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बंगाल में हिंसा का खेल खेलने वालों से कांग्रेस मिला रही है हाथ : स्मृति ईरानी

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल में पंचायत चुनाव दौरान 18 लोगों की बलि चढ़ गई है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा को लेकर आज बंगाल की सत्तरुढ़ पार्टी तृणमूल सहित कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनसे पूछा कि क्या उन्हें ऐसी घटनाएं स्वीकार्य है?।

स्मृति ईरानी ने कहा, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में जिस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या होते हुए लोग देख रहे हैं, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों को जताने के लिए लोगों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। स्मृति ईरानी ने कहा, लोकतांत्रिक अधिकारियों के प्रयोग पर लोग मौत के घाट वहां उतारे जा रहे हैं।

उसी टीएमसी के साथ गांधी परिवार गठबंधन कर रहा है। मेरा गांधी परिवार से यह विशेष प्रश्न है कि उनसे हाथ मिलना उन्हें मंजूर है जो पश्चिम बंगाल में कहर मचा रहे हैं। वहां मौत के घाट इसलिए लोगों को उतार रहे हैं कि वोट करना चाहते हैं।

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मंत्री चंद्रिमा ने हिंसा के लिए राज्यपाल व विपक्ष के सिर ठीकरा फोड़ा

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। मतदान के बाद आज भी राज्य भर में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बातचीत में हिंसा के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। इतना ही नहीं चंद्रिमा भट्टाचार्य के निशाने पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस भी रहें और मंत्री ने उन पर भा सवाल उठाया। यही नहीं हिंसा के लिए चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विपक्ष और राज्यपाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ”कई घटनाएं हुई हैं।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विपक्ष और माननीय राज्यपाल ने इतना प्रोत्साहन दिया। मतदान के दिन ही 17 लोगों की मौत हो गयी। बसंती के एक आज फिर एक तृणमूल कर्मी की मौत हो गई जो मतदान के दिन हुई हिंसा में वह घायल हो गये थे। उस संदर्भ में चंद्रिमा ने कहा, ‘सभी मौतें दुखद हैं। लेकिन मरने वालों में तृणमूल कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों की संख्या अधिक है।

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अब कूनो से बाहर जंगल में रह सकेंगे चीते

लियर,09 जुलाई (एजेंसी)। कूनो नेशनल पार्क के जंगल में विचरण कर रहे चीते यदि नजदीकी जंगल में जाते हैं और रहते हैं तो रहने दिया जाएगा। यदि चीतों को या फिर चीतों से किसी को खतरा नहीं होगा तो उन्हें ट्रैक्युलाइज कर वापस नहीं लाया जाएगा। यह निर्णय ग्वालियर में हुई चीफ स्टेचरिंग कमेटी की बैठक में लिया गया। बैठक में उत्तर प्रदेश के अधिकारी भी शामिल हुए थे। अब चीते अगर उत्तर प्रदेश या दूसरी रेंज के जंगल में जाते हैं उन्हें वहां भी रहने दिया जाएगा। डीएफओ पीके वर्मा ने बताया कि चीतों के लिए अब जंगल की सीमा नहीं होगी।

चीते अगर कूनो से नजदीकी राजस्थान या उत्तर प्रदेश के जंगल में भी जाएंगे तो ट्रैकिंग टीम उनके पीछे जाकर निगरानी करेगी। उत्तर प्रदेश या दूसरे जंगल में स्थानीय अमला टीम की मदद करेगा। कूनो के जंगल में दस चीते नर पवन, मादा आशा, चीता धौरा, वीरा, गामिनी, धावी, निर्वा, नर चीता गौरव, सूरज, शौर्य रह रहे हैं।

सात नर-मादा चीते और एक शावक बाड़े में है। चीतों को बार-बार ट्रैकुलाइज नहीं किया जाएगा पवन और आशा के कूनो से निकलकर दूसरे जंगल में जाने की आदत से ही मानीटरिंग कर रहे अफसरों ने रेंज फ्री किए जाने पर विचार किया। यह निर्णय लिया गया कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को लंबे समय तक बाड़े में या निश्चित सीमा के जंगल में रखना ठीक नहीं है।

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केंद्रीय बलों की तैनाती पर आयोग ने भ्रमित किया: डीआईजी

*कहा-केद्रीय बलों पर किसी भी तरह का दोष मढऩा निराधार है*

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा का ताण्डव होने और इस दौराल 18 लोगों की मौत की घटना ने एक बार फिर बंगाल को खबरों में ला दिया है और हिंसा की घटनाओं को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में आज केंद्रीय बलों के कोऑर्डिनेशन के लिए नियुक्त किए गए बीएसएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि उन्हें मतदान के पहले तक केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए विस्तृत जानकारी बार-बार मांगने के बावजूद दी ही नहीं गई थी। केद्रीय बलों पर किसी भी तरह का दोष मढऩा निराधार है। डीआईजी गुलेरिया ने कहा कि जहां भी केंद्रीय बलों की तैनाती थी, वहां किसी तरह की कोई हिंसा नहीं हुई। किसी ने हिंसा की कोशिश भी की तो हमने उसे पूरी तरह से बेअसर कर दिया।

जहां भी मारपीट और हत्या की घटनाएं हुई हैं वहां केंद्रीय बलों की तैनाती ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि पांच जून से ही बीएसएफ की ओर से लगातार राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा को पत्र लिखे जा रहे थे और संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी मांगी जा रही थी। कहां-कहां केंद्रीय बलों को तैनात किया जाना है उसकी भी पूरी जानकारी मांगी जा रही थी, लेकिन अंतिम समय तक केवल मतदान केंद्रों की संख्या और किस जिले में कितने मतदान केंद्र हैं यह बताया गया। लोकेशन क्या है, मतदान केंद्र का नाम क्या है, कहां कितनी संख्या में केंद्रीय बलों को भेजा जाना है, इस बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसे में बलों की तैनाती पर संशय के बादल छाए रहे। एक तरह से हमें भ्रमित किया गया।

गुलेरिया ने बताया कि चुनाव आयोग ने कहा कि जिला प्रशासन आप लोगों की तैनाती करेगा, लेकिन जब हम लोग वहां पहुंचे तो हमें केवल बता दिया गया कि कहां कितने लोगों को लेकर जाना है। हमें इसकी कोई विस्तृत सूची नहीं मिली। राज्य सरकार और चुनाव आयोग की ओर से केंद्रीय बलों की देर से तैनाती के लगाए गए आरोपों के जवाब में गुलेरिया ने कहा कि जब हमारे बार-बार आवेदन के बावजूद हमें विस्तार से तैनाती के लिए लोकेशन के बारे में नहीं बताया गया तो देरी किस की ओर से हुई यह समझा जाना चाहिए। जवान तो राज्य में पहले से ही मौजूद थे। अगर वाकई में जवानों की तैनाती को लेकर चुनाव आयोग गंभीर था तो विस्तृत तौर पर लिखित में बार-बार मांगने के बावजूद हमें जानकारी क्यों नहीं दी गई।

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बीएसएफ के आरोपों को चुनाव आयुक्त ने बताया गलत

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। बंगाल के पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा का ताण्डव होने और इस दौराल 18 लोगों की मौत की घटना के बाद जहां एक ओर राज्य चुनाव आयोग ने हिंसा के लिए केन्द्रीय बलों पर सवाल उठाया है। वहीं बीएसएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि उन्हें मतदान के पहले तक केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए विस्तृत जानकारी बार-बार मांगने के बावजूद दी ही नहीं गई थी। ऐसे में राज्य के चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा ने बीएसएफ के आरोपों को गलत करार दिया।

राजीव सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से उन्हें ऐसे बूथों की संख्या के बारे में बताया गया था। यह बीएसएफ के आईजी और हमारे (चुनाव आयोग) बीच कम्युनिकेशन के रिकॉर्ड में दर्ज है। वह भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती कैसे थी?  बीएसएफ को संवेदनशील बूथों की जानकारी नहीं दिए जाने के जो दावे किए जा रहे हैं वे गलत हैं। संवेदनशील बूथों की पूरी जानकारी उन्हें संबंधित डीएम और एसपी ने दी थी।

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मतदान के एक दिन बाद कहीं नाले तो कहीं तालाब में मिले बैलेट बॉक्स

कोलकाता 09 जुलाई ,(एजेंसी)। पंचायत चुनाव के दिन कहीं कोई बैलेट बॉक्स लेकर भाग गया था, कहीं बैलेट बॉक्स को तालाब में फेंका दिया गया था तो कहीं इसमे आग लगाई गई थी। ऐसे में मतदान शनिवार को समाप्त हो गया लेकिन आज सुबह जलपाईगुड़ी के एक मतदान केंद्र के पीछे  नाले से नाटकीय ढंग से मतपेटियां बरामद की गयी। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलपाईगुड़ी सदर ब्लॉक के पहाड़पुर हकीमपारा बीएफपी स्कूल के मतदान केंद्र पर हुई यह घटना घटी।

सूत्रों के अनुसार बूथ संख्या 13 की मतपेटी आज सुबह तक जिले के स्ट्रांग रूम में जमा नहीं किया गया था। कथित तौर पर शनिवार को सदर प्रखंड के पहाड़पुर हाकिमपाड़ा बीएफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया था और फर्जी वोटिंग की। इसके बाद कुछ बदमाशों ने मतपेटी छीन ली। इसके बाद से रविवार सुबह तक मतपेटी का कुछ पता नहीं चल पाया था।

मतपेटी न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। बाद में, स्थानीय तृणमूल उम्मीदवार के पति अमल रॉय ने इसे नाटकीय ढंग से बरामद किया। उन्होंने कहा कि हम यहां मतदान कर रहे थे। अचानक भाजपा के लोग आए और हमला कर दिया और तोडफ़ोड़ की। इसी तरह दक्षिण 24 परगना जिले के बासंती में लूट लिए गए बैलेट बाक्स को आज पास बूथ के पास एक तालाब से बरामद किया गया। मामले को लेकर तृणमूल ने यहां फिर से वोट कराने की मांग की है।

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बाइक सवार बदमाशों ने दावत हवेली पर की फायरिंग, संचालक से मांगी 50 लाख रूपये की रंगदारी

जींद 09 Jully (एजेंसी): जींद-रोहतक नेशनल हाईवे पर जुलाना के पास शनिवार देर रात को बाइक सवार दो युवकों ने दावत हवेली पर फायरिंग की और होटल संचालक से 50 लाख रूपये की रंगदारी मांगी है। फायरिंग के बाद बदमाश धमकी भरा पत्र डालकर गए हैं और 50 लाख रूपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। जुलाना थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रंगदारी मांगने, दहशत फैलाने व शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस को शिकायत देते हुए जुलाना के वार्ड दो निवासी बलजीत लाठर ने बताया कि उसने जुलाना के पास नेशनल हाईवे पर दावत हवेली के नाम से होटल किया हुआ है। शनिवार रात करीब 11 बजे दो युवक बाइक पर सवार होकर आए और उसके होटल के सामने बाइक खड़ी की तथा एक बदमाश ने नीचे उतरकर अपनी पिस्तौल निकाली और तीन बार फायर किया। इसके बाद धमकी भरा पत्र उसके होटल के सामने डालकर चले गए। इसमें 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी।

बदमाशों के जाने के बाद जब पत्र को देखा तो इसमें लिखा हुआ था कि वह सेंट्रल जेल में बंद कुलदीप सरपंच लिजवाना व भोलू ढिगाना गैंग से हैं। यह जो वारदात हुई है, यह कुलदीप सरपंच लजवाना व भोलू ढिगाना कहने से हुई है। अबकी बार तो सिर्फ ट्रेलर है, अगली बार तुम्हें मार देंगे। जान प्यारी है तो 50 लाख रुपये दे दो। तुझे जिसकी भी स्पोर्ट लेनी है, ले लेना। अगर कोई भी किसी तरह की बात हुई तो तुरंत ही रिजल्ट मिलेगा।

होटल संचालक ने धमकी मिलते ही पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और धमकी दिए गए पत्र को कब्जे में ले लिया और बदमाशों की पहचान के लिए आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। जांच अधिकारी एसआई अनिल कुमार ने बताया कि ढाबा संचालक की शिकायत पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रंगदारी मांगने, दहशत फैलाने व शस्त्र अधिनियम के तहत के तहत केस दर्ज किया है।

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पवित्र जलस्रोतों के जल से होगा अयोध्या में रामलला का जलाभिषेक

लखनऊ 09 Jully (एजेंसी)-रामनगरी अयोध्या में राममंदिर का निर्माण काफी तेज गति से चल रहा है। मंदिर में-प्राण प्रतिष्ठा को भव्य बनाने की तैयारी भी जोरशोर से हो रही है। प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर को इतिहास के पन्ने में दर्ज कराने के लिए प्रभु राम की मूर्ति का जलाभिषेक देश के प्रमुख व पवित्र जलस्रोतों से एकत्र जल से किया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद की मानें तो रामलला की मूर्ति का शास्त्रीय विधान से जलाभिषेक करवाने की पूरी तैयारी है। विश्व हिंदू परिषद के अंतर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि कुएं, तलाब, झील, नदी और जितने भी पुण्य स्थल हैं, वहां का जल एकत्रित किया जाएगा और उससे जलाभिषेक किया जाएगा। गंगा, यमुना, गोदावरी, सतलुज, राप्ती, नर्मदा, सोन समेत प्रमुख सभी नदियों का पवित्र जल होगा। इसके अलावा बद्रीधाम स्थित नारद कुंड, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर के सरोवर से जल भी होगा।

इसी तरह बिहार के गया स्थित पवित्र नदी फल्गु, हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित सूर्य सरोवर, राजस्थान के पुष्कर सरोवर तथा दिल्ली स्थित गुरुद्वारा सीसगंज साहिब स्थित कुआं, जिसमें गुरु तेगबहादुर ने स्नान किया था, वहां के जल को भी अयोध्या भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया, रायपुर में विहिप की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में तय हुआ कि देशभर के जलस्त्रोतों से इकट्ठा किए गए जल से प्रभु राम का जलाभिषेक किया जाए। इसकी शुरुआत मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के 10 दिन पहले से चलेगी। औसतन 200-200 ग्राम जल तांबे के बर्तन में धार्मिक अनुष्ठान के बाद रखा जाएगा। फिर इसे कूरियर से अयोध्या भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसे अयोध्या में एक टैंक में इकट्ठा किया जाएगा।

धर्म-कर्म के जानकार प्रसिद्ध शास्त्री सरोजकांत मिश्रा कहते हैं कि अभिषेक का मतलब होता है सिंचन करना। पुराने काल में जब किसी को राजा बनाया जाता था तो उसके सिर पर अभिमंत्रित जल की वर्षा की जाती थी। इसके लिए पवित्र नदियों के जल को एकत्रित किया जाता था। उसके बाद राजा को नहलाया जाता था।

राम मंदिर में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अयोध्या में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में होटल, रेस्तरां, डॉरमेट्री और धर्मशाला खुलवाने के निर्देश दिए हैं।

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चारधाम यात्राः तीर्थयात्रियों से भरा वाहन गंगा नदी में गिरा, कई लोग लापता

देहरादून 09 Jully, (एजेंसी): उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर आए विभिन्न राज्यों के तीर्थयात्रियों से भरा एक वाहन रविवार सुबह गंगा नदी में गिर गया। हादसे के बाद पांच लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि छह यात्री अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल, नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आज तड़के 3:00 बजे चौकी ब्यासी, थाना मुनि की रेती पर सूचना प्राप्त हुई कि एक वाहन जो सोनप्रयाग से ऋषिकेश आ रहा था, मालाकुंती पुल से होटल आनंद काशी के बीच में राष्ट्रीय राजमार्ग से नीचे गहरी खाई में गिर गया है।

उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल थाना पुलिस और एसडीआरएफ द्वारा मौके पर पहुंचकर, गंगा नदी से पांच व्यक्तियों को बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि वाहन में चालक सहित कुल ग्यारह यात्री सवार थे। भुल्लर ने बताया कि बिजेंदर पुत्र जगदीश पांडे (46), निवासी बदरपुर, दिल्ली, आकाश (22) पुत्र तेज सिंह, प्रदीप कुमार (27) पुत्र महेंद्र सिंह, निवासी शाहपुर, पंजाब, रोशन कुमार (25) पुत्र सुबोध, निवासी नालंदा, बिहार, और हरियाणवी पत्नी रवि सिंह (25), निवासी हैदराबाद को सकुशल निकाल लिया गया है। सभी को एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार चालक सहित अन्य छह लोगों की तलाश जारी है। जिनका नाम, पता रेस्क्यू किए गए यात्रियों द्वारा अभिजीत त्यागी, निवासी भोजपुर, भजन गढ़, दिल्ली, अतुल सिंह पुत्र विनोद, निवासी शिवपुरी, बिहार, अक्षय कुमार पुत्र मनोज सिंह, निवासी बिहार, सौरभ कुमार, रवि पुत्र अज्ञात हैदराबाद और मैक्स वाहन चालक नाम, पता अज्ञात अभी लापता हैं। इनकी तलाश लगातार जारी है।

रेस्क्यू किए गए यात्रियों द्वारा बताया गया कि वे सभी लोग अलग-अलग स्थानों के रहने वाले है। आठ जुलाई को वे सभी सोनप्रयाग से समय रात्रि 8: 00 बजे एक मैक्स गाड़ी में बैठे थे एवम आज तड़के तीन बजे के करीब मालाकुंठी पुल से आगे गुलर की तरफ पहाड़ से बारिश में अचानक पत्थर गिरने के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो गई और गाड़ी सीधे नदी में जा गिरी।

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मध्यप्रदेश चुनाव प्रभारी यादव आज इंदौर प्रवास पर

इंदौर 09 Jully (एजेंसी) : भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त मध्यप्रदेश चुनाव प्रभारी और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव आज प्रदेश के इंदौर प्रवास पर रहेंगे।

पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यादव सुबह स्थानीय ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में जी-20 की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्थानीय छप्पन दुकान पहुंचकर निरीक्षण करेंगे।

वे दोपहर को आईआईएम इंदौर में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करेंगे। यादव दोपहर को ही यहां स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचेंगे। यहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। यादव शाम को इंदौर से दिल्ली रवाना होंगे।

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राजस्थान आवासन मंडल में 311 पदों पर होंगी भर्तियां

जयपुर 09 Jully (एजेंसी) : प्रदेश के युवाओं के लिए राजस्थान आवासन मंडल विभिन्न संवर्गों के 311 पदों के लिए जल्द ही भर्ती निकालेगा। आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि मंडल में कई दशकों के बाद इतनी बड़ी भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मंडल ने भवन निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में कीर्तिमान कायम किए हैं उसी तरह पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ परीक्षा संचालित होंगी।

अरोड़ा ने बताया कि इसके तहत प्रोग्रामर पद के लिए 1, परियोजना अभियन्ता (वरिष्ठ) (सिविल) के 48 और नगर नियोजन सहायक या वास्तुविद् सहायक के 4 राजपत्रित पदों के लिए आरपीएससी भर्ती कराएगा। जबकि कम्प्यूटर ऑपरेटर (सहायक प्रोग्रामर (एल-10) के 6, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर (सूचना सहायक) के 18, परियोजना अभियन्ता (कनिष्ठ) (सिविल) के 100, परियोजना अभियन्ता (कनिष्ठ) (विद्युत) के 11, वरिष्ठ प्रारूपकार के 4, कनिष्ठ प्रारूपकार 10, विधि सहायक (कनिष्ठ विधि अधिकारी) 9, कनिष्ठ लेखाकार के 50 और कनिष्ठ सहायक के 50 अराजपत्रित पदों के लिए सी डैक भर्ती कराएगा।

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Good News: अब विश्वविद्यालयों में Admission Cancel कराने पर भी छात्रों को वापस मिलेगी फीस

नई दिल्ली 09 Jully (एजेंसी) : उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के इच्छुक छात्र अब यदि अपना दाखिला स्वयं ही कैंसिल कराते हैं तो ऐसी स्थिति में भी उनकी फीस वापस मिल जाएगी। देश भर के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों को इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों में कहा गया है कि दाखिला रद्द करवाने पर छात्रों को उनकी फीस वापस लौटाने ही पड़ेगी।

दरअसल ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब छात्रों ने एक संस्थान में फीस जमा कराई, लेकिन सेशन लेट होने या फिर किसी अन्य कारणों से जब छात्रों ने दूसरे संस्थानों में दाखिला लिया तो उन्हें पुराने संस्थान ने फीस वापस नहीं लौटाई। नोएडा के एक्यूरेट इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में बी फार्मा के लिए आवेदन करने वाली एक छात्रा ने बताया कि बीते वर्ष सितंबर में उन्होंने यहां दाखिला लिया। लेकिन सत्र शुरु न होने की स्थिति में छात्रा ने अपना दाखिला रद्द करवा के किसी दूसरे शिक्षण संस्थान में दाखिला लिया।

दाखिला रद्द करवाने के साथ ही छात्रा ने फीस वापसी के लिए कई बार आवेदन किया, लेकिन 10 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद संस्थान ने छात्रा द्वारा अदा की गई 80 हजार रुपए से अधिक की फीस नहीं लौटाई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने अब शिक्षण संस्थानों को फीस वापस करने का निर्देश जारी किया है। कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के लिए जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि जो छात्र अपना दाखिला एक जगह से रद्द कराकर दूसरी जगह एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें उनकी पूरी फीस लौटाई जाए।

यदि छात्र एडमिशन रद्द कराने की सूचना देने में विलंब करते हैं तो ऐसी स्थिति में कॉलेज या विश्वविद्यालय केवल एक छोटा एमाउंट प्रोसेसिंग फीस के नाम पर काट सकते हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2023-24 के लिए यह फीस रिफंड पॉलिसी तैयार की है की है। आयोग द्वारा तैयार की गई छात्र फ्रेंडली इस पॉलिसी में सभी देशभर के सभी विश्वविद्यालयों को फीस वापसी के संदर्भ में सख्त हिदायत दी गई है।

यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से कहा गया है कि जो छात्र एक शिक्षण संस्थान से अपना दाखिला रद्द करवाने के उपरांत किसी दूसरे शिक्षण संस्थान में दाखिला लेना चाहे तो तुरंत प्रभाव से उसकी फीस वापस की जाए। यूजीसी द्वारा तय किए गए नियमों के मुताबिक यदि कोई छात्र 30 सितंबर तक अपना एडमिशन कैंसल या वापस करता है तो उसके द्वारा भुगतान की गई पूरी फीस संबंधित शिक्षण संस्थान छात्र को वापस करेगा।

हालांकि ऐसा नहीं है कि 30 सितंबर के बाद फीस वापसी को लेकर छात्रों के पास कोई विकल्प शेष नहीं रहेगा। यूजीसी ने इसके लिए भी प्रावधान किया है। आयोग का कहना है कि यदि किन्हीं कारणों से छात्र समय रहते अपना दाखिला रद्द नहीं करवा सके या फिर फीस वापसी के लिए आवेदन नहीं कर सके तो यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक भी की जा सकती है। 30 सितंबर के बाद 31 अक्टूबर तक अपना दाखिला रद्द करवाने पर छात्रों को एक निश्चित प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होगा।

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पूर्व CM और कांग्रेस के दिग्गज नेता की मुश्किलें बढ़ी, RSS की छवि धूमिल करने के आरोप में FIR

इंदौर 09 Jully (एजेंसी) : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छवि धूमिल करने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ इंदौर के तुकोगंज थाने में मामला भी दर्ज कर लिया गया है। इंदौर के सुदामा नगर क्षेत्र के निवासी राजेश जोशी ने तुकोगंज पुलिस थाने में कांग्रेस नेता के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में कहा है कि सोशल मीडिया पर दिग्विजय सिंह ने माधव सदाशिव राव गोलवलकर की तस्वीर के साथ मिथ्या एवं अनर्गल पोस्ट प्रसारित किया। ऐसा विभिन्न जातियों, वर्गों में शत्रुता, घृणा, वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से किया गया है।

उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के अधिवक्ता राजेश जोशी ने शिकायत में कहा है कि दिग्विजय सिंह नामक फेसबुक आईडी की टाइमलाइन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक गोलवलकर की तस्वीर और संघ के ध्वज के साथ आरएसएस चीफ लिखकर तस्वीर के ऊपरी हिस्से में लिखा है कि सदाशिव राव गोलवलकर ने अपनी पुस्तक ‘वी एंड आवर नेशनहुड आईडेंटिफाइड’ में स्पष्ट लिखा है कि जब भी सत्ता हाथ लगे, तो सबसे पहले सरकार की धन-संपत्ति राज्य की जमीन और जंगल अपने दो-तीन विश्वसनीय धनी लोगों को सौंप दें। 95 प्रतिशत लोगों को भिखारी बना दें, उसके बाद सात जन्मों तक सत्ता हाथ से नहीं जाएगी। वहीं, तस्वीर के निचले हिस्से में लिखा है, मैं सारी जिंदगी अंग्रेजों की गुलामी करने के लिए तैयार हूं लेकिन जो दलित, पिछड़ों और मुसलमानों को बराबरी का अधिकार देती हो, ऐसी आजादी मुझे नहीं चाहिए।

अधिवक्ता ने शिकायत में कहा है कि गुरु जी की तस्वीर के साथ जो पोस्ट अपलोड किए गए हैं, विश्व के सबसे बड़े नि:स्वार्थ सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध विद्वेष पूर्ण तरीके से दलित, पिछड़ों, मुसलमानों और हिंदुओं में शत्रुता, घृणा, वैमनस्य पैदा कर उन्‍हें उकसाने और वर्ग संघर्ष के उद्देश्य से जानबूझकर पोस्ट किए गए हैं, जिससे आरएसएस के कार्यकर्ताओं और समस्त हिंदू समाज की धार्मिक आस्था आहत हुई है। जोशी की शिकायत पर तुकोगंज थाने की पुलिस ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153ए, 469, 500, 505 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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नेपाल बन रहा खतरे की घंटी! चीन-पाक के जासूस भारत में आसानी से कर रहे Entry

नोएडा 09 Jully (एजेंसी) : नेपाल के भारत का मित्र देश होने और बिना फेंसिंग के बॉर्डर होने का पूरा फायदा भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन उठाते हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए नेपाल को अपना जरिया बनाकर यह पड़ोसी मुल्क यहां अपने लोगों को भेजते हैं और गैर कानूनी काम में शामिल कर देते हैं। हाल ही में सामने आए मामले में पब्जी गेम से मोहब्बत और उसके बाद पाकिस्तानी महिला नेपाल के जरिए भारत पहुंच गई। यहां पर उसने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले सचिन के साथ घर बसाने का सपना देख लिया और अपने साथ अपने बच्चों को भी लेकर आ गई। न कोई वैलिड डॉक्यूमेंट न ही वीजा और महिला आराम से बीते 50 दिनों से अपने भारतीय प्रेमी के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रही थी।

उसके पकड़े जाने के बाद जब पुलिस को उसके आने का रूट पता चला तो नोएडा पुलिस ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को पत्र लिखकर मामले की जांच करने को कहा और मंत्रालय को भी पत्र लिखकर नेपाल के रास्ते से आने वाले एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा कड़ी करने की गुहार लगाई। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पुलिस ने कई चाइनीस विदेशी नागरिकों को नेपाल के जरिए भारत में एंट्री कर यहां अवैध तरीके से रहने के बाद मामले में पकड़ा है।

बीते 6 जुलाई को नेपाल के रास्ते भारत आकर ग्रेटर नोएडा में रह रहे चीन के दो नागरिकों — डेंग चोंकों और मैग हाउजे को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बृहस्पतिवार देर शाम गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से फर्जी आधार और पेन कार्ड बरामद किया गया है। दस दिन पहले एसटीएफ ने दो ऐसे आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जो चीन के नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट बनवाते थे।

मैग हाउजे उन्हीं आरोपिओ का साथी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बैग हाउजे ओप्पो फैक्ट्री में नौकरी करता था। वर्ष 2022 में अक्टूबर माह में पुलिस ने उसको बिना वीजा के पकड़ा था। उसको उसके देश चीन वापस डिपोर्ट कर दिया गया था।

चीन पहुंचने के बाद वह टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आया। वहां से बस में सवार होकर महाराजगंज बार्डर के रास्ते वह फिर से ग्रेटर नोएडा आ गया और यहां अवैध रूप से रहने लगा। जांच में पता चला है कि आरोपी ने खुद के आदि शर्मा नाम का फर्जी आधार कार्ड बना लिया था। ग्रेटर नोएडा के ओमेगा 2 थाना बीटा-2 विला नं.0-23 ग्रीन बुड फेस में रह रहा था।

आशंका है कि उसने चीन के कई अन्य लोगों का भी फर्जी दस्तावेज तैयार किया है। दोनो की वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है, जिनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही करते हुए डिटेन्शन सैन्टर आर.के. पुरम नई दिल्ली भेजा गया। पाकिस्तान और चीन से अवैध रूप से भारत आने वाले लोगों के लिए नेपाल सेफ पैसेज बनता जा रहा है।

चाइनीज नागरिक नेपाल के जरिए भारत आने को सबसे आसान और सेफ पैसेज मानते हैं। कुछ दिनों पहले ही बॉर्डर पर चीनी नागरिकों को वापस जाते समय एसएसबी के जवानों ने गिरफ्तार कर लिया था। वे बिना वीजा के 18 दिनों तक दिल्ली- एनसीआर में घूमते रहे।

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राज्य चुनाव आयोग ने नहीं दी संवेदनशील बूथों की जानकारी, हिंसा को लेकर BSF का बड़ा खुलासा

कोलकाता 09 Jully (एजेंसी): पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा को लेकर सीमा सुरक्षा बल ने राज्य चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने राज्य चुनाव आयोग पर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। अधिकारी ने कहा कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बीएसएफ के बार-बार अनुरोध के बावजूद चुनाव आयोग ने ऐसे बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को कोई जानकारी नहीं दी।

बीएसएफ के डीआइजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल ने संवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी मांगने के लिए राज्य चुनाव आयोग को कई पत्र लिखे थे, लेकिन 7 जून को छोड़कर और किसी दिन कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। गुलेरिया ने कहा कि केवल संवेदनशील बूथों की संख्या के बारे में बताया गया, लेकिन उनके स्थान या किसी अन्य जानकारी के बारे में कुछ नहीं बताया गया।

अधिकारी ने आगे कहा कि स्थानीय प्रशासन के आदेश पर बीएसएफ की तैनाती की गई थी। चुनाव ड्यूटी के लिए 25 राज्यों से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राज्य सशस्त्र पुलिस की 59,000 टुकड़ियां पहुंची थीं, लेकिन संवेदनशील मतदान केंद्रों पर उनका पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य ने केवल 4,834 संवेदनशील बूथ घोषित किए थे, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी, जबकि वास्तव में इससे कहीं अधिक संवेदनशील मतदान केंद्र थे।

बता दें, शनिवार यानी आठ जुलाई को बंगाल में पंचायत चुनाव हुए। इस दौरान पूरे राज्य में हिंसा हुई। इसमें 13 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मुर्शिदाबाद, कूच बिहार, मालदा, दक्षिण 24 परगना, उत्तरी दिनाजपुर और नादिया जैसे कई जिलों से बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों को नुकसान पहुंचाने और पीठासीन अधिकारियों पर हमले की खबरें आईं।

बीएसएफ ने बताया कि राज्य चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल राज्य में 3317 ग्राम पंचायतों, 341 पंचायत समितियों और 20 जिला परिषदों के लिए चुनाव कराने के लिए कुल 61,636 मतदान केंद्र स्थापित किए थे। चुनावों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य राज्य पुलिस बलों के 59,000 कर्मियों को मतदान केंद्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई, जिसमें 4834 संवेदनशील बूथ भी शामिल हैं, जिन पर केवल सीएपीएफ तैनात थी।

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पंजाब-हरियाणा सहित उत्तर भारत में बारिश का सितम, अलर्ट जारी; मंत्रियों-अफसरों की छुट्टी रद्द

नई दिल्ली 09 Jully (एजेंसी): देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। इस बारे में जानकारी देते मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में व्याप्त है, जिसके कारण कल भारी बारिश हुई, जिसमें दिल्ली भी शामिल है, जहां सीजन की पहली भारी बारिश हुई। दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में 153 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि कल की बारिश को देखते हुए सभी अफसरों की छुट्टी कैंसल कर दी गई है। मॉनसून सीजन की कुल बारिश का 15% महज 12 घंटे में ही हो गया। आज दिल्ली के सभी मंत्री और मेयर संबंधित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। सभी विभागों के अफ़सरों को संडे की छुट्टी रद्द कर दी गई है और उन्हें ग्राउंड पर उतरने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात जाम हो गया। आज भी शहर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश जारी रही। दिल्ली में एक 58 वर्षीय महिला की उस समय मौत हो गई जब एक फ्लैट की छत उसके ऊपर गिर गई। राजस्थान में 24 घंटे के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने राजसमंद, जालौर, पाली, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर और कोटा सहित राजस्थान के नौ से अधिक जिलों में बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है।

लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ यात्रा शनिवार को लगातार दूसरे दिन निलंबित कर दी गई, जिससे हजारों तीर्थयात्री जम्मू और गुफा मंदिर के रास्ते में विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं। दक्षिण में, केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में भी लगातार बारिश हुई। आईएमडी ने केरल के चार जिलों – कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में “येलो” अलर्ट जारी किया है। शिमला, सिरमौर, लाहौल और स्पीति, चंबा और सोलन में भूस्खलन और बाढ़ के कारण कई सड़कें अवरुद्ध होने के बाद मौसम कार्यालय ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों के लिए “रेड” अलर्ट जारी किया है।

मौसम कार्यालय ने कहा कि हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे दोनों राज्यों में पारा सामान्य सीमा से नीचे चला गया। दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में पूरे दिन बारिश होती रही। जम्मू-कश्मीर में भी पिछले 24 में बेहद तेज बारिश हुई। इस दौरान कठुआ केवीके 232.0 मिमी, कठुआ एआरजी = 296.0 𝙢𝙢, कठुआ शहर: = 221.8 मिमी बारिश हुई, बारिश का दौर राज्य में अभी तक जारी है।

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बंगाल पंचायत चुनाव में सारा दिन चला हिंसा का दौर, 14 की मौत-राज्यभर में बूथ लूटे, बैलेट पेपर फाड़े गए

कोलकाता 08 जुलाई ,(एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के दौरान शनिवार को हुई हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 14 लोगों की मौत हो गई। हिंसक घटनाओं में एक उम्मीदवार सहित तृणमूल कांग्रेस के सात कार्यकर्ता मारे गए?जबकि भाजपा और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दो-दो तथा कांग्रेस का एक कार्यकर्ता मारा गया।

उत्तर और दक्षिण 24 परगना के अलावा मुर्शिदाबाद, मालदा तथा कूच बिहार जिले भी जमकर हिंसा हुई। हिंसक झड़पों में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के अलावा, कम से कम दो मतदान केंद्रों पर मतपेटियां नष्ट कर दी गईं। केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद भी अलग-अलग इलाकों से हिंसा की खबरें हैं। कई इलाकों से बूथ लूटने, बैलेट पेपर फाडऩे, बैलेट पेपर में आग लगाने की घटनाएं देखी गईं।

कूच बिहार के माथभंगा-1 ब्लॉक के हजराहाट गांव में एक युवक बैलेट बॉक्स लेकर भाग गया। साउथ 24 परगना के भांगड़ ब्लॉक के जमीरगाछी में इंडियन सेक्यूलर फ्रंट और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यहां गांव के लोगों ने बताया कि टीएमसी के लोग थैले में भरकर बम लाए थे। ये कार्यकर्ता गांव के लोगों को डराकर वोट डलवा रहे थे। उन्होंने इतने बम फेंके कि 2 घंटे तक पोलिंग रुकी रही। कुछ बम मीडिया वालों की तरफ भी फेंके गए।?

पश्चिम बंगाल की 73,887 ग्राम पंचायत सीटों में से 64,874 पर शनिवार को मतदान हुआ, बाकी 9,013 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया था। निर्विरोध चुने जाने वाले उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 8,874 तृणमूल कांग्रेस से हैं। चुनाव नतीजे 11 जुलाई को आएंगे। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार स्थित दिनहाटा में इंद्रेश्वर प्राइमरी स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र में अचानक ही मतदान रोकने की नौबत आ गई।

यहां उपद्रवियों ने एक बैलट बॉक्स पर ही पानी फेंक दिया। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने एहतियातन मतदान रुकवाया। पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के दौरान कूच बिहार जि़ले में दिनहाटा के बारानाचिना में एक मतदान केंद्र पर कथित तौर पर फर्जी मतदान से नाराज मतदाताओं ने मतपेटी में आग लगा दी। दक्षिण 24 परगना में गेंद समझकर खेलते समय बम फटने से दो बच्चे घायल हो गए।?काशीपुर थाने इलाके में यह घटना घटी।?दोनों घायल बच्चों को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।?कल इस इलाके में आईएसएफ और तृणमूल के बीच गोलाबारी हुई थी. दावा किया गया कि इलाके में कुछ बम गिरे थे। उस बम को गेंद बनाकर खेलने के दौरान भाई-बहन घायल हो गए।

राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य में पंचायत मतदान के दौरान मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मतदान प्रक्रिया वाले कई क्षेत्रों का दौरा किया और राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया। राज्यपाल ने पूछा, लोकतंत्र के रक्षकों की रक्षा कौन करेगा।

चुनाव आयोग कहीं नजर नहीं आता, फिर भी चुनाव आयुक्त चुप्पी साधे हुए हैं। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से हत्याओं और हिंसा की खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा, आम लोगों की रक्षा कौन करेगा। चुनाव आयोग चुप है। मैंने उनसे जवाब देने को कहा है कि लोगों और लोकतंत्र की रक्षा करने वाला कौन है।

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ऊना-नंगल रेल लाइन की हाई वोल्टेज तारों पर गिरा पेड़

ऊना 08 जुलाई ,(एजेंसी)। ऊना-नंगल रेलवे लाइन पर गांव वडैहर में रेलवे की हाई वोल्टेज तारों पर कीकर का वड़ा पेड़ गिरने से आग लग गई। हाई वोल्टेज तारों पर पेड़ गिरते ही एक जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। रेलवे की हाई वोल्टेज तारों में आग लगने से रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जिसमें ऊना से जा रहे रेल यात्रियों व आ रहे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। वंदे भारत ट्रेन में जाने वाले यात्रियों को असुविधा हुई।

हाई वोल्टेज लाइन टूटने से सभी रेल सेवाएं बंद हो गई हैं। अब मरम्मत कार्य पूरा होने तक ऊना आने वाली अन्य रेल सेवाएं नंगल तक ही चलेगी। बहीं रेलवे स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।

वहीं ट्रेन सेवाओं के स्थगित होने और यात्रियों को नंगल जाकर ट्रेन सेवा हासिल करने के लिए कहा गया। ऊना रेलवे स्टेशन अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे गांव वडैहर में रेलवे की हाई वोल्टेज तार पर एक पेड़ गिर गया जिस से जोरदार धमाके के साथ वहां भयानक आग लग गई जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों के चलते इस रूट की रेल सेवाओं को रद्द करने का फैसला लिया और यात्रियों को रेल सेवाओं के लिए नंगल पहुंचने के लिए कहा गया कि वहां से ट्रेन पकड़े, वहीं रोपड़ से पहुंचे इंजीनियर भारी बारिश में भी काम कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने छात्रा मधु शर्मा को किया सम्मानित

नादौन 08 जुलाई ,(एजेंसी)। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किटपल पंचायत की छात्रा मधु शर्मा को दसवीं कक्षा में 700 में 688 अंक प्राप्त करने पर स्मृति चिन्ह देकर समान्नित किया तथा अगामी भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

बोर्ड की दसवीं की परिक्षा में गांव ढकरूं की मधु शर्मा ने 700 में 688 अंक प्राप्त करके अपने क्षेत्र , माता पिता तथा गुरुजनों का नाम रोशन किया है।

गरीब परिवार से संबंध रखने वाली मधु की माता का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है और उसके पिता जयपुर राजस्थान में नौकरी करते हैं। मधु व उसका छोटा भाई अपनी दादी के पास रहते हैं।

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मंडी कालेज में विद्यार्थी परिषद व प्राचार्य के बीच तनातनी

मंडी 08 जुलाई ,(एजेंसी)। कालेज की मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकत्र्ता और प्राचार्य के बीच शनिवार को राजकीय वल्लभ महाविद्यालय मंडी में बारिश के बीच खूब हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कालेज से संबंधित मांगों को लेकर प्राचार्य का घेराव करने पहुंच गए तो प्राचार्य ने पुलिस को बुलाकर उन्हें बाहर खदेड़ दिया। इस कारण से काफी तनातनी रही।

परिषद के विभाग संयोजक विशाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्राचार्य की तानाशाही से शिक्षा का मंदिर गुंडागर्दी तथा राजनीति का अखाड़ा बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों व परिसर से जुड़ी मांगों को लेकर 7 जुलाई को प्राचार्य से मिलने गए तो उन्होंने एक नहीं सुनी। 8 जुलाई को गए तो उन्होंने पुलिस को बुलाकर कार्यकर्ताओं जिनमें छात्राएं भी थी को पुलिस बल से बाहर खदेड़ दिया।

आरोप लगाया कि छात्राओं से दुव्र्यवहार व छात्रों के साथ मारपीट की गई। मांगों को लेकर जिला संयोजक चिराग ने कहा कि कालेज की शिक्षा गुणवता निरंतर कम हो रही है। यह कालेज हमेशा से ए ग्रेड रहा है मगर कालेज प्रबंधन की कारगुजारी से अब यह कालेज बी ग्रेड में आ गया है।

उन्होंने कहा कि कालेज परिसर में शौचालयों की हालत खस्ता है, इग्नू सेंटर में कई सालों से लिफ्ट खराब पड़ी है, कार्यक्रम करवाने के लिए कमरा तक उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न मांगों को लेकर जब भी प्राचार्य से बात करने जाते हैं तो उनके साथ दुव्र्यवहार किया जाता है।

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पुलिसकर्मी को धक्का देकर भागे लूट के आरोपी को 4 दिन बाद फिर से दबोचा

उदयपुर 08 जुलाई ,(एजेंसी)। शहर के सूरजपोल थाने से पुलिस को चकमा देकर भागे मोबाइल लूट के ने आरोपी गोपी बागरी को पुलिस ने 4 दिन बाद वापस गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को अदालत में पेश आरोपी को जेल भेज दिया गया ।
शहर की सूरजपोल थाना पुलिस ने 4 दिन पहले 22 वर्षीय गोपी बागरी पिता किशन बागरी को सलूम्बर से गिरफ्तार किया था । जिसे सूरजपोल थाने लाया जा रहा था। किन्तु थाने के बाहर पुलिस वाहन से उतरते समय वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग गया था। भागने के बाद कई बार अपने ठिकाने बदलता रहा।

वह सलूम्बर में छिपकर रह रहा था। जहां मुखबिर की सूचना उसे शुक्रवार देर रात को दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया था । पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

शातिर बदमाश है गोपी

बताया गया कि गोपी बागरी मोबाइल लूट का शातिर बदमाश है। जिसके खिलाफ कई जगह से मोबाइल लूट की शिकायतें मिली थीं।

पुलिसकर्मी को धक्का देकर संकरी गलियों में से हुआ था फरार

जानकारी अनुसार 4 दिन पहले पुलिस ने मोबाइल लूट के आरोप में गोपी बागरी पकड़ा था। इसके बाद आरोपी को मौका तस्दीक के लिए घटनास्थल पर लेकर गई थी। वापस लौटते वक्त थाने लेकर पहुंची ही थी। तभी आरोपी पुलिस की गाड़ी में से उतरा और एक पुलिसकर्मी को धक्का देकर भाग निकला था। पुलिस कर्मियों ने भी तुरंत भागते हुए उसका पीछा किया था, लेकिन वह संकरी गलियों में से भागते हुए पुलिस के हाथ नहीं लग पाया। पुलिस ने आरोपी पर वापस आईपीसी धारा 224 में मुकदमा दर्ज कर लिया था।

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उदयसागर झील भी लबालब, दो गेट एक-एक फीट खोले

उदयपुर 08 जुलाई ,(एजेंसी)। जुलाई के पहले सप्ताह में पिछोला झील के लबालब होने के बाद उदयसागर झील भी शनिवार को ओवरफ्लो हो गई। शनिवार शाम जल संसाधन विभाग ने उदयसागर झील के दो गेट एक-एक फीट खोल दिए। यह पानी यहां से सीधे वल्लभनगर बांध में जाएगा।

चौबीस फीट क्षमता वाले उदयसागर में 21 फीट 11 इंच जलस्तर हो गया। झील के डूब क्षेत्र में पानी नहीं भर जाए इसलिए जल संसाधन विभाग ने गेट खोले।

उदयपुर शहर में पिछोला झील के भरने के बाद स्वरूपसागर के दो गेट खोले उसके बाद से आयड़ नदी के जरिए पानी सीधे उदयसागर पहुंच रहा था जिससे झील का जलस्तर बढ़ा।

इससे पूर्व उदयपुर में आज सुबह से मौसम तो बारिश का बना है लेकिन आसमान में बादल ही छाए रहे और दिन भर उमस बनी रही। इससे पूर्व शुक्रवार की शाम को शहर के कुछ इलाकों में बारिश हुई तो कुछ में मौसम साफ रहा।
इधर, बीते चौबीस घंटे में उदयपुर जिले में सेमारी-ऋषभदेव में दो-दो इंच बारिश हुई। शहर की फतहसागर व पिछोला झील में पानी की आवक बढ़ रही है।

स्वरूप सागर के दो गेट पहले से खुले

स्वरूपसागर के दो गेट अभी भी खोल रखे हैं। 13 फीट क्षमता वाले फतहसागर झील का जलस्तर 11.6 फीट हो गया है। इसी प्रकार स्वरूपसागर से आयड़ होकर पानी उदयसागर झील में जाने से उस झील का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

लापरवाही पड़ ना जाए भारी

स्वरूपसागर के गेट खुले होने से बह रही आयड़ नदी में सुभाषनगर-धूलकोट वाले कॉजवे पर पानी बह रहा है लेकिन लोग लापरवाही करते हुए वहां से वाहन निकाल रहे हैं। सिविल डिफेंस की टीम ने अपील करते हुए कहा क इस प्रकार की लापरवाही नहीं करें और दूसरे रास्ते से निकल जाए।

अब तक उदयपुर जिले के ये जलाशय ओवरफ्लो हो चुके

*चावंड (सलूंबर)

*मादड़ी (गिर्वा)

*साबरमती (कोटड़ा)

*स्वरूपसागर (उदयसागर)

*जोगीवड़ (कोटड़ा)

*रेठ का नाका (गोगुंदा)

*झाड़ोल (झाड़ोल)

*बुझ का नाका (गोगुंदा)

*सोम पिकअप वियर (ऋषभदेव)

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दो लाख की एमडीएमए ड्रग्स के साथ एक युवक गिरफ्तार

उदयपुर 08 जुलाई ,(एजेंसी)। जिला पुलिस की स्पेशल टीम व टीड़ी थाना पुलिस ने दो लाख रुपए कीमत की एमडीएमए ड्रग्स बरामद कर एक युक्क को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने इस संबंध में सभी थानाधिकारी एवं जिला स्पेशल टीम को इस संबंध में निर्देश देकर मादक पदार्थों के प्रति रोकथाम के लिए निर्देश दिए थे।

जिला स्पेशल टीम प्रभारी दिलीप सिंह झाला ने बताया- पुलिस थाना टीडी एवं टीम ने अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ के लिए पुलिस थाना टीडी के साथ संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने उदयपुर के सूरजपोल थाना क्षेत्र के खंजीपीर खड़क जी का चौक निवासी अजहर पिता इरशाद खान को पकड़ा। उसके कब्जे से करीब 100 ग्राम नशीला पदार्थ मिला।

इसकी कीमत करीब दो लाख रुपए की नशीला मादक पदार्थ एमडीएमए ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में टीडी थानाधिकारी लीलाराम, विक्रम सिंह, धर्मवीर सिंह, प्रहलाद पाटीदार, अनिल पूनिया, उपेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, करतार सिंह व फिरोज खान शामिल थे।

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हर घर जल पहुंचाने में हिमाचल बना देश का पहला पहाड़ी राज्य : सुक्खू

शिमला 08 जुलाई ,(एजेंसी)। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद हर घर जल पहुंचाने में हिमाचल प्रदेश देश का पहला पहाड़ी राज्य बन गया है। प्रदेश में कुल 17.08 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें शत-प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 15 अगस्त, 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा की गई थी, जिसके तहत वर्ष, 2024 तक देश के सभी घरों को घरेलू नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। हिमाचल प्रदेश ने समय से पहले अपना लक्ष्य हासिल करते हुए पेयजल के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हिमाचल ने देश में शीर्ष 9 राज्यों में अपना स्थान बनाया है। जल जीवन मिशन में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर स्वच्छ पेयजल नल के द्वारा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया। प्रदेश ने कार्यक्षमता मूल्यांकन और पेयजल गुणवत्ता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर केन्द्र से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त की।

समिति ने कुल 1742 योजनाएं मंजूर की

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति द्वारा प्रदेश में कुल 1742 योजनाएं मंजूर की गईं, जिसकी अनुमानित राशि 5757.79 करोड़ रुपये है। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को चिन्हित किया गया। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्रों, महत्वाकांक्षी जिला और सांसद आदर्श ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी गई। पेयजल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में 69 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इसके अलावा प्रत्येक गांव को पानी की जांच के लिए फील्ड टैस्ट किट वितरित किए गए हैं, जिसके माध्यम से लोग अपने गांव में ही पानी की नियमित जांच करवा सकते हैं।

कौशल विकास से 14,200 युवाओं को प्रशिक्षित किया

ठा. सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जल शक्ति विभाग की ओर से कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से 14,200 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जो युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने के साथ-साथ पेयजल योजनाओं के रखरखाव एवं प्रबंधन में भी मददगार साबित होगा। युवाओं को सशक्त करने के लिए तथा योजना और विकास संबंधी कार्यों में उनकी सहभागिता के लिए जल शक्ति विभाग द्वारा सिविल, इलैक्ट्रिकल, मैकेनिकल या बहुतकनीकी में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिन्हें प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिमाह 5000 रुपये का वज़ीफा भी दिया जा रहा है। प्रदेश में 49 ग्रामीण पेयजल योजनाएं संचालन और रखरखाव के लिए पूर्ण रूप से ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। प्रदेश के 28600 पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए 22562 ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों को भी प्रशिक्षित किया गया है।

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