसोदिया को आज पेश करेगी अदालत में

*आबकारी नीति घोटाला*

नई दिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। आबकारी नीति घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्र ने कहा कि सिसोदिया को शनिवार दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि सीबीआई सिसोदिया की कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी।

सीबीआई सूत्रों ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि जनवरी में उन्होंने सिसोदिया के कार्यालय से एक कंप्यूटर जब्त किया था। जांच में पता चला कि कंप्यूटर से फाइलें और अन्य डेटा डिलीट कर दिए गए हैं। सीबीआई ने तब हटाए गए फाइलों को पुन: प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में भेजा था। अब एफएसएल ने उन्हें रिपोर्ट देकर कंप्यूटर से डिलीट की गई फाइल को बरामद कर लिया है।

इसके अलावा सिसोदिया का सामना एक आईएएस अधिकारी के बयान से भी हुआ, जिसने उनके खिलाफ सरकारी गवाह बन कर बयान दर्ज कराया था।

अपनी गिरफ्तारी के एक दिन बाद सिसोदिया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जेल में रह रहे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी उन्हीं के साथ इस्तीफा दे दिया था।

सीबीआई ने रिमांड पेपर में आरोप लगाया है कि सिसोदिया ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में अहम भूमिका निभाई थी।

सीबीआई ने मामले में पहले ही सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है और वे मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी तैयार है।

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कर्नाटक कांग्रेस ने सीएम बोम्मई के आवास का किया घेराव

*घूसखोरी का मामला*

बेंगलुरु,04 मार्च (एजेंसी)। भाजपा विधायक के बेटे को कथित रूप से 40 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद कर्नाटक कांग्रेस इकाई शनिवार को यहां मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के आवास का घेराव किया और उनके इस्तीफे की मांग की है। भाजपा विधायक मदल विरुपाक्षप्पा के बेटे बीडब्ल्यूएसएसबी के मुख्य लेखाकार प्रशांत मदल को लोकायुक्त ने पकड़ा था जिसने विधायक को मामले में मुख्य आरोपी बनाया।बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित कई कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक मदल विरुपाक्षप्पा को गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार ने कहा कि विधायक विरुपक्षप्पा के बेटे को रिश्वत नगदी और दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने आवास से 8 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। इसने कर्नाटक में भाजपा सरकार के 40 प्रतिशत कमीशन गठजोड़ का पर्दाफाश किया है।

पार्टी कांग्रेस भवन से रेसकोर्स रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकालने की योजना बना रही है। प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला भी धरने में शामिल होंगे।

इस बीच, प्रशांत मदल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विधायक, जो कर्नाटक सॉप्स एंड डिटर्जेंट लिमिटेड (केएसडीएल) के अध्यक्ष थे, उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया और दावा किया कि उनका विकास से कोई संबंध नहीं है।

क्रिसेंट रोड स्थित प्रशांत मंडल के निजी कार्यालय से कुल 2.02 करोड़ रुपये और विधायक के आवास से 6.10 करोड़ रुपये जब्त किए गए।

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केंद्र सरकार के चुनिंदा कर्मचारियों को मिला पुरानी पेंशन योजना का एक मौका

नयी दिल्ली,04 मार्च (एजेंसी)। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के एक चुनिंदा समूह को पुरानी पेंशन योजना चुनने का एक मौका दिया गया है। कार्मिक मंत्रालय ने इस बाबत एक आदेश जारी किया है।

शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को अधिसूचित किये जाने की तारीख 22 दिसंबर, 2003 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के तहत केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने वाले कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 (अब 2021) के तहत पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने के पात्र हैं।

संबंधित सरकारी कर्मचारी 31 अगस्त, 2023 तक इस विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। चौदह लाख से अधिक केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की संस्था नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

एनएमओपीएस की दिल्ली इकाई के प्रमुख मंजीत सिंह पटेल ने कहा, ‘केंद्र सरकार के पात्र कर्मचारियों के लिए यह एक अच्छी खबर है।

हम केंद्र सरकार से एक बार फिर मौजूदा नयी पेंशन योजना में संशोधन करने का अनुरोध करते हैं ताकि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सके।’

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दिल्ली हाईकोर्ट से जांच अधिकारी कामता सिंह को दो हफ्ते की अंतरिम जमानत

*उन्नाव हिरासत में मौत*

नई दिल्ली,02 मार्च (आरएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उन्नाव दुष्कर्म पीडि़ता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में जांच अधिकारी (आईओ) कामता प्रसाद सिंह को दो सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा की पीठ ने कहा कि बीएसआईएल की अंतरिम अवधि चार मार्च से शुरू होगी और 18 मार्च को समाप्त होगी। सिंह ने अपने बेटे की सगाई के लिए जमानत मांगी थी, जो 11 मार्च को होनी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने यह सत्यापित करते हुए स्थिति रिपोर्ट दायर की कि याचिकाकर्ता के बेटे की सगाई 11 मार्च को मध्य प्रदेश के रीवा में होनी है। हालांकि, दूसरे आधार की पुष्टि नहीं हो सकी।

इसका विरोध करने के लिए, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसे पहले भी दो बार जमानत दी जा चुकी है और उसने कभी भी अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं किया और सभी शर्तों का पालन किया।

उच्च न्यायालय ने 20 जनवरी को सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, उन्होंने अंतरिम जमानत के लिए दो सप्ताह की जमानत मांगी थी, न्यायमूर्ति शर्मा ने 23 दिसंबर, 2022 को 20,000 रुपये के निजी मुचलके पर, 23 जनवरी, 2023 तक, चिकित्सा आधार पर जमानत दी थी।

सीबीआई के वकील ने इसका विरोध किया था और तर्क दिया था कि सिंह की निदान रिपोर्ट के अनुसार, जमानत बढ़ाने का कोई आधार नहीं है और जेल में भी उनका इलाज किया जा सकता है।

अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि जमानत बढ़ाने का कोई पर्याप्त कारण नहीं है, जैसा कि उनकी रिपोर्ट बताती है।

इससे पहले जमानत की मांग करते हुए, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि वह 60 साल से अधिक के है और पीलिया और उम्र से संबंधित अन्य बीमारियों से पीडि़त है। उन्हें जेल और स्प्लेनोमेगाली में तीन बार पीलिया हुआ है।

यह प्रस्तुत किया गया कि जेल अस्पताल में अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण सिंह का उचित इलाज नहीं किया जा रहा है।

जैसा कि जेल के डॉक्टर सप्ताह में केवल एक बार आते हैं, वह उस समस्या का निदान करने के लिए योग्य नहीं है जिसका वह सामना कर रहा है।

सिंह को 10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

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नागालैंड में पहली बार महिला विधायक, हेकानी और क्रुसे ने दर्ज की जीत

कोहिमा 02 March (एजेंसी)-Nationalist Democratic Progressive Party की हेकानी जाखालू दीमापुर III सीट जीतकर नगालैंड की पहली महिला विधायक बन गई हैं। हेकानी ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एजेटो झिमोमी को 1536 वोट से हराया। 47 साल की हेकानी को 14,395 वोट मिले। वे 7 महीने पहले ही राजनीति में आई हैं।

जाखलू को 14,395 वोट मिले, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अजेतो झिमोमी को 12,859 वोट मिले। इसके साथ ही एक अन्य महिला उम्मीदवार एनडीपीपी की सल्हौतुओनुओ क्रूस भी पश्चिमी अंगामी सीट से आगे चल रही हैं।

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार दोपहर 2.10 बजे शेयर किए गए मतगणना रुझानों के अनुसार, भाजपा ने दो और एनडीपीपी ने आठ सीटों पर जीत हासिल की है। इसके अलावा एनडीपीपी और भाजपा गठबंधन की एक अन्य महिला उम्मीदवार सलहूतुनू क्रुसे ने पश्चिमी अंगामी सीट से जीत दर्ज की है।

उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार केनेजाखो नखरो को 12 वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया।

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पक्षी से टकराई भुवनेश्वर से पुणे जाने वाली फ्लाइट, बीजू पटनायक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग

भुवनेश्वर 02 मार्च, (आरएनएस)। भुवनेश्वर से पुणे जाने वाली एयर एशिया की फ्लाइट गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची। समय रहते फ्लाइट की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। भुवनेश्वर से पुणे जाने वाली फ्लाइट उड़ान भरने के तुरंत बाद एक पक्षी से टकरा गई।

घटना के तुरंत बाद भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। विमान का आकलन किया जा रहा है।

पक्षी से टकराते ही फ्लाइट को तुरंत भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हादसे के बाद एयर एशिया ने कहा कि हमारे सभी यात्री सुरक्षित हैं। हमलोग सभी गेस्टों को अटेंड कर रहे हैं।

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पीएम मोदी बीजेपी हेडक्वाटर पहुंचे, पूर्वोत्तर भारत के चुनावों में बीजेपी की जीत का जश्न

नई दिल्ली 02 मार्च, (एजेंसी)। पीएम मोदी बीजेपी हेडक्वाटर पहुंचे। उनके साथ अन्य भाजपा पदाधिकारी भी पूर्वोत्तर भारत के चुनावों में बीजेपी की जीत का जश्न मनाने पार्टी मुख्यालय पहुंचे। मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा के विधानसभा चुनावों में मिली जीत से उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रीय राजधानी में बीजेपी मुख्यालय पहुंचे हैं।

बीजेपी कार्यकर्ताओं के जीत के जश्न में शरीक होने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। बीजेपी मुख्यालय में गुलाब की पंखुडिय़ां बरसाकर पीएम का स्वागत अभिनंदन किया गया।

त्रिपुरा में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला है, जबकि नागालैंड में भी भाजपा की सरकार बनेगी। मेघालय में भी भाजपा के समर्थन से सरकार बनेगी। तीनों राज्यों में भाजपा को मिली सफलता से उत्साहित बीजेपी ने पार्टी मुख्यालय में जश्न का आयोजन किया है।

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पसीना बहाया तब बदला परसेप्शन: योगी

लखनऊ 02 March (एजेंसी): यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट किया गया। पहले जहां 4.68 लाख करोड़ के प्रस्ताव आते थे, आज उसी यूपी में 35 लाख करोड़ के प्रस्ताव आए हैं।

केवल एनसीआर तक ही ये सीमित नहीं है, पूर्वांचल और बुंदेलखंड में लाखों करोड़ के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके लिए अभियान चलाना पड़ा। छह साल तक टीम यूपी लगातार काम करती रही, पसीना बहाया, तब परसेप्शन बदला। गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधान परिषद में बजट पर चर्चा करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

उनका फोकस फरवरी में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर रहा। उन्होंने कहा कि हमारे पास आज बेहतर कनेक्टिविटी है, एक्सप्रेस-वे, रेल नेटवर्क, एयर नेटवर्क है। हमने सेक्टोरल पॉलिसी बनाई और उसमें कार्ययोजना बनाकर अपने परिश्रम को आगे बढ़ाया। पॉलिसी बनाई गई, एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर, 64 हजार हेक्टेयर भूमि का लैंडबैंक बनाकर भूमाफियाओं से मुक्त कराया। परिणाम हमारे सामने है।

सीएम योगी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस बार हमारे डिप्टी सीएम और वरिष्ठ मंत्रीगण जिस देश में गए उनका हर जगह सम्मान के साथ स्वागत हुआ। हमारी टीम दुनिया के 16 देशों और भारत के आठ शहरों में से बड़े पैमाने पर निवेश लेकर आई।

हमारे जनप्रतिनिधियों ने यूपी के हर जिले में निवेशक सम्मेलन किए। यूपी की ये सबसे बड़ी सफलता है कि जहां 75 जनपद कवर हो रहे हैं तो वहीं सबसे पिछड़े इलाके पूर्वांचल और बुंदेलखंड में भी भारी निवेश हुआ है। पहले यूपी के इन्वेस्टर्स समिट लखनऊ में न होकर दिल्ली और मुम्बई में होते थे। पूछा जाता था कि यूपी में क्यों नहीं करते तो जवाब मिलता था कि यूपी में कोई नहीं आएगा।

योगी ने कहा कि भाजपा 5 साल तक प्रदेश में सफलतापूर्वक शासन करने के बाद फिर से दो तिहाई बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता में आई है। 2016 का बजट 3.29 लाख करोड़ का था। 2017 में 3.40 लाख करोड़ का बजट था। आज 6 साल बाद हमने 6.90 लाख करोड़ का बजट सदन में पेश किया, जो प्रदेश के 25 करोड़ जनमानस की आकांक्षाओं के अनुरूप है।

ये बजट यूपी की अर्थव्यवस्था में विकास को दिखाता है। प्रदेश के अंदर व्यवस्थाओं को सु²ढ़ करने में हमें सफलता प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ने 2014 में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र दिया था।

वही इस सरकार की सफलता का मूल मंत्र है। गांव, गरीब, महिला, किसान युवा सबको एक साथ जोड़ते हुए प्रत्येक क्षेत्र में विकास दिखाई दे रहा है। कभी युवाओं के सामने पहचान का संकट था, संगठित अपराध के माफिया की पैरलल सत्ता चलती थी। बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, किसान आत्महत्या कर रहे थे। आज यूपी का नौजवान जहां जाता है वहां सम्मान प्राप्त करता है। भारत के हृदय स्थल यूपी के हर गांव, मोहल्ले, जनपद में विकास देखने को मिल रहा है।

सीएम योगी ने एक बार फिर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि मैंने कल भी कहा था कि समस्या के समाधान के दो रास्ते होते हैं, या तो उसमें भाग लो या उससे भाग लो। हमारे पास समाधान करने वाली टीम है। जब हम वसुधैव कुटुम्बकम की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं। जब हम ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की बात करते हैं तो वह जाति की बात करते हैं। जब हम बजट की बात करते हैं तो वो जाति की बात करते हैं।

उन्होंने कहा कि जी-20 के दो सम्मेलन यूपी में हो चुके हैं। यह दुनिया के 20 बड़े देशों का संगठन है। इनका दुनिया की 65 फीसदी आबादी, 75 फीसदी ट्रेड, 85 फीसदी से अधिक जीडीपी और 90 फीसदी रिसर्च पर अधिकार है। आजादी के अमृत वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत उसकी अध्यक्षता कर रहा है। आगरा और लखनऊ में इसके दो सम्मेलन हो चुके हैं।

20 बड़े देशों, भारत के 9 मित्र देश और 7 अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया। आवभगत से वे सभी अभिभूत थे। हमने वसुधैव कुटुम्बकम के भाव के साथ हमेशा दुनिया को परिवार माना है।

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चीफ जस्टिस और एससीबीए अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक, चीफ जस्टिस ने कहा, उन्हें धमकी न दें

नई दिल्ली 02 March (एजेंसी) –  भारत के प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष विकास सिंह से कहा कि वे वकीलों के लिए चैंबर ब्लॉक में सुप्रीम कोर्ट को आवंटित जमीन के एक पार्सल को बदलने के लिए उन्हें धमकी न दें।

सिंह ने प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा शामिल हैं, से वकीलों के कक्षों के लिए भूमि के आवंटन से संबंधित एक मामले पर सुनवाई की मांग की।

सिंह ने कहा कि इस मामले को छह बार सूचीबद्ध किया गया है। सीजेआई ने जवाब दिया कि इसे सामान्य क्रम में सूचीबद्ध किया जाएगा। सिंह ने कहा कि तब मुझे आपके निवास पर आना होगा।

इस बयान से मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ नाराज हो गए और उन्होंने सिंह से कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश को धमकी न दें। मुख्य न्यायाधीश ने कहा आप अभी इस अदालत को छोड़ दो, आप हमें डरा नहीं सकते!

सिंह ने कहा कि वह बार के प्रति जवाबदेह हैं। सीजेआई ने जवाब दिया, श्री विकास सिंह, कृपया चिल्लाएं नहीं। बार के अध्यक्ष के रूप में, आपको बार का संरक्षक और नेता होना चाहिए। मुझे खेद है कि आप संवाद के स्तर गिरा रहे हैं। याचिका में मांग की गई है कि सर्वोच्च न्यायालय को आवंटित भूमि को कक्षों के निर्माण के उद्देश्य से बार को सौंप देना जाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, जब यह मामला आएगा, तो हम इससे निपटेंगे। कृपया हमारा हाथ मरोड़ने की कोशिश न करें। सिंह ने कहा कि अदालत मामले को खारिज कर सकती है, लेकिन फिर इसे सूचीबद्ध न करें।

सीजेआई ने जवाब दिया कि उन्होंने सिंह को एक तारीख दी है और इसे 17 मार्च को लिया जाएगा, और इसे क्रम संख्या 1 में सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा। सीजेआई ने सिंह से कहा, मैं इस अदालत का मुख्य न्यायाधीश हूं।

मैं 29 मार्च 2000 से यहां हूं। मैं इस पेशे में 22 साल से हूं। मैं अपने करियर के अंतिम दो वर्षों में ऐसा नहीं करूंगा। सिंह ने कहा कि वह कोई एहसान नहीं मांग रहे हैं और लोग 20 साल से चैंबर्स का इंतजार कर रहे हैं, और अगर बार अदालत के साथ सहयोग कर रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि बार की चिंता को गंभीरता से न लिया जाए।

एससीबीए अध्यक्ष के अनुसार मामले को छह बार सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन इस पर सुनवाई नहीं हुई।

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राष्ट्रपति आज करेंगी अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का उद्घाटन

भोपाल,02 मार्च (एजेंसी)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन मार्च को दोपहर 12 बजे सातवें अंतर्रष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का उद्घाटन करेंगी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर और सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विवि की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता शामिल होंगी।

सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विवि और इंडिया फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन भोपाल में किया जा रहा है। नए युग में मानववाद के सिद्धांत पर केंद्रित सम्मेलन तीन से पंाच मार्च तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में होगा।

धर्म-धम्म के वैश्विक विचारों को एक मंच प्रदान करने वाले इस सम्मेलन में 15 देशों से 350 से अधिक विद्वान शामिल हो रहे हैं। इसमें भूटान, मंगोलिया, श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाइलैंड, वियतनाम, नेपाल, दक्षिण कोरिया, मॉरिशस, रूस, स्पेन, फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन की सहभागिता रहेगी।

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इंदिरा गांधी की तरह प्रधानमंत्री मोदी ने अति कर दी हैः अरविंद केजरीवाल

*उपराज्यपाल ने स्वीकार नहीं किया सिसोदिया का इस्तीफा*

नई दिल्ली 02 March (एजेंसी): मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधायकों और पार्षदों के साथ आज अहम बैठक की। बैठक में केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि मोदी आज इंदिरा गांधी की तरह अति कर रहे हैं।

ऐसा ही घमंड इंदिरा गांधी को भी हुआ था, जब ज्यादा अति हो जाती है तो ऊपर वाला झाड़ू चालता है।

केजीवाल ने मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर भी उन्होंने केंद्र पर हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि आबकारी नीति का मामला तो सिर्फ एक बहाना है, केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं पूरे देश को मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन पर गर्व है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन किया, प्रधानमंत्री जी चाहते हैं कि दिल्ली में अच्छे कामों को रोका जाए, जैसे एक जमाने में इंदिरा गांधी ने अति कर दी थी, आज प्रधानमंत्री जी ने अति कर दी है।

मनीष सिसोदिया के इस्तीफे के बाद अब उनके प्रमुख विभाग वित्त, PWD, गृह और जल की जिम्मेदारी कैलाश गहलोत को सौंपी गई हैं। दूसरी तरफ राजकुमार आनंद को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। गहलोत के पास पहले से परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी है।

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मनीष सिसोदिया का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया है। उनके कारण सत्येंद्र जैन का इस्तीफा भी स्वीकृत नहीं हो सका है।

उपराज्यपाल ने इस्तीफों को अस्वीकार करने के साथ ही दोनों से विभागों की जिम्मेदारी ले ली है। उपराज्यपाल के दफ्तर से इस्तीफा अस्वीकार करने की वजहें भी बताई गई हैं।

उपराज्यपाल के दफ्तर से जो वजहें बताई गईं हैं उनमें सिसोदिया के इस्तीफे पर तारीख न लिखा होना कहा जा रहा है। बताया गया कि मनीष सिसोदिया का इस्तीफा बिना डेट का है और सत्येंद्र जैन का 27 फरवरी को लिखा गया है।

दोनों ही इस्तीफे एलजी को 28 फरवरी को भेजे गए।

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योगी सरकार ने साथी पर चलाया बुल्डोजर तो डरा अतीक अहमद, सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार-मुझे यूपी मत जाने देना

प्रयागराज 02 March (एजेंसी)- उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ योगी सरकार का सख्त एक्शन अमल में लाया जा रहा है। आज माफिया अतीक अहमद के करीबी जफर अहमद के प्रयागराज स्थित घर को बुलडोजर से गिराया गया। घर से तलवार, पिस्टल और राइफल भी मिली है। धूमनगंज थाना क्षेत्र के चकिया मोहल्ले में जफर के दो मंजिला मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर लगाकर गिराया। इस घर की मार्केट वैल्यू करीब 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अतीक अहमद ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्‍होंने कहा है कि उमेश पाल हत्या मामले में उन्हें भी लपेटा जा रहा है। उनकी जान को खतरा है। अतीक अहमद अभी अहमदाबाद की सेंट्रल जेल में बंद हैं। सर्वोच्‍च अदालत से अतीक ने गुहार लगाई है कि उन्हें पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान किसी तरह से नुकसान न पहुंचाया जाए। साथ ही यूपी राज्य को उन्हें अहमदाबाद जेल से कहीं भी यूपी में ले जाने से रोका जाए। अतीक का मकान जब जब्त किया गया था तो जफर ने ही उसके परिवार को यहां पनाह दी थी। इसी बीच आज शाम उमेश पाल हत्यकांड में घायल दूसरे सिपाही राघवेंद्र की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार शाम 5:45 बजे सिपाही राघवेंद्र की इलाज के दौरान दुखद मृत्यु हो गई।

उमेश पाल को बचाने में एक सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई थी तो दूसरे सिपाही का लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन आज पीजीआई निदेशक आरके धीमान ने की सिपाही की मौत की पुष्टि कर दी गई है।

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अतीक अहमद की 40 संपत्तियों की पुलिस कर रही जांच

प्रयागराज 02 March (एजेंसी): प्रयागराज पुलिस और जिला प्रशासन ने जेल में बंद गैंगस्टर अतीक अहमद की 40 संपत्तियों को शॉर्टलिस्ट किया है और यह पता लगाने के लिए रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं कि क्या उन्हें अवैध तरीकों से खरीदा गया था।

पुलिस, राजस्व और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के अधिकारी कसारी मसरी, करेली, हरवारा, सादियापुर, मुंडेरा, अटाला, गद्दोपुर और जिले के अन्य इलाकों में अतीक की संपत्तियों का विवरण एकत्र कर रहे हैं।

बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख गवाह उमेश पाल की हालिया हत्या में अतीक और उसके परिवार के सदस्यों का नाम आने के बाद 2018 में शुरू हुई कार्रवाई तेज हो गई है।

नवंबर 2022 में, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अतीक की अवैध संपत्ति पर एक डोजियर तैयार किया था और बाद में प्रयागराज, कौशांबी और लखनऊ में कई संपत्तियों को कुर्क किया था।

डोजियर के अनुसार, पुलिस पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत अतीक और उसके परिजनों की 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।

साथ ही प्रयागराज और आसपास के जिलों में 180 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को ध्वस्त किया गया है।

साथ ही, उसके गिरोह के सदस्यों और करीबी सहयोगियों की 85 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई है और अब तक 570 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को ध्वस्त किया गया है।

पुलिस ने पिछले पांच वर्षों में गिरोह के एक दर्जन से अधिक शस्त्र लाइसेंसों को कुर्क, जब्त और निलंबित या रद्द कर दिया है।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, हमने प्रयागराज और पड़ोसी जिलों में काम शुरू किया है। पुलिस ने गैंगस्टर और उसके सहयोगियों के आर्थिक साम्राज्य को अन्य राज्यों में भी ध्वस्त करने के लिए एक योजना तैयार की है।

अतीक वर्तमान में गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, जबकि उसके कई सहयोगी भी यूपी की विभिन्न जेलों में बंद हैं।

इस बीच, प्रयागराज में गोली लगने की घटना में घायल 32 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया। सिंह पाल की सुरक्षा में तैनात थे और जब उन पर हमला हुआ तो वह उनके साथ थे।

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एससी/एसटी एक्ट के तहत समझौते के मामलों में पीड़ित को वापस करना होगा मुआवजा : हाई कोर्ट

प्रयागराज 02 March (एजेंसी): इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि अगर एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाता है, तो शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ित को शासन द्वारा दिए गए मुआवजे को राजकीय कोष में जमा करना होगा। बगैर मुआवजा जमा किए संबंधित न्यायालय द्वारा समझौता सत्यापित नहीं किया जाएगा। अदालत ने कहा, समाज कल्याण विभाग से प्राप्त धन जमा करना अनिवार्य होगा और पार्टियों के बीच किसी भी समझौते के लिए यह शर्त होगी।

झब्बू दुबे और तीन अन्य लोगों द्वारा दायर एक आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने कहा, जब पक्षों के बीच समझौता हो जाता है, तो पीड़ित को कोई खतरा नहीं होता है। ऐसे में मुआवजे के रूप में दिए गए पैसे को पीड़ित को रखने का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। पीड़ित को उस पैसे को राज्य सरकार को वापस करना चाहिए। यह निर्दोष करदाताओं की गाढ़ी कमाई है।

गौरतलब है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज कराने पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पीड़ित को राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

अदालत ने निर्देश दिया कि जहां पीड़ित और अभियुक्त के बीच समझौता हुआ था, उसे संबंधित सत्र न्यायाधीश, एससी/एसटी अधिनियम द्वारा सत्यापित किया जाएगा, इसमें शीर्ष अदालत द्वारा गणना किए गए कारकों को ध्यान में रखा जाएगा।

संतुष्ट होने के बाद संबंधित सत्र न्यायाधीश पीड़ित को 10 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग से प्राप्त पूरी राशि वापस जमा करने के लिए कहेगा और फिर अनुबंधों की पुष्टि करते हुए उपयुक्त आदेश पारित करेगा।

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डीडब्ल्यूबी अवैध नियुक्तियां : दिल्ली की अदालत ने आप विधायक, 10 अन्य को जमानत दी

नई दिल्ली 02 March, (एजेंसी): दिल्ली की एक अदालत ने  दिल्ली वक्फ बोर्ड (डीडब्ल्यूबी) में कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान को जमानत दे दी। मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दर्ज किया था।

राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष सीबीआई न्यायाधीश एम के नागपाल ने कहा कि यह एक उपयुक्त मामला है जहां आरोपी को लंबित मुकदमे में जमानत दी जानी चाहिए और उन्हें खान सहित सभी 11 को हिरासत में लेने का कोई आधार नहीं मिला, जो वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।

हालांकि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि वेतन या अन्य परिलब्धियों के रूप में सरकारी खजाने को 27 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, लेकिन जांच के दौरान एजेंसी द्वारा किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

सीबीआई की प्राथमिकी में अपराधों का संज्ञान लेने के बाद अदालत ने पिछले साल नवंबर में आरोपियों को तलब किया था।

उनकी पेशी पर उन्हें उनके नियमित जमानत आवेदनों के निस्तारण तक व्यक्तिगत मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

न्यायाधीश ने जमानत देते हुए कहा कि जांच के दौरान एक अभियुक्त की गिरफ्तारी न होना एक महत्वपूर्ण या प्रमुख कारक है, जिसे जमानत देने के प्रश्न पर विचार करते समय विचार किया जाना चाहिए।

अदालत ने कहा कि हालांकि इस मामले में आरोपपत्र पिछले साल अगस्त में सीबीआई द्वारा आईपीसी की धारा 120एबी के तहत आपराधिक साजिश के अपराध के लिए दायर किया गया था, जिसे रोकथाम की धारा 13(2) और 13(1)(डी) के साथ जोड़ा गया था। भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर बहुत पहले, नवंबर 2016 में दर्ज की गई थी।

इसने कहा कि जांच ‘लगभग छह साल की लंबी अवधि के लिए सीबीआई के पास लंबित थी’ और इस अवधि के दौरान आवेदकों या उनमें से किसी को गिरफ्तार करने के लिए मामले के जांच अधिकारी (आईओ) के पास पर्याप्त समय और अवसर उपलब्ध था।

अदालत ने कहा, “हालांकि, फिर भी आईओ या सीबीआई ने इस मामले में उपरोक्त आवेदकों में से किसी को भी गिरफ्तार नहीं करने का एक सचेत निर्णय लिया था और आईओ ने उन्हें बिना गिरफ्तारी के इस अदालत के समक्ष चार्जशीट किया है।”

न्यायाधीश ने कहा कि नैतिक रूप से और कानूनी रूप से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के मद्देनजर सीबीआई को आरोपी व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे जमानत के अनुरोध का ‘विरोध करने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए’ और इसे अदालत पर छोड़ देना चाहिए।

अदालत ने कहा कि माना जाता है कि नियुक्तियों के संबंध में रिश्वत की मांग, भुगतान या स्वीकृति के लिए किसी भी आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है और पीसी अधिनियम के प्रावधानों को लागू किया गया था, क्योंकि यह आरोप लगाया गया था कि खान के सार्वजनिक कार्यालयों और डीडब्ल्यूबी के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी महबूब आलम के साथ दुर्व्यवहार या दुरुपयोग किया गया।

न्यायाधीश ने कहा, “फिर से, मामले में आगे की जांच पूरी होने में लंबा समय लग सकता है और आरोपी व्यक्तियों को हिरासत में लेने या उसके निष्कर्ष की प्रतीक्षा करने के पीछे कोई उद्देश्य नहीं है।”

हालांकि, सीबीआई ने यह कहते हुए जमानत का विरोध किया कि आरोपी मामले के सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है या गवाहों या चल रही जांच को प्रभावित कर सकता है।

इस पर, अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा कि इस तरह की आशंकाएं ‘निराधार और बिना किसी कारण के’ हैं, क्योंकि जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और जांच के दौरान एकत्र किए गए अधिकांश साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं।

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सेबी को 2 महीने में देनी होगी जांच रिपोर्ट, अडानी-हिंडनबर्ग केस में सुप्रीम कोर्ट ने बनाई एक्सपर्ट कमेटी

नई दिल्ली 02 March (एजेंसी): अदाणी समूह और हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों की सुरक्षा के लिए नियामक तंत्र से संबंधित मुद्दे से निपटने के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएम सप्रे की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि SEBI इस मामले में जांच जारी रखेगी और 2 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

बता दें कि अमेरिका की शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग द्वारा अडानी ग्रुप पर शेयरों की कीमत में हेरफेर और शेल कंपनियों के गठन समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। सेबी इन आरोपों की जांच कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल में सेवानिवृत्त न्यायाधीश एएम सप्रे के अलावा ओपी भट्ट, जेपी देवधर, केवी कामथ, नंदन नीलेकणी और एडवोकेट सोमशेखर सुंदरेसन भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल अडानी-हिंडनबर्ग विवाद के कारणों और बाजार पर असर की जांच करेगा। इसके साथ ही निवेशकों की जागरूकता को मजबूत करने के उपायों का सुझाव देना। पैनल इस पहलू पर भी ध्यान देगा कि क्या इस प्रकरण में कोई नियामक विफलता थी।

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SC का बड़ा फैसला, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनेगा स्वतंत्र पैनल

नई दिल्ली 02 March (एजेंसी): देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक पैनल का गठन किया जाएगा। इस पैनल में प्रधानमंत्री के अलावा नेता विपक्ष और मुख्य न्यायाधीश भी शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि वह संसद में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक कानून बनाए। जब तक कानून नहीं बन पाता है, तब तक के लिए यह पैनल ही नियुक्तियां करेगा।

जस्टिस केएम जोसेफ ने केस की सुनवाई के दौरान कहा कि पीएम, नेता विपक्ष और चीफ जस्टिस को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले पैनल में शामिल होना चाहिए। नियुक्ति प्रक्रिया के लिए कोई कानून बनने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया है। बेंच ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जाने चाहिए। इसके लिए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में कोई विवाद नहीं होना चाहिए और इसी से लोगों का भरोसा कायम होगा।

बेंच ने कहा कि लोकतंत्र जनता के मत से ही चलता है और इसलिए अहम है कि चुनाव विवादों से परे हों और निष्पक्ष तरीके से कराए जाएं। बता दें कि सीबीआई निदेशक को चुनने की प्रक्रिया भी ऐसी ही है। जिसमें प्रधानमंत्री, नेता विपक्ष और मुख्य न्यायाधीश शामिल होते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में सरकार का दखल थोड़ा कम होगा।

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शिनाख्त परेड न होना आरोपी की पहचान को नजरअंदाज करने का आधार नहीं : केरल हाई कोर्ट

कोच्चि 01 मार्च, (एजेंसी)। केरल हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत में आरोपी की पहचान की अवहेलना सिर्फ इसलिए नहीं की जा सकती क्योंकि पहचान परेड का परीक्षण नहीं किया गया था। अदालत ने कहा कि अगर गवाह भरोसेमंद और विश्वसनीय सबूत देता है, तो अदालत पहचान परेड के परीक्षण के अभाव में भी आरोपी की पहचान के संबंध में गवाह की गवाही को स्वीकार कर सकती है।

न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि अदालत में अभियुक्तों को पहचानने से ठोस सबूत बनते हैं और परीक्षण पहचान परेड का संचालन पीडि़त द्वारा आरोपियों की पहचान की पुष्टि करने के लिए केवल विवेक का नियम है, खासकर जब पक्ष अजनबी हों।

अदालत ने कहा कि यदि आरोपी (अभियुक्त) की पहचान से संबंधित चश्मदीद गवाह की गवाही अदालत के मन में विश्वास पैदा करती है, तो एक परीक्षण पहचान परेड की अनुपस्थिति अपने आप में अदालत में अभियुक्त की पहचान को समाप्त नहीं करेगी। एक परीक्षण पहचान परेड का उद्देश्य आरोपी की पहचान के संबंध में साक्ष्य की विश्वसनीयता का परीक्षण और पता लगाना है।

अदालत ने यह टिप्पणी तब की जब वह एक व्यक्ति को डकैती करने और घर में जबरन घुसने के अपराध में दोषी ठहराए जाने को चुनौती देने वाली अपील पर विचार कर रही थी। अपीलकर्ता पर 2015 में चोरी करने के इरादे से एक घर में घुसने का आरोप लगाया गया था।

कहा जाता है कि इस प्रक्रिया के दौरान उसने घातक हथियार से घर के तीन लोगों को घायल कर दिया था। इस मामले में घर के चश्मदीद गवाह के रूप में पेश हुए, जहां एक सत्र अदालत ने अपीलकर्ता आरोपी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई।

अपीलकर्ता को जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया था और इस आदेश को अपीलकर्ता ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

अपीलकर्ता के वकील ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस मामले में कोई परीक्षण पहचान परेड आयोजित नहीं की गई और तर्क दिया कि इस तरह की प्रक्रिया आवश्यक है क्योंकि गवाहों का अभियुक्त के साथ कोई पूर्व परिचित नहीं था और चार साल के अंतराल के बाद ही अदालत में अभियुक्त की पहचान की थी।

हालांकि, लोक अभियोजक ने प्रतिवाद किया कि तीन चश्मदीद गवाहों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य स्पष्ट थे और अभियुक्तों की उनकी पहचान में कोई संदेह नहीं था।

अदालत ने कहा कि कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के रुख से सहमति व्यक्त की और बताया कि अगर प्रत्यक्ष साक्ष्य और अदालत में गवाहों द्वारा अभियुक्त की पहचान प्रभावशाली है, तो अदालत में उक्त पहचान पर भरोसा करने से अदालत को कुछ भी प्रतिबंधित नहीं करता है, क्योंकि अदालत में अभियुक्त की पहचान मूल साक्ष्य है, जबकि परीक्षण पहचान परेड उस चरित्र का प्रमाण नहीं है।

इस मामले में, अदालत ने पाया कि चश्मदीद गवाह विश्वसनीय था और पहचान परेड के परीक्षण के अभाव में भी उस पर भरोसा किया जा सकता था। इस अदालत का विचार है कि एक परीक्षण पहचान परेड की अनुपस्थिति इस मामले में गवाहों द्वारा आरोपी की पहचान की

विश्वसनीयता को कम नहीं करती है। कोर्ट ने अपीलकर्ता की दोषसिद्धि के साथ-साथ निचली अदालत द्वारा उस पर लगाए गए कारावास की सजा की पुष्टि की।

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विजयन झूठ बोल रहे हैं कि वह मुझे नहीं जानते : स्वप्ना सुरेश

तिरुवनंतपुरम 01 मार्च, (एजेंसी)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने स्वप्ना सुरेश के साथ किसी भी तरह के संबंध होने से स्पष्ट रूप से इनकार किया है। इसके बाद स्वप्ना सुरेश ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं। विजयन ने विधानसभा में यह बात तब कही जब कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुजलनादेन ने उन्हें यह कहने की चुनौती दी कि वह (विजयन) स्वप्ना सुरेश को नहीं जानते।

स्वप्ना सुरेश ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विजयन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कई मौकों पर, मैंने विजयन और उनके परिवार के साथ उनके परिवार के व्यावसायिक हितों सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए समय बिताया है। इतना सब करने के बाद विजयन का यह कहना कि वह मुझे नहीं जानते, बेशर्मी की बात है। वह ऐसा कैसे कह सकते हैं?

उन्होंने आगे कहा कि मैंने विजयन और उनके परिवार के व्यावसायिक हितों के लिए व्यापक रूप से यात्रा की है। मैं विजयन को यह साबित करने की चुनौती देती हूं कि वह मुझे नहीं जानते हैं और अगर यह सच है तो वह मुझे गिरफ्तार करने का आदेश दें। इस बीच, मैं बहुत जल्द उन तारीखों को भी जारी करूंगी जब मैं विजयन से मिली थी।

दिन की शुरुआत में स्वप्ना और शिवशंकर के बीच चैट संदेश भी सामने आए हैं, शिवशंकर कहते हैं कि विजयन के करीबी सहयोगी सी.एम. रवींद्रन यहां यूएई वाणिज्य दूतावास कार्यालय से उनके इस्तीफे की खबर सुनकर स्तब्ध रह गए।

जब इस बारे में उन्हें बताया गया तो स्वप्ना ने कहा, उन्हें नुकसान पता था क्योंकि मैं वाणिज्य दूतावास के पते का उपयोग करके उनका सारा कारोबार करती थी

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उत्तर प्रदेश : होली पर सरकार का तोहफा, 7 से 9 मार्च तक नहीं कटेगी बिजली

लखनऊ 01 मार्च, (एजेंसी। रंगों के उत्सव होली पर सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। इस बार होली के अवसर पर प्रदेश के उपभोक्ताओं को विद्युत कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने 7 से 9 मार्च तक कटौती मुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति की घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश पावर कॉपोर्रेशन लि. (यूपीपीसीएल) की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप होली के अवसर पर 7 मार्च की सांय 6 बजे से 9 मार्च प्रात: 7 बजे तक पूरे प्रदेश में कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति से संबंधित निर्देश दिए गए हैं।

यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम देवराज ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस अवधि में सबको निर्बाध बिजली प्राप्त हो, इसके लिए सभी डिस्काम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सभी प्रबन्ध निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने डिस्कॉम में कटौती मुक्त निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने हेतु समस्त आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कर लें।

यह भी निर्देशित किया गया है कि 1912 टोल फ्री नम्बर पर आपूर्ति सम्बन्धी प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। अध्यक्ष ने कहा है कि होली के महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति के प्रकरण में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सभी वितरण अधिकारी अपने अपने दायित्यों का निर्वहन करें।

उन्होंने बताया कि निर्धारित शिड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति प्राप्त हो इसके लिए प्रबन्ध निदेशक अपने स्तर से अभी से प्रभावी मॉनीटरिंग करें तथा वितरण में लगे सभी अधिकारी लगातार सजगता बरतें।

एम देवराज ने कहा कि विद्युत आपूर्ति में यदि कहीं कोई स्थानीय स्तर पर समस्या आती है तो उसको तत्काल कम से कम समय में ठीक कर लिया जाए। इसकी व्यवस्था हेतु पूर्व में ही आवश्यक गैंग एवं सामग्री तैयार रहनी चाहिए

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योगी का विपक्ष पर हमला, बोले, हमने ओडीओपी दिया, आपने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया

लखनऊ 01 मार्च, (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सदन में विपक्ष को घेरा और कहा कि कहा कि हमने लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट(ओडीओपी) दिया है। आपने वन डिस्ट्रिक वन माफिया दिया था।

यूपी के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तवर्ष 2023-24 के लिए पेश किए गए बजट पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमने लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट दिया है। आपने वन डिस्ट्रिक वन माफिया दिया था।

उन्होंने सपा पर प्रदेश के कलाकारों व लघु उद्यमियों का अपमान करने का आरोप लगाया। कहा कि आपने प्रदेश में माफियाओं को खड़ा किया और प्रदेश को विकास के पैमाने पर पीछे जाने को मजबूर कर दिया।

उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव की नामौजूदगी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर समस्या के सामने दो रास्ते होते हैं। एक निदान के लिए भाग लो या फिर समस्या देखकर ही भाग लो। जैसे अभी नेता प्रतिपक्ष (अखिलेश यादव) की कुर्सी खाली है वैसे ही प्रदेश की पूर्ववर्ती सरकार समस्याओं से अपना पीछा छुड़ाकर भाग लेती थी।

योगी ने कहा कि 2017 से पहले बजट का आकार तीन लाख 40 हजार करोड़ था जबकि इस बार हमने 6 लाख 90 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।

उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने यूपी को बीमारू प्रदेश बना दिया था, हम अगले पांच साल में इसे देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे। आपने प्रदेश में माफियाओं को खड़ा किया और प्रदेश को विकास के पैमाने पर पीछे जाने को मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा, कल नेता प्रतिपक्ष कह रहे थे कि आप दावोस गये होते तो पचास लाख करोड़ का निवेश आ जाता, आखिर मान गए न कि निवेश आया है। हम पचीस करोड़ जनता के लिए इस सदन में बैठे हैं।

आज से 6 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश मे जनता जनार्दन ने सबका साथ, सबका विश्वास के मूलमंत्र को अंगीकार करके सत्ता परिवर्तन किया। 2017 से 2022 तक सरकार ने कार्य किया।

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